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सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए अब प्रदेश कैशलेस स्कीम 2025 की शुरुआत, अब अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को मिलेगा इनाम

इंदौर सड़क दुर्घटना में घायलों को अब अस्पतालों में तुरंत उपचार मिल सकेगा। उपचार का डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी। यह सुविधा भारत सरकार द्वारा शुरू की गई कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025 के तहत मिलेगी। प्रदेश में इस योजना को लागू किया जा रहा है। बता दें कि योजना का लाभ इंदौर के सभी अस्पतालों में मिलेगा और घायलों का कैशलेस उपचार हो सकेगा। इससे सड़क हादसे में घायल को जल्द शुरुआती उपचार मिल सकेगा और उसकी जान बचाई जा सकेगी। इंदौर के सभी अस्पतालों को इसके लिए पंजीयन करना होगा, ताकि उनको उपचार के बाद भुगतान मिल सके। इंदौर जिले में कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025 के क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी अस्पताल संचालकों की बैठक ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी अस्पताल तीन दिन में अपना पंजीयन करवा लें, जिससे आगामी सात दिन में योजना को पूरी तरह से लागू किया जा सके। बताया गया कि भारत सरकार ने पांच मई को कैशलेस स्कीम 2025 की शुरुआत की है, जो सड़क हादसों में घायल लोगों के लिए उपयोगी होगी। इसमें किसी भी अस्पताल में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार आसानी से मिल सकेगा। इसके लिए किसी तरह के कागज, एडवांस और इंश्योरेंस की आवश्यकता नहीं होगी। 2 हजार से अधिक हादसे हर माह इंदौर जिले में प्रत्येक माह लगभग दो हजार से अधिक सड़क हादसे होते हैं। हादसे के बाद वक्त पर उपचार नहीं मिलने की वजह से कई लोग जान गंवा देते हैं। वहीं अस्पताल भी एडवांस की मांग करते, तो कभी इंश्योरेंस पॉलिसी दिखाने पर अड़ जाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा और घायल को समय पर उपचार मिल सकेगा। उपचार के दौरान सात दिन में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी। घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगी राशि प्रदेश सरकार ने राहवीर योजना भी लागू की है। इसमें सड़क दुर्घटना में घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस योजना को प्रदेश सरकार ने घायलों की मदद करने वालों को प्रेरित करने के लिए शुरू किया है, ताकि घायलों को भी तुरंत उपचार मिल सके। इससे हादसों के बाद घायलों की मदद करने के लिए लोग आगे आ सकेंगे। 

पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में चल सकती है लू

भोपाल  दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी भी मुंबई में ठहरा हुआ है। वैसे तो अलग-अलग स्थानों पर पांच मौसम प्रणालियां मौजूद हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। इसी क्रम में प्रदेश में सबसे अधिक 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान गुना एवं खजुराहो में दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक नर्मदापुरम में पांच एवं इंदौर में 0.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार चार दिन में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।   यहां चल सकती है लू ग्वालियर, चंबल एवं सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं लू भी चल सकती है। मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवात उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है।   इसके अतिरिक्त पूर्व विदर्भ से उत्तरी कर्नाटक तक एक द्रोणिका बनी हुई है, लेकिन हवाओं के साथ पर्याप्त नमी नहीं आ रही है। इस वजह से तापमान बढ़ने लगा है। इस तरह की स्थिति चार दिन तक बनी रह सकती है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल एवं सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं लू भी चल सकती है।

ब्रेन ट्यूमर बीमारी का इलाज एमवाय अस्पताल और निजी अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों से किया जा रहा, अब नहीं है लाइलाज

