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नेताम ने कहा कि धर्मांतरण को रोकने के लिए डीलिस्टिंग एक बड़ा हथियार हो सकता

रायपुर /नागपुर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे अरविंद नेताम ने कहा कि आदिवासी समुदाय के सामने धर्मांतरण सबसे बड़ी समस्या है। धर्मांतरण के खतरे को किसी भी राज्य की सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है। बहरहाल, अब धर्मांतरण विरोधी कानून पारित किया जाना चाहिए। नागपुर में आयोजित संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-2 के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि अरविंद नेताम ने राजनीतिक भाषण से परहेज करते हुए कहा कि देश में आदिवासी समुदाय के सामने कई चुनौतियां हैं। अक्सर जब वे सरकार और प्रशासन के सामने जाते हैं तो उनकी सुनवाई नहीं होती। इसलिए मैं संघ की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा हूं। धर्मांतरण के साथ ही आदिवासियों का विस्थापन भी बड़ी समस्या है। केंद्र सरकार विकास के नाम पर उद्योगपतियों की मदद कर रही है। संघ को सभी की समान भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल करनी चाहिए। नेताम ने मांग करते हुए कहा कि आदिवासियों की जमीनों को स्थायी रूप से अधिग्रहित करने के बजाय लीज पर लिया जाना चाहिए। काम पूरा होने के बाद संबंधित जमीन आदिवासियों को वापस की जानी चाहिए। छत्तीसगढ़ में पिछले कई सालों से धन कानून का पालन नहीं हुआ है। संघ को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। नेताम ने कहा कि धर्मांतरण को रोकने के लिए डीलिस्टिंग एक बड़ा हथियार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। नेताम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को कुचलने के लिए काम चल रहा है। हालांकि, नक्सलवाद की विचारधारा कई लोगों के बीच बनी हुई है। इस बात का खतरा है कि भविष्य में नक्सली फिर से सिर उठाएंगे। इसलिए, इस संबंध में एक नीति तैयार की जानी चाहिए। इसके अलावा, नेताम ने एक बड़ी मांग भी की। आदिवासियों की धर्म कोड पाने की मांग सामने आ रही है। हम कोई नई सामाजिक विचारधारा नहीं बनाना चाहते। हालांकि, आदिवासियों को भी पहचान मिलनी चाहिए। देश में आदिवासी समुदाय की पहचान धीरे-धीरे खत्म हो रही है। धर्म कोड होगा तो आने वाली पीढ़ी को अतीत और पहचान का पता चलेगा। वहीं संघ के कार्यक्रम मे शिरकत करने को लेकर नेताम ने बताया कि संघ भूमि पर आकर मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। संघ के शताब्दी वर्ष में यहां आना गौरव का क्षण है। नेताम ने अपने भाषण में रेखांकित किया कि देश में संघ के अलावा किसी भी संगठन ने देश की अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए काम नहीं किया है।

IFS अभिषेक सिंह समय से पहले छत्तीसगढ़ वापस भेजे जा रहे

रायपुर भारतीय वन सेवा के 2009 बैच के आईएफएस अधिकारी अभिषेक सिंह की छत्तीसगढ़ वापसी का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र से रिलिव करने के बाद जल्दी ही वन विभाग मुख्यालय अरण्य भवन में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्त में वे डायरेक्टर फार्मास्युटिकल के पद पर कार्यरत थे लेकिन, प्रतिनियुक्त को समाप्त कर वापस भेजा जा रहा है।  वहीं दूसरी तरफ भारतीय वन सेवा 2006 बैच के अरुण प्रसाद पी ने अपनी सेवा से इस्तीफा दे दिया। इस समय वे छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। भेजे गए इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। हालांकि उनका इस्तीफा अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। इसे जल्दी ही केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा जाएगा। बता दें कि तमिलनाडु मूल के अरुण प्रसाद मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी हैं। छत्तीसगढ़ में पदस्थापना के दौरान दंतेवाड़ा और राजनांदगांव में वन मंडल में डीएफओ रहे। पिछले सरकार में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम और मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई थी।

अंडे का ठेला लगाने वाले कैसे बने कुख्यात, सूदखोरी व अवैध वसूली करके करोड़ों की संपत्ति बनाई

