LATEST NEWS

मुख्यमंत्री आवास पर ओबीसी आरक्षण को लेकर अहम बैठक

Important meeting regarding OBC reservation at Chief Minister’s residence भोपाल ! ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आज शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के प्रमुख बिंदु: इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और ओबीसी समाज एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष प्रस्तुत करेंगे और ओबीसी समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ओबीसी आरक्षण प्रकरण के संदर्भ में आयोजित बैठक में ओबीसी महासभा से अपनी ओर से दो अधिवक्ताओं के नाम सुझाने का अनुरोध किया गया था। इस पर महासभा ने देश के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री पी. विल्सन का नाम प्रस्तावित किया है। शीघ्र ही एक और वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम भी ओबीसी महासभा द्वारा प्रदान किया जाएगा।13% होल्ड हटाने एवं 27% आरक्षण लागू करने की दिशा में ओबीसी महासभा द्वारा एक अभिमत (Representation) एडवोकेट जनरल को सौंपा जाएगा। तत्पश्चात एडवोकेट जनरल उस अभिमत का गहन अध्ययन कर अपना अभिमत सरकार को प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर 13% होल्ड हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

जनता के पैसे से बना हुआ कारखाना बीजेपी नहीं बेच सकती :पंकज उपाध्याय

BJP cannot sell a factory built with public money: Pankaj Upadhyay शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की जन जागरण यात्रा आज लगभग एक दर्जन गाँव में पहुंची। यात्रा आज शक्कर कारखाने की पुस्तेनी जमीन कुर्रोली से प्रारम्भ होकर लाभकरण, बुद्धगडी, टीकटगड़ी,बिलगांव क्वारी, तोरीका, नयागांव, शेखपुर, भटपुरा, और दीपेरा पहुंची। जहाँ सभी लोगों को कारखाने को बचाने एवं पुनः चालू कराने के लिए अपनी बात रखी। तथा सभी ग्राम वासियों ने एक साथ हाथ उठाकर मुरैना में होने वाली आम सभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आश्वाशन दिया। यात्रा को जौरा विधायक पंकज उपाध्याय,मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक तिवारी जी,कारखाने के पूर्व संचालक श्री गयाराम धाकड़ जी, नीकेराम त्यागी जी, डॉ मुरारी लाल अमर जी आदि ने सम्बोधित किया।विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा की यह कारखाना हमारे पूर्वजों ने अपने खून पसीने से सींचा है इसे हम कोड़ियों के भाव नहीं बिकने देंगे 1965 में जब कारखाना बन रहा था तब एक शेयर ₹500 का था और एक तोला सोना ₹65 का आता था आज के हिसाब से वह ₹500 7-8 लाख होता है कारखाने को हमें हर हाल में बिकने से बचाना होगा श्राद्ध पच्छ चल रहा 21सितम्बर को अंतिम श्राद्ध है अगर अपने पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो 21तारीख को सब काम छोड़कर इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होना है तभी हमारे पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी।मुरैना में होने वाले जन आंदोलन में किसान सभा के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष किसान नेता राकेश टिकैत साहब,बादल सरोज जी, वृंदा करात जी पूर्व सांसद और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी एवं कई अन्य नेता शामिल होंगे।इस यात्रा में सभी समाज के लोग ,छोटे, बड़े, बुजुर्ग माता बहने एवं जनसंगठन कांग्रेस, माकपा, बसपा, आप, सपा, भीम आर्मी, एवं सभी संगठन शामिल है।

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

Modi’s strong attack on the opposition said – I am a Shiv Bhakt, I swallow poison: The public is my God, if not here, then where will the voice of the soul come out पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के दरांग में कहा- जब भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था- मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं, मुझे कितनी भी गालियां दें। लेकिन बेशर्मी के साथ जब किसी और का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता है। पीएम बोले- मेरे लिए तो मेरी जनता ही भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज वहां नहीं निकलेगी तो कहां निकलेगी, यही मेरे मालिक हैं, पूजनीय हैं, 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिसकी लागत 6300 करोड़ है। शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे पीएम ने खानापारा में पशु चिकित्सा मैदान में महान गायक भूपेन हजारिका की विशेष श्रद्धांजलि सभा में भी मौजूद रहे।

