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500 रुपए में हो गई सिटी मजिस्ट्रेट और आर्मी के मेजर की शादी

धार. सरकारी अफसरों की शादी में अक्सर चमक-धमक और खर्चीले इंतजाम के लिए जाने जाते हैं, लेकिन धार में साेमवार काे सिटी मजिस्ट्रेट और सेना के मेजर ने बेहद सादगी से काेर्ट में शादी की। बिना बैंड-बाजा और बारात के हुई इस शादी में फूल-माला व मिठाई के नाम पर मात्र 500 रु. खर्च हुए। शादी के बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का रजिस्ट्रेशन भी कराया। इस शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन के परिजन और स्टाफकर्मी शामिल हुए। मूलरूप से भाेपाल की रहने वाली सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जाेशी का रिश्ता दो साल पहले घर वालों ने भाेपाल में ही रहने वाले मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ तय किया था। अनिकेत सेना में मेजर हैं और वर्तमान में लद्दाख में तैनात हैं। काेराेना के चलते शादी दाे साल से टल रही थी। दोनों (शिवांगी और अनिकेत) ने घरवालों की सहमति से समाज में एक संदेश देने का भी निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के बाद धार काेर्ट परिसर में सोमवार को बिना शोर शराबे और महंगे इंतजाम से दूर रहकर सादगी से कोर्ट मैरिज कर शादी का रजिस्ट्रेशन कराया। धार में तैनात शिवांगी जाेशी ने बताया कि पिछले दो साल से कोरोना काल चल रहा है। ऐसे समय में काेराेना याेद्धा के रूप में सेवा देना जरूरी समझा। इस काल में हमने कई लाेगाें काे खाेया है। इस समय संक्रमण कम जरूर हुआ, लेकिन काेराेना अभी गया नहीं है। लाेग भी नियमाें का पालन करें। उन्होंने बताया कि सादगी से शादी करने का मकसद ये संदेश देना था कि लोग शादियाें में फिजूलखर्च न करें। मैं शुरुआत से फिजूलखर्च के खिलाफ हूं। शादी में फिजूलखर्च से न केवल लड़की के परिवार पर बोझ पड़ता है बल्कि पैसों का दुरुपयोग भी होता है। शादी के बाद नवदंपती ने धारेश्वर मंदिर पहुंच कर भगवान धारनाथ से आशीर्वाद लिया। इस शादी में परिवार वालों के साथ कलेक्टर आलाेक कुमार सिंह, एडीएम सलाेनी सिड़ाना सहित स्टाफ के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। पहले भी दो अफसरों ने सादगी से की थी शादी IAS अफसर और जिपं सीईओ आशीष वशिष्ठ और एडीएम सलाेनी सिड़ाना ने भी ऐसे ही शादी की थी। वशिष्ठ और सिड़ाना वर्तमान में धार में ही तैनात हैं। दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2014 बैच के अफसर हैं। सारा काम सादगी के साथ किया गया था।

द्वारकाधीश मंदिर की 52 गज ध्वजा पर बिजली गिरी, मंदिर को नुकसान नहीं

द्वारका। गुजरात के द्वारका ( Dwarka) में मंगलवार को प्रसिद्ध द्वारकाधीश (dwarkadheesh) मंदिर के ध्वज दंड पर बिजली गिर गई। बिजली गिरने से मंदिर की 52 गज ध्वजा को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस हादसे में द्वारकाधीश मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और केवल मंदिर की दीवारें काली पड़ गईं। घटना मंगलवार दोपहर 2:30 बजे के लगभग हुई। झंडे पर बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। मंदिर के आस-पास घनी बस्ती है। ऐसे में अगर रिहायशी इलाके में बिजली गिरती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। द्वारकाधीश मंदिर के ऊपर लगे झंडे का भी खास महत्व है। इसे 52 गज ध्वजा कहा जाता है। यह भारत का अकेला ऐसा मंदिर है, जहां दिन में 3 बार 52 गज की ध्वजा चढ़ाई जाती है। भक्तों के बीच इस ध्वजा को लेकर इतनी श्रद्धा है कि ध्वजा चढ़ाने के लिए कई बार उन्हें दो साल तक का इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब मंदिर के किसी हिस्से पर बिजली गिरी है। द्वारकाधीश ने शहर के लोगों को बड़े हादसे से बचा लिया। बिजली गिरने से मंदिर को नुकसान नहीं द्वारका के SDM निहार भेटारिया ने बताया कि मंगलवार दोपहर को बिजली गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर की जांच की है। बिजली से मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। केवल झंडे को ही नुकसान हुआ है। जांच के बाद मंदिर की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। द्वारका का जगत मंदिर द्वारकाधीश मंदिर गुजरात राज्य के द्वारका में गोमती नदी के तट पर स्थित है। इसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भगवान कृष्ण को समर्पित द्वारकाधीश मंदिर भारत के सबसे प्रमुख और भव्य मंदिर में से एक है। इसे रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी के बाद हिंदुओं के चार पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन करने आते हैं। करीब 2200 साल पुराना तीर्थस्थल द्वारकाधीश मंदिर लगभग 2200 साल पुराना है, जिसका निर्माण वज्रनाभ ने किया था। इसके परिसर में भगवान कृष्ण के साथ-साथ सुभद्रा, बलराम, रेवती, वासुदेव, रुक्मिणी समेत कई देवी-देवताओं को समर्पित मंदिर भी हैं। जन्माष्टमी पर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस उत्सव को देखने लाखों लोग पहुंचते हैं। रविवार को जयपुर में बिजली गिरने से 11 की मौत हुई थी जयपुर में तेज बारिश के बीच रविवार को आमेर महल में बने वॉच टावर पर बिजली गिर गई। यहां घूम रहे 35 से ज्यादा टूरिस्ट इसकी चपेट में आ गए। दरअसल, मौसम में आए बदलाव के बाद बड़ी संख्या में लोग आमेर की पहाड़ियों पर घूमने पहुंचे थे। यहां फोटोग्राफी और सेल्फी का सिलसिला चल रहा था कि अचानक बिजली गिर गई।

