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पर्व-त्योहार उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम: मुख्यमंत्री

  होली पर बढ़े आवागमन को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलें, मनमाना किराया वसूलने वालों पर होगी सख्ती पर्व-त्योहार के समय पर्याप्त पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा- जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद सहित आगामी पर्वों के दौरान शरारतन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। उन्होंने कहा है कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हर कोशिश पर सख्ती से कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और सभी पर्व-त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएं। शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने होली, रमजान, नवरोज, ईद सहित सभी आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए फील्ड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन तथा जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में होली के साथ नवरोज, ईद और बासंतिक नवरात्र का पर्व है तथा बोर्ड परीक्षाएं भी हो रही हैं। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए बीते पाँच वर्षों की घटनाओं की समीक्षा कर उनसे सीख लेते हुए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाएं घटित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और शोभायात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए, साथ ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होलिका दहन समितियों तथा पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं, ताकि पर्वों के दौरान आपसी समन्वय और सौहार्द बना रहे। होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो। उन्होंने निर्देश दिए कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए और किसी के उत्साह में ऐसा कोई कृत्य न हो जिससे किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को नीचा दिखाने या परेशान करने की स्थिति उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब भी कई धर्मस्थलों पर ऐसे लाउडस्पीकर लगे हुए हैं, जिन्हें संवाद और समन्वय के माध्यम से हटाया जाना चाहिए ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मुख्यमंत्री ने लोकल इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फेक अकाउंट्स की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना का स्थानीय प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी खंडन किया जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। होली के अवसर पर लोगों के आवागमन में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन में लगाया जाए तथा निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बसें सड़क किनारे न खड़ी हों, अपनी तय जगह पर ही रहें। ऊर्जा विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोस्टरिंग न की जाए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली अथवा अवैध मदिरा न तो बने न ही बिके। बैठक में जनसुनवाई समाधान प्रणाली की जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से मंडलायुक्त, पुलिस रेंज, पुलिस जोन, जिलाधिकारी तथा पुलिस आयुक्त/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और इकाइयों की सराहना की, जबकि अपेक्षित प्रदर्शन न करने वाली इकाइयों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्टार पैरा तीरंदाज व अर्जुन अवार्ड से सम्मानित शीतल देवी समेत कई खिलाड़ियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

लखनऊ, भारतीय महिला तीरंदाजी टीम की सदस्यों ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि  लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसमें देश की अनेक नामचीन खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। शनिवार को मुलाकात के दौरान स्टार पैरा-तीरंदाज व अर्जुन पुरस्कार से अलंकृत शीतल देवी समेत सभी खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलम्पिक में अपने पैर से निशाना लगाकर पदक जीतने वाली इस महान खिलाड़ी का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने टीम की अन्य खिलाड़ियों का भी सम्मान किया।   इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार व उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अवनीश अवस्थी, खेल व युवा कल्याण विभाग के सचिव व पैरालंपियन सुहास एल वाई आदि मौजूद रहे।

खामेनेई की हत्या का ग़म: शिया मुसलमानों का लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन

लखनऊ राजधानी लखनऊ में रविवार को सुबह शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रोते बिलखते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। यहां तक कि महिलाएं भी सड़कों पर रोते दिखीं। छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र हो गए। इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि इस्राइल और यूएस ने मिलकर एक स्वतंत्र देश ईरान पर हमला किया, उन्होंने स्कूलों को भी नहीं छोड़ा। इसकी हम निंदा करते हैं। वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ़ अब्बास नक़वी ने कहा कि खामेनेई दुनिया के सभी मुसलमानों का ख्याल रखने वाले नेता थे। आज पूरी दुनिया ने देख लिया कि इस्राइल और यूएस ने किस तरह दहशतगर्दी फैलाई है। लखनऊ में शिया समुदाय के लोग तीन दिन का मनाएंगे शोक आयतुल्ला ख़ामेनई की शहादत पर घोषित तीन दिवसीय शोक के तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है।   उन्होंने बताया कि रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। मौलाना ने देशभर के शिया समुदाय से अपील की है कि रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करें और जहां संभव हो वहां कैंडल मार्च निकालें। साथ ही सभी लोगों से बड़ी संख्या में शोकसभा में शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि “जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है, अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे। इस्राइल और अमेरिका धोखेबाज़ हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि कल इस्राइल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे टेररिस्ट अटैक कहा जा रहा है। आज इसने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है, और आप सब खाड़ी में हालात देख रहे हैं। दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इज़राइल कैसे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और दहशतगर्दी फैला रहे हैं… खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे… कोई नहीं जानता कि यह चल रहा झगड़ा कहां ले जाएगा। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा…” ‘हम शहादत से नहीं डरते’ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हम शहादत से नहीं डरते… ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को कड़े शब्दों में कहा है कि ऐसा करारा जवाब दिया जाएगा कि वे इसे हमेशा याद रखेंगे… दुनिया दोनों देशों को खत्म होते देखेगी। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर, इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जीक्यूटिव मेंबर, खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, “ईरान एक आज़ाद देश है और जिस तरह से उस पर हमला किया गया, वह सभी इंटरनेशनल कानूनों के खिलाफ है… हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और इस जंग को रोकें। हम यह भी अपील करते हैं कि खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलाया जाए। मैं दुनिया भर के लोगों से, और खासकर अपने देश के लोगों से, शांति बनाए रखने की अपील करता हूं…” ‘ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते’ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि वो (US) बातचीत से धोखा देते रहे और युद्ध की धमकी देते रहे, लेकिन हमारे लीडर डरे नहीं और झुके नहीं। अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हजार खामेनेई उठ खड़े होंगे और यह युद्ध जारी रहेगा। ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते। ‘यह इंसानियत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है’ इस्रइल और US के हमलों में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि ये सब कायर हैं जिन्होंने एक ऐसे लीडर को शहीद कर दिया जो हमेशा दबे-कुचले लोगों की मदद करता था। ट्रंप और नेतन्याहू ने अपने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। अल्लाह उन्हें सजा देगा। हमने तीन दिन के शोक का एलान किया है, और लोगों को अपनी दुकानें और बिजनेस बंद कर देने चाहिए, लेकिन हमें किसी पर दबाव नहीं डालना चाहिए। यह इंसानियत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। हम आज रात 8 बजे कैंडललाइट मार्च निकालेंगे।

यूपी में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, पहले चरण के लिए अधिकारियों को मिले कड़े आदेश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गणना का काम किया जाएगा. इस चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक चलेगी. इसके बाद 22 मई से 20 जून तक अधिकारी घर-घर जाकर फील्ड कार्य पूरा करेंगे. राज्य में तय समय सीमा के अंदर काम हो सके इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.  राज्य में जनगणना के लिए अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. ये प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और बिना त्रुटि के पूरी की जाए इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी. इसमें डेटा संग्रह, प्रविष्टि और निगरानी सब कुछ ऑनलाइन होगा.  छह लाख कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के लिए क़रीब छह लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. यही नहीं इस बार पहली बार ऐसा होगा जब लोगों को मोबाइल एप के ज़रिए ख़ुद गणना करने का ऑप्शन भी मिलेगा. इसका मतलब ये होगा कि लोग ख़ुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए जमा कर सकेंगे.  डिजिटल तरीके से की जाएगी जनगणना राज्य में जनगणना का काम काफी बड़ा है जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लगाया जाएगा. जो घर-घर जाकर लोगों की गिनती और आवास की संख्या का डेटा जुटाएंगे. डेटा इकट्ठा करने और उसे सत्यापित करने का काम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए राज्य स्तर प एक राज्य नोडल कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखी जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि काम तय योजना के अनुसार हो रहा है.  नियमों के मुताबिक इस साल होने वाली जनगणना के कार्यक्रम को देखते हुए एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में नए तहसीलों, शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों आदि के गठन पर रोक लगा दी जाएगी. ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह का बदलाव न हो जिससे डेटा पर कोई प्रभाव न आए. 

