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LPG की किल्लत के बीच हापुड़ में छापा, मकान से 55 भरे गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप

हापुड़ एक तरफ आम लोग रसोई गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, दूसरी तरफ उसी गैस को बड़ी मात्रा में छिपाकर रखने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. हापुड़ में प्रशासन की छापेमारी में एक नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई है जब इलाके में गैस की किल्लत की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब आम नागरिक गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, उसी दौरान कुछ लोग इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी और जमाखोरी का खेल खेल रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से प्रशासन को इलाके में एलपीजी गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. कई लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों से सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे और कुछ स्थानों पर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. इसी सिलसिले में प्रशासन ने जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी. इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि एक नेता अब्दुल रेहान के घर पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की। छापेमारी में मिला सिलेंडरों का बड़ा जखीरा छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर और स्टोर जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए मिले. जांच करने पर पता चला कि वहां कुल 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे. अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर वहां कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन सिलेंडरों का इस्तेमाल कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था या फिर किसी अन्य उद्देश्य से जमा किया गया था. छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है. पूरे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। लोगों में नाराजगी, उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि गैस एजेंसी पर कई बार जाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. ऐसे में जब किसी व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडर बरामद हुए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर यह सिलेंडर वहां पहुंचे कैसे. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो आम जनता को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। प्रशासन कर रहा नेटवर्क की जांच प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जमाखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. अधिकारियों के अनुसार, गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि जिन सिलेंडरों को बरामद किया गया है, वे किस एजेंसी से जारी किए गए थे और किन-किन नामों पर बुकिंग हुई थी. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन का मानना है कि अगर कहीं और भी इस तरह की जमाखोरी हो रही होगी, तो उसे भी जल्द सामने लाया जाएगा। योगी सरकार के सख्त निर्देशों का असर राज्य सरकार पहले ही कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कह चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाए. सरकार का कहना है कि आम जनता को किसी भी जरूरी वस्तु की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसी कड़ी में प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आगे क्या होगी कार्रवाई फिलहाल प्रशासन ने बरामद किए गए सभी 55 सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में गैस एजेंसियों या अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है. अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हापुड देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज ने बताया है कि रेहान के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. 7 साल से कम की सजा होने के कारण थाने से जमानत दे दी गई है , जल्द चार्जशीट न्यायालय भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा : अवनीश अवस्थी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से आज लखनऊ में नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इसमें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। समिट में भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कार्यबल को तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिट में विशिष्ट अतिथि के  रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केंद्रों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक मंडल में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बैंकरों की एक समिति गठित करने का सुझाव दिया गया, जो प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने सिंगापुर और जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा है। साथ ही उन्होंने सभी कौशल केंद्रों की जानकारी, पाठ्यक्रम, छात्रों की संख्या, प्रमाणपत्र और रोजगार की संभावनाओं से संबंधित विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की सलाह भी दी। समिट के दौरान प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में लागू करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राज्य कौशल योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण भागीदारों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है और एक डिजिटल लर्निंग पोर्टल भी विकसित किया गया है, जहां युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 30 से अधिक क्षेत्रों और लगभग 500 जॉब रोल में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। समिट के दौरान उद्योग, शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी कौशल विकास, रोजगार सृजन और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डिजिटल लर्निंग पत्रिका के नए संस्करण का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री का निर्देश, खाद्य एवं रसद विभाग बनाये कंट्रोल रूम, हर जिले की हो 24×7 मॉनीटरिंग

तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, रसोई गैस आपूर्ति-वितरण की समीक्षा की घबराहट न फैलने दें और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करें: मुख्यमंत्री प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित,  विकल्प के रूप में जरूरत पर होगा वितरण एलपीजी वितरक सेंटरों पर होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती, व्यवस्था बनाये रखने में करेंगे सहयोग लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बनने दी जाए तथा आमजन को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए तथा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले की स्थिति की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से एलपीजी की समुचित आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करायें।

