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MP : CM के सामने हंगामा किया तब हुई बुजुर्ग की सुनवाई
बैतूल। आठ एकड़ जमीन के लिए एक बुजुर्ग को रिश्तेदारों ने कागजों में मार डाला और उसकी जमीन हड़प ली। ये बुजुर्ग अब खुद को जिंदा साबित करने के लिए पिछले 17 साल से सिस्टम से लड़ रहा है। चौंकाने वाली ये कहानी बैतूल में मुलताई तहसील के तांईखेड़ा गांव के तिलकचंद धाकड़ की है। जो दिसंबर 2004 से सरकार के राजस्व रिकॉर्ड में मर चुके हैं। इसके बाद फौतीनामा के जरिए उसके नाम की संपत्ति दूसरों के नाम स्थानांतरित हो गई। पीड़ित ने न्याय पाने के लिए हाल में ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा में हंगामा कर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने दैनिक भास्कर से साझा किया जिंदा होने के बाद भी मृत घोषित होने का पूरा किस्सा… पटवारी, पत्नी और बेटे पर FIR दर्ज इस मामले को लेकर CM शिवराज की सभा में हंगामे के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। मुलताई पुलिस ने पटवारी हरिदास क्षीर सागर और पूनम उइके के साथ ही किसान की पत्नी सावित्री बाई और बेटे राजू किराड़ के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। FIR में कहा गया है कि दोनों पटवारियों ने नामांतरण प्रकरण की सूक्ष्म जांच किए बिना फौती नामांतरण दर्ज कर दिया था। इस नामांतरण के समय संशोधन पंजी में किसान की पत्नी सावित्री और बेटे राजू के हस्ताक्षर भी होना पाया गया। इसके अलावा दोनों ने किसान के मृत होने के संबंध में एक झूठा शपथ पत्र भी दिया था, जिसके आधार पर इन चारों पर FIR की गई है। शिकायतें 60, सुनवाई कहीं नहीं तिलकचंद के बेटे विजय धाकड़ का कहना है कि तहसील कार्यालय से लेकर सीएम ऑफिस तक करीब 60 बार शिकायत कर चुके हैं। 24 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पेंडिंग है। विजय धाकड़ का कहना है कि मूलरूप से वह किराड़ समाज का है। 2004 में उसके पिता को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था। रिश्तेदारों ने षड्यंत्र कर प्रशासन को गुमराह कर 8 एकड़ जमीन फौतीनामा के आधार पर किसी और के नाम स्थानांतरित करा दिया। षड्यंत्रकारों ने उनके पास जमीन नहीं छोड़ी। अब उन्हें दूसरों की मजदूरी करने के लिए छोड़ दिया। सिविल न्यायालय में चल रहा मामला मुलताई SDM हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि तिलकचंद धाकड़ का मामला सिविल न्यायालय में चल रहा है। जांच में पता चला कि 2004 में फौतीनामा गलत हुआ है। उस समय एक पटवारी हरिदास श्रीसागर ने ये फौतीनामा किया था। उसमें हस्ताक्षर हरिदास के नहीं हैं, बल्कि एक ट्रेनी महिला पटवारी हरिदास से ट्रेनिंग ले रही थी, उसने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने यह भी बताया कि 2018-19 में SDM कार्यालय मुलताई से फौती नामांतरण निरस्त कर दिया गया था। मामले में दूसरे पक्ष ने कमिश्नर कार्यालय में अपील कर दी थी। इस कार्यालय के आदेश के बाद फौतीनामा आज भी अस्तित्व में है। सीएम के सामने भी किया हंगामा 12 फरवरी को बैतूल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कार्यक्रम था। तिलकचंद धाकड़ और उसके बेटे विजय धाकड़ सीएम से मिलने आए थे। जब मिलने नहीं दिया गया, तो जमकर हंगामा हुआ था। जिसके बाद से ही तिलकचंद धाकड़ का मामला सुर्खियों में आ गया। जिसके बाद आनन-फानन में FIR की कार्रवाई की गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने हंगामे का वीडियो ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था।
MP के 3 युवाओं के लिए मसीहा बने सोनू सूद
रीवा। कोरोना काल में मसीहा बनकर उभरे बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद अब भी दिल खोलकर लोगों की मदद कर रहे हैं। अब उन्होंने MP के तीन युवाओं के ऑर्गन ट्रांसप्लांट का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। तीनों गरीब घर से है। सोनू ने 13 फरवरी को रीवा से तीनों को सूरत बुलवाकर वहां किरण हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद तीनों को नई जिंदगी मिल सकेगी। अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंजबिहारी ने बताया कि बिजलीकर्मी के जले हाथों, किसान के कटे हाथ और एक्सीडेंट में पैर खो चुके युवक का इलाज सूरत में हो रहा है। तीनों ने शासन-प्रशासन से मदद मांगी, पर किसी ने नहीं सुनी। युवाओं को इलाज मिल जाए तो एक बार फिर अपने घरों की जिम्मेदारी उठा सकेंगे। कुंज बिहारी ने सोनू सूद को ट्वीट कर इलाज के लिए मदद मांगी थी। हादसे में खोया पैर देवतालाब (रीवा) के प्रवीण तिवारी ने बताया कि 8 फरवरी 2021 को वह हादसे का शिकार हो गए थे। डॉक्टरों ने पैर काट दिया। मध्यप्रदेश में सही इलाज नहीं मिला तो एक साल से रायपुर एम्स में इलाज करा रहा था। अभी तक शासन से कोई मदद नहीं मिली। अब सूरत में पैर लगेगा। थ्रेसर से कट गया था हाथ नईगढ़ी (रीवा) के कमलाकर कुशवाहा ने कहा कि सालभर पहले थ्रेसर से हाथ कट गया था। सरपंच ने कुंज बिहारी तिवारी से संपर्क किया। फिर सोनू सूद तक हमारी बात पहुंचाई। उम्मीद है कि हाथ लगते ही हमारा जीवन सही हो जाएगा। हम फिर से उसी तरह कार्य करने लगेंगे। बिजली लाइन पर काम करते हुए झुलसे दोनों हाथ लौआ (रीवा) निवासी यदुवंश प्रसाद विश्वकर्मा का कहना है कि वह बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी थे। लाइन पर काम करते समय हादसे का शिकार हो गए। जिससे दोनों हाथ झुलस गए। बिना हाथ घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रीवा के जनप्रतिनिधियों में दूरदर्शिता की कमी है। नहीं तो दूसरे शहरों में न भटकना पड़ता।
MP : कौन बनेगा नया डीजीपी , दो नाम सबसे आगे
