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ग्रामीण इलाके में पहुंचा 35 हाथियों का दल, हाथी जिले के लुण्ड्रा ब्लॉक के कछार गांव के जंगलों में घूम रहे हैं, जागने पर लोग मजबूर

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा में 35 हाथियों का दल फिर से ग्रामीण इलाके में पहुंच गया है. ये हाथी जिले के लुण्ड्रा ब्लॉक के कछार गांव के जंगलों में घूम रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. हाथियों के डर से ग्रामीण कड़कड़ाती ठंड के बीच पूरी रात जगराता करने को मजबूर हैं. वहीं वन अमला ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने और सतर्क रहने के लिए अपील कर रहा है. फसलों को पहुंचा रहे नुकसान बता दें, हाथियों का यह दल क्षेत्र में टमाटर और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की है. बता दें, सरगुजा में हाथियों का आतंक कोई नई बात नहीं है, लेकिन ठंड के इस मौसम में यह समस्या ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. वहीं और वन विभाग की टीम लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने व हाथियों से दूर रहने की सलाह दे रही है और साथ ही हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश कर रही है. वन विभाग की अपील है कि ग्रामीण किसी भी परिस्थिति में हाथियों के करीब न जाएं और आस-पास हाथी दिखाई देने पर विभाग को तत्काल सूचित करें.

मुख्यमंत्री साय ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के पत्थलगांव तहसील के ग्राम बागबहार मिनी स्टेडियम में आयोजित 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहार के 10 बेड के अस्पताल को 30 बेड में उन्नयन करने की घोषणा भी की। उन्होंने बागबहार के शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण, विश्रामगृह निर्माण, बागबहार चौक- चौराहों में हाई मास्क लगाने, मिनी स्टेडियम में आवश्यक सुविधाओं का विकास तथा कोतबा में अपेक्स बैंक खोलने की घोषणा की। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आयोजकों एवं खिलाडियों को इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार राज्य में खेलों के विकास और प्रतिभावान खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इससे भारत में कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही मैंने बिलासपुर की पर्वतारोही निशा यादव से फोन पर बात की। उसने मुझे बताया कि वह अफ्रीका सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों पर्वत पर तिरंगा फहराना चाहती है। मैंने उन्हें 3 लाख 45 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, ताकि वह अपने सपने को पूरा कर सके। इसी तरह मैंने धमतरी की गरीब परिवार की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी बिटिया रितिका ध्रुव से भी फोन पर बात कर सरकार की तरफ से पूरी मदद करने की जिम्मेदारी ली गई है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं विधायक जशपुर श्री रायमुनी भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एफ. सी. माकरचुंवा, तहसील पत्थलगांव और गोंड ब्रदर्स किंजिरकेला उड़ीसा के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

