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MP में मौसम का नया सिस्टम कल से लागू, आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ तेज गर्मी का मुकाबला

भोपाल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 मार्च से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर करीब आधे मध्यप्रदेश में नजर आएगा। इस सिस्टम के चलते तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मौसम बदलेगा। हालांकि इससे पहले मंगलवार तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी।मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम 17 मार्च की रात से असर दिखाना शुरू करेगा, जो 18 से 20 मार्च के बीच मध्यप्रदेश में व्यापक प्रभाव डालेगा।  फिलहाल प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन इनका खास असर अभी दिखाई नहीं दे रहा है. इसी वजह से कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।  खंडवा रहा सबसे गर्म शहर प्रदेश में सोमवार को सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई. यहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में भी तापमान 37 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।  अगर बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 35.8°C, भोपाल में 35.2°C, इंदौर और उज्जैन में करीब 35°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं ग्वालियर में अधिकतम तापमान 34.1°C रहा।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है. इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा. इसी वजह से 18 मार्च से 20 मार्च के बीच प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आएगा. कई जगहों पर तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।  18 मार्च को इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 18 मार्च को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।  19 मार्च को इन इलाकों में बदलेगा मौसम 19 मार्च को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।  20 मार्च को भोपाल-जबलपुर समेत कई शहरों में असर 20 मार्च को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुई इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया भोपाल: 20.0°C इंदौर: 19.0°C जबलपुर: 19.6°C ग्वालियर: 17.1°C उज्जैन: 15.8°C

मुख्यमंत्री ने 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर पीएम आवास योजना शहरी 2.0 को आगे बढ़ाया

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से जारी की 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त  पिछली सरकारों में पाले गए माफियाओं ने गरीबों का हक छीना,  जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे: मुख्यमंत्री माफिया से मुक्त जमीनों पर हाईराइज आवास बनाने के निर्देश, गरीबों के साथ-साथ शिक्षकों, वकीलों, डॉक्टरों व पत्रकारों के लिए भी आवास योजना जिन्होंने वर्षों शोषण किया, उसकी भरपाई अब ब्याज सहित करने का समय आ गया: सीएम योगी डबल इंजन सरकार 25 करोड़ जनता को परिवार मानकर योजनाओं का लाभ पहुंचा रही: सीएम सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है: योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपये की अनुदान राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जिन्होंने वर्षों तक आम जनता का शोषण किया है, उस शोषण की भरपाई अब ब्याज सहित वापस करने का समय आ गया है। जिन माफियाओं ने गरीबों का हक छीना, जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे। डबल इंजन सरकार की नीति के तहत “25 करोड़ जनता ही परिवार” मानकर बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, और यही उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ छवि से निकालकर देश का ग्रोथ इंजन बना रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है, जहां घर के साथ शौचालय, बिजली, पानी और सभी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित हों।  62 लाख परिवारों को मिला आवास मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास अपना घर हो। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है और उसमें अपना पक्का मकान बनाने की क्षमता है। जैसे अन्य जीव शरण के लिए ठौर-ठिकाना बनाते हैं, उसी तरह घर मनुष्य के जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। इस मूल आवश्यकता को पूरा करने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों में लिया, जिसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को इस योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गरीबों के लिए आवास योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ नहीं मिल पाता था, क्योंकि प्रदेश सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी। जब व्यक्ति स्वार्थ में डूब जाता है तो उसकी संवेदनाएं समाप्त हो जाती हैं और वह केवल अपने परिवार तक सीमित रह जाता है। इसी कारण उस समय की सरकारें भी परिवार और नातेदारों तक सीमित थीं। लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने “25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं” की सोच के साथ काम करते हुए हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना अपनी प्राथमिकता बना लिया। हर गरीब के साथ सरकार की संवेदना मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की संवेदना हर गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान और श्रमिक के साथ है। इसी क्रम में 90,000 से अधिक लाभार्थियों को आवास के लिए ₹1 लाख की पहली किस्त दी जा रही है। इसमें सहारनपुर में 10,214 लाभार्थियों को, प्रतापगढ़ में 7,991, शाहजहांपुर में 4,325, फिरोजाबाद में 4,266, प्रयागराज में 3,331, जालौन में 3,174, सीतापुर में 3,078, गोरखपुर में 3,063, बरेली में 3,017, अलीगढ़ में 2,883, बदायूं में 2,712, महाराजगंज में 2,701, मेरठ में 2,626, अमरोहा में 2,175, हरदोई में 1,895, बुलंदशहर में 1,826, कुशीनगर में 1,562, बहराइच में 1,529, आगरा में 1,473, मऊ में 1,470, बांदा में 1,437, बिजनौर में 1,364, गाजियाबाद में 1,209, देवरिया में 1,138 और गोंडा में 1,121 लाभार्थियों को यह पहली किस्त प्रदान की गई है। कुल ₹900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई है। यह तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, जहां बिना किसी बिचौलिए के पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और सभी के मकान बनने का रास्ता साफ हो रहा है। ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पहले गरीब और वंचित को बिना भेदभाव योजना का लाभ मिले। यही किसी भी कल्याणकारी शासन की पहचान है। इसी दृष्टिकोण के साथ किए गए कार्यों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। डबल इंजन सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गांव, गरीब, किसान, युवा व महिलाओं के लिए समर्पित प्रयासों के चलते यह संभव हुआ है। साथ ही, बासंतीय नवरात्रि और रामनवमी से पहले गरीबों को आवास मिलना उनके लिए विशेष खुशी का विषय है, जिससे उनके सपनों को नए पंख मिले हैं। आवास के साथ समग्र विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि राशन योजना, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों व दिव्यांगजनों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। 25 करोड़ जनता को परिवार मानने की भावना से बिना भेदभाव दलितों, वंचितों, पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इससे न केवल जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि लोगों की ऊर्जा और क्षमता से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। 75% निर्माण पर अगली किस्त मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जनपदों में संवाद के दौरान उन्होंने लाभार्थी परिवारों की खुशी को स्वयं देखा। सहारनपुर, फतेहपुर, महाराजगंज, देवरिया, प्रयागराज और गोरखपुर में महिलाओं ने बताया कि पहली किस्त मिलते ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सीएम ने कहा कि 75 प्रतिशत कार्य पूरा होते ही लाभार्थी तुरंत अगली किस्त की मांग करें और अधिकारियों द्वारा ₹1 लाख की अगली किस्त तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण में तेजी आए। साथ ही, जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री … Read more

