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Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू नववर्ष के शुभारंभ की तारीख, राजा और मंत्री के बारे में जानें

इंदौर  Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नए साल की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे हिंदू नववर्ष का पहला दिन माना जाता है. इसी दिन से पूरे साल का फल और उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाता है। कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? साल 2026 में हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होगी. इस दिन गुरुवार पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. ज्योतिष के नियम के अनुसार जिस वार से साल शुरू होता है, उसी वार का स्वामी ग्रह पूरे वर्ष का राजा माना जाता है. वहीं इस साल के मंत्री मंगल ग्रह होंगे. इसलिए इस संवत का नाम ‘रौद्र’ रखा गया है। कैसा रहेगा रौद्र संवत का असर? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रौद्र नाम का यह संवत थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. दुनिया भर में राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं और देशों के बीच मतभेद भी देखने को मिल सकते हैं. कुछ स्थानों पर युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है. इसके अलावा इस साल आगजनी, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं. बारिश कम होने की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है. कई देशों में जनता सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकती है. कुल मिलाकर यह साल कुछ उतार-चढ़ाव और चुनौतियां लेकर आ सकता है। क्या होता है रौद्र संवत्सर? ज्योतिषियों ने विक्रम संवत 2083 को ‘रौद्र’ नाम दिया है. हर साल का एक अलग नाम होता है, जिससे उस वर्ष के स्वभाव और संभावित घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है. इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगी और उस समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न रहेगा. इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ज्योतिष में काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर साल भर के प्रभाव का आकलन किया जाता है. रौद्र शब्द का मतलब उग्र या तेज स्वभाव से जुड़ा होता है. इसी कारण यह माना जा रहा है कि पूरे साल के दौरान प्रकृति, समाज और राजनीति से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

06 मार्च 2026 का राशिफल: सभी 12 राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा धन और सफलता

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

शीतला अष्टमी 2026: जानें कब है, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन माता शीतला का पूजन और व्रत किया जाता है. शीतला अष्टमी का व्रत हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. इस व्रत को लोग बसौड़ा भी कहा करते हैं, क्योंकि इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मान्यता है कि बासी भोग लगाने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता शीतला का व्रत और पूजन करने जीवन में खुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. माता का व्रत और पूजन करने से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. शीतला अष्टमी कब है? पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा. शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त शितला अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में इस साल शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम को 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान करें और फिर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. फिर घर के मंदिर में चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा या तस्वीर रखें. इसके बाद विधि-विधान से माता की पूजा करें. पूजा के दौरान माता के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं. बासी भोजन का भोग अर्पित करें. व्रत कथा का पाठ करें. अंत में आरती से पूजा का समापन करें.

मार्च में लग रहा है खरमास: इस तारीख से रुक जाएंगी शादियां और सभी मांगलिक कार्यक्रम

सनातन धर्म में खरमास का बहुत महत्व माना जाता है. खरमास एक माह की अशुभ अवधि मानी जाती है, इसलिए इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन संस्कार जैसे शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही होती है. खरमास साल में दो बार तब लगता है, जब ग्रहों के राजा भगवान सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं. मार्च के इस माह में खरमास लगने वाला है, लेकिन लोगों के मन में संशय है कि 14 या 15 मार्च आखिर खरमास कब से लग रहा है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. साथ ही जानते हैं कि खरमास में शुभ काम क्यों नहीं किए जाते? खरमास कब से शुरू हो रहा है? ज्योतिष गणना अनुसार, आत्मा के कारक सूर्य देव इस साल 15 मार्च को कुंभ राशि से निकलेंगे और इसी दिन 01 बजकर 08 मिनट पर उनका प्रवेश मीन राशि में होगा. मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करते ही 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो जाएगी. भगवान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर मीन संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. वहीं, 14 अप्रैल को खरमास का समापन होगा. इस साल 15 मार्च से शादी-विवाह समेत तमाम शुभ और मागंलिक काम रोक दिए जाएंगे. यही नहीं खरमास के दौरान न किसी बिजनेस की शुरूआत की जाएगी और न ही नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. खरमास में क्यों नहीं होते शुभ काम? ज्योतिष मान्यताओं और धर्म शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य देव का प्रवेश धनु या मीन राशि में होता है, तो उनकी गति और ऊर्जा थोड़ी मंद हो जाती है. इससे उनकी शुभता में कमी आ जाती है. धनु और मीन राशि का स्वामित्व गुरु बृहस्पति के पास है. सूर्य जब इन दोनों राशि में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव भी कम हो जाता है. शुभ कार्यों को करने के लिए सूर्य और गुरु का शुभ होना जरूरी है. यही कारण है कि खरमास में तमाम तरह के शुभ और मांगलिक काम रोक दिए जाते हैं.

