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एसटी हसन ने सुप्रीम कोर्ट और योगी सरकार के आदेश पर सवाल उठाया

मुरादाबाद पूर्व सांसद एवं सपा नेता डॉक्टर एसटी हसन ने कांवड़ यात्रा को बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद से अजान की आवाज निर्धारित 60 डेसिबल से ऊपर जाते ही पुलिस मस्जिद का लाडस्पीकर उतारकर ले जाती है, जबकि कांवड़ यात्रा के दौरान हैवी डीजे बेरोकटोक बजाया जाता है। उन्होंने कहा कि क्या मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने वाले इन हैवी डीजे को भी रोकेंगे। दरअसल, प्रदेश सरकार ने मोहर्रम के दौरान अस्त्र-शस्त्र पर पाबंदी लगाई है। मुरादाबाद के पूर्व सांसद एसटी हसन सरकार के इस आदेश से नाराज हैं। इस पर सपा नेता एवं पूर्व सांसद एसटी हसन का कहना है कि अगर पाबंदी लगाई जा रही है, तो फिर सब पर बराबर लगाई जानी चाहिए। सभी के धार्मिक जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र पर पाबंदी लगाई जाए। फिर हमें कोई ऐतराज नहीं होगा। हसन ने पूछा कि मोहर्रम में इस तरह की पाबंदी की क्या जरूरत थी। कई सौ साल से मुसलमान मोर्हरम के जुलूस में अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। ‘मस्जिद से लाउडस्पीकर उतार ले जाते हैं’ एसटी हसन का कहना है कि इतने हैवी डीजे लेकर लोग चलते हैं कि दिल धड़कने लगते हैं, खिड़कियां हिलने लगती हैं और कार के अंदर तक वाइब्रेशन आता है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट और योगी सरकार दोनों का ही आदेश 60 डेसिबल का है, लेकिन इसे लागू सिर्फ मस्जिदों पर कराया जाता है। अजान की आवाज अगर 60 डेसिबल से ऊपर जाती है, तो पुलिस तुरंत मस्जिद का एक लाउडस्पीकर उतार कर ले जाती है। सवाल किया कि डीजे को क्यों नहीं रोका जाता? कहा कि अगर सभी के साथ बराबरी का इंसाफ होगा, तब किसी को परेशानी ही नहीं होगी।  

खुशी और गर्व के मौके पर भी विपक्ष नकारात्मकता फैलाने पर तुला हुआ: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने रूस द्वारा अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पीएम नरेंद्र मोदी को सम्मानित किए जाने को 140 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व और संतुष्टि की अनुभूति का अवसर बताते हुए कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाया है। भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ये विषय सिर्फ एक सम्मान का नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के इकलौते प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें फ्रांस, इजिप्ट, यूएई, सऊदी अरब और फिलिस्तीन जैसे देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है और अब रूस ने भी अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द आर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगे कहा कि खुशी और गर्व के मौके पर भी विपक्ष नकारात्मकता फैलाने पर तुला हुआ है। कोई भी शुभ अवसर हो, वे नकारात्मक और शर्मनाक टिप्पणियां करना शुरू कर देते हैं। अब, वे हमसे ‘यूक्रेन’ के बारे में पूछ रहे हैं। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्होंने अपनी सीडब्ल्यूसी में रूस-यूक्रेन मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित किया है? उन्होंने दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता और प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका कहता है कि ‘भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है’ और रूस कहता है, ‘भारत हमारा पारंपरिक सहयोगी है।’ उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में किसी अन्य देश का इतना बड़ा कद नहीं है, जिसके प्रति इन दोनों देशों ने इन शब्दों में अपनी भावना व्यक्त की हो। इस समय भारत के पीएम नरेंद्र मोदी एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं, जिन्हें दो बार अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का अवसर मिला और उसके साथ ही रूस ने भी उन्हें अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है। जनसंख्या को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने असम की घुबरी लोकसभा सीट पर आए नतीजे का हवाला देते हुए कहा कि ये देखना होगा कि डेमोग्राफी कैसे बदल रही है और जनसंख्या वृद्धि एवं असंतुलन का फायदा कौन उठा रहा है। महंगाई को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि लोगों को यह देखना चाहिए कि कांग्रेस के कार्यकाल में महंगाई की दर कितनी ज्यादा थी।

चोरों को संरक्षण देने वाली गठबंधन सरकार की विदाई अब की बार तय, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा

रांची बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। मरांडी ने कहा कि जो सरकार आदिवासी हितैषी होने का दावा करती है, उसी सरकार में आदिवासियों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। मरांडी ने कहा कि छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं। लगातार शिकायत करने और ज्ञापन देने के बावजूद भी उनकी समस्याओं का कोई भी समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चोरों को संरक्षण देने वाली गठबंधन सरकार की विदाई अब की बार तय है। पूरे प्रदेश में चोरों का आतंक फैला हुआ है, प्रदेश का ऐसा एक भी कोना नहीं बचा है जहां राज्य सरकार के संरक्षण में झपट्टा मार गैंग काम न कर रही हो। मरांडी ने कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले का आंकड़ा निकाल कर देखा जा सकता है कि कैसे ऐसी गैंग को संरक्षण देकर झामुमो और कांग्रेस की सरकार जनता में भय को बढ़ावा दे रही है। मरांडी ने आगे कहा, साढ़े चार साल की नाकामी को छुपाने की कोशिश में लगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, अब आपके बदले लिबास और ओढ़े हुए किरदार को जनता समझ चुकी है। इंतजार कीजिए, जनता अपने ऊपर हुए हर एक जुर्म का हिसाब आपसे लेगी।

