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राष्ट्रपति मुर्मू के चश्मे को चोर बंदरों से बचाने के लिए वृंदावन में लंगूरों के कटआउट लगाए जाएंगे

 मथुरा उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में बंदरों की शरारतें लंबे समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन के सामने इन ‘चश्मा चोर’ बंदरों से निपटना बड़ी चुनौती बन गया है। झपट्टा मारकर चश्मा छीन लेते हैं बंदर वृंदावन के बाजारों और मंदिरों के आसपास सक्रिय बंदर खासतौर पर चश्मा पहनने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं. वे झपट्टा मारकर चश्मा छीन लेते हैं और फिर उसे लौटाने के बदले खाने-पीने की चीजें, खासकर फ्रूटी जैसे पैकेट की मांग करते हैं. यह अनोखी सी डील यहां आम बात बन चुका है। बंदरों की हरकतों पर कंट्रोल जरूरी राष्ट्रपति के 19 मार्च से शुरू हो रहे तीन दिवसीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की असुविधा से बचना चाहती हैं. कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति वृंदावन के प्रमुख स्थलों- उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवा चैरिटेबल अस्पताल का दौरा करेंगी और 21 मार्च को गोवर्धन की परिक्रमा भी प्रस्तावित है. ऐसे में बंदरों की हरकतों पर नियंत्रण जरूरी हो गया है। सुरक्षा में लंगूरों को लाना संभव नहीं, तो… पहले ऐसे मौकों पर बंदरों को भगाने के लिए प्रशिक्षित लंगूरों को तैनात किया जाता था, लेकिन अब वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत ऐसा करना संभव नहीं है. इसी वजह से इस बार प्रशासन ने एक नया तरीका अपनाया है- लंगूरों के कटआउट. माना जाता है कि बंदर लंगूरों से डरते हैं, इसलिए उनके जैसे दिखने वाले कटआउट लगाकर उन्हें दूर रखने की कोशिश की जा रही है। गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट इसके अलावा वन विभाग की करीब 30 सदस्यीय टीम को भी तैनात किया गया है. ये कर्मचारी गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट जैसे साधनों के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी करेंगे. बंदरों की अधिक मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. प्रशासन को उम्मीद है कि इन उपायों से राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनेगी।  

36 महीने में तैयार होगा न्यू एमवाय अस्पताल, इंदौर में होंगे 34 ऑपरेशन थिएटर और 320 ICU बेड्स

इंदौर  मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल इंदौर में बनने जा रहा है। यह हॉस्पिटल वर्तमान एमवाय हॉस्पिटल से भी बड़ा होगा। इससे बनाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर में बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल का नाम न्यू एमवाय हॉस्पिटल रखा जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1610 बेड वाले अत्याधुनिक टीचिंग हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। इस हॉस्पिटल को तैयार करने के लिए प्रशासनिक रूप से 773.07 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर में बनने वाले नए एमवाय हॉस्पिटल को तैयार करने में अनुमानित लागत लगभग 586.65 करोड़ रुपए आएगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि एमवाय हॉस्पिटल हमारे मालवा निमाड़ की संजीवनी बूटी है। अब हम नया हॉस्पिटल 1610 बेड का बनाने जा रहे हैं। नए हॉस्पिटल बनाने का काम अब शुरू होने वाला है। दो से चार दिन में ही इसका काम शुरू हो जाएगा। तीन साल में अस्पताल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसा होगा नए अस्पताल का सेट अप मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी. नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे. इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड. रुपए व्यय किए जाएंगे. इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपए लागत आएगी. 81.5 एकड़ में बनकर तैयार होगा हॉस्पिटल 3D विजुअलाइजेशन में अस्पताल देखने में बिल्कुल आधुनिक लग रहा है। सोलर पैनल, हरे-भरे गार्डन, फाउंटेन, वाइड प्लाजा, एंबुलेंस एंट्री और भव्य प्रवेश द्वार। MPBDC के जरिए यह ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट 81.5 एकड़ में बन रहा है। डीडीएफ कंसल्टेंट्स आर्किटेक्ट हैं और आयरन ट्रायंगल लिमिटेड ने इसको बनाने का ठेका लिया है। इस हॉस्पिटल को पूरा करने के लिए सरकार ने 36 महीने की समय सीमा तय की है। न्यू एमवाय के पास में मौजूद कई पुरानी इमारतें (ओल्ड क्वार्टर्स, कुछ ब्लॉक) तोड़े जाएंगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, चाचा नेहरू हॉस्पिटल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, कैंसर हॉस्पिटल बरकरार रहेंगे इनका सिर्फ रिनावेशन कार्य किया जाएगा। प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होगा न्यू एमवाय एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन का यह प्लान है कि नया एमवाय हॉस्पिटल बनाया जाए। क्योंकि वर्तमान एमवाय में चौदह सौ पचास बेड है, जो की हमेशा ओवरलोडेड रहते हैं। पेशेंट की संख्या ज्यादा होने की वजह से लोड ज्यादा होने की वजह से एक नए अस्पताल की आवश्यकता है। जिसके तहत एक नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश में सबसे ज्यादा बिस्तरों की संख्या के साथ आज भी मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा अस्पताल है। अब यह नया एमवाय बन जाएगा तो हमारी क्षमता ओर अधिक हो जाएगी, जिससे हम दिल्ली और मुंबई के बराबर में खड़े हो जाएंगे।