जनता से 8 साल की देरी का हिसाब कौन देगा? जीएसटी सुधार पर उठे सवाल

How can what was wrong yesterday be right today? What does the Modi government want to hide from the public on the GST controversy? Modi government a GST controversy आखिर 8 साल बाद भी मोदी सरकार माफी क्यों नहीं मांग रही? जनता से क्या छिपाना चाहती है? चिदंबरम ने पूछा – जो कल गलत था, आज सही कैसे?जीएसटी दरों में कमी के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से माफी नहीं मांगी। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है? जानिए 8 साल की देरी, विवाद और सुधार की अधूरी कहानी। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक टैक्स क्यों चुकाना पड़ा? आखिरकार केंद्र सरकार को बात समझ में आ गई। तीन सितंबर, 2025 को सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बना कर कम किया। कर संरचना अब उस अच्छे और सरल कर के करीब है, जिसकी वकालत पिछले आठ वर्षों से कई राजनीतिक दल, व्यवसायी, संस्थान और व्यक्ति (जिनमें मैं भी शामिल हूं) करते रहे हैं। अगस्त, 2016 में जब संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर बहस हुई थी, तब मैंने राज्यसभा में भाषण दिया था। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं अडिग रुख Modi government a GST controversy‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार ने ही सबसे पहले आधिकारिक तौर पर जीएसटी लागू करने के अपने इरादे का एलान किया था। 28 फरवरी, 2005 को बजट भाषण के दौरान लोकसभा में इसकी घोषणा की गई थी। ‘महोदय, चार प्रमुख मुद्दे हैं… Modi government a GST controversy‘अब मैं विधेयक के सबसे महत्त्वपूर्ण भाग पर आता हूं… यह कर की दर के बारे में है। मैं अभी मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट के कुछ अंश पढूंगा… कृपया याद रखें कि हम एक अप्रत्यक्ष कर पर विचार कर रहे हैं। अप्रत्यक्ष कर की परिभाषा के अनुसार, यह एक प्रतिगामी कर है। कोई भी अप्रत्यक्ष कर अमीर और गरीब दोनों पर समान रूप से लागू होता है… मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट कहती है: ‘उच्च आय वाले देशों में औसत जीएसटी दर 16.8 फीसद है भारत जैसी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में यह औसत 14.1 फीसद है।’ इस तरह दुनिया भर में 190 से अधिक देशों में किसी न किसी रूप में जीएसटी लागू है। यह 14.1 फीसद से 16.8 फीसद के बीच है।‘हमें करों को कम रखना होगा। साथ ही, हमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मौजूदा राजस्व की रक्षा करनी होगी। …हम ‘राजस्व तटस्थ दर’ यानी आरएनआर के जरिए यह करते हैं। ‘मुख्य आर्थिक सलाहकार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 15 फीसद से 15.5 फीसद के आरएनआर पर पहुंचे और फिर सुझाव दिया कि मानक दर 18 फीसद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने 18 फीसद कोई हवा से नहीं निकाला है। यह आपकी रपट से निकला है। ‘…किसी को तो जनता के लिए आवाज उठानी ही होगी। जनता की ओर से, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस दर को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा अनुशंसित दर पर ही रखें, यानी मानक दर 18 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए रपट के पैरा 29, 30, 52 और 53 पढ़ें। इसमें स्पष्ट रूप से तर्क दिया गया है… Modi government a GST controversy अठारह फीसद की मानक दर केंद्र और राज्यों के राजस्व की रक्षा करेगी, यह पर्याप्त होगी, मुद्रास्फीति-रोधी होगी, कर चोरी से बचाएगी और भारत के लोगों को स्वीकार्य होगी… यदि आप वस्तुओं और सेवाओं पर 24 फीसद या 26 फीसद कर लगाने जा रहे हैं, तो फिर जीएसटी विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है? ‘अंतत: आपको कर विधेयक में एक दर रखनी ही होगी। मैं अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग करता हूं कि जीएसटी की मानक दर, जो 70 फीसद से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती है, वह अठारह फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए और निम्न एवं अन्य दर अठारह फीसद के आधार पर तय की जा सकती है। आठ वर्ष की पीड़ा Modi government a GST controversyवर्ष 2016 में भी मैंने यही बात कही थी, जो आज कह रहा हूं। मुझे खुशी है कि सरकार इस विचार पर सहमत हो गई कि दरों को युक्तिसंगत और कम किया जाना चाहिए। हालांकि, शुरुआत में सरकार का तर्क था कि अठारह फीसद की सीमा से राजस्व का भारी नुकसान होगा, खासकर राज्य सरकारों को। यह चिंता का एक बड़ा कारण था। आज दो कर दरें पांच फीसद और अठारह फीसद हैं! केंद्र के पास कर राजस्व बढ़ाने के कई तरीके हैं; अगर राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान होता है, तो सही कदम यही होगा कि उन्हें मुआवजा दिया जाए पिछले आठ वर्षों में सरकार ने उपभोक्ताओं से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए कई जीएसटी दरों का इस्तेमाल किया। पहले वर्ष (जुलाई 2017 से मार्च 2018) में सरकार ने लगभग 11 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए। वर्ष 2024-25 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए संग्रहित किए गए। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी मेहनत से कमाया गया पैसा सरकार ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया- इसे सही मायने में और उपहासपूर्वक गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। उच्च जीएसटी दरें कम खपत और बढ़ते घरेलू कर्ज के कारणों में से एक थीं। यह बुनियादी अर्थशास्त्र है कि करों में कमी से खपत को बढ़ावा मिलेगा। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक कर क्यों चुकाना पड़ा? अभी बहुत कुछ बाकीदरों में कमी तो बस शुरुआत है। अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। सरकार को चाहिए कि- राज्यों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक ही जीएसटी दर (जरूरत पड़ने पर और छूट के साथ) के लिए तैयार करे; अधिनियमों और नियमों की धाराओं के लिए प्रचलित अस्पष्ट भाषा को खत्म करे; उन्हें सरल भाषा में फिर से लिखे; सरल फार्म और रिटर्न निर्धारित करे, फार्म भरने की आवृत्ति में तर्कसंगत कमी करे; कानून के अनुपालन को सरल बनाए: किसी छोटे व्यापारी या दुकानदार … Read more

