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क्रिकेट की बातें करने वाले स्टीव स्मिथ 3 महीने रहे बैट से दूर, अब खेलने के लिए हो रहे उतावले

ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने के लिए काफी उतावले हैं। उसकी वजह ये है कि ऑस्ट्रेलिया के ये दिग्गज बल्लेबाज लंबे समय से क्रिकेट से दूर रहा है। स्टीव स्मिथ ने बताया है कि उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की तैयारी शुरू करने के बीच में एक बार भी बल्ला नहीं उठाया। उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी और आराम कर रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए उन्होंने तैयारी पूरी कर ली है और खेलने के लिए उत्साहित हैं। चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद स्मिथ ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट पर ध्यान देने के बजाए उससे दूरी बना ली और न्यूयॉर्क में बिना बल्ले लिए दो महीने बिताए। स्टीव स्मिथ ने कहा, ””आमतौर पर मैं घर में एक बल्ला रखता हूं, जिससे मैं बिना सोचे-समझे थोड़ी-बहुत शैडो बल्लेबाजी कर लेता हूं। लेकिन मैंने इसे दूर रखने का निर्णय लिया। मैंने यहां पहुंचने से पहले एक बार भी बल्ला नहीं छुआ।” उन्होंने आगे कहा, ”पहली बार बैट पकड़ने पर काफी अच्छा लगा। आमतौर पर यह अच्छा, अजीब होता है फिर फिर मैं लय हासिल कर लेता हूं। लेकिन दोनों सत्र वास्तव में बेहतरीन थे। सब कुछ बस अपनी जगह पर क्लिक हो गया।” स्मिथ ने कहा, ”मैं 2014 से जितना मजबूत महसूस कर रहा हूं, मेरे कूल्हे बहुत अच्छे आकार में हैं, मैं नीचे जा रहा हूं, इससे स्लिप में भी मदद मिलेगी। यह शायद वर्षों में शारीरिक रूप से मेरी सबसे अच्छी स्थिति है।”  

जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प, मॉनसून सत्र से पहले उठा सकते हैं बड़ा कदम

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने के लिए राजनीतिक दलों से चर्चा शुरू कर दी है। अब जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प है। अगर वह प्रस्ताव आने से पहले ही इस्तीफा दे देते हैं तो महाभियोग से बच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति और हटाने के मामलों के जानकार लोगों का कहना है कि संसद में खुद का बचाव करने से बचने के लिए वह मौखिक रूप से ही इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। अगर वह खुद से ही इस्तीफा दे देते हैं तो रिटायर्ड हाई कोर्ट के जज की तरह ही उन्हें पेंशन और बाकी सुविधाएं मिलती रहेंगी। हालांकि अगर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाना पड़ता है तो उन्हें पेंशन तक नहीं मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 217 के मुताबिक हाई कोर्ट के जज राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसमें किसी की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होती है। इस्तीफा देने के लिए जज का पत्र ही काफी होता है। अगर जज अपने पत्र में इस्तीफा देने की कोई तारीख बताता है तो उसतारीख से पहले उसके पास इस्तीफा वापस लेने का भी अधिकार होता है। सीजेआई रहते हुए जस्टिस संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। जज इन्क्वायरी ऐक्ट 1968 के मुताबिक सदन में अगर किसी जज को हटाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो स्पीकर या फिर सदन का अध्यक्ष तीन सदस्यों की कमेटी बनाकर इस बात की भी जांच करा सकता है कि उसे किस बुनियाद पर हटाया गया है। इस कमेटी में सीजेआई, 25 हाई कोर्ट में से किसी एक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस शामिल होता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बुधवार को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को ‘राजनीतिक चश्मे’ से नहीं देखा जा सकता। केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य महाभियोग प्रस्ताव लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में दोनों सदनों में निष्कासन की कार्यवाही पारित हो जाएगी। मार्च में राष्ट्रीय राजधानी में न्यायमूर्ति वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना हुई थी, जब वह दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, जिसके कारण उनके घर के एक हिस्से में नकदी की जली हुई बोरियां मिलीं थीं। न्यायाधीश ने नकदी के बारे में अनभिज्ञता का दावा किया, लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने कई गवाहों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया। माना जाता है कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए संकेत दिया था, लेकिन न्यायमूर्ति वर्मा अपनी जिद पर अड़े रहे। न्यायालय ने तब से उन्हें उनके मूल कैडर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया, जहां उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाभियोग प्रस्ताव की सिफारिश की थी, जो उच्च न्यायपालिका के सदस्यों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया है।  