प्रधानमंत्री द्वारा भारत के एमएसएमई और असंगठित व्यवसायों पर सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही: कांग्रेस

नई दिल्ली कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने ‘‘विनाशकारी नीति निर्धारण” से देश के विनिर्माण क्षेत्र को तहस नहस कर दिया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने सरकार के आर्थिक कदमों को लेकर लगातार आगाह किया, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया और सूक्ष्म, लघु, मध्यम (एमएसएमई) और असंगठित व्यवसायों पर हमला किया। सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘क्रेडिट रेटिंग कंपनी ‘इंडिया रेटिंग्स’ की एक नई रिपोर्ट ने उस बात की पुष्टि की है जिसे लेकर कांग्रेस लगातार आगाह करती आ रही है कि नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री द्वारा भारत के एमएसएमई और असंगठित व्यवसायों पर सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही है।” उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार का नीति निर्माण आम तौर पर असंगठित क्षेत्र को नज़रअंदाज़ करने वाला रहा है।” नौकरियां 2016 में 3.6 करोड़ से घटकर 23 में 3.06 करोड़ रमेश के मुताबिक, ‘‘नोटबंदी, जटिल कर संरचना और बिना तैयारी के लॉकडाउन लगाने” रूपी तीन झटके विशेष रूप से इसके विनाशकारी नीति निर्धारण की ओर ध्यान दिलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इन तीन झटकों के कारण असंगठित क्षेत्र के 63 लाख उद्यम बंद हुए, जिससे 1.6 करोड़ नौकरियां चली गईं। रमेश ने कहा कि यह ऐसे समय हुआ जब रिकॉर्ड संख्या में युवा श्रम बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं जबकि मोदी सरकार नौकरियों के अवसरों को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तमाम प्रचार, दिखावे और दावे के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की नौकरियां वित्त वर्ष 2016 में 3.6 करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 23 में 3.06 करोड़ हो गईं। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को वैधानिक लूट बताया कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ‘‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री” ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र को तहस नहस कर दिया है। रमेश ने कहा, ‘‘कांग्रेस प्रधानमंत्री को इन नतीजों को लेकर लगातार चेतावनी देती रही है। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने ख़ुद संसद में नोटबंदी की निंदा करते हुए इसे ‘‘संगठित और वैधानिक लूट” बताया था। राहुल गांधी ने बार-बार एमएसएमई पर जीएसटी के ख़तरनाक दुष्परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि यह न तो अच्छा है और न सरल कर है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 1.4 अरब भारतीय अब ‘‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री” के मित्रवादी पूंजीवाद, मनमाने नीति निर्धारण और मुद्दों को रचनात्मक रूप से हल न करने के आर्थिक दुष्परिणामों को भुगतने के लिए मजबूर हैं।

प्रशांत किशोर ने बताया- महात्मा गांधी की जयंती यानी 2 अक्तूबर को वह अपनी राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे

नई दिल्ली चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक पार्टी की लॉन्चिंग की तारीख का ऐलान कर दिया है। महात्मा गांधी की जयंती यानी 2 अक्तूबर को वह अपनी राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वह अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेंगे। किशोर ने यह भी कहा है कि उससे पहले वह 21 नेताओं की एक कमेटी गठित करेंगे जो पार्टी के इन मामलों को देखेगी। दो साल पहले प्रशांत किशोर ने 2 अक्तूबर, 2022 को गांधी जयंती के मौके पर ही पश्चिम चंपारण से जन सुराज यात्रा की शुरुआत की थी। पिछले दो साल में किशोर राज्यभर में 5000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा कर चुके हैं। वह अपनी जनसभाओं में लोगों को जाति के कुचक्र से ऊपर उठकर विधायक-सांसद चुनने की अपील करते रहे हैं। ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह आगामी विधान सभा चुनावों में महागठबंधन और एनडीए के खिलाफ अपने बुते उतरेंगे। उन्होंने कहा कि वह 75 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा करेंगे। किशोर अपनी सभाओं में कहते रहे हैं कि बिहार के मुसलमान डर कर वोट करते रहे हैं। इसके अलावा उनका कोई नेता नहीं है। पीके दलितों पर भी बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। राज्य की आबादी में दलितों और मुसलमानों की कुल हिस्सेदारी 37 फीसदी है। इसलिए वह बड़ी संख्या में दलितों को भी चुनाव में उतारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। प्रशांत किशोर की राजनीतिक शुरुआत नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से हुई है। 2015 के विधान सभा चुनावों में जीत के बाद नीतीश ने उन्हें अपनी पार्टी में नंबर दो की हैसियत दी थी लेकिन जल्द ही दोनों के रास्ते अलग हो गए। अब प्रशांत किशोर नीतीश के दलित और मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी का प्लान बना रहे हैं। उनकी इस रणनीति से लालू यादव की राजद के वोट बैंक में भी सेंधमारी का प्लान है। हालांकि, उन्हें भाजपा की बी टीम कहा जा रहा है लेकिन पीके ने साफ किया है कि वह सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतार कर भाजपा को भी सबक सिखाएंगे।  

