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अब फैंस का इंतजार हो सकता है खत्म, मुंबई इंडियंस में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो सकती है जल्द

नई दिल्ली रविवार की सुबह मुंबई इंडियंस के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई। MI के लिए आईपीएल 2025 का सीजन अभी तक कुछ खास नहीं रहा है। टीम 4 में से 1 मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में 8वें पायदान पर लगी हुई है। ऐसे में फैंस को जसप्रीत बुमराह की कमी खूब खल रही है। हालांकि अब फैंस का इंतजार खत्म होने को है। मुंबई इंडियंस ने अपने सोशल मीडिया पर जसप्रीत बुमराह की वापसी को लेकर अपडेट दिया है। फ्रेंचाइजी ने इस स्टार तेज गेंदबाज के टीम के साथ जुड़ने को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना गणेशन अपने बेटे अंगद को एक कहानी सुनाती नजर आ रही है। कहानी में संजना ने बुमराह को कब (CUB) यानी शेर का बच्चा बताया है जो 2013 में जंगल यानी IPL खेलने उतरा था। जिसमें रनों की बरसात होती है, जहां हर कोई डरता है। लेकिन उसने साहस दिखाया। कई सालों में कई लड़ाईयां लड़ी, मगर हार नहीं मानी। अब वो इस जंगल का राजा है। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान बुमराह को पीठ में चोट लगी थी, जिसकी वजह से वह चैंपियंस ट्रॉफी का हिस्सा भी नहीं बन पाए थे। अब आईपीएल 2025 के शुरुआती कुछ मैच मिस करने के बाद बीसीसीआई से उन्हें मैच खेलने के लिए हरी झंडी मिल गई है। बुमराह को पहले भी पीठ की समस्या रही है। सर्जरी के बाद वह सितंबर 2022 से अगस्त 2023 तक लगभग 11 महीने क्रिकेट से दूर रहे। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ़ टी20 मैच में वापसी की।

आईपीएल में जोफ्रा आर्चर का जादू आखिर चल ही गया, जागने के बाद मचा दी तबाही, सोशल मीडिया पर फोटो वायरल

नई दिल्ली आईपीएल में जोफ्रा आर्चर का जादू आखिर चल ही गया। पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में आर्चर ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने शुरुआती ओवरों में ही पंजाब को तगड़े झटके दिए। दिलचस्प बात यह है कि जब राजस्थान की टीम बल्लेबाजी कर रही थी जोफ्रा आर्चर आराम से सो रहे थे। कंबल ओढ़कर सोते हुए उनकी तस्वीर खूब वायरल हो रही है। लेकिन जब जागने के बाद आर्चर मैदान में उतरे तो उन्होंने अपनी गेंदबाजी से तबाही मचा दी। आर्चर ने पहले तो प्रियांश आर्या को क्लीन बोल्ड किया। इसके बाद पंजाब किंग्स के कप्तान और सबसे बड़ी उम्मीद श्रेयस अय्यर का विकेट उखाड़ डाला। कंबल ओढ़कर साेए राजस्थान की बल्लेबाजी के दौरान 14वें ओवर में कैमरे पर जोफ्रा आर्चर नजर आए। वह राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में कंबल ओढ़कर सोते हुए दिखाई दिए। वैसे तो आर्चर प्लेइंग इलेवन में थे और बैटिंग में भी अच्छे हाथ दिखाते हैं। लेकिन पंजाब के खिलाफ मैच में जिस तरह से राजस्थान के टॉप ऑर्डर ने बल्लेबाजी की, उससे आर्चर की बल्लेबाजी की नौबत नहीं आई। राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवरों में 205 रन बनाए और पंजाब के सामने 206 रनों का लक्ष्य दिया। राजस्थान की तरफ से कप्तान संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने शानदार बल्लेबाजी की। पहले ही ओवर में दो विकेट बैटिंग के वक्त सोते नजर आए आर्चर ने गेंदबाजी में कमाल ही कर दिया। उन्होंने पहले ही ओवर में पंजाब की बैटिंग को हिलाकर रख दिया। पारी की पहली ही गेंद पर आर्चर ने पंजाब के ओपनर प्रियांश आर्या को बिना खाता खोले चलता कर दिया। इसके बाद क्रीज पर उतरे श्रेयस अय्यर ने आर्चर को दो लगातार बाउंड्रीज लगाईं। लेकिन ओवर की अंतिम गेंद पर आर्चर ने अय्यर का मिडिल स्टंप उखाड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अर्शदीप सिंह को भी आउट किया और उनका गेंदबाजी आंकड़ा 25 रन देकर तीन विकेट रहा। फर्स्ट ओवर का किंग बता दें कि यह 13वीं बार है जब आर्चर ने आईपीएल में पहला ओवर फेंका। पहले ओवर में आर्चर ने यहां पर आठ विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका औसत 5.75 का और इकॉनमी 3.53 की रही है। कुल 106 गेंदबाजों ने आईपीएल में पहला ओवर फेंका है। ऐसे गेंदबाजों में कम से कम पांच बार पहला ओवर फेंकने वालों में जोफ्रा आर्चर का रिकॉर्ड सबसे शानदार है।