‘चिंतन शिविर 2.0’ को मुख्यमंत्री साय ने बताया नीति-निर्माण का सशक्त मंच

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘चिंतन शिविर 2.0’ जैसे प्रशिक्षण सत्र शासन को नया दृष्टिकोण और नीतिनिर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मंत्रीगणों को सुशासन और परिवर्तनकारी नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुर सीखने का अवसर मिलता है. आईआईएम रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के सभी मंत्रीगण शामिल हुए. इस सत्र में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’, ‘दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति’, ‘सुशासन’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’ विषय पर अपने व्याख्यान में भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से निष्काम कर्म और नैतिक प्रशासन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कार्य केवल फल की आशा से नहीं, बल्कि उसके सही होने के कारण किया जाना चाहिए. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा, “भारत की एकता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है. राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से संभव है.” उन्होंने अंत्योदय के महत्व पर बल देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को सुशासन की प्राथमिकता बताया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर जैसे आयोजन शासन को नई दिशा और ऊर्जा देते हैं. उन्होंने दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक और नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुशासन और अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक राम काकाणी और सभी मंत्रीगण उपस्थित थे.

कनाडा में खालिस्तानियों पर कनाडा के पत्रकार ने लगाया धमकी देने का आरोप

ओटावा कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकी समय-समय पर रैलियां करते रहते हैं। भारत और कनाडा के बीच इसी वजह से संबंधों में थोड़ी खटास भी आई है। अब खालिस्तानियों पर कनाडा के एक स्वतंत्र पत्रकार पर हमला करने और उन्हें धमकाने का आरोप लगा है। पत्रकार ने बताया कि खालिस्तानियों ने उन्हें घेर लिया और धमकी देने लगे। यह उस समय हुआ, जब पत्रकार रविवार को वैंकूवर में आयोजित एक रैली को कवर कर रहे थे। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि उन्हें उनकी संपादकीय स्वतंत्रता और खालिस्तान से संबंधित विरोध प्रदर्शनों की पिछली कवरेज के कारण निशाना बनाया गया। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपनी आपबीती शेयर करते हुए कहा, ”यह सिर्फ 2 घंटे पहले हुआ था और मैं अब भी कांप रहा हूं। मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था जो गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने मुझे घेर लिया, मुझे धमकाया, मेरे साथ मारपीट की और उन्होंने मेरे हाथ से मेरा फोन छीन लिया।” पत्रकार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने गुंडों की तरह व्यवहार किया और जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया। पत्रकार ने दावा किया कि उस पर एक व्यक्ति ने हमला किया था जो लंबे समय से ऑनलाइन अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करके उसे परेशान कर रहा था। बेजिरगन ने कहा, “मैं कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, न्यूजीलैंड में खालिस्तान विरोध प्रदर्शनों को कवर करता रहा हूं। मेरा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र पत्रकारिता करना और जो कुछ हो रहा है उसे रिकॉर्ड करना और रिपोर्ट करना है और क्योंकि मैं संपादकीय रूप से स्वतंत्र हूं, इसलिए यह कुछ लोगों को निराश करता है।” पत्रकार ने आगे कहा कि खालिस्तान समर्थक उन्हें खरीदना चाहते हैं और उन्हें प्रभावित करना चाहते हैं, ताकि वह खुलकर न बोलें। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि खालिस्तानियों का ये डराने व धमकाने का तरीका काम नहीं करेगा और उनकी संपादकीय स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी। शेयर किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति उनसे भिड़ रहा है। दोनों में काफी तू-तू, मैं-मैं हो रही है। वह पत्रकार को परेशान करते हुए धमकी भी देता हुआ सुना जा सकता है।  

‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप पर फडणवीस का जवाब, ताउम्र यही गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी आईना साफ करते रहे

