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स्कूली वाहनों का चलाया गया चेकिंग अभियान

अनूपपुर 20 स्कूल वाहन चेक किये 5 पर कार्रवाई,8000 रुपए का लगाया गया जुर्माना जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष कलेक्टर अनूपपुर श्री आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जितेंद्र सिंह पवांर, एव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री इसरार मन्सूरी, के निर्देशानुसार जिला परिवहन अधिकारी अनूपपुर श्री सुरेंद्र सिंह गौतम एवं यातायात प्रभारी ज्योति दुबे की संयुक्त टीम द्वारा आज  कोतमा कस्बा में स्थित स्कूलों के स्कूली वाहन चेक किए गए चेकिंग दौरान वाहनों के दस्तावेज फिटनेस, परमिट बीमा, प्रदूषण कार्ड ,ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस एवं बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम जैसे अग्निशमन यंत्र, सीसीटीव्ही कैमरे, स्कूल वाहन की खिड़कियों में लगी ग्रिल आदि की सघन चेकिंग की गई। कुल 20 वाहन चेक किए गए, जिसमे 5 वाहनों में कमी पाए जाने पर चालानी कार्रवाई  8000 का  जुर्माना लगाया गया। बिना फिटनेस बस पर हुई चालानी कार्रवाई   ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल की बस का फिटनेस न होने पर ₹5,000 का चालान काटा गया । तथा लिखित में पत्र देकर  हिदायत दी गई  बस के सभी दस्तावेज कंप्लीट  होने, के बाद ही  बच्चों के परिवहन में उसका उपयोग  करेंगे एक, बस कि गई जप्त भारत माता हायर सेकेंडरी स्कूल की बस जिसका परमिट प्रबंधक द्वारा मौके पर प्रस्तुत न करने पर बस को जप्त  किया गया।    अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बॉक्स ना होने पर 6वाहनों पर की गई चालानी कार्रवाई  चालानी कार्रवाई मे बृजेश सिंह चौहान प्रधान आरक्षक विष्णु तिवारी मनीष सिंह आरक्षक आरक्षक विनय मिश्रा उपस्थित रहे। स्कूली वाहन के संबंध में स्कूल प्रबंधकों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन अनुसार सभी मापदंडों को पूरा करने की हिदायत दी गई। सभी स्कूल वाहन पीले रंग से पेट होना चाहिए। वाहन के दाहिने और बाएं मध्य में नीले रगं से स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए। वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण कार्ड, ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस आदि होने चाहिए। स्कूल वाहन में सीसीटीव्ही कैमरा, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स लगे होने चाहिए। वाहन की खिड़कियों में ग्रिल लगी होनी चाहिए। वाहन के आगे एवं पीछे स्कूल बस या वेन  लिखा होना चाहिए। आदि के विषय में स्कूल प्रबंधकों को बताया गया।

ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग

निविदा शर्तों में करें बदलाव ताकि पेड़ों का हो सके संरक्षण ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग सतना  ईको सेवियर्स संस्था की लीड मेंबर दान्या चौधरी के नेतृत्व में सतना महापौर योगेश ताम्रकार से मुलाकात कर शहर में पेड़ों को कंक्रीटीकरण के जाल से बचाने के संबंध में ज्ञापन के माध्यम से सुझाव दिए गए। संस्था ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि यदि सभी सिविल वर्क में इस बात को जोड़ा जाए कि जिस स्थान पर भी पौधे लगे हों वहां पर एक मीटर के दायरे में न तो कंक्रीट किया जाएगा और न ही टाइल्स लगाए जाएं। ईको सेवियर्स ने कहा कि यदि गुरूग्राम की तर्ज पर आगे के सभी सिविल कार्यों के लिए अपनी निविदा शर्तों को बदलाव किया जाए तो पौधों का संरक्षण किया जा सकता है। ठेकेदारों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया जाए कि  पेड़ों के चारों ओर एक मीटर का दायरा बिना कंक्रीट के छोड़ दिया जाए। इस तरह के नीतिगत हस्तक्षेप और निविदा शर्तों में बदलाव को सतना नगर निगम द्वारा भी लागू किया जाना चाहिए। ज्ञापन दिए जाने के दौरान आर्यन मागो, फतेह जहान, , सान्वी सहगल, आर्यवीर, रुद्रवीर, आद्या शुक्ला, मेधांश शुक्ला, दिव्य सहित अन्य ईको सेवियर्स मौजूद रहे। ईको सेवियर्स को मिल चुका है सम्मान ईको-सेवियर्स पेड़ों के चारों ओर कंक्रीटीकरण के साथ जियोटैगिंग कर रहे हैं । कुछ मामलों में नगर निगम के अधिकारियों ने इसे हटाने के लिए कहा है और अन्य मामलों में संस्थाा अपने संसाधनों को एक साथ इक_ा किया है। मैन्युअल रूप से उक्त कंक्रीट को हटा दिया है। ईको-सेवियर्स के काम को महत्व देते हुए भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  ने इसे वैश्विक स्थिरता पुरस्कार -2023 से सम्मानित किया है। पर्यावरण-रक्षकों ने महसूस किया है कि यदि पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण बेरोकटोक जारी रहता है तो यह एक कठिन लड़ाई साबित हो सकती है। ऐसे में अब यह प्रयास किया जा रहा है कि नई जगहों पर ऐसा न होने पाए। केवल पहले से बिछाए गए कंक्रीट को हटाने की दिशा में ही जद्दोजहद हो। छिद्रपूर्ण लगाएं टाइल्स पर्यावरण-रक्षकों ने जल पारगम्य फुटपाथों का उपयोग करने और फुटपाथों पर खाली स्थान या छिद्रपूर्ण सामग्री वाली टाइल्स बिछाने का आग्रह किया है ताकि पानी मिट्टी में रिस सके। उन्होंने बताया कि कुछ नगर पालिकाएं इन टाइल्सों का उपयोग कर रही हैं। हालांकि ईको-सेवियर्स द्वारा बिछाई जा रही उक्त टाइल्सों की ऑडिट से पता चला है कि कई जगहों पर कंक्रीट के ऊपर टाइल्स लगाई गई हैं, जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।

