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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- धरती आबा अभियान को सफल बनाना हम सभी का दायित्व है

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुरू किया गया जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के नागरिकों का कल्याण, सशक्तिकरण और विकास करना है। सरकार का यह प्रयास है कि जनजातीय समुदाय के जो नागरिक अभी तक सरकार की सेवाओं, सुविधाओं और योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उन्हें लाभान्वित किया जाएं। उनकी देश के विकास में सहभागिता को सशक्त नागरिक के रूप में सुनिश्चित किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल धरती आबा अभियान के तहत सीहोर जिले के ग्राम झोलियापुर में आयोजित राज्य स्तरीय शिविर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार के 18 मंत्रालय समन्वित रूप से अभियान का संचालन कर रहे हैं। सभी जरूरतमंद नागरिकों के लिए पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, एनआरएलएम सहित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह अभियान तभी सार्थक होगा, जब हम सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। हम सभी का यह दायित्व है कि हम उन सभी जनजातीय समुदाय के नागरिकों को अभियान के तहत लगने वाले शिविरों में जाकर योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें और उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि धरती आबा अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के नागरिकों को दिए गए लाभ की मॉनिटरिंग भी की जा रही है और जल्द ही वे इसका अवलोकन करने पुन: सीहोर आएंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने राज्य स्तरीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। धरती आबा अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विधायक श्री रमाकांत भार्गव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रारंभ में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने धरती आबा अभियान के तहत जिले में संचालित गतिविधियों एवं क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी। जिला पंचायत सीईओ डॉ नेहा जैन ने आभार व्यक्त किया।            

459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास को मिलेगा बल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुचंद्रिका, प्रदान से सुअर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुजॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

