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1479 करोड़ के बजट के बंटवारे का अधिकार हाथ से छीनने के भय से ठेके पर देने में वन विभाग कर रहा है ना-नुकुर

The Forest Department is reluctant to give the right to distribute the budget of Rs 1479 crore on contract due to the fear of snatching it away. भोपाल। राज्य शासन को अपने एक आदेश का पालन कराने के लिए अब तक एक के बाद एक, चार आदेश जारी करना पड़े। इसके बाद भी उस पर क्रियान्वयन होने में 6 महीने का समय और लग सकता है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वन विभाग के कैंपा शाखा और विकास शाखा में पदस्थ पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि रिटायरमेंट के पहले ही बजट बांटने का अधिकार उनके हाथ से निकल जाए। यही वजह है कि मैन्युअल और शर्तों के निर्धारण की आड़ में पीसीसीएफ द्वय टेंडर प्रक्रिया से वानिकी कार्य कराने संबंधित आदेश का क्रियान्वयन अक्टूबर-नवंबर तक टालने की उधेड़बुन में लगे हैं। अक्टूबर में पीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ (कैम्पा) और नवंबर में पीसीसीएफ (विकास) उत्तम कुमार सुबुद्धि सेवानिवृत होने जा रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अंधा बांटे रेवड़ी….की तर्ज पर कैंपा शाखा 959 करोड़ और विकास शाखा 520 करोड रुपए का बंदरबांट किया जाता है। प्रदेश में वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ जंगलों की सुरक्षा और बढ़ते अपराध पर रोकने की दिशा में पूरा अमला मुस्तैद रहे। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने वन विभाग में अधोसंरचना निर्माण कार्य, पशु अवरोधक दीवार से लेकर वारवेड वायर एवं चैनलिंक फेंसिंग और पॉलीहाउस आदि के कार्य निविदा बुलाकर कराने का पहला आदेश 29 मई 23 को प्रसारित किया था। जबकि इसकी स्क्रिप्ट 29 अप्रैल 22 को लिखी गई थी। तत्कालीन वन मंत्री डॉ विजय शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के सभी अधिकारियों को निविदा बुलाकर वानिकी कार्य करने के निर्देश दिए थे। यहीं नहीं, शाह ने विकास शाखा के तत्कालीन प्रमुख चितरंजन त्यागी को इसके लिए नियम और शर्तें बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। चूंकि त्यागी अक्टूबर 22 में रिटायर होने वाले थे, इसलिए नियम बनाने में टालमटोल करते रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। जब एसीएस जेएन कंसोटिया ने वन विभाग का दायित्व संभाला तब फिर से निविदा बुलाकर कार्य करने संबंधित फाइल मंत्रालय में मूव होने लगी। 29 मई 23 को शासन ने पहला आदेश जारी किया कि 2 लाख के कार्य विभागीय रूप से किया जाएगा। विभागीय अधोसंरचना निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग के निर्माण कार्यों की दरों के आधार पर वन विभाग अपने मैन्युअल के आधार पर कराए। 31 दिसंबर तक निविदा प्रक्रिया के स्थान पर विभाग में पुरानी व्यवस्था अनुसार निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाती है। 1 जनवरी 24 से जो भी कार्य प्रारंभ हो, उन्हें निविदा प्रक्रिया के उपरांत कराए जाएं। विभागीय अफसरों ने नहीं दिखाई रुचि वन बल प्रमुख से लेकर कैंपा शाखा और विकास शाखा के प्रमुख तक शासन के आदेश के क्रियान्वयन में कोई रुचि नहीं दिखाई। 31 दिसंबर 23 तक पूर्व वन बल प्रमुख आरके गुप्ता चाहते थे कि उनके सेवानिवृत होने के बाद इस पर क्रियान्वयन हो। यही वजह रही कि शासन के 29 में 23, 17 अगस्त 23 और 19 अक्टूबर 23 को जारी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो पाया। इस बीच सभी पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन बनाकर अपर मुख्य सचिव कंसोटिया को सौपा। इसमें निविदा से कार्य करने की तमाम सारी विसंगतियां बताई गई थी। बताते हैं कि कंसोटिया भी विभाग के शीर्ष अधिकारियों के तर्क पर सहमत हो गए थे। निविदा से कार्य करने का मामला ठंडा पड़ चुका था। अचानक 7 मार्च 24 को कंसोटिया ने फिर से आदेश जारी करने का हुक्म अपने मातहत को दिया। आदेश जारी होते वन भवन से फील्ड तक में हड़कंप मच गया। वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और उनके सिपहसालार पीसीसीएफ सक्रिय हुए। वन बल प्रमुख ने आनन-फानन में पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इसके लिए वन विभाग एक मैन्युअल और शर्ते बनाए। ऐसा करने में 6 महीने का समय निकल जाएगा और तब तक 1479 करोड़ रुपए का 30% बजट पहले त्रेमासिक के लिए पुरानी व्यवस्था के आधार पर चहेते डीएफओ को अपने मन माफिक बजट आवंटित कर दिया जाएगा। बैठक में ही उपस्थित एक सीनियर आईएफएस अधिकारी का कहना है कि मैन्युअल और शर्ते बनाने में अधिक से अधिक 1 महीने का समय लग सकता है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में अफसर चाहे तो 15-20 दिन में ही मैन्युअल और निविदा की शर्ते से बना सकते है। चर्चा है कि कैंपा और विकास शाखा में पदस्थ से पीसीसीएफ नहीं चाहते हैं कि उनके रिटायरमेंट के पहले शासन के आदेश पर क्रियान्वयन हो।