सड़कों पर उत्सव का माहौल दिखाई दिया, रामनवमी का पर्व शोभायात्राओं और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ निकला

कोलकाता पश्चिम बंगाल में रविवार सुबह ही रामनवमी का पर्व शोभायात्राओं और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ शुरू हो गया। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। रामनवमी पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुबह से ही सड़कों पर उत्सव का माहौल दिखाई दिया। भगवा रंग के झंडे, भक्ति संगीत और रामायण के दृश्यों को दिखाने वाली झांकियां निकाली जा रही हैं। कोलकाता में ही 60 रैलियां अकेले कोलकाता में 60 से ज्यादा शोभायात्राएं आयोजित करने का कार्यक्रम है, जिसके लिए लगभग 4,000 से 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उप आयुक्त और संयुक्त आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को शोभायात्राओं के रास्तों पर सुरक्षा की निगरानी का काम सौंपा गया है। बीजेपी की राज्य इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा, “रामनवमी पर आयोजित अनेक कार्यक्रमों में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मैं राज्य सरकार से आग्रह करूंगा कि वह व्यवस्था करे ताकि शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाया जा सके। समारोह को जबरन रोकने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामनवमी का जश्न मनाया जाएगा, चाहे आप कुछ भी करें।” पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को रामनवमी के अवसर पर पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में राम मंदिर की आधारशिला रखी। राम मंदिर की आधारशिला सोनाचूरा गांव में रखी गई, जहां छह जनवरी 2007 को स्थानीय प्रशासन के भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे कम से कम सात लोगों की उपद्रवियों द्वारा की गई गोलीबारी में मौत हो गई थी। समर्थकों और भक्तों के ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के बीच अधिकारी ने मंदिर की नींव रखी। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और हिंदू जागरण मंच सहित भाजपा से संबद्ध हिंदूवादी संगठन भी पश्चिम बंगाल में शोभायात्राएं आयोजित कर रहे हैं। इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर इस अवसर को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘भाजपा रामनवमी को एक राजनीतिक आयोजन में बदलने की कोशिश कर रही है। वे विकास की राजनीति में नहीं हैं, बल्कि धर्म के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और अशांति पैदा करना चाहते हैं। बंगाल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी शोभायात्राओं की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कोलकाता के एंटाली, कोसीपुर, खिदरपुर और चितपुर जैसे संवेदनशील स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए हैं।

राम मंदिर में सूर्य की किरणों से रामलला का हुआ अभिषेक, अयोध्या में रामनवमी पर जश्न का माहौल

अयोध्या अयोध्या में आज रामनवमी पर जश्न का माहौल है। श्रीराम के जन्मोत्सव के उल्लास में रामनगरी डूबी है। राम मंदिर में भोर में मंगला आरती हुई। इसके बाद सुबह 9.30 बजे से जन्मोत्सव के कार्यक्रम शुरू हुआ। सबसे पहले रामलला का अभिषेक हुआ। इसके बाद एक घंटे तक भगवान राम का श्रृंगार हुआ। ठीक 12 बजे घंटा-घड़ियाल व नगाड़े की थापों के मध्य रामलला का प्राकट्य हुआ। सोने के धागे से पिरोए पीत वस्त्र-प्राण प्रतिष्ठा के आभूषण को पहनाया गया। इस अलौकिक क्षण में भगवान के प्राकट्य की आरती हुई। भगवान को 56 प्रकार के भोग लगाए गए। राम मंदिर में महाआरती के साथ-साथ सूर्य किरणों से रामलला का अभिषेक किया गया। मुख्य पर्व पर इस सूर्याभिषेक का सजीव प्रसारण दूरदर्शन व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किया गया। प्रसारण के लिए जगह-जगह एलईडी टीवी व स्क्रीन लगाई गई है। सरयू में डुबकी के बाद दर्शन-पूजन कर रहे राम भक्त जन्मोत्सव के एक दिन पहले यानी शनिवार को ही लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं । सरयू में डुबकी लगाकर मठ- मंदिरों में दर्शन- पूजन कर धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। श्रीराम के जन्म की महिमा का बखान करते हुए प्रसिद्ध लेखक और साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र कहते हैं कि भगवान श्रीराम का जन्म मानवता की प्रतिष्ठा शक्ति के अनुसंधान विश्व कल्याण के लोकमंगल के लिए हुआ है। कहते हैं प्रतिवर्ष रामनवमी इसीलिए मनाते हैं कि समाज में एक ऐसे नायक की प्रतिष्ठा हमेशा होती रहे जिसने संयम ,त्याग ,बलिदान ,वीरता और अनुशासन के साथ मानवता के कल्याण के लिए कार्य किया। प्रसिद्ध कथावाचक प्रभंजनानंद शरण कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्री राम की महिमा को समझाते हुए कहते हैं कि राम नाम भगवत एक ऐसा साधन है जो मानव समाज को इस भवसागर से पार उतार देता है। राम नाम की महिमा गाकर भक्त प्रहलाद ,बालक ध्रुव, भक्त मीराबाई, संत रविदास और संत रहीम जैसे अनेक भक्त नाम का स्मरण कर साक्षात देवलोक पहुंच गए। हजारों मठ-मंदिरों में उत्सव का माहौल रामलला के जन्मोत्सव पर अयोध्या में मठ- मंदिरों में बधाई गाए जा रहें है। सूरदास द्वारा प्रचलित भजन ‘खेलत खात फिरै अंगना ,पगु पैजनिया अरु पीली कछोटी।काग के भाग कहा कहिए ,हरि हाथ से ले गयो माखन रोटी’ को गाकर श्रद्धालु आनंदित हो चरम की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं। अयोध्या श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई है। कथा प्रवचन व धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज से माहौल भक्ति रस में डूबा हुआ है। श्री राम जन्मभूमि के साथ ही हजारों मठ मंदिरों में उत्सव का माहौल चरम पर है।

