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पीएम आवास पहुंचे विश्व विजेता, टीम इंडिया संग ब्रेकफास्ट पर मिलें मोदी

नई दिल्ली  भारतीय टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम की मुलाकात पीएम मोदी से हो गई है। वह पीएम आवास से होटल के लिए निकल चुके हैं। होटल पहुंचते ही खिलाड़ी दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और मुंबई की उड़ान भरेंगे। वहीं होटल में कुछ समय बिताने के बाद, टीम इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पर गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, टीम मुंबई के लिए रवाना होगी। मुंबई में शाम 5 बजे से टीम की विक्ट्री परेड होगी, जो 17 साल पहले टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली धोनी की ब्रिगेड की तरह ही होगी। टीम ओपन रूफ बस में नरीमन पॉइंट से वानखेड़े स्टेडियम तक जाएगी। इस दौरान फैंस अपनी टीम का जोरदार स्वागत करेंगे और उनकी जीत का जश्न मनाएंगे। पीएम मोदी के आवास पर भारतीय टीम के स्वागत के लिए पुख्ता इंतजाम किया गया है। यहां भारतीय टीम पीएम मोदी के साथ नाश्ता करेगी। जहां खिलाड़ियों को स्वादिष्ट व्यंजन परोसें जाएंगे। मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि टीम इंडिया को दिल्ली के मशहूर छोले भटूरे परोसा गया है। बता दें कि टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली समेत कई प्लेयर्स को छोले भटूरे काफी पसंद है। टीम इंडिया का विक्ट्री परेड प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद टीम इंडिया मुंबई के लिए रवाना होंगी। जहां भारतीय टीम का शाम पांच बजे से विक्ट्री परेड शुरू होगा। इस दौरान टीम इंडिया फैंस के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का जश्न मनाएगी। उसके बाद भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए वानखेड़े स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जहां टीम को प्राइज मनी भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद होटल के लिए निकली टीम इंडिया भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद होटल के लिए निकल गए हैं. इसके बाद वे मुंबई के लिए रवाना होंगे. वानखेड़े में दर्शकों को फ्री में मिलेगी एंट्री टीम इंडिया प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मुंबई निकलेगी. यहां वानखेड़े स्टेडियम में कार्यक्रम रखा गया है. फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि वानखेड़े स्टेडियम में एंट्री फ्री रहेगी. लेकिन इसके जो पहले पहुंचेगा उसे ही जगह मिलेगी. एक बार सभी सीटें फुल हो जाने के बाद गेट बंद हो जाएंगे. टीम इंडिया को नाश्ते में मिले छोले-भटूरे टीम इंडिया को होटेल में नाश्ते में छोले-भटूरे और लस्सी मिले. विराट कोहली के साथ-साथ टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों को छोले-भटूरे पसंद हैं.     T-20 वर्ल्ड कप जीतकर टीम इंडिया भारत लौट आई है. दिल्ली एयरपोर्ट पर टीम इंडिया का भव्य स्वागत हुआ. यहां से रोहित ब्रिगेड आईटीसी मौर्या होटल पहुंची. यहां टीम इंडिया के लिए खास नाश्ता तैयार किया गया है. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को ब्रेकफास्ट में छोले भटूरे, लस्सी और   पूरा देश टीम इंडिया के सत्कार को उत्सुक: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया टीम इंडिया की बारबाडोस से वतन वापसी पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि बारबाडोस की धरती पर तिरंगा लहराने वाली T20 विश्वकप विजेता हमारी भारतीय टीम का स्वेदश लौटने पर हार्दिक स्वागत. पूरा देश आपके सत्कार के लिए उत्सुक है.     बारबाडोस की धरती पर तिरंगा झंडा लहराने वाली T20 विश्व कप विजेता हमारी भारतीय टीम का स्वदेश लौटने पर हार्दिक स्वागत।  ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है, बोले राजीव शुक्ला बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के स्वदेश लौटने को लेकर कहा कि हर कोई खुश है क्योंकि साउथ अफ्रीका और कई देशों को हराकर आईसीसी T20 वर्ल्ड कप जीतना एक बड़ी उपलब्धि है. मैं सभी खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई अधिकारियों को इसका श्रेय दूंगा. टीम इंडिया आज एयर इंडिया के निजी चार्टर्ड विमान से लौटी है और आज ही वे मुंबई के लिए रवाना होगी. PM मोदी से मुलाकात के लिए टीम इंडिया प्रधानमंत्री आवास पहुंची PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंच गई है. बस अब थोड़ी देर में पीएम मोदी की मुलाकात टीम इंडिया से होगी. तारीख 29 जून 2024… भारत ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में 7 रनों से हराया. इस तरह भारतीय टीम इस फॉर्मेट में दूसरी बार चैम्प‍ियन बनी. 29 जून को फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को भारत ने रोमांचक अंदाज में मात दी. ब्रिजटाउन (बारबाडोस) के केंसिंग्टन ओवल स्टेडियम में भारत ने इस जीत के जीत के साथ 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया. टी20 विश्व कप की ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया भारत लौट चुकी है। एयरपोर्ट से लेकर होटल आईटीसी मौर्य तक क्रिकेट फैंस ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भारतीय खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर कप्तान रोहित शर्मा सहित ऋषभ पंत, सूर्या और हार्दिक जैसे खिलाड़ी भांगड़ा करते नजर आए। टी20 चैंपियन टीम इंडिया गुरुवार को बारबाडोस से भारत लौटी, जहां सैकड़ों प्रशंसकों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाहर लगातार हो रही बूंदाबांदी और कड़ी सुरक्षा के बावजूद टीम इंडिया का भव्य स्वागत किया। दिल्ली में सुबह के समय खराब मौसम के बावजूद, प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए एयरपोर्ट के बाहर हाथ में छत्री थामे और राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए कतार में खड़े थे। एयरपोर्ट पर मौजूद एक प्रशंसक ने कहा, “11 साल का इंतजार खत्म हो गया है, इसलिए इसका जश्न भी शानदार होना चाहिए। मैं लक्ष्मी नगर से यहां आया हूं, और सुबह 5 बजे ही एयरपोर्ट पर पहुंच गया था, ताकि हमारे कप्तान ‘इंडिया का राजा’ रोहित शर्मा और टीम की एक झलक देख सकूं।” एक अन्य महिला फैन ने कहा, “हम रात से ही अपने स्टार खिलाड़ियों की राह देख रहे हैं। हम एयरपोर्ट पर सुबह 4 बजे ही आ गए थे।” वहीं, नोएडा से आई एक महिला फैन ने किंग कोहली के साथ एक सेल्फी और दिल्ली में एक रोड शो कराने की ख्वाहिश जताई। तूफान के कारण जीत के तुरंत बाद घर वापस नहीं लौट पाने वाली टीम को तब तक अपने होटल में ही रहना पड़ा जब तक कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक स्पेशल चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था नहीं कर दी। एआईसी24डब्ल्यूसी-एयर इंडिया चैंपियंस 24 विश्व कप नाम से एयर इंडिया … Read more