भाजयुमो ने प्रदेश के सभी मंडलों पर मनाया भाजपा स्थापना दिवस

BJYM celebrated BJP Foundation Day in all the divisions of the state भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार ने भोपाल में वार्ड क्रमांक 50 के बूथ क्रमांक 202 पर महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई व कार्यकर्ताओं के यहां घर-घर पार्टी का झंडा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता कर नमो ऐप के माध्यम से डोनेशन किया।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा ही संगठन के भाव को समर्पित संगठन है। राष्ट्र सेवा और जन सेवा ही हमारे मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक यथा संभव माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागी बनकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रदेशभर में स्थापना दिवस मनाया है और माइक्रो डोनेशन अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह स्थापना दिवस हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा को निरंतर मिल रहे अपार जनसमर्थन के साथ हम सभी को मिलकर मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए अपनी भूमिका निभाना है। प्रदेश अध्यक्ष ने इंदौर संभाग में की बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार शनिवार को इंदौर पहुंचे और उन्होंने इंदौर संभाग के युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बीते चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उल्लेख हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी पूरे मन से किया था। हमें इस बार भी लोकसभा चुनाव में दोगुनी ताकत के साथ संगठन कार्यों को सिद्धि तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व मिला है। आज विदेशों में भी भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अंत्योदय की बात हमारे महापुरुषों ने सोची थी आज उसे मोदी जी के नेतृत्व में हम पूरा होते देख रहे हैं। इसलिए हम सभी मोर्चा कार्यकर्ताओं का भी ये दायित्व बनता है कि हम लाभार्थियों से संपर्क करें उन तक मोदी जी की राम राम भी पहुंचाएं और बदलते भारत की चर्चा युवाओं के साथ करें। उन्होंने कहा कि नवमतदाताओं को इस बात से जरूर अवगत कराएं कि कांग्रेस शासन में देभ की स्थिति क्या थी और मोदी जी के नेतृत्व में आज स्थिति कितनी बदल गयी है।

प्रदेश की बची 3 सीटों पर कांग्रेस ने उतारे प्रत्याशी, ग्वालियर, मुरैना और खंडवा से किसे मिला टिकट

Congress fielded candidates on the remaining 3 seats of the state, who got the ticket from Gwalior, Morena and Khandwa? लोकसभा चुनाव 2024: मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने बची हुई 3 सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. ग्वालियर, मुरैना और खंडवा सीट पर उम्मीदवार उतारे गए हैं. अब मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बची हुई 3 लोकसभा सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. मुरैना से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को टिकट दिया गया है. ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को मैदान में उतारा गया है, जबकि खंडवा से नरेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है. खण्डवा से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को टिकट नहीं दिया गया है.कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश की सभी 28 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, बाकी एक सीट पर इंडिया गठबंधन के खजुराहो लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया, लेकिन एक दिन पहले उनका नामांकन फॉर्म रिजेक्ट हो गया. फिलहाल मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. इधर, भाजपा पहले ही राज्य की 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है. ग्वालियर लोकसभा सीटग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को टिकट दिया है. पाठक पहली बार 2018 ग्वालियर दक्षिण सीट से चुनाव में पहलीबार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को हराया था. हालांकि, 2023 में हुए विधानसभा चुनाव प्रवीण पाठक को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें पूर्व प्रतिद्वंदी नारायण सिंह कुशवाह ने हराया था.