रायपुर टिकरापारा इलाके में कभी मामूली सा अंडे का ठेला लगाने वाले हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर सूदखोरी के लिए कुख्यात है। कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने और सूदखोरी व अवैध वसूली करके करोड़ों की संपत्ति बना ली है। इसकी बड़ी वजह नेताओं और अफसरों से उनकी घनिष्ठता भी है। वर्ष 2019 में भी सूदखोर वीरेंद्र, उसके भाई रोहित और उसके अन्य साथियों के खिलाफ कोतवाली व पुरानीबस्ती थाने में बड़ी कार्रवाई हुई थी।  आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन पुलिस की पूरी जांच 5 महंगी कारों पर आकर अटक गई। यूको बैंक से फाइनेंस हुई इन 5 महंगी कारों की जांच आज तक आगे नहीं बढ़ी। बताया जाता है कि इसमें तोमर भाइयों पर बड़ा अपराध दर्ज होना था, लेकिन पुलिस ने जांच की फाइल ही बंद कर दी। यही वजह है कि कुछ माह बाद दोनों भाई जेल से छूट गए और फिर बेखौफ होकर गुंडागर्दी और वसूली का कारोबार शुरू कर दिया। एक पीड़ित के थाने में दिए बयान के मुताबिक, इन लोगों ने उधार के एवज में भरा चेक, कोरा चेक, कोरे स्टाम्प पर साइन करवाया। पैसे की वसूली के लिए लगातार मारने की धमकी और जेल भेजने की धमकी दी। इसके साथ ही डरा धमकाकर औने पौने दाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। रोहित ने एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद से वह फरार है। पुलिस उसकी खोजबीन करते हुए भाठागांव स्थित सांई विला मकान पहुंची। सर्च वारंट के साथ पहुंची थी पुलिस की टीम दरअसल, रोहित तोमर पर आरोप है कि उसने पुराने रंजिश के चलते अपने बाउंसर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला के साथ मारपीट की। दशमीत ने अपनी शिकायत में बताया कि 31 मई की रात में अपने दोस्त के साथ खाना खाने VIP रोड के क्लब गया था। वहां पर रोहित तोमर उसे गेट के पास पुरानी रंजिश की वजह से गालियां देने लगा। फिर मारपीट करने के बाद जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस ने बताया कि थाना तेलीबांधा रायपुर में दर्ज मामले में रोहित सिंह तोमर की खोजबीन की जा रही है, लेकिन आरोपी का अब तक कुछ पता नहीं चला है। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी से सिर्फ आरोपी के भाटागांव स्थित मकान का सर्च वारंट प्राप्त किया। फिर तेलीबांधा पुरानी बस्ती थाना, क्राइम ब्रांच और रक्षा टीम के साथ 4 जून को मकान की तलाशी ली गई। मकान में 35 लाख कैश, 734 ग्राम सोने के जेवर, 125 ग्राम चांदी, बीएमडब्ल्यू, थार और ब्रेजा जैसी महंगी गाड़ियां मिली है। जिसे पुलिस ने जब्त किया है। धोखाधड़ी का बड़ा मामला बन सकता था सूत्रों के मुताबिक, यूको बैंक में फर्जी दस्तावेज लगाकर 5 महंगी कारें फाइनेंस कराई गई थी। दस्तावेजों में किसी में पता गलत बताया गया था, तो किसी में फजी आधार कार्ड लगाया गया। इस फर्जीवाड़ा का कनेक्शन वीरेंद्र और रोहित से भी था। वर्ष 2019 की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जब आरोपियों के घर में छापा मारा, तो उस समय बड़ी संख्या में स्टॉप पेपर और दस्तावेज मिले थे। इन्हीं में महंगी कारों से जुड़े दस्तावेज भी थे। इसके जरिए धोखाधड़ी का बड़ा मामला बन सकता था, लेकिन आगे की जांच पुलिस ने रोक दी थी। पुलिस की अपील: कर सकते हैं शिकायत आरोपियों के घर से मिले कर्जदारों के दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस ने अपील भी की है कि आरोपियों से पीड़ित कोई भी व्यक्ति पुलिस में शिकायत कर सकता है। शिकायतों पर एक्शन लिया जाएगा। कर्जा देकर अधिक वसूली, पैसे नहीं देने पर जमीन हथियाने, जबरन रजिस्ट्री कराने का खेल हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह और रोहित तोमर तथा उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने ब्लैकमेलिंग, कर्जा एक्ट सहित संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है। दोनों भाई फरार हैं, पुलिस ने उसके भतीजा दिव्यांश तोमर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के भाठागांव स्थित मकान में छापा मारकर पुलिस ने करोड़ों के जेवर-नकदी, महंगी कार, तलवार, पिस्टल-रिवाल्वर आदि के अलावा बड़ी संया में स्टाप पेपर, दूसरों के नाम के कोरा चेक आदि बरामद किए हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह ने बताया कि बरामद स्टॉप पेपर के आधार पर पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में कर्जा देकर अधिक वसूली, पैसे नहीं देने पर जमीन हथियाने, जबरदस्ती रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया। इसके बाद पुरानीबस्ती पुलिस ने सूदखोर वीरेंद्र, रोहित और दिव्यांश के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। दिव्यांश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी वीरेंद्र सिंह राष्ट्रीय करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष भी है। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या से लेकर धोखाधड़ी तक के कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। 18 लाख कर्ज दिया, अब तक 54 लाख वसूले आरोपी वीरेंद्र और रोहित का सूदखोरी का बड़ा कारोबार है। ब्याज के नाम पर डरा-धमका कर वसूली करते थे। खम्हारडीह इलाके के जयदीप बैनर्जी ने वर्ष 2021 में वीरेंद्र और रोहित से अलग-अलग दिन मिलाकर कुल 18 लाख कर्ज लिया था। मूल राशि उतना ही है, लेकिन दोनों भाइयों ने जयदीप से अब तक 54 लाख वसूल लिए। फिर जयदीप कर्जामुक्त नहीं हो पाया है। इसी तरह दुर्ग के नासीर बश से भी लाखों रुपए वसूल लिए। जमीन ही हड़प ली भाठागांव निवासी मनीष साहू की आरोपी वीरेंद्र के घर के आसपास ही करीब 1100 वर्गफीट जमीन है। उसे डरा-धमकाकर उसकी जमीन के पेपर रख लिया। उसे जमीन बेचने नहीं दे रहा था। जब भी कोई ग्राहक आता था, तो उसे भगा देता था। उसे धमकी भी दी गई थी। पुलिस ने जयदीप, मनीष और नासिर की शिकायत पर पुरानीबस्ती पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और दिव्यांश व अन्य के खिलाफ वसूली, कर्जा एक्ट और संगठित अपराध का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में आरोपियों के भतीजे दिव्यांश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सूदखोरी से ऐसे बने रईस आरोपी वीरेंद्र और रोहित सूदखोरी का धंधा भी करते हैं। जयदीप और नासिर को 8 फीसदी ब्याज पर पैसा दिया था। ब्याज की राशि तय समय पर … Read more

छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में कोविड के 9 नए मरीज, रायपुर में सबसे अधिक एक्टिव मरीज

 रायपुर कोरोना के मरीजों की संख्या छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रही है, पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ में कोरोना के 9 नए मरीज मिले हैं, जिनमें 5 मरीज राजधानी रायपुर और 4 मरीज बिलासपुर में मिले हैं. नए वैरिएंट के बाद यह छत्तीसगढ़ में एक दिन में मिलने वाले मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, जबकि सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. राजधानी रायपुर में फिलहाल कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज है, जबकि बिलासपुर दूसरे नंबर पर है. इसके अलावा दुर्ग और बस्तर में भी मरीज मिले हैं. छत्तीसगढ़ में फिलहाल 28 कोरोना मरीज छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 30 कोरोना मरीज मिले हैं, जिनमें से 2 मरीज रिकवर हो गए हैं, जबकि 28 एक्टिव मरीज हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 18 मरीज रायपुर में फिर बिलासपुर में 6 मरीज है. इसके अलावा दुर्ग में 3 और बस्तर में 1 कोरोना मरीज की पुष्टि हुई है, लगातार मिल रहे मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है और जेएन-1 वेरियंट को लेकर अलर्ट पर है. लगातार संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग भी हो रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की बात कही है. हालांकि अस्पताल में फिलहाल एक ही मरीज को भर्ती किया गया है, बाकि के मरीजों को क्वारंटाइन किया गया है. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल कोरोना के जो मरीज मिले हैं, उनमें ज्यादातर की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जबकि अधिकतर मरीजों में सामान्य ही लक्षण पाए गए हैं, ऐसे में ज्यादातर मरीजों को सावधानी बरतने के साथ-साथ घर पर ही इलाज लेने की बात कही गई है. फिलहाल सभी को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. वहीं सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई हैं, खास बात यह है कि ज्यादातर मरीजों में एक जैसे लक्षण मिले हैं, जिसमें सर्दी जुखाम, बुखार और खांसी शामिल है. सावधानी बरतने की सलाह छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भी डॉक्टरों को अलर्ट रहने की सलाह दी है, जबकि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के हिसाब से तैयारियां की गई हैं, जरूरत के हिसाब से जीनोम सीक्वेंसिंग के सैंपल रायपुर एम्स भी भेजे जा रहे हैं. बता दें कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 9 नए मरीज छत्तीसगढ़ में मिले थे. 

