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लखनऊ में तस्कर को पकड़ा गया, 12 करोड़ की हेरोइन और भारी नशे की खेप बरामद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां करीब 12 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी को शहर के चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास से पकड़ा गया. पुलिस ने उसके कब्जे से हेरोइन, मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकदी भी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि चौक इलाके में एक तस्कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की सप्लाई करने के लिए पहुंचने वाला है. इस सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।  टीम ने चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार में मौजूद आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है, जो लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के न्यू हैदरगंज इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है. पूछताछ में पता चला है कि वह इस मादक पदार्थ को शहर में सप्लाई करने के लिए लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और 6,080 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. वह किस गिरोह से जुड़ा है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

मेरठ में टी-20 फाइनल का आनंद: बड़े पर्दे पर लाइव मैच देखने का मौका

मेरठ आज शाम सात बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच खेला जाना है। पीवीएस स्थित इनोक्स और एनवाई सिनेमा में टिकटों की एडवांस बुकिंग चल रही है। क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबला रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला देखने के लिए सभी ने खास तैयारियां की हैं। शहर में भी कई क्लबों, होटलों और पार्कों में मैच के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कई जगहों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर मैच देखा जाएगा। अलेक्जेंडर क्लब में भी क्रिकेट प्रेमी बड़ी स्क्रीन पर मैच देखेंगे। क्लब के सभी सदस्य यहां एकत्र होंगे और मैच का लुत्फ उठाएंगे।   शाम सात बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच का प्रसारण होगा। छुट्टी का दिन होने के कारण हर कोई मैच देखने की योजना बना रहा है। क्रिकेट मैच को लेकर सभी ने कुछ न कुछ तैयारी की है। वहीं, शहर के क्लब और होटल भी इस मौके को भुनाने में लगे हैं। अलेक्जेंडर एथलेटिक क्लब के उपाध्यक्ष जेपी अग्रवाल ने बताया कि सेमीफाइनल में भी क्लब में बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। अब फाइनल मैच में और भी बड़ी स्क्रीन क्लब के प्रथम तल पर लगाई जाएगी। इस दौरान काफी संख्या में क्लब के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। अमन अग्रवाल ने बताया कि क्लब के सभी सदस्यों को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है। सभी एक साथ मिलकर क्रिकेट मैच का लुत्फ उठाएंगे।   शहर में सम्राट हैवेंस, होटल हारमनी इन, मार्स, क्रिस्टल पैलेस, ब्रेवुरा समेत तमाम बड़े होटलों और बार में भी बड़ी स्क्रीन पर लोग मैच का लुत्फ उठा सकेंगे। कई होटलों में तो व्यंजन और पेय पदार्थों पर 20 से 25 प्रतिशत तक छूट भी दी गई है। होटल हारमनी इन के नवीन अरोड़ा ने बताया कि उनके यहां पर मैच देखने आने वाले लोगों के लिए टेरिस पर विशेष इंतजाम किया गया है। यहां सभी को 20 से 25 प्रतिशत तक छूट का ऑफर भी दिया जाएगा।   वर्ल्ड कप हमारा होगा – भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी फार्म में हैं। संजू सैमसन भी पिछले दो मैच से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय टीम मैच जीतेगी और वर्ल्ड कप हमारा होगा। – प्रवीण कुमार, पूर्व क्रिकेटर भारतीय टीम परिवार के साथ देखेंगे मैच – भारतीय टीम मैच जीतेगी और हम लगातार दूसरी बार वर्ल्डकप जीतेंगे। मैच को लेकर घर पर ही तैयारी की गई है। मामा व कोच तनकीब अख्तर समेत सभी परिजन एक साथ मैच देखेंगे। – समीर रिजवी, रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी यूपी टीम   सिनेमाघरों में भी देख सकेंगे फाइनल मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी-20 वर्ल्डकप फाइनल मैच को क्रिकेट प्रेमी शहर के कई सिनेमाघरों में भी देख सकेंगे। सिनेमाघरों में मैच का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। पीवीवीएस स्थित इनोक्स सिनेमा में शाम सात बजे से मैच का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए दर्शकों के द्वारा एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। रविवार का दिन होने के कारण काफी संख्या में क्रिकेट प्रेमी परिवार सहित बुकिंग भी करा रहे हैं। पीवीएस मॉल के मैनेजर सचिन और इनोक्स के मैनेजर शशिकांत ने बताया कि शनिवार को भी काफी संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई। रविवार को भी बुकिंग जारी रही। मैच का प्रसारण शाम सात बजे से होगा। शाम 6:30 बजे से लोगों को सिनेमाघर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा एनवाई सिनेमा बुढ़ाना गेट में भी मैच के प्रसारण को लेकर ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है।  