05 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा खास लाभ

आज का राशिफल मेष आज के दिन की स्थिति कुछ न कुछ मुश्किलें देने वाली हो सकती हैं, किसी न किसी बात को लेकर घर पर भी कुछ मतभेद बने रह सकते हैं जिन्हें सुलझाना आसान नहीं होगा। आप अपने काम के चलते कुछ यात्रा भी कर सकते हैं जो शायद अभी खर्च और थकान ही बढ़ाने वाली हैं।     करियर – काम के लिहाज से आज के दिन की स्थिति आप को कई मायनों में एक छिपा हुआ कंपटीशन देने वाली है यानी के लोग विरोध में सामने न हों लेकिन पीठ पीछे काफी कुछ चल रहा होगा। कारोबार को लेकर ध्यान से सौदे करने की जरूरत है।     फाइनेंस – पैसों को लेकर आज का दिन आपको खर्च की अधिकता देने वाला है। आप कुछ चीजों की खरीदारी कर सकते हैं।     लव लाइफ – प्यार भरे रिश्ते इस समय होकते हैं किसी दूसरे के चलते विवाद या तनाव का शिकार।     हेल्थ – सेहत के मामले में इस दौरान शरीर में दर्द बुखार या अन्य कोई परेशानी उभर सकती है। आज का राशिफल वृष वृषभ राशि वालों के लिए काम के साथ-साथ इस समय कुछ बदलाव का भी मौका होगा, घर को सजाने या उसमें कुछ चेंज करने की कोशिशें भी अच्छी रहने वाली हैं। इस समय घर पर दोस्तों के आने से अलग ही रौनक लगने वाली है।     करियर – काम के लिहाज से आज आप अपने रचनात्मक पक्ष में ज्यादा अच्छे रहने वाले हैं। इस दौरान आप के काम में कुछ नवीनता दिखाई दे सकती है। इस समय के दौरान काम या किसी सौदे को लेकर यात्रा भी हो सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति की अगर बात करें तो ये समय आपको कुछ अपने ऊपर होने वाले खर्च की स्थिति को अधिक दिखा रहा है।     लव लाइफ – प्रेम संबंध इस समय काफी बातों के चलते रहेंगे आप के लिए कमजोर क्योंकि कोई न कोई शक या संदेह दिलों में ला सकता है दूरी का असर।     हेल्थ – स्वास्थ्य के मामले में इस सप्ताह आप छोटी छोटी बातों से हो सकते से परेशान जिससे दिक्कत हो सकती हैं।   आज का राशिफल मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए आज के दिन की स्थिति रह सकती है कुछ मामलों में उलझनों से भरी हुई। घर पर कुछ काम आप के ध्यान को कर सकते हैं भ्रमित। इस दौरान बच्चों को लेकर उनकी पढ़ाई से संबंधित बातचीत होगी जिसमें आप उनके लिए एक अच्छे मार्गदर्शक बनेंगे।     करियर – कामकाज की अगर बात की जाए तो इस समय कुछ पुरानी बातें या यादें मन पर डाल सकती हैं अपना प्रभाव। इस समय के दौरान लगातार कामकाज में लगे रहना आपको अपने आस पास के माहौल से भी दूर ले जाने वाला हो सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति के मामले में दिन रहेगा कुछ दोस्तों के साथ खर्चीला या फिर किसी भाई बंधु के लिए खरीदारी भी हो सकती है।     लव लाइफ – प्रेम संबंधों की अगर बात की जाए तो इस समय आप अचानक से किसी से मिल सकते हैं या बातचीत आगे बढ़ सकती है।     हेल्थ – सेहत की स्थिति सामान्य रहने वाली है, लेकिन किसी खेलकूद में चोट न लगे इस बात का रखें ख्याल।   आज का राशिफल कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ आत्मविश्वास को देने वाला रह सकता है। आप अपने कामों को लेकर भी सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी पारिवारिक विषय को लेकर मन थोड़ा बेचैन हो सकता है। आज शांत रहते हुए मेहनत करते रहना आपके लिए बेहद आवश्यक रहेगा।     करियर – कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि आप नौकरी में हैं तो अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं, लेकिन अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। निर्णय सोच-समझकर लें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति स्थिर रहने वाली है, किसी जरूरी घरेलू खर्च के कारण बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है।     लव लाइफ – दांपत्य जीवन में आज के दिन एक दूसरे को समय कम ही दे पाते हैं, प्रेम संबंधों में उन बातों से परेशान न हों जो किसी बाहरी व्यक्ति के कारण प्रभावित हो रही है।     हेल्थ – स्वास्थ्य अच्छा रहेगा असर पर यात्रा के दौरान कुछ दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।   आज का राशिफल सिंह सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन काम के साथ साथ घर के लोगों के साथ समय बिताने वाला देगा। परिवार और काम दोनों के बीच संतुलन भी बना सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर परिवार में चर्चा हो सकती है, जिसमें आपकी राय अहम होगी।     करियर – काम के मामले में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आज आगे बढ़ सकता है। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना है। सहकर्मियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।     फाइनेंस – आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें वैसे तो आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं।     लव लाइफ – रिश्तों में आज के दिन घर परिवार की जिम्मेदारी ही बहुत अधिक रहने वाली है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।     हेल्थ – स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान में लापरवाही न करें। गले या सर्दी-जुकाम की हल्की समस्या हो सकती है।   आज का राशिफल कन्या कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अपने ही अनुसार काम करने की इच्छा को बढ़ा सकता है। इस समय घर पर किसी के साथ बातचीत में बहस बढ़ सकती है, इसलिए जितना हो सके आज के दिन आपने स्वभाव में अड़ियल रुख न अपनाएं।     करियर – कार्यक्षेत्र में पुरानी बातें या अनुभव आपके फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। आप किसी नए काम में शामिल होने की इच्छा तो रखेंगे लेकिन इसमें आगे बढ़ना मुश्किल रह सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन मित्रों के साथ बाहर जाना या किसी रिश्तेदार के लिए खरीदारी करने से खर्च बढ़ सकता … Read more

