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सरकार किसी की भी बने इस बार जम्मू कश्मीर को पहला हिंदू सीएम मिलेगा !

श्रीनगर जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने तीन चरणों में अपना जनादेश दर्ज कर दिया है. मंगलवार को तीसरे और आखिरी चरण की वोटिंग संपन्‍न हुई. 8 अक्तूबर को मतगणना होगी. तीसरे चरण में मंगलवार को 7 जिलों की 40 विधानसभा सीटों पर 66.56% वोटिंग हुई. तीसरे फेज में वोटिंग परसेंटेज पहले और दूसरे फेज से ज्यादा रहने का सीधा मतलब कुछ निकलता है जिसे समझना होगा. पहले फेज में 61.38% और दूसरे फेज में 57.31% मतदान हुआ था. तीसरे फेज की 40 सीटों में से 24 जम्मू डिवीजन और 16 कश्मीर घाटी की हैं. मतलब साफ दिख रहा है कि जम्मू रिजन में जम कर वोटिंग हुई है. इस तरह इस बार जम्मू कश्मीर में जो माहौल बन रहा है उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस बार मुस्लिम बहुल जनसंख्या वाले इस केंद्र शासित प्रदेश को हिंदू सीएम मिल सकता है. कई कारण और भी हैं जो इशारा करते हैं कि सरकार किसी की भी बने इस बार जम्मू कश्मीर को पहला हिंदू सीएम मिल सकता है. भारतीय गणतंत्र में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक और राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति तक का पद देश का कोई भी नागरिक हासिल कर सकता है. संविधान में इस बात की गारंटी दी हुई है. यही कारण है कि देश में राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर 2 बार देश के अल्पसंख्यक (मुस्लिम) हासिल कर चुके हैं. देश के कई राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्या में होने के बावजूद सीएम बन चुके हैं. महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल आदि में मुख्यमंत्री पद पर सीएम पद संभाल चुके हैं. इसी बात को आधार बनाकर जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनावों में इस बार जम्मू क्षेत्र में हिंदू मुख्यमंत्री का मुद्दा जोर पकड़ लिया है. जम्मू कश्मीर जो राजनीतिक हालत बन रहे हैं उसमें कोई भी पार्टी चुनाव जीते इस बार ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं कि यहां का मुख्यमंत्री कोई हिंदू भी बन सकता है.आइए देखते हैं कि वो कौन से कारण हैं जिसके आधार पर यह बात कही जा रही है. 1- जम्मू में इस बार क्यों है हिंदू सीएम का माहौल 1947 में भारत संघ में शामिल होने से लेकर 5 मार्च 1965 तक, जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के नाम से संबोधित किया जाता था. न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन को छोड़कर, जो जम्मू-कश्मीर के पहले प्रधानमंत्री थे, बाकी सभी प्रधानमंत्री घाटी से थे और मुस्लिम थे. शेख मोहम्मद अब्दुल्ला, बख्शी गुलाम मोहम्मद, ख्वाजा शम्सुद्दीन, और गुलाम मोहम्मद सादिक ने जम्मू कश्मीर के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया. बाद में प्रधानमंत्री का पद मुख्यमंत्री में बदल दिया गया और सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) को राज्यपाल का नाम दे दिया गया. इस बड़े परिवर्तन के बाद जम्मू कश्मीर के सभी मुख्यमंत्री एक तो मुस्लिम हुए और दूसरे कश्मीर घाटी से ही हुए. केवल गुलाम नबी आजाद ही एक मात्र ऐसे थे जम्मू के डोडा जिले से आते हैं. दरअसल 2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में 68.8% मुसलमान हैं,जो अधिकतर कश्मीर घाटी में रहते हैं. करीब 28.8% हिंदू हैं, जिनमें से अधिकांश जम्मू में रहते हैं. जम्मू में आने वाली विधानसभा सीटों और लोकसभा सीटों पर आम तौर पर हिंदू प्रत्याशी ही जीतते रहे हैं. जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ही नहीं कुछ सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का भी दबदबा है. पर इस बार जम्मू नॉर्थ के बीजेपी उम्मीदवार और राज्य उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने जम्मू डिवीजन के मतदाताओं से अपील की थी कि वे पार्टी के उम्मीदवारों को जिताएं ताकि केंद्र शासित प्रदेश को अपना पहला डोगरा हिंदू मुख्यमंत्री मिल सके. इतना ही नहीं एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एक मुस्लिम मुख्यमंत्री हो सकता है तो जम्मू और कश्मीर में एक हिंदू क्यों नहीं हो सकता? यहां तो हिंदुओं की आबादी 32% है. दरअसल इस बार के चुनाव परिणाम आने के बाद श्याम लाल शर्मा की कही बातें अतिशयोक्ति नहीं हैं. दरअसल पिछले कुछ सालों में जम्मू की हालत कश्मीर के मुकाबले बहुत कमजोर हुई है. जम्मू अब कश्मीर की शीतकालीन राजधानी भी नहीं रही. दूसरे ट्रेनों का ठहराव अब कटरा तक हो जाने से तीर्थयात्रियों की आमदरफ्त कम हो गई. इसलिए यहां के लोग चाहते हैं कि जम्मू क्षेत्र का आदमी सीएम बनेगा तो ही जम्मू के हक में फैसले हो सकेंगे. 2- त्रिशंकु विधानसभा बनी तो बीजेपी रहेगी सबसे आगे दरअसल श्याम लाल शर्मा के बयान को आप बीजेपी की रणनीति के रूप में देख सकते हैं. क्योंकि हिंदुओं के वोट बीजेपी और कांग्रेस में बंटने की उम्मीद है. बीजेपी इस प्रयास में है कि जम्मू डिवीजन जहां 43 विधानसभा सीटें हैं, में अधिक से अधिक सीटों पर कब्जा कर सके. दरअसल जम्मू कश्मीर विधानसभा में त्रिशंकु विधानसभाओं का इतिहास रहा है. अगर त्रिशंकु विधानसभा बनती है तो सबसे अधिक संभावना बीजेपी के ही सीएम की होगी. क्योंकि 5 नामित सदस्यों का सहयोग भी बीजेपी को मिलने की उम्मीद रहेगी. 2002 के विधानसभा चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 87 सदस्यीय विधानसभा में 57 सीटों से घटकर 28 सीटों पर आ गई थी. कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने 16 सीटें हासिल कीं, जिसके बाद कांग्रेस, पीडीपी और कुछ छोटे दलों ने मिलकर सरकार बनाई. 2008 के विधानसभा चुनावों में भी त्रिशंकु परिणाम आए, जिसके कारण नेशनल कॉन्‍फ्रेंस और कांग्रेस को मिलकर सरकार बनानी पड़ी. घाटी में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती दरार के चलते, जम्मू के नेता यह मानने लगे कि जम्मू को भी अपना मुख्यमंत्री मिल सकता है. 2014 के चुनावों में बीजेपी ने जम्मू से 25 सीटें जीतीं, जब हिंदू मतदाता पार्टी के पीछे एकजुट हो गए थे. पीडीपी के साथ बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई. जाहिर है बीजेपी ने ऐसा राज्य में अपनी जड़ें जमाने के लिए किया होगा. अब बीजेपी खुलकर कह रही है कि यदि पार्टी पूर्ण बहुमत से जीतती है, तो मुख्यमंत्री जम्मू से होगा. 3-कांग्रेस-नेशनल कान्फ्रेंस की सरकार बनती है तो भी हिंदू सीएम की संभावना नए परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं. कुल 90 सीटों पर विधानसभा के चुनाव होने हैं. इनमें 47 सीटें कश्मीर में हैं, जबकि 43 सीटें जम्मू में हैं. परिसीमन के पहले जम्मू एरिया की सीटों की … Read more