यूपी में अंडों पर एक्सपायरी डेट लिखने का आदेश, नई दिशा-निर्देश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब 1 अप्रैल से राज्य में हर अंडे पर उत्पादन तिथि (लेड डेट) और एक्सपायरी डेट की मुहर लगाना जरूरी हो जाएगा. इसका मतलब है कि अब दुकानदार “ताजा अंडा” कहकर पुराने या खराब अंडे नहीं बेच सकेंगे. ग्राहक खुद डेट देखकर समझ सकते हैं कि अंडा कितना पुराना है और कब तक सुरक्षित है। यह नियम पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर लागू किया जा रहा है. मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अंडे सीधे इंसान के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं. पहले कई जगहों पर पुराने अंडे बेचे जाते थे और ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं होती थी. अब यह नियम लागू होने से पारदर्शिता आएगी और लोगों को सुरक्षित अंडे मिलेंगे। अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं? सामान्य तापमान (लगभग 30 डिग्री सेल्सियस) पर अंडे सिर्फ 2 हफ्ते तक अच्छे रहते हैं. अगर इन्हें ठंडे स्थान पर (2 से 8 डिग्री सेल्सियस) रखा जाए, तो 5 हफ्ते तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. लेकिन कई दुकानदार और व्यापारी ठंडे स्टोरेज का सही इस्तेमाल नहीं करते थे. अब मुहर से ग्राहक आसानी से चेक कर सकेंगे। नियम तोड़ने पर क्या होगा? अगर कोई व्यापारी या दुकानदार नियम नहीं मानता, तो उसके अंडे जब्त कर लिए जाएंगे. या तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा या उन पर साफ लिख दिया जाएगा कि यह मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं है. विभाग सख्ती से जांच करेगा और कार्रवाई करेगा। कोल्ड स्टोरेज की स्थिति यूपी जैसे बड़े राज्य में अभी सिर्फ दो मुख्य कोल्ड स्टोरेज हैं. एक आगरा में और एक झांसी में. खाद्य सुरक्षा के नियमों के अनुसार, अंडों को सब्जियों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि दोनों की तापमान जरूरत अलग होती है. व्यवस्था अभी सीमित है, लेकिन सरकार का कहना है कि बहाने अब नहीं चलेंगे. सभी को नियम मानने होंगे। उपभोक्ताओं के लिए फायदा पहले ग्राहक को अंदाजा लगाना पड़ता था कि अंडा कितना पुराना है. कई बार पुराने अंडे खाने से सेहत को नुकसान होता था. अब अंडा खुद अपनी “जन्म तिथि” और “एक्सपायरी” बताएगा. इससे लोग बेहतर चुनाव कर सकेंगे और सुरक्षित खाना खा सकेंगे. पशुपालन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यह फैसला सिर्फ एक आदेश नहीं है, बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा की मजबूत कड़ी है। जल्द ही इस नियम का पूरे राज्य में सख्ती से पालन कराया जाएगा. दुकानदारों और उत्पादकों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है. यह कदम उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

बीजेपी को मिली 13 सीटों की बढ़त, राज्यसभा में बहुमत के लक्ष्य के करीब, जानें अगला कदम