विष्णु सरकार ने गोतस्करी जैसे संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया, गोतस्करी में लिप्त वाहनों की होगी निलामी

रायपुर  राज्य सरकार ने गोतस्करी जैसे संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब इस अपराध में लिप्त आदतन आरोपितों पर सफेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आरोपितों की संपत्ति को जब्त कर नीलाम किया जाएगा और प्राप्त राशि को गोसेवा में लगाया जाएगा। गृहमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सभी जिलों के एडिशनल एसपी स्तर के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिलेवार समीक्षा की गई और 15 जुलाई 2024 को लागू की गई एसओपी के तहत अब तक हुई कार्रवाई पर चर्चा की गई। गोतस्करी में लिप्त वाहनों की होगी निलामी उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गोतस्करी में लिप्त पाए गए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाएगा। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों को राजसात कर उनकी नीलामी की जाएगी। इस धन का उपयोग गोसेवा के लिए किया जाएगा। गोसेवा आयोग को गोसेवकों के लिए पहचान पत्र जारी करने का भी आग्रह किया जाएगा। जिन जिलों में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, वहां के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गोतस्करी केवल अपराध नहीं, संगठित नेटवर्क है: डिप्टी सीएम उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पुलिस को सफेमा और रासुका जैसे कानूनों को प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से ठोस कार्रवाई के प्रमाण और आगामी बैठक में पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि गोतस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। डिप्टी सीएम ने यह दिए सुझाव उन्होंने हाईवे पर कमजोर बैरिकेडिंग और तस्करों द्वारा पैदल रास्तों के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने गोसेवकों व एनसीसी से जुड़े युवाओं को चिन्हित कर निगरानी तंत्र में शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही युवाओं और पुलिस के बीच संवाद स्थापित करने विशेष पास जारी करने पर जोर दिया। टेक्नोलाजी के माध्यम से सूचना तंत्र मजबूत करने की बात भी कही।