हनुमान चालीसा पाठ का सही समय क्या है? गलती पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली हनुमान चालीसा हिंदू धर्म में सबसे प्रभावशाली और फलदायी स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से भय, रोग, शत्रुता, आर्थिक संकट और ग्रह पीड़ा दूर होती है। बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन शास्त्रों में इसके पाठ से जुड़े कुछ सख्त नियम भी बताए गए हैं। कुछ विशेष समय और अवस्थाओं में हनुमान चालीसा का पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन समयों के बारे में, जब हनुमान चालीसा का पाठ गलती से भी नहीं करना चाहिए। दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ दोपहर के समय वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि दोपहर में हनुमान जी विभीषण को दिए गए वचन के अनुसार, लंका चले जाते हैं। इस समय उनकी उपस्थिति नहीं रहती है। इसलिए दोपहर में पाठ करने से इच्छित फल नहीं मिलता, बल्कि विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय या संध्या काल में हनुमान चालीसा का पाठ सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इन समयों में पाठ करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। मासिक धर्म के समय पाठ से बचें महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में इस अवस्था को शारीरिक और मानसिक विश्राम का समय बताया गया है। इस दौरान पूजा-पाठ और मंत्र जप से दूर रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से महिला के शरीर और मन को आराम मिलता है। इस अवधि में पाठ करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। मासिक धर्म समाप्त होने के बाद शुद्ध होकर पाठ शुरू करें। मृत्यु के समय हनुमान चालीसा का पाठ ना करें घर में किसी की मृत्यु होने पर हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। मृत्यु के बाद परिवार पर शोक और अशौच की स्थिति होती है। इस समय धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है। शोक काल समाप्त होने और शुद्धि संस्कार के बाद ही पाठ शुरू करना चाहिए। मृत्यु के समय पाठ करने से आत्मा की शांति में बाधा आ सकती है और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चे के जन्म के समय पाठ से दूर रहें जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। जन्म के बाद कुछ दिनों तक परिवार पर सूतक माना जाता है। यह समय नवजात और माता की देखभाल के लिए होता है। इस अवधि में पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर देना चाहिए। सूतक समाप्त होने और शुद्ध होने के बाद ही पाठ शुरू करें। ऐसा करने से नवजात का स्वास्थ्य और परिवार की शांति बनी रहती है। हनुमान चालीसा का सही समय और लाभ हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल में करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इन समयों में पाठ करने से भय, रोग, शत्रुता और ग्रह पीड़ा दूर होती है। नियमों का पालन करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। नियमित पाठ से आत्मविश्वास, साहस और सफलता मिलती है। गलत समय में पाठ करने से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें। हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा और नियमों के साथ करें। सही समय पर पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