नवजोत सिद्धू का AAP में जाने के संकेत

जालंधर। पंजाब के सीएम पर हमलावर कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjyot sidhu) ने आम आदमी पार्टी (AAP) की तारीफ करके नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा किया है। तीन दिन पहले AAP पर हमलावर सिद्धू ने अब उसकी तारीफ की सियासी गुगली फेंककर सबको चौंका दिया है। सिद्धू ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि पंजाब में विपक्षी पार्टी AAP ने हमेशा उनके विजन और काम को पहचाना है। 2017 में बेअदबी, ड्रग्स, किसान और करप्शन के मुद्दे हों या अब राज्य का मौजूदा बिजली संकट हो या फिर अब मैं पंजाब मॉडल पेश कर रहा हूं। वो जानते हैं कि वास्तव में पंजाब के लिए कौन लड़ रहा है। बता दें कि तीन दिन पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के पंजाब में थर्मल प्लांट बंद करने की याचिका को लेकर सिद्धू ने हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि AAP चाहती है कि पंजाब में थर्मल प्लांट बंद हो जाएं। पंजाब में बिजली संकट से पंजाबियों को परेशानी हो और किसानों की फसल बर्बाद हो जाए। ट्वीट किए वीडियो में संजय सिंह व भगवंत मान कर रहे सिद्धू की तारीफ सिद्धू ने ट्वीट के साथ एक पुराना न्यूज वीडियो भी लगाया है। जिसमें उनके राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद पंजाब में AAP की ओर से उनके लिए माहौल बनाने की बात कही गई है। वीडियो में AAP नेता संजय सिंह उनकी तारीफ कर रहे हैं। संजय सिंह कहते हैं कि वो सिद्धू के इस साहसिक कदम और बहादुरी भरे फैसले का स्वागत करते हैं। सिद्धू और उनकी पत्नी अकाली दल के भ्रष्टाचार, ड्रग माफिया, किसानों की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इसी वीडियो में AAP के पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान सिद्धू की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। वे कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने रोल मॉडल से बड़ा नहीं हो सकता। अगर सिद्धू पार्टी में आते हैं तो मैं सबसे पहला व्यक्ति होऊंगा, जो उनका स्वागत करूंगा। पंजाब कांग्रेस में अभी भी अंदरूनी कलह चल रही है। हाईकमान की कमेटी के बाद CM कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर आए। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। सिद्धू के बारे में लगातार यह बात कही जा रही है कि वे मौजूदा कैप्टन सरकार में कोई भी पद लेने को तैयार नहीं हैं। पंजाब में राजनीतिक गणित को देखते हुए कांग्रेस किसी सिख चेहरे को पंजाब प्रधान का पद नहीं देना चाहती। ऐसे में सिद्धू को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाने की चर्चा चल रही थी। इसके बावजूद पूरे संकट का अभी तक कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा। इस वजह से यह माना जा रहा है कि कहीं सिद्धू इसके जरिए कोई सियासी संकेत तो नहीं दे रहे। पिछले महीने दिल्ली के CM और AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल पंजाब के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने ऐलान किया था कि पंजाब में अगर AAP जीती तो सिख ही मुख्यमंत्री होगा। इस दौरान उन्होंने सिद्धू की तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा- वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं।