Indian Army ने 56 साल बाद ढूंढ निकाले Plane Crash में शहीद हुए जवानों के शव

शिमला/लाहौल स्पीति ये कहानी उन चार फौजियों की है, जिनके शवों के अवशेष 56 साल बाद मिले हैं। ये सभी फौजी हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक विमान हादसे में शहीद हो गए थे। 29 सितंबर 2024 को चन्द्रभागा-13 ढाका ग्लेशियर में सैनिकों के शवों के अवशेष बरामद हुए हैं। इन फौजियों में मलखान सिंह, सहारनपुर, नारायण सिंह पौड़ी-गढवाल और मुंशी राम, रेवाड़ी और थॉमस चैरियन केरल के तौर पर हुई है। सेना की रेस्क्यू टीम ने इन्हें निकाला है और अब काजा के लोसर हेलिपेड से इन अवशेषों को चंडीगढ़ भेजा गया। 1968 में हुआ था हादसा मामला 7 फरवरी 1968 का है। जब चंडीगढ़ से लेह के लिए भारतीय वायुसेना का एएन-12 जा रहा था। इसमें क्रू-मेम्बर के साथ कुल 102 सैनिकों सवार थे। इस दौरान रोहतांग दर्रे के करीब विमान का संपर्क टूटा और फिर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान के खोज के लिए वर्ष 2004, 2007, 2013, 2019 विशेष अभियान चलाया गया है। डोगरा स्काउट्स ने कई अभियान चलाए और 2005, 2006, 2013 और 2019 में सर्च ऑपरेशन पांच शव बरामद किए थे। 2003 में मिले थे विमान के पार्टस 2003 में सबसे पहले मनाली के पर्वतारोही संस्थान के ट्रैकर्स ने विमान को खोजा था। 56 साल के बाद 29 सितंबर 2024 को चन्द्रभागा-13 ढाका ग्लेशियर में सैनिकों के शव बरामद हुए। भारतीय सेना के विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को लोसर लाया गया। मनाली के एक ट्रैकर का कहना है कि साल 2023 में जब उन्होंने भी ढाका ग्लेशियर ट्रैक किया था तो यहां पर विमान का मलबा और कुछ फौजियों के अवेशष देखे थे और फोटो और वीडियो शेयर किए थे। उसने बताया कि यहां पहुंचने के लिए 2 दिन का वक्त लगता है। गर्मियों में बर्फ पिघलने के बाद यहां पर ट्रैकिंग करने वह गए थे। यहां पर पहुंचना आसान नहीं है, आम लोग यहां पर नहीं जाते हैं।  लाहौल स्पीति की चंद्रभागा रैंज में 56 साल पहले हुए विमान हादसे में अब चार फौजी जवानों के शव बरामद किए गए हैं. भारतीय सेना की टीम ने इन शवों को वहां से निकाला है और स्पीती के काजा के लोसर ले गई है. यहां पर शवों को परिवारों को सौंपा जाएगा. इन चार शवों में हरियाणा के रेवाड़ी के सिपाही मुंशीराम भी शामिल हैं. सभी शवों की पहचान हो गई है. जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी 1968 को चंडीगढ़ से लेह के लिए इंडियन एयरफोर्स के एक विमान ने उड़ान भरी थी. इस विमान में 102 लोग सवार थे. लेकिन हिमाचल के रोहतांग दर्रे के पास विमान का संपर्क टूट गया था और फिर आगे बातल के ऊपर चंद्रभागा रैंज में विमान क्रैश हो गया था. विमान में रेवाडी की बावल तहसील के गांव गुर्जर माजरी के सिपाही स्वर्गीय मुन्शीराम भी सवार थे और 56 साल बाद अब उनकी बॉडी के अवेशष बरामद हुए हैं.  रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने  बताया कि सैन्य अभियान दल ने बर्फ से ढके पहाड़ों से चार शव बरामद किए हैं, उनमें स्वर्गीय मुन्शीराम के अवशेष भी हैं. उनके पार्थिव शरीर को जल्द ही गांव में लाया जाएगा. स्वर्गीय मुन्शीराम के पिता का नाम भज्जूराम, माता का नाम रामप्यारी तथा पत्नी का नाम श्रीमति पार्वती देवी है. स्वर्गीय मुन्शीराम के भाई कैलाशचन्द को इस सम्बन्ध में सेना की ओर से सूचना मिली हैं. लेह के लिए चंडीगढ़ से फौजियों ने भरी थी उड़ान गौरतलब है कि यह विमान हादसा 7 फरवरी, 1968 को हुआ था. चंडीगढ़ से 102 यात्रियों को ले जा रहा भारतीय वायु सेना का एएन-12 विमान खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के पर्वतारोहियों ने विमान के मलबे को खोजा था. बाद में सेना, खासकर डोगरा स्काउट्स ने कई अभियान चलाए और 2005, 2006, 2013 और 2019 में सर्च ऑपरेशन पांच शव बरामद किए थे. हालांकि, इस दौरान मनाली के कई ट्रैकर्स ने भी विमान के मलबे को स्पॉट किया था. लाहौस स्पीति के एसपी मयंक चौधरी ने बताया कि कि चंद्रभागा रैंज से चार जवानों के शवों को बरामद किया गया है. इन्हें काजा के लोसर ले जाया गया है और वहां पर मेडिकल टीम के अलावा, पुलिस की टीम भी मौजूद है. पोस्टरमार्टम के बाद परिजनों को ये शव सौंपे जाएंगे. 2003 में हुई हादसे की पुष्टि 2003 में, अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और कुछ शव बरामद किए गए थे. जिसके बाद अरनमुला से स्थानीय पुलिस ने थॉमस चेरियन के बारे में विवरण सत्यापित करने के लिए उनके घर का दौरा किया, जहां उनका परिवार रहता है. भाई थॉमस वर्गीस को समझ नहीं आ रहा था कि वह ऐसे समय क्या करें. हालांकि, उन्होंने दुख और राहत दोनों व्यक्त करते हुए कहा कि, यह उनके लिए दुखद भरा क्षण है लेकिन कब्र में दफनाने के लिए अपने भाई के अवशेषों को प्राप्त करने से कुछ शांति मिली है. तीन शवों की पहचान शैजू मैथ्यू ने बताया- परिवार 56 वर्षों के बाद भी उनकी निरंतर खोज के लिए सरकार और सेना के प्रति आभार व्यक्त करता है. केरल के कई अन्य सैनिक भी AN12 विमान में सवार थे, जिनमें कोट्टायम के केपी पनिकर, केके राजपन और आर्मी सर्विस कोर के एस भास्करन पिल्लई शामिल थे. इन सैनिकों के शव अभी तक नहीं मिले हैं. सितंबर में रोहतांग दर्रे में चार और शव मिले थे, और इनमें से तीन की पहचान हो गई है, जिसमें थॉमस चेरियन का शव भी शामिल है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चौथा शव रन्नी के एक सैनिक पीएस जोसेफ का हो सकता है, जो विमान में भी था.