धार भोजशाला को जैन मंदिर बताने वाली याचिका हाईकोर्ट से वापस, पूजा करने की मांगी थी अनुमति, ASI की रिपोर्ट पर सबकी नजर

धार  भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में जैन समुदाय के लिए पूजा करने के अधिकार की मांग वाली याचिका वापस ले ली गई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर यह रिट याचिका शुक्रवार को तकनीकी आधार पर वापस हुई। दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेकचंद जैन द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया कि विवादित परिसर में एक बार एक जैन गुरुकुल और एक जैन मंदिर था जहां देवी अंबिका की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि याचिका न तो उचित प्रारूप में प्रस्तुत की गई है और न ही इसे दायर करने में देरी का कारण बताया गया है। इसके बाद जैन के वकीलों ने याचिका वापस ले ली और अदालत से निर्धारित प्रारूप में नया आवेदन दायर करने की अनुमति मांगी। बाद में एकल पीठ अदालत की मंजूरी मिलने के बाद याचिका वापस ले ली गई। इसमें (याचिका में) दावा किया गया कि भोजशाला परिसर में एक जैन गुरुकुल और जैन मंदिर हुआ करता था, जहां छात्रों को जैन भिक्षुओं और विद्वानों द्वारा शिक्षा दी जाती थी। इस परिसर में संस्कृत, प्राकृत और अन्य भाषाओं में ग्रंथों के अनुवाद का काम भी किया जाता था। इसलिए जैन समुदाय के लोगों को इस स्थान पर पूजा करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। याचिका में यह भी दावा किया गया कि भोजशाला परिसर में जिस मूर्ति को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) की मूर्ति बता रहा है, वह वास्तव में जैन समुदाय की देवी अंबिका (जैन यक्षिणी) की मूर्ति है, जिसे धार के राजा भोज ने 1034 ई. में इस परिसर में स्थापित किया था। याचिका में मांग की गई थी कि लंदन के एक संग्रहालय में रखी गई प्रतिमा को भारत वापस लाया जाए और धार के भोजशाला परिसर में फिर से स्थापित किया जाए। हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमल मौला मस्जिद कहता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। भोजशाला सर्वे मामले में हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक एएसआई को विवादित परिसर की पूरी सर्वे रिपोर्ट 15 जुलाई तक जमा करनी है।

महाकाल-लोक की तर्ज पर अब दमोह के जागेश्वरनाथ धाम को विकसित करने का निर्णय लिया: डॉ. मोहन यादव

भोपाल बुंदेलखण्ड के दमोह जिले के बांदकपुर में स्थित जागेश्वरनाथ धाम अब महाकाल-लोक की तर्ज पर विकसित होगा। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा अनुसार महाकाल-लोक की तर्ज पर अब दमोह के जागेश्वरनाथ धाम को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आज पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधानसभा कक्ष में समीक्षा की गई। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में विराजित शिवलिंग वर्षों से लोगों के श्रद्धा और आश्चर्य का केन्द्र बना हुआ है। यह शिवलिंग हर साल बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे के कारण अब तक अज्ञात बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वरनाथ धाम में मंदिर परिसर का पुनर्विकास, एकात्म क्षेत्र, ध्यान और योग केन्द्र, उल्लास क्षेत्र तथा प्रवेश और निकास द्वार का निर्माण किया जायेगा। श्रद्धालु जागेश्वरनाथ लोक में भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं एवं भगवान भोलेनाथ से जुड़े प्राचीन मंदिरों का चित्रों के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे। साथ ही उनसे जुड़ी मान्यताओं एवं इतिहास संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री श्री लोधी ने कार्य-योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उत्तम इन्फ्रा-स्ट्रक्चर, पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार सरल एवं सुगम दर्शन व्यवस्था, लाइट एण्ड साउण्ड-शो की प्लानिंग संबंधी निर्देश दिये। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल-लोक की तर्ज पर दमोह के जागेश्वरनाथ धाम में भी एक लोक को विकसित करने का निर्णय लिया था। यह मध्य प्रदेश के अजूबों में से एक होने के साथ तीर्थ स्थल है। यहां विराजित शिवलिंग सालों से लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। इस तीर्थ स्थल की प्रसिद्धि देश के कोने-कोने में फैली हुई है। इसी के चलते चारों धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु इस पवित्र तीर्थ पर दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं। आश्चर्य है यहां का शिवलिंग बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में विराजित जागृत शिवलिंग एक स्वयंभू शिवलिंग है। यह वर्षों से लाखों लोगों की श्रद्धा और आश्चर्य का केन्द्र रहा है। आश्चर्य की बात है कि यह रहस्यमयी शिवलिंग हर साल बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे के कारण अब तक अज्ञात बने हुए हैं। यह विकास कार्य किये जाएंगे लाखों लोगों की आस्था के केंद्र जागेश्वरनाथ धाम में मंदिर परिसर का पुनर्विकास, एकात्म क्षेत्र, ध्यान और योग केन्द्र, उल्लास क्षेत्र तथा प्रवेश और निकास द्वार का निर्माण किया जायेगा। श्रद्धालु जागेश्वरनाथ लोक में भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं एवं भगवान भोलेनाथ से जुड़े प्राचीन मंदिरों का चित्रों के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे। सभी ज्योतिर्लिंगों की मिलेगी जानकारी इसके साथ ही भक्त सभी ज्योतिर्लिंगों से जुड़ी मान्यताओं एवं इतिहास संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए यहां उत्तम इन्फ्रा-स्ट्रक्चर, पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार सरल एवं सुगम दर्शन व्यवस्था, लाइट एण्ड साउण्ड-शो की प्लानिंग भी की जा रही है।  