उत्तर प्रदेश के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% का अभूतपूर्व उछाल

यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि योगी सरकार की नीतियों का असर, पशुपालन व डेयरी सेक्टर के निर्यात में उल्लेखनीय सुधार 444.10 करोड़ से बढ़कर अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 489.24 करोड़ रुपये पहुंचा निर्यात डेयरी, अंडे और प्राकृतिक शहद समेत उत्पादों की बढ़ती मांग से निर्यात को मिली गति डेयरी प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों की आय में इजाफा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती लखनऊ पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए योगी सरकार के कदमों का असर निर्यात में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश के डेयरी और संबंधित पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में विगत एक से डेढ़ वर्ष में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार “डेयरी उत्पाद, अंडे, प्राकृतिक शहद और खाद्य उत्पाद” श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के दौरान 444.10 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच बढ़कर 489.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार इस श्रेणी में 10.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाती है। निर्यात को मिल रही नई गति यह श्रेणी केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंडे, प्राकृतिक शहद और अन्य खाद्य पशु-आधारित उत्पाद भी शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई गति दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दूध, घी, पनीर, मक्खन, मिल्क पाउडर के साथ-साथ शहद और अंडों की गुणवत्ता में सुधार तथा प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हुई है। बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। योगी सरकार की पहल से मिला बढ़ावा सीएम योगी के निर्देश पर राज्य में पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रहीं हैं। डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स के विस्तार, कोल्ड चेन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण स्तर पर संग्रहण और विपणन तंत्र मजबूत हुआ है। अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत डेयरी और संबद्ध उत्पादों के निर्यात में आई यह वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे बड़ी संख्या में जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर इसी तरह ध्यान दिया जाता रहा, तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में इस श्रेणी के निर्यात में और बड़ी छलांग लगा सकता है।

उज्जैन में विकास की बयार, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे सौगातें

राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन उज्जैन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा। नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा। नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

