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छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ एक नई क्रांति की शुरुआत, यक्ष की मुस्कान में चमकता नया छत्तीसगढ़

रायपुर, छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ एक नई क्रांति की शुरुआत हो रही है। भूख और कुपोषण की बेड़ियां टूट रही हैं, और बच्चों की आंखों में उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुपोषित छत्तीसगढ़ का सपना अब हकीकत बन रहा है। उनका कहना है, हर बच्चा स्वस्थ हो, यही सच्चा सुशासन है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह संकल्प अब धरातल पर उतर रहा है। दुर्ग की 77 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य दुर्ग जिले की 77 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में ग्राम पंचायत करेला की कहानी प्रेरणादायक है। कुछ महीने पहले, करेला के आंगनबाड़ी केंद्र 1 में पंजीकृत बालक यक्ष मध्यम कुपोषण से जूझ रहा था। उसका वजन मात्र 9.8 किलोग्राम था, और वह घर का खाना छोड़कर अस्वस्थ पैकेटबंद भोजन पर निर्भर था। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना ने बदली तस्वीर मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत यक्ष का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जिसने उसके जीवन में बदलाव की शुरुआत की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती दुर्गेश्वरी वर्मा और पर्यवेक्षक श्रीमती ममता साहू ने यक्ष के माता-पिता को पोषण का महत्व समझाया और घरेलू तरीकों से पौष्टिक भोजन तैयार करने की विधि सिखाई। ग्राम सरपंच डॉ. राजेश बंछोर ने पोषण खजाना योजना के अंतर्गत दाल, गुड़, और मूंगफली जैसी पौष्टिक सामग्री उपलब्ध कराई। जिससे यक्ष की सेहत में अभूतपूर्व बदलाव आया।नियमित आंगनबाड़ी केंद्र में भेजे जाने के बाद यक्ष में खाने की रुचि जागी। समूह भोजन के माहौल, सुबह अंकुरित अनाज, रेडी-टू-ईट पोषण आहार और माँ के स्नेह से तैयार भोजन ने उसकी सेहत को नई दिशा दी। आज यक्ष का वजन बढ़कर 11.5 किलोग्राम और लंबाई 89 सेंटीमीटर हो गई है। वह अब पूरी तरह सुपोषित है। उसकी चमकती आँखें और चेहरे पर खिलती मुस्कान न केवल उसके स्वास्थ्य, बल्कि नए छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की गवाही दे रही हैं। परिवार ने जताया शासन का आभार यक्ष के परिवार ने भावुक होकर शासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, समय पर मिली इस मदद ने हमारे बच्चे को नया जीवन दिया। अगर यह सहायता नहीं मिलती, तो शायद हमारा यक्ष आज भी कमजोर और बीमार होता। सुपोषित छत्तीसगढ़ की दिशा में बढ़ता कदम यक्ष की कहानी केवल एक बच्चे की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उन तमाम बच्चों की है, जिनके लिए शासन की योजनाएं जीवन में नई रोशनी ला रही हैं। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का यह अभियान न केवल बच्चों की सेहत सुधार रहा है, बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की नींव भी रख रहा है।

यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, मंत्री पीयूष गोयल ने सीएम योगी को लिखा पत्र

लखनऊ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए खरीद में राज्य के योगदान की प्रशंसा की है। उन्होंने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) को अपनाने के लिए यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस एक राष्ट्रीय ऑनलाइन खरीद पोर्टल है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय निकायों को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में मदद करता है। यह पोर्टल पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा देता है। गोयल ने पत्र में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए 72 लाख से अधिक ऑर्डर के साथ 5.43 लाख करोड़ रुपए की खरीद हुई। शुरू से अब तक 2.9 करोड़ ऑर्डर के माध्यम से 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीद हो चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूपी सरकार की खरीद के विवरण को भी साझा किया, जो गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर राज्य के भरोसे को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने यूपी सरकार के उस आदेश की भी सराहना की, जो 26 नवंबर 2024 को जारी किया गया। इस आदेश ने राज्य के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस की शर्तों के साथ जोड़ा है। इससे खरीद प्रक्रिया आसान हुई और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को पूरी तरह अपनाने का रास्ता खुला। गोयल ने कहा कि यह आदेश विभिन्न खरीद नियमों को एकीकृत कर एक सुगम ढांचा प्रदान करता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस को ‘वन-स्टॉप मार्केटप्लेस’ बनाने के दृष्टिकोण को मजबूत करता है। उन्होंने लिखा कि यूपी का यह कदम डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार करता है। तकनीक और समावेशिता के साथ मिलकर काम करने से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आई है। यूपी की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सक्रियता ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के बेहतरीन समन्वय का प्रतीक बन गई है। पोर्टल के माध्यम से न केवल खरीद प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाया गया है, बल्कि पूर्वाग्रह और भेदभाव से मुक्त समान अवसरों की भी प्रभावी स्थापना हुई है। इससे प्रदेश में सुशासन को नई गति मिली है और सरकारी कार्यप्रणाली में जनता के प्रति उत्तरदायित्व का भाव और अधिक सशक्त हुआ है। यही कारण है कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में सराहा जा रहा है। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर वर्तमान में 11,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 330 से ज्यादा सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं।  