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

पिछले साल से टैक्स वसूली में लक्ष्य से पिछड़ा नगर निगम, आखिरी दिन वसूले 14 करोड़

Municipal Corporation lagged behind the target in tax collection since last year, recovered Rs 14 crore on the last day जोनल अधिकारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, दो वार्ड प्रभारी और दो प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को आयुक्त ने किया नोटिस जारी भोपाल। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष के आखिरी दिन 14 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली की। इस तरह निगम ने इस साल करीब 350 करोड़ से ज्यादा की वसूली की, जो तय आंकड़े से करीब 75 करोड़ कम है। दरअसल नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2023.24 के लिए 425 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखा थाए लेकिन पूरे साल सरकारी योजनाओं पर काम करने के चलते राजस्व अमला तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया। रविवार को वसूली का आखिरी दिन था, लिहाजा निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने राजस्व वसूली कार्य का औचक निरीक्षण किया और जोनल अधिकारियों एवं वार्ड प्रभारियों से विभिन्न मदों में की गई राजस्व वसूली व बकायादारों से किए गए संपर्क आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की और अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने तथा करों की अदायगी करने आने वाले करदाताओं को राजस्व भुगतान सुविधापूर्ण ढंग से कराने के निर्देश दिए। इसके चलते निगम कार्यालय करीब रात नौ बजे तक खुले रहे। जोनल अधिकारी और वार्ड प्रभारी को जारी किया नोटिसनिगम आयुक्त ने वार्ड क्र. 35 बरखेड़ी में वार्ड कार्यालय के आसपास कचरे के ढ़ेर पाए जाने और नालियां कचरे से भरी हुई पाए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जोन 07 योगेश दुबे, वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 35 अहसान अली एवं प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड क्रं. 35 दीपक जैनवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने वार्ड क्रं 23 में राजस्व एवं सम्पत्तिकर वसूली संतोषजनक न पाए जाने, वार्ड में उपस्थित कर्मचारियों द्वारा वसूली संबंधी जानकारी उपलब्ध न करा पाने तथा वार्ड कार्यालय में समुचित साफ-सफाई व्यवस्था नहीं होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारी जोन क्रं 05 राजभान त्रिपाठी एवं वार्ड प्रभारी वार्ड क्रं. 23 एहसान रजा जैदी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निगम आयुक्त नारायन ने जोन क्रं. 05 के अंतर्गत वार्ड 19 में निरीक्षण के दौरान बालविहार रोड स्थित बालविहार शॉपिंग काम्प्लेक्स के समीप एवं नाले के पास एवं अंदर कचरे के ढेर पाए जाने पर प्रभारी स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वार्ड 19 अनिल कुमार श्रवण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है, उसे ठीक करना है

