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राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला, पंजाब में 15 अक्टूबर तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस ने आगामी 15 अक्टूबर तक सभी पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टियां पर रोक लगा कर दी है। राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ विशेष हालात में ही छुट्टी मंजूर की जाएगी। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए है। राज्य में 13937 गांव पंचायत है। जिन में चुनाव करवाए जाने है। 96 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती चुनाव में 1 करोड़ 33 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। 96 हजार पुलिस कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी में तैनाती की जाएगी। चुनाव में माहौल खराब न हो इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। इस बार पंचायत चुनाव पार्टी चुनाव निशान पर नहीं होंगे। यह कोशिश की जा रही है कि सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हो। लेकिन इसके बावजूद राज्य में कहीं न कहीं से हिंसा की खबरें आ रही है। लोगों के लिए स्पेशल नंबर शुरू किया गया चुनाव को लेकर सेक्टर 17 चुनाव कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों के लिए एक स्पेशल नंबर शुरू किया गया है जहां पर सुबह 8 से रात 9 बजे तक शिकायतों को सुना जाएगा। उधर डीजीपी गौरव यादव ने निर्देश दिए है कि सब डिवीजन स्तर पर तैनात डीएसपी हर सप्ताह एसएसपी और सीपी के साथ बैठक करेंगे। किस जिले में कितनी आपराधिक वारदातें हुई कितने अपराधियों को पकड़ा गया इस का फीडबैक दिया जाएगा। हर महीने डीजीपी स्तर के अधिकारी राज्य के पूरे क्राइम को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं त्यौहारों के लिए सीजन में पार्किंग व अन्य लोगों की सुरक्षा को सही करने के लिए सभी एसएसपी और सीपी को प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को दिक्कत का सामना न करना पडे़।

ब्लू लाइन पर यात्रियों को हुई परेशानी, अब समस्या का समाधान हुआ यात्रियों को समय पर ट्रेन मिली

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के यात्रियों को बुधवार को ब्लू लाइन पर यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अब समस्या का समाधान हो गया और यात्रियों को समय पर ट्रेन मिल रही है। डीएमआरसी (DMRC) ने एक्स पर पोस्ट करके इस संबंध में जानकारी दी थी। द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी/वैशाली के लिए जाने वाली मेट्रो सेवाओं में देरी हो रही थी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने एक्स पर अपनी पोस्ट में यह भी जानकारी दी है कि अन्य लाइनों पर सर्विस सामान्य है। बता दें कि इस दौरान यात्रियों को समस्या का सामना पड़ा। कुछ यात्री स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे, जबकि कुछ यात्री अन्य वाहन जैसे बस या कैब से अपने स्थान की ओर चले गए।  

सीएम योगी ने कहा- हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, धन की कोई कमी नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सांसदों और विधायकों को भी प्रयास करना होगा। दरअसल, हर ग्राम पंचायत, कस्बे, टाउन एरिया, नगर और महानगर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों से अपने क्षेत्र में नई सड़क, बाईपास, अथवा पुल-पुलिया के निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि अपने जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में कोर कमेटी के साथ बातचीत कर जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करें। सीएम योगी ने कहा कि जहां कहीं भी नई सड़क की जरूरत हो, पुरानी की मरम्मत करानी हो, सेतु निर्माण, रिंग रोड/बाईपास, प्रमुख/अन्य जिला मार्ग अथवा सर्विस लेन आदि की आवश्यकता हो, जनप्रतिनिधिगण प्रस्ताव भेजें, शासन स्तर से तत्काल निर्णय होगा। अगर किसी मजरे में कम से कम 250 लोगों की आबादी है, तो भी वहां पक्की सड़क की सुविधा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाईपास मार्ग नहीं है, वहां के जनप्रतिनिधि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार करें। धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अथवा पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क/चीनी मिल परिक्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी तरह, यदि कहीं भी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़क से नहीं जुड़ें हैं, तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। इंटरस्टेट अथवा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कार्य जारी है। सीमा पर ‘मैत्री द्वार’ भी तैयार कराए जाने हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में भी अपने प्रस्ताव देने चाहिए। बैठक में, मुख्यमंत्री ने वर्तमान में जारी सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति के प्रदेशव्यापी अभियान को पहले चरण में 10 अक्टूबर तक सम्पन्न करने के भी निर्देश दिए। भारी वाहनों की ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पॉइंट’ पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामान्य आवागमन बाधित कर जांच करने की बजाय, जहां से वाहन चलना प्रारंभ किया है, वहीं कार्रवाई करें। बैठक में सभी ज़ोन, मंडलों, रेंज, जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।  