भारत के हृदय प्रदेश में पर्यटन ने बनाए नए रिकॉर्ड

“अतुल्य मध्यप्रदेश” बना पर्यटकों की पहली पसंद वर्ष 2024 में पहुंचे 13 करोड़ 41 लाख सैलानी भारत के हृदय प्रदेश में पर्यटन ने बनाए नए रिकॉर्ड भोपाल पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। इसकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा का आकर्षण “अतुलनीय मध्यप्रदेश” के रूप में पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश ने वर्ष 2024 में पर्यटन के क्षेत्र में कीर्तिमान रचा है। मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ। यह उपलब्धि वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत, 2019 से लगभग 50.6 प्रतिशत और 2020 की तुलना में 526 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।    प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरें और वन्यजीव विविधता, पर्यटकों को एक सम्पूर्ण अनुभव प्रदान करती हैं। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश देश ही नहीं, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से उभर रहा है। यह उपलब्धि शासन की दूरदर्शी नीतियों, आधारभूत ढांचे के विकास और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी का प्रतिफल है।   विदेशी पर्यटकों का आगमन वर्ष 2024 में 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों ने भी मध्यप्रदेश की सैर की। खजुराहो में 33 हजार 131, ग्वालियर में 10 हजार 823 और ओरछा में 13 हजार 960 विदेशी पर्यटक पहुंचे। शहरी पर्यटन में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई, जिसमें इंदौर में 9,964 और भोपाल में 1,522 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। बांधवगढ़ में 29 हजार 192, कान्हा में 19 हजार 148, पन्ना में 12 हजार 762 और पेंच में 11 हजार 272 विदेशी पर्यटक आए, जो मध्यप्रदेश की वैश्विक अपील को दर्शाता है।  धार्मिक पर्यटन : देश की आस्था का नया केंद्र प्रदेश के धार्मिक स्थलों ने वर्ष 2024 में 10.7 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 21.9% अधिक है। प्रदेश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में से 6 धार्मिक स्थल शामिल हैं। उज्जैन 7.32 करोड़ पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहा, जो वर्ष 2023 के 5.28 करोड़ की तुलना में 39% अधिक है। चित्रकूट में भी 1 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2023 के 90 लाख की तुलना में 33% अधिक है। मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, सलकनपुर में 26 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर महालोक, श्रीराम वनगमन पथ, देवी लोक, राजा राम लोक, हनुमान जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। विरासत पर्यटन : इतिहास की जीवंत गाथा मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत ने 2024 में 80 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया, जो 2023 के 64 लाख की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाता है। ग्वालियर में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना वृद्धि देखी गई, जहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो 2023 की तुलना में 3.69 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि है। खजुराहो (4.89 लाख), भोजपुर (35.91 लाख) और महेश्वर (13.53 लाख) में भी पर्यटकों ने इन समृद्ध विरासतों का आनंद लिया। यूनेस्को ने हाल ही में भोजपुर को अपनी टेंटेटिव सूची में शामिल किया है और ग्वालियर को “क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक” के रूप में मान्यता दी है। मध्यप्रदेश में अब 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची में कुल 18 यूनेस्को धरोहरें हैं। स्थायी सूची में खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं और सांची स्तूप शामिल हैं। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर, बुंदेला शासकों के महल और किले, ग्वालियर किला, बुराहनपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित राम नगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू के स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट–लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी टेंटेटिव लिस्ट में हैं।  वन्यजीव पर्यटन : प्रकृति और रोमांच का संगम ग्रीन, क्लीन और सेफ मध्यप्रदेश “टाइगर स्टेट”, “लेपर्ड स्टेट”, “घड़ियाल स्टेट”, “चीता स्टेट” और “वल्चर स्टेट” के रूप में जाना जाता है, जिसमें देश का सबसे अधिक वन क्षेत्र है। राज्य में 12 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व हैं। कान्हा (2.48 लाख), पेंच (1.92 लाख), बांधवगढ़ (1.94 लाख), पन्ना (3.85 लाख) और मढ़ई (4.34 लाख) जैसे प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों का आगमन हुआ। कुनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना परियोजना ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। प्राकृतिक पर्यटन : प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव मध्यप्रदेश का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए एक अनमोल खजाना है। पचमढ़ी, अमरकंटक, भेड़ाघाट, हनुवंतिया, गांधीसागर, तामिया, सैलानी आइलैंड और सरसी आइलैंड जैसे स्थल प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। वर्ष 2024 में पचमढ़ी में 2.87 लाख पर्यटक और भेड़ाघाट में 2.34 लाख पर्यटक पहुंचे। यहां रिसॉर्ट्स, एडवेंचर, स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग ट्रेल्स और कैंपिंग सुविधाओं ने पर्यटकों को नया अनुभव दिया। गांधीसागर डैम, सैलानी आइलैंड, तामिया की पातालकोट घाटी और सरसी आइलैंड में प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाया।  ग्रामीण पर्यटन : संस्कृति और आतिथ्य का जीवंत अनुभव मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन ने स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 63 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं। प्रदेश में 470 से अधिक होमस्टे का निर्माण किया गया है, जिनसे अब तक 24 हजार से अधिक अतिथि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले चुके हैं। पचमढ़ी, कान्हा और अमरकंटक जैसे क्षेत्रों के आसपास के गांवों में होम स्टे सुविधाएं पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव बन गई है। चंदेरी में भारत के पहले हैंडलूम गांव प्राणपुर ने स्थानीय शिल्पकारों को वैश्विक पहचान दिलाई है। आदिवासी समुदायों की कला जैसे गोंड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।  फिल्म पर्यटन : सिनेमाई जादू का नया गंतव्य मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना रहा है। चंदेरी और महेश्वर जैसे स्थल फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन गए हैं। “स्त्री 2” की शूटिंग ने चंदेरी को पर्यटकों के … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव नवाचार और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहन दे रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत के विजन को मूर्त रूप देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी स्तरों पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मंत्रालय में ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर के प्रतिनिधि मंडल से शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश में नवजात शिशुओं में कंजेनिटल मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए न्यू बॉर्न स्क्रीनिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रयोगशाला की स्थापना से जन्म के कुछ दिनों के भीतर ही शिशुओं में गंभीर आनुवांशिक विकारों की पहचान की जा सकेगी, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनहितैषी तकनीकों को प्राथमिकता देती है। इस प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक परीक्षण उपरांत सकारात्मक विचार किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने बताया कि स्क्रीनिंग लैब में चार प्रमुख आनुवांशिक विकारों कंजेनिटल हाइपोथायरोडिज्म, कंजेनिटल एड्रेनल हाइपरप्लेशिया, ग्लूकोज-6-फास्फेट डीहाइड्रोजनेज डेफिशियेंसी और गैलेक्टोजीमिया की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रिवीट्रॉन हेल्थकेयर द्वारा यह सेवा केरल में पहले से ही प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व के अन्य देशों में इस तकनीक के सफल प्रयोगों और परिणामों की जानकारी भी साझा की। कंपनी द्वारा संचालित मोबाइल टेस्टिंग वैन सेवाओं की जानकारी दी। इसमें मैमोग्राफी और सिकल सेल स्क्रीनिंग की सुविधाएँ हैं। यह सेवा वर्तमान में तमिलनाडु में कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक

सहकारिता में हुए नवाचारों और उपलब्धियों से अवगत होगी केन्द्र सरकार केन्द्रिय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होगी उच्च स्तरीय बैठक  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 20 जून को केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारियों संबंधी आवश्यक बैठक ली। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा। बैठक में सहकारिता विभाग से जुड़े मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, लघु वनोपज संघ के अधिकारी भी शामिल होंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि बैठक में मध्यप्रदेश में विकास की ओर सहकारिता के कदम में किये गये सीपीपीपी मॉडल और बीज संघ द्वारा जारी चीता ब्रांड आदि की जानकारी दी जाये। मध्यप्रदेश में बहुउद्देशीय व्यवसायिक केन्द्र के रूप में पैक्स का रूपांतरण, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये और प्रस्तावित कार्यक्रमों से अवगत करवाया जाये। साथ ही सहकारिता विभाग में किये जा रहे हर आयामों जैसे विशेष कार्यक्रम, प्रशिक्षण, एडवांस स्टोरेज, माइक्रो एटीएम सहित 1 से 6 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों का भी समावेश किया जाये। मंत्री सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी जाये। मंत्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन एवं भविष्य की कार्य-योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

इंदौर होलकर स्टेडियम में पहली बार वर्ल्ड कप मुकाबला, 5 मैचों की मिली मेजबानी

इंदौर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है. टूर्नामेंट का आगाज 30 सितंबर 2025 को होगा. जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार मध्यप्रदेश के इंदौर के होलकर स्टेडियम में पांच मुकाबले खेले जाएंगे. इससे पहले साल 1997 में इंदौर को विमेंस वनडे वर्ल्ड कप का एक मैच मिला था, यानी यह दूसरा मौका है जब इंदौर में विमेंस वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे. खास बात ये है कि यह पहला मौका होगा जब होलकर स्टेडियम में वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे.  पांच मैचों की मिली मेजबानी इंदौर को महिला वर्ल्ड कप के पांच मुबाकलों की मेजबानी मिली है. पांचों मुकाबले होलकर स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से खेले जाएंगे. भारत 12 साल बाद पहली बार विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा. 2013 में भारत में विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली थी. इस टूर्नामेंट में 28 लीग मैच और तीन नॉकआउट मुकाबले में इंदौर, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु, और कोलंबो में खेले जाएंगे.  भारत करेगा 12 साल बाद वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत को 12 साल बाद फिर से विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है। इससे पहले 2013 में भारत ने यह टूर्नामेंट होस्ट किया था। इस बार वर्ल्ड कप 30 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 2 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इन शहरों में होंगे वर्ल्ड कप के मैच इस बार कुल 28 लीग मुकाबले और 3 नॉकआउट मैच खेले जाएंगे। मैच इन पांच स्थानों पर होंगे-     इंदौर     बेंगलुरु     गुवाहाटी     विशाखापट्टनम     कोलंबो इंदौर में होने वाले 5 मुकाबले     1 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड     6 अक्टूबर – न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका     19 अक्टूबर – भारत बनाम इंग्लैंड     22 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड     25 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका इंदौर में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खेलेगी पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपना पहला मैच 1 अक्टूबर को इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम 8 अक्टूबर को कोलंबो में पाकिस्तान से भिड़ेगी। इंदौर में ऑस्ट्रेलिया को तीन मुकाबले खेलने हैं। IPL में नहीं मिला मुकाबला बता दें कि इस साल हुए आईपीएल के सीजन में इंदौर को फिर एक भी मैच नहीं मिला था. इसके लिए प्रयास भी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी इंदौर में एक भी मुकाबला नहीं खेला गया. क्रिकेट फैंस लंबे समय से इंदौर में आईपीएल के मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं. अगले सीजन में फैंस को उम्मीद है कि इंदौर को मेजबानी करने का मौका मिल जाए.   सेमीफाइनल और फाइनल का शेड्यूल     पहला सेमीफाइनल – 29 अक्टूबर को गुवाहाटी या कोलंबो में (पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर)     दूसरा सेमीफाइनल – 30 अक्टूबर को बेंगलुरु में     फाइनल मुकाबला – 2 नवंबर को बेंगलुरु या कोलंबो में 1997 में भी इंदौर को मिला था वर्ल्ड कप मैच इंदौर को दूसरी बार महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला है। इससे पहले 1997 में नेहरू स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप मैच खेला गया था, जो टाई हुआ था।  