प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग हो गई दोगुनी, 2024-25 में बढ़कर 267 तक पहुंची

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को मजबूत आधार देने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई मिसाल कायम की है। प्रदेश में अभिजनक बीज नर्सरी की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। साल 2016-17 में जहां केवल 150 बीज नर्सरियों का संचालन हो रहा था, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 267 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश की चीनी मिलों के प्रक्षेत्र का प्रभावी उपयोग कर संभव हुई है। इतना ही नहीं, वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 4.4 करोड़ नवीन किस्मों के सिंगल बड का वितरण किया गया है, जो कि देश में किसी भी शोध संस्था द्वारा उत्पादित बीजों की तुलना में सर्वाधिक है। इस वितरण से गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बीज उत्पादन और वितरण में इस प्रगति ने उत्तर प्रदेश को गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत अभिजनक बीजों (ब्रीडर सीड) का प्रमाणन वैज्ञानिक टीम द्वारा किया जाता है। बीज उत्पादकता के निरीक्षण का विस्तृत शेड्यूल निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार, बुवाई के समय, अंकुरण के बाद (45-60 दिन), टिल्लरिंग अवस्था में (100-120 दिन), मिल योग्य गन्ने के निर्माण की अवस्था में (180-200 दिन) और कटाई से 15-20 दिन पूर्व निरीक्षण किया जाता है। इस वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रक्रिया के चलते किसानों को प्रमाणित, गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार हो रहा है।  

सोनम के बॉयफ्रेंड राज की दादी का हुआ निधन

 इंदौर/फतेहपुर  इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्‍या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्‍होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है। आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्‍य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा। गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर की टिप्पणी से भड़के फैंस, भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज ‘एशेज के लिए वॉर्म-अप’!

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी को लेकर कुछ ऐसी बात कह दी है जो क्रिकेट फैंस को नागवार गुजरी है। वो उन्हें ‘घमंडी’ बता रहे और उनकी टिप्पणी को अपमानजनक और बेतुकी मानसिकता वाला कह रहे हैं। स्वान ने कहा था कि इंग्लैंड बनाम भारत की टेस्ट सीरीज इस साल होने वाले एशेज के लिए परफेक्ट वॉर्म-अप की तरह है। उनकी इस टिप्पणी से भारत और इंग्लैंड दोनों के ही फैन भड़के हुए हैं। इंग्लैंड बनाम भारत टेस्ट सीरीज से पहले स्वान ने कहा है कि बेन स्टोक्स की टीम को इस साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज से पहले भारतीय टीम के खिलाफ के खिलाफ लय हासिल करनी चाहिए। स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट के साथ बातचीत में स्वान ने कहा, ‘यह एशेज सीरीज के लिए एक तरह का परफेक्ट वॉर्म-अप है। भारत के साथ यह सीरीज बहुत महत्वपूर्ण है।’ एडम सदरलैंड नाम के एक यूजर ने एक्स पर लिखा, ‘यह समझना कठिन नहीं है कि क्यों इंग्लिश क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बहुत प्यार नहीं मिलता है। एक ताकतवर टीम के खिलाफ सीरीज को एशेज के लिए वॉर्म अप बताया जा रहा।’ अक्षय ने लिखा, ‘मैं ऑस्ट्रेलिया का सम्मान करता हूं तो उसकी एक वजह यह है कि वे कभी भी किसी भी सीरीज को किसी अन्य सीरीज के लिए कभी भी वॉर्मअप नहीं बताते। वे सबके खिलाफ उसी शिद्दत से खेलते हैं और इसलीए उन्होंने 2 डब्लूटीसी फाइनल खेला। एक जीता और इंग्लैंड 9 टीमों में नंबर 4 या 5 पर रहती है।’ कार्तिक नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘इस पूर्व अंग्रेज क्रिकेटर के साथ भी वही पुरानी कहानी है। हर चीज एशेज के लिए वॉर्म-अप है…वैसे इंग्लैंड ने 2018 के बाद भारत के खिलाफ अब तक एक भी सीरीज नहीं जीता है।’ एथन डॉल्टन नाम के एक फैन ने लिखा, ‘किसी टेस्ट सीरीज को एशेज के लिए वॉर्म अप कहना न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि भारत के खिलाफ सीरीज के लिए ऐसा कहना घमंड दिखाता है।’ जैक मेंडेल ने पोस्ट किया, ‘कम शब्दों में कहें तो यह इंग्लिश क्रिकेट की बेतुकी मानसिकता है।’  