सतर्क रहें किसान…अंबिकापुर में नकली धान और मक्का बीज के अवैध कारोबार का राजफाश

अंबिकापुर  अंबिकापुर में नकली धान और मक्का बीज के अवैध कारोबार का राजफाश हुआ है। अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में जिला प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने एक अवैध नकली बीज निर्माण और पैकिंग फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली धान और मक्के के बीज बरामद किए हैं। बता दें कि छापे के दौरान फैक्ट्री से हजारों तैयार पैकेट, पैकिंग सामग्री, सीलिंग मशीन, केमिकलयुक्त रंगीन तरल और नामी बीज कंपनियों नकली पैकेट बरामद किए गए। कुछ पैकेट खाली थे तथा कुछ पैकेटों में बीज भरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बड़ी मात्रा में नकली बीज बाजार में खप चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार उमेश कुमार बाज और कृषि विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि गंगापुर क्षेत्र में नकली बीज की एक फैक्ट्री संचालित हो रही है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर छापा मारा। छापे के वक्त फैक्ट्री के बाहर एक ट्रक खड़ा था। इस ट्रक से 750 बोरी धान मंगाए गए थे। धान की बोरियों को रायगढ़ के सरिया और चंद्रपुर से लोड किया गया था। इसी प्रकार स्थानीय धान से नकली बीज तैयार करने के खेल की पुष्टि जांच के दौरान हुई। फैक्ट्री के भीतर बड़े पैमाने पर नकली बीजों की पैकिंग की जा रही थी। धान और मक्के को रंगीन केमिकल में डुबोकर उन्हें नया और आकर्षक दिखाया जा रहा था, फिर इन्हें नामी कंपनियों के खाली पैकेटों में भरकर सील किया जा रहा था। रात में चलती थी मशीनें, दिन में पैकेजिंग का काम धान और मक्के की नकली बीज तैयार करने वाली फैक्ट्री खुले जगह पर थी। अगल-बगल मकान थे और बीच में रिक्त जगह पर सामने लोहे के टिन से घेरा किया गया था। इसके पीछे दो कमरे थे। बीच के खाली हिस्से को तिरपाल और प्लास्टिक से ढक कर वहां नकली बीज तैयार किया जा रहा था। जांच में पता चला कि रात को यहां मशीनें चलती थी। स्थानीय धान और मक्का की खरीदी कर उसमें केमिकलयुक्त रंग मिलाकर बीज तैयार किया जाता था। रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक नकली बीज तैयार होता था। उस दौरान मशीनों से आवाज आती थी। दिन में नकली बीजों की पैकेजिंग का काम चलता था। किसानों को गुमराह करने की साजिश मौके से बड़ी संख्या में नामी कंपनियों के खाली पैकेट मिले हैं। इससे साफ जाहिर है कि किसानों को भ्रमित कर उनकी मेहनत और फसलों से छलावा करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। ये पैकेट बाजार में बिकते असली बीजों जैसे ही दिखते हैं, जिससे आम किसान के लिए नकली और असली में फर्क कर पाना लगभग असंभव होता। यदि बाजार में यह नकली धान और मक्का बीज खप गया होगा तो किसानों को नुकसान हो सकता है। संचालक फरार, एफआइआर की तैयारी फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों ने बताया कि इसका संचालन इंद्रजीत नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो छापे के समय मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है और मामले में एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसीलदार उमेश कुमार बाज ने बताया कि फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और संचालक की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी का नहीं बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का मामला है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, कृषि कानून और किसान हितों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। सतर्क रहें किसान, बीज खरीद में सावधानी बरतें प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बीज खरीदते समय लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदारी करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री की तत्काल सूचना नजदीकी कृषि कार्यालय या प्रशासनिक अमले को दें।यह केवल एक फैक्ट्री की बात नहीं है। संभाग के दूसरे जिलों में भी ऐसे गिरोह सक्रिय हो सकते हैं जो किसानों की मेहनत को निशाना बना रहे हैं।

जसविंदर आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा… बॉयफ्रेंड सहित 8 आरोपी गिरफ्तार, 6वीं मंजिल से कूदकर दी थी जान

रायपुर रायपुर राजेंद्र नगर इलाके में छह मंजिला बिल्डिंग से युवती के कूदकर जान देने की वजह का खुलासा हो गया है। युवती को पूर्व प्रेमी काफी परेशान कर रहा था। साथ ही वर्तमान पुरुष मित्र और अन्य लोग मिलकर उसे धमका रहे थे। इससे भयभीत होकर युवती ने खुदकुशी कर ली। इस आत्महत्या के मामले में पुलिस ने युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जसविंदर के पूर्व और वर्तमान ब्वायफ्रेंड के अलावा चार युवतियां भी शामिल हैं। आठ लाख रुपये के कर्ज ने छीनी चैन की नींद पुलिस की जांच में सामने आया है कि जसविंदर और आरोपियों के बीच करीब 8 लाख रुपये का लोन लिया गया था, लेकिन दुकान बंद हो जाने के बाद सभी आरोपी लगातार जसविंदर पर पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। मानसिक और शारीरिक रूप से की जा रही यह प्रताड़ना जसविंदर के लिए असहनीय हो गई थी। दोनों ब्वायफ्रेंड्स के बीच में फंसी रही जसविंदर पुलिस के अनुसार जसविंदर फिलहाल नीरज मजूमदार नामक युवक के साथ रिश्ते में थी, जबकि उनके पूर्व ब्वायफ्रेंड का नाम प्रशांत लांडे है। दोनों युवकों के बीच लगातार तनाव चल रहा था, जिसका प्रभाव जसविंदर पर पड़ रहा था। मंगलवार दोपहर को प्रशांत ने जसविंदर को फोन कर पैसों की मांग की। फिर अन्य साथियों से भी फोन करवाया। नीरज भी लगातार जसविंदर पर दबाव बना रहा था कि वह प्रशांत से बात न करे। कॉलोनी पहुंचे आरोपी शाम होते-होते सभी आरोपी जसविंदर की कॉलोनी पहुंच गए। उनके साथ चार युवतियां रोशनी साहू उर्फ तन्नू, साबिया परवीन, तिलोत्मा पांडेय और नेहा यादव भी थीं। सभी ने मिलकर जसविंदर को नीचे बुलाने की कोशिश की। वह नहीं आई तो वे उसके अपार्टमेंट की ओर बढ़े। जसविंदर स्थिति बिगड़ती देख छत पर चली गई। वहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद जसविंदर ने छत से छलांग लगा दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सभी आठ आरोपियों नीरज मजूमदार, प्रशांत लांडे, आकाश वैष्णव, दीपक पाटले और चार युवतियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना की धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