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उनकी टीम ने कई गलतियां की और वह अपने प्लान को भी अच्छे से अमल में भी नहीं ला पाए: श्रेयस अय्यर

नई दिल्ली पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उनकी टीम ने कई गलतियां की और वह अपने प्लान को भी अच्छे से अमल में भी नहीं ला पाए। हालांकि उनका मानना है कि यह हार का झटका टूर्नामेंट की शुरुआत में उनके लिए अच्छा है ताकि वह आगामी मैचों में सुधार कर सके। बता दें, पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 की पहली हार का स्वाद शनिवार 5 अप्रैल की रात चखा, जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 50 रनों से धूल चटाई। आरआर ने पहले बैटिंग करते हुए 205 रन बोर्ड पर लगाए थे, जिसके जवाब में पंजाब की टीम 155 रन ही बना सकी। श्रेयस अय्यर ने पंजाब किंग्स की हार पर कहा, “ईमानदारी से कहूं तो, मैं 180-185 के आसपास के स्कोर के बारे में सोच रहा था। इसका पीछा करना अच्छा होता, हम अपने प्लान्स को लागू नहीं कर पाए। मुझे खुशी है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में ही यह गलती हो गई। यह एक अच्छी पिच थी, गेंद थोड़ी पकड़ रही थी और हम उन्हें ज्यादा गति नहीं दे रहे थे।” टीम की गलतियों पर कप्तान बोले, “मुझे लगा कि हम धीमा खेलकर पार्टनरशिप बना सकते थे, लेकिन इस खेल से बहुत कुछ सीखने को मिला। आज ओस नहीं थी जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, लेकिन मुझे लगता है कि हमें ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाने और वीडियो देखने की जरूरत है जहां हम अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी के साथ प्रदर्शन नहीं कर पाए। हमने बैक टू बैक विकेट भी खो दिए, जो आदर्श नहीं था क्योंकि नए बल्लेबाजों के लिए यह आसान नहीं है।” जहां पंजाब के सभी बल्लेबाज फेल हुए वहीं नेहाल वडेरा ने 61 रनों की शानदार पारी खेली, उनको लेकर अय्यर ने कहा, “नेहल दबाव में शानदार थे। उन्होंने कुछ समय लिया और फिर गेंदबाजों पर हावी होने में सक्षम थे, स्थिति का अधिकतम लाभ उठाया। टूर्नामेंट की शुरुआत में आपको जगाने के लिए थोड़ी सी हिचकी की आवश्यकता होती है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि यह हार अच्छी होगी और हमें ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाने की आवश्यकता होगी।”

अमेरिका में जगुआर लैंड रोवर का एक्‍सपोर्ट रोक टाटा ने दिए संकेत?