 नई दिल्ली देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के फाइनल नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें 26 निर्विरोध चुने गए तो 11 सीटों पर मतदान के जरिए फैसला हो सका है. बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को 22 सीटों पर जीत हासिल हुई है तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं है. राज्यसभा के इस चुनाव से बीजेपी की संसद के उच्च सदन में ताकत काफी बढ़ गई है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी भी वह दूर है। हालांकि, बीजेपी के अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन बहुमत का आंकड़ा 2024 में ही हासिल कर चुका. अब राज्यों में बीजेपी की ताकत बढ़ने के बाद उसकी ताकत संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा में भी बढ़ी है. इसकी का नतीजा है कि 10 राज्यों की 37  राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ही नहीं एनडीए की सीटें बढ़ गई है। राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 245 है, जिसके लिहाज से बहुमत के लिए किसी भी दल को 123 सदस्यों की जरूरत होती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के बाद बीजेपी का नंबर कितना हो गया है और बहुमत से कितनी दूर है. इसके अलावा 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों से सदन के गणित पर क्या असर पड़ेंगे?  राज्यसभा में बीजेपी बहुमत से कितनी दूर देश के 10 राज्यों की जिन 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, वो सीटें अप्रैल में खाली हो जाएंगी. चुनाव आयोग राज्यसभा सदस्यों के 6 साल के कार्यकाल पूरे होने से एक महीने पहले उनकी सीटों पर चुनाव करा लेता है. इसकी कड़ी में 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं.चुनाव से पूर्व बीजेपी के राज्यसभा में कुल 103 सांसद हैं, जिसमें से पार्टी के 9 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 9 राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल खत्म होने से बीजेपी की सीटें उच्च सदन में कम होकर 94 पर हो रही है, लेकिन बीजेपी ने 37 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में  13 राज्यसभा जीतने में कामयाब रही है. इस तरह बीजेपी की सीटें बढ़कर 107 हो गई हैं. बीजेपी की राज्यसभा सीटें पहले से चार ज्यादा हो रही हैं, लेकिन उसके बाद भी बहुमत से दूर है। बीजेपी को राज्यसभा में अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए 16 राज्यसभा सीट की जरूरत है. बीजेपी को 16 राज्यसभा की सीटों को जिताने के लिए 2026 के जून और नवंबर के चुनाव का ही नहीं बल्कि 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि इसके बाद पार्टी राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ा सकती है। 37 राज्यसभा सीटें के चुनाव से क्या बदलेगा? देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं.इस तरह 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें ही मिल सकी हैं. राज्यसभा की जिन 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्य चुने गए हैं, उसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी। राज्यसभा चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो 37 सीटों में एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं. इसमें बीजेपी को 13 सीटें मिली तो जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. विपक्ष को मिली 15 राज्यसभा सीटों में कांग्रेस ने 6 सीटें, टीएमसी ने 4 सीटें, डीएमके ने 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है। चुनाव पहले और नतीजे आने के समीकरण को देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा तो विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान हुआ. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं। राज्यसभा में एनडीए की कुल ताकत क्या है?  राज्यसभा में एनडीए की चुनाव से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का आंकड़ा 131 सदस्यों का था, लेकिन 37 सीटों पर नतीजे के बाद अब एनडीए गठबंधन के सदस्यों की संख्या 141 हो गई है. बीजेपी के 107, AIADMK के पांच, जेडीयू के 4, एनसीपी के 4, टीडीपी के 2, UPPL के दो, शिवसेना के 2, जेडीएस के 1, आरएलडी के एक, एजीपी के 1,आरएलएसएम के एक, एनपीप के एक, PMK के एक और निर्दलीय तीन राज्यसभा सदस्य हैं. इसके अलावा 6 मनोनीत राज्यसभा सदस्यों का समर्थन भी बीजेपी को है। राज्यसभा चुनाव में विपक्ष को झटका लगा है, उसकी सीटें घट गई हैं. विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लाक’ की सीटें राज्यसभा में 74 पर पहुंच गई हैं, उसमें कांग्रेस के पास 28 सीटें, टीएमसी की 13, डीएमके की 8, सपा की 4, सीपीआई (एम) की तीन, नेशनल कॉफ्रेंस की 3, आरजेडी की 3, सीपीआई की 2, मुस्लिम लीग की 2, जेएमएम, शरद पवार की एनसीपी की एक, शिवसेना (य़ूबीटी) की एक, डीएमडीके की एक और तीन अन्य दल के सदस्य हैं.    एनडीए और इंडिया ब्लॉक से अलग रहने वाले दलों की संख्या राज्यसभा में देखें तो वह 28 है, उसमें आम आदमी पार्टी की 10, वाईएसआर कांग्रेस की 7, बीजेडी की 6, बीआरएस की 3, बसपा की एक की एमएनएफ की एक सीट है. इसके अलावा दो राज्यसभा खाली हैं. साथ ही यह भी बता दें कि राज्यसभा की 12 सीटों पर सदस्यों को राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत किया जाता है. ऐसे में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए का नंबर उच्च सदन में बहुमत से ज्यादा है। राज्यसभा में बहुमत से क्या हासिल करेगी राज्यसभा में बहुमत से बीजेपी भले ही दूर है, लेकिन एनडीए के नंबर काफी मजबूत है. मोदी सरकार के लिए … Read more

एचपीवी टीकाकरण अभियान: मध्यप्रदेश में 14 वर्ष की एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण हुआ पूरा

एचपीवी टीकाकरण अभियान: मध्यप्रदेश में 14 वर्ष की एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण हुआ पूर्ण प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेश में 14 वर्ष आयु वर्ग की एक लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं के सफल एचपीवी टीकाकरण पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिला प्रशासन तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को अजमेर, राजस्थान से इस विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ किया था। मध्यप्रदेश इस अभियान के अंतर्गत एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण कर देश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण वाला राज्य बन गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जिलों का इस उपलब्धि में विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता में समन्वय स्थापित किया गया और स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत विभाग सहित विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष आयु की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और शेष पात्र बालिकाओं का टीकाकरण भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।  