2026 का नवसंवत्सर रहेगा अनोखा: अधिक मास के कारण बनेगा 13 महीनों का साल

नई दिल्ली Adhik Maas 2026 : वर्ष 2026 आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना दो बार आएगा, जिसके कारण साल में 12 के बजाय कुल 13 महीने होंगे। 17 मई से 15 जून 2026 तक की इस अतिरिक्त अवधि को अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा। खगोलीय विज्ञान और अधिक मास का आधार अधिक मास का सीधा संबंध सूरज और चंद्रमा की चाल के बीच के अंतर को पाटने से है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो एक चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिनों का। हर साल इन दोनों के बीच करीब 11 दिनों का फासला रह जाता है। जब यह अंतर बढ़ते-बढ़ते 30 दिनों के बराबर हो जाता है, तब पंचांग में संतुलन बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। इसी गणितीय गणना के कारण 2026 में ज्येष्ठ का महीना दो बार पड़ रहा है।   पौराणिक कथा और पुरुषोत्तम नाम की महिमा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी नहीं था, तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ देकर इसे अत्यंत पवित्र बना दिया। इसी मास का संबंध भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप के वध से भी जोड़ा जाता है। चूंकि हिरण्यकश्यप को वरदान था कि उसे साल के 12 महीनों में से कोई नहीं मार पाएगा, इसलिए भगवान ने इस 13वें महीने का सृजन कर अधर्म का अंत किया। यह समय धर्म की स्थापना और नकारात्मकता के विनाश का प्रतीक माना जाता है। साधना और आत्मचिंतन का विशेष समय पंडितों और विद्वानों का मानना है कि अधिक मास कोई अशुभ समय नहीं है बल्कि यह ईश्वर की भक्ति के लिए रिजर्व रखा गया समय है। 17 मई से 15 जून के बीच अधिक मास महात्म्य का पाठ करना या कथा सुनना बहुत शुभ होता है। यह अवधि हमें भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेकर आत्म-मंथन करने और अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है।   वर्जित कार्य और विशेष सावधानी चूंकि यह समय पूरी तरह से ईश्वर की आराधना के लिए समर्पित है, इसलिए इस दौरान सांसारिक मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। अधिक मास में निम्नलिखित कार्य टाल देने चाहिए: विवाह और सगाई के कार्यक्रम। नया व्यापार या दुकान की शुरुआत। गृह प्रवेश और भूमि पूजन। मुंडन, जनेऊ या अन्य संस्कार। दान-पुण्य और लोकहित का महत्व इस महीने में किए गए सत्कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। गरीबों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता करना, हवन और गीता का पाठ करना इस समय की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। यह महीना हमें सिखाता है कि सेवा और सकारात्मक सोच ही जीवन में वास्तविक सुख और शांति लाती है।