सामान्य से 58.5% अधिक वर्षा, राजस्थान में बारिश थमते ही चढ़ा पारा

जयपुर. मानसून सीजन खत्म होने के साथ मौसम में बदलाव शुरू हो गया। अब दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए इस बार स्कूलों ने शीतकालीन कैलेंडर में भी बदलाव किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अक्टूबर में सामान्य ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और धूप निकली। जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर, बारां, डूंगरपुर, करौली, जालौर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस मानसून सीजन में हुई बारिश की बात करें तो यह सामान्य से 58.5 प्रतिशत अधिक रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश में सामान्य वर्षा का स्तर 417.46 एमएम माना जाता है जबकि इस सीजन में प्रदेश में 662.78 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि पोस्ट मानसून भी पूर्वी राजस्थान के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। करौली में सबसे ज्यादा वर्षा – पूरे सीजन की बात करें तो करौली में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, यहां 1931 एमएम वर्षा हुई है। एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड भी करौली जिले के ही नाम रहा। यहां एक दिन में सर्वाधिक 380 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।  प्रदेश के बांधों की स्थिति – प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जोरदार रही। मानसून सीजन के शुरू होने पर प्रदेश में सिर्फ 5 बांध ही पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 405 हो चुकी है। इसके अलावा 169 बांधों में भी आंशिक रूप से पानी आया है। इन 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा – जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं 15 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 8 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है। उनमें अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, दौसा, डीग, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, खैरतल, तिजारा, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी और बूंदी शामिल हैं।

छात्रों ने भजन गाकर गांधीगिरी से चलाया हस्ताक्षर अभियान, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में महाविद्यालय की मांग

गरियाबंद. अमलीपदर हायर सेकेंडरी के छात्रों ने कॉलेज की मांग को लेकर ‘गांधी गिरी’ शुरू कर दी है. छात्रों का एक समूह ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते हुए समर्थन जुटा रहा है. अब तक 700 लोगों से हस्ताक्षर करवा कर समर्थन प्राप्त कर चुके हैं, और उनका लक्ष्य 1,000 हस्ताक्षर जुटाने का है. एक हजार हस्ताक्षर पूरे होते ही छात्र कोलेक्टोरेट जाकर अपनी मांग को लेकर ज्ञापन देंगे. छात्रों ने बताया कि वे तब तक अभियान जारी रखेंगे जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती. अभियान का नेतृत्व कर रहे छात्र अतुल ताम्रकार, शाहिल मिर्जा, और विशाल मिश्रा ने कहा कि स्थानीय क्षेत्र में प्रति वर्ष 300 से अधिक छात्र कॉलेज की पढ़ाई के लिए निकलते हैं, लेकिन महाविद्यालय की अनुपस्थिति के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. लंबे समय से हो रही है महाविद्यालय की मांग – अमलीपदर में महाविद्यालय की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण, बारिश के दौरान 50 गांव अक्सर टापू में तब्दील हो जाते हैं. भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में केवल आश्वासन दिए हैं, लेकिन महाविद्यालय की स्थापना अन्यत्र की गई है. जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आवाज को अनसुना किया गया, तो छात्रों ने अब मोर्चा खोल दिया है. 16 अगस्त को छात्रों ने एक विशाल रैली निकालकर तहसीलदार योगेश सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा था. सुनवाई न होने पर उन्होंने गांधी गिरी की राह अपनाई. पूर्व छात्रों का दर्द — अमलीपदर निवासी त्रिभुवन ताम्रकार, मुकेश मांझी और बहरापारा निवासी रुकमन यादव ने 2021 के बाद 12वीं पास की, लेकिन दूरी के कारण वे आगे की पढ़ाई नहीं कर सके. 10 साल पहले 12वीं पास करने वाले अविनाश भोसले ने बताया कि उनकी उच्च शिक्षा की इच्छा थी, लेकिन कॉलेज की दूरी के कारण उन्हें प्राइवेट पढ़ाई करनी पड़ी. पूर्व छात्र और कांग्रेस नेता अनुराग वाघे ने छात्रों की गांधी गिरी का समर्थन करते हुए कहा कि महाविद्यालय की मांग को लेकर पूर्व में किए गए प्रयासों का कोई परिणाम नहीं निकला. तहसीलदार योगेश सिंह राजपूत ने बताया कि ज्ञापन को उच्च कार्यालय भेज दिया गया है. मांग के संबंध में जैसे ही कोई पत्राचार होगा, ज्ञापन दाताओं को सूचित किया जाएगा.

ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी स्कूटर की बिक्री घटी

नई दिल्ली ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और सितंबर में यह गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है। इसकी वजह दोपहिया ईवी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना और कंपनी के ईवी स्कूटर में लगातार ग्राहकों को समस्या का सामना करना है। सरकारी पोर्टल वाहन से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा पिछले महीने 24,665 इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री की गई है। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 यूनिट्स का था। इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी। ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर गिरने की वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेक्टर में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बजाज ऑटो के इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री सितंबर में बढ़कर 19,103 यूनिट्स हो गई है, जो अगस्त में 16,789 यूनिट्स थी। टीवीएस मोटर्स की ओर से बीते महीने 18,084 यूनिट्स इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 17,649 यूनिट्स पर था। एक अन्य इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी एथर एनर्जी की बिक्री भी सितंबर में बढ़कर 12,676 यूनिट्स हो गई है। अगस्त में कंपनी द्वारा 10,980 यूनिट्स बेचे गए थे। ओला इलेक्ट्रिक की कम होती बिक्री का असर उसके शेयर पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 157.40 रुपये से करीब 38 प्रतिशत फिसल चुका है। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 100 रुपये के आसपास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी में ग्राहकों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सेंटर से जुड़ी समस्याएं हैं।

नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में नए नियम के साथ अब बिल्डर नहीं कर पाएंगे बायर्स के साथ धोखाधड़ी

नोएडा नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में जल्द ही नया नियम बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद बिल्डर बायर्स के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे और उन्हें फ्लैट की बुकिंग करने के साथ-साथ उसकी रजिस्ट्री भी करवानी होगी। इसके चलते सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। अक्सर देखा गया कि बिल्डर मुनाफा कमाने के लिए एक ही फ्लैट कई लोगों को बेच देता है। वो अपना तो मुनाफा कमा लेता है, लेकिन इससे राजस्व की बड़ी हानि होती है। नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि क्योंकि नोएडा में त्री पक्षीय रजिस्ट्री होती है। यहां जितनी बार भी फ्लैट बिकेगा प्राधिकरण को ट्रांसफर चार्ज देना होगा। जिसे तकनीकी रूप से ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम कहते है। बिल्डर अब ये चालाकी नहीं कर सकेगा। नए नियम के तहत बिल्डर को एग्रीमेंट टू सेल करने के साथ ही बायर्स की रजिस्ट्री करानी होगी। जिससे बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। ऐसा करने से बायर्स का पूरा रिकॉर्ड प्राधिकरण में अपडेट हो जाएगा। इससे बिल्डर किसी दूसरे को फ्लैट नहीं बेच सकेगा। यदि ऐसा करता है तो बायर्स को प्राधिकरण से टीएम कराना होगा और चार्ज देना होगा। दूसरा बायर्स को समय से फ्लैट मिलेगा। अब तक ये व्यवस्था लागू नहीं थी। ऐसे में बिल्डर धोखे से एक ही फ्लैट को कई बार बेचकर मुनाफा कमाता था। साथ ही बायर्स के साथ भी धोखाधड़ी होती थी। ऐसे कई मामले रेरा और नोएडा के थानों में दर्ज है। जिसमें बिल्डर ने बायर्स से धोखाधड़ी करके एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा और सभी से टीएम के नाम पर पैसे लिए। नए नियम के तहत कोई बायर्स बिल्डर से फ्लैट खरीदने जाता है। बुकिंग के समय 10 प्रतिशत राशि देकर बिल्डर उसके पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल एक्सक्यूट करेगा। साथ ही इस प्रॉपर्टी की वैल्यू के अनुसार स्टॉप ड्यूटी देते हुए इसे रजिस्टर कराना होगा। निर्माण पूरा होने के बाद पजेशन देते समय 100 रुपए के स्टांप पेपर पर पजेशन डीड रजिस्टर किया जा सकता है। नोएडा में सबसे बड़ी समस्या रजिस्ट्री नहीं होना है। यहां बिल्डरों ने प्राधिकरण का पैसा जमा नहीं किया। जिसके एवज में प्राधिकरण ने रजिस्ट्री रोक दी है। अमिताभ कांत सिफारिश के बाद बिल्डर से 25 प्रतिशत राशि लेकर रजिस्ट्री की जा रही है। नए नियम के तहत ऐसा कुछ नहीं होगा। जैसे ही बायर्स फ्लैट की राशि 10 प्रतिशत देकर बुकिंग कराएगा, उसी समय बिल्डर बायर्स के पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल करते हुए कुल वैल्यू की स्टांप ड्यूटी देते हुए रजिस्ट्री कराएगा। एक बार रजिस्ट्री होने से बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। साथ ही डर समाप्त हो जाएगा कि उसका फ्लैट कही और नहीं बिका है। प्राधिकरण या सरकार को राजस्व मिलेगा। साथ ही बिल्डर की ओर से की जाने वाली हेराफेरी समाप्त होगी। इससे संबंधित एक पत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इसे अपने यहां लागू कर दिया है। वहीं नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी जल्द होने जा रही है। इस प्रस्ताव को बोर्ड में लाया जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा  

हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर किया तलब, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में घायल युवक के इलाज में लापरवाही

बिलासपुर। एक दुर्घटनाग्रस्त युवक के इलाज में हुई लापरवाही को लेकर मीडिया में आई खबर पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को निर्धारित की गई है. दरअसल, 21 वर्षीय जगमीत सिंह बिलासपुर के दयालबंद इलाके में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घायल युवक को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे कुछ युवकों ने जिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल पहुंचने के बाद से जगमीत दर्द से कराहता रहा, लेकिन उसके इलाज के लिए कोई डॉक्टर या वार्ड ब्वाय नहीं आया. घटना की जानकारी पाकर पहुंचे जगमीत के 60 वर्षीय पिता अस्पताल में बेटे की हालत देखकर घबरा गए. घायल युवक फर्श पर तड़पता रहा, अस्पताल के स्टाफ ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया, फिर उसका प्राथमिक इलाज कर सिम्स रेफर कर दिया गया. जिला अस्पताल की अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर मीडिया की खबरों पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जवाब मांगा है. जिस पर राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत और उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने मामले की जानकारी पेश की और कोर्ट से समय मांगा, ताकि आवश्यक निर्देश प्राप्त किए जा सके.

सिरौली के कल्याणपुर गांवमें अचानक हुए धमाके, तीन-चार मकान गिरे, हादसे में दो की मौत

बरेली सिरौली के कल्याणपुर गांव अचानक से विस्फोट हो गया। हादसे में तीन-चार मकान गिर गए। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। करीब पांच से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। सूचना पर पहुंची पुलिस भी अभी तक विस्फोट की स्पष्ट जानकारी नहीं बता पा रही है। हालांकि, पटाखों के भी कुछ ट्रेस मिले हैं। संभावना अन्य किसी चीज से धमाके की भी आ रही है। पीएचसी रामनगर के चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार के अनुसार पीएचसी पर अभी तक छह लोग पहुंच चुके हैं। इसमें से दो की मृत्यु हो गई, जबकि फातिमा और सितारा दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस भी गई है। कुछ लोग मलबे में भी दब गए हैं। पुलिस उन्हें निकालने का काम कर रही है।

जींद विधानसभा से गिल ने कहा किसान की शहादत पर और सरपंचों पर हुई लाठीचार्ज पर बीजेपी विधायक एक शब्द नहीं बोला