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

Teachers stuck on lucrative posts for years by taking deputation भोपाल। मध्यप्रदेश समग्र शिक्षक संघ ने राज्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र दुबे एवं प्रदेश संरक्षक मुरारी लाल सोनी ने इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यत: 4 वर्ष तय है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि दोनों विभागों की सहमति से केवल 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्तमान में नीति के विपरीत अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक ऐसे हैं, जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर जमे हुए हैं। जो स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति नियमों के विपरीत है। संघ ने तर्क दिया है कि प्रतिनियुक्ति की लंबी अवधि से मूल विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का उद्देश्य केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति होती है, न कि व्यक्तिगत सुविधा से इसे स्थायी पदस्थापना का रूप देना है। प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार विभागों में जमेसंघ के अध्यक्ष सुरेशचंद दुबे का कहना है कि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन मलाईदार विभागों में नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर 10 से 15 वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे सभी कर्मचारी, अधिकारियों और शिक्षकों को मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए। प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों की संपत्ति की जांच होसंघ के प्रदेश संरक्षक मुरारीलाल सोनी का का आरोप है कि अनेक लोकसेवक कई वर्षों से नियमविरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। वे शासन को आर्थिक रूप से खोखला कर रहे हैं। ऐसे लोकसेवकों की प्रति नियुक्ति समाप्त कर उनके कार्यकाल और संपत्ति की जांच कराई जाए।

शिवपुरी में दलित सरपंच परिवार पर फायरिंग, महिला को लगी गोली

Firing on Dalit Sarpanch family in Shivpuri, woman shot शिवपुरी। जिले के करेरा थाना क्षेत्र में आने वाले लालपुर गांव में सरपंच परिवार पर हमला हुआ है. आरोपियों ने एक महिला पर दिन दहाड़े देसी कट्टे से फायर कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए. घायल महिला को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि हमले की यह घटना किसी पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई है. जिसकी अब पुलिस पड़ताल कर रही है. 3 महीने पहले भी इस इन्हीं लोगों ने इसी दलित सरपंच परिवार पर हमला बोलते हुए उनके घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की थी. उस समय मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जहां से लौट के बाद एक बार फिर इन्होंने यह गंभीर घटना अंजाम दिया है. रामहेत परिहार अपने परिजन महाराज सिंह परिहार और रामसिंह परिहार के साथ घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे. इसी दौरान गांव का गुड्डू उर्फ नाहर सिंह गौतम अपने एक साथी के साथ वहां आया और गाली-गलौज करने लगा इस दौरान दोनों में बहस बाजी होने लगी. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने कट्टे से फायर कर दिया. गोलियां चलने की आवाज का शोर सुनकर रामहेत की मां पुष्पा परिहार बाहर आईं और बीच बचाव करने की कोशिश करने लगी इसी दौरान आरोपी गुड्डू ने कट्टे से फायर कर दिया और गोली पुष्पा परिहार के पेट में जा लगी उन्हें तुरंत करैरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