हरदीप पुरी की बेटी से जुड़ी गलत जानकारी पर दिल्ली HC का आदेश, रोक लगाई

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन से जोड़कर बदनाम करने वाले कंटेंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। अभी ये आदेश वैश्विक स्तर पर जारी नहीं हुए हैं। दरअसल हिमायनी पुरी ने जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले पोस्ट को अपमानजनक बताते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग अपने वाद में हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इसके साथ ही कई संस्थाओं को मानहानिकारक कंटेंट फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है। इस मामले में न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना सुनवाई कर रही हैं। पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी का कहना है कि उन्हें अत्यंत अपमानजनक पोस्टों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ ‘जॉन डो’ आदेश की मांग की है। पुरी की ओर से पेश वकील ने क्या तर्क दिए जेठमलानी का तर्क है कि यह सामग्री एक सुनियोजित हमले का हिस्सा प्रतीत होती है, जो व्यक्तिगत और संभावित राजनीतिक दुर्भावना का संकेत देती है। उनका यह भी कहना है कि पुरी से पूर्व में जुड़ी एक फर्म को एपस्टीन से धन प्राप्त होने के दावे पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं। जेठमलानी का कहना है कि ये आरोप पेशेवर कदाचार और नैतिक पतन के आरोप हैं, जो उनके अनुसार हिमायनी पुरी के खिलाफ मानहानिकारक हमले का मूल आधार हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही झूठी सामग्री याचिका के अनुसार, 22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर झूठे, भ्रामक एवं मानहानिकारक पोस्ट, आर्टिकल, वीडियो और डिजिटल कंटेंट फैलाए जा रहे हैं। इनमें एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन तथा अन्य डिजिटल न्यूज पोर्टल भी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री की बेटी होने की वजह से बनाया जा रहा निशाना हिमायनी पुरी ने कहा कि वह फाइनेंस और इनवेस्टमेंट सेक्टर में काम करती हैं। उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादियों ने यह निराधार आरोप लगाए कि उनका एपस्टीन के साथ डायरेक्ट-इडायरेक्ट बिजनेस, फाइनेंस या निजी संबंध था। याचिका के अनुसार, इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया गया है। चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन Jeffrey Epstein एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जो बाद में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों के कारण दुनिया भर में कुख्यात हो गया। वह अमीर और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अपने नेटवर्क के लिए भी चर्चा में रहा। 2008 में उसे नाबालिग से जुड़े अपराध में सजा मिली थी, लेकिन 2019 में दोबारा गिरफ्तार किया गया। उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। एपस्टीन केस ने वैश्विक स्तर पर सत्ता, पैसे और यौन अपराधों के संबंध पर बहस छेड़ दी।

पाकिस्तान ने काबुल में आतंकी ठिकाने को निशाना बनाकर 400 लोगों की जान ले ली, मरीज भी थे शामिल

काबुल अफ़गानिस्तान के उप-सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार सुबह बताया कि अफ़गान राजधानी काबुल में नशा करने वालों का इलाज करने वाले एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 400 हो गई है।  सोशल मीडिया पोस्ट में हमदुल्ला फितरत ने कहा कि सोमवार देर रात हुए इस हमले में अस्पताल का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. उन्होंने बताया कि अब तक 400 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 250 अन्य के घायल होने की खबर है।  फितरत ने आगे कहा कि बचाव दल इमारत में लगी आग पर काबू पाने और मलबे से शवों को निकालने का काम कर रहे हैं।  पाकिस्तान क्या बोला? पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावे को झूठा और जनता की राय को गुमराह करने के मकसद से किया गया बताकर खारिज कर दिया. पाकिस्तान ने कहा कि उसने सोमवार को काबुल और नंगरहार प्रांत में केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।  अफ़गानिस्तान की तालिबान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत के मुताबिक, काबुल के उमर एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर हमला स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 9 बजे (16:30 GMT) हुआ. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह हॉस्पिटल 2,000 बेड की सुविधा वाला है और इस हमले में इमारत का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।  ‘हम फिर से उठ खड़े होंगे…’ अफगानिस्तानी क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की ताज़ा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है. आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है. इंसानी जानों के प्रति इस तरह की शदीद गफलत, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है. इससे केवल फूट और नफ़रत ही बढ़ेगी।  उन्होंने आगे कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अन्य एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस ताज़ा जुल्म जांच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएं. इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफ़ग़ान लोगों के साथ खड़ा हूं. हम इस सदमे से उबरेंगे और एक राष्ट्र के रूप में हम फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं।  ‘जेट ने बम गिराए…’ स्थानीय टेलीविज़न चैनलों ने ऐसे फुटेज दिखाए, जिनमें दमकलकर्मी एक इमारत के मलबे के बीच उठ रही लपटों को बुझाने के लिए संघर्ष करते नज़र आ रहे थे।  हॉस्पिटल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करने वाले 31 साल के ओमिद स्तानिकज़ई ने AFP समाचार एजेंसी को बताया कि हमले से पहले उन्होंने आसमान में लड़ाकू विमानों को गश्त करते हुए सुना था. हमारे चारों ओर सैन्य टुकड़ियां थीं. जब इन सैन्य टुकड़ियों ने जेट पर गोलीबारी की, तो जेट ने बम गिराए और आग लग गई. सभी मृतक और घायल नागरिक थे।  पाकिस्तान के द्वारा यह हमला अफ़ग़ान अधिकारियों के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच उनकी साझा सीमा पर गोलीबारी हुई थी और अफ़ग़ानिस्तान में चार लोग मारे गए थे. यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब इन पड़ोसी देशों के बीच पिछले कई वर्षों की सबसे भीषण लड़ाई तीसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गई है।  ‘इंसानियत के खिलाफ जुर्म…’ अफ़ग़ान सरकार के एक और प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने इससे पहले सोशल मीडिया पर अस्पताल पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान सरकार इस तरह के कृत्य को सभी सिद्धांतों के खिलाफ और इंसानियत के खिलाफ जुर्म मानती है।  ‘आतंकवादियों को मदद देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर…’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के प्रवक्ता मुशर्रफ़ ज़ैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया।  सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में सैन्य ठिकानों और आतंकवादियों को मदद देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को सटीक रूप से निशाना बनाया गया, जिसमें अफ़ग़ान तालिबान के तकनीकी उपकरणों और गोला-बारूद के गोदाम शामिल हैं. इसके साथ ही काबुल और नंगरहार में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान-स्थित पाकिस्तानी लड़ाकों को भी निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने आगे कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल बेकसूर पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था। 