जींद हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार लिए अब सिर्फ 30 घंटे ही बचे हैं ऐसे में चाहे निर्दल प्रत्याशी हो या किसी पार्टी का प्रचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। इसी कड़ी में जींद विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप गिल ने जींद में एक चुनावी रैली की। इस दौरान गिन ने बीजेपी जमकर जुबानी हमला बोला। गिल ने कहा किसान की शहादत पर और सरपंचों पर हुई लाठीचार्ज पर बीजेपी विधायक एक शब्द नहीं बोला। जनता को संबोधित करते हुए जींद विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप गिल ने कहा डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा जी को सहानुभूति मिली। जींद की जनता ने पलकों पर बिठाने का काम किया। एक बार नहीं एक बार-बार इलेक्शन में और दोबारा से आप लोगों ने विधानसभा पहुंचने का काम किया, लेकिन उम्मीद क्या थी ? उम्मीद ये थी जिस किसान, कमेरे मजदूर, पिछड़े, नौजवान ने झंडे और डंडे लगा कर के ढोल नगाड़े  बजा-बजा करके इन्हें बनाने का काम किया। लेकिन उसे भी भूल गए ? उन्होंने कहा कि जब 700 किसानों की शहादत हुई तो एक शब्द नहीं बोला । 36 बिरादरी की  हमारी आंगनवाड़ी  वर्कर पीटी गई  एक शब्द नहीं बोला। आशा वर्कर को पीटा गया। एक शब्द नहीं बोला, ये याद कीजिए 36 बिरादरी के चुने हुए सरपंचों को उनकी कमर पर लाठियों से डण्डे मार- मार करके पीटा गया। स्वाभिमान होता है सरपंच चुना हुआ प्रतिनिधि। जो राजनीति में सबसे पहले खड़े होकर सरपंच मैं बताना चाहता हूं उन भाइयों की बेइज्जती करने का काम किया एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि उल्टा हमें हमारे पर नमक छिड़कने का काम किया है। कहा किसान मजदूर ओछी मानसिकता का व्यक्ति है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने ललकारा था उसे  मैंने कहा था आदरणीय विधायक जी  हमारे लोग हमें अपशब्द बोलने की अनुमति नहीं देते हमारे बुजुर्गों ने किसी का अपमान करना सिखाया नहीं, आप जो हमारे लिए  अपशब्द बोल रहे हैं। आप हमारी किसानी और मजदूरी को आप दिव्य दिखाने का काम कर रहे हैं। मैंने बताया था इसी किसान ने मजदूर भाइयों ने किसान भाइयों ने आपको चंडीगढ़ का रास्ता दिखाया था, अगर ये उस गद्दी पर बिठा सकते हैं तो गद्दी पर से खींच भी सकते हैं।  

ग्रामीण भारत अब भारत के विकास का निष्क्रिय पर्यवेक्षक नहीं है, बल्कि वह इसका सक्रिय चालक है: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटे शहरों और कस्बों में ऋण-संचालित खपत में जबरदस्त वृद्धि की सराहना करते हुए इसे एक ‘क्रांतिकारी बदलाव’ बताया। उन्होंने कहा कि ये सब प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के कारण संभव हुआ है।टियर 2, 3 और 4 शहरों और यहां तक कि इससे भी आगे के क्षेत्रों में घरेलू खपत में निर्णायक वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका प्रमाण छोटे शहरों और कस्बों में दोपहिया वाहनों, एसी, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन और एफएमसीजी की बिक्री में वृद्धि है। वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, ग्रामीण भारत अब भारत के विकास का निष्क्रिय पर्यवेक्षक (मूक दर्शक) नहीं है, बल्कि वह इसका सक्रिय चालक है। हाल ही में अपनी 10वीं वर्षगांठ मनाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिससे करोड़ों ग्रामीण भारतीय पहली बार औपचारिक वित्तीय प्रणाली (फॉर्मल फाइनेंशियल सिस्टम) में शामिल हुए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय वयस्कों के पास अब औपचारिक वित्तीय खाते (फॉर्मल फाइनेंशियल अकाउंट) हैं, जो 2011 में केवल 50 प्रतिशत थे। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वित्तीय समावेशन के अभियान का परिणाम है, जिसने आधुनिक भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है। रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि ग्रामीण भारत में 62 प्रतिशत दोपहिया वाहन खरीद अब ऋण द्वारा संचालित होते हैं, जो शहरी क्षेत्रों में 58 प्रतिशत से अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन की बिक्री में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है। उद्योग के अनुसार, विभिन्न उपभोक्ता वित्त व्यवस्था (फाइनेंसिंग) विकल्पों ने इस शानदार वृद्धि को संभव बनाया है। सरकार के अनुसार, इन बैंक खातों में 2.3 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि जमा हुई है और इसके परिणामस्वरूप 36 करोड़ से अधिक मुफ्त रुपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिन पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी मिलता है। मार्च 2015 में पीएमजेडीवाई खातों की कुल संख्या 14.7 करोड़ थी, जिसमें 15,670 करोड़ रुपये जमा थे, जो जमा राशि बढ़कर 53 करोड़ हो गई है, जिसमें कुल शेष राशि 2.31 लाख करोड़ रुपये है। बैंक खातों की संख्या और जमा राशि में वृद्धि इस योजना की वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है। वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, भारत की ग्रामीण आबादी को पहले एक ऐसी व्यवस्था ने छोड़ दिया था जो “वित्तीय समावेशन” की बातें तो करती थी, लेकिन वास्तव में गरीबों तक ऋण पहुंच का विस्तार करने में बाधाएं खड़ी करती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व ने ग्रामीण गरीबों को वित्तीय प्रणाली में लाने और उनकी क्षमता को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए कई प्रो-पुअर सुधारों और कल्याणकारी नीतियों को लागू किया है, जबकि विपक्ष ने प्रगति को अवरुद्ध किया। आरबीआई ने हाल ही में कहा कि चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) की दूसरी तिमाही में घरेलू खपत में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि मुख्य मुद्रास्फीति में कमी आ रही है और ग्रामीण मांग में पहले से ही सुधार हो रहा है।  