धोनी और 5 अन्य दिग्गजों के लिए 2026 IPL हो सकता है आखिरी सीजन

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च को होने जा रही है. आईपीएल 2026 का ओपनर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है. अभी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने शुरुआती 20 मुकाबलों का ही शेड्यूल जारी किया है. बाकी मैचों का शेड्यूल जल्द आने की संभावना है। आगामी आईपीएल सीजन कुछ दिग्गज खिलाड़ियों के लिए आखिरी साबित हो सकता है. इन खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपनी टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और लीग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. लेकिन अब उम्र, फिटनेस और टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए ये प्लेयर्स आगामी सीजन के बाद आईपीएल से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में… 1.महेंद्र सिंह धोनी: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल हैं. हालांकि उनकी उम्र और फिटनेस को देखते हुए माना जा रहा है कि 2026 सीजन उनके लिए आखिरी हो सकता है. जुलाई 2026 में धोनी 45 साल के हो जाएंगे. पिछले कुछ सीजन में घुटने की समस्या के बावजूद उन्होंने छोटी लेकिन प्रभावी इनिंग्स खेलकर टीम को जीतें दिलाईं. सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन ने पुष्टि की है कि वह इस पूरे सीजन में खेलेंगे, लेकिन कई फैन्स मानते हैं कि यह उनका इमोशनल फेयरवेल सीजन हो सकता है. धोनी की ही कप्तानी में सीएसके ने अपने पांचों आईपीएल खिताब जीते हैं। 2. सुनील नरेन: कैरेबियाई बॉलिंग ऑलराउंडर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में एक रहे हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए उन्होंने आईपीएल में 192 विकेट लिए हैं और हाल के वर्षों में विस्फोटक ओपनर के रूप में भी खुद को साबित किया है. देखा जाए तो नरेन ने बल्ले से आईपीएल में 1780 रन बनाए हैं. मई में 38 साल के होने जा रहे नरेन पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. अब बढ़ती उम्र और फिटनेस चुनौतियों के कारण वह आईपीएल 2026 के बाद इस लीग से बतौर प्लेयर विदा ले सकते हैं। 3. ईशांत शर्मा: भारतीय तेज गेंदबाज ईशात शर्मा ने आईपीएल में कुल 7 टीमों के लिए मुकाबले खेले हैं. ईशांत का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म हो चुका है और वो नवंबर 2021 के बाद से टीम इंडिया से बाहर हैं. युवा तेज गेंदबाजों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आईपीएल 2026 उनके करियर का अंतिम सीजन बन सकता है. ईशांत ने भारत के लिए 105 टेस्ट मैचों में 311 विकेट लिए और टीम की यादगार जीतों का हिस्सा रहे. आईपीएल के पिछले दो-तीन सीजन में ईशांत ने सहयोगी गेंदबाज की भूमिका निभाई है. फिलहाल गुजरात टाइटन्स (GT) का हिस्सा ईशांत अब 37 साल के हो चुके हैं और जल्द ही अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। 4. अजिंक्य रहाणे: तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने आईपीएल में 5032 रन बनाए हैं और वो 6 टीमों के लिए खेल चुके हैं. 2023 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका शानदार पुनरुत्थान देखने को मिला था. बाद में वो कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े. पिछले साल उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी भी की, जहां टीम 8वें स्थान पर रही. इस सीजन भी रहाणे ही कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करते नजर आ सकते हैं. जून में 38 साल के होने जा रहे रहाणे के लिए यह सीजन आखिरी हो सकता है। 5. मिचेल स्टार्क: ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनका आईपीएल 2026 के बाद भविष्य अनिश्चित माना जा रहा है. स्टार्क दुनिया के सबसे खतरनाक बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स को 2024 में खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स (DC) से जुड़े. 36 साल की उम्र और इंटरनेशनल क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए वह अपना वर्कलोड कम कर सकते हैं, इसलिए आईपीएल में बतौर खिलाड़ी उनका ये आखिरी सीजन हो सकता है. स्टार्क पहले ही टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कह चुके हैं और उनका फोकस टेस्ट एवं ओडीआई क्रिकेट पर है।

दीनदयाल बस स्टैंड पर RTO का सख्त एक्शन: 13 वाहनों पर चालान, 1 जब्त

Strict RTO action at Deendayal Bus Stand: 13 vehicles challaned, 1 seized विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव /अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। जिले में यात्री सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दीनदयाल बस स्टैंड पर बड़ा अभियान चलाया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन विभाग की टीम ने असुरक्षित और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की। संभागीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस सघन जांच अभियान के दौरान कुल 13 वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर ₹12,500 का चालान किया गया। वहीं आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर एक वाहन को जब्त कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई है। उड़न दस्ता प्रभारी राजेंद्र साहू ने साफ कहा कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई में परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, आरक्षक अशोक खापर्डे, इम्तियाज हुसैन, राजेंद्र पटेल, नवल स्टारकी, शंकर झरिया, आकाश अग्रवाल सहित पूरी टीम सक्रिय रही। प्रशासन का संदेश साफ है — नियम तोड़ोगे तो कार्रवाई तय है।

18 मार्च 2026 राशिफल: जानें किस राशि के लिए भाग्य रहेगा साथ, और किसे रखना होगा सावधानी बरतने का आग्रह