बीसी सखियों ने किया रिकॉर्ड, 45 हजार करोड़ का वित्तीय लेनदेन और 120 करोड़ का कमीशन

बीसी सखियों ने बनाया रिकॉर्ड, 45 हजार करोड़ का किया वित्तीय लेनदेन, कमीशन में मिले 120 करोड़ योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण बैंकिंग लेनदेन में पहली बार आई इतनी रफ्तार 50 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय लेनदेन की ओर अग्रसर प्रदेश की बीसी सखियां आजीविका मिशन के जरिए एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया लेनदेन में प्रयागराज पहले स्थान पर, बरेली दूसरे और शाहजहांपुर तीसरे नंबर पर लखनऊ योगी सरकार में प्रदेश के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मुहिम ने बड़ा असर दिखाया है। बीसी सखी योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रहीं हैं और 40 हजार से ज्यादा महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहीं हैं। प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण बैंकिंग को इतनी रफ्तार मिली है। बीसी सखियां गांवों में बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए खातों में पैसे जमा-निकासी, आधार आधारित लेनदेन और सरकारी योजनाओं का भुगतान जैसी सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहीं हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की परेशानी कम हुई है और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का रास्ता भी खुला है। प्रदेश की बीसी सखियां अब तेजी से वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा दे रहीं हैं। यह आंकड़ा जल्द ही 50 हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंचने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण महिलाएं अब तक लगभग 45 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन कर चुकीं हैं। इसके अंतर्गत उन्हें लगभग 120 करोड़ का कमीशन मिला है। कई बीसी सखियां हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक कमीशन भी अर्जित कर रहीं हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। उद्यमिता और बैंकिंग के जरिए अलग पहचान बना रहीं महिलाएं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आजीविका मिशन के माध्यम से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उद्यमिता, बैंकिंग और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहीं हैं। 50 हजार से अधिक बीसी सखियों को प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 40 हजार महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहीं हैं। बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन में प्रयागराज अव्वल बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन के मामले में प्रयागराज जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां 1030 बीसी सखियां सक्रिय हैं। इसके बाद बरेली में 890 और शाहजहांपुर में 813 बीसी सखियां कार्य कर रहीं हैं। योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी बीसी सखी मॉडल ने गांवों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश के और अधिक गांवों में आर्थिक बदलाव की रफ्तार तेज होगी।

सीएम योगी का दिलचस्प संवाद, पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से जुड़े सहज तरीके से

सीएम योगी का सहज अंदाज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से किया सीधा संवाद “फोन चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा” विभिन्न जिलों की महिलाओं से सीधे बातचीत कर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली सीएम योगी ने लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों को पहली किस्त अंतरित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जनपदों की लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद भी किया। यह संवाद सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं रहा, बल्कि इसमें सहज शैली के साथ किए गए सरल प्रश्नों के जरिए सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। फतेहपुर की माया देवी से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पूछा, “आज आपके खाते में पहली किस्त आ गई है, आपने फोन देखा?” जब माया देवी ने कहा कि अभी नहीं देखा, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “एक बार चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा।” इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना दिया। फतेहपुर की माया देवी ने बताया कि उन्हें राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है और पति मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सलाह देते हुए कहा कि अब आवास, बिजली और पानी की सुविधा भी उन्हें मिलेगी। गोरखपुर की मेनका देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पहले कच्चे मकान में रहना पड़ता था, लेकिन अब आवास मिलने से बड़ी राहत मिली है। उन्हें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्हें नए घर के लिए बधाई दी। प्रयागराज की अर्चना ने बताया कि उन्हें बिजली, गैस और आयुष्मान कार्ड के साथ अब आवास का लाभ भी मिला है। पति मजदूरी करते हैं और वह स्वयं काम कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की सलाह देते हुए कहा कि सभी जन प्रतिनिधि इसमें आपका सहयोग करेंगे। सहारनपुर की सुनीता ने आवास मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह जल्द ही अपना घर बनाएंगी। परिवार में पति बिजली का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि घर बनने के बाद सभी को गृह प्रवेश पर आमंत्रित करें और योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। महराजगंज की गुंजा देवी ने बताया कि उन्हें पहली बार आवास का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी और बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में आवास के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेहतर मकान बन सके। देवरिया की सरोज देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का भी लाभ मिला है। उन्होंने अपने परिवार में बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना महत्वपूर्ण है और सरकार हर संभव सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन योजना और पेंशन योजनाओं के माध्यम से सरकार हर गरीब तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण समय से पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उसका जीवन स्तर सुधरे और वह आत्मनिर्भर बन सके। सीएम से आवास स्वीकृति पत्र पाकर झलकी खुशी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला और जैसे-जैसे लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सबसे पहले लखनऊ की सीमा को मुख्यमंत्री ने घर का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इसके बाद लखनऊ की रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव व अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा व संजीवनी सिंह, बाराबंकी की शबाना रिजवी, सरिता देवी व पिंकी वर्मा को भी मंच पर बुलाकर आवास स्वीकृति पत्र दिए गए। उन्नाव की मोनिका गौतम व अर्चना देवी को भी इस योजना का लाभ मिला। हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी व रेनू मिश्रा और रायबरेली की चांदनी भट्ट, रेनू व सुनील कुमार को भी मुख्यमंत्री ने आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान जब लाभार्थी मंच पर पहुंचे तो उनके चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों के साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक दुलारा।