इंदौर मेडिकल हब बन चुके इंदौर में अब गंभीर बीमारियों का इलाज आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किया जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर बीमारी का इलाज शासकीय एमवाय अस्पताल और निजी अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों से किया जा रहा है, लेकिन आवश्यक है कि मरीज समय पर इसके लक्षण पहचानकर इलाज करवाएं।   बीमारी के प्रति जागरूक हो रहे हैं लोग विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि अब जांच की सुविधाएं छोटे शहरों और तहसीलों तक पहुंच चुकी हैं। पहले जहां मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक जांच तकनीकें छोटे जिलों में भी उपलब्ध हैं। इस कारण बीमारी का पता जल्दी लग जाता है और समय पर इलाज शुरू हो पाता है। पहले जहां लोग इसका इलाज कराने से बचते थे, लेकिन अब योजनाओं का लाभ लेते हुए बड़ी संख्या में मरीज इसका उपचार शासकीय और निजी अस्पतालों में करवा रहे हैं। एमवाय अस्पताल में मिल रहा आधुनिक उपचार न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एमवाय अस्पताल में मरीजों को आधुनिक तकनीकों से इलाज मिल रहा है। हर वर्ष करीब 300 ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन किए जाते हैं। जनवरी माह में अस्पताल में मरीज को बिना बेहोश किए ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया था। यह ऑपरेशन अवेक क्रेनियोटामी पद्धति से किया गया था। अब मरीज स्वस्थ है। इसके अलावा स्पेशियलिटी अस्पताल में इंट्रा-ऑपरेटिव मॉनीटरिंग सिस्टम से मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है। इससे ऑपरेशन की सफलता दर बढ़ गई है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। धार से आए मरीज ने बताया कि मुझे लगातार सिरदर्द और चक्कर आते थे। डॉक्टर ने एमआरआई करवाने के लिए कहा, जिसमें ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि हुई। पहले डर लग रहा था, लेकिन डॉक्टरों ने समझाया कि अब इसका इलाज संभव है। मेरी सर्जरी हुई और अब मैं सामान्य जीवन जी रहा हूं। 95 प्रतिशत ऑपरेशन सफल इंदौर में आधुनिक तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर के 95 प्रतिशत ऑपरेशन सफल हो रहे हैं। यही कारण है कि लोग भी अब इसके प्रति जागरूक होने लगे हैं। बात करें शहर के निजी अस्पतालों की तो यहां पर भी नई तकनीकों से इसका इलाज किया जा रहा है। न्यूरोसर्जन डॉ. रजनीश कछारा ने बताया कि पहले लोगों को लगता था कि ब्रेन ट्यूमर होने पर मरीजों के बचने की संभावना कम है, लेकिन अब आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर इलाज मिलने लगा है। नेविगेशन से पता चल जाता है कि ट्यूमर कहां है। साथ ही आपरेशन के बाद भी मरीजों को आईसीयू जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके प्रकार, विकास की दर, स्थान और ट्यूमर की गंभीरता पर निर्भर कर सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के कुछ सामान्य लक्षण सिरदर्द (विशेष रूप से सुबह उठते ही), उल्टी और जी मचलाना, बोलने, सुनने या देखने की क्षमता में परिवर्तन, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त कमजोर होना, थकान होना, दिनभर नींद आना, व्यवहार में परिवर्तन, मिर्गी के दौरे आना आदि हैं। यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। ब्रेन ट्यूमर होने की कोई उम्र नहीं होती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

इंदौर मेट्रो अब फ्री नहीं, आज से देना होगा किराया, पांच स्टेशन तक सफर करने पर आठ रुपये शुल्क देना होगा