वाजपेयी जिंदा थे तब तक भाजपा थी, अब तो गुजरातियों का कब्जा : राजभर

मुरादाबाद। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मुरादाबाद में BJP पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि भाजपा तब तक थी, जब तक अटल बिहारी वाजपेयी जिंदा थे। अब तो भाजपा पर गुजरातियों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि यूपी के गर्वनर से लेकर गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, CBI चीफ, ED चीफ, वित्त मंत्री, RBI गर्वनर तक गुजराती हैं। तंज कसा कि देश का पैसा लेकर भागने वाले और देश बेचने वाले गुजराती ही हैं। देश को खरीदने वाले भी गुजराती हैं। राजभर ने कहा, पीएम मोदी और भाजपा कहते थे कि काला धन वापस लाएंगे। लेकिन इनके समय में स्विस बैंक में काला धन और भी बढ़ गया है। भाजपा के शासनकाल में महज पिछले 3 साल में स्विस बैंक में 20,000 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। भाजपा बताए कि यह धन किसका है। देश को लूटकर किसने स्विस बैंकों में रकम भरी है। राजभर ने कहा कि पीएम मोदी कहते थे कि देश नहीं बिकने दूंगा। लेकिन उन्होंने रेलवे, बैंक, LIC, एयरपोर्ट सब कुछ बेच डाला। बड़े कमाल की बात है कि देश बेचने वाला भी गुजराती है और उसे खरीदने वाला भी गुजराती है। बड़े-बड़े कार्पोरेट घराने गुजरात के हैं। देश की रकम लेकर विदेशों में भागने वाले भी गुजरात के ही हैं। जनता दवा को छटपटा रही थी, मोदी-योगी वोट को छटपटा रहे थे राजभर ने कहा कि जब कोरोना चरम पर था। तब जनता दवा, ऑक्सीजन और अस्पताल में बेड के लिए छटपटा रही थी। लेकिन जनता को ये सब मुहैया कराने के बजाए मोदी और योगी उस समय बंगाल में वोट के लिए छटपटा रहे थे। जनता इसे भूलेगी नहीं, हिसाब पूरा करेगी। गुंडे छोड़कर चले गए थे तो ये कहां से आए यूपी में पंचायत चुनाव में हुई हिंसा पर राजभर ने कहा, योगी कहते थे गुंडे प्रदेश छोड़कर चले गए हैं। अब गोली-बम चलाने वाले ये गुंडे फिर कहां से उतर आए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के जाने के साथ ही भाजपा में गुंडे, माफिया, भ्रष्टाचारियों का कब्जा हो गया है। भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है।–

पीएम मोदी पर बोले कमलनाथ- दाढ़ी बढ़ा ली तो अच्छे लगते हैं

भोपाल। कैबिनेट मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (नागर विमानन मंत्रालय) का पदभार संभाल लिया है। इस पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें बधाई दी। साथ में तंज भी कसा। कमलनाथ ने मोदी कैबिनेट में जगह मिलने पर कहा- यह बीजेपी और सिंधिया के बीच का मामला है। देखते हैं, अब ये गाड़ी आगे कैसे चलती है? कमलनाथ ने देश में महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों में वृद्धि के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा- महंगाई की कोई सीमा नहीं है। मोदीजी लंबे-लंबे भाषण देते थे। 2013-2014 के भाषण घोषणाएं, स्लोगन दिए थे स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया यह कहां है? उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली है, तो अच्छे लग रहे हैं। कमलनाथ ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के नए राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात कर सरकार की शिकायत की। राजभवन से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, राज्यपाल से मुलाकात के दौरान SC-ST वर्ग के साथ हो रही घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, SC-ST वर्ग के लोग मध्य प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं। इतनी घटनाएं हुई हैं, जितनी देश के इतिहास में नहीं हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आदिवासी इलाकों में काम करने का अनुभव है। मैंने राज्यपाल को अवगत कराया है कि प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लोग हैं, जितने देश में कहीं नहीं हैं। यहां वे सुरक्षित नहीं हैं। मैंने राज्यपाल को अवगत कराया कि प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। किसान, छोटा व्यापारी परेशान है, नौजवान बेरोजगार है, बेरोजगारी घट नहीं बल्कि बढ़ रही है, हमारी अर्थव्यवस्था चौपट है। कमलनाथ ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस सरकार ने नीति बनाई थी, उसे सरकार लागू करे। नेमवार सहित अन्य बड़ी घटनाओं से राज्यपाल को अवगत कराया है। उप चुनाव की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि मैं 11 दिन अस्पताल में था। मुझे निमोनिया हो गया था। अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। अब मैं पूरे स्टेट का दौरा करूंगा। उप चुनाव में उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कार्यकर्ताओं से बात की जा रही है।