भोर में आने वाले सपनों का क्या अर्थ है? ब्रह्म मुहूर्त का आध्यात्मिक रहस्य

अक्सर कहा जाता है कि सुबह का सपना सच होता है. हम में से कई लोगों ने बचपन से ही बड़े-बुजुर्गों से यह बात सुनी है. लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क है या यह महज एक लोक मान्यता है? विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपनों को लेकर भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व दिया गया है. आइए स्वप्न शास्त्र के अनुसार जानते हैं सुबह के सपनों का क्या मतलब है और इनके पीछे छिपा रहस्य क्या है. क्या होता है ब्रह्म मुहूर्त? हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र समय माना गया है. यह समय सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है. मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक होती है और मन शांत एवं निर्मल रहता है. इसलिए इस समय पूजा-पाठ, ध्यान और जप करना बेहद शुभ माना गया है. क्यों खास होते हैं सुबह के सपने? ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र के अनुसार, रात के आखिरी पहर यानी ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं. इसके पीछे कुछ कारण बताए गए हैं. इस समय मन गहरी नींद से हल्की अवस्था में आ जाता है. अवचेतन मन सक्रिय रहता है. आसपास का वातावरण शांत और ऊर्जा से भरपूर होता है. इसी वजह से इस समय देखे गए सपने भविष्य के संकेत माने जाते हैं. शुभ सपनों के संकेत स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर ब्रह्म मुहूर्त में ये चीजें दिखें तो इसे शुभ माना जाता है.     मंदिर, देवी-देवता या भगवान का दर्शन     साफ पानी या नदी में स्नान     फूल, दीपक या उजाला     सफेद वस्त्र पहने लोग ऐसे सपने सुख, सफलता और शुभ समाचार का संकेत देते हैं. अशुभ सपनों का क्या मतलब? अगर सुबह के समय बुरे या डरावने सपने आएं, जैसे गिरना, रोना, अंधेरा या तूफान, झगड़ा तो इस तरह के सपनों को मानसिक तनाव या आने वाली चुनौती का संकेत माना जाता है. क्या हर सपना सच होता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में देखा गया सपना कुछ ही दिनों में फल दे सकता है. लेकिन आधुनिक विज्ञान इसे मन की कल्पना और मानसिक स्थिति से जोड़कर देखता है. इसलिए हर सपना सच हो, यह जरूरी नहीं है. क्या करें अगर सुबह सपना याद रहे?     भगवान का स्मरण करें.     सकारात्मक रहें और किसी भी डर को मन में न बसने दें.  

मार्च में लगेगा खरमास, क्या इस महीने होंगे विवाह? जानें पूरे मुहूर्त की जानकारी

सनातन धर्म में खरमास अशुभ समय माना जाता है. ये एक माह की अवधि होती है. अशुभ माने जाने की वजह से इस अवधि में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है. एक साल में दो बार खरमास लगता है. पहला खरमास मार्च या अप्रैल में लगता है, तो दूसरा खरमास नवंबर या दिसंबर में लगता है. पंचांग के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य देव के गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने पर खरमास लगता है. खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि शुभ काम सब रोक दिए जाते हैं. मान्यता है कि जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के प्रभावों में कमी आ जाती है. वहीं गुरु के शुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं. शुभ कामों विशेषकर विवाह के लिए सूर्य और गुरु की शुभता आवश्क मानी जाती है. मार्च के माह में खरमास लगने वाला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास से पहले मार्च के महीने में कितने विवाह मुहूर्त हैं. मार्च में कब लग रहा है खरमास? अभी सूर्य देव श​नि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सूर्य मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. उसके साथ ही मार्च के खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. ये खरमास एक माह तक रहेगा. इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर 14 अप्रैल को सुबह में 9 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसी दिन खरमास का समापन होगा. मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त 2 मार्च- सोमवार, 3 मार्च- मंगलवार, 4 मार्च- बुधवार, 7 मार्च- शनिवार, 8 मार्च- रविवार, 9 मार्च- सोमवार, 11 मार्च- बुधवार, 12 मार्च- गुरुवार. विवाह मुहूर्त तय करते समय रखें इन बातों ध्यान     अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ कही जाती है.     शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज     विवाह के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी     विवाह के लिए शुभ वार:सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला होता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय होते थे.  