A lot of junk has happened in Vidisha parliamentary constituency in last 3 decades, it has to be rectified. विदिशा-रायसेन लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा से ‘पुष्पेन्द्र अहिरवार’ का ‘चुनावी साक्षात्कार’ ये भी बोले शर्मा? पुष्पेन्द्र अहिरवार.भोपाल/विदिशा। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने दो बार सांसद रहे प्रतापभानु शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाकर उतारा है। यह सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरी रही है। यहां कुल 15 लोकसभा चुनाव में से कांग्रेस दो बार जीतने में कामयाब रही। यह सीट पर अटल विहारी वाजपेयी और रामनाथ गोयनका, जैसी शंखसियत को संसद भेज चुकी है। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान भी जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। हालही में तथाकथित राजनैतिक वनवास खत्म कर शिवराज सिंह चौहान फिर से मैदान में हैं। उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा हैं। शर्मा इस सीट पर 33 साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे 1980 और 1984 में सांसद चुने गए थे। अब वादाखिलाफी बहुत हो चुकी है। इसके चलते बदलाव बेहद जरूरी है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है। उसको ठीक करने के लिए प्रताप भानू को फिर हथियार उठाने पड़ंेगे। वे हरिभूमि और आईएनएच चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से ‘चुनावी संवाद’ कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। उनसे सीधी बात सवाल: आप लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी क्या है चुनावी रणनीति?जवाब: मैं कांग्रेस पार्टी का अिधकृत प्रत्याशी हूं। पूरी दमखम से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतूंगा भी। भाजपा ने जिस प्रत्याशी को मेरे सामने उतारा है, उन्होंने अपने संसदीय और मुख्यमंत्रित्व काल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जाए। उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह जनता समझ चुकी है। लोकल मुद्दे इतने हो गए हैं कि उसका कोई सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। बेतवा नदी की शुद्धि के लिए शिवराज ने 20 साल पहले कहा था, जो आज तक नहीं हुआ। उद्योग आएंगे, वे भी नहीं आए। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यहां की सांसद सुषमा स्वराज को रेल कारखाना दिया था, जिसका अिस्तत्व नहीं दिख रहा। रोजगार का मुद्दा वहीं का वहीं है। किसानों को फसल के दाम नहीं मिल रहे। महंगाई का मुद्दा तो बना ही हुआ है। ये सब स्थानीय मुद्दे हैं जिनसे लोग परेशान हैं। सवाल: जब शिवराज के प्यादे चुनाव जीत जाते हैं तो अब वजीर खुद मैदान में हैं, कैसे आप जीतेंगे?जवाब: क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझने की जरूरत है। 30 साल के सांसद या मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हमारे क्षेत्र को क्या दिया। नौजवाब को रोजगार के लिए कितने उद्योग लगाए। नेता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता तो वहीं की वहीं खड़ी है। जनता के आशीर्वाद से हम जीतेंगे। नेता तो स्वार्थ की सौदेबाजी करते रहते हैं। भाजपा ने तो ‘दलबदल सेल’ खोल दिया है, यह कितना शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के आवरण में भाजपा ढकी हुई है। लोगों को लालच देकर खरीद रही है। हो सकता है कि शशांक भार्गव हारने के बाद टेंशन आए हों तो वे भाजपा में फोटो खिंचाने चले गए। 50 साल के अनुभव से कह सकता हूं कि जिस तरह की गंदी राजनीति चल रही है, ऐसी कभी नहीं हुई। जब जनता ने ही तय कर लिया कि हमें बदलाव लाना है तो नेताओं के आने-जाने से कुछ नहीं होगा। सवाल: विधानसभा चुनाव के दौरान भी उतना ही आत्मविश्वास था, जितना आज है, इतना आत्मविश्वास कहां से लाते हैं?जवाब: हम वक्त की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्षेत्र की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मप्र में हमारी सरकार रही है। अभी हमारा प्रयास सरकार बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश नहीं बना पाए। इसके कई कारण रहे हैं। प्रत्याशियों ने कई शिकायतें की। सबसे ज्यादा ईवीएम की शिकायतें की, जिनपर चुनाव आयोग मौन रहा है। परिणामों में हेराफेरी की शिकायतें भी आई हैं। यह सब आपने भी देखा है। ईवीएम पर नजर रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरा खेल और हेराफेरी इसी से संभव है। ईवीएम का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है, यह हमें कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: उसी ईवीएम से ही चुनाव हो रहे हैं तो आपके लिए गुंजाइश कहां बची है?जवाब: ईवीएम पर कड़ी निगाह रखेंगे। अब ईवीएम में हेराफेरी बिल्कुल नहीं होने देंगे। यदि हुआ तो उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अब हाथ पर हाथ धरे कांग्रेस नहीं बैठे रहेगी। क्योंकि अब नेता और जनता इस बात को अच्छी से समझ चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे उठाए हैं। आगे भी लड़ाई लड़ंेगे। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि ईवीएम से परिणाम दे रहे हैं, उसके साथ वीवीपेट की पर्ची की भी काउंटिंग की जाए, भले ही दो दिन लग जाएं, तभी परिणाम आएं। इससे डिजीटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को लेकर लोगों में जो शंका है, वह दूर हो जाएगी। अगर मैं कांग्रेस को वोट दे रहा हूं, वो हमें नहीं मिल रहा है तो यह हमारे मताधिकार का हनन है। सवाल: आपके नेता तो पार्टी छोड़ रहे हैं, फिर कैसे जीत रहे हैं आप?जवाब: देखिए, भाजपा सारे साम-दाम-दंड अपनाकर हमारे नेताओं को तोड़ रही है। ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। यह भाजपा का छलकपट जनता देख रही है, वही इसका इस बार जवाब देगी। मेरा मानना है कि इस चुनाव के बाद दलबदलुओं की कोई औकात नहीं रहेगी। कोई 17 हजार कार्यकर्ता या नेता भाजपा में नहीं गए। मेरा दावा है कि भाजपा इन 17 हजार लोगों की लिस्ट प्रकाशित करे, तभी सच्चाई सामने आएगी। कुछ लोग पद या कमाने के लालच से सौदेबाजी करके गए हैं। यदि इस बार दिल्ली में सरकार बदली तो यही जाने वाले नेता उल्टी नाक से पांव रगड़ेंगे, ये मेरा दावा है। सवाल: शिवराज 10 लाख वोटों से जीतने का दावा कर रहे हैं तो आपका क्या होगा?जवाब: उनकी हवाहवाई बात करने की, घोषणावीर होने की पुरानी आदत है। मेरा दावा है कि वे 1 लाख से ज्यादा वोटों से हारेंगे। मप्र का इतिहास देख लीजिए कोई 10 लाख मतों से नहीं जीता। इसी से अंदाजा लगा लीजिए यह कितनी फर्जी … Read more

प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को फिर एक वर्ष की सेवावृद्धि

Principal Secretary of State Assembly AP Singh gets one year extension in service 31 मार्च को समाप्त हो गई थी पहली सेवावृद्धि की अवधि, एक अप्रैल से फिर दी गई। भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह अभी यह दायित्व संभालते रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने उन्हें फिर एक वर्ष के लिए सेवावृद्धि दी गई है। वहीं, लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद शर्मा की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेकर उन्हें विधानसभा का सचिव बनाया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि हमारे यहां अधिकारियों की कमी है। सचिव पर पर शिशिर चौबे की संविदा नियुक्ति दी गई थी पर उनकी अवधि समाप्त होने के बाद से सचिव का पद रिक्त था।विधानसभा अध्यक्ष ने प्रयास कर लोकसभा सचिवालय के संचालक अरविंद सिंह की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर ली हैं। उन्हें सचिव पद पदस्थ किया है। वहीं, अपर सचिव के चार पद हैं। एक पद पर वीडी सिंह पदस्थ हैं, जो सचिवालय के अधिकारी हैं।राज्य वित्त सेवा के अधिकारी वीरेंद्र कुमार की सेवाएं विधानसभा सचिवालय में अपर सचिव पद पर समाहित कर ली गई हैं तो एक पद पर प्रतिनियुक्त पर आए राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उमेश शर्मा पदस्थ हैं।एक पद का प्रभार पुनीत श्रीवास्तव के पास है। उप सचिव स्तर के तीन पद रिक्त हैं। इन स्थितियों को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने शासन की नीति के अनुसार पात्रता रखने वाले कुछ अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया है।