MP में मालगाड़ी के 16 डिब्बे नदी में गिरे

अनूपपुर। कोरबा से कोयला लेकर आ रही मालगाड़ी मध्यप्रदेश में अनूपपुर के पास बेपटरी हो गई। अलान नदी पर बने पुल पर पटरी में क्रेक के कारण 16 डिब्बे नदी में जा गिरे। फिलहाल रेलवे का रेस्क्यू जारी है। घटना शुक्रवार शाम करीब सवा चार बजे की है। रेलवे के अफसर और इंजीनियर मौके पर पहुंच चुके हैं। यह रेलवे लाइन दो साल पहले ही बिछाई गई थी और पुल भी नया बना था। माना जा रहा है कि पटरी में क्रेक आने के कारण घटना हुई है। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। ​​​​​​यह हादसा वेंकटनगर से निगौरा के बीच हादसा हुआ। मालगाड़ी में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुसमुंडा से कोयला लोड कर मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा रेलवे साइडिंग भेजा जा रहा था। अनूपपुर जिले के निगौरा से छत्तीसगढ़ के वेंकटनगर के बीच रेलवे ने थर्ड लाइन दो साल पहले ही चालू की थी। बताया जा रहा है कि थर्ड लाइन का प्रोजेक्ट विशेष तौर पर मालगाड़ी परिचालन के लिए है। हादसे के बाद बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दो साल पहले चालू हुई मालगाड़ी में आखिर क्रेक कैसे आया? इसके साथ ही पटरी के समय-समय पर निरीक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। तीसरी रेल लाइन पर हुआ हादसा निगौरा रेलवे स्टेशन के समीप मालगाड़ी नदी के उपर बनी तीसरी लाइन से नीचे गिरी है। हालांकि दो अन्य लाइन सुरक्षित होने के कारण यात्री ट्रेनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य में चार घंटे से ज्यादा समय लग सकता है। रेलवे के इंजीनियर ने बताया कि फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता, जांच के बाद ही घटना के स्पष्ट कारण पता चल पाएंगे। ड्राइवर और गार्ड सुरक्षित हैं। अप-डाउन में मूवमेंट चालू हादसे के बाद बचाव टीम शहडोल से रवाना हुई है। इसमें एरिया रीजनल मैनेजर शहडोल सहित बचाव दल के अन्य सदस्य शामिल हैं। यात्री ट्रेनों का मूवमेंट चालू रहेगा। जनसंपर्क अधिकारी रेलवे रामजी लाल मीणा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। सभी अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। तीसरी लाइन अभी बंद कर दी गई है। इसके अलावा दोनों लाइन अनवरत चल रही हैं।

जमीन घोटाले को लेकर चंपत राय और अनिल मिश्रा तलब

लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर के लिए कथित जमीन घोटाले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक्शन के मूड में नजर आ रहा है। RSS के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ट्रस्ट को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। वे जल्द अयोध्या भी पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चित्रकूट में चल रही संघ की बैठक में भी तलब किया गया है। उन्हें ट्रस्ट के काम से दूर भी किया जा सकता है। चंपत राय के पास विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष का भी दायित्व है। इसलिए वे ट्रस्ट को सहयोग देते रहेंगे। वहीं, ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा को संघ विचार प्रवाह के किसी संगठन में जिम्मेदारी देकर उनको भी ट्रस्ट के काम से दूर किया जा सकता है। फिलहाल ट्रस्ट ने नई जमीन की खरीद पर रोक लगा दी है। बिजैसी क्षेत्र में जमीन खरीद के दौरान दो करोड़ की जिस भूमि का 18 करोड़ में हुए सौदे को लेकर घोटाले के आरोप लगे थे, उसी के पास कोल डिपो क्षेत्र में कई हेक्टेयर जमीन का सौदा तय था, उसकी रजिस्ट्री होनी थी, उसे रोक दिया गया है। जमीन घोटाले के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच भले ही संघ ट्रस्ट के पदाधिकारियों का बचाव करता दिखाई दे रहा हो, लेकिन अंदर ही अंदर छटपटाहट साफ नजर आने लगी है। यह मामला सामने आने के साथ ही RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी सरकार्यवाह भैयाजी जोशी मामले पर निगाह बनाए हुए हैं। वे जल्द अयोध्या भी आ सकते हैं। ट्रस्ट के जिन पदाधिकारियों का नाम इस प्रकरण में सामने आया है, वे कानूनी तौर पर ट्रस्ट में बने रहेंगे, लेकिन ट्रस्ट में उनका प्रभाव खत्म कर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया जाना तय है। सूत्र बताते हैं कि भैयाजी जोशी की एंट्री यह बता रही है कि विपक्ष को कुछ कहने-सुनने का मौका न देते हुए ट्रस्ट के कई लोगों को उनके पद पर बनाए रखना है, लेकिन अब वे स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगे। ट्रस्ट पर RSS सीधे निगाह रखेगा।