होली के बाद भाई दूज कब है? 4–5 मार्च की उलझन खत्म, जानें भ्रातृ द्वितीया का मुहूर्त व विधि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है और हर का अपना-अपना महत्व है। पहला भाई दूज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और दूसरा कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ने वाले भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाने के साथ सुख-समृद्धि, उज्जवल भविष्य और लंबी आयु की कामना करती हैं। इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने के कारण भाई दूज की सही तिथि को लेकर काफी असमंजस स्थिति बनी हुई है। जानें होली भाई दूज की सही तिथि, तिलक लगाने का सही समय से लेकर विधि तक…. कब है होली भाई दूज 2026? चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ- 4 मार्च को शाम 4 बजकर 48 मिनट से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त- 5 मार्च को शाम 05:03 बजे होली भाई दूज 2026 तिथि– 5 मार्च 2026, गुरुवार होली भाई दूज 2026 भाई को तिलक करने का मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि सुबह से लेकर शाम 5:03 तक है। इस दौरान बहनें भाई को तिलक लगा सकती है। लेकिन राहुकाल का अवश्य ध्यान रखें। होली भाई दूज 2026 राहुकाल का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, दोपहर 2:05 से दोपहर 3:33 तक राहुकाल है। होली भाई दूज का चौघड़ियां मुहूर्त शुभ – उत्तम- 06:42 ए एम से 08:10 ए एम लाभ – उन्नति- 12:33 पी एम से 02:00 पी एम अमृत – सर्वोत्तम- 02:00 पी एम से 03:28 पी एम शुभ-उत्तम- 04:56 पी एम से 06:23 होली भाई दूज पर बहनें ऐसे करें तिलक द्वितीया तिथि को शुभ मुहूर्त पर एक थाली में सिंदूर, चंदन, अक्षत, मिठाई, गुझिया और घी का दीपक रख लें। इसके बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के बाद भाई को एक लकड़ी की चौकी या फिर ऊंचेे स्थान में बैठाएं। इसके बाद उसके सिर पर कपड़ा या रुमाल रखें। फिर माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं और मिठाई खिलाएं। फिर घी के दीपक से उसकी आरती उतार लें। अंत में भाई अपनी बहन के पैर छूकर सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद लें और कुछ उपहार दें।

होली की सुबह भूलकर भी न छोड़ें यह काम, पूरे वर्ष बनी रहेगी खुशहाली

हिंदू धर्म में होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी एक विशेष अवसर होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति की सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं. इस साल होलिका दहन 3 मार्च को है और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी. दिवाली की तरह ही होली की सुबह भी मां लक्ष्मी और सुख-समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं उन अचूक उपायों के बारे में जिन्हें होली की सुबह करने से आपके घर में पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होगी. सूर्योदय से पहले स्नान कर करें पूजा होली की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या हल्दी मिला लें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने इष्टदेव का पूजन करें. मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है. पीपल या तुलसी में जल अर्पित करें होली की सुबह स्नान के बाद पीपल या तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं. जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत (चावल) मिला सकते हैं. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर लगाएं गुलाल का तिलक होली के दिन सुबह घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी या गुलाल से स्वस्तिक बनाएं. साथ ही घर के सदस्यों के माथे पर चंदन या गुलाल का तिलक लगाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है. धन वृद्धि के लिए करें ये सरल उपाय एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, 5 कौड़ियां और चांदी का सिक्का बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह उपाय आर्थिक संकट दूर करने और धन वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है. होलिका दहन की राख का करें प्रयोग 3 मार्च को होने वाले होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी सी राख घर लाकर सुरक्षित रखें. होली की सुबह उस राख का तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. यह उपाय विशेष रूप से परिवार की सुरक्षा और उन्नति के लिए शुभ माना गया है. जरूरतमंदों को रंग और मिठाई दान करें होली के दिन सुबह किसी जरूरतमंद को रंग, मिठाई या वस्त्र दान करें. दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

04 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्य, जानें किसके लिए है लाभकारी दिन