ब्रिटेन में मतदान आज, 50 सीटों पर भारतीय निर्णायक भूमिका में

लंदन  ब्रिटेन में गुरुवार को होने वाले आम चुनाव में 650 सांसदों को चुनने के लिए वोटिंग होगी। एक विश्लेषण के अनुसार, अगर लेबर पार्टी बहुमत हासिल करती है तो उसमें जातीय अल्पसंख्यक सांसदों की अभी तक की सबसे अधिक संख्या हो सकती है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड और नॉर्थअलर्टन की अपनी सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। उनके मंत्रिमंडल की पूर्व सहयोगी प्रीति पटेल के एसेक्स में विथम में जीतने की उम्मीद है। आइए समझें इस चुनाव से जुड़े सवालों को। कब होगी वोटिंग और रिजल्ट कब? ब्रिटेन में 4 जुलाई को वहां के समय के अनुसार सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू होगी, जो रात 10 बजे तक चलेगी। वोटिंग खत्‍म होते ही मतगणना शुरू हो जाएगी और 5 जुलाई को सुबह 5 बजे तक नतीजे आ जाएंगे। चुनाव में कोई भी व्‍यक्ति जो 4 जुलाई के दिन 18 साल या उससे अधिक का है और ब्रिटिश नागरिक है या यूके पते के साथ आयरलैंड नागरिक है, तो वह मतदान कर सकता है। चुनाव में क्‍या हैं मुद्दे? इस बार चुनाव में बढ़ती अप्रवासियों की संख्‍या पर लगाम कसना, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे काफी हावी हैं। भारत से कितना अलग है ब्रिटेन का चुनाव? ब्रिटेन में वोट बैलेट बॉक्स में डाले जाते हैं, जबकि भारत में EVM के जरिए मतदान होता है। इसके अलावा, ब्रिटेन में भारत की तरह सड़कों-दीवारों पर पोस्टर, बैनर और होर्डिंग नजर नहीं आते हैं। वहां सप्ताह भर धीमी गति से प्रचार होता रहता है। वीकेंड यानी शनिवार-रविवार को प्रत्याशी डोर-टु-डोर जाकर वोट मांगते हैं। क्या होगी भारतीयों की भूमिका? ब्रिटेन में 650 में से करीब 50 सीटों पर भारतीय वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन 50 सीटों में से 15 सीटें जैसे लेस्टर, बर्मिंघम, कॉन्वेंट्री, साउथ हॉल और हैरॉस में तो भारतीय मूल के उम्मीदवार ही पिछले दो चुनाव से जीत रहे हैं। इन सीटों पर इस बार सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी को लेकर भारतीय वोटरों में गुस्सा है, तो वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के उम्मीदवारों को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। 2019 में हुए पिछले आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद चुने गए थे, जिनमें से कई दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अलावा भारतीय मूल के कई लोग पहली बार आम चुनाव लड़ रहे हैं। भारतीय मूल के वोटर वाले इलाके में दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा इस बार रीडिंग वेस्ट और इलींग साउथल से फिर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। इलींग साउथल में बड़ी संख्या में पंजाबी मतदाता हैं। वहां से इस बार दो ब्रिटिश सिख उम्मीदवार संगीत कौर भैल और जगिंदर सिंह निर्दलीयों के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। ब्रिटिश भारतीय उम्मीदवारों में प्रफुल नार्गुंड लेबर पार्टी की टिकट पर इस्लिंगटन नॉर्थ से चुनाव लड़ रहे हैं। जस अथवाल लेबर पार्टी के गढ़ इफोर्ड साउथ से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बैगी शंकर डर्बी साउथ, सतवीर कौर साउथम्पटन टेस्ट और हरप्रीत उप्पल हडर्सफील्ड से चुनाव लड़ रहे हैं। इंदौर में जन्मे राजेश अग्रवाल पहली बार लीसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ रहे हैं और उनका मुकाबला एक अन्य ब्रिटिश भारतीय एवं कंजर्वेटिव पार्टी की उम्मीदवार शिवानी राजा से है। भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद वाले इस क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि गोवा मूल की पूर्व सांसद कीथ वाज भी यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं।

ममता के राज्य में नहीं थम रही भाजपा महिला कार्यकर्ताओं को निर्वस्त्र करने और पीटने की घटना

कोलकाता पश्चिम बंगाल में महिला नेता के खिलाफ एक और हिंसा की शर्मनाक घटना सामने आई है। बुधवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में एक भाजपा महिला कार्यकर्ता को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस दौरान वह सिर में चोट लगने के कारण बुरी तरह घायल हो गई। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने मीडिया को इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है। भाजपा की महिला नेता ने बताया कि जब वह पानी लेने गई थी, तब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला किया। भाजपा नेता ने तृणमूल पर 4 जून को लोकसभा चुनाव में रिजल्ट सामने आने के बाद क्षेत्र में उपद्रव मचाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप लगाया। बैरकपुर के तृणमूल नेता सोमनाथ श्याम ने कहा कि यह घटना राजनीतिक नहीं थी। टीएमसी नेता ने कहा, “यह मामला ईएसआई स्लम क्षेत्र का है। मुस्लिम महिलाओं के बीच पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। आपको बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटना के लिए विपक्ष के द्वारा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को दोषी ठहराया गया था। अल्पसंख्यक समुदाय की एक महिला को भाजपा से लगाव रखने के कारण कूचबिहार के माथाभांगा क्षेत्र में कथित तौर पर निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया था। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने कूचबिहार का दौरा किया और महिला से मुलाकात की थी। बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी उनसे मुलाकात की थी। बंगाल पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है। इस बीच उत्तरी दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में कंगारू कोर्ट में एक जोड़े को कोड़े मारने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।    

