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उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्सटेबल भर्ती 2024 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं. यह जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दी है.  23, 24, 25 व 30 अगस्त 2024 को यूपी पुलिस की लिखित परीक्षा कराई गई थी. UPPRPB ने लिखा- आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की दिनांक 23, 24, 25 30 व 31 अगस्त 2024 को सम्पन्न लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों की श्रेष्ठता, और आरक्षण के लम्बवत एवं क्षैतिज नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया के अगले चरण, अभिलेखों की संवीक्षा तथा शारीरिक मानक परीक्षण (DV / PST) हेतु अर्ह पाए गए अभ्यार्थियों की सूची एवं तत्संबंधी विज्ञप्ति बोर्ड की वेबसाईट uppbpb.gov.in पर जारी कर दी गई है. अभ्यर्थी अपना परिणाम दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं- ctcp24.com/UP401SL2023/CandLogin.aspx     आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की दिनांक 23, 24, 25 30 व 31 अगस्त 2024 को सम्पन्न लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों की श्रेष्ठता, और आरक्षण के लम्बवत एवं क्षैतिज नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया के अगले चरण, अभिलेखों की संवीक्षा तथा शारीरिक मानक परीक्षण (DV / PST) हेतु… UP Police Result 2024: ऐसे करें चेक     सबसे पहले आपको uppbpb.gov.in  पर जाना होगा.     कैंडिडेट अपना लॉगइन इस वेबसाइट पर कर सकते हैं-  ctcp24.com/UP401SL2023/CandLogin.aspx     यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती का रिजल्ट चेक करने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन नंबर, और जन्मतिथि एंटर करनी होगी.     फिर कैप्चा भर करे आपको साइन करना होगा.     इसके बाद आपका रिजल्ट दिख जाएगा.     अगर आप परीक्षा में पास हो गए हैं तो नीचे हरे रंग में लिखा आएगा- रिजल्ट पर आपको रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर और आपका नाम दिखेगा.  पास होने वाले अभ्यर्थियों का अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकरेशन और फिजिकल टेस्ट होगा. उसकी तारीख का ऐलान बाद में होगा.

कुर्क संपत्ति की रजिस्ट्री करना पड़ा भारी, उप पंजीयक भदौरिया निलंबित

Registering the confiscated property proved costly, Deputy Registrar Bhadoria suspended ग्वालियर । तहसील मुरार के उप पंजीयक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को कुर्क की गई जमीन का विक्रय पत्र संपादित करना महंगा पड़ गया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इसे गंभीर मामला मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया है।   मामला: ग्राम खेरियामोदी की परिवार एग्रो बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड की जमीन, जो तहसीलदार न्यायालय द्वारा डायवर्जन शुल्क न जमा होने के कारण विधिवत कुर्क की गई थी, का विक्रय पत्र नियमों की अनदेखी कर उप पंजीयक भदौरिया ने संपादित कर दिया। इस संपत्ति की कुर्की की प्रविष्टि खसरा क्रमांक 12 में दर्ज होने के बावजूद उप पंजीयक ने इसे नजरअंदाज किया।   कलेक्टर की कार्रवाई:  प्रभाव और निष्कर्ष: यह कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के वित्तीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए नियमों के कड़े अनुपालन पर जोर दिया गया है।

ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में कोहरा छाया, टेम्प्रेचर 15 डिग्री

भोपाल उत्तरी हवाओं के असर से मध्यप्रदेश में सर्दी बढ़ गई है। कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 15 डिग्री के नीचे आ गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 28 शहरों में पारा सामान्य से नीचे है। ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिन और बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरा है। यहां 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी यानी, दृश्यता है। राजधानी में पिछले 5 दिन से ऐसा ही मौसम है। नवंबर में पिछले साल से भी ज्यादा ठंडा है भोपाल प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में रात का टेम्प्रेचर सामान्य यानी, 15 डिग्री के नीचे है। भोपाल में पिछले साल के मुकाबले इस बार अभी से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां पिछले साल जहां नवंबर में रात का टेम्प्रेचर 12.8 डिग्री तक ही पहुंचा था। वहीं मंगलवार-बुधवार की रात टेम्प्रेचर 11 डिग्री दर्ज किया गया। यह 10 साल में नवंबर का सातवां सबसे कम तापमान है। इसलिए बढ़ा एमपी में ठंड का असर इस समय जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। वहीं, पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर है। ऐसे में उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है, जिससे पारा लुढ़क गया हैं। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट हो सकती है। अभी रात के साथ दिन भी ठंडे है। पचमढ़ी में दिन का पारा 22.4 डिग्री पचमढ़ी प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। पिछली 6 रातों से यहां पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम ही है। मंगलवार-बुधवार की रात पारा 7.8 डिग्री और बुधवार को दिन में तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस तरह पचमढ़ी के दिन और रात दोनों ही प्रदेश में सबसे ठंडे है। पचमढ़ी के अलावा बालाघाट में 24 डिग्री, रायसेन में 25 डिग्री, बैतूल में 26.5 डिग्री, सिवनी में 26.6 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 27.1 डिग्री, ग्वालियर में 26.4 डिग्री, इंदौर में 27.8 डिग्री, उज्जैन में 27.7 डिग्री और जबलपुर में दिन का तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया।

