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बिजली बिल से राहत का सुनहरा मौका: BPL उपभोक्ताओं के लिए सरकार लाई बड़ी छूट योजना

गरियाबंद. जिले के 56,102 बीपीएल बिजली कनेक्शनधारकों पर कुल 43 करोड़ रुपये का बकाया है, जिनके पास राहत पाने का सुनहरा मौका है। दरअसल, बकायादार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है। योजना के तहत निर्धारित समय में पंजीयन कर अंतर की राशि का भुगतान करने पर जिले के बकायादार उपभोक्ताओं को कुल 36.50 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी। इसका मतलब यह है कि बीपीएल कनेक्शनधारकों को केवल 6 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। योजना का सबसे अधिक लाभ देवभोग, झाखरपारा और गोहरापदर वितरण केंद्र के ग्रामीणों को मिलेगा। सरकार की ओर से जारी विवरण के अनुसार, योजना से निष्क्रिय बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया में 75 प्रतिशत और अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल बकाया में अधिकतम 50 प्रतिशत और अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। बचत राशि का भुगतान अधिकतम 6 किस्तों में किया जा सकेगा, लेकिन किस्तों में छूट का प्रतिशत कम होता जाएगा। विभाग के कार्यपालन अभियंता हेमंत ठाकुर ने बताया कि भुगतान की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तक है। पंजीयन के लिए केवल बीपी और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। इसे ‘मोर बिजली’ एप या नजदीकी बिजली स्टेशन पर कराया जा सकता है। जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग प्रत्येक वितरण केंद्र क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार और बड़े गांवों में शिविर आयोजित करेगा। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। देवभोग में सर्वाधिक उपभोक्ता जिले के 12 वितरण केंद्रों में सबसे अधिक 14,715 बीपीएल उपभोक्ता देवभोग केंद्र में हैं। सहायक अभियंता हेमंत कुमार नागवंशी के अनुसार, इन पर 12.93 करोड़ रुपये का बकाया है। तय समय में 1.69 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर उन्हें सीधे 11.23 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी। झाखरपारा वितरण केंद्र में 7,818 उपभोक्ताओं पर 6.85 करोड़ रुपये का बकाया है, जिनमें केवल 92 लाख रुपये का भुगतान करने पर 5.93 करोड़ रुपये की छूट मिलेगी। अधिकांश बकायादार कनेक्शनधारकों ने बिजली मीटर लगाने के बाद एक बार भी बिल का भुगतान नहीं किया है। योजना के अनुसार, उन्हें अधिकतम 30 यूनिट प्रति माह खपत की छूट दी गई थी, लेकिन इससे अधिक खपत पर बिल का भुगतान नहीं किया गया। बीपीएल कनेक्शन मूल रूप से बुनियादी घरेलू सुविधाओं के लिए दिए जाते हैं, लेकिन कई कनेक्शन पर पंखा, कूलर और सबमर्सिबल पंप का भी इस्तेमाल हुआ। जिले के किन इलाकों में BPL कनेक्शन को मिलेगी कितनी छूट ? गोहरापदर: 7,940 उपभोक्ता, 1 करोड़ रुपये भुगतान पर 6.12 करोड़ छूट। अमलीदपर: 7,215 उपभोक्ता, 86 लाख भुगतान पर 5.24 करोड़ छूट। बिन्द्रानवागढ़: 3,291 उपभोक्ता, 35 लाख भुगतान पर 2.31 करोड़ छूट। मैनपुर: 3,365 उपभोक्ता, 31 लाख भुगतान पर 1.75 करोड़ छूट। मड़ेली: 3,178 उपभोक्ता, 23 लाख भुगतान पर 1.31 करोड़ छूट। रसेला: 2,896 उपभोक्ता, 24 लाख भुगतान पर 1.27 करोड़ छूट। छुरा: 1,907 उपभोक्ता, 12 लाख भुगतान पर 54 लाख छूट। पाण्डुका: 933 उपभोक्ता, 1.86 करोड़ भुगतान पर 6.95 करोड़ छूट। गरियाबंद ग्रामीण: 2,103 उपभोक्ता, 13 लाख भुगतान पर 5.7 करोड़ छूट। नहीं चुकाया बिल तो प्रीपेड योजना लागू होते ही कट जाएगा कनेक्शन ? गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना सीमित समय के लिए है। इसके बाद प्रीपेड स्कीम लागू की जाएगी, जिसमें बकायादार कनेक्शनधारक वंचित रह सकते हैं। इसलिए लाभ पाने के लिए समय रहते पंजीयन कर योजना का लाभ उठाना ही फायदेमंद रहेगा।