अगले पांच दिनों के दौरान केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश

नई दिल्ली  जून के मध्य में धीमा पड़ा मॉनसून जुलाई में पूरे रंग में नजर आ रहा है। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा भविष्यवाणी से इसके संकेत मिल रहे हैं। खबर है कि भारत के उत्तर पश्चिम और मध्य हिस्सों में अगले 5 दिनों तक बहुत बारिश होने जा रही है। वहीं, भयंकर गर्मी का सामना कर चुके उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह मूसलाधार बारिश के आसार हैं। आज कहां होगी बारिश मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी राजस्थान में 8 जुलाई तक भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, पश्चिम मध्य प्रदेश में 5 जुलाई और पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड में गुरुवार को ही जमकर बारिश हो सकती है। इधर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में 8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। IMD ने बताया है कि ओडिशा में 8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि, बिहार, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में ऐसा मौसम 6 से 8 जुलाई के बीच बन सकता है। बिहार में गुरुवार और शुक्रवार को अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में 8 जुलाई तक भारी बारिश की संभावनाएं बन रही हैं। अगले पांच दिनों के दौरान केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं। मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, रायलसीमा, तेलंगाना में भी छिटपुट से हल्की से बारिश इस दौरान हो सकती है।  

सांगली में मिड-डे-मिल पैकेट में मिला मरा हुआ सांप, टेस्टिंग के लिए भेजा गया फूड

सांगली महाराष्ट्र के सांगली जिले में आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को मिले मिडडे मील के एक पैकेट में मरा हुआ सांप मिला है। इस मामले के सामने आने के बाद बच्चों के परिवानों ने चिंता जताई है। फिलहाल यह भी एक सवाल बना हुआ है कि आखिर मिड-डे मील के पैकेट में सांप कैसे पहुंच गया। राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की उपाध्यक्ष आनंदी भोसले ने बताया कि पलुस में एक बच्चे के माता-पिता ने कथित घटना की सूचना सोमवार को दी। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए जिले के अधिकारियों से संपर्क नहीं किया जा सका। उन्होंने बुधवार को बताया, ‘छह महीने से तीन साल की उम्र के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में मध्याह्न भोजन के पैकेट मिलते हैं। इन पैकेटों में दाल खिचड़ी का मिश्रण होता है। सोमवार को पलुस में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भोजन के पैकेट बांटे। एक बच्चे के माता-पिता ने दावा किया कि उन्हें मिले पैकेट में एक छोटा मरा हुआ सांप था।’ भोसले ने बताया कि आंगनवाड़ी सेविका (महिला कार्यकर्ता) ने अधिकारियों को घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि सांगली जिला परिषद के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप यादव और खाद्य सुरक्षा समिति के अन्य अधिकारियों ने आंगनवाड़ी का दौरा किया और पैकेट को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए ले जाया गया। जिला परिषद के आंगनवाड़ी अनुभाग के प्रभारी यादव से बार-बार प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल इस मामले ने उन बच्चों के परिजनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो आंगनवाड़ी जाते हैं या फिर वहां से मिलने वाली खाद्य साामग्री का उपभोग करते हैं। फिलहाल इस मामले में किसी अधिकारी का बयान नहीं आया है।  

कमला हैरिस को बाइडेन की जगह राष्ट्रपति चुनाव पर मौका दिया जाए

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने स्वीकार किया है कि वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ टीवी डिबेट के दौरान मंच पर लगभग सो ही गए थे। उन्होंने यह भी मान लिया है कि ट्रंप के मुकाबले डिबेट उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था। इस बीच यह मांग भी बढ़ने लगी है कि वह राष्ट्रपति चुनाव से अपना नाम वापस ले लें और कमला हैरिस को उनकी जगह पर मौका दिया जाए। कमला हैरिस भारतीय मूल की अमेरिकी नेता हैं, जिनके पास डेमोक्रेटिक पार्टी में बड़ा समर्थन है। वहीं जो बाइडेन का कहना है कि वह डिबेट से पहले लगातार दो सप्ताह तक यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में गए थे। इसका असर उनकी सेहत पर पड़ा और थकान अनुभव कर रहे थे। इसी वजह से वह मंच पर लगभग सो गए थे। वर्जीनिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात स्वीकार की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं बहुत स्मार्ट नहीं हूं। बाइडेन ने कहा कि दो सप्ताह में मैं न जाने कितने टाइम जोन में गया। 81 साल के जो बाइडेन ने कहा कि डिबेट में कमजोर रहने के पीछे यह मेरी सफाई है। इसे लेकर मैं किसी तरह की छूट नहीं चाहता। वाइट हाउस के कर्मचारियों ने बाइडेन की सेहत के बारे में बताते हुए कहा था कि वह डिबेट में शामिल होने के दौरान सर्दी के शिकार थे। इसी के चलते वह पूरे मन से डिबेट में शामिल नहीं हो सके। वहीं बाइडेन ने स्टाफ से अलग कारण बताते हुए कहा कि वह फ्रांस गए थे। इटली में जी-7 समिट का हिस्सा थे। इसके अलावा कई आयोजनों में गए थे और इसकी वजह से थके हुए थे। उन्होंने कहा कि मेरा स्टाफ तो लगातार कह रहा था कि इतनी यात्राएं न करूं, लेकिन मैंने उनकी बात को अनसुना कर दिया था। अंत में डिबेट के दौरान थकान का अनुभव लेने लगा। ऐसी स्थिति हुई कि डिबेट के दौरान मंच पर ऐसी स्थिति हो गई थी कि मैं लगभग सो चुका था। उनकी इस स्वीकारोक्ति के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच मंथन तेज हो गया है। जो बाइडेन के बेटे से भी नाखुश हैं डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बाइडेन के खिलाफ उनकी पार्टी में माहौल बन रहा है। बीच में तो यह कयास भी लगे कि खुद बाइडेन अपना नाम वापस लेने की सोच रहे हैं। लेकिन उन्होंने इसे खारिज किया है और कहा कि मैं नेतृत्व करूंगा और हम जीत हासिल करेंगे। खबर है कि डेमोक्रेटिक पार्टी में कुछ लोग बाइडेन के बड़े बेटे हंटर बाइडेन के वाइट हाउस के मामलों में दखल देने से भी नाराज हैं।    

