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‘युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का अभिनव प्रयास’, ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ में शामिल हुए सीएम साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भजन क्लबिंग युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का एक अभिनव और सकारात्मक प्रयास है। युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं के कंधों पर ही देश एवं प्रदेश का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक चेतना मंच ने किया था। प्रसिद्ध भजन बैंड माधवास रॉक बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया। राधा-कृष्णमय माहौल में मुख्यमंत्री साय ने भी भक्तों के साथ फूलों की होली खेली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और प्राचीन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अध्यात्म से जुड़ते हैं तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त होती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक अन्नदाता किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बिल्हा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने से उनके परिवारजन हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, अजय जामवाल, आलोक डंगस, सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष उज्ज्वल दीपक सहित अन्य पदाधिकारी, इस्कॉन रायपुर से स्वामी सुलोचन प्रभुजी, स्वामी तमाल कृष्ण प्रभुजी, स्वामी निखिलापति प्रभुजी, स्वामी रघुपति दास एवं बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।

हुड़दंगियों का वीडियो भेजने पर मिलेगा 21 हजार का इनाम, विधायक ने की शांति से होली मनाने की नई पहल

दुर्ग. होली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में हुडदंगियों पर लगाम लगाने पुलिस प्रशासन लगातार नशे के कारोबारियों और शांति व्यवस्था भंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शांति पूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण ढंग से होली का त्योहार सम्पन्न हो सके, इसके लिए दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक नई पहल की है। विधायक रिकेश सेन ने होली के दिन हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने पर 21 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं। बता दें कि रिकेश सेन इसी तरह अपने अलग-अलग तरह के योजनाओं के लिए चर्चा में बने रहते हैं। वहीं शांति से होली का पर्व मनाने नई पहल की है। उन्होंने हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने की अपील लोगों से की है। वीडियो भेजने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें विधायक 21 हजार देकर सम्मानित करेंगे। विधायक सेन ने साफ कहा है कि हुड़दंग मचाने वालों की खैर नहीं होगी। महिलाओं, बहनों को छेड़ने पर भी तुरंत पुलिस या विधायक कार्यालय में सूचना दें। आरोपियों को पुलिस सबक सिखाएगी। हुड़दंग मचाने वालों को साल दो साल जमानत मिलना मुश्किल होगा।

7 मार्च तक होंगी स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां, छत्तीसगढ़ में आज से मनेगा जन औषधि सप्ताह

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “जन औषधि : सस्ती भी, भरोसेमंद भी” रखी गई है। सप्ताहभर प्रदेशभर में विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। लोगों को जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं और उनके लाभ के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 6 मार्च को राजधानी रायपुर में जन औषधि पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं 7 मार्च को रायपुर में राज्य स्तरीय जन औषधि दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजनांदगांव दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे। दोपहर 1 बजे वे डोंगरगढ़ के नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित फाल्गुन महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4 बजे रायपुर स्थित अपने निवास लौटेंगे।

साउथ अफ्रीका चुनौती बड़ी, लेकिन जिम्बाब्वे का इरादा अभियान को शानदार अंजाम देने का