कुपोषण के खिलाफ तकनीक का सहारा, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बच्चों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार पोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान दे रही है । प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए 1 लाख 33 हजार से अधिक आधुनिक उपकरण स्टेडियोमीटर जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों की मदद से बच्चों की लंबाई की सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके पोषण स्तर का सही आकलन करने में मदद मिलती है।  ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरण प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए कई आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2021 और 2022 में एक लाख 88 हजार से अधिक स्टेडियोमीटर उपकरणों की आपूर्ति की गई थी। स्टेडियोमीटर के माध्यम से 2 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों की ऊंचाई का सटीक आकलन किया जाता है। इस उपकरण की मदद से बच्चों के विकास की नियमित निगरानी संभव हो रही है और कुपोषण की पहचान समय रहते की जा रही है। सरकार का मानना है कि बचपन में स्वास्थ्य और पोषण की सही देखभाल ही एक मजबूत समाज की नींव रखती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के लाखों बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। तकनीक के सहारे कुपोषण पर प्रहार योगी सरकार ने कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में तकनीक को महत्वपूर्ण हथियार बनाया है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के विकास की निगरानी के लिए आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है। इन उपकरणों के संचालन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके बाद उनके माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को भी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य का आकलन वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके। इससे न केवल बच्चों की वृद्धि की सटीक जानकारी मिल रही है बल्कि समय रहते पोषण संबंधी आवश्यक कदम उठाने में भी मदद मिल रही है।

छह नोड्स में अब तक 62 कंपनियों को भूमि आवंटित, 9 प्रमुख इकाइयों में उत्पादन शुरू

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2018 में स्थापित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश को रक्षा उत्पादन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) द्वारा विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर के छह रणनीतिक नोड्स (कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट) में तेजी से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रहीं हैं। नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में अब तक ₹35,526 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत 2,040 हेक्टेयर भूमि में से 977.54 हेक्टेयर भूमि उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है। वर्तमान में रक्षा और संबद्ध विनिर्माण गतिविधियों के लिए 62 कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, जबकि लगभग 11 कंपनियों के लिए लीज डीड की प्रक्रिया प्रगति पर है। रक्षा उद्योग के लिए मजबूत औद्योगिक आधार तैयार डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में निवेश प्रस्तावों की बात करें तो कानपुर में ₹12,803 करोड़, झांसी में ₹11,738 करोड़, लखनऊ में ₹4,850 करोड़, अलीगढ़ में ₹4,490 करोड़, चित्रकूट में ₹880 करोड़ और आगरा में ₹607 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिए मजबूत औद्योगिक आधार तैयार हो रहा है। नौ प्रमुख विनिर्माण इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में अब तक नौ प्रमुख विनिर्माण इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जो भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इनमें अदानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा कानपुर में लगभग ₹1,500 करोड़ की लागत से स्थापित गोला-बारूद निर्माण संयंत्र विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो इस कॉरिडोर का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। अलीगढ़ नोड में अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने लगभग ₹330 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट तकनीक से जुड़े उपकरणों का उत्पादन शुरू किया है। वहीं वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड और नित्या क्रिएशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने छोटे हथियारों और प्रिसिशन आर्म्स कंपोनेंट्स का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। लखनऊ नोड बना रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र लखनऊ नोड तेजी से रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां एरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने लगभग ₹320 करोड़ के निवेश से टाइटेनियम कास्टिंग का उत्पादन शुरू किया है, जबकि ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने लगभग ₹300 करोड़ की लागत से ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम के निर्माण की दिशा में उत्पादन प्रारंभ किया है। इसके अलावा संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस द्वारा रक्षा सुरक्षा उपकरणों और परिधानों का निर्माण भी शुरू किया गया है। वहीं, कानपुर नोड में ए.आर. पॉलिमर्स और आधुनिक मेटेरियल्स एंड साइंसेज जैसी कंपनियों ने क्रमशः बैलिस्टिक मेटेरियल्स और डिफेंस टेक्सटाइल्स का उत्पादन शुरू कर औद्योगिक गतिविधियों को नई गति दी है। आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में बढ़ रहा उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में घोषित यह डिफेंस कॉरिडोर प्रदेश में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और उद्योग अनुकूल नीतियों के माध्यम से तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से यह परियोजना केवल रक्षा विनिर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों को भी वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने का काम कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आने वाले वर्षों में प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और निर्यात उन्मुख औद्योगिक वृद्धि का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे उत्तर प्रदेश देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यूपी को इको टूरिज्म हब बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल, फिरोजाबाद और गाजीपुर में इको टूरिज्म गतिविधियों का होगा विकास