लोकसभा चुनाव के बाद राज्यसभा में कैसे पलट गया सीटों का गणित? कांग्रेस का नुकसान

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के बाद उच्च सदन राज्यसभा का नंबरगेम भी बदल गया है. उच्च सदन के कुछ सदस्यों ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें कांग्रेस के भी दो सांसद हैं. पार्टी के राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल और दीपेंद्र सिंह हुड्डा लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. केसी वेणुगोपाल राजस्थान और दीपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा से राज्यसभा सदस्य थे. इन दोनों नेताओं के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत संभव नजर नहीं है. ऐसे में पार्टी को दो सीटों का नुकसान होना तय माना जा रहा है. लोकसभा चुनाव तक उच्च सदन में कांग्रेस का संख्याबल 28 सदस्यों का था. अब दो सदस्यों के इस्तीफे के बाद पार्टी उच्च सदन के नंबरगेम में 26 सीट पर आ गई है. कांग्रेस राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बाद दूसरे नंबर की पार्टी है. बीजेपी के राज्यसभा में 90 सदस्य हैं. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 63 सीटों का नुकसान हुआ था और पार्टी 2019 की 303 के मुकाबले इस बार 240 सीटें जीत सकी लेकिन राज्यसभा में उसे दो सीट का फायदा होना तय माना जा रहा है. लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस का गेम राज्यसभा में कैसे खराब हो रहा है, बीजेपी को कैसे फायदा हो रहा है? बीजेपी को होगा 2 सीट का लाभ बीजेपी को राज्यसभा उपचुनाव में दो सीट का लाभ होगा और पार्टी संख्याबल के लिहाज से 92 सीटों के साथ नंबर वन पोजिशन को और मजबूत कर लेगी. दरअसल, राज्यसभा चुनाव या उपचुनाव में मतदान के लिए प्लस वन फॉर्मूले का उपयोग होता है. हरियाणा विधानसभा की स्ट्रेंथ के लिहाज से देखें तो दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दल को 46 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट चाहिए होंगे. बीजेपी के 41 विधायक हैं और एक निर्दलीय विधायक, हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा को मिलाकर सरकार के पास कुल 43 विधायकों का समर्थन है जो 46 से तीन कम है. हरियाणा में बीजेपी अकेले दम सीट जीतने की स्थिति में नहीं है फिर भी कांग्रेस या कोई और पार्टी उसके खिलाफ उम्मीदवार उतारने में हिचक रही है. इसके पीछे बीजेपी की ओर से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के चार विधायकों के समर्थन का दावा है. बीजेपी ने जब जेजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था, जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली स्थित अपने फॉर्महाउस पर विधायकों की बैठक बुलाई थी जिसमें चार विधायक नहीं पहुंचे थे. सरकार ने जिस दिन सदन में बहुमत साबित किया, जेजेपी प्रमुख रैली कर रहे थे और सभी विधायकों से इस रैली में पहुंचने के लिए कहा गया था लेकिन पार्टी के कुछ विधायक विधानसभा में मौजूद थे. राजस्थान में क्या है गणित? राजस्थान में भी तस्वीर बदल चुकी है. सूबे में अब बीजेपी की सरकार है. राजस्थान विधानसभा की स्ट्रेंथ 200 सदस्यों की है. सूबे के कोटे की एक सीट जीतने के लिए 101 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट चाहिए होंगे. 199 सीटों के लिए हुए चुनाव में ही बीजेपी को 115 सीटों पर जीत मिली थी जो जीत के लिए जरूरी 101 विधायकों से कहीं अधिक है. क्या खतरे में आई खड़गे की कुर्सी? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. राज्यसभा में कांग्रेस के 26 सीटों पर आने से उनकी विपक्ष के नेता की कुर्सी पर भी संकट की बात होने लगी थी. राज्यसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा पाने या बनाए रखने के लिए सदन की कुल स्ट्रेंथ का 10 फीसदी संख्याबल चाहिए होता है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता के लिए यह नंबर 25 है. कांग्रेस के 26 सदस्य ही रह गए जो जरूरी संख्याबल से दो ही अधिक है. ऐसे में अगर पार्टी के दो सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो जाए या अपरिहार्य कारणों से उच्च सदन के सदस्य नहीं रहते हैं तो कांग्रेस की स्ट्रेंथ 25 से कम हो सकती है. ऐसे में खड़गे का नेता प्रतिपक्ष पद पर बने रहना मुश्किल होता. तेलंगाना से होगी नुकसान की भरपाई? राजस्थान और हरियाणा से हो रहे दो सीटों के नुकसान की भरपाई के लिए कांग्रेस की नजर तेलंगाना जैसे राज्य पर है. तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है और सूबे की सीटों पर राज्यसभा चुनाव हुए तो पार्टी के जीतने की संभावनाएं मजबूत हैं. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के राज्यसभा सांसद केशव राव के इस्तीफे को भी कांग्रेस की इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. केशव राव के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत तय है. ऐसे में कांग्रेस की स्ट्रेंथ भी उच्च सदन में 26 से बढ़कर 27 पहुंच जाएगी.  

