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अलवर में गवर्नमेंट -अस्पताल के ICU में महिला मरीज से रेप, नर्सिंग स्टाफ ने इंजेक्शन लगाया ……

अलवर राजस्थान के अलवर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. अलवर के MIA औद्योगिक क्षेत्र स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज के ICU वार्ड में भर्ती महिला के साथ रेप की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया है. इस मामले में एमआईए थाने में केस दर्ज हुआ है. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराकर आगे जांच शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट के अनुसार, एक 32 वर्षीय विवाहित महिला अपने इलाज के लिए इस ESIC अस्पताल में भर्ती थी. आरोप है कि बीते 4 जून की रात को अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने महिला को नशे का इंजेक्शन लगाया और उसके बाद उससे रेप किया. अस्पताल पर लगा मामला दबाने का आरोप सुबह के समय जब पीड़िता होश में आई, तो उसने परिजनों को रेप की जानकारी दी. पीड़िता के पति का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरे मामले को दबाने में जुटा है. बेड के चारों ओर पर्दे लगाकर किया रेप पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया और उसके बयान दर्ज किए हैं. अब पुलिस आगे की जांच में जुटी है. ASI महावीर सिंह ने बताया कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती 32 वर्षीय महिला के साथ नर्सिंग स्टाफ ने 4 जून की रात के समय रेप रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिसमें पीड़िता के पति ने आरोप लगाए हैं. आरोपी ने पीड़िता को नशे का इंजेक्शन लगाया और उसके बेड के चारों तरफ पर्दे लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित महिला ने एडीएस से लगाई गुहार आरोप है कि हॉस्पिटल प्रशासन पूरे मामले को रफा दफा करने में लगा है. पीड़िता ने इस मामले में जिला प्रशासन एडीएम बीना महावर से गुहार लगाकर मदद मांगी है. एडीएम ने एमआईए थाने पर फोन कर पुलिस टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है. अस्पताल ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन इस संदर्भ में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही इसकी जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. वो टीम शनिवार तक अपनी रिपोर्ट देगी. इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

8 जून को पीलूपुरा में गुर्जर समाज की महापंचायत का आयोजन

भरतपुर जिले के बयाना उपखंड स्थित पीलूपुरा गांव में 8 जून को गुर्जर समाज की महापंचायत आयोजित की जाने वाली है। इस महापंचायत में समाज की विभिन्न मांगों को लेकर भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति तय की जाएगी। पीलूपुरा वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां से गुर्जर आंदोलनों की शुरुआत होती रही है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैसला ने पीलूपुरा शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा के दौरान महापंचायत की घोषणा की थी। इसके बाद से समाज के लोग गांव-गांव जाकर पीले चावल बांट रहे हैं और लोगों को महापंचायत में शामिल होने का न्योता दे रहे हैं। रेलवे ट्रैक और स्टेट हाईवे से 100 मीटर की दूरी पर महापंचायत स्थल निर्धारित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटेंगे। भरतपुर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने संभावित स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन वार्ता के लिए तैयार है और सामाजिक प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जा रहा है। इधर संभागीय आयुक्त डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक में समाज की प्रमुख मांगों को सामने रखा गया, जिनमें पूर्व भर्तियों में बैकलॉग पदों को भरना, स्कूटी योजना का लाभ न मिलना, और देवनारायण बोर्ड की गतिविधियों में समाज की भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। डॉ. अमित यादव ने आश्वस्त किया कि समाज की हर उचित मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इस अवसर पर आईजी राहुल प्रकाश ने प्रतिनिधियों को देश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि वर्तमान में  ऑपरेशन सिंदूर सहित कई मॉक ड्रिल चल रही हैं, ऐसे में कोई भी भड़काऊ संदेश देश की सुरक्षा पर असर डाल सकता है। हालांकि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति का कहना है कि इस बैठक से उनका कोई संबंध नहीं है। समिति का कहना है कि समाज की मांगों पर सरकार अब तक गंभीर नहीं रही है, जिस कारण फिर से आंदोलन की राह अपनानी पड़ रही है।