राजस्थान 10वीं बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, सबसे पहले यहां मिलेगा रिजल्ट

जयपुर राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी कर दिया जाएगा। इस बार बोर्ड सेकेंडरी यानी 10वीं का रिजल्ट मार्च माह में ही जारी कर इतिहास रचने की तैयारी में है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम 20 मार्च तक घोषित करने की तैयारी है। आंसरशीट चेक करने का काम अपने अंतिम चरण में हैं। जल्द ही रिजल्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अवकाश के दिन भी कॉपियां चेक की जा रही हैं। राजस्थान बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाएं फरवरी माह से ही शुरू करवा दी थीं। इतिहास में कभी भी इतनी जल्दी राजस्थान बोर्ड ने परिणाम जारी नहीं किया। दरअसल इस बार राजस्थान सरकार 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करना चाहती है और अगले साल से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी परीक्षा मई में होगी। बच्चों की पढ़ाई समय से शुरू हो सके, इसके लिए राजस्थान बोर्ड मार्च माह में ही 10वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी में है। ऐसे में कुछ दिनों में 10 लाख स्टूडेंट्स का परिणाम का इंतजार खत्म होने वाला है। बोर्ड सचिव ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार परिणाम जल्द जारी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में समय मिल सके। आरबीएसई 10वीं परीक्षा के लिए 1068078 स्टूडेंट्स परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। 12वीं में 909087, प्रवेशिका परीक्षा में 7811 और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 4122 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वर्तमान में लगभग 30 हजार 915 शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं। बोर्ड का प्रयास है कि सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर 20 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। आरबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 यहां कर सकेंगे चेक, Direct Link RBSE Rajasthan Board 10th Result 2026 FAQs : राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट पर अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न RBSE 10th Result 2026: वेबसाइट पर कैसे चेक करे राजस्थान बोर्ड 10वीं का परिणाम – सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं। – Secondary Exam Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें। – रिजल्ट पेज खुलने पर अपना रोल नंबर डालें। सब्मिट करें। – आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। इसका प्रिंट आउट लेना न भूलें। RBSE 10th Result 2026 – SMS से कैसे चेक करें राजस्थान बोर्ड 10वीं के स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in के अलावा लाइव हिन्दुस्तान www.livehindustan.com पर भी चेक कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि रिजल्ट जारी होते ही आपके मोबाइल पर SMS आए तो इसके लिए आप www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं। जानें कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन स्टेप 1- www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर जाएं। स्टेप 2 – अपना रोल नंबर, ईमेल, फोन नंबर आदि डिटेल्स भरें। सब्मिट करें। स्टेप 3- रिजल्ट आते ही आपके मोबाइल पर रिजल्ट का SMS आएगा। स्टेप 4 – SMS में दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप अपना परिणाम चेक कर सकेंगे। सबसे पहले राजस्थान बोर्ड 10वीं Live Hindustan पर देख सकेंगे, जानें कैसे RBSE 10th Result 2026 कब आएगा? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 20 मार्च तक जारी होने की उम्मीद है। RBSE 10th Result 2026 कहां देखें? राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट rajeduboard.rajasthan.gov.in और https://www.livehindustan.com/career/results/rajasthan-board-10th-result पर चेक किया जा सकेगा। RBSE 10th Result देखने के लिए क्या चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट रोल नंबर डालकर चेक कर सकेंगे। विद्यार्थियों का रोल नंबर उनके एडमिट कार्ड में दिया गया होगा। राजस्थान बोर्ड 10वीं में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए? राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल करने होते हैं। एग्रीगेट मार्क्स भी कम से कम 33 प्रतिशत होने चाहिए। राजस्थान बोर्ड परीक्षा में 1 या 2 विषयों में 33 से कम अंक आने पर स्टूडेंट्स को सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