अयोध्या की सरयू नदी में एक ही परिवार के 15 लोग डूबे

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां गुप्तार घाट पर सरयू नदी में नहाने के दौरान एक परिवार के 15 लोग डूब गए। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। उनके शव मिल गए हैं। वहीं, 4 अभी लापता हैं। उनकी तलाश में गोताखोर अभियान चला रहे हैं। जबकि 6 लोग बच गए हैं। इनमें 3 को अस्पताल में एडमिट कराया गया है। आगरा के सिंकदरा का रहने वाला 15 लोगों का एक परिवार शुक्रवार को अयोध्या पहुंचा। दोपहर में सभी सदस्य गुप्तार घाट में स्नान कर रहे थे, तभी परिवार की दो महिलाओं फिसल गईं और नदी के तेज बहाव में फंस गई। उन्हें बचाने के लिए आसपास स्नान कर रहे परिवार के अन्य सदस्य आगे आए। वह सभी सरयू के तेज बहाव में फंस गए और बहने लगे। वहां चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस और गोताखोरों की टीम पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान परिवार के 3 लोग जैसे-तैसे तैरकर बाहर आ गए, जबकि 3 लड़कियों को गोताखोरों व आसपास के लोगों ने बचा लिया। महिलाएं समेत परिवार के 9 लोग बह गए। गोताखारों ने तलाश अभियान चलाया तो करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद 5 के शव मिल गए, जबकि 4 का अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश की जा रही है। जानकारी मिलते ही DM अनुज कुमार झा व SSP मौके पर पहुंचे। जल पुलिस के साथ ही स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है। सरयू में जलस्तर में बढ़ने के कारण बचाव में परेशानी आ रही है। गुप्तार घाट के पूर्व के सभी घाटों पर नजर रखी जा रही है आगे के पुलिस स्टेशनों को भी सतर्क किया गया है। सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान अयोध्या के गुप्तार घाट पर 15 लोगों के डूबने की घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौक़े पर पहुंचकर लोगों को जल्द से जल्द रेस्क्यू कराने के निर्देश दिये हैं। लोगों की सकुशल तलाश के लिए पीएसी के गोताखोर लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

काशी में मोदी-योगी के खिलाफ लगे पोस्टर, हिंदू सेना अध्यक्ष बोले- देखते हैं कितने FIR होती हैं

वाराणसी। वाराणसी में विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फिर कई जगह पोस्टर लगाए हैं। अरुण ने पीएम-सीएम को हिंदू विरोधी और ढोंगी करार दिया है। साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्टर को पोस्ट किया है। पोस्टर खुद लगाने का दावा करने वाले अरुण ने चैलेंज किया है कि अब देखना है कि योगी सरकार कहां-कहां FIR करवाती है। अरुण पाठक ने इससे पहले 1 और 2 जुलाई को गाजीपुर और बलिया जिले के अलावा वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के समीप विवादित पोस्टर लगवाए थे। उनके खिलाफ सिगरा थाने में पुलिस की ओर से केस दर्ज किया किया गया था। पुलिस अब एक बार फिर अरुण की तलाश शुरू कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज की तैयारी में है। अरुण पाठक ने इस बार लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगह सोमवार की देर रात विवादित पोस्टर लगवाए हैं। इसके साथ ही अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्टरों के वीडियो के साथ लिखा है कि मेरे लोगों ने कैंट स्टेशन के समीप पोस्टर लगाया तो सिगरा थाने में एफआईआर दर्ज किया गया। अब लोकतंत्र में अपनी बात रखने पर एफआईआर होगा तो लीजिए लंका, बीएचयू गेट, रथयात्रा और अस्सी घाट सहित कई अन्य जगह पर पोस्टर लगवा दिया हूं। अब देखना है कि लोकतंत्र की हत्यारी योगी सरकार कहां-कहां एफआईआर दर्ज कराती है। उधर, लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में चिपकाए गए विवादित पोस्टर को लेकर डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि दोनों थाने के प्रभारियों को जांच करा कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की एक टीम अरुण पाठक की तलाश करने के लिए लगाई गई है। कभी शिव सेना के कट्‌टर समर्थकों में शुमार रहे अरुण पाठक को बीते एक साल से वाराणसी में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया है। दरअसल, जुलाई 2020 में नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा भगवान राम को नेपाली बताया गया था। इससे नाराज होकर अरुण पाठक ने एक नेपाली युवक का सिर मुड़वा कर जय श्रीराम लिखा। इसके बाद नेपाल और चीन विरोधी नारेबाजी करा कर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। प्रकरण को लेकर अरुण पाठक के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और 4 लोग जेल भेजे गए थे। हालांकि अरुण पाठक ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले लिया था। इसके बाद से अरुण पाठक वाराणसी में कहीं नजर नहीं आए।

मध्यप्रदेश में हर व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार, 2 साल में शिवराज सरकार ने लिया 93353 करोड़ का कर्ज

