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देहरादून में बस पलटी, खाई में गिरने से त्रासदी; 3 मरे, कई घायल

देहरादून देहरादून के विकासनगर इलाके में हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की एक बस 30 से ज्यादा यात्रियों को लेकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कालसी थाना पुलिस मौके पर मौजूद है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा क्वाणु इलाके में सुदोई खड्ड के पास हुआ, जब चौपाल-नेरवा से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस कथित तौर पर बेकाबू होकर खाई में गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, बस सुबह करीब 6:30 बजे चौपाल डिपो से नेहवा पहुंची थी और मीनस-क्वाणु-हरिपुर रूट से पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। उस समय बस में कथित तौर पर 30 से ज़्यादा लोग सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीनस-क्वाणु-हरिपुर सड़क पर सुदोई खड्ड के पास एक ट्रक को रास्ता देते समय सड़क का किनारा धंस गया। नतीजतन, यात्रियों से भरी हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बस का संतुलन बिगड़ गया, वह कई बार पलटी और आखिरकार सीधी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में मदद करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “हमें कालसी क्षेत्र (देहरादून) में क्वाणु-मीनस मोटर रोड पर हिमाचल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की बेहद दुखद खबर मिली है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही, मैंने फोन पर जिला मजिस्ट्रेट से बात की और आवश्यक निर्देश दिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “आस-पास के सभी मेडिकल सेंटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अगर जरूरत पड़ी, तो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करके एडवांस्ड मेडिकल सेंटरों में भर्ती कराया जाएगा। मैं भगवान से सभी यात्रियों की सुरक्षित सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।” बचाव और राहत अभियान अभी जारी हैं, और अधिकारियों ने कहा कि और जानकारी का इंतजार है।

कानूनी और साइबर जांच तेज, बस्ती में लव जेहाद नेटवर्क से जुड़े 300 वीडियो मामले में कार्रवाई

बस्ती  प्यार, भरोसा और शादी के सपनों के नाम पर रची गई यह साजिश इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है. आरोप है कि बस्ती के एक शातिर युवक और उसका गिरोह 300 से ज्यादा लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाता रहा, फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया. यही नहीं, इन वीडियो को हथियार बनाकर कई लड़कियों को जबरन देश और विदेशों में देह व्यापार के लिए भेजा गया. मामला सामने आते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है, जबकि पीड़िताओं की संख्या और नेटवर्क का दायरा जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता बस्ती शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी. जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस से हुई. खुद को हिंदू बताने वाले इस युवक ने पहले हमदर्दी दिखाई, फिर बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा दिया. बातों-बातों में मोबाइल नंबर लिया गया और इसके बाद शुरू हुआ भावनात्मक जाल. पीड़िता के मुताबिक युवक न सिर्फ खुद को हिंदू बताता था, बल्कि भरोसा दिलाने के लिए हाथ में कलावा भी पहनता था, ताकि किसी तरह का शक न हो. धीरे-धीरे बातचीत प्यार में बदली और फिर एक दिन युवक ने भरोसा जीतकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद शादी का झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया जाता रहा. जब शिकायत करने पहुंची तो गैंगरेप का आरोप पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपनी आपबीती लेकर आरोपी के घर पहुंची और शादी की बात की, तो वहां हालात और भयावह हो गए. युवक ने अपने भाई और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. यही नहीं, विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी गईं. पीड़िता का दावा है कि अगर वह आरोपी के पास नहीं जाती थी तो उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता, यहां तक कि उसके भाई को किडनैप करने की धमकी दी गई. हालात ऐसे बना दिए गए कि वह मजबूरी में बार-बार आरोपी के संपर्क में रहने को विवश हो गई. आपत्तिजनक वीडियो बने हथियार जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसका गिरोह लड़कियों के निजी पलों के आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लेता था. बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए पीड़िताओं को ब्लैकमेल किया जाता. वीडियो वायरल करने, परिवार को बदनाम करने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियों से लड़कियों को तोड़ दिया जाता था. पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि आरोपी और उसका भाई इसी तरीके से करीब 300 लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा चुके हैं. इन सभी के वीडियो बनाकर उन्हें अलग-अलग राज्यों और नेपाल जैसे देशों तक देह व्यापार के लिए भेजा गया. हिस्ट्रीशीटर निकला मुख्य आरोपी पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि अजफरुल हक उर्फ प्रिंस पहले से ही थाने का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है. उस पर पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी के काले कारनामों में उसके घरवाले भी पूरी तरह शामिल थे और उन्होंने भी उसे देह व्यापार के दलदल में धकेलने की कोशिश की. पीड़िता का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि संगठित अपराध है, जिसमें कई लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क बस्ती तक सीमित नहीं है. 300 लड़कियों का दावा, जांच एजेंसियों के लिए चुनौती पीड़िता के इस दावे के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है. अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला राज्य के सबसे बड़े लव जिहाद और सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट में से एक बन सकता है. पुलिस फिलहाल पीड़िता के बयान, डिजिटल सबूतों और कॉल डिटेल्स के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. 8 आरोपियों पर FIR, एक गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इनमें आरोपी के परिजन और सहयोगी भी शामिल हैं. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दबिशें दी जा रही हैं. डिप्टी एसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह का संबंध किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से तो नहीं है. नेपाल और अन्य राज्यों तक फैले तार सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ पीड़िताओं को नेपाल और देश के अन्य राज्यों में भेजा गया. इसके लिए एजेंट, ठिकाने और संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल किया गया. मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स की फोरेंसिक जांच की जा रही है. फिलहाल, गिरफ्तारी के साथ इस काले खेल की परतें खुलनी शुरू हुई हैं. आने वाले दिनों में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, यह साफ होगा कि यह आंकड़ा 300 तक सीमित है या इसके पीछे इससे भी बड़ा और खतरनाक नेटवर्क छिपा है.