मुंबई राहुल गांधी के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जवाब आया है। देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहाकि ताउम्र आप यही गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी और आप आईना साफ करते रहे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहाकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 2024 के राज्य विधानसभा चुनावों में हार पर आत्मावलोकन करने के बजाय जनादेश को अस्वीकार कर रहे हैं क्योंकि जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। फडणवीस ने इंडियन एक्सप्रेस और मराठी दैनिक समाचार पत्र लोकसत्ता में प्रकाशित अपने लेखों में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता बिहार सहित आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें मिलने वाली हार के लिए बहाने तैयार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने शनिवार को कई अखबारों में प्रकाशित एक लेख और एक्स पर पोस्ट साझा कर आरोप लगाया था। इसमें उन्होंने कहाकि 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट था और यह मैच फिक्सिंग अब बिहार में भी दोहराई जाएगी। राहुल गांधी ने कही थी ऐसी बात सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर गांधी ने चुनाव में कथित अनियमितताओं के बारे में चरणबद्ध तरीके से बताया कि कैसे मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा गया। मतदान प्रतिशत बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया। फर्जी मतदान कराया गया और बाद में सबूतों को छिपा दिया गया। निर्वाचन आयोग ने आरोप को खारिज करते हुए कहाकि अनुकूल परिणाम नहीं मिलने के बाद चुनाव निकाय को बदनाम करना पूरी तरह बेतुका काम है। गांधी के दावों के जवाब में फडणवीस ने अपने लेख में कहा कि कांग्रेस नेता लोकतांत्रिक प्रक्रिया और लोगों के जनादेश का लगातार अपमान कर रहे हैं। बहाने बना रहे हैं राहुल भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लोगों ने राहुल गांधी को खारिज कर दिया है और इसके बदले में वह लोगों और उनके जनादेश को अस्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि एक बार हार स्वीकार कर लेना अधिक विवेकपूर्ण होगा। इस बात पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि आप कहां गलत हैं, लोगों के साथ आपका जुड़ाव क्यों कम है और आपको इसके बारे में क्या करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बिहार सहित आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें मिलने वाली हार के लिए अपने बहाने तैयार कर रहे हैं। देश के खिलाफ है यह बात भाजपा, शिवसेना और राकांपा से मिलकर बने महायुति ने 2024 के महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) वाले गठबंधन महाविकास आघाडी को हराकर भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। फडणवीस ने कहाकि जहां तक ​​महाराष्ट्र चुनाव का सवाल है, यह मूल रूप से महायुति और महा विकास आघाडी के बीच मुकाबला नहीं था। एक और कारक था: भारत जोड़ो अभियान। ‘जोड़ो’ नाम वाले इस अभियान में ‘तोड़ो’ अभियान क्या कर रहा था? उन्होंने दावा किया कि यह न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग समेत देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ जनता में गलत धारणाएं पैदा कर रहा था और इस तरह उन्हें देश के खिलाफ लड़ने के लिए उकसा रहा था। राहुल ने वोटरों की बढ़ोत्तरी को बताया था फर्जी फडणवीस ने कहाकि 1950 से लेकर एक नया कानून बनने तक (पूर्ववर्ती) कांग्रेस सरकारों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सीधे नियुक्ति की। उन्होंने कहा कि अब तक 26 आयुक्तों में से 25 को सीधे केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक समिति का गठन किया जिसमें विपक्ष के नेता या (विपक्ष में) सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेता शामिल हैं। पिछले साल हुए महाराष्ट्र चुनावों में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि पर गांधी की आपत्ति का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि युवा मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राहुल गांधी ने मतदाताओं की संख्या में वृद्धि को फर्जी मतदाता बताया था। फडणवीस ने ऐसे दिया जवाब मुख्यमंत्री ने कहाकि 2004 में विधानसभा चुनावों में लोकसभा चुनावों की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक मतदान हुआ था, जबकि 2009 में चार प्रतिशत अधिक, 2014 में तीन प्रतिशत अधिक, 2019 में एक प्रतिशत और 2024 में चार प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि 2024 में कुछ भी नया नहीं हुआ। फडणवीस ने कहाकि मतदान प्रतिशत में अचानक वृद्धि का दावा एक बड़ा मजाक है। क्या राहुल गांधी को यह नहीं पता कि शाम पांच से छह बजे तक भी मतदान का समय है और शाम छह बजे तक बूथ पर कतार में मौजूद सभी लोगों को अपना वोट डालने की अनुमति है? फिर यह बात छिपा क्यों रहे फडणवीस ने कहाकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम पांच बजे मतदान का आंकड़ा 60.96 प्रतिशत बताया गया था, जिसे अगले दिन अंतिम तौर पर 66.71 प्रतिशत बताया गया यानी वृद्धि 5.75 प्रतिशत थी। उन्होंने कहाकि लेकिन क्या आप इस तथ्य को छिपा रहे हैं क्योंकि आपने वह चुनाव जीता था? मुख्यमंत्री ने कहाकि पहले अंतिम मतदान के आंकड़े देर रात आते थे। अब शाम पांच बजे का आंकड़ा जारी किया जाता है और अंतिम आंकड़ा अगले दिन आता है।  

