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ओलों की मार से तबाही: बदनावर में मक्का जैसे ओले, हजारों बीघा फसल पर पानी फिरा

बदनावर बदनावर में गुरुवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज गर्मी के बाद शाम करीब 5:45 बजे गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई। इस दौरान मक्का और चने के आकार के ओले गिरने से हजारों बीघा फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। आधे घंटे की बारिश, ओलावृष्टि से नुकसान तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश हुई। बेमौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा लहसुन की फसल पर भी असर पड़ने की संभावना है। कटाई के बीच मौसम ने बढ़ाई परेशानी इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है। खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। मंडी और मेले पर भी असर अनाज मंडी में खुले में रखी उपज को बचाने के लिए व्यापारियों को भागदौड़ करनी पड़ी। वहीं नगर में चल रहे बैजनाथ मेले पर भी मौसम का असर पड़ा और लोगों की आवाजाही कम हो गई। गेहूं की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर कृषि विभाग के अनुसार क्षेत्र में करीब 59,600 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई थी, जिसमें 60-70 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भीगने से गेहूं की चमक और गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने में परेशानी हो सकती है।  

EC पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- लोकतंत्र खतरे में, अघोषित आपातकाल जैसा माहौल

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल को निशाना बनाकर अभूतपूर्व और चिंताजनक कदम उठा रहा है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए कहा कि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही राज्य के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया, जिनमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उच्च स्तर की राजनीतिक दखलअंदाजी बताया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष रहने वाली संस्थाओं का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संविधान पर सीधा हमला है। एक तरफ जहां कथित तौर पर त्रुटिपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, वहीं आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण नजर आता है। अब तक अनुपूरक मतदाता सूची जारी नहीं की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी है। इससे आम नागरिकों में चिंता और असमंजस का माहौल है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि आईबी, एसटीएफ और सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को चुनिंदा तरीके से हटाकर राज्य से बाहर भेजा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर भाजपा इतनी बेचैन क्यों है और बंगाल को बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए लाइन में खड़ा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के फैसलों में विरोधाभास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आयोग कहता है कि हटाए गए अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर बाहर भेज दिया जाता है। उन्होंने सिलीगुड़ी और बिधाननगर के पुलिस कमिश्नरों को बिना विकल्प दिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने पर भी सवाल उठाए, जिससे ये दोनों अहम शहर कुछ समय के लिए बिना नेतृत्व के रह गए। हालांकि, बाद में इस गलती को सुधारा गया। ममता बनर्जी ने इसे अराजकता, भ्रम और अक्षमता करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद संस्थाओं के जरिए बंगाल पर नियंत्रण करना है। उन्होंने इसे ‘अघोषित आपातकाल’ और ‘राष्ट्रपति शासन जैसे हालात’ बताया। साथ ही कहा कि भाजपा जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रही है, इसलिए अब दबाव, डर और संस्थाओं के दुरुपयोग के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि बंगाल कभी डर के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने साफ कहा, “बंगाल लड़ेगा, विरोध करेगा और हर साजिश को नाकाम करेगा।”

मिडिल ईस्ट तनाव पर एक्टिव भारत, 24 घंटे में पीएम मोदी की 4 देशों से बड़ी कूटनीतिक पहल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार से गुरुवार के बीच दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्षों से बात की। बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस से तो गुरुवार को ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, और मलेशिया के पीएम से पश्चिम एशिया संकट की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। पीएम ने अपने मलेशियाई समकक्ष इब्राहिम से बातचीत में कूटनीति और बातचीत को शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने दोस्त मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की। उन्हें और मलेशिया के लोगों को आने वाले हरि राया एदिलफित्री त्योहार के मौके पर दिल से बधाई दी। हमने वेस्ट एशिया के हालात पर चिंता जताई, साथ ही सहमति जताई कि संवाद और डिप्लोमेसी के जरिए ही तनाव कम कर शांति-स्थिरता बहाल की जा सकती है।” फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई बातचीत का विवरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हालात को शांत करने और बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग जारी रखेंगे। पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान को ‘भाई’ कहकर संबोधित किया। कहा, “मेरी भाई सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ अच्छी बातचीत हुई और ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम बधाई दी। साथ ही हम इस बात पर सहमत हुए कि डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) और उसके बाद शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और डिप्लोमेसी को प्राथमिकता देने की जरूरत है। ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत निंदा करता है और भारतीय नागरिकों समेत हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए ओमान की कोशिशों की सराहना करता है। भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और फ्री नेविगेशन के पक्ष में हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार बातचीत जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है।

