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जमीन अधिग्रहण पर नए कानून से किसानों को मिलेगा फायदा, मुआवजे में ये होगा खास प्रावधान

इंदौर  नए वित्त वर्ष से उन लोगों के लिए एक अच्छा नियम लागू होने जा रहा है जिनकी भूमि विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा रही है। इस नए नियम से किसानो के साथ ही बहुत बड़े स्तर पर लोगों को एक नई राहत मिलने वाली है। दरअसल इस नए नियम लागू होने के बाद जमीन देने वाले किसानों और अन्य भू-स्वामियों को पूरी राशि बिना किसी कर कटौती के मिल सकेगी। इससे उन्हें फायदा होगा। सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि नए वित्त वर्ष से  Tax Free दरअसल अब सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि नए वित्त वर्ष (New FinancialYear) से कर-मुक्त (Tax Free ) होगी। केंद्र सरकार के इस नए प्रावधान को एक बड़े राहत भरे फैसले को तौर पर देखा जा रहा है।  खासकल उन लोगों के लिए ये फायदा देने वाले है जिनकी जमीन विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाली मुआवज़ा राशि टैक्स फ्री होने से उनको काफी लाभ होगा। पश्चिमी बाइपास, अयोध्या बाइपास, मेट्रो परियोजना से जुड़े भूमि मालिको को लाभ इस नए नियम से शहर में चल रहे तीन मेन प्रोजेक्टों पश्चिमी बाइपास, अयोध्या बाइपास और मेट्रो परियोजना से जुड़े भूमि स्वामियों को डायरेक्ट लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं के लिए करीब 400 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। प्रभावित लोगों जो मुआवज़ा राशि मिलेगी वो अब टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी। नए नियम लागू होने के बाद जमीन देने वाले किसानों और अन्य भू-स्वामियों को पूरी राशि बिना किसी कर कटौती के मिल सकेगी। लिहाजा नए साल पर लागू होने वाले इस नियम से किसानों को फायदा होगा। 

जयपुर में सीएम मोहन यादव की निवेशकों से मुलाकात, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर होगी बात

भोपाल  पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) शनिवार को देश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। जयपुर में 21 मार्च को बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले निवेशक शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहेंगे। वे जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित निवेशकों के बड़े कार्यक्रम (Investment Summit) में उद्योगपतियों से वन टू वन संवाद करेंगे। कार्यक्रम का नाम ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ है। इस कार्यक्रम में खास प्रोजेक्ट और निवेश की नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से मीटिंग कर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश पर बात करेंगे। जयपुर में दूसरा बड़ा आयोजन एमपी सरकार (mp govt) की मंशा है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग आएं और युवाओं के लिए रोजगार बढ़े। मोहन सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति भी बनाई है। इसमें उद्योग लगाने की और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे निवेशकों को पूरी कागजी कार्यवाही में परेशानी न हो। कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में एक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन हो चुका है, इसके बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन जयपुर में हो रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। एमपी में चल रहा है काम मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई जिलों में नए उद्योग विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस हब और धार में पीएम मित्रा पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, जिससे खेती और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। जयपुर (jaipur) में होने वाले इस बड़े आयोजन का मकसद भी यह है कि राजस्थान और आसपास के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आकर्षित किया जा सके और उनसे निवेश कराया जा सके। इससे मध्यप्रदेश में विकास बढ़े और रोजगार के नए-नए अवसर भी निर्मित हों।  

RTE एडमिशन में बड़ा परिवर्तन, सिर्फ 1425 बच्चों को मिलेगा दाखिला, केजी-नर्सरी की व्यवस्था खत्म

