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श्रमिकों की आशा बने मुख्यमंत्री साय जिले में हो रही बदलाव की नई बयार

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं । एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है । केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है। छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है।

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक , अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए

रायपुर मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।  इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।  राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा।

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक जारी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक जारी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। बैठक में सरकार कुछ अहम योजनाओं को लेकर फैसला ले सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी होने की संभावना है। वहीं श्रमिकों और किसानों के लिए सरकार नई योजना लाने की तैयारी में है। जमीन नामांतरण के लिए भी आज गाइडलाइन जारी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में विष्णु सरकार ने जमीन के नामांतरण करने का नियम बदला है। ऐसे में इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

प्रशासन ने रेत उत्खनन करते 1 चैन माउंटेन मशीन और अवैध परिवहन में लगे 2 हाइवा वाहन किये जब्त

आरंग रायपुर जिले के आरंग में प्रशासन ने रेत अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ एक्शन लिया है। हरदीडीह रेत खदान में रेत उत्खनन करते 1 चैन माउंटेन मशीन और अवैध परिवहन में लगे 2 हाइवा वाहन को मंगलवार देर रात जब्त किया गया है। यह कार्यवाई नायब तहसीलदार समोदा गजानंद सिदार और खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनीलदत्त शर्मा ने की है। जब्ती की कार्रवाई के बाद मशीन और वाहन को आरंग थाना के सुपुर्द किया गया है। बता दें कि इन दिनों आरंग क्षेत्र में महानदी से रेत के अवैध खनन और परिवहन की लगातार शिकायत मिल रही है। इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक कुछ रेत खदान के अवैध नीलाम होने की जानकारी भी मिल रही। इसके लिए ग्रामीणों को मोटी रकम भी दी गई है। अब देखने वाली बात है कि गौरभाट के बाद अवैध रूप से नीलाम होने वाले रेत खदानों पर प्रशासन कब कार्रवाई करती है।

रायपुर संभाग आयुक्त कावरे लेंगे बैठक, कलेक्टरों से लेकर जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त होंगे शामिल

रायपुर  रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने आज अपने संभाग के सभी कलेक्टरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस मीटिंग में भारत माला प्रोजेक्ट की गड़बड़ी मामले को लेकर भी चर्चा करेंगे। बैठक में सुशासन तिहार और राजस्व मामलों में प्रगति को लेकर भी बातचीत होगी। कलेक्टरों के साथ बैठक में जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी शामिल होंगे। मुआवजा वितरण से संबंधित सभी पहलुओं पर राय शुमारी होगी। संबंधित जिलों के दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक भारत माला प्रोजेक्ट में मुआवजा प्रकरण में नए सिरे से रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद फिर से शिकायतों का परीक्षण किया जाएगा। सही नहीं पाए जानें पर उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार ने भारत माला प्रोजेक्ट के मुआवजा वितरण में अब तक 43 करोड़ के गड़बड़ी स्वीकारी है। कैबिनेट की बैठक में मामले में सामने आए भ्रष्टाचार की जांच EOW को सौंपने का फैसला किया गया था। मामले में EOW जांच कर रही है। अब छापेमारी के अलावा गिरफ्तारियां का सिलसिला भी हो गया शुरू है। सुशासन और राजस्व मामलों पर भी चर्चा रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे आज की बैठक में कलेक्टरों से राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ को लेकर जानकारी लेंगे। 5 मई से अभियान का महत्वपूर्ण दौर शुरू होने वाला है। गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे। खुद मुख्यमंत्री किसी भी शिविर में अचानक पहुंचेंगे।

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क

घरों में नल सुविधा होने से प्रसन्न सुमित्रा ने बताया कि पहले तो जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या पानी भरना ही था