पीएम मोदी को रूस के ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द अपोस्टल’ से सम्मानित, 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान : वीडी शर्मा

भोपाल वीडी शर्मा ने कहा कि  रूस दौरे में पीएम मोदी को वहाँ के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द अपोस्टल’ (Order of St Andrew the Apostle) से सम्मानित किया गया है। ये 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है और हम इसके लिए मोदी जी को बधाई देते हैं। 15 देशों ने मोदी जी का सम्मान किया है। मुस्लिम देशों ने भी मोदी जी को सम्मानित किया है। एक वक्त ऐसा था जब दुनिया में लोग भारत को नजरंदाज करते थे लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया भारत का सम्मान कर रही है। ‘MP और देश भर में रोज़गार में हुआ इज़ाफ़ा’ वहीं मध्य प्रदेश के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘NSO रिपोर्ट में एमपी के लिए बड़ी खुशखबरी मिली है। पिछले 7 सालों में एमपी में 6 लाख नौकरियां बढ़ी हैं। आलोचना करने वाले विपक्ष को ये रिपोर्ट देख लेना चाहिए। इस रिपोर्ट के अनुसार रोजगार 12 परसेंट से ज्यादा बढ़ा है। इसके लिए मैं एमपी सरकार और सीएम मोहन यादव जी को बधाई देता हूं। डबल इंजन की सरकार में हम आगे बढ़ रहे हैं। रिजर्व बैंक के आंकड़ों में भी देश में 6 परसेंट रोजगार बढ़ा है। जहां बीजेपी की सरकारें नहीं हैं वहां रोजगार काम हुआ है। बंगाल में 30 परसेंट घटा है। कांग्रेस शासित कर्नाटक में भी यही हाल है। मोदी जी के नेतृत्व में देशभर में रोजगार प्रतिशत बढ़ा है।’ अमरवाड़ा में जीत का विश्वास जताया सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिलाओं को गुज़ारा भत्ता दिए जाने के फ़ैसले पर उन्होंने कहा कि ये एक प्रशंसनीय निर्णय है। आज अमरवाड़ा में हो रहे उप चुनाव पर वीडी शर्मा ने कहा कि मतदान के आंकड़े ये बता रहे हैं की अमरवाड़ा की जनता विकास को वोट दे रही है। बीजेपी एतिहासिक वोटों से बहुमत ला रही है। हमने बूथ पर काम किया है और कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा था की हर बूथ कर कमल खिलेगा। वहीं शंकराचार्य जी के बयान पर उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी का बेहद सम्मान है लेकिन राहुल गांधी जी ने संसद में मंदबुद्धि भरा व्यवहार किया है, शंकराचार्य जी उनकी मंदबुद्धि पर भी विचार करें।

राजधानी दिल्ली में बड़ा सियासी पालाबदल, AAP के विधायक, पार्षद और पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद समेत कई नेता BJP में शामिल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और मंत्री राजकुमार आनंद ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और बीएसपी में शामिल हुए थे. अब वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. उनके साथ ही AAP सिटिंग एमएलए करतार सिंह तंवर, रत्नेश गुप्ता, सचिन राय, पूर्व विधायक वीना आनंद और AAP पार्षद उमेद सिंह फोगाट भी बीजेपी में शामिल हुए हैं. इन नेताओं ने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की उपस्थिति में पार्टी ज्वाइन की. पिछले दिनों अप्रैल में राजकुमार आनंद ने भ्रष्टाचार पर पार्टी की नीति पर असंतोष जताते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. उनका इस्तीफा सीधे तौर पर शराब नीति मामले से जुड़ा था, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया गया था. लोकसभा चुनाव में करारी हार बता दें कि राजकुमार आनंद ने हाल में हुए लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. चुनावी रण में उन्हें सिर्फ 5629 वोट मिले थे. इस सीट से बीजेपी की बांसुरी स्वराज ने 78370 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 453185 वोट मिले. दूसरे पायदान पर 374815 वोटों के आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती रहे. पटेल नगर से पूर्व विधायक राज कुमार आनंद, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैबिनेट में समाज कल्याण और एससी/एसटी मंत्री थे. आनंद ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपना नाम चल रहे ‘भ्रष्टाचार’ से नहीं जोड़ सकते थे. आनंद ने बसपा की टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव वह बसपा में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा। बुधवार को वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उनका पार्टी में स्वागत किया। छतरपुर के विधायक करतार सिंह भी बीजेपी में हुए शामिल छतरपुर के आम आदमी पार्टी विधायक करतार सिंह तंवर ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। पटेल नगर से पूर्व विधायक वीणा आनंद, छतरपुर से पार्षद उमेश सिंह फोगाट हिमाचल प्रदेश के आप प्रभारी रतनेश गुप्ता और सह प्रभारी सचिन राय भी भाजपा में शामिल हुए। यह राजकुमार आनंद वहीं हैं, जो दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री थे। जब केजरीवाल जेल में थे, तब इन्होंने आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर पार्टी से बाहर आ गए थे और बीएसपी ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद बीएसपी ने इन्हें नई दिल्ली सीट से लोकसभा का टिकट दिया। हालांकि बीएसपी का दिल्ली में जनाधार नहीं हैं। इस तरह वह मुकाबले से पहले ही बाहर हो गए।  