भोपाल। मध्यप्रदेश में अगला पुलिस महानिदेशक कौन होगा, इसको लेकर अभी उच्चस्तर पर ही मंथन चल रहा है। वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी के कार्यकाल को खत्म होने में अब एक महीने का समय भी नहीं बचा है। बावजूद इसके नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव अभी तक यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन UPSC को नहीं भेजा जा सकता है। आमतौर पर राज्य सरकार द्वारा डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को आईपीएस अफसरों के नाम का पैनल तीन महीने पहले भेज दिया जाता है। सोशल मीडिया पर पैनल यूपीएससी को भेजे जाने की सूचना वायरल हो रही है। इसका गृह मंत्रालय ने खंडन किया है। गृह विभाग के एसीएस राजेश राजौरा ने कहा कि डीजीपी के लिए नामों की जानकारी यूपीएससी को भेजे जाने का प्रकरण उच्च स्तर पर विचाराधीन है। इसलिए यूपीएससी को नामों का पैनल अभी प्रेषित नहीं किए गए हैं। सोशल मीडिया पर इससे विपरीत प्रसारित की जा रही जानकारी तथ्यहीन है। आईपीएस सुधीर सक्सेना रेस में आगे वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी का कार्यकाल 4 मार्च को पूरा होने वाला है। सूत्रों के अनुसार नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर ही मूवमेंट पर है। मप्र का डीजीपी बनने की रेस में 1987 बेच के आईपीएस अधिकारी सुधीर सक्सेना और पवन जैन का नाम सबसे आगे चल रहा है। सक्सेना वर्तमान में दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं पवन जैन डीजी होमगार्ड्स हैं। 30 वर्ष की सेवाएं पूरी कर चुके अफसरों के नाम भेजे जाते हैं राज्य सरकार द्वारा 30 वर्ष की सेवाएं पूरी कर चुके आईपीएस अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजे जाते हैं। इसमें उन सभी अफसरों के नाम भेजे जाते हैं, जिनकी सेवाएं न्यूनतम 6 महीने शेष हों। इसके बाद दिल्ली से प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार डीजीपी की नियुक्ति का आदेश जारी करेगी। सरकार द्वारा भेजी गई वरिष्ठता के आधार पर यूपीएससी तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल राज्य सरकार को वापस भेजती है। इससे से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जाता है।
गुना में सगाई से मना किया तो किया किडनैप, भीड़ ने पीटकर छुड़ाया
गुना। इंदौर से गुना आए लड़कों ने एक सेल्सगर्ल को कार में डालकर ले जाने की कोशिश की। आरोपी दिनदहाड़े लड़की को कार में डालकर ले जाना चाह रहे थे। भीड़ ने लड़की को बचाया। दो आरोपियों को पकड़कर पीट दिया। पकड़े गए युवकों को कोतवाली ले जाया गया। लड़की बाइक शोरूम में जॉब करती है। घटना सोमवार सुबह की है। गुना के सिरसी इलाके की रहने वाली 23 साल की सेल्सगर्ल शहर की न्यू सिटी कॉलोनी में किराए से रहती है। लड़की के मामा दुर्गा अलावा ने बताया कि पिछले साल उसकी भांजी के रिश्ते की बात धार के रहने वाले दिनेश दुड़बे से चल रही थी। दिनेश इंदौर में बिजली कंपनी में ड्राइवर है। जब रिश्ता पसंद नहीं आया तो सगाई के लिए लड़की वालों ने मना कर दिया। सोमवार को दिनेश दुड़बे, उसका भाई, तीन और साथियों के साथ कार से गुना आए। गाड़ी उनके इंदौर के सेठ की थी। लड़की घर से शोरूम जाने के लिए निकली थी, तभी नानाखेड़ी स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने लड़कों ने कार अड़ाकर उसे रोक लिया। लड़की ने तुरंत अपने मामा को फोन कर लोकेशन बता दी। जैसे ही लड़कों ने उसे पकड़कर कार में बिठाने की कोशिश की, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए।
इमरान खान के सांसद की उम्र 49 साल, 18 वर्षीय युवती से रचाई शादी
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पीटीआई के सांसद और पॉपुलर टेलीविजन होस्ट डॉ आमिर लियाकत हुसैन (Dr Aamir Liaquat Hussain) ने 18 वर्षीय लड़की के साथ तीसरी बार शादी रचा ली है. 49 वर्षीय हुसैन ने 18 वर्षीय सईदा दानिया शाह (Syeda Dania Shah) से बुधवार को निकाह किया. इमरान की सत्ताधारी पार्टी के सांसद की इस शादी को लेकर पड़ोसी मुल्क में खूब चर्चा हो रही है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि जिस दिन आमिर ने शादी रचाई, उसी दिन पाकिस्तानी सांसद ने अपनी दूसरी पत्नी को तलाक भी दिया था. डॉ आमिर लियाकत हुसैन ने इंस्टाग्राम पर अपनी नई पत्नी को लेकर लिखा, ‘पिछली रात 18 साल की सईदा दानिया शाह के साथ शादी रचाई है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वह दक्षिण पंजाब के लोधरण के एक सम्मानीय नजीब उत तरफैन सादात परिवार से ताल्लुक रखती हैं.’ पाकिस्तान सांसद ने अपने पोस्ट में अपनी तीसरी पत्नी के तारीफों के पुल बांधें. उन्होंने आगे कहा, ‘सईदा बेहद प्यारी, खूबसूरत, सिंपल और डार्लिंग हैं. मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करना चाहूंगा कि वो हमारे लिए दुआ करें. मैंने अभी-अभी जिंदगी के बुरे समय को पीछे छोड़ा है. वो गलत फैसला था.’ आमिर लियाकत हुसैन की दूसरी पत्नी ने क्या कहा? महीनों की अटकलों के बाद बुधवार को इमरान की पार्टी के सांसद की दूसरी पत्नी और अभिनेत्री तुबा आमिर ने पुष्टि की कि उन्होंने हुसैन से तलाक लेने का फैसला किया है. इसके लिए अर्जी डाल दी गई है. इंस्टाग्राम पर एक बयान साझा करते हुए तुबा ने खुलासा किया दोनों लोग 14 महीने पहले ही अलग हो चुके हैं. सुलह की कोई उम्मीद नहीं होने का हवाला देते हुए तुबा ने आगे कहा कि उन्होंने अदालत से तलाक लेने का विकल्प चुना है. तुबा आमिर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘बहुत भारी मन से मैं आप सभी लोगों को मेरे जीवन में हो रही घटनाओं के बारे में बताना चाहती हूं. मेरे करीबी परिवार और दोस्तों को पता है कि 14 महीने पहले अलग होने के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि हमारे बीच सुलह की कोई उम्मीद नहीं थी. इसलिए मैंने अदालत से तलाक को लेने का विकल्प चुना.’ उन्होंने बयान में आगे कहा गया, ‘मैं यह बता नहीं कर सकती हूं कि ये कितना कठिन रहा है, लेकिन मुझे अल्लाह और उसके प्लान पर भरोसा है. मैं सभी से अपील करूंगी कि इस कठिन समय में मेरे फैसले का सम्मान किया जाए.’