विंध्याचल नवरात्र मेले की सुरक्षा व्यवस्था एटीएस के हवाले

मिर्जापुर  विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी के विंध्याचल में नौ दिनों तक चलने वाला प्रसिद्ध नवरात्र मेला इस साल आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की निगरानी में होगा।गुरुवार से शुरु हो रहे विंध्याचल नवरात्र मेले की सुरक्षा व्यवस्था आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस ) के हवाले कर दी गई है। पूरा मेला सीसीटीवी कैमरों के जद में होगा। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। मेला सुरक्षा में अर्धसैनिक बल के जवानों के साथ तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।होमगार्ड, पीआरडी ,यातायात पुलिस एवं फायर ब्रिगेड जवानों को भी लगाया गया है। आधुनिक उपकरणों से युक्त बम डिस्पोजल दस्ता एवं जल पुलिस के जवान मुस्तैद रहेगे। मां विन्ध्यवासिनी देवी के गर्भगृह में चरण छूने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध वीआईपी व्यक्तियों पर भी लागू किया गया है। साथ ही साथ पंडों, नाईयो और सफाईकर्मी के लिए ड्रेस कोड में रहने के आदेश दिए गए हैं। दुकानदारों और वाहन स्टैंडो पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने मेला की मुकम्मल व्यवस्था कर लेने का दावा किया है। नगर मजिस्ट्र लाल बहादुर को मेला अधिकारी बनाया गया है। जबकि अपर जिला मजिस्ट्रेट एस पी शुक्ल सुपर मजिस्ट्रेट होगे। जिलाधिकारी प्रिंयका निरंजन बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी जोनो में जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेटो को तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक भीड़ एकत्र न हो सके इसके लिए जगह-जगह बैरियर लगाये गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि मेले में सिविल पुलिस के अलावा जल पुलिस यातायात घुड़सवार पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसी के जवान भी है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एटीएस के जवान मोर्चा संभालेंगे। यह टीम पूरे नवरात्र मेला सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। उन्होंने बताया कि अतिसंवेदनशील स्थानों पर अतिसतर्कता बरती जा रही है। व्यवस्था एवं तैयारियों की समीक्षा के लिए मंडलायुक्त मुथु स्वामी और पुलिस उपमहानिरीक्षक आर पी सिह ने मेला की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक आदेश निर्देश दिए। नवरात्र मेले में ड्यूटी पर तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ड्यूटी के दौरान श्रद्धालु दर्शनार्थियों के साथ विनम्र व्यवहार करे।साथ ही साथ साफ सुथरी वर्दी में अनुशासित रह कर अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन करेंगे।  

तिरुपति मंदिर में 4 अक्टूबर से 9 दिवसीय ‘ब्रह्मोत्सव’ उत्सव, हर दिन 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