भोपाल। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर 2020 का 72 दिन का लॉकडाउन और 2021 में 40 दिन चला कोरोना कर्फ्यू भारी रहा। वित्तीय व्यवस्था इस कदर चरमराई कि सरकार को कोरोना से लोगों के इलाज, बिजली और कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 93,353 करोड़ रुपए कर्ज लेना पड़ा। आमदनी से 21 हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च हो गए। इसकी बड़ी वजह केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी की राशि में कमी आना है। राज्य के स्वयं के करों का अनुमान गड़बड़ा गया। यह पहला मौका है जब किसी साल में प्रदेश का हर एक व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार हो गया। सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि बाजार से तय लिमिट से ज्यादा कर्ज ले नहीं सकते। राज्य ने केंद्र से जीएसडीपी का 1% ज्यादा कर्ज लेने की अनुमति मांगी है। इसके बाद ही आधारभूत ढांचे से जुड़े काम शुरू हो पाएंगे। इधर, सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत थी जो नहीं मिल सके। मेट्रो रेल के पहले चरण का काम 2023 में पूरा होना था, लेकिन इसके लिए 1400 करोड़ की जरूरत है, यह काम आगे बढ़ सकता है। हमीदिया के 2000 बेड का अस्पताल की डेटलाइन लगातार बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल के निर्माण में 650 करोड़ रुपए की लागत अनुमानित है अब तक 475 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। इसलिए अस्पताल का काम अब तक अधूरा है। कोविड पर खर्चा 1027 करोड़: कोरोना के इलाज पर 45 करोड़ मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से जारी किए, जो विभाग फ्रंट लाइन में थे, उनमें परिवार कल्याण विभाग का खर्च 419 करोड़, चिकित्सा शिक्षा का 119 करोड़, ऑटोनोमस हास्पिटल पर 88 करोड़ और मृतकों के परिजनों को मुआवजा और अन्य कामों पर 324 करोड़ खर्च। कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी: राज्य सरकार को स्वयं के करों से अप्रैल-मई और जून के महीने में 50 से 55 फीसदी ही आय हो सकी। अप्रैल और मई के 40 दिनों के कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी। यानी इन तीन महीनों में सामान्य स्थिति में 15 हजार करोड़ रुपए राजस्व आना था, लेकिन महज 6500 करोड़ रुपए ही आए। फरवरी में अनुमान था कि 61481 करोड़ रुपए मिलेंगे, लेकिन मार्च-अप्रैल में अनुमान 46025 करोड़ करना पड़ा। वहीं राज्य सरकार को मिले 43373 करोड़ रुपए। इस तरह 2651 करोड़ रुपए कम मिले।

UP में 24 घंटे में 3 बच्चियों से हैवानियत, मां-बाप के सामने बच्ची से गैंगरेप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश 24 घंटे के अंदर 3 मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। यहां मुरादाबाद में एक 16 साल की लड़की का उसके मां-बाप के सामने गैंगरेप किया गया और फिर एक अधेड़ से जबरन बच्ची की शादी करवा दी गई। उधर, प्रयागराज में एक 11 साल की बच्ची को मारने के बाद उसका हाथ काटकर खेत में फेंक दिया गया। बच्ची के साथ रेप की भी आशंका है। इसी तरह बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ोसियों ने 5 साल की मासूम को मारकर नाले में फेंक दिया। 10 दिन पहले ही मासूम के पिता की भी मौत हो गई थी। मुरादाबाद : मां-बाप के सामने 8 लोगों ने लड़की का रेप किया यहां 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके मां- बाप के सामने 8 लोगों ने मिलकर रेप किया। लड़की के मां-बाप रो-रोकर बच्ची को छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हैवानों ने नहीं छोड़ा। आरोप है कि पीड़िता का भाई 10 दिन पहले गांव में ही रहने वाली अपनी प्रेमिका को लेकर फरार हो गया था। जब प्रेमी जोड़ा हाथ नहीं आया तो प्रेमिका के घर वालों ने सबक सिखाने के लिए लड़के के घरवालों को किडनैप कर लिया। सभी को अमरोहा लेकर गए। यहां मां-बाप के सामने ही प्रेमिका के दो भाइयों, तीन चाचाओं, पिता, एक मामा और एक अज्ञात ने प्रेमी की 16 साल की बहन के साथ रेप किया। इसके बाद जबरन बच्ची की शादी एक अधेड़ से करवा दी। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बांदा : 5 साल की बच्ची को मार डाला, नाले में मिली लाश बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में 5 साल की मासूम को पड़ोसियों ने मार डाला। पुलिस ने बच्ची के कपड़ों को पड़ोसियों के घर और शव को नाले से बरामद किया है। आरोपी पड़ोसियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना शहर कोतवाली के चमरौड़ी मोहल्ले की है। 5 साल की आरती घर के बाहर खेल रही थी। परिजनों के मुताबिक, काफी देर तक वह घर नहीं लौटी तो उससे ढूंढना शुरू किया। पुलिस को सूचना दी तो आसपास के घऱ में तलाशी ली गई। बच्ची कहीं नहीं मिली। आखिरी समय बच्ची को जिस घर के पास देखा गया था, पुलिस ने वहां सख्ती से पूछताछ की। छानबीन में घर के अंदर बच्ची के कपड़े मिल गए। कुछ ही दूरी पर नाले में उसका शव मिला। 10 दिन पहले ही बच्ची के पिता की मौत हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि पूरे मामले में संदिग्ध पड़ोसियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। प्रयागराज में मंगलवार की दोपहर में 11 साल की बच्ची की लाश गांव के बाहर झाड़ी में मिली। उसका हाथ खेत में पाया गया। बच्ची तीन दिन से लापता थी। आशंका है कि रेप के बाद बच्ची की हत्या की गई है। गंगापार के सराय इनायत थाना अंतर्गत घरहरा चकिया गांव निवासी बलवंत प्रसाद मेहनत मजदूरी करता है। उसके दो बेटे व दो बेटियां है। तीसरे नम्बर की उसकी 11 साल की बेटी श्रद्धा 3 जुलाई को सुबह अपनी मां शकुंतला देवी के साथ शौच को गई थी। शौच के बाद शकुंतला वापस घर चली गई, जबकि बच्ची आम तोड़ने के लिए पास के बगीचे में रूक गई। जब काफी देर वह घर नहीं पहुंची तो घरवालों ने खोजबीन शुरू कर दी। परेशान परिजनों ने उसकी सराय इनायत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शादी से इनकार करने पर बेटी को गोली से उड़ाया 