नई दिल्‍ली. ब्रिटेन की जानी-मानी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने अमेरिका को अपनी लग्जरी कारों का एक्‍सपोर्ट रोक दिया है। जेएलआर टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी है। यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के नए टैरिफ के कारण लिया गया है। 7 अप्रैल से यह फैसला लागू होगा। ट्रंप सरकार ने कारों पर 25% का इम्पोर्ट टैक्स लगाया है। इससे जेएलआर को बड़ा झटका लगा है। कंपनी को अपनी योजना बदलनी पड़ रही है। भारत की टाटा मोटर्स के लिए जेएलआर बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले साल मार्च में जेएलआर ने दुनियाभर में लगभग 4,30,000 गाड़ियां बेचीं। इनमें से लगभग 1,07,500 गाड़ियां उत्तरी अमेरिका में बेची गईं। टाटा मोटर्स ने वर्ष 2008 में फोर्ड मोटर्स से जेएलआर का अधिग्रहण किया था। जेएलआर ने अमेरिका को गाड़ियां भेजना इसलिए रोका है क्योंकि अमेरिका ने इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे कंपनी को नुकसान हो रहा है। कंपनी को पहले से ही वित्तीय समस्याएं हो रही हैं। जनवरी में कंपनी का मुनाफा 17% गिर गया था। इसकी वजह मांग में कमी और खर्चों में बढ़ोतरी है। अमेरिका में कारों पर 25% इम्पोर्ट ड्यूटी अमेरिका में कारों पर 25% इम्पोर्ट ड्यूटी 3 अप्रैल से लागू हो गई है। जेएलआर अब खर्चों को कम करने के तरीके खोज रही है। ब्रिटेन में कंपनी के 38,000 कर्मचारी हैं। कंपनी ट्रंप के ट्रेड वॉर से होने वाले नुकसान को कम करने की कोशिश कर रही है। 2 अप्रैल को जेएलआर ने एक बयान में कहा, ‘हमारे लग्जरी ब्रांड पूरी दुनिया में पसंद किए जाते हैं और हमारा कारोबार मजबूत है। हम बाजार की बदलती स्थितियों के अनुसार काम करने के आदी हैं। हमारी प्राथमिकता अब दुनिया भर में अपने ग्राहकों को सेवाएं देना और अमेरिका के साथ नए व्यापार नियमों का पालन करना है।’ ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत जेएलआर का यह फैसला ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत है। ट्रंप की रेसिप्रोकल ट्रेड पॉलिसी के कारण ऑटो कंपनियों को अपनी सप्लाई चेन बदलनी पड़ रही है। टाटा मोटर्स की जेएलआर अब मुश्किल दौर से गुजर रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय कार बिक्री की रणनीतियां बदल सकती हैं। जेएलआर के सामने कई चुनौतियां हैं। इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से गाड़ियों की कीमत बढ़ जाएगी। इससे अमेरिका में जेएलआर की गाड़ियों की मांग कम हो सकती है। कंपनी को अब नए बाजार खोजने होंगे और खर्चों को कम करना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि जेएलआर इस मुश्किल परिस्थिति से कैसे निपटती है। कंपनी को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा ताकि वह बाजार में बनी रहे। ट्रंप के फैसले से न केवल जेएलआर, बल्कि अन्य ऑटो कंपनियों को भी नुकसान हो रहा है। जेएलआर के फैसले से यह पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार कितना जटिल है। एक देश की पॉलिसी दूसरे देशों पर भी असर डालती है। कंपनियों को हमेशा बदलती हुई परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए। मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार जेएलआर का कहना है कि वह मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार है। कंपनी अपने ग्राहकों को अच्छी सेवाएं देना जारी रखेगी। जेएलआर को उम्मीद है कि वह जल्द ही इस मुश्किल दौर से बाहर निकल जाएगी। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिका जेएलआर के लक्जरी ब्रांडों के लिए महत्वपूर्ण बाजार है। हम अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ नई व्यापारिक शर्तों की दिशा में काम कर रहे हैं। हम अपनी अल्पकालिक कार्रवाइयों को लागू कर रहे हैं। इसमें अप्रैल में निर्यात खेप रोकना भी शामिल है। हम अपनी मध्यावधि से लेकर दीर्घावधि तक की योजनाएं बना रहे हैं।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकताएं अब दुनिया भर में अपने ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने और अमेरिका की नई व्यापारिक शर्तों को संबोधित करने की हैं।’

गर्भवती महिला ने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दी

नई दिल्ली दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि जब उसने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दे दी। महिला नोएडा एक्सटेंशन से साकेत जा रही थी। घटना इसी दौरान की बताई जा रही है। महिला ने दावा किया कि जब उसने कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने लिंक्डइन पर इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, मैंने नोएडा एक्सटेंशन से साकेत तक के लिए कैब बुक की थी। सफर के दौरान जब मैंने एसी चलाने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। महिला की पोस्ट के मुताबिक जब उसने एसी चालाने के लिए जोर दिया तो ड्राइवर कथित तौर पर आक्रामक हो गया। महिला ने अपनी पोस्ट में कहा, “उसने मुझे धमकाते हुए कहा, ‘तेरे पेट में लात मार के बच्चा गिरा दूंगा’, जबकि उसे पता था कि मैं गर्भवती हूं। महिला ने दावा किया कि ड्राइवर ने उसे बीच रास्ते में ही कैब से उतरने के लिए मजबूर किया और धमकाते हुए कहा, अभी आगे देखो क्या क्या होता है। रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने बताया कि उसने ओला के कस्टमर सपोर्ट में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है और महिला हेल्पलाइन पर भी घटना की सूचना दी है। जवाब में कंपनी ने महिला को आश्वासन दिया कि ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। कंपनी ने कहा, हम ओला कैब के साथ आपकी यात्रा के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए माफी मांगना चाहते हैं। कंपनी ने कहा, हमने पार्टनर के खिलाफ उचित कार्रवाई की है ताकि निकट भविष्य में इस तरह की समस्याओं को खत्म किया जा सके।