अटल टनल की ओर जाने वाले रास्ते बर्फबारी के चलते बंद, IMD ने जारी किया मौसम अलर्ट

 मनाली      हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने नेहरू कुंड से साउथ पोर्टल तक अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है. दरअसल, प्रसिद्ध पर्यटन जगह मनाली के पास अटल टनल क्षेत्र में रविवार को अचानक हुई भारी बर्फबारी ने हजारों पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. करीब 1000 से ज्यादा वाहनों में लगभग 5000 पर्यटक सड़क पर फंस गए थे. लेकिन प्रशासन, पुलिस और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और सोमवार देर शाम तक सभी लोगों को सुरक्षित मनाली पहुंचा दिया। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि भारी बर्फबारी से सड़कों पर बर्फ जम गई. जिससे फिसलन वाले रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया था. कई पर्यटकों को अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल या मदद से सुरक्षित जगह पहुंचना पड़ा. वहीं, कुछ टैक्सी ड्राइवर अभी भी अपने वाहनों के साथ टनल के आस-पास हैं, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं. सड़क ठीक होने पर उन्हें मनाली भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अटल टनल के साउथ पोर्टल के पास भारी बर्फ जमा हो गई है. इसलिए यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे के लिए बैरियर लगाए गए हैं. पुलिस की निगरानी में केवल आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस, पुलिस गाड़ियां, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों को 4×4 वाहनों से ही जाने की अनुमति है। मार्च में बर्फ से ढकी वादियां, स्नोफॉल का अद्भुत नजारा उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि बीआरओ की टीमें लगातार भारी मशीनरी से बर्फ हटा रही हैं. सड़क को जल्द से जल्द साफ करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी जोखिम ज्यादा है, इसलिए ट्रैफिक बंद रखना जरूरी है. इस बीच, मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बर्फबारी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक अटल टनल, सोलंग वैली की ओर जाने से बचें।

डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री

ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रूल ऑफ लॉ और सुशासन से बदली यूपी की तस्वीर, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी: मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टाइमलाइन, मॉनिटरिंग और जवाबदेही जरूरी: मुख्यमंत्री  जापान का सिविक सेंस और तकनीकी अनुशासन अनुकरणीय, यूपी में निवेश को लेकर वैश्विक रुचि: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवाद लखनऊ  राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय,रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रेटजिक स्टडी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार बने हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और आज देश में सर्वाधिक हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे स्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित करते हुए अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित है, जो एक एंकर यूनिट के रूप में अनेक छोटे उद्यमों को अवसर प्रदान करेगी। कानपुर नोड में भी बड़े निवेश आए हैं, जबकि हरदोई में ‘बेब्ले स्कॉट’ उत्पादन इकाई है। उन्होंने अधिकारियों को डिफेंस कॉरिडोर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूर्ण होने की अवस्था में है। कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के हर मंडल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 80 हजार उचित दर की दुकानों पर पारदर्शी तरीके से राशन वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की पेंशन सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और हाल ही में 90 हजार नए लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।  संवाद के दौरान अधिकारियों ने यह प्रश्न किया कि भारत में अनेक अच्छी नीतियां बनती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन अक्सर नहीं हो पाता। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और जवाबदेही तय करने से ही परिणाम प्राप्त होते हैं। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से उनकी सिंगापुर और जापान यात्राओं के अनुभव के बारे में भी प्रश्न किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान का सिविक सेंस, स्वच्छता और अनुशासन अत्यंत अनुकरणीय है। वहां ग्रीन एनर्जी, ट्रांसपोर्ट मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि वहां के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की है और जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के कमांडेंट एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें ब्रिगेडियर समीर मेहरोत्रा, श्री परिमल सिन्हा, ब्रिगेडियर विपुल सिंह राजपूत, कमोडोर J.M.B.S.B. जयवीरा (श्रीलंका नौसेना), ब्रिगेडियर भारत भूषण, कर्नल जावख्लानबयार डोंडोगदोरज (मंगोलिया), कमोडोर शरद सिन्सुनवाल, कर्नल इब्राहिम नईम (मालदीव नौसेना), ब्रिगेडियर सूर्यवीर सिंह राजवी, ब्रिगेडियर सुमीत अबरोल, श्री संजय जोसेफ, ब्रिगेडियर मुरली मोहन विरुपसमुद्रम लक्ष्मिसा, कर्नल होवहानेस खानवेल्यान (आर्मेनियन एयर फोर्स), एयर कमोडोर मंटिना सुब्बा राजू, एयर कमोडोर फेलिक्स पैट्रिक पिंटो तथा कर्नल ई.बी. गुस्तावो मोरेइरो मैथियास (ब्राजील) शामिल थे।