ग्वालियर में आग का गोला बन गयी चलती स्कूल वैन, ड्राइवर बच्चों को छोड़कर भाग गया

ग्वालियर ग्वालियर के भीतरवार में स्कूल वैन में आग लई। वहां मौजूद लोगों ने बच्चों को बाहर निकाल लिया, जबकि ड्राइवर भाग गया। ड्राइवर बच्चों को छोड़कर भाग गया। वहां मौजूद लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला, इसके बाद आग पर काबू पाया। वैन में एपीजी सिलेंडर लगा हुआ था। वैन में 6 बच्चे सवार थे। घटना शनिवार सुबह की है. आग लगते देख चालक मौके से भाग खड़ा हुआ तो बच्चों की चीख पुकार सुनकर सरपंच पति ने जान जोखिम में डालकर फंसे बच्चों ग्रामीणों की सहायता से सुरक्षित और सकुशल बाहर निकाला। इसके बाद सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा । समय रहते अगर सरपंच पति द्वारा अपनी सूझबूझ और जान जोखिम में डालकर हिम्मत न जुटाई होती तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था। सरपंच पति की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक बेन जलकर खाक हो गई थी। इस घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि की घटना नहीं हुई। शनिवार की सुबह तकरीबन 8 बजे भितरवार करेरा रोड वार्ड क्रमांक 5 शासन स्थित सनराइज स्कूल की वैन रोजाना की तरह नजदीकी गांव गोहिंदा के स्कूली बच्चों को लेने के लिए गई हुई थी। जैसे ही स्कूली बच्चों को भरकर स्कूल के लिए वापस आ रही थी। तभी ग्राम सरपंच भावना सोनू दुबे के घर के सामने ही पहुंची थी तभी बच्चों से भरी स्कूल वैन में आग लगना शुरू हो गई जिससे घबराकर वैन चालक मौके से वैन में फसे बच्चों को अपने हाल पर छोड़कर भाग खड़ा हुआ। आग की लपटों को देख वैन में मौजूद बच्चों की चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों के साथ घर के बाहर बैठे सरपंच पति सोनू दुबे ने बच्चों की चीख पुकार सुनी और वैन को जलते हुए देखा तो वह अपनी जान की परवाह न करते हुए अन्य ग्रामीणों के साथ पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से वैन में फंसे बच्चों को सुरक्षित और सकुशल बाहर निकाला। ग्रामीणों की सहायता से वैन में लगी आग को बुझाने का प्रयास रेत और पानी डालकर किया, लेकिन वैन में लगे गैस सिलेंडर से आग और भी ज्यादा भड़कने लगी। उन्होंने इसकी सूचना भितरवार पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश घटना की जानकारी लगने के बाद भितरवार एसडीएम देवकीनंदन सिंह ने स्कूलों में लगे वाहनों की जांच करने के निर्देश जहां अधीनस्थ अधिकारियों को दिए हैं। तो वहीं घटना के बाद एसडीओपी जितेंद्र नगाइच के निर्देश पर थाना प्रभारी अतुल सिंह सोलंकी मामले को लेकर सनराइज स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने बीट प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अवतार सिंह राजपूत के साथ स्कूल में लगे वाहनों की जानकारी ली साथ ही चालक और परिवहन विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार अन्य जानकारियां भी एकत्रित की है। शाजापुर में स्कूल वैन पलटी, 7 बच्चों समेत ड्राइवर घायल शाजापुर में शनिवार सुबह बच्चों से भरी स्कूल वैन पलट गई। 7 बच्चों समेत ड्राइवर घायल हो गए। सभी को अकोदिया के निजी अस्पताल लाया गया। ड्राइवर और एक छात्रा की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें शुजालपुर रेफर किया है। हादसा गायों के झुंड को बचाने के चक्कर में हुआ। स्कूल वैन में 17 बच्चे सवार थे।