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा सुनिश्चित करने में केंद्र सरकार की विफल- सांसद सैयद आगा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के मछेड़ी इलाके में 8 जुलाई की दोपहर को आतंकियों ने घात लगाकर भारतीय सेना के गश्ती दल पर हमला कर दिया. इस हमले में एक जेसीओ समेत पांच जवान शही हो गए, जबकि पांच अन्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका पठानकोट आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. सुरक्षा बलों ने इस पूरे इलाके को घेर लिया है और तीन दिनों से आतंकियों की तलाश में लगातर ऑपरेशन चला रहे हैं. आतंकी संगठन ‘कश्मीर टाइगर्स’ ने कठुआ हमले की जिम्मेदारी ली है. इस बीच कठुआ आतंकी हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजियां भी शुरू हो गई हैं. श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी का कहना है कि जवानों के खून से बीजेपी नाजायज फायदा उठाना चाह रही है. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘यह सरकार हकीकत से दूर भाग रही है. जम्मू-कश्मीर में खून बह रहा है. जवानों का खून बहना बंद होना चाहिए. आतंकवाद के खिलाफ दो तरह से आगे बढ़ना चाहिए. जवान तो लड़ ही रहे हैं, लेकिन स्थायी शांति के लिए लोगों का दिल जीतना होगा. जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत करनी होगी.  कश्मीर की जनता किसी का खून बहता हुआ नहीं देखना चाहती.’ जवानों के खून से BJP फायदा उठाना चाह रही: आगा सैयद आगा सैयद ने कहा, ‘ये आतंकी हमले पीएम मोदी की नाकामी है. वह कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है. सुरक्षा में खामी है या कोई और कारण पता नहीं, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं. जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो बीजेपी उसका बस फायदा उठाना चाहती है. जवानों के खून से बीजेपी नाजायज फायदा उठाना चाह रही है. ऐसी घटनाओं का बहाना बनाकर जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव को टाला नहीं जाना चाहिए’. PAK में हालत खराब है, ये आतंकी कैसे पनप रहे: मो. सलीम सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने कुठआ आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, ‘पहले कहते थे आतंकी सीमा पार करके पाकिस्तान से आते हैं. लेकिन अभी तो पाकिस्तान में भी हालत खराब है. तो फिर ये आतंकी कैसे पनप रहे हैं? क्या यह पुलवामा की घटना को दोहराया गया है? हमारे जवान मर रहे है, इस पर जवाब कौन देगा. ये लोग कहते हैं कि हमारे यहां घरेलू आतंकी नहीं हैं. तो ये आतंकी आखिर कहां से पनप रहे हैं? देश की सरकार को जवाब देना चाहिए.’ कठुआ में आतंकियों ने सेना के दो ट्रकों को बनाया निशाना कठुआ में आतंकियों ने सेना के दो ट्रकों पर गोलीबारी झोंक दी, जिसमें 12 सैनिक सवार थे. आतंकवादियों ने लगभग 500 मीटर की दूरी पर खड़े ट्रकों को पहले हथगोले से निशाना बनाया, फिर एम4 असॉल्ट राइफल से गोलीबारी की. इस हथियार का इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है. पिछले 32 महीनों में जम्मू क्षेत्र में हुए आतंकी वारदातों में 44 सैनिक मारे गए हैं. जम्मू रीजन को आतंकवाद से मुक्त माना जाता था. लेकिन हाल की घटनाओं से इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आतंकियों के सक्रिय होने के संकेत मिलते हैं. लगभग हर हमले के बाद आतंकवादी भागने में सफल हो जाते हैं. कठुआ हमले से एक दिन पहले आतंकियों ने राजौरी में एक आर्मी कैंप को निशाना बनाया था, जिसमें एक सैनिक घायल हो गया था. हालांकि, जवान इस हमले को विफल करने में कामयाब रहे थे. ऐसी खबरें हैं कि 60 से अधिक विदेशी आतंकवादी- अकेले जम्मू क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर के सभी 10 जिलों में आतंकी वारदातों का खतरा बना हुआ है. इन आतंकियों को जंगल में युद्ध करने के लिहाज से प्रशिक्षित किया गया है. भारत ने खाई कठुआ आतंकी हमले का बदला लेने की कसम पिछले साल नवंबर और दिसंबर राजौरी में हुए दोहरे हमलों के बाद, भारतीय सेना ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय विदेशी आतंकी अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे विभिन्न देशों में प्रशिक्षण पाए हो सकते हैं. वे अत्याधुनिक हथियारों के अलावा मिनी-सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस हैं, जिन्हें इंटरसेप्ट करना मुश्किल होता है. भारत ने कठुआ हमले का बदला लेने की कसम खाई है. पाकिस्तान का नाम लिए बिना रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘राक्षसी ताकतें’ हारेंगी. पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने आखिरी चरण में है और बचे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए हमारी सेना ने बहुआयामी रणनीति अपनाई है.  