यूपी की दो IPS अफसरों की रोमांटिक जोड़ी: लेडी सिंघम और सख्त एसपी की लव स्टोरी

 संभल यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए. उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। कई बड़े मामलों में निभाई अहम भूमिका बरेली में तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई. धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और हत्या के मामलों में पुलिस टीमों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया. संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रियता के कारण पुलिस की कार्यवाही को गति मिली और कई मामलों में कम समय में खुलासा संभव हुआ। सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं केके बिश्नोई दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए. नवंबर 2024 में संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने कम समय में हालात को नियंत्रित कर लिया था. हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कानून व्यवस्था संभालने की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर तक हुई। बिजली चोरी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई संभल में पुलिस ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक अपराधों पर भी कार्रवाई की. बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन पकड़े गए. इसके अलावा जिले में एक बड़े बीमा घोटाले का भी खुलासा हुआ. जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये के फर्जी दावों की जांच की गई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चित जोड़ी पुलिस सेवा में काम करने वाले अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में दो तेजतर्रार अधिकारियों का जीवनसाथी बनने का फैसला अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. दोनों अधिकारियों को उनके काम को लेकर प्रदेश स्तर पर पहचान मिल चुकी है. कई मौकों पर उनकी कार्यशैली की चर्चा भी होती रही है. अब यह जोड़ी जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही है. 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाला विवाह समारोह दोनों परिवारों के लिए खास होगा. कानून व्यवस्था संभालने वाले दो सख्त अधिकारी अब निजी जीवन में भी एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें लेंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह जोड़ी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है. गोरखपुर से शुरू हुई थी प्रेम कहानी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल में तैनाती से पहले 29 महीने तक गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात रहे थे. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी करीब माने जाते हैं और जब भी मुख्यमंत्री गोरखपुर मठ आते थे, तो बिश्नोई सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी के साथ कमान संभालते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2021 बैच की आईपीएस अंशिका वर्मा से हुई थी, जो उस समय वहां एएसपी के पद पर तैनात थीं. संभल की संवेदनशीलता और CM का भरोसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील जिले संभल की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केके बिश्नोई को वहां भेजने का फैसला किया था. संभल में जॉइनिंग से पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश मिले थे. संभल हिंसा पर बड़ी कार्यवाही करने वाले बिश्नोई को उनके साहसिक नेतृत्व के लिए 2025 में ‘मुख्यमंत्री मेडल’ से सम्मानित किया गया था। माता-पिता के साथ CM की वो यादगार तस्वीर मुख्यमंत्री मेडल सम्मान समारोह के दौरान आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के माता-पिता, गंगा देवी और सुजाना राम बिश्नोई की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ … Read more

स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली विवादित, यूपी में बिजली बिल में बड़ी वापसी तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस की जाए। आयोग ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनकी कुल लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि बिजली बिलों में समायोजित कर लौटाई जाए।   यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की है। उस दिन पाॅवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में बताया गया कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। इसमें सिंगल फेज पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे। इस संबंध में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में याचिका दाखिल कर इस वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 353357 नए कनेक्शन जारी किए थे, जिनसे यह अतिरिक्त राशि वसूली गई। आयोग के आदेश के बाद परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की ओर से आयोग का आभार जताया।

यमुना प्रदूषण नियंत्रण के लिए एसटीपी, एसपीएस और पंपिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाएं: मुख्यमंत्री

मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किमी फोरलेन मार्ग विकसित करने, पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता के अध्ययन और 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास को लेकर निर्देश मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं का पीपीपी मॉडल पर होगा विकास यमुना रिवर फ्रंट के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना पर सहमति ब्रज के 36 वनों के इको रेस्टोरेशन, वन महोत्सव में व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश   वृंदावन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के कार्यों को अनुमोदित किया गया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाहकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एवं सचिव आवास शहरी नियोजन डॉ. बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह तथा एसएसपी श्लोक कुमार उपस्थित रहे।