दुर्ग  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिले में आरटीई सीटों में भारी कटौती करते हुए संख्या घटाकर केवल 1425 कर दी गई है। पिछले वर्ष जहां 4267 सीटें उपलब्ध थीं, वहीं इस बार 2842 सीटें कम कर दी गई हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।  केजी-नर्सरी खत्म, अब सीधे पहली कक्षा में प्रवेश इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि केजी-1, केजी-2 और नर्सरी कक्षाओं को आरटीई दायरे से बाहर कर दिया गया है। अब केवल पहली कक्षा में ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे पहले निजी स्कूलों में इन शुरुआती कक्षाओं में भी आरटीई के तहत दाखिले होते थे। विभाग को अब तक 2533 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि सीटें सिर्फ 1425 ही हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों का चयन नहीं हो पाएगा। इससे अभिभावकों के बीच प्रतिस्पर्धा और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। निजी स्कूलों की संख्या भी घटी पिछले वर्ष जहां 540 निजी स्कूलों को आरटीई के तहत चिन्हांकित किया गया था, इस बार उनकी संख्या घटकर 528 रह गई है। इससे भी सीटों में कमी का असर साफ नजर आ रहा है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है। आरटीई पोर्टल के माध्यम से आवेदन और चयन की प्रक्रिया संपन्न होगी। पहले चरण का शेड्यूल जारी आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि नोडल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 16 फरवरी से 31 मार्च तक चलेगी। इसके बाद 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी के माध्यम से सीटों का आबंटन किया जाएगा। चयनित छात्रों का स्कूल में प्रवेश 1 मई से 30 मई के बीच कराया जाएगा, वहीं 2025-26 सत्र की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण की समय-सारणी द्वितीय चरण के तहत आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की समय-सारणी भी जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक किया जाएगा। इसके बाद नोडल अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा सीटों का वेरिफिकेशन 8 जून से 25 जून तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन की प्रक्रिया 1 से 11 जुलाई के बीच पूरी होगी, जबकि नोडल वेरिफिकेशन 1 से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इसके पश्चात 27 से 31 जुलाई के बीच लॉटरी और सीटों का आबंटन किया जाएगा, वहीं चयनित छात्रों की स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया 3 से 17 अगस्त तक पूरी की जाएगी। अभिभावकों में बढ़ी चिंता सीटों में भारी कटौती और कक्षाओं के दायरे में बदलाव के कारण इस बार बड़ी संख्या में बच्चों को आरटीई का लाभ नहीं मिल पाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निजी स्कूलों में शिक्षा हासिल करने का अवसर सीमित हो सकता है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए।

राशन कार्ड धारकों को अप्रैल में मिलेगा तिगुना अनाज, सरकार का अहम फैसला

नई दिल्ली सरकार गरीबी रेखा के नीचे आने वाले सभी लोगों को मुफ्त में राशन मुहैया कराती है। इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के सभी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल महीने में तिगुना अनाज देने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसकी जानकारी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘अप्रैल में सभी लाभार्थियों को तीन महीने (अप्रैल, मई और जून 2026) का राशन एक साथ मिलेगा। इसके लिए सभी लाभार्थी अपनी नजदीकी राशन दुकान से निर्धारित समय पर राशन प्राप्त कर सकते हैं।’ आपको बता दें कि सरकार ने फिलहाल इसके पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया है। 41 लाख फर्जी राशन कार्ड खत्म इससे पहले सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि वर्ष 2025 में 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने बताया कि हरियाणा में सर्वाधिक लगभग 13.43 लाख राशन कार्ड, राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए। बंभानिया ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में प्रौद्योगिकी के उपयोग के परिणामस्वरूप सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अपात्र राशन कार्डों को खत्म करने में सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 41.41 लाख फर्जी राशन कार्ड खत्म किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 48.85 लाख और 2023 में 41.99 लाख थी। बंभानिया ने बताया कि पीडीएस में चल रहे सुधारों के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड और लाभार्थियों के आंकड़ों का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) को खाद्यान्न वितरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक ”प्वाइंट ऑफ सेल” (ईपीओएस) उपकरणों की स्थापना के माध्यम से स्वचालित किया गया है। इसके अलावा, 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों को आधार से जोड़ा जा चुका है और 98.75 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण आधार आधारित बायोमेट्रिक सहित डिजिटल प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है। मंत्री ने कहा, “पीडीएस का डिजिटलीकरण दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके और खाद्यान्न की चोरी आदि का समाधान किया जा सके।”