आने वाले कुछ दिन तापमान में वृद्धि होगी और बारिश की संभावना बहुत कम रहेगी: मौसम केंद्र

जयपुर  राजस्थान के अधिकांश भागों में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने व गर्मी बढ़ने की संभावना है। जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार शुक्रवार से लेकर आने वाले कुछ दिन तापमान में वृद्धि होगी और बारिश की संभावना बहुत कम रहेगी। खासकर उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में 8 से 10 जून के बीच अधिकतम तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान वहां तेज लू चलने की भी संभावना जताई गई है। धूल भरी हवाओं का भी होगा असर बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में 8 से 10 जून के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे कई जगहों पर तापमान के साथ ही वातावरण भी गर्म और धूलभरा हो सकता है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा। हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना सीमित राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन शुक्रवार को कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बादल गरजने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटे में टोंक के उनियारा, नागौर के लाडनूं और बीकानेर के छतरगढ़ में 10 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हुई है। जैसलमेर में सबसे अधिक तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग की सलाह     गर्मी से बचाव के लिए घर के बाहर लंबे समय तक न रहें।     अधिक पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।     धूल भरे मौसम में सांस की समस्याओं से बचने के लिए मास्क या कपड़े से नाक-मुंह ढककर रखें।     जरूरत पड़ने पर ठंडी जगहों पर रहें और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।  

पारिवारिक विवाद में सालों ने चाकुओं से गोदकर की जीजा की हत्या

जोधपुर शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में गुरुवार रात एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया, जब दो सालों ने मिलकर अपने जीजा की बीच सड़क पर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। घटना में मृतक का चचेरा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक का शव मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र के सेक्टर 14 स्थित एक ज्यूस की दुकान के पास हुई, जहां देर रात नुमान नामक युवक और उसका चचेरा भाई रफीक खड़े थे। इसी दौरान मृतक के साले वहां पहुंचे और अचानक उन पर हमला कर दिया। दोनों पर चाकुओं से वार किए गए। नुमान को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब एक बजे उसकी मौत हो गई, वहीं रफीक का इलाज जारी है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण पारिवारिक विवाद सामने आया है। एसीपी रविंद्र बोथरा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। शुरुआती जांच में यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।

सचिन पायलट ने कसा तंज, हमारी सरकार में जो काम शुरू हुए थे, उनकी देखरेख तक नहीं कर रही सरकार

टोंक टोंक विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दूसरे दिन टोंक विधायक और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जनता से सीधा संवाद करते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन की सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है, विकास के नाम पर जमीनी हकीकत शून्य है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में जो काम शुरू हुए थे, उनकी देखरेख तक यह सरकार नहीं कर रही है। अफसरों की मनमानी और सत्ताधारी नेताओं की लाचारी से प्रदेश की जनता त्रस्त है।   जनसुनवाई में उठीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश पायलट ने दौरे की शुरुआत सर्किट हाउस में जनसुनवाई से की, जहां बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सुनवाई और समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि सत्ता बचाने की जद्दोजहद।   ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीजफायर को लेकर जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस दिन सीजफायर की घोषणा हुई, उसी दिन कुछ घंटों के भीतर सीमा पार से गोलीबारी और बमबारी शुरू हो गई। ऐसे में पाकिस्तान जैसे देश के सीजफायर आश्वासन पर विश्वास करना समझदारी नहीं है। उन्होंने कटाक्ष किया कि जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है, उनके किसी भी वादे पर यकीन करना सबसे बड़ी भूल होगी। ‘भारत की तुलना पाकिस्तान से करना हास्यास्पद’ सचिन पायलट ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान से 11 गुना बड़ी है। इसके बावजूद भारत की तुलना पाकिस्तान से की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से गलत है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत को सावधानी के साथ रणनीति बनानी चाहिए, न कि भावनात्मक नारों और घोषणाओं के सहारे।   ‘सरकार दिल्ली के आकाओं को खुश करने में व्यस्त’ राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि पूरी सरकार सत्ता के संघर्ष और कुर्सी बचाने में लगी हुई है। अफसरों का दबदबा है और योजनाएं कागजों में सिमट गई हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता का दुख-दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। सत्ता में बैठे बड़े-बड़े नेता भी आज रोते फिर रहे हैं। ‘जनता तीन साल और भुगतेगी, लेकिन बदलाव जरूर होगा’ पायलट ने आश्वासन दिया कि जनता कांग्रेस पर भरोसा कर रही है और आने वाले समय में जनता का आशीर्वाद पार्टी को जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार तीन साल और चलेगी, लेकिन इसके बाद बदलाव की लहर निश्चित है।   अपने दौरे के दौरान सचिन पायलट मोरभाटियान गांव भी पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान देवनारायण के मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की मंगलकामना की। गांव के कार्यक्रम में आमजन को संबोधित कर उन्होंने कहा कि वे विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे और क्षेत्र के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है।

