कांग्रेस प्रत्याशी ने, चुनाव आयोग को शिकायत कर मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की
Congress candidate complained to the Election Commission, demanding action in the matter.
Congress candidate complained to the Election Commission, demanding action in the matter.
संतोष सिंह तोमर,ग्वालियर । डबरा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने डबरा (Dabra) को जिला बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सामने ऐलान कर दिया कि इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए। भले ही आगे मुझे टिकट मत देना, लेकिन डबरा को जिला बनवा दें। मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। पूर्व मंत्री इमरती देवी भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों में हमेशा में हमेशा चर्चा में रहने वाली पूर्व मंत्री और भाजपा नेता इमरती देवी में आज डबरा तहसील को जिला बनाने की मांग की। बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मंच से मांग उठाई कि महाराज डबरा को जिला बनवा दीजिए मुझे अब कोई और काम नहीं चाहिए। यदि मैं मर गई तो डबरा के लोग कहेंगे कि डबरा को जिला ज्योतिरादित्य सिंधिया और इमरती देवी ने बनवाया था। इमरती देवी ने कहा- महाराज इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए भले ही आगे मुझे टिकट देना या ना देना, जिला बनते ही मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। भाजपा ने डबरा विधानसभा से पूर्व मंत्री इमरती देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने मौजूदा विधायक सुरेश राजे को फिर से मैदान में उतारा है। डबरा विधानसभा में समधि और समधन के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। पिछले 2020 के उपचुनाव में उनके समधी सुरेश राजे ने इमरती देवी को शिकस्त दी थी।
Congress leader Siddharth Tiwari and former MLA from Panna district, Fundar Lal Choudhary, have joined the Bharatiya Janata Party as members.
“Neemuch Congress activists protested against Narendra Nahata and burned an effigy.” Manish Trivedi नीमच, मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। नीमच जिले की मनासा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र नाहटा की घोषणा के बाद से ही लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आज हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने अधिकृत उम्मीदवार का विरोध किया और नरेंद्र नाहटा का पुतला दहन किया।दरअसल नरेंद्र नाहटा की उम्र 78 वर्ष है और वो मनासा की राजनीति से काफी दूर है उसी के चलते स्थानीय कार्यकर्ता उनका विरोध कर रहें है।
संतोष सिंह तोमरभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने 31 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करते हुए अपनी चौथी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने अपनी पहली सूची 11 अगस्त को जारी की थी। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की सहमति से जारी चौथी सूची में खुरई से मनोज रजक और देवतालाब से अमरनाथ पटेल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जबलपुर पश्चिम से दिनेश कुशवाह को टिकट दिया है।बहुजन समाज पार्टी की तरफ से जारी सूची के अनुसार महाराजपुर से महेश कुशवाह, कोलारस से नवल सिंह धाकड़, बण्डा से रन्जोर सिंह बुंदेला, खुरई से मनोज रजक, देवतालाब से अमरनाथ पटेल, देवसर से शिवशंकर साकेत, बहोरीबंद से गोविंद पटेल, जबलपुर पश्चिम से दिनेश कुशवाह, होशंगाबाद से प्रदीप मांझी, पंधाना से मनोज सोलंकी, राजगढ़ से इंदर सिंह वर्मा, सारंगपुर से देवकरण वर्मा, बीना से रामेंद्र अहिरवार, सांची से सूरज पाल सिंह, नरयावली से लटूरी प्रसाद सूर्यवंशी और खरगोन से अजय भालसे को प्रत्याशी बनाया है।वहीं, गंधवानी से धूमसिंह मंडलोई,, अलीराजपुर से अंतरसिंह पटेल, सोनकच्छ से मुकेश सोंनगरा, बांगली से मुकेश रावत, देवास से हाजी जाकिर हुसैन उर्फ जाकिर मामू, राऊ से कु देवकी मण्डलोई, पेटलावद से रामचंद्र सोलंकी, जावद से लीलाराम मालवीय, जावरा से दशरथ सिंह अंजना, बड़नगर से निर्भय सिंह चद्रवंशी, शाजापुर से भागीरथ बगानिया, कालापीपल से जीवन मालवीय, चुरहट से संतोष प्रसाद सांकेत, सीधी से राम खिलावन रजक और इंदौर-1 से इंजीन सुनील कुमार अहिरवार को प्रत्याशी बनाया है।