BSNL के प्राइवेटाइजेशन पर सरकार ने दी बड़ी अपडेट

 नई दिल्‍ली बीएसएनएल को लेकर बुधवार को एक बड़ी जानकारी सामने आई. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के प्राइवेटाइजेशन की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए कहा कि सरकारी दूरसंचार ऑपरेटर पब्लिक सेक्‍टर की ही कंपनी है।  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के प्राइवेटाइजेशन का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. BSNL भारत की जनता की है और भारत की जनता के लिए है. सिंधिया ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्‍व में सरकार BSNL को मजबूत करने और उसकी टेलीकॉम क्षमताओं का विस्‍तार करने पर फोकस कर रही है।  बीएसएनल के पास थे दो विकल्‍प  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लीडरशिप में प्राइवेटाइजेशन का कोई मुद्दा नहीं है, बीएसएनएल देश की जनता की सेवा के लिए है. बीएसएनएल के 4G रोलआउट को लेकर सरकार के नजरिए को समझाते हुए सिंधिया ने कहा कि कंपनी के पास दो विकल्प थे- या तो ग्‍लोबल कंपनियों से टेलीकॉम सेक्‍टर की चीजें खरीदें या स्वदेशी क्षमताएं डेवलप करे।   उन्होंने कहा कि बीएसएनएल ने अन्‍य कंपनियों की तरह, दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, स्वीडन या चीन में स्थित अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों से उपकरण खरीदकर 4जी नेटवर्क का निर्माण नहीं किया है, बल्कि खुद के उपकरण बनाए हैं।  ग्‍लोबल लेवल पर भारत का 4G डिजिटल स्टैक  सिंधिया ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने साहसिक फैसला लेते हुए कहा कि हम सिर्फ सेवाएं ही नहीं देंगे, बल्कि उपकरण भी बनाएंगे. विश्व में पहली बार, केवल चार देश दूरसंचार उपकरण बनाते हैं, और प्रधानमंत्री की बदौलत, भारत का 4G डिजिटल स्टैक अब एक उपकरण निर्माता के तौर पर वैश्विक मंच पर पहुंच चुका है।  5G से पहले 4G नेटवर्क पर फोकस बीएसएनएल उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2025 में किया गया था. सिंधिया ने कहा कि पहले बीएसएनएल के 8 करोड़ 55 लाख कस्‍टमर्स थे और अब यह संख्या 9 करोड़ 27 लाख हो गई है. हम 5जी को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए 4G तकनीक को भी आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन हमें पहले 4G को स्थिर करना होगा. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राज्यसभा में बीएसएनएल के पुनरुद्धार के बारे में बात की थी। 

16 अमेरिकी मिलिट्री जेट्स के तबाह होने से ईरान जंग में अमेरिका को हुआ भारी नुकसान, F-35 और F-15 भी शामिल

वाशिंगटन  ईरान जंग में अमेरिका को बहुत गहरी चोट लगी है. यह एक ऐसा जख्म है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका जमाने तक याद रखेंगे. जी हां, ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका के 16 मिलिट्री जेट्स तबाह यानी नष्ट हो चुके हैं. इनमें ड्रोन और लड़ाकू विमान भी शामिल हैं. इसमें एक नया नाम एफ-35 फाइटर जेट का भी जुड़ गया है. इसे ईरान ने हिट किया है. इसके कारण इस विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है और इसे नुकसान पहुंचा है. इन नुकसान को देखकर लगता है कि बहुत कुछ खोकर भी ईरान ने युद्ध में अमेरिका को खून के आंसू रुला दिए हैं. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध 20 दिन से जारी है. 