“एक वोट, एक नोट” अभियान ,जीतू पटवारी ने किया शुभारंभ

“One Vote, One Note” campaign launched by Jitu Patwari न्यू मार्केट इलाके में जीतू पटवारी की अगुआई में कांग्रेसियों ने व्यापारियों, ठेला व्यवसायियों के पास पहुंचकर चंदा जुटाया। भोपाल सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव के लिए मांगा समर्थन।कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए जनता से मांगा चंदा, वोट के साथ नोट देने की भी अपील भोपाल ! आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस को दिया गया करोड़ों रुपये की वसूली का नोटिस और पार्टी के फ्रीज किए गए खातों के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेसियों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी शहर के न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा पहुंचे और लोगों से चुनाव के लिए ‘एक वोट, एक नोट’ देने की अपील की। पटवारी सहित भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने भी ठेले संचालकों व दुकान मालिकों से चंदा मांगा। पटवारी ने पहली बार नींबू पानी पिलाने वाले से 10 रुपये का चंदा लिया। इसके बाद न्यू मार्केट में जगह-जगह लगे खाद्य पदार्थों से चंदा मांग रहे हैं। उन्हें कोई 10 तो कोई 20, 50 रुपये चंदा दे रहे हैं। कांग्रेसियों के साथ न्यू मार्केट के कुछ कांग्रेस समर्थक व्यापारी भी इस मुहिम में शामिल हुए और चंदा एकत्र किया। भाजपा को सबक सिखाएगी जनता – जीतूइस मौके पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर कांग्रेसियों व अन्य पार्टियों के नेताओं के घर ईडी, सीबीआइ भेज दी जाती हैं। कभी भाजपा के नेताओं घर ये एजेंसियों क्यों नहीं जाती हैं? कांग्रेस को आम जनता पर भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जनता ही भाजपा को सबक सिखाएगी। कांग्रेस का इस तरह का विरोध प्रदर्शन हर लोकसभा चुनाव क्षेत्र में चलेगा। कांग्रेस के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं है। प्रदेश व देश में सत्ताधारी भाजपा के पास करोड़ों रुपये हैं। वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। धन व बाहुबल का उपयोग चुनाव जीतने के लिए भाजपा करती आई है।

लघु प्रसंस्करण और अनुसंधान केंद्र के लेखों में गड़बड़झाला, प्रबंधक को फटकार, अकाउंटेंट की वेतन वृद्धि रोकी

Irregularities in accounts of Small Processing and Research Center, manager reprimanded, increment of accountant stopped भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के लेखा-जोखा में गड़बड़झाला और भंडार क्रय नियमों के घोर उल्लंघन किए जाने पर जहां उत्पादन प्रबंधको को फटकार लगाई वहीं लेखा प्रभारी नंदलाल कुशवाहा की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये।संघ के पूर्णकालिक प्रबंध संचालक बनने के बाद से ही विभाष ठाकुर एक्शन मूड में नजर आने लगे हैं। सूत्रों ने बताया कि एमडी ठाकुर ने शुक्रवार को प्रशासन केंद्र पहुंचे और निरीक्षण के दौरान केंद्र में टुकड़ों -टुकड़ों में ख़रीदी के बिल वाउचर की जांच करते हुए गड़बड़ी पकड़ी। यह बात अलग है कि एमडी प्रशासन मनोज अग्रवाल के पत्र में उठाए गए गड़बड़ियों की जांच की शुरुआत नहीं हो पाई है। केंद्र में जांच के नाम पर समिति दर समितियां का गठन किया जा रहा है। इन समितियां में भी ऐसे लोगों को शामिल किया जा रहा जो खुद ही संदेह के दायरे में है। जैसे रॉ मैटेरियल समिति में जिस डॉ संजय शर्मा को शामिल किया गया है, वह स्वयं रॉ मटेरियल के मुख्य सप्लायर आर्यन फ़ार्मेसी डायरेक्टर का सहयोगी है। जबकि जांच भी आर्यन फ़ार्मेसी प्रदाय किए गए रॉ मटेरियल की होनी है। ऐसे में समितियां का गठन और जांच केवल रस्म अदाएगी तक सीमित रह जाएगी। उल्लेखनीय बात ये है कि विगत कई वर्षों का उत्पादन रिकॉर्ड और गुणवत्ता जांच रिकॉर्ड की ज़िम्मेदारी डॉ संजय शर्मा और डॉ विजय सिंह और उत्पादन प्रबंधक की थी वो रिकॉर्ड ग़ायब है या बनाये ही नहीं गये। इस पर 28 मार्च को मीटिंग में एसीएस जेएन कंसोटिया ने भी गंभीर आपत्ति ली और जांच कर संबंधित पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। लेकिन इसके उलट, जो जांच के दायरे में है, उन्हें ही समितियों में शामिल किया जा रहा है।उत्पादन प्रबंधन को लगाई फटकारसंघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी की कार्यप्रणाली को लेकर शुक्रवार को बैठक ली। बैठक उन्होंने केंद्र के आय-व्यय और ख़रीदी प्रक्रिया के अलावा उत्पादन प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न उठाये तथा उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहीरवार को फटकार लगाई। उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये सख़्त निर्देश दिये है। ठाकुर ने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार लाने के लिये स्टोर वेरिफिकेशन समिति और कार्य आवंटन को लेकर सख़्त निर्देश केंद्र के सीईओ पीएल फूलजले को दिये है।जांच अधिकारी मिश्रा को नहीं दिए जा रहे हैं दस्तावेजकेंद्र में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रहे दागी एसीएफ मणि शंकर मिश्रा को प्रभारी उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहिरवार जान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कर रहीं है। दस्तावेज मिलने की प्रत्याशा में जांच प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है। प्रभारी उत्पादन प्रबंधक अहिरवार को पत्र लिखकर से मिश्रा ने बिंदुवार जानकारियां मांगी है। कय किये गये दूध, लहसुन, अदरक, निबू आदि कय किये गये सामग्री की राशि व सभी वाउचरों की छायाप्रति प्रस्तुत करें।