अब सुकून से बीता रहे हैं जीवन बुचू राम : प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से सपना हुआ साकार

रायपुर, हर किसी का सपना होता है एक पक्का घर और जब यह सपना साकार होता है तो ज़िंदगी में नई उम्मीदें और सुकून भर जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पण्ड्रापाठ के बुचू राम का जिनका वर्षों पुराना सपना प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से अब हकीकत बन चुका है। बुचू राम पहले अपने पुराने, कच्चे और जर्जर मकान में पत्नी और बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे। बरसात के मौसम में टपकती छत, चारों ओर पानी और असहज माहौल ने उनका जीवन कठिन बना रखा था। सीमित आय और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह खुद का पक्का मकान बनाने की कल्पना भी नहीं कर पा रहे थे। लेकिन साल 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें मकान निर्माण के लिए स्वीकृति मिली। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक ने उनके दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन पंजीयन कराया और कुछ ही समय बाद उनके खाते में पहली किस्त की राशि पहुंच गई। बुचू राम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बैंक जाकर जब खाते में राशि देखी तो आंखों में खुशी के आंसू आ गए। सरकारी सहायता और मनरेगा की मजदूरी मिलाकर उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। अब वे अपने परिवार के साथ न केवल सुरक्षित और मजबूत छत के नीचे रह रहे हैं, बल्कि बरसात के मौसम में भी बिना किसी चिंता के चैन की नींद ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ दूरस्थ अंचलों के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंच रहा है। इस योजना ने बुचू राम जैसे अनेक लोगों को सम्मान से जीवन जीने का अवसर दिया है। बुचू राम ने मुख्यमंत्री और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, जिस घर की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, वह आज मेरे सामने खड़ा है। सरकार ने मेरी अंधेरी जिंदगी में उजाला ला दिया है।

नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान 3000 रुपये में मिलेगा सालभर का FASTag पास

नई दिल्ली केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार 18 जून को बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “हम 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग-आधारित वार्षिक पास पेश कर रहे हैं, जो 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा. एक्टिवेशन की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं तक के लिए वैध – जो भी पहले हो – यह पास विशेष रूप से गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए डिज़ाइन किया गया है. लंबे समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर में एक नई टोल नीति (Toll Policy) लाने की योजना बना रहा है. जिसके तहत देश भर में टोल प्लाजाओं पर यात्रा को सुलभ बनाने के लिए कई नई सुविधाएं दी जाएंगी. इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी अटकलों को खत्म करते हुए आज सोशल नेटवर्किंग साइट ‘X’ के जरिए फास्टैग एनुअल पास को जारी करने का ऐलान किया है. तो आइये जानें कब और कैसे ये पास जारी होगा और इसे प्राप्त करने के लिए यूजर्स को क्या करना होगा.   Annual FASTag Pass:  नितिन गडकरी ने आज सोशल मीडिया के जरिए देश भर में वार्षिक फास्टैग पास (Annual FASTag Pass) को जारी करने की घोषणा की है. इस एनुअल पास के लिए यूजर्स को साल भर में केवल एक बार 3,000 रुपये की रकम खर्च करनी होगी. जिसके बाद ये पास यूजर को जारी कर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि, ये पास एक्टिव होने के बाद 1 साल या 200 यात्राओं (इसमें से जो भी पहले आए) तक के लिए वैलिड रहेगा. यानी यदि समय के पहले 200 ट्रिप्स पूरे हो जाते हैं तो यूजर्स को एक बार फिर से पास रिन्यू करना होगा.  15 अगस्त से मिलेगा एनुअल पास: नितिन गडकरी ने अपने पोस्ट में कहा कि, “एक ऐतिहासिक पहल के तहत, आगामी 15 अगस्त 2025 से 3,000 रुपये की कीमत वाला FASTag बेस्ड वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास एक्टिव होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैलिड रहेगा. ऐसी की महत्वपूर्ण घोषणा एक ऐतिहासिक पहल के तहत, 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला FASTag आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा. यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा. वार्षिक पास के सक्रियण/नवीनीकरण के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी. यह नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को अधोरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. प्रतीक्षा समय घटाकर, भीड़ कम कर और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त कर, वार्षिक पास नीति लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए प्रतिबद्ध है. केवल इन वाहनों को जारी होगा पास:  बता दें कि, यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है. यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के लिए लागू होगा. इसमें व्यवसायिक वाहन शामिल नहीं हैं. कैसे मिलेगा एनुअल फास्टैग पास: सरकार इस एनुअल पास को सभी यूजर्स के लिए सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम कर रही है. इस पास को एक्टिव या रिन्यू कराने के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा. जिसके माध्यम से यूजर्स इस लिंक पर विजिट कर एनुअल पास प्रास्त कर सकेंगे. केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि, यह नई नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को भी संरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. इस वार्षिक फास्टैग पास से कई तरह के लाभ होने की उम्मीद है. इससे यूजर्स को बार-बार फॉस्टैग रिचार्ज करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी. FASTag Annul Pass पर सरसरी नज़र:     15 अगस्त से होगा शुरू     3,000 रुपये होगी पास की कीमत     1 साल या 200 ट्रिप्स के लिए होगा वैलिड     NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स से होगा एक्टिव     केवल प्राइवेट वाहनों के लिए होगा लागू     टोल प्लाजाओं पर वेटिंग होगी कम     टोल प्लाजाओं पर होने वाले विवादों से भी बचा जा सकेगा कम होगा वेटिंग टाइम: FASTag एनुअल पास के जारी होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाओं पर वेटिंग टाइम भी घट जाएगा. इससे भीड़ को कम करने और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त करने में भी मदद मिलेगी. वार्षिक पास पॉलिसी लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा.   पहले ये शिकायतें मिलती थीं पहले कई लोग शिकायत करते थे कि उनके घर के 60 किलोमीटर के दायरे में अगर टोल प्लाजा है, तो उन्हें बार-बार टोल देना पड़ता है. यहां से बार-बार गुजरना उनकी मजबूरी है अब ये वार्षिक पास इस प्रॉब्लम को हल करेगा. अब हर बार टोल देने की जरूरत नहीं.