तिरुपति आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद अब तिरुपति का श्री वेंकटेश्वर मंदिर ‘ब्रह्मोत्सव’ के लिए तैयारी कर रहा है. यह 9 दिवसीय उत्सव 4 से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें हर दिन लगभग 1 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है. बता दें कि लड्डू विवाद के बाद मंगलवार को मंदिर में सफाई अनुष्ठान ‘कोईल अल्वार तिरुमंजनम’ का आयोजन किया गया था.  इस दौरान पूरे मंदिर, मूर्तियों और पूजा के बर्तनों को साफ किया गया. हर दिन बनेंगे 8 लाख लड्डू ब्रह्मोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की उम्मीद कर रहा है. पवित्र रसोई, जिसे ‘पोटु’ कहा जाता है, जहां प्रतिदिन लगभग 3.5 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं वहां  ब्रह्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन कम से कम 8 लाख लड्डू बनाने के लिए तैयार हो रही है. जानकारी के अनुसार, हर दिन एक लाख तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है. प्रशासन व्यवस्था भी सख्त मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं. 4 से 12 अक्टूबर तक सभी वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है. मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों को भीड़ नियंत्रित करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है. लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है. कौन तैयार करता है लड्डू तिरुपति मंदिर देश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है. यहां हर साल करीब तीन करोड़ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं यानी रोजाना करीब 82 हजार श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करते हैं. करीब 3.50 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं. सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू दिए जाते हैं. इस पूरी व्यवस्था का संचालन उस कमेटी के द्वारा किया जाता है, जिसका गठन हर दो साल में आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार करती है. इस कमेटी का नाम है- तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम्. बता दें कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया कि पिछली सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले प्रसाद में घी की जगह जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी साल जून में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारी और नायडू ने एनडीए की सरकार बनाई. इस दावे के बाद देशभर की सियासत गर्मा गई थी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था.  

लव जिहाद से भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया : कोर्ट

बरेली आनंद बनकर लव जिहाद करने वाले मोहम्मद आलिम को आजीवन कारावास सुनाने के दौरान बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने माना कि लव जिहाद के पीछे विदेशी फंडिंग है। उन्होंने इसे पाकिस्तान, बांग्लादेश की तरह भारत देश को अस्थिर करने की साजिश और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है। कोर्ट ने अपने फैसले में लव जिहाद को भी परिभाषित किया है। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद का मुख्य उद्देश्य हिन्दुस्तान के खिलाफ एक धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्त्वों द्वारा जनसांख्यिकीय युद्ध और अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत वर्चस्व स्थापित करना है। आसान शब्दों में कहें तो लव जिहाद समुदाय विशेष के पुरुषों द्वारा गैर समुदायों से जुड़ी महिलाओं को उनके धर्म में परिवर्तित करने के लिए प्रेम का ढोंग करके शादी करना है। लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण, उस धर्म विशेष के कुछ अराजक तत्व करते हैं, करवाते हैं, उसमें सहयोग करते हैं या फिर इस षड्यंत्र में शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कृत्य कुछ ही अराजक तत्व कराते हैं लेकिन पूरा धर्म विशेष बदनाम होता है। फैसले में उन्होंने इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई है क्योंकि इस कृत्य के लिए बड़ी मात्रा में रकम की जरूरत होती है। फैसले में लव जिहाद को किया परिभाषित कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह प्रकरण लव जिहाद के जरिये अवैध धर्मांतरण का है। ऐसे में सबसे पहले यह जानना भी जरूरी है कि लव जिहाद क्या है? लव जिहाद में समुदाय विशेष के पुरुष शादी के माध्यम से अपने धर्म में परिवर्तन कराने के लिए व्यवस्थित रूप से दूसरे समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाते हैं। समुदाय विशेष के ये लोग इन महिलाओं का धर्मांतरण कराने के लिए प्यार का दिखावा करके धोखे से शादी कर लेते हैं। इस केस में भी अभियुक्त मोहम्मद आलिम ने अपना नाम आनंद बताकर पीड़िता को धोखे में रखकर हिंदू रीति रिवाज से शादी कर उसके साथ बलात्कार किया। फिर उसकी फोटो व वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देकर कई बार बलात्कार किया। विदेशी फंडिंग से हो रहा लव जिहाद, देश के लिए खतरा कोर्ट ने फैसले में कहा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण होता है। अवैध धर्मांतरण रोकने को उप्र सरकार द्वारा उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 पारित किया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण किसी अन्य बड़े उद्देश्य की पूर्ति को कराया जाता है। यदि समय रहते भारत सरकार के द्वारा लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देश को भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने माना धर्मांतरण के लिए किया लव जिहाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर ने इसे लव जिहाद का केस मानकर सात मार्च 2024 को आरोप तय कर सुनवाई शुरू की थी। आरोप साबित करने को एडीजीसी क्राइम दिगम्बर पटेल ने पीड़िता छात्रा समेत छह गवाह पेश किए थे। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लव जिहाद करने के दोषी आलिम को आजीवन कैद की सजा सुनाई। धर्मस्थल में की गई शादी अवैध करार कोर्ट ने आलिम द्वारा पीड़िता से फतेहगंज पश्चिमी के धर्मस्थल में की गई शादी को भी अवैध करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह अधिनियम में दोनों का हिन्दू होना जरूरी है जबकि आलिम ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। सिर्फ लव जिहाद और धर्मांतरण के इरादे से उसने युवती को फंसाने के लिए मांग में सिंदूर भर दिया, जिसे शादी नहीं माना जा सकता। प्रमुख सचिव व डीजीपी को भेजी आदेश की कॉपी कंप्यूटर छात्रा से लव जिहाद के मामले में देवरनिया पुलिस ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में कार्यवाही नहीं की। फास्ट ट्रैक प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने इस केस में फैसले की प्रति मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस और एसएसपी बरेली को भेजकर लव जिहाद के मामलों में इस अधिनियम के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। ताकि भविष्य में विधि अनुसार कार्रवाई हो।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली लेबनान में 27 सितंबर को इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।  रात ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से भारी हमले किए। मध्य पूर्व में इस तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणदीप जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। इस एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने लिखा, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हाल ही में हुई वृद्धि पर बारीक नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है। वर्तमान में ईरान में रहने वाले लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।” बता दें कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। हमले में मुख्य रूप से “सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों” को निशाना बनाया गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक बयान का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि ईरान से इजरायल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागी गई हैं। आईआरजीसी ने धमकी दी है कि अगर इजरायल जवाब देता है, तो वह दूसरा हमला करेगा। तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने मिसाइल हमले को “इजरायली सेना द्वारा हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हनीयेह और आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल सैय्यद अब्बास निलफोरुशन की हत्या का बदला” बताया। इसने कहा कि इसकी वायु सेना ने महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली मीडिया ने बताया कि ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर करीब 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) के अनुसार, इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान द्वारा दागी गई 180 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक “बड़ी संख्या” को लक्ष्य से पहले ही रोक दिया। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने आईडीएफ के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इजरायल का साथ देने का ऐलान किया है। भारतीयों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह सरकार ने सुरक्षा के गंभीर हालात के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे भारतीयों को तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को यहां ईरान को लेकर जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, “हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में हालिया वृद्धि पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।” परामर्श में कहा गया, “वर्तमान में ईरान में रहने वालों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।”  