Lord Hanuman : महाबली हनुमान को मनाने के लिए मंगलवार की पूजा में करें ये सरल उपाय
कलयुग में हनुमान जी (Lord Hanuman) की उपासना अत्यंत ही कल्याणकारी मानी गई है. पवनपुत्र हनुमान जी उन सात चिरंजीवी में से एक हैं, जो हर युग में अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं. एकादश रुद्र के रूप में पूजे जाने वाले श्री हनुमान जी को शिव (Lord Shiva) पुराण में शम्भु, रुद्राक्ष महादेवात्मज, रुद्रावतार, कपीश्वर आदि नामों से संबोधित किया गया है. संकटमोचक हनुमान जी की साधना के लिए मंगलवार (Tuesday) का दिन अत्यंत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है. आइए जानते हैं रामदूत कहलाने वाले बजरंगी की पूजा का महाउपाय (Lord Hanuman worship Tips in Hindi) . हनुमान चालीसा का करें सात बार पाठ सनातन परंपरा में श्री हनुमान जी की साधना, उनकी सेवा और भक्ति सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है. हनुमत साधना सभी संकटों को दूर करने वाली है. यदि आप जीवन से जुड़े किसी कष्ट से जूझ रहे हैं या फिर आपको किसी लक्ष्य या लाभ की प्राप्ति की कामना है तो आप मंगलवार के दिन पूरे श्रद्धा एवं भाव के साथ श्री हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का सात बार पाठ करें. श्री हनुमान जी की महिमा का गुणगान करने वाली इस चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के सभी भय, रोग और शोक दूर होते हैं और उसे सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. बड़े संकट से बचाता है बजरंग बाण का पाठ मंगलवार के दिन श्री हनुमान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए गये हैं, लेकिन यदि आप किसी बड़े संकट में फंसे हुए हैं या फिर आपको किसी ज्ञात-अज्ञात शत्रु से हर समय खतरा बना रहता है या फिर आपके घर में कलह का प्रवेश हो गया है और आप उसे दूर करना चाहते हैं तो आपको इन सभी परेशानियों से उबरने के लिए न सिर्फ मंगलवार को बल्कि प्रतिदिन भक्ति भाव से बजरंग बाण (Bajrang Baan) का पाठ करना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि बजरंग बाण का पाठ महिलाओं को नहीं करना चाहिए. बजरंग बाण का पाठ चमत्कारिक रूप से बड़ी से बड़ी बाधा को दूर कर मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है. श्री हनुमान जी की पूजा में बजरंग बाण का पाठ करने से शिक्षा, व्यवसाय, कॅरिअर आदि में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं. सुंदरकांड के पाठ से संवरेगा भाग्य मान्यता है कि जिस जगह पर श्री रामचरित मानस (Ramcharitmanas) का पाठ होता है, वहां पर श्री हनुमान जी अप्रत्यक्ष रूप से विराजमान रहते हैं. ऐसे में मंगलवार के दिन पूरे श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मुक्त कंठ से यदि कोई व्यक्ति सुंदरकांड (Sunder Kand) का पाठ करता है तो उस पर श्री हनुमान जी की कृपा अवश्य बरसती है. मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करने के लिए तन एवं मन से पवित्र होकर सबसे पहले विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करें और उसके बाद आप अपनी मनोकामना के अनुसार श्री रामचरित मानस की चौपाई का संपुट बनाकर सुंदरकांड का पाठ करें. सुंदरकांड का भक्ति भाव के साथ पाठ करने पर बजरंगबली की कृपा बहुत ही जल्द प्राप्त हो जाती है. जो लोग नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हैं, उन्हें कभी भी रोग-शोक नहीं सताता है और उन्हें सभी प्रकार के सुखाों की प्राप्ति होती है. सुंदरकांड का पाठ जीवन में सभी प्रकार की सफलता दिलाने वाला है. (यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)
Maha Shivratri 2022 : साल 2022 में कब है महाशिवरात्रि, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2022) हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. ये पर्व भगवान शिव की आराधना करके मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) मनाई जाती है. इस साल महाशिवरात्रि 1 मार्च को मनाई जाएगी. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि के खास मौके पर भक्त भगवान शिव (Lord Shiv) को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. माता पार्वती की तरह मनचाहा वर पाने के लिए लड़कियां व्रत रखती हैं और सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा करती हैं. ये भी माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा ये भी माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है. इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा करने का सही तरीका. शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त इस साल महाशिवरात्रि का शुभ दिन मंगलवार, 1 मार्च को सुबह 3.16 बजे से शुरू होगा. चतुर्दशी तिथि बुधवार, 2 मार्च को सुबह 10 बजे समाप्त होगी. महाशिवरात्रि की पूजा चार चरणों में की जाती है. चार चरणों में पूजा के शुभ मुहूर्त हैं. प्रथम चरण पूजा – 1 मार्च शाम 6.21 बजे से रात 9.27 बजे तक दूसरे चरण की पूजा – 1 मार्च रात 9.27 बजे से 12.33 बजे तक तीसरे चरण की पूजा – 2 मार्च को दोपहर 12:33 से 3.39 बजे तक चौथा चरण पूजा – 2 मार्च को सुबह 3:39 बजे से सुबह 6:45 बजे तक शिवरात्रि पूजा विधि फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि को साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि में से एक माना जाता है. अपने दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके करें. इसके बाद घर में पूजा स्थल पर जल से भरा कलश स्थापित करें. बाद में कलश के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों को रखें. भगवान शिव और माता पार्वती को अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा और फल चढ़ाएं. पूजा करें और अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. शिवरात्रि पूजा मंत्र लोग इस दिन महामृत्युंजय और शिव मंत्र का पाठ करते हैं. महामृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् 2. शिव मंत्र – ॐ नमः शिवाय अगर आप सभी अनुष्ठानों के साथ पूजा करते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि भगवान आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
8 दिन में यूक्रेन पर हमला कर सकता है रूस:सेना ने तीन तरफ से बॉर्डर घेरा