नई दिल्ली सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाने के बावजूद जोश से भरी जिम्बाब्वे की टीम को अगर टी20 विश्व कप में अपने अभियान का शानदार अंत करना है तो उसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले सुपर आठ के मैच में अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा। जिम्बाब्वे ने लीग चरण में अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहकर सुपर आठ में जगह बनाई थी लेकिन इस चरण में उसे वेस्टइंडीज और भारत के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सिकंदर रजा की अगुवाई वाली यह टीम दक्षिण अफ्रीका को कड़ी टक्कर देने के लिए प्रतिबद्ध होगी। आईसीसी के इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका को हराना मुश्किल है और अगर जिम्बाब्वे को उसे चुनौती देनी है तो उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा जिन्होंने वेस्टइंडीज और भारत के खिलाफ पिछले दो मैच में 250 से अधिक रन लुटाए। रजा को पता है कि वे बड़ी टीमों से तभी मुकाबला कर सकते हैं जब वे तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन करें। रजा ने कहा, ‘‘विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ आपको अपने तीनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। दुर्भाग्य से अगर एक भी विभाग कमजोर पड़ता है तो मैच आपके हाथ से खिसक जाता है। उम्मीद है की आखिरी मैच में हम तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।’’ जिम्बाब्वे कि गेंदबाजों ने पिछले दो मैच में काफी ढीली गेंदें फेंकी। उन्हें उसी अनुशासन के साथ गेंदबाजी करने की जरूरत है जैसा उन्होंने ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ किया था। ग्रुप चरण में वह श्रीलंका की धीमी पिचों पर अजेय रहा, लेकिन बल्लेबाजी के लिए अनुकूल भारतीय परिस्थितियों में गलतियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है, जैसा कि उसने मुंबई और चेन्नई में की। बल्लेबाजी की बात करें तो ब्रायन बेनेट और तादिवानाशे मारुमानी की सलामी जोड़ी को पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाना होगा। टूर्नामेंट में अब तक आउट नहीं होने वाले बेनेट ने भारत के खिलाफ यह साबित कर दिया कि वे छक्के भी लगा सकते हैं। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने छक्के लगाने का कोई न कोई तरीका ढूंढना होगा। मार्को यानसन और लुंगी एनगिडी (प्रत्येक ने 11 विकेट लिए) अब तक दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा, कॉर्बिन बॉश और मुख्य स्पिनर केशव महाराज ने उनका बखूबी साथ दिया है। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष तीन बल्लेबाज कप्तान एडन मार्क्रम, क्विंटन डीकॉक और रयान रिकेल्टन बेहतरीन फॉर्म में हैं। रजा और उनकी टीम को उन्हें रोकने के लिए गेंदबाजी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और डेवाल्ड ब्रेविस सहित मध्य क्रम ने भी सुपर आठ में अपना प्रभाव दिखाया है। दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अब तक केवल अहमदाबाद और दिल्ली में ही मैच खेले हैं। दिल्ली मंक पांच मैचों में से केवल एक बार ही 200 रन का आंकड़ा पार हुआ है, जब भारत ने नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाए थे। यह मैच एक तरह से औपचारिकता मात्र है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और जिम्बाब्वे लगातार दो हार के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गया है। टीम इस प्रकार हैं: जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, ब्रैडली इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, बेन कुरेन। दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डीकॉक, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया, कैगिसो रबाडा, रयान रिकेल्टन, जेसन स्मिथ, ट्रिस्टन स्टब्स। मैच दोपहर तीन बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।  

प्राइवेट फोटो से ब्लैकमेल रोकने के लिए सरकारी एजेंसी ने साझा किया अहम बचाव मंत्र

 नई दिल्ली ब्लैकमेलिंग की आपने कई खबरें पढ़ीं होंगी, जिसमें विक्टिम को परेशान किया जाता है. यहां तक की रुपये तक की डिमांड करते हैं. कुछ मामले में विक्टिम आत्महत्या तक कर लेते हैं. आम लोगों की सेफ्टी के लिए गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी साइबर दोस्त I4C ने एक पोस्ट किया है.  X प्लेटफॉर्म पर साइबर दोस्त I4C ने पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है  कि अगर आपको कोई प्राइवेट फोटो के नाम पर ब्लैक मेल कर रहा है तो उसको कैसे रोका जा सकता है. इसके लिए बड़ा ही सिंपल प्रोसेस फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त ने बताया है कि अगर आपको भी धमकी दे रहा है और प्राइवेट फोटो को इंटरनेट पर शेयर करने को कहता है. तो उसको रोका जा सकता है. इसके लिए एक खास प्रोसेस को फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त का पोस्ट      साइबर दोस्त ने बताया है कि StopNCCI.org पर विजिट करें.      वहां अपनी इमेज या वीडियो से जुड़ा एक डिजिटल फिंगरप्रिंट (HASH) बनाएं.     HASH या कोड प्राइवेट फोटो या वीडियो को रिप्रजेंट करता है.      ये पूरा प्रोसेस आपके डिवाइस पर होता है. इसकी वजह से फोटो और वीडियो सेफ रहती हैं और वे कहीं अपलोड नहीं होती हैं.  StopNCII.org क्या है?  StopNCII.org, एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां आप बिना सहमति के शेयर की गई प्राइवेट या वीडियो के मिसयूज को रोक सकेंगे. इसको एक इंटरनेशनल एजेंसी ऑपरेट करती है.  StopNCII Dot org असल में प्राइवेट फोटो या वीडियो कोड में कन्वर्ट करता है. यह कोड पार्टनर सोशल मीडिया कंपनियों को शेयर किया जाता है और उससे संबंधित फोटो को पहचानकर उनको रिमूव किया जाता है. गलत इरादे से अगर कोई फोटो या वीडियो अपलोड भी करने की कोशिश करता है तो उसको तुरंत ब्लॉक किया जाता है.  StopNCII Dot org के साथ कई बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म मिलकर काम करते हैं. इसमें Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक, रेडिट, स्नैपचैट आदि के नाम शामिल हैं. 