मेष राशि आज आप पार्टनर का खास ध्यान रखें क्योंकि वे किसी बात पर आपसे नाराज़ हो सकते हैं। पुरानी बातों को दोबारा न छेड़ें। रिश्ते को संभालने और बचाने की कोशिश करें, तभी स्थिति सुधरेगी। वृषभ राशि वृषभ राशि के लव लाइफ में आज कोई नया व्यक्ति आ सकता है। कमिटेड लोगों के पार्टनर किसी बात से नाराज़ हो सकते हैं। आपको सलाह है कि बेवजह की बहस से बचें, शांति और समझदारी से काम लें। मिथुन राशि मिथुन राशि के प्रेम जीवन में आज प्यार भरी बातें होंगी। साथ में कोई खास प्लान बन सकता है। पार्टनर के साथ घूमने जाने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ता और मजबूत होगा। कर्क राशि कर्क राशि के लव लाइफ में बिना कुछ कहे भी गलतफहमी बढ़ सकती है। पार्टनर से विवाद संभव है और शक की स्थिति बन सकती है। हालांकि शाम तक माहौल फिर से सामान्य हो जाएगा। सिंह राशि आपके रिलेशनशिप में कुछ मुद्दे बढ़ सकते हैं। कोई पुरानी बात आपको परेशान करेगी जिसके कारण मूड ऑफ रह सकता है, इसलिए धैर्य से काम लें। कन्या राशि कन्या राशि के लव लाइफ की स्थिति आज अच्छी रहने वाली है। डेट पर जाने का प्लान बन सकता है। कोई ऑनलाइन मैसेज आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। प्यार में नया ट्विस्ट आएगा। तुला राशि तुला राशि के रिश्ते में आज प्यार जताना जरूरी है, वरना दूरी बढ़ सकती है। पुराना विवाद खत्म करना ही बेहतर रहेगा। आपको सलाह है कि दूसरों की बात पर यकीन ना करें।  वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि को कोई नया पसंद आ सकता है। कुछ लोगों का मूड आज थोड़ा ऑफ रह सकता है, खासकर शाम के समय। फिर भी प्यार को मौका देने की कोशिश करें। धनु राशि धनु राशि के लोगों को आज ज्यादा ओवरथिंकिंग करने से बचाव करना होगा। पुराने दिन फिर से खास बन सकते हैं। रात में प्यार भरी बातचीत होगी, लेकिन नींद कम आ सकती है। मकर राशि आज मकर राशि को पुराना प्यार याद आ सकता है और उसकी कमी महसूस होगी। शाम तक मूड हल्का करने के लिए कहीं घूमने जा सकते हैं। पार्टनर को बहुत मिस करेंगे। कुंभ राशि कुंभ राशि को लोगों के मन में आज पार्टनर की जिंदगी को लेकर सवाल आएंगे। आप उन्हें बहुत प्यार करते हैं, इसलिए छोड़ना मुश्किल लगेगा। आज अपने मन को मजबूत रखना होगा। मीन राशि मीन राशि के प्रेम जीवन में आज कोई नया व्यक्ति बीच में आ सकता है। पार्टनर से दिल की बातें करें। साथ में घूमने या डिनर डेट का प्लान बन सकता है।

चंद्र ग्रहण आज: भारत में 6:20 के बाद होगा दृश्य, 25 मिनट तक रहेगा असर

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साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है. भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा. दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय     दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.     कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.     वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.     पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.     भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.     गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.     चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.     बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.     हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा. इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ग्रहण के बाद क्या करें? शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

चंद्र ग्रहण 2026 LIVE: 6:48 बजे मोक्ष काल, भारत में कुछ मिनटों के लिए दिखेगा लालिमा लिए ‘ब्लड मून’