सागर में एक ही गांव के 250 लोगों को उल्टी-दस्त, एक की मौत, 15 गंभीर

सागर सागर के झांसी-सागर रोड पर स्थित नरयावली विधानसभा क्षेत्र के मैहर ग्राम में दूषित पानी पीने से करीब 250 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उनको उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर मरीजों को बीएमसी और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजी गई है। टीम गुरुवार की देर रात तक गांव में मरीजों का उपचार करती रही। वहीं, पीएचई विभाग की टीम ने पानी के सैंपल लिए हैं, जो जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक प्रदीप लारिया ने कलेक्टर से चर्चा की और इलाज के समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेकटर दीपक आर्य मेहर ग्राम में पहुंचे और बीएमसी में मरीजों का हालचाल जाना। इसमें ललन बंसल नामक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई है। कलेक्टर पहुंचे ग्राम में और अस्पताल में देखा मरीजों को कलेक्टर दीपक आर्य नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मैहर पहुंचे। जहां उन्होंने गत रात्रि उल्टी दस्त प्रभावित परिवारों से चर्चा की एवं आवश्यक अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम विजय डेहरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे, पीएचई के अधिकारी हेमंत कश्यप सहित अन्य अधिकारी, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद था। नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेहर में हुए हैजा के प्रकोप से प्रभावित मरीजों को तत्काल और अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सके। इस हेतु नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल से चर्चा कर जांच हेतु एक विषेष टीम भेजने का अनुरोध किया। विधायक लारिया के अनुरोध पर उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने शीघ्र विशेष टीम भेजने की सहमति प्रदान की। अस्थाई अस्पताल की गई तैयार ग्राम मेहर में उल्टी दस्त से प्रभावित व्यक्तियों का हर संभव इलाज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे द्वारा कार्रवाई करते हुए ग्राम मेहर में अस्थाई अस्पताल तैयार की गई एवं डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम मेहर में सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकिता राय ने ग्राम मेहर में उल्टी दस्त फैलने की सूचना दी गई। उसके बाद तत्काल ग्राम मेहर में कामवेट टीम को भेजा गया, जिसमें सीबीएमओ डॉ. विकेश फुसकेले, डॉ. अंकिता राय द्वारा ग्राम का भ्रमण किया गया एवं ट्यूबवेल का पानी दूषित होने से ग्राम वासियो में उल्टी दस्त की बीमारी होना पाया गया। 251 मरीजों का हुआ इलाज अब तक 251 उल्टी दस्त के मरीजों का इलाज किया गया। इसमें से 42 मरीजों को ग्राम मेहर के अस्थाई अस्पताल में ही आई फ्लूड लगाकर इलाज किया गया एवं 63 गंभीर मरीजों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय एव बीएमसी भेजा गया, जिसमें 42 मरीजों को जिला चिकित्सालय में 14 मरीजो को बीएमसी में एवं सात मरीज भाग्योदय अस्पताल में भर्ती है। डॉ. ममता तिमोरे सीएमएचओ ने बताया कि कामवेट टीम को उचित इलाज एवं बीमारी की रोकथाम हेतु निदेर्शित किया गया। उल्टी दस्त के मरीजों के इलाज हेतु कामवेट टीम जो कि अस्थाई अस्पताल में सीबीएमओ के निदेशन में मरीजों का इलाज निरंतर जारी है। दूषित ट्यूबवेल के पानी का उपयोग ग्रामवासियों को न करने की सलाह दी गई है। ग्रामवासियों को उबला पानी पीने की सलाह दी गई है एवं ग्राम में मरीजों के इलाज हेतु अस्थाई अस्पताल बनाई गई है। बीमारी की रोकथाम तक कामवेट टीम को गांव में ही चिकित्सा सेवा देने हेतु आदेशित किया गया है। आशा एवं एएनएम द्वारा बीमारी की रोकथाम हेतु ओआरएस पैकेट का वितरण किया जा रहा है। ग्राम मेहर की अस्थाई अस्पताल में डॉ. अंकिता राय SMO नरयावली, डॉ. तपस्या रानी कबीरपंथी AMO नरयावली, डॉ. भूपेन्द्र अहिरवार AMO SHC मेहर, डॉ. पायल CAMO अलग-अलग समय पर डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

विधायक ने लोन पर ली 50 लाख की जमीन और दान कर दी, खुद रहते हैं 2 कमरों के घर मे…

सिहोरा मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानने के बाद लोगों की अपने विधायकों व सांसदों से उम्मीदें काफी बढ़ जाएंगी। दरअसल यहां के एक विधायक से जब इलाके के गरीबों की दुख-तकलीफें नहीं देखी गईं तो उन्होंने खुद लोन लेकर जमीन खरीदी और फिर अस्पताल बनाने के लिए उसे दान भी दे दिया। खास बात यह है कि यह जमीन लाख-दो लाख रुपए की नहीं बल्कि पूरे 50 लाख रूपए की है, और विधायक इस रकम को अपने वेतन से चुकाने की बात कह रहे हैं। इस कारनामे को करने वाले विधायक का नाम संतोष बरकड़े है,जो कि यहां कि सिहोरा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। इस मामले में जानकारी देते हुए बरकड़े ने बताया कि कुण्डम इलाका मुख्यतः आदिवासी इलाका है, जिसकी आबादी करीब 60 हजार है। इनमें भी ज्यादातर लोग गरीब हैं, ऐसे में यहां स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से इन लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। किसी भी तरह की बीमारी होने पर जबलपुर भागना पड़ता था, ऐसे में समय पर इलाज नहीं मिलने के चलते कई बार तो लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती थी। खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। आगे उन्होंने बताया, ‘जब मैं विधायक बना तो मुझे पता चला कि इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इलाके में ज्यादातर जमीन निजी होने के चलते अस्पताल बनाने के लिए सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है, ऐसे में मुझे इस राशि के लैप्स होने का डर सताया। यदि एक बार पैसा वापस लौट जाता तो दोबारा स्वीकृत कराने में बहुत सी मुश्किलें आती। जिसके चलते मैंने अपने करीबियों से सलाह लेकर इस समस्या के समाधान के बारे में सोचा और आखिरकार एक एकड़ जमीन खरीदकर अस्पताल के लिए दे दी।’ बता दें कि बरकड़े खुद मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं और खेती-किसानी व एक छोटी सी दुकान से उनका घर चलता है। वे खुद दो कमरों के मकान में रहते हैं, लेकिन लोगों की तकलीफ को दूर करने के लिए जिस तरह से उन्होंने बैंक लोन लेकर 50 लाख की जमीन अपने क्षेत्र के लोगों के लिए दान कर दी, ऐसे में उनकी इस दरियादिली को देखकर हर कोई हैरान है और उनकी इस सहृदयता को सलाम कर रहा है। इस अस्पताल के बनने का काम भी शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि इस अस्पताल के बनने से आसपास के 60 गांवों के लोगों को इलाज का फायदा होगा और उन्हें यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा।  