हरिद्वार में वीकेंड पर हाइवे पर रेंगती हुई नजर आई गाड़िया

हरिद्वार गर्मी की छुट्टियां और वीकेंड के चलते टूरिस्ट प्लेस पर आवाजाही काफी बढ़ गई है। उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां वीकेंड पर घूमने आए टूरिस्ट का हुजूम दिखाई दिया। अधिक मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कों का हाल-बेहाल हो गया। हरिद्वार-ऋषिकेश और देहरादून नेशनल हाईवे दोनों तरफ से खचाखच भरा दिखाई दिया। काफी मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कें गाड़ियों से बुरी तरह भरी दिखाई दीं। इसके चलते लंबे समय तक जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, इससे शहर की रफ्तार मानों थम सी गई। ट्रैफिक के चलते रोडवेज बसें समय से बस स्टैंड नहीं पहुंच पाईं। इस कारण उन यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जो सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करके यात्रा करने आए थे। सड़कों पर उमड़ी गाड़ियों की भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टूरिस्ट प्लेस जैसे मंदिर और गंगा तट का क्या हाल होगा। हर की पौड़ी, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर पर भी खचाखच भीड़ दिखाई दी। मंदिर प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखते हुए दर्शन करने का आह्वान किया। हालांकि अचानक बढ़ी इस भीड़ को पुलिस प्रशासन संभाल नहीं पाया, क्योंकि जो भी ट्रैफिक प्लान बनाया गया था, वो नाकाफी साबित हुआ।  

सुवेद पारकर और विक्रांत औती की अर्धशतकीय पारियों के दम पर बांद्रा ब्लास्टर्स सेमीफाइनल में पहुंचा

मुंबई  सुवेद पारकर और विक्रांत औती की अर्धशतकीय पारियों और दोनों के बीच पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की बदौलत बांद्रा ब्लास्टर्स ने रविवार को यहां एमएससी मराठा रॉयल्स को आठ विकेट से हराकर टी20 मुंबई लीग के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।  ब्लास्टर्स सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी और अंतिम टीम है। ईगल थाने स्ट्राइकर्स, सोबो मुंबई फाल्कन्स और एमएससी मराठा रॉयल्स ने पहले ही अंतिम चार का टिकट पक्का कर लिया है। जीत के लिए 151 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पारकर और औती ने पहले विकेट के लिए 64 गेंद में 118 रन की आक्रामक साझेदारी कर ब्लास्टर्स को मजबूत शुरुआत दिलाई। पारकर ने 37 गेंद की पारी में 76 रन की पारी के साथ इस साझेदारी में बड़ा योगदान दिया। औती ने 56 रन बनाए। 

अमेरिका की कोको गाफ ने फ्रेंच ओपन महिला एकल फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका को हराया