3 या 4 मार्च को होली की छुट्टी? जानिए किस दिन देशभर में बैंक होंगे बंद

नई दिल्ली इस बार होली (Holi) 3 मार्च को है, या 4 को… इसे लेकर लोगों में कंफ्यूजन है. लेकिन होली की सरकारी छुट्टी को लेकर तस्वीर साफ हो गई है, होली के मौके पर किस दिन बैंक समेत तमाम सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, इसकी घोषणा कर दी गई है.  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मार्च 2026 के लिए बैंक छुट्टियों (Bank Holidays) की आधिकारिक सूची जारी कर दी है, जिसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण अलग-अलग तारीखों पर बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी. यह सूची इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सभी राज्य में छुट्टियां एक समान नहीं होती हैं, कुछ त्योहार कुछ हिस्सों में ही बंदी के रूप में मनाए जाते हैं.  अगर आपको भी इस हफ्ते बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो अपने शहर/राज्य के हिसाब से सही तारीख देख सकते हैं कि किस दिन होली की छुट्टी रहेगी, और कब-कब बैंक खुले रहेंगे.  होली के आसपास बैंक छुट्टियां होली 2026 रंगों का प्रमुख त्योहार 4 मार्च (बुधवार) को पड़ रहा है, लेकिन RBI की सूची के अनुसार होली से जुड़े अलग-अलग दिन कई शहरों/राज्यों में छुट्टी के रूप में घोषित हैं.  इस बीच 2 मार्च 2026 (सोमवार) को होलिका दहन के मौके पर कुछ शहरों जैसे कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. बाकी अधिकांश स्थानों पर बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे.  वहीं मंगलवार 3 मार्च 2026 को होली/धुलंडी के अवसर पर कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. इन शहरों में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची, भोपाल, देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, नागपुर, पणजी, बेलापुर और विजयवाड़ा शामिल हैं. वहां के लोगों को बैंक सेवाओं के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए.  जबकि 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मुख्यौतर पर देश में होली मनाई जाएगी. इस दिन उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बैंक बंद हैं. नई दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, कानपुर, पटना, रांची, चंडीगढ़, शिमला, जम्मू, रायपुर, भुवनेश्वर, अगरतला, ईटानगर, शिलॉन्ग और इंफाल में इस दिन बैंक बंद रहेंगे. होली के बाद भी मार्च में कई दिन छुट्टी- 13 मार्च- Chapchar Kut (कुछ राज्यों में) 17 मार्च- Shab-i-Qadr (जम्मू/कश्मीर) 19 मार्च- गुड़ी पड़वा, उगादी प्रकार के त्योहार 20-21 मार्च- ईद-उल-फितर / ईद 26-27 मार्च- राम नवमी 31 मार्च- कुछ स्थानों पर स्थानीय छुट्टी (हालांकि कुछ राज्यों में RBI ने इसे रद्द भी किया है.) इन दिनों छुट्टियों रहने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी. ऑनलाइन बैंकिंग (UPI, मोबाइल/नेट बैंकिंग, एटीएम) सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी. यह डिजिटल लेन-देन करने वालों के लिए सुविधाजनक रहेगा. हालांकि अगर आपको फिजिकल सेवाएं (जैसे चेक जमा, KYC अपडेट, ड्राफ्ट वगैरह) चाहिए, तो छुट्टियों से पहले अपनी योजना बनाकर काम निपटा लें.

