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शांति और सुरक्षा पर मंथन, पुलिस-प्रशासन ने नागरिकों से मांगा सहयोग

पुलिस चौकी बिलासपुर में प्रभारी सत्यदेव यादव के अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई।  बैठक के माध्यम से होलिका दहन के लिए हरे-भरे पेड़ नहीं काटने,जबरन चंदा वसूली नहीं करने,बिजली के खंबो के नीचे,पेट्रोल पंपों के आसपास, रिहायशी मकानों के आसपास तथा सड़क के आसपास होली नहीं जलाने की अपील की गई। साउंड बॉक्स का उपयोग मंद ध्वनि से अनुविभागीय दंडाधिकारी की अनुमति के उपरांत किया जाएगा। डीजे लाउडस्पीकर पर पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा। होलिका दहन के बाद बचे मलबे की सफाई ग्राम पंचायत के द्वारा कराई जाएगी। शांति समिति के सदस्यों ने नगर वासियों से यह भी अपील की है कि सभी लोग मिलजुल कर होली का त्योहार मनाए रासायनिक रंगों का उपयोग नहीं करें बल्कि प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें बच्चों द्वारा रंग डालने पर विवाद की स्थिति पैदा नहीं करें। बैठक में पुलिस चौकी बिलासपुर के प्रभारी सत्यदेव यादव ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञानचंद सोनी ग्राम पंचायत बसाढ़ी सरपंच पति रामपाल सिंह,विजय सोनी,ललन सेन,अनिल मिश्रा,अशोक सिंह रविकांत गौतम, राजा द्विवेदी मीडिया से नारायण त्रिपाठी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलालपुर पहुँचकर विधायक लोधी की माताजी के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के ग्राम जलालपुर पहुँचकर विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी स्व. श्रीमती भागवती बाई के निधन पर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने दिवंगत स्व. भागवती जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि प्रदान की। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री जयप्रकाश राजौरिया, श्री प्रेमसिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी श्रीमती भागवती बाई का गत 26 फरवरी को लगभग 100 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।  

थाना राजेन्द्रग्राम में शांति समिति की बैठक होली पर्व पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

छबिलाल/राजेन्द्रग्राम आगामी होली पर्व के मद्देनज़र थाना राजेन्द्रग्राम परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाएं रखते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना रहा। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रकाशचंद कोल ने की। इस अवसर पर एसआई अनुराग अवस्थी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है, कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, विवाद अथवा हुड़दंग की स्थिति उत्पन्न न होने दें तथा आपसी समन्वय एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सरपंच भंवर सिंह (गिरारी), उपसरपंच किरगी, ओमप्रकाश (भमरहा), सचिव कुमार चंद्रवंशी (करौंदी), अभिनंदन प्रसाद, रामनरेश, व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि तथा पत्रकारगण उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 02 मार्च 2026 की रात्रि 11:30 बजे से 03 मार्च 2026 (धुरेड़ी) की सायं 05:00 बजे तक जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। उक्त अवधि में जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानें, एफ.एल.-3 (होटल बार) एवं देशी मद्य भंडार पूर्णतः बंद रहेंगे। मदिरा के क्रय-विक्रय एवं परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आबकारी एवं पुलिस विभाग को अवैध मदिरा के संग्रहण, निर्माण एवं परिवहन पर सतत निगरानी रखने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अंततः नागरिकों से अपील की गई कि वे शांति, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए होली पर्व को गरिमापूर्ण ढंग से मनाएं तथा प्रशासन का सहयोग करें।

शादी के कुछ दिन बाद मौत, अस्पताल के बाहर हंगामा—देखते रहे लोग, वायरल हुआ वीडियो

 दमोह शहर के जिला अस्पताल परिसर में शनिवार देर रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब नवविवाहिता की आत्महत्या के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और गेट के बाहर ही मारपीट शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार, शहर के जबलपुर नाका स्थित कुचबंदिया मोहल्ले में शनिवार शाम नवविवाहिता राजनंदनी (पति राज उर्फ बच्चू कुचबंदिया) ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मायके पक्ष के लोग विदिशा से दमोह पहुंचे। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। दहेज और मारपीट के गंभीर आरोप मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर शराब पीकर विवाद करने, मारपीट और दहेज मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया। जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ही दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो आज रविवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। नवविवाहिता की मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जॉब अलर्ट: 1500+ सरकारी पदों पर सीधी भर्ती का सुनहरा मौका, एक क्लिक में जानें आवेदन से वेतन तक सब कुछ