महिलाएं जमीनी स्तर पर सशक्त होंगी तभी समाज में समग्र परिवर्तन होगा: डॉ. सुनीता

स्त्री विमर्श और साहित्य विषयक संगोष्ठी एवं कहानी पाठ जयपुर यहां परिष्कार कॉलेज आफ ग्लोबल एक्सीलेंस और प्रगतिशील लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को ‘’स्त्री विमर्श और साहित्य ‘’ विषय पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी एवं कहानी पाठ का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित लेखिका  और प्रखर आलोचक डॉ. सुनीता ने  कहा कि स्त्री सशक्तिकरण के लिए चेतना और व्यवहार के स्तर पर विचार की जरूरत है। स्त्रियों को लेकर जब तक परिवार और समाज में चेतना नहीं आएगी तब तक स्त्री सशक्तिकरण संभव नहीं होगा।डॉ सुनीता ने कहा  कि सशक्तिकरण का पहला कदम शिक्षा है। इसी से सर्वांगीण विकास होता है। आज की लड़कियाँ हर क्षेत्र काम कर रही है। उन्हें मनुष्यत्ता के पक्ष में निर्णय के लिए जितना आवश्यक है उतना ही झुकना चाहिए।   उन्होने कहा  कि स्त्री सशक्तीकरण के लिए ज़रूरी है कि हम “पिंक फेमिनिज्म” से ऊपर उठकर “ग्रासरूट फेमिनिज्म” को अपनाएं। हमें केवल ग्लैमर और प्रतीकात्मकता से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं को हल करने पर ध्यान देना होगा। जब महिलाएं जमीनी स्तर पर सशक्त होंगी, तभी समाज में समग्र रूप से परिवर्तन होगा। स्त्री सशक्तीकरण का असली अर्थ तभी पूरा होता है जब महिला खुद अपनी आवाज़ को पहचानें।  स्त्री का सशक्त होना उसके आत्मबल, स्वाभिमान और संघर्ष से जुड़ा हुआ है और यही उसकी असली शक्ति है। स्त्री की संवेदनशीलता पुरुषों से कहीं ज़्यादा है । डॉ सुनीता ने कहा कि अक्का महादेवी और राजस्थान की मीराबाई ने प्रतिरोध का रास्ता चुना । उन्होंने झांसी की रानी को भी उन्होंने याद किया और कहा कि  स्त्री अभी भी मझधार में है। डॉ सुनीता ने महाभारत कालीन विदुषी महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज जो रचा जा रहा है वह कल प्रभावित करेगा। गांधी जी ने स्वाधीनता आंदोलन की सफलता के लिए स्त्रियों को साथ लिया।महादेवी वर्मा और सुभद्रा कुमारी चौहान ने स्त्री शिक्षा पर जोर दिया । महादेवी वर्मा ने गद्य, रेखाचित्र, कविता और संस्मरण विधाओं में काम किया लेकिन उन्हें केवल कवयित्री तक सीमित कर दिया गया। चाँद और मर्यादा के विशेषांकों के 1914 में स्त्री विशेषांक निकले। कमला नेहरू ने मर्यादा विशेषांक का सम्पादन किया। डॉ सुनीता ने कहा कि पुरुषों ने भी स्त्री के प्रतिरोध को बुलंद किया है। ऐसा नहीं है कि स्त्री की संवेदना को स्त्री ही समझ  सकती है। पुरुष भी स्त्री के मन और उसकी संवेदना को समझ सकता है लिख सकता है। हिंदी में आज महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक उपन्यास लिख रही हैं। महिला लेखिकाओं ने अपने ऊपर लगने वाले आरोपों का जवाब अपने लेखन से दिया है। आज वे चित्रकला, फिल्म  पटकथा लेखन और फिल्म निर्देशन में काम कर रही हैं। आज मीडिया में भी महिलाएं बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं। कॉर्पोरेट क्षेत्र और अखिल भारतीय सेवाओं में महिलाओं की बराबरी सुनिश्चित नहीं हुई है।उन्हें व्यवहार और आर्थिक स्तर पर समर्थ बनाने की जरूरत है।   वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने कहा कि भारतीय साहित्य संस्कृति के इतिहास में स्त्री को अस्मिता के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा है।  