वीजा नियमों का किया था उल्लंघन, फलस्तीन समर्थक दो ब्रिटिश नागरिकों भारत छोड़ेंगे

जयपुर/अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले के तीर्थ नगरी पुष्कर में वीजा नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां आए दो विदेशी नागरिकों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण प्रशासन द्वारा ‘लीव इंडिया’ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई खुफिया विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 21 जनवरी को पुष्कर के विभिन्न सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के विरोध में छोटे-छोटे स्टिकर लगाए गए थे। खुफिया विभाग (CID/IB) को यह जानकारी मिली कि इन स्टिकर को लगाने में एक विदेशी नागरिक और उसकी महिला मित्र की भूमिका संदिग्ध है। इसके बाद विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से जांच शुरू की। पहचान के दौरान सामने आया कि ब्रिटिश नागरिक लुईस गैब्रिएल डी अपनी गर्लफ्रेंड अनुशी एमा क्रिस्टीन के साथ टूरिस्ट वीजा पर भारत भ्रमण के लिए आया था और पुष्कर में रुका हुआ था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (CID) राजेश मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम ने दोनों से पूछताछ की। पूछताछ में यह पाया गया कि उन्होंने टूरिस्ट वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक प्रकृति की गतिविधियों में हिस्सा लिया। जिला पुलिस की सहायता से सभी विवादित स्टिकर हटवाए गए और खुफिया एजेंसियों ने उनके मूवमेंट, ठहरने की जानकारी और सोशल मीडिया गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों का वीजा निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने उन्हें तत्काल भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भारत में पर्यटक बनकर आने वाले किसी भी विदेशी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर राजनीतिक या वैचारिक विरोध प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य के लिए ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

नागलवाड़ी में राज्यपाल दौरे की तैयारियों की समीक्षा, कलेक्टर जयति सिंह ने किया स्थल निरीक्षण

बड़वानी. महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने राजपुर के नागलवाड़ी स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई एवं पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं ताकि राज्यपाल के आगमन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कलेक्टर जयति सिंह ने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से मजबूत रखने तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जनदर्शन में कलेक्टर ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं

बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना। लगभग 150 लोगों ने कलेक्टर से मिलकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।       जनदर्शन में आज बेलतरा तहसील के ग्राम टेकर की श्रीमती चंद्रिका बाई साहू ने विधवा पेंशन की राशि दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पहले विधवा पेंशन राशि का लाभ हो रहा था किन्तु विगत दो वर्षो से पेंशन की राशि प्राप्त नहीं हो रही है। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक को मामले की जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम सिंघरी की मालती बाई ने आवास योजना के अंतर्गत तीसरी किश्त की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के तहत दो किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। तीसरी किश्त की राशि के लिए आवास मित्र द्वारा आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही है। कलेक्टर ने प्रकरण को जिला पंचायत सीईओ को सौंपते हुए जांच के निर्देश दिए है। तेंदुआ के ग्रामीणों श्री मनहरण कैवर्त, श्री श्यामलाल सहित अन्य लोगों ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि ग्राम तेंदुआ बासाझाल मार्ग तालाब के रास्ते में श्री सुखराम यादव द्वारा अवैध रूप से घर बनाया जा रहा है जिससे ग्रामीणों को तालाब आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम कोटा को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश है। ओमप्रकाश सोनी ने कलेक्टर से मुलाकात कर पुल निर्माण के लिए अधिग्रहित किये गये पैतृक भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग की है। कलेक्टर ने मामले को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी को सौंपा है। मदनपुर की रहने वाली बसंती बाई देवार ने घर में आगजनी के कारण हुए आर्थिक क्षति के लिए सहायता राशि के लिए गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वे सामाजिक कार्य से घर से बाहर गए हुए थे। उनकी अनुपस्थिति में घर में हुए आगजनी की घटना से घर में रखा पूरा सामान जल गया। वे आर्थिक रूप से अत्यंत गरीब है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को मामले को सौंपा है। राजकिशोर निवासी दिव्यांग रवि निषाद ने समाजिक सुरक्षा दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाने की मांग की है। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। सेलर के राजेश धुरी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ दिलाने कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारी को उनके आवेदन की जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए। शहर की श्रीमती शांति परदेशी ने तहसीलदार द्वारा पारित नामांतरण आदेश के उपरांत भी पटवारी द्वारा बी-1 प्रविष्टि न किए जाने की शिकायत की है। कलेक्टर ने प्रकरण को एसडीओ बिलासपुर को सौंपते हुए कार्रवाई करने कहा है।  

कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन

बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में किया। इस दौरान छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ बी. पी सोनी, महासचिव किशोर शर्मा, सुनील कौशिक, अश्वनी पोण्डेय, निरकार तिवारी, आलोक पराजपे चन्द्रपकाश साहू, रमेश द्विवेदी, अशोक ब्रम्हभटट, शेफाली पाण्डेय, श्वेता गन्धर्व, पूजा आहिरे, नेहा रजक, नेहा आगिरे, डॉ. टी. डी. सरजाल, डॉ. वीरेन्द्र पिल्ले, डॉ. ए.एस. रघुवंशी, डॉ. एल पी मनहर, डॉ राम ओत्तलवार, डॉ हेमंत नेताम एवं श्री उमेश कश्यप उपस्थित रहे। अंत में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन महासचिव किशोर शर्मा के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज, छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत

रायपुर. पश्चिमी विक्षोभ की आवाजाही के दौरान प्रदेश के मौसम में मामूली उतार-चढ़ाव जारी है. पिछले तीन दिन से राज्य में सबसे ज्यादा तापमान रायपुर का दर्ज किया जा रहा है. वहीं न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट भी आई है. फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है. ठंड के सीजन के ढलान में आने और गर्मी की शुरुआत के पहले मौसम में मामूली उतार-चढ़ाव के बीच ठहराव की स्थिति बन जाती है. राज्य में कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं और दिन के साथ रात के तापमान में मामूली बदलाव हो रहा है. विक्षोभ के प्रभाव से जब हवा की दिशा बदलती है तो न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो जाती है वहीं जब नमीयुक्त हवा का प्रभाव कम होता है तो इसमें गिरावट आ जाती है. पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में थोड़ी कमी हुई और दिन का पारा भी सामान्य रहा है. आंकड़ों की माने तो पिछले तीन दिन से रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रिकार्ड किया जा रहा है. सोमवार को यहां का पारा 30.9 दर्ज किया गया और अन्य शहरों का पारा इससे कम था. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है. मौसम विभाग की माने तो छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक मौसम शुष्क और स्थिर रहेगा. अभी कोई भी मौसम को प्रभावित करने वाला सिस्टम सक्रिय नहीं है. अगले 2 दिनों तक मौमस शुष्क रहने की संभावना है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर शहर में मंगलवार को सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