भोपाल सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। दरअसल, मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड यानी एमपीईएसबी ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली है। जिसमें वनरक्षक के 728, जेल प्रहरी के 757 और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के लिए 25 पद शामिल है। इन पदों पर सीधी भर्ती होगी। आवेदन शुरू, 14 मार्च अंतिम तारीख मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली हैं। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन एप्लीकेशन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी। वहीं 19 मार्च 2026 तक फॉर्म में सुधार करने की आखिरी तारीख तय की गई है। ऑनलाइन मंगवाए गए आवेदन, जानें एप्लीकेशन की फीस इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मदीवार www.esb.mp.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। अभ्यर्थी केवल ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे। जनरल के लिए 500 रुपये और एसटी-एससी-ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए 250 रुपये फीस तय की गई है। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा, कम से कम 18 साल का होना चाहिए और रिजर्व कैटगरी को उम्र में छूट दी जाएगी। उम्र 1 जनवरी 2026 के हिसाब से की जाएगी। आयु सीमा से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट का अवलोकन करें। परीक्षा और चयन प्रक्रिया इन पदों पर परीक्षा की तारीख भी घोषित की गई है। एमपीईएसबी के मुताबिक, वनरक्षक परीक्षा 7 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। यह एग्जाम प्रदेश के अलग अलग सेंटर पर होंगे। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से दोपहर 12 और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बात करें चयन प्रक्रिया की तो परीक्षा के बाद नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। वेतन आपको बता दें कि वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी के पदों का वेतनमान समान रहेगा। वहीं असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट की सैलरी 1 लाख 14 हजार 800 तक रहेगी।

नाबालिग छात्रा का VIDEO बनाता पकड़ा गया पटवारी, ग्रामीणों की पीटाई

राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पटवारी की जमकर पिटाई की गई। बताया जा रहा है कि उसने नाबालिग छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाया था। छात्रा पटवारी के घर पर ही किराये से रहकर पढ़ाई करती थी। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पटवारी की खूब धुनाई की। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर पटवारी को थाने ले गई है। यह पूरा मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पटवारी महेश के घर एक नाबालिग छात्रा किराये से रहकर पढाई करती थीं। बताया जा रहा है कि जब छात्रा नहाने के लिए गई तो महेश ने बाथरूम की जाली से मोबाइल में वीडियो बना लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने मिलकर पटवारी की पिटाई कर दी। परिजन और ग्रामीणों ने जमकर पीटा और कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद घसीटते हुए घर से बाहर निकाला और फिर धुनाई की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ से जैसे तैसे पटवारी को छुड़ाया और थाने ले गई। बताया जा रहा है कि पटवारी ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया था। जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया है। लोगों में आक्रोश इस घटना से लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं खिलचीपुर थाना के टीआई उमाशंकर मुकाती ने बताया कि बालिका ने मामले की शिकायत की है। जिसके आधार पर पटवारी महेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल विवेचना की जा रही है।

जिला कांग्रेस ने मनाई सिवनी , भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि

सिवनी कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी इंदिरा भवन सिवनी में मनायी गई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी के छायाचित्र के समक्ष संगठन महाससचिव हनीफ खान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्चात उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेपीएस तिवारी, मोहनसिंह चंदेल, सुरेन्द्र करोसिया, शिव सनोडिया, आजम दिवान अली, नन्दू यादव, रंजीत यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, अशोक नरेती, नितिन डेहरिया, शुभम डेहरिया, श्रीमती पवनरेखा रिनायत, शिवदीप डहेरिया, सोनू हुसैन, श्यामसिंह माली, सतेन्द्र बघेल की उपस्थिति रही।

पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा, रिटायर्ड डॉक्टर से 2.52 करोड़ की ठगी में दरोगा का भाई भी शामिल

ग्वालियर. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड डॉक्टर नारायण महादेव टिकेकर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्वालियर पुलिस की टीम ने दिल्ली से चार आरोपियों को पकड़ा है। इनके बैंक खाते में ठगी की रकम में से 30 लाख रुपये गए थे। 30 लाख रुपये इन्होंने ही अपने एटीएम कार्ड के जरिये निकालकर बिचौलिये को दिए। इसके एवज में 1.70 लाख रुपये कमीशन मिला। पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले और भी लोगों तक पहुंचा जा सके। पकड़े गए आरोपियों में से एक का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। भाई के पकड़े जाने के बाद वह भी ग्वालियर आ गया। उसे यहां आकर पता लगा कि भाई ठगी की रकम की हेराफेरी करने के लिए अपने और दोस्तों के बैंक खाते ही किराये पर देता है। 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर सिरोल स्थित विंडसर हिल्स हाउसिंग सोसायटी में रहते हैं। 24 दिन तक ठगों ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताकर इन्हें मनी लांड्रिंग केस में फंसा बताकर डिजिटल अरेस्ट रखा था। इनसे 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए थे। 500 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी ठगी की रकम पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उप्र, बिहार, गुजरात, असम, बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में गया है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव, एसआइ अमित शर्मा और उनकी टीम को पड़ताल में लगाया। टीम ने तकनीकि विश्लेषण किया। उसके बाद चार आरोपित चिन्हित हुए। इनके बैंक खातों में 30 लाख रुपये गए थे। यह रुपये भी खाते में आते ही निकाल लिए गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने रात को चार आरोपियों को पकड़ लिया। इन्हें पुलिस ग्वालियर ले आई है। पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया कि एक बिचौलिये के जरिये बैंक खाते ठगों को किराये पर दिए थे। इसके एवज में कमीशन मिलता था। पहले भी ठगी की रकम इनके खातों में आ चुकी है। यह आरोपित पकड़े गए 1.-मोहित मिश्रा पुत्र रामनरेश मिश्रा उम्र 31 वर्ष निवासी बी 40 चाणक्य पैलेस -1 स्ट्रीट नंबर 48 जनकपुरी नई दिल्ली 2- राहुल प्रजापति पुत्र प्रेम सिंह प्रजापति उम्र 25 वर्ष निवासी राजद 150 धरमपुर प्रथम नजफगढ़ नई दिल्ली 3-हरीश यादव पुत्र रामबाबू यादव उम्र 25 वर्ष निवासी हाउस नंबर 49 ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन नजफगढ़ नई दिल्ली 4-साहिल पुत्र फिरोज खान निवासी ए-5 175 एक्सटेंशन पार्ट 1 मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली टेलीग्राम के जरिये खाते किराये पर देने का नेटवर्क: प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह टेलीग्राम एप के जरिये एक ग्रुप से जुड़े। यहां से ही ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए खाते उपलब्ध कराने का पूरा नेटवर्क चलता है। यूएसडीटी के जरिये क्रिप्टो ट्रेडिंग: इस मामले में भी क्रिप्टो ट्रेडिंग हुई है। यूएसडीटी के जरिये ठग क्रिप्टो ट्रेडिंग कराते हैं और पूरा पैसा विदेश पहुंच रहा है। पुलिस ने पकड़े चार आरोपी रिटायर्ड डाक्टर से ठगी के मामले में चार आरोपित पकड़े गए हैं। इन्होंने अपने बैंक खाते किराये पर दिए थे। इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। धर्मवीर सिंह, एसएसपी

अप्रैल 2028 तक रहेगा कार्यकाल, सुभरंजन सेन बने नए मप्र वन बल प्रमुख

भोपाल. भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी। नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।

रीवा में केक काटने के बहाने किशोरी से दुष्कर्म, इंस्टाग्राम फ्रेंड ने बर्थडे पर दिया खौफनाक गिफ्ट