समूचा मानव समाज मां की सत्ता का रहा है ।स्त्री की भूमिका निर्णायक रही है । वैदिक काल में महिला का महिमा  मंडन  ज्यादा हुआ है  जबकि व्यवहार में वैसा है नहीं है । दास प्रथा,  राजतंत्र और सामंती युग तक आते-आते स्त्री पर वर्जनाएं बढ़ने लगी । जल जंगल और जमीन की भांति जोरू  को भी  वस्तु मान लिया गया। स्त्री को सशक्त बनाने की कोशिश नहीं की गई। फ्रांस की राज्य क्रांति के बाद स्त्री को अधिकार मिले और स्त्री संगठित होने लगी। आजादी और शक्ति स्त्री के अपने भीतर है जिसे पहचानने की जरूरत है। मिलकर लड़ेंगी तो ताकत मिलेगी । आधुनिक काल में यह समझ विकसित हुई है। भारतीय साहित्य में  उपन्यास और कहानी में महिलाओं ने बहुत काम किया है, आलोचना में स्त्रियां कम है लेकिन जितनी भी हैं वे सशक्त हैं । उन्हे शक्ति को स्वयं पहचान कर बराबरी के स्तर पर आना होगा । यह प्रक्रिया जितनी तेज होगी मुक्ति और सशक्तिकरण भी उतना अधिक संभव हो सकेगा। सुपरिचित  साहित्यकार  एवं शिक्षाविद डॉ. राघव प्रकाश ने कहा कि स्त्री पुरुष से कई अर्थों में बेहतर है । स्त्री में  पुरुष से अधिक  संवेदनाएं और अहसास है ।  मनुष्य के ज्ञानात्मक विकास और तकनीकी इमोशनल डेवलपमेंट से संस्कृति पैदा होती है  । उन्होंने कहा  2000 साल के युद्धों का इतिहास  देखें तो बारूद का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में करने की बजाय बंदूक बनाने में किया गया ।  पुरुष स्वार्थ  और स्त्री सेवाभावी की प्रतीक है।गांधी जी ने हिंद स्वराज में मशीनीकरण के दुष्प्रभावों से पहले ही आगाह कर दिया था। शिक्षा के कारण लड़कियां पढ़ने लगी और 80% गोल्ड मेडल आज लड़कियों के पास हैं।हाल ही 65% लड़कियां जज बनी है।संसद में 30% आरक्षण देने का अधिकार लगातार स्थगित किया जा रहा है। पुरुष स्त्री के खिलाफ है। औरतें अब जाग गई है आज औरतों की सामने बड़ा सपना है। औरत को नई दुनिया बनाने की जरूरत है ।   वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हेतु भारद्वाज ने अपने समाहार वक्तव्य में कहा कि अतीत को छोड़ कर वर्तमान के स्त्री सशक्तीकरण की बात करनी चाहिए। स्त्री सशक्तीकरण के जीवन के निकट में जा कर साहित्य लिखना चाहिए। कथाकार एवं प्रलेस की महासचिव श्रीमती रजनी मोरवाल ने स्त्री सशक्तीकरण की कहानी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज हमारे समाज की मांग है कि स्त्रियाँ अपने हक में फैसले लेने हेतु सशक्त बने और खुद अपने फैसले लें। प्रलेस के कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ व्यंग्यकार फारूक आफरीदी ने कहा कि जब समाज स्त्री के अधिकारों के प्रति जागरूक होगा तभी उसे समानता का अधिकार मिलेगा। ऐसी वैचारिक गोष्ठियों से वातावरण निर्मित होगा और जनचेतना बढ़ेगी। प्रलेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद माथुर ने कहा कि ऐसी वैचारिक प्रयास निरंतर होते रहने चाहिए । संगोष्ठी डॉ नीलम कुलश्रेष्ठ ने भी अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ आलोचक राजाराम भादू ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि स्त्री सशक्तीकरण की वैचारिकी एवं सृजन की प्रवृत्ति भिन्न भिन्न होती है जिसका साहित्यकारों को ध्यान रखना चाहिए। स्त्री सशक्तीकरण में बदलाव आत्मछवि से आता है और आत्मछवि चेतना से बनती है। संगोष्ठी का दूसरा सत्र स्त्री सशक्तिकरण … Read more