असम में बाढ़ की स्थिति ने जटिल रूप ले लिया, 28 जिले बाढ़ की चपेट में आये

गुवाहाटी असम में बाढ़ की स्थिति ने जटिल रूप ले लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पहली जुलाई की तुलना में दो जुलाई की रात तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की संख्या में तेजवृद्धि हुई है। एक जुलाई तक राज्य के 19 जिले बाढ़ की चपेट में थे, लेकिन दो जुलाई की रात तक 28 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा  देर रात तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचते रहे। आधी रात उन्होंने हातीमूड़ा में क्षतिग्रस्त हुए तटबंध का जायजा लिया। साथ ही राज्य के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका, शिक्षा मंत्री रनोज पेगू समेत कई मंत्री एवं विधायक स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। बाढ़ग्रस्त जिलों में कामरूप, तामुलपुर, चिरांग, मोरीगांव, लखीमपुर, बिश्वनाथ, डिब्रूगढ़, करीमगंज, उदालगुड़ी, नगांव, बंगाईगांव, शोणितपुर, गोलाघाट, होजाई, दरंग, चराइदेव, नलबाड़ी, जोरहाट, शिवसागर, कार्बी आंगलोंग, ग्वालपाड़ा, धेमाजी, माजुली, तिनसुकिया, कोकराझाड़, बरपेटा और कछार शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इन जिलों के 84 राजस्व सर्किलों के 2,208 गांव अब तक जलमग्न हो चुके हैं। इस बाढ़ में 11,34,446 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 42,476.18 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। इस बाढ़ से 8,32,099 मवेशी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की पहल पर अब तक 130 राहत शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों में 18,459 बाढ़ पीड़ितों ने शरण ली है। इस वर्ष बाढ़ में अब तक 38 लोगों की मृत्यु होने संबंधी सूचना प्राप्त हुई है।  

लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों में हेरिटेज सिटी अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल बना, गुजरात में 1.35 करोड़ से ज्यादा Tourists पहुंचे

अहमदाबाद गुजरात टूरज्म की ऊंची उड़ान जारी है। गर्मियों की छुटि्टयों में गुजरात के टूरिस्ट प्लेस पर 17 फीसदी अधिक पर्यटक पहुंचे। इसमें देश-विदेश के सैलानी शामिल रहे। इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों (समर वैकेशन) के दौरान यानी 1 अप्रैल से 10 जून, 2024 तक राज्य के 12 पर्यटन आकर्षणों एवं यात्राधामों पर 1.35 करोड़ से अधिक पर्यटक मिले। वर्ष 2023 में अप्रैल तथा मई महीनों में 1.14 करोड़ पर्यटक इन स्थलों पर पहुंचे थे, जिसकी तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस समयावधि में गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एसओयू), अटल ब्रिज, रिवरफ्रंट-फ्लॉवर पार्क, कांकरिया तालाब, सोमनाथ मंदिर, पावागढ मंदिर, द्वारका मंदिर, साइंस सिटी-अहमदाबाद, वडनगर, गीर तथा देवळिया सफारी एवं अहमदाबाद मेट्रो रेल जैसे प्रसिद्ध आकर्षक पर्यटन स्थलों का आनंद उठाने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के टूरिस्ट की संख्या में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। पटेल की अगुवाई में पिछले सालों में टूरिस्ट प्लेस पर सुविधाओं का विस्तार किया गया है। गर्मी की छुट्टियों में गुजरात के 12 पर्यटन स्थलों पर आये यात्रियों की संख्या क्रम पर्यटन स्थल अप्रैल-23 अप्रैल-24 मई-23 मई-24 1 स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और अन्य आकर्षण 158605 176942 185989 266835 2 अटल ब्रिज 209218 184924 264956 241581 3 रिवरफ्रंट-फ्लॉवर पार्क 14965 38538 14718 16548 4 कांकरिया तालाब 517438 534639 664400 575987 5 पावागढ मंदिर 647712 678508 523307 533281 6 अंबाजी मंदिर 518464 947714 648890 927423 7 साइंस सिटी-अहमदाबाद 79984 87010 127568 108408 8 वडनगर 31247 41302 33341 35152 9 सोमनाथ मंदिर 762558 564676 1018113 924585 10 द्वारका मंदिर 658403 658403 657606 1103110 11 गीर और देवळिया सफारी 68580 55998 116011 106935 12 अहमदाबाद मेट्रो 1563501 2306591 2005374 2547534 कुल   52,30675 61,44220 62,60273 73,87379   अहमदाबाद रहा पहली पंसद ‘खुशबू गुजरात की’ का लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों में हेरिटेज सिटी अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल बना है। साल 2023-24 में पर्यटकों की संख्या के मामले में अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल रहा है। बनासकांठा दूसरे और फिर गिर सोमनाथ जिले तीसरे स्थान पर रहा। देवभूमि द्वारका जिले को पर्ययकों की संख्या में चौथा स्थान मिला है। पांचवें नंबर पर पंचमहाल और छठवें नंबर पर सूरत और फिर मेहसाणा रहा। जिलों में आठवां स्थान कच्छ और फिर जूनागढ़ को मिला। वडोदरा पर्यटकों को खींचने के मामले में दसवें पायदान पर रहा। गुजरात में मंदिरों में अंबाजी का क्रेज अहमदाबाद हेरीटेज सिटी को सबसे ज्यादा टूरिस्ट मिले। इसके बाद अंबाजी मंदिर, सोमनाथ मंदिर, द्वारका मंदिर और फिर कांकरिया लेक को जगह मिली। पावागढ़ पर्यटकों को खींचने में छठवें और सूरत शहर सातवें नंबर पर रहा है। साबरमती रिवरफ्रंट को आठवां और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नौवें पायदान हैं। दसवें नंबर पर डकोर रहा। सरकार ने पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए बजट में 2077 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किए गए हैं। राज्य सरकार ने कच्छ के धोरडो तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों पर जी-20 बैठकों का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। इसका भी फायदा गुजरात को मिला।