संतोष सिंह तोमरभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक की वह सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जिसका इंतजार प्रदेश के आमजन से लेकर राजनीतिक हलकों में बड़ी बेसब्री से किया जा रहा था। भारतीय जनता पार्टी के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने भी देर से ही सही लेकिन आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 230 में से 144 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची रविवार को सुबह जारी की। इसमें 60 से ज्यादा विधायकों को फिर से मौका दिया है। कांतिलाल भूरिया की जगह उनके बेटे विक्रांत को टिकट दिया है। कटंगी विधायक टामलाल सहारे और गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी के टिकट काट गए हैं। इस सूची के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा से और भूपेश बघेल पाटन से चुनाव लड़ेंगे। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सामना करने के लिए बुधनी से विक्रम मस्ताल को मैदान में उतारा गया है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को राघोगढ़ से टिकट दिया गया है, जबकि दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को चाचौरा सीट से टिकट दिया गया। कांग्रेस ने चुरहट से अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह राहुल को टिकट दिया है। वहीं राजनीति के केंद्र चम्बल अंचल में कांग्रेस के गढ़ लहार से अभी तक अपराजित विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को टिकट दिया गया है। जबकी अंचल की ही मेहगांव सीट से उनके भांजे युवा नेता राहुल सिंह भदौरिया को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी 144 नामों की सूची में ओबीसी वर्ग के 39 प्रत्याशियों के नाम हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के 22 और अनुसूचित जनजाति के 30 उम्मीदवार के नामों शामिल हैं। पूरे 144 लोगों में से 19 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि, 6 अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं को टिकट मिला है, इसमें से 5 जैन और 1 मुस्लिम नेता शामिल हैं। जबकि, 65 टिकट 50 साल से कम उम्र के लोगों मिले हैं। यानी, कांग्रेस पार्टी ने इस बार युवा नेताओं पर अधिक भरोसा जताया है। वहीं जानकारी मिली है कि आगामी दो दिनों में कांग्रेस पार्टी अपने बकाया उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है। कांग्रेस पार्टी ने किस नेता को कहां से दिया टिकटकांग्रेस द्वारा जारी उम्मीदवारों की लिस्ट में किसे कहां से चुनाव मैदान में उम्मीदवारी दी गई है, इस पर एक नजर डालते हैं। कांग्रेस पार्टी ने श्योपुर से बाबू जंडेल, विजयपुर से रामनिवास रावत, सबलगढ़ से बैजनाथ कुशवाह, जौरा से पंकज उपाध्याय, अटेर से हेमंत कटारे, लहार से डॉ. गोविंद सिंह, मेहगांव से राहुल भदौरिया, ग्वालियर ग्रामीण से साहब सिंह गुर्जर, ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार, ग्वालियर दक्षिण से प्रवीण पाठक, भितरवार से लाखन सिंह यादव, डबरा- एससी सीट से सुरेश राजे, सेंवढ़ा से घनश्याम सिंह, भांडेर एससी सीट से फूलसिंह बरैया, दतिया से अवधेश नायक, करेरा एससी सीट से परागीलाल जाटव, पोहरी से कैलाश कुशवाह, शिवपुरी से केपी सिंह, पिछोर से शैलेंद्र सिंह, कोलारस से बैजनाथ यादव, बमोरी से ऋषी अग्रवाल, चाचौड़ा से लक्ष्मण सिंह, राघोगढ़ से जयवर्धन सिंह को टिकट दिया है।