CM मोहन यादव की प्रतिक्रिया: Union Budget भविष्यदर्शी, रेलवे में बड़े सुधार की तैयारी

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

रेलवे विकास के लिए बड़ा आर्थिक पैकेज! डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ को दिए 7,470 करोड़, सीएम साय खुश

रायपुर  छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए 7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। वर्ष 2009–14 के दौरान वार्षिक औसत 311 करोड़ की तुलना में 2026–27 में 7,470 करोड़ का बजट प्रावधान लगभग 24 गुना वृद्धि का रिकॉर्ड है। वर्तमान में राज्य में 51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अमूल्य उपहार है, जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग  दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएँ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इन युगांतकारी पहलों के लिए हृदय से धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह विकास केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आमजन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।

एप्स्टीन घोटाले की कहानी: सर्वाइवर ने उजागर किया रोजाना 10 लड़कियों का शोषण

न्यूयॉर्क दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था. ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक ‘बड़े आदमी’ को मसाज देनी है. वह ‘बड़ा आदमी’ एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे ‘ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर’ बताती हैं. 14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था. 2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच 2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं. 2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया.

लोकसभा में जोरदार हंगामा, राहुल गांधी के बयान पर भड़के सांसद, स्पीकर की ओर उछले कागज

नई दिल्ली लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। हुआ यूं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी जैसे ही खड़े हुए और उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की, उन्होंने फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहा और कल की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि यह चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता विपक्ष सदन को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर की बैठक में हूई बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन उन्हें विषय को छोड़ना चाहिए। राहुल गांधी इस पर रुके नहीं और उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने दिया जाए।” इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल पर ऐतराज है, तो नहीं बोलूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने चीन का जिक्र किया और कहा कि ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिक मारे गए। इसी दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। इस यार के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा होने लगा। दूसरी तरफ विपक्षी सांसद भी इस बात से भड़क उठे कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आसन की तरफ पेपर भी फेंके गए।

IASE महोत्सव का समापन समारोह, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भारती-योगेन्द्र रहे अव्वल