पश्चिम – पूर्व इंफाल जिलों में लगातार बारिश के कारण दो प्रमुख नदियों के तटबंध टूटने के बाद कई स्थानों पर बाढ़

इंफाल  मणिपुर के इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में लगातार बारिश के कारण दो प्रमुख नदियों के तटबंध टूटने के बाद कई स्थानों पर बाढ़ आ गई है। अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए  सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि स्कूल बृहस्पतिवार तक बंद रहेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इम्फाल पश्चिम में सिंगजामेई ओइनम थिंगल में इम्फाल नदी के तटबंध तथा इम्फाल पूर्व में केइराओ के कुछ हिस्सों और कोंगबा इरोंग में कोंगबा नदी के तटबंध टूट गये। इम्फाल पूर्व में सावोमबंग और क्षेत्रेइगाओ के कुछ हिस्सों में इरिल नदी का पानी उफान पर है। अधिकारी ने कहा, ”भारी मात्रा में नदी का पानी आवासीय इलाकों में घुस गया है…। भारत-म्यांमा सड़क का तीन किलोमीटर से अधिक हिस्सा बाढ़ के पानी में डूब गया है और 1,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।” उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की दोपहर में सेनापति नदी में गिरे 25 वर्षीय एक व्यक्ति का शव स्थानीय लोगों की मदद से ‘भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी’ की एक टीम ने नदी से बाहर निकाल लिया। पूर्वोत्तर राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश हुई है।  

केंद्र सरकार महाराष्ट्र में जीका के मामलों पर चिंतित, आवासीय परिसरों में मच्छरों की रोकथाम को कहा

मुंबई/नई दिल्ली  महाराष्ट्र में जीका वायरस के कई मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को हेल्थ एडवाइजरी जारी कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि राज्य स्वास्थ्य सुविधाओं दुरस्त रखने और अस्पतालों से एडीज मच्छरों से मुक्त रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करें।एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्य गर्भवती महिलाओं की गहन जांच करें। इसके बाद उनकी निगरानी भी रखें। केंद्रीय स्वाथ्य मंत्रालय ने राज्यों को जीका वायरस के संक्रमण पर यह एडवजाइरी महाराष्ट्र में कई मामले सामने आने के बाद जारी की है। महाराष्ट्र में अभी तक जीका वायरस से संक्रमण के कुल आठ मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने लोगों को अलर्ट जारी किया है। जीका, डेंगू और चिकनगुनिया एक ही वेक्टर मच्छर से फैलता है। गर्भवती की देखरेख के निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जीका संक्रमित गर्भवती माताओं के भ्रूणों की निगरानी में कोताही न बरती जाए। जीका पॉजिटिव गर्भवती माताओं के भ्रूण के विकास की निगरानी करके निरंतर निगरानी बनाए रखें। महाराष्ट्र के पुणे में 55 साल की महिला के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसी के साथ शहर में इस घातक वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर सात हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तक पुणे में छह लोगों के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जिनमें दो गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। पॉजिटिव आई महिला की रिपोर्ट पुणे नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि नवीनतम मामला कोथुर्ड के दाहनुकर कॉलोनी से है और पीड़ित महिला ने शरीर पर चकत्ता बनने और जोड़ों में दर्द होने की शिकायत की है। सोमवार को आई रिपोर्ट में उसके जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि महिला की सेहत ठीक है और उसे फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। अधिकारी के मुताबिक जीका वायरस से संक्रमित दोनों महिलाओं की उम्र क्रमश 28 और 35 साल है। गर्भवती महिलाओं के जीका वायरस से संक्रमित होने पर उसके गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का पूर्ण विकास नहीं होने के चलते सिर का आकार छोटा होने की आशंका रहती है। अधिकारियों ने बताया कि पुणे में जीका वायरस से संक्रमण का पहला मामला इरांडवने से तब आया। जब 46 वर्षीय एक चिकित्सक के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की 15 वर्षीय बेटी भी संक्रमित पाई गई है। जीका वायरस का संक्रमण संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया के प्रसार के लिए भी जिम्मेदार है।