रीवा. शहर से रिश्तों को शर्मसार करने वाली और इंटरनेट मीडिया की दोस्ती के खतरनाक अंजाम की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक नाबालिग किशोरी को उसके इंस्टाग्राम दोस्त ने जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ के जरिए हुई थी। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही थी। बीती 27 फरवरी को किशोरी का जन्मदिन था। जन्मदिन के इस मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे मिलने के बहाने बुलाया। जन्मदिन की रात हुई वारदात घटनाक्रम के मुताबिक, 27 फरवरी की रात किशोरी अपने परिजनों को बिना बताए घर से निकली थी। उसने घर वालों से सहेली के यहां जाने की बात कही थी। वह बिछिया थाना क्षेत्र के रहने वाले अपने इसी इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने पहुंची। वहाँं आरोपी किशोर ने केक काटने और जन्मदिन मनाने के बहाने किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। परिजनों को सुनाई आपबीती देर रात किशोरी वापस घर लौटी, तो वह काफी डरी और सहमी हुई थी। परिजनों के पूछने पर उसने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन तुरंत किशोरी को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की गई। शुरुआत में पीड़िता घटना स्थल और आरोपी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। उसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ीं । पुलिस की गिरफ्त में आरोपी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद महिला पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी किशोर बिछिया क्षेत्र का निवासी है। आरोपी से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई, तीन महीने में नया कानून आएगा, 10 साल की सजा और 1 करोड़ का जुर्माना

भोपाल  प्रदेश में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र (कॉलोनी विकास) अधिनियम-2021 में संशोधन का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ दंड और जुर्माने को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। इसमें अवैध कॉलोनियों की शिकायत मिलने पर 90 दिन में एफआईआर दर्ज करने, अधिकतम सजा 10 साल तक करने और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि, नया कानून पुरानी कॉलोनियों पर लागू होगा या नई कॉलोनियों, पर इसको लेकर निर्णय लिया जाना है। शनिवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ संशोधित मसौदा की समीक्षा बैठक करेंगे।  विस में मंत्री विजयवर्गीय ने दिए सख्त संदेश शुक्रवार को अवैध कॉलोनियों को लेकर विधायक रीति पाठक के प्रश्न के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।  90 दिन में दर्ज करनी होगी एफआईआर जानकारी के अनुसार नए प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी अवैध कॉलोनी को लेकर थाने में शिकायत मिलती है, तो 90 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों को लंबित रखने से  दोषियों को मिलने वाली राहत न मिल सके। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित है।  बहुत कम मामलों में केस हुए दर्ज बता दें, आंकड़ों के अनुसार, अब तक अवैध कॉलोनियों के  खिलाफ हजारों शिकायतें मिलने के बावजूद बहुत कम मामलों में एफआईआर दर्ज हो पाई है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत महसूस की गई है। सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा जानकारी के अनुसार मौजूदा कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड में बदलने की तैयारी है। इससे अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय  नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रशासनिक या नगरीय निकाय के अधिकारी दोषी पाए जाने पर दंडित किए जा सकेंगे। इसमें एक वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है।  4 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां  बता दें, प्रदेश में चार हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार को इनसे संबंधित 5 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 600 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। 