डॉ. यादव बोले—सिंहस्थ-2028 बनेगा आस्था और आध्यात्म का भव्य संगम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा। सिंहस्थ 2028 के मुख्य राजसी स्नान और अन्य स्नान शिप्रा के जल से ही हो यह सुनिश्चित करने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी परियोजना प्रगतिरत है। वर्तमान दौर में सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण है, जो सुशासन और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त मार्ग है। मुख्यंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सिंहस्थ-2028 के कार्यों की जानकारी प्रदान करने प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की उज्जैन में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के लिए कान्ह क्लोज डक्ट, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, शहर के आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, सीवरेज कार्य, मेला क्षेत्र विकास, जिले की कनेक्टविटी को देश से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 6 लेन और 4 लेन मार्गों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट आदि विकास कार्यों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे भीड़ प्रबंधन के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था ,एआई टेक्नोलॉजी का क्रॉउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान करने, पार्किंग आदि में उपयोग संबंधी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेंसिटव जानकारी पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के बारे में चर्चा की।

हमीदिया अस्पताल की बड़ी लापरवाही: नवजात को मृत बताकर दिया डेथ सर्टिफिकेट, पिता ने देखा तो धड़क रहा था दिल

भोपाल राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में लापरवाही का मामला सामने आया है। रायसेन निवासी एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी नवजात बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) थमा दिया था, लेकिन चार घंटे बाद जब पिता शव लेने एनआईसीयू पहुंचे, तो बच्ची की सांसें चल रही थीं। परिजनों ने इसका वीडियो भी बनाया है, जिसमें बच्ची के शरीर में हरकत नजर आ रही है। एनआईसीयू में पिता ने देखी बच्ची के शरीर में हलचल रायसेन जिले के बरेली निवासी परवेज अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए हमीदिया लाए थे। महिला की हालत गंभीर थी और समय से काफी पहले (करीब पांच-छह महीने में) ही डिलीवरी हो गई। जन्म के समय बच्ची का वजन मात्र 450 ग्राम था। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया और रात 12 बजे परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) सौंप दिया। बच्ची के पिता परवेज ने बताया कि जब वे रात में एनआईसीयू में बच्ची का शव लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्ची का पेट हिल रहा है और वह सांस ले रही है। पिता ने तुरंत इसका वीडियो बनाया और डॉक्टरों से सवाल किए। परिजनों का आरोप है कि जानकारी देने के बजाय वहां मौजूद स्टाफ ने उनसे धक्का-मुक्की की और वीडियो बनाने से रोका। डॉक्टरों का तर्क – यह अविकसित भ्रूण का मामला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल विज्ञान में 500 ग्राम से कम वजन वाले नवजात को अविकसित भ्रूण (एबारटस) माना जाता है। ऐसे मामलों में शरीर के अंग पूरी तरह नहीं बने होते और उनके जीवित रहने की संभावना न के बराबर होती है। हालांकि, डॉक्टरों ने यह स्वीकार किया कि बच्ची को कुछ और घंटों तक निगरानी में रखना चाहिए था, जल्दबाजी में सर्टिफिकेट देने से गलतफहमी हुई। क्या होता है अविकसित भ्रूण? मेडिकल भाषा में अविकसित भ्रूण उस स्थिति को कहते हैं जब बच्चा 20 हफ्ते से पहले पैदा हो जाए या उसका वजन 500 ग्राम से कम हो। ऐसे बच्चों के फेफड़े और दिल इतने कमजोर होते हैं कि वे बाहरी वातावरण में जीवित नहीं रह सकते। कभी-कभी इनमें कुछ घंटों तक हल्की हलचल दिख सकती है, जिसे आम लोग जीवन समझ लेते हैं, लेकिन डॉक्टरी भाषा में उनका सर्वाइवल मुमकिन नहीं होता। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष ‘हमीदिया अस्पताल में मरीजों की सेवा हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में नवजात का वजन बहुत ही कम (450 ग्राम) था, जो मेडिकल तौर पर बेहद नाजुक स्थिति होती है। पूरे मामले की बारीकी से जांच (इन्क्वायरी) की जा रही है। शुरुआती तौर पर कोई बड़ी लापरवाही नहीं दिखी है, क्योंकि इतने कम वजन वाले बच्चों के बचने की उम्मीद बहुत कम होती है। फिर भी यदि जांच में किसी की गलती पाई गई, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।’ – डॉ. शबाना सुल्तान, विभागाध्यक्ष (स्त्री एवं प्रसूति रोग), हमीदिया अस्पताल  