कुओं और तालों के पुनर्जीवित होने से बढ़ने के साथ सुरक्षित रहेगा भूजल, इसमें निरंतर जन सहभागिता बढ़ रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में जन सहयोग उमड़ रहा है। इसमें निरंतर जन सहभागिता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के माँ क्षिप्रा के तट रामघाट से 30 मार्च को प्रदेश स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी जुटने से स्पष्ट है कि प्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘जन सहयोग से जल संरक्षण’ की मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर अग्रिम पंक्ति में आ गया है। राज्य सरकार ‘खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। इसे सफल बनाने के लिए “जल गंगा संवर्धन अभियान” में वर्षा जल संचयन, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उज्जैन में जन सहभागिता से आगे बढ़ रहा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन से प्रारंभ किये गये अभियान में जल संरक्षण, जल स्त्रोंतो के पुनरूद्धार, भू-जल स्तर सुधार, पुराने कुओं-बावड़ियों के जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, पौध-रोपण, छोटी नदियों, तालाब जैसी जल संरचनाओं के संरक्षण करने के लिए चल रहे इस अभियान में अब जन सहयोग भी उमड़ने लगा है। उज्जैन जिला पंचायत सीईओ श्रीमति जयति सिंह के साथ जनपद पंचायत उज्जैन की टीम ने भी जन सहयोग से चिंतामण बावड़ी, गोठड़ा बावड़ी, राणावड़ बावड़ी और बामोरा बावड़ी की साफ-सफाई की। इंदौर में धर्मगुरु बता रहे हैं जल की महत्ता इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण की महत्ता जन-जन तक पहुँचाने के लिए धर्मगुरु भी जुड़ रहे हैं। धर्मगुरु अपने उपदेशों से जल की महत्ता जन-जन तक पहुँचा रहे हैं। इनकी प्रेरणा से नागरिक श्रमदान कर बावड़ी, कुँओं और तालाबों को संवार रहे हैं। इन्दौर जिले के बरलाई जागीर गांव में चारभुजा नाथ मंदिर सांवेर के गुरु श्री आनंदाचार्य ने आश्रम के बटुकों के साथ पूजन-अर्चन किया। मंत्रोच्चार के साथ जल का पूजन भी किया गया। उन्होंने उपस्थित जनों को जल की महत्ता समझाते हुए कहा कि जल की एक-एक बूँद जीवनदायी होती है। हमारी धार्मिक मान्यताओं में भी जल का विशेष स्थान है। इसलिए सभी को मिलकर जल को सहेजने चाहिये। श्री आनंदाचार्य के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने बरलाई जागीर की बावड़ी के लिये श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। सीधी में जन श्रमदान से जल संरचनाओं की सफाई, चौपाल संगोष्ठियों से जन जागरण मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद ने महाविद्यालयों के विद्यार्थियौं के सहयोग से सीधी की सबसे महत्वपूर्ण जल संरचना गोपालदास तालाब में से गाद निकाल कर उसकी साफ-सफाई के लिए श्रमदान का क्रम प्रारंभ किया है, जो अलग-अलग जल संरचनाओं की सफाई के रूप में निरंतर जारी है। इसके साथ ही जल संरक्षण के प्रति जन सामान्य को जागरुक बनाने के लिए चौपाल संगोष्ठी, दीवार लेखन और निबंध-कविता आदि साहित्यिक प्रतियोगिताओं के आयोजन भी कराए जा रहे हैं। नवांकुर संस्था जन-चेतना ग्राम विकास समिति ने सीधी जिले के आदर्श ग्राम नदहा की तिरचुली नदी में श्रमदान से स्वच्छता अभियान चलाया। जनता ने श्रमदान कर गांव के हैंडपम्पों के आसपास और जलाशय की सफाई एवं गहरीकरण किया। श्योपुर में सीप नदी के गिर्राज घाट पर श्रमदान से शुरू हुआ नदी सफाई का क्रम श्योपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ने समाजसेवियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से सीप नदी के गिर्राज घाट पर साफ-सफाई के लिए श्रमदान किया। सिवनी में जन-सहयोग के लिए जागरुकता रैली औऱ श्रमदान सिवनी जिले में जल गंगा संवर्धन-अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में नदी, कुंओं, तालाबों, बावड़ियों सहित अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही इस अभियान में जनसमुदाय को जोडने के लिए जागरूकता रैली और दीवार लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।  

मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा- किसान गेहूँ विक्रय के लिए 9 अप्रैल तक करा लें पंजीयन

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। किसान भाइयों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की अवधि 9 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी है। जिन किसानों ने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है, वे 9 अप्रैल तक पंजीयन जरूर करा लें। मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है।  

7 एवं 8 अप्रैल को मंत्री डॉ. विजय शाह की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण की दो दिवसीय कार्यशाला

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला 7 एवं 8 अप्रैल को आयोजित की गई है। प्रशासन अकादमी भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला में संभागीय एवं जिला अधिकारी भाग लेंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला में मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों को विभाग के दैनंदिनी कार्यों के साथ विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आई.टी के उपयोग एवं ई-ऑफिस प्रशिक्षण के रूप में एम.पी. टॉस्क पोर्टल के लाइव मॉडल्स का प्रशिक्षण शामिल किया गया है। प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन विधि संगत प्रकरणों, अनुदान, सी.एम. हेल्प लाइन प्रकरणों के निराकरण एवं विशेष प्रकरणों में खात्मे एवं लेखा विषयों पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा सत्र को संबोधित किया जाएगा। छात्रावासों के नियम, छात्रवृत्ति, अत्याचार अधिनियम एवं अन्य विषय विशेष पर वरिष्ठ अधिकारी संबोधित करेंगे।  