मेष : आज मेष राशि वालों के लिए समय मध्यम है। आपका मन परेशान रहेगा। आपका बिजनेस अच्छा है,बिजनेस के लिए आपको विदेश जाना पड़ सकता है, कुल मिलाकर लाभ के संकेत हैं। खर्च बढ़ेंगे। परिवार की सेहत का ध्यान रखें, खासकर माता-पिता की सेहत को देखें। वृषभ: कोई बात है जो पर्सनल लाइफ में आपको परेशान कर सकती है। मन परेशान हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी भी रहेगी। धैर्यशीलता से लवलाइफ में काम लें। अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। तरक्की के मौके मिल सकते हैं। मिथुन: आपके लिए इस समय मीठा बोलना जरूरी हैष सभी से प्यार से बात करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के मौके मिल सकते हैं। इस समय आपकी इनकम में वृद्धि भी होगी। परिवार का सपोर्ट हर जगह आपको मिलेगा। कर्क: कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आप किसी बात को लेकर दुखी हो सकते हैं, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। शैक्षिक व शोधादि कार्यों में सफल रहेंगे, खासतौर पर इनमें तरक्की मिलेगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की हो सकती है। सिंह : इस राशि के लोगों को आज खुश होने का मौका लवलाइफ में मिल सकता है। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी, आपको इस समय पार्टनर की केयर करनी है। शैक्षिक कार्यों में दिक्कतें आ सकते हैं। सचेत रहें। किसी मित्र के सपोर्ट से कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। कन्या : आज आपको प्रोफेशनल लाइफ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। इस समय कुछ भी करके संयत रहें। किसी दोस्त से धन मिलने के चांस हो सकते है। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। तुला राशि वालों के लिए इस समय कम्युनिकेशन खास रहेगा, इसलिए जो भी बोलें बैलेंस करके बोलें।मन प्रसन्न रहेगा। आपका आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पिता की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। खर्च भी बढ़ेंगे। वृश्चिक : आपको मानसिक तौर पर तनाव हो सकता है, इसलिए आप थोड़े परेशान हो सकते हैं। कारोबार के लिए माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार के लिए परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। धनु : इस सम आपको प्रोफेशनल लाइफ में काबिलियत साबित करने के लिए कई मौके मिल सकते हैं। हालांकि आपके आत्मविश्वास में भी कमी रहेगी। इस समय नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि भी होगी। मकर: मकर राशि वालों के लिए अच्छे योग हैं, प्रोपर्टी या स्टॉक मार्केट से निवेश के मौके आएंगे। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ : कुंभ राशि वालों को हेल्थ को लेकर चिंता हो सकती है, आपका मन परेशान रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने की कोशिश करें। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। पार्टनर की तरफ से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। मीन : महत्वपूर्ण पेशेवर कामों को पूरा करते समय अहंकार को त्याग दें। वित्तीय समृद्धि आपको स्मार्ट निवेश करने में मदद करती है। लव लाइफ में आज ज्यादा से ज्यादा बातचीत की जरूरत है। अतिरिक्त पेशेवर जिम्मेदारियां लें। आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी निवेश का समर्थन करती है।

मयबद्ध कार्य और बेहतर उपस्थिति पर सम्मान: मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों को किया पुरस्कृत

रायपुर ई-ऑफिस सम्मान समारोह मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में जनवरी एवं फरवरी माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से नस्तियों के त्वरित निस्तारण और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर  सम्मानित किया गया। जनवरी माह की विभागीय रैंकिंग में गृह विभाग ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। समाज कल्याण विभाग ने 86.76 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि धर्मस्व विभाग ने 86.58 प्रतिशत अंक अर्जित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग से शासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने सभी विभागों से इसी प्रकार दक्षता के साथ कार्य करने और निरंतर बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने की अपेक्षा की। समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। जनवरी माह में ई-ऑफिस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले में संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की मती जय जैन, द्वितीय स्थान में अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव  अनुपम त्रिवेदी, उप सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-एक के उप सचिव  किशोर कुमार भुआर्य, द्वितीय स्थान में सामान्य प्रशासन-6 के उप सचिव मती ऋतु वर्मा, तृतीय स्थान में समाज कल्याण विभाग के उप सचिव स्वर्गीय रामलाल खैरवार, अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में विधि एवं विधायी विभाग के अवर सचिव अरूण कुमार मिश्रा, द्वितीय स्थान में अवर सचिव गृह विभाग पूरन लाल साहू, तृतीय स्थान में अवर सचिव सामान्य प्रशासन-1 के कैलाश कुमार नेताम, तृतीय स्थान में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव  सत्य नारायण वास्तव, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में अनुभाग अधिकारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मणिराम रात्रे, द्वितीय स्थान में अनुभाग अधिकारी सामान्य प्रशासन-(1, 4 ) के नंद कुमार मेश्राम, तृतीय स्थान में अनुभाग अधिकारी पंचायत विभाग लीलाम्बर ओहदार, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक दौलतराम वर्मा, द्वितीय स्थान में खेल विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मुकेश राम प्रधान, तृतीय स्थान में गृह विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक रामगोपाल सेन, कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक राम कुमार सिंग, द्वितीय स्थान में जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रदीप कुमार, तृतीय स्थान सामान्य प्रशासन विभाग-2 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  सुरेन्द्र कुमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में प्रथम स्थान में वन विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर माया देवांगन, द्वितीय स्थान में स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 ललीत साहू, द्वितीय स्थान में (तकनीकी) कम्प्यूटर ऑपरेटर दीपेश कुमार साहू।  फरवरी माह में ई-ऑफिस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले में संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार राजपूत, द्वितीय स्थान में अतिरिक्त सचिव  सत्यनारायण वास्तव, तृृतीय स्थान में परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव  कमलेश बंसोड़, उप सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान में गृह विभाग के उप सचिव  रामप्रसाद चौहान, द्वितीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के उप सचिव  किशोर कुमार भूआर्य, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-8 के उप सचिव अंशिका ऋषि पांडे, द्वितीय स्थान में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव  सत्यनारायण वास्तव, अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान गृह विभाग अवर सचिव पूरनलाल साहू, द्वितीय स्थान पंचायत विभाग अवर सचिव विश्वनाथ नाग, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के अवर सचिव कैलाश कुमार नेताम, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में सामान्य प्रशासन-(1, 4 ) अनुभाग अधिकारी  नंदकुमार मेश्राम, द्वितीय स्थान में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अनुभाग अधिकारी मणिराम रात्रे, तृृतीय स्थान में पंचायत विभाग के अनुभाग अधिकारी  शिवकुमार गोड़, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में प्रथम स्थान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के  ओंकार राम भूआर्य, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में मुख्य सचिव कार्यालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक  राकेश संतयाल, द्वितीय स्थान खेल विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक  श्याम लाल साहू, कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  प्रमोद कुमार, द्वितीय स्थान में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  सतकुमार भास्कर, तृतीय स्थान में सामान्य प्रशासन-1 के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  रामकुमार सिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में प्रथम स्थान में कम्प्यूटर ऑपरेटर (तकनीकी)  दीपेश कुमार साहू, द्वितीय वन विभाग डाटा एंट्री ऑपरेटर माया देवांगन, तृतीय स्थान में स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2  ललित साहू। जनवरी माह में उपस्थिति में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले में प्रथम स्थान पर रहने वाले  आशीष कुमार शर्मा (अनुभाग अधिकारी),  छबि लाल साहू, (निज सचिव),  पवन कुमार साहू (सहायक अनुभाग अधिकारी), फरवरी माह में उपस्थिति में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले में प्रथम स्थान में 22 अधिकारी-कर्मचारी निम्न है- सहायक अनुभाग अधिकारी  अजित कुमार चंद्रवंशी, वरिष्ठ सहायक सचिवालय सु अंजू पटेल, सहायक अनुभाग अधिकारी  आशुतोष वर्मा, अनुभाग अधिकारी  बसंत कुमार धु्रर्वे, निज सहायक  बिरेन्द्र कुमार, सहायक अनुभाग अधिकारी  छवि राम साहू, अवर सचिव क्लेमेन्टीना लकरा, सहायक अनुभाग अधिकारी  देवेन्द्र साहू, अवर सचिव  हेमंत कुमार पांडे, सहायक अनुभाग अधिकारी  लोक नारायण शर्मा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  प्रदीप कुमार साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमिला यादव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  पुरूषोत्तम लाल निषाद, भृत्य  राज कुमार सोरी, अवर सचिव  राजीव कुमार झाड़े, अवर सचिव  रातु लाल धु्रव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सुनीता साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक  सूरज कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक तारा कुजूर, सहायक अनुभाग अधिकारी  विनोद कुमार अथनकर, सहायक अनुभाग अधिकारी  योगेन्द्र कुर्रे, अनुभाग अधिकारी  युवराज साहू कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026: LOC भरना शुरू, जानिए कौन है पात्र और क्या हैं नियम