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को दी बधाई

भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के द्वारा मध्यप्रदेश को समग्र शिक्षा की चौथी और अंतिम किश्त भी जारी कर दी गई है। देश के बड़े राज्यों में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसे इस केन्द्रीय योजना की चौथी किश्त जारी की गई है। इस उपलब्धि पर स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने विभागीय सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि, यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूली शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और निरन्तर किए जा रहे संवेदनशील प्रयासों को दर्शाती है। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पूरी लगन और तत्परता से कार्य कर रही है। हमने प्रदेश में विद्यार्थी हित की समस्त योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। शासन का निरन्तर प्रयास रहता है कि स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए कहीं भी धन की कमी नही आने दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस वर्ष हम शैक्षणिक सत्र के आरंभ से ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, लैपटॉप वितरण, साईकिल वितरण, स्कूटी वितरण आदि के साथ विभिन्न छात्रवृतियों, गणवेश, शिष्यवृतियों और स्टॉयपेंड आदि विद्यार्थी हित की योजनाओं का लाभ उन तक पहुचाने में सफल रहे हैं। भारत सरकार के द्वारा समग्र शिक्षा की चौथी किश्त में मध्यप्रदेश को 688.44 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं। समग्र शिक्षा योजना देश भर में केन्द्र और राज्य सरकारों के मिश्रित बजट से संचालित की जाती है। जिसमें 60 प्रतिशत राशि की अंश निधि केन्द्र सरकार की एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार की होती है। समग्र शिक्षा योजना में भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत वार्षिक बजट को त्रैमासिक रूप से प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार के द्वारा स्वयं की 40 प्रतिशत अंश निधि जारी करने एवं पिछली किश्त की कुल राशि का न्यूनतम 75 प्रतिशत व्यय करने के बाद ही केन्द्र सरकार के द्वारा अगली किश्त प्रदान की जाती है।  

बंगाल में सियासी हलचल: RG कर पीड़िता की मां को BJP का ऑफर, बयान से बढ़ी अटकलें

कोलकाता   साल 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ बेरहमी से रेप और मर्डर हुआ था, जिससे पूरे राज्य में हंगामा मच गया था। अब पीड़िता की मां को भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव में उम्मीदवार बना सकती है। उसकी मां ने मीडिया से गुरुवार को बात करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा से बात की है और चुनाव में उसके टिकट पर लड़ने में दिलचस्पी जाहिर की है। भाजपा उन्हें पानीहाटी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा बंगाल चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट कभी भी जारी कर सकती है। पीड़िता की मां ने मीडिया से कहा, ”यह कोई आखिरी मिनट में लिया गया फैसला नहीं है। वह काफी समय से मुझसे कह रहे थे, लेकिन तब मैं तैयार नहीं थी। अब मैं समझ गई हूं कि बंगाल में हर तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए और टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा में शामिल हो गई हूं।” महिला ने बताया कि कई दलों ने उन्हें चुनाव लड़ने के ऑफर दिए, लेकिन वह भाजपा के साथ ही जाना चाहती हैं। उन्होंने आरजीकर मामले में सीबीआई की जांच से नाखुशी जताते हुए कहा कि वह ठीक से काम नहीं कर रही है। मैं नहीं चाहती कि जो मेरी बेटी के साथ हुआ, वैसा और दूसरी महिला के साथ भी हो। बता दें कि पिछले दिनों भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि सीपीआईएम ने सत्ता में बने रहने के लिए टीएमसी का समर्थन किया है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में पश्चिम बंगाल में तब काफी आक्रोश पैदा हो गया था, जब 31 वर्षीय डॉक्टर के साथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज के एक हॉल में बलात्कार हुआ था। उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इससे राज्य में डॉक्टरों और आम जनता ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में ममता सरकार ने कई ऐक्शन भी लिए। भाजपा ने तब तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 लाख रूपए तक का पुरस्कार