अमेरिका की कोको गाफ ने फ्रेंच ओपन महिला एकल फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका को हराया। कोको गाफ ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए सबालेंका को 6-7, 6-2, 6-4 से मात दी। इसके साथ ही कोको ने अपना रोलैंड गैरोस खिताब जीता। पहला सेट करीबी मुकाबले में गंवाने के बाद कोको ने अपने गियर बदले और अगले दो सेट में नंबर वन खिलाड़ी सबालेंका को छकाते हुए फ्रेंच ओपन जीता। कोको गाफ ने जीत के बाद स्टैंड में मौजूद अपनी मां और कोचिंग टीम के साथ जीत का जश्न मनाया। दूसरी रैंकिंग वाली गाफ इससे पहले 2023 अमेरिकी ओपन जीत चुकी हैं। रोलां गैरो पर 2013 के बाद पहली बार दुनिया की पहले और दूसरे नंबर की खिलाड़ी के बीच फाइनल खेला गया। बारह साल पहले सेरेना विलियम्स ने मारिया शारापोवा को हराकर खिताब जीता था। पिछले 30 साल में यह दूसरी बार है, जब खिताबी भिड़ंत शीर्ष दो खिलाड़ियों के बीच हुई है। मैच के बाद गॉफ ने कहा, “ईमानदारी से कहूँ तो मुझे नहीं लगता था कि मैं ऐसा कर पाऊँगी।” वहीं सबालेंका ने कहा,“यह बहुत दुखदायी है। कोको को बधाई – वह मुझसे बेहतर खिलाड़ी है मैं तो अपना पहला रोलांड गैरोस खिताब जीतने का प्रयास कर रही थी। तीन साल पहले फ्रेंच ओपन में पदार्पण करने वाली 18 साल की गाफ फाइनल में हार गई थी। उन्होंने इस बार फ्रांस की वाइल्ड कार्डधारी लोई बोइसों को 6-1, 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। सबालेंका ने मई में मैड्रिड ओपन में गाफ को हराया था । इस बार उन्होंने सेमीफाइनल में गत चैम्पियन इगा स्वियातेक को 7-6, 4-6, 6-0 से मात दी।  

आज होगा फ्रेंच ओपन 2025 फाइनल, सिनर और अल्काराज की होगी महा भिड़न्त भिड़ंत

विश्व के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर और स्पेन के दिग्गज कार्लोस अल्काराज के बीच आज यानी रविवार 8 जून को फ्रेंच ओपन 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दोनों धाकड़ खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम के लिए लड़ाई लड़ेंगे। शुक्रवार देर रात खेले दूसरे सेमीफाइनल में मुकाबले में इटली के यानिक सिनर ने सर्बिया के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को 6-4, 7-5, 7-6 (3) से हराया था। सिनर ने तीन घंटे 16 मिनट तक चले मुकाबले में अपनी जीत पक्की की। वहीं, पहले सेमीफाइनल में स्पेन के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबले में इटली के चोटिल लोरेंजो मुसेट्टी के मैच के बीच में हटने के बाद फ्रेंच ओपन पुरुष एकल के फाइनल में जगह बना ली थी। वर्ष 2013 के बाद यह पहली बार होगा जब अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी पुरुष और महिला एकल वर्ग के फाइनल में विश्व के नंबर एक और दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होगा। अब फाइनल की भिड़ंत से पहले जान लीजिए कि आप इस मैच को कब और कहां लाइव देख सकते हैं। भारतीय समय अनुसार आप फ्रेंच ओपन 2025 मेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला शाम को साढ़े 6 बजे से लाइव देख पाएंगे। ये मैच रविवार 8 जून को खेला जाना है। अगर आपको इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग देखनी है तो आपको सोनी लिव के एप या वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। वहीं, अगर आपको इस मैच का लाइव टेलिकास्ट देखना है तो फिर आपको सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के अलग-अलग चैनलों पर इस मैच को देखना होगा। कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर के बीच फ्रेंच ओपन 2025 मेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला पेरिस के रोलां गैरां के फिलिप-चैटियर कोर्ट पर खेला जाएगा। दोनों के बीच मुकाबला कड़ा होगा, क्योंकि दोनों प्लेयर अच्छी फॉर्म में हैं। इस खिताबी भिड़ंत के लिए हर कोई तैयार है।  