‘जनादेश हमें स्वीकार्य’, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण से बीजेपी के विजेता सुनील सोनी को कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने 9वीं बार शानदार जीत हासिल की है. भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कांग्रेस के आकाश शर्मा को 46,167 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने हार स्वीकारते हुए सुनील सोनी को जीत की बधाई दी है. उन्होंने कहा, “जनता का जनादेश हमें स्वीकार्य है. दक्षिण की जनता ने सुनील सोनी को चुना है. मैं उन्हें बधाई देता हूं. पार्टी के सभी सदस्यों ने मेहनत की. हार का क्या कारण है इसके पीछे एक वजह होगी. इसका आंकलन किया जाएगा. प्राथमिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि जनता ने सरकार को चुना है, BJP पार्टी को चुना है.” आकाश शर्मा ने यह भी कहा कि भले ही वह चुनाव हार गए हों, लेकिन जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण जारी रहेगा. बता दें, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है. इस बार भी मतदाताओं ने भाजपा पर अपना भरोसा जताया. सुनील सोनी की इस बड़ी जीत ने आगामी चुनावों के लिए भाजपा के हौसले को और बुलंद कर दिया है.

कलेक्टर-एसपी ने लिया आनंद, छत्तीसगढ़-मुंगेली में कोटवार के ‘ऐसी लागी लगन’ गीत पर तहसीलदार ने तबले से दी ताल

मुंगेली. जिले के कोटवारों के सम्मान में प्रशासन एवं पुलिस ने सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें कोटवारों की सजगता और सक्रिय भूमिका को लेकर कलेक्टर एवं एसपी ने न सिर्फ सराहना की, बल्कि उन्हें शॉल, श्रीफल व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित भी किया. इस दौरान कोटवारों ने गीत संगीत की प्रस्तुति भी दी. ग्राम सुरेठा के कोटवार सुंदर दास ने हारमोनियम वादन करते हुए ‘‘ऐसी लागी लगन’’ गीत गाया और सरगांव के तहसीलदार अतुल वैष्णव ने ‘‘तबले’’ पर संगत किया. संगीतमय माहौल को देखते हुए कलेक्टर राहुल देव एवं एसपी भोजराम पटेल भी खुद को रोक नहीं पाए और उनके साथ बैठकर सुमधुर गीत-संगीत का आनंद लिया. इसी तरह कोटवार संघ के अध्यक्ष संतोष मानिकपुरी ने ‘‘जय छत्तीसगढ़ गीत’’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी. क्या था पूरा कार्यक्रम जिला एवं पुलिस प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले कोटवारों को सम्मानित करने और स्थानीय प्रशासन में उनकी भूमिका को रेखांकित करने जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में ‘‘मोर पहचान, मोर सम्मान’’ थीम पर कोटवार सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के गांवों से आए कोटवारों ने भाग लिया. कोटवारो को लेकर क्या बोले कलेक्टर सम्मेलन में कलेक्टर राहुल देव ने कोटवारों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कोटवारों से मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप सभी जिला और पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि है। गांव में अपना प्रभाव बनाने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें। वर्दी की गरिमा और सम्मान को बनाए रखें। आपकी दोहरी जिम्मेदारी है। आप प्रशासन की रीढ़ है। कहीं भी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने कानून व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूती देने के लिए आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कोटवारों की महत्वपूर्ण सूचना से कोई बड़ी घटना टल सकती है, इसलिए अपने कार्यों को गंभीरता से करना है। उन्होंने आने वाले पंचायत चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने कोटवारों को प्रोत्साहित किया। गांव की सुरक्षा कवच के रूप में करें कार्य – पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि कोटवार और प्रशासन एक माला की तरह हैं। गांव की खुशी, सुख-दुख व सम्मान सभी चीजों की जानकारी कोटवारों को होती है। आप अपने गांव के बारे में सटीक एवं पूरी जानकारी रखें। अपने पद की गरिमा को बना के रखते हुए कार्य करें। गांव में कोई भी अनजान व्यक्ति आ रहा है, उसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दें। जीवन को खूबसूरती के साथ जीते हुए गांव की सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करना है। उन्होंने साइबर ठगी के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की।

21 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने किसानों को दी ‘मोदी की गारंटी’

रायपुर. सीएम साय ने प्रदेश में जारी धान खरीदी को लेकर किसानों को स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को दी गई “मोदी की गारंटी“ के अनुरूप ही इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें. साथ ही उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सीएम साय ने कहा, धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है. सीएम साय ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है. 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है.

नक्‍सलियों के IED ब्‍लास्‍ट में जवान घायल, छत्तीसगढ़-सुकमा में एरिया डॉमिनेशन पर निकली सुरक्षा जवानों की टीम

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित सुकमा जिले के चिंतलनार क्षेत्र में स्थित नए कैंप रायगुड़ा के पास में एरिया डॉमिनेशन के लिए रवाना हुई जवानों को नक्सलियों ने निशाना बनाया है। रविवार को नक्सलियों ने तुमालपाड और रायगुडेम के बीच सड़क किनारे आईईडी ब्लास्ट किया। धमाके में डीआरजी का एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया। आईईडी ब्‍लास्‍ट में घायल जवान का नाम पोड़ियाम विनोद है। घायल जवान डीआरजी आरक्षक के पद पर तैनात है। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि जवान की स्थिति स्थिर है और वह अब खतरे से बाहर है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह जिला सुकमा के थाना चिंतलनार क्षेत्र में स्थित नवीन स्थापित कैंप रायगुड़ा से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का बल एरिया डॉमिनेशन के लिए रवाना हुआ था। इस अभियान के दौरान लगभग 11 बजे रायगुड़ा के जंगल में नक्‍सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से डीआरजी के जवान आरक्षक पोड़ियाम विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, जवानों ने तुरंत घायल जवान को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। फिलहाल जवान की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर हैं। सुरक्षा बलों ने इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और नक्‍सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