ऑपरेशन ‘उपलब्ध’ के तहत रेलवे ई-टिकट रैकेट का भंडाफोड़, ₹1.62 लाख के टिकट जब्त

ऑपरेशन ‘उपलब्ध’ के तहत रेलवे ई-टिकट रैकेट का भंडाफोड़, ₹1.62 लाख के टिकट जब्त 22 फर्जी यूजर आईडी से बनाई गई थीं 75 ई-टिकटें, 1 मोबाइल फोन भी जप्त भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, भोपाल के निर्देशन में भोपाल मंडल पर “ऑपरेशन उपलब्ध” के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों की रोकथाम एवं रेलवे टिकट प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि साइबर सेल भोपाल से प्राप्त इनपुट के सत्यापन के उपरांत दिनांक 17 जून 2025 को उपनिरीक्षक श्री प्रकाश रघुवंशी व उनकी टीम द्वारा भोपाल निवासी शाहबाज़ ख़ान (उम्र 19 वर्ष) को नेहरू नगर, सिकंदरी सराय, भोपाल से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 22 विभिन्न व्यक्तिगत यूजर आईडी का उपयोग कर तैयार किए गए कुल 75 आरक्षित ई-टिकट (कुल कीमत ₹1,62,501/-) जब्त किए गए। इसके साथ ही टिकट निर्माण में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। संपूर्ण कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा संबंधित प्रकरण में अपराध के अंतर्गत रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज कर विधिवत जांच प्रारंभ की गई है। आरोपी का पता प्रमाणित है एवं आरोप सिद्ध होने पर दंड सात वर्ष से कम का है, अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आरोपी को सूचना पत्र के माध्यम से आगामी न्यायालय तिथि पर उपस्थित होने के निर्देश देकर पाबंद किया गया। रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और टिकट प्रणाली की शुद्धता बनाए रखने हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ी निगरानी और कार्यवाही निरंतर जारी रखेगा।