भारत ऐसे कैसे बनेगा आत्मनिर्भर ? घटने के बजाय चीन पर बढ़ गई हमारी निर्भरता

नई दिल्ली चीन से आयात कम करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं लेकिन इसका कुछ खास परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास (UNCTAD) की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024 की पहली तिमाही में भारत की चीन और यूरोपीय संघ पर व्यापार निर्भरता बढ़ गई है। दूसरी ओर सऊदी अरब पर हमारी निर्भरता कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में भारत की यूरोपीय संघ और चीन पर व्यापार निर्भरता क्रमशः 1% और 1.2% बढ़ी, जबकि सऊदी अरब पर निर्भरता 0.5% घटी। UNCTAD ने अपने ग्लोबल ट्रेड अपडेट में कहा कि वैश्विक व्यापार रुझान सकारात्मक हो गया है। यह ग्रोथ चीन, भारत और अमेरिका से निर्यात में बढ़ोतरी से प्रेरित है लेकिन यूरोप और अफ्रीका ने निराश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 की पहली तिमाही में ग्लोबल ट्रेड में ग्रोथ मुख्य रूप से चीन (9%), भारत (7%) और अमेरिका (3%) से निर्यात में बढ़ोतरी के कारण हुई। इसके विपरीत, यूरोप के निर्यात में कोई वृद्धि नहीं हुई तथा अफ्रीका के निर्यात में 5% की कमी आई। निर्यात के मोर्चे पर चीन और भारत ने तिमाही-दर-तिमाही बहुत मजबूत प्रदर्शन किया है। साल 2024 की पहली तिमाही के दौरान विकासशील देशों और दक्षिण-दक्षिण व्यापार में व्यापार वृद्धि विकसित देशों की तुलना में तेज रही। यूएनसीटीएडी ने कहा, ‘वर्तमान वैश्विक व्यापार रुझान सकारात्मक हो गए हैं, 2024 की पहली तिमाही में वस्तुओं का व्यापार तिमाही दर तिमाही लगभग 1% बढ़ा है। सेवा व्यापार लगभग 1.5% तिमाही दर से बढ़ा है। कहां तक पहुंचेगा ग्लोबल ट्रेड विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार वृद्धि अलग-अलग रही। हरित ऊर्जा और एआई-संबंधित उत्पादों में अधिक वृद्धि देखी गई। यूएनसीटीएडी नाउकास्ट ने 2024 की दूसरी तिमाही के लिए एक मजबूत सकारात्मक रुझान की भविष्यवाणी की है। साल 2024 की पहली छमाही के लिए लगभग 2% की वृद्धि का अनुमान है। इस ग्रोथ से 2023 की दूसरी छमाही की तुलना में 2024 की पहली छमाही में गुड्स ट्रेड में लगभग 250 अरब डॉलर और सर्विस ट्रेड में लगभग 100 अरब डॉलर जुड़ने की उम्मीद है। यदि सकारात्मक रुझान जारी रहता है, तो 2024 में ग्लोबल ट्रेड लगभग 32 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि इसके 2022 के अपने रिकॉर्ड स्तर को पार करने की संभावना नहीं है।

इस साल जुलाई में रेलवे का नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा वर्तमान समयसारणी को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ाया

नई दिल्ली आप यदि ट्रेन से सफर (Train Journey) करते होंगे तो आपको पता होगा कि आमतौर पर हर साल रेलवे (Indian Railways) एक जुलाई से नया टाइम टेबल लागू करता है। कभी-कभार इसे लागू करने में देरी भी हो जाती है। इस साल भी इसी तरह की देरी हो रही है। जी हां, रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को चिट्ठी लिख कर सूचित किया है कि इस साल एक जुलाई को नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा है। अभी जो टाइम टेबल चल रहा है, उसी की अवधि को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कब जारी होता है ट्रेन एट ए ग्लांस? रेलवे में एक परंपरा है, नया टाइम टेबल जारी करने की। रेलवे बोर्ड के स्तर पर जो अखिल भारतीय टाइम टेबल जारी किया जाता है, उसे ट्रेन एट ए ग्लांस (Trains At A Glance) के नाम से जाना जाता है। इसमें सिर्फ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समय सारिणी होती है। इसी के साथ जोनल स्तर पर भी टाइम टेबल का प्रकाशित किया जाता है। इसमें पैसेंजर और लोकल ट्रेन की भी समय सारिणी होती है। आमतौर पर यह हर साल एक जुलाई से प्रभावी होता है। इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस साल नया टाइम टेबल नहीं पीटीआई की एक खबर के अनुसार रेलवे बोर्ड इस साल नया टाइम टेबल जारी नहीं कर रहा है। दरअसल, इस समय बोर्ड ट्रेनों के समय और परिचालन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। रेल मंत्रालय इसे और अधिक कुशल बनाना चाहता है इसलिए नए टाइम टेबल की रिलीज की तारीख 1 जनवरी, 2025 तक बढ़ा दी गई है। नया टाइम टेबल जारी होने तक पुराना टाइम टेबल ही लागू रहेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 27 जून, 2024 को ही 17 ज़ोन के सभी महाप्रबंधकों को एक सरकुलर जारी किया और उनसे मौजूदा टाइम टेबल को 31 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने के लिए कहा। जोनल रेलवे का टाइम टेबल भी वही रहेगा बोर्ड के पत्र जारी होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने भी 28 जून को एक पत्र जारी किया। इसमें बताया गया कि ट्रेन एट ए ग्लांस 2024 अब 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसलिए अब PRYJ (प्रयागराज), JHS (झांसी) और AGC (आगरा कैंट) की मौजूदा कार्य समय सारणी की वैधता भी 31 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी जाती है। इस आलोक में अब नया टाइम टेबल 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसी तरह का एक सरकुलर उत्तर पश्चिम रेलवे ने भी जारी किया है। इस सरकुलर में सभी चार डिवीजनों, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और अजमेर के डीआरएम को मौजूदा समय सारिणी के अनुसार काम करने के लिए कहा गया है।