हाइटेंशन तार की चपेट में आने से वृद्ध की मौत

धमतरी सिहावा थाना क्षेत्र में आज सुबह एक वृद्ध की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई. वृद्ध पेड़ की कटाई कर रहा था. इसी दौरान पेड़ से लगे हाई टेंशन तार से उसे करंट लगी और वहीं उसकी मौत हो गई. पूरी घटना सांकरा गांव की है. जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान दुर्गेश ध्रुव (50 वर्ष) है. वह सांकरा मैनपुर मुख्य मार्ग में स्थित वन विभाग रिसगांव कार्यालय के सामने नीम की पेड़ पर चढ़कर टहनी काट रहा था. इसी दौरान पेड़ से लगे बिजली के तार की चपेट में आ गया. इस हादसे में वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई. आसपास के लोगों ने शव को जब पेड़ पर लटके देखा, तो पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा-हमारे युवाओं के पास अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा होगी

रायपुर : नवा रायपुर में बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच, बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा-हमारे युवाओं के पास अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा होगी रायपुर छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 4 जून को महानदी भवन, नया रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह अकादमी देश की श्रेष्ठ खेल संस्थाओं में से एक होगी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नया रायपुर के सेक्टर-03, ग्राम परसदा स्थित 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। भूमि के प्रीमियम, भू-भाटक एवं जीएसटी सहित 39.22 करोड़ रूपए की प्रतिपूर्ति राज्य शासन, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक भवन या संस्थान की शुरुआत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर देने की। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी जैसे संस्थान प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। यह अकादमी न केवल खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाएगी, बल्कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी देश का गौरव भी बढ़ाएंगे। इस तीरंदाजी अकादमी की स्थापना एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से की जाएगी। प्रस्तावित अकादमी में आउटडोर तीरंदाजी रेंज, एसी युक्त इनडोर रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, निदेशकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल होंगी। भूमि आवंटन आदेश के तीन माह के भीतर लीज अनुबंध निष्पादित कर उसका पंजीयन कराना होगा तथा अनुबंध की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर तीन वर्षों में पूर्ण करना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी के निर्माण की जिम्मेदारी क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की होगी। इसलिए आवश्यक बजटीय प्रावधान राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में यह पहली बार होगा जब तीरंदाजी जैसे पारंपरिक और तकनीकी खेल के लिए इतनी बड़ी संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को भी एक मंच मिलेगा और प्रदेश खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान की ओर अग्रसर होगा।

बस्तर – सरगुजा जिलों से नवीन ग्रामीण मार्गों के विनिर्धारण हेतु राज्य स्तरीय समिति को प्रस्ताव प्राप्त हुए