पांच वर्ष से अलग, अलग रह रहे मामले में हुआ सुलह

Separated for five years, reconciliation happened in the case of living separately हरिप्रसाद गोहेआमला। व्यवहार न्यायालय आमला में वर्ष 2021 में अनावेदक उमेश के विरुद्ध भरन पोषण का मामला श्रीमान अपर जिला सत्र न्यायाधीश आमला तपेश कुमार दुबे के न्यायालय में पेश किया था।जिस मामले का निराकरण व्यवहार न्यायालय आमला में आज आयोजित नैशनल लोक अदालत में सफलता पूर्वक किया गया। बतादेआवेदिका रूपाली का विवाह अनावेदक उमेश बंजारे ग्राम सेहरा के साथ सम्पन्न हुआ था। दोनों लगभग 5 वर्ष पूर्व से अलग ,अलग निवास कर रहे थे। आवेदीका रूपाली जो की बेलमंडाई पंखा की निवासी है।जोकि श्रीमान अपर जिला सत्र न्यायाधीश आमला तपेश कुमार दुबे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आमला कुशांक अग्रवाल ,न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमला राहुल निरंकारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी आमला सुश्री चारु व्यास एवं अधिवक्तागणों के आपसी प्रयासों से दोनों के मध्य हुए आपसी विवाद को समाप्त कर दोनों पक्ष ने राजी खुशी साथ साथ रहना स्वीकार किया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों पक्ष को एक पेड़ भेंट कर रूपाली और उमेश एक साथ अपने ग्रस्त जीवन में रहने हेतु न्यायालय से रवाना हो गए । नेशनल लोक अदालत में सर्वाधिक प्रकरणों का निराकरण आज हुआ जिसमें श्रीमान जिलासत्र न्यायाधीश अमला श्री तपेश कुमार दुबे के न्यायालय में 46 लंबित प्रकरण का निराकरण हुआ । श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खुशांक अग्रवाल आमला के न्यायालय में 26 प्रकरण एवं श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमला श्रीमान राहुल निरंकारी के न्यायालय में 18 प्रकरण एवं श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी सुश्री चारु व्यास के न्यायालय में 24 प्रकरण के साथ आयोजित नैशनल लोक अदालत में कुल 113 प्रकरण का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से हुआ ।

आमला : मेंटनेंस कार्य के चलते रविवार बिजली सप्लाई रहेंगी बाधित

Amla: Due to maintenance work, electricity supply will be disrupted on Sunday. आमला नगर जोन अंतर्गत बोड़खी 11 के व्ही फीडर में होना हे सुधार कार्य। हरिप्रसाद गोहे आमला। मेंटेनेंस कार्य के चलते रविवार विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी”ए ई मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी आमला विलास उईके से प्राप्त जानकारी अनुसार आमला नगर जोन अंतर्गत आने वाले बोड़खी 11 के व्ही फीडर में रविवार दिनांक 14/09/2025 को आमला नगर जोन अंतर्गत बोड़खी 11 के व्ही फीडर में सुधार कार्य किया जाना है। जिसके चलते सुबह 10 बजे से तीन बजे तक विद्युत सप्लाई बाधित रहेंगी जिससे आमला, 12 क्वार्टर, भीम नगर, बोड़खी, लोहार मोहल्ला, हसलपुर, जीराढाना सहित समस्त बोड़खी क्षेत्र प्रभावित रहेगा ।

जो खून बहना था वह बह गया, पैसे से लोगों की सोच बदलने गए मोदी : कांग्रेस नेता

The blood that was to be shed has been shed, Modi went to change people’s thinking with money: Congress leader नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर के दौरे पर हैं। यह उनका 2023 की जातीय हिंसा के बाद पहला दौरा है। इस यात्रा को राज्य में शांति और विकास को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने चुराचांदपुर और इंफाल में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वहीं इस दौरे को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस बोली-बहुत देर हो चुकी हैCongress leader Udit Raj ने बयान में पीएम मोदी के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले ही कुकी और मैतेई दोनों समूह पीएम के खिलाफ विरोध जता रहे हैं और अब यह यात्रा ‘हीलिंग टचÓ नहीं मानी जाएगी। Congress leader Udit Raj का कहना है कि एक समय था जब पीएम जाकर बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन अब बहुत खून बह चुका है और सिर्फ 3 घंटे की यात्रा से कुछ नहीं होगा। वह भले ही कुछ परियोजनाओं की घोषणा करें लेकिन पैसों से लोगों की सोच नहीं बदली जा सकती। 2023 में भड़की थी जातीय हिंसाबता दें कि 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। इसके बाद से ही राज्य में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. पीएम मोदी का यह दौरा लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे जनता और राजनीतिक दल दोनों करीब से देख रहे हैं। चुराचांदपुर और इंफाल ऐसे इलाके हैं, जहां हिंसा का असर सबसे ज्यादा रहा और अब यहां नए विकास कार्यों के जरिए माहौल को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। दौरे का महत्व और आगे की राहविशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा मणिपुर में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक बड़ा संदेश है। यह सिर्फ परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं बल्कि राज्य के लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश भी है. हालांकि विपक्ष इसे ‘बहुत देर से उठाया गया कदम बता रहा है। अब देखना होगा कि इस यात्रा से क्या सकारात्मक असर होता है और क्या यह मणिपुर में स्थायी शांति और विकास

नहीं रुक रहा क्षेत्र के ग्रामों में अवैध शराब का परिवहन?