जयपुर में कैब चालकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, चक्का जाम का एलान

जयपुर राजधानी जयपुर में कैब चालकों की हड़ताल ने आज चौथे दिन में प्रवेश कर लिया है। शहर में पांच हजार से अधिक कैब टैक्सियां सड़कों से नदारद हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को क्रांतिकारी टैक्सी ड्राइवर संगठन के बैनर तले सैकड़ों कैब चालकों ने शहीद स्मारक पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह रत्नू ने बताया कि सरकार से कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। क्या हैं प्रमुख मांगें?     परिवहन नियमों में बदलाव     चालकों पर की जा रही सख्त कार्रवाई पर रोक     प्राइवेट वाहनों द्वारा अवैध टैक्सी संचालन पर लगाम     कैब चालकों को सुरक्षा और स्थायी पहचान संजय सिंह रत्नू ने कहा कि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात हुई है, जिन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। लेकिन जब तक आश्वासन निर्णय में परिवर्तित नहीं होता, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।   चक्का जाम की चेतावनी कैब यूनियनों ने राजधानी में जल्द ही चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। रत्नू ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी ड्राइवर को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।   हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर ऑटो और कैब चालकों के बीच विवाद की खबरें सामने आई हैं। हालांकि रत्नू ने स्पष्ट किया कि कैब संगठन की ओर से किसी ऑटो चालक के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया है और अगर ऐसा हुआ है, तो इसकी निंदा की जाएगी।   स्थिति गंभीर, जनजीवन प्रभावित लगातार चार दिन से टैक्सी सेवाएं ठप होने से एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। लोकल ट्रांसपोर्ट की कमी के चलते ओवरचार्जिंग की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। कैब चालकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक यह आंदोलन और तेज होगा और शहरव्यापी चक्का जाम करके वे सरकार को चेतावनी देंगे।

पहली एसी तीर्थयात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रामेश्वरम के लिए रवाना करेंगे सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के तहत रामेश्वरम के लिए पहली बार एसी ट्रेन शुक्रवार 6 जून को जयपुर से रवाना होगी। सुबह 11:30 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली इस ट्रेन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत भी मौजूद रहेंगे। इस ट्रेन के जरिए छह जिलों के कुल 776 वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्री रामेश्वरम की यात्रा पर जा रहे हैं। ये यात्री वर्ष 2024-25 के शेष बचे 7200 लाभार्थियों में शामिल हैं। इनमें जयपुर व दौसा जिले से 450, सीकर, अलवर व झुंझुनू से 150 तथा भरतपुर जिले से 176 यात्री हैं। भरतपुर जिले के यात्री सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होंगे। देवस्थान विभाग ने इस एसी ट्रेन को खास रूप से सजवाया है। प्रत्येक डिब्बे को राजस्थान की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन धरोहरों की थीम पर डिजाइन किया गया है। डिब्बों पर राज्य के प्रमुख मंदिरों, दुर्गों, लोकनृत्य, त्योहारों और अभयारण्यों की झलक देखने को मिलेगी। इस बार ट्रेन में गोवा के प्रसिद्ध गिरिजाघरों को भी शामिल किया गया है। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए तीर्थ स्थलों के संकेतक और साफ-सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गई है। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने जानकारी दी कि बजट वर्ष 2025-26 के तहत 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा करवाई जाएगी। इसमें से 6 हजार वरिष्ठजन हवाई मार्ग से और 44 हजार एसी ट्रेनों के माध्यम से यात्रा करेंगे। जुलाई से योजना की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का अपडेट कार्य पूरा हो गया है और जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। इस वर्ष की यात्राओं में त्र्यंबकेश्वर, दश्मेश्वर, गोआ और आगरा जैसे नए तीर्थस्थलों को भी शामिल किया गया है।

