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शर्वरी ने वर्कआउट की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री शर्वरी ने अपने वर्कआउट की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की हैं1 शर्वरी के लिए यह साल बेहद खास रहा है। उनकी 100 करोड़ की ब्लॉकबस्टर ‘मुंजा,’ ग्लोबल स्ट्रीमिंग हिट ‘महाराज’ और एक्शन-थ्रिलर ‘वेदा’ में बेहतरीन परफॉर्मेंस ने उन्हें इस साल का सितारा बना दिया है।दिवाली का जश्न पीछे छोड़ते हुए शर्वरी अब एक बार फिर काम में जुट चुकी हैं और अपने आगामी वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स फिल्म ‘अल्फा’ की शूटिंग में व्यस्त हो गई हैं। शर्वरी ने सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस का जलवा दिखाते हुए मंडे मोटिवेशन पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने जिम में बारबेल रो वर्कआउट करते हुए अपनी टोंड बॉडी को फ्लॉन्ट किया। शर्वरी ने अपनी फिटनेस तस्वीरों के कैप्शन में लिखा, “दिवाली खत्म, अल्फा शुरू #मंडेमोटिवेशन शर्वरी ‘अल्फा’ के शूट के कारण अपने फिटनेस गेम को बढ़ा रही हैं। इस फिल्म में शर्वरी आलिया भट्ट के साथ नजर आएंगी, जो 25 दिसंबर, 2025 को रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं।

हरिशंकर खटीक को चंबल संभाग का प्रभारी किया नियुक्त

भोपाल भाजपा ने टीकमगढ़ जिले के जतारा विधायक हरिशंकर खटीक को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें चंबल संभाग का प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उनकी नियुक्ति की घोषणा की है। खटीक वर्तमान में पार्टी के प्रदेश महामंत्री पद पर भी कार्यरत हैं, जिससे संगठन के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और सक्रियता को लेकर उनकी इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। हरिशंकर खटीक की चंबल संभाग में उनकी जिम्मेदारी संगठन को मजबूत बनाने के साथ आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खटीक की संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस अहम पद पर तैनात किया है, जिससे चंबल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।