रायपुर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना के संचालन के लिए राज्य स्तरीय समिति बैठक  यहां मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री एस.प्रकाश की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस योजना अंतर्गत नवीन ग्रामीण मार्गों के विनिर्धारण के संबंध में अधिकारियोें ने जानकारी रखी। इस योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में राज्य के बस्तर एवं सरगुजा संभागों में दूरदराज के ईलाकों के गांव जहां पर सड़क है परंतु यात्री वाहन संचालित नहीं है ऐसे मार्गों पर यात्री वाहन का संचालन किया जाएगा। बैठक में परिवहन आयुक्त श्री एस.प्रकाश ने बताया कि बस्तर तथा सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों से नवीन ग्रामीण मार्गों के विनिर्धारण हेतु राज्य स्तरीय समिति को प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इनमें बस्तर संभाग के अंतर्गत दंतवोड़ा से 9, सुकमा से 2, बस्तर से 11, बीजापुर से 14, कोण्डागांव से 16 और नारायणपुर से 3 प्रस्ताव नवीन ग्रामीण मार्गों के विनिर्धारण हेतु प्रस्ताव मिले है। इसी प्रकार से सरगुजा संभाग के अंतर्गत जशपुर जिले से 2, सरगुजा से 2, बलरामपुर से 7 और मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी और भरतपुर जिले से 9 प्रस्ताव नवीन ग्रामीण मार्गों हेतु प्राप्त हुए। बैठक में परिवहन विभाग के अपर आयुक्त श्री डी.रविशंकर सहित लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और पीएमजीएसवाय के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक पेड़ मां के नामअभियान में सहभागिता की अपील

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर हाई स्कूल कराठी में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह महोत्सव क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का महत्वपूर्ण आयोजन है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आदिवासी समाज के आराध्य देव बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव हमारे पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत उन्होंने सभी लोगों से अपनी माता के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर और दुर्गुकोंदल में गोंडवाना समाज के भवन निर्माण के लिए 25-25 लाख रुपये, गोंडवाना समाज के 12 परगना में शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये, 5 सर्कल में शेड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये, ग्राम पंचायत संबलपुर के भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 3 लाख लोगों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गृह प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना, तेंदूपत्ता बोनस योजना, सुशासन तिहार, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना तथा होम स्टे योजना जैसे अनेक नवाचारों को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) खोले जा चुके हैं। आगामी समय में हर पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नीति आयोग द्वारा आकांक्षी विकासखंडों को प्रोत्साहन स्वरूप 75 लाख रुपये की राशि का चेक कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को सौंपा। इस माके पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया और मावा मोदोल मंथन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से युवाओं की रुचि के अनुसार उन्हें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिले के पांच टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम को कांकेर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने इस आयोजन को आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया। महोत्सव में गोंडवाना समाज समन्वय समिति भानुप्रतापपुर के अध्यक्ष हरीश चंद्र कावड़े की अध्यक्षता में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा एवं श्रीमती सुमित्रा मारकोले, वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधिगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य में आयुष के जरिए बेहतर उपचार की हैं संभावनाएं: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है छत्तीसगढ़: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि

रायपुर : नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम कलाकारों के सपनों का मंच होगा कलाग्राम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना  के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 10 एकड़ भूमि रायपुर नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है। यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

राज्य सरकार भी कृषि और इससे जुड़े फसलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही – मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम  अपने सूरजपुर जिले के प्रवास के दौरान प्रतापपुर के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति परिसर में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान में शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान किसानों के लिए निसंदेह फायदेमंद है। राज्य सरकार भी कृषि और इससे जुड़े फसलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि इस अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के कृषि वैज्ञानिक किसानों से सीधा संवाद कर रहे हैं। वे उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी किसानों को दे रहे हैं। यह अभियान किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि में विविधिकरण को बढ़ावा देने वाली तकनीकों प्राकृतिक खेती, कृषि में ड्रोन का उपयोग, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन इत्यादि, प्रमुख विषयों पर कृषकों को जानकारी देने के लिए यह अभियान बहुत उपयोगी साबित होगा। इस अभियान के तहत इन सभी विषयों पर किसानों के साथ चर्चा हो रही है और उनकी जिज्ञासाओं का उपयुक्त समाधान भी संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। इस अभियान का त्वरित लाभ किसानों को आगामी खरीफ की फसलों पर होगा। मंत्री श्री रामविचार नेताम इस दौरान विश्व पर्यावरण दिवस पर समिति परिसर में आम के पौधे का रोपण किया। मंत्री ने दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार, गन्ना क्षेत्र विस्तार, पी.एम. किसान योजनान्तर्गत शतप्रतिशत किसानों को लाभांवित करने, स्वायल हेल्थ कार्ड योजनान्तर्गत शतप्रतिशत लाभ दिलाने, अदरक की खेती को बढ़ावा देने, सरसों क्षेत्र विस्तार, मिलेट की खेती को बढ़ावा देने एवं नकली खाद-बीज विक्रय करने वाले निजी एवं सहकारी दूकानों पर कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शिविर में 50 स्वायल हेल्थ कार्ड, 05 स्प्रेयर, 04 पेट्रोल पम्प, 08 के.सी.सी., 06 नलकूप हेतु अनुदान किसान समृद्धि योजनान्तर्गत पंजीयन, 15 किसानों को बीज, 12 किसानों को खाद, 205 फलदार पौधे एवं 3506 विभागीय योजनाओं के पम्पलेट वितरण किया गया। शिविर में लगभग 612 किसान शामिल हुए थे। शिविर में कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जिले के किसानों से विकसित कृषि संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता कर, उन्नत खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, प्रतापपुर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानती सिंह, जरही नगर पंचायत अध्यक्ष  श्री पूरन राजवाडे व अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