MP बना पर्यटन हब! पिछले एक वर्ष में 13.41 करोड़ टूरिस्ट पहुंचे, उज्जैन, खजुराहो ने बनाया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश ने साल 2024 में पर्यटन के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है. इस साल करीब 13.41 करोड़ लोग प्रदेश घूमने आए, जो कि 2023 के मुकाबले 20% ज्यादा हैं. इसमें उज्जैन, खजुराहो, ग्वालियर जैसे बड़े नाम शामिल हैं. उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. महाकाल लोक जैसी नई परियोजनाओं ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया. अकेले उज्जैन में ही इस साल 7.32 करोड़ लोग पहुंचे, जो पिछले साल से 39% ज्यादा है. खजुराहो की बात करें, तो यह विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बनकर उभरा है. यहां की प्राचीन मूर्तिकला और विश्व धरोहर में शामिल मंदिरों ने देश-विदेश के लोगों को खींचा है. साल 2024 में यहां 33,131 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो ग्वालियर और ओरछा जैसे स्थलों से ज्यादा है. इससे साफ है कि मध्यप्रदेश अब सिर्फ देशी नहीं, विदेशी पर्यटकों के लिए भी खास बनता जा रहा है. जानें कहां कितने पहुंचे पर्यटक 1. धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त उछाल 2024 में मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों ने देशभर से 10.7 करोड़ पर्यटकों को अपनी ओर खींचा. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 21.9% ज्यादा है, जो बताता है कि आस्था से जुड़ा पर्यटन अब प्रदेश की बड़ी ताकत बन गया है. 2. उज्जैन बना सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र महाकाल लोक के उद्घाटन और महाकाल मंदिर के महत्व के चलते उज्जैन इस साल का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनकर उभरा. श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग को भी फायदा हुआ. 3. चित्रकूट, मैहर की बढ़ती लोकप्रियता चित्रकूट, मैहर और ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल भी इस साल पर्यटकों की पसंदीदा लिस्ट में शामिल रहे. आस्था, पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के मेल ने इन स्थानों को खास बना दिया. 4. सांस्कृतिक विरासतों की ओर रुझान मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों जैसे खजुराहो, ग्वालियर और भोजपुर ने 2024 में करीब 80 लाख पर्यटकों को आकर्षित किया. ये स्थल इतिहास, स्थापत्य कला और विरासत को महसूस करने का एक बेहतरीन जरिया बने. 5. ग्वालियर में तीन गुना पर्यटक वृद्धि ग्वालियर ने इस साल पर्यटन में नया मुकाम हासिल किया. ग्वालियर किले, महलों और संगीत से जुड़ी विरासत ने लोगों का ध्यान खींचा और यहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो पिछले साल से तीन गुना ज्यादा है. 6. वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद  मध्यप्रदेश को टाइगर, चीता और घड़ियाल स्टेट कहा जाता है और 2024 में यह बात सच भी साबित हुई. 12 नेशनल पार्क, 25 अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व ने पर्यावरण प्रेमियों को खूब लुभाया. 7. कुनो में चीतों की वापसी आकर्षण कुनो पालपुर नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीतों की वापसी ने न केवल देश बल्कि दुनिया का ध्यान खींचा. यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को इंटरनेशनल वाइल्डलाइफ टूरिज्म मैप पर लाने में सफल रहा. 8. कान्हा  जंगल सफारी का रोमांच कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों की भारी भीड़ रही. लोग बाघों को करीब से देखने, जंगल सफारी और प्रकृति के बीच सुकून पाने के लिए यहां पहुंचे. 9. पचमढ़ी की वादियों का जादू पचमढ़ी में इस साल 2.87 लाख पर्यटक पहुंचे. हरी-भरी पहाड़ियां, ट्रैकिंग ट्रेल्स, झरने और गुफाएं इस जगह को मध्यप्रदेश का मिनी हिल स्टेशन बनाते हैं. 10. शहरी पर्यटन में भी दिखा उत्साह भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में भी पर्यटन ने गति पकड़ी. खासकर इंदौर में, जो स्वच्छता और खानपान के लिए प्रसिद्ध है, वहां 1.02 करोड़ पर्यटक पहुंचे. 11. फिल्मी दुनिया की पसंद बनीं चंदेरी  चंदेरी और महेश्वर जैसे ऐतिहासिक कस्बों में फिल्म शूटिंग का ट्रेंड बढ़ा है. यहां ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई, जिससे इन जगहों का फिल्म टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है.  प्रमुख पर्यटन सचिव क्या बोले प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने कहा, ‘पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरें और वन्यजीव विविधता, पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव प्रदान करती हैं। यही वजह है कि साल 2024 में पर्यटकों की संख्या ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।’ उज्जैन पहुंचे सबसे ज्यादा पर्यटक साल 2024 में उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के साथ महाकाल लोक में भी पर्यटकों की संख्या सबसे ज्यादा रही है। वर्ष 2024 में 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों ने भी मध्यप्रदेश की सैर की। खजुराहो में सबसे ज्यादा 33 हजार 131 विदेशी पहुंचे। वहीं, ग्वालियर में 10 हजार 823 और ओरछा में 13 हजार 960 विदेशी पर्यटक पहुंचे। शहरी पर्यटन में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई। जिसमें इंदौर में 9964 और भोपाल में 1,522 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। वन्य क्षेत्रों में हुआ भ्रमण बाधवगढ़ में 29 हजार 192, कान्हा में 19 हजार 148, पन्ना में 12 हजार 762 और पेंच में 11 हजार 272 विदेशी पर्यटक आए। छतरपुर जिले के खजुराहो में सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। देश की आस्था का नया केंद्र प्रदेश के धार्मिक स्थलों ने 2024 में 10.7 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 21.9% अधिक है। धार्मिक स्थलों पर आए ज्यादा पर्यटक प्रदेश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में से 6 धार्मिक स्थल शामिल हैं। उज्जैन 7.32 करोड़ पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहा, जो वर्ष 2023 के 5.28 करोड़ की तुलना में 39% अधिक है। चित्रकूट में भी 1 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2023 के 90 लाख की तुलना में 33% अधिक है। मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, सलकनपुर में 26 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर महालोक, श्रीराम वनगमन पथ, देवी लोक, राजा राम लोक, हनुमान जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इन शहरों में भी बढ़ रहा टूरिज्म ग्वालियर में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना वृद्धि देखी गई। जहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो 2023 के 3.69 लाख से कई गुना अधिक है। खजुराहो में 4.89 लाख, भोजपुर में 35.91 लाख और महेश्वर में 13.53 लाख पर्यटक पहुंचे। यूनेस्को ने हाल ही में भोजपुर को अपनी टेंटेटिव सूची में शामिल किया है और ग्वालियर को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक’ के रूप में मान्यता दी है। प्रदेश में अब 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची … Read more