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई रंग पंचमी, दिग्विजय सिंह ने जमकर उढ़ाया रंग-गुलाल

Rang Panchami celebrated with great enthusiasm, Digvijay Singh spread colors with gusto होली के पांचवे दिन रंग पंचमी मनाया जाता है. इस दिन लोग जमकर रंग गुलाल खेलते हैं और एक-दूसरे से मिलकर पुराने गिले शिकवे दूर करते हैं. वहीं राजधानी भोपाल में भी हर्षोल्लास के साथ रंग पंचमी मनाई गई. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रोग्राम में शामिल हुए और जमकर रंग-गुलाल खेला. भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के बाद सबसे ज्यादा हर्ष और उल्लास से मनाया जाने वाला पर्व रंग पंचमी है. जो होली से पांच दिन बाद मनाया जाता है. रंग पंचमी पर राजधानी भोपाल के साथ-साथ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में सबसे ज्यादा धूमधाम से रंग पंचमी मनाई जाती है. शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इंदौर में रंग पंचमी के मौके पर निकलने वाली गैर में शामिल हुए हैं. ऐसा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री हैं, जो उज्जैन के गेर में शामिल हुए हैं. राजधानी भोपाल में भी रंग पंचमी जमकर मनाई गई. भोपाल में निकलने वाले जुलूस में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हुए. भोपाल में धूमधाम से मनाई गई रंगपंचमीइंदौर के बाद सबसे ज्यादा रंग पंचमी का त्योहार अगर कहीं मनाया जाता है, तो वह राजधानी भोपाल और इंदौर में मनाया जाता है. यहां आज के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है. भोपाल में आज चौक बाजार में सुबह 10:00 बजे से ही रंग पंचमी मनाने की शुरुआत हो गई थी. इस रंग पंचमी के मौके पर लोग भूत पिशाच और अन्य तरह के कपड़े पहन कर शामिल हुए. चौक बाजार में निकलने वाले इस रंग पंचमी के जुलूस में पुराने शहर के अलावा नए शहर के लोगों ने भी पहुंचकर जुलूस का हिस्सा बने. भोपाल के पुराने शहर में 6 टैंकरों से रंग बरसाया गया. जिसका भोपाल के लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया. भोपाल में रंग पंचमी का जुलूस लोहा बाजार, छोटे भैया कॉर्नर, जनकपुरी सिंधी मार्केट, भवानी चौक, लखेरा पूरा, पीपल चौक, चिंतामणि चौक और इतवारा चौराहे से जैन मंदिर मंगलवार गणपति चौक घोड़ा नक्कास होते हुए हनुमान जी की मड़िया पर समाप्त हुआ. पंचमी के प्रोग्राम में शामिल हुए दिग्विजय सिंहकाफी संख्या में राजधानी में अलग-अलग हिस्सों से लोग रंग पंचमी के जुलूस में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही यहां की जाने वाली विशेष व्यवस्था में टैंकरों से लोगों के ऊपर रंग बरसाने का काम हिंदू उत्सव समिति के सहयोग से किया जाता है. जिला प्रशासन भी इसके लिए विशेष सहयोग करता है. लोगों में भाईचारा बढ़ाने के लिए, लोग होली के बाद एक बार फिर से एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रंग गुलाल का आनंद उठा सके, इसलिए यहां पंचमी के जुलूस को निकाला जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी.

आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में आ रहा पसीना

Excise department is struggling to sell 16 liquor shops of 6 groups of the district. भोपाल। आबकारी विभाग को जिले के 6 समूहों की 16 शराब दुकानें बेचने में पसीना आ रहा है। इन्हें बेचने के लिए विभाग ने रिजर्व प्राइस (आरपी) 13 फीसदी कम कर दी है। इधर, शुक्रवार को पांचवें चरण के लिए बुलाए गए ई-टेंडर खोले गए। इसमें से दो समूह की सिर्फ 5 दुकानें आरपी से 11.50 फीसदी कम पर बिकी है। इनमें न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानें आरपी से 9.40 प्रतिशत और झिरनिया समूह की 2 दुकानें 12.70 प्रतिशत कम पर गई है। बचे हुए 4 समूहों की 11 दुकानों के लिए शनिवार को टेंडर जारी किए जाएंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार, न्यू मार्केट समूह की 3 दुकानों के लिए 5 टेंडर आए थे। इनमें एच-वन आॅफर रिजर्व प्राइस से 9.40 प्रतिशत कम का रहा, जबकि इसी आरपी 31.26 करोड़ निर्धारित की गई थी। इस समूह का ठेका मनीष शिवहरे को मिला है। पहले इस समूह के पास नेहरू नगर की दुकानों का ठेका था। इसी प्रकार झिरनिया समूह की दो दुकानों के सिर्फ टेंडर प्राप्त हुआ जो एच-1 से 12.7 प्रतिशत कम है। इसकी आरपी 7.79 करोड़ रुपए थी। यह ठेका रामस्वरूप (लल्ला) को मिला है। इधर आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दरों पर गई है। मालूम हो कि इस बार आबकारी ने पिछले साल की तुलना में ठेके 15 फीसदी ज्यादा दरों पर निर्धारित किए थे। मालूम हो कि जिले में 35 समूहों की 87 शराब दुकानें है। इनमें से अब 4 समूह को 11 दुकानें बिकने से रह गई है। 31 मार्च तक ये दुकानें नहीं बिकती है, तो आबकारी अमला इन दुकानों से शराब बेचेगा।

कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, सीएम मोहन से मिलने पहुंचे विधायक कमलेश शाह

Congress may face a big blow, MLA Kamlesh Shah arrives to meet CM Mohan लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह शुक्रवार को सीएम मोहन यादव से मिलने के लिए भोपाल पहुंचे हैं.कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने अमरवाडा विधानसभा के विधायक कमलेश शाह भोपाल पहुंचे हैं. वे आज बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

ट्रेनों में चोरी की घटना रोकने के लिए रेलवे कोच के गेट पर लगाए हाईटेक कैमरे

Hi-tech cameras installed at railway coach gates to prevent theft in trains निशातपुरा कोच फैक्टरी में भोपाल मंडल सहित पमरे जोन की ट्रेनों के कोचों में लगाए जा सकते है कैमरे भोपाल। रेलवे लगातार यात्रियों को आधुनिक सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके लिए रोजाना नई-नई योजना पर काम कर रहा है। इसी के तहत अब रेलवे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं पर लगाम लगाने के लिए कोचों गेट पर हाईटेक कैमरे लगाने जा रहा है। यह चेहरा पहचानने वाले आधुनिक सीसीटीवी कैमरे होंगे। जोकि मास्क लगा फेस भी पहचान सकेंगे। पमरे जोन व भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्ट्री में इन कैमरो लगाने पर योजना पर काम चल रहा है। दरअसल विगत दिनों पमरे जोन की जीएम शोभना बंदोपाध्याय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा अन्य काम दिलाने की मांग की थी। जिसके बाद जोन मुख्यालय द्वारा इस काम को कोच फैक्टरी में कराने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड का यह है प्लानरेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस योजना के तहत करीब 38 हजार से अधिक कोच में 8 कैमरे लगाए जाएंगे। तो वहीं 2700 कोच में 5 कैमरे लगाए जाएंगे। तो कुछ कोचों में 4 व 6 कैमरे लगाने की योजना है। इससे ट्रेनों में चोरी की घटनाएं में कमी आ सकेगी। दरअसल पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए है। जब ट्रेनों में चोरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियां सामने आई है। लेकिन तकनीकी की कमी के चलते कई बार चोर व इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। मास्क भी नहीं बचा सकेगा चोरों को रेलवे बोर्ड इस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगा। लेकिन पमरे जोन की योजना है कि जोन की ट्रेनों में निशातपुरा कोच फैक्टरी में ही इस कैमरों को लगाए जा सके। इसके लिए जल्द ही बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन कैमरों में एक खास तरह की इमेज क्रॉपिंग टूल होगा। जोकि सनग्लास, स्कार्फ व चेहरा आधा ढंका होने पर भी पहचान हो सकेगी। इससे चोरी या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने वाले लोग मास्क का साहारे भी नहीं बच सकेंगे।

हमीदिया अस्पताल: लिफ्ट बंद हैं, 200 सीढ़ियां चढ़कर 11 मंजिल पर पहुंच रहे दिल के मरीज