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने शुरू की हिंदू जोड़ो यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 छतरपुर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज, 21 अक्टूबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर निकल गए हैं। 160 किलोमीटर लंबी उनकी ये यात्रा बागेश्वर धाम से ओरछा तक जाएगी। यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर सरकार के हजरों भक्त पहले ही इकट्ठा हो गए हैं। 21 से 29 नवंबर तक चलने वाली उनकी इस यात्रा के दौरान धीरेद्र शास्त्री हिंदुओं को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। साथ ही हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश भी देंगे। पदयात्रा से एक दिन पहले बुधवार की रात को धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने आए हजार भक्तों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहा है। इसे रोकने के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी है। साथ ही हमें एकजुट होकर रहना भी जरूरी है। बाबा बागेश्वर ने आगे कहा कि 2005 तक वक्फ के पास कुछ सौ एकड़ की जमीन थी, लेकिन आज साढ़े 7 लाख एकड़ जमीन है। ये संसद पर भी दावा ठोक रहे हैं तो कल को यहां भी दावा ठोंक देंगे।   सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर निकलें धीरेंद्र शास्त्री वहीं, पदयात्रा में शामिल होने आए हजारों की भीड़ ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकार बाबा बागेश्वर को अपना समर्थन दिया। हजारों की भीड़ देखकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ये है हिन्दुत्व की हुंकार है। जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।  जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला हिंसा भी रूक जाएगा। हमें बजरंगबली की कृपा पर पूरा भरोसा है। छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं- धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा की शुरुआत में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- “हजारों की भीड़ और फ्लैशलाइट आपको क्या बता रही है, बागेश्वर में यह जगे हुए भारत के 2024 के जगे हुए हिंदू हैं। अब वह हिंदू नहीं बचे हैं कि तुम हमें थप्पड़ मारोगे और यह भाग जाएंगे। यह वह हिंदू है जिन्हें छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। यह हिंदू हिंसा वादी नहीं अहिंसा वादी है क्योंकि उनके हाथ में तलवार नहीं है, विचार की तलवार है। हम इन हिंदुओं के हाथों में सच्चाई की किताब देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में रामायण और गीता देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में हम तर्क वादी सोच देना चाहते हैं। इन हिंदुओं के हाथों में हम हक के लिए लड़ने का अधिकार देना चाहते हैं। हम चाहते हैं हिंदू हक की बात बोलें, संविधान की बात बोलें, देश की एकता की बात बोलें। इनको कोई छेड़े तो यह किसी को छोड़े नहीं।” आप कहते हो- करो या मरो की बारी है, भारत पर संकट भारी है? अब इससे बड़ा संकट क्या हो सकता है कि हमारे ही देश में रहकर हमारे ही मंदिरों पर कब्जा हो। राम के राज्य में राम का खाते हैं फिर भी राम के होने का सबूत मांगते हैं। अपने ही राम जिनको मानने के लिए हमारे दादा परदादा को शबरी ने बेर खिलाए, निषाद राज ने मित्रता की, वाल्मीकि ने रामायण लिखी, तुलसीदास ने रामायण लिखी। इतने के बावजूद भी देश में राम मंदिर के लिए हमें 500 सालों तक लड़ना पड़ा। जहां शंकर जी बैठे हैं इनके बाबर आए। बाबर के जमाने में और अकबर के जमाने में इन लोगों ने काशी विश्वनाथ में मंदिर को मस्जिद बता दिया। भगवान कृष्ण जहां प्रकट हुए वहां मस्जिद बना दी। उन्होंने जगह-जगह पर देश पर हक जताया। हिंदू समाज से कह रहे हैं करो या मरो के बारी है, भारत पर संकट भारी है। कल के दिन यह बागेश्वर धाम में मजार बना ले तो हम तो मर ही जाएंगे। इसलिए हम हिंदुओं को एक होने के लिए जात-पात को मिटाने के लिए ये कर रहे हैं। बाबा हिंदुओं को जगा रहे हैं लेकिन विरोधी कह रहे हैं कि बाबा की कौन सी पार्टी है? बाबा की पार्टी है बजरंगबली की पार्टी, उसका निशान है मुगदर, उसका नारा है जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं और उसका सीधा सा खतरनाक शब्द है ठठरी बरे। इस नारे से सारे हिंदुओं की पार्टी बना रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं, हमें राजनीति में नहीं जाना है। राजनीति में जाकर हम करेंगे क्या? हनुमान जी के चरणों में प्रण लिया यही जीवन बिताना है हिंदुओं के लिए जीना और हिंदुओं के लिए मरना।  भारत में अब हिंदू जाग गए हैं-धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा की शुरुआत से पहले हुंकार भरते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में अब हिंदू जाग गए हैं। अब हिंदू वो हिंदू नहीं है जो कि तुम हमें थप्पड़ मारोगे और हम भाग जाएंगे। यह वो हिंदू है जिन्हें जिन्हें छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। यह हिंदू हिंसा वादी नहीं है, अहिंसा वादी है क्योंंकि उनके हाथ में तलवार नहीं, विचार की तलवार है। बाबा बागेश्वर ने आगे कहा कि हिंदुओं के हाथों में हम हक के लिए लड़ने का अधिकार देना चाहते हैं। हम चाहते हैं हिंदू हक की बात बोलें, संविधान की बात बोलें, देश की एकता की बात बोलें। इनको कोई छेड़े तो यह किसी को छोड़े नहीं।