रायपुर जल जीवन मिशन योजनांतर्गत दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिला के दुरस्थ अंचल के निवासरत ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल मिलने से लागों के चेहरों में स्पष्ट रूप से मुस्कान देखी जा सकती है। दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत बालपेट के आश्रित ग्राम भैरमबंद निवासी श्रीमती सुमित्रा भास्कर कहती है कि ’’पहले मुझे पीने का पानी लेने के लिए अपने घर से दूर मेन रोड पार करने के बाद लंबी दूरी तय कर हैण्डपम्प से लाना पड़ता था। जहां अन्य महिलाएं भी पानी लेने, कपड़े धोने व नहाने जाती थी। खासकर गृष्म काल में लंबे इंतजार के बाद मुझे पानी मिलता था। नहाने और कपड़े धोने के लिए मैं बच्चों को लेकर नदी जाती थी। दिनभर में कुल 5 से 7 गुण्डी पानी लाने के कारण मेरा पूरा दिन केवल पानी भरने और घर के दैनिक कामों में ही गुजर जाता था’’। कमोबेश यही व्यथा यहां के हर ग्रामीण महिलाओं की रही है। जो अपने परिवारजनों के लिए दैनिक कार्यों और पेयजल के लिए नदियों कुओं और हैंड पंप में ही अपने दिनचर्या का अधिकतर समय व्यतीत करने में विवश थी। परन्तु अब स्थितियां बदली है और वे अब जल जीवन मिशन योजना के लाभ से स्वच्छ पेयजल के साथ-साथ अपना और अपने बच्चों के भविष्य को आधुनिक स्वरूप दे रही है। घरों में नल सुविधा होने से प्रसन्न सुमित्रा भास्कर ने बताया कि पहले तो जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या पानी भरना ही था जिसके कारण कभी कुछ करने का सोच भी नहीं सकती थी। उन्होंने बताया कि वे सरस्वती स्व सहायता समूह में सदस्य हैं लेकिन उसमें भी कभी ठीक से समय नहीं दे पाती थी। काफी समय पानी भरने में ही व्यतीत हो जाता था और शुद्ध पानी भी नहीं मिल पाता था। उन्होंने बताया कि ग्राम भैरमबंद जिला दंतेवाड़ा के मुख्यालय से लगभग 07 किमी की दूरी पर स्थित है। ग्राम भैरमबंद में कुल घरों की संख्या 60 और कुल जनसंख्या 323 है, ग्राम में कुल 03 बसाहट पटेलपारा, राउतपारा, स्कूलपारा है। ग्राम में 01 प्राथमिक शाला और 01 आंगनवाड़ी है यहां जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन के तहत कुल 11.5 लाख लागत की योजना बनाकर, पहले से कुल 03 जीआई स्ट्रक्चर एवं 1400 मीटर पाईप लाईन का विस्तार कर ग्राम के सभी घरों में जल जीवन मिशन योजना को पहुंचाया गया है। इससे ग्रामीणों को न केवल घरों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है बल्कि यहां के स्कूलों और आंगनबाड़ी में अध्ययनरत बच्चों को पेयजल एवं मध्यान्ह भोजन हेतु शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है। सुमित्रा भास्कर ने बताया कि अब मेरे घर में जल जीवन मिशन योजना का नल लग जाने से सुबह 7 बजे से ही घर में पानी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि सिलाई में बहुत रूचि होने से लाईवलीहुड कॉलेज में फैशन डिजाइनर का कोर्स कर रही हैं। सुमित्रा ने बताया कि अपने दोनों बच्चों को तैयार कर उन्हें आंगनबाड़ी और स्कूल भेज कर घर का पूरा काम 9 बजे तक निपटा कर लाईवलीहुड की बस से सिलाई प्रशिक्षण के लिए चली जाती है और शाम को 4 बजे वापस आ जाती है। अब तो पूरा दिन ही व्यवस्थित हो गया है। इस प्रकार जल जीवन मिशन के माध्यम से पानी भरने के श्रम से मुक्ति तो मिली है साथ ही समय की बचत होने से मुझे अपने स्वरोजगार के सपने को भी साकार करने का मौका मिला है। सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांतघर में ही सिलाई सेंटर खोलने की योजना है। शासन की जल जीवन मिशन योजना की प्रशंसा करते हुए वे यह भी कहती है, जल जीवन मिशन योजना ने तो जैसे मुझे साफ पानी देने के साथ नयी जिंदगी ही दे दी। पहले हैंडपंप का पानी पीने और नदी में नहाने के कारण मेरे जैसी कई महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था। तबीयत खराब होने से दवाई का खर्चा और घर परिवार में परेशानी अलग होती थी। पर अब तो नल के स्वच्छ पानी से पूरा परिवार स्वस्थ है। जल जीवन मिशन योजना लाने के लिए हम महिलाएं शासन का आभार व्यक्त करती हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने की निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा

रायपुर : कनेक्टीविटी बढ़ाने सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करें पूर्ण – डॉ. कमलप्रीत सिंह अनुबंध के मुताबिक समय-सीमा में कार्य को पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश – डॉ. कमलप्रीत सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने की निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा रायपुर राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बस्तर राजस्व संभाग में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर की स्थानीय जरूरतों के अनुसार कनेक्टीविटी बढ़ाने सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से संचालित कर अनुबंध के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में ज्यादा ध्यान केंद्रित करने के साथ ही भारत माला परियोजना की सड़क को जोड़ने वाली सड़कों सहित दस वर्षों से अधिक पुराने राज्य मार्गों के नवीनीकरण कार्य पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने वर्किंग सीजन में कार्यों में तेजी लाते हुए टीम भावना के साथ काम कर आशातीत परिणाम हासिल करने को कहा। उन्होंने बारिश के पहले पूर्ण होने वाले पुल-पुलियों के लिए पहुंच मार्ग अनिवार्यतः बनाने के निर्देश दिए। इससे लोगों को आवाजाही में मदद मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बस्तर में प्रगतिरत सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की कार्यवार समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कार्यादेश जारी होने के साथ ही सभी कार्यों में योजनाबद्ध ढंग से प्रगति के लिए पर्याप्त निर्माण सामग्री, मशीनरी, उपकरण और श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड विजिट कर निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों का अनुपालन तथा कार्य प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ठेकेदारों को क्षमता के अनुरूप दें काम डॉ. सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ठेकेदारों को उनकी क्षमता के अनुरूप कार्य देने को कहा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के पास प्लांट, मशीनरी, उपकरण इत्यादि संसाधनों की उपलब्धता पर नजर रखें, एक साथ तीन-चार निर्माण कार्य लेने वाले ठेकेदारों के कार्यों की मॉनिटरिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। नियमित निर्माण कार्य नहीं करने वाले, धीमी प्रगति वाले, अतिरिक्त समय देने के बाद भी निर्माण कार्य में प्रगति नहीं लाने वाले तथा काम को लम्बे समय तक बंद रखने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई करें। काम को अपूर्ण छोड़कर जाने वाले ठेकेदारों को काली सूची में डालें और उन्हें सभी निविदाओं से बाहर रखें। भवन निर्माण के लिए सही स्थल का करें चयन लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सार्वजनिक भवनों के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर उपयुक्त स्थलों के चयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भवनों तथा आवासों का सदुपयोग सुनिश्चित हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए वहां सड़क, पेयजल एवं बिजली की उपलब्धता सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुलभ कराएं। सड़कों के निर्माण में रोड-सेफ्टी का रखें ध्यान डॉ. सिंह ने सड़कों के निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थलों को चिन्हित कर संकेतक बोर्ड व ब्लिंकर लगाने तथा डिवाइडर एवं गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सड़क सुरक्षा सम्बन्धी सभी मानकों को शामिल कर नवीन सड़कों के निर्माण के लिए कारगर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीन आरआरपी फेज-एक और आरसीपीएलडब्ल्यूईए के प्रगतिरत कार्यों के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों, भवनों एवं सेतु निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण तथा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल निर्माण कार्यों के प्राक्कलन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता जी.आर. रावटे, मुख्य अभियंता (सेतु निर्माण) एस.के. कोरी और मुख्य अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिकी) टी.आर. कुंजाम सहित बस्तर एवं कांकेर मण्डल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता तथा ठेकेदार भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

260 पशुओं का टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत

रायपुर सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांव घटोन में पहली बार पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित इस गांव तक हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराए जाने के बाद पहली बार चिकित्सा टीम पहुंच सकी। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में 260 पशुओं को खुरपका और चेचक रोग से बचाव के टीके लगाए गए, वहीं 25 बीमार पशुओं का इलाज किया गया। इसके साथ ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की भी शुरुआत की गई। ग्रामीणों की मांग पर मिली सुविधा गौरतलब है कि घटोन गांव के अधिकतर लोग बकरी पालन से अपनी आजीविका चलाते हैं। ग्रामीण बकरियों को अपनी आर्थिक मजबूती का आधार यानी “एटीएम” मानते हैं। हाल ही में आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा सुविधाओं की मांग की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इस शिविर का आयोजन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि उन्नत नस्ल की बकरियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विशेषज्ञों की टीम ने दी सेवाएं शिविर में लखनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. सफदर और डॉ. नेहा सिंह ने पशुओं की जांच और उपचार किया। अंबिकापुर से उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. आरपी शुक्ला और डॉ. सीके मिश्रा भी शिविर में मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य और नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। इस पहल से घटोन के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। सड़क निर्माण और चिकित्सा शिविर जैसी योजनाओं से अब गांव में विकास की नई किरण दिखाई देने लगी है।

क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक और करियर काउंसलर ने दिए उपयोगी सुझाव

 परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन हेतु वेबीनार आयोजित शिक्षा मंडल अध्यक्ष, विभागीय अधिकारी, शिक्षक और विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक और करियर काउंसलर ने दिए उपयोगी सुझाव रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और एससीईआरटी के संयुक्त तत्वावधान में परीक्षा परिणाम के पश्चात विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के तनाव प्रबंधन के लिए एक विशेष वेबीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, मनोवैज्ञानिक और करियर विशेषज्ञों ने भाग लिया। वेबीनार को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी.पिल्ले ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद कई विद्यार्थी अत्यधिक मानसिक दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में तनाव के संकेतों की पहचान कर उन्हें सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की ओर प्रेरित करना आवश्यक है। मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू ने भी वेबीनार में विशेष सहभागिता दी। कार्यक्रम की शुरुआत में एससीईआरटी के अपर संचालक जे.पी. रथ ने वेबीनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से हम पूरे प्रदेश में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रीति सिंह ने 3-आर मॉडल (रिस्क, रिएक्शन, रीकरेक्टिंग) के माध्यम से तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की असफलता को शांतिपूर्वक स्वीकार करना चाहिए और सफल व्यक्तित्वों की प्रेरक कहानियों से उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। करियर काउंसलर डॉ. वर्षा वरवडकर ने करियर चयन में नॉलेज, स्कील, इंटेरेस्ट, एप्टीट्यूड पद्धति अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सामान्य छात्रों के साथ-साथ दिव्यांग छात्रों के करियर मार्गदर्शन पर भी विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। प्रशांत पांडेय ने कहा कि शिक्षा को परीक्षा से नहीं, जीवन से जोड़ना चाहिए। परीक्षा के बाहर भी सफलता की अनेक राहें हैं। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, थॉमस एडिसन और युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी जैसे उदाहरणों के माध्यम से प्रेरणा दी। इस वेबीनार में मंडल के उप सचिव जे. के. अग्रवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, स्कूल प्राचार्य एवं शिक्षकगण भी शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं और टीम को दी बधाई

 छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में रच रहा नए प्रतिमान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक वर्ष में सर्वाधिक स्वास्थ्य संस्थाओं को मिली राष्ट्रीय गुणवत्ता पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं और टीम को दी बधाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सेवा भावना का परिणाम है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शासकीय अस्पतालों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 427 से अधिक शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों ने राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है, जो पूर्व वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। यह प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली में आए अभूतपूर्व सुधार और सेवा के अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करने का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को उनकी समर्पित कार्यशैली और दूरदर्शी प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ‘चिंतागुफा’ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी चुनौतियों का प्रतीक रहा, आज वहाँ का स्वास्थ्य केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवा गुणवत्ता के लिए सम्मानित हुआ है। चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में कुल 436 शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्ता प्रमाणन मिल चुका है, वहीं 644 अन्य संस्थानों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुसंगत, भरोसेमंद और उत्कृष्ट बनाने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन केवल उन्हीं अस्पतालों को प्रदान किया जाता है, जो उपलब्ध सेवाओं, मरीज अधिकारों, इनपुट गुणवत्ता, क्लिनिकल सर्विसेज, इन्फेक्शन कंट्रोल और  गुणवत्ता प्रबंधन जैसे सख्त मानकों पर खरे उतरते हैं। विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद ही यह प्रमाणन प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि सरकार की सतत पहल और समर्पित टीम वर्क के जरिए छत्तीसगढ़ शीघ्र ही देश के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदायक राज्यों में शामिल होगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने 40 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित सामाजिक सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण

रायपुर : मेहनत एवं ईमानदारी से आगे बढ़ रहा साहू समाज : अरूण साव उप मुख्यमंत्री तहसील साहू संघ में नवनिर्मित सामाजिक सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल उप मुख्यमंत्री साव ने 40 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित सामाजिक सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण  उप मुख्यमंत्री साव ने साहू भवन के विस्तार के लिए 15 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री अरूण साव आज राजनांदगांव शहर के चौखडिय़ा पारा स्थित तहसील साहू संघ के नवनिर्मित सामाजिक सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित सामाजिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने साहू भवन के विस्तार के लिए 15 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक एवं गौरवमयी है। यह भवन नये स्वरूप में स्थापित हुआ है। इसके लिए उन्होंने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि साहू समाज का यह सामुदायिक भवन जरूरतमंद के लिए जरूरत में खड़े होने वाला भवन है और इस भवन का इतिहास पुराना है। उन्होंने ऐतिहासिक पुरूष दानवीर भामाशाह की जयंती पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दानवीर भामाशाह केवल एक प्रखर योद्धा ही नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप के अनन्य मित्र भी थे। हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की रसद सामग्री समाप्त होने पर महाराणा प्रताप ने मुगलों की सेना के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया और वे तथा उनकी सेना वन में चले गए। ऐसे कठिन समय में राष्ट्र भक्त एवं योद्धा दानवीर भामाशाह ने अपनी मित्रता निभाते हुए महाराणा प्रताप को सोने और चांदी की अशर्फी देकर सेना को सशक्त बनाया। उन्होंने कहा कि आज उनकी जयंती के अवसर पर संस्कारधानी में इस भवन का लोकार्पण एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी मेहनत से सुंदर भवन का निर्माण साहू समाज द्वारा किया गया है। यह समाज मेहनत से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और सभी समाज को साथ लेकर चल रहा है। इस समाज की विशेषता ईमानदारी एवं मेहनत से कार्य करना है। साहू समाज ने अपने कार्यों से छत्तीसगढ़ महतारी और देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।    सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि साहू समाज का यह मंगल भवन सभी के लिए मंगलकारी है। सामाजिक भवन से साहू समाज के विकास के लिए कार्य होगा। यह समाज पढ़ा-लिखा एवं जागरूक समाज है। साहू समाज से उप मुख्यमंत्री, सांसद एवं विभिन्न पदों पर सभी ने अपना योगदान दिया है तथा अपने आचरण व्यवहार से अच्छा कार्य किया है। उन्होंने साहू समाज के लिए 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की। इस अवसर पर अध्यक्ष प्रदेश साहू संघ टहल साहू, अध्यक्ष जिला साहू संघ भागवत साहू, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक जिला साहू संघ डॉ. नरेन्द्र साहू, पूर्व अध्यक्ष कमल किशोर साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, जिला पंचायत की सीईओ सुसुरूचि सिंह और नगर निगम के आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित जनप्रतितिनिधि, अधिकारी एवं साहू समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के मंशानुरूप नवीन आपराधिक कानूनों का हो प्रभावी क्रियान्वयन : मुख्य सचिव अमिताभ जैन

रायपुर मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नवीन आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय सहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा, संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए गठित राज्य अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। नवीन अपराधिक कानून भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए हैं। ये कानून भारतीय दण्ड संहिता, दण्ड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित करते हैं। मुख्य सचिव ने नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जन सामान्य में जनजागरूकता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और सूचना प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर दिया है। बैठक में डीजीपी अरूण देव गौतम और अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल मनोज पिंगुवा भी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि कानूनों का अक्षरशः पालन हो इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक संवेदनशीलता से कार्य करें। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आगामी सितम्बर माह तक नवीन कानूनों के पालन और क्रियान्वयन में प्रदेश अव्वल हो इसके लिए डीएम, एसपी, डिस्ट्रिक जज और अन्य प्रमुख अधिकारी समन्वय से कार्य करें। नवीन कानूनों के क्रियान्वयन के तहत प्रकरणों की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया से शीघ्रता से हो इसके लिए राज्य के शासकीय अस्पताल, जेल, बैंक, एफएसएल और अन्य प्रमुख कार्यालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा होना आवश्यक है।  जैन ने सभी आवश्यक व्यवस्थायें यथाशीघ्र सुनिश्चित करने कहा है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में नवीन कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जिला समन्वय समिति की नियतकालिक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस, जेल, स्वास्थ्य विभाग और न्यायालयों के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश दिए। इसके लिए अच्छे मास्टर ट्रेनर्स की तैनाती के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से नवीन कानून के क्रियान्वयन के संबंध में फीडबैक लिया। पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने पुलिस अधीक्षकों एवं कलेक्टरों को नवीन कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित समयावधि में पुलिस रिमांड एवं चालान की कार्यवाही करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये महत्वपूर्ण जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में विधि और विधायी कार्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जेल, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, लोक अभियोजन, एनआईसी, चिप्स, निदेशक एनसीआरबी सहित समस्त संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय बोले – छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में रच रहा नए प्रतिमान

एक वर्ष में सर्वाधिक स्वास्थ्य संस्थाओं को मिली राष्ट्रीय गुणवत्ता पहचान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सेवा भावना का परिणाम है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शासकीय अस्पतालों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 427 से अधिक शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों ने राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है, जो पूर्व वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। यह प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली में आए अभूतपूर्व सुधार और सेवा के अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करने का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को उनकी समर्पित कार्यशैली और दूरदर्शी प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ‘चिंतागुफा’ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी चुनौतियों का प्रतीक रहा, आज वहाँ का स्वास्थ्य केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवा गुणवत्ता के लिए सम्मानित हुआ है। चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में कुल 436 शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्ता प्रमाणन मिल चुका है, वहीं 644 अन्य संस्थानों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुसंगत, भरोसेमंद और उत्कृष्ट बनाने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन केवल उन्हीं अस्पतालों को प्रदान किया जाता है, जो उपलब्ध सेवाओं, मरीज अधिकारों, इनपुट गुणवत्ता, क्लिनिकल सर्विसेज, इन्फेक्शन कंट्रोल और  गुणवत्ता प्रबंधन जैसे सख्त मानकों पर खरे उतरते हैं। विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद ही यह प्रमाणन प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि सरकार की सतत पहल और समर्पित टीम वर्क के जरिए छत्तीसगढ़ शीघ्र ही देश के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदायक राज्यों में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया की दी शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अक्ति (अक्षय तृतीया) तिहार की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन आरंभ किए गए कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित मानी जाती है। इसलिए यह दिन अत्यंत शुभ और अक्षय (अविनाशी) माना गया है। यह सौभाग्य, सफलता और समृद्धि का प्रतीक दिवस है। विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए भी इस दिन अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए बड़ी संख्या में विवाह संस्कार इस दिन आयोजित होते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज से बाल-विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस बुराई से समाज को मुक्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा में भी अक्ति तिहार का विशेष महत्व है। इस दिन से नई फसल के लिए तैयारियों की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के गुड्डे-गुड़ियों के विवाह की परंपरा के माध्यम से हमारे पूर्वजों ने धरती माता से हमारे संबंध को जीवंत रखा है। इस परंपरा के माध्यम से जीवन के आधार—माटी—का आदर और सम्मान करना सिखाया गया है।

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