उज्जैन में महापौर चुनाव पर कोर्ट का फैसला, 2022 चुनाव से कुर्सी पर मंडराया संकट

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला आया है।  उज्जैन महापौर चुनाव 2022 को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव याचिका को सुनवाई के काबिल माना है। अब इस फैसले से महापौर की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। दरअसल ये फैसला उज्जैन नगर निगम महापौर चुनाव 2022 से जुड़े विवाद को लेकर आया है। फैसले से सियासी हलचल भी तेज है। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए महापौर, निर्दलीय प्रत्याशी के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। चुनाव में वैध मतों को अस्वीकृत करने का लगा था गंभीर आरोप दरअसल ये सारा विवाद 60 वैध मतों को लेकर है जो अनुचित रूप से अस्वीकृत कर दिए गए थे। याचिका के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले तो आश्वासन दिया कि यदि आंकड़े गलत पाए गए तो दोबारा से गिनती होगी।  लेकिन बाद में मांग नहीं मानी गई और कोई गिनती नहीं कराई गई।  सबसे गंभीर और बड़े आरोप मतदान केंद्र क्रमांक 274 को लेकर है। दावा किया गया है  कि वहां परमार को 277 मत मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में 217 मत दर्शाए गए। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार की  923 मतों से हुई थी हार महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने परिणाम को चुनौती दी है। नतीजों के अनुसार परमार को 1,33,317 तो भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को 1,34,240 मत मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी परमार ने आरोप लगाया कि मतगणना के बाद घोषित आंकड़े असत्य थे और उन्होंने लिखित रूप से पुनर्मतगणना की मांग की थी। महापौर मुकेश टटवाल, निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर ने आवेदन देकर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर ही असलियत का पता लगेगा।अदालत ने साफ किया कि बिना साक्ष्य के यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका झूठी है या निराधार है। लिहाजा इस फैसले के बाद महापौर की कुर्सी पर सियासी संकट गहराने लगा है।

मार्च में अवकाश के सभी दिनों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे

मार्च में सभी अवकाश दिनों में बिजली बिल भुगतान केन्द्र खुलेंगे भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 07 मार्च, 14 मार्च, 21 मार्च, 28 मार्च शनिवार एवं 01 मार्च, 08 मार्च, 15 मार्च, 22 मार्च, तथा 29 मार्च रविवार, 03 मार्च होली, 19 मार्च गुड़ी पड़वां, 20 मार्च जमात- उल-विदा/ ईद उल-फितर के ठीक पूर्व का दिवस/ रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, 27 मार्च रामनवमीं तथा 31 मार्च महावीर जयंती को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ता राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस (pos) मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्चदाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, वॉट्सऐप पे, पेटीएम एप एवं उपाय मोबाइल एप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान: कृषि को पारंपरिक उत्पादन से ऊपर उठाकर लाभकारी व्यवसाय बनाएंगे