वहीं अशोकनगर एससी सीट से हरीबाबू राय, चंदेरी से गोपाल सिंह चौहान, मुंगावली से राव यदवेंद्र यादव, सुरखी से नीरज शर्मा, देवरी से हर्ष यादव, नरयावली एससी सीट से सुरेंद्र चौधरी, बंडा से तरवार सिंह लोधी, टीकमगढ़ से यदवेंद्र सिंह, जतारा से किरण अहिरवर, पृथ्वीपुर से नरेंद्र सिंह राठौर, खरगापुर से चंदा सिंह गौर, महाराजपुर से नीरज दीक्षित, चांदला से हरप्रसाद अनुरागी, राजनगर से विक्रम सिंह नाती राजा, छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, बिजावर से चरण सिंह यादव, मलहरा से साध्व राम सिया भारती, पथरिया से राव बृजेंद्र सिंह, जबेरा से प्रताप सिंह लोधी, हटा से प्रदीप खटीक, पवई से मुकेश नायक, गुन्नौर से जीवन लाल सिद्धार्थ, चित्रकूट से नीलांशु चतुर्वेदी, रायगांव से कल्पना वर्मा, सतना से सिद्धार्थ कुशवाह, नागौद से डा रश्मि सिंह पटेल, अमरपाटन से राजेंद्र कुमार सिंह, त्योंथर से रमाशंकर सिंह पटेल, मऊगंज से सुखेंद्र सिंह बन्ना, मनगवां से बबीता साकेत, गुढ़ से कपिध्वज सिंह, चुरहट से अजय सिंह (राहुल भैया) को उम्मीदवार बनाया है।इसके साथ ही, सिंहवाल से कमलेश्वर पटेल, चितरंगी से मनिक सिंह, सिंगरौली से रेनू शाह, जैतपुर से उमा धुर्वे, अनूपपुर से रमेश सिंह, पुष्पराजगढ़ से फुंदेलाल मार्को, बड़वारा से निलेश अवस्थी, बरगी से संजय यादव, जबलपुर पूर्व से लखन घनघोरिया, जबलपुर उत्तर से विनय सक्सेना, जबलपुर पश्चिम से तरुण भनोत, सिहोरा से एकता ठाकुर, शाहपुरा से भूपेंद्र मरावी, डिंडौरी से ओंकार सिंह मरकाम, बिछिया से नारायण सिंह पाटा, बैहर से संजय उईके, लांजी से हिना कांवरे, परसवाड़ा से मधु भगत, बालाघाट से अनुभा मुंजारे, कटंगी से बोध सिंह भगत, बरघाट से अर्जुन सिंह काकोड़िया, सिवनी से आनंद पंजवानी, केवलारी से रजनीश सिंह, लखनादौन से योगेंद्र सिंह बाबा, गोटेगांव से शेखर चौधरी, नरसिंहपुर से लखन सिंह पटेल, तेंदुखेड़ा से संजय शर्मा, छिंदवाड़ा से कमलनाथ, मुल्ताई से सुखदेव पांसे, बैतूल से निलय डागा, घोड़ाडोंगरी से राहुल उईके, भैंसदेही से धर्मु सिंह सिरसाम, टिमरनी से अभिजीत शाह, हरदा से राम किशोर डोंगे, उदयपुरा देवेंद्र पटेल गडरवास, सिलवानी से देवेंद्र पटेल, विदिशा से शशांक भार्गव पर भरोसा जताया है।जबकि बासौदा निशंक जैन, शमशाबाद सिंधु विक्रम सिंह, बैरसिया से जयश्री हरिकिरण, नरेला से मनोज शुक्ला, भोपाल मध्य से आरिफ मसूद, बुधनी से विक्रम मस्ताल, आष्टा से कमल चौहान, सीहोर से शशांक सक्सेना, राजगढ़ से बापू सिंह तंवर, खिलचीपुर से प्रियव्रत सिंह, सुसनैर से भेरू सिंह बापू, आगर से विपिन वानखेड़े, शाजापुर से हुकुम सिंह कराड़ा, कालापीपल से कुणाल चौधरी, सोनकच्छ से सज्जन सिंह वर्मा, हाटपिपलिया से राजवीर सिंह बघेल, मांधाता उत्तम पाल सिंह, पंधाना से रूपाली बारे, भीकनगांव से झूमा सोलंकी, बड़वाह से नरेंद्र पटेल, महेश्वर से विजयलक्ष्मी साधौ, कसरावद से सचिन यादव, खरगोन से रवि जोशी, भगवानपुरा से केदार डावर, राजपुर से बाला बच्चन, बड़वानी से राजन मंडलोई, अलीराजपुर मुकेश पटेल, जोबट से सेना पटेल, झाबुआ से विक्रांत भूरिया, थांदला से वीर सिंह भूरिया, पेटलवाद वाल सिंह मेड़ा, सरदारपुर से प्रताप ग्रेवाल, गंधवानी से उमंग सिंघार, कुक्षी से सुरेंद्र सिंह बघेल हनी, धरमपुरी से पांचीलाल मेड़ा, देपालपुर विशाल पटेल, इंदौर 1 संजय शुक्ला, इंदौर 2 चिंतामणी … Read more
ग्वालियर, आचार सहिंता लगते ही आयकर विभाग सक्रिय है, आयकर विभाग की टीम ने शहर के घी कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की, आयकर विभाग की टीम के अधिकारी घी कारोबारी के घर और फैक्ट्री पर अलग अलग दस्तावेज खंगाले है। जानकारी के मुताबिक ग्वालियर में मैना वाली गली ऑफिस, मालनपुर फैक्ट्री पर आयकर विभाग की टीम आज बुधवार सुबह घी कारोबारी एवं मोहन ट्रेडिंग कंपनी के संचालक मोहन लाल के ठिकानों पर छापा मारा , टीम ने मैना वाली गली में मोहन ट्रेडिंग कंपनी के ऑफिस पर कार्रवाई की वहीं दूसरी टीम मालनपुर स्थित फैक्ट्री पर छापा मारने पहुँची है।