इंदौर  सुपर प्रायोरिटी कारिडोर पर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को रविवार से किराया देना होगा। दो स्टेशन के बीच सफर करने पर पांच रुपये और पांच स्टेशन तक सफर करने पर आठ रुपये शुल्क देना होगा। देवी अहिल्याबाई होलकर स्टेशन (गांधी नगर) से मेट्रो में बैठने के बाद पांचवें वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन (टीसीएस) पर उतरने पर यात्री को आठ रुपये किराया देना होगा। वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन से पुन: मेट्रो में बैठ देवी अहिल्याबाई होलकर स्टेशन पर लौटने के लिए फिर से आठ रुपये का टिकट लेना होगा। गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में डेढ़ लाख से ज्यादा इंदौरवासियों ने सफर किया है। शहरवासी अभी तक मेट्रो में निश्शुल्क सफर कर रहे थे। रविवारी से बिना टिकट यात्रा करने पर मेट्रो में जुर्माना भी लगेगा। गौरतलब है कि आठ से 15 जून तक मेट्रो के निर्धारित किराए में 75 फीसद छूट यात्रियों को मिलेगी। मेट्रो के शुभारंभ मौके पर जहां 25 हजार से ज्यादा लोगों ने सफर किया था। वहीं एक से सात जून तक टिकट लेकर एक लाख 43 हजार 301 लोगों ने सफर किया।   मेट्रो में सफर करने से पहले सुरक्षाकर्मी पांचों स्टेशन पर यात्रियों की जांच कर रहे हैं। यात्रियों के पास बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू व गुटखे के पाउच मिलने पर जब्त कर एक बक्से में डाला जा रहा है। पिछले पांच दिन से हर दिन मेट्रो स्टेशन पर इस तरह के उत्पादों से बक्से भर गए हैं। पिछले आठ दिन में मेट्रो में शहरवासियों ने किया सफर 31 मई – 25 हजार से ज्यादा 1 जून- 26803 2 जून- 16071 3 जून- 19701 4 जून- 20534 5 जून- 21179 6 जून- 19215 7 जून- 19798

भरतपुर में दर्दनाक हादसा : दीवार से टकराई अनियंत्रित कार, आग लगने से डॉक्टर की जिंदा जलकर हुई मौत

भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे में शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में कार में आग लगने से एक डॉक्टर की मौत हो गई। घटना भुसावर थाना परिसर के पास हुई, जब कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक केबिन से टकरा गई। मिली जानकारी के अनुसार भुसावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टर विनोद मीणा अपनी कार से वैर रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार थाना परिसर से कुछ आगे जाकर नियंत्रण खो बैठी और दूसरी तरफ स्थित एक केबिन से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। दुर्भाग्यवश डॉक्टर विनोद मीणा कार से बाहर नहीं निकल सके और आग में जिंदा जल गए। घटना की सूचना मिलते ही भुसावर थाना अधिकारी नरेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नगर पालिका की दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के बाद कार से डॉक्टर विनोद मीणा के शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भुसावर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मांगलिया जाने के लिए 20 किमी चक्कर लगाकर जाना होगा, आरओबी बनाने के लिए पूरी तरह से फाटक हुआ बंद

इंदौर मांगलिया-सांवेर मुख्य मार्ग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया। करीब एक साल बंद सांवेर रोड की तरफ जाने वाले लोगों को परेशानी होगी। इस मार्ग पर आने वाले एक दर्जन से अधिक गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को मांगलिया आने-जाने के लिए 20 किमी लंबा चक्कर लगाकर सफर करना होगा। इनको सिंगापुर टाउनशिप अंडरपास, डकाच्या या शिप्रा होकर आना-जाना करना होगा।   लोग हो रहे परेशान सांवेर से आने वाले लोगों को भी शिप्रा या डकाच्या का मार्ग चुनना होगा। पीडब्ल्यूडी द्वारा मांगलिया का आरओबी बनाया जा रहा है। 32 करोड़ की लागत से बनने वाले आरओबी के निर्माण के लिए रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। शनिवार रात से निर्माण कार्य में गति लाने के लिए फाटक बंद किया गया है। मांगलिया से सांवेर रोड की ओर जाने वालों को परेशानी उठानी होगी। अन्य वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर वह आवागमन कर सकते हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने ब्रिज निर्माण करने वाली कंपनी को निर्देशित किया है कि निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं बरती जाए। वहीं आमजन को कम से कम परेशानी हो। किसानों ने शुरू किया विरोध रेलवे फाटक एक साल के लिए बंद करने के निर्णय को लेकर क्षेत्र में विरोध भी शुरू हो गया है। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने निर्माण एजेंसी और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना ही मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन द्वारा प्लेथिको के पास स्थित पुराने मार्ग को (रेलवे गेट न. 244) थोड़ा सुधार दिया जाता, तो हजारों ग्रामीणों को रोजाना 20 किलोमीटर का बेवजह चक्कर लगाने से राहत मिल सकती थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो विरोध और तेज होगा।