सीकर में खेत में बने फार्म पोंड में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत

सीकर जिले के परडोली बड़ी गांव में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खेत में बने फार्म पोंड में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मंगलूना निवासी जितेंद्र पुत्र किशोर (14) और कृष्णा पुत्र प्रकाश (11) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे अपने परिवार के साथ खेतों में जुताई के काम के लिए गांव आए थे। बुधवार शाम को वे पास के एक खेत में बनी तारबंदी को तोड़कर उसमें बने फार्म पोंड में नहाने चले गए लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा तलाश करने पर बच्चों के कपड़े पोंड के पास मिले और शव पानी में तैरते दिखे। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस को जानकारी देने के बाद सिविल डिफेंस की टीम को भी जानकारी दी गई। सिविल डिफेंस की टीम ने मौके पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसका नेतृत्व सिविल डिफेन्स के चीफ वार्डन मदनसिंह कुड़ी कर रहे थे। एक्सपर्ट कैलाश मीणा और तैराक रामस्वरूप रणवां सहित टीम ने 20–25 मिनट के सर्च ऑपरेशन के बाद बच्चों के शव बाहर निकाले और तुरंत उन्हें सीकर के कल्याण अस्पताल भेजा गया, जहां पर चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया और उनके शवों को कल्याण अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है, जहां आज उनका पोस्टमार्टम होगा। रेस्क्यू ऑपरेशन में सिविल डिफेन्स के विनोद गोदारा, बिजेंद्र ढाका, रियाजुद्दीन तागला, प्रदीप कुमावत, अंकुर लाखींवाल, हितेश शर्मा, सुभाष ढाका और सद्दाम हुसैन समेत कई सदस्य मौजूद रहे। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

अधिवक्ताओं ने डीजे कोर्ट के सामने चैंबर्स की मांग को लेकर दिया धरना

धौलपुर धौलपुर अभिभाषक संघ द्वारा नवीन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स उपलब्ध नहीं होने के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक न्यायिक कार्य बहिष्कार किया गया। यह बहिष्कार संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता रघुनाथ प्रसाद शर्मा ने की। रघुनाथ शर्मा ने बताया कि हमारी लंबे समय से मांग रही है कि नए न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स की व्यवस्था की जाए। इसी मुद्दे को लेकर आज हम न्यायिक कार्य से एक दिन का बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने डीजे कोर्ट के सामने धरना प्रदर्शन किया और नो चैंबर्स – नो शिफ्टिंग जैसे नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कहा कि जब तक चैंबर्स की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघर्ष समिति के सदस्यों में भगवान सिंह नारोलिया, महेन्द्र सिंह गुर्जर, लक्ष्मण सिंह वैसला, रिजवान अहमद, राजवीर सिंह हसेलिया, एवं संघ के सचिव विशाल शर्मा सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

साइलेंट हार्ट अटैक के कारण चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की पत्नी का निधन