नई दिल्ली सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 2026 की दूसरी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल पहले चरण के दौरान LOC जमा कर सकेंगे, जो 18 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित है। साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की नीति के अनुसार जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किया गया है। कक्षा 10 के छात्रों को अब एक ही शैक्षणिक वर्ष के भीतर दो बार बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। दूसरी परीक्षा मई 2026 में आयोजित होने वाली है, जिससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने का मौका मिलेगा। CBSE ने स्पष्ट किया है कि LOC स्कूलों द्वारा केवल उन छात्रों के लिए जमा की जानी है जो परीक्षा में बैठना चाहते हैं। इससे बोर्ड को पहले से ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में कितने छात्र बैठने का इरादा रखते हैं, साथ ही वे किन विशिष्ट विषयों की परीक्षा देना चाहते हैं। LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी बोर्ड के अनुसार, LOC जमा करने की प्रक्रिया तीन अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 18 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। इसके बाद, दूसरे और तीसरे चरण में भी LOC जमा करने का अवसर मिलेगा, हालांकि इसके लिए विलंब शुल्क (late fee) का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा करने की अंतिम समय सीमा रात 11:59 बजे निर्धारित की गई है। स्कूलों के लिए निर्देश जारी CBSE ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्हें छात्रों और अभिभावकों को दूसरी बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और शुल्क संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने को कहा गया है। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों की संख्या सीमित हो सकती है; परिणामस्वरूप, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि प्रत्येक छात्र को उसके तत्काल आसपास के क्षेत्र में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पात्रता और नियम बोर्ड के अनुसार, केवल वही छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग लेने के पात्र होंगे जो पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में से चुने गए अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों में सुधार करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र पहली परीक्षा के दौरान तीन या उससे ज्यादा विषयों में अनुपस्थित थे, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। ऐसे छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष में मुख्य परीक्षा में बैठना होगा। इसके विपरीत, जो छात्र ‘कम्पार्टमेंट’ श्रेणी में रखे गए हैं, वे विशिष्ट कम्पार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। डेटा या विषयों में कोई बदलाव नहीं  CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहली और दूसरी परीक्षा के बीच छात्र के डेटा में किसी भी तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी। आम तौर पर, विषयों को बदलने की भी अनुमति नहीं होगी, सिवाय गणित से जुड़े विशेष मामलों के। बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessments) में सुधार के लिए कोई प्रावधान नहीं दिया जाएगा, क्योंकि यह एक साल तक चलने वाली प्रक्रिया है।