इतिहास में इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर 200 से ज्यादा मिसाइलें दागीं है जिनमें हाइपरसोनिक हथियार भी शामिल हैं। अब इजरायल ने भी कसम खाई है कि ईरान इस हमले की कीमत चुकाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा से खराब नहीं थे। यह सुनने में भले ही अकल्पनीय लगे लेकिन इजरायल और ईरान ने एक साझा दुश्मन से लड़ने के लिए अमेरिका की मदद से हाथ मिलाया था। 1960 के दशक में इजरायल और ईरान दोनों का एक साझा दुश्मन था इराक। जहां इजरायल अरब देशों के खिलाफ संघर्ष में उलझा हुआ था वहीं शाह के नेतृत्व में ईरान के लिए सुरक्षा और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए इराक एक सीधा खतरा था। इसके बाद इस समय की सबसे गुप्त साझेदारी के लिए एक आधार तैयार हुआ। इस साझेदारी में इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान की सीक्रेट पुलिस SAVAK शामिल थे। दोनों ने इराकी शासन के खिलाफ कुर्द विद्रोहियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इराक के अरब नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देखे जाने वाले ये कुर्द समूह इराकी सरकार को अंदर से कमजोर करने के लिए जरूरी थे। खुफिया गठबंधन कोड-नाम ट्राइडेंट के गठन के बाद इज़राइल और ईरान के बीच के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे जिसमें तुर्की भी शामिल था। 1958 की शुरुआत में ट्राइडेंट की मदद से इन तीन समूहों ने कई खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान किया। जैसे-जैसे संबंध परिपक्व होते गए इज़राइल और ईरान और भी करीब होते गए। शाह की महत्वाकांक्षाएं और इज़राइल का प्रभाव ईरान के शाह मोहम्मद रजा पहलवी न केवल साझा भू-राजनीतिक हितों से प्रेरित थे बल्कि अमेरिका में इज़राइल के प्रभाव से भी प्रेरित थे। शाह ने इजराइल को अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए एक साधन के रूप में देखा। खासकर कैनेडी प्रशासन द्वारा उनके शासन के बारे में चिंता व्यक्त करने के बाद यह और जरूरी हो गया था। इजराइली-ईरानी संबंध ईरान की पश्चिम के साथ खुद को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बन गए। नतीजतन 1960 के दशक के मध्य तक तेहरान में एक स्थायी इजराइली प्रतिनिधिमंडल की स्थापना हुई जो एक दूतावास के रूप में कार्य करने लगी। हालांकि इस संबंध में भी कुछ जटिलताएं थी। शाह अरब दुनिया में व्यापक इजराइल-विरोधी भावना से अवगत थे। उन्होंने ईरान के इजराइल के साथ संबंधों के सार्वजनिक तौर पर इनकार किया। इराक के खिलाफ मिलकर काम करने में दोनों देशों का फायदा ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया और इसे एक इजराइल विरोधी इस्लामी गणराज्य में बदल दिया। फिर भी अयातुल्ला खोईमेनी के सत्ता में आने के बाद भी नए शासन ने इजराइल के साथ गुप्त सहयोग जारी रखा। जैसे-जैसे ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) आगे बढ़ा दोनों देशों ने सद्दाम हुसैन के इराक के खिलाफ़ मिलकर काम करने में ही फायदा देखा। इज़राइल ने भी ईरान की मदद करने में एक अच्छा अवसर देखा। अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने इराकी सेना की आपूर्ति की थी और यह एक जोखिम था। इज़राइल द्वारा ईरान को हथियारों की खेप भेजना, खास कर से प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन द्वारा 1980 में सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंज़ूरी दिए जाने के बाद इराक की ताकत को कमज़ोर करने का एक सोचा-समझा फ़ैसला था। ये गुप्त हथियार सौदे अमेरिकी नीति के बावजूद किए गए जिसमें तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी लोगों की रिहाई तक ईरान को सैन्य सहायता देने पर रोक लगाई गई थी। इज़राइली सैन्य सहायता के बदले में, खोईमेनी के शासन ने बड़ी संख्या में ईरानी यहूदियों को इज़राइल या अमेरिका में रहने की अनुमति दी। ऑपरेशन फ्लावर इजरायल-ईरानी साझेदारी पारंपरिक हथियार सौदों से आगे तक पहुंच गई थी। सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ऑपरेशन फ्लावर था जो एक गुप्त करोड़ों डॉलर की योजना थी जो 1977 में शाह के शासन के दौरान शुरू हुई थी। इस सौदे के तहत ईरान ने 1978 में इजरायल को 260 मिलियन डॉलर का तेल भेजकर एक बड़ा अग्रिम भुगतान किया जैसा कि 1986 की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था। मिसाइल कार्यक्रम पर काम 1979 में इस्लामिक क्रांति तक जारी रहा जिसके बाद खोमेनेई के शासन ने अचानक सहयोग रोक दिया। अक्टूबर 1980 में जब ईरान ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा था तब इजरायल ने गुप्त रूप से ईरान को अमेरिकी निर्मित एफ-4 लड़ाकू विमानों के लिए 250 अतिरिक्त टायर भी दिए थे। दुश्मनी की शुरुआत 1990 के दशक तक इज़राइल और ईरान के बीच सहयोग का युग लगभग समाप्त हो गया था। भू-राजनीतिक कारण जैसे अरब समाजवाद, सोवियत प्रभाव और इराक का खतरा, जो कभी उन्हें एकजुट करते थे गायब हो गए थे जिससे सहयोग के लिए वजहें नहीं बची थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल विरोधी विचारधारा को अपनाया। ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष में हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों का समर्थन किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का चुनाव, नरसंहार से इनकार और इजरायल के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान इस क्षेत्र में इजरायल का सबसे प्रमुख विरोधी बन गया। अब मिडिल ईस्ट के ये दो देश पूरी तरह युद्ध की कगार पर हैं।