कीव. लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की सीमा को घेरकर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। रूसी सैनिकों की तरफ से यूक्रेन बॉर्डर घेरने की खबर से यूरोप और पश्चिमी देशों में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच खबर है कि शनिवार को जो बाइडेन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से फोन पर बात करेंगे। अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधियों ने चिंता जाहिर की है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किसी भी समय यूक्रेन पर हमले का आदेश दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस ने तीन तरफ से यूक्रेन सीमा को घेर रखा है और वहां आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को तैनात किया है। तीन ओर से रूसी सेना ने यूक्रेन को घेरा, सेटेलाइट इमेज में खुलासा यूक्रेन सीमा को रूसी सैनिकों ने तीन ओर से घेर लिया है। ताजा सेटेलाइट इमेज से इसका खुलासा हुआ है। सीमा पर 550 से अधिक टेंट भी लगाए गए हैं। इसके अलावा रूस ने यूक्रेन सीमा से लगे ओजोव सागर में नौसेना अभ्यास भी शुरू कर दिया है। यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने इंटरनेशल वॉटर से जुड़े उसके सारे कनेक्शन काट दिए हैं। विंटर ओलिंपिक्स से पहले हमला कर सकता है रूस रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया विभाग के अधिकारियों को इससे पहले लगा था कि व्लादिमीर पुतिन विंटर ओलिंपिक के बाद हमला करेंगे, ताकि उनके साथी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग नाराज न हों, लेकिन अब खुफिया विभाग को लगता है कि रूस 20 फरवरी को विंटर ओलिंपिक खत्म होने का इंतजार नहीं करेगा। चीन की राजधानी बीजिंग में 20 फरवरी तक विंटर ओलिंपिक खत्म होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन ने बताया कि हम रूस के बढ़ते कदमों को देख रहे हैं। यूक्रेन बॉर्डर पर रूस ने नई सेना तैनात की है। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि रूस विंटर ओलिंपिक के दौरान ही यूक्रेन पर हमला बोल सकता है। रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं पश्चिमी देश अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। कहा जा रहा है कि 24 घंटे में स्थिति समान्य नहीं होने पर पश्चिमी देश रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं। अमेरिका-ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से की यूक्रेन छोड़ने की अपील इस तनाव को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों से यूक्रेन से तुरंत लौटने की अपील की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अभी हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हम अपने नागरिकों से अपील करते हैं कि वे यूक्रेन छोड़ जल्द अमेरिका आ जाएं। अमेरिकी विदेश विभाग ने 24-48 घंटे के भीतर सभी नागरिकों को वापस आने की चेतावनी दी है। अमेरिका के बाद कई और देशों ने नागरिकों से लौटने की अपील की अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन, नॉर्वे, जापान, लातविया और डेनमार्क ने भी अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने की अपील की है। उधर, अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए सैनिकों को भेजने की संभावना को नकार दिया है। शुक्रवार को पेंटागन ने पोलैंड के लिए 3 हजार सैनिकों को रवाना किया है। यूक्रेन से रूस का विवाद क्या है? यूक्रेन का पूर्वी भाग रूस के बॉर्डर से लगा हुआ है। सोवियत संघ के विघटन के बाद अधिकांश रूसी मूल के लोग यूक्रेन में बस गए। इस वजह से दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल बेहतर था, लेकिन 2014 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के करीबी विक्टर यानुकोविच की सत्ता चली गई। यानुकोविच के हटने के बाद से रूस और यूक्रेन में सियासी टशन शुरू हो गया। रूस ने इसके बाद यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर हमला कर कब्जा लिया। यूक्रेन को 1954 में सोवियत संघ के सर्वोच्च नेता निकिता ख्रुश्चेव ने क्रीमिया गिफ्ट में दिया था। क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से मित्रता बढ़ानी शुरू कर दी। ताजा विवाद यूक्रेन के नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) में शामिल होने की खबर से शुरू हुई। यूक्रेन के NATO में शामिल होने की अटकलों से नाराज रूस ने सीमा पर लाखों सैनिकों की तैनाती कर दी।
देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड , एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना
मुंबई। सीबीआई (CBI) ने एबीजी शिपयार्ड और उसके निदेशकों के खिलाफ 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की है. सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India), वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, कफे परेड, कोलाबा मुंबई ब्रांच के डीजीएम बालाजी सिंह समानता की शिकायत पर मेसर्स एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, मगदला विलेज, ऑफ डुमास रोड, सूरत, गुजरात कंपनी, ऋषि कमलेश अग्रवाल, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, गारंटर संथानम मुथास्वामी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अश्वनी कुमार, डायरेक्टर सुशील कुमार अग्रवाल, डायरेक्टर रवि विमल निवेदिता, डायरेक्टर मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और अज्ञात सरकारी लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, चीटिंग, क्रिमिनल बीच ऑफ ट्रस्ट, पोस्ट का दुरुपयोग करके कॉन्सॉर्टियम ऑफ बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ई स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ( मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ), ई स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (मौजूदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) जिसे आईसीआईसी बैंक लीड कर रहा था, टोटल 22,842 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायत में मौजूद आरोप और फैक्ट्स के मुताबिक आईपीसी 120बी, 409, 420 और 13(2), 13(1) (d), ऑफ प्रिवेंशन औ करप्शन एक्ट के तहत (1) एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, (2) ऋषि कमलेश अग्रवाल, (3) संथानम मुथोस्वामी, (4) अश्वनी कुमार, (5) सुशील कुमार अग्रवाल, (6) रवि विमल निवेतिया, (7) मेसर्स एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, (8) अज्ञात पब्लिक सर्वेंट और प्राइवेट लोगों के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है और सीबीआई के पीआई नई दिल्ली कमलेश चंद्र तिवारी को जांच करने के लिए आदेश दिया गया है. आठ नवंबर 2019 को दर्ज कराई गई थी पहली शिकायत बैंकों के संघ ने सबसे पहले आठ नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगा था. बैंकों के संघ ने उस साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज की और डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की. अधिकारी ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि वर्ष 2012-17 के बीच आरोपियों ने कथित रूप से मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें धन का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात शामिल है. सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत का काम करती है. इसके शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित है. इस बीच 22,842 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई मुंबई में एबीजी शिपयार्ड से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले नीरव मोदी ने बैंकों के साथ लगभग 13,200 करोड़ रुपए का घोटाला किया था.