40 सेकंड में डल्ला के गुर्गों ने जसवंत सिंह की कर दी थी हत्या, कनाडा के गैंगस्टर से जुड़ा कनेक्शन, आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर जसवंत सिंह गिल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में प्रो-खालिस्तान समर्थक अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला का नाम सामने आया है। इसे भारत सरकार ने 2023 में आतंकवादी घोषित किया था। खुफिया अधिकारियों का कहना है कि अर्श डल्ला, जो प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) से जुड़ा हुआ है और वह खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर के लिए काम करता था। जून 2023 में निज्जर की हत्या हो गई थी। हाल ही में, विदेश मंत्रालय (MEA) ने अर्श डल्ला का नाम उन ‘खालिस्तानी आतंकवादियों’ में शामिल किया था, जिनके प्रत्यर्पण का अनुरोध कनाडा से किया गया है। डल्ला के गुर्गे ने की ग्वालियर में हत्या डल्ला के दो गुर्गे – नवजोत सिंह और अमलप्रीत सिंह, दोनों पंजाब के बरनाला के रहने वाले हैं, जिन्हें पिछले महीने फरीदकोट में सिख कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह हरि नौ की हत्या के आरोप में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। ग्वालियर पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, जसवंत सिंह गिल की हत्या में भी इन्हीं दोनों ने ही गोलियां चलाई थीं। 7 नवंबर को ग्वालियर में गिल की हत्या के बाद ग्वालियर पुलिस ने कई जगहों से सबूत इकट्ठा किए थे, जिनसे इन दोनों की पहचान हुई है। पुलिस मुख्य साजिशकर्ता सतपाल की तलाश कर रही है, जिसे अर्श डल्ला का करीबी बताया जा रहा है। मोहाली से दोनों शूटर गिरफ्तार दोनों शूटरों को पंजाब पुलिस ने सिख कार्यकर्ता की हत्या के सिलसिले में मोहाली के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और फरीदकोट पुलिस के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए X पर कहा कि मोहाली के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और फरीदकोट पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में कनाडा स्थित नामित आतंकवादी अर्श डल्ला के दो प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जो गुरप्रीत सिंह हरि नौ की हत्या में शामिल था। डल्ला के निर्देश पर जसवंत की हत्या की पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी अर्श डल्ला के निर्देश पर जसवंत सिंह गिल की हत्या में भी शामिल थे। डीजीपी यादव ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपियों ने 7 नवंबर, 2024 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में अर्श डल्ला के निर्देश पर जसवंत सिंह गिल की भी हत्या की थी। ग्वालियर हत्याकांड के बाद आरोपी पंजाब लौट आए थे और उन्हें मोहाली के खरड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। पंजाब पुलिस को आरोपियों के पास से दो अत्याधुनिक हथियार मिले हैं। पंजाब पुलिस की रिमांड पर हैं दोनों हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए पंजाब के डीजीपी यादव ने कहा कि दोनों पंजाब पुलिस की रिमांड पर हैं। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद हम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लाएंगे। गिल हत्याकांड सुलझ गया है। जैसा कि संदेह था यह बदला लेने का मामला था और साजिश कनाडा से रची गई थी। नवजोत सिंह और अमलप्रीत सिंह हत्या वाले दिन सुबह ही ग्वालियर पहुंचे थे। ग्वालियर पुलिस की छह टीमें कर रही जांच ग्वालियर पुलिस ने छह विशेष टीमों का गठन किया था और जसवंत सिंह गिल की हत्या के लिए जिम्मेदार शूटरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। उनका मानना था कि यह आठ साल पहले किए गए अपराध का बदला लेने के लिए की गई हत्या है। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसमें दिख रहा है कि शूटरों ने सिर्फ 40 सेकंड में जसवंत सिंह की हत्या कर दी। हमलावर तुरंत भाग गए ग्वालियर एसपी ने कहा कि हमें एक ऑडियो वाला सीसीटीवी फुटेज मिला था, जिससे यह पुष्टि होती है कि शूटर स्थानीय नहीं थे। बाद में, हमें और सबूत मिले जैसे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज एक होटल से मिले जो उन्होंने टेहरौली क्षेत्र में चेक इन किया था। उन्होंने बताया कि शूटर अलग दिख रहे थे और उनके लहजे से लग रहा था कि वे पंजाब के हो सकते हैं। गिल की हत्या करने के बाद हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गए थे। अपने मामा की हत्या में शामिल था जसवंत गिल 2016 में, जसवंत सिंह गिल अपने मामा सुखविंदर सिंह की हत्या में शामिल था। पारिवारिक विवाद में सुखविंदर की मौत हो गई थी और उनके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जसवंत, जो अपने मामा के परिवार के साथ रहता था, ने सुखविंदर को उसके सोते समय गोली मार दी। बाद में अपनी मामी और मामा पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक हुआ कि केवल 13 वर्षीय हरमन कौर ही रसोई में छिपकर बच पाई। जसवंत मौके से फरार हो गया और कई सालों तक फरार रहा। आखिरकार उसे 2018 में पकड़ लिया गया और अपने मामा की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सुखविंदर का परिवार जो अब कनाडा में रहता है, जांच के घेरे में था। ढाई लाख रुपए में दी थी सुपारी जांच में जल्द ही पता चला कि सुखविंदर सिंह के भाई, सतपाल सिंह, जो कनाडा का निवासी है, ने अर्श डल्ला के माध्यम से 2.5 लाख रुपये का अनुबंध देकर हत्या की योजना बनाई थी। सतपाल के ससुराल वाले पंजाब में रहते हैं और उन्होंने वहां से शूटरों की व्यवस्था की। योजना को अंजाम देने के लिए, उन्होंने राय मस्तूरा गांव के अपने रिश्तेदार, जीते उर्फ जीते सरदार की मदद ली, जिन्होंने ग्वालियर में रेकी और व्यवस्था में सहायता की। जसवंत की रिहाई बाद मिले रुपए जसवंत की हत्या के लिए पैरोल पर रिहाई से पहले जीते के खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। बाकी के 1.5 लाख रुपये हत्या के तुरंत बाद भेजे गए थे। जीते सरदार नहीं हुआ है गिरफ्तार फिलहाल जीते सरदार को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि सुपारी हत्या के पैसे उसके खाते में जमा किए गए थे। शाम करीब 7:00 बजे जसवंत सिंह गिल (45) डबरा के गोपाल बाग में अपने घर के बाहर खाना खाने के बाद टहल रहे थे तभी उनकी हत्या कर दी गई।   कनाडा से बुक हुई थी टैक्सी हत्या के बाद शूटरों को भगाने के लिए कनाडा से एक … Read more

प्रदेश में जनता को पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाले डायल-100 वाहनों के संचालन के लिए नई एजेंसी के चयन की एक बाधा हुई दूर