दहेज के लालच का एक शर्मनाक मामला, दहेज नहीं मिली फॉर्च्यूनर तो लौटी बारात

 झुंझुनू जिले में दहेज के लालच का एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां शादी के मंडप में फेरे से पहले दूल्हे ने दहेज में लग्जरी फॉर्च्यूनर कार की मांग रख दी। मांग पूरी नहीं होने पर वह आधी बारात के साथ शादी छोड़कर चला गया। यह घटना गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। दरअसल शनिवार रात गांव में धूमधाम से शादी समारोह का आयोजन किया गया था। दुल्हन के पिता जो सिलाई का काम करके परिवार चलाते हैं, ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी की सभी तैयारियां की थीं। स्टेज पर जयमाला कार्यक्रम के बाद अचानक दूल्हे ने फेरों से इंकार करते हुए शर्त रखी कि जब तक उसे फॉर्च्यूनर कार नहीं दी जाती, वह शादी नहीं करेगा। दुल्हन के पिता ने रोते हुए बताया कि उनके पास इतनी महंगी कार देने की क्षमता नहीं थी। उन्होंने दूल्हे नीतीश को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा और कमरे में जाकर बैठ गया। इसके बाद आधी बारात के साथ वह वहां से चला गया और वापस नहीं लौटा। बताया जा रहा है कि दुल्हन एक निजी स्कूल में शिक्षिका है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। वहीं दूल्हा नीतीश एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता है और उसके पिता विदेश में मजदूरी करते हैं। दोनों की सगाई तीन महीने पहले पक्की हुई थी और परंपरा के अनुसार लेन-देन भी हो चुका था। इस घटना के बाद पूरे गांव में गुस्सा है। ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे लालची लोगों पर दहेज कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए।

रोडवेज बस और यात्री कार में भिड़ंत, कई लोग घायल

ऋषिकेश ऋषिकेश में कौडियाला के पास रविवार को दो वाहन हादसे का शिकार हो गए। अलसुबह दिल्ली से गोपेश्वर जा रही रोडवेज बस और हरियाणा के यात्रियों की कार की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में कई लोग घायल हुए। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब पांच बजे की है। बस कौडियाला से होते हुए गोपेश्वर जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान गलत दिशा से कार आई जिसके कारण दोनों वाहन आपस में टकरा गए। कार में सवार दो तीन घायल यात्रियों को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गनीमत रही कि बस में सवार अन्य यात्री सुरक्षित हैं।