योगी सरकार में स्मार्ट टीवी से आधुनिक बन रहे सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र

प्रदेश के हजारों केंद्रों में डिजिटल शिक्षा से बदल रहा पढ़ाई का तरीका तकनीक से मजबूत हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था में आई क्रांति लखनऊ, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। प्रदेश भर में लगभग 16 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्ले स्कूल जैसी सुविधाओं से लैस करना है। डिजिटल तकनीक से बदल रहा आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वरूप स्मार्ट टीवी के उपयोग से अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का पारंपरिक तरीका बदल रहा है। स्मार्ट टीवी की स्थापना पर प्रति इकाई लगभग 25 हजार रुपये का व्यय किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को कहानियों, पहेलियों, कार्टून और एनिमेशन के माध्यम से डिजिटल सामग्री दिखाई जा रही है। इसके जरिए छोटे बच्चे खेल खेल में अक्षर ज्ञान, गिनती और रंगों की पहचान करना सीख रहे हैं। इस डिजिटल पद्धति से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है और उनकी भाषा व संप्रेषण क्षमता भी विकसित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती शिक्षा के इस नए मॉडल से बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बेहतर आधार मिलेगा। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना से मिल रही नई गति डिजिटल माध्यमों के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का वातावरण अधिक आकर्षक और प्रभावी बन रहा है। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा में तकनीक का यह समावेश भविष्य में बच्चों की शैक्षिक यात्रा को मजबूत आधार प्रदान करेगा। योगी सरकार की यह पहल न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बना रही है, बल्कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी तय कर रही है।

शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला, नाक काटने का प्रयास

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में एक बड़ी वारदात सामने आई है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और उनके चेहरे पर कई वार किए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। कौशांबी के सिराथू के पास हुआ हमला जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। जब ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुँची, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों और पीड़ित के बयान के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके पास धारदार हथियार थे। हमलावरों ने आशुतोष ब्रह्मचारी को घेर लिया और सीधे उनके चेहरे पर प्रहार करना शुरू कर दिया। हमलावरों का मुख्य निशाना उनकी नाक थी, जिसे काटने का प्रयास किया गया। हमले में उनके नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। टॉयलेट में छिपकर बचाई जान अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी लहूलुहान हालत में भागे और खुद को ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बंद कर लिया। हमलावरों ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक शोर मचने और अन्य यात्रियों के सक्रिय होने के कारण वे मौके से फरार हो गए। प्रयागराज पहुँचने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपना प्राथमिक उपचार कराया। शंकराचार्य और अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानन्द और उनके अन्य सहयोगियों पर आरोप लगाया है। आशुतोष का दावा है कि इन सभी ने मिलकर उनकी नाक काटने और जान लेने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने शंकराचार्य के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं। पुलिस जांच और तनाव प्रयागराज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला कौशाम्बी के सिराथू के पास का है, इसलिए जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ का सालाना पैकेज छोड़कर यशराज किसानों के साथ करेंगे गो संरक्षण

सीएम योगी के विजन को साकार करने में सहयोग करेगी आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर की स्पेशल टीम गोबर, गोमूत्र और बायोगैस के जरिए युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्लांटों के माध्यम से गोबर-गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री के विजन को अब नयी पीढ़ी की तकनीक और युवाओं की ऊर्जा का साथ मिलने से यूपी देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल वाला राज्य बनने जा रहा है। युवाओं के लिए आजीविका का बनेगा नया मॉडल गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा। इस पहल की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर के पासआउट छात्र यशराज गुप्ता कर रहे हैं, जिन्होंने शनिवार को जालौन में अपने चार अन्य साथियों के साथ गोसेवा आयोग की टीम से मिलकर गोसंरक्षण पर काम करने की रणनीति बनाई है। तकनीक के सही उपयोग से गोसंरक्षण बनेगा ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम जालौन से इस परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि यशराज ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर गोसेवा से जुड़े इस सामाजिक और पर्यावरणीय मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और स्थायी विकास मॉडल, दोनों से जुड़ी है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। शुरुआत में जालौन जिले की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। सफल प्रयोग के बाद प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में इसी तकनीक का विस्तार किया जाएगा। ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ के औद्योगिक उपयोग पर देंगे विस्तृत प्रशिक्षण यशराज और उनकी टीम ने ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) के औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम ऐसे उत्पाद तैयार करेगी, जिनकी बाजार में ब्रांडिंग और बिक्री की संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गोसंरक्षण के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत गोआश्रय स्थल अब पशुधन संरक्षण के साथ ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन के केंद्र बनेंगे। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसान की आमदनी में सीधा इजाफा होगा। इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य जालौन से शुरू हो रही यह परियोजना यूपी के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। स्टार्टअप के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर से निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर यशराज और उनकी टीम ने आने वाले समय में इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण केवल सेवा या परंपरा का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार बने।