कृषक कल्याण वर्ष-2026 कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव म.प्र.को देश के कृषि पॉवर-हाउस के रूप में किया स्थापित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक विकास दर हासिल कर स्वयं को देश के ‘कृषि पॉवर-हाउस’ के रूप में स्थापित किया है। फसल उत्पादन, उत्पादकता, दुग्ध और मत्स्य पालन में हुई। इस अभूतपूर्व प्रगति के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर एक ‘लाभकारी व्यवसाय’ के रूप में परिवर्तित करना है। इस संकल्प के केंद्र में कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को तकनीक के माध्यम से बढ़ाते हुए, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोड़ना है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लिए वर्ष-2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि और किसानों पर केन्द्रित पूरे वर्ष संचालित होने वाली गतिविधियों से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को ‘लाभकारी व्यवसाय’ बनाने के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को एक नई दिशा देने जा रही है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य की विशिष्ट फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, इसी क्रम में डिंडौरी में स्थापित होने जा रहे ‘मध्यप्रदेश राज्य अन्न अनुसंधान केंद्र’ के माध्यम से मिलेट्स के उत्पादन एवं पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। इसी कड़ी में, ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर इन प्रमुख फसलों की गुणवत्ता और पैदावार को बढ़ाने पर विशेष बल दिया जायेगा। ‘विदेश अध्ययन भ्रमण योजना’ कृषि क्षेत्र में वैश्विक नवाचारों को आत्मसात करने के लिए किसानों और अधिकारियों के लिए ‘विदेश अध्ययन भ्रमण योजना’ को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे विश्व की उन्नत तकनीकों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सके। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जो किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत बनेगी। खेती की मौसम पर निर्भरता और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए सरकार तकनीक-आधारित जोखिम प्रबंधन पर विशेष निवेश कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में ‘विंडस’ (Weather Information Network Data System) विकसित किया जा रहा है, जो किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और तात्कालिक कृषि सलाह (एग्री-एडवाइजरी) सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। यह प्रणाली न केवल प्राकृतिक आपदाओं से फसल को बचाने में मदद करेगी, बल्कि बुवाई और कटाई के समय को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी। किसानों को दिया जायेगा पूर्ण सुरक्षा कवच किसानों को पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से अब मौसम आधारित बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर उसमें उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया जा रहा है। अनुसंधान, विविधीकरण और डिजिटल वेदर मैनेजमेंट का यह एकीकृत संगम न केवल कृषि को जोखिम मुक्त बनाएगा, बल्कि ‘समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश’ के संकल्प को वास्तविकता में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भरता के नए सोपान पर खड़ा करेगा। 10-दिशात्मक रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने व्यापक ’10-दिशात्मक रणनीति’ तैयार की है। इसके प्रथम आयाम के तहत -अन्न (मिलेट्स), चना और सरसों जैसी फसलों पर गहन शोध और उर्वरकों के अग्रिम भंडारण पर जोर दिया गया है। साथ ही तिलहन भावान्तर व्यापीकरण, उड़द/मूंगफली, गन्ना क्षेत्र विस्तारण, ई-विकास व्यापीकरण, उर्वरक अग्रिम भंडारण, पराली से उर्जा प्रबंधन इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं। द्वितीय आयाम फसल विविधीकरण और प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन (मूल्य स्थिरीकरण)’ पर केंद्रित है, जिससे आलू-प्याज-टमाटर जैसी फसलों के दाम गिरने पर भी किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें। तृतीय आयाम पूरी तरह से “प्राकृतिक मध्यप्रदेश” मिशन को समर्पित है, जहाँ रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। चतुर्थ और पंचम आयाम में संसाधनों के इष्टतम उपयोग, जैसे ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0’ और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को शामिल किया गया है। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए 10 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना इस अभियान का एक मुख्य आकर्षण है। छठे से आठवें आयाम तक का ध्यान कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, “MP ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग” और ‘एग्री-हैकाथॉन’ जैसे नवाचारों पर है। अंतिम दो आयाम डिजिटल गवर्नेस और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जिसमें एआई (AI)-आधारित कृषि परामर्श और क्यूआर कोड (QR Code) आधारित फार्म ट्रेसेबिलिटी शामिल है। संस्थागत सुधार और शैक्षिक पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने की पहल है। अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना एवं कृषकों का क्षमता संवर्धन इस वर्ष का महत्वपूर्ण घटक होगा। इसी अनुक्रम में सरकार द्वारा कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों की सीधी भर्ती भी की जाएगी।  

भोपाल के बड़ा तालाब पर ‘बड़ों’ का कब्जा, कांग्रेस विधायक और कई VIP संस्थानों पर लाल निशान

 भोपाल  राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली। बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे। चार घंटे चला सीमांकन बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की। आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण होना मिला। इतना ही नहीं, कुछ दूर चलने के बाद पता चला कि एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में किया जा रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी हुई थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने का काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य किया जाना बताया। यह निर्माण करीब दो एकड़ से अधिक जमीन में किया जा रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित करवाया है। उन्होंने मौके पर बताया कि अब तक का यह सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट में झुग्गी सहित धार्मिक स्थल खानूगांव में बड़ा तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक अवैध मकान मिले हैं। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रहता हुआ मिला। पटवारी ने मौके पर ही बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे कुछ लोगों ने तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा रखा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है। पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी। कहां मिले कब्जे     टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द में कुल 108 निर्माण मिले हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान शामिल हैं, जबकि कुछ झुग्गियां भी हैं। भदभदा इलाके में दो दिन पहले कार्रवाई भी हुई है, जबकि आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।     खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7, कोहेफिजा में 35 मकान दायरे में आ रहे हैं।     खानूगांव में 15 सरकारी जमीन पर कब्जे सामने आए हैं। शुक्रवार को विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के पास भी राजस्व अमले ने लाल निशान लगाए हैं।     वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए जा चुके हैं।     हुजूर के मुगालिया छाप, खजूरी में सीमांकन चल रहा है। यहां भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण मिला है। होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर … Read more

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