मोहन सरकार प्रदेश में फ्लोर एरिया रेशियो को 2.5 से बढ़ाकर 5 या 7 कर सकती है, जाने इससे क्या होगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है. केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला में शुरू हुआ नवरात्रि अनुष्ठान, दैनिक नवदुर्गा गायत्री महायज्ञ ।

Navratri rituals started in Gayatri Pragya Peeth Amla, daily Navadurga Gayatri Mahayagya. हरिप्रसाद गोहेआमला । आज नवरात्रि के पावन अवसर पर 24000 गायत्री मंत्र लघु अनुष्‍ठान , गायत्री चालीसा पाठ , 2400 गायत्री मंत्र लेखन व दुर्गा सप्तशती पारायण आदि साधनात्‍मक अनुष्‍ठान के संकल्‍प के साथ गायत्री महायज्ञ गायत्री प्रज्ञापीठ आमला में सम्‍पन्‍न हुआ । इस पावन अवसर पर सैकड़ो परिजनों द्वारा अनुष्‍ठान प्रारम्‍भ किया गया।गायत्री परिवार के मुख्‍य ट्रस्‍टी बी पी धामोड़े ने बताया कि वंदनीय माता भगवती शर्मा जी और अखण्‍ड दीप के सताब्‍दी वर्ष में अखिल विश्‍व गायत्री परिवार लगातार बृम्‍हास्‍त्र साधना के साथ अनेकों साधनात्‍मक संकल्‍पों के साथ नियमित यज्ञ का क्रम संचालित कर रहा है। इस हेतु गायत्री प्रज्ञापीठ सुबह 04 बजें से निरन्‍तर रात्रि 09 बजें तक साधना हेतु खुला रहेंगा परिजन यहां आकर या अपने घर पर रहकर साधनाएं कर सकतें है। वहीं सहायक मुख्‍य ट्रस्‍टी वैध ठाकुरदास पंवार ने बताया कि गायत्री मंदिर प्रांगण में प्रतिदिन यज्ञ एवं विभिन्‍न संस्‍कार नि:शुल्‍क करवायें जा रहें है जिस हेतु कोई भी परिजन गायत्री मंदिर प्रात: 07:30 से आकर विभिन्‍न संस्‍कार नि:शुल्‍क करवा सकतें है। विकासखण्‍ड समन्‍वयक नर्मदा प्रसाद सोलंकी ने बताया कि अखिल विश्‍व गायत्री परिवार जिला समन्‍वय समिति के निर्देशानुसार दिनांक 06 अक्‍टूबर, 2024 दिन रविवार को प्रात: 11:00 बजें से तहसील स्‍तरीय संगठन एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गायत्री प्रज्ञापीठ आमला में आयोजित किया जाना है इस हेतु सम्‍पूर्ण विकासखण्‍ड से 100 परिजनों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

आमंत्रण विवाद में उलझा प्रसूति प्रतिक्षालय भवन लोकार्पण कार्यक्रम ।

विधायक ने किया प्रसूति प्रतिक्षालय भवन का लोकार्पण, नपा अध्यक्ष उपाध्यक्ष को आमंत्रित करना भूले बीएमओ साहब ? नगर के प्रथम नागरिक की उपेक्षा की शहर में हो रही आम चर्चा । Inauguration program of maternity ward building embroiled in invitation controversy. हरिप्रसाद गोहेआमला । हमेशा ही चर्चाओ में रहने वाले सिविल अस्पताल एवं वहा पदस्थ खंड चिकित्सा अधिकारी की कार्यप्रणाली में लापरवाही बरते जाने का बुधवार एक और मामला प्रकाश में आया है । यह लापरवाही जानबूझकर की गई या किसी के इसारे पर यह बात एक गंभीर प्रश्न के रूप में उभर कर सामने आई है । मामला बुधवार सिविल अस्पताल में नवनिर्मित प्रसूति प्रतिक्षालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाड़रे एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष किशोर माथनकर को आमंत्रित न कर उनकी उपेक्षा किए जाने का । जागरूक नागरिकों ने हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान बताया सिविल अस्पताल में प्रसूति प्रतिक्षालय भवन का लोकार्पण कार्यक्रम पूर्णतः सरकारी था जिसमे सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि एवं विपक्ष के चुनें हुए जन प्रतिनिधि को आमंत्रण दे आमंत्रित किया जाना होता लेकिन बीएमओ ने सत्ता के जनप्रतिनिधि एवं उनके कार्यकर्ताओ को आमंत्रित कर भवन का लोकार्पण संपन्न करा दिया गया वहीं नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष को आमंत्रित न कर उनके पद की गरिमा एवं उनको अपमानित कर उनकी उपेक्षा की गई जो बीएमओकी घोर लापरवाही पूर्ण कार्यप्रणाली को उजागर करता है । गोरतलब हो की प्रदेश सरकार जन प्रतिनिधियों के सम्मान हेतु प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है वही सरकार के नुमाइंदे सरकार की मंशा को पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। क्या है पूरा मामला बुधवार सिविल अस्पताल आमला में नवीन प्रसूति प्रतिक्षालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन आयोजित हुआ था।लोकार्पण कार्यक्रम डॉ योगेश पंडाग्रे विधायक आमला के हस्ते संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम सिविल अस्पताल आमला के बी एम ओ अशोक नरवरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बी एम ओ द्वारा इस लोकार्पण कार्यक्रम में आमला नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे सहित नगर पालिका के उपाध्यक्ष किशोर माथनकर को आमंत्रित नही किया गया था।यह स्थानीय जन प्रतिनिधि का अपमान है । बतादे लोकार्पण कार्यक्रम में सत्ता पक्ष से जुड़े छोटे से लेकर बड़े नेताओं को बुलाकर सम्मान दिया गया किंतु नपा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को न बुलाकर उनका अपमान किया गया। जन चर्चा यह भी है की आमला बी एम ओ की कार्यप्रणाली हमेशा से ही विवादास्पद रही है।अपनी हठधर्मिता के कारण ये कई बार विवादो मे आए।लोगो का कहना है की बीएमओ अपने आपको को अस्पताल का सुप्रीमो समझते है।सत्ता पक्ष के नेताओं से मधुर संबंध और कृपा पात्र होने के कारण आए दिन विवादो में रहने के बाद भी इन पर कोई कार्यवाही नहीं होती।आज सिविल अस्पताल साधन सम्पन्न होने के बाद भी बीएमओ की कार्यप्रणाली के कारण सुविधा विहीन है।आमला के नागरिकों और वरिष्ठ जनों ने इसे बीएमओ की घोर लापरवाही और जानबूझकर कर अपमानित करने की कारगुजारी करार दिया है । इस संबंध में जब खंड चिकित्सा अधिकारी आमला डॉक्टर अशोक नरवरे से दूरभाष पर संपर्क करना चाहा गया तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया जिस कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका । Read more : https://saharasamachaar.com/childrens-cleanliness-campaign-small-hands-big-message/ इन्होंने क्या कहा मुझे कोई आमंत्रण नहीं मिला और न ही मुझे इस संबंध में कोई जानकारी है” इस तरह की दूजे भाव वाली कार्यप्रणाली बीएमओ की घोर लापरवाही को उजागर करता है ।नितिन गाडरेअध्यक्ष नगर पालिका परिषद आमला । शहर में सरकारी कार्यालय में आयोजन हो रहा हो उसमे नगर के प्रथम नागरिक को न बुलाए जाना शर्म की बात है अधिकारी की इस तरह की लापरवाही सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारों में कार्य करने वाली कार्यप्रणाली को उजागर करता है जो गलत हैं । किशोर माथनकर उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद् आमला ।।