बिना वैध मेडिकल योग्यता के एक महिला द्वारा संचालित अवैध नर्सिंग होम और क्लिनिक को सील कर दिया

भदोही भदोही जिले में बिना वैध मेडिकल योग्यता के एक महिला द्वारा संचालित अवैध नर्सिंग होम और क्लिनिक को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कथित चिकित्सक सरोजिनी जायसवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जो निरीक्षण के दौरान कोई वास्तविक चिकित्सा डिग्री या स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) संतोष कुमार चक ने बताया कि शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय ने गोपीगंज क्षेत्र की डॉक्टर कॉलोनी स्थित क्लिनिक एवं नर्सिंग होम की जांच की। चक ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल की जगह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने स्थित सरोजिनी जायसवाल के नर्सिंग होम में ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस गिरोह में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोपीगंज थाने के प्रभारी अमित कुमार सिंह ने पुष्टि की कि निरीक्षण के बाद बृहस्पतिवार को मेडिकल सुविधा को सील कर दिया गया और अधीक्षक पांडेय द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर जायसवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  

गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण में किया जायेगा  गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा।  

प्रयागराज : प्राचीन श्री मनकामेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड लागू, स्कर्ट-टॉप, जींस और पैंट पर पाबंदी

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अति प्राचीन श्री मनकामेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड लागू होगा, जिसका कड़ाई से पालन कराने के लिए मंदिर समिति ने कदम उठाए हैं। समिति ने मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान स्कर्ट, टॉप, जींस और पैंट पहनने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई है। सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही नियम लागू होंगे। इसके तहत महिलाएं पूजा के समय केवल साड़ी या सलवार-सूट पहनेंगी, जबकि पुरुष धोती पहनकर ही पूजा-अर्चना कर सकेंगे। जींस, पैंट, स्कर्ट जैसे आधुनिक कपड़ों को मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। मंदिर के पुजारी इस कदम का स्वागत कर रहे हैं और मानते हैं कि इससे धार्मिक और वैदिक परंपराओं का सम्मान और पालन होगा। श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत ब्रह्मचारी श्री धरानंद जी महाराज ने कहा कि लोगों को सावन के महीने में ड्रेस कोड अपनाने के लिए मंदिर समिति ने बोला है। उन्होंने कहा, “जब रुद्राभिषेक होता है तो अक्सर देखा गया है कि लोग पैंट पहनकर और बेल्ट लगाकर बैठते हैं। लोग परंपरागत वस्त्र पहनना लगातार छोड़ते जा रहे हैं। कहीं न कहीं परंपराओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मंदिर समिति ने फैसला लिया है कि सावन के महीने में जो भी रुद्राभिषेक होंगे, उसमें पुरुषों को धोती पहनना अनिवार्य होगा। महिलाओं को साड़ी या सूट पहनना होगा। कटे-फटे या जो भद्दे कपड़े हैं, इस तरह के पहनावे को लेकर पहले से रोक है। उसके अच्छे परिणाम भी आए।” मंदिर में आने वाले श्रद्धालु इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, ‘यह बहुत अच्छी पहल है। आजकल देखते हैं कि कुछ भी पहनकर लोग मंदिर चले जाते हैं, लेकिन मंदिर में ड्रेस कोड से बड़ा अच्छा संदेश जाएगा।” एक अन्य शख्स ने कहा, “यहां पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता पहनना अनिवार्य किया गया है, यह सही पहल है। आज के समय में बहुत जरूरी है। हम लोग धर्म स्थल पर आते हैं, यह कोई पिकनिक मनाने की जगह नहीं है।”  