10,001mAh बैटरी वाला Realme स्मार्टफोन जल्द भारत में होगा लॉन्च, जानिए तारीख

नई दिल्ली  Realme भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Realme Narzo Power 5G होगा. कंपनी ने बताया है कि यह फोन भारत में 5 मार्च को लॉन्च होगा और इसमें 10,001mAh की बैटरी दी जाएगी. साथ ही इसमें मीडिटेक डाइमेंसिटी 7300 चिपसेट का यूज किया है. बैक पैनल पर 50MP का कैमरा मिलेगा.  Amazon India पर इसकी एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां अपकमिंग हैंडसेट की डिटेल्स को लिस्ट किया है. डिटेल्स में बताया है कि इसमें 10,001mAh की बैटरी और 38 दिन का स्टैंडबाय बैकअप मिलेगा.  डुअल चिपसेट का यूज करेगी लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि इसमें डुअल चिप सिस्टम का यूज किया गया है. इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी डाइमेंसिटी 7400 चिपसेट और Hyper Vision AI चिप का यूज किया गया है.  रियलमी ने किया पोस्ट  मिलेगा 144Hz रिफ्रेश रेट्स  रियलमी के इस अपकमिंग हैडंसेट में 6.8-inch curved AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें  6500 nits पीक ब्राइटनेसम मिलेगी. Realme Narzo Power 5G में 144Hz HyperGlow 4D कर्व प्लस डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसकी मदद से  बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.  Realme Narzo Power 5G  का कैमरा  Realme Narzo Power 5G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकेगा. इसमें 50MP सोनी OIS कैमरा दिया गया है. कंपनी ने बताया है कि इसमें NEXT AI, Realme UI 7.0 का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी ने बताया है कि यह सिर्फ 219 ग्राम का स्मार्टफोन होगा. इसमें 27W का रियर चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा. 

तेल, शेयर बाजार और सोना-चांदी: ईरान-अमेरिका संघर्ष से भारत के इन सेक्टर्स पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

मुंबई  ईरान और इजरायल के बीच जंग अब भयानक रूप लेता  जा रहा है. पहले इजरायल-अमेरिका ने मिलकर ईरान के 30 से ज्‍यादा ठिकानों पर हमला किया था और अब ईरान ने इजरायल समेत अमेरिका के 7 सैन्‍य अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं.  अब इस युद्ध में सात से आठ देश शामिल हो चुके हैं. ईरान ने मिडिल ईस्‍ट में स्थित अमेरिकी सैन्‍य बेस को निशाना बना रहा है. लेबलान और हूती जैसे देश भी ईरान की ओर से अटैक कर रहे हैं. इजरायल पर कई देशों की ओर से हमला हो रहा है.  ऐसे में अब दुनिया में एक डर बनाता जा रहा है. अभी ये अंदाजा लगाना मुश्किल लग रहा है कि यह आक्रमण कितना लंबा और भयानक होगा.  कच्‍चे तेल के दाम में बड़ी उछाल इस वॉर के छिड़ने से भारत समेत दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इस अटैक से कच्‍चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है, जो महंगाई को बढ़ा सकती है. भारत समेत कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपना कच्‍चा तेल आयात करते हैं. इस युद्ध के दौरान यह एरिया बंद होने की उम्‍मीद है, जिस कारण कच्‍चे तेल की कीमतों में इजाफा होगा. शुक्रवार को कच्‍चे तेल का दाम 2.78% चढ़कर 67.02 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. सोमवार को जब कमोडिटी मार्केट खुलेगा तो इसमें और ज्‍यादा उछाल आएगा.  शेयर बाजार में भारी गिरावट की संभावना  वॉर इतनी भीषण हो चुकी है कि एक्‍सपर्ट्स मान रहे हैं कि सोमवार को भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. यह गिरावट कितनी होगी, यह निवेशकों के सेंटिमेंट और बिकवाली पर निर्भर करेगा. इसके संकेत शुक्रवार को ही भारतीय बाजार में दिख गए थे, जब ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत किसी सार्थक नतीजे पर नहीं पहुंची थी. इस सेंटिमेंट के कारण सेंसेक्‍स 961 अंक या 1.17 फीसदी और निफ्टी 317 अंक या 1.25% गिरकर बंद हुआ था. अब सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी.  सोना और चांदी पर क्‍या होगा असर? जब भी दुनिया में वॉर होती है या वॉर जैसी स्थिति बनती है तो सेफ असेट जैसे सोना-चांदी और कॉपर के दाम में उछाल आता है. दुनिया में इस घटनाक्रम से एक बार फिर सोने और चांदी के दाम में बड़ी तेजी आने की उम्‍मीद है. अभी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,61,971 रुपये है और चांदी की कीमत 2,74,389 रुपये है.