ग्वालियर में नवनिर्मित विवेकानंद नीडम आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा

भोपाल ग्वालियर में नवनिर्मित विवेकानंद नीडम आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विगत दिवस ग्वालियर ट्रांजिट विजिट में विमानतल पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान को नीडम आरओबी का निरीक्षण कर शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि शेष कार्य पूर्ण होते ही आरओबी का लोकार्पण किया जायेगा। ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने भी नीडम आरओबी के शेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराने को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान व नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उन्होंने कहा कि नव निर्मित आरओबी की कमियों को तत्परता से पूर्ण कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने शनिवार को नीडम आरओबी का निरीक्षण किया। उन्होंने सेतु निगम के कार्यपालन यंत्री को आरओबी पर किए जा रहे विद्युतीकरण, रोड फिनिशिंग, आरओबी के दोनों ओर की कॉलोनियों को सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार जोड़ने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि आरओबी पर समुचित ढंग से रेडियम लगाने और डिवाइडर सहित जरूरत के मुताबिक स्पीड ब्रेकर बनाने की हिदायत भी उन्होंने निरीक्षण के दौरान दी।  

मुख्यमंत्री यादव ने दिल्ली में ‘विक्रमादित्य महानाट्य’ के संबंध में पत्रकारों को संबोधित किया, 12 से 14 अप्रैल को होगा मंचन

नई दिल्ली/ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सुशासन को ध्यान में रखते हुए विभागवार अपने कार्यों को जारी रखे हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्येय वाक्य ‘विरासत से विकास की ओर’ हमारे लिए एक पाथेय की तरह सिद्ध हो रहा है। हम विकास कार्यों में विरासत को महत्वपूर्ण स्थान दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में विरासत की बात करें तो 2000 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल सुशासन व्यवस्था के एक आदर्श उदाहरण के रूप में परिलक्षित होता है। विक्रमादित्य की जीवन के विविध पक्षों को देखें तो उनकी एक अलग प्रतिमा बनती है। वे एकमात्र ऐसे शासक थे, जिनके जीवन के विविध प्रसंगों से आज भी लोग प्रेरणा लेते हैं। विक्रमादित्य के शासन काल की तुलना सुशासन से करना सर्वश्रेष्ठ तुलना है। उनके द्वारा किए गए कार्य और प्रयोग आज भी प्रासंगिक हैं।     आज हमारे पास हिजरी और विक्रम संवत हैं। इसमें विक्रम संवत उदार परंपरा को लेकर चलने वाला संवत है, अर्थात संवत चलाने वाले के लिए शर्त है कि जिसके पास पूरी प्रजा का कर्ज चुकाने का सामर्थ्य है, वो संवत प्रारंभ कर सकता है। यानी कि शासक के पास इतना धन हो कि वह प्रजा को कर्ज मुक्त कर दे और उद्योग-व्यापार के लिए भी इतना धन उपलब्ध कराए कि उद्योगपति इसे चलाने के लिए भविष्य में कर्ज न लें। यह बात दुनिया के लिए अविश्वसनीय हो सकती है। लेकिन सम्राट विक्रमादित्य के कार्यकाल में यह हुआ।     1 अप्रैल से विक्रम संवत 2082 का शुभारंभ हुआ है। हमारे यहां संवत के भी 60 अलग-अलग प्रकार के नाम हैं। इस तरह से 2082 को धार्मिक अनुष्ठानों के संकल्प में सिद्धार्थ नाम दिया गया है। अगर अंग्रेजी के 2025 को कुछ और बोला जाए तो यह संभव नहीं है, लेकिन विक्रम संवत में वर्ष के नाम के भाव अलग-अलग होते हैं। इन 60 नामों का चक्रीकरण बदलता रहता है।     पहली बार सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था में ही नवरत्नों का समूह देखने को मिलता है। उन्होंने नवरत्नों के समूह में प्रत्येक को 5 से 7 मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी थी। विक्रमादित्य ने अपने देश को गुलामी की दास्तां से मुक्त कराया। जब उन्होंने अपने पिता के बाद शासन संभाला तो उनके नवरत्नों में सभी अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ थे।     उन्होंने सुशासन की व्यवस्था स्थापित की। उनके मंत्रि-परिषद में शामिल नवरत्न इनते सक्षम थे कि किसी कारण से विक्रमादित्य उपस्थित न हो तब भी शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती थी। 300 साल पहले शिवाजी महाराज के अष्ट प्रधान की पद्धति में यही व्यवस्था नजर आती है। उनके राज्य में नहीं होने पर भी शासन व्यवस्था चलती रही।     सम्राट विक्रमादित्य दानशीलता, वीरता, प्रजा का ध्यान रखने में अग्रणी थे। विक्रम-बेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी की कहानियां हम सभी ने सुनी हैं। विक्रमादित्य ने शासन की इनती अच्छी व्यवस्था स्थापित कर ली थी कि हर राजा उनके जैसा शासन करना चाहता था।     विक्रमादित्य का मूल नाम सहशांक था, लेकिन जो उल्टे क्रम को सूत्र में बदल दे, वो विक्रम और जो सूर्य के समान प्रकाशमान रहे वो आदित्य। विक्रमादित्य एक उपाधि है, जो उन्हें मिली थी। कई राजाओं ने स्वयं को विक्रमादित्य से जोड़ा है, लेकिन आदि विक्रमादित्य एक ही हैं और उनकी राजधानी उज्जैन थी।     विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था सुशासन का आधार है। वे एक आदर्श, वीर, जनकल्याणकारी, जनहितैषी सम्राट थे। जिन्होंने कभी खुद को राजा कहलाना पसंद नहीं किया। उन्होंने अपने राज्य में 2000 साल पहले गणतंत्र की स्थापना की थी।     विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व को सबके सामने लाने के लिए महानाट्य की कल्पना की गई है। जब इसका मंचन दिल्ली में 12, 13 और 14 अप्रैल को लालकिले पर होगा तो इसमें हाथी, घोड़ा, पालकी के साथ 250 से ज्यादा कलाकार अभिनय करते नजर आएंगे।     महानाट्य में शामिल कलाकार निजी जीवन में अलग-अलग क्षेत्र के प्रोफेशनल्स हैं। महानाट्य में वीर सर समेत सभी रस देखने को मिलेंगे। यह गौरवशाली इतिहास को विश्व के सामने लाने का मध्यप्रदेश सरकार का एक प्रयास है। इस कालजयी रचना को सबसे सामने रखने में दिल्ली सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। इससे पूर्व हैदराबाद में विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन हो चुका है।     विक्रमादित्य ने अपने जीवनकाल में मथुरा और अयोध्या जैसे 300 से अधिक स्थानों पर मंदिरों का निर्माण उन्होंने कराया था। विक्रमादित्य काल के जैसे प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में गरीबों को मकान बनाने में मदद की जा रही है। देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सक्षम और सशक्त बन रहा है। यही तो रामराज्य है, जो विक्रमादित्य काल में था।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए यह भर्ती निकाली गई, 8 अप्रैल से करें आवेदन