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने विभागीय जांच वाले अधिकारी-कर्मचारी थानों, क्राइम ब्रांच और दफ्तरों में नहीं होंगे तैनात

भोपाल  मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जाँच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में बड़ा आदेश दिया है, पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना थानों में पदस्थ होंगे, ना क्राइम ब्रांच में और ना ही ये किसी अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ किये जायेंगे, पुलिस मुख्यालय में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस थानों पर लंबे समय से जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षकों को हटाने के आदेश के बाद डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी के कार्यालयों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने के निर्देश पिछले दिनों दिए थे और पिछले आदेशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई थी। अब डीजीपी ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में आदेश जारी किये है, विशेष महानिदेशक (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय भोपाल आदर्श कटिमार ने डीजीपी के आदेश पर पुलिस आयुक्त (इन्दौर/भोपाल) और प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों (रेल सहित) के लिए आदेश जारी किया है। आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी  ADGP आदर्श कटियार ने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2014 को पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की थानों में पदस्थापना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे किन्तु देखने में यह आया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। थानों, क्राइम ब्रांच और अधिकारियों के ऑफिस में तैनाती प्रतिबंधित   अतः पुनः निर्देशित किया जाता है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित है (दुर्घटना प्रकरण को छोड़कर) तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है उन्हें पुलिस थानों, काईम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं किया जायेगा। अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी मुख्यालय ने मांगी  एडीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए उनके अधीनस्थ इकाइयों में इस तरह के जो भी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी हैं उनके बारे में आवश्यक कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर भेजें तथा भविष्य में भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

भोपाल के ऐशबाग का विवादित 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर को रिडिजाइन किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) अपने उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया था, लेकिन अब ‘आजतक’ की खबर का असर दिखाई दे रहा है. इस ब्रिज के 90 डिग्री वाले खतरनाक मोड़ को लेकर उठे सवालों के बाद रेलवे ने डिजाइन में बदलाव के लिए अतिरिक्त जमीन देने की सहमति दे दी है.  इस ब्रिज की डिजाइन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद PWD सूत्रों ने बताया कि रेलवे की ओर से जमीन उपलब्ध कराने पर ब्रिज की रेलिंग को तोड़कर 90 डिग्री वाले मोड़ को और घुमावदार बनाया जाएगा. इससे पुल की चौड़ाई तीन फीट तक बढ़ जाएगी, जिससे वाहनों को मोड़ने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी. इंजीनियरों की टीम मशीनों के साथ बुधवार को ब्रिज के सेंटर पॉइंट का मेजरमेंट करने भी पहुंची.  18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 648 मीटर लंबा ब्रिज घनी आबादी और बेतरतीब ट्रैफिक वाले ऐशबाग क्षेत्र में बनाया गया है. इसकी डिजाइन में 90 डिग्री का तीखा मोड़ होने से हादसों की आशंका जताई जा रही थी.  तीन जांच टीमों ने दिए अहम सुझाव सरकार ने इस फ्लाईओवर की सुरक्षा जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिनकी रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:     एनएचएआई अधिकारी आरओ एस.के. सिंह ने सुझाव दिया कि ब्रिज पर 30 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार की अनुमति न हो, ब्रिज की दीवार ऊंची की जाए, सटीक संकेत और पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था हो, और फुटपाथ को तोड़कर ब्रिज में शामिल किया जाए।     एमपीआरडीसी इंजीनियर ने सुझाव दिए कि बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए, जब तक चौड़ीकरण नहीं हो जाता, ब्रिज पर यातायात सीमित रखा जाए, तेज गति को रोकने के लिए रोड डिजाइन में परिवर्तन किया जाए, और जहां सड़कों का मिलन बिंदु है, वहां दीवार मोटी और ऊंची हो।     इसके अलावा, इस बात पर भी विचार चल रहा है कि इस ब्रिज से केवल दोपहिया वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी जाए। निर्माण में आईं तकनीकी चुनौतियाँ इस ब्रिज के निर्माण में कई तकनीकी चुनौतियाँ थीं। एक ओर मेट्रो लाइन, दूसरी तरफ रेलवे लाइन और तीसरी तरफ स्टेडियम स्थित है। यह ब्रिज लगभग 5 लाख की आबादी की आवाजाही का मुख्य जरिया है। वर्ष 2022 में रेलवे ने राज्य सरकार से परामर्श किए बिना फाटक बंद कर दिया था, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इस आपातकालीन परिस्थिति में ब्रिज निर्माण का निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। अफसर ने कहा… सरकार को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कहा है कि 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर का निर्णय सामूहिक था, इसलिए किसी एक अभियंता की गलती नहीं मानी जा सकती। रेलवे ने भी निर्माण की विधिवत अनुमति दी थी। नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव लोनिवि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यूजर मनीष चौधरी ने लिखा, “ये भोपाल का ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज, जिसे PWD ने पूरे 10 साल में तैयार किया है, मानो कोई ‘इंजीनियरिंग चमत्कार’ हो. ऐसी संरचनाएं जनता की ज़रूरत नहीं, अधिकारियों की जेबें भरने के लिए बनाई जाती हैं. यह पुल न सिर्फ ट्रैफिक जाम का नया केंद्र बनेगा, बल्कि 90 डिग्री का ये मोड़ बड़े हादसे को न्योता देगा.”   “मौत 90 डिग्री का कोण बना कर आएगी. डेवलपमेंट का यह एंगल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निकल कर आया है. 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.” जब इस मुद्दे पर PWD मंत्री राकेश सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “पुल बनने के बाद अचानक कुछ विशेषज्ञ आते हैं और इस तरह की बात करते हैं, जबकि कोई भी पुल बनाते समय कई तकनीकी पहलुओं को देखा जाता है. अगर ये कोई आरोप है, तो इसकी जांच कराई जाएगी.” अब रेलवे और पीडब्ल्यूडी के इस कदम से ब्रिज की सुरक्षा और ट्रैफिक सुगमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.  