राहुल बजाज का 83 साल की उम्र में निधन, जिनकी लीडरशिप में घर-घर तक पहुंचा था ‘हमारा बजाज’
मुंबई। बजाज के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज (Rahul Bajaj) का शनिवार को पुणे में निधन हो गया. वो 83 वर्ष के थे, वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे और इसी के वजह से उनका निधन हुआ. बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाले राहुल बजाज को साल 2001 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था. उनका बजाज स्कूटर 80 के दशक में घर घर की पहचान बन चुका था और टीवी और रेडियो में बजने वाला विज्ञापन हमारा बजाज उनके ब्रांड की पहचान बना जो आज तक जारी है. आइये जानते हैं देश के इस उद्योगपति के सफल जीवन के बारे में जिसने भारत की ऑटो इंडस्ट्री (auto industries) को न सिर्फ दुनिया भर में पहचान दी साथ कई कारोबारियों के लिये प्रेरणा के स्रोत भी बने 1965 में संभाली ग्रुप की जिम्मेदारी राहुल बजाज का जन्म 10 जून, 1938 को कोलकाता में मारवाड़ी कारोबार परिवार में हुआ था, बजाज परिवार और नेहरू परिवार में अच्छी जानपहचान थी . राहुल बजाज ने 1965 में बजाज ग्रुप की जिम्मेदारी संभाली. उनके कार्यकाल में बजाज ऑटो का टर्नओवर 7.2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक पहुंच गया और यह स्कूटर सेग्मेंट में देश की अग्रणी कंपनी बन गई. उन्होने 50 साल तक कंपनी की बागडोर अपने हाथों में रखी. 2005 में वो इस पद से हटे और अपने बेटे को बागडोर सौंप दी बजाज फिलहाल देश की अग्रणी ऑटो सेक्टर की कंपनी है. बजाज ऑटो को अपना नाम 1960 में मिला था और वो स्कूटर बनाने के कारोबार में इससे पहले से थी. राहुल बजाज के कारोबार संभालने के साथ बजाज ऑटो नई ऊंचाई पर पहुंची साल 2008 में उन्होने कंपनी के तीन हिस्से किये जिसमें एक होल्डिंग कंपनी के अलावा बजाज ऑटो और बजाज फिनसर्व शामिल हैं. अप्रैल 2021 में वो कंपनी के नॉन एग्जीक्यूटिव पद से हट गये. घर घर की शान बना बजाज का स्कूटर बजाज के स्कूटर वेस्पा के बाजार में आते ही वो आम लोगों के ट्रांसपोर्टेशन का अहम हिस्सा बन गया था. स्थिति ये थी कि तब बजाज के स्कूटर को लेने के लिये लंबी वेटिंग लगती थी. चेतक के साथ बजाज कंपनी भारतीयों के और करीब आ गया. राहुल बजाज के कार्यकाल के दौरान टूव्हीलर मार्केट के दो तिहाई से ज्यादा हिस्से पर बजाज ऑटो का कब्जा था. इस समय दूरदर्शन पर चलने वाले एड की टैगलाइन हमारा बजाज इतनी सफल हुई कि वो आज भी जारी है. हालांकि बजाज स्कूटर को पाना राहुल बजाज के लिये आसान नहीं था. 1968 में फिरोदिया परिवार के साथ उन्हें कानून लड़ाई लड़नी पड़ी और स्कूटर पर अपना हक हासिल किया. ये कदम उनके लिये गेमचेंजर साबित हुआ और बाकी सभी बाते अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी है. जीवन में कई बड़े सम्मान हासिल किये राहुल बजाज ने एक सफल कारोबारी के रूप में खुद को स्थापित करने के साथ राहुल बजाज ने कई बड़े सम्मान अपने नाम किये. 2001 में उन्हें इंडस्ट्री में शानदार योगदान के लिये पद्म विभूषण मिला. इसके अलावा उन्हे फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान भी मिला. राहुल राज्यसभा के सदस्य भी रहे. इसके अलावा वो सीआई आई के अध्यक्ष भी चुने गये. 2017 में राहुल बजाज को राष्ट्रपति के द्वारा भी सम्मानित किया गया.फोर्ब्स की साल 2016 की रैकिंग में वो 2.4 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया में 722वें स्थान पर थे.