इंदौर में शराब ठेकों का रिकॉर्ड ऑक्शन, 50 करोड़ में बिके सबसे महंगे ठेके, टॉप-10 दुकानें जानें

इंदौर नई आबकारी नीति लागू होते ही इंदौर सहित आसपास के जिलों में वर्षों से सक्रिय बड़े शराब ठेकेदारों को बड़ा झटका लगा है। शासन ने शराब दुकानों की ग्रुप व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए इंदौर में ग्रुपों की संख्या 60 से घटाकर 56 कर दी है। साथ ही गुजरात सीमा से जुड़े जिलों में लंबे समय से चली आ रही सिंगल ठेकेदार व्यवस्था समाप्त कर प्रतिस्पर्धात्मक सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस बार इंदौर जिले को 2102 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया है। दुकानों की संरचना नए सिरे से तैयार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित नई आबकारी नीति के तहत पूरे संभाग में शराब दुकानों की संरचना नए सिरे से तैयार की गई है। इंदौर के अलावा धार जिले में अब 21 ग्रुप बनाकर शराब ठेके दिए जाएंगे, जबकि झाबुआ जिले में 9 ग्रुप संचालित होंगे। खास बदलाव यह है कि गुजरात बॉर्डर से लगे धार, झाबुआ और आलीराजपुर जिलों में अब किसी एक ठेकेदार का वर्चस्व नहीं रहेगा। आबकारी विभाग ने सिंगल ठेकेदार मॉडल खत्म कर सभी दुकानों को ग्रुपिंग सिस्टम में शामिल कर दिया है, जिससे हर ग्रुप के लिए ई-टेंडर और खुली बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। शराब दुकानों की कीमतें आसमान छू रही शहर में शराब कारोबार का बाजार इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। शराब दुकानों की कीमतें आसमान छू रही हैं और हालात ऐसे हैं कि इंदौर में एक शराब दुकान की सालाना कीमत 50 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह केवल न्यूनतम आरक्षित मूल्य है, जबकि नीलामी के दौरान इससे कहीं अधिक बोली लगने की संभावना जताई जा रही है। आबकारी विभाग द्वारा आज से नई नीति के तहत शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग ने जिले की 173 शराब दुकानों की नीलामी की तैयारी पूरी कर ली है। नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत राज्यभर की शराब दुकानों की कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी आधार पर विभाग ने पिछले वर्ष की नीलामी दरों में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए नए सेल लेटर जारी किए हैं। इंदौर जिले की सभी 173 दुकानों को 56 समूहों में बांटा गया है, जिनका कुल न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2102 करोड़ रुपए रखा गया है। शहर की कई प्रमुख दुकानों की कीमत 40 से 50 करोड़ रुपए के बीच पहुंच गई है। 60 करोड़ तक पहुंच सकती है बोली जिले की सबसे महंगी शराब दुकान एमआर-9 घोषित की गई है, जिसका आरक्षित मूल्य 49.94 करोड़ रुपए तय किया गया है। आबकारी विभाग के अनुसार इसकी व्यावसायिक लोकेशन और भारी बिक्री क्षमता को देखते हुए इस पर 10 से 20 प्रतिशत तक अधिक बोली लग सकती है, जिससे कीमत 60 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। यह दुकान जिले की सबसे ज्यादा कमाई वाली दुकानों में शामिल मानी जाती है। सबसे महंगा समूह स्कीम-54 आबकारी विभाग द्वारा जारी सेल पेपर के अनुसार स्कीम-54 समूह जिले का सबसे महंगा समूह बनकर सामने आया है, जिसका कुल आरक्षित मूल्य 134.95 करोड़ रुपए रखा गया है। इस समूह में स्कीम-54, स्कीम-78, लसूड़िया गोदाम-1, लसूड़िया मोरी और निरंजनपुर की कुल पांच शराब दुकानें शामिल हैं। इसके बाद एमआर-9 समूह दूसरे स्थान पर है, जिसमें चार दुकानों का कुल मूल्य करीब 130 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। सबसे ज्यादा बिक्री भी इन्हीं क्षेत्रों में जिले में शराब की सर्वाधिक खपत एमआर-9 क्षेत्र में दर्ज की गई है। इसके बाद स्कीम-54 और द्वारकापुरी क्षेत्र प्रमुख बिक्री केंद्र रहे हैं। व्यावसायिक गतिविधियों, उच्च आबादी और लगातार आवागमन के कारण इन क्षेत्रों की दुकानें जिले की कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करती हैं। हर दुकान करोड़ों में नहीं हालांकि सभी शराब दुकानें करोड़ों में नहीं बिकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों की कई दुकानें अभी भी लाखों रुपए की श्रेणी में हैं। जिले की सबसे सस्ती दुकान बोरसी क्षेत्र की है, जिसका आरक्षित मूल्य 23.46 लाख रुपए रखा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार जिन दुकानों में ठेकेदार रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी कीमतें नीलामी में ऑफर नहीं मिलने की स्थिति में कम भी की जा सकती हैं, जैसा हर वर्ष कुछ दुकानों के मामले में होता है। आज से नीलामी, 2 मार्च को खुलेंगे टेंडर इंदौर सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने बताया कि ‘जिले की 173 दुकानों को 56 समूहों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 19 समूहों की 58 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। इच्छुक व्यापारी 2 मार्च तक टेंडर जमा कर सकेंगे और उसी दिन टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद शेष समूहों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।’ टॉप-10 सबसे महंगी शराब दुकानें एमआर-9 — 49.94 करोड़ स्कीम नं.-54 — 49.45 करोड़ द्वारकापुरी — 42.87 करोड़ एमआईजी — 40.42 करोड़ कनाड़िया चौराहा — 36.80 करोड़ राऊ क्रमांक-1 — 36.66 करोड़ चंद्रगुप्त चौराहा — 34.26 करोड़ पीपल्यापाला — 33.73 करोड़ आनंद बाजार — 31.54 करोड़ मूसाखेड़ी-1 — 31.11 करोड़ टॉप-5 सबसे महंगे समूह स्कीम-54 — 134.95 करोड़ एमआर-9 — 130.09 करोड़ एमआर-10 — 99.38 करोड़ एमआईजी — 98.03 करोड़  