पूनावाला ने कहा,

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में एक और लड़की की पिटाई का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने साझा कर ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने उनकी पार्टी टीएमसी का मतलब ‘ तालिबानी मुझे चाहिए’ बताया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक और तालिबानी वीडियो सामने आया है। चोपड़ा के बाद यह एक और वीडियो। जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि एक महिला को तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का करीबी बेरहमी से पीट रहा है। इस प्रकार की घटनाएं लगातार हो रही है उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी का मतलब अब ‘तालिबानी मुझे चाहिए’ बन चुका है। हालत यह हो गई है कि टीएमसी के विधायक और नेता इस तरह की घटनाओं को डिफेंड भी करते हैं। इससे पहले वे संदेशखाली और चोपड़ा जैसी घटनाओं को भी डिफेंड कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संदेशखाली पर ममता बनर्जी सरकार को फटकार भी लगाई है। पूनावाला ने कहा, “आज ममता दीदी की सरकार मां-माटी-मानुष नहीं केवल बलात्कारी,भ्रष्टाचारी और बम धमाके करने वालों को बचाओ सरकार बन गई है। इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी खेमे की चुप्पी पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा, ” दुख की बात यह है कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले नेता इस पर चुप है। क्या मणिपुर जाने वाले राहुल गांधी बंगाल जाकर इस महिला से मिलेंगे, ममता सरकार के खिलाफ बोलेंगे? प्रियंका गांधी वाड्रा, प्रियंका चतुर्वेदी और आम आदमी पार्टी इस पर बोलेंगे। इनमें से कोई नहीं बोलेगा। ये सब स्वाति मालीवाल, संदेशखाली , चोपड़ा और इस बार की तालिबानी घटना पर भी कुछ नहीं बोलेंगे।” ममता बनर्जी ने बंगाल को तालिबानी व्यवस्था के सहारे छोड़ दिया : तरुण चुघ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू कश्मीर के प्रभारी तरुण चुघ ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बंगाल को ममता बनर्जी ने तालिबानी व्यवस्था के सहारे छोड़ दिया है। बंगाल के अंदर लगातार टीएमसी के नेता और गुर्गे देश की न्याय व्यवस्था को धता बता कर वहां कंगारू कोर्ट चला रहे हैं। तरुण चुघ ने कहा कि बंगाल के अंदर चाहे वह नॉर्थ 24 परगना की कामरावती की घटना हो या फिर संदेशखाली की घटना हो, बंगाल के अंदर देखी जा रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि ममता बनर्जी ने बंगाल को तालिबानी शासन व्यवस्था के हाथ में छोड़ दिया है और तालिबानी कानूनों के तहत कंगारू कोर्ट लगाकर टीएमसी के नेता वहां पर अमानवीय अत्याचार, महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वहां तालिबान का शासन चल रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रायबरेली दौरे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी से निवेदन करता हूं कि वह कुछ दिन तमिलनाडु में भी गुजारें जहां जहरीली शराब पीकर दलित समाज के लोग लगातार मर रहे हैं। वहां आपकी गठबंधन की सरकार है। इस पर उनकी रहस्यमय चुप्पी है। राहुल गांधी को कुछ दिन बंगाल के संदेशखाली और नॉर्थ 24 परगना में गुजारने चाहिए। बंगाल में लगातार, हत्याएं, ब्लात्कार और अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में झंडा देखकर घर को जलाया जा रहा है, बंगाल में तालिबानी शासन चल रहा है। राहुल गांधी के पास तमिलनाडु, बंगाल जाने के लिए बिलकुल भी समय नहीं है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। तरुण चुघ ने कहा कि जम्मू कश्मीर की घटनाएं दुखद हैं, घोर कष्टदायक है, आतंकी हमले की जितनी निंदा की जाए, कम है। शहादत देने वाले शहीदों को कोटि-कोटि नमन करता हूं। आज जम्मू कश्मीर के अंदर जो शांति है, लोकतंत्र के प्रति वहां की जनता का अटूट विश्वास है। जहां पहले बहिष्कार की राजनीति होती थी, वहां लाखों लोग खड़े होकर वोट दे रहे हैं। इससे बौखलाकर आतंकी संगठन लोगों को निशाना बना रहे हैं। वह हारी हुई और आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे। लगातार सुरक्षा बल उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे भयभीत होकर आतंकी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन भारत उन्हें नहीं बख्शेगा।        

भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में राई से हरियाणा विधान सभा के लिए चुने गए मोहन लाल बडौली