2026 में मेमोरी सप्लाई की कमी से घट सकता है वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट: नई रिपोर्ट

नई दिल्ली  गंभीर मेमोरी सप्लाई संकट का सामना कर रहे वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट ने 2025 का अंत मामूली एकल-अंकीय (सिंगल डिजिट) साल-दर-साल वृद्धि के साथ किया। यह बढ़ोतरी बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक हालात और छुट्टियों के मौसम में मजबूत मांग के कारण संभव हुई।  2025 की चौथी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 3.8 प्रतिशत बढ़ी। यह लगातार चौथी तिमाही रही जब बाजार में सुधार देखा गया। साथ ही, यह 2021 के बाद सबसे मजबूत हॉलिडे तिमाही रही। चीन और पूर्वी यूरोप को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार 2026 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 में स्मार्टफोन शिपमेंट 12.4 प्रतिशत साल-दर-साल घट सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी की कमी, कंपोनेंट की तेजी से बढ़ती कीमतें और लोअर-एंड ओईएम कंपनियों की संरचनात्मक कमजोरियां 2026 में बाजार पर दबाव डालेंगी। यह गिरावट 2027 तक जारी रह सकती है और सुधार की उम्मीद 2027 के अंत में है, जब अतिरिक्त मेमोरी क्षमता उपलब्ध होगी। काउंटरपॉइंट के प्रिंसिपल एनालिस्ट यांग वांग ने कहा, “इसका असर 2027 की दूसरी छमाही तक जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मेमोरी सप्लाई बढ़ने में कई तिमाहियां लगेंगी। खासकर निम्न-स्तरीय स्मार्टफोन सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि एलपीडीडीआर4 मेमोरी की सप्लाई अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से घट रही है।” उन्होंने बताया कि ओईएम कंपनियां पहले ही नए लॉन्च में देरी, सीमित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्पेसिफिकेशन में बदलाव जैसे कदम उठा रही हैं। जनवरी 2026 में कुछ एंड्रॉयड ओईएम पोर्टफोलियो में 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतों में बढ़ोतरी भी देखी गई है। मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह मेमोरी सप्लाई चेन में गहरा असंतुलन है। निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले एआई-केंद्रित डीआरएएम और एंटरप्राइज एसएसडी एनएएनडी के लिए वेफर क्षमता का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के सभी हिस्से समान रूप से प्रभावित नहीं होंगे। प्रीमियम सेगमेंट अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है और सिंगल डिजिट वृद्धि दर्ज कर सकता है, जबकि 200 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर मूल्य निर्धारण क्षमता और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देने के कारण एप्पल और सैमसंग इस संकट का बेहतर सामना कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने PMGKAY योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण रोका, न्यूट्रिशन में कमी की वजह से लिया फैसला

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ‘फोर्टिफाइड चावल’ के वितरण को फिलहाल रोक दिया है. सरकार ने यह कदम चावल के लंबे समय तक भंडारण के दौरान पोषक तत्वों के खराब होने की चिंताओं के बीच उठाया है. क्यों लिया गया यह फैसला? खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईटी खड़गपुर को एक विशेष अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस स्टडी में यह जांचना था कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में फोर्टिफाइड चावल के दाने कितने समय तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं. रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. अध्ययन के अनुसार, नमी, तापमान और गोदामों में रखने के तरीके का चावल की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि लंबे समय तक रखे रहने और सामान्य रखरखाव के दौरान इन चावलों में मौजूद जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे जिस मकसद के लिए चावल में पोषण मिलाया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है. भंडारण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती भारत के सरकारी गोदामों में चावल की उपलब्धता जरूरत से कहीं ज्यादा है. आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में लगभग 674 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जबकि सालाना जरूरत सिर्फ 372 लाख मीट्रिक टन की है. इस कारण चावल को गोदामों में 2 से 3 साल तक रखा जाता है. इतने लंबे समय तक फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए विटामिन और आयरन अपनी शक्ति खो देते हैं. आम जनता पर क्या होगा असर? सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज की मात्रा में कोई कमी नहीं आएगी.     राशन मिलता रहेगा: लाभार्थियों को उनके हक का पूरा चावल मिलेगा, बस वह अब फोर्टिफाइड (मिश्रित) नहीं होगा.     इन योजनाओं पर असर: यह फैसला PDS (राशन दुकान), आंगनवाड़ी (ICDS) और स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (PM POSHAN) पर लागू होगा.     राज्यों को छूट: खरीफ सीजन 2025-26 के लिए राज्यों को छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार फोर्टिफाइड या सामान्य चावल बांट सकते हैं. क्या है फोर्टिफाइड चावल? बता दें कि कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं. इसे 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और मार्च 2024 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया था. आगे क्या? खाद्य मंत्रालय के अनुसार, यह रोक स्थायी नहीं है. सरकार अब एक ऐसी नई तकनीक या सिस्टम पर काम कर रही है जिससे चावल के पोषक तत्व लंबे समय तक खराब न हों. जैसे ही कोई बेहतर तरीका मिल जाएगा, इस योजना को फिर से शुरू किया जा सकता है.