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने एक साथ मिलकर ईरान पर अटैक किया था. उस अटैक में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे. तब से ही यह ईरान जंग जारी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद से कम से कम 16 अमेरिकी सैन्य विमान नष्ट हो गए हैं. इनमें 10 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. इन्हें ईरान की गोलीबारी में मार गिराया गया है. अमेरिका के कई ऐसे विमान भी हैं, जिनमें क्रू मौजूद था और वे दुर्घटनाओं या हमलों में नष्ट हो गए. दावा किया गया कि सबसे अधिक नुकसान दुर्घटनाओं की वजह से हुआ. बताया गया कि कुवैत में तीन F-15 लड़ाकू विमान ‘फ्रेंडली फायर’ यानी अपनी ही सेना की गोलीबारी में गिर गए, जबकि एक KC-135 टैंकर विमान ईंधन भरने के ऑपरेशन के दौरान नष्ट हो गया, जिसमें सवार सभी छह क्रू सदस्यों की मौत हो गई. इसके अलावा सऊदी अरब के एक एयरफ़ील्ड पर ईरानी मिसाइल हमले में पांच KC-135 विमान क्षतिग्रस्त हो गए. हालांकि, ईरानी पक्ष का दावा है कि फ्रेंडली फायर नहीं, बल्कि उनके अटैक में अमेरिकी लड़ाकू विमान नष्ट हुए हैं। ईरान जंग में अमेरिका को गहरे जख्म मिले अब तक ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने युद्ध के दौरान केवल बिना पायलट वाले ‘रीपर’ ड्रोन को ही सफलतापूर्वक निशाना बनाया है. इनमें से कम से कम नौ ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि एक अन्य ड्रोन जॉर्डन के एक एयरफ़ील्ड पर बैलिस्टिक मिसाइल का शिकार हो गया. इसके अलावा दो अन्य ड्रोन अलग-अलग दुर्घटनाओं में नष्ट हो गए. ‘रीपर’ ड्रोन को विशेष रूप से अत्यधिक जोखिम वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है, क्योंकि इनमें कोई पायलट नहीं होता और इन्हें बदलने का खर्च भी अपेक्षाकृत कम होता है। ईरान जंग में अब भी अमेरिका का पूरा कंट्रोल नहीं ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को बेअसर करने के लिए अमेरिका और इजराय के शुरुआती प्रयासों के बावजूद पूरी तरह से हवाई वर्चस्व हासिल करना मुश्किल साबित हुआ है. ईरानी हिट के बाद एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मध्य-पूर्व में स्थित एक सैन्य अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी. विमान का पायलट सुरक्षित बच गया और बताया जा रहा है कि उसकी हालत स्थिर है। अमेरिका ने कबूला सच अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि ईरानी हवाई क्षेत्र पर उनका नियंत्रण अभी भी सीमित है. जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने कहा कि अमेरिका के पास फिलहाल केवल कुछ ही जगहों पर हवाई बढ़त हासिल है. उसका नियंत्रण पूरे क्षेत्र के बजाय केवल कुछ ही इलाकों तक सीमित है। आखिर अमेरिका को हुए नुकसान की वजह क्या विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन्स का पैमाना और उनकी तीव्रता ही शायद अधिक नुकसान की वजह हो सकती है. रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के पूर्व अधिकारी पीटर लेटन ने कहा कि इस अंतर की वजह शायद कहीं अधिक जोरदार कोशिशें हो सकती हैं. हर दिन पहले के मुकाबले अधिक उड़ानें भरी जा रही हैं. यह नुकसान अमेरिकी सेना के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करता है. खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मार्गों को सुरक्षित करने के प्रयासों में, जहां सक्रिय हवाई सुरक्षा प्रणालियां अभी भी एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं ईरान के निशाने पर आया एफ-35 जी हां, एफ-35 को अमेरिका का सबसे एडवांस फाइटर जेट माना जाता है. ईरान जंग में अब यह भी सेफ नहीं रहा. गुरुवार को ईरान की जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को निशाना बनाया गया. इसके बाद उसे मजबूरन इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब यह पांचवीं पीढ़ी का घातक फाइटर जेट ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन पर उड़ान भर रहा था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरानी फायर के बाद विमान को मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी. फिलहाल, इस फाइटर जेट के नुकसान की जांच की जा रही है।