राम नाम मंदिर स्थापना समारोह: 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी शुरुआत, हजारों मेहमान होंगे मौजूद

अयोध्या रामनगरी में नव संवत्सर – समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के लिए करीब पांच हजार विशिष्ट मेहमानों की सूची तैयार कर ली गई है। समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। वह राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी। साथ ही राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र व श्रीराम नाम मंदिर स्थापना भी करेंगी। पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम में दर्शन सुचारु रखने की योजना भी बनी है। 19 मार्च को सुबह नौ बजे से अनुष्ठानों का शुभारंभ हो जाएगा। दक्षिण भारत, काशी व अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे। काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे। समारोह में केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृता मरी, कर्नाटक के धर्माधिकारी पद्मभूषण वीरेंद्र हेगड़े और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल होंगे। मां अमृता के साथ 100 से अधिक अनुयायी भी अयोध्या आ रहे हैं, उनके ठहरने के लिए कमरे बुक कराए जा रहे हैं। मेहमानों में उत्तराखंड के भी कारसेवक शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या जिले से करीब एक हजार लोगों को मेहमान के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समारोह की तैयारी की समीक्षा करने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी अयोध्या पहुंचे हैं और वह ट्रस्ट के पदाधिकारी और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। वहीं, राम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को पंजाब से 1500 श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंचा।. सभी ने रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर की व्यवस्था को सराहा। साथ ही अयोध्या के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी की सराहना भी की।

लखनऊ में Keshav Prasad Maurya के हेलीकॉप्टर में तकनीकी समस्या, समय पर हुई इमरजेंसी लैंडिंग

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर में धूआं भर गया। वे लखनऊ से कौशांबी जा रहे थे। वहां बाबू सिंह डिग्री कॉलेज मैदान, सयारा में दो दिवसीय सरस महोत्सव का उद्घाटन करना था। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है। हेलीकॉप्टर लखनऊ के ला मार्टिनियर ग्राउंड (ला मार्ट्स) से उड़ान भरा। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी आ गई। सबसे पहले हेलीकॉप्टर का डिस्प्ले बंद हो गया। फिर अचानक केबिन में धुआं उठने लगा। धुआं इतनी तेजी से फैला कि पूरा केबिन धुंए से भर गया। स्थिति बहुत गंभीर हो गई थी। पायलट ने तुरंत समझदारी दिखाई और हेलीकॉप्टर को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट (चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।   कितने लोग थे सवार ला मार्टिनियर ग्राउंड से अमौसी एयरपोर्ट की हवाई दूरी सिर्फ 11-12 किलोमीटर है। इसलिए हेलीकॉप्टर ज्यादा दूर नहीं जा पाया था। इमरजेंसी लैंडिंग सफल रही। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उनके साथ मौजूद सभी सुरक्षाकर्मी और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी को कोई चोट नहीं आई।   उपमुख्यमंत्री के कार्यालय ने इस घटना की पुष्टि की है। अब वे कौशांबी अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे हैं। हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या न आए। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। सबकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आई। अब दूसरे हेलिकाप्टर से कौशाम्बी जायेंगे जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अब कौशाम्बी जाने के लिए अपने पहले हेलिकॉप्टर की बजाय दूसरे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करेंगे। केशव मौर्य अब दूसरे हेलीकॉप्टर से कौशांबी के लिए रवाना हो गए हैं। उनके यात्रा कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है।

सीएम योगी का बयान: जनता का विश्वास ही यूपी की सबसे बड़ी पूंजी

आगरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार और संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। सीएम याेगी शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। उन्‍होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। उन्‍होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा। पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और पीएम मोदी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।