IASE के खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन, भारती, योगेन्द्र बने कॉलेज कलर   बिलासपुर   उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव सत्र 2025-26  का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर विधायक अमर अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि  डॉ तारणीश गौतम, कुलसचिव अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर, उपस्थित रहे।    प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रतीक पुष्प लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में राजगीत, स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों का परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सौरभ सक्सेना ने दिया वहीं महाविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने प्रस्तुत किया। प्रशिक्षार्थी प्रतिनिधि के रूप गजेन्द्र सिंह ने समस्या एवं आवश्यकता से संबंधित मांग पत्र का वाचन कर मांगपत्र सौंपा। मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के निर्देशन में शानदार मार्च-पास्ट एवं रीट्रीट के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया।  प्रशिक्षार्थियों का प्रतिनिधित्व महाविद्यालय ध्वज के साथ तिलक राम प्रधान ने किया तथा अनुराग खेस एवं तोशिबा जांगड़े ने सत्यम, अरविंद कुमार एवं नैनसी टोप्पो ने शिवम्, हीरा सिंह एवं हिमाद्री वास्तव ने सुंदरम तो वहीं मधुरम निकेतन अंकुर आशीष एवं माया दत्ता के नेतृत्व में मार्च-पास्ट का प्रदर्शन किया। बैंड वादन में  सूरज ध्रुव, रूपेश चंद्रा,  वेदप्रकाश पाटले,अल्पना तिग्गा, भावेश कुमार, खेमराज राठिया, संतोष कश्यप, अमर मलिक, राकेश कुमार, नीला सिदार, दिनेश पैकरा की टीम ने महती भूमिका निभाई।             सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता में “मधुरम” ने प्रथम एवं “सुंदरम” ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं खेल प्रतियोगिता में 97 अंको के साथ शिवम निकेतन विजेता एवं‌ 56 अंकों के साथ सत्यम निकेतन उपविजेता रहा।  विशेष आकर्षण मार्च-पास्ट एवं सुरिली कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मार्च-पास्ट में शिवम निकेतन विजेता रहा तो सुंदरम उपविजेता रहा। दलीय खेल एवं व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा कप से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों के पुरुष वर्ग में सर्वाधिक अंक अर्जित कर  कालेज कलर से  सम्मानित हुए, तो वहीं शिवम् की भारती महिला वर्ग में कालेज कलर से सम्मानित हुई। अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ तारणीश गौतम ने कहा कि शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्य अतिथि माननीय अमर अग्रवाल ने मांगपत्र पर सकारात्मक आश्वासन दिया।अपने संबोधन में प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए  कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।    कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने आगामी प्रतियोगिता तक ध्वज सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजिता मिश्रा एवं समन्वयक करीम खान ने किया एवं डॉ अजिता मिश्रा द्वारा ही आभार प्रदर्शन भी किया गया और अंत में मैत्री प्रयाण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।     कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर के सुप्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट दम्पति मती  अंजना खरे एवं अतुल कांत खरे,सेवानिवृत्त आचार्य डॉ उषामणि , डॉ छाया शर्मा, डॉ राजेन्द्र तिवारी, मती नुपुर कुजूर, सु आशा बनाफर सहित महाविद्यालय से मती अंजना अग्रवाल, मती मनीषा वर्मा, डॉ अजिता मिश्रा,एन एम रिज़्वी, डॉ संजय आयदे, डॉ रजनी यादव,डॉ नीला चौधरी, सौरभ सक्सेना, मती सुनीता बानी, संजय शर्मा, डॉ संगीता वास्तव,  डॉ सलीम जावेद, डॉ विद्याभूषण शर्मा, मती राजकुमारी महेन्द्र, डॉ वंदना रोहिल्ला, मती रश्मि पाण्डेय,डॉ गीता जायसवाल, मती सोनल जैन, जितेन्द्र साहू, डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी, मती निधि शर्मा, मती संतोषी फर्वी,अश्वनी भास्कर, कमल देवांगन, भगवती कश्यप, गीतू गुरुदिवान, मुरारी यादव, मिरे, रईस, अभिनव, किशोर खिलेन्द्र, पूनम आदि आचार्यवृंद एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थिति थे ।

वर्ल्ड कप 2026 बना ‘ग्लोबल इंडिया’ का मंच, कई विदेशी टीमों की रीढ़ बने भारतीय मूल के खिलाड़ी

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी ‘घरेलू धरती’ पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं, जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए, लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।   फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कनाडा की टीम में 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं, जबकि अमेरिका की टीम में 9 ओमान की टीम में 7 और यूएई की टीम में भी 7 खिलाड़ी भारतीय मूल के शामिल हैं। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा, लेकिन कई अन्य टीमों में भी ‘भारतीय दबदबा’ देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं। सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ”हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे। वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।” जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।  

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आएंगे, छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का होगा शुभारंभ

रायपुर. सीएम विष्णु देव साय आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वे “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” का शुभारंभ करेंगे. इसके बाद  मंत्रालय में विभागीय बैठक भी लेंगे. इसके अलावा सीएम साय 37वीं फेडरेशन कप बॉलीवॉल चैंपियनशिप 2026 का भी उद्घाटन करेंगे. छत्तीसगढ़ को आज पहला अंतरिक्ष केंद्र मिलने जा रहा है. नवा रायपुर में सीएम साय अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर गगनयान मिशन के नायक अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला छत्तीसगढ़ आएंगे और छात्रों से सीधा संवाद करेंगे. “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” के तहत छात्रों को स्पेस रिसर्च का प्रशिक्षण मिलेगा. नवा रायपुर में सैटेलाइट निर्माण, टेस्टिंग और ट्रैकिंग की सुविधा विकसित की गई है, जिससे छत्तीसगढ़ को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा.

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