खाटूश्यामजी पहुंची दो महिलाओं के साथ आए बच्चे को लेकर बदमाश फरार

सीकर भोपाल से खाटूश्यामजी के दर्शन करने आई दो महिलाओं को बहला-फुसलाकर एक बदमाश उनके साथ मौजूद तीन वर्षीय बच्चे को लेकर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि यह व्यक्ति महिलाओं से जयपुर रेलवे स्टेशन पर मिला था और उसने महिलाओं को बातचीत में उलझाकर उनसे उनका गंतव्य पूछा। महिलाओं ने बताया कि वे खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रही हैं। इस पर बदमाश ने कहा कि वह भी उसी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा है,  इसके बाद तीनों खाटूश्यामजी पहुंचे। मंदिर में पहुंचने के बाद उस व्यक्ति ने महिलाओं से कहा कि वहां बहुत भीड़ है, इसलिए पहले वे मंदिर में जाकर दर्शन करें, तब तक वह उनके बच्चे की देखभाल कर लेगा। महिलाएं उसकी बातों में आ गईं और मंदिर के अंदर चली गईं। इसके बाद बदमाश बच्चे को लेकर फरार हो गया। रानौली थाना प्रभारी राजेश कुमार बुढ़ानिया ने बताया कि संभवतया यह घटना भीख मांगने वाली गैंग की हो सकती है। बच्चे की उम्र तीन वर्ष है। पुलिस ने राज्य भर में अलर्ट जारी कर दिया है और उसकी तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई।

भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड पहुंचते ही सीरीज से पहले लॉर्ड्स में अभ्यास करके दौरे की शुरुआत की

इंग्लैंड भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से लीड्स में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले लॉर्ड्स में अभ्यास करके दौरे की शुरुआत की। जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह की तेज गेंदबाजी चौकड़ी के अलावा कप्तान शुभमन गिल, ऋषभ पंत और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में अभ्यास किया।   रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के संन्यास लेने के बाद गिल को भारत का 37वां टेस्ट कप्तान बनाया गया। वह एक अपेक्षाकृत युवा टीम की अगुवाई कर रहे हैं जिसका लक्ष्य 2007 के बाद से इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतना है। सीरीज हेडिंग्ले में शुरू होगी, जिसके बाद एजबेस्टन, लॉर्ड्स, ओल्ड ट्रैफर्ड और ओवल में टेस्ट मैच खेले जाएंगे। भारतीय टेस्ट टीम में शामिल कुछ खिलाड़ी अभी भारत ए की तरफ से नॉर्थम्पटन में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दूसरे अनधिकृत टेस्ट मैच में खेल रहे हैं। तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के नाम वाली इस सीरीज का पहला टेस्ट 20 जून को लीड्स के हेडिंग्ले में शुरू होगा, उसके बाद एजबेस्टन (दो से छह जुलाई), लॉर्ड्स (10-14 जुलाई), ओल्ड ट्रैफर्ड (23-27 जुलाई) और द ओवल (चार से आठ अगस्त) में मैच खेले जाएंगे। इस दौरे पर सबकी नजर है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट एक महत्वपूर्ण बदलाव का दौर में है। इंग्लैंड पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभव और युवाओं के मिश्रण है। भारतीय टीम अपने डब्ल्युटीसी अभियान को मजबूती से शुरूआत करते हुए इंग्लैंड की धरती पर चुनौती पेश करना चाहेगी।  

सीएम मोहन यादव के छोटे बेटे की सगाई डॉ. इशिता से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई संपन्न

भोपाल भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) की सगाई खरगौन के सेल्दा निवासी श्री दिनेश यादव (पटेल) की सुपुत्री डॉ. इशिता (एमबीबीएस) से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। सगाई समारोह में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूजन के बाद दोनों ने अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। डॉक्टर अभिमन्यु एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं सक्रिय समाजसेवी हैं, वहीं डॉ. इशिता भी चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले डॉ. यादव के बड़े बेटे वैभव की शादी भी सादे और पारिवारिक माहौल में संपन्न हुई थी। अब उनके छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की सगाई डॉ. इशिता के साथ भोपाल में सादे समारोह में हुई। डॉ. अभिमन्यू एमबीबीएस की डिग्री के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।  बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता के साथ सीएम मोहन यादव – फोटो : सोशल मीडिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, दिल्ली के विधायक सतीश उपाध्याय, मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए और नवयुगल को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। सरकारी जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री का यह पारिवारिक आयोजन एक भावनात्मक क्षण रहा। इसमें निजी संबंधों की गर्माहट साफ झलकी। परिवार की यह सादगी और परंपराओं के प्रति आस्था राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव के दो सुपुत्र एवं एक सुपुत्री हैं। ज्येष्ठ सुपुत्र एवं सुपुत्री का विवाह पहले ही संपन्न हो चुका है। डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं समाजसेवी हैं। वहीं डॉ इशिता (एमबीबीएस) भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। दोनों ने पारंपरिक पूजन के पश्चात एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।  