जांच में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-बालोद में सड़क किनारे युवक की लाश मिलने से सनसनी

बालोद। जिले में एक व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पूरी घटना जिले के अर्जुंदा थाना से महज 3 किलोमीटर दूर परसवानी-बोरगाहन के बीच हुई है, जहां सड़क किनारे नीचे दुखुराम मरकाम निवासी बासीन का शव बरामद हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, एक दिन पूर्व शुक्रवार को कबाड़ी का सामान खरीदने और उसे बेचने के लिए मृतक दुखुराम अपनी पत्नी के साथ अर्जुंदा गया था। सामान बेचने के बाद, वापस लौटते वक्त उनकी पत्नी किसी पहचान के व्यक्ति के साथ घर चली गई, और वह पीछे जाने के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। अर्जुंदा पुलिस को आज दुखुराम के शव की जानकारी मिली, इसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

अवैध रेत खनन करते 2 चेन माउंटेन जब्त, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में राजस्व विभाग का छापा

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई की है. फिंगेश्वर के सूखे नदी में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से रेत खनन जारी था, जहां प्रशासन की टीम ने छापेमार कार्रवाई कर रेत माफियाओं के इरादों पर पानी फेर दिया है. कलेक्टर के निर्देश पर पहुंचे पुलिस और राजस्व के अधिकारियों को देखते ही रेत माफिया मौके से फरार हो गए. जिसके बाद टीम ने मौके से 2 चैन माउंटेन जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. वहीं गरियाबंद क्षेत्र के तर्रा, कुरुसकेरा, छिंदौला और चौबेबांधा खदानों से रेत का अवैध परिवहन अब भी बदस्तूर जारी है, जहां से रोजाना करीब 200 ट्रकों में रेत रायपुर, दुर्ग, महासमुंद और अन्य जिलों में भेजी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, इन खदानों से 10 चक्का हाईवा के लिए 7 हजार और 12 चक्का के लिए 9 हजार रुपये का भुगतान करना होता है. राजनीतिक संरक्षण के चलते खनन माफियाओं को बिना किसी कार्रवाई के रेत निकालने की गारंटी दी गई है. यहां पहले सील की गई चेन माउंटेन मशीनों को भी फिर से चालू कर दिया गया है, और 24 घंटे खनन कार्य जारी है. सड़कों पर खुलेआम रेत भरे हाईवा राजिम से रायपुर जाने वाली सड़कों पर दिनदहाड़े रेत से लदी हाईवा ट्रक खुलेआम देखे जा सकते हैं. प्रशासन द्वारा कुछ समय पहले आयातित ठेकेदारों पर की गई कार्रवाई के बाद अब लोकल सिंडिकेट ने इसका फायदा उठाते हुए अवैध रेत परिवहन को फिर से तेज कर दिया है. बताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासन चिन्हित खदानों पर कार्रवाई करने में हिचकिचा रहा है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़-बलौदाबाजार में दो डाक अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

बलौदाबाजार। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में डाक विभाग के दो अधिकारियों को 37,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बलौदाबाजार स्थित उप-मंडल निरीक्षक (डाक) कार्यालय के मेल ओवरसियर राजेश पटेल और उप-मंडल निरीक्षक (एसडीआईपी) विनीता मानिकपुरी शामिल हैं। बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जो 19 नवंबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर के शाखा डाक अधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि 22 अक्टूबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर का निरीक्षण करते समय मेल ओवरसियर राजेश पटेल और एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी ने शिकायतकर्ता की कुछ त्रुटियां पाई थीं। इन त्रुटियों को दबाने और मामले को रफा-दफा करने के लिए अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर, रिश्वत की राशि को किश्तों में देने की अनुमति दी गई। पहली किश्त 40,000 रुपये तय की गई, जिसमें से 37,000 रुपये शिकायतकर्ता को 23 नवंबर यानि आज मेल ओवरसियर को देने थे। योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आज पैसे लेकर मेल ओवरसियर के पास गया जहां सीबीआई ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। बता दें कि सीबीआई की टीम द्वारा रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई। इसके बाद, एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी को भी मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 24 नवंबर 2024 को अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, सीबीआई की टीम आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ले रही हैं, मौके पर जांच जारी है।