देश में कोरोना संक्रमण के केस 6000 के पार, 24 घंटे में 378 नए केस और छह की मौत

नई दिल्ली देश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार डराने लगी है। कोरोना संक्रमण के सक्रिय केसों का आंकड़ा 6000 के पार पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में छह कोरोना संक्रमितों की मौत भी हुई है। केरल अब भी देश का सबसे प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां कोरोना के कुल 1950 केस हैं। बीते 24 घंटे में इसमें 144 का इजाफा देखा गया है। इसके बाद गुजरात में 822, दिल्ली में 686, महाराष्ट्र में 595, कर्नाटक में 366, उत्तर प्रदेश में 219, तमिलनाडु में 194, राजस्थान में 132 और हरियाणा में 102 कोरोना के मामले मिल चुके हैं। पिछले 24 घंटे में हुई मौतों की बात करें तो केरल में तीन कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। एक की उम्र 51 साल, दूसरे की 64 और तीसरे की उम्र 92 साल बताई गई। तीनों ही पुरुष थे और तीनों को पहले से कई बीमारियां थीं। ऐसे ही कर्नाटक में भी दो कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। जान गंवाने वाले दोनों पुरुषों की उम्र 51 और 78 साल थी। ये दोनों भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से ग्रसित थे। इसके अलावा एक 42 साल के पुरुष कोरोना संक्रमित की मौत तमिलनाडु में हुई। पिछले 48 घंटों में 769 नए केस केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में 769 नए संक्रमणों के साथ भारत के सक्रिय कोविड मामले 6,000 के आंकड़े को पार कर गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते कोविड मामलों की वजह से केंद्र सरकार सुविधा-स्तर की तैयारियों की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल करा रहा है। सभी राज्यों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जनवरी से अब तक देश में 65 मौतें मंत्रालय ने कहा कि भारत में 6,133 सक्रिय कोविड मामले हैं। पिछले 24 घंटों में छह और मौतें हुई हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश मामले हल्के हैं और घरेलू देखभाल में ही आइसोलेशन के साथ ठीक कर लिए जा रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक देश में 65 मौतें हुई हैं। 22 मई को देश में कुल 257 सक्रिय मरीज थे। अहम बैठकें भी की गईं इससे पहले 2 और 3 जून को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (EMR) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP), दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों और सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ मौजूदा कोरोना स्थिति और तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए तकनीकी समीक्षा बैठकों की एक सीरीज आयोजित की गई थी। बारीकी से निगरानी की जा रही 4 जून को आधिकारिक सूत्रों ने कहा था कि IDSP के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा था कि दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती SARI मामलों और 5 प्रतिशत ILI मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की जाती है।  सकारात्मक SARI नमूनों को ICMR VRDL नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाता है।

सूटकेस में मिला 9 साल की बच्ची का शव, इलाके में तनाव

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में पड़ोसी के घर में नौ साल की बच्ची का शव सूटकेस में बंद मिला, जिसके बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस यौन उत्पीड़न समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की जानकारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ ने लापरवाही का आरोप लगाया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।इलाके में तनाव के कारण कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। उनमें से कई ने कहा कि वे हिंसा से डरते हैं और प्रदर्शनकारियों के बाजार की गलियों से मौजूदगी के चलते अपनी दुकानें बंद कर लीं। इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली की बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? आप ने उठाए ये सवाल आतिशी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि ‘दिल्ली में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और मर्डर के लिए कौन जिम्मेदार है? बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? भाजपा की 4 इंजन की सरकार है, फिर भी हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं? कहां हैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी? कहां हैं देश के गृह मंत्री अमित शाह जी?’ यह है मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक नाबालिग लड़की का खून से लथपथ सूटकेस में शव मिला है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पूर्वोत्तर दिल्ली के नेहरू विहार में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को शुरुआती मेडिकल जांच के आधार पर यौन उत्पीड़न का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दयालपुर पुलिस स्टेशन में रात 8:41 बजे पीसीआर कॉल मिलने पर एक टीम को नेहरू विहार की गली नंबर 2 में भेजा गया, जिसमें पाया गया कि लड़की के पिता ने उसे पहले ही जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती करा दिया था। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर चोट के निशान पाए और यौन उत्पीड़न की संभावना जताई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है। साक्ष्य एकत्र करने और आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमों को तैनात किया गया है।

‘सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह’ का मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया निरीक्षण

रायपुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बिलासपुर में स्थित गैर शासकीय संस्था सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह (विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिशु गृह में निवासरत बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और संस्था द्वारा प्रदान की जा रही देखभाल सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री राजवाड़े ने बच्चों के साथ समय बिताया और कहा, इन मासूम चेहरों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। ये बच्चे हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं, और उनके सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्था द्वारा बच्चों के संरक्षण, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण योग्य बच्चों के लिए कार्यरत ऐसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की आधारशिला हैं। सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह, एक मान्यता प्राप्त विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी है, जो परित्यक्त, अनाथ और असहाय बच्चों को आश्रय, देखभाल और सुरक्षित गोदन प्रक्रिया के माध्यम से नया परिवार प्रदान करती है। संस्था में बच्चों की उम्र के अनुसार पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी संस्थाओं को समय-समय पर तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाए ताकि बच्चों को बेहतर जीवनशैली मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी, संवेदनशील और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई के सदस्य एवं संस्था की संचालिका सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। सभी ने मंत्री को संस्था की कार्यप्रणाली एवं वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