नई दिल्ली बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली है। बीपीएससी की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए यह भर्ती निकाली गई है। कुल 1711 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 08 अप्रैल, 2025 से शुरू होगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। बिहार लोक सेवा आयोग ने जारी आधिकारिक सूचना में कहा है कि अभ्यर्थी एक बात का ध्यान रखें कि आवेदन पत्र एवं सबंधित दस्तावेजों की हॉर्ड कॉपी आयोग के कार्यालय में भेजने की जरूरत नहीं है। कैंडिडेट्स द्धारा खुूद हार्ड कॉपी में आवेदन या फिर कोई पूरक डॉक्यूमेंटब् आदि अगर दिया जाता है तो वह कॉपी/ दस्तावेज और उसके आधार पर किया गया कोई भी दावा मान्य नहीं होगा। इन विभागों में की जाएंगी नियुक्तियां एनाटॉमी, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग एवं प्रसव, दंत रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, मनोरोग, नाक, कान एवं गला, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, चर्म एवं रति रोग और जेरियाट्रिक्स। ये हैं भर्ती से जुड़ी अहम तिथियां कैटेगरी प्रमाण पत्र (अगर लागू हो) और पहचान पत्र की जरूरत होगी। कैंडिडेट्स बतौर फोटोआईडी आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य कोई भी डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करना पड़ सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अभी से दस्तावेजों को अभी तैयार करके रख लें।   बिहार असिस्टेंट भर्ती के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन सबसे पहले बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर https://bpsconline.bihar.gov.in जाना होगा।  होमपेज पर “BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025” लिंक पर क्लिक करें। अब यहां मांगी गई जरूरी जानकारी भरें। आवेदन फॉर्म को सबमिट करें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन की एक प्रति डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट अपने पास रखें।

कश्मीर के लिए वंदे भारत पर कटरा में लगेगा ब्रेक, दिल्ली से सीधे श्रीनगर नहीं चलेगी ट्रेन, क्या है वजह