जल्द MP पुलिस दो दर्जन बम-शूट खरीदेगी, 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अपने सुरक्षा दस्ते को और मजबूत करने जा रही है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ में होने वाले कुंभ की तैयारी शुरू हो चुकी है। उज्जैन की सड़कों को चौड़ी करने और संवारने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के बजट में 500 करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं सुरक्षा चाकचौबंद रखने के लिए दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय खरीद रहा है। एक बम-शूट की वर्तमान कीमत करीब 18 लाख बताई जा रही है। खरीदी का आर्डर देने से पहले शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय में इंटेलीजेंस यूनिट ने बम शूट को पहनाकर बम डिस्पोजल दस्ते से ट्रायल किया है। आने वाले महीनों में सभी दो दर्जन बम-शूट पुलिस मुख्यालय को डिलीवर कर दिए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय की इंटेलीजेंस यूनिट वर्ष 2016 में उज्जैन में हुए सिंहस्थ के लिए 17 बम शूट खरीदे थे। उनके अलावा दो दर्जन फिर से खरीदे जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ने बूम-शूट बनाने वाली कंपनियों से ट्रायल करने के बाद खरीदी को अंतिम रूप देने जा रहा है। जिस कंपनी से पुलिस मुख्यालय खरीदी करने जा रहा है, वह सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के बम डिस्पोजल दस्ते को बम-शूट की सप्लाई कर चुकी है। पीएम की सुरक्षा में एनएसजी कमांडो यही शूट पहनते हैं पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री और अति वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कमांडो यही बम-शूट पहनते हैं, जिसकी खरीदी पुलिस मुख्यालय करने जा रहा है। करीब 50 किलोग्राम वजनी बम-शूट में जहरीली गैस रोकने से लेकर हर उच्च तकनीक से लैस है। बम-शूट में हेलमेट के ऊपर पंखा, कैमरा, ऑक्सीजन, पाईप लगी है। यह बम-शूट पुलिस के वॉकी-टॉकी से भी कनेक्ट रहेगा, जिससे बिना हाथ का इस्तेमाल किए बम-शूट पहनने वाले सुरक्षा दस्ते पुलिस अधिकारियों से संपर्क में रहें। कितना विस्फोटक कर सकते हैं डिफ्यूट पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय जिस बम-शूट की खरीदी करने जा रहा है, वह लगभग 5 से 10 किलोग्राम आरडीएम्स को डिफ्यूट करने की दृष्टि से बनाया गया है। इस बम-शूट को पहनकर सुरक्षा बल पांच से दस किलोग्राम आरडीएक्स को डिफ्यूज कर सकते हैं।

जटाशंकर और शिवपुरी में भदैया कुंड झरना फूटा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

श्योपुर श्योपुर सहित असापास के क्षेत्रों में बारिश की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। शुक्रवार रात को हुई बारिश से बड़ोदा कस्बा टापू बन गया है और बाजारों में पानी भर गया है। बड़ोदा कस्बे का संपर्क जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों से कट गया है। साथ ही मानपुर के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है। मानपुर कस्बे में सीप नदी का पानी आने से अस्पताल में पानी भर गया। जिससे अस्पताल के मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला गया। श्योपुर शहर में कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर डूब गया है। मंदिर में फंसे महंत को रेस्क्यू कर निकाला गया है। अंचल में मानसून सक्रिय है। श्योपुर व शिवपुरी के क्षेत्रों में रात से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से श्योपुर का कस्बाई क्षेत्र बड़ोदा टापू में बदल गया है। बाजार से लेकर हर जगह पानी भर गया है और कस्बे में आने जाने के लिए भी लोगों को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही जिले का मानपुर कस्बे में सीप नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क टूट गया है। सीप नदी का पानी अस्पताल में भरने से मरीजों के लिए खतरा पैदा हो गया। बाद में प्रशासन की टीम ने मरीजों को अस्पताल से रेस्क्यू किया। इसके साथ ही श्योपुर शहर में भी कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर पानी से घिर गया। इस वजह से मंदिर में महंत फंस गए। इन्हें भी टीम ने रेस्क्यू किया है। प्रशासन ने छात्रों को रेस्क्यू टीम के माध्यम से पहुंचाया श्योपुर कॉलेज बड़ोदा में कॉलेज में भी पानी भर गया। यहां पर आज बीए का पेपर था। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की मांग पर कलेक्टर ने रेस्क्यू टीम को बड़ोदा भेजा। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम सभी छात्रों को बड़ोदा से निकालकर श्योपुर महाविद्यालय में परीक्षा के लिए ले गई। लेकिन फिर भी कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। श्योपुर कोटा मार्ग भी बंद, पार्वती नदी उफनी श्योपुर कोटा मार्ग पर पड़ने वाली पार्वती नदी उफान पर है। खातौली पुल पर करीब दो फीट पानी आ गया है। इसलिए सुरक्षा की द्ष्टि से पुलिस ने कोटा मार्ग पर ट्रैफिक को बंद करा दिया है। साथ ही अमराल नदी रपटे पर 10 फीट पानी आने से 15 गावों का सोईकलां से सम्पर्क कट गया है। ग्वालियर में शुक्रवार रात से बारिश हो रही है। शहर के लोहा मंडी कोटा वाला मोहल्ले में आज सुबह एक खाली मकान की ऊपरी मंजिल गिर गई। मकान मनोज माठे के नाम पर है। शिवपुरी में भदैया कुंड का झरना फूट गया है। शनिवार को ग्वालियर-चंबल में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश के बाकी जिलों में भी पानी गिरेगा। IMD, भोपाल के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि दो ट्रफ और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में देखने को मिल रही है। इस वजह से प्रदेशभर में आंधी और बारिश का मौसम है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 7 जुलाई को सिस्टम फिर से स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई से भारी बारिश हो सकती है।    