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नई दिल्ली 3 मार्च 2026, मंगलवार (फाल्गुन पूर्णिमा) को साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है। दोपहर 3:20 बजे ग्रहण का स्पर्श काल प्रारंभ हुआ और इसी के साथ यह खगोलीय घटना आधिकारिक रूप से शुरू मानी गई। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण है, जिसमें पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा के एक हिस्से पर डालती है। इसी कारण चंद्रमा का कुछ भाग ढका हुआ दिखाई देता है। खगोलीय दृष्टि से यह पूरी तरह प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के कारण समय-समय पर होती रहती है। लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने के कारण इस ग्रहण को और भी अहम माना जा रहा है। यह भारत में ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा- यानी चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण नजर आएगा। कब से कब तक रहेगा ग्रहण? भारतीय समयानुसार ग्रहण की प्रमुख टाइमिंग इस प्रकार है: ग्रहण प्रारंभ (स्पर्श): दोपहर 3:20 बजे ग्रहण मध्य: शाम 5:05 बजे ग्रहण समाप्ति (मोक्ष): शाम 6:48 बजे उपच्छाया समाप्ति: रात 7:55 बजे हालांकि यह पूरा समय भारत में दिखाई नहीं देगा। वजह यह है कि ग्रहण शुरू होने के समय देश में दिन रहेगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा। यानी जब यहां चंद्रमा उदय होगा, तब तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका होगा। क्यों कहा जा रहा है ‘ब्लड मून’?- ग्रहण के दौरान जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढकती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते हुए चंद्रमा तक पहुंचती हैं। इस प्रक्रिया में लाल रंग की किरणें ज्यादा परावर्तित होती हैं। इसी वजह से चंद्रमा तांबे या लालिमा लिए दिखाई देता है। इसी कारण इसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित- वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित घटना है। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है और इसके लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती। भारत में कितनी देर दिखेगा ग्रहण?- भारत में चंद्रमा शाम को उदय होगा, इसलिए लोग ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा ही देख पाएंगे। अधिकांश शहरों में यह दृश्य लगभग 20 से 25 मिनट तक ही दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा, इसलिए चंद्रोदय के बाद यानी लगभग 6:20–6:30 बजे के बीच (शहर अनुसार अलग-अलग) से लेकर 6:48 बजे तक ही इसका अंतिम हिस्सा नजर आएगा। उत्तर-पूर्वी राज्यों- जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर – में चंद्रमा सबसे पहले उदय होता है, इसलिए वहां दृश्यता का समय अपेक्षाकृत अधिक रहेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में ग्रहण नजर आएगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में ग्रहण लगभग 6:22 बजे के बाद दिखाई देगा और 6:48 बजे मोक्ष तक ही सीमित रहेगा। पश्चिमी भारत- मुंबई, गुजरात और राजस्थान- में यह अवधि और भी कम हो सकती है। सूतक काल का महत्व- ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक सुबह लगभग 6:20 बजे से प्रभावी है और ग्रहण समाप्ति यानी 6:48 बजे तक रहेगा। सूतक के दौरान परंपरागत रूप से मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं, शुभ कार्यों को टाला जाता है और कई लोग भोजन बनाने या ग्रहण करने से परहेज करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण का दैनिक जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जाता। 2026 में कितने चंद्र ग्रहण?- साल 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण होंगे। हालांकि भारत में केवल 3 मार्च का ग्रहण ही दिखाई देगा। वर्ष का दूसरा ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा।  

चंद्र ग्रहण का प्रभाव: 3 मार्च को सिंह राशि में ग्रहण, कर्क-कन्या-मीन रहें Alert

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साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर पर कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों पर संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय। कर्क राशि: धन और स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक माना जाता है। ग्रहण आपके धन भाव में प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, सामाजिक या पारिवारिक विवाद से बचें। आंख, गला या पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। उपाय: चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें और सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें। कन्या राशि: खर्च बढ़ने की आशंका कन्या राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव (हानि भाव) में प्रभाव डालेगा। इस कारण संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर खर्च बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें और ऑफिस राजनीति से दूरी बनाए रखें। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ रहेगा। मीन राशि: शत्रु पक्ष से सावधान मीन राशि के लिए ग्रहण छठे भाव में प्रभाव डालेगा, जो शत्रु और ऋण का भाव माना जाता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कार्यों में सावधानी रखें। ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें, धोखाधड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अनावश्यक खर्च और गलत संगति से बचें। उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और गरीबों को दान करें। ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करें। ग्रहण के बाद स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान दें। क्या न करें: ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचें (धार्मिक मान्यता अनुसार)। बड़े आर्थिक फैसले टालें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, फिर भी कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को 3 मार्च 2026 के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उचित उपाय अपनाकर संभावित नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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