21 मार्च 2026 राशिफल: जानें किसके लिए दिन शुभ रहेगा और कौन करें सतर्कता

मेष 21 मार्च के दिन नए कार्यभार संभालते समय सावधान रहें। मन परेशान रहेगा। आत्म संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध एवं विवाद से बचें। प्रॉफिट का स्वाद चखेंगे। बातचीत में भी संतुलित रहें। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। वृषभ 21 मार्च के दिन मन परेशान रहेगा। लक्ष्य को हासिल करना काफी मुश्किल लगेगा। आत्मविश्वास में भी कमी रहेगी। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की मिलेगी। मिथुन 21 मार्च के दिन धन आज कई स्रोतों से आएगा। आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। वाहन सुख में भी वृद्धि होगी। कर्क 21 मार्च के दिन आपको आज लाइफ में अच्छे पल देखने को मिलेंगे। पर्सनल लाइफ में इमोशनली एक दूसरे से चीजें शेयर करें। प्रोफेशनल लाइफ में आपके लिए आज का दिन खास रहेगा। आपको नौकरी के नए अवसर भी मिलेंगे। सिंह 21 मार्च के दिन सिंह राशि वालों के पास आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आपको काम में लाभ होगा। तरक्की के योग हैं, लेकिन फैसले लेने से पहले अच्छे से विचार कर लें। नई स्ट्रैटजी लाने की आवश्यकता होगी। कन्या 21 मार्च के दिन तनाव भरे समय में भी शांत रहें। प्रेम जीवन को ऊर्जावान और रचनात्मक बनाए रखने के रोमांटिक तरीकों की तलाश करें। पेशेवर जीवन को विवादों से दूर रखें। आज के दिन स्वास्थ्य और धन अच्छा रहेगा। तुला 21 मार्च के दिन पार्टनर के साथ क्रिएटिव एक्टिविटी में शामिल हों ताकि आपका रिलेशन मजबूत हो सके। फाइनेंशियल सक्सेस आपके पक्ष में होगी। आपका करियर अपने चरम पर होगा। आप अपने स्वास्थ्य को लेकर भी स्ट्रेसफ्री हो सकते हैं। वृश्चिक 21 मार्च के दिन लेखकों और कॉपीराइटरों को अपनी स्किल्स को साबित करने के अवसर मिलेंगे। आप कई लंबे समय से पेंडिंग अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए रेडी हो सकते हैं। मार्केट रिसर्च बहुत जरूरी है याद रखें। धनु 21 मार्च के दिन अपने प्रेम जीवन में सबसे अच्छे पलों की तलाश करें और पेशेवर जीवन को उत्पादक बनाए रखें। वित्तीय समृद्धि स्मार्ट मौद्रिक निर्णय लेने की अनुमति देती है। स्वास्थ्य भी अच्छा है। बातचीत से इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन हो सकता है। मकर 21 मार्च के दिन ट्रैवल करते समय भी आपको पार्टनर के संपर्क में रहने की आवश्यकता है। ऑफिस की राजनीति को छोड़ दें। अपनी भावनाओं को खुलकर एक्सप्रेस करने के लिए अपने जीवनसाथी से कॉल पर बात करें। कुंभ 21 मार्च के दिन ऑफिस में अपना कंट्रोल न खोएं। ध्यान रखें कि आप सीनियर्स के साथ अच्छा ताल-मेल भी बनाए रखें। धन का आगमन होगा। ऑयली और मसालेदार भोजन का सेवन कम करें। लाइफ में बैलेंस बनाए रखें। मीन 21 मार्च के दिन आप दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे। प्यार को बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि आप कार्यालय में उम्मीदों पर खरे उतरें। स्वास्थ्य और धन दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। आपकी प्राथमिकता फ्यूचर के दिनों के लिए सेविंग्स करने की होनी चाहिए।

खर्ग द्वीप बना टारगेट? होर्मुज खुलवाने के लिए ट्रंप की नई चाल, समझें अमेरिका की पूरी रणनीति

वॉशिंगटन ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध दिन पर दिन और भीषण रूप ले रहा है। अब दोनों तरफ से ही तेल रिफाइनरियों पर हमले किए जा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाइयों में कतर, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल में तेल-गैस केंद्रों पर मिसाइलों और ड्रोन बरसाए गए हैं। वहीं, ईरान दुनियाभर को तेल सप्लाई करने वाले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने के लिए सहमत नहीं हो रहा है। इस बीच, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज खुलवाने के लिए बड़ा प्लान तैयार कर रहे हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ईरान को होर्मुज खोलने पर मजबूर करने के लिए खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की रणनीति तैयार कर रहे। कितना अहम है ईरान का खर्ग द्वीप खर्ग द्वीप वह द्वीप है, जो ईरान का ऑयल हब यानी कि तेल का मुख्य केंद्र माना जाता है। यहीं से ईरान को 90 फीसदी तेल मिलता है। यह द्वीप ईरान के दक्षिणी तट से करीब 25-30 किलोमीटर की दूरी पर है। पर्शियन गल्फ के बीच में होने की वजह से इसकी लोकेशन भी रणनीतिक है। हाल ही में ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने इस द्वीप पर हवाई हमले भी किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यहां पर 90 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसमें मिसाइल स्टोरेज बंकर, एयर डिफेंस सिस्टम शामिल थे। खर्ग पर कब्जे की रणनीति एक्सियोस ने शुक्रवार को चार ऐसे सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी, जिन्हें इस मामले की जानकारी है, कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का दबाव बनाने के लिए, ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसकी घेराबंदी करने की योजनाओं पर विचार कर रहा है। खर्ग द्वीप पर कब्जा करने का ऑपरेशन, जो तट से 15 मील दूर स्थित है और ईरान के 90 फीसदी कच्चे तेल के निर्यात को प्रोसेस करता है, अमेरिकी सैनिकों को सीधे तौर पर हमला करने की जद में ला सकता है। इसलिए, ऐसा कोई भी ऑपरेशन तभी शुरू किया जाएगा जब अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की सैन्य क्षमता को और कमजोर कर देगी। व्हाइट हाउस की सोच की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, “हमें हमलों के जरिए ईरानियों को और कमजोर करने, द्वीप पर कब्जा करने, और फिर उन्हें पूरी तरह से अपने शिकंजे में लेकर बातचीत के लिए इस्तेमाल करने में लगभग एक महीने का समय लगेगा।” और अधिक सैनिक भेज सकता है अमेरिका अगर ऐसे किसी ऑपरेशन को मंजूरी मिलती है, तो उसके लिए और ज्यादा सैनिकों की जरूरत होगी। तीन अलग-अलग मरीन यूनिट इस क्षेत्र की ओर रवाना हो चुकी हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि व्हाइट हाउस और पेंटागन जल्द ही और भी ज्यादा सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”वह चाहते हैं कि होर्मुज खुला रहे। अगर ऐसा करने के लिए उन्हें खर्ग द्वीप पर कब्ज़ा करना पड़ा, तो वह होगा। अगर वह तटीय आक्रमण करने का फ़ैसला करते हैं, तो वह भी होगा। लेकिन अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप समेत हर राष्ट्रपति के कार्यकाल में, संघर्ष वाले इलाकों में हमारे सैनिक हमेशा ज़मीन पर मौजूद रहे हैं। मुझे पता है कि मीडिया में इस बात को लेकर काफी चर्चा होती है, और मैं इसके पीछे की राजनीति भी समझता हूं, लेकिन राष्ट्रपति वही करेंगे जो सही होगा।