यूपी में पर्यटन की नई उड़ान- योगी सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में यूपी में पर्यटन को और पंख लगेंगे

लखनऊ योगी सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में यूपी में पर्यटन को और पंख लगेंगे। द वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) ने राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के परिदृश्य के बारे में जो पूर्वानुमान जताया है, उससे इस बात के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। इन संकेतों में छिपी संभावनाओं को सच में तब्दील करने को योगी सरकार पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से प्रतिबद्ध भी है। प्रदेश में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की आमद बढ़ने के साथ ही इनके द्वारा यात्रा, रहने, खाने और यादगार के रूप में स्थानीय उत्पादों के खरीदे जाने से अर्थव्यवस्था तो सुधरेगी ही, इससे जुड़े ट्रांसपोर्टेशन, होटल, होम स्टे, गाइड आदि सेक्टर्स में रोजी-रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। डब्ल्यूटीटीसी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 के राष्ट्रीय पर्यटन संबंधी आंकड़े 2019 के सभी मानकों को पीछे छोड़ चुके हैं। संस्था ने 2030 तक के लिए जो पूर्वानुमान जताए हैं, वे बेहद संभावनाओं वाले हैं। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या, राधाकृष्ण की जन्मभूमि और कर्मस्थली ब्रजभूमि उत्तर प्रदेश में ही है। तीर्थराज प्रयाग, विश्व की सबसे पुरातन नगरी एवं तीनों लोकों से न्यारी शिव की काशी, दुनिया को शांति और अहिंसा के संदेश से प्रकाशित करने वाले भगवान बुद्ध से जुड़े सभी प्रमुख स्थल कुशीनगर, सारनाथ, कपिलवस्तु भी उत्तर प्रदेश में हैं। इन सब वजहों से देश में बढ़ते पर्यटन के कारण यूपी में पर्यटन की संभावना भी बढ़ जाती है। यह हो भी रहा है। सरकारी आंकड़े इसकी तस्दीक भी कर रहे हैं। ऐसा हो इसके लिए संभावना वाले टूरिज्म स्पॉट को केंद्र बनाकर योगी सरकार पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने को प्रतिबद्ध है। प्राथमिकता बनाकर चरणबद्ध तरीके से यह काम हो भी रहा है। इसमें केंद्र सरकार का भी विभिन्न योजनाओं के जरिए भरपूर सहयोग मिल रहा है। डब्ल्यूटीटीसी के अनुसार देश के लिए पर्यटन के लिहाज से साल 2025 रिकॉर्ड ब्रेकिंग हो सकता है। इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर का योगदान 22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इस पूर्वानुमान के अनुसार टूरिज्म सेक्टर से जुड़े सेक्टर्स में रोजगार पाने वालों की संख्या 48 मिलियन से अधिक हो सकती है। संस्था की ओर से साल 2030 के लिए जताए गए पूर्वानुमान के अनुसार पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मिलने वाला योगदान 42 लाख करोड़ और रोजगार बढ़कर 64 मिलियन हो जाएगा। इन आंकड़ों में ही उत्तर प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर की भी संभावनाएं छिपी हैं। खासकर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से। सरकार भी इसे जानती और स्वीकार करती है। ऐसे स्थलों के विकास पर उसका सर्वाधिक फोकस भी है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, “धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के प्रयास न केवल आस्था को आह्लादित करते हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाते हैं। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन, प्रसाद तथा रामायण, कृष्ण, बौद्ध सर्किट जैसी योजनाओं ने पर्यटन विकास को गति दी है। उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इन क्षेत्रों में सड़क, परिवहन, रुकने की सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। पर्यटन के प्रति बढ़ते रुझान और सरकार की प्रभावशाली नीतियों के चलते प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजी-रोजगार के अवसर बढ़े हैं। स्थानीय हस्तशिल्प एवं स्थान विशेष की पहचान बने उत्पादों को खूब लाभ मिला है। इन पर्यटन स्थानों में हुए विकास से युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित एवं पुनरुद्धार कर पर्यटन के नए हब के रूप में अपनी पहचान बनाई है। टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ही सरकार 4,560 करोड़ रुपए की लागत से धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 272 मार्गों का विकास कर रही है। महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों पर आने वाले घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं मिलें, इसे ध्यान में रखते हुए वहां विकास कार्य हो रहे हैं। मसलन लखनऊ, प्रयागराज, कपिलवस्तु में हेलीपोर्ट सेवा शुरू हो चुकी है। कुछ अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी शीघ्र ही इस सेवा का लाभ मिलने लगेगा। अयोध्या शोध संस्थान का उच्चीकरण, अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की स्थापना भी हो रही है। कुशीनगर में बुद्धा थीम पार्क परियोजना, सीतापुर स्थित नैमिषारण्य तपोस्थली पर वेद विज्ञान अध्ययन केंद्र की स्थापना के साथ नैमिष तीर्थ एवं शुक्र तीर्थ का पुनरुद्धार किया गया है। गोरखपुर में परमहंस योगानंद जी की जन्मस्थली के पुनरुद्धार के साथ गंगा के किनारे जिस श्रृंगवेरपुर में वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम और निषादराज का मिलन हुआ था, जहां से वे गंगा पार कर प्रयागराज होते हुए चित्रकूट गए थे, उसे सरकार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। योगी सरकार उत्तर प्रदेश में पड़ने वनगमन मार्ग के उन सभी प्रमुख स्थलों को विकसित कर रही है, जहां राम ने पत्नी सीता एवं भाई लक्ष्मण सहित कुछ समय गुजारे थे। पूरे वनगमन मार्ग पर उसी तरह के पौधरोपण की भी योजना है, जिनका जिक्र तुलसीदास के रामचरित मानस या अन्य धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।  

पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर से मांगनी पड़ी माफी! सामने आई ये बड़ी वजह

 सीहोर        कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र में कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज ने तीखा विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी. पंडित प्रदीप मिश्रा ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरे किसी कथन से यदि किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो या उनका मन दुखा हो, तो मैं क्षमा मांगता हूं.” जानकारी के अनुसार, मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त के बारे में कथित तौर पर ‘अभद्र भाषा’ का उपयोग किया था, जिसके बाद कई शहरों में विरोध शुरू हो गया. कई साधु-संतों और कथावाचकों ने भी उनके बयान की निंदा की थी. बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र में 14 जून को प्रवचन के दौरान भगवान चित्रगुप्त को ‘मुछंदर’ कहकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस पर पूरे देश में कायस्थ समाज भड़का हुआ था। पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से कही ये बात मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था। मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।

भारत की टेस्ट टीम में श्रेयस अय्यर को होना चाहिए था, कुलदीप को बताया ट्रंप कार्ड: निक नाइट