मोनालिसा को सीरिया भेजने की योजना, सुप्रीम कोर्ट वकील ने खरगोन में नाजिया इलाही का बड़ा दावा किया

खरगोन  सुप्रीम कोर्ट की वकील और अपने फायरब्रांड बयानों के लिए चर्चित नाजिया इलाही खान ने मोनालिसा और फरमान खान की शादी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाम खरगोन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह विवाह कानूनी रूप से सही नहीं है और इसमें हिन्दू मैरिज एक्ट का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मोनालिसा को सीरिया भेजने की तैयारी है। हिंदू परंपराओं का दुरुपयोग हुआ नाजिया इलाही खान ने कहा कि इस शादी में हिंदू परंपराओं का दुरुपयोग किया गया है और उनका मजाक उड़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि फरमान खुद को अभी भी मुसलमान बता रहा है तो वह हिंदू रीति-रिवाजों के तहत मंदिर में विवाह कैसे कर सकता है। उनके अनुसार हिंदू मैरिज एक्ट के तहत विवाह के लिए दोनों पक्षों का हिंदू होना आवश्यक है, इसलिए यह विवाह कानूनी रूप से संदिग्ध प्रतीत होता है। लव जिहाद करार दिया उन्होंने इस पूरे मामले को सुनियोजित लव जिहाद करार देते हुए कहा कि इसमें प्रतिबंधित संगठन पीएफआई और इस्लामी कट्टरपंथ की मिलीभगत की आशंका है। नाजिया ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। सख्त कानूनी प्रावधान की मांग की नाजिया इलाही खान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हुए कहा कि बीएनएसकी धारा 69 लव जिहाद जैसे मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अलग और सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाने चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो सके। मोनालिसा को सीरिया भेजने की तैयारी उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के मजबूत नेटवर्क के कारण केरल इस तरह की घटनाओं के लिए अनुकूल स्थान बन गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार मोनालिसा का जो तत्काल पासपोर्ट बनाया गया है, वह उसे सीरिया भेजने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। नाजिया ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और पूरे प्रकरण की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।  

टीएल बैठक में सख्त संदेश: समय पर काम, तभी बेहतर एसीआर : कलेक्टर

वित्तीय वर्ष की अंतिम दौड़ : 15 दिन में लक्ष्य पूरा करने कलेक्टर के सख्त निर्देश किसानों से लेकर सोलर योजना तक, हर मोर्चे पर तेजी के निर्देश : संजय अग्रवाल टीएल बैठक में सख्त संदेश: समय पर काम, तभी बेहतर एसीआर : कलेक्टर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष लक्ष्य पूर्ति  की विभागवार गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन में अब मात्र दो सप्ताह शेष हैं, ऐसे में सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) कार्य प्रदर्शन और लक्ष्य पूर्ति के आधार पर ही लिखी जाएगी।            बैठक में वन भूमि अधिकार के तहत लगभग 3 हजार तैयार पट्टों के शीघ्र वितरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपये की सहायता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पात्र किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मृत किसानों के वारिसों को भी योजना का लाभ दिलाने हेतु उनका नाम रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। वर्तमान में जिले के 25 से 30 हजार किसान अभी भी सम्मान निधि योजना से वंचित हैं।        कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गर्मी धान का रकबा कम हुआ है। इस क्षेत्र में वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने, किसानों को आदान सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 2,692 सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना को गति देने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों और हाउसिंग सोसाइटियों की संयुक्त बैठक बुधवार को आयोजित करने के निर्देश दिए।         शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां यह सुविधा नहीं है, वहां सर्वे कर नए निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाएं तथा पुराने जर्जर शौचालयों की मरम्मत कराई जाए। पीएचई विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 635 हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिनमें राइजिंग पाइप बढ़ाने का कार्य जारी है। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को सूखे तालाबों की गहराई बढ़ाने हेतु मिट्टी-मुरूम निकालने के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई जा सके।      इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने, सड़कों का निर्माण  चौड़ाई में करने तथा अर्जित भूमि का 15 दिनों के भीतर शासन के पक्ष में नाम पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों और निर्णयों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम की घोषणा, पीएम पोर्टल, विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Chhattisgarh Freedom of Religion Bill: सरकार ने लिया यू-टर्न, संशोधनों के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी

रायपुर. विधानसभा बजट सत्र के दौरान मंगलवार को गृह मंत्री विजय शर्मा ने राज्यपाल द्वारा लौटाए गए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक, 2006 पर विचार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया. विचार के उपरांत आसंदी ने सरकार को विधेयक वापस लेने की अनुमति दी. विधानसभा में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक, 2006 को वापस लेने के अलावा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 के पुर्नस्थापन प्रस्ताव प्रस्तुत किया. जिसे विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया. इसके साथ मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 के पुर्नस्थापन का प्रस्ताव और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक, 2026 के पुर्नस्थापन प्रस्ताव प्रस्तुत किया. विधानसभा में दोनों प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ. एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों के स्वीकार होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से सम्बंधित अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हुआ. विपक्ष ने चर्चा में भाग नहीं लिया. क्या है छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विधेयक? छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण स्वातंत्रय विधेयक 2026 के फॉर्मेट का अनुमोदन किया गया है. इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति और साधनों पर सही तरीके से रोक लगाना है. अब अगर छत्तीसगढ़ में रहने वाले किसी व्यक्ति को कोई दूसरा इंसान जबरन दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाता है, तो उसे दोषी मानते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अगर नियम के बाहर कोई व्यक्ति धर्म बदलता है, तो उसे कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी. विधेयक साफ तौर पर यह कहता है कि धर्म परिवर्तन किसी भी व्यक्ति की इच्छा से होना चाहिए. दबाव या लालच से नहीं. छत्तीसगढ़ में पहले से ही धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है, जो 1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया था. सार्वजनिक की जाएगी धर्मांतरण की जानकारी छत्तीसगढ़ में नए धर्मांतरण विधेयक के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी. प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का नियम होगा. विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, दुर्व्यपदेशन, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा.     जबरन धर्मांतरण करवाने पर है सजा का प्रावधान     कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है.     यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो सजा 10 से 20 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है.     सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और कठोर होगी, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान किया गया है.     विधेयक के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे. मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं बल्कि अवैध तरीकों से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है. दूसरे राज्यों से कैसे अलग है छत्तीसगढ़ का कानून छत्तीसगढ़ से पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में धर्म बदलने के खिलाफ कानून मौजूद हैं. सभी राज्यों में लगभग कानून एक जैसा ही है, लेकिन उसकी सजा और जुर्माने में अंतर है. जबकि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की एक बड़ी आबादी है और उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है. इसके अलावा सामूहिक धर्मांतरण ना हो इस पर जोर दिया गया है और सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन की आईं खबरें छत्तीसगढ़ के बस्तर और जशपुर क्षेत्र में कई बार आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन की खबरें आई थीं. कई बार ऐसा भी पता चला है कि आदिवासियों और धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के बीच भी विवाद हुआ था. अब धर्मांतरण विधेयक के बाद ऐसे मामलों में रोक लगने की उम्मीद होगी. छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई FIR भी दर्ज हुई हैं और पुलिस को शिकायत भी मिली है. उपमुख्यमंत्री ने कही ये बात धर्मांतरण विधेयक पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 1968 का धर्म स्वतंत्र विधेयक लागू है. अब परिस्थितियां बदल गई हैं, तो नई परिस्थितियों के तहत धर्म स्वतंत्र विधेयक लाया गया है.

इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, धार और खंडवा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

धार एवं खंडवा जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश 48 घंटे में मुख्य आरोपी सहित 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार 1करोड़ 35लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त धार /खंडवा धार एवं खंडवा जिलों में नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती की सनसनीखेज घटना का धार और खंडवा की संयुक्त पुलिस टीमों ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों से पुलिस ने घटना में लूटे गए सोने के आभूषण, नगदी तथा वारदात में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग1 करोड़ 35 लाख 57 हजार रुपयेकीमत की संपत्ति जब्तकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 13 मार्चको फरियादी ने थाना बाग में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9:30 बजे कुछ अज्ञात बदमाश नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उसके घर पहुंचे, उसे बंधक बनाकर घर में फर्जी रेड डालते हुए सोने के आभूषण और नगदी लूटकर फरार हो गए। इस संबंध में थाना बाग में बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। टीम द्वारा जांच के दौरान सामने आया कि इसी तरह की एक वारदात 12 मार्चको ग्राम पामाखेड़ी थाना नर्मदानगर जिला खंडवा में भी की गई थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  अनुराग, उप महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  मनोज कुमार सिंहऔर उप महानिरीक्षक खरगौन  सिद्धार्थ बहुगुणा केनिर्देशन मेंखंडवा पुलिस से समन्वय स्थापित कर घटना में प्रयुक्त वाहन के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए तथा धार और खंडवा की संयुक्त टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले सुनियोजित तरीके से मकानों की रेकी कर मकान की लोकेशन, परिवार की स्थिति, घर में वाहन एवं संपत्ति होने की संभावना सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से स्वयं को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घरों में प्रवेश कर डरा-धमकाकर डकैती की वारदात को अंजाम देता था।जांच में यह भी सामने आया कि 12 मार्च को खंडवा जिले में हुई घटना तथा 13 मार्च को हुई दूसरी घटना में समान तरीके से ब्लैक स्कॉर्पियो वाहन का उपयोग किया गया था। पुलिस को इस वाहन की सूचना पूर्व में ही प्राप्त हो गई थी, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्थापित हुआ। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आसपास के थानाक्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में नाकाबंदी और घेराबंदी की। पुलिस की सक्रियता की जानकारी मिलने पर आरोपी डकैती का सामान लेकर भागते समय काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को सुनसान जंगल में छोड़कर अन्य वाहन से फरार हो गए।पुलिस को स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों से वाहन का मालिक शहजाद पिता रोशन खान निवासी बैरछा होना पाया गया, जो इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। गाड़ी में पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई है। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। इसमें से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट की गई संपत्ति बरामद की।पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर उन्होंने खंडवा जिले की घटना को कारित करना भी स्वीकार किया। पूछताछ में गिरोह के मुख्य सदस्यों के रूप में संजय शर्मा, नसीर, रणजीत एवं शहजाद के नाम सामने आए हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि धार की घटना में कुल 14 तथा खंडवा की घटना में 16 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 10 आरोपी दोनों घटनाओं में समान रूप से शामिल थे।जबकि कुछ आरोपी स्थानीय स्तर पर वाहन एवं अन्य सहयोग उपलब्ध कराने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आबिद पिता मुबारिक शाह, अय्यूब शाह पिता निजामुद्दीन शाह, दिनेश पिता रुखड़िया, दिलीप पिता रामचंद्र अहिरवार, शहजाद पिता रोशन खान, रमेश पिता गजरिया मोरी, राजा उर्फ अब्दुल गफ्फार पिता अब्दुल हमीद खान तथा नरसिंह पिता भलिया बघेल शामिल हैं। आरोपियों ने अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर उक्‍त घटना एवं खंडवा जिले में उक्त वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।पुलिस द्वारा आरोपियों से प्रदेश के अन्य जिलों में इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान हमारी अमूल्य धरोहर है

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी,  ललित मिश्रा,  विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कलेक्टर ने जनदर्शन में आमजनों की समस्याएं सुनी, अधिकारियों को त्वरित समाधान का आदेश दिया

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।         जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच  मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।           तिफरा निवासी मती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी  मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी  अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी  घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक  अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।   राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत – आजाद नगर निवासी  शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित  राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।   

प्यार में किया अहम फैसला, दो बहनों ने धर्म बदलकर शादी की, नया नाम लेकर पतियों के साथ थाने गईं

