LATEST NEWS

16 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव , शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल

रायपुर,  छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: एक ठोस पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारना है। इसके साथ ही, सरकार द्वारा शिक्षकों एवं विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्राथमिकता से पदस्थापना की गई है, जिससे शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंच सके। अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूल शिक्षा क्षेत्र की अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विकास को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत सहभागिता करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। सामाजिक सहभागिता से संवरता भविष्य  मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर परिणाममूलक कार्य करने होंगे। उन्होंने आशा जताई कि सभी जनप्रतिनिधि इस अभियान का नेतृत्व कर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ को एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शाला प्रवेश उत्सव को बनाएं जनअभियान मुख्यमंत्री के इस पत्र को राज्य में शिक्षा को लेकर एक जनांदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की स्कूल तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सहभागिता को भी एक नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

RTE से निजी स्कूलों में भर्ती में देरी, 4 हजार सीटें अब भी खाली, दूसरे चरण का दो जून से होना था आवेदन शुरू

रायपुर  शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में बीपीएल श्रेणी के बच्चों के लिए आरक्षित सीटाें में पहले चरण की लाटरी के बाद आवंटित 40 हजार सीटाें में से 36 हजार सीटों पर प्रवेश हुआ है. 4 हजार सीटें अब भी खाली है. पहले चरण और पहले से रिक्त सीटों पर दूसरे चरण के प्रवेश के लिए अभी तक आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जबकि दो जून से आवेदन शुरू हो जाना था. बताया जा रहा कि शिक्षा विभाग इन दिनों युक्तियुक्तकरण में उलझा है, जिसके चलते आरटीई में प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही. आरटीई में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित रहती है. इस सीटों पर हर साल प्रवेश दिया जाता है। इस साल 6628 निजी स्कूलों में आरटीई की 52035 सीटें आरक्षित हैं. इन सीटों के लिए एक लाख 5 हजार 372 आवेदन आए थे. पहले चरण में सभी 33 जिलों में 40 हजार सीटों के लिए लाटरी निकली. आवंटन के आधार पर चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश लेना था. जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में 40 हजार में से 36 हजार बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश हो चुका है. 4 हजार सीटें अब भी खाली हैं. इन सीटों पर बच्चों ने विभिन्न कारणों से प्रवेश नहीं लिया. इन सीटों पर प्रवेश के लिए पुनः आवेदन मंगाए जाएंगे लेकिन अभी तक दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. पूर्व में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जाती समय सारणी के अनुसार दूसरे चरण के लिए 2 जून से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो जाना था. बताते हैं शिक्षा विभाग का पूरा अमला इन दिनों युक्तियुक्तकरण में उलझा हुआ है, जिसके कारण आरटीई के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही है. इन जिलों में प्रवेश की स्थिति आरटीई के तहत निजी स्कूलों में सबसे ज्यादा 4953 सीटें रायपुर जिले में आरक्षित हैं. पहले चरण में 4510 सीटों के लिए लॉटरी निकली थी. इनमें से अब तक 3868 सीटों पर प्रवेश हो चुका है. इसी तरह दुर्ग जिले में 4292 सीटें हैं. पहले चरण में 3097 सीटों पर चयनित बच्चों ने 2772 सीटों पर प्रवेश लिया है. बिलासपुर में आरटीई की 4899 सीटें आरक्षित हैं. यहां चयनित 3760 सीटों में से 3262 सीटों पर प्रवेश हुआ है. वहीं जांजगीर जिले में 4463 सीटों में से 3460 सीटों के लिए लॉटरी निकली थी. इन सीटों में 3157 सीटों पर बच्चों का प्रवेश हुआ है.