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कायाकल्प हुआ है – केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

भोपाल केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में एक अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले दशकों तक रेलवे उपेक्षा का शिकार रहा, जहां मात्र ₹25-30 हजार करोड़ का वार्षिक निवेश होता था। लेकिन अब यह निवेश बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास को रफ्तार दे रहा है। श्री वैष्णव ने कहा, “रेलवे में वर्षों से जमा हुई लेगेसी समस्याएं अब एक-एक कर समाप्त हो रही हैं। स्टेशन, ट्रेन, शौचालय, ट्रैक, सफाई, तकनीक—हर क्षेत्र में व्यापक सुधार किया गया है। यात्रियों को नई सुविधाएं दी जा रही हैं और इंडस्ट्री के साथ मिलकर एकीकृत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।” श्री वैष्णव ने हरियाणा के मानेसर में मारुति प्लांट में रेलवे साइडिंग सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए *प्रमुख घोषणाएं और उपलब्धियां गिनायी 100 नई मेन लाइन ईएमयू (MEMU) गाड़ियां पैसेंजर गाड़ियों को अपग्रेड करने के लिए अब 16 और 20 कोच की मेन लाइन ईएमयू गाड़ियां बनाई जाएंगी। अब तक 8 या 12 कोच की MEMU बनती थीं। यह परियोजना तेलंगाना के काजीपेट में शुरू हो रही एक नई फैक्ट्री में क्रियान्वित की जाएगी। इससे शॉर्ट डिस्टेंस ट्रैवल को बड़ी राहत मिलेगी। 50 नई ‘नमो भारत’ एसी पैसेंजर गाड़ियां ‘नमो भारत’ गाड़ियों को यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अब 50 नई AC पैसेंजर ट्रेनें जोड़ी जाएंगी। इससे पहले अहमदाबाद-भुज और पटना-जयनगर के बीच दो गाड़ियां शुरू की गई थीं। कुल मिलाकर 150 नई पैसेंजर गाड़ियां सेवा में आएंगी। 1200 से अधिक नए जनरल कोच बीते वर्ष में रेलवे ने यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए 1200 से अधिक जनरल कोच जोड़े हैं। यह अभियान पिछले 2.5 वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना अब तक 1300 अमृत भारत स्टेशन का काम स्वीकृत किया गया है। इनमें से 103 स्टेशन हाल ही में बनकर तैयार हुए हैं और प्रधानमंत्री ने बीकानेर से इसका लोकार्पण किया। दिसंबर 2025 तक 100 और स्टेशन तथा वर्ष 2026 तक 500 और स्टेशन पूरे किए जाएंगे। टिकटिंग प्रणाली में सुधार तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए 1 जुलाई से केवल KYC सत्यापित यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलेगी। विंडो बुकिंग पर भी ID अनिवार्य होगी। चार्ट पब्लिशिंग में नवाचार बीकानेर डिवीजन ने एक अभिनव पहल के तहत चार्ट को 24 घंटे पहले प्रकाशित करना शुरू किया है (पहले 4 घंटे पूर्व होता था)। इससे यात्रियों में अनिश्चितता कम हुई है और उन्हें बेहतर योजना बनाने में सुविधा हो रही है। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या जल्द ही 6 और बढ़ेगी। 50 और ट्रेनों का निर्माण जारी है। वंदे भारत ट्रेनों को भी लगातार नए रूट्स पर बढ़ाया जा रहा है। फ्रेट कॉरिडोर और मालवाहक सेवाएं भारत अब विश्व में माल ढुलाई और यात्री परिवहन—दोनों में दूसरे स्थान पर है। पिछले साल 720 करोड़ यात्रियों ने रेलवे से सफर किया और 1617 मिलियन टन माल ढोया गया। फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह क्रियाशील है और प्रतिदिन लगभग 400 मालगाड़ियां इस पर चल रही हैं। हरियाणा में रेलवे का बुनियादी कायाकल्प श्री वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा को मात्र ₹315 करोड़ का आवंटन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹3416 करोड़ हो गया है। हरियाणा में: •    823 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गईं—यह यूएई की कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। •    100% रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण* •    34 स्टेशन: अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे हैं। •    540 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा चुके हैं। •    सोनीपत के रेलवे कारखाने का “आधुनिकीकरण” किया जा रहा है। •    11,800 करोड़ रुपए का निवेश रेलवे की ओर से हरियाणा में किया जा रहा है। गति शक्ति मल्टी-मॉडल टर्मिनल्स प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को सशक्त करने के लिए 2021 में रेलवे ने बड़े रिफॉर्म्स किए, जिसके परिणामस्वरूप 108 मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल्स अल्प समय में बनकर तैयार हो गए हैं। हरियाणा में स्थित टर्मिनल, जहां यह घोषणा की गई, वह 45 एकड़ में फैला है और इसकी माल वहन क्षमता 4.5 लाख कारों तक की है। श्री वैष्णव ने अंत में कहा, “भारतीय रेलवे की परिवर्तन यात्रा, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में, नए युग की रेलवे बना रही है—तेज, स्वच्छ, आधुनिक और जन-हितैषी। आने वाले वर्षों में हम इसे और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