Transportation of illicit liquor in the villages of the area is not stopping? हरिप्रसाद गोहेआमला ! क्षेत्र में शराब ठेकेदार द्वारा गांव, गांव शराब पहुंचाए जाने के मामले में भले ही आमला पुलिस ने बीते दिनों बड़ी एवं प्रभावी कार्यवाही शराब ठेका कर्मियों के विरुद्ध की गई बावजूद ठेकेदार अपनी हठधर्मी से बाज नहीं आ रहा ओर अधीनस्थ कर्मचारियों से अब भी ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब परिवहन करा अवैध शराब का कारोबार करने में मशगूल है। बावजूद जिम्मेदार आबकारी विभाग मौन है यह बात एक गंभीर एवं विचारणीय प्रश्न का विषय हे। ऐसे में फिर एक बार ग्रामीणों ने अपने गांव में अवैध शराब लेकर घूम रही गाड़ी को पकड़कर मय अवैध शराब की पेटी, गाड़ी और ठेका कर्मचारियों को बोरदेही पुलिस के हवाले किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। क्या हे पूरा मामला।थाना बोरर्देही से प्राप्त जानकारी अनुसार गुरुवार देर शाम बोरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम सोरनादेही इलाके में शराब ठेकेदार की गाड़ी घूमते ग्रामीणों को दिखाई दी थी जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सूचना दी सूचना पर थाना प्रभारी द्वारा घटना स्थल पर बल रवाना किया बाद पुलिस ने पहले तो ग्रामीणों को समझाया और गाड़ी थाने लेकर आए मिली जानकारी अनुसार गाड़ी में अवैध शराब मिलने पर ठेका शराब कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार आबकारी अधिनियम के विरुद्ध प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। इन्होंने क्या कहा।ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पहुंच कर उन्हें समझाइश देकर उन्हें थाना लाया गया गाड़ी में मिली शराब पर आबकारी अधिनिंनासुसार कार्यवाही की गई।राधेश्याम वटी थाना प्रभारी बोरदेही ।

सैकड़ों परिजनों ने आमला नगर में धूम धाम से अखंड ज्योति एवं कलश का पूजन किया

Hundreds of family members worshipped the eternal flame and Kalash with great pomp in Amla Nagar हरिप्रसाद गोहेआमला ! शांतिकुंज हरिद्वार से जिले के आमला तहसील में दिनांक 07 से 11 सितम्बर तक ज्योति कलश यात्रा 05 नव चेतना केंद्र के 50 गावों से भ्रमण कर आमला नगर में समापन किया | अखिल विश्व गायत्री परिवार के जिला समन्वयक डॉ कैलाश वर्मा ने बताया की तहसील आमला से रथ बैतूल तहसील में प्रवेश करेगा | तहसील आमला में 05 दिन तक नव चेतना केंद्र बोरदेही, तोड़नवाडा, कुटखेड़ी, कन्हड़गाव,कुजबा, जम्बाडा, ससुन्द्रा एवं आमला नगर में भ्रमण कर शांतिकुंज हरिद्वार का सन्देश जन जन तक फैलाया | ज्‍योति कलश यात्रा का कलश हरिद्वार से आमला पंहुचा शांतिकुंज हरिद्वार से ज्‍योति कलश यात्रा का कलश घोड़ाडोंगरी विकासखण्‍ड से आमला विकासखण्‍ड के बोरी ग्राम पंचायत में प्रवेश किया एवं नव चेंतना केंद्र बोरदेही में भ्रमण किया । ज्‍योति कलश के स्‍वागत में गायत्री परिवार के सैकड़ो महिला पुरूषों द्वारा पुष्‍प वर्षा कर इस दिव्‍य कलश का स्‍वागत और पूजन किया। तहसील समन्वयक नर्मदा प्रसाद सोलंकी ने बताया कि तहसील आमला के विभिन्न क्षेत्रों में रथ यात्रा का भव्य स्वागत एवं कलश पूजन किया गया। लगभग 5000 गायत्री परिजनों ने कलश पूजन किया। जिला युवा प्रकोष्ठ के निलेश कुमार मालवीय ने बताया कि ग्राम बोरदेही, कुजबा , जम्बाडा, अंधरिया एवं गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला में पहुंचकर शाम को दीप यज्ञ संपन्न कर शांतिकुंज हरिद्वार का सन्देश दिया | तहसील आमला में 07 से 11 सितंबर तक अलग अलग नव चेतना केंद्रों में रथ यात्रा का भ्रमण किया गया | टोली नायक विनायक धोटे एवं उपजोन समन्वय समिति के सदस्य एस पी डढोरे ने बताया की शांतिकुंज हरिद्वार अखण्‍ड ज्‍योति और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा की जन्‍मशताब्‍दी कार्यक्रम पूरे भारतवर्ष में वृहद साधनात्‍मक कार्यक्रम चला कर मना रहा है अखिल विश्‍व गायत्री परिवार अनेक सामाजिक कुरितियों के उन्‍मूलन के लिए कार्य कर रहा है । गायत्री परिवार आमला के प्रमुख ट्रस्टी बी पी धामोड़े ने बताया की 19 दिसम्‍बर 2025 से 22 दिसम्‍बर 2025 तक शक्तिसंवर्धन 108 कुण्‍डीय यज्ञ में सामूहिक विवाह एवं अनेकानेक संस्‍कार भी नि:शुल्‍क सम्‍पन्‍न होंगें। इस हेतु युवा प्रकोष्‍ठ ने आव्‍हान किया है कि खर्चिली शादियों की बजाय इस यज्ञ कें माध्‍यम से नि:शुल्‍क विवाह करने युवा आगें आयें और अभी सें अपना पंजीयन करवा कर जरूरी दस्‍तावेज गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला या अपने करीबी गायत्री शक्तिीपीठ प्रज्ञापीठ चेतना केन्‍द्र या नवचेतना केन्‍द्र को सूचित कर विवाह आदि संस्‍कारों का दिन एवं दिनांक पता कर लेवें। ज्‍योति कलश यात्रा के साथ ठाकुरदास पवार धर्मेश्वर झाड़े वाहन चालक रमेश, के.के. सूर्यवंशी, बी आर देशमुख, सुनील गव्हाड़े, रिषभ पवार, राजेश मालवीय,जगदीश राठौर, जी आर खादिपुरे, मिथिलेश सोनी, ऋषि पंडाग्रे, कैलाश धाकड़,नत्थू चिल्हाते,बोरदेही के रमेश सूर्यवंशी, कुजबा के दिनेश चिल्हाटे, जम्बाडा से गुलाबराव देशमुख, धनराज चंदेल, ससुन्द्रा से संतोष कनाठे, सुनील सोनी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गड़ेकर, जनपद अध्यक्ष गणेश यादव, जिला पंचायत सदस्य देवकी हरि यादव, छावल सरपंच राजू कापसे, ससुंद्रा सरपंच माथनकर एवं सभी नवचेतना केन्द्रों के गायत्री परिजनों के सहयोग से ज्योति कलश यात्रा संपन्न हुई |