लखनऊ  यूपी इको-टूरिज्म विकास बोर्ड सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को इको-टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में कई उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। इस दिशा में बोर्ड कम लोकप्रिय इको पर्यटन केंद्रों में भी अत्याधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रहा है। इससे इन क्षेत्रों में एक ओर इको टूरिज्म की गतिविधियों की बढ़ोतरी होगी, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के अतिरिक्त स्रोत भी मिलेंगे। इस क्रम में फिरोजाबाद का रपड़ी इको पर्यटन केंद्र और गाजीपुर में स्थित कामाख्या वन पार्क में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जो प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को नया अनुभव प्रदान करेगा। फिरोजाबाद के रपड़ी इको पार्क में कराए जा रहे हैं फेज-2 के विकास कार्य यूपी इको-टूरिज्म विकास बोर्ड फिरोजाबाद में स्थित रपड़ी इको पार्क में 5 करोड़ रुपये की लागत से फेज-2 के विकास कार्य करा रहा है। परियोजना के तहत पार्क में प्रवेश द्वार, इंटरप्रिटेशन सेंटर और टिकट काउंटर विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को रोमांचक और यादगार अनुभव देने के लिए वॉल क्लाइम्बिंग, वुडन डेक और सेल्फी प्वाइंट का विकास किया जा रहा है। साथ ही पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के बीच भ्रमण का आनंद लेने के लिए नेचर ट्रेल का विकास किया जाएगा। वहीं पर्यटकों को अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पार्किंग, पेयजल और टॉयलेट ब्लॉक के साथ साइनेज भी लगाए जा रहे हैं। पर्यटकों के ठहरने और विश्राम के लिए गजेबो या गोल हट तथा स्विस टेंट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क में बन रहा है बटरफ्लाई गार्डन, लैंडस्केप और चिल्ड्रेन पार्क गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क में इको-टूरिज्म की सुविधाओं के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए यहां विशेष रूप से बटरफ्लाई गार्डन विकसित किया जा रहा है, जहां विभिन्न प्रजातियों की तितलियों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा लैंडस्केप पार्क, वाटर फाउंटेन, गजेबो या गोल हट के साथ बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क भी बनाया जाएगा। साथ ही कामाख्या वन पार्क में आकर्षक प्रवेश प्लाजा और इंटरप्रिटेशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा, जो पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ वन पार्क की विशेषताओं से भी परिचित करवाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, पोल लाइट, बेंच और डस्टबिन भी लगाए जाएंगे। इन परियोजनाओं के विकास से फिरोजाबाद और गाजीपुर के वन पार्कों को नई पहचान मिलेगी, साथ ही प्रदेश में इको-टूरिज्म के विकास की यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ेगा।

रामनवमी पर बड़ी संख्या में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन तथा रामनवमी की तैयारियों को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पीएफसी स्थित सभाकक्ष में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों, जन प्रतिनिधियों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता का रखा जाए विशेष ध्यान  समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी, जिसमें एयरपोर्ट पर स्वागत, यात्रा मार्ग पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा अतिथियों के लिए आवश्यक प्रबंध शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा आगंतुकों के लिए सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पूज्य संतों समेत अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन व ट्रस्ट के पदाधिकारी समन्वय के साथ करें तैयारी  मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रशासन व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करें। सीएम ने पुलिस अधिकारियों को सभी सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी निगरानी व ठोस सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने, खुफिया तंत्र व एंटी-ड्रोन कंट्रोल रूम को अलर्ट रखने के निर्देश दिए। रामनवमी की तैयारियों की भी की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के अवसर पर अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा फुटपाथों को खाली रखा जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या न हो। सीएम योगी ने भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा दर्शन-पूजन कार्यक्रम को स्क्रीन के माध्यम से भी प्रसारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी प्रमुख पर्व है, इस अवसर पर अयोध्या धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध एवं देशविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर में बिना जांच के किसी को भी प्रवेश न दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। *लता मंगेशकर चौक से हनुमानगढ़ी तक गोल्फ कार्ट संचालित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लता मंगेशकर चौक से हनुमानगढ़ी तक गोल्फ कार्ट संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें ज्यादा पैदल न चलना पड़े। सीएम ने इसके साथ ही वीआईपी मूवमेंट को न्यूनतम रखने पर भी जोर दिया, जिससे आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्किंग व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे वाहनों की पार्किंग न होने दी जाए। सेवाभाव से विभिन्न स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।  बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग एवं मंदिर म्यूजियम के निर्माण की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों एवं ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में कृषि मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, डॉ अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य गोपाल जी, ट्रस्ट्री अनिल मिश्रा, एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन बर्मा, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर आदि मौजूद रहे।

ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई से लगातार संचालन सुनिश्चित करने के लिए दोहरी बिजली आपूर्ति प्रणाली का प्रावधा

लखनऊ राज्य को देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर योगी सरकार विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर पॉलिसी 2021 के अंतर्गत डेटा सेंटर पार्क के लिए ऊर्जा आपूर्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुनिश्चित करने को लेकर कई कदम उठाए हैं।  इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर टेक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। डेटा सेंटर उद्योग को स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति कराने को लेकर योगी सरकार ने दोहरी ग्रिड बिजली व्यवस्था लागू की है। यह व्यवस्था डेटा सेंटर संचालन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। ग्रेटर नोएडा में हीरानंदानी समूह द्वारा विकसित प्रदेश का पहला डेटा सेंटर पार्क संचालन में है। अडानी और एनटीटी जैसी कंपनियों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश सरकार ने डेटा सेंटर पार्क और डेटा सेंटर इकाइयों के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके तहत परियोजनाओं के लिए समर्पित बिजली फीडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। योगी सरकार का मानना है कि लगातार बिजली आपूर्ति डेटा सेंटर उद्योग के लिए निवेश आकर्षित करने का एक अहम कारक है। इसके साथ ही ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई का भी प्रावधान नीति में किया गया है। इस व्यवस्था के तहत डेटा सेंटर पार्कों को दो अलग-अलग बिजली स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे किसी एक ग्रिड में समस्या आने की स्थिति में भी डेटा सेंटर का संचालन प्रभावित नहीं होगा। डेटा सेंटर उद्योग में निरंतर संचालन अत्यंत आवश्यक होता है और ड्यूल ग्रिड प्रणाली इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योगी सरकार ने ऊर्जा लागत को कम करने के लिए ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके अंतर्गत डेटा सेंटर इकाइयों को खुले बाजार से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है। इससे कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार सस्ती और स्थिर ऊर्जा स्रोतों का चयन कर सकेंगी। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर्स विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सरकार की योजना के अनुसार लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता करीब 900 मेगावाट होगी। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम जारी है। योगी सरकार अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी कर चुकी है, जिनमें 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं।  बिजली आपूर्ति के अलावा डेटा सेंटर पार्कों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, सीवर और अन्य औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि डेटा सेंटर परियोजनाओं को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर उपलब्ध कराया जाए।  विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बिजली व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेटा सेंटर उद्योग के विकास की आधारशिला होते हैं। उत्तर प्रदेश में नीति आधारित प्रोत्साहन और बेहतर ऊर्जा व्यवस्था के कारण कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश को लेकर रुचि दिखा रही हैं।

की, आज ‘बनारसी हनी’ बना रहा उनकी पहचान योगी सरकार की योजना के तहत मिला ब्याजमुक्त ऋण, पूंजी की बाधा दूर होने से कारोबार को मिली रफ्तार