राशिफल गुरुवार 03 अक्टूबर 2024

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। हालांकि व्यापारियों को कार्यों में व्यस्तता रह सकती है। मित्रों के साथ अच्छा तालमेल बनाकर रखें। सेहत के प्रति सचेत रहें। परिवार की किसी महिला से धन मिल सकता है। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक रूप से अच्छे रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। वृषभ राशि-  आज कार्यों को धैर्य के साथ पूरा करें। अनुशासन व ईमानदारी से कार्यों को करने से आप उच्चाधिकारियों को प्रभावित भी कर पाएंगे। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। काम में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। अपनों का साथ होगा। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि किसी भी काम में बहुत जल्दबाजी ने करें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी का साथ रहेगा। व्यापारियों के लिए शुभ दिन। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कर्क राशि- आज खर्चों में वृद्धि होने के कारण मन परेशान हो सकता है। बातचीत में संतुलन बनाकर रखें, वरना ऑफिस में वाद-विवाद हो सकता है। बेकार के क्रोध से बचें। संतान व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ होगा, जिससे धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश के अच्छे विकल्प सामने आ सकते हैं। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पिता का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर अनबन हो सकती है। बच्चों की सेहत अच्छी रहेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का आज अतीत की बातों को लेकर मन परेशान रह सकता है। हालांकि शाम तक मूड अच्छा हो जाएगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। नौकरी के लिए इंटरव्यू कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। ऑफिस में उच्चाधिकारी आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। आर्थिक रूप से संतुलन बनाकर चलें। तुला राशि- आज तुला राशि के जातक आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे, लेकिन कुछ चीजों को लेकर मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह समय अच्छा रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ के योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आय में कमी व खर्च ज्यादा की स्थिति से परेशान भी हो सकते हैं। पिता से धन मिल सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सानिध्य मिलेगा। नौकरी पेशा करने वालों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। धनु राशि- आर्थिक रूप से मुश्किलों का सामना करने के कारण मन परेशान रह सकता है। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ के अवसर भी मिलेंगे। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। धैर्य से काम लें। अटके हुए कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। मकर राशि- आज मकर राशि के कुछ जातकों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। आर्थिक रूप से आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कुंभ राशि- आज शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन अशांत रहेगा। बेकार के गुस्से से बचें। बातचीत में बैलेंस बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। आय के नवीन सोर्स बनेंगे, पुराने सोर्स से भी पैसे आएंगे। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें। व्यापार अच्छा दिख रहा है। मीन राशि- मीन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में धैर्य के काम लेना होगा। परिवार में भी शांति बनाए रखने का प्रयास करें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीददारी संभव है। अपनों का साथ होगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। जीवनसाथी का सानिध्य प्राप्त होगा।

योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी

लखनऊ योगी सरकार हर साल की तरह इस साल भी महिलाओं को दिवाली पर तोहफा देने जा रही है।योगी सरकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत यूपी के लाभार्थियों को फ्री में दिवाली पर एक सिलेंडर देगी। लाभार्थियों को फ्री में सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है लेकिन सरकार ने इसका नीतिगत निर्णय ले रखा है, इसलिए आदेश आना औपचारिकता है। फ्री में सिलेंडर कब बांटे जाएंगे ये आदेश आने के बाद ही पता चलेगा। माना जा रहा है कि दो-तीन दिनों में सिलेंडर देने का आदेश जारी हो सकता है। दरअसल प्रधानमंत्री उज्जवला योजना पूरे देश में चलाई जा रही है। इसके तहत साल में दो सिलेंडर निश्शुल्क उज्जवला लाभार्थियों को दिए जाते हैं। पहला सिलेंडर दिवाली पर मिलता है और दूसरा सिलेंडर होली पर दिया जाता है। दिवाली की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए थे निर्देश त्योहारों को लेकर सीएम योगी ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सीएम योगी ने दीपावली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर बांटने के निर्देश जारी किए थे। सीएम योगी ने कहा था कि त्योहार से पहले इन सभी लाभार्थियों तक रसोई गैस सिलेंडर पहुंच जाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करके त्योहार में सुरक्षा-व्यवस्था पर भी लंबी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने नवरात्र के समय प्रमुख स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल रखने को कहा है। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी मंदिर, वाराणसी में विशालाक्षी मंदिर और बलरामपुर में मां पाटेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए जाए। हर मंदिर परिसर में सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। ग्रामीण रूटों पर बसें बढ़ाई जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय अक्सर ग्रामीण रूट पर बसों की कमी दिखती होती है। परिवहन निगम को इन रूटों पर बसों की संख्याा बढ़ाने की जरूरत है। निगम यह भी देखे कि बस ड्राइवर व कंडक्टर नागरिकों के साथ अच्छा व्यवहार करें। किसी हाल में डग्गामार और खस्ताहाल बसें नहीं चलाई जाए। शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा को बढ़ाने की जरूरत है।