18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होगी बोमन ईरानी की फ़िल्म खोसला का घोसला

मुंबई,  बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता बोमन ईरानी की फ़िल्म खोसला का घोसला 18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होगी। बड़े पर्दे पर क्लासिक फिल्मों को फिर से रिलीज करने का चलन हाल ही में जोर पकड़ रहा है, जिससे नए दर्शकों और पुराने प्रशंसकों दोनों को ही इन पसंदीदा फिल्मों को सिनेमाघरों में देखने का मौका मिल रहा है। 2024 में, हम आपके हैं कौन! लैला मजनू और वीर-ज़ारा जैसी फ़िल्में सिनेमाघरों में वापस आ रही हैं, और उनके साथ बोमन ईरानी अभिनीत कल्ट क्लासिक ‘खोसला का घोसला’ भी शामिल है, जो 18 अक्टूबर को फिर से रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड की सबसे यादगार पारिवारिक ड्रामा में से एक यह फिल्म सालों से दर्शकों के बीच गूंज रही है। इसके मज़ेदार संवाद और अविस्मरणीय दृश्य आज भी कॉमेडी स्केच और मीम्स को बढ़ावा देते हैं। बोमन ईरानी ने फ़िल्म खोसला का घोसला के फिर से रिलीज होने के बारे में अपनी खुशी सोशल मीडिया पर साझा की। इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी पर रील पोस्ट करते हुए बोमन ईरानी ने लिखा: “वापस वहीं जहां से यह सब शुरू हुआ था! खोसला का घोसला की यात्रा का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है! अभी टिकट बुक करें।”  

160 लाख मीट्रिक टन धान की करेगी खरीदी, छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ का बढ़ाया टार्गेट

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने 2024-25 खरीफ विपणन सत्र के लिए 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा है। चालू खरीफ विपणन सत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा करने तथा सुझाव देने के लिए गठित मंत्रिपरिषद उप समिति की मंत्रालय नया रायपुर में बैठक में यह निर्णय लिया गया। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति ने राज्य में किसानों से अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का निर्णय लिया। धान खरीद के विषय में भी हुई चर्चा अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के पर्व और राज्य स्थापना दिवस पर राज्योत्सव को ध्यान में रखते हुए धान खरीद 15 नवंबर से शुरू किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदने का निर्णय भी लिया गया। सभी खरीद केंद्रों को ‘इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन’ की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। बीते मौसम से अधिक खरीद का अनुमान अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल उपसमिति ने जूट (पटसन) आयुक्त तथा ‘जेम पोर्टल’ के जरिये जूट बैग खरीदने का भी निर्णय लिया ताकि धान की खरीद सुव्यवस्थित हो सके और किसानों को जूट बैग आसानी से उपलब्ध हो सकें। खरीफ के पिछले मौसम में राज्य में समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी और अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू मौसम में यह 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। बैठक में शामिल हुए सदस्य बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और 20 सूत्रीय क्रिर्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। अधिकारी ने बताया कि राज्य में 2,058 सहकारी समितियों और 2,739 धान खरीद केंद्रों के जरिये खरीद की जाएगी।

गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभा का किया गया आयोजन

शहडोल आज शहडोल जिले में  गांधी जयंती के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत साफ सफाई का भी कार्य किया गया।  गांधी जयंती के अवसर पर जिले के ग्राम पंचायत सुखाड़, कोल्हुआ, हिरौड़ी, नौगांव सहित अन्य ग्रामों में जयंती मनाई गई। गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभा का भी आयोजन किया गया तथा उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता एवं नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

स्वच्छ भारत अभियान दुनिया का सबसे बड़ा और सफल जनआंदोलन, विकसित भारत की यात्रा को करेगा मजबूत: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान को इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनआंदोलन करार दिया और कहा कि ‘विकसित भारत’ की यात्रा में हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा। स्वच्छ भारत अभियान आरंभ होने के 10 साल पूरे होने के अवसर पर यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छता और सफाई से संबंधित 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करने पर भी जोर दिया। ‘दुनिया का सबसे सफल जन आंदोलन बना स्वच्छ भारत अभियान’ उन्होंने कहा, ‘‘आज से एक हजार साल बाद भी जब 21वीं सदी के भारत का अध्ययन होगा तो उसमें स्वच्छ भारत अभियान को जरूर याद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन इस सदी में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल जनभागीदारी, जन नेतृत्व वाला जन आंदोलन है। इस मिशन ने मुझे ईश्वररूपी जनता-जनार्दन की साक्षात ऊर्जा के भी दर्शन कराए हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत की यात्रा में हमारा हर प्रयास ‘स्वच्छता से संपन्नता’ के मंत्र को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता की प्रतिष्ठा बढ़ने से देश में एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिवर्तन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले साफ-सफाई के काम से जुड़े लोगों को किस नजर से देखा जाता था, यह पूरा देश जानता है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान ने इस सोच को भी बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘साफ-सफाई करने वालों को आज जब मान-सम्मान मिला तो उनको भी गर्व हुआ।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान लाखों भारतीयों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और पिछले 10 वर्षों में अनगिनत नागरिकों ने इसे अपनाया है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आजीवन प्रतिज्ञा है, न कि एक बार किया गया कोई वादा। हमें स्वच्छता को हर नागरिक के जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भावी पीढ़ियों में इस मूल्य का संचार करना होगा।” उन्होंने कहा, ‘‘गंदगी के प्रति नफरत ही हमे स्वच्छता के लिए मजबूर कर सकती है और मजबूत भी कर सकती है।” प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जल संरक्षण, जल शोधन और नदियों की सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे प्राप्त करने के लिए लगातार नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यटन पर स्वच्छता के महत्वपूर्ण प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देशवासियों को पर्यटन स्थलों, पवित्र तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की स्वच्छता और साफ-सफाई को बनाए रखना चाहिए। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा मोदी ने इस अवसर पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान न देने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने आजादी मिलने के बाद महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने का दावा किया, उनके नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन स्वच्छता को लेकर बापू के दृष्टिकोण की उपेक्षा की। उन्होंने कहा, ‘‘वर्षों तक उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए गांधी जी की विरासत का दोहन किया लेकिन स्वच्छता पर उनके जोर को आसानी से भुला दिया।” मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने गंदगी को ही जिंदगी मान लिया…इसके परिणामस्वरूप लोग गंदगी में रहने के आदी हो गए, गंदगी और नकारात्मकता उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई। साथ ही समाज में स्वच्छता को लेकर होने वाली चर्चाएं भी।” उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस मुद्दे को उठाया था लेकिन उनका मजाक उड़ाया गया और कहा गया कि शौचालय के बारे में बात करना प्रधानमंत्री का काम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘… लेकिन मैं नहीं रुकूंगा… भारत के प्रधानमंत्री के रूप में मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता मेरे साथी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है!” इन परियोजनाओं का किया उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया उनमें मिशन अमृत और अमृत 2.0 के तहत शहरी जल और गंदे नाले की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा बेसिन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार पर केंद्रित 1550 करोड़ रुपये से अधिक की 10 परियोजनाएं और गोबरधन योजना के तहत 1332 करोड़ रुपये से अधिक की 15 संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र परियोजनाएं शामिल हैं।  

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