विवाद के बीच NEET-UG काउंसलिंग स्थगित, नई तारीख का जल्द होगा ऐलान

नई दिल्ली NEET परीक्षा शुरुआत से ही विवादों में घिरी हुई है. बड़ी संख्या में टॉपर्स और ग्रेस मार्क्स के बाद ये मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. NTA ने 23 जून को इसका री एग्जाम करवाया था. 6 जुलाई यानी कि आज से नीट-यूजी की काउंसलिंग होनी थी. लेकिन काउंसलिंग को अब स्थगित कर दिया गया है. अब जल्द ही नई तारीख का ऐलान किया जाएगा. अगले आदेश तक काउंसलिंग को स्थगित कर दिया गया है. पहले 6 जुलाई को काउंसलिंग होने की उम्मीद जताई जा रही थी. NTA की तरफ से करवाए गए नीट एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद से ही लगातार विवाद चल रहा है. 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे, जिसके बाद धांधली का  मामला उठने लगा. सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून को री एग्जाम करवाया था. 1563 स्टूडेंट्स में से सिर्फ 813 स्टूडेंट्स ने ही फिर से परीक्षा दी थी. जिन स्टूडेंट्स ने री-एग्जाम पास कर लिया है उनकी काउंसलिंग होनी है. लेकिन आज होने वाली काउंसलिंग स्थगित हो गई है. NEET एग्जाम के कितने टॉपर? बता दें कि इस साल नीट एग्जाम में 67 उम्मीदवारों ने टॉप किया था.जबकि पिछले साल टॉपर्स सिर्फ 2 थे. वहीं NTA ने समय की बर्बादी की बात कहते हुए 1500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स भी दिए थे. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून को दोबारा परीक्षा करवाए जाने का विकल्प दिया था. क्या है NEET परीक्षा विवाद? मेडिकल के लिए प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (Medical entrance exam NEET-UG) में कई गड़बड़ियों की बात सामने आई है. 24 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था. जिसमें छात्रों को ज्यादा नंबर दिए जाने का आरोप लगा था. आरोप ये भी लगा कि कई उम्मीदवारों के नंबरों को गलत तरीके से घटाया और बढ़ाया गया, जिससे उनकी रैंक प्रभावित हुई. र पड़ा है. वहीं छह केंद्रों पर परीक्षा में होने वाली देरी की वजह से समय की बर्बादी की भरपाई के लिए 1,500 से ज्यादा छात्रों को  ग्रेस मार्क्स भी दिए गए थे. जिसके बाद बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन भी हुए.

शहडोल में ट्रक और ऑटो की जोरदार टक्कर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

 शहडोल  शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात लगभग 10:00 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई है। ऑटो की ट्रेलर से भिड़त हो गई ,जिसके कारण चार लोगों की मौत हो गई है, दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार अनूपपुर से शहडोल की ओर ट्रेलर ट्रक आ रहा था और शहडोल से ओपीएम की ओर ऑटो जा रही थी, जिसमें आमने-सामने भिड़ंत हो गई है। ऑटो में कुल 6 लोग सावर थे, जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई एवं दो महिलाओं की मेडिकल कालेज शहडोल में मौत हुई है। घटना की जानकारी लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल कालेज 108 एंबुलेंस के सहारे भेजा गया है। आमने-सामने हुई भिड़ंत बुढार थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया कि ऑटो और ट्रेलर में आमने-सामने भिड़ंत हुई है। घटना एनएच 43 के रुंगटा – पकरिया गांव के बीच की है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। दो ने मौके पर तोड़ा दम थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर ही दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया था और चार घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जिसमें दो अन्य महिलाओं ने भी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया है। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार ट्रेलर में गिट्टी लोड है। घटना के बाद एनएच 43 में कुछ देर के लिए जाम लग गया था। पुलिस मौके पर पहुंची और जाम को खुलवाया है। थाना प्रभारी ने बताया रिया ,ममता, रोशनी, की मौत हो गई है‌। ऑटो चालक कुंज बिहारी व नेम चंद्र गंभीर रूप से घायल है। गाय को बचाने के चक्कर पलटी आटो को विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने कुचला है। परिवार में हुए डिलेवरी के दौरान आए नए मेहमान को देखने एक ही परिवार के 6 लोग सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। 4 की मौत, 2 गंभीर है। घटना के बाद ट्रेलर छोड़कर ट्रेलर चालक फरार हो गया है। ट्रेलर चालक के पर 30 हजार का इनाम बुढार थाना क्षेत्र के नेशनल हाइवे मिश्रा क्रेसर के पास की घटना है। ट्रेलर चालक के गिरफ्तारी के लिए ADGP डीसी सागर ने 30 हजार के इनाम की घोषणा की है। ADGP मामले की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे हैं। ADGP डीसी सागर व शहडोल एसपी कुमार प्रतीक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। घायलों से मिलने मेडिकल कॉलेज भी ADGP व SP पहुंचे हैं।

कंचन नदी तट पर त्रिवेणी उत्सव के साथ हरियाली महोत्सव का हुआ शुभारंभ

सिंगरौली ग्राम गडहरा पर स्थित कंचन नदी के पास वृक्षारोपण कर हरियाली महोत्सव का जिला कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला द्वारा शुभारंभ किया गया। हरियाली महोत्सव पूरे प्रदेश में मनाया जाना है जिसके तहत वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत जिला सिंगरौली के ग्रामों एवं नगरी इकाईयो में 32 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।       त्रिवेणी उत्सव मैं आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी बढ़–चढ़ कर हिस्सा लिया । उत्सव की शुरुआत भूमि पूजन के साथ हुई जिसके उपरांत त्रिवेणी वृक्षों  का कलेक्टर द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में अधिकारी गण,आम जनों के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी पौधे लगाए।     उत्सव के द्वारान जिला कलेक्टर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे भविष्य की पीढ़ी हैं इन्हे वृक्षों की महत्वता के प्रति जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने बच्चों को वृक्षों का जीवन में महत्व बताया और कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन, फल ,छाया देने के साथ साथ वर्षाजल संचय करने में हमारी मदद करते हैं। उन्होंने बच्चों को पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कीटनाशक एवं शाकनाशक के अनियंत्रित प्रयोग की वजह से कृषि उपज  दूषित हो रहे हैं। अतः हमें जैविक कृषि को भी प्राथमिकता देनी होगी जिसके तहत हर जनपद पंचायत में 10 ग्राम को चिन्हित कर उन्हें जैविक ग्रामों की तर्ज पर विकसित किया जायेगा । कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  गजेंद्र नागेश ,अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, कृषि विशेषज्ञ जय सिंह ,सरपंच, जनपद अधिकारी कर्मचारी के साथ समस्त अधिकारी गण मौजूद रहे।