बिग बॉस 18 : रजत दलाल और कशिश कपूर में बहस, रजत ने बहन से जुड़ा किस्सा सुनाया

मुंबई ‘बिग बॉस 18’ अपने सफर पर है। हाल ही में तीन वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई है। सभी इस शो को जीतने के लिए गेम खेल रहे हैं। इस दौरान सदस्य अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ खुलासे भी करते नजर आते हैं। रजत दलाल ने हाल ही में एक किस्सा शेयर किया, जो उनकी बहन से जुड़ा है। रजत दलाल और कशिश कपूर में बहस होती है। रजत ने ताना मारा कि कशिश ने अपने पिछले शो में फाइनल तक जाने की बजाय पैसों को चुना था। इस पर कशिश ने भी पलटवार किया कि उन्होंने किसी को गाड़ी से नहीं उड़ाया! रजत दलाल ने किया खुलासा इसके बाद पावरलिफ्टर रजत दलाल ने एक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब वो छठी क्लास में थे, तब एक बंदा उनकी बहन को लेटर लिखकर छेड़ता था। वो अभी भी बेड रेस्ट पर है (बिस्तर पर है)। करण वीर मेहरा ने दी धमकी! गुरुवार के एपिसोड में रजत और करणवीर मेहरा में भी बहस होगी। प्रोमो में दिखाया गया है कि करण सामने आकर रजत को बताते हैं कि उनकी मां का दिल्ली में पॉलिटिकल कनेक्शन है। उन्होंने पुलिस को ट्रेनिंग दी है। इस पर रजत बाद में दिग्विजय को बोलते नजर आते हैं कि उनकी पहुंच, करण की पहुंच से काफी ऊपर है। कब और कहां देखें ‘बिग बॉस 18’? आप इस शो को कलर्स चैनल और जियो सिनेमा ऐप पर देख सकते हैं। ये सोमवार से शुक्रवार को रात 10 बजे और शनिवार-रविवार को रात 9 बजे टेलीकास्ट होता है। संडे को भोजपुरी स्टार रवि किशन अपना सेगमेंट लेकर आते हैं।

CBSE Board Exam की डेटशीट रिलीज, 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने  सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है. बोर्ड ने सीबीएसई कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं दोनों की क्लास की डेटशीट जारी की है. इस बार केंद्रीय बोर्ड द्वारा बोर्ड परीक्षा से 86 दिन पहले सीबीएसई डेटशीट 2025 रिलीज की ई है. शेड्यूल के मुताबिक सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च 2025 तक चलेंगी. वहीं सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 4 अप्रैल 2025 तक. ऐसे में सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं के स्टेंडट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की डेटशीट 2025 का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं. सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा डेटशीट 2025 सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शनिवार, 15 फरवरी 2025 को इंग्लिश (कम्यूनिकेटिव), इंग्लिश (लैंग्वेज एंड लिटरेचर) विषय के साथ शुरू होंगी. वहीं सीबीएसई बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी को आन्ट्रप्रनर्शिप विषय के साथ शुरू होंगी. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 टाइमिंग सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं सिंगल शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 सुबह 10.30 बजे शुरू होंगी. सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं और सीबीएसई बोर्ड कक्षा 12वीं दोनों की परीक्षाएं 2025 सुबह 10.30 बजे से शुरू होंगी जो दोपहर 12.30 बजे या फिर 1.30 बजे तक चलेंगी. सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा डेटशीट 2025 सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 की डेटशीट कहां डाउनलोड करें सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की डेटशीट सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.gov.in पर उपलब्ध है, जिसे सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 में भाग लेने वाले स्टूडेंट डाउनलोड कर सकते हैं. सीबीएसई 10वीं, 12वीं डेटशीट 2025 डेटशीट की पीडीएफ फाइल एक ही है, ऐसे में सीबीएसई 10वीं के छात्र सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 डेटशीट और सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा डेटशीट 2025 को डाउनलोड करें.   सीबीएसई कक्षा 12वीं की डेट शीट विषय तिथि शारीरिक शिक्षा 15 फरवरी, 2025 भौतिकी 21 फरवरी, 2025 बिजनेस स्टडीज 22 फरवरी, 2025 भूगोल 24 फरवरी, 2025 रसायन विज्ञान 27 फरवरी, 2025 गणित (मानक/अनुप्रयुक्त) 8 मार्च, 2025 इंग्लिश इलेक्टिव/कोर 11 मार्च, 2025 अर्थशास्त्र 19 मार्च, 2025 राजनीति विज्ञान 22 मार्च, 2025 जीवविज्ञान 25 मार्च, 2025 अकाउंटेंसी 26 मार्च, 2025 इतिहास 1 अप्रैल, 2025 मनोविज्ञान 4 अप्रैल, 2025 डेटशीच ऐसे करें डाउनलोड सबसे पहले उम्मीदवार सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in जाएं। सीबीएसई 10वीं डेट शीट 2025/सीबीएसई 12वीं डेट शीट 2025 लिंक पर क्लिक करें। अब स्क्रीन पर एक पीडीएफ प्रदर्शित होगा। इसे देखें और डाउनलोड कर लें।    

किसान को फसल उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण तथा विपणन में सहयोग करें – सुलेमान