यूपी में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, पहले चरण के लिए अधिकारियों को मिले कड़े आदेश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गणना का काम किया जाएगा. इस चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक चलेगी. इसके बाद 22 मई से 20 जून तक अधिकारी घर-घर जाकर फील्ड कार्य पूरा करेंगे. राज्य में तय समय सीमा के अंदर काम हो सके इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.  राज्य में जनगणना के लिए अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. ये प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और बिना त्रुटि के पूरी की जाए इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी. इसमें डेटा संग्रह, प्रविष्टि और निगरानी सब कुछ ऑनलाइन होगा.  छह लाख कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के लिए क़रीब छह लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. यही नहीं इस बार पहली बार ऐसा होगा जब लोगों को मोबाइल एप के ज़रिए ख़ुद गणना करने का ऑप्शन भी मिलेगा. इसका मतलब ये होगा कि लोग ख़ुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए जमा कर सकेंगे.  डिजिटल तरीके से की जाएगी जनगणना राज्य में जनगणना का काम काफी बड़ा है जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लगाया जाएगा. जो घर-घर जाकर लोगों की गिनती और आवास की संख्या का डेटा जुटाएंगे. डेटा इकट्ठा करने और उसे सत्यापित करने का काम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए राज्य स्तर प एक राज्य नोडल कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखी जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि काम तय योजना के अनुसार हो रहा है.  नियमों के मुताबिक इस साल होने वाली जनगणना के कार्यक्रम को देखते हुए एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में नए तहसीलों, शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों आदि के गठन पर रोक लगा दी जाएगी. ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह का बदलाव न हो जिससे डेटा पर कोई प्रभाव न आए. 

अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई, तीन महीने में नया कानून आएगा, 10 साल की सजा और 1 करोड़ का जुर्माना

भोपाल  प्रदेश में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र (कॉलोनी विकास) अधिनियम-2021 में संशोधन का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ दंड और जुर्माने को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। इसमें अवैध कॉलोनियों की शिकायत मिलने पर 90 दिन में एफआईआर दर्ज करने, अधिकतम सजा 10 साल तक करने और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि, नया कानून पुरानी कॉलोनियों पर लागू होगा या नई कॉलोनियों, पर इसको लेकर निर्णय लिया जाना है। शनिवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ संशोधित मसौदा की समीक्षा बैठक करेंगे।  विस में मंत्री विजयवर्गीय ने दिए सख्त संदेश शुक्रवार को अवैध कॉलोनियों को लेकर विधायक रीति पाठक के प्रश्न के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।  90 दिन में दर्ज करनी होगी एफआईआर जानकारी के अनुसार नए प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी अवैध कॉलोनी को लेकर थाने में शिकायत मिलती है, तो 90 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों को लंबित रखने से  दोषियों को मिलने वाली राहत न मिल सके। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित है।  बहुत कम मामलों में केस हुए दर्ज बता दें, आंकड़ों के अनुसार, अब तक अवैध कॉलोनियों के  खिलाफ हजारों शिकायतें मिलने के बावजूद बहुत कम मामलों में एफआईआर दर्ज हो पाई है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत महसूस की गई है। सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा जानकारी के अनुसार मौजूदा कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड में बदलने की तैयारी है। इससे अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय  नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रशासनिक या नगरीय निकाय के अधिकारी दोषी पाए जाने पर दंडित किए जा सकेंगे। इसमें एक वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है।  4 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां  बता दें, प्रदेश में चार हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार को इनसे संबंधित 5 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 600 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। 