चंडीगढ़ भाजपा नेता मोहन लाल बडौली को भाजपा का हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।मोहन लाल बडौली वर्ष 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में राई से हरियाणा विधान सभा के लिए चुने गए । उन्होंने 1995 में मंडल अध्यक्ष (मुरथल) का पद संभाला। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान जिला परिषद में चुने गए थे। मोहन लाल का जन्म 1963 में हरियाणा के सोनीपत जिले की राई तहसील के बड़ौली गांव में हुआ था। उनके पिता, कली राम कौशिक, अपने गांव में एक प्रतिष्ठित कवि थे और जांटी, सोनीपत के कवि पंडित लखमी चंद की रागनियों के शौकीन थे। वह एक किसान और व्यापारी हैं। मोहन लाल ने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई जीएसएसएस, खेवड़ा, सोनीपत से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सोनीपत के बहालगढ़ चौक के पास कपड़ा मार्केट में एक दुकान चलाई। मोहनलाल 1989 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हुए और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वह सोनीपत क्षेत्र के बहुत कम भाजपा पार्टी कार्यकर्ताओं में से थे। इनेलो राज के दौरान मुरथल से जिला परिषद का चुनाव जीतने वाले वह पहले भाजपा उम्मीदवार थे।  

सचिन पायलट ने कहा- कश्मीर में बढ़ रही आतंकी घटनाओं पर जवाब दे सरकार

टोंक कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए। इसको लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, घाटी में आतंकी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कठुआ आतंकी हमले में पांच जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि, “घाटी में आतंकी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन सरकार सदन में दावा करती है कि यहां पर सब कुछ ठीक है और स्थिति नियंत्रण में है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि ” मुझे आश्चर्य है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सितंबर से पहले जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का आदेश दिया है। लेकिन सीमा पार से आतंकियों ने हमारे नौ जवानों को शहीद कर दिया। जवानों पर घात लगाकर हमले हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को जवाब देना पड़ेगा। ” सचिन पायलट ने आगे कहा कि सेना के जवानों पर हो रहे आतंकी हमलों को लेकर केंद्र सरकार को कुछ करना पड़ेगा। यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार अपना स्पष्टीकरण दें और सख्ती से कार्रवाई भी करे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकियों ने पांच दिनों के अंदर दूसरी बात हमला किया है। 8 जुलाई को सेना के ट्रक पर घात लगाकर आतंकियों ने हमला किया। इसमें पांच जवान शहीद हो गए, जबकि अन्य पांच जवान घायल हो गए। प्रदेश में बढ़ रहे अवैध बजरी खनन को लेकर उन्होंने कहा कि बजरी के मामले में सरकार को बड़ा कदम उठाना चाहिए। कहीं अगर कोई गैरकानूनी काम हो रहा है और उनके खिलाफ सख्ती नहीं होगी, तो उनका साहस बढ़ेगा। मैं तो सरकार से आग्रह करता हूं कि अगर कहीं भी गैरकानूनी गतिविधियां हो रही हैंं, तो उस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। हम लोग सदन के अंदर और बाहर मांग करेंगे कि अवैध खनन न हो।

असम में बाढ़ की समस्या के लिए ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों में बहुत कम काम किया गया: गोगोई

असम असम में बाढ़ के कहर के बीच कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘डबल इंजन” की सरकारों ने इस चिरस्थायी समस्या का समाधान खोजने के लिए पिछले आठ वर्षों के दौरान बहुत कम काम किया। गोगोई ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य का दौरा करने को भी कहा, क्योंकि उनके अनुसार, समस्या के दीर्घकालिक समाधान और महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश की आवश्यकता है। गोगोई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बाढ़ और कटाव की प्रतिक्रिया के लिए दीर्घकालिक समाधान और महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश की आवश्यकता है… दुर्भाग्य से, राज्य और केंद्र के स्तर पर ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों में बहुत कम काम किया गया है।” उन्होंने कहा, “केंद्रीय जल आयोग ने लंबे समय से असम की अनदेखी की है। मैं जल शक्ति मंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे इस कठिन समय में राज्य का दौरा करें।” असम में भाजपा 2016 में सत्ता में आयी थी।   गोगोई ने कहा कि लगातार बारिश ने असम में व्यापक तबाही मचायी है और अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा, “घर डूब गए हैं, जिससे परिवारों को मकान खाली कर विस्थापित होना पड़ रहा है। फसलों और पशुधन के नुकसान से खाद्य सुरक्षा और आजीविका को भी खतरा है।” गोगोई ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र जोरहाट और उसके आसपास के कई इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा, “जमीन पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। व्यापक स्तर पर आने वाली इस आपदा पर तत्काल कार्रवाई और सहायता की आवश्यकता है।” असम में बाढ़ से 27 जिले प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि अलग-अलग स्थानों पर और बारिश होने का अनुमान है। 