रायपुर ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम होगी आयोजन छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा। मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईट  

वायरल गर्ल केस में बड़ा खुलासा, सीरिया कनेक्शन की जांच तेज; पासपोर्ट रद्द करने की मांग

खरगोन कुंभ मेले में माला बेचते हुए चर्चित हुई जिले के महेश्वर की मोनालिसा के केरल में फरमान खान से शादी के बाद पूरा परिवार सकते में है। वहीं यह विवाह विवादों के साथ ही युवती की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के बेटी को बरगला कर विवाह करने व चोरी-छुपे विदेश भेजने की चल रही शिकायत के बाद अब जनप्रतिनिधि भी चिंतित नजर आ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे के साथ महेश्वर विधायक राजकुमार मेव व बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने एसपी रविंद्र वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मोनालिसा के परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज करने की मांग की गई। पासपोर्ट निरस्त करने और फर्जी दस्तावेजों की जांच पर जोर मोनालिसा को सीरिया भेजे जाने की तैयारी की जानकारी लगातार सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में उसका पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने बताया मोनालिसा के पासपोर्ट बनवाने में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है, जिसकी जांच जरूरी है। इस तरह फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जाए, जिससे देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों की पहचान हो सके। जनप्रतिनिधियों ने उक्त शादी को सुनियोजित ‘लव-जिहाद’ करार दिया। दावा: नाबालिग है मोनालिसा, लालच देकर ले गया फरमान विधायक मेव ने कहा परिवार के अनुसार मोनालिसा नाबालिग है। फरमान उसे फिल्मों में काम देने का लालच देकर केरल ले गया। वहां उसे डरा-धमकाकर शादी की। बगैर परिवार की सहमति और नाबालिग से विवाह करना गैरकानूनी है। विधायक मेव ने एसपी से कहा कि “मेरी विधानसभा की गरीब परिवार की बेटी है। परिवार चिंतित है। मोनालिसा को परिवार से मिलवाया जाए।” विधायक मेव, विधायक बिरला और जिलाध्यक्ष ब्राह्मणे ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम लव जिहाद जैसी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ा नजर आ रहा है। कानूनी कार्रवाई और विवाह की वैधता पर उठाए सवाल विधायक द्वय ने कहा हम किसी दूसरे धर्म में शादी के खिलाफ नहीं, लेकिन शादी से पहले न तो फरमान ने धर्म परिवर्तन किया, न ही मोनालिसा ने। ऐसी स्थिति में यह शादी मान्य नहीं होती। साथ ही गैर हिन्दू व्यक्ति के मंदिर में शादी करना हिन्दू धर्म का अपमान है। इस शादी में शामिल लोगों और शादी की अनुमति देने वालों को भी दोषी बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों ने मामले में तेजी से जांच करने की मांग की है।  

पुलिस सैलरी पैकेज योजना: कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। बड़वानी एवं मुरैना में हुई घटनाओं में दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है। पुलिस बल बड़वानी में पदस्थ स्व. आरक्षक  जयेश वर्मा का एक दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा अंजड़ में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक  पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया। इससे पूर्व सागर जिले में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में बीडीडीएस टीम के पुलिसकर्मियों के निधन के बाद मुरैना में स्व. आरक्षक  प्रद्युम्न दीक्षित एवं स्व. आरक्षक  अनिल कौरव के परिजनों को भी एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना  समीर सौरभ ने परिजनों को उक्‍त राशि के चेक सौंपे। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

जैश-ए-मोहम्मद में अंदरूनी हलचल? मसूद अजहर के ईद संदेश के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा

नई दिल्ली जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर हमेशा ईद-उल-फितर से पहले अपने समर्थकों और कैडर के लिए मैसेज जारी करता है। एक बार फिर उसने अपने कैडर और समर्थकों के लिए एक ऑडियो क्लिप जारी किया है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों के अधिकारी ने इस क्लिप में कुछ अलग नोटिस किया है। एजेंसियों के अनुसार, अपने ईद मैसेज में, अजहर टूटा हुआ लग रहा था और भारत के खिलाफ उसका सामान्य गुस्सा भरा मैसेज भी बहुत कमजोर लग रहा था। जैश-ए-मोहम्मद पर नजर रखने वाली भारतीय एजेंसियों का कहना है कि संगठन के अंदर सब ठीक नहीं है, अजहर बहुत बीमार लग रहा है, इसलिए कई लोग नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। आतंकी संगठन के अंदर, कई लोगों को लगता है कि मौजूदा हालात से कोई मदद नहीं मिल रही है और यह बहुत सारे कामों को रोक रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि अगर कोई ध्यान दे, तो इस बार लश्कर-ए-तैयबा ज्यादा सक्रिय लग रहा है। लश्कर के नेतृत्व को हमास के सदस्यों के साथ घुलते-मिलते देखा गया है। दूसरी ओर, जैश-ए-मोहम्मद साफ तौर पर शांत है और बड़े कार्यक्रमों से गायब है। इससे जैश के नेतृत्व के अंदर खींचतान का पता चलता है। कई लोगों को एहसास है कि अजहर को बदलना आसान नहीं होगा। ऐसा करने से कैडर का हौसला और भी गिरेगा। हालांकि, दूसरों को लगता है कि अगर सही कमांड नहीं होगी, तो संगठन खत्म होने लगेगा। फिलहाल कोई मजबूत लीडर न होने की वजह से इस संगठन के सदस्यों का बर्ताव भी बदल गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लॉन्चपैड हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जैश-ए-मुहम्मद के मुकाबले लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव ज्यादा सक्रिय दिखते हैं। पहले तो लगा कि जैश-ए-मोहम्मद यह दिखाने के लिए नाटक कर रहा है कि अजहर बीमार और टूटा हुआ है। ऐसा माना जा रहा था कि ऐसा जेईएम चीफ को भारतीय सेना के निशाने से बचाने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, अब इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह पुष्टि कर दी है कि अजहर के साथ सब ठीक नहीं है और टॉप शीर्ष नेतृत्व बदलने को लेकर बहस कर रहा है। एक और अधिकारी ने कहा कि संगठन इस बात को लेकर दुविधा में है कि अजहर के परिवार के किसी सदस्य को चीफ बनाया जाए या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे ऑपरेशन का अनुभव हो। अधिकारी ने बताया कि कैडर को एकजुट रखने के लिए परिवार का कोई सदस्य पहला ऑप्शन होगा। हालांकि, आतंकी संगठन को एक मजबूत कमांडर की भी जरूरत है। मिलिट्री मामलों के इंचार्ज अब्दुल जब्बार एक ऑप्शन हो सकता है क्योंकि वह ऑन-ग्राउंड ऑपरेशन देखता है, जिसमें लॉजिस्टिक्स और प्लानिंग भी शामिल है। अजहर के भाई, तल्हा अल सैफ के चुने जाने की उम्मीद कम है, क्योंकि उसका मुख्य काम जैश-ए-मोहम्मद की फंडिंग के लिए डिजिटल वॉलेट मैनेज करने तक ही सीमित रहा है।

रेलवे का बड़ा फैसला: भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में थर्ड AC कोच बढ़ाए गए

भोपाल गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्री भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली दो प्रमुख ट्रेनों अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में आसानी होगी और यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