एकतापुरी वासियों ने शराब की दुकान को हटाए जाने पर उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया

प्रदेश सरकार समाज के प्रति संवेदनशील : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा शराब दुकाने हटाये जाने पर एकतापुरी के रहवासियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का जताया आभार एकतापुरी वासियों ने शराब की दुकान को हटाए जाने पर उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने अशोका गार्डन स्थित एकतापुरी कॉलोनी के वार्ड 38 में स्थापित की गई शराब की दुकान को हटाए जाने के बाद एकतापुरी कॉलोनी रहवासी संघ ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया। एकता पुरी कॉलोनी रहवासी संघ के रहवासी क्षेत्र की शराब दुकान को हटाने जाने पर उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार जताया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक संवेदनशीलता और जनभावनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल बच्चों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगा बल्कि समाज में नैतिकता, शांति और स्वास्थ्य के वातावरण को भी प्रोत्साहित करेगा। एकतापुरी कॉलोनी रहवासी संघ के अध्यक्ष श्री सीयाराम सिंह ने बताया कि कॉलोनी के रहवासी विगत दिनों से महिलाओं और रहवासियों ने शराब की दुकान हटाने की मांग की थी। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए शराब दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को आभार प्रकट करने रहवासियों में श्री धनेन्द्र धुहारे, श्रीमती संगीता लोधी, नीतू सिंह, प्रेमशीला समेत बड़ी संख्या में रहवासीगण शामिल हुए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल को सांसद डॉ. मिश्रा ने “विकसित भारत संकल्प-2047” पुस्तक भेंट की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल को सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने मंत्रालय भोपाल में “विकसित भारत संकल्प-2047” शीर्षक से प्रकाशित सेवा संकल्प के 1 वर्ष पुस्तक की प्रति भेंट की। पुस्तक में सीधी संसदीय क्षेत्र में गत एक वर्ष के विकास कार्यों का विवरण है। पुस्तक “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सांसद डॉ. मिश्रा के संकल्पबद्ध सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के “सशक्त भारत” के विजन को साकार करने के लिये प्रतिबद्ध प्रयास कर रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता जीजाबाई की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज की पूज्य माता जीजाबाई की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमाता जीजाबाई के दृढ़ संकल्प, संस्कार और मातृत्व ने भारत भूमि को महाराज शिवाजी जैसा राष्ट्रनायक दिया। जीजाबाई जी का तपस्वी जीवन दुनिया की हर माता के लिए प्रेरणा और हर भारतीय के लिए आदर्श रहेगा।  

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