जानिए कौन-सी कम बुरी चॉइस, 5 ड्रिंक्स की रैंकिंग आई सामने

नई दिल्ली भारत में शराब पीना एक आम सामाजिक व्यवहार बनता जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से यह आदत नुकसानदायक मानी जाती है।  राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5, 2019-21)  के अनुसार, भारत में 15-49 वर्ष की उम्र के लगभग  22.4% पुरुष और 0.7% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। हालांकि, यह आंकड़े राज्य दर राज्य अलग-अलग हैं। अरुणाचल प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों में पुरुषों में शराब सेवन की दर सबसे अधिक पाई गई है। जब इतनी बड़ी संख्या में लोग शराब का सेवन कर रहे हैं, तो यह जानना जरूरी हो जाता है कि कौन-सी शराब सबसे कम हानिकारक हो सकती है। आइए जानते हैं एल्कोहॉल कंटेंट के आधार पर 5 प्रमुख शराबों की रैंकिंग और उनमें से कौन-सी विकल्प थोड़ी ‘बेहतर’ मानी जा सकती है। बीयर  एल्कोहॉल कंटेंट:  4-6% बीयर में एल्कोहॉल की मात्रा कम होती है और इसमें कुछ विटामिन्स और खनिज पदार्थ भी पाए जाते हैं। हालांकि ज़्यादा मात्रा में पीने पर वजन बढ़ना और लीवर को नुकसान संभव है। यदि कभी-कभार पीना हो, तो बीयर को एक हल्का विकल्प माना जा सकता है।   साइडर एल्कोहॉल कंटेंट: 4-7% साइडर सेब से बनता है, जिसमें फाइबर और विटामिन्स होते हैं। इसकी एल्कोहॉल मात्रा भी बीयर जैसी ही होती है।  एक मीठा और हल्का विकल्प, लेकिन कम मात्रा में ही सेवन करें। वाइन एल्कोहॉल कंटेंट:  11-13%  खासकर रेड वाइन में एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे रेस्वेराट्रॉल पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है।  सीमित मात्रा (1 ग्लास) में रेड वाइन को कभी-कभी पीना कम हानिकारक हो सकता है। वोडका एल्कोहॉल कंटेंट:  35-50% एल्कोहॉल की मात्रा अधिक होती है। वोडका को “क्लीन ड्रिंक” कहा जाता है क्योंकि इसमें बहुत कम स्वाद और गंध होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सुरक्षित है। उच्च मात्रा में बेहद हानिकारक, केवल संयमित सेवन ही करें। व्हिस्की एल्कोहॉल कंटेंट:  40-50% एल्कोहॉल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सीमित मात्रा में यह रक्तसंचार में मदद कर सकती है, लेकिन यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है। अगर पीनी ही हो, तो बहुत सीमित मात्रा में।  शराब का कोई भी रूप स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। लेकिन यदि आपको कभी-कभार पीनी हो, तो बीयर, रेड वाइन या साइडर जैसे विकल्पों को कम मात्रा में चुना जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि शराब पीने से बचना ही सबसे स्वस्थ विकल्प है । इसलिए “थोड़ी नहीं, बिल्कुल नहीं-शराब से दूरी ही समझदारी है।”  

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