Monsoon Update: Heavy rain in many states… Read complete weather report
देश के कई हिस्सों में इन दिनों मूसलाधार बारिश देखने को मिल रही है। असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर हैं। सोमवार को मुंबई लगातार बारिश के कारण जलमग्न हो गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है।
देशभर में अलग कुछ दिनों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर और पूर्वी भारत सहित देश के लगभग सभी हिस्सों में झमाझम होगी। वहीं, मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में अलर्ट जारी किया है। इधर, बिहार में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
दिल्ली में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में कुछ स्थानों पर मध्यम, तो कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही आंधी भी चल सकती है। बादल छाए रहेंगे।
झारखंड में मध्यम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग की मानें तो झारखंड में अगले पांच दिनों में मध्यम बारिश हो सकती है। बीते दो दिन से रांची में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि यहां बादल रास्ता भटक गए हैं। यहां पिछले दो दिन से मौसम विभाग अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन यहां बारिश नहीं हो रही है।
पूर्वी भारत में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 8 से 12 जुलाई के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, 12 जुलाई को झारखंड और 11 जुलाई तक नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग भारी वर्षा होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून द्रोणिका नीचे आकर मध्य प्रदेश से गुजर रही है। इससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से कुछ नमी आ रही है। इस वजह से ग्वालियर, भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर एवं इंदौर संभाग के जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि, शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों का मौसम
पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश हो रही।
इससे कुमाऊं क्षेत्र में नदियों में आई बाढ़।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की घटनाएं।
राज्य में कई राजमार्ग बंद करना पड़े हैं।
उत्तराखंड में कई गांवों में भर गया पानी।
काली व सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर।
बिहार में बाढ़ का खतरा
नेपाल में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के बाद कोसी बराज के सभी 56 गेट खोल दिए गए, जिससे कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, साथ ही कई गांवों में भी पानी भर गया है। इसके साथ ही सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।