जयपुर राजस्थान सरकार में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की पत्नी प्रीति कुमारी का आज अचानक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक आया था, जिसकी वजह से उनकी नींद में ही मौत हो गई। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक बुधवार रात प्रीति कुमारी ने सामान्य रूप से भोजन किया और सोने चली गईं। गुरुवार सुबह जब वे काफी देर तक नहीं उठीं तो परिजनों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। शुरुआत में उन्हें एसएमएस अस्पताल ले जाने की योजना थी लेकिन रास्ते में दुर्लभजी अस्पताल नजदीक पड़ने पर परिजन उन्हें वहीं लेकर पहुंचे। दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मंत्री निवास पर भी डॉक्टरों की एक टीम पहुंची थी और वहां उन्हें CPR और अन्य जीवनरक्षक प्रयास दिए गए लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। चिकित्सकों के अनुसार प्रीति कुमारी को साइलेंट अटैक आया था, जिसमें हृदयाघात के कोई सामान्य लक्षण नहीं दिखते और मरीज को दर्द या बेचैनी महसूस नहीं होती। यही वजह रही कि उनकी तबीयत खराब होने की भनक तक किसी को नहीं लगी और नींद में ही उनकी मौत हो गई। प्रीति कुमारी और गजेन्द्र सिंह खींवसर का विवाह फरवरी 1982 में हुआ था। दोनों ने जीवन के चार दशक से भी अधिक समय साथ बिताया। उनके एक पुत्र धनंजय सिंह खींवसर हैं, जो हाल ही में जोधपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। इसके अलावा उनकी एक पुत्री भी हैं। इस दुखद घटना से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है। कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

जयपुर में बारिश, कई जिलों में जोरदार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

 जयपुर राजधानी जयपुर में आज दिन की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई है। देर रात से ही यहां बादल डेरा जमाए हुए थे। सुबह करीब 7 बजे से तेज बारिश होना शुरू हुई। जयपुर मौसम केंद्र ने अलवर, दौसा, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी प्रदेश के 6 शहरों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई थी। इनमें अजमेर, जयपुर, सीकर, डबोक, चूरू और संगरिया शामिल रहे। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान में ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से भी नीचे चला गया है। बीते 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अरब सागर से यहां नमी की आपूर्ति हो रही है। आज राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आज जयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। लगभग 5 जून तक आंधी और बारिश का दौर चलेगा, इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। प्रदेश का सर्वाधिक गर्म शहर बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अजमेर में 33.5, अलवर में 33.5, जयपुर में 31.6, पिलानी में 31.2, सीकर 28, कोटा में 35.7, बाड़मेर में 40.9, जैसलमेर में 40.8, जोधपुर में 39.5,  चूरू में 27.8, तथा बीकानेर में 36.5 व  फतेहपुर में 29.7 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

प्राकृतिक गैस का व्यावसायिक उत्पादन ऑयल इंडिया ने किया शुरू

जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित विशाल रेगिस्तानी क्षेत्र में देश की ऊर्जा जरूरतों को नया आधार देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने यहां के बाखरी टीबा ब्लॉक से प्राकृतिक गैस का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। यह ब्लॉक कंपनी को केंद्र सरकार की डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड्स (DSF) नीति के तहत तीसरे चरण यानी DSF राउंड-III में आवंटित किया गया था। उत्पादन की शुरुआत और लक्ष्य फिलहाल, बाखरी टीबा ब्लॉक से प्रतिदिन 67,200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCMD) प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है। कंपनी का लक्ष्य इस उत्पादन क्षमता को जल्द ही बढ़ाकर 1 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (SCMD) तक पहुंचाने का है। यह उत्पादन क्षमता वृद्धि चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, जिसके लिए आवश्यक तकनीकी और बुनियादी ढांचे का विस्तार पहले से ही शुरू कर दिया गया है। उत्पादित गैस को दो प्रमुख उपभोक्ताओं गेल इंडिया लिमिटेड (GAIL) और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RRVUNL) को आपूर्ति की जा रही है। यह आपूर्ति ना केवल औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी, बल्कि राज्य की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती प्रदान करेगी। कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई सफलता इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे रेगिस्तान के बेहद कठिन और संवेदनशील सीमावर्ती इलाके में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। ऑयल इंडिया ने यहां तीन कुओं जिन्हें तकनीकी रूप से MWP वेल्स कहा गया है, इसको सफलता पूर्वक खोदकर, समयबद्ध तरीके से उत्पादन शुरू कर दिया है। ये कुएं प्राकृतिक गैस उत्पादन की रीढ़ बनकर उभरे हैं। इस भूभाग की भौगोलिक स्थिति, तापमान की चरम स्थितियां, सीमावर्ती सुरक्षा प्रोटोकॉल और अवसंरचनात्मक सीमाएं सभी ने इसे एक जटिल परियोजना बना दिया था। इसके बावजूद, कंपनी की टीम ने अत्यधिक समर्पण और तकनीकी दक्षता के साथ इस मिशन को पूरा किया। केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई, बताया ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने की। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड की टीम को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कहा कि मैं OIL की टीम को उनके अथक परिश्रम और समर्पण के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। सीमावर्ती इलाकों में अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी जिस तरह से उन्होंने यह कार्य किया, वह न केवल उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक है बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक ठोस कदम है। मंत्री ने यह भी कहा कि उत्पादित प्रत्येक हाइड्रोकार्बन अणु भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने इस कार्य को भारत की ऊर्जा गाथा में एक नया अध्याय बताया। ऊर्जा मंत्रालय ने जताया संतोष पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि जैसलमेर के इस ब्लॉक से प्रारंभिक तौर पर जो उत्पादन शुरू हुआ है, वह आने वाले समय में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर ऊर्जा आपूर्ति को नया बल देगा। मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के तहत जल्द ही और भी कुएं खोदे जाने की योजना है, जिससे उत्पादन क्षमता और अधिक बढ़ाई जा सके। राष्ट्रीय ऊर्जा नीति में योगदान ऑयल इंडिया की यह पहल ‘वन नेशन, एनर्जी सिक्योरिटी फॉर ऑल’ की परिकल्पना को मजबूत करती है। भारत जैसे ऊर्जा-उपयोगी देश के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों से गैस उत्पादन की यह शुरुआत रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे ना केवल स्थानीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति में क्षेत्रीय असंतुलन भी दूर होगा। जैसलमेर के रेगिस्तान में प्राकृतिक गैस उत्पादन की यह शुरुआत न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के उस संकल्प की भी झलक है, जहां देश की कंपनियाँ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में इस तरह की ऊर्जा परियोजनाएँ भारत की रणनीतिक शक्ति और ऊर्जा नीति के भविष्य को सशक्त बनाती हैं।  

600 करोड़ रुपए की लगत से जयपुर एयरपोर्ट का होगा विस्तार, 14 नई परियोजनाएं शुरू

जयपुर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में 15,000 वर्ग मीटर का विस्तार किया जा रहा है। करीब 600 करोड़ रुपए की लागत से इस एयरपोर्ट को सालाना 80 लाख यात्रीभार के लिए सुविधाओं के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। इसकी मौजूदा यात्री भार क्षमता 61 लाख सालाना है। इस एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। करीब 14 परियोजनाएं इसके लिए यहां शुरू की गई हैं। इन परियोजनाओं को 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में टर्मिनल 2 पर 39 चेक इन काउंटर हैं। इनकी संख्या अब बढ़कर 63 हो जाएगी। जिससे यात्रियों के चेक इन टाइम में काफी कमी आ सकेगी। इसके साथ ही टर्मिनल पर 8 नए सेल्फ बैगेज ड्रॉप काउंटर भी बनेंगे। जयपुर में ऐसे काउंटर पहली बार लगाए जा रहे हैं। वहीं सुरक्षा प्रबंधों को बढ़ाने के लिए 9 नई एक्सरे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम मशीनों को भी यहां लगाया जाएगा। फिलहाल यहां पहले से 9 एक्सरे इंस्पेक्शन सिस्टम मौजूद हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी। टर्मिनल पर बोर्डिंग गेट भी 6 से बढ़ाकर 10 किए जाएंगे। ताकि एक साथ ज्यादा विमानों में बोर्डिंग की जा सके। इसके लिए दो नए एयरोब्रिज बनेंगे। टर्मिनल 2 की दूसरा मंजिल पर ये एयरोब्रिज लगाए जाएंगे। इससे विमानों के टर्नअराउंड का समय भी कम होगा। इसके साथ ही पोर्च क्षेत्र में 6 हजार वर्ममीटर का फोरकोर्ट एरिया भी विकसित किया जा रहा है। इससे एयरपोट आने-जाने वाले आम लोगों को भी सहूलियत होगी।  

एम.एस. बिट्टा ने जोधपुर में देश की सुरक्षा-आतंकवाद और खालिस्तान मुद्दे पर जाहिर की अपनी चिंता

जोधपुर ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एम.एस. बिट्टा आज जोधपुर दौरे पर पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा, आतंकवाद, सोशल मीडिया की भूमिका और खालिस्तान जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की। एम.एस. बिट्टा ने कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहा है और अब समय आ गया है कि हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, मजबूत और अमर भारत दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना है कि दुश्मन सोच भी न सके। इसके लिए हमें इजराइल जैसी मजबूती अपनानी होगी। सोशल मीडिया पर उठाए सवाल बिट्टा ने सोशल मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब लक्ष्मण रेखा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज ऐसे कई मंच हैं जो उन लोगों को आवाज दे रहे हैं जिन्होंने कभी आतंकवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार ज्योति मल्होत्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ वही नहीं, पंजाब में कई ऐसे ‘ज्योति’ हैं जो देशविरोधी विचार फैला रहे हैं। पाकिस्तान और आतंकवाद पर दो टूक पाकिस्तान की नापाक हरकतों को लेकर बिट्टा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा विश्व भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक जितनी भी लड़ाइयां लड़ी हैं, वो अपने बलबूते पर लड़ी हैं। हम किसी पर निर्भर नहीं रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि हमने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया है। खालिस्तान पर सख्त रुख खालिस्तान समर्थकों पर हमला बोलते हुए बिट्टा ने कहा कि सिख समुदाय को खुलकर यह कहना चाहिए कि वे खालिस्तान के खिलाफ हैं। उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नू को ISI का एजेंट बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जवाब देना जरूरी है, और चुप रहना भी अपने आप में एक अपराध है। उन्होंने कहा कि मैं पहले भारतीय हूं, फिर सिख। जब भारत माँ पर संकट आता है, तो यह लड़ाई किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की होती है। बिट्टा ने कहा कि एस-400 जैसे आधुनिक हथियारों से भारत की रक्षा क्षमता में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन अगर देश की सीमाओं पर खतरा है, तो कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।  

एसआई भर्ती मामले में एएजी शाह ने कोर्ट में पेश किया प्रार्थना पत्र, 2 जुलाई तक टाली सुनवाई

जयपुर विवादित SI भर्ती 2021 को लेकर सरकार को हाईकोर्ट से आज राहत मिल गई है। कोर्ट ने मामले में 2 जुलाई को अगली सुनवाई करने तारीख तय कर दी है।  इससे पहले राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल विज्ञान शाह ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में व्यस्त हैं, जिसके चलते इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। इससे पहले याचिकाकर्ताओं के वकील हरेंद्र नील ने प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा- सरकार  भर्ती पर कोई निर्णय नहीं लेना चाहती है, इसलिए इस तरह से समय निकाला जा रहा है। सरकार ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार 20 मई को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि इसके बाद 24 और 25 मई को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक थी, जिसमें मुख्यमंत्री को भाग लेना पड़ा। इसलिए मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय नहीं हो सका। सरकार ने कोर्ट से अपील की है कि उसे अंतिम निर्णय के लिए और समय दिया जाए। इससे पहले भी सरकार ने समय की मांग करते हुए 13 मई को एक सब-कमेटी मीटिंग बुलाई थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के कारण कई मंत्री उसमें शामिल नहीं हो सके। साथ ही कमेटी के एक सदस्य मंत्री की तबीयत खराब होने के चलते बैठक पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद सरकार ने 21 मई को दूसरी बैठक रखी और 20 मई को इसे आयोजित भी किया, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री स्तर पर विचार-विमर्श नहीं हो सका। वहीं याचिकाकर्ताओं के वकील हरेन्द्र नील ने सरकार के इस प्रार्थना पत्र का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार जान-बूझकर फैसला टाल रही है और कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। पिछली सुनवाई में जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर 26 मई तक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदारों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि सोमवार को कोर्ट सरकार के रुख से कितना संतुष्ट होता है और आगे क्या आदेश जारी करता है।

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