ईरान युद्ध से LPG आपूर्ति पर दबाव, सरकार ने बताया—घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक भारत भी इससे अछूता नहीं है। केंद्र सरकार लगभग प्रतिदिन ही लोगों को शांत रहने की अपील कर रही है, लेकिन जनता के बीच में डर बना हुआ है। आज भी पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि फिलहाल देश में संतोषजनक मात्रा में एलपीजी मौजूद है। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कोई कमी सामने नहीं आई है। इसके अलावा देश में क्रूड ऑयल के भी पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों, घरेलू पीएनजी और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की सप्लाई भी लगातार जारी है। देश की जनता से शांति की अपील करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस संकट के बीच सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार बताया। उन्होंने कहा, “कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन सामान्य है। पेट्रोल पंपों पर भी कहीं भी सूखा (ड्राई-आउट) नहीं देखा गया है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की भी पर्याप्त सप्लाई बनी हुई है।” उन्होंने कहा, “हम पिछले कुछ दिनों से व्यापारिक एलपीजी उभोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि जहां तक संभव हो, एलपीजी से सीएनजी की ओर शिफ्ट करें, सरकार इस दिशा में कंपनियों को भी प्रोत्साहन दे रही है।” पीएनजी पर शिफ्ट हो रहे उपभोक्ता: सरकार एलपीजी संकट के बीच में सरकार ने पीएनजी की ओर उपोभोक्ताओं को शिफ्ट करने के काम में तेजी लाई है। इस प्रक्रिया को आसान भी बनाया गया है। सुजाता शर्मा ने बताया, “भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त वाणिज्यिक पीएनजी देने का वादा किया है, यह प्रक्रिया पीएनजी नेटवर्क को मजबूत और विस्तार देने में मदद करेगी। हमारे इन संयुक्त प्रयासों से पिछले दो हफ्तों में लगभग 1,25,000 नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी में भी शिफ्ट हुए हैं।” पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चिंता का विषय: सरकार मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया में तेल रिफाइनरियों और क्रूड ऑयल भंडारों पर होते हमलों को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, कहीं भी कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग भी बढ़कर 94 फीसदी हो गई है। इसके अलावा 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के माध्यम से की जा रही है। घबराहट में की जाने वाली बुकिंग (पैनिक बुकिंग) में कमी आ रही है। लगभग 17 राज्य सरकारों ने वाणिज्यिक एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति आवंटित की जा चुकी है।” पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा एमईए ने भी इस संकट को लेकर अपना पक्ष रखा। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से केवल भारत ही नहीं लगभग सभी देशों में ऊर्जा का संकट है। उन्होंने बताया कि कतर, से भारत की लभगभ 40 फीसदी से ज्यादा एलपीजी आती है, ऐसे में जब उनकी रिफाइनरियों पर हमला होता है और होर्मुज बंद रहता है, तो भारत में भी इसका असर देखने को मिलता है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार इसका विकल्प खोजने का प्रयास कर रही है।  

बिहान योजना से फुलकुंवर बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी

रायपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खडगवां ब्लॉक के ग्राम बेलबहरा की रहने वाली फुलकुंवर की कहानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। एक समय था जब फुलकुंवर एक साधारण गृहिणी के रूप में अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही थीं और उनके पति राम विशाल खेती-किसानी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की मासिक आमदनी लगभग 40 से 50 हजार रुपए के बीच थी, लेकिन बढ़ती जरूरतों के बीच यह आय पर्याप्त नहीं थी और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। जीवन में बदलाव की शुरुआत उस दिन हुई जब फुलकुंवर ने “जय माँ दुर्गा स्व सहायता समूह” की बैठक में भाग लिया। इस दौरान क्लस्टर “अटल महिला संकुल संगठन देवाड़ाड” के अंतर्गत आयोजित बैठक में सीआरपी पूनम साहू द्वारा बिहान योजना की जानकारी दी गई। इस योजना ने फुल कुवर के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने समूह से जुड़कर बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्राप्त किया और उस राशि का उपयोग सेंट्रिंग प्लेट खरीदने में किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे पक्के मकानों में सेंट्रिंग प्लेट किराये पर देना शुरू किया। उनका यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। धीरे-धीरे उनकी आय में जबरदस्त वृद्धि होने लगी और आज फुलकुंवर सालाना 1 लाख से 1.5 लाख रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए भी मिसाल बन गई हैं। फुल कुवर की सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत, स्व-सहायता समूह की बैठकों में नियमित भागीदारी और बिहान कार्यालय से समय-समय पर मार्गदर्शन लेना प्रमुख कारक रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा और अवसर मिले तो कोई भी महिला अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