बाइक सवार 1 की मौत और 2 घायल, छत्तीसगढ़-कवर्धा में ओवरटेक में परिवार के तीन लोग दुर्घटनाग्रस्त

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में आज सुबह एक ही परिवार के 3 लोग दर्दनाक सड़क हादसे के शिकार हो गए. बाइक सवार अपने दो बेटों के साथ कृषि कार्य के बाद वापिस अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान ओवरटेक करने के बाद उनकी बाइक सामने से आ रहे वाहन से जा टकराई और तीनों सड़क पर गिर गए. बाइक चालक गिरते ही पीछे से आ रहे कंटेनर की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. वहीं उसके दोनों बेटे भी इस हादसे में बाल बाल बचे हैं. मृतक के दोनों बेटों को तत्काल घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान हेमदास कवर्धा निवासी के रूप में हुई है. हेमदार अपने दो बेटों के साथ धान की कटाई के बाद घर लौट रहा था. इस दौरान कवर्धा के नई मंडी के पास उसने कंटेनर को ओवरटेक किया और ठीक इस समय सामने से आ रही बाइक से उनकी बाइक की टक्कर हो गई, जिससे हेमराज और उसके दोनों बेटे गिर गए. इसी दौरान हेमराज पीछे से आ रही कंटेनर के पहिए की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. फिलहाल मृतक के दोनों बेटों को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

सीएम साय ने की मल्हार महोत्सव की घोषणा, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में करोड़ों की लागत से बना अरपा रिवर व्यू में श्रीराम सेतु मार्ग

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार की शाम बिलासपुर के रिवर व्यू पर बने श्री रामसेतु मार्ग का लोकार्पण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए मल्हार महोत्सव को बिलासपुर में फिर से शुरू करने और महोत्सव के लिए 20 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किए जाने की बात कही. इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के विकास के लिए आज का दिन बड़ा महत्वपूर्ण है, जहां एक साथ कई विकास कार्यों की सौगात मिली है. इन सब कार्यों से बिलासपुर शहर की अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी, नागरिक सुविधाओं का विकास होगा. इस अवसर पर लेजर शो और आतिशबाजी के माध्यम से श्री रामसेतु मार्ग के लोकार्पण का जश्न मनाया गया और साथ में बिलासपुर विकास दीप महोत्सव मनाया गया. 10 हजार दीपक अरपा नदी में छोड़े गए. इस अवसर पर शहर के दो छोरों को आपस में जोड़ने वाले अरपा के दोनों पुलों को आकर्षक लाइट से सजाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा मइया केवल एक नदी नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति की धारा इसमें बहती है. अरपा मइया के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए हम संकल्पित हैं. अरपा उत्थान और तट संवर्धन प्रोजेक्ट के तहत श्रीराम सेतु मार्ग का आज लोकार्पण किया गया है. इसके अलावा अरपा नदी के संवर्धन और उत्थान के लिए और भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं. नदी के दोनों किनारों पर इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक लगभग 2 किलोमीटर की फोर लेन की सड़क बनाई जा रही है. नदी के किनारे नाला बनाया गया है, शहर के गंदे पानी को इस नाले के जरिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, इससे नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दिए लक्ष्य के अनुरूप विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इस शहर को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. श्री रामसेतु मार्ग : शहरवासियों को मिला व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग अरपा उत्थान और तट संवर्धन प्रोजेक्ट के एक हिस्से के तहत अरपा नदी के दांयी तरफ की सड़क का नाम रामसेतु मार्ग रखा गया है. इसकी लागत 49 करोड़ 98 लाख रुपए है, जिसमें फ़ुटपाथ, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट, रिटेनिंग वॉल और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है. इस सड़क के लोकार्पण से शहर का यातायात सुगम तरीके से संचालित हो सकेगा. इससे नेहरू चौक से शहर के व्यस्ततम गोल बाज़ार-सदर बाज़ार और शनिचरी बाज़ार की तरफ़ जाने के लिए शहरवासियों को एक व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग मिला है.