 रीवा  कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने रीवा तथा शहडोल संभाग में कृषि एवं इससे जुड़े विभागों की विकास की समीक्षा की। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि विन्ध्य का किसान बहुत मेहनती है। यहाँ बाणसागर बांध से सिंचाई सुविधा में तेजी से वृद्धि हुई है। किसान को खेती की आधुनिक तकनीक से फसल उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण तथा फसलों के विपणन में सहयोग करें। कलेक्टर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी साप्ताहिक बैठक में कृषि विकास से जुड़ी सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें। आप सबके थोड़े से प्रयास से लाखों किसानों का जीवन बेहतर हो जाएगा।     कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सहकारी बैंक के चेयरमैन के रूप में कलेक्टर कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन तथा उद्यानिकी फसलों के ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से मंजूर करें। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से व्यक्तिगत मछली पालक किसानों को सहायता देकर आधुनिक तरीके से मछली पालन कराएं। मछली पालन से बहुत कम लागत में अच्छा लाभ मिल सकता है। खेती के साथ पशुपालन तथा मछली पालन करके ही खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। सुलेमान ने कहा कि प्रत्येक जिले में पर्याप्त संख्या में बीज उत्पादक समितियों तथा किसान संघों का गठन कराएं। इनके माध्यम से अच्छी गुणवत्ता के बीज तैयार कराकर किसानों को उपलब्ध कराएं। मुख्य फसलों के बीज के ब्राण्ड तैयार कराएं।     कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं है। गत वर्ष जितनी मात्रा में खाद का उठाव हुआ था उतनी मात्रा अब तक रीवा संभाग को प्रदान की जा चुकी है। कलेक्टर खाद के वितरण की समुचित व्यवस्था करें। सहकारी समितियों को आवंटित खाद का 70 प्रतिशत प्रदान करके उसका वितरण कराएं। किसानों की भीड़ केवल विपणन संघ के डबल लाक के नकद खरीदी केन्द्र में होती है। खाद की उपलब्धता तथा वितरण के संबंध में नियमित रूप से किसानों को जानकारी दें। उप संचालक कृषि निजी विक्रेताओं के खाद के नमूने लेकर नियमित जाँच कराएं। अमानक पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही करें। नरवाई प्रबंधन के संबंध में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि नरवाई जलाने पर एक ओर जुर्माना लगता है दूसरी ओर खेती की मिट्टी की गुणवत्ता खराब होती है। यदि किसान ने नरवाई जलाई तो अगले साल एक हेक्टेयर में उसे एक बोरी यूरिया तथा आधा बोरी डीएपी अतिरिक्त रूप से फसल में देना होगा। नरवाई जलाना पर्यावरण की दृष्टि से भी बहुत हानिकारक है। सतना और रीवा जिले के सभी कस्टम हायरिंग सेंटरों में हैप्पी सीडर और सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसकी जानकारी किसान एप पर दर्ज कराएं जिससे किसान इनका सरलता से उपयोग कर सकें। सुपर सीडर और हैप्पी सीडर खरीदने के लिए भी किसानों को प्रेरित करें। हर जिले में पर्याप्त संख्या में दुग्ध सहकारी सुमितियों का गठन कराएं। दुधारू पशुओं के नस्ल सुधार के सभी लक्ष्य सेक्स सार्टेड सीमेन के माध्यम से पूरा कराएं। कृषि उत्पादन आयुक्त ने लक्ष्य पूरा न होने पर नाराजगी व्यक्त की। कृषि उत्पादन आयुक्त ने उद्यानिकी क्षेत्र को फसल अनुरूप चयन करने तथा किसान की रूचि के अनुसार उत्पादन करने के लिये प्रेरित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि परिवहन सुविधा व बाजार की उपलब्धता को भी आधार मानकर उद्यानिकी फसल क्षेत्र का चयन करें। उन्होंने सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने तथा आर्थिक तौर पर सशक्त किये जाने पर बल दिया। बैठक में सीधी, शहडोल, रीवा तथा सतना जिले के विभिन्न हितग्राहियों व कृषकों से कृषि उत्पादन आयुक्त ने संवाद कर विभागीय योजनाओं की सफलता की जानकारी ली।       बैठक में प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने कहा कि खेती को बेहतर करने के लिए कार्ययोजना बनाकर निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। कृषि यंत्रीकरण का लाभ देने के लिए कलेक्टर लगातार इसकी समीक्षा करें। सतना जिले में 650 जीरो ट्रिल सीडड्रिल की बिक्री हुई है। इसकी जानकारी एप में दर्ज कर दें, जिससे अन्य किसान भी इनका उपयोग कर सकें। ई मण्डी तथा एमपी फार्मागेट एप के माध्यम से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए प्रोत्साहित करें। विकासखण्ड स्तर पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं तत्काल शुरू कराएं। सीधी और सिंगरौली जिलों में जिन संस्थाओं को मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की जिम्मेदारी दी गई है कलेक्टर उनका सत्यापन कराएं। प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने अकार्यशील गृह निर्माण सहकारी समितियों में परीक्षण उपरांत कार्यवाही किये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने सहकारी बैंकों की आडिट कराने तथा टर्मलोन बढ़ाने के अतिरिक्त वकाया राशि वसूली किये जाने की बात कही। वर्णवाल ने निर्देश दिये कि 50 प्रतिशत से कम ऋण वसूली करने वाले बैंक मैनेजर तथा प्रतिमाह 10 से कम आडिट करने वाले आडीटर का वेतन रोकें।     बैठक में सचिव कृषि विभाग एम सेलवेन्द्रन ने खाद की उपलब्धता, वितरण तथा डीएपी के स्थान पर वैकल्पिक खाद के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डीएपी के स्थान पर यूरिया और एनपीके अथवा एसएसपी का उपयोग किसानों के के लिए अधिक लाभकारी है। बैठक में उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन, कृषि अभियांत्रिकी, दुग्ध संघ तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव तथा प्रमुख सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, कमिश्नर शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता, संचालक कृषि अजय गुप्ता, रजिस्ट्रार सहकारिता मनोज सैयाम, अपर सचिव आलोक सिंह, रीवा और शहडोल संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभाग के संभागीय एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

अयोध्या में भगवान राम और मां जानकी का विवाह उत्सव, सीएम डॉ. मोहन यादव लड्डू रथ को अयोध्या के लिए रवान करेंगे