IPL 2022 : ईशान को सबसे ज्यादा 15.25 करोड़ मिले, शार्दूल 10.75 करोड़ में, फुल डिटेल्स
बेंगलुरु। IPL 2022 का मेगा ऑक्शन बेंगलुरु में जारी है। बोली लगा रही 10 फ्रेंचाइजियों ने अब तक 41 खिलाड़ियों को खरीदा है। इनमें अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी ईशान किशन रहे हैं, जिन्हें 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। उन पर बोली लगाने के लिए नीता अंबानी की मुंबई और गुजरात के बीच 10 मिनट तक लंबी होड़ चली। ईशान इस नीलामी के साथ आईपीएल में दूसरे सबसे महंगे भारतीय हो गए हैं। इससे पहले युवराज को 16 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था। ईशान ने अपने गुरु महेंद्र सिंह धोनी को भी पछाड़ दिया, जिन्हें चेन्नई ने 12 करोड़ में रिटेन किया है। ईशान के बाद दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बिके दीपक चाहर। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ में खरीदा। मिडिल ऑर्डर बैट्समैन और विकेटकीपर निकोलस पूरन के लिए भी लंबी लड़ाई चली। करीब 8 मिनट की बोली के बाद पूरन को हैदराबाद ने 10.75 करोड़ में खरीदा। IPL मेगा AUCTION में अब तक बिके अहम खिलाड़ी… 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले युजवेंद्र चहल को 6.50 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। लेग स्पिनर के लिए मुंबई, राजस्थान और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल तक RCB के लिए खेलते हुए चहल को 6 करोड़ मिलते थे। 75 लाख के बेस प्राइस वाले राहुल चाहर को 5.25 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। राहुल के लिए SRH, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और मुंबई ने बोली लगाई थी। पिछले साल राहुल को मुंबई से 1.9 करोड़ रुपए मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले कुलदीप यादव को 2 करोड़ में दिल्ली कैपटिल्स ने खरीदा। चाइनामैन गेंदबाज के लिए पंजाब और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनकी सैलरी 5.8 करोड़ रुपए थी। बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को 2 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा। रहमान का बेस प्राइस 2 करोड़ था और उनके लिए दिल्ली और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको 1 करोड़ रुपए मिलते थे। लॉर्ड शार्दूल के नाम से मशहूर हो चुके 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले शार्दूल ठाकुर को 10.75 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। इनके लिए पंजाब, गुजरात और दिल्ली ने दिलचस्पी दिखाई थी। पिछले साल CSK से खेलते हुए ठाकुर को 2.6 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले भुवनेश्वर कुमार को 4.20 करोड़ में SRH ने खरीदा। भुवी के लिए राजस्थान, मुंबई, SRH और लखनऊ ने बोली लगाई थी। स्विंग के बादशाह भुवनेश्वर कुमार को SRH से 8.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के पेसर मार्क वुड को 7.50 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। वुड के लिए लखनऊ के अलावा दिल्ली ने बोली लगाई थी। 2018 में वुड को CSK की ओर से 1.50 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड को 7.75 करोड़ में RCB ने खरीदा। चेन्नई, लखनऊ, मुंबई, RCB और दिल्ली के बीच जोरदार बोलियां लगीं। IPL 2021 में CSK के लिए खेलते हुए हेजलवुड की सैलरी 2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले कीवी तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन को 10 करोड़ में गुजरात टाइटन्स ने खरीदा। फर्ग्यूसन पर गुजरात और दिल्ली ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 1.60 लाख मिलते थे। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले प्रसिद्ध कृष्णा को 10 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। शानदार फॉर्म में चल रहे कृष्णा पर लखनऊ और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल KKR से खेलते हुए उनको केवल 20 लाख मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दीपक चाहर को 14 करोड़ में CSK ने खरीदकर अपने साथ जोड़ा। स्विंग में माहिर चाहर डेथ ओवर्स में तेज रन भी बना सकते हैं। उन पर हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई और राजस्थान ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 80 लाख थी। 1 करोड़ के बेस प्राइस वाले तेज गेंदबाज टी नटराजन को 4 करोड़ में सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा। नटराजन के ऊपर SRH और गुजरात ने बोली लगाई थी। पिछले साल SRH से खेलते हुए उनकी सैलरी 40 लाख थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले विकेटकीपर ईशान किशन को 15.25 करोड़ में मुंबई ने खरीदा। ईशान पर मुंबई और पंजाब ने बोली लगानी शुरू की थी। पिछले साल उनकी आईपीएल सैलरी 6.20 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन को 10.75 करोड़ में हैदराबाद ने खरीदा। पूरन पर CSK, SRH और KKR ने बोली लगाई थी। पिछले साल पंजाब किंग्स से खेलते हुए उनकी सैलरी 4.2 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले दिनेश कार्तिक को 5.50 करोड़ में RCB ने खरीदा। RCB के अलावा चेन्नई ने भी उनके ऊपर बोली लगाई थी। KKR के लिए खेलते हुए उनकी सैलरी 7.40 करोड़ थी। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को 6.75 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा। बेयरस्टो पर दिल्ली, पंजाब और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनकी सैलरी 2.20 करोड़ थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले अंबाती रायडू को 6.75 करोड़ में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा। पिछले साल भी अंबाती CSK का ही हिस्सा थे। अंबाती पर उनकी चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद ने बोली लगाई थी। पिछले साल उनको चेन्नई से 2.20 करोड़ मिलते थे। 1.50 करोड़ के बेस प्राइस वाले वॉशिंगटन सुंदर पर पंजाब, गुजरात और हैदराबाद ने दांव लगाया था। सुंदर को SRH ने 8.75 करोड़ में खरीदा। पिछले साल RCB से सुंदर को 3.20 करोड़ मिलते थे। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर मिचेल मार्श को 6.50 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। मार्श पर SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पिछले साल हैदराबाद में मार्श की सैलरी 2 करोड़ रुपए थी। 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या को 8.25 करोड़ में लखनऊ ने खरीदा। पंड्या पर पंजाब, SRH और गुजरात ने भी बोली लगाई। पांड्या की मुंबई इंडियंस में सैलरी 8.8 करोड़ थी। हसरंगा पर पंजाब और RCB ने बोली लगाई थी। पिछले साल हसरंगा टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर रहे थे। पिछले साल RCB में उनकी सैलरी 50 लाख रुपए थी। कैरेबियाई ऑलराउंडर जेसन होल्डर को अपने साथ जोड़ने के लिए मुंबई, … Read more