नई दिल्ली  इंग्लैंड के पूर्व ओपनर निक नाइट ने कहा है कि भारत की टेस्ट टीम में श्रेयस अय्यर को होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय टीम को बदलाव के दौर से गुजरने में मदद मिलती। नाइट ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में भारत को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल से ओपनिंग करानी चाहिए। इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज निक नाइट का मानना ​​है कि इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में श्रेयस अय्यर की मौजूदगी टीम को बदलाव के दौर से गुजरने में मदद करती। उन्होंने 20 जून से शुरू होने वाली श्रृंखला में कुलदीप यादव को मेहमान टीम के लिए संभावित ट्रंप कार्ड बताया है। अय्यर के टीम का हिस्सा नहीं होने के कारण नाइट को कुलदीप और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं। सुदर्शन के लीड्स में पहले टेस्ट के दौरान टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने की उम्मीद है। विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास के बाद भारत के बल्लेबाजी क्रम में अनुभव की कमी है और अब जाने-माने कमेंटेटर नाइट ने शीर्ष क्रम को स्थिरता देने के लिए लोकेश राहुल को चुना। नाइट ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर भारत को 2007 के बाद इंग्लैंड में अपनी पहली श्रृंखला जीतनी है तो 20 विकेट लेना महत्वपूर्ण होगा। इंग्लैंड के लिए 17 टेस्ट और 100 एकदिवसीय मैच खेलने वाले 55 साल के नाइट नहीं चाहते कि भारत अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए गेंदबाजी से समझौता करे। नाइट ने पीटीआई से कहा, ‘‘तैयारी के दृष्टिकोण से शायद सबसे महत्वपूर्ण बात नॉर्थम्पटन में हुई घटना है। मैं लोकेश राहुल का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं (उन्होंने वहा शतक बनाया)। मैं उनकी सलामी बल्लेबाजी का भी प्रशंसक हूं। सभी प्रारूपों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्थान शीर्ष क्रम में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि उन्हें अलग-अलग भूमिकाओं में इस्तेमाल किया गया है लेकिन इंग्लैंड में टेस्ट मैच क्रिकेट में पारी का आगाज करने और रन बनाने का उनका अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है।’’ नाइट ने कहा कि कोहली और रोहित का संन्यास अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का मौका होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ खिलाड़ियों के पास अभ्यास मैचों से अपना दावा पेश करने का मौका है। करुण नायर ने स्पष्ट रूप से प्रभावित किया (भारत ए के लिए दोहरा शतक लगाकर)।’’ नाइट ने कहा, ‘‘अगर मैं ईमानदारी से कहूं तो (यशस्वी) जायसवाल अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। अगर मैं एक भारतीय खिलाड़ी, भारतीय चयनकर्ता या भारतीय प्रशंसक होता तो मैं उन्हें थोड़ा और बेहतर फॉर्म में देखना चाहता। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि मैं उन्हें शीर्ष क्रम में नहीं चुनूंगा? नहीं, मैं निश्चित रूप से उन्हें राहुल के साथ पारी का आगाज करने के लिए खिलाऊंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से साई सुदर्शन तीसरे नंबर पर आते हैं, शुभमन गिल चौथे नंबर पर, और फिर आप वहां से आगे बढ़ते हैं। साई बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। वह देर से शॉट खेलते हैं।’’ नाइट ने शुभमन गिल को भारतीय टीम का कप्तान चुने जाने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत ही समझदारी भरा फैसला है। शुभमन एक चतुर क्रिकेटर है। इस तरह के फैसले से सवालिया निशान लग सकता है, उनके खुद के फॉर्म के संदर्भ में और वह टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक होने के नाते कप्तानी से कैसे निपटेंगे।’’ यह पूछने पर कि क्या भारत निकट भविष्य में रोहित और कोहली की कमी को पूरा कर पाएगा, नाइट ने कहा, ‘‘अगर भारतीय क्रिकेट के लिए रोहित और विराट को खोने का सामना करने का समय कभी था तो वह अब है। मैं यहां पूरी ईमानदारी से कहूंगा। श्रेयस अय्यर को यहां होना चाहिए था। इससे इस बदलाव के दौर में थोड़ी और मदद मिलती। लेकिन अब भी वहां बहुत क्षमता है।’’ भारत के गेंदबाजी क्रम के संदर्भ में नाइट ने कहा, ‘‘पिछली बार जब भारत यहां आया था तो उसका गेंदबाजी आक्रमण शानदार था। और मेरा मानना ​​है कि अगर भारत यह श्रृंखला जीतने जा रहा है तो मेरा ध्यान बल्ले से अधिक गेंद पर है। क्या भारत 20 विकेट ले पाएगा?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जितना संभव हो सके कुलदीप को खिलाना चाहता हूं। अगर गेंद तीसरे या चौथे दिन टर्न कर रही है तो कुलदीप खेलेगा। इंग्लैंड कुलदीप का कम से कम सामना करना चाहेगा।’’ नाइट ने कहा, ‘‘बुमराह इस चर्चा से अलग हैं क्योंकि वह इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज हैं। इंग्लैंड को आक्रमण करना पसंद है। मुझे नहीं लगता कि वे इतने साहसी होना चाहेंगे। उनके लिए बीच के ओवरों में कुलदीप जैसे गेंदबाजों के सामने ऐसा करना मुश्किल लगेगा।’’  

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