₹14000 करोड़ की वसूली के बाद भी ऐसी है लाइफस्टाइल, जानिए संपत्ति, विजय माल्या आज भी जीते हैं लैविश लाइफ!

नई दिल्ली  17 भारतीय बैंकों का अरबों डॉलर लेकर लंदन भागे कारोबारी विजय माल्या ने 9 साल बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक यूट्यूब चैनल पर चार घंटे के इंटरव्यू में उन्होंने बैंकों से लिए गए लोन, भगोड़े और चोर करार दिए जाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने किंगफिशर एयरलाइंस के पतन से लेकर भारत से अपने जाने तक की कहानियां साझा कीं। आइए जानते हैं विजय माल्या के पास कितनी है संपत्ति और कैसी है उनकी लाइफटास्टल- कितनी है माल्या की संपत्ति किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या, जिन्होंने कभी करोड़ों का कारोबारी साम्राज्य चलाया था। हाल के सालों में उनकी कुल संपत्ति में कमी देखी गई। 28 साल की उम्र में यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप के चेयरमैन की भूमिका निभाने के बाद, शराब के इस दिग्गज ने विमानन, पेय पदार्थ और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार किया। फोर्ब्स के अनुसार, 2013 में उनकी अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 750 मिलियन डॉलर थी। इस बीच, इंडिपेंडेंट यूके के अनुसार, विजय माल्या की नवीनतम नेटवर्थ रिपोर्ट जुलाई 2022 की है, जब यह लगभग 1.2 बिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया गया था। इंटरव्यू में माल्या ने दावा किया कि वह भारत से भागा नहीं बल्कि उसने अरुण जेटली को लंदन की अपनी यात्रा के बारे में बताया था। हालांकि, उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया, जिससे वह वहीं फंस गया। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के अनुसार, उस पर ब्याज सहित 6,203 करोड़ रुपये बकाया हैं। फिर भी, सरकार दावा करती है कि यह 9,000 करोड़ रुपये है और उसने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की नीलामी की है। माल्या ने इस बात पर असमंजस व्यक्त किया कि सरकार ने कौन सी संपत्तियां बेची हैं। इन बिक्री के बावजूद, उनके पास अभी भी काफी संपत्ति है और वे लंदन में एक आलीशान बंगले में रहते हैं। कभी करते थे 400 रुपये वेतन वाली नौकरी माल्या की यात्रा एक व्यवसायी परिवार से शुरू हुई, लेकिन उन्हें मात्र 400 रुपये के वेतन वाली नौकरी करके खुद को साबित करना पड़ा। अपने पिता विट्ठल माल्या के निधन के बाद उन्होंने यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप को संभाला, जो किंगफिशर बीयर के लिए जाना जाता है। मार्केटिंग में उनके प्रयासों से किंगफिशर बीयर को 52% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिली। विजय माल्या कथित तौर पर न्यूयॉर्क के ट्रम्प प्लाजा, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पेंटहाउस के मालिक हैं, जिसे उन्होंने 2010 में 2.4 मिलियन डॉलर में खरीदा था। इसके अलावा, इंडिया टुडे के अनुसार, उनके पास उसी बिल्डिंग में तीन लग्जरी कॉन्डो हैं। इनमें से दो लग्जरी कॉन्डो उनकी बेटी के साथ संयुक्त रूप से खरीदे गए थे। इसके अलावा, उनके पास फ्रांस में ले ग्रांडे जार्डिन एस्टेट है जो कान के पास सैंटे-मार्गुराइट द्वीप पर स्थित है। सिद्धार्थ माल्या ने पिछले साल शादी की और अपनी पत्नी के साथ लंदन में रहते हैं। अपने पिता के विपरीत, सिद्धार्थ ने मॉडलिंग और अभिनय करियर को आगे बढ़ाया। वह फिल्मों और टीवी शो में दिखाई दिए हैं और सामाजिक कार्यों के लिए समय समर्पित करते हैं। सिद्धार्थ ने ऑनलाइन वीडियो शो भी होस्ट किए और गिनीज के लिए मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम किया। 2019 में डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट से पता चला कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने से पहले सिद्धार्थ कई सालों तक अवसाद से जूझते रहे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर दो किताबें लिखी हैं: “इफ आई एम ऑनेस्ट: ए मेमॉयर ऑफ माई मेंटल हेल्थ जर्नी” और “सैड-ग्लैड।” वह मानसिक स्वास्थ्य विषयों पर शो आयोजित करते हैं।  

बुजोर्गो का सम्मान कर मनाया फादर्स डे,लगाया एक पौधा पिता के नाम ।

Celebrated Father’s Day by respecting the elders, planted a tree in the name of father. एक वृक्ष बिना किसी अपेक्षा के जीवन भर छाव देता है ,उसी तरह पिता भी अपने पूरे जीवन में परिवार के लिए अडिग खड़ा रहता हैं ( संयोजक डाक्टर संदीप गोहे ) हरिप्रसाद गोहे  आमला/बैतूल । फ़ादर्स डे के अवसर पर सामाजिक संगठन सेव इंडिया फैमिली बैतूल (एसआईएफ बैतूल) द्वारा यहां स्थित मातोश्री वृद्धाश्रम में पिता के नाम एक पौधा कार्यक्रम आयोजित कर वृद्धजनों का सम्मान किया गया, इस अवसर पर वृद्धजनों के साथ मिलकर केक काटा गया, वही उनके सम्मान में पौधा रोपण भी किया गया। कार्यक्रम की  शुरुआत वृद्धजनों को फूलमालाएं पहनाकर और सम्मान देकर की गई। इज दौरान वृद्धजनों के साथ मिलकर केक काटा गया और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन भी कराया गया। आयोजन का उद्देश्य उन वृद्ध पुरुषों को सम्मान देना था, जिन्होंने अपने जीवन का संपूर्ण योगदान परिवार और समाज के लिए दिया, लेकिन आज उपेक्षा का जीवन जीने को विवश हैं। पौधा रोपण के जरिए इन पिताओं को श्रद्धांजलि दी गई, जो जीवनभर परिवार के लिए त्याग और छांव की मिसाल बने रहे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संदीप गोहे ने बताया कि एसआईएफ बैतूल इस आयोजन को हर वर्ष करता है, लेकिन इस बार पौधा रोपण को विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि जैसे एक वृक्ष बिना किसी अपेक्षा के जीवनभर छांव देता है, वैसे ही एक पिता भी अपने पूरे जीवन में परिवार के लिए अडिग खड़ा रहता है। समाज को अब पुरुषों की भावनाओं को भी समझना होगा। इस आयोजन में चंद्रप्रकाश झारे, राजेश उपराले, रूपेश पवार, संचित सोनी, अभिषेक वाल्मीकि, विजय साहू, दिलीप पुआर और देवी प्रसाद मालवीय ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी सराहना मिली। उपस्थित लोगों ने इसे समाज के लिए एक नई मिसाल और प्रेरणा बताया, जिससे यह संदेश जाता है कि पितृत्व भी पूजनीय है और हर पिता अपने जीवन में वटवृक्ष की तरह होता है, जो बिना किसी अपेक्षा के जीवनभर देता ही रहता है।