सिलवानी – रेत की खदान बंद है फिर भी रेत का परिवहन जारी है. यह सारी जानकारी प्रशाशन के अधिकारीयों को है पता, लेकिन फिर भी कोई कारवाही नहीं की जा रही है. रात को तेज़ रफ़्तार रेत से भरे डम्पर ओवर लोड होकर दौड़ते है. जिस कारण कोई भी हादसा हो सकता है. जानकारी के अनुसार जून माह में तय प्रक्रिया के तहत प्रशासन के द्वारा रेत खदानो से रेत निकाले जाने का कार्य बंद कर दिया है। प्रति वर्ष बरसात के चार माह में रेत खदानो को प्रशासन के द्वारा बंद कर दिया जाता है। इस दौरान ना तो रेत का परिवहन किया जाता है और ना ही रेत का उत्खनन ही किया जा सकता है। लेकिन नियमो को धता बताते हुए रेत माफिया प्रति दिन अनेको डंपरो में रेत भर का रेत का परिवहन कर रहे है। परंतु कार्रवाही कि के नाम पर प्रशासन मूक दर्षक बना हुआ है। नर्मदा नदी रेत खदान से निकलने वाली रेत का व्यापार खनिज माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। सिलवानी के स्टेट हाईवे 44 तथा 15 से दिन रात के समय अनेको की संख्या में रेत से भरे डंपर बेरोकटोक निकल रहे है। रेत से भरे बाहन सिलवानी से होते हुए सागर, बीना, विदिशा अशोक नगर , गैरतगंज, राहतगढ़ आदि स्थानों के लिए जाते है। लेकिन कभी भी अधिकारियों के द्वारा कभी भी कार्यवाही नही की जाती है। खनिज विभाग के अघिकारी नही करते कार्यवाही, फ़ोन लगाने पर भी अधिकारी नहीं देते है कोई जवाब.
खरगौन ज़िले के बड़वाह विधान सभा से कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने तीन साल के अंदर दोबारा भाजपा की सदस्यता ली। आज सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने उन्हें पार्टी में फ़िर से शामिल किया। 2018 में विधायक बने बिरला अक्टूबर 2021 खंडवा उपचुनाव के दौरान] पार्टी में शामिल हुए थे। पर कांग्रेस की शिक़ायत के बाद भी उनकी सदस्यता रद्द नहीं की गई थीं। वैसे वो भाजपा में शामिल हो चुके थे पर कागज़ों पर वो कांग्रेस के ही विधायक थे।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में बहुत जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दलों की तैयारीयां जोरों पर हैं लेकिन भाजपा चुनाव तैयारियों के मामले में सबसे आगे नजर आ रही है। जिसके चलते प्रतिदिन उद्धघाटन, लोकार्पण और जनसभाओं का दौर जारी है। इन्ही जनसभाओं में दिग्गज नेताओं द्वारा दिये जा रहे बयानों से राजनैतिक गलियारों के साथ ही डबल इंजन सरकार वाली भारतीय जनता पार्टी में भी माहौल गर्मा गया है। विधानसभा चुनाव में बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव मैदान में उतरी भाजपा के बड़े नेताओं ने पार्टी हाईकमान की इस रणनीति का खुलकर विरोध तो नहीं किया लेकिन दिग्गज नेताओं ने बातों बातों में खुद को मुख्यमंत्री चेहरा साबित करना शुरू कर दिया है। जबकि अभी यह कहना भी मुश्किल है कि प्रदेश में सरकार भाजपा की बनेगी या फिर कांग्रेस की लेकिन इन दिग्गजों के दावों और बयानों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है। आइये आपको बताते हैं भाजपा के दिग्गज नेताओं ने क्या ऐसा क्या कहा, जिससे अपने आप को भावी मुख्यमंत्री सिद्ध करना माना जा रहा है। मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं:- शिवराज सिंह। सीएम शिवराज सिंह अपनी सभाओं में कुछ ऐसे बयान भी दे रहे हैं। जिनकी सियासी गलियारों में खासी चर्चा है। लोग अलग-अलग कयास लगा रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह ने एक सभा में कहा था कि ‘ऐसा भैया नहीं मिलेगा, जब चला ऊंगा तो बहुत याद आऊंगा’। इसके बाद एक सभा में उन्होंने जनता से पूछा ‘चुनाव लडूं या नहीं’ । वहीं, शुक्रवार को डिंडौरी की सभा में तो उन्होंने जनता से ये पूछ ‘लिया कि ‘मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं’। उन्होंने जनता से दोनों हाथ उठवाकर मामा का साथ देने और भाजपा की सरकार का साथ देने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने ये भी पूछा कि मुझे दिल से ईमानदारी से बताना। मैं कैसी सरकार चला रहा हूं? अच्छी सरकार चला रहा हूं कि बुरी सरकार चला रहा हूं? तो ये सरकार आगे चलनी चाहिए कि नहीं? मामा को मुख्यमंत्री बनना चाहिए कि नहीं ? मोदी जी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए कि नहीं ? मुख्यमंत्री साबित कर रहे हैं की जनता के बीच लोकप्रिय चेहरा में हूँ कोई और नहीं, उनके सख्त तेवर बता रहे हैं कि वह किसी के दवाव में काम कएने बाले नहीं है। मैं सिर्फ विधायक बनने नहीं आया:- कैलाश विजयवर्गीय। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और इंदौर से प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय लगभग रोजाना नई बात कह जाते हैं और बात भी ऐसी होती है कि दूर तलक जाती हैं। दरअसल कैलाश विजयवर्गीय ने एक सभा में ये कह हलचल मचा दी, कि वे सिर्फ विधायक बनने नहीं आए है, पार्टी की ओर से उन्हें बड़ी जवाबदारी मिलने वाली है। उन्होंने कहा ‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, भारतीय जनता पार्टी की सरकार फिर से बनने वाली है। मैं खाली विधायक बनने नहीं आया हूं। मुझे और भी कुछ बड़ी जवाबदारी मिलेगी पार्टी की ओर से। और जब बड़ी जवाबदारी मिलेगी तो बड़ा काम भी करूंगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमने विकास किया है और हम विकास करेंगे।’ अभी इस बात के सियासी मायने निकाले ही जा रहे थे की कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को एक बैठक के दौरान यह कहकर फिर सबको चौंका दिया कि “मैं भोपाल में बैठे-बैठे इशारे करुंगा तो इंदौर में काम हो जाएगा.” इस बयान के मायने भी मुख्यमंत्री पद से जुड़े हुए हैं, क्योंकि सीएम भोपाल में रहकर ही सरकार चलाते हैं। हो सकता है ईश्वर की इच्छा हो में कुछ बनु:- गोपाल भार्गव। सागर के रहली में प्रसिद्ध देवी सिद्ध पीठ टिकीटोरिया धाम में गुरुवार को रोप वे के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने आए मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा प्रत्याशी गोपाल भार्गव तो कैलाश विजयवर्गीय से भी दो कदम आगे निकल गए। भूमिपूजन कार्यक्रम में उन्होंने कहा – ‘मैं परेशान होता रहा, तो गुरु जी ने कहा जब इतने परेशान हुए हो तो, एक बार आप फिर चुनाव लड़ जाओ। ये अंतिम चुनाव होगा। ये जो भी गुरु का आदेश है, तो निश्चित रूप से मुझे भी लगा कि इस बार जो चुनाव हो रहे हैं। किसी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया जा रहा है। यह नहीं बताया जा रहा कि किसे हम मुख्यमंत्री बनाएंगे। जब गुरु का आदेश आया है तो हो सकता है। और मुझे भी लगा कि गुरु की कुछ इच्छा हो । ईश्वर की तरफ से बात आई हो। गोपाल भार्गव ने कहा- ‘ऐसा भी नहीं है कि मुझे कोई चाहत है। क्योंकि लोग सरपंच बनने के लिए परेशान रहते हैं, पार्षद बनने के लिए परेशान रहते हैं। भगवान ने तो मुझे सब कुछ बनाया है। नगर पालिका अध्यक्ष बनाया। इतने साल विधायक बनाया। इतने साल मंत्री बनाया और तो और सबसे बड़ा पद जो मुख्यमंत्री के बराबर होता है, मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया। बाद में सरकार बदली उस समय में मैं सोचता था कि मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया है। मैं 108 विधायकों का नेता था। कमलनाथ जी 113 विधायकों के नेता थे। लेकिन वह संभव नहीं हो पाया। हर चीज का मुहूर्त होता है। हो सकता है कि मेरी हस्तरेखा में, भाग्य रेखा में ना हो। लेकिन समय पता नहीं कब कैसा आ जाए। तो हो सकता है कि जगदंबा जी की इस परिषद से आपकी आवाज सत्य हो जाए। मैया से यही प्रार्थना करता हूं कि जो कुछ भी बनूं सब आपके लिए बनूं।’ अब क्या बनना वांकी है यह कहने की जरूरत नहीं पड़ती दिख रही है। इस चुनाव में बीजेपी ने कई बड़े चेहरे उतारे। भारतीय जनता पार्टी ने किसी भी नेता को सीएम फेस प्रोजेक्ट नहीं किया है। भाजपा आलाकमान की बात करें तो वह कई बार साफ कर चुका है कि पार्टी प्रदेश में बिना सीएम फेस के चुनाव लड़ेगी। यानी इस विधानसभा चुनाव को पार्टी किसी को भी सीएम घोषित नहीं करेगी। अब तक इसी रणनीति के साथ पार्टी प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं पार्टी ने इस चुनाव में 3 केंद्रीय मंत्री समेत 7 सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा अब तक तीन लिस्ट जारी कर 79 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। खास बात यह है कि … Read more