यातायात नियमों का पालन करवाने आमला पुलिस चला रही यातायात (विशेष) अभियान।

Amla police is running traffic (special) campaign to ensure compliance with traffic rules. हरिप्रसाद गोहेआमला । दुर्घटनाओं को रोकने एवं सड़को पर यातायात नियमों का पालन करवाने के उद्देश्य को लेकर आमला पुलिस ने बुधवार बोड़खी पुलिस चौकी क्षेत्रांतर्गत आमला बैतूल मुख्य सड़क मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात विशेष अभियान की शुरुवात की गई। थाना आमला से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त की गई कार्यवाही के दौरान यातयात नियमों का उल्लंघन करने वाले दस वाहन चालकों से पुलिस ने कार्यवाही के दौरान तीन हजार रुपए समन शुल्क वसूल यातायात नियमों का पालन करने समझाइश दी गई। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान नगर निरीक्षक थाना आमला राजेश सातनकर ने बताया यातायात विशेष अभियान 2025 अंतर्गत आमला, बोड़खी, बैतूल मार्ग पर पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चला चालानी कार्यवाही की गई। विशेष यातायात अभियान अंतर्गत थाना क्षेत्र में आगे भी कार्यवाही जारी रहेंगी।उक्त कार्यवाही में सहायक उप निरीक्षक मूलचंद अनंत, सहायक उप निरीक्षक राममोहन यादव, प्रधान आरक्षक प्रमोद सहित स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही ।

आमला में आत्महत्या रोकथाम सेमिनार : पुरुष मानसिक स्वास्थ्य पर डॉ. गोहे का बड़ा संदेश