PM Narendra Modi से Eknath Shinde की मुलाकात, मिडिल ईस्ट संकट पर हुई खास बातचीत

नई दिल्ली शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू हालात और महाराष्ट्र के अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर मौजूद रहे। एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि युद्ध जैसे हालात में ‘एनडीए’ की सहयोगी के तौर पर शिवसेना, पीएम के स्टैंड का सपोर्ट करती है और हम देश के साथ हैं। इस मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान की बात करते हैं। बालासाहेब के लिए देश पहले था और राजनीति बाद में। आज हम बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को मुंबई और पुणे सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राज्य में विकास के कामों और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष युद्ध जैसे हालात का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं। इससे ब्लैक मार्केट करने वालों को मौका मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब युद्ध जैसे हालात में देश के साथ रहने की उम्मीद है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी, जिसका पाकिस्तान में भी ध्यान रखा गया था। कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान में बोलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को देश में गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट करने वालों को रोकने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है।

भौगोलिक सीमाओं से परे सामूहिक अस्तित्व और उत्तरदायित्व की दिशा में आगे बढ़ें युवाओं का किया आह्वान

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्काउटिंग और गाइडिंग के मूल मंत्र ईश्वर, देश के प्रति कर्तव्य तथा दूसरों की सेवा और चरित्र निर्माण मानवता का आधार है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक भारत सहित बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों की युवा चेतना के लिए सीखने, समझने और आत्म-विकास का प्रेरक मंच है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं का आह्वान किया कि वह भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करें। समूचे क्षेत्र के सतत विकास, शांतिपूर्ण, समृद्ध भविष्य के निर्माण में योगदान करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को बिम्सटेक द्वारा यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमर्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित शुभारंभ समारोह में सदस्य देशों बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल,लंका, थाईलैंड भारत के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर्स-रेंजर्स और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में स्काउट्स और गाइड्स द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। इस अवसर पर सेंट माउंट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटेल नगर की छात्राओं ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, समुद्री परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत स्वरूप है। भारत की सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भावना “वसुधैवकुटुम्बकम्” का आधुनिक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आयोजन का विषय “विरासत, प्रकृति और सतत भविष्य के लिए नेतृत्व”, भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और साझा उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं से कहा कि एक-दूसरे की विविध संस्कृतियों को समझने और सीमाओं से परे स्थायी मित्रता स्थापित करने के इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में जन-केंद्रित, युवा-संचालित और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी विकास के विभिन्न आयामों को भारत ने अपनाया है। इनका अध्ययन कर विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को समझा जा सकता है। संयुक्त सचिव बिम्सटेक एवं सार्कविदेश मंत्रालय सी.एस.आर. राम ने बताया कि मध्य प्रदेश में आयोजित बिम्सटेक कार्यक्रम के माध्यम से ‘इंडो-पैसिफिक’ और ‘ग्लोबल साउथ’ के विजन को मजबूती दी गई। ‘महासागर’ पहल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से इसे सरकारी नीतियों के बजाय एक जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास से जोड़ने की पहल है। दिल्ली से बाहर निकलकर गुवाहाटी और महाराष्ट्र के क्रम में आयोजन की चौथी कड़ी मध्यप्रदेश का आयोजन है। उन्होंने कहा है कि नागरिक समाज की यह सक्रियता दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सहयोग का नया अध्याय लिखेगी। चीफ नेशनल कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स डॉ. के.के. खंडेलवाल ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एवं दक्षिण एशियाई क्षेत्र की साझा संस्कृति और इतिहास का स्वरूप है। उन्होंने बिम्सटेक को बंगाल की खाड़ी को जोड़ने वाला एक सेतु बताते हुए क्षेत्र के युवाओं के लिए नेतृत्व और सहकार के अनुभव प्राप्त करने की पहल बताया है। स्काउट्स-गाइड्स को विरासत, प्रकृति संरक्षण, चरित्र निर्माण और भविष्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाने के लिएप्रेरित किया। स्वागत उद्बोधन सेक्रेट्री जनरल एण्ड प्रेसीडेंट इन काऊंसिल भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स पी.जी.आर. सिंधिया ने दिया। डायरेक्टर स्काउट ब्यूरों एशिया पेसिफिक एस. प्रसन्नावास्तव ने कार्यक्रम की गतिविधियों का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन नेशनल कमिश्नर ऑफ स्काउट्स भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मनीष मेहता ने दिया। कार्यक्रम में स्टेट चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मध्यप्रदेश पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आई.पी.एस. पवन कुमारवास्तव, डायरेक्टर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स सुश्री दर्शना पावस्कर, एडिशनल चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स एम.ए. खालिद मंचासीन थे।  