ISRO ने देश को दी बड़ी खुशखबरी, आदित्य-L1 ने पूरा किया हेलो ऑर्बिट का पहला चक्कर

नईदिल्ली ISRO की तरफ से सूरज की स्टडी करने के लिए भेजे गए भारतीय स्पेसक्राफ्ट आदित्य-एल1 (Aditya-L1) ने अपने तारे का एक चक्कर पूरा कर लिया है. इस यान को 2 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था. यह 6 जनवरी 2024 को लैरेंजियन प्वाइंट L1 पर पहुंचा था. उसने अपने जटिल ऑर्बिट और ट्रैजेक्टरी को अब तक मेंटेन किया. अपने ही L1 प्वाइंट पर एक चक्कर लगाने के लिए आदित्य-एल1 को 178 दिन लगे. इस यात्रा के दौरान यान को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ा. सौर तूफान के बीच इसे दो बार अपना ऑर्बिट बदलना पड़ा. ताकि सुरक्षित रह सके. ये ऑर्बिट 22 फरवरी और 7 जून को बदला गया था. कल यानी 2 जुलाई 2024 को इसका तीसरी बार ऑर्बिट मैन्यूवर हुआ. भारत के पहले सोलर ऑब्जरवेटरी की धरती से दूरी 15 लाख km है. 400 करोड़ रुपए का ये मिशन अब भारत समेत पूरी दुनिया के सैटेलाइट्स को सौर तूफानों से बचाएगा. 6 जनवरी 2024 की शाम ये सैटेलाइट L1 प्वाइंट पर पहुंच गया. इस प्वाइंट के चारों तरफ मौजूद सोलर हैलो ऑर्बिट में तैनात हो चुका है.   सूरज की स्टडी करने वाले यान में शामिल आदित्य सूरज की स्टडी कर रहे NASA के चार अन्य सैटेलाइट्स के समूह में शामिल है. ये सैटेलाइट्स हैं- WIND, Advanced Composition Explorer (ACE), Deep Space Climate Observatory (DSCOVER) और नासा-ESA का ज्वाइंट मिशन सोहो यानी सोलर एंड हेलियोस्फेयरिक ऑब्जरवेटरी है. L1 प्वाइंट पर डालना था बेहद रिस्की और चुनौतीपूर्ण आदित्य को L1 प्वाइंट पर डालना एक चुनौतीपूर्ण काम था. इसमें गति और दिशा का सही तालमेल जरूरी था. इसके लिए इसरो को यह जानना जरूरी था कि उनका स्पेसक्राफ्ट कहां था. कहां है. और कहां जाएगा. उसे इस तरह ट्रैक करने के प्रोसेस को ऑर्बिट डिटरमिनेशन (Orbit Determination) कहते हैं.    400 करोड़ का प्रोजेक्ट बचाएगा देश के पचासों हजार करोड़ रुपए आदित्य-एल1 मिशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर निगार शाजी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि ये मिशन सिर्फ सूरज की स्टडी करने में मदद नहीं करेगा. बल्कि करीब 400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट सौर तूफानों की जानकारी भी देगा. जिससे भारत के पचासों हजार करोड़ रुपए के पचासों सैटेलाइट को सुरक्षित किया जा सकेगा. जो भी देश इस तरह की मदद मांगेगा, उन्हें भी मदद की जाएगी. ये प्रोजेक्ट देश के लिए बेहद जरूरी है. सूरज की अलग-अलग रंगों के पहली तस्वीरें भी हुई थीं जारी इस सैटेलाइट के सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप (SUIT) ने सूरज की पहली बार फुल डिस्क तस्वीरें भी ली थी. ये सभी तस्वीरें 200 से 400 नैनोमीटर वेवलेंथ की थी. यानी आपको सूरज 11 अलग-अलग रंगों में दिखाई देगा. इस पेलोड को 20 नवंबर 2023 को ऑन किया गया था. इस टेलिस्कोप ने सूरज के फोटोस्फेयर और क्रोमोस्फेयर की तस्वीरें ली हैं. फोटोस्फेयर मतलब सूरज की सतह और क्रोमोस्फेयर यानी सूरज की सतह और बाहरी वायुमंडल कोरोना के बीच मौजूद पतली परत. क्रोमोस्फेयर सूरज की सतह से 2000 km ऊपर तक होती है. इससे पहले सूरज की तस्वीर 6 दिसंबर 2023 को ली गई थी. लेकिन वह पहली लाइट साइंस इमेज थी. लेकिन इस बार फुल डिस्क इमेज ली गई है. यानी सूरज का जो हिस्सा पूरी तरह से सामने है, उसकी फोटो. इन तस्वीरों की मदद से वैज्ञानिक सूरज की स्टडी ढंग से कर पाएंगे. क्या है लैरेंज प्वाइंट? लैरेंज प्वाइंट (Lagrange Point). यानी L. यह नाम गणितज्ञ जोसेफी-लुई लैरेंज के नाम पर दिया गया है. इन्होंने ही इन लैरेंज प्वाइंट्स को खोजा था. जब किसी दो घूमते हुए अंतरिक्षीय वस्तुओं के बीच ग्रैविटी का एक ऐसा प्वाइंट आता है, जहां पर कोई भी वस्तु या सैटेलाइट दोनों ग्रहों या तारों की गुरुत्वाकर्षण से बचा रहता है. कैसे पूरी हुई आदित्य-L1 की यात्रा? 2 सितंबर 2023 को लॉन्च के बाद आदित्य 16 दिनों तक धरती के चारों तरफ चक्कर लगाता रहा. इस दौरान पांच बार ऑर्बिट बदला गया. ताकि सही गति मिले. फिर आदित्य को ट्रांस-लैरेंजियन 1 ऑर्बिट में भेजा गया. यहां से शुरू हुई 109 दिन की लंबी यात्रा. आदित्य जैसे ही L1 पर पहुंचा, उसकी एक ऑर्बिट मैन्यूवरिंग कराई गई ताकि L1 प्वाइंट के चारों तरफ मौजूद हैलो ऑर्बिट में चक्कर लगाता रहे.    आदित्य-L1 क्या है? Aditya-L1 भारत की पहली अंतरिक्ष आधारित ऑब्जरवेटरी (Space Based Observatory) है. यह सूरज से इतनी दूर तैनात होगा कि उसे गर्मी तो लगे लेकिन खराब न हो. क्योंकि सूरज की सतह से थोड़ा ऊपर यानी फोटोस्फेयर का तापमान करीब 5500 डिग्री सेल्सियस रहता है. केंद्र का तापमान 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस रहता है. ऐसे में किसी यान या स्पेसक्राफ्ट का वहां जाना संभव नहीं है.   क्या करेगा आदित्य-L1 स्पेस्क्राफ्ट? – सौर तूफानों के आने की वजह, सौर लहरों और उनका धरती के वायुमंडल पर क्या असर होता है. – आदित्य सूरज के कोरोना से निकलने वाली गर्मी और गर्म हवाओं की स्टडी करेगा. – सौर हवाओं के विभाजन और तापमान की स्टडी करेगा. – सौर वायुमंडल को समझने का प्रयास करेगा. सूरज की स्टडी क्यों… क्यों जरूरी है ये मिशन?   – सूरज हमारा तारा है. उससे ही हमारे सौर मंडल को ऊर्जा यानी एनर्जी मिलती है. – इसकी उम्र करीब 450 करोड़ साल मानी जाती है. बिना सौर ऊर्जा के धरती पर जीवन संभव नहीं है. – सूरज की ग्रैविटी की वजह से ही इस सौर मंडल में सभी ग्रह टिके हैं. – सूरज का केंद्र यानी कोर में न्यूक्लियर फ्यूजन होता है. इसलिए सूरज चारों तरफ आग उगलता हुआ दिखता है. – सूरज की स्टडी इसलिए ताकि उसकी बदौलत सौर मंडल के बाकी ग्रहों की समझ भी बढ़ सके.  – सूरज की वजह से लगातार धरती पर रेडिएशन, गर्मी, मैग्नेटिक फील्ड और चार्ज्ड पार्टिकल्स का बहाव आता है. इसी बहाव को सौर हवा या सोलर विंड कहते हैं. ये उच्च ऊर्जा वाली प्रोटोन्स से बने होते हैं. – सोलर मैग्नेटिक फील्ड का पता चलता है. जो कि बेहद विस्फोटक होता है. – कोरोनल मास इजेक्शन (CME) वजह से आने वाले सौर तूफान से धरती को कई तरह के नुकसान की आशंका रहती है. इसलिए अंतरिक्ष के मौसम को जानना  जरूरी है. यह मौसम सूरज की वजह से बनता और बिगड़ता है.  