उज्जैन में महापौर चुनाव पर कोर्ट का फैसला, 2022 चुनाव से कुर्सी पर मंडराया संकट

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला आया है।  उज्जैन महापौर चुनाव 2022 को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव याचिका को सुनवाई के काबिल माना है। अब इस फैसले से महापौर की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। दरअसल ये फैसला उज्जैन नगर निगम महापौर चुनाव 2022 से जुड़े विवाद को लेकर आया है। फैसले से सियासी हलचल भी तेज है। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए महापौर, निर्दलीय प्रत्याशी के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। चुनाव में वैध मतों को अस्वीकृत करने का लगा था गंभीर आरोप दरअसल ये सारा विवाद 60 वैध मतों को लेकर है जो अनुचित रूप से अस्वीकृत कर दिए गए थे। याचिका के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले तो आश्वासन दिया कि यदि आंकड़े गलत पाए गए तो दोबारा से गिनती होगी।  लेकिन बाद में मांग नहीं मानी गई और कोई गिनती नहीं कराई गई।  सबसे गंभीर और बड़े आरोप मतदान केंद्र क्रमांक 274 को लेकर है। दावा किया गया है  कि वहां परमार को 277 मत मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में 217 मत दर्शाए गए। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार की  923 मतों से हुई थी हार महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने परिणाम को चुनौती दी है। नतीजों के अनुसार परमार को 1,33,317 तो भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को 1,34,240 मत मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी परमार ने आरोप लगाया कि मतगणना के बाद घोषित आंकड़े असत्य थे और उन्होंने लिखित रूप से पुनर्मतगणना की मांग की थी। महापौर मुकेश टटवाल, निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर ने आवेदन देकर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर ही असलियत का पता लगेगा।अदालत ने साफ किया कि बिना साक्ष्य के यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका झूठी है या निराधार है। लिहाजा इस फैसले के बाद महापौर की कुर्सी पर सियासी संकट गहराने लगा है।

मार्च में अवकाश के सभी दिनों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे

मार्च में सभी अवकाश दिनों में बिजली बिल भुगतान केन्द्र खुलेंगे भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 07 मार्च, 14 मार्च, 21 मार्च, 28 मार्च शनिवार एवं 01 मार्च, 08 मार्च, 15 मार्च, 22 मार्च, तथा 29 मार्च रविवार, 03 मार्च होली, 19 मार्च गुड़ी पड़वां, 20 मार्च जमात- उल-विदा/ ईद उल-फितर के ठीक पूर्व का दिवस/ रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, 27 मार्च रामनवमीं तथा 31 मार्च महावीर जयंती को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ता राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस (pos) मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्चदाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, वॉट्सऐप पे, पेटीएम एप एवं उपाय मोबाइल एप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।  

इंदौर में शराब ठेकों का रिकॉर्ड ऑक्शन, 50 करोड़ में बिके सबसे महंगे ठेके, टॉप-10 दुकानें जानें