हरियाली बढ़ाने के उपाए , प्रदेश में रोपे जाएंगे 5.50 करोड़ पौधे, भोपाल में एक दिन में 12 लाख पौधारोपण का लक्ष्य- मुख्यमंत्री

 भोपाल भोपाल के जंबूरी मैदान में सीएम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत आंवला का पौधा लगाया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के जंबूरी मैदान में शनिवार को आंवले का पौधा रोपा। इसी के साथ उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘पूरे प्रदेश में 5.5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।’ भोपाल में ही 12 लाख पौधे लगाए जाने हैं। जंबूरी मैदान में हुए कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, राज्यमंत्री राधा सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अभियान जन सहयोग से सफल होगा। अभियान के लिए जन भागीदारी जुटाई जा रही है। प्रदेश के दो बड़े नगरों में अभियान से अनेक संगठन जुड़ रहे हैं, जहां इंदौर जिले में 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। वहीं राजधानी भोपाल में जिले के विभिन्न स्थानों पर एक दिन में 12 लाख पौधे रोपे जाएंगे।  भोपाल जिले में 12 हजार पौधे मां के सम्मान में लगाए जाएंगे। शेष पौधे भी विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे। भोपाल में राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर छह जुलाई को अभियान के अंतर्गत पौधे लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। हरियाली महोत्सव के तहत आयोजित इस वृहद पौधारोपण कार्यक्रम में जंबूरी मैदान पर कुल 25 प्रजातियों के लगभग 5000 पौधे रोपे गए। जिलेभर में आज विभिन्न क्षेत्रों में 12 लाख पौधे मां के नाम रोपे जा रहे हैं। वेदों में बताई वृक्षों की महत्ता पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि वेदों में वृक्षों में अलग प्रकार के महत्ता पाई गई है। 10 वृक्षों के बराबर एक कुआं होता है। 10 पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है। एक पेड़ मां के नाम से अद्भुत प्रयोग है। आज का दिन हम सभी को एक अलग दौर में लेकर जा रहा है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी समेत अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नगर निगम द्वारा आज शहर में कुल एक लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि पहले यह आयोजन कलियासोत मैदान पर होने वाला था, लेकिन वर्षा के कारण अब जंबूरी मैदान के पास करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम द्वारा जंबूरी मैदान के अलावा कलियासोत मैदान, भेल दशहरा मैदान, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर सहित विभिन्न स्थानों पर कुल एक लाख 20 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा जहां हरियाली कम है और कालोनियों के साथ ही अतिक्रमण से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि पर भी पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए एसडीएम और तहसीलदारों को भी जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग करेगा सर्वाधिक पौधारोपण डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि उनको नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए उन्होंने एक दिन पहले ही वनभूमि पर तैयारियां कर ली थीं। गड्ढे खोदने के साथ ही तार फेंसिंग भी कर ली गई। पौधों का इंतजाम भी कर लिया गया। इनमें आम, नीम, बरगद, पीपल सहित अनके किस्म के पौधे लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने की अपील कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि पौधारोपण अभियान से सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाएं और व्यापारियों सहित आमजनों को भी जोड़ा गया है। उन्होंने लोगों से पौधारोपण करने की अपील की और कहा कि पौधे लगाने के बाद नागरिक अपनी फोटो ‘मेरी लाइफ पोर्टल’ में भी अपलोड कर सकते हैं। विद्यार्थियों को दें विरासत की जानकारी मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान के साथ युवाओं को जोड़कर उन्हें पर्यावरण का महत्व बताना प्रशंसनीय है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विरासत से जोड़ने का कार्य भी किया जाए। भोपाल जिला पर्यटन परिषद और अन्य संस्थाएं विद्यार्थियों को पुरातात्विक महत्व के स्थानों, विज्ञान संग्रहालय और अन्य संग्रहालयों की सैर करवाएं। भोपाल में ऐसे जीवंत प्रयास होने चाहिए, जिससे राजधानी का एक माडल बने और अन्य स्थानों पर उसकी चर्चा हो। एक पेड़ मां के नाम अभियान के लिए जन अभियान परिषद, अखिल विश्व गायत्री परिवार और अन्य संस्थाओं का पूरा सहयोग लिया जाए। भोपाल में 350 स्थल किए चिह्नित कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भोपाल में 350 स्थान पौधारोपण के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से कलियासोत डैम, आदमपुर खंती, कीरत नगर, केम्पा वृक्षारोपण मुंगालियाकोट, समरधा जंगल रेंज और कलारा बैरसिया भी शामिल हैं। कुल 480 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधे लगाने का लक्ष्य है। एक पेड़ मां के नाम और हरित महोत्सव अभियान को भोपाल में एक वृक्ष भोपाल के नाम से भी प्रचारित किया जा रहा है, इसके अंतर्गत व्यापक पौधारोपण होगा।

देश का इकलौता ऐसा पुल से जिसकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात जोकि 24 घंटे भारी वाहनों की निगरानी कर रहे