सागर। जिले के बहरोल थाना क्षेत्र के झारई गांव में शादी से इनकार करने पर बेटी की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मृत छात्रा अंकिता उर्फ अंकू फोन पर लगातार किसी से बात करती थी। आरोपी पिता ने अंकिता को कई बार फोन पर बातें करते देखा था। वे अंकिता को टोकते भी थे लेकिन अंकिता लगातार पिता की बातों को इग्नोर कर रही थी। सोमवार सुबह भी आरोपी पिता और अंकिता की मां के बीच इस बात को लेकर बहस हुई। इस बीच वहां पहुंची अंकिता ने पिता अशोक से अभद्रता की जिसके बाद आरोपी ने अपनी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। उधर, आरोपी को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि अंकिता उर्फ अंकू घर में रहकर फोन पर किसी से अक्सर बात करती रहती थी, जो पिता को ठीक नहीं लगता था। वहीं, अंकिता शादी नहीं कर रही थी। आरोपी बेटी के इस व्यवहार से खफा रहता था। सोमवार को विवाद के दौरान आरोपी पिता ने ये बातें दोहराई तो अंकिता ने पिता से अभद्रता की। बेटी के व्यवहार से गुस्साए पिता ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद लाश के पास बैठा रहा पिता एडिशनल एसपी ने बताया कि बेटी की हत्या के बाद आरोपी शव के पास कुछ देर तक बैठा रहा। सूचना के बाद उसे घटनास्थल से गिरफ्तार किया गया। उसे बेटी की हत्या का जरा भी अफसोस नहीं है। विक्रम सिंह ने बताया कि फोन पर बात करने को लेकर विवाद के बाद जब बेटी अभद्रता कर किचन में चली गई तब आरोपी पिता भी पीछे से 12 बोर की बंदूक लेकर किचन में गया और बेटी पर बंदूक तान दी। ट्रिगर दबाने से पहले भी आरोपी ने कहा कि न जाने किससे बातें करती है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे मृतका की मां पुष्पलता वैश्य आंगन में पौधे लगा रही थी। अशोक वैश्य (69) ने पौधे लगाने से मना किया। थोड़ी देर बाद वाद- विवाद के बीच बेटी की शादी की बात आ गई। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, तभी बेटी अंकिता उर्फ अंकू वैश्य (30) बीच में आ गई। अंकिता ने इस दौरान पिता से अभद्रता की। इससे गुस्साए पिता अशोक सिंह अंदर बंदूक लेने चले गए। उधर, पिता का गुस्सा देख अंकिता किचन में चली गई। फिर अशोक किचन में पहुंचा और बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। भोपाल से पढ़ाई कर रही थी अंकिता अंकिता भोपाल के कॉलेज में बीफार्मा की पढ़ाई कर रही थी। कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद कॉलेज बंद होने से अपने गांव झारई में रह रही थी। अशोक अंकिता की शादी करना चाह रहे थे। वह लड़का देख रहे थे, लेकिन बेटी शादी नहीं करने की जिद कर रही थी। अशोक की अंकिता समेत तीन बेटियां और एक बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार, अशोक किसान है। घटनाक्रम के दौरान अंकिता का भाई, चाचा व अन्य सदस्य रिश्तेदार के घर शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