इंदौर नई आबकारी नीति लागू होते ही इंदौर सहित आसपास के जिलों में वर्षों से सक्रिय बड़े शराब ठेकेदारों को बड़ा झटका लगा है। शासन ने शराब दुकानों की ग्रुप व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए इंदौर में ग्रुपों की संख्या 60 से घटाकर 56 कर दी है। साथ ही गुजरात सीमा से जुड़े जिलों में लंबे समय से चली आ रही सिंगल ठेकेदार व्यवस्था समाप्त कर प्रतिस्पर्धात्मक सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस बार इंदौर जिले को 2102 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया है। दुकानों की संरचना नए सिरे से तैयार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित नई आबकारी नीति के तहत पूरे संभाग में शराब दुकानों की संरचना नए सिरे से तैयार की गई है। इंदौर के अलावा धार जिले में अब 21 ग्रुप बनाकर शराब ठेके दिए जाएंगे, जबकि झाबुआ जिले में 9 ग्रुप संचालित होंगे। खास बदलाव यह है कि गुजरात बॉर्डर से लगे धार, झाबुआ और आलीराजपुर जिलों में अब किसी एक ठेकेदार का वर्चस्व नहीं रहेगा। आबकारी विभाग ने सिंगल ठेकेदार मॉडल खत्म कर सभी दुकानों को ग्रुपिंग सिस्टम में शामिल कर दिया है, जिससे हर ग्रुप के लिए ई-टेंडर और खुली बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। शराब दुकानों की कीमतें आसमान छू रही शहर में शराब कारोबार का बाजार इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। शराब दुकानों की कीमतें आसमान छू रही हैं और हालात ऐसे हैं कि इंदौर में एक शराब दुकान की सालाना कीमत 50 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह केवल न्यूनतम आरक्षित मूल्य है, जबकि नीलामी के दौरान इससे कहीं अधिक बोली लगने की संभावना जताई जा रही है। आबकारी विभाग द्वारा आज से नई नीति के तहत शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग ने जिले की 173 शराब दुकानों की नीलामी की तैयारी पूरी कर ली है। नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत राज्यभर की शराब दुकानों की कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी आधार पर विभाग ने पिछले वर्ष की नीलामी दरों में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए नए सेल लेटर जारी किए हैं। इंदौर जिले की सभी 173 दुकानों को 56 समूहों में बांटा गया है, जिनका कुल न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2102 करोड़ रुपए रखा गया है। शहर की कई प्रमुख दुकानों की कीमत 40 से 50 करोड़ रुपए के बीच पहुंच गई है। 60 करोड़ तक पहुंच सकती है बोली जिले की सबसे महंगी शराब दुकान एमआर-9 घोषित की गई है, जिसका आरक्षित मूल्य 49.94 करोड़ रुपए तय किया गया है। आबकारी विभाग के अनुसार इसकी व्यावसायिक लोकेशन और भारी बिक्री क्षमता को देखते हुए इस पर 10 से 20 प्रतिशत तक अधिक बोली लग सकती है, जिससे कीमत 60 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। यह दुकान जिले की सबसे ज्यादा कमाई वाली दुकानों में शामिल मानी जाती है। सबसे महंगा समूह स्कीम-54 आबकारी विभाग द्वारा जारी सेल पेपर के अनुसार स्कीम-54 समूह जिले का सबसे महंगा समूह बनकर सामने आया है, जिसका कुल आरक्षित मूल्य 134.95 करोड़ रुपए रखा गया है। इस समूह में स्कीम-54, स्कीम-78, लसूड़िया गोदाम-1, लसूड़िया मोरी और निरंजनपुर की कुल पांच शराब दुकानें शामिल हैं। इसके बाद एमआर-9 समूह दूसरे स्थान पर है, जिसमें चार दुकानों का कुल मूल्य करीब 130 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। सबसे ज्यादा बिक्री भी इन्हीं क्षेत्रों में जिले में शराब की सर्वाधिक खपत एमआर-9 क्षेत्र में दर्ज की गई है। इसके बाद स्कीम-54 और द्वारकापुरी क्षेत्र प्रमुख बिक्री केंद्र रहे हैं। व्यावसायिक गतिविधियों, उच्च आबादी और लगातार आवागमन के कारण इन क्षेत्रों की दुकानें जिले की कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करती हैं। हर दुकान करोड़ों में नहीं हालांकि सभी शराब दुकानें करोड़ों में नहीं बिकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों की कई दुकानें अभी भी लाखों रुपए की श्रेणी में हैं। जिले की सबसे सस्ती दुकान बोरसी क्षेत्र की है, जिसका आरक्षित मूल्य 23.46 लाख रुपए रखा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार जिन दुकानों में ठेकेदार रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी कीमतें नीलामी में ऑफर नहीं मिलने की स्थिति में कम भी की जा सकती हैं, जैसा हर वर्ष कुछ दुकानों के मामले में होता है। आज से नीलामी, 2 मार्च को खुलेंगे टेंडर इंदौर सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने बताया कि ‘जिले की 173 दुकानों को 56 समूहों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 19 समूहों की 58 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। इच्छुक व्यापारी 2 मार्च तक टेंडर जमा कर सकेंगे और उसी दिन टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद शेष समूहों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।’ टॉप-10 सबसे महंगी शराब दुकानें एमआर-9 — 49.94 करोड़ स्कीम नं.-54 — 49.45 करोड़ द्वारकापुरी — 42.87 करोड़ एमआईजी — 40.42 करोड़ कनाड़िया चौराहा — 36.80 करोड़ राऊ क्रमांक-1 — 36.66 करोड़ चंद्रगुप्त चौराहा — 34.26 करोड़ पीपल्यापाला — 33.73 करोड़ आनंद बाजार — 31.54 करोड़ मूसाखेड़ी-1 — 31.11 करोड़ टॉप-5 सबसे महंगे समूह स्कीम-54 — 134.95 करोड़ एमआर-9 — 130.09 करोड़ एमआर-10 — 99.38 करोड़ एमआईजी — 98.03 करोड़  

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