भिंड  एक साल के इंतजार के बाद आखिर मप्र से यूपी को जोड़ने वाले चंबल पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। पुल दोबारा से क्षतिग्रस्त न हो इसके लिए यूपी प्रशासन ने कुछ शर्तों पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराए जाने की अनुमति दी है। पुल से ओवरलोड वाहन न गुजरें इसके लिए इटावा (यूपी) की तरफ दो शस्त्र धारक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। वहीं भिंड (मप्र) की पीएनसी कंपनी के द्वारा दो निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। देश का यह इकलौता ऐसा पुल से जिसकी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं, जोकि 24 घंटे पुल से निकलने वाले भारी वाहनों की निगरानी कर रहे हैं। चंबल पुल इन दिनों कड़ी सुरक्षा में है। एमपी और यूपी के द्वारा इस पुल की निगरानी कराई जा रही है। वर्ष 1976 में यह पुल बनकर तैयार हुआ था। इस पुल पर ट्रैफिक का लगातार दबाव बना हुआ है। सबसे ज्यादा इस पुल को असुरक्षित करने वाले ओवरलोडेड वाहन है। मध्य प्रदेश की सीमा से यूपी की ओर हर रोज सैकड़ों की तादाद में काली गिट्टी और रेत से भरे ओवरलोड ट्रक निकलते थे। इस कारण से बार-बार इस पुल के बैरिंग टूट रहे थे। पुल स्लैब मूव होना बंद हो जाते थे। और उनमें दरार आ रही थी। इस पुल के क्रेक बार बार ठीक कराए जाते थे। फिर भी बार बार क्रेक आ रहा था यह सिलसिला पीछे तीन साल से चल रहा था। इस वजह से 8 जून 2023 से पुल पर से हैवी वाहनों को निकालना प्रतिबंधित किया गया था। 28 जून को शर्तों के आधार पर इटावा कलेक्टर ने चंबल पुल से भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराए जाने की अनुमति दी है। ओवरलोडिंग वाहनों से पुल असुरक्षित ओवरलोडिंग वाहनों से पुल की सुरक्षा पर हमेशा सवाल खड़े होते आ रहे थे। इस कारण से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के इटावा और भिंड जिला के प्रशासनिक अफसर पुल को चालू कराए जाने को लेकर सहमत नहीं हो पा रहे थे। पुल लगातार बंद रहने के कारण एमपी और यूपी के भिंड व इटावा जिले का राजस्व लगातार गिर रहा था। पिछले दिनों भिंड और इटावा जिला के प्रशासनिक अफसर ने चंबल पुल को चालू कराए जाने को लेकर आपसी सहमति बनाई और पुल पर से ओवरलोडेड वाहन निकला जाना प्रतिबंधित किया। 55 टन से अधिक भार वाला वाहन प्रतिबंधित एमपी के भिंड और यूपी के इटावा जिले के प्रशासनिक अफसर ने पुल पर से अधिकतम भाग 55 टन निकाले जाने की शर्त के साथ पुल चालू कराए जाने का निर्णय लिया। अतः गिट्टी और रेत से भरे हुए वाहन उत्तर प्रदेश जाने के लिए भिंड जिला की सीमा से होकर जाते है। इसलिए बरही टोल प्लाजा को यह दायित्व सौंपा गया की कोई भी वाहन 55 टन से अधिक वजनी पुल से निकलने नहीं चाहिए। टोल प्लाजा प्रबंधन को यह दायित्व दिया गया कि टोल पर लगी तकनीकी मशीनों से हर माइनिंग वाहन की क्षमता नापी जाए। इसके बाद ही वाहन को निकाला जाए। प्रशासनिक आदेश का पालन करते हुए पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी लगातार एमपी से यूपी की ओर जाने वाले वाहनों के वजन पर निगरानी कर रही है। इन शर्तों पर पुल शुरू करने की दी अनुमति     चंबल पुल पर मप्र की ओर से आने वाले ओवरलोडेड भारी वाहनों को जनपद भिंड (मप्र) प्रशासन/पुलिस के द्वारा रोका जाएगा। इसी प्रकार जनपद इटावा प्रशासन/पुलिस द्वारा भी कार्रवाई की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि चंबल पुल पर ओवरलोडेड वाहन न निकल सकें, पुल से भारी वाहनों का आवागमन इस गति से किया जाए, जिससे पुल पर वाहन एकत्रित न होने पाएं एवं स्टेटिक लोड न पड़े।     इसके अतिरिक्त चंबल पुल पर एक साथ भारी वाहन खड़े न हों, किसी प्रकार की आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए उक्त पुल के दोनों ओर नियमित रूप से एक-एक केन की व्यवस्था / उपलब्धता पीएनसी कंपनी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।     उक्त व्यवस्थाओं का नियमित रूप से अनुश्रवण के लिए कार्मिकों की व्यवस्था पीएनसी कंपनी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इस सम्बंध में पीएनसी कंपनी द्वारा अपनी सहमति दी गई है, उक्त पुल की सुरक्षा व्यवस्था एवं आवागमन के संबंध में नियमित अनुश्रवण के लिए टीम गठित की गई है। सेंसर से की जा रही वाहनों की जांच     पीएनसी इंफ्राटेक टोल प्लाजा के प्रबंधक यशपाल सिंह भदौरिया का कहना है कि पुल पुराना है। पुल पर 55 टन निर्धारित क्षमता है। इससे अधिक वजनी वाहन होने पर उसका ओवर लोडेड खाली कराए जाने के निर्देश प्राप्त है। प्रत्येक वाहन का वजन टोल प्लाजा के सेंसर से नापा जाता है।     जरूरत के मुताबिक टोल प्लाजा पर स्थित धर्म कांटे पर वाहन का वजन तौला जाता है। इस तरह के कंपनी को जिला प्रशासन की ओर से निर्देश प्राप्त हुए है। कंपनी ने अपने दो जवानों को पुल पर तैनात किया है।  

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