Suicide prevention seminar in Amla: Dr. Gohe’s big message on male mental health हरिप्रसाद गोहेआमला ! विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर रविवार को बैतूल के छत्रपति शिवाजी महाराज ओपन ऑडिटोरियम में एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व मनोवैज्ञानिक, रिहैबिलिटेशन काउंसलर एवं एसआईएफ बैतूल के अध्यक्ष डॉ. संदीप गोहे ने किया।अपने उद्बोधन में डॉ. गोहे ने कहा कि आत्महत्या आज हमारे समाज की सबसे गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या है। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी)के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में पुरुष आत्महत्या के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। आंकड़े साफ दिखाते हैं कि पुरुष आत्महत्या दर महिलाओं की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है। पति आत्महत्या की संख्या पत्नी आत्महत्या से करीब 3 गुना अधिक है। इसका सीधा अर्थ है कि शादी के बाद पुरुष आत्महत्या की संभावना बढ़ जाती है, जबकि महिलाओं में शादी के बाद यह दर घट जाती है, जो आम धारणा के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि भारत में आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण पारिवारिक समस्याएं हैं। पति–पत्नी की आत्महत्या के आंकड़ों का यह जेंडर अनुपात लगातार बढ़ रहा है। पहले एनसीआरबी रिपोर्ट में फैमिली इश्यूज को पति/पत्नी से झगड़ा और ससुराल से विवाद के रूप में दर्ज किया जाता था। इससे स्पष्ट है कि आत्महत्या का प्रमुख कारण वैवाहिक विवाद है। कई बार दर्ज की गई आर्थिक समस्याएं भी पत्नी या ससुराल की अपेक्षाओं और दबावों से जुड़ी होती हैं। यही कारण है कि शादी के बाद पुरुष आत्महत्या का ग्राफ और ऊंचा हो जाता है। पुरुषों को सिस्टम से नहीं मिल रहा सपोर्टडॉ. गोहे ने कहा कि समाज पुरुषों से हमेशा मजबूत बने रहने की उम्मीद करता है, लेकिन उनके लिए सुरक्षित माहौल और सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध नहीं कराता। नतीजा यह होता है कि पुरुष अपनी भावनाएं और समस्याएं व्यक्त नहीं कर पाते। यह असहयोगी वातावरण उन्हें अंततः आत्महत्या जैसे कदम की ओर धकेल देता है। उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि साहस है। डॉ. गोहे ने आत्महत्या के प्रमुख कारणों जैसे बेरोजगारी, आर्थिक संकट, पारिवारिक तनाव, झूठे मुकदमे और मानसिक बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी संकेतों की पहचान करने और समय रहते संवाद की महत्ता पर भी जोर दिया। पिछले पाँच वर्षों से जिले में सक्रिय है संस्थाउन्होंने बताया कि एसआईएफ बैतूल पिछले पाँच वर्षों से इस विषय पर लगातार कार्य कर रहा है व ये उनका विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का दूसरा वर्ष है और पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य तथा झूठे मुकदमों में फंसे पुरुषों को सहायता प्रदान कर रहा है। संस्था द्वारा चलाए गए अभियान एक पेड़ पिता के नाम और एक कुर्सी मर्दों के नाम ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है।कार्यक्रम का संचालन चंद्रप्रकाश झारे ने किया। इस अवसर पर अजय वरवड़े, राजेश उपराले, विजय साहू, चित्रांजन बन्नारे, लीलाधर मालवीय, अभिनव देशमुख, गणेश घोघरे, निलेश उपासे, बिस्वजीत मंडल, आकाश सिंह तोमर, लोकेश सराठे सहित बड़ी संख्या में सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।समापन में डॉ. गोहे ने कहा कि हर जीवन अनमोल है। आत्महत्या कोई समाधान नहीं, बल्कि समस्या से भागने का तरीका है। हमें परिवार, समाज और संस्थाओं के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी। आत्महत्या रोकना केवल पीड़ित व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।इसके साथ एसआईएफ बैतूल ने मेन्स हेल्प लाइन नबर भी सजा किया जो की 8882498498 है।