80 विमान और 400 मिसाइलों के साथ आया था भारत, पाक ने US से भीख में मांगा एयर डिफेंस सिस्टम

वाशिंगटन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के जोरदार हवाई हमलों से बौखलाया पाकिस्तान अब खुलेआम अमेरिका से उन्नत हथियार प्रणाली की गुहार लगा रहा है। वॉशिंगटन में मौजूद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और नवाज शरीफ कैबिनेट में मंत्री मुसादिक मलिक ने का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह अमेरिका से एयर डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स बेचने की गुहार लगा रहे हैं। उनका यह बयान पाकिस्तान में सरकार द्वारा किए जा रहे ‘जीत’ के दावों से एकदम उलट है। वायरल हो रहे वीडियो में मलिक कहते हैं, “भारत 80 विमानों और 400 मिसाइलों के साथ आया था, जिनमें से कुछ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। आपने देखा क्या हो सकता था हमारे साथ। अगर हमारे पास एयर डिफेंस सिस्टम न होते तो हम मलबे में बदल चुके होते। भारत टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रहा है। वह बहुत ही एडवांस है। आप ले आइए वो टेक्नोलॉजी, हम आपसे खरीदने को तैयार हैं।” आपको बता दें कि मलिक विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों से वार्ता के लिए अमेरिका दौरे पर हैं। मलिक का यह कबूलनामा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के द्वारा पाकिस्तान में बार-बार की जा रही उस बयानबाजी को पूरी तरह खारिज करता है, जिसमें वह भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की जीत का दावा करते हैं। यहां तक कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि भी दे दी गई, जिसे भारत के खिलाफ जीत के तौर पर प्रस्तुत किया गया। शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकार किया था कि भारत ने रावलपिंडी सहित कई पाकिस्तानी इलाकों में मिसाइल हमले किए। उन्होंने कहा, “भारत ने अपनी ब्रह्मोस मिसाइल दागी, जो पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में गिरी। उनमें रावलपिंडी का एयरपोर्ट भी शामिल है।” इस बीच भारत ने भी अपना एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है, जिसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर शामिल हैं। यह टीम अमेरिका को पाकिस्तान के आतंकी ढांचे और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे हालिया सैन्य अभियानों की जानकारी दे रही है। साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भी साक्ष्य पेश कर पाकिस्तान को बेनकाब रही है।  

श्रेयस अय्यर को मुझे थप्पड़ मारना चाहिए था, मैं…क्वालीफायर 2 वाले ‘कांड’ पर बोले शशांक सिंह