धुरंधर 2 में बड़ा सरप्राइज! बड़े साहब की एंट्री से मचा तहलका, दाऊद की जिंदगी से जुड़े नए राज

मुंबई धुरंधर 2 देखने वालों के मन में बड़े साहब को लेकर जो सवाल था उसका जवाब तो मिल गया। अब दाऊद को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रह गए हैं। दाऊद अब कहां है, जिंदा है या नहीं, कैसा दिखता है, उम्र क्या है। ये तो सब जानते हैं कि दाऊद इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है। उस पर 1993 में हुए मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स सहित कई संगीन आरोप हैं। धुरंधर के पहले पार्ट में उसे बड़े साहब के नाम से बुलाया जाता है लेकिन चेहरा रिवील नहीं किया गया। धुरंधर द रिवेंज में दाऊद दिखाया गया है। हालांकि लुक ऐसा जो ज्यादातर लोगों के लिए शॉकिंग था। भारत में था दाऊद का परिवार दाऊद इब्राहिम का जन्म भारत में हुआ लेकिन वह इंडिया का ही दुश्मन बन गया। दाऊद 80 के दशक में भारत से भागा। ऐसा भी नहीं था कि वह रातोंरात बिना कुछ लिए भागा हो। उसे पाकिस्तान का सपोर्ट था और प्लानिंग के साथ तगड़ा पैसा लेकर भारत से भागा। मुंबई के पूर्व कमिश्नर डी शिवनंदन उन लोगों में से हैं जिन्हें मुंबई से अंडरवर्ल्ड का सफाया करने का क्रेडिट दिया जाता है। वह एएनआई के पॉडकास्ट में बता चुके हैं कि 1984 में दाऊद इब्राहिम अरेस्ट हुआ था। उसने बेल ली और तभी वो दुबई भाग गया था। जब डी शिवनंदन से पूछा गया कि क्या दाऊद का परिवार भी दुबई में है? इस पर डी शिवनंदन ने जवाब दिया कि दाऊद का परिवार भारत में ही था। उसके भाई अनीस, नूरा, इकबाल। अनीस दुबई में था, नूरा मर चुका है। दाऊद के पिता थे हलवदार शिवनंदन ने बताया कि दाऊद के 12 भाई-बहन थे। उसके पिता इब्राहिम कासकर क्राइम ब्रांच में हलवदार थे। उन्होंने बताया कि दाऊद दुबई भाग गया। उसे किसी ने सलाह दी थी जिस वजह से कभी टीवी पर नहीं दिखा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी ज्ञानी ने उसको स्ट्रैटजी दी थी कि किसी एफआई आर में नाम नहीं आना चाहिए। शिवनंदन का यह पॉडकास्ट नवंबर 2025 का है। कैसा दिखता है दाऊद दाऊद इब्राहिम की उम्र अब 70 साल के आसपास है। उसका जन्म 26 जनवरी 1955 में हुआ था। दाऊद अब कैसा दिखता है, ये किसी को नहीं पता। शारजाह के एक मैच में दाऊद की फोटो कैप्चर की गई थी। यह 1986 की बात है। साल 2015-16 के आसपास दाऊद की एक धुंधली सी तस्वीर मीडिया में आ चुकी है। कहां है दाऊद? आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दाऊद का ठिकाना पाकिस्तान का कराची शहर है। पाकिस्तानी दस्तावेज में दाऊद इब्राहिम का पता कराची में वाइट हाउस, सऊदी मस्जिद के पास बताया गया है। इसके अलावा कराची के डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके और नूराबाद में भी उसकी संपत्तियों का जिक्र किया गया है। दाऊद इब्राहिम के खिलाफ जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस में कराची में उसके दो पते दर्ज हैं, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी इलाके में मकान नंबर 37 और शहर के पॉश क्लिफ्टन रोड इलाके में सऊदी मस्जिद के पास वाइट हाउस। बताया जाता है कि ये दोनों जगहें एक-दूसरे से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर हैं।

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