ममता का बड़ा ऐलान: मासिक भत्ते से साधेंगी महिलाओं और युवाओं को, ये हैं 10 वचन

कोलकाता पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। ‘दीदी के 10 वचन’ नाम से चुनावी वादों का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री और टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने महिलाओं और बेरोजगारों के लिए मासिक भत्ते का ऐलान किया है। ममता ने कहा है कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत, सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे, जबकि SC/ST वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,700 रुपये मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जो युवा बेरोजगार हैं, उन्हें पॉकेट मनी के तौर पर हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। घोषणा पत्र का ऐलान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि वे एकजुट हों और बंगाल को बचाने के लिए BJP के खिलाफ लड़ें। इस घोषणापत्र को जनता-केंद्रित रोडमैप बताते हुए बनर्जी ने कहा कि पार्टी के वादों का मकसद उस चीज का मुकाबला करना है जिसे उन्होंने केंद्र सरकार का बढ़ता दखल बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि बंगाल की पहचान की रक्षा करनी है। ममता ने कहा, “पश्चिम बंगाल में ‘अनाधिकारिक रूप से राष्ट्रपति शासन लागू’ किया गया, क्योंकि भाजपा जानती है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ेगा”  

उत्तम नगर विवाद: ओवैसी बोले- हालात ऐसे कि मुसलमान न घर में सुरक्षित, न त्योहार मना पा रहे

नई दिल्ली दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर तरुण की हत्या के बाद उपजे तनाव और ईद से पहले कुछ मुसलमानों के कथित तौर पर इलाके छोड़ने पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि ये नौबत आ गई है कि देश में 19-20 करोड़ मुसलमान खुशी से ईद भी नहीं मना सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। खबर के मुताबिक ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के उत्तम नगर में कायम तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि यह कानून का कैसा शासन है। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि ईद मनाने के लिए मुसलमानों को कोर्ट जाना पड़ रहा है। हम रोजेदार हैं, ईद मनाने दो: ओवैसी ओवैसी ने कहा, ‘कई मुसलमान अपना घर छोड़कर चले गए उत्तम नगर से। कोर्ट को जाना पड़ा। दिल्ली हाई कोर्ट को जाकर कहना पड़ा ईद तो मनाने तो सुकून से। हम रोजेदार हैं, ईद तो मनाने दो हमको। ये नौबत आ गई भारत में। मोदी विश्व गुरु की बात करते हैं, 19-20 करोड़ मुसलमान ईद नहीं मना सकते खुशी से। हमको धमकियां दी जा रही हैं। हमको ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा। बताओ बीजेपी, आरएसएस, मोदी, ये कौन सा कानून का शासन है।’ उन्होंने आगे कहा कि अफसोस की बात है कि ईद मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ा और हम कहते हैं कि हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। हाई कोर्ट में क्या हुआ? उत्तम नगर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा की आशंका को दूर करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। अदालत को बताया गया था कि कुछ लोग ईद पर ‘खून की होली’ की धमकियां दे रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस को ईद से रामनवमी तक पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा। पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी को भी ऐसी शरारत करने की अनुमति न दी जाए, जिससे कोई ‘अप्रिय स्थिति’ पैदा होने की आशंका हो। उत्तम नगर में क्यों है तनाव दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बाद हुई हिंसा में 26 वर्षीय युवक तरुण की मौत हो गई थी, जिसमें एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है जबकि कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तरुण की हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। भड़काऊ भाषण और पोस्टर लहराते हुए कई वीडियो वायरल हुए थे। भारी जुटान भी हुआ था।