 भोपाल  प्रदेश में जनता को पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाले डायल-100 वाहनों के संचालन के लिए नई एजेंसी के चयन की एक बाधा दूर हो गई है। इसके लिए बनाए गए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली परियोजना मूल्यांकन समिति से स्वीकृति मिल गई है। अब यह प्रस्ताव इसी माह कैबिनेट में लाने की तैयारी है। यहां से स्वीकृति मिली तो दिसंबर में निविदा प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसमें कोई बाधा नहीं आई तो मार्च-अप्रैल, 2025 तक नई कंपनी के हाथ में संचालन की जिम्मेदारी आ जाएगी। इसके साथ ही इस सेवा में कई बड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी जो अभी नहीं हैं। अभी प्रदेश में डायल-100 के एक हजार वाहन चल रहे हैं। नई कंपनी के आने पर पहले 1200 और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से दो हजार वाहन किए जाएंगे। बता दें, वर्तमान संचालन कंपनी का कार्यकाल पांच वर्ष था जो वर्ष 2020 में ही पूरा हो गया है। नई कंपनी का चयन नहीं हो पाने के कारण बीते चार वर्ष से पुरानी कंपनी को सेवा विस्तार दिया जा रहा है। वाहन पुराने होने के कारण बार-बार खराब हो रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंचने में भी समय लग रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रद किया गया था टेंडर इस वर्ष मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर वर्ष 2021 से चल रही टेंडर प्रक्रिया को रद कर दिया गया था। टेंडर तब रद किया गया जब एक कंपनी का चयन भी हो गया था। बस, उसे शासन से संचालन की स्वीकृति मिलनी थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव आ गया। मई, 2024 में पुलिस मुख्यालय की ओर से नए सिरे से डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई थी। गृह विभाग में इसके परीक्षण में तीन से चार माह लग गए। अब परियोजना मूल्यांकन समिति की स्वीकृति मिल पाई है। नई कंपनी आने पर ये सुविधाएं बढ़ेंगी -वाहनों में सीसीटीवी कैमरे और तैनात पुलिसकर्मियों को बाडीवार्न कैमरे दिए जाएंगे, जिससे घटनास्थल की रिकार्डिंग हो सके। – जीपीएस के माध्यम से फोन करने वाले की सही लोकेशन ली जाएगी। इसके लिए निजी मैप प्रोवाइडर की मदद ली जाएगी। – काल सेंटर में फोन उठाने वालों की संख्या 80 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। – ऐसी सुविधा रहेगी, जिसमें फोन करने वाले का नंबर डायल-100 के पुलिसकर्मियों को पता नहीं चलेगा। – नए टेंडर में ऐसे वाहन रखने की तैयारी है जो और तेजी से घटनास्थल पर पहुंच सकें और इनमें अधिक लोग बैठ सकें।

‘बिग बॉस ओटीटी 3’ फेम मन्नारा चोपड़ा ने कैमरे के सामने बनाया कैसा-कैसा मुंह

मुंबई ‘बिग बॉस ओटीटी 3’ फेम मन्नारा चोपड़ा इस शो के बाद से अपने पब्लिक अपीयरेंस को लेकर खूब चर्चा में रहती हैं। उनका एक लेटेस्ट वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा। इस वीडियो में मन्नारा तरह-तरह के चेहरे बना रही हैं, जिसे देखकर लोग अब सोशल मीडिया पर खूब कॉमेंट कर रहे हैं। दरअसल मौका था आफताब शिवदासानी के लेटेस्ट सॉन्ग ‘तन्हाइयां’ के म्यूजिक लॉन्च का। यहां मन्नारा चोपड़ा भी पहुंची थीं और इस मौके का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में मन्नारा चोपड़ा कैमरे के सामने जिस तरह का मुंह बना रही हैं, उसे देखकर लोगों का सिर घूम गया है। अब मन्नारा ने एक बार फिर से लोगों को मौका दे दिया है और वे लगातार उनके लिए कॉमेंट कर रहे हैं। एक ने कहा- एक तो बेकार की ड्रेसिंग और ये उतना चेहरा क्यों बनाती हैं? एक ने कहा- ये इतने बड़े सिलेब्रिटीज़ ऐसा पोज कब से देने लगे। लोगों ने कहा- ये भी सेल्फी लेते हुए मुंह बना लेती हैं एक और ने कहा- फोटो खिंचवाने में भी ओवर एक्टिंग कौन करता है। एक अन्य यूजर ने लिखा- इस तरह से पेट पर हाथ रखने से और भी अजीब लग रहा है। एक ने कहा- ये भी सेल्फी लेते हुए मुंह बना लेती हैं। वहीं कुछ ने सलाह दी है- मुंह बनाना बंद कर दो रे बाबा। एक ने कहा है- ये ऐसे क्यों खड़ी होती हैं पेट पर हाथ रख कर कि सुपर मॉडल है। साउथ सिनेमा में एक्टिव हैं मन्नारा, दो हिन्दी फिल्में में कीं मन्नारा चोपड़ा मुख्य रूप से तेलुगू सिनेमा में एक्टिव हैं। मन्नारा प्रियंका चोपड़ा की चचेरी बहन हैं और उन्होंने 2014 में फिल्म ‘जिद’ से अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने लगातार तेलुगू और तमिल फिल्में की हैं। हालांकि, 2021 में मन्नारा एक और हिन्दी फिल्म ‘हाले दिल ऑन ब्रोकन नोट्स’ में नजर आई हैं।

चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय सिविल सेवा शतरंज प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का करेंगे प्रतिनिधित्व

भोपाल खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश राज्य सिविल सेवा शतरंज चैम्पियनशिप 2024 का समापन इंदौर पब्लिक स्कूल में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सिविल सेवा अधिकारियों ने भाग लेकर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। महिला वर्ग में शीर्ष स्थान पर निशाद मोनिका ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके बाद पद्मजा नायडू ने दूसरा स्थान और स्नेहलता नागेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनके अतिरिक्त छाया हरदिया, वैशाली रामटेके और मंजू डोंगरे ने भी प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल प्रदर्शन करते हुए क्रमशः चौथा, पाँचवाँ, और छठवाँ स्थान हासिल किया। छह राउंड के बाद शेखर वर्मा 5.5 अंकों के साथ प्रथम, सिद्धार्थ जैन और दीपक चिवांडे ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 अंकों के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस चैम्पियनशिप में बी.के.चौधरी, विवेकानंद यादव और अशोक तुरकिया ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और शीर्ष छह स्थानों में जगह बनाई। यह सभी चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय सिविल सेवा शतरंज प्रतियोगिता 2024 में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस आयोजन में टूर्नामेंट डायरेक्टर के रूप में सुनील सोमानी तथा मुख्य निर्णायक के रूप में सौरभ सोनी ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस प्रतियोगिता ने राज्य में शतरंज के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया और खेल संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, अपर कलेक्टर भोपाल सिद्धार्थ जैन, मध्यप्रदेश अड हॉक कमिटी के संयोजक अंतरराष्ट्रीय मास्टर अक्षत खमरिया, ओरिएंटल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सुनील सोमानी, इंदौर शतरंज संघ के अनिल फतेहचंदानी एवं मंदसौर के नंदकिशोर जोशी उपस्थित रहे|  

अनूपपुर जिला पर्यटन एवं विकास के परिदृश्य से महत्वपूर्ण-कलेक्टर

अनूपपुर जिला पर्यटन एवं विकास के परिदृश्य से महत्वपूर्ण-कलेक्टर कलेक्टर ने 10 सदस्यीय प्रशिक्षु आईएएस को जिले के संबंध में दी जानकारी अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने आज कलेक्टर कार्यालय के नर्मदा सभागार में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी (उत्तराखंड) से भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु 10 सदस्यीय अधिकारियों को जिले की सामान्य जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि अनूपपुर जिला पर्यटन एवं विकास के परिदृश्य से बहुत ही महत्वपूर्ण जिला है। कलेक्टर द्वारा जिले की सामान्य जानकारी प्रदान की गई।    उन्होंने प्रशिक्षु आइएएस को केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षु आइएएस को जिले में एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत कोदो कुटकी, उद्यानिकी तथा मत्स्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों, औद्योगिक परिदृश्य, जिले के नवाचार सहित अन्य विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए जानकारी दी। बैठक में नर्मदा माँ मंदिर, नर्मदा, सोन एवं जोहिला के उद्गम स्थल सहित अन्य विभिन्न स्थलों के संबंध में जानकारी देते हुए अवलोकन हेतु लाईजनिंग ऑफिसर को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान कलेक्टर ने जिले के थर्मल पावर प्लांट, लेमनग्रास प्लांट इत्यादि के किए गए निरीक्षण एवं अवलोकन के अनुभवों के संबंध में भी प्रशिक्षु आईएएस से जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने लाईजनिंग ऑफिसर को निर्देश दिए कि प्रशिक्षु आइएएस को निर्धारित भ्रमण रूट चार्ट के अनुसार जिले का भ्रमण कराया जाए। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कोटवार संघ वर्षों से लंबित आदेशों का पालन शीघ्र कराने 12 को सौंपेगा ज्ञापन