नई दिल्ली श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स को भले ही आईपीएल 2025 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी से हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर की खूब तारीफ हो रही है। कप्तान ने अनकैप्ड प्लेयर्स से भरी हुई टीम को फाइनल तक का सफर तय कराया, जहां उनको महज 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा। फाइनल के कुछ दिन बाद पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह ने अपने कप्तान की तारीफ की। उन्होंने उस बात का भी जिक्र किया, जब श्रेयस अय्यर उन पर गुस्सा थे। इसको लेकर उन्होंने कहा है कि श्रेयस अय्यर से असल में उनको थप्पड मिलना चाहिए था। शशांक सिंह ने कई लोगों की राय दोहराते हुए कहा है कि वर्तमान में टी20 क्रिकेट में विश्व में अय्यर से बेहतर कोई कप्तान नहीं है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैंने दूसरों से जो भी बात की है और देखा है, विश्व क्रिकेट में मौजूदा समय में उनसे बेहतर कोई कप्तान नहीं है। वह हमें फ्रीडम देते हैं, वह सभी के साथ समान व्यवहार करते हैं। कोई नहीं कहेगा कि श्रेयस का रवैया अलग है। ड्रेसिंग रूम में युवा उन्हें एक शांत बंदा मानते हैं। श्रेयस एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने हमसे कहा है कि अगर किसी के पास गेम के दौरान कोई सुझाव है, तो वह आकर उन्हें बता सकता है। अगर उन्हें लगता है कि यह सही सलाह है, तो वह इसे मानेंगे। ऐसा दुर्लभ है।” क्वालीफायर 2 के बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ रन आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर ने शशांक सिंह को डांट लगाई थी, जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। बल्लेबाज ने कहा कि वह इसके लायक था, क्योंकि वह ऐसे भाग रहा था, जैसे वह बीच पर दौड़ रहा हो। उन्होंने कहा, “मैं इसी के लायक था, अय्यर को मुझे थप्पड़ मारना चाहिए था, मेरे पिता ने फाइनल तक मुझसे बात नहीं की। मैं सहज था, मैं गार्डन में भी नहीं, बल्कि ऐसे दौड़ रहा था, जैसे बीच पर टहल रहा हूं। यह एक महत्वपूर्ण समय था, श्रेयस ने स्पष्ट किया कि मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी, लेकिन बाद में वह मुझे रात के खाने के लिए बाहर ले गए।” शशांक ने कहा है कि भले ही इस बार पंजाब फाइनल हारी हो, लेकिन अगले सीजन हम जीतेंगे।  

पुतिन आर्मी ने एक और शहर में लहराया रूसी झंडा, रूस ने यूक्रेन की लगभग 20 प्रतिशत जमीन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया

कीव/मॉस्को रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल पूरे हो गए हैं। दिन-ब-दिन यह जंग खतरनाक बनती जा रही है। पिछले दिनों यूक्रेन के रूस पर घातक वार और रूस के पलटवार ने युद्ध को और खतरनाक बना दिया है। इस महायुद्ध की सबसे भयावह बात यह है कि यह तीन साल से बिना रुके जारी है। यूक्रेन एक तरफ रूस के भीतर सेंध लगाकर उसकी धरती दहला रहा है तो दूसरी ओर रूसी सेना लगातार यूक्रेनी शहरों पर कब्जा करती जा रही है। रविवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में ज़ोरिया नामक बस्ती पर कब्जा कर लिया है। इस ताज़ा बढ़त के साथ रूस ने यूक्रेन की लगभग 20 प्रतिशत जमीन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वॉर रिपोर्ट कार्ड-2025 और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन में अब तक रूसी सेना 1,12,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक जमीन पर अपना कब्जा कर चुकी है। इसमें क्रीमिया, डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़्झिया के बड़े हिस्से शामिल हैं। यह भूभाग यूक्रेन के कुल क्षेत्रफल का लगभग पांचवां हिस्सा है। धीमी लेकिन लगातार बढ़त रूस की यह ताज़ा सैन्य सफलता कोई अचानक हुई घटना नहीं है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूस अब धीमी लेकिन स्थिर गति से पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ज़ोरिया जैसे छोटे शहरों पर कब्जा इसी रणनीति का हिस्सा है। यह इलाका अवदीवका और चासिव यार के बीच स्थित है और दोनों ही पक्षों के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यूक्रेनी जवाबी कार्रवाई सीमित हालांकि यूक्रेन ने खेरसॉन और खारकीव जैसे क्षेत्रों में कुछ कामयाबी पाई थी, लेकिन 2024 के अंत और 2025 की शुरुआत में उसकी जवाबी कार्रवाइयां सीमित साबित हुई हैं। रूस अब न केवल अपने कब्जे को बनाए रखने में सफल रहा है, बल्कि धीरे-धीरे उसे विस्तार भी दे रहा है। उधर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने एक बार फिर रूस की इस कार्रवाई की आलोचना की है, लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि फिलहाल रूसी सेना यूक्रेन में रणनीतिक बढ़त बनाए हुए है।  

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