नौगांव जिले के नौगांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मुस्लिम समाज की दो चचेरी बहनें और हिंदू समाज के दो चचेरे भाइयों की प्रेम कहानी अब शादी में बदल गई है। करीब एक माह पहले दोनों युवतियां अपने घरों से चली गई थीं, जिसके बाद परिजनों और समाज के लोगों में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने युवतियों के अपहरण की आशंका जताते हुए नौगांव थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।  उस समय मुस्लिम समाज के लोगों ने नौगांव थाने पहुंचकर घेराव किया था और युवतियों की जल्द तलाश की मांग की थी। घटना के कुछ दिनों बाद 13 और 14 फरवरी के आसपास दोनों युवतियों ने अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि वे अपनी मर्जी से घर से गई हैं और दोनों ने अपने-अपने साथियों से शादी कर ली है। युवतियों ने यह भी कहा कि वे बालिग हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। अब करीब एक महीने बाद सोमवार 16 मार्च को दोनों जोड़े नौगांव थाने पहुंचे और यहां थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे की मौजूदगी में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिजन और समाज के लोग भी थाने पहुंचे। युवाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नागपुर में आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है और अब वे पति-पत्नी के रूप में साथ रहना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह विवाह दोनों की सहमति से हुआ है और इस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। विवाह के बाद दोनों युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाने की बात कही और अपने नए नाम भी रख लिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पिछले 7-8 साल से एक-दूसरे को जानते थे और एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने बालिग होने का इंतजार किया और इसके बाद अपनी मर्जी से शादी करने का फैसला लिया। दोनों जोड़ों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। उनका कहना है कि शादी के बाद उन्हें किसी तरह के खतरे की आशंका है, इसलिए प्रशासन उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराए। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि सुरक्षा की आवश्यकता पाई जाती है तो नियमानुसार सुरक्षा दी जाएगी। जब दोनों युवतियां थाने पहुंचीं तो मुस्लिम समाज के कई लोग भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन युवतियों ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है और अब वे अपने पति के साथ ही रहेंगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नौगांव क्षेत्र में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। 

योगी सरकार का बड़ा कदम, एलपीजी कालाबाजारी पर 4,816 छापों के बाद 10 गिरफ्तार

एलपीजी कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार कालाबाजारी पर प्रदेशभर में योगी सरकार की सख्ती, वितरकों पर रखी जा रही नजर सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेशभर में प्रवर्तन तेज, 67 पर अभियोजन, अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई 4,108 वितरकों पर डिलीवरी की निगरानी बढ़ाई गई, वाणिज्यिक सिलेंडरों के 20% आवंटन पर भी सख्ती खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, जिलों में भी बने कंट्रोल रूम, अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय लखनऊ प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं और कालाबाजारी व अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत, 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 67 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।  स्टॉक की नियमित समीक्षा योगी सरकार द्वारा 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। यही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद इसके क्रियान्वयन पर भी सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय अधिकारी फील्ड में सक्रिय खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपभोक्ताओं तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।

CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया उद्घाटन, दी जागरूकता का संदेश