‘पाकिस्तान से डिप्लोमेसी का समय अब समाप्त’, काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगान सरकार ने बदले की कसम खाई

काबुल पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच पिछले 10 दिनों से भीषण युद्ध जारी है . कल रात 9 बजे पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत काबुल में अब तक की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक की, जिसमें एक अस्पताल को भी निशाना बनाया गया. अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 400 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 250 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इस हमले का फुटेज जारी करते हुए इसे सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने टोलो न्यूज़ से कहा कि अब पाकिस्तान के साथ बातचीत या कूटनीति का समय खत्म हो गया है, अफगानिस्तान इसका बदला लेगा. डूरंड लाइन पर दोनों देशों की सेनाएं लगातार आमने-सामने हैं और तनाव चरम पर है। निशाने पर इस्लामाबाद जंग की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई तेज थी. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर काबुल पर हमला हुआ, तो निशाना इस्लामाबाद होगा. जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, क्वेटा और रावलपिंडी में पाक आर्मी के ठिकानों पर हमले का दावा किया था. तालिबान ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण ‘नूर खान एयरबेस’ को निशाना बनाया है। पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में किए गए इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने हाल ही में बयान दिया था कि अफगान-तालिबान ने पाकिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाकर ‘रेड लाइन’ क्रॉस की है. इसी बयान के बाद कल रात काबुल पर भारी बमबारी की गई. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले उन सैन्य प्रतिष्ठानों पर थे, जो पाकिस्तान में हमलों को प्रायोजित कर रहे थे। डूरंड लाइन पर भीषण झड़पें दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. डूरंड लाइन पर दोनों तरफ की सेनाएं लगातार एक-दूसरे पर भारी गोलाबारी कर रही हैं. पाकिस्तान द्वारा काबुल के अस्पताल पर किए गए हमले और उसके फुटेज जारी करने के बाद अफगानिस्तान में भारी आक्रोश है. तालिबान ने कहा है कि वे इस सैन्य हमले का करारा जवाब देंगे, जिससे पूरे इलाके में बड़ी जंग का खतरा मंडराने लगा है। ।.

सेंसेक्स की तेजी, गिरावट के बाद एक घंटे में 76,000 का आंकड़ा पार, शेयर बाजार बना रॉकेट

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के ‘हीरो’ Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

भारत लौटा’नंदा देवी जहाज, होर्मुज से 47 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया

वडीनार होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से शिवालिक के बाद, एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’ भारत आ चुका है. ‘नंदा देवी’ होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करते हुए वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है. यह जहाज अपने साथ 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंच चुका है. मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यह दूसरा जहाज़ है। एक दिन पहले, दूसरा LPG टैंकर ‘शिवालिक’ गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा LPG लेकर पहुंचा था. इसमें इतनी LPG थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी। अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज़ भारत की कुल LPG आयात की ज़रूरत का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है। मंत्रालय ने क्या बताया था? शनिवार को जहाज़रानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी के क्रमशः 16 मार्च और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है. सिन्हा ने कहा था, “फ़ारसी खाड़ी इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. फ़ारसी खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ मौजूद थे. इनमें से दो जहाज़- शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से गुज़र गए और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। नंदा देवी के गुजरात बंदरगाह पर पहुंचने के बाद 24 हजार मीट्रिक टन LPG तमिलनाडु भेजी जाएगी. LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद दो जहाज़ों के आने से भारत की LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद है, जिससे कमी के व्यापक डर को दूर किया जा सकेगा. फ़िलहाल, कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि छोटे कारोबारी (होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे दुकानें चलाने वाले) इस बात से चिंतित हैं कि इस कमी की वजह से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने कहा, “कच्चे तेल और रिफाइनरियों के संबंध में, हमारे पास कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर स्टॉक की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करते हैं; इसलिए, हमें आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे प्राकृतिक गैस के संबंध में, मैंने कल आपका ध्यान सरकार के उद्देश्य की ओर दिलाया था, जहां भी वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति में कठिनाइयों या व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें पीएनजी कनेक्शन में परिवर्तित किया जाना चाहिए।” इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए, GAIL (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने विभिन्न सीजीडी ऑपरेटरों के साथ एक बैठक आयोजित की और उन्हें सलाह दी कि वे जहां भी संभव हो, सभी पात्र वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी लाएं… कांडला बंदरगाह में 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम तनाव के माहौल में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर भारत आने वाला पहला जहाज लाइबेरिया का था, जो सीधे मुंबई पहुंचा था। लेकिन, उसके बाद कांडला बंदरगाह में 72 घंटों के अंदर 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम किया गया है। 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा ‘नंदा देवी’ उधर जानकारी के अनुसार ‘नंदा देवी’46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। भारत के कई इलाकों में इस समय जिस तरह से एलपीजी की किल्लत बताई जा रही है, ऐसे मौके पर देश के लिए ईरान से बात करके इस तरह से होर्मुज के रास्ते एलपीजी टैंकर ले आना बहुत बड़ी उपलब्धि है। ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अबतक भारत पहुंचे जहाज     ईरान युद्ध के बाद भारत पहुंचने वाला सबसे पहला तेल टैंकर लाइबेरिया का शेनलॉन्ग।     यह मुंबई बंदरगाह पहुंचा, लेकिन इसने होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए ‘डार्क ट्रांजिट’ का इस्तेमाल किया।     ईरान से जब भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई तो सबसे पहले जिस एलपीजी टैंकर को गुजरने की इजाजत मिली, वह ‘शिवालिक’ है।     सूत्रों के अनुसार ‘शिवालिक’ भी अभी अंतरराष्ट्रीय जल में है और इंडियन नेवी इसे एस्कॉर्ट करके भारत ला रही है। 

राज्यसभा चुनाव परिणाम: NDA-22, कांग्रेस-6, जानिए किसे मिला लाभ और किसे हुआ नुकसान

 नई दिल्ली बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के आगे विपक्षी की सारी कोशिश बेकार साबित हुईं. बीजेपी ने ऐसी रणनीति बनाई कि बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ हाथ मिलान भी काम नहीं आ सका तो ओडिशा में कांग्रेस और बीजेडी की जोड़ी भी कोई कमाल नहीं कर सकी। तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें जीत सकती है. राज्यसभा के ये नतीजे सोमवार को हुए चुनाव के है, लेकिन फाइनल आंकड़ा अलग है। देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं. इस तरह से 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं। 37 राज्यसभा सीटों का फाइनल नतीजा अप्रैल-2026 में खाली होने वाली 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो गए हैं और अब फाइनल नतीजे भी आ गए. 37 राज्यसभा सीटों में 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्यों का चुन लिया गया था, जिसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी. अब सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए, जिसमें एनडीए 9 और विपक्ष दो सीटें जीती है. इस तरह से चुनाव का फाइनल स्कोर देखें तो एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं। राज्यसभा चुनाव में एनडीए को मिली 22 सीटों में देखें तो 13 सीटें बीजेपी ने जीती हैं जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. जेडीयू ने 2, शिंद की शिवसेना एक, अजित पवार की एनसीपी एक, पीएमके एक, AIADMK एक, यूपीपीएल एक, आरएलएसएम एक और एक सीट पर बीजेपी के समर्पित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है। वहीं, विपक्ष को मिली 15 राज्यशभा सीटों के पार्टी के लिहाज से देखें तो कांग्रेस को 6 सीटें टीएमसी को 4 सीटें, डीएमके को 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है। राज्यसभा में किसे नफा और किसे नुकसान राज्यसभा चुनाव पहले और नतीजे आने के बाद देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ और विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े देखें तो बीजेपी के पास 9 सीटें थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई हैं. जेडीयू ने अपनी दोनो सीटों को बरकरार रखा है.  इसके अलावा AIADMK, ने अपनी एक सीट, पीएमके ने भी अपनी एक सीट तो आरएलएसएम ने अपनी-अपनी एक-एक सीट को बचाए रखा है। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में थी, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास थी, जो बढ़कर अब 6 हो गई हैं. इस तरह कांग्रेस को दो सीटों का फायदा मिला है. टीएमसी ने अपनी 4 सीटें बरकार रखी हैं. डीएमके 4 सीटों से घटकर 3 पर रह गई है। आरजेडी के पास 2 सीटें थी, जो अब घटकर जीरो हो गई है. एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास थी, लेकिन उन्हें एक सीट भी नहीं मिली. इसके चार सीटें अन्य दलों के पास थी, जिसमें दो सीटें बीजेडी के पास थी, जिसमें से एक सीट ही उसे मिल सकी. बीआरएस ने अपनी एकलौती सीट भी गंवा दी। राज्यवार राज्यसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे? महाराष्ट्र से 7 राज्यसभा सीटों में बीजेपी को चार, एनसीपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली है. इसके अलावा एक सीट पर विपक्ष से शरद पवार चुने गए हैं.  बीजेपी को दो सीट का फायदा तो कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी को एक सीट का घाटा हुआ. अजित पवार और शिंदे को एक-एक सीट का लाभ मिला। तमिलनाडु की  छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव में डीएमके को एक सीट का नुकसान तो कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला है. AIADMK और पीएमके अपनी एक-एक सीट बचाने में कामयाब रहीं. पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में टीएमसी अपनी चार सीटें बचाए रखा तो बीजेपी को एक सीट का लाभ और लेफ्ट को नुकसान हुआ। बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में जेडीयू ने अपनी दोनों सीटें बचाए रखा तो आरजेडी को 2 सीट का नुकसान. बीजेपी को दो सीट का लाभ हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा अपनी सीट बचा लिया है.  ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचाए रख लिया तो बीजेडी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  इसके अलावा एक सीट बीजेपी ने अपने समर्थन से निर्दलीय को जिता लिया. असम की तीन राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचा ली है तो असम गढ़ परिषद के पास एक सीट का नुकसान हुआ। छत्तीसगढ़ में बीजेपी को एक सीट का फायदा तो कांग्रेस को एक सीट का नुकसान हुआ. तेलंगाना की दोनों सीटें कांग्रेस जीत ली है, उसे एक सीट का लाभ मिला है तो बीआरएस को एक सीट का नुकसान. हरियाणा की दो सीटों में बीजेपी और कांग्रेस एक-एक सीट जीती हैं, लेकि बीजेपी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  हिमाचल में कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला तो बीजेपी को नुकसान। 