कर्नाटक में गैस संकट अलार्म: उत्पादन पर खतरा, ‘मांग 50 हजार, सप्लाई 1 हजार’ – सिद्धारमैया का बड़ा बयान

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बेंगलुरु में कमर्शियल एलपीजी की गंभीर कमी को लेकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया कि शहर में होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और पीजी आवासों की दैनिक मांग लगभग 50 हजार सिलेंडर की है, लेकिन 1,000 सिलेंडर प्रतिदिन ही मिल पा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हालिया निर्देश के कारण घरेलू LPG को प्राथमिकता देने से कमर्शियल सप्लाई में भारी कमी आई है। इससे बेंगलुरु के कई व्यवसाय प्रभावित हुए हैं और कुछ होटल-रेस्तरां पहले ही बंद होने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के कदम उठाए जाने का जिक्र किया, लेकिन मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर अभी बहुत बड़ा है। यह संकट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ा हुआ है, जहां ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम रास्ता है, जिसके बंद होने से भारत में एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है। भारतीय ध्वज वाले 2 एलपीजी जहाज एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार किया और 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचे। फिर भी, स्थानीय स्तर पर कमर्शियल उपयोगकर्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो सैकड़ों दुकानें बंद हो सकती हैं, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। LPG संकट कितना गंभीर कर्नाटक सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के आदेश शामिल हैं। राज्य ने होटलों को बिजली या वैकल्पिक ईंधन पर स्विच करने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में केंद्र से कमर्शियल और ऑटो एलपीजी के लिए तत्काल अतिरिक्त आवंटन की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु जैसे महानगर में कमर्शियल LPG पर निर्भरता बहुत अधिक है और इसकी कमी से शहर की खाद्य सेवा व्यवस्था ठप हो सकती है। केंद्र सरकार ने प्रभावित निर्यातकों के लिए 497 करोड़ रुपये की राहत पैकेज की घोषणा की है और वैश्विक साझेदारों से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। यह संकट न केवल बेंगलुरु बल्कि पूरे कर्नाटक में व्यवसायों, रोजगार और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राज्य सरकार आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन केंद्र से तत्काल समर्थन जरूरी है। अगर स्थिति सुधरती नहीं तो होटल, रेस्तरां और अन्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर बंदी हो सकती है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की जरूरत है।

CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन आईपीएल 2025 में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई पहुंच गए हैं। संजू सैमसन लंबे समय बाद नई फ्रेंचाइजी के साथ खेलते हुए दिखेंगे। संजू सैमसन आईपीएल 2026 नीलामी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल हुए थे और अब नई भूमिका में नजर आएंगे। संजू सैमसन ने चेन्नई के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी से काफी देर तक बातचीत किया। सीजन से पहले एक इंटरव्यू में संजू सैमसन ने कहा था कि वह आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से कुछ गुर सीखने के लिए उत्साहित हैं। टी20 विश्वकप 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद संजू सैमसन गुरुवार को चेन्नई की टीम से जुड़े। उन्होंने टी20 विश्व कप में शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद जगह बनाई और पांच मैचों में 321 रन बनाए। उन्होंने नॉकआउट मैचों में टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। संजू को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड मिला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सैमसन और धोनी बात करते हुए मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। अनुभवी बल्लेबाज संजू सैमसन ने आईपीएल में अपने अधिकतर मैच राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेले हैं लेकिन अब वह सीएसके से जुड़ गए हैं। यह दोनों टीम जब 30 मार्च को गुवाहाटी में आमने-सामने होंगी तो सैमसन चेन्नई की जर्सी में नजर आएंगे। राजस्थान रॉयल्स का यह घरेलू मैच होगा और 31 वर्षीय सैमसन ने कहा कि वह इस मैच में खुद पर भावनाओं को हावी नहीं होने देंगे। संजू सैमसन आईपीएल में तीन टीमों (कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान, दिल्ली) के साथ खेल चुके हैं और अब चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलने के लिए तैयार हैं। सैमसन राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दो कार्यकाल में 11 सत्र में खेले। वह इस टीम के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने रॉयल्स की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने के अलावा सर्वाधिक रन भी बनाए हैं। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग में वह चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलेंगे। सैमसन ने टीम ज्वाइन करने से पहले कहा था, ”मैं सीएसके की तरफ से खेलने को लेकर उत्साहित हूं। यह पहला अवसर होगा जब मैं राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलूंगा, लेकिन मैं मैदान पर भावनाओं को हावी नहीं होने देता। मैंने राजस्थान रॉयल्स इसलिए छोड़ी क्योंकि मुझे लगा कि टीम में मेरा समय खत्म हो गया है। मैं उनके खिलाफ भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।”

युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के ध्वजवाहक : मंत्री सारंग

विकसित भारत युवा संसद 2026: समापन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया एवं उनके विचारों की सराहना कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 54 जिलों से चयनित 270 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 3 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह मंच केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए विचारों की ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब युवा संस्कारित, अनुशासित और जिम्मेदार होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक, शोध एवं नेतृत्व के क्षेत्र में व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रदेश एवं देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, प्रत्येक विधानसभा में खेल परिसर की स्थापना, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान, युवा उत्सव, खेलो बढ़ो अभियान तथा सहकारिता के माध्यम से खेल एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को चेंजमेकर के रूप में विकसित करना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना, उनके नेतृत्व, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों को मंच प्रदान करना है। इससे विकसित भारत 2047 के विज़न में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित होगी।  

प्रभारी मंत्री उइके ने सरई में मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का किया अवलोकन

भोपाल सरई के संदीपनी विद्यालय मैंदान में आयोजित मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बिमारियों जैसे नाक-कान-गला, सामान्य मेडिसन, हृदय रोग, श्वास एवं क्षय रोग (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम), चर्म रोग, नेत्र रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्त्री रोग, सर्जरी एवं कैंसर, हड्डी रोग तथा दंत चिकित्सा कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग, कैसर स्क्रीनिंग, क्षय रोग स्की्रनिंग, जैसी सेवाएं के लिये लगाये कैम्प का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उपचार की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संतुलित आहार का स्वाद चखा और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर मंत्री श्रीमती उइके ने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में उपस्थित गर्भवती महिलाओं से संवाद किया, उनकी सेहत और देखभाल से जुड़ी जानकारी ली तथा उन्हें और उनके आने वाले बच्चों के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवा एवं जनहित में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये प्रभारी मंत्री ने मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। शिविर का विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के ने भी अवलोकन कर उपस्थित चिकित्सकों से शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी भी ली।  

मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की पहल: पीएम मोदी ने 5 देशों से बात कर शांति और सुरक्षा पर दिया जोर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शांति बहाल करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से फोन पर बातचीत की। इन वार्ताओं में पीएम मोदी ने भारत की स्थिति स्पष्ट की, जिसमें बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देकर तनाव कम करने व शांति-स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया गया। उन्होंने ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की, क्योंकि ऐसे हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाते हैं और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवागमन के महत्व पर बल दिया। ओमान के सुल्तान से बातचीत में उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा दोहराई। साथ ही, भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में इन बातचीतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन 5 विश्व नेताओं से पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भारत का रुख रखा, जिसमें डी-एस्केलेशन के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे जरूरी बताया। ऊर्जा ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा गया कि ऐसे कदम एनर्जी सप्लाई को और अस्थिर बनाते हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित नौवहन सभी नेताओं ने समर्थन दिया, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। ये प्रयास भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाते हैं, जहां वह संघर्ष को रोकने और शांति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तालमेल कर रहा है। सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी इस बीच, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की दुखद सूचना मिली है। मंत्रालय ने शोक व्यक्त किया और परिवार से गहरा संवेदना जताई। भारतीय मिशन रियाद में परिवार के संपर्क में है और शव को भारत लाने के लिए सऊदी अधिकारियों से समन्वय कर रहा है। कुल 6 भारतीय नागरिक विभिन्न घटनाओं में मारे गए हैं, जबकि एक लापता है। सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन लापता व्यक्ति की तलाश व मृतकों के शवों को लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं। इसके अलावा, समुद्री हमलों से प्रभावित भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित वापसी हो रही है। एमटी सफेसी विष्णु के 15 भारतीय क्रू सदस्यों को इराक से बचाया गया, जो कल सऊदी अरब से भारत लौटने वाले हैं। इसी तरह, एमवी एमकेडी व्योम पर 16 और एमटी स्काईलाइट पर 8 भारतीय नाविकों सहित 24 को ओमान से बचाकर पहले ही भारत पहुंचाया जा चुका है। ये घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं, जहां भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विदेश मंत्रालय लगातार निगरानी और तालमेल में लगा हुआ है।  

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