न्यायालय में सुरक्षा पर सवाल: महिला ने पेशी के दौरान चाकू निकालकर दी धमकी

वाराणसी वाराणसी कचहरी परिसर स्थित एसीजेएम षष्ठम (ACJM VI) के कोर्ट रूम में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला ने जज के सामने ही अपने बैग से चाकू निकाल लिया। महिला एक पुराने मारपीट के मामले में पैरवी के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला अधिवक्ता से उसकी तीखी नोकझोंक हुई तो चाकू निकाल लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और वकीलों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को काबू में कर लिया। पुलिस ने फिलहाल महिला को हिरासत में ले लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मिर्जामुराद थाने के चंगवार बेनीपुर की रहने वाली महिला एसीजेएम षष्ठम की अदालत में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले महिला के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की थी। महिला इसी मामले का मेडिकल रिपोर्ट (मुआयना) बनवाकर कोर्ट में अपनी बात रखने पहुंची थी। कोर्ट रूम के भीतर वह एक महिला अधिवक्ता से मिली और उनसे अपने मामले में कड़ी कार्रवाई कराने की जिद करने लगी। जब महिला अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई से असमर्थता जताई तो महिला उग्र हो गई। बहस के दौरान ही उसने अचानक अपने बैग से चाकू निकाल लिया और वकील को धमकाने लगी। जज के सामने हुई इस घटना से कोर्ट रूम में खलबली मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके पास से मिले चाकू को कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच और पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। कैंट पुलिस के अनुसार, महिला अपने पारिवारिक विवाद को लेकर काफी तनाव में थी। वह बार-बार अपने साथ हुई मारपीट का जिक्र कर रही थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद महिला चाकू लेकर कोर्ट रूम के भीतर तक कैसे पहुंच गई। फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। सुरक्षा में बड़ी चूक महिला का चाकू लेकर कचहरी परिसर ही नहीं कोर्ट रूम में पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार कोर्ट में बम धमाके की धमकी मिल रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने का दावा किया जा रहा है। पिछले तीन चार दिनों से लगातार चेकिंग अभियान भी चलाने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी महिला का चाकू लेकर पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

101 बटुकों का पूजन भी नाकाफी: माघ मेले की घटना पर अविमुक्तेश्वरानंद की दो टूक

वाराणसी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे। कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।