जबलपुर/भोपाल -: विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट ने आगर-मालवा से विधायक विपिन वानखेड़े और युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी और अन्य 4 लोगों को 12 साल पुराने धरना प्रदर्शन के मामले में एक साल की सजा सुनाई है। वानखेड़े के अलावा इस मामले में कोर्ट ने युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी समेत कुल 6 लोगों को दोषी करार दिया है और 1 साल की सजा सुनाई और 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया । यह पूरा मामला साल 2011 का बताया जा रहा है। तब विधायक विधायक वानखेड़े और विवेक त्रिपाठी एनएसयूआई कार्यकर्ता थे। उन्होंने मध्य प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। भोपाल के जहांगीराबाद इलाके से होते हुए विपिन वानखेड़े और विवेक त्रिपाठी सैंकड़ों छात्रों को लेकर जब विधानसभा कूच कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दी। युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे हमें पूर्ण विश्वास है कि उच्च न्यायालय से हमें इंसाफ मिलेगा | उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से परत दर परत शिवराज सिंह सरकार की लगातार पोल खुल रही है उससे सरकार डरी हुई है, सरकार की बौखलाहट स्पस्ट दिख रही है | भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस ने झूठा प्रकरण दर्ज किया था ।
ग्वालियर/भिंड। शहडोल कमीश्नर के पद पर रहते हुए शासकीय सेवा से त्यागपत्र देने वाले आईएएस राजीव शर्मा पहली बार भिंड आए। भिंड के खंडा रोड पर अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के कई राजनेता समेत गणमान्य जन शामिल हुए है। कयास लगाया जा रहा है कि आईएएस शर्मा किसी राजनीति पार्टी से टिकट लेकर चुनाव मैदान में उतरेंगे लेकिन उन्होंने अपने वक्तव्य में राजनीति न करने और भिंड के विकास का संकल्प लेने की बात कही है। भिंड जिले के मेहगांव कस्बे के ग्राम गढ़ी के रहने वाले राजीव शर्मा आईएएस की नौकरी से वीआरएस ले ली है। वे समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़कर भिंड की पहचान बदलने की बात कह रहे है। राजीव शर्मा का अभिनंदन कार्यक्रम राजनीति की तर्ज पर भिंड के खंडा रोड किया गया। वे 35 साल से शासकीय सेवा में डिप्टी कलेक्टर से लेकर कमिश्नर पद पर रहे। वे शहडोल कमिश्नर भी रह चुके है। शहडोल कमिश्नर के पद पर रहत हुए ही राजीव शर्मा ने शासकीय सेवा से त्यागपत्र द्व दिया लेकिन जब तक सरकार ने त्यागपत्र मंजूर किया तब तक उनकी पोस्टिंग वल्लभ भवन भोपाल में हो गई। वल्लभ भवन भोपाल में तैनाती के दौरान यहीं से वीआरएस लेकर भिंड पहुंचे हैं। आईएएस राजीव शर्मा शुक्रवार की शाम को गाड़ियों और समर्थको के काफिले के साथ खंडा रोड पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वसमाज के लोगों से मुलाकात की । वे गोल मार्केट से खंडा रोड पर शहरवासियों से राजनेता की तर्ज पर मुलाकात करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान स्थानीय नागरिकों द्वारा आइएएस शर्मा का फूलमाला से स्वागत किया। मंच को संबोधित करते शर्मा ने कहा कि भिंड हमारी मां है। जन्मभूमि है। इस माटी से मेरा ममत्व जुड़ा है। आजादी के इतने साल बाद भी हमारा भिंड पिछड़ा है। बस मेरे जीवन का यह उद्देश्य है कि भिंड से पिछड़ापन दूर करके विकसित शहर बना सकें। इसी विचार के साथ सरकारी सेवा से दूर होकर भिंड की सेवा करने का सकंल्प लिया है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में सर्व सुविधाएं है। मेरे एक बटन दवाने पर सर्वसुविधाएं मिलती है परंतु जब मैं भिंड की ओर देखता हूं। यहां के लोगों के जीवन की ओर देखता हूं तो मन व्याकुल हो उठता है। मन में पीड़ा होती है। बस यह कारण है कि मैं फिर से अपनी माटी की ओर लौटा हूं। जीवन का लक्ष्य राजनीति नहीं, भिंड का विकास है। आईएएस शर्मा ने कहा कि मेरे नौकरी छोड़ने की चर्चा होने पर कई राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव आए। मेरे जीवन का लक्ष्य राजनीति करना नहीं है। मेरा उद्देश्य भिंड को विकसित बनाना है। इसी उद्देश्य से आया हूं। उन्होंने कहा कि मैं कई जिलों में रहा हूं। मालवा का किसान एक लाख से लेकर एक करोड़ तक की फसल बेचता है। क्या कभी भिंड के किसान ने एक करोड़ की एक साल में फसल बेची है। भिंड में संसाधनो की कमी बहुत कमी है। उचित संसाधनों और उन्नत तकनीक से खेती करने से किसान समृध्द होंगे। उन्होंने बताया कि अपने गौरी किनारा,वनखंडेश्वर मार्ग स्थित पैतृक निवास को छात्रों के हित में निशुल्क वातानुकूलित लाइब्रेरी में परिवर्तित किया इस दौरान 7 