सऊदी अरब को पूर्वी प्रांत और Empty Quarter रेगिस्तान में तेल और गैस के सात नए भंडार मिले

दुबई सऊदी अरब को एक बड़ा खजाना हाथ लगा है. सऊदी किंगडम के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने बताया कि सऊदी के पूर्वी प्रांत और Empty Quarter रेगिस्तान में तेल और गैस के सात नए भंडार मिले हैं. ये खोज सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने की है. सऊदी अरब की सरकारी न्यूज एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया, ‘प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि सऊदी अरामको ने दो तेल फील्ड, लाइट अरब कच्चे तेल की एक फील्ड, दो प्राकृतिक गैस की फील्ड और दो प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की है.’ सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में दो तेल फील्ड और एक तेल भंडार मिला है जबकि प्राकृतिक गैस के दो फील्ड और दो भंडार Empty Quarter क्षेत्र में खोजे गए हैं. सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में खोजे गए तेल फील्ड किंगडम के पूर्वी प्रांत में दो तेल फील्ड खोजे गए हैं- अल-लादम और अल-फारूक. ये दोनों ही तेल फील्ड पहले खोजे गए तेल फील्ड से अलग हैं. अल-लादम-2 कुएं से प्रति दिन 5,100 बैरल की दर से अरब लाइट क्रूड निकाला जा रहा है, साथ ही प्रति दिन 49 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस भी निकाली जा रही है. अल-फारूक-4 कुएं से प्रतिदिन 4,557 बैरल की दर से बहुत हल्का अरब क्रूड निकाला जा रहा है, साथ ही प्रति दिन 37.9 लाख मानक क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन हो रहा है. पूर्वी प्रांत में ही मिला गैस फील्ड सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के मजालिज फील्ड में कच्चे तेल भंडार की खोज की गई है जिसे Unayza B/C नाम दिया गया है. मजालिज-62 तेल कुएं से प्रति दिन 1,780 बैरल की दर से अरब लाइट तेल निकाला जा रहा है. साथ में प्रतिदिन लगभग 7 लाख मानक क्यूबिक फीट गैस भी निकाली गई. Empty Qaurter क्षेत्र में खोजे गए प्राकृतिक गैस के भंडार Empty Qaurter क्षेत्र में दो नई प्राकृतिक गैस फील्ड की खोज की गई है- अल जहाक और अल-कतुफ. अल जहाक-1 कुएं में “अल-अरब-सी” भंडार से प्रतिदिन 53 लाख मानक क्यूबिक फीट की दर से प्राकृतिक गैस निकाली गई. फिर उसी कुएं से प्रति दिन 11 लाख मानक क्यूबिक फीट की दर से गैस निकाली गई. वहीं, अल-कतुफ गैस क्षेत्र से प्रतिदिन 76 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकाली गई. असिकरा फील्ड में नई खोज Empty Quarter क्षेत्र के असिकरा फील्ड में हनीफा प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की गई है. असिकरा-6 कुएं से प्रतिदिन 49 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकल रही है और अल-फदहिली भंडार से प्रतिदिन 6 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकाली जा रही है. ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने इन सभी खोजों की तारीफ की और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को इन उपलब्धियों के लिए धन्यवाद दिया. सऊदी अरब को मिलेगा ज़बरदस्त फायदा सऊदी अरब को 7 नए तेल और प्राकृतिक गैस भंडार मिलने से ज़बरदस्त फायदा मिलेगा। तेल एक्सपोर्ट करने के मामले में सऊदी अरब पहले से ही दुनियाभर में नंबर 1 देश है। ऐसे में और ज़्यादा तेल होने से एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा। सऊदी अरब फिलहाल प्राकृतिक गैस का एक्सपोर्ट नहीं करता, पर आने वाले सालों में ऐसा करने की प्लानिंग कर रहा है। इससे सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा मिलेगा।  

14 जुलाई को सिर्फ चार घंटे के लिए धरना-प्रदर्शन किया जा सकता, नेता प्रतिपक्ष अधिकारी को मिली अनुमति: हाईकोर्ट

कोलकाता कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी को चुनाव के बाद हुई हिंसा के खिलाफ राजभवन के सामने प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने अनुमति देते हुए कहा कि 14 जुलाई को सिर्फ चार घंटे के लिए धरना-प्रदर्शन किया जा सकता है। आदेश के अनुसार, प्रदर्शन में बिना किसी हथियार के अधिकतम 300 लोग शामिल हो सकतेे हैं। प्रदर्शन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा। कार्यक्रम स्थल से कोई भड़काऊ बयान नहीं दिया जाएगा। इस दौरान इस बात का ध्यान रखना होगा कि प्रदूषण न फैले। बुधवार को राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रशासन को प्रदर्शन पर कोई आपत्ति नहीं है।

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