मंडला मंगलवार 12 नवंबर को जिले भर के समस्त कोटवार मंडला पहुंचकर आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के आवाहन पर कलेक्टर को 12 बजे जनसुनवाई में आवेदन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन 3 बजे कलेक्टर के हाथों सौंपेंगे ।      बताया गया है,कि मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा कोटवारों के हित में कार्यवाही करने सत्रह वर्ष पहले 2007 में जारी आदेश का पालन जिला प्रशासन के द्वारा अभी तक नहीं कराया जा सका है।साथ ही मुख्यमंत्री के द्वारा चौदह महीने पहले किये गए आदेशों का पालन भी स्वयं मध्यप्रदेश सरकार नहीं कर रही है। जिससे कोटवारों को भारी निराशा के साथ बहुत नुक्सान भी उठाना पड़ रहा है। अनगिनत बार ज्ञापन,भेंट के बाद भी असफल होते आक्रोशित भी होते जा रहे हैं। जनसुनवाई में जाने और ज्ञापन सौपे जाने के पहले रपटघाट स्थित गोंडी पब्लिक ट्रस्ट हॉल में मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ जिला शाखा मंडला की संक्षिप्त पर अति आवश्यक बैठक भी होगी। जिसके लिए जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता शंकर दास पड़वार ने समस्त कोटवारों को 11 बजे मीटिंग स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।

मध्य प्रदेश में एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी

भोपल मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार और बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है. सरकार धान 2300, ज्वार 3371 और बाजरा 2625 रुपये क्विंटल MSP की दर पर खरीदेंगी. समर्थन मूल्य पर ज्वार और बाजरा की 22 नवंबर और धान की ख़रीदी 2 दिसंबर से की जाएगी. इन अफसरों को दिए गए निर्देश खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोबिन्द सिंह राजपूत ने प्रदेश के कलेक्टर, नागरिक आपूर्ति निगम और वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के अफ़सरों को निर्देश दिए हैं. साथ ही लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी. उपार्जन केंद्रों का निर्धारण किसानों की सुविधा के अनुसार किया जाएगा, जिनकी प्राथमिकता गोदाम और कैप परिसर में होगी. किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। यह होंगी उपार्जन करने वाली संस्थाएँ उपार्जन कार्य सहकारी समितियां, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएँ, ब्लाक स्तरीय विपणन सहकारी संस्थाएँ, जिला थोक उपभोक्ता भण्डार, महिला स्व-सहायता समूह एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन, उपार्जन कार्य करने के लिए सहमति देने वाली अन्य संस्थाओं को दिया जा सकेगा। संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा। बारदाना व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा। गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये www.mpeuparjan.nic.in पर स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा। पंजीकरण और बोए गए रकबे के आधार पर होगा उपार्जन केंद्रों का निर्धारण यदि जहां गोदाम या कैप उपलब्ध नहीं है वहां अन्य स्थलों पर भी उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. उपार्जन केंद्रों की संख्या का निर्धारण किसानों के पंजीकरण और बोए गए रकबे के आधार पर किया जाए. उपार्जन कार्य के लिए सहकारी समितियां, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएं, महिला स्व-सहायता समूह और अन्य संस्थाएं शामिल की जाएंगी. इन संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा. जूट बारदाने का किया जाएगा उपयोग समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए 40 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने का उपयोग किया जाएगा. धान, ज्वार और बाजरा की गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केंद्र और भंडारण स्थल पर उपार्जन एजेंसियों का होगा. वहीं ज्वार और बाजरा का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जाएगा.  

वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों का समुचित विधिक प्रक्रिया से निराकरण किया जा रहा