दिन भिंड में रहा और भिंड के वर्तमान हालात देखकर यह चिंतन किया कि भिण्ड विकास में पीछे क्यों? इस पीड़ा से द्रवित होकर अब कमिश्नर पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपनी जन्मभूमि को ही कर्मभूमि बनाने का निर्णय किया है, जिससे भिण्ड जिले को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। राजीव शर्मा की पारिवारिक प्रष्ठभूमि और संक्षिप्त जीवन परिचय। आईएएस राजीव शर्मा के बाबा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे तथा आजादी के उपरांत कमुनिस्ट आंदोलन से जुड़ गए, कामरेड बाबा जनकराम अपने निजी प्रयासों से एक संपादक के रूप में अखबार भी निकालते थे। राजीव शर्मा के पिता रामनारायण शर्मा ने भी शासकीय सेवा छोड़कर 1967 में सार्वजनिक विद्यालय की स्थापना की थी। निर्धन और कमजोर वर्ग के सहायता हेतु संचालित मांटेसरी पद्धति का यह विद्यालय अपने आप में बहुत अनूठा था। गुन्दे मास्टर की कोठी में इसी सार्वजनिक मांटेसरी विद्यालय में राजीव की प्रारंभिक शिक्षा शिक्षा दीक्षा हुई थी। गौरी किनारे किरण निवास में जन्मे राजीव बचपन से ही योगाश्रम से जुड़ गए थे जहाँ उन्होंने योग, प्राणायाम, ध्यान सीखा और गौरी सरोवर में तैराकी भी सीखी। 1975 में बाबा और 1977 में पिता की असमय मृत्यु ने परिवार को दुख के भंवर में फँसा दिया। तब चाचा शिवचरण उपाध्याय ने विद्यालय और परिवार की जिम्मेदारी संभाली। काटनजीन स्कूल से कक्षा 8 पास कर राजीव शासकीय बहु.उ.मा. विद्यालय क्रमांक 1 में गए, तथा स्काउट और NCC के अलावा साहित्यक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाषण, वाद विवाद, अभिनय तथा काव्य पाठ में विजेता बने।तत्पश्चात MIS कॉलेज से इतिहास में MA किया, छात्र संघ का चुनाव जीता। दैनिक उदगार, साप्ताहिक वनखडेश्वर, गौरी सरोवर आदि में पत्रकारिता की। 1978 में तरुण कला संगम की स्थापना की। एनएसएस में भिण्ड और मप्र का राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिनिधित्व किया। 21 वर्ष की आयु में प्रथम प्रयास में ही मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा टॉप कर प्रशासनिक सेवा में चले गए। शहडोल संभाग में आदिवासियों के बीच फुटबॉल को घर घर तक पहुंचाया जिसकी चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात में कर चुके हैं। डिप्टी कलेक्टर से कमिश्नर पद तक की यात्रा में श्री राजीव शर्मा ने अपनी प्रशासनिक दक्षता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मंडला जिले में हर टोला मजरे को मुख्य सड़क से जोड़ने की बात हो या नरसिंहपुर में जलाभिषेक योजना की बात हो, शहडोल में कुओं को रिचार्ज कर भूजल स्तर को ऊपर उठने की बात हो या शाजापुर में संतरा क्रांति करके किसानों को समृद्ध बनाने की बात हो, राजीव शर्मा ने जहां-जहां भी वह पदस्थ रहे हैं वहां उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता से आम जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है। आईएएस अधिकारी रहते मिली कई उपलब्धियां। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 35 वर्ष तक सेवाएं देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपनी जन्मभूमि भिंड को विकासपथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प लेने वाले राजीव शर्मा ने अपने सेवाकाल में किये गए बेहतरीन कार्यों के लिए कई उपलब्धियां … Read more
भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए एक दर्जन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के तबादले करते हुए उनकी नवीन पदस्थापना की है। इसमें दो नवगठित जिलों मैहर और पांढुर्णा में पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। इस संबंध में शुक्रवार को गृह विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सर्जरी के बाद भी फिर एक बार बड़े स्तर के अधिकारियों के तबादले किये जा सकते हैं। आदेश के अनुसार, भोपाल पुलिस मुख्यालय में नगरीय पुलिस उपायुक्त सुधीर कुमार अग्रवाल को नवगठित जिले मैहर में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि दूसरे नवगठित जिले पांढुर्णा मकी कमान सागर पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के जोनल पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी को दी गयी है। यह दोनों जिले एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही अस्तित्व में आए हैं। इसके साथ ही 10 अन्य आईपीएस अधिकारियों को भी इधर से उधर किया गया है। इनमें खंडवा के पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ला को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पदस्थ किया गया है, जबकि उनकी जगह भोपाल पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सिंह को खंडवा में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, आगरमालवा के पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी को मंडला में 35वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल में सेनानी बनाया गया है, जबकि उनकी जगह मंडला के 35वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र सेनानी विनोद कुमार सिंह को आगरमालवा में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, इंदौर के नगरीय अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके हिंगणकर को इंदौर ग्रामीण रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल में उप पुलिस महानिरीक्षक कुमार सौरभ को चंबल रेंज मुरैना में उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल में उप पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन को सागर रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल में उप पुलिस महानिरीक्षक सविता सोहाने को शहडोल रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल में उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव को इंदौर में नगरीय अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और रतलाम जिले के जावरा में 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र सेनानी राम शरण प्रजापति को भोपाल में नगरीय पुलिस उपायुक्त पदस्थ किया गया है।
सुल्तानगंज के पत्रकार पर झूठा मुकदमा दर्ज कराए जाने पर निष्पक्ष जाँच करवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों ने महामहिम राज्यपाल के नाम का ज्ञापन तहसीलदार एस आर देशमुख को सौंप कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रकरण समाप्त करने की मांग की है । ज्ञापन में बताया गया है कि रायसेन जिले के सुल्तानगंज में साधना न्यूज रिपोर्टर सत्यवन गोस्वामी पर भाजपा नेता देशराज तोमर ने अपने ड्राइवर नन्हेलाल आदिवासी से झूठा मुकदमा दर्ज करवाए जाने से जिले भर के पत्रकारों में रोष व्याप्त है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जाँच कर मामला वापस लेने की मांग की है। ज्ञात हो की 15 जनवरी 2023 को पत्रकार सत्यवन गोस्वामी के तीन परिजनों के साथ भाजपा नेता देशराज तोमर सहित उनके परिवार के लोगों द्वारा मारपीट की थी जिस पर थाना सुल्तानगंज में 7 लोगों पर धारा 307 सहित विभिन्न अपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया था जो मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जिस मामले के राजीनामा करवाने के लिए भाजपा नेता ने 2 अक्टूबर को बस स्टेंट सुल्तानगंज पर पत्रकार से कहा राजीनाम कर लो नहीं तो जान से खत्म कर देंगें पुलिस ने मौक पर आकर मामला रफा दफा करा दिया था। इसके बाद पत्रकार पर राजनीतिक दबाव और पुलिस से साठगांठ कर झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सुल्तानगंज पुलिस द्वारा साधना न्यूज रिपोर्टर पर बनाया गया झूठा अपराधिक मामले की निष्पक्ष जांच कर मामला वापस किया जावे। पीड़ित पत्रकार को 7 दिवस में न्याय नहीं मिलने पर जिले भर में पत्रकार आदोलन करेंगे । पत्रकार पर झूठी एफआईआर की समस्त पत्रकार निंदा करते हैं। पुलिस आरोपियों का संरक्षण दे रही है। अपनी विफलता को दवाने के लिये पत्रकारों के खिलाफ दमन की कार्यवाही कर रही है। निवेदन है कि पत्रकार सत्यवन गोस्वामी पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए ज्ञापन की प्रतियां पुलिस महानिरीक्षक भोपाल, कलेक्टर रायसेन, पुलिस अधीक्षक रायसेन को भी भेजी गई हैं।