पत्नीक श्री गोविन्द देव के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार सुबह सपत्नीक श्री गोविन्द देव जी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन किए। उन्होंने निर्जला एकादशी के बाद विधिवत् पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। श्री शर्मा ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस अवसर पर मंदिर के महंत ने मुख्यमंत्री को गोविन्द देव जी का चित्र एवं प्रसाद भेंट किया।

अक्षय कुमार ने ‘हाउसफुल 5’ देखकर आ रहे लोगों से लिया रिएक्शन

मुंबई अक्षय कुमार की मच अवेटेड कॉमेडी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। अब फिल्म के अभिनेता ने ऐसा काम किया जिसे देख फैंस चौंक गए और सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। दरअसल, अक्षय कुमार खुद छुपे हुए अंदाज में थिएटर के बाहर पहुंचे और वहां लोगों से उनकी फिल्म पर रिव्यू लिया। खास बात ये रही कि उन्होंने अपने चेहरे पर वही डरावना ‘किलर मास्क’ पहन रखा था जो फिल्म में दिखाया गया है। बांद्रा में थिएटर के बाहर लिया रिएक्शन मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित एक थिएटर के बाहर अक्षय कुमार ने दर्शकों से बातचीत की। चेहरे पर मास्क और हाथ में माइक लिए अक्षय आम लोगों के बीच घुलमिल गए। उन्होंने फिल्म देखकर बाहर निकलते लोगों से पूछा कि फिल्म कैसी लगी, किस किरदार ने हंसाया और किसने सरप्राइज दिया। दिलचस्प यह रहा कि बहुत से लोग उन्हें पहचान ही नहीं पाए। जब कुछ दर्शकों ने उनके गेटअप की तुलना फिल्म में दिखाए गए किलर से की, तब भी उन्हें शक नहीं हुआ कि ये खुद अक्षय हैं। लोगों ने दिए दिलचस्प रिएक्शन फिल्म के दर्शकों ने हाउसफुल 5 को कॉमेडी और एंटरटेनमेंट का पावरहाउस बताया। कई लोगों ने इसे अब तक की सबसे मजेदार फिल्म करार दिया, वहीं कुछ दर्शकों ने फिल्म के ट्विस्ट और एक्टिंग को लेकर तारीफों के पुल बांध दिए। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं तो सोच रहा था कि ये रिपोर्टर कौन है, आवाज जानी-पहचानी सी लग रही थी। अब समझ आया, ये खुद अक्की थे!’ भीड़ से बचने के लिए भागे अक्षय जब धीरे-धीरे लोगों को शक हुआ कि मास्क के पीछे कोई बड़ा चेहरा है, तो भीड़ जुटने लगी। कुछ लोग तो ऑटोग्राफ और सेल्फी के लिए आगे बढ़ने लगे। इस स्थिति को देखते हुए अक्षय कुमार बिना देरी किए मौके से निकल गए। बाद में उन्होंने इस पूरे एक्सपीरियंस का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और लिखा कि ये एक मजेदार अनुभव था, लेकिन अंत में उन्हें वहां से भागना पड़ा क्योंकि ‘पकड़े जाने’ वाले थे। फैंस का रिएक्शन हुआ वायरल वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन की बाढ़ आ गई। कुछ ने लिखा, ‘जिसने उन्हें इग्नोर किया होगा, अब पछता रहे होंगे।’ वहीं कुछ फैंस ने दावा किया कि वो तो दूर से ही उन्हें पहचान लेते। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और इसे बॉलीवुड में प्रमोशन का सबसे अनोखा तरीका बताया। ‘हाउसफुल 5’ की बढ़ती पॉपुलैरिटी अक्षय कुमार की यह मार्केटिंग स्ट्रैटेजी दर्शकों के बीच काफी हिट साबित हो रही है। हाउसफुल 5 पहले ही टिकट खिड़की पर अच्छी ओपनिंग कर चुकी है और माना जा रहा है कि वीकेंड तक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करेगी। दर्शकों के साथ खुद जाकर जुड़ने का ये तरीका शायद ही किसी और स्टार ने अपनाया हो, और यही बात इसे खास बनाती है।  

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