MP : वैक्सीनेशन में रिकॉर्ड बनाने के बाद शिवराज सरकार की फजीहत

भोपाल। राजधानी के जयप्रकाश अस्पताल के पास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में बने वैक्सीनेशन सेंटर पर सोमवार को बाग सेवनिया निवासी 70 साल के बुजुर्ग बब्बन चौरड़िया की तबीयत बिगड़ गई थी। गश खाकर गिरने के कारण उन्हें सिर में गंभीर चोट आई है। इसके बाद उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत स्थिर है। मंगलवार को एम्स में सिटी स्कैन हुई। इसमें ही सही स्थिति पता चलेगी। बेटे प्रभाकर का कहना है कि पिता को खून की उल्टियां भी हुई है। बावजूद उनकी तबीयत जानने के लिए अफसरों ने कोई संपर्क नहीं किया, जबकि वैक्सीनेशन सेंटर में अव्यवस्थाओं के कारण ही उनकी तबीयत बिगड़ी थी। सरस्वती शिशु मंदिर में सोमवार को कोवीशील्ड के 400 सेकेंड डोज लगाए गए, लेकिन दो घंटे में ही ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्लॉट बुक हो जाने के कारण यहां हंगामा हो गया था। बुजुर्ग बब्बन चौरड़िया भी वैक्सीन का सेकेंड डोज लगवाने आए थे और दो घंटे से लाइन में लगे थे। हंगामे के दौरान ही उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी और वे गश खाकर जमीन पर गिर गए थे। इससे उनके सिर में चोट आई थी। तत्काल उन्हें पहले जेपी अस्पताल और फिर एम्स ले जाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है।

पति-पत्नी और ‘वो’ में बर्बाद हुआ परिवार

इंदौर। दूसरी महिला से संबंध होने पर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे। परेशान पत्नी नाराज होकर मायके चली गई। जन्मदिन पर पति उसे लेने गया, लेकिन उसने आने से मना कर दिया। इसी से नाराज होकर पति ने गाड़ी से पेट्रोल निकालकर खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां सोमवार सुबह मौत हो गई। पति-पत्नी के बीच में दूसरी महिला के आने से पूरा परिवार बर्बाद हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। जांच अधिकारी SI रामकुमार ने बताया, 1 जुलाई को महेंद्र पिता बलराम निवासी किशनगंज राऊ पत्नी को लेने ससुराल आया था। उसकी ससुराल MIG थाना क्षेत्र स्थित कन्हैयालाल की चाल में है। महेंद्र के किसी दूसरी महिला से संबंध थे। इसी कारण विवाद के बाद पत्नी एक महीने पहले मायके रहने आ गई थी। उसे ही लेने वह पहुंचा था। पत्नी ने जाने से मना किया, तो उसने ससुराल में ही खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी सोमवार सुबह मौत हो गई। भाई कमलेश ने बताया, भाई और भाभी का कुछ दिनों से विवाद हो रहा था। इसी कारण भाभी मायके आ गई थी। भाभी का 1 तारीख को जन्मदिन था, इसलिए भैया उन्हें लेने गए थे। भाभी इसलिए नहीं जाना चाह रही थी, उनके किसी और महिला से संबंध थे। उनके बीच करीब एक साल से विवाद चल रहा था। जिस दिन वे भाभी को लेने जाने वाले थे, उसके पहले उन्होंने घर में अनाज भरा था। ठेला भी ठीक करवा लिया था। उन्होंने कहा था, पत्नी और बच्चों को लेने जा रहा हूं। वहां से लौटकर काम शुरू करूंगा।

MP : तीसरी लहर की आशंका खत्म होने तक नहीं खुलेंगे स्कूल; स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस लेंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, कोरोना की तीसरी लहर से इनकार नहीं किया जा सकता। बच्चों की जिंदगी दांव पर नहीं लगा सकते, इसलिए तीसरी लहर की आशंका समाप्त होने के बाद ही स्कूल खुलेंगे। केवल पूर्व निर्धारित ट्यूशन फीस ली जा सकेगी। इसमें कोई वृद्धि नहीं होगी और न ही इसके अतिरिक्त कोई शुल्क वसूला जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना के चलते स्कूल नहीं खुल पाने के कारण शिक्षकों की सैलरी खासकर प्राइवेट सकूलों में दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही बच्चों के अभिभावकाें की अपनी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे कई अभिभावकों ने बताया कि स्कूल बंद होने पर पढ़ाई नहीं हो रही है, लेकिन फीस बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल टयूशन फीस के अतिरिक्त कोई शुल्क नहीं लेगा। शिवराज ने कहा, चिंता इस बात की है कि लोग अब बिना मास्क के ही घूम रहे हैं। जनता भूल जाती है, कोरोना की दूसरी लहर में कितने कष्ट उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के सामने बाजार में एक साथ 600 से ज्यादा लोग देखे गए। इसमें से 70% ने मास्क नहीं लगाया था। यह तीसरी लहर को न्योता है। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर शाम प्रदेश के सभी कोविड प्रभारी मंत्री, अधिकारी, कर्मचारी व क्राइसिस मैनेजमेंट समूहों के सदस्यों को टीकाकरण और कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के नियंत्रण को लेकर बैठक की। इसमें उन्होंने कहा, क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है। सरकार जरूरी दवाइयाें का स्टॉक करके रख रही है। ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो रहे हैं। ऑक्सीजन टैंकर्स की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया, अस्पतालों में 75 हजार बैड तैयार कर लिए गए हैं। बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाए जा रहे हैं।

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