कालीचरण 2 दिन की रिमांड पर, कोर्ट के बाहर जमकर हुआ हंगामा
रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रायपुर पुलिस ने 1 जनवरी तक कालीचरण महाराज की रिमांड मांगी थी। कालीचरण समर्थकों को हाथ दिखाते हुए एक सेलिब्रिटी की तरह करीब 6.32 मिनट पर कोर्ट में दाखिल हुआ था। इस दौरान कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ। कालीचरण की पेशी को देखते हुए पहले से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के अंदर 4-5 वकीलों ने कालीचरण की ओर से पक्ष रखा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट और कई राज्यों की हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया। इससे पहले पुलिस ने रायपुर पुलिस लाइन में कालीचरण के सभी टेस्ट करवाए। शुगर, बीपी की रिपोर्ट के साथ-साथ कालीचरण की कोरोना जांच भी निगेटिव आई। कालीचरण ने किसी भी पुरानी बीमारी से इनकार किया। उसे जिला न्यायालय में जस्टिस चेतना ठाकुर की कोर्ट में पेश किया गया। बड़ी संख्या में लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान कालीचरण महाराज समर्थन में जय श्री राम और गोडसे जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लगभग 500 पुलिसकर्मी और अलग-अलग थानों के प्रभारी डीएसपी रैंक के अफसर कोर्ट परिसर की सुरक्षा में तैनात रहे। कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस ने गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ रायपुर, पुणे और अकोला में केस दर्ज किए गए थे। महात्मा गांधी के खिलाफ बयानबाजी के बाद से ही वह फरार था। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति जताई है। हालांकि जवाब में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने इसे नियमों के तहत एक्शन करार दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कालीचरण के परिवार और वकील को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई। उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। रायपुर पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के 4 बजे खजुराहो से 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम स्थित लॉज से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि कालीचरण ने अपने छिपने के लिए एक कॉटेज भी बुक कराया था। पुलिस को देखकर अकड़ने लगा कालीचरण पुलिस जब बागेश्वर स्थित लॉज में पहुंची तो कालीचरण यहां अपने 4 चेलों के साथ आराम फरमा रहा था। अचानक पुलिस को देख कालीचरण ने बहसबाजी शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के अफसरों ने कहा- चलना तो पड़ेगा, विरोध करने का कोई फायदा नहीं है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…) कालीचरण पर राजद्रोह का केस भी दर्ज रायपुर की पुलिस ने राजद्रोह की धाराएं भी इस केस में जोड़ी हैं। कालीचरण अकोला महाराष्ट्र का रहने वाला है। धर्म संसद में दिए गए विवादित बयानों को देखकर पहले धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब धारा 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B) , 124A इन धाराओं को भी जोड़ा गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कहा था- गांधी ने देश का सत्यानाश किया, नाथूराम गोडसे को नमस्कार रायपुर में हुई धर्म संसद के समापन के दिन शनिवार को महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में गलत बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन् 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। शिवराज के मंत्री बोले- एक्शन की जानकारी MP पुलिस की देनी चाहिए थी मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कालीचरण की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर ऐतराज जताया है। उन्होंने ट्वीट किया- छत्तीसगढ़ पुलिस को अपने एक्शन की जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस को देनी चाहिए थी। इससे इंटरस्टेट प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ पुलिस से आपत्ति दर्ज कराएंगे। अपने बयान पर कालीचरण को पछतावा नहीं गिरफ्तारी से पहले कालीचरण का एक बयान सामने आया था। इसमें वह कह रहा है- गांधी को अपशब्द कहने के लिए मुझ पर FIR हुई है, मुझे उसका कोई पश्चाताप नहीं है। मैं गांधी से नफरत करता हूं, मेरे हृदय में गांधी के प्रति तिरस्कार है। अपने ताजा बयान में कालीचरण ने गोडसे को महात्मा बताते हुए कहा कि मैं गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं उनके चरणों में मेरा साष्टांग प्रणाम है।
UP Election 2022 : बीजेपी से क्यों नाराज हैं ब्राह्मण, किसे देंगे वोट – पढ़ें विश्लेषण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में चुनावी साल है और चुनावी शोर में अब सबसे ज्यादा पूछ बहुत ही अहम माने जाने वाले बाह्मण (Brahmin) की होने लगी है. भले ही यूपी में बाह्मण सियासी तौर पर हाशिए पर हों, लेकिन हर सियासी दल ब्राह्मण को जरिए ही चुनावी वैतरणी को पार करना चाहता है. तभी तो यूपी में बीएसपी ने नारा दिया है कि ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा और हाथी बढ़ता जाएगा’. आज यूपी में ब्राह्मणों की स्थिति भी हाथी की तरह हो गई है और किसी भी सियासी दल सत्ता में रहने के दौरान ब्राह्मण पांच साल तक उस बंधे हुए हाथी की रहते हैं, जो कुछ नहीं कर सकता है. जब चुनाव आते हैं तो ब्राह्मणों की पूजा जाती है और उसे माला पहनाई जाती है और उसे तिलक लगाकर पैर छूए जाते हैं और हर सियासी दल चाहे समाजवादी पार्टी हो या बीएसपी या फिर बीजेपी और या कांग्रेस, कहते हैं कि आपका आशीर्वाद चाहिए और सुदामा की तरह खाली हाथ रहने वाला ब्राह्मण फिर खुश होकर आशीर्वाद देकर पांच साल तक फिर खाली हाथ ही रहता है. ऐसा नहीं है कि ब्राह्मण नेता सियासी मलाई का स्वाद नहीं चखते हैं. वह सत्ता की मलाई का स्वाद चखते हैं और इसकी सियासी मलाई की जूठन भी उनके परिवार और करीबी लोगों के अलावा किसी अन्य को नसीब नहीं होती है. सच्चाई ये है कि यूपी नहीं कमोवेश देश में ब्राह्मण की यही स्थिति है. हाल ही में उत्तर प्रदेश में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में ब्राह्मणों का सम्मेलन हुआ और इस सम्मेलन को आयोजित कराने वाले थे, समाजवादी पार्टी के नेता और पार्टी में ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले ओम प्रकाश बाबा दुबे. जो दावा करते हैं कि वह ब्राह्मणों को संगठित करने के लिए कार्य कर रहे हैं. काशी में हुए ब्राह्मणों के सम्मेलन में लोकहित सप्तसमिति का गठन किया गया और जल्द ही दो लाख