उज्जैन  अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में होने जा रहे भगवान राम के विवाह उत्सव में भगवान महाकाल की ओर से लड्डू बांटे जाएंगे। मंदिर समिति द्वारा चिंतामणि स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई में 1 लाख 11 हजार 111 लड्डुओं का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज को केसरिया झंडी दिखाकर लड्डू रथ को अयोध्या रवाना करेंगे। बता दें कि श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव पर भी महाकाल मंदिर की ओर से एक लाख लड्डू अयोध्या भेजे गए थे। अयोध्या में श्रीराम विवाह की रस्में शुरू हो गई हैं। बरात जनकपुर जाने की तैयारी तिलक उत्सव हो चुका है और अब बरात जनकपुर जाने की तैयारी चल रही है। अयोध्या और जनकपुर के साथ उज्जैन में भी राम विवाह उत्सव का उल्लास छाया है। महाकाल मंदिर में कर्मचारी मुदित मन से लड्डू बना रहे हैं। उनका कहना है कि यह सोचकर ही मन मयूर की तरह नाच उठता है कि अयोध्या में श्रीराम के विवाह उत्सव में उनके हाथों से बने लड्डू बांटे जाएंगे। रामकाज में सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। विशेष पैकेजिंग मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि लड्डू बनाने के साथ उनकी विशेष पैकेजिंग की जा रही है। इन लड्डुओं को विशेष रूप से सुसज्जित वाहन द्वारा अयोध्या भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झंडी दिखाकर लड्डू रथ को अयोध्या के लिए रवाना करेंगे। यह संपूर्ण कार्य कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की देख-रेख में चल रहा है। मंदिर समिति द्वारा विशेष वाहन को लड्डू रथ का रूप दिया जा रहा है। इसकी साज-सज्जा में राम विवाह की झलक दिखाई देगी। उच्च गुणवत्तायुक्त लड्डू महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद सबसे शुद्ध माना जाता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा मंदिर को सबसे सेफ भोग प्लेस घोषित किया गया है। महाकाल मंदिर देश का पहला मंदिर है जिसे यह प्रमाण पत्र मिला है। मंदिर समिति चिंतामणि स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई रवा, बेसन तथा ड्राय फ्रूट्स को मिलाकर शुद्ध देसी घी से सर्वोत्तम लड्डू बनती है। यही उच्च गुणवत्ता युक्त लड्डू अयोध्या में राम विवाह के अवसर पर बांटे जाएंगे।

उज्जैन में 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार शाम को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियिम 1951 के अंतर्गत “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार भगवान श्रीकृष्ण से संबंध क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया जायेगा। न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं संरचनाओं का प्रबंधन, सांदिपनि गुरुकुल की स्थापना के लिए परामर्श, सुझाव, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, पुस्तकालय, संग्रहालय की स्थापना आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित न्यास में कुल 28 सदस्य होंगे। इसमे 23 पदेन न्यासी सदस्य तथा 5 ख्याति प्राप्त विद्वत सदस्य, अशासकीय न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित होंगे। अशासकीय न्यासी सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होगा। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का मुख्यालय भोपाल होगा। इसके लिये 6 पद सृजित किये जायेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिये शासन अथवा अन्य स्त्रोतों से अनुदान एवं दान प्राप्त कर सकता है। न्यास के संचालन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये शोध-सर्वेक्षण एवं विकास कार्य के लिये आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जा सकेगा। न्यास के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विलेख तैयार किया जायेगा। विलेख मे न्यास के अधिकार, कार्यकारी समिति, सदस्यों, कार्यकारी समिति के अधिकार, न्यासी सचिव के अधिकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अधिकार, न्यास के लेखे एवं अंकेक्षण एवं न्यास के कार्यक्षेत्र एवं सीमा से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन होगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों में मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहाँ-जहाँ पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रुप में विकसित तथा संरक्षित करना और हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा के महत्व को समझने के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों का प्रलेखन (डाक्युमेंटेशन), अभिलेखन (रिकॉर्डिंग), छायांकन, फिल्मांकन तथा चित्राकंन आदि करना शामिल है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत अवस्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं उनमें स्थित जल संरचनाओं, वन सम्पदा, उद्यान आदि की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन किया जायेगा। इन धार्मिक तीर्थ स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके साथ ही उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श, सुझाव एवं अन्य कार्यवाही की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की अवधारणा के अनुरुप शिक्षा, संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन की विरासत का विकास किया जायेगा। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में आने वाले श्रीकृष्ण पाथेय के चिन्हांकित स्थलों के अवलोकन, पुरान्वेषण तथा धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, इतिहास आदि की दृष्टि से रचनात्मक विकास हेतु परामर्श, सुझाव एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जायेगी। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों के साथ भावनात्मक एवं अनुभवात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएँ परिकल्पित करना तथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित करना इसके उद्देश्यों में शामिल होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन के सर्व संबंधित विभागों के समन्वय से श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास तथा विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना का विकास किया जायेगा। साथ ही जन-सामान्य को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध करते हुए पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं तथा सभी वर्ग के विद्यार्थियों की जानकारी के लिए पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा सूचना केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा पौराणिक काल से वर्तमान समय तक भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु स्वरुप स्थापित करने में अपना योगदान प्रदान करने वाले अनेक-अनेक तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टा ऋषियों, संतों, मनीषियों, चिंतकों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के अवदान का रेखाकंन एवं वाणियों का ध्वन्यांकन तथा फिल्मांकन कराया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरक कथाओं और चित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन एवं शिल्पकला की विधा के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से समन्वय, सहयोग तथा सम्पर्क स्थापित कर वित्तीय एवं अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जायेगा। साथ ही साथ श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत सभागारों, सामुदायिक केन्द्रों (कम्युनिटी सेंटर) और धर्मशालाओं का निर्माण एवं व्यवस्थापन कार्य किया जायेगा। चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल (वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा 27 जनवरी, 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर स्टॉफ नर्स के पद पर चयनित 209 अभ्यार्थियों को विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। उज्जैन मे 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-उन्हेल (लंबाई 23.71 कि.मी.) 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 कि.मी. लंबी होगी एवं 127 करोड़ 63 लाख रूपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन

भोपाल भारत का ज्ञान, हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में “भारत केंद्रित शिक्षा से समृद्ध” आदर्श पाठ्यक्रम निर्माण के लिए, लेखकों में गहन भारतीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। भारतीय दृष्टि के साथ, भारतीय ज्ञान परम्परा समृद्ध पाठ्यक्रम निर्माण करने की आवश्यकता है, इससे शिक्षा के मंदिरों से विद्यार्थियों में स्वत्व एवं राष्ट्र निर्माण का भाव जागृत एवं स्थापित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल ध्येय, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है, इसके लिए हम सभी को स्वत्व के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागृह में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए। परमार ने कहा कि पाठ्यक्रम की पहली इकाई में ही “भारतीय ज्ञान परंपरा” का तथ्यपूर्ण समावेश करना है। विद्यार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि विश्व मंच पर इतिहास में भारत की क्या साख रही है। भारत का ज्ञान विश्व मंच पर सबसे पुरातन ज्ञान है, ईसा से भी हजारों वर्षों पूर्व, भारतीय समाज में सर्वत्र विद्यमान ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में भारतीय दृष्टि से परिपूर्ण समावेश करना है। विश्वमंच पर राष्ट्र के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए, हमें हीनभावना से बाहर आकर भारतीय दृष्टि से पाठ्य पुस्तकों में, भारतीय ज्ञान को समाहित करना है। परमार ने कहा कि भारतीय परंपराओ पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर, युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में शोध एवं अनुसंधान की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विश्व भर में भारत आध्यात्म का केंद्र रहा है। मानवता एवं लोककल्याण, पुरातन से ही भारतीय दृष्टिकोण रहा है। पाठ्यक्रमों में भारतीय दर्शन “वसुधैव कुटुंबकम्” को समावेश करने की आवश्यकता है। हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान का अनंत भंडार है। इतिहास, अर्थशास्त्र, फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं गणित सहित सभी विषयों में भारतीय पुरातन ज्ञान के तथ्यपूर्ण संदर्भों पर शोध एवं अनुसंधान करते हुए, सही परिप्रेक्ष्य में तथ्यपूर्ण संदर्भों को जनमानस के समक्ष लाने की आवश्यकता है। इसके लिए हमारी ज्ञान संपदा को तथ्यों एवं उदाहरण के साथ, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों से समावेश करना होगा। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व एवं बाद भी, भारतीय गौरव के सन्दर्भों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान पर गर्व होगा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलेगी। परमार ने कहा कि विद्यार्थियों को मात्र आजीविका उपार्जन के लिए तैयार नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के लिए, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम निर्माण में विचार मंथन करें। परमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जैसे शूरवीर जनजातीय महापुरुषों एवं नायकों के स्वतंत्रता में दिए बलिदान को, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों में समाहित करने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि हर विषय में भारतीय ज्ञान का संदर्भ जुड़ा हुआ है, इसे सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करते हुए पाठयक्रम में समाहित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में गृहिणियों की रसोई, विश्व भर में कुशल प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे असंख्य संदर्भ हमारे समाज में, परम्परा के रूप में विद्यमान हैं। हमारी सभ्यता में कृतज्ञता का भाव सर्वत्र विद्यमान है। हमें अपने ज्ञान, इतिहास, शौर्य, दर्शन, सभ्यता, संस्कृति, उपलब्धियों एवं विरासत पर गर्व करने का भाव जागृत करना होगा। स्वत्व के भाव के साथ पाठ्यक्रम निर्माण में सहभागिता करनी होगी। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा, अपनी सभ्यता, अपने दर्शन एवं अपनी विरासत पर गर्व का भाव जागृत एवं स्थापित करना होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टि के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में समाहित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। बरबड़े ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन ऑर्डिनेंस 14(1) पर विस्तार से चर्चा, भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समाहित करने एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रचलित पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन करने एवं विद्यार्थी केंद्रित रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम को समाहित किए जाने पर विचार करना है। इस अवसर पर मप्र प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे सहित केंद्रीय अध्ययन मंडल के सदस्यगण, विभिन शिक्षाविद्, विभागीय अधिकारी एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। डॉ एसपी सिंह ने आभार ज्ञापित किया।  

प्रदेश स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिये माइक्रो लेबल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकेप) अंतर्गत प्रदेश स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिये माइक्रो लेबल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव जैन ने एनकेप अंतर्गत चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास एवं सागर के कलेक्टर कमिश्नर को आगामी बैठक में स्वच्छ वायु के लिये एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। बैठक में एनकेप अंतर्गत चिन्हित शहरों के कलेक्टर एवं कमिश्नर वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल हुए। आयुक्त नगरीय निकाय एवं आवास ने एनकेप में चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदेश के शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) की जानकारी प्रतिदिन प्रस्तुत की जा रही है जिसके अनुसार प्रदेश के 07 नॉन-अटेनमेंट शहरों के अतिरिक्त सिंगरौली, मण्डीदीप एवं पन्ना का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी खराब से बहुत खराब श्रेणी का आ रहा है। इनके सुधार के लिये गंभीरतापूर्वक माइक्रो लेबल की प्लानिंग करें। उन्होंने उज्जैन, ग्वालियर, देवास एवं सागर द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिये वर्ष 2023-24 की स्वीकृत राशि का शत-प्रतिशत उपयोग नहीं करने पर अप्रसन्नता जताई। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि शहरों के आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल रोक के लिये माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालनार्थ प्रावधानित दण्ड की कार्यवाही विशेष अभियान चलाकर की जाये। इसके साथ-साथ उनको व्यवहारिक समझाईश (कॉउंसलिंग) देने के लिये समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित करें। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरा एकत्रित करने के पश्चात् ना जलाये जाने के संबंध कॉउंसलिंग करें साथ ही निरन्तर निगरानी रखी जाये। की गई कार्रवाई से आगामी बैठक में अवगत करायें। मुख्य सचिव जैन ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग द्वारा वर्तमान में कार्यरत एक्सटेंशन प्रोग्राम में सर्वाधिक फायर इन्सीडेन्स वाले गॉंवों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाये तथा इस बावत् विस्तृत कार्ययोजना जिसमें टारगेट एवं एचीवमेंट की जानकारी (संख्यात्मक रूप में) बनाकर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एनकेप अन्तर्गत चिन्हित शहरों के लिये वायु गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी बावत् प्रतिष्ठित संस्थान से वैज्ञानिक अध्ययन करायें जिससे मुख्य प्रदूषणकारी कारकों की पहचान कर कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। मुख्य सचिव जैन ने धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिये शहरों में निर्माणाधीन स्थलों पर पानी छिड़काव के लिये स्प्रिक्लर एवं ग्रीन नेट इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाये तथा संबंधितों एजेन्सियों के जागरूकता के लिये समय-समय पर कार्यशालाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इन्दौर की तरह शहरों में चिन्हित हाट स्पाट से धूल उडने वाले स्थानों पर नियमित रूप से पानी के छिड़काव के साथ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का प्रयोग सुनिश्चित करें। वाहनों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिये तत्काल प्रभाव से पीयूसी नार्मस का पालन कराते हुये प्रथम चरण में पुराने वाहनों (प्रीबीएस एवं बीएस-1) को हटाया जाये तथा द्वितीय चरण में विस्तृत अध्ययन एवं डाटा विश्लेषण पश्चात बीएस-2 वाहनों के लिये यह कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। शहर तथा शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र एवं प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों द्वारा निर्धारित पर्यावरण संबंधी नियमों का कम्पलाइंस किया जाये, इस बात की सतत् निगरानी की जाये। मुख्य सचिव जैन ने संचालन समिति की बैठकों का आयोजन निर्धारित समय में करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बैठक मुख्य रूप से शीत ऋतु के पूर्व, शीत ऋतु दौरान एवं शीत ऋतु के बाद अनिवार्य रूप से करें। बैठक में वायु-प्रदूषण नियंत्रण के लिये प्रस्तावित योजनाऍं एवं उनके संबंध में की गई कार्यवाही की समीक्षा की जाये। साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिये आगामी योजनओं पर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा की जा सके।  

तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां

देश में नए उद्योगों और निवेश संवर्धन प्रयासों से सवा तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ यादव 24 से 29 नवंबर तक निवेश बढ़ाने करेंगे जर्मनी और यूके का दौरा तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां साबरमती रिपोर्ट के माध्यम से आया है सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योग और निवेश संवर्धन प्रयासों से बड़ी संख्या (सवा तीन लाख) में लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2024 में प्रदेश के विभिन्न संभागों में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के कई नगरों में हुए इंटरैक्टिव सेशन के फलस्वरुप उद्योगों के विकास का वातावरण बना है। प्रदेश में करीब 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ रहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग वर्ष होगा। इस नाते इस वर्ष प्रदेश में संपन्न औद्योगिक विकास गतिविधियों का विशेष महत्व रहा। द साबरमती रिपोर्ट से आया सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज “द साबरमती रिपोर्ट” की स्क्रीनिंग भोपाल में हो रही है। फिल्म से गुजरात के गोधरा में वर्ष 2002 में हुई घटना का सच सामने आया है। इस घटना का गलत प्रेजेंटेशन से भी हुआ था। आज अनेक जनप्रतिनिधि इस फिल्म को देखेंगे। मध्यप्रदेश शासन ने इस फिल्म को टैक्स फ्री किया है। तानसेन समारोह का देश भर में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 15 से 19 दिसंबर को ग्वालियर के साथ ही प्रदेश में रीवा ,जबलपुर, गुना, दतिया, शिवपुरी, खंडवा और ओरछा में तानसेन समारोह की गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी। इस वर्ष प्रदेश के बाहर 4 स्थान जयपुर, बनारस, बड़ौदा और खैरागढ़ में भी तानसेन समारोह की गतिविधियां होंगी। तानसेन समारोह का देश व्यापी विस्तार हुआ है। गुजरात दौरा सार्थक रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज अहमदाबाद में गुजरात सरकार के सीएम डैशबोर्ड और अन्य बेस्ट प्रैक्टिसेज ऊर्जा क्षेत्र ,नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका गुजरात दौरा सार्थक रहा। चिंतन बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिंतन बैठक भी आयोजित की जाएगी। प्रदेश में चिंतन बैठक के आयोजन की तिथियां शीघ्र निर्धारित की जा रही हैं।  

आयुष महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए समस्त प्रवर्ग/संवर्ग में, न्यूनतम परसेन्टाइल सीमा 15 प्रतिशत तक हुई कम