राम मंदिर के द्वितीय तल पर होगी राम यंत्र की स्थापना, सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित

एक और ऐतिहासिक उत्सव की साक्षी बनेगी रामनगरी अयोध्या 19 मार्च को राम मंदिर में राष्ट्रपति करेंगी राम यंत्र की स्थापना राम मंदिर के द्वितीय तल पर होगी राम यंत्र की स्थापना, सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित लगभग सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित योगी आदित्यनाथ सरकार ने तैयार की भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा दो वर्ष पहले अयोध्या पहुंचा था राम यंत्र अयोध्या  योगी सरकार के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। राम जन्मभूमि मंदिर में 19 मार्च को राम यंत्र की विधिवत स्थापना होने जा रही है, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी वर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर आयोजित हो रहा है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन को अत्यंत भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि राम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है। वर्तमान में इस यंत्र की राजा राम के समक्ष नियमित पूजा-अर्चना चल रही है। 19 मार्च तक यह यंत्र राम मंदिर के दूसरे तल पर पहुंच जाएगा। नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्य शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 7000 लोग इस ऐतिहासिक समारोह में मौजूद रहेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऐसे संभ्रात लोग भी मौजूद रहेंगे, जिन्होंने निर्माण कार्यों में महती भूमिका निभाई है। सुबह 11 बजे के बाद पहुंचेगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में प्रवेश कर राम यंत्र की पूजा-अर्चना करेंगी। अभिजित मुहूर्त में ठीक 11:55 बजे यंत्र की स्थापना का मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस पवित्र कार्य में भाग लेंगी। पूजन के बाद राष्ट्रपति प्रसाद ग्रहण करेंगी और भोजन के पश्चात वापस रवाना होंगी।  माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से पहुंचेंगी अयोध्या कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लगभग 300 संत व विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। केरल की पूज्य माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से अयोध्या पहुंचेंगी। मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संभ्रांत व्यक्तियों को भी विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इनमें एलएंडटी, टाटा कंपनी के प्रतिनिधि, गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई का परिवार और परिसर के विकास में भूमिका निभाने वाले अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, पत्थर-लकड़ी-संगमरमर की नक्काशी करने वाले, स्तंभों पर मूर्तियां उकेरने वाले, भगवान की प्रतिमा बनाने वाले और वस्त्र तैयार करने वाली फर्मों के लगभग 1800 कार्यकर्ता भी आमंत्रित हैं।  सिर्फ आमंत्रित सिख ही ला सकेंगे कृपाण आयोजन को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी अतिथियों को विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिन पर क्यूआर कोड अंकित होगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, हथियार या कोई सुरक्षाकर्मी साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल सिख धर्म के अनुयायी ही कृपाण लेकर प्रवेश कर सकेंगे। चूंकि यह चैत्र नवरात्र का पहला दिन है, इसलिए अतिथियों के लिए फलाहारी भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेंगे, हालांकि कुछ समय के लिए समय-सारिणी में बदलाव संभव है। मंदिर की सजावट व व्यवस्था पर दिया जा रहा विशेष ध्यान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले हजारों कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने का भी अवसर प्रदान करेगा। अयोध्या में यह आयोजन पूरे देश के लिए आस्था और गौरव का क्षण साबित होगा।

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