जम्मू कश्मीर घाटी को दिल्ली से जोड़ने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर एक खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे इस ऐतिहासिक रेल सेवा को शुरू करने की तैयारी में जुटा है, मगर सफर के बीच एक जरूरी ब्रेक लगेगा। जी हां। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि आप दिल्ली से श्रीनगर की ओर वंदे भारत में सफर करेंगे तो, तो आपको कटरा में ट्रेन बदलनी होगी। ये फैसला सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अहम वजहों के चलते लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के हवाले से इंडिया टीवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि, दिल्ली से श्रीनगर तक की सीधी सेवा अगस्त या सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन उस सेवा में भी यात्रियों को दिल्ली से कटरा तक एक ट्रेन से और फिर कटरा से श्रीनगर तक दूसरी वंदे भारत ट्रेन से सफर करना होगा। कटरा में क्यों होगी बदली? कटरा में ट्रेन क्यों बदलेगी? इसकी वजह है कश्मीर की संवेदनशील स्थिति और मौसम की चुनौती है। कटरा पहुंचने के बाद यात्रियों की सुरक्षा जांच दोबारा की जाएगी, और उन्हें 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना होगा। इस दौरान उनका सामान भी दोबारा चेक होगा। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कटरा स्टेशन पर खास वेटिंग एरिया तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। खास बात ये है कि यात्रियों को दिल्ली से श्रीनगर तक के सफर के लिए एक ही टिकट मिलेगा। यानी भले ही ट्रेन बदली जाए, टिकट एक ही रहेगा, इससे यात्रा होगी आसान और झंझट रहित होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ये ब्रेक जरूरी है। रेलवे का कहना है कि समतल इलाके से सीधे ऊंचाई वाले क्षेत्र में जाने से कई यात्रियों को स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता?

नई दिल्ली यह बहुत ही कम बार होता है कि एक तरफ मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो रहा हो और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ रही हो।  रुपया डॉलर के मुकाबले पांच पैसे मजबूत हो कर 85.25 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, ब्रेंट क्रूड (क्रूड बाजार का मानक) की कीमतों में पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट भी शुक्रवार को हुई। यह 3.26 फीसद की गिरावट के साथ 67.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था। फिर जरूर मिली होती राहत अगर किसी सामान्य काल में ऐसा होता तो तेल कंपनियों ने आम जनता को पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतों में कमी करने का तोहफा जरूर दिया होता, लेकिन फिलहाल इसकी उम्मीद कम दिखती है। वित्त मंत्रालय के आला अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से पारस्परिक शुल्क लगाने के बाद जिस तरह से वैश्विक माहौल बन रहा है, उसको देखत हुए सतर्क रहने की जरूरत है। एक साल पहले कम हुई थी कीमतें भारत में पिछली बार पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती पिछले आम चुनाव से पहले मार्च, 2024 में दो रुपये प्रति लीटर की हुई थी। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ें स्वयं बताते हैं कि जून, 2024 और सितंबर, 2024 को छोड़ दिया जाए तो भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च, 2024 के मुकाबले सस्ती दरों पर ही कच्चे तेल की खरीद की है। मार्च, 2024 के माह में भारत के लिए क्रूड खरीद की औसत लागत 82.58 डॉलर प्रति बैरल थी। अप्रैल के पहले तीन दिनों में यह 75.76 डॉलर प्रति बैरल है। केयर एज रेटिंग एजेंसी की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में भारत की औसत क्रूड खरीद कीमत 85.21 डॉलर प्रति बैरल, दूसरी तिमाही में 78.80 डॉलर प्रति बैरल, तीसरी तिमाही में 73.83 डॉलर प्रति बैरल रही है। क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के भाव? अगर छह महीने तक इस एजेंसी ने क्रूड की कीमत को 75-80 डॉलर रहने का अनुमान लगाया है। अब कीमतें विशेष शोध एजेंसियों के अनुमान से नीचे आ गई हैं और कुछ अंतरराष्ट्रीय एजंसियों ने इससे भी नीचे जाने की बात कही है। वजह यह बताया जा रहा है कि अमेरिका भी क्रूड उत्पादन बढ़ा रहा है और तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) ने भी उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। एक तरफ उत्पादन बढ़ने की स्थिति है तो दूसरी तरफ मांग के घटने की संभावना है। क्यों कम हो रहीं क्रूड की कीमतें? एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि पारस्परिक कर लगाने का फैसला अमेरिका में महंगाई के स्तर को 2.2 फीसद तक बढ़ा सकता है। वैश्विक निर्यात की वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में 2.9 फीसद थी वह वर्ष 2025-26 में घट कर 1.3 फीसद आ सकती है। यह मंदी की तरफ से इशारा करता है। संभवत: क्रूड की कीमतें इस डर से ही कम हो रही हैं। पूर्व में कई बार जब क्रूड महंगा हुआ है तब तेल कंपनियों ने यह कह कर बहाना बनाया है कि डॉलर महंगा हो रहा है। चूंकि आयातित क्रूड का भुगतान तेल कंपनियां डॉलर में करती हैं और जब यह महंगा होता है तो उन्हें खाते से ज्यादा रुपये का भुगतान होता है। अभी ऐसा नहीं है। फरवरी, 2025 में एक डॉलर की कीमत एक समय 88.10 के स्तर को छू गई थी। लोग इसके जल्द ही 100 के आंकड़ें के पार होने के कयास लगा रहे थे। लेकिन पिछले कुछ कारोबारी दिनों में यह लगातार मजबूत हो रहा है।  

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