CM योगी का मथुरा दौरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन कर प्रदेश की शांति-समृद्धि के लिए मांगी दुआ

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कान्हा की नगरी मथुरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और विधिवत पूजन-अर्चन कर श्रद्धा निवेदित की। ब्रज की पावन धरा से प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज भूमि का कण-कण ऊर्जा और भक्ति से भरा है। प्रभु श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाकर मन को असीम शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान का आशीर्वाद प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर बना रहे। उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

यूपी में दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर घर से निकल रहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम अब केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि महिलाओं की आजादी, सशक्तीकरण और स्वावलंबन का जीता जागता पर्याय हैं। योगी सरकार में पिछले 9 साल के भीतर महिला सशक्तीकरण की एक नई तस्वीर सामने आई है। सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति अभियान मील का पत्थर साबित हुआ। दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल या ऑफिस आ-जा रही हैं। प्रदेश में आज मातृशक्ति स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, स्वस्थ और स्वावलंबी है।  मिशन शक्ति- महिला सशक्तीकरण की नई इबारत प्रदेश सरकार की ये सबसे बड़ी उपलब्धि है कि महिलाएं भयमुक्त होकर जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत प्रदेश में 1694 एंटी रोमियो स्क्वायड सक्रिय हैं, जिन्होंने अब तक 1 करोड़ 18 लाख से अधिक सार्वजनिक स्थलों की चेकिंग की है और 4 करोड़ 52 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 24,871 अभियोग दर्ज हुए और 33,268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 1 करोड़ 64 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी दी गई। सेफ सिटी योजना के अंतर्गत 17 नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर में 7,95,699 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा 4,150 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। इन कदमों से महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। मिशन शक्ति के प्रभाव से रेप, महिलाओं और बच्चों के अपहरण, दहेज हत्या व घरेलू हिंसा के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत तंत्र प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक संस्थागत ढांचा विकसित किया गया है। अब तक 44,177 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है और सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी शिकायतें सुनती हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के एकीकरण से त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में 9,172 महिला बीट सक्रिय हैं और करीब 19,839 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। लखनऊ में 100 पिंक बूथ स्थापित किए गए, जहां 25,216 शिकायतें प्राप्त हुईं और इनमें से 24,659 मामलों का समाधान काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया। मिशन शक्ति फेज-5 में 50 लाख लोगों को जागरूक किया गया।  कौशल और शिक्षा से बढ़ते अवसर महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा व कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है। उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से युवतियों को आईटी, हेल्थकेयर, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस और रिटेल सहित लगभग 35 सेक्टरों में 1300 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्रों में डिजिटल स्किल, सॉफ्ट स्किल और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि युवतियां आधुनिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। आर्थिक भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 9.11 लाख से अधिक समूहों, 63,519 ग्राम संगठनों एवं 3272 संकुल स्तरीय संघों का गठन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र की 99 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया। लखपति महिला योजना के अन्तर्गत 33 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन किया गया और 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं। बी.सी. सखी ने कार्य करते हुए रु. 40 हजार करोड़ से अधिक का वित्तीय लेनदेन किया। बी. सी. सखियों ने रु. 109 करोड़ का लाभांश अर्जित किया। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता महिला सशक्तीकरण योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 26.78 लाख और निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत 38.58 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। वन स्टाप सेंटर से अब तक 2.39 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 189 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 1100 पिंक शौचालयों का निर्माण किया गया। 181-महिला हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत 8.42 लाख महिलाओं को सहायता मिली है। हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के अंतर्गत 28.63 लाख महिलाओं तथा बालिकाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। वीबी- जी राम जी में मानव दिवस सृजन में 2025-26 में महिला सहभागिता 42 प्रतिशत है, 23.51 लाख महिला श्रमिकों को रोजगार मिला। 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु वैक्सिनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिस वैक्सीन की कीमत पहले लगभग 2100 रुपये थी, उसे कम करते हुए 300 रुपये तक लाया गया।

बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र में अब तक 24 हजार एकड़ से अधिक भूमि अर्जित, बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की तैयारी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे क्षेत्र में बड़े निवेश और उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीडा क्षेत्र में कुल 33 गांवों में लगभग 56,662 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसमें प्रथम चरण में 35,298 एकड़ और द्वितीय चरण में 21,364 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। अब तक कुल 24,201 एकड़ से अधिक भूमि अर्जित की जा चुकी है, जिससे औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उद्योगों के लिए तेजी से तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर योगी सरकार का लक्ष्य बुंदेलखंड को देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। इसके लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की गति बढ़ने से अब क्षेत्र में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध हो रही है, जिससे निवेशकों की रुचि भी बढ़ी है। योगी सरकार की यह पहल बुंदेलखंड को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में यह क्षेत्र निवेश और उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।  दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ेगा क्षेत्र इस क्षेत्र में करीब 300 एकड़ भूमि पर नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के साथ दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे बुंदेलखंड देश के प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर से सीधे जुड़ सकेगा और यहां उद्योगों की स्थापना को नई गति मिलेगी। डिफेंस सेक्टर में भी बड़े निवेश की तैयारी औद्योगिक विकास के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में भी बड़े निवेश की योजना बनाई जा रही है। करीब 250 एकड़ भूमि पर बैटल टैंक की एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) सुविधा तथा कॉम्बैट व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में रक्षा उपकरणों के निर्माण और रखरखाव की आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर इन औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने से बुंदेलखंड क्षेत्र में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों की स्थापना से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ के माध्यम से महिला उद्यमी रच रहीं हैं इतिहास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना के तहत युवाओं को बिना बैंक गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा मिल रही है। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बन रहे हैं। लखनऊ की रहने वाली बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा की सफलता की कहानी इसी पहल का उदाहरण है। उन्होंने ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड के माध्यम से न केवल पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद तैयार किए, बल्कि कई युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ के तहत मिला ऋण बना सहारा तूबा ने बताया कि उन्होंने प्राकृतिक पर्सनल केयर ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड की शुरुआत कर पर्यावरण के अनुकूल रोजमर्रा में उपयोग होने वाले उत्पाद बनाने का लक्ष्य बनाया। अपने उत्पादों में एक ऐसा ब्रांड बनाने की यात्रा शुरू की जो पर्यावरण के अनुकूल हो। शुरुआती दिनों में इनको कच्चा माल तैयार करने और मशीनरी इत्यादि खरीदने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। इंटीग्रेटेड फाउंडेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा योजना की जानकारी मिली। योजना के लिए आवेदन किया और महज 15 दिनों के अंदर ही 05 लाख रुपए का ऋण मिला, जो बिना किसी बैंक गारंटी और पूर्ण रूप से ब्याजमुक्त है। अब वे रसायनमुक्त सौंदर्य प्रसाधन बनाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से हर्बल शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, हर्बल हेयर ऑयल, बॉडीवाश, लोशन और हाथ से बने साबुन आदि प्रमुख हैं। इनकी बिक्री से उन्हें अच्छी आय हो रही है। कई युवाओं को रोजगार देकर पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल तूबा ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना के तहत मिले 05 लाख के ऋण से मैने मशीनरी और कच्चा माल खरीदा। आज हम बड़े-बड़े ऑर्डर लेकर काम कर रहे हैं। हमारे इस प्रयास से 04 महिलाओं समेत कुल 07 कर्मचारियों को रोजगार का अवसर मिला है। हमारे उत्पाद 50 से ज्यादा आउटलेट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर में उपलब्ध हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना का लाभ लेकर केवल तुबा ही नहीं बल्कि प्रदेश की अन्य युवा महिलाएं भी इसी प्रकार अपना व्यवसाय शुरू कर रहीं हैं। इस पहल ने युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं।    योगी सरकार का हर साल 01 लाख युवा उद्यमी बनाने का लक्ष्य   ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष के युवाओं को ब्याजमुक्त और बिना किसी बैंक गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहले चरण में सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण मिलता है। दूसरे चरण के लिए पहले चरण का ऋण समय पर चुकाने वाले उद्यमी ₹10 लाख तक की परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक युवा उत्तर प्रदेश के आधिकारिक एमएसएमई (MSME) पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक CM-YUVA पोर्टल पर जा सकते हैं। योगी सरकार का लक्ष्य युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए हर साल 1 लाख युवाओं को उद्यमी बनाने के साथ कुल 10 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है।

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