ब्राह्मणों का ब्रहमादेश समागम महासभा करने करने का संकल्प लिया गया. लेकिन चुनावी साल में ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर भी सवाल उठ रहे है. दूबे दावा करते हैं कि वह पिछले कुछ सालों से ब्राह्मणों को लेकर कार्य कर रहे हैं और पिछले दो साल से उन्होंने ब्राह्मण समाज के उत्थान और सामाजिक और राजनैतिक तौर पर उसे मजबूत करने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि समाजवादी पार्टी में ब्राह्मण नेताओं की वो पूछ नहीं जो यादव और मुस्लिमों की है. दुबे साफगोई से कहते हैं कि जो कार्य वह कर रहे हैं उसमें राजनीति भी है. क्योंकि राजनैतिक ताकत के बगैर कुछ हासिल नहीं किया जासकता है. जबकि अन्य सियासी दलों के नेता इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि ब्राह्मणों को लेकर राजनीति की जा रही है. दुबे कहते हैं कि यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक 18 से 20 फीसदी है. भले ही आंकड़े यूपी में 9 से 11 फीसदी बताते हों. लिहाजा आज के समय में ब्राह्मणों को एकजुटकर अपनी ताकत का अहसास करना चाहिए. अगर हम एसपी की बात करें तो 2012 के चुनाव में भी पार्टी को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए भगवान परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित करने का वादा किया था. लेकिन करीब एक दशक बीतने, और चुनाव की दस्तक के बाद एसपी को अपना वादा फिर याद आया है. ब्राह्मणों को साधने को बीजेपी भी हुई एक्टिव वहीं यूपी में बीजेपी भी ब्राह्मण वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए एक्टिव हो गई है. बीजेपी ने पिछले दिनों राज्य के बीजेपी के बड़े ब्राह्मण नेताओं को बुलाया और राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने को कहा. बीजेपी का दावा है कि ब्राह्मण उससे नाराज नहीं है. जबकि विपक्षी दल कहते हैं कि यूपी में पिछले पांच साल में बीजेपी ने ब्राहामणों के लिए कुछ नहीं किया. हालांकि विपक्ष के तर्कों में ज्यादा दम भी नहीं दिखता है. क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा ब्राह्मण बीजेपी के टिकट पर जीत कर आए और बीजेपी ने ही सबसे ज्यादा ब्राह्मणों को टिकट दिए. एसपी परशुराम जी के जरिए ब्राह्मणों को साधने में जुटी राज्य में समाजवादी पार्टी में कई बाह्मण नेता शामिल हो चुके हैं. पिछले दिनों ही गणेश शंकर पांडे और विनय शंकर तिवारी समेत कई नेता शामिल हुए हैं. जबकि पार्टी में ही कई बड़े ब्राह्मण नेता है. एसपी के ब्राह्मणों को जोड़ने ने रायबरेली से पार्टी के एकमात्र विधायक मनोज पांडे काफी दिनों से कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं. वहीं पार्टी यूपी के सभी शहरों में भगवान परशुराम की मूर्ति को स्थापित कर रही है. ताकि 2012 की तरह ब्राह्मणों के आशीर्वाद के जरिए फिर से सत्ता पर काबिज हुआ जा सके. हालांकि राज्य में परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित करने का वादा समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण समाज से किया था. ब्राह्मण सम्मेलनों से बीएसपी को उम्मीद वहीं अगर बीएसपी की बात करें तो बीएसपी चीफ मायावती ने पार्टी के ब्राह्मण नेता माने जाने वाले सतीश चंद्र मिश्रा को आगे किया. अगर बीएसपी की पिछली सरकार की बात करें तो सतीश चंद्र मिश्रा पार्टी में मजबूत माने जाते थे और समय के साथ वह पार्टी में और ज्यादा मजबूत होते गए. हालांकि परिवारवाद को लेकर मिश्रा पर आरोप लगते आए हैं. चुनाव को देखते हुए सतीश चंद्र मिश्रा राज्य में ब्राह्मण सम्मेलन करा रहे हैं और ब्राह्मणों को झुकाव बीएसपी की तरफ करने का दावा कर रहे हैं. बीएसपी को इस बार अपने दलित और ब्राह्मण समीकरण पर उम्मीद है. प्रियंका कर रही हैं मंदिर दर्शन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मंदिरों के दर्शन कर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश कर रही है. ये तो समय ही बताएगा कि प्रियंका गांधी के प्रयास कितने सफल होंगे. लेकिन पार्टी दावा कर रही है कि ब्राह्मण एक बार फिर कांग्रेस में आएगा क्योंकि ये कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक हैं और यूपी में कांग्रेस ने ही छह सीएम ब्राह्मण समाज से दिए हैं. हालांकि सच्चाई ये है कि पिछले दिनों कांग्रेस को छोड़ने वाले ज्यादातर नेता ब्राह्मण समाज के ही हैं. यूपी में 2017 में जीते से 58 ब्राह्मण विधायक अगर आंकड़ों की बात करें तो 2017 के विधानसभा में यूपी में … Read more
जनविश्वास यात्रा की जनसभा में BJP नेताओं के बीच चले लात-घूंसे
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सरगर्मी तेज हैं. ऐसे में सियासी दल एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं. लेकिन इस बीच कन्नौज (Kannauj) में बीजेपी की जनविश्वास यात्रा (BJP Jan Vishwas Yatra) के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए. माहौल ऐसा गरमाया कि देखते ही देखते भाजपा नेताओं के समर्थकों में लात-घूंसे चलने लगे. दरअसल बुधवार को कन्नौज के छिबरामऊ स्थित कॉलेज में भाजपा की ‘जन विश्वास यात्रा’ की जनसभा आयोजित की गई थी. आजतक ऑनलाइन मीडिया के मुताबिक इसी दौरान वर्तमान विधायक अर्चना पांडे और बीजेपी जिला उपाध्यक्ष के समर्थकों में मंच पर बैठने को लेकर विवाद हो गया. अर्चना पांडे के समर्थकों पर बीजेपी जिला उपाध्यक्ष और उनके समर्थकों पर हमला करने का आरोप है. कार्यकर्ताओं में गाली-गलौज के साथ शुरू हुई हाथापाई मामले ने इतना तूल पकड़ गया, कि गाली-गलौज के साथ हाथापाई भी शुरू हो गई. लोगों के मुताबिक दोनों गुटों के नेता पार्टी से टिकट की जुगत में लगे हैं. इस वजह से मनमुटाव चल रहा है. मंच से ही जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई. सांसद सुब्रत पाठक ने भी समझाकर शांत कराया. जन विश्वास यात्रा में ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष पर बोला हमला भाजपा की ‘जन विश्वास यात्रा’ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा इत्रनगरी कन्नौज पहुंचे थे. इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. ऊर्जा मंत्री ने कहा- 2017 में जो मैनोफेस्ट्रो जारी किया था, लगभग लगभग पूरे मैनोफोस्ट्रो पर सरकार ने काम किया है. कहा- राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे. ऐसा सवाल अखिलेश एंड कंपनी करती थी. मंत्री ने आगे कहा कि आज अयोध्या में मंदिर बन रहा है. सांस्कृति राष्ट्रवाद, देश की सुरक्षा व गरीब कल्याण की योजनाएं हमारे कुछ मुद्दे हैं, जिन हम खरे उतरे हैं. कहा- हम सौभाग्यशाली हैं हमारे भगवान राम हैं, भगवान श्रीकृष्ण हैं, हमारे साथ बाबा विश्वनाथ भी हैं. हमारी सरकार चौमुखी विकास कर रही है. दीवारों से रुपए निकल रहे हैं. इसीलिए कुछ लोग नोटबंदी का विरोध कर रहे थे.