गांवों में संविधान यात्रा-ग्राम सभा और स्कूलों में होंगे कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ में संविधान दिवस के 75वें वर्ष पर मन रहा स्मरणोत्सव

रायपुर. भारतीय संविधान के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर 26 नवंबर 2024 से सालभर स्मरणोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वर्ष भर चलने वाले इस स्मरणोत्सव को ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ के टैगलाइन के तहत संचालित किया जाएगा। स्मरणोत्सव का यह आयोजन चार स्तंभों संविधान की प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और संविधान के गौरव विषय पर केन्द्रित होगी। संविधान दिवस 26 नवम्बर को मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ सभी मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संविधान की प्रस्तावना वाचन किया जाएगा। संविधान दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में प्रश्नोत्तरी वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर अनुसूचित जाति, जनजाति गांवों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ आयोजित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा संविधान के ऊपर निर्मित फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में संविधान निर्माण में राज्य के विशिष्ट लोगों की भूमिका को केन्द्रित किया जाएगा तथा संविधान से संबंधित कला-प्रदर्शनी प्रदर्शित की जाएगी। संविधान दिवस पर आयोजित इस कार्यकम के लिए संस्कृति विभाग नोडल विभाग होगा एवं की गई सभी कार्यवाहियों की जानकारी एवं छायाचित्र को भारत सरकार की वेबसाइट में अपलोड होगा। पंचायतों में संविधान यात्रा का होगा आयोजन संविधान दिवस के अवसर पर पंचायतों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा। ये यात्राएं अनुसूचित जाति, जनजाति की आबादी के बहुलता वाले गांवों में आयेाजित की जाएगी। यात्रा के दौरान, जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं होंगी, उन पर पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का भी आयोजन होगा, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा और समझाया जाएगा। साथ ही इस मौके पर जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। संविधान सभा के सदस्यों से जुड़े गांवों में, जिसमें संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर विशेष जोर देते हुए विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में होंगे कई कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में संविधान के प्रावधान, संविधान निर्माण की प्रकिया, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत तथा नवीनतम संशोधन आदि विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों तथा अन्य संवैधानिक मुद्दों पर वाद-विवाद सेमिनार, जिसमें सामाजिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समय के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए संविधान को लचीला बनाने तथा नवीनतम तथा प्रमुख संशोधनों पर विशेष ध्यान दिए जाने के लिए आयोजित करेंगे। स्कूली बच्चों को https://www.mygov.in पर MyGov प्रतियोगिताओं और MyBharat.gov.in पर युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

‘मोदी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा’, छत्तीसगढ़-CM साय ने प्रधानमंत्री को दिया क्रेडिट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि उनका करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा है। सीएम ने भाजपा की सफलता को पीएम मोदी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर जनता के भरोसे की मुहर बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा- ”आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देशभर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी कही जाती है। वहां पर भाजपा को मिली अपार सफलता वास्तव में मोदीजी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर भी जनता के भरोसे की मुहर है।” सीएम साय ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि- ”यूपी की जनता ने भी यह बताया है कि वहां भी मोदी जी और योगी जी के कार्यों के प्रति अपार समर्थन है। राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणाम भाजपा शासित राज्यों की नीतियों और कार्यों पर जनादेश है। यूपी के अलावा भी बात चाहे बिहार की हो, राजस्थान या पड़ोसी मध्यप्रदेश की, हर जगह भाजपा को अच्छी सफलता मिली है। भारतीय जनता ने पार्टी की झोली भर दी है। हां! झारखंड का जनादेश हमारी अपेक्षा के अनुकूल नहीं आये। हम वहां के जनादेश को भी विनम्रता से स्वीकार करते हैं।” सीएम साय ने कहा ”आज आया जनादेश समग्रता में भाजपा के लिए काफी उत्साहजनक है। रायपुर दक्षिण का जनादेश कहीं न कहीं आगामी निकाय चुनाव की सफलता का संकेत भी है। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी राजधानी की सीट मुख्यतया समूचे प्रदेश का प्रतिनिधि सीट होती है। राजधानी में प्रदेश में हर कोने से लोग आ कर बसे होते हैं। इस परिणाम ने निकाय चुनाव के प्रति भी हमें और अधिक आशान्वित किया है। माननीय मोदी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जी, अमित शाह जी और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। राजग गठबंधन के सभी नेताओं को भी बधाई। मतदाताओं को धन्यवाद। अभिनंदन।” CM साय की एक्स पोस्ट – आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देश भर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 23, 2024