पश्चिम बंगाल चुनाव: TMC ने पूरी ताकत झोंकी, भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए सभी 294 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी। टीएमसी द्वारा जारी इस लिस्ट में ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी। वहीं, हाल ही में टीएमसी में शामिल हुए पवित्र कर को नंदीग्राम से टिकट दिया गया है, जहां उनका भी मुकाबला सुवेंदु अधिकारी से होगा। भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों विधानसभा सीटों से टिकट दिया है। इसके साथ ही सुजापुर सीट से सबीना यास्मीन, जंगीपुर सीट से जाकिर हुसैन, सागरदिघी सीट से बायरन बिस्वास, दिनहाटा सीट से उदयन गुहा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, सिलीगुड़ी सीट से गौतम देव चुनाव मैदान में उतरे हैं। खगराम सीट से आशीष मारजीत चुनाव लड़ेंगे। करीमपुर सीट से सोहम चक्रवर्ती चुनाव लड़ेंगे। कंडी सीट से अपूर्व सरकार चुनाव लड़ेंगे। सिताई सीट से संगीता रॉय बसुनिया चुनाव लड़ेंगी। कृष्णानगर उत्तर सीट से अभिनव भट्टाचार्य चुनाव लड़ेंगे। नवद्वीप सीट से पुण्डरीकाक्ष साहा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, हरिन्घाटा सीट से राजीव विश्वास चुनाव लड़ेंगे। स्वरूपनगर सीट से बीना मंडल चुनाव लड़ेंगी। राजगंज सीट से सपना बर्मन चुनाव लड़ेंगी। हबरा सीट से ज्योतिप्रिया मल्लिक चुनाव लड़ेंगे। कृष्णानगर नगर दक्षिण सीट से उज्जवल विश्वास चुनाव लड़ेंगे। राणाघाट दक्षिण सीट से सौगत कुमार बर्मन चुनाव लड़ेंगे। कल्याणी सीट से अतींद्रनाथ मंडल चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले, सोमवार को भाजपा ने 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें सुवेंदु अधिकारी समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल थे। वहीं, वाम दल ने भी अपनी लिस्ट जारी की थी। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

EPFO में नए नियम लागू: जानिए सरकार ने क्या बदला और आप पर क्या होगा असर

नई दिल्ली लोकसभा में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत चल रहे EPFO 3.0 रिफॉर्म्स पर विस्तृत जानकारी दी है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। खासतौर पर क्लेम सेटलमेंट को फास्ट करना, प्रोसेस को आसान बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना इसमें शामिल है। क्या होगा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) को लेकर आया है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को पूरी तरह अपना चुके हैं। इस नए सिस्टम की मदद से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है। यानी अब पेंशन के भुगतान में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक कम हो गई हैं। क्लेम सेटलमेंट के मामले में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सरकार के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक ₹5 लाख तक के कुल 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किए गए हैं। यही नहीं, कुल एडवांस क्लेम्स में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए गए, जिनके जरिए लगभग ₹51,620 करोड़ की राशि जारी की गई। इससे साफ है कि अब लोगों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। EPF अकाउंट ट्रांसफर अब काफी आसान नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट ट्रांसफर भी अब काफी आसान हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में नियोक्ता की मंजूरी और कई स्टेप्स लगते थे, अब KYC अपडेट होने पर यह काम खुद-ब-खुद हो रहा है। 25 फरवरी 2026 तक करीब 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्लेम्स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं। वहीं 21 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऐसे हैं, जो कर्मचारियों ने खुद बिना नियोक्ता की मदद के जमा किए। एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड अगर EPFO 3.0 को आसान भाषा में समझें, तो यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिसमें कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाया गया है। पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में हो रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल (EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने) पर फिलहाल कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की फेम ट्रिप से प्रभावित हुए देश के प्रतिनिधि, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और आतिथ्य की सराहना

रायपुर विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और राज्य की प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित फेम (FAM) ट्रिप के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखा और उसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधियों को बस्तर जिले के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया साथ ही बोटिंग भी कराई गई, जिसने उनके अनुभव को और रोमांचक बना दिया। इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने चित्रकोट स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन भी किए। बस्तर की जीवंत लोक संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रतिनिधियों को यहां के प्रसिद्ध हाट-बाजार भी ले जाया गया, जहां उन्होंने पारंपरिक मुर्गा लड़ाई जैसे स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को देखा और बस्तर की विशिष्ट जनजातीय परंपराओं को समझा। इस भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों को ऐतिहासिक नगरी बारसूर भी ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध बत्तीसा मंदिर और भगवान गणेश की अद्भुत एवं प्राचीन मूर्तियों का अवलोकन किया। इन ऐतिहासिक धरोहरों ने प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने बस्तर के कमिश्नर, आईजी और एसपी से भेंट कर क्षेत्र में पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में प्रतिनिधियों को मैनपाट के खूबसूरत पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने करमा एथेनिक रिजॉर्ट और सैला रिसोर्ट का दौरा किया तथा मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का अनुभव किया। इसके अलावा प्रतिनिधियों को कुनकुरी स्थित गिरजाघर, जशपुर का राजपुरी जलप्रपात तथा केरे विलेज जशपुर में स्थित महुआ होमस्टे जैसे आकर्षक पर्यटन स्थलों से भी परिचित कराया गया। इन स्थलों ने छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को उजागर किया। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित यह फेम ट्रिप 13 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 28 टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट्स शामिल हैं। इन प्रतिनिधियों को दो समूहों में विभाजित कर राज्य के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटरों को राज्य की पर्यटन संभावनाओं से सीधे परिचित कराना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर सकें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य के पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा तथा प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। इस फेम ट्रिप से जुड़े प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और यहां के लोगों के आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और वे अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देंगे। फेम ट्रिप का समापन 18 मार्च को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के साथ होगा, जहां दोनों समूहों के प्रतिनिधि एकत्रित होंगे और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की ओर से राज्य की पर्यटन संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। इस पहल से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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