गंगा क्रूज विवाद गरमाया, मंत्री बोले—हर प्रक्रिया में रखी गई पारदर्शिता

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर बुधवार को जोरदार चर्चा हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष के सवालों का विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में प्रश्न उठाते हुए पूछा कि वाराणसी में कितने सरकारी और निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं, उनके संचालन के मानक क्या हैं और क्या संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस पर मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में 5 सरकारी और 2 निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके संचालन के मानक भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं और उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण संबंधी विधेयक पारित किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और सदन को उपलब्ध कराने में कोई आपत्ति नहीं है। चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में सवाल उठाने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि अगर थोड़ा पढ़ लेते तो यह प्रश्न नहीं उठता। उनके इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम है। उनके अनुसार, वाराणसी समेत प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक नगर पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

अयोध्या में दर्शन शुल्क की खबरें गलत, विधान परिषद में सरकार ने दिया स्पष्ट जवाब

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में काशी और अयोध्या में सुगम दर्शन शुल्क को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रीराम मंदिर अयोध्या में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर में शुल्क निर्धारण का अधिकार संबंधित न्यास परिषद के पास है। उप मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता केशव प्रसाद मौर्य ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का संचालन मंदिर न्यास परिषद द्वारा किया जाता है और सुगम दर्शन शुल्क से जुड़े सभी निर्णय भी वही लेती है। इसके विपरीत राम मंदिर अयोध्या में सुगम दर्शन के लिए कोई शुल्क लागू नहीं है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच काशी में सुगम दर्शन के लिए लगभग 10.7 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची जारी की गई। उन्होंने कहा कि सामान्यत: प्रदेश के मंदिरों में सुगम दर्शन शुल्क लागू करने का निर्णय संबंधित ट्रस्ट या मंदिर प्रबंधन द्वारा लिया जाता है, जबकि राज्य सरकार सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करती है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में जहां लगभग 77 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2014 में लगभग 28 हजार विदेशी श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 3.99 लाख और वर्ष 2025 में 3.21 लाख रही। मौर्य ने कहा कि काशी, अयोध्या और प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालु संख्या बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का प्रमाण है। सरकार तीर्थ स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को और सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है।

प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर तैयारी पूरी

यमुना एक्सप्रेस-वे : जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए 500-500 एकड़ भूमि प्रस्तावित यीडा ने शासन को भेजी सूचना, सेक्टर-5ए में जापानी सिटी, सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव दोनों सेक्टर मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में होंगे विकसित प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर तैयारी पूरी   लखनऊ,   यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। 18 फरवरी 2026 को जारी पत्र में प्राधिकरण ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में इन दोनों प्रस्तावित सिटीज के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि इन दोनों सिटी को लेकर भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना तैयार कर ली गई है। पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आधिकारिक प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत जापान सिटी और सिंगापुर सिटी हेतु क्षेत्र चिन्हित कर सूचना उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई थी। इसी क्रम में प्राधिकरण ने सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया है। प्राधिकरण की महायोजना के अंतर्गत सेक्टर-7 और सेक्टर-5ए मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नियोजित हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित है। इसके साथ ही आवासीय उपयोग अधिकतम 12 प्रतिशत, वाणिज्यिक उपयोग अधिकतम 13 प्रतिशत तथा संस्थागत सुविधाएं न्यूनतम 5 प्रतिशत तक निर्धारित हैं। पत्र में कहा गया है कि इन सेक्टरों को एक इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है। जापानी सिटी के लिए सेक्टर-5ए  ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित है। इसी प्रकार सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7, ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है। दोनों ही परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इन सेक्टरों का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने का प्रस्ताव है।

जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी

नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी अन्नदाता को ‘आरोग्यदाता’ बनाएगी योगी सरकार लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है। इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है। बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस ‘कम लागत, ज्यादा लाभ’ वाले कृषि मॉडल पर है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।

विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

लखनऊ प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है. हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए. ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