लखनऊ योगी सरकार के ‘नारी सशक्तीकरण’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को वाराणसी के ओदार गांव की शिवानी पटेल धरातल पर उतार रहीं हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के जरिए शिवानी ने न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि नारी सशक्तीकरण का जीवंत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने मधुमक्खी पालन को आज ‘बनारसी हनी’ जैसे सफल ब्रांड में तब्दील कर दिया है। शिवानी ने बताया कि, एक समय था जब वह निजी क्षेत्र में नौकरी करती थीं लेकिन उनका मन अपना व्यवसाय करने का था । इसके बाद उन्होंने अपने सपनों को व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया और मधुमक्खी के महज  5 बक्सों से अपने सफर की शुरुआत की। किसी भी नए व्यवसाय के लिए सबसे बड़ी बाधा पूंजी के इंतजाम की  होती है। शिवानी के सपनों को तब पंख मिले जब उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA)’ योजना के बारे में पता चला। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से शिवानी को वित्तीय सहायता मिली। इस योजना के तहत शिवानी को ब्याजमुक्त ऋण मिला। सरकार के इस सहयोग ने मधुमक्खियों के और बक्से खरीदे। अब उनको अच्छी कमाई हो रही है।  शिवानी बताती हैं कि योजना के तहत ऋण का लाभ मिलने के बाद शहद का उत्पादन इतना बढ़ा कि उन्होंने अपना ब्रांड खड़ा कर लिया। वे खुद बक्सों की निगरानी करतीं हैं। परिजनों की मदद से शहद निकालतीं हैं और उसकी शुद्धता सुनिश्चित करतीं हैं। उनके पास ‘मल्टी-फ्लोरल’ और ‘सरसों’  जैसे विभिन्न प्रकार के शहद उपलब्ध हैं। शिवानी पटेल की यात्रा यह साबित करती है कि यदि सही विजन और सरकार का साथ मिले तो महिलाएं किसी भी बाधा को पार कर सकती हैं।

यूपी के किसानों के खाते में 21वीं किस्त तक आई 94,668.58 करोड़ की धनराशि

लखनऊ मोदी-योगी सरकार अन्नदाता किसान की समृद्धि को बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार खेत से लेकर किसानों के सम्मान तक निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी असम से किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त भेजेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे 4335.11 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। यूपी के किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक (21वीं किस्त) 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।  प्रतिवर्ष तीन किस्त में दी जाती है छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता   शुक्रवार को जारी होने वाली पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों के खाते में 4335.11 करोड़ की धनराशि आएगी। योजना की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में तीन किस्त में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयम्बटूर से सम्मान निधि का लाभ किसानों को दिया था।  यूपी के किसानों के खाते में आ चुके हैं 94668.58 करोड़ रुपये  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 21वीं किस्त तक 94668.58 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है। शुक्रवार को 4335.11 करोड़ जारी होने के बाद यह राशि 99003.69 करोड़ रुपये हो जाएगी।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26  (अप्रैल-जुलाई)    5043.33 करोड़ 2025-26  (अगस्त-नवंबर)  4314.26 करोड़  2025-26  (दिसंबर-मार्च)   4335.11 करोड़ (यह राशि शुक्रवार 13 मार्च को खाते में भेजी जाएगी) कुल-   99003.69 करोड़ रुपये

5 लाख रुपये के ब्याज-गारंटी मुक्त लोन ने साकार किया सपना

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर उद्योग-व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को उनके सपने पूरे करने में अहम योगदान निभा रही हैं। गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज की बेड़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। इनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा और समर्थन से महिलाएं अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।  प्ले स्कूल खोलने का सपना किया साकार मुख्यमंत्री युवा योजना को लेकर अनिता मद्धेशिया ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र (DIC) में संपर्क किया और योजना की जानकारी ली। आवेदन के बाद मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से उनको 5 लाख रुपये का ब्याज-गारंटी मुक्त लोन मिला। अनिता ने इस योजना का लाभ लेते हुए एएस प्लेवे क्लासेज ‘A.S. Playway Classes’ नाम से प्ले-स्कूल शुरू किया। आज वह स्वयं एक सफल उद्यमी बनकर अपने साथ 4 अन्य युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं और समाज को एक बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना से सशक्त, आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सहयोग और महिलाओं के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी योजनाओं से अनिता मद्धेशिया जैसी हजारों महिलाएं आज सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना सरकार की एक पहल है, जिससे राज्य के युवा उद्यमिता का सपना पूरा कर रहे हैं। योगी सरकार इस योजना के माध्यम से शिक्षित और कुशल युवाओं को अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना चाहती है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त 5 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इच्छुक युवा अपने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की पूर्ण जानकारी लेकर उद्यमी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