अभ्यास के तहत जवानों ने वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन-32 से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना अभ्यास कर रही है। बुधवार को इस अभ्यास के तहत जवानों ने वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन-32 से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई और पैराशूट के जरिये चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी के रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। इसके साथ ही वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन 32 ने चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। वायु सेना का यह अभियान पायलेट प्रशिक्षण का अभ्यास बताया जा रहा है। इससे पहले गत 17 सितंबर से 22 सितंबर तक पायलेट ट्रेनिंग कार्यक्रम चला। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण भारत-चीन अंतराष्ट्रीय सीमा के करीब बनी चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सेना और वायु सेना समय-समय पर यहां अपने अभ्यास कार्यक्रम आयोजित करती आई हैं। इस हवाई पट्टी पर हरक्यूलिस सहित कई विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर चुके हैं। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायु सेना पिछले कई वर्षों से समान्य और सैन्य अभ्यास कर रही है। यही वजह है कि वायु सेना इसे अपना एडवांस लैंडिंग ग्राउंड एएलजी बनाने की कवायद में लगी हुई है। गत मंगलवार को भी वायु सेना ने अभ्यास शुरू किया। बुधवार को वायु सेना के 10 जवानों ने एएन 32 विमान से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। जिन्होंने पैराशूट के जरिये रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। ये जवान आगरा एयर बेस से एएन 32 में पहुंचे। 18 हजार फीट की ऊंचाई से कूदे जवानों के हौसले को देखने के लिए चिन्यालीसौड़ में कौतूहल का माहौल बना। हर किसी की नजर आसमान में पैराशूट पर थी। यह अभियान आगामी 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास के लिए वायुसेना के जवान जुटे हुए हैं।

ईरान ने इजरायली नेताओं की मोस्ट वांटेड लिस्ट जारी की, जिसके चलते करारा जवाब देने की तैयारी में नेतन्याहू

तेल अवीव ईरान द्वारा इजरायल पर सैकड़ों मिसाइल दागे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इजरायल ने ईरान से बदला लेने की कसम खाई है। उधर, ईरान ने इजरायली नेताओं की मोस्ट वांटेड लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में इजरायल के कुल 11 नेताओं के नाम हैं। टॉप पर पीएम नेतन्याहू का नाम ईरान ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें बेंजामिन नेतन्याहू का नाम टॉप पर है। इसके अलावा लिस्ट में रक्षा मंत्री योआव गैलेंट और सेना प्रमुख हर्जी हलेवी का नाम भी शामिल है। ईरान ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें इन्हें इजरायली आतंकी बताया गया है।   ईरान ने दागी कई मिसाइलें इससे पहले, बीती रात ईरान की ओर से इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागी गई। हालांकि, मिसाइल अटैक में इजरायल को खास नुकसान नहीं हुआ। इन हमलों के बाद नेतन्याहू ने ईरान पर पलटवार करने की कसम खाई है। वहीं, अमेरिका ने इजरायल की मदद करने का एलान किया है। अमेरिका ने ही हमले से कुछ घंटों पहले इजरायल को आगाह किया था। अमेरिका ने कहा था कि ईरान कुछ ही देर में इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर सकता है।

युवाओं से लाखों की ठगी मामले में गिरफ्तार किए तीनों युवकों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा

सिरसा पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण द्वारा गठित आर्थिक अपराध सेल की विशेष पुलिस टीम ने कनाडा भेजने के नाम पर 8 लाख रुपए की कबूतरबाजी (ठगी) करने के मामले में एकैडमी संचालक  सहित 3 युवकों को गिरफ्तार किया  है। इस संबंध में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए युवकों की पहचान एकैडमी संचालक हसनीत सिंह पुत्र जसबीर सिंह निवासी संतावाली, यादविंद्र सिंह पुत्र गुरदेव सिंह निवासी संतनगर तथा अनमोल पुत्र बुटा सिंह निवासी करीवाला जिला सिरसा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए तीनों युवकों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा और रिमांड अवधि के दौरान उनकी निशानदेही पर जहां ठगी की राशि बरामद की जाएगी। वहीं पर अन्य आरोपियों के बारे में नाम पता मालूम कर उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। भूषण ने बताया कि राजेंद्र कुमार पुत्र रतन लाल निवासी समैण जिला फतेहाबाद की शिकायत पर रानियां थाना में वोग वेयर एकैडमी संचालक व अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी आर्थिक, अपराध सेल सिरसा को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार समैण निवासी राजेंद्र कुमार अपने बेटे संदीप को कनाडा भेजने के लिए एक एकैडमी संचालक व उसके साथियों से संपर्क किया था।  पत्राचार के दौरान एकैडमी संचालक तथा उसके अन्य साथियों ने षड़यंत्र रचा तथा कनाडा भेजने वाले युवक संदीप के ग्रेजुवेटी अकाऊंट में पैसे न डालकर किसी अन्य  के खाते में डालकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी व धोखाधड़ी की। युवक संदीप के पिता राजेंद्र कुमार ने जब इस संबंध में जब पुलिस को सूचित किया तो पुलिस अधीक्षक ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आर्थिक अपराध सेल की टीम को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  उधर, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विदेश भेजने के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इंमीग्रेशन सैट्रर संचालकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आपके द्वारा बरती थोड़ी सी सावधानी आपको ठगी का शिकार होने से बचा सकती है, इसलिए विदेश जाने से संबंधित कार्यों को लेकर हमेशा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजैटों से ही संपर्क करें तथा पैसों का भुगतान करने से पूर्व उस एजैंट के बारे में पूरी जानकारी अवश्य हासिल करें।  

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