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: CM साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य  संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक  रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की कमी जारी, होटल-रेस्टोरेंट को गैस देने के ऑर्डर का इंतजार, घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सुधरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग अभी भी प्रभावित है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दिए जाने से लगभग 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट सोमवार को गैस के बिना काम करने को मजबूर रहे। भोपाल के भौंरी स्थित ऑयल कंपनी डिपो से कमर्शियल सिलेंडर ट्रकों में लोड किए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचाने के आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस, सेना और रेलवे कैंटीन जैसे आवश्यक सेवाओं को ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, भौंरी स्थित डिपो से कमर्शियल सिलेंडर के ट्रक लोड हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को सिलेंडर देने के आदेश नहीं है। इसलिए सोमवार को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, पुलिस, सेना-रेलवे कैंटिंग को ही सिलेंडर की सप्लाई की गई है। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा रहेगा। पिछले 7 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। प्रदेश के होटल कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बाधित है। इसके कारण भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट का गैस स्टॉक खत्म होने लगा है। मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक महाराष्ट्र में होटल उद्योग को लगभग 70 प्रतिशत गैस सप्लाई देने के निर्देश जारी किए गए हैं और उम्मीद है कि इसी तरह का निर्णय मध्य प्रदेश में भी जल्द लिया जाएगा। गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन चूल्हे और डीजल भट्टियों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यह विकल्प काफी महंगा साबित हो रहा है। इसी वजह से कई स्थानों पर होटल संचालकों ने अस्थायी रूप से मेन्यू में बदलाव करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बावजूद इसके, होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अब तक किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। उधर घरेलू गैस सिलेंडरों की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रदेश में घरेलू सिलेंडर बुकिंग से जुड़ी लगभग 50 प्रतिशत समस्याएं कम हो गई हैं। भोपाल में ही सोमवार को करीब 12 हजार से अधिक बुकिंग दर्ज की गईं। हालांकि कई उपभोक्ता भविष्य की संभावित कमी को देखते हुए अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बाजार में घबराहट की स्थिति बनी हुई है। घरेलू गैस बुकिंग की 50% समस्या हुई कम गैस एजेंसी संचालकों की माने तो प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की 50% समस्या खत्म हो गई है। भोपाल में सोमवार को 12 हजार से अधिक बुकिंग आई। हालांकि, पैनिक स्थिति ज्यादा है। यानी, लोग भविष्य में सिलेंडर न मिलने की समस्या आने पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। इधर, सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजधानी में ही सोमवार को करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए। गैस किल्लत को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन का दौर गैस की किल्लत के चलते पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाई। नाले में पाइप लगाकर उससे निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था- कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें। मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ठेले पर गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली। प्रधानमंत्री के खिलाफ नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए। गैस संकट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए नाले की गैस से चाय बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। मंदसौर सहित अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर के साथ रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम लोगों और कारोबारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

नोरा के ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर यूट्यूब ने लिया एक्शन, हटाया गया अश्लील सॉन्ग

मुंबई ‘सरके चुनर तेरी सरके…’  इंटरनेट पर इन दिनों नोरा फतेही के इस आइटम सॉन्ग ने बवाल मचा रखा है. संजय दत्त की पैन इंडिया फिल्म केडी- द डेविल के गाने ने फिल्मी से लेकर राजनीतिक गलियारों में भूचाल मचा है. तमाम विरोध और आलोचनाओं के बाद मेकर्स ने इसके हिंदी वर्जन को ऑफिशियली यूट्यूब से हटा दिया है।  लेकिन हैरानी इस बात की है कि ये गाना दूसरी भाषाओं में अभी भी यूट्यूब पर देखा जा सकता है. इसका तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम वर्जन बिना किसी बदलाव के यूट्यूब पर देखा जा रहा है. गाने के खिलाफ लिया गया ये आधा-अधूरा एक्शन लोगों की समझ से परे हैं. दूसरी तरफ, गाने के अश्लील और फूहड़ कंटेंट को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस संदर्भ में नोटिस भेजा है।  नोरा के गाने के खिलाफ हुआ एक्शन रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल एक्टिविस्ट और एडवोकेट ने सॉन्ग ‘सरके चुनर’ के खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायच दर्ज कराई थी. उन्होंने गाने से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की थी. शिकायत में आरोप था कि ये गाना सेक्सुअली को प्रमोट करता है. इसके फूहड़ लिरिक्स समाज पर गलत छवि छोड़ती है. गाने को तुरंत सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की अपील की गई थी।  यूट्यब से हटा नोरा का गाना कहा गया कि नोरा के फूहड़ गाने का यूथ पर निगेटिव इंफ्लुएंस पड़ेगा. इस गाने के लिरिसिस्ट रकीब आलम, डायरेक्टर प्रेम, कंपोजर अर्जुन जान्या और सिंगर मंगली पर भी एक्शन लेने की मांग की गई. जिंदल ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास भी शिकायत दर्ज कराई।  मनी कंट्रोल रिपोर्ट के मुताबिक, मूवी के मेकर्स ने यूट्यूब से इस गाने को हटा लिया है. 16 मार्च 2026 तक ये गाना यूट्यूब पर नजर आ रहा था. लेकिन अब ऑफिशियल गाने को सर्च करने पर ‘कंटेंट उपलब्ध नहीं है’ लिखा हुआ आता है. इस पूरे विवाद पर अभी तक फिल्म के मेकर्स, संजय दत्त और नोरा फतेही ने रिएक्ट नहीं किया है. नोरा ने इंस्टा अकाउंट से भी इस गाने के वीडियो को हटा लिया है।  सेलेब्स ने भी किया ट्रोल नोरा के गाने को इंटरनेट पर बुरी तरह बैश किया गया. लोगों का कहना है जितने फूहड़ इसके लिरिक्स हैं, उतने ही वल्गर नोरा के डांस स्टेप्स. हुक स्टेप में वो अपना पल्लू सरका कर डांस कर रही हैं. उनके एक्सप्रेशंस को भी अश्लील और चीप बताया गया. यूजर्स ने नोरा से कहा, अगर कमबैक करना ही था तो अच्छे गाने से करतीं, उन्होंने ऐसे वल्गर गाने को क्यों चुना? संजय दत्त को भी यूजर्स ने नहीं बख्शा. सेलेब्स ने भी इस गाने को क्रिटिसाइज किया है. सिंगर अरमान मलिक का कहना है इस गाने ने सॉन्ग राइटिंग का स्टैंडर्ड ही गिरा दिया है. पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी गाने को ट्रोल किया है।   