भोपाल वन अधिकार अधिनियम 2006 का जनवरी 2008 से मध्यप्रदेश में सुचारू तरीके से क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 2 लाख 75 हजार 352 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार दावे मान्य किये गये हैं। इसके अतिरिक्त 29 हजार 996 सामुदायिक वन अधिकार दावों को भी मान्यता प्रदान की गई है। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त वन अधिकार दावों का निर्धारित पात्रता अनुसार समुचित विधिक प्रक्रिया से निराकरण किया जा रहा है। 792 वन ग्राम बने राजस्व ग्राम वन अधिकार अधिनियम में प्रदेश में अब तक 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में सम्परिवर्तन कर दिया गया है। इसके लिये संबंधित जिला कलेक्टर्स द्वारा विधिवत अधिसूचनाएं भी जारी कर दी गई हैं। सभी जिलों का एफआरए एटलस भी तैयार केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार वन अधिकार अधिनियम के पोटेंशियल एरिया की मैपिंग के लिए प्रदेश के सभी जिलों का एफआरए एटलस भी तैयार कर लिया गया है। एफआरए एटलस की सहायता से सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन के सामुदायिक अधिकारों सहित अन्य जरूरी अधिकारों को भी कानूनी मान्यता देने की कार्यवाही की जा रही है। शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदाय मध्यप्रदेश में सभी वन अधिकार पत्र धारकों को विभिन्न प्रकार की शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। अब तक 55 हजार 357 वन अधिकार पत्र धारकों को कपिलधारा कूप, 58 हजार 796 को भूमि सुधार/मेंढ़-बंधान, 61 हजार 54 को पक्का आवास/प्रधानमंत्री आवास, 1 लाख 86 हजार 131 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देकर 21 हजार 514 वन अधिकार पत्र धारकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना से भी जोड़ा गया है। क्या है वन अधिकार अधिनियम उल्लेखनीय है कि वन अधिकार अधिनियम केन्द्र सरकार द्वारा 2006 में लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसे अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वन निवासियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए लागू किया गया था। इसमें वन क्षेत्रों में रह रहे आदिवासी और अन्य परंपरागत वन निवासी अपने पुश्तैनी निवास और कृषि भूमि पर मालिकाना हक हासिल कर सकते हैं। इन्हें जंगलों के संसाधनों अर्थात वनोपज पर अधिकार दिया गया है। जैसे लकड़ी, फल, शहद, जड़ी-बूटी आदि का संग्रहण। सामुदायिक स्तर पर वे जंगल की भूमि और अन्य संसाधनों का संरक्षण और प्रबंधन कर सकते है। यह अधिनियम वनवासियों को व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों तरह के अधिकार प्रदान करता है। ग्राम सभा दावों की पुष्टि करती है और उन्हें मंजूरी देती है। इसके तहत सरकार की अनुमति के बिना वन क्षेत्रों से विस्थापन नहीं किया जा सकता है। स्थानीय समुदायों को वन क्षेत्रों के संरक्षण में भागीदारी का अधिकार मिलता है। इस अधिनियम ने वनवासियों को उनके पूर्वजों की भूमि पर अधिकार दिया है, जिससे उनके जीवन-यापन के साधनों को मजबूती मिली है। वन अधिकार अधिनियम से वनवासियों की आजीविका में सुधार आया है और इससे इन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने का अधिकार मिला है। यह अधिनियम जनजातीय और वन समुदायों के अधिकारों को मान्यता देने के साथ ही उनके पारम्परिक जीवन और संस्कृति की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।  

BU : सुंदरकांड पाठ में गई छात्राओं को देरी के लिए वार्डन ने लिखवाया माफीनामा, बीयू परिसर के सामने हंगामा

भोपाल सुंदरकांड पाठ में शामिल होने गई बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की छात्राओं को रात आठ बजे लौटने पर वार्डन ने छात्रावास में घुसने से रोक दिया था। छात्राओं से माफीनामा लिखवाया गया था। वार्डन की यह कारवाई उनके लिए अब मुसीबत बन गई है। अब सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इसको धार्मिक कार्यक्रमों से रोकने की कोशिश बताकर हंगामा खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर के बाहर बैठकर परिषद के कार्यकर्ता रघुपति राघव राजा राम गा रहे हैं। उनके साथ विवि के छात्र और छात्राएं भी शामिल हो गई है। सुरक्षा का बहाना बनाकर धार्मिक आयोजन में जाने से रोकते हैं छात्राओं का कहना है कि हम सभी को सुरक्षा का बहाना बनाकर धार्मिक आयोजनों में जाने से नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए उन्होंने कुल कुलगुरु से वार्डन को हटाने की मांग की है। सुंदरकांड में शामिल होने से कुछ छात्राएं देरी से पहुंची थीं हॉस्‍टल तो… यह मामला तब शुरू हुआ जब बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के अंदर बने मंदिर में पूजा करने व दर्शन करने और यहां सुंदरकांड के आयोजन में शामिल होने वाली कुछ छात्राएं देर से हॉस्‍टल पहुंची थीं. इसके बाद हॉस्‍टल वार्डन ने कहा था कि यदि तय समय से अधिक समय से लौटना हो तो फिर उसके लिए परमिशन लेनी होगी. वॉर्डन का कहना था कि शाम 7:00 से 7:30 बजे से ज्यादा देरी होने पर परमिशन लेना जरूरी होगा. वार्डन के इसी फरमान पर विवाद गहरा गया. इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरेंगे। उनका कहना है, “मोहन यादव के राज में सुंदरकांड और धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं सहन की जाएगी।” वहीं, भाजपा की छात्र इकाई ABVP ने इसको लेकर यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया है। ABVP से जुड़े छात्र-छात्राएँ विश्वविद्यालय के मेन गेट पर एकत्रित हुए और रामधुन का आयोजन कर प्रशासन को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की। ABVP के एक नेता ने बताया कि छात्राओं को मंदिर जाने और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने से रोकने की यह कार्रवाई निंदनीय है और वॉर्डन के निर्देश इस तुगलकी निर्देश के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री ने ट्वीट करके मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि यह फरमान उनकी आस्था और मान्यताओं पर सीधा प्रहार है। उन्होंने विषय की गंभीरता को ध्यान में रखकर अविलंब कार्यवाई सुनिश्चित करने की माँग की। हिंदुस्तान में इस तरह का फरमान क़तई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद ABVP ने विरोध में पोस्टर भी जारी किया।