भोपाल शिक्षण सत्र 2024-25 की प्रवेश काउंसिलिंग के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली द्वारा समस्त प्रवर्ग/संवर्ग में न्यूनतम परसेन्टाइल सीमा 15 प्रतिशत तक कम की गई है। प्रभारी उप संचालक आयुष डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि नवीन न्यूनतम परसेन्टाइल सीमा के आधार पर, रिक्त सीटों पर प्रवेश के अवसर प्रदान करने के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में 1 अतिरिक्त चरण (स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड-III) आयोजित होगा, यह काउंसलिंग 25 नवंबर से शुरू होगी। साथ ही स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 22 नवंबर से स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड-1 होगा, इसमें नवीन न्यूनतम परसेन्टाइल सीमा के आधार पर, रिक्त सीटों के लिए प्रवेशार्थियों को पंजीयन का अवसर प्रदान किया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने बताया कि समस्त प्रवर्ग/संवर्ग में न्यूनतम परसेन्टाइल सीमा के लिए वर्गवार नवीन पर्सेंटाइल सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार अनारक्षित एवं EWS वर्ग के लिए न्यूनतम 35 पर्सेंटाइल और अनारक्षित (दिव्यांग) एवं EWS (दिव्यांग) वर्ग के लिए न्यूनतम 30 पर्सेंटाइल निर्धारित किए गए है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रवेशार्थियों के लिए न्यूनतम 25 पर्सेंटाइल और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के दिव्यांग प्रवेशार्थियों के लिए भी न्यूनतम 25 परसेन्टाइल निर्धारित किए गए हैं। उक्त न्यूनतम पर्सेंटाइल के आधार पर प्रवेशार्थियों को रिक्त सीटों पर पंजीयन का अवसर दिया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रवेश काउंसिलिंग में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली से प्रवेशानुमति प्राप्त आयुष महाविद्यालयों को सम्मिलित किया जाता है। वर्तमान में शिक्षण सत्र 2024-25 की प्रवेश काउंसिलिंग में सात शासकीय स्वशासी, एक आयुर्वेद, एक होम्योपैथी एवं एक यूनानी महाविद्यालय सहित 28 निजी आयुर्वेद, 20 होम्योपैथी, 3 यूनानी एवं 2 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालय सम्मिलित हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि शिक्षण सत्र 2024-25 की प्रवेश काउंसिलिंग में स्नातक पाठ्यक्रम में ऑल इण्डिया कोटे के 2 एवं स्टेट कोटे के 4 चरणों की काउंसिलिंग पूर्ण हो चुकी है, जिसमें अब तक 3 हजार 853 अभ्यर्थियों द्वारा प्रवेश प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में ऑल इण्डिया कोटे के 2 एवं स्टेट कोटे के 2 चरणों की काउंसिलिंग पूर्ण हो चुकी है, जिसमें 166 अभ्यार्थियों द्वारा प्रवेश प्राप्त किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म के कलाकारों ने मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश को बताया फिल्म जगत का प्रमुख केंद्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” इतिहास  के काले अध्याय को सामने लाती है। यह फिल्म वर्ष 2002 में  गुजरात के गोधरा में हुई घटना की सत्यता को सामने लाती है। फिल्म वास्तविक तथ्यों पर फिल्माई गई है। फिल्म, उन 59 कारसेवकों के बलिदान की जानकारी देती है जिसे उस दौर में गलत बताया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्म को मध्यप्रदेश शासन द्वारा करमुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थान हैं। प्रदेश सरकार की नीतियां भी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने वाली हैं। फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” के निर्माता साधुवाद के पात्र हैं जिन्होंने इस फिल्म का निर्माण कर आज की पीढ़ी को 22 वर्ष पुरानी घटना की सच्चाई बताने का कार्य किया है। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का सराहनीय निर्णय लिया है। फिल्म के निर्माता  अंशुल मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को समर्थन दिया है। इसके लिए फिल्म की पूरी यूनिट उनकी आभारी हैं। फिल्म के नायक विक्रांत मैसी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की जानकारी होना चाहिए। सुएकता कपूर ने इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय को सामने लाने का कार्य किया है। फिल्म की नायिका सुराशि खन्ना ने कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल, खजुराहो, पचमढ़ी और कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं। मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश का फिल्म जगत में अहम स्थान बन रहा है। फिल्म प्रदर्शन देखने के लिए प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री सांसद, विधायक और नागरिक उपस्थित थे।  

रोजगार मेले से 177 युवाओं को मिले रोजगार के अवसर

  रीवा  मध्यप्रदेश संकल्प योजना के तहत शिक्षण संस्थाओं में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में एक दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया। इसमें 469 आवेदकों ने पंजीयन कराया। मेले में शामिल 10 निजी कंपनियों ने इनमें से 177 युवाओं का चयन किया है। इस संबंध में उप संचालक रोजगार अनिल दुबे ने बताया कि रोजगार मेले जीएमसीसी इंडिया लिमि. महसाणा फाटा अहमदनगर महाराष्ट्र में 8, बोनटन टेक्नोमेक फर्नीचर प्रा. लि. इंदौर में 15, द ई पाई डाट काम (हावेल्स सोलर प्लांट) रीवा में 44, ग्रोफास्ट एग्रोटेक प्रा. लि. रीवा में 6, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्रा. लि. भोपाल में 23, प्रगतिशील बायोटेक रीवा में 13, प्रगतिशील एग्रोटेक रीवा में 37, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में 25 भारतीय जीवन बीमा निगम रीवा में 5 तथा एसआईएस लिमिटेड (इंडिया) सिंगरौली में एक युवा का चयन किया गया है। रोजगार मेले के सफल आयोजन में विज्ञान महाविद्यालय, जिला रोजगार कार्यालय तथा आईटीआई रीवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वय से प्रयास किया।

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