कर्मचारी रहते कॉलेज के मालिकों ने भांजी के नाम से खरीदी जमीन, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में ‘मामा टामन सोनवानी’ और बहन की करतूत

गरियाबंद. ये कलयुग है… यहां भले सगा भाई- सगे भाई पर भरोसा न करें… और प्रॉपर्टी के नाम पर तो कतई नहीं… लेकिन जब मामा टामन सोनवानी जैसा पॉवरफुल अधिकारी हो तो भला कुछ भी संभव है, और तब तो इस बात पर भी हैरानी नहीं होनी चाहिए कि मालिक ने अपने अधीन नौकरी करने वाले स्टॉफ के नाम से करोड़ों की प्रापर्टी खरीदी. इतना ही नहीं, उस जमीन के ठीक बगल में अपने बुढ़ापे के लिए बहन ने भी अपनी जमीन खरीद ली, खैर… अब मामा के बाद कथित भांजी और बहन भी जांच के दायरे में है और सोनवानी पर सिकंजा कंसने वाली टीमें गरियाबंद में भी एक्टिव नजर आ रही है. अब आपको बताते है कि मामा, भांजी और बहन का ये पूरा माजरा क्या है. दरअसल गरियाबंद में एक नर्सिंग कॉलेज है. जिसका नाम है  शिवम नरसिंग़ कॉलेज है. इसका संचालन शिवम शिक्षण समिति कर रही है. कथित रूप से इसमें मामा यानी टामन सोनवानी की भांजी अंकिता अनंत सदस्य है. लेकिन जब इस कॉलेज के पास अपनि जमीन नहीं थी तो इसका मालिक कागजों में कोई और था. हालांकि भांजी की एंट्री के बाद भी ऐसा कुछ है. आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि कहने को भांजी मालकिन नहीं है, लेकिन जमीन उनके नाम की है. इतना ही नहीं बगल में बहन यानी टामन सोनवानी की बहन ने भी अपना बुढ़ापा संवारने के लिए अभी से जमीन खरीद ली है. उनका नाम इंदु अनंत बताया जा रहा है. हालांकि कथित बहन से टामन से अपनी किसी रिश्तेदारी होने की बात से ही नकार दिया है, लेकिन टामन सोनवानी पर कार्रवाई करने वाली जांच टीमें इस कॉलेज और कॉलेज की जमीन को लेकर एक्टिव हो गई है और उम्मीद है कि इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते है. सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2014 में राजधानी रायपुर के प्रहलाद जयरानी ने गरियाबंद में शिवम शिक्षण समिति बना कर शिवम नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कराई. कॉलेज का संचालन अब भी किराए के मकान में हो रहा है. समिति के फाउंडर का देहांत 2022 में हुआ. इसी साल शिवम शिक्षण समिति ने नया रायपुर में रहने वाली अंकिता अनंत को भी बोर्ड का सदस्य बनाया. जिसके बाद प्रापर्टी विहीन समिति के पास करोड़ों की प्रापर्टी आ गई और अब भवन भी बनना शुरू हो गया है. चौकाने वाली बात तो यह है कि शिक्षण समिति ने गरियाबंद के जिस शख्स से जमीन खरीदी की गई उसी से ही दूसरी रजिस्ट्री उसी तारीख को अंकिता की मां इंदु अनंत के नाम से है. 3.72 एकड़ के इस संयुक्त भूमि में भवन निर्माण का कार्य भी चल रहा है. ये जांच का विषय है कि  इंदु अनंत टामन सोनवानी रिश्ते में कैसी बहन लगती है. जानकार बताते है कि वे रायगढ़ यूनिर्सिटी में रजिस्टार के पद पर पदस्थ हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की कई जांच एजेंसी अचानक संस्था में हुई इस बड़ी इन्वेस्टमेंट की जांच में जुट गई है. संस्था के बैंक डिटेल खंगालने और इन्वेस्टमेंट की जांच गुपचुप शुरू कर दी गई है.

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