मध्य प्रदेश में जेल के नियमों में बड़ा बदलाव 1 जनवरी से बंदियों को अब अच्छा और पौष्टिक खाना मिलेगा

भोपाल  जेल के खाने में बड़ा बदलाव होने वाला है। अब कैदियों को दूध, दही, छाछ तो मिलेगा ही और तो और, सलाद भी मिलेगा। यह नया नियम 1 जनवरी से लागू हो सकता है। मध्य प्रदेश में जेल के नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। जेल में बंदियों को अब अच्छा और पौष्टिक खाना मिलेगा। इसके लिए नया कानून लाया जा रहा है। इस नए कानून में लगभग एक हजार नए नियम शामिल हैं। इसमें सबसे अहम बदलाव खाने को लेकर है। सलाद के साथ दूध, दही और छाछ अब तक जेल में कैदियों को सिर्फ़ सादा खाना मिलता था, लेकिन अब उन्हें दूध, दही, छाछ और सलाद जैसी पौष्टिक चीजें भी मिलेंगी। यह नियम मध्य प्रदेश को देश का पहला ऐसा राज्य बना देगा जो जेल में बंदियों को इतना पौष्टिक आहार देगा। टीबी के मरीजों को मिलेगा अंडा नए नियमों के मुताबिक, टीबी के मरीजों को अंडा दिया जाएगा। साथ ही, हफ़्ते में एक दिन सभी कैदियों को मिठाई भी मिलेगी। इसके अलावा, कैदी अपनी पसंद का खाना भी बना सकेंगे। मंजूरी मिलते ही लागू होगा नियम यह बदलाव ‘मप्र सुधारात्मक सेवाएं व बंदीगृह अधिनियम’ के तहत किए जा रहे हैं। इस कानून का मकसद जेल में बंदियों को बेहतर सुविधाएं देना है। फ़िलहाल, वित्त विभाग इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। जेल महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया, ‘बंदियों के लिए बेहतर खानपान की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। मंजूरी मिलते ही इसे लागू किया जाएगा। फिलहाल, प्रस्ताव का अध्ययन किया जा रहा है।’ वित्त विभाग कर रहा खर्चे का आंकलन मध्य प्रदेश में अभी 45 हजार कैदी हैं। नए नियमों से इन्हें काफ़ी फ़ायदा होगा। नए कानून में यह भी प्रावधान है कि खतरनाक कैदियों को अलग सेल में रखा जाएगा। नए नियमों से जेल का खर्च बढ़ेगा, इसलिए वित्त विभाग मंजूरी देने से पहले इसका आंकलन कर रहा है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो 1 जनवरी से जेलों में यह नया नियम लागू हो जाएगा। 1884 के कानून से चल रही जेल यह बदलाव इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि अभी जेलों में 1894 का कानून लागू है। यह कानून अंग्रेजों ने बनाया था। इसमें कई नियम ऐसे हैं जो आज के समय में प्रासंगिक नहीं हैं। इसलिए सरकार ने पुराने कानून को बदलकर नया कानून लाने का फ़ैसला किया है। जेल सजा की नहीं, सुधार की जगह सरकार का मानना है कि जेल सज़ा देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार करने की जगह होनी चाहिए। नए नियमों से यही उम्मीद है कि कैदियों का जीवन स्तर बेहतर होगा और वे समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकेंगे।

नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक लाख तक पुरुस्कार

नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक लाख तक पुरुस्कार 18 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित भोपाल मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य में नशा मुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों और स्वैच्छिक संगठनों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय विवेकानंद नशा मुक्ति पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसमें राज्य स्तरीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये के दो पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक जिले में तीन पुरस्कार 10 हजार रुपये के होंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने इसके लिए योग्य संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2024 है। इसे संचालनालय के पते या ई-मेल पर जमा कराया जा सकता है। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन जिला कार्यालय में जमा किए जाएंगे। अधिक जानकारी कार्यालयीन समय में संबंधित कार्यालयों या विभागीय वेबसाइट socialjustice.mp.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।  

दो विधानसभा क्षेत्रों पर मतदान के आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा

भोपाल मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में 13 नवंबर को होने वाले मतदान के 48 घंटे पहले आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों सीहोर जिले के बुधनी और श्योपुर जिले के विजयपुर में 13 नवंबर को मतदान होना है। दोनों स्थानों पर परिणामों की घोषणा 23 नवंबर को होगी। आज चुनाव प्रचार थमने के साथ ही प्रत्याशी सिर्फ घर-घर जाकर संपर्क कर सकेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार निर्वाचन आयोग ने दो दिन बाद होने वाले मतदान के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान के 48 घंटे पूर्व से मतदान समाप्ति तक शराब दुकानें बंद रहेंगी। दोनाें ही स्थानों पर जिला कलेक्टर की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए गए हैं। धर्मशाला, होटल पर पुलिस की नजर रहेगी और साथ ही सीमाएं भी सील रहेंगी। बाहरी लोगों काे क्षेत्र छोड़ना होगा। सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच है। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 20 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें दो महिलाएं भी हैं। वहीं श्योपुर जिले के विजयपुर में मुख्य तौर पर भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं। इन दोनों समेत यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी समर में उतरे हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से कांग्रेस के रामनिवास रावत जीते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उन्हें इसके बाद राज्य में वन मंत्री बनाया गया। कुछ समय बाद उन्होंने विधानसभा से भी त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा। वहीं बुधनी से 2023 का विधानसभा चुनाव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जीते थे। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें सांसद पद का टिकट दिया, जिस पर जीत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। इसके चलते उन्होंने बुधनी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।  

नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश का अनुमान, ठिठुरन बढ़ेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 15 नवंबर के बाद ठंड बढ़ने के आसार है। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तो रात के तापमान में भी कमी आएगी। वही नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम खुला रहेगा लेकिन दिन गर्म और रातें ठंडी रहेंगी। एमपी मौसम विभाग की मानें तो आज सोमवार को मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, हालांकि तापमान में हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।अगले 5-6 दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा, इसके बाद ठंडी हवाओं का असर तेज होगा और तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ेगी। अगले हफ्ते से तापमान के 15 डिग्री से नीचे पहुंचने का अनुमान है। पूर्वी हवाएं आती जाती रहेंगी एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बंगाल की खाड़ी में चल रही पूर्वी हवाएं प्रदेश में आती रहेंगी। इससे उत्तरी हवाएं नहीं आएंगी और ठंड का असर ज्यादा नहीं बढ़ेगा। कुछ शहरों में रात का टेम्प्रेचर सामान्य से एक से डेढ़ डिग्री तक अधिक रह सकता है।उत्तर भारत में बर्फबारी होने के बाद पूरा प्रदेश ठिठुरने लगता है। हर साल नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगती है, लेकिन वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में पूर्वी हवाओं का जोर है। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 से 20 डिग्री और दिन का पारा 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।     पचमढ़ी, शाजापुर-राजगढ़ में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रहा।     शनिवार-रविवार की रात पचमढ़ी में 12.4 डिग्री और शाजापुर में 13.9 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 15 डिग्री सेल्सिय रिकॉर्ड किया गया।     जबलपुर और भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.5 डिग्री दर्ज ।     इंदौर में 31.4 डिग्री, उज्जैन में 32.5 डिग्री और ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज हुआ।     रविवार को अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री, गुना में 33.3 और रतलाम में 33.2 डिग्री दर्ज हुआ।     अमरकंटक 13.9, भोपाल 15.2, मंडला 15.2, सीहोर 15.5, मलाजखंड 15.7, टीकमगढ़ 15.9, रायसेन 16.0, नौगांव 16.5, रीवा 16.6 एवं धार का न्यूनतम तापमान 16.6 दर्ज किया गया।

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