संघर्ष से शिखर तक : हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर

From struggle to peak: Hemant Khandelwal’s political journey भोपाल ! BJP President Hemant Khandelwal मध्य प्रदेश की राजनीति में कभी-कभी ऐसे चेहरे सामने आते हैं, जिनकी चमक न तो पोस्टरों से आती है और न ही बड़ी-बड़ी रैलियों की भीड़ से। हेमंत खंडेलवाल ऐसा ही एक नाम हैं—जो बिना ढोल-नगाड़े, बिना सत्ता का शोर मचाए आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुँच गए। सवाल यह है कि क्या यह सफर केवल सादगी और संघर्ष का है, या फिर संगठन की राजनीतिक गणित का भी खेल? हेमंत खंडेलवाल सिर्फ भाजपा के अध्यक्ष नहीं, बल्कि संघर्ष, सादगी और संगठन के उस दर्शन का चेहरा हैं जो राजनीति को जनसेवा का सच्चा माध्यम बनाता है। BJP President Hemant Khandelwal 3 सितंबर 1964 को मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल ने बैतूल में पढ़ाई की और धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा। पिता विजय कुमार खंडेलवाल चार बार सांसद रहे, इसलिए राजनीतिक माहौल घर में मौजूद था। लेकिन यहाँ भी दिलचस्प मोड़ यह है कि हेमंत ने विरासत की मलाई खाने के बजाय खुद को संघर्ष के रास्ते में झोंक दिया। वरना आजकल तो नेता जी का बेटा सीधे ‘उत्तराधिकारी’ घोषित हो जाता है। 2008 में पिता के निधन के बाद बैतूल उपचुनाव से सांसद बने। यही वह पल था जब उन्हें राष्ट्रीय राजनीति की रोशनी मिली। लेकिन उनके साथ विडंबना यह रही कि वे लंबे समय तक सत्ता की गाड़ी के इंजन से दूर रहे—कभी विधायक, कभी जिला अध्यक्ष, कभी कोषाध्यक्ष, और कभी प्रवासी प्रभारी। कहते हैं, उन्होंने राजनीति को ‘करियर’ नहीं, बल्कि ‘धैर्य की परीक्षा’ मान लिया था। BJP President Hemant Khandelwal की सबसे बड़ी पूंजी उनकी सादगी है। सुना है, कार्यकर्ताओं को शर्ट तक दे दी और कभी स्कूटर तक। अब सोचिए, जिस दौर में नेता जी चुनाव में नोटों की बारिश कर रहे हों, उसमें कोई नेता अपनी शर्ट उतारकर कार्यकर्ता को दे दे—ये दृश्य राजनीति की किताब में दुर्लभ ही है। लेकिन राजनीति केवल सादगी से नहीं चलती। 2020 की सत्ता पलट की पटकथा में उनकी भूमिका किसी पर्दे के पीछे के निर्देशक जैसी रही। कमलनाथ सरकार जब गिर रही थी, तब खंडेलवाल ने सिंधिया खेमे और भाजपा के बीच पुल का काम किया। और कहते हैं, यही पुल उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक ले आया। राजनीति में ऐसे मौके हर किसी को नहीं मिलते—यह किस्मत और कौशल का संगम है। अब वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं। सवाल यह है कि क्या वे भाजपा को बूथ स्तर तक और मजबूत बना पाएंगे, या फिर संगठनात्मक जोड़-तोड़ में ही उलझ जाएंगे? याद रखिए, प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी केवल शोभा की वस्तु नहीं है; यह वह कुर्सी है जिस पर बैठकर पार्टी का भविष्य तय होता है। एक और दिलचस्प पहलू यह है कि 31 साल बाद वैश्य समाज से किसी नेता को यह जिम्मेदारी मिली है। तो क्या यह केवल जातीय संतुलन साधने की कोशिश है, या फिर सचमुच संगठन के ‘सच्चे सेवक’ को उसकी मेहनत का इनाम? जनता तो यही देख रही है कि सियासी समीकरणों में जनता का हिस्सा कितना है। BJP President Hemant Khandelwal के पास अब मौका है कि वे यह साबित करें कि राजनीति सिर्फ ‘सत्ता का गणित’ नहीं, बल्कि सेवा और संघर्ष का भी नाम है। क्योंकि अगर वे भी बाकी नेताओं की तरह महंगे काफिलों और बेतहाशा पोस्टरों में उलझ गए, तो जनता उन्हें भी उसी भीड़ में गुम कर देगी, जहाँ नेता बदलते रहते हैं, लेकिन जनता की उम्मीदें वही की वही रहती हैं। हेमंत खंडेलवाल का नया अध्याय केवल भाजपा के संगठन का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति का भी इम्तिहान है। देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी सादगी और संघर्ष को कायम रखते हैं या फिर सत्ता के गलियारों की चकाचौंध उन्हें भी उसी रंग में रंग देती है, जिसमें बाकी नेता डूब चुके हैं।

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर, किया वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन, लगाया पीपल का पेड़ ।

Organized a tribute meeting, organized a tree plantation program and planted a Peepal tree. हरिप्रसाद गोहेआमला । दिनांक 4.9.2025 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आमला के प्रथम विधायक स्वः श्री भाकरू जी पाटिल की पुत्री स्व गोपी बाई पंडोले जी की श्रद्धांजली का कार्यक्रम ग्राम धौंसरा में संपन्न हुआ उस कार्यक्रम में उनके ज्येष्ठ सुपुत्र चंद्रशेखर पण्डोले समाज सेवक और परिवार के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजली दी गई कार्यकम में नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे जी ,पूर्व न .पा अध्यक्ष मनोज मालवे जी उपस्थित थे स्वर्गीय श्रीमति गोपी बाई पण्डोले “बाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी” की स्मृति में वृक्षारोपण किया गया नितिन गाडरे जी एवं मनोज मालवे पूर्व नपा अध्यक्ष एवं जेष्ठ पुत्र समाजसेवक चन्द्रशेखर पण्डोले जी द्वारा पीपल का पेड लगाया गया। दिनांक 25-9-2025 को माननीय डॉ योगेश पंडाग्रे जी विधायक आमला, माननीय मुकेश खण्डेवाल जी समाजसेवी,राजेश सातनकर टी आई आमला,संजीत श्रीवास्तव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला,निर्मल सिंह ठाकुर जी परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग आमला एवं अन्य विभाग प्रमुख तथा समाजसेवी – नीरज सोनी, चरणजीत सिंह अरोरा, राजेंद्र उपाध्याय, मनोज विश्वकर्मा जी, शेषराव चौकीकर, हरिदास अतुलकर, शिवप्रसाद गुजरे, यशवंत जी झरबडे जी, संजय साहू व्यापारी संघ अध्यक्ष संघ सहित गणमान्य नागरिक आदि की उपस्थिति में वृक्षारोपण का कार्यक्रम ग्राम धौसरा में सम्पन्न हुआ।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet