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एफआईएच महिला प्रो लीग : अर्जेंटीना के खिलाफ भारत को मिली 1-4 की हार, दीपिका ने दागा एकमात्र गोल

लंदन एफआईएच महिला हॉकी प्रो लीग 2024-25 के मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को अर्जेंटीना के खिलाफ 1–4 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में दीपिका (30′) ने भारत के लिए एकमात्र गोल दागा, लेकिन अर्जेंटीना की अनुभवी खिलाड़ी अगस्टिना गोरजेलानी ने हैट्रिक (42′, 54′, 55′) लगाकर मुकाबले को भारत की पहुंच से बाहर कर दिया। पहला क्वार्टर गोलरहित रहा, लेकिन भारत की शुरुआत उत्साहजनक रही। सलीमा टेटे और लालरेमसियामी ने गोल के करीब मौके बनाए। भारतीय टीम ने तेज़-तर्रार खेल दिखाते हुए अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति को चौंकाने की कोशिश की, जबकि अर्जेंटीना ने शांतचित्त, संगठित और ऊंचा प्रेसिंग गेम अपनाया। दूसरे क्वार्टर में खेल की रफ्तार बढ़ी। भारत की नवनीत कौर ने गोल लाइन पर शानदार बचाव किया, जबकि सलीमा की तेज़ दौड़ और पास के बाद बलजीत कौर गोल से चूक गईं। 29वें मिनट में अर्जेंटीना की विक्टोरिया फालास्को ने गोल कर बढ़त दिलाई। लेकिन भारत ने तुरंत जवाब दिया। 30वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे दीपिका ने दमदार ड्रैग-फ्लिक से गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत ने दो पेनल्टी कॉर्नर और एक ओपन प्ले में मौके बनाए, लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर पाए। इस बीच अर्जेंटीना को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे गोरजेलानी ने 42वें मिनट में गोल में बदला। 47वें मिनट में सलीमा फिर एक मौके पर करीब पहुंचीं लेकिन गोलकीपर ने रोक दिया। भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः गोरजेलानी ने दो और गोल (54′ पेनल्टी स्ट्रोक, 55′ पेनल्टी कॉर्नर) कर अपनी हैट्रिक पूरी की और भारत की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया।  

गिल अपना कैप्टेंसी डेब्यू लीड्स में करेंगे और वह मैदान पर उतरते ही भारत के पांचवे सबसे युवा कप्तान बनेंगे

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की टेस्ट सीरीज का आगाज 20 जून से होने जा रहा है। शुभमन गिल की अगुवआई में भारतीय टेस्ट टीम एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद टीम में अनुभव की कमी जरूर है, मगर युवाओं में इंग्लैंड में जीतने का जोश भरपूर हैं। गिल अपना कैप्टेंसी डेब्यू लीड्स में करेंगे और वह मैदान पर उतरते ही भारत के पांचवे सबसे युवा कप्तान बनेंगे। वहीं अगर वह एक भी मैच जीतते हैं तो वह इतिहास रच सकते हैं। वह इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट मैच जीतने वाले भारत के सबसे युवा कप्तान बनेंगे। भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड में कुछ खास नहीं रहा है। अभी तक खेले 67 मैचों में टीम इंडिया को सिर्फ 9 ही बार जीत नसीब हुई है। बात इंग्लैंड में भारत के सबसे सफल कप्तानों की करें तो इस लिस्ट में विराट कोहली टॉप पर हैं। उनके अलावा कपिल देव, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की अगुवाई में भी टीम इंडिया ने इंग्लैंड में मैच जीते हैं। आईए एक नजर डालते हैं इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीतने वाले भारतीय कप्तानों पर- विराट कोहली- 3 विराट कोहली इंग्लैंड में बतौर कप्तान तीन टेस्ट मैच जीतने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं। कोहली ने इंग्लैंड की धरती पर 10 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम को लीड किया है और तीन मौकों पर उन्हें जीत मिली है। 2018 में, कोहली की अगुवाई वाली टीम ने ट्रेंट ब्रिज में मेजबानों को हराया जबकि 2021 में लॉर्ड्स और ओवल में जीत हासिल की। ​​कोहली लगभग इंग्लिश धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के चौथे कप्तान बन गए थे क्योंकि टीम ने 2021 में 2-1 की बढ़त बनाई थी, इससे पहले कि पांचवां मैच COVID-19 के कारण रद्द हो गया। उस मैच के बाद टीम इंग्लैंड से बाहर चली गई और पांचवां टेस्ट 2022 में खेला गया, जिसे भारत जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में हार गया, जिससे सीरीजं 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई। कपिल देव – 2 भारत के 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव 1986 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने और देश में 2 मैच जीतने वाले पहले कप्तान बने। कपिल की अगुआई वाली भारतीय टीम ने लॉर्ड्स और हेडिंग्ली में जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 2-0 से जीती थी। यह इंग्लैंड की धरती पर किसी सीरीज में भारत की सबसे बड़ी जीत का अंतर भी है। कपिल ने इस सीरीज के अलावा इंग्लैंड में कभी भी टेस्ट मैच में भारत का नेतृत्व नहीं किया। अजीत वाडेकर – 1 अजीत वाडेकर इंग्लैंड में टेस्ट मैच और सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान थे। वाडेकर की अगुआई में भारत ने ओवल में तीसरा टेस्ट चार विकेट से जीतकर ऐतिहासिक 1-0 से सीरीज जीती थी। इससे पहले, लॉर्ड्स और मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुए थे। सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी- 1 सौरव गांगुली ने 2002 में हेडिंग्ले टेस्ट में भारत को जीत दिलाई थी, जो लंबे प्रारूप में घर से बाहर भारत की सबसे बड़ी जीतों में से एक है। यह 16 सालों में इंग्लैंड में टेस्ट मैच में भारत की पहली जीत भी थी। गांगुली ने भारत को 1-1 से सीरीज ड्रा करवाने में मदद की। राहुल द्रविड़ 2007 में इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने वाले तीसरे भारतीय कप्तान थे। भारत ने नॉटिंघम टेस्ट में जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-0 से जीती। लॉर्ड्स और ओवल टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। एमएस धोनी ने 2014 में इंग्लैंड में लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत दिलाई थी। भारतीय क्रिकेट के इस महान खिलाड़ी ने नौ मैचों में नेतृत्व किया, लेकिन जीत सिर्फ एक में मिली। भारत उस सीरीज में 3-1 से हार गया था।

रग्बी अफ्रीका मेन्स 7s टूर्नामेंट के लिए युगांडा की टीम घोषित

कम्पाला युगांडा ने मॉरिशस में 21 से 22 जून तक होने वाले रग्बी अफ्रीका मेन्स 7s टूर्नामेंट के लिए अपनी अंतिम टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान एलेक्स अतुरिंडा को सौंपी गई है। मुख्य कोच टोल्बर्ट ओन्यांगो ने 12 सदस्यीय टीम का ऐलान करते हुए कहा, हम बेहद उत्साहित हैं क्योंकि टीम ने अच्छी तैयारी की है। हमें अपना खिताब बचाने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह टूर्नामेंट मापो के लाबोर्दोने स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा, जिसमें कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। खिताबी मुकाबले के अलावा, टीमें वर्ल्ड रग्बी 7s सीरीज़ के नवप्रस्तावित डिवीजन 3 में जगह बनाने के लिए भी प्रतिस्पर्धा करेंगी। युगांडा की रग्बी क्रेन्स टीम को ग्रुप ए में कोट डी आइवोर, घाना और चिर प्रतिद्वंद्वी केन्या के साथ रखा गया है। कोच ओन्यांगो ने कहा, हम अपने ग्रुप में किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते, क्योंकि हर टीम मौजूदा चैंपियन को हराने की कोशिश करेगी। लेकिन हम हर मैच के लिए खास रणनीति के साथ तैयार हैं। अन्य भाग लेने वाली टीमें हैं: दक्षिण अफ्रीका, बुर्किना फासो, जाम्बिया, नाइजीरिया, मेडागास्कर, जिम्बाब्वे, ट्यूनीशिया और मेज़बान मॉरिशस। युगांडा टीम: एलेक्स अतुरिंडा (कप्तान), एलन ओलैंगो, मुबारक वांडेरा, मार्क ओसुना, अर्नोल्ड ओसेन, रॉय किज़िटो, करीम अरिनाइत्वे, मैल्कम ओकेलो, आरोन टुकेई, डेनिस एत्वाउ, जोन्स कामिजा और नोबर्ट ओकेनी।  

भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम जर्मनी रवाना, 4 देशों के टूर्नामेंट में लेगी हिस्सा

बेंगलुरु भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम आज सुबह जर्मनी के बर्लिन के लिए रवाना हो गई, जहां वह 21 जून से 25 जून तक आयोजित होने वाले 4 देशों के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट में भाग लेगी। टीम की कमान कप्तान अरिजीत सिंह हुंदल के हाथों में है, जो टूर्नामेंट के पहले पूल मैच में 21 जून को मेज़बान जर्मनी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। इसके बाद भारतीय टीम का सामना 22 जून को ऑस्ट्रेलिया और 24 जून को स्पेन से होगा। पूल चरण के बाद शीर्ष दो टीमें फाइनल में भिड़ेंगी, जबकि निचली दो टीमें तीसरे स्थान के लिए 25 जून को मुकाबला करेंगी। सभी मैच टीसी 1899 ब्लाउ वीस़, बर्लिन में खेले जाएंगे। कप्तान अरिजीत सिंह हुंदल ने टूर्नामेंट को लेकर कहा, यह टूर्नामेंट हमारे लिए बेहद अहम है क्योंकि एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 अब ज्यादा दूर नहीं है। यह हमारे लिए अपनी रणनीतियों को परखने, नए संयोजन आज़माने और कमजोरियों को पहचानने का बेहतरीन मौका होगा। यहां हमें दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलेगा। उपकप्तान आमिर अली ने भी टूर्नामेंट को अहम बताते हुए कहा, हमारी कोशिश है कि वर्ल्ड कप से पहले हर छोटी-बड़ी कमी को दूर किया जाए। यह टूर्नामेंट सिर्फ टीम के लिए ही नहीं, बल्कि हर खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी खुद को आंकने और सुधारने का मौका है। गौरतलब है कि एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में किया जाएगा। ऐसे में भारतीय जूनियर टीम के लिए यह टूर्नामेंट वर्ल्ड कप की तैयारियों का एक अहम पड़ाव साबित होगा।  

न्यूजीलैंड ने किया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान, इन दो महिला खिलाड़ियों को पहली बार जगह

क्राइस्टचर्च न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने महिला टीम के लिए 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में 17 खिलाड़ियों को जगह दी गई है, जिसमें ब्री इलिंग और बेला जेम्स ने अपना पहला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। ब्री इलिंग बाएं हाथ की तेज गेंदबाज हैं, जबकि बेला जेम्स एक बल्लेबाज हैं। यह दोनों खिलाड़ी हेली जेनसेन और सोफी डिवाइन की जगह की भरपाई करेंगी। वनडे फॉर्मेट की मौजूदा कप्तान सोफी डिवाइन इस साल वनडे विश्व कप के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर चुकी हैं। 21 वर्षीय इलिंग ने साल 2022 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद वह तेजी से रैंकिंग में ऊपर चढ़ती गईं। इलिंग महज तीन सत्र बाद ही ऑकलैंड हार्ट्स की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी बन गईं। बाएं हाथ की इस गेंदबाज ने न्यूजीलैंड की ओर से अब तक तीन वनडे और इतने ही टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम कुल छह विकेट हैं। इलिंग ने श्रीलंका के खिलाफ अपना वनडे और टी20 डेब्यू किया था। इन दो सीरीज में उन्होंने छह विकेट चटकाए, जिसमें दो मौकों पर चामरी अट्टापट्टू का बड़ा विकेट भी शामिल है। बेला जेम्स ने साल 2014 में घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया था, जिसके करीब 10 साल बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। बेला ओटागो स्पार्क्स की बैटिंग यूनिट का अहम हिस्सा रही हैं, उन्होंने पूरे सीजन लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और स्पार्क्स को खिताब जीतने में मदद की। ‘व्हाइट फर्न्स’ के लिए अपने डेब्यू मैच में ही उनका आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। बेला ने अब तक दो वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 51 रन बनाए। वहीं, इकलौते टी20 मैच में बेला के बल्ले से 14 रन निकले हैं। ‘एनजेडसी’ की महिला हाई परफॉरमेंस हेड लिज ग्रीन ने कहा, “सभी 17 खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई। हम पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में ब्री और बेला का स्वागत करते हुए उत्साहित हैं। दोनों ही अपनी जगह के पूरी तरह से हकदार हैं। हम यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि वह टीम में क्या लाने जा रही हैं।” न्यूजीलैंड महिला टीम के हेड कोच बेन सॉयर ने इलिंग और जेम्स की तारीफ करते हुए कहा, “श्रीलंका के खिलाफ ब्री ने शानदार सीरीज खेली। चामरी जैसी वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने प्रदर्शन किया, उससे पता चलता है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं। बेला घरेलू स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पहली सीरीज शानदार रही थी। उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं, जिनके बारे में हमारा मानना है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होंगी।” 2025-2026 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल खिलाड़ी: सूजी बेट्स, ईडन कार्सन, लॉरेन डाउन, इजी गेज, मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, ब्री इलिंग, पोली इंग्लिस, बेला जेम्स, फ्रैन जोनास, जेस केर, मेली केर, रोजमेरी मैयर, मौली पेनफोल्ड, जॉर्जिया प्लिमर, हन्ना रोवे, ली ताहुहू।  

क्यूरेटर ने किया खुलासा! भारत को होगा फायदा या नुकसान, इंग्लैंड ने लीड्स में की कैसी पिच की डिमांड?

लीड्स  लीड्स के मैदान प्रमुख रिचर्ड रॉबिन्सन ने कहा है कि यहां असामान्य रूप से शुष्क मौसम और इंग्लैंड की आक्रामक खेल शैली ने शुक्रवार से भारत के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए ‘अच्छी सतह’ की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। लीड्स आमतौर पर किसी सीरीज के बीच में टेस्ट मैच की मेजबानी करता है लेकिन यहां शुरुआती मैच के आयोजन ने बहुत अधिक ध्यान आकर्षित किया है। रॉबिन्सन ‘ईएसपीएनक्रिकइन्फो’ से कहा, ‘‘वे (इंग्लैंड) बस एक अच्छी सतह चाहते हैं, ताकि हम गेंद की लाइन पर हिट कर सकें। वे यही चाहते हैं।’’ रॉबिन्सन को उम्मीद है कि शुरुआती दिन पिच तेज गेंदबाजों की मदद करेगी लेकिन अपेक्षित गर्मी के कारण सपाट हो जाएगी। पिच ना केवल इंग्लैंड की बैजबॉल शैली (हर हाल में आक्रामक होकर खेलने की शैली) के अनुकूल होगी बल्कि यह अनुभवहीन भारतीय बल्लेबाजी क्रम को भी मुकाबले में बने रहने का अधिक मौका देगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम में लोकेश राहुल सबसे सीनियर खिलाड़ी होंगे जिन्हें SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में अपने साधारण रिकॉर्ड को देखते हुए काफी कुछ साबित करना होगा। बल्लेबाजी क्रम में यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं जो सीनियर टीम के साथ इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर आए हैं। करुण नायर ने पिछली बार 2017 में टेस्ट मैच खेला था। भारतीय टीम सोमवार को यहां पहुंची जबकि इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में एक ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया जहां दिन के दौरान पिच को ढककर रखा गया था। भारत ने पिछले दो दशक में यहां बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेला है। टीम को 2021 में यहां अपने पिछले मैच में पारी की हार का सामना करना पड़ा था।  

Wasim Akram का बड़ा कीर्तिमान होगा चकनाचूर, Jasprit Bumrah करेंगे कारनामा!

लंदन   भारत और इंग्लैंड के बीच बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज चंद घंटों बाद शुरू हो जाएगी. लीड्स के हेडिंग्ले में शुक्रवार (20 जून) को दोनों टीमें आमने-सामने होंगी. विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में इस बार सबकी नजरें युवाओं पर है.  मौजूदा टीम में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत जैसे युवा खिलाड़ी हैं. उनका साथ देने के लिए रवींद्र जडेजा, केएल राहुल और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी क्रिकेटर भी हैं. तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि उन्होंने खुद कप्तानी लेने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं, बुमराह ने खुद को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध बताया। 31 साल के पेसर ने SKY स्पोर्ट्स पर दिनेश कार्तिक से बात की। कप्तानी के सवाल पर बुमराह ने कहा- ‘मैंने कप्तानी के लिए BCCI और सिलेक्टर्स को मना किया था। इसमें कोई फैंसी कहानियां नहीं हैं, कोई विवाद नहीं है या कोई हेडलाइन वाला बयान नहीं है कि मुझे बर्खास्त कर दिया गया था या मेरी तरफ नहीं देखा गया।’ रोहित शर्मा के संन्यास के बाद कई पूर्व क्रिकेटर्स ने बुमराह को कप्तान बनाने का समर्थन किया था। भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर हैं। टीम को वहां 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी हैं। पहला मुकाबला 20 जून से लीड्स में खेला जाएगा। रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए थे कुंबले बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं. सिर्फ दो विकेट लेते ही वह पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम का 24 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे. बुमराह SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले एशियाई गेंदबाज बन जाएंगे. यह रिकॉर्ड 2001 से अकरम के नाम पर दर्ज है. उनके रिकॉर्ड को तोड़ने के सबसे करीब भारत के पूर्व स्पिनर और कप्तान अनिल कुंबले (141) पहुंच गए थे, लेकिन वह 7 विकेट से चूक गए. कुंबले के बाद बुमराह काफी कम समय में इस रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंच गए. वसीम अकरम का खास रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने अपने टेस्ट करियर में SENA देशों में कुल 146 विकेट लिए हैं. यह आंकड़ा लंबे समय से एशियाई गेंदबाजों के लिए एक बेंचमार्क रहा है. साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में गेंदबाजों को उछाल और स्विंग मिलती है. अकरम अपने समय में ‘स्विंग के सुल्तान’ कहे जाते थे. उन्होंने इन देशों के बल्लेबाजों को काफी परेशान किया. अकरम ने पाकिस्तान के लिए कुल 104 टेस्ट खेले और 414 विकेट लिए. कुछ कदम दूर जसप्रीत बुमराह भारत के खूंखार तेज गेंदबाज अकरम के इस रिकॉर्ड से कुछ कदम ही दूर हैं. उन्होंने SENA देशों में 145 टेस्ट विकेट हासिल किए हैं. इसका मतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में सिर्फ दो विकेट लेते ही वह अकरम को पीछे छोड़ देंगे. अकरम ने 32 टेस्ट मैचों में 146 विकेट झटके थे और बुमराह ने अब तक सेना देशों में 30 टेस्ट मैच ही खेले हैं. वह अकरम से भी कम मैच खेलकर उनका रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. सेना देशों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एशियाई वसीम अकरम (पाकिस्तान)- 32 टेस्ट- 146 विकेट जसप्रीत बुमराह (भारत)- 30 टेस्ट- 145 विकेट अनिल कुंबले (भारत)- 35 टेस्ट- 141 विकेट ईशांत शर्मा (भारत)- 40 टेस्ट- 127 विकेट मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका)- 22 टेस्ट- 120 विकेट जहीर खान (भारत)- 30 टेस्ट- 119 विकेट कपिल देव (भारत)- 35 टेस्ट- 117 विकेट मोहम्मद शमी (भारत)- 32 टेस्ट- 115 विकेट वकार यूनिस (पाकिस्तान)- 30 टेस्ट- 113 विकेट इमरान खान (पाकिस्तान)- 29 टेस्ट- 109 विकेट 

गंभीर की जगह लक्ष्मण नहीं तो कौन? इंग्लैंड में टीम इंडिया के मुख्य कोच पर चौंकाने वाला खुलासा

लंदन  वीवीएस लक्ष्मण को पिछले दो दिनों से इंग्लैंड में भारतीय टीम के आसपास देखा गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में लक्ष्मण के इंग्लैंड दौरे को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं, लेकिन एक बात तय है कि उन्हें बीसीसीआई ने टीम इंडिया के साथ किसी भी आधिकारिक भूमिका में इंग्लैंड नहीं भेजा है.  लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े हुए हैं और भारतीय क्रिकेट सिस्टम का अहम हिस्सा हैं. माना जा रहा है कि वह इंग्लैंड में भारतीय टीम के कोचों से बातचीत कर सकते हैं और वहां खेलने को लेकर कुछ अहम सुझाव दे सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं. खबर है कि वह एक-दो दिन में इंग्लैंड से वापस भी लौट सकते हैं.  लक्ष्मण ने इंग्लैंड में कुल 34 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें 11 टेस्ट मैच शामिल हैं जो उन्होंने तीन अलग-अलग दौरों पर (2002, 2007 और 2011) खेले. इसके अलावा, उन्होंने 2007 और 2009 में लंकाशर के लिए 16 काउंटी मैच खेले थे. बाकी 7 मैच उन्होंने इंडिया की टूरिंग टीम के लिए खेले जो आम तौर पर इंग्लिश काउंटी या ‘लायन्स’ टीम के खिलाफ होते हैं.  बीसीसीआई के एक सूत्र ने क्रिकबज से कहा- वो किसी अन्य काम से इंग्लैंड गए हैं, भारतीय टीम के साथ उनकी कोई आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं है. वो लॉजेन (स्विट्जरलैंड) से लंदन आए हैं. एक और सूत्र ने कहा- टीम इंड‍िया का टारगेट इंग्लैंड में जीत हासिल करना है. हो सकता है लक्ष्मण ने कोच और सेलेक्टर्स से बात की हो या प्रैक्टिस मैच भी देखा हो, लेकिन उनका इस टीम के साथ कोई रोल नहीं है.  एक तीसरे सूत्र ने बताया-वो पहले स्विट्जरलैंड गए थे, फिर लंदन सिर्फ खिलाड़ियों से मिलने और समय बिताने पहुंचे थे. यह उनके प्लान का हिस्सा था. जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण स्विट्जरलैंड में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने गए थे, लक्ष्मण ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया.  लक्ष्मण की लंदन में मौजूदगी इस वजह से भी चर्चा में रही क्योंकि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इस समय टीम के साथ नहीं हैं. वह अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण दिल्ली लौटे हुए हैं. सूत्रों की मानें तो गंभीर अगले तीन दिनों में  या शायद सोमवार तक टीम से वापस जुड़ सकते हैं.  एक सूत्र ने बताया- गंभीर पहले टेस्ट से पहले जरूर टीम से जुड़ेंगे. उन्होंने डॉक्टरों से अपनी मां की तबीयत को लेकर सलाह ली है. उनकी हालत बेहतर हुई है लेकिन वो अब भी ICU में हैं. गंभीर जल्दी ही अपनी वापसी की योजना बनाएंगे.  पहला टेस्ट मैच 20 जून से लीड्स में खेला जाएगा. भारत ने अभी हाल ही में इंडिया ए के खिलाफ बेकेनहैम में एक अभ्यास मैच खेला है. टीम को 16 जून को रेस्ट करेगी और 17 जून को लीड्स के लिए रवाना होगी.  भारत और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का इत‍िहास  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट : 136,  भारत जीता: 35, इंग्लैंड जीता:  51, ड्रॉ: 50  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (इंग्लैंड में)   कुल टेस्ट: 67, भारत जीता: 9, इंग्लैंड जीता: 36, ड्रॉ: 22  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (भारत में)  कुल टेस्ट: 69, भारत जीता: 26, इंग्लैंड जीता:15, ड्रॉ: 28 भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स. इंग्लैंड दौरे के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल  पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन  

जय शाह ने कहा- डब्ल्यूटीसी का नया चक्र टेस्ट क्रिकेट को और भी ज्यादा रोमांचक बनाएगा

दुबई बीते हफ्ते दक्षिण अफ्रीका ने लॉर्ड्स के मैदान पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 चक्र का फाइनल जीता। अब डब्ल्यूटीसी के नए चरण की शुरुआत पर आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं। नए चक्र की शुरुआत से ठीक पहले आईसीसी ने शाह के हवाले से एक प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें उन्होंने कहा, “विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण लॉर्ड्स में शानदार तरीके से संपन्न हुआ। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने एक बेहतरीन मुकाबला खेला। अब हम अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं। यह चैंपियनशिप टेस्ट फॉर्मेट को और भी अधिक जीवंत बनाएगी। नौ प्रतिस्पर्धी देशों में से चार डब्ल्यूटीसी के शुरुआती तीन चक्रों में फाइनल तक पहुंच चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “खिलाड़ियों और फैंस के लिए कॉन्टेक्स्ट लाना, साथ ही उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, लॉर्ड्स में बड़ी संख्या में लोगों का आना टेस्ट क्रिकेट की निरंतर लोकप्रियता का सबूत है। मैं इसके लिए सदस्य बोर्डों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को 2027 में अगले फाइनल के लिए अपनी यात्रा शुरू करने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” डब्ल्यूटीसी चक्र 2025-27 की शुरुआत 17 जून से हो चुकी है। गाले में बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा है। इसके बाद 20 जून से भारत-इंग्लैंड की टीमें भी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। भारत और इंग्लैंड आने वाले हफ्तों में हेडिंग्ले, एजबेस्टन, लॉर्ड्स, ओल्ड ट्रैफर्ड और द ओवल में आमने-सामने होंगे। ऑस्ट्रेलियाई टीम 25 जून से अपने नए चक्र की शुरुआत करने जा रही है। कंगारू टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं। इस टीम ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के हाथों खिताब जीतने का मौका गंवाया है। पिछले चक्रों की तरह इस बार भी नौ टीमें डब्ल्यूटीसी में हिस्सा लेंगी। प्रत्येक देश दो साल की अवधि के दौरान छह अन्य टीमों के साथ खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया घरेलू मैदान पर 11 मैच खेलेगा। इसमें इस साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट शामिल हैं। इतने ही मैच उसे बाहरी मैदान पर खेलने हैं। इंग्लैंड अपने मैदान पर 11 टेस्ट और बाहरी मैदान पर 10 टेस्ट खेलेगा। ये टीम दिसंबर 2026 में तीन टेस्ट के दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी। वहीं, भारत इस चक्र में 18 मैच खेलेगा, जो घरेलू और बाहरी मैदान पर बराबर-बराबर होंगे।पिछले दो संस्करणों में इस्तेमाल की गई अंक प्रतिशत प्रणाली लीडरबोर्ड निर्धारित करेगी। इसमें टीमों को जीत के लिए 12 अंक, टाई के लिए छह अंक और ड्रॉ के लिए चार अंक मिलेंगे।  

भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक हैरान करने वाला किया खुलासा

नई दिल्ली भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। बुमराह ने कहा है कि बीसीसीआई ने उनको टेस्ट कप्तान बनने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया। रोहित ने मई में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उनके बाद शुभमन गिल को टीम की कप्तानी सौंपी गई जो इंग्लैंड दौरे से अपने कप्तानी करीयर की शुरुआत करेंगे। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में दो मैचों में कप्तानी की थी। वह मेलबर्न में खेले गए सीरीज के पहले मैच में टीम के कप्तान थे। वहीं इस दौरे पर सीरीज के आखिरी मैच में सिडनी में भी उन्होंने कप्तानी की थी। बुमराह ने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया था।     बुमराह ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि बीसीसीआई ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट को अलविदा कहने से काफी पहले उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इस इंटरव्यू में कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास से पहले, आईपीएल के दौरान। मैंने बीसीसीआई से बात की थी। मैंने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के संबंध में अपने वर्कलोड को लेकर बात की थी। मैंने उन लोगों से बात की थी जो मेरी पीठ की देखभाल कर रहे हैं। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि मुझे अपनी चोट को लेकर कुछ सतर्क रहना होगा। इसके बाद मैंने बीसीसीआई को फोन कर बताया कि मुझे लीडरशिप के लिए नहीं देखा जाए क्योंकि मैं पूरे टेस्ट मैच खेलने में सक्षम नहीं रहूंगा।” उन्होंने बताया, “बीसीसीआई मुझ में लीडरशिप रोल की देख रही थी, लेकिन मुझे उन्हें मना करना पड़ा क्योंकि कोई सिर्फ तीन मैच के लिए ही कप्तानी करे ये सही नहीं होता, फिर किसी और को बाकी मैचो में कप्तानी करनी पड़ती है। ये टीम के लिए सही नहीं है और मैं टीम को पहले रखना चाहता हूं।” अगरकर ने कही थी ये बात बुमराह और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के बयान में विरोधाभास है। इंग्लैंड दौरे के लिए गिल को कप्तान और टीम इंडिया का एलान करते हुए अगरकर ने कहा था कि बीसीसीआई चाहती है कि बुमराह अपने वर्कलोड पर फोकस करें न कि टेस्ट कप्तानी का अत्याधिक भार लें। अगरकर ने कहा था कि उन्होंने इस बारे में बुमराह को बता दिया है। अगरकर ने कहा, “चूंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी की थी, बुमराह वहां टीम के उप-कप्तान थे। वह सभी टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। मुझे लगता है कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर हमारे लिए ज्यादा अहम हैं। हम उन्हें फिट देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि खिलाड़ी पर कप्तान बनने के बाद अतिरिक्त दबाव रहता है। उसे 15-16 खिलाड़ियों को मैनेज करना होता है।”

मैथ्यू हेडन ने कहा- इस बार भारतीय टीम के पास इंग्लैंड में सीरीज जीतने का अच्छा अवसर

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू हेडन ने कहा है कि शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम युवा है। इसके बाद भी उसके पास इंग्लैंड में सीरीज जीतने का अच्छा अवसर है क्योंकि मेजबाज टीम का गेंदबाजी आक्रामक इस बार अच्छा नहीं है। हेडन के अनुसार इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाज चोटिल होने के कारण बाहर हैं। ऐसे में अगर भारतीय टीम लीड्स और मैनचेस्टर में मैच जीतने में सफल रहती है तो उसके पास इंग्लैंड के खिलाफ दबाव बनाकर सीरीज जीतने का अवसर होगा।  भारत और इंग्लैंड पांच मैचों की इस सीरीज के साथ ही अपने नए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत करेंगे। इस श्रृंखला का पहला मैच शुक्रवार से लीड्स में खेला जाएगा। वहीं मैनचेस्टर में 23 जुलाई से चौथा टेस्ट होगा। हेडन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इंग्लैंड के गेंदबाज इस बार अधिक अच्छे हैं। उसके कई गेंदबाज चोटिल हैं वहीं कई खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं। उसके लिए यही बड़ी चुनौती होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तरी इंग्लैंड में होने वाले टेस्ट मैच काफी अहम होंगे। भारत अगर इन मैच में जीत हासिल कर लेता है तो वह सीरीज पर कब्जा कर सकता है।’’ भारत के इंग्लैंड के पिछले दौरे के बाद से मेजबान टीम के दो सबसे अनुभवी गेंदबाजों जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। यही नहीं इंग्लैंड के कुछ प्रमुख तेज लिया है। वहीं तेज गेंदबाज मार्क वुड चोट के कारण कम से कम पहले तीन टेस्ट मैचों से बाहर हो गए हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर भी शुरुआती मैच में नहीं खेल पाएंगे और गस एटकिंसन हैमस्ट्रिंग में खिंचाव से उबर रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय टीम नए कप्तान शुभमन के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगा। इस तरह से भारत रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर अश्विन जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद युवा खिलाड़ियों के साथ उतरेगा। इसी को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने कहा, ‘‘भारतीय टीम काफी युवा है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि इंग्लैंड सीरीज जीतने जा रहा है, पर यह आसान नहीं होगा। मुझे लगता है कि एक या दो टेस्ट ऐसे होंगे जिन्हें भारतीय टीम जीत सकती है अपने नाम कर सकता है।’’ वहीं भारत के पूर्व क्रिकेटरों दीप दासगुप्ता और संजय मांजरेकर ने भी इंग्लैंड को सीरीज में जीत का दावेदार बताया लेकिन साथ ही कहा कि मुकाबला काफी करीबी होगा। दासगुप्ता ने कहा, ‘‘भारतीय टीम काफी युवा है और उसका कप्तान भी युवा है। टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिससे इंग्लैंड को थोड़ा फायदा मिलेगा।   

घरेलू श्रृंखला में जीत के साथ एक नया चक्र शुरू करने का यह एक शानदार अवसर: धनंजय डी सिल्वा

गॉल श्रीलंका क्रिकेट टीम मंगलवार से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज की शुरुआत करेगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 की यह शुरुआत होगी। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा इस क्षण का इंतजार बेसब्री से कर रहे थे। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा का मानना है कि अगर टीम ने पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन किया होता तो लॉर्ड्स में उसे फाइनल खेलने का अवसर मिल सकता था। श्रीलंका बीते चक्र के अपने चार में से तीन मैच जीतकर फाइनल खेल सकता था, लेकिन सभी मैचों में हार के बाद वह छठे स्थान पर चला गया था। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर खिताब जीता। श्रीलंकाई कप्तान दक्षिण अफ्रीका की इस जीत से प्रेरणा लेकर अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत कर रहे हैं। आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंकाई कप्तान कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर डी सिल्वा ने संवाददाताओं से कहा, “जैसा कि हम एक नया चक्र शुरू कर रहे हैं, हम जानते हैं कि हमें अपनी घरेलू श्रृंखला जीतनी है। हमें वे सभी अंक हासिल करने की जरूरत है। घरेलू श्रृंखला में जीत के साथ एक नया चक्र शुरू करने का यह एक शानदार अवसर है।” दिमुथ करुणारत्ने संन्यास ले चुके हैं और गॉल टेस्ट एंजेलो मैथ्यूज का आखिरी टेस्ट होगा। ऐसे में श्रीलंका के लिए अगले दो साल आसान नहीं रहने वाले। श्रीलंका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र (2025-27) में 12 टेस्ट खेलने हैं। इसमें छह टेस्ट घर में और छह टेस्ट दूसरे देशों में खेलना है। श्रीलंकाई कप्तान का लक्ष्य अधिकांश टेस्ट में जीत दर्ज कर अगले फाइनल में जगह बनाना है।  

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुआ इंग्लैंड का यह दिग्गज- उसका बैट युवराज सिंह और ब्रायन लारा की तरह चलता है

नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज विकेट-कीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने क्रिकेट के वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने 14 साल के इस युवा भारतीय की बल्लेबाजी की तुलना महान ब्रायन लारा और युवराज सिंह से की है। संयोग से दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और सूर्यवंशी भी बाएं हाथ से खेलते हैं। ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट में स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ बातचीत में जोस बटलर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘उसका बैट स्विंग अद्भुत है, मैं बहुत बड़ी बात कह रहा हूं, यह कुछ ऐसे है- युवराज सिंह या ब्रायन लारा जैसे।’ आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी की शतकीय पारी के बारे में बटलर ने कहा, ‘यह प्रेरित करने वाला है…एक लड़का जो मुझसे 20 साल छोटा है और वह हमें पार्क के हर कोने में मार रहा है। लेकिन, वाह…क्रिकेट की पूरी दुनिया के लिए यह चौंकाने वाला था।’ बटलर इस साल आईपीएल में गुजरात टाइटंस की तरफ से खेल रहे थे। आईपीएल नीलामी में सूर्यवंशी के खरीदे जाने पर बटलर ने कहा, ‘मैंने सोचा कि 14 साल के एक लड़के को लिया गया है। यही तो था। नीलामी में वह सबसे युवा था और जिमी (जेम्स एंडरसन) सबसे उम्रदराज। उम्र का अंतर देखिए। लेकिन उसने क्या खेला…उसने आईपीएल की अपनी पहली ही गेंद पर छक्का उड़ा दिया।’ वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंद में शतक ठोककर आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी जड़ी। आईपीएल में सबसे तेज शतक बनाने वाले भारतीय का रिकॉर्ड अपने नाम किया। आईपीएल में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। बटलर वैभव सूर्यवंशी की उस पारी की तारीफ करते नहीं थके। जोस बटलर ने कहा, ‘वह शतक अविश्वसनीय था। उसने कोई गेंद नहीं बख्शी। यह ऐसा था जैसे उसे कोई डर ही नहीं था…जैसे कोई मंझा हुआ खिलाड़ी खेलता हो। बड़े गेंदबाजों की धुनाई की। जब चाहा तब छक्का उड़ाया। जब चाहा स्ट्राइक चेंज किया। यह सब रन का पीछा करते हुए किया। इसलिए वह बहुत शांत है। उसके बल्ले की रफ्तार के क्या कहने, खूबसूरत है। खूबसूरत।’  

महिला मैराथन की अग्रदूत नीना कुशसिक का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

बोस्टन महिला धावकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली बोस्टन मैराथन की पहली आधिकारिक महिला विजेता नीना कुशसिक का निधन हो गया है। वह 86 वर्ष की थीं। न्यूयॉर्क के हंटिंगटन स्टेशन स्थित ए.एल. जैकबसेन अंतिम संस्कार गृह के अनुसार नीना कुशसिक का निधन रविवार को अल्ज़ाइमर रोग से लंबे संघर्ष के बाद श्वसन विफलता के कारण हुआ। बोस्टन एथलेटिक एसोसिएशन (बीएए) ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “नीना सिर्फ़ एक अग्रदूत या महिला धावकों की पैरोकार नहीं थीं, बल्कि खेल जगत की एक प्रतिष्ठित हस्ती थीं। उनके चेहरे की मुस्कान, हंसी और स्नेह को हम हमेशा याद रखेंगे।” बोस्टन मैराथन में 1972 में पहली बार महिलाओं को आधिकारिक रूप से भाग लेने की अनुमति दी गई, तब नीना कुशसिक ने वह दौड़ जीतकर इतिहास रच दिया। इसके बाद उन्होंने हजारों महिलाओं को प्रेरित किया कि वे भी अपने लक्ष्यों और फिनिश लाइन तक पहुंच सकती हैं। नीना ने 16 साल की उम्र में हाई स्कूल पास किया था, और न्यूयॉर्क के एक नियम को बदलवाकर 18 वर्ष की उम्र में नर्स की लाइसेंस प्राप्त की थी, जबकि उस समय न्यूनतम उम्र 21 वर्ष थी। उन्होंने स्केटिंग, रोलर स्केटिंग और साइक्लिंग जैसे खेलों में राज्य स्तर की चैंपियनशिप जीतीं और फिर साइकिल टूट जाने के कारण दौड़ की दुनिया में कदम रखा। 1968 से 1971 के बीच उन्होंने चार बार बोस्टन मैराथन में भाग लिया, जब महिलाओं को औपचारिक अनुमति नहीं थी। इन्हें अब ‘पायनियर एरा’ के रूप में जाना जाता है। फिर 1972 में उन्होंने पहली आधिकारिक महिला दौड़ जीती। 1970 में वे न्यूयॉर्क मैराथन में भाग लेने वाली पहली महिला बनीं। 1972 में ‘सिक्स हू सैट’ आंदोलन में वे शामिल थीं, जिसमें छह महिलाओं ने 10 मिनट तक दौड़ शुरू नहीं की थी, जिससे एमेच्योर एथलेटिक यूनियन के उस नियम का विरोध किया गया था जिसमें महिलाओं की दौड़ को पुरुषों से अलग करने की बात थी। उसी वर्ष उन्होंने यह दौड़ भी जीती और अगले साल फिर से खिताब अपने नाम किया। नीना बाद में एएयू और यूएसए ट्रैक एंड फील्ड की समितियों में शामिल हुईं और महिला दौड़ के लिए नियम बनाने में अहम भूमिका निभाई। प्रसिद्ध धाविका कैथरीन स्विट्ज़र ने उन्हें “हमारी सबसे महान नेताओं में से एक” बताया। स्विट्ज़र ने कहा, “नीना न केवल एक शानदार धाविका थीं बल्कि उन्होंने वर्षों तक नियम बदलने, शोध प्रस्तुत करने और यह साबित करने में योगदान दिया कि महिलाएं लंबी दूरी की दौड़ में पूरी तरह सक्षम हैं।” अपने जीवन में नीना कुशसिक ने 80 से अधिक मैराथन में भाग लिया। उन्होंने 1977 में 50-मील दौड़ का अमेरिकी रिकॉर्ड बनाया और 1979 से 1981 तक लगातार तीन वर्षों तक एम्पायर स्टेट बिल्डिंग रन-अप जीता। उन्हें 1999 में लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग हॉल ऑफ फ़ेम में शामिल किया गया था। नीना कुशसिक का योगदान केवल महिला दौड़ को मान्यता दिलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने एक प्रेरणा बनकर लाखों महिलाओं को अपने सपनों की ओर दौड़ लगाने का हौसला दिया।  

चेल्सी की जीत में चमके पेड्रो नेटो, साथी खिलाड़ी का जताया आभार

अटलांटा चेल्सी ने लॉस एंजिल्स एफसी के खिलाफ 2-0 से जीत के साथ अपने फीफा क्लब विश्व कप अभियान की शुरुआत की है। चेल्सी के स्टार पेड्रो नेटो ने मुकाबले के 39वें मिनट पर गोल दागकर चेल्सी का खाता खोलने में मदद की। मैच जीतने के बाद पेड्रो ने शुरुआती गोल के लिए निकोलस जैक्सन के पास को श्रेय दिया है। जैक्सन ने नेटो को एक बेहतरीन पास दिया, जिसका फायदा उठाकर पेड्रो ने ह्यूगो लॉरिस को पीछे छोड़ते हुए गोल दागा। इस गोल ने चेल्सी को अटलांटा में एलएएफसी के खिलाफ टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में शानदार जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। जीत के बाद नेटो ने फीफा से कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने टीम में कई पोजिशन पर खेला है। यह क्लब के साथ मेरा पहला साल है। मैं इस समय जिस तरह से प्रदर्शन कर रहा हूं, उससे सच में खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं इसी तरह आगे भी खेलूंगा।” अपने गोल के बारे में नेटो ने कहा, “मुझे पास के लिए निको का शुक्रिया अदा करना चाहिए। वह मेरे साथ थोड़ा मजाक कर रहे थे, क्योंकि मैंने (अपने जश्न के दौरान) उनका शुक्रिया अदा नहीं किया था, इसलिए मैं अब निको का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करूंगा!” नेटो 2024/25 सीजन के शानदार अंत के बाद क्लब वर्ल्ड कप के लिए यूएसए गए। उनके प्रदर्शन ने चेल्सी को प्रीमियर लीग में चौथा स्थान दिलाने में मदद की। नेटो ने कहा, “हमें आत्मविश्वास से लबरेज होना होगा। हमने सीजन का अंत वाकई शानदार तरीके से किया। हमारे पास जो खिलाड़ी और जो टीम है, उसके साथ हमें खुद पर भरोसा रखना होगा। हम जितने भी गेम खेलेंगे, उसमें इसे बरकरार रखना होगा।” इस बीच, चेल्सी के कोच एन्जो मारेस्का का मानना है कि नेटो टीम को एक अलग लेवल पर लेकर जा सकते हैं। एन्जो मारेस्का ने कहा, “पेड्रो एक बहुत अच्छे इंसान हैं। वह बहुत प्रोफेशनल हैं। वह हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं। उन्होंने बहुत अच्छा गेम खेला। मुझे लगता है भविष्य में वह नंबर्स, गोल्स और असिस्ट्स के मामले में और भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले हैं। हम पेड्रो से बहुत खुश हैं।”  

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