परिवार और जनसंख्या पर मोहन भागवत की सलाह, तीन बच्चों की बात पर छिड़ी बहस

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन उसे सजग और संगठित रहना चाहिए। उन्होंने यह बात लखनऊ स्थित विद्या भारती के भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, सरस्वती कुंज, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कही। डॉ. भागवत ने कहा कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चों का संकल्प लेना चाहिए। उनका तर्क था कि जिन समाजों में जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम हो जाती है, वे धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता इसके बाद माधव सभागार में आयोजित ‘कार्यकर्ता कुटुंब मिलन’ कार्यक्रम में उन्होंने ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पुनः हिंदू धर्म में लौटते हैं, उनके साथ संवाद और सहयोग बनाए रखना चाहिए। हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र अपने संबोधन में उन्होंने कहा, हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र हैं। जो हमारे विरोधी हैं, उन्हें समाप्त करना हमारा विचार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर, कुआं और श्मशान जैसे सार्वजनिक धार्मिक स्थल सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों की भागीदारी इस कार्यक्रम में सिख, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

सीएम योगी के अंतरराष्ट्रीय दौरे से यूपी में निवेश को मिलेगी तेजी, सिंगापुर और जापान यात्रा तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर तथा 25 और 26 फरवरी को जापान में विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों और निवेशक सम्मेलनों में भाग लेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इन विदेशी दौरों से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से यह मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा मानी जा रही है। इससे पहले वह म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस की यात्राएं कर चुके हैं। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दोनों देशों के प्रमुख निवेशकों के साथ बैठक करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इसमें वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद, सचिव अमित सिंह समेत कुल 18 अधिकारी शामिल रहेंगे। सिंगापुर में शहरी विकास और स्मार्ट सिटी पर जोर जापान की राजधानी टोक्यो में ‘विनिर्माण, गतिशीलता और प्रौद्योगिकी के लिए जापान-उत्तर प्रदेश साझेदारी’ विषय पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस सम्मेलन में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, इंजीनियरिंग, रसायन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों की अग्रणी जापानी कंपनियों के शामिल होने की संभावना है। इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) की टीम निवेशकों के समक्ष औद्योगिक अवसंरचना, हरित हाइड्रोजन, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), पर्यटन सर्किट, ऑटोमोबाइल सेक्टर, कौशल विकास और व्यापार सुगमता सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुति देगी। उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यूके-जर्मनी दौरा उधर 22 फरवरी को ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के दौरे पर रवाना होगा। इस दल में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा तथा औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। सरकार को विशेष रूप से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है।  

UP-Bihar में होली की तैयारी, स्पेशल ट्रेनें चलेंगी — टाइम शेड्यूल और लिस्ट की जानकारी

 चंदौली रंगों का त्योहार होली नजदीक आ रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग इस त्योहार को मनाने के लिए अपने घरों का रुख करते हैं. ऐसे में भारतीय रेलवे ने भी होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर किया है.  पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने 9 जोड़ी यानी 18 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. इन ट्रेनों के परिचालन से यूपी-बिहार के लोगों को होली के दौरान घर आने में काफी सहूलियत मिलेगी.  आइए देखते हैं उन ट्रेनों की लिस्ट और रूट… > गाड़ी संख्या 08439/08440 पुरी-पटना-पुरी स्पेशल: खड़गपुर-आसनसोल-झाझा के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 08439 पुरी-पटना स्पेशल 28 फरवरी से 28 मार्च, 2026 तक प्रत्येक शनिवार को पुरी से 14.55 बजे खुलकर अगले दिन 10.45 बजे पटना पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 08440 पटना-पुरी स्पेशल 01 से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को पटना से 13.30 बजे खुलकर अगले दिन 09.45 बजे पुरी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09031/09032 उधना-हसनपुर रोड-उधना स्पेशल: डीडीयू-पाटलिपुत्र-हाजीपुर- मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 09031 उधना-हसनपुर रोड स्पेशल 22 फरवरी से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को उधना से 11.25 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे डीडीयू, 14.15 बजे पाटलिपुत्र, 17.10 बजे मुजफ्फरपुर रुकते हुए 20.00 बजे हसनपुर रोड स्टेशन पहुंचेगी.   वहीं, गाड़ी संख्या 09032 हसनपुर रोड-उधना स्पेशल 23 फरवरी से 30 मार्च, 2026 तक प्रत्येक सोमवार को हसनपुर रोड स्टेशन से 21.45 बजे खुलकर अगले दिन 00.25 बजे मुजफ्फरपुर, 02.15 बजे पाटलिपुत्र, 05.40 बजे डीडीयू रुकते हुए तीसरे दिन 15.00 बजे उधना पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 07005/07006 चर्लपल्ली-रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल: रांची-बोकारो-धनबाद -झाझा-बरौनी-समस्तीपुर-दरभंगा-सीतामढ़ी के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 07005 चर्लपल्ली- रक्सौल स्पेशल 23 एवं 28 फरवरी तथा 01 मार्च, 2026 को चर्लपल्ली से 22.00 बजे खुलकर तीसरेे दिन 03.50 बजे धनबाद, 10.50 बजे बरौनी, 13.33 बजे दरभंगा रुकते हुए 16.50 बजे रक्सौल पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 07006 रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल 26 फरवरी तथा 03 एवं 04 मार्च, 2026 को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 07.10 बजे दरभंगा, 09.30 बजे बरौनी, 16.00 बजे धनबाद रुकते हुए अगले दिन 19.40 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09451/09452 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल:  गोरखपुर-नरकटियागंज -बापूधाम मोतीहारी-मुजफ्फरपुर-बरौनी के रास्ते चलायी जा रही गाड़ी संख्या 09451/52 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल का परिचालन विस्तार होली स्पेशल के रूप में किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 09451 गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल 06 मार्च से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार तथा गाड़ी संख्या 09452 भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल 09 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को अपने पुराने समय एवं ठहराव के अनुसार होली स्पेशल के रूप में परिचालित की जाएगी. > गाड़ी संख्या 03009/03010 दानकुनी-आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल: झाझा-किउल- नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03009 दानकुनी-आनंद विहार स्पेशल 28 फरवरी तथा 07 मार्च, 2026 को दानकुनी से 00.20 बजे खुलकर 07.40 बजे किउल, 09.13 बजे नवादा, 10.35 बजे गया एवं 14.00 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 11.00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03010 आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल 01 तथा 08 मार्च, 2026 को आनंद विहार से 15.00 बजे खुलकर अगले दिन 08.40 बजे डीडीयू, 11.45 बजे गया, 13.00 बजे नवादा एवं 14.30 बजे किउल रुकते हुए 23.30 बजे दानकुनी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03435/03436 मालदा टाउन-आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल: भागलपुर-किउल-नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03435 मालदा टाउन-आनंद विहार स्पेशल 02, 09 तथा 16 मार्च, 2026 सोमवार को मालदा टाउन से 09.30 बजे खुलकर 15.15 बजे किउल, 16.25 बजे नवादा, 18.15 बजे गया एवं 21.40 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 13.40 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03436 आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल 03, 10 तथा 17 मार्च, 2026 मंगलवार को आनंद विहार से 15.35 बजे खुलकर अगले दिन 08.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे गया, 12.58 बजे नवादा एवं 15.20 बजे किउल रुकते हुए 22.30 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03131/03132 सियालदह-गोरखपुर-सियालदह स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03131 सियालदह-गोरखपुर स्पेशल 26 फरवरी तथा 02 एवं 05 मार्च, 2026 को सियालदह से 23.50 बजे खुलकर अगले दिन 10.15 बजे बरौनी, 12.05 बजे हाजीपुर रुकते हुए 18.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03132 गोरखपुर-सियालदह स्पेशल 27 फरवरी तथा 03 एवं 06 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 21.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.20 बजे हाजीपुर, 04.20 बजे बरौनी रुकते हुए 16.20 बजे सियालदह पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03525/03526 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03525 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 28 फरवरी एवं 02 मार्च, 2026 को आसनसोल से 19.15 बजे खुलकर अगले दिन 00.30 बजे बरौनी, 02.30 बजे हाजीपुर रुकते हुए 09.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03526 गोरखपुर- आसनसोल स्पेशल 01 एवं 03 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 12.15 बजे खुलकर 17.10 बजे हाजीपुर, 20.20 बजे बरौनी रुकते हुए अगले दिन 04.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03527/03528 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03527 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 01 मार्च, 2026 को आसनसोल से 13.20 बजे खुलकर 19.15 बजे बरौनी, 21.15 बजे हाजीपुर रुकते हुए अगले दिन 03.30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. जबकि गाड़ी संख्या 03528 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 02 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 06.30 बजे खुलकर 11.00 बजे हाजीपुर, 13.20 बजे बरौनी रूकते हुए उसी दिन 21.00 बजे आसनसोल पहुंचेगी.

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