Hamidia Hospital: Lifts are closed, heart patients climbing 200 stairs to reach 11th floor अस्पताल के एच 1 ब्लॉक में 11 वी मंजिल पर है कार्डियोलॉजी ब्लॉक, हड्डी रोग, सर्जरी के साथ ओटी कॉम्प्लेक्स भी यही भोपाल। हमीदिया अस्पताल में दिल के ऑपरेशन हो या हड्डी का, डॉक्टर इन्हें कम से कम शारीरिक श्रम की सलाह देता है। लेकिन इन मरीजों को ऑपरेशन के बाद वार्ड तक पहुंचने के लिए 150 से 200 सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट बंद पड़ी हैं। ऐसे में मरीजों को वार्ड या आईसीयू तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां या लिफ्ट कर सहारा लेना पड़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक वन में कुल 13 लिफ्ट हैंं, इसमें से चार मरीजों के लिए हैं। इमरजेंसी, डॉक्टर्स, लॉजिस्टिक के लिए भी अलग लिफ्ट आरक्षित हैं। इनमें से सिर्फ एक ही लिफ्ट काम कर रही है, यही वजह है कि कई मरीज सीढ़यों व रैंप के जरिए आना जाना करने को मजबूर हैं। नए बने ब्लॉक वन में चरमरा रहीं व्यवस्थाएं नए बने ब्लॉक वन में कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, आॅथोर्पेडिक, एनेस्थीसिया, ओटी कॉमप्लेक्स, सर्जरी, मेडिसिन, साइकाइट्री, ईएनटी, रेडियो डायग्नोसिस समेत अन्य अहम विभाग हैं। इसी ब्लॉक से कुछ समय पहले रात में बत्ती गुल होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद अब लिफ्ट खराब होने की बात सामने आई है। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हो रही है।मरीज को व्हील चेयर ले गए 11 वी मंजिलजहांगीराबाद निवासी मोहन यादव ने बताया कि उनके चाचा कार्डियोलॉजी विभाग में एडमिट थे। कुछ जांचे कराने के लिए उन्हें पुरानी बिल्डिंग में ले जाना पड़ा। लिफ्ट खराब थी तो रैम्प से ही नीचे आए लेकिन मरीज को वापस रैम्प से 11 वी मंजिल ले जाने में हद से ज्यादा परेशानी हुई। हम चार लोग व्हील चेयर खींच रहे थे, इसके बावजूद हम सभी की सांसे फूलने लगी। ऐसे में अगर हाथ छूट जाता तो मरीज के साथ हादसा हो सकता था। कर्मचारी को हो गई परेशानी सिर्फ मरीज ही नहीं लिफ्ट बंद होने से अस्पताल के कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है। कार्डियोलॉजी विभाग के एक कर्मचारी का कुछ दिन पहले ही हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा चलने से मना किया है। गुरुवार को जब वह वार्ड से रैम्प से नीचे उतरे तो 11 मंजिल पैदल चलने से हार्ट बीट बढ़ गई। नीचे उतरने के के बाद वे करीब 15 मिनट मे वेटिंग ऐरिया में आराम करते रहे, इसके बाद ही सामान्य हो सके। इस संबंध में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन का कहना है कि लिफ्ट खराब थी, पीडब्ल्यूडी की टीम लगातार काम कर रही है। अब 4 लिफ्ट ठीक हो गई हैं, सात लिफ्ट जल्द चालू हो जाएंगी।

प्रदेश में आदिवासियों और वन समिति से छीना वानिकी कार्य, अब ठेके पर देने की तैयारी

Forestry work taken away from tribals and forest committee in the state, now preparations to give it on contract ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के समस्त वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति अर्थात निविदा के माध्यम से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग ने सभी डीएफओ को निर्देश भी जारी कर दिए है। ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा। वानिकी कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था थी, जिससे वे रोजगार के लिए अन्य शहर या राज्य में पलायन न करें, लेकिन ठेका व्यवस्था होने से आदिवासियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा। मध्य प्रदेश रेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा अभी तक जो भी उपलब्धि चाहे वो वन क्षेत्र के घनत्व में उन्नति की हो, मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट, घड़ियाल स्टेट, चीता स्टेट और राजस्व दिलाने में नंबर एक स्टेट बनाने की हो। ये सभी उपलब्धियां केवल वर्दीधारी वन अमले और उनके साथ 24 घंटे रात दिन हर मौसम में साथ देने वाले स्थानीय वन समिति के सदस्य और वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के कारण ही संभव हो सका है, लेकिन वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति पर कराने से वन क्षेत्र के आस पास रहने वाले आदिवासियों के लिए रोजगार का संकट होगा। अहिरवार का कहना है कि वन क्षेत्र में जो भी काम होते हैं वो एक निश्चित समय में स्थानीय मजदूरों से कराए जाते हैँ। वन के समीप निवास करने के कारण यह जंगल को भलिभांति जानते और समझते हैं। लेकिन निविदा प्रक्रिया वन विभाग में लागू होती है तो निश्चित ही वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के अधिकारों का हनन होगा। इस तानाशाही पूर्ण निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लेेने के साथ ही रेंजर एसोसिएशन इसकी घोर निंदा करता है और इस व्यवस्था का विरोध करेंगे।

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