‘रोटी-पराठे से तौबा कीजिए…’, कलेक्टर जयति सिंह का ईंधन बचाने के लिए खाने के मेन्यू में बदलाव का सुझाव

बड़वानी मध्य प्रदेश की बड़वानी कलेक्टर ने जिले के लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है. कहा कि यह एक अच्छा मौका है, जब हम अपनी ईंधन जरूरतों की समीक्षा कर सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ज्यादा ईंधन में बनने वाले व्यंजनों की जगह अन्य विकल्प अपनाए जा सकते हैं ताकि कम ईंधन में भी भोजन व्यवस्था चल सके और गैस की बचत हो सके। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से ईंधन की बचत करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी ईंधन की आवश्यकता पर एक बार विचार करें. किस तरह हम अपनी ईंधन खपत को कम कर सकते हैं, इस पर सोचने की जरूरत है। आईएएस अफसर ने सुझाव दिया कि लोग अपने खाने के मेन्यू में भी बदलाव कर सकते हैं. खासकर ऐसे व्यंजन जिनमें ज्यादा ईंधन लगता है, उन्हें कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोटी और पराठे जैसे व्यंजनों की जगह ऐसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं, जिनमें कम ईंधन लगे। कलेक्टर का मानना है कि अगर सभी लोग थोड़ा सहयोग करें तो ईंधन की बचत संभव है. साथ ही इससे गैस की उपलब्धता भी बेहतर तरीके से बनी रह सकती है। IAS जयति सिंह ने कहा, ”मेरा सभी से अनुरोध रहेगा कि यह एक अच्छा मौका है कि आप अपनी ईंधन की आवश्यकता को एक बार देखें. हम अपने मेन्यू में भी परिवर्तन कर सकते हैं. जैसे रोटी और पराठे बनाने में अधिक ईंधन लगता है, उससे शिफ्ट होकर हम अन्य ऐसे विकल्पों पर जा सकते हैं जिनमें कम ईंधन लगे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सीएम योगी देंगे वित्तीय सहायता

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी प्रदान करेंगे श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को वितरित करेंगे एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता लखनऊ कैलाश मानसरोवर तीर्थ के दर्शनार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को एक बड़ी पहल करने जा रही है। 17 मार्च को लोकभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह सहायता प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। यात्रियों के लिए बड़ी राहत सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह यात्रा कठिन एवं खर्चीली होती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक स्थलों के विकास, तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने और श्रद्धालुओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम उसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।  आस्था का सम्मान कैलाश मानसरोवर जैसी कठिन तीर्थ यात्रा को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जो यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जाती है। इसके साथ ही, देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के ट्रांजिट स्टे की सुविधा के लिए गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर ठहराव और सुविधाएं मिल सकें। यह पहल न केवल आस्था का सम्मान है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश को और प्रगतिमान बनाने का प्रयास भी है।

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