अखिलेश यादव ने की अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात, शंकराचार्य विवाद को लेकर भाजपा पर विपक्ष आक्रामक

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की भी ली जानकारी

अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

एनएचएआई के टोल प्लाजा का परीक्षण कर निर्धारित किया जा रहा स्टाम्प देय

लखनऊ, योगी सरकार प्रदेश के राजस्व संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं निबंधन विभाग विशेष अभियान चलाकर अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण, लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण और विभिन्न संस्थाओं से देय स्टाम्प शुल्क की वसूली पर जोर दे रहा है। अभियान का उद्देश्य राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। स्टाम्प दरों का कराया जा रहा व्यापक सर्वे प्रदेश भर के विकास प्राधिकरणों,  आवास विकास परिषद,  यूपीएसआईडीसी तथा अन्य संस्थाओं की अपंजीकृत संपत्तियों का विशेष अभियान के तहत पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विकास प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों से जुड़े समझौतों और परियोजनाओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्धारित स्टाम्प शुल्क का भुगतान समय पर हो। इसके साथ ही स्टाम्प दरों का भी व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य प्रदेश में संपत्तियों की अद्यतन और वास्तविक न्यूनतम बाजार दरों को मूल्यांकन सूची में शामिल करना है, ताकि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आए और बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकें। सर्किल दर सूची के सरलीकरण और मानकीकरण का प्रारूप पहले ही जारी किया जा चुका है।  जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से मिलेगा 100 करोड़ का राजस्व विभाग की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में विशेष कार्ययोजनाएं भी बनाई गईं हैं। मुरादाबाद में एमडीए की सहायक और गोविंदपुरम आवासीय योजनाओं से लगभग 22 करोड़ रुपये, वाराणसी में वीडीए की गंजारी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से करीब 40 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर में जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से लगभग 100 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है। इसके अलावा जीआईडीए के लीज और फ्रीहोल्ड विलेखों से लगभग 50 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इन सभी स्रोतों से मार्च 2026 तक करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। एनएचएआई के टोल प्लाजा से 72 करोड़ का स्टाम्प देय निर्धारित एनएचएआई के टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की भी गहन समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में एनएचएआई के कुल 123 टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों के बीच हुए समझौतों का परीक्षण कर लगभग 72 करोड़ रुपये की स्टाम्प देयता निर्धारित की गई है। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में वाद दर्ज किए गए हैं और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद में एक मामले का निस्तारण करते हुए लगभग 70 लाख रुपये की वसूली की गई है, जबकि कुशीनगर में दो मामलों में लगभग 52 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के कई जिलों में विकास प्राधिकरणों और निजी कॉलोनाइजरों की अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण के माध्यम से भी राजस्व बढ़ाने की योजना है। गौतमबुद्धनगर में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामलों से लगभग 93 करोड़ रुपये का राजस्व की संभावना है। वहीं, मेरठ में निजी बिल्डरों की अपंजीकृत संपत्तियों और आरआरटीएस परियोजना से लगभग 252 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसी तरह गाजियाबाद में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय योजना और यूपीएसआईडीसी की मोदीनगर परियोजना से लगभग 153 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की संभावना जताई गई है। इसी तरह बरेली में बीडीए की पीलीभीत आवासीय योजना से करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

मंदिर में आये श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

लखनऊ/बलरामपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार प्रातः तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री गोशाला गए, जहां उन्होंने गायों को गुड़ व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर व गोशाला की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को बलरामपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां पाटेश्वरी मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे। जन प्रतिनिधियों से भी किया संवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार सुबह विधायक पलटूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, नगर पालिका चेयरमैन धीरेन्द्र प्रताप सिंह आदि ने मुलाक़ात की। मुख्यमंत्री ने सभी का कुशलक्षेम जाना, फिर कहा कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के उचित निराकरण पर जोर दें और सरकार की योजनाओं से पात्र लोगों को लाभान्वित भी कराएं।

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