हरियाणा में BJP ने नियुक्त किया नया प्रदेशाध्यक्ष, इस चेहरे पर खेला दांव

चंडीगढ़  बीजेपी विधायक मोहन लाल बडौली को हरियाणा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री नायब सैनी ही संभाल रहे थे। पार्टी ने विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर विधायक मोहन लाल बडौली को हरियाणा में संगठन की कमान सौंपी है। मोहन लाल बडौली सोनीपत जिले की राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे मुख्यमंत्री नायब सैनी के काफी विश्वस्त माने जाते हैं। पार्टी महासचिव अरुण सिंह के अनुसार बडौली की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। बडौली अभी तक हरियाणा बीजेपी के संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। ऐसे में वह प्रदेश महामंत्री से अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। मोहन लाल सोनीपत जिले की राई तहसील के बडोली गांव से आते हैं। नायब सैनी की जगह लेंगे बडौली ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के सीएम रहने के बाद राज्य में बीजेपी की कमान पार्टी ने नायब सिंह सैनी को सौंपी थी। इसके बाद वह सीएम बने गए थे। तब से वह सरकार और संगठन दोनों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हरियाणा में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले बडौली की नियुक्ति अहम मानी जा रही है। पिछले दिनों राज्य के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले विधानसभा चुनावों चुनावों में मुख्यमंत्री नायब सैनी को ही सीएम फेस रखने के संकेत दिए थे। लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हरियाणा में पांच सीटों पर नुकसान हुआ है। ऐसे में पार्टी से विधानसभा चुनावों के लिए एक्शन मोड में आ चुकी है। मोहन लाल बड़ौली ने 2019 के चुनाव में राई विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और पहली बार विधायक बने थे। उन्हें  2,663 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इसके मायने ज्यादा थे। यह इसलिए क्योंकि राई विधानसभा से उन्होंने पहली बार भाजपा को जीत दिलाई थी। मोहन लाल बड़ौली 1989 से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे। माना जाता है कि आरएसएस का भरोसा भी उन्हें हासिल है। मोहन लाल बड़ौली का जन्म 1963 में हरियाणा के सोनीपत जिले की राई तहसील के बड़ौली गांव में हुआ था।   उनके पिता काली राम कौशिक अपने गांव के एक सम्मानित कवि थे और सोनीपत के जांटी के कवि पंडित लखमी चंद के बहुत बड़े प्रशंसक थे। वे एक किसान और व्यवसायी हैं। ब्राह्मण समाज से आने वाले मोहन लाल ने अपने नाम के पीछे गांव की पहचान को जोड़ा है। गौरतलब है कि इस बात की चर्चा थी कि ब्राह्मण समाज के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमान दी जा सकती है। राम विलास शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता का नाम भी इस रेस में चल रहा था। लेकिन भाजपा हाईकमान ने पहली बार के विधायक मोहन लाल बड़ौली पर दांव लगाया।

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूत करने और भाजपा पर निर्णायक बढ़त लेने पदयात्रा निकलेगी

चंडीगढ़ हरियाणा के लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा को करारा झटका लगा है और उसे 5 सीटें ही हासिल हो सकीं, जबकि 2019 में उसे सभी 10 पर जीत मिली थी। फिर भी उसे 44 विधानसभा सीटों पर लोकसभा चुनाव में बढ़त मिली थी। ये सीटें आमतौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे शहरी क्षेत्रों की सीटें हैं। इसे लेकर भाजपा 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में भी खुद के तीसरी बार मजबूती से सरकार में लौटने की उम्मीदें संजोये हुए है। वहीं कांग्रेस उसकी इसी ताकत पर वार करना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस ने अब शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा शुरू करने का फैसला लिया है। इसका नेतृत्व कुमारी सैलजा करेंगी। पार्टी का कहना है कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूत करना और भाजपा पर निर्णायक बढ़त हासिल करना है।  बयान में कहा गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों पर गौर करने से पता चला है कि भाजपा को राज्य के 44 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली है, जिनमें से अधिकतर शहरी हैं। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा और कांग्रेस ने हाल में संपन्न आम चुनावों में पांच-पांच सीटें जीतीं। बयान में कहा गया है, ‘विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस को नई रणनीति के साथ शहरी विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। इसलिए कुमारी सैलजा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने का फैसला किया है।’ लोकसभा चुनाव से पहले भी निकाली थी जनसंदेश यात्रा पार्टी ने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का संदेश प्रत्येक शहरी मतदाता तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें पिछले 10 वर्षों में भाजपा के कुशासन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सिरसा से सांसद सैलजा के हवाले से बयान में कहा गया है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में पदयात्रा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है और इसके मार्ग की घोषणा जल्द की जाएगी। सैलजा ने लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राज्य में कांग्रेस की जनसंदेश यात्रा शुरू की थी। राहुल गांधी के मार्च को बताया देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा सैलजा ने राहुल गांधी की दो देशव्यापी यात्राओं का जिक्र करते हुए उन्हें ‘देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा’ बताया। सैलजा ने कहा, ‘उन्होंने आम लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर और मणिपुर से महाराष्ट्र तक की यात्रा की। उन्होंने समाज के हर वर्ग से बात की, उनके दर्द को समझा और उन तक कांग्रेस का संदेश पहुंचाया।’ सैलजा ने कहा, ‘उनसे (राहुल गांधी की यात्रा) प्रेरित होकर जनवरी-फरवरी में राज्य में जनसंदेश यात्रा निकाली गई, जिसका परिणाम लोकसभा चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला।’ उन्होंने दावा किया कि शहरी इलाकों में उनकी पार्टी उतनी कमजोर नहीं है, जितना भाजपा दिखाने की कोशिश करती है।    

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