सास के तानो से परेशान बहु ने की सास की हत्या

  बालोद दो दिन पहले सास की हत्या करने वाली बहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. शादी के 8 साल बाद भी बहू को बच्चा नहीं होने से सास उन्हें बांझ बोलकर बेटे को दूसरी शादी करने कहती रहती थी. रोज-रोज के ताने से तंग होकर बहू ने कुल्हाड़ी से वारकर सास को मौत के घाट उतारा था. पुलिस ने आरोपी बहू को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. पूरी घटना बालोद थाना क्षेत्र के बघमरा गांव की है. 10 जून को बालोद पुलिस को ग्राम बघमरा में गीता देवांगन की लाश खून से लथपथ घर में पड़ी होने की सूचना मिली थी. इस पर पुलिस ने तुरंत घटना स्थल पहुंचकर मृतिका के शव को पीएम के लिए भेजकर मकान का बारीकी से निरीक्षण किया. घर वालों और आस पड़ोस से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर मृतिका के बहु खिलेश्वरी देवांगन पर बालोद पुलिस को संदेह हुआ, जिसको हिरासत में लिया गया. हत्या की गुत्थी सुलझाने संदेही बहू से बार-बार पूछताछ करने पर मृतिका की बहु खिलेश्वरी देवांगन ने बताया कि मेरी सास गीता बाई देवांगन आए दिन बांझ निःसंतान हो, आज तक बच्चा पैदा नहीं कर सके, तुम बोझ हो कहकर ताना मारती थी और अपने पुत्र को मुझे छोड़ने के लिए भड़काती थी. मेरे पति अपनी मां की बातों में आकर आये दिन मुझसे लड़ाई झगड़ा करता था. आरोपी बहू ने बताया, 10 जून को भी उसी बात को लेकर पुनः झगड़ा कर रही थी, तब गुस्से में आकर पास रखे हसिया से पहले उसके पैर, फिर चेहरा, जहां दिखा वहां बार-बार मारने लगी. मेरी सास लेटे-लेटे अपने हाथ से रोकने का प्रयास कर रही थी मैं हसिया से मारते जा रही थी जब मेरी सास मर गई तब मैं कुछ देर वहां बैठकर सोचती रही, उसके बाद मोहल्ले वालों को जाकर बताया कि मेरी सास खुद को चाकू मारकर बेहोश हो गई है. हसिया से मेरे दाहिने हाथ के अंगूठे के पास छोटी उंगली में चोट आई है. आरोपी महिला ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा. हत्या मामले में बाप-बेटा गिरफ्तार वहीं एक और हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रनचिरई थाना के खुटेरी में सड़क पर ग्रामीण की हत्या मामले में पुलिस ने गांव के ही सुदामा ठाकुर और उनके बेटे को गिरफ्तार किया है. मृतक देवव्रत बिरझर द्वारा मीटिंग में ज्यादा बोलते हो कहकर मारपीट करने, उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने और घर में जाकर जान से मारने की धमकी देने पर बाप-बेटे ने मिलकर उनकी हत्या की थी.

बिलासपुर में शौहर ने बीवी को ‘तलाक, तलाक, तलाक’ कहकर किया घर से बाहर

बिलासपुर तीन तलाक की प्रथा पर भले ही सरकार ने रोक लगाने के लिए कानून बना दिया हो, लेकिन मुस्लिम समुदाय आज भी इससे निजात नहीं पा सका है. इसका ताजा उदाहरण न्यायधानी में देखने को मिला, जहां बीवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद शौहर ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर उसे घर से बाहर निकाल दिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने शौहर सहित अन्य के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण एक्ट, दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. मामला शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र का है. जहां पीड़िता का निकाह दिसंबर 2022 में सुपेला भिलाई निवासी नासिर अली से हुआ था. पीड़िता के परिजनों ने तब दहेज के रूप में नासिर के परिवार का हर डिमांड पूरा किया था. लेकिन निकाह के 10 – 15 दिन बाद ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. पति नासिर और सास उसे कम दहेज लाने, दहेज में बाइक लाने और चारित्रिक आरोप लगाकर प्रताड़ित करने लगे. इस बीच ससुराल में अनबन को लेकर पीड़िता के परिवार वालों ने नासिर और उसके परिजनों को समझाने की कोशिश की. सामाजिक जमात की बैठक भी हुई. लेकिन उसके बावजूद शौहर नासिर और सास पीड़िता को प्रताड़ित करते रहे. पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना के बाद भी पीड़िता सबकुछ झेलकर रिश्ते को बचाने में लगी रही. लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद फिर से पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया. अंततः पति नासिर ने एक दिन तीन तलाक बोलकर पीड़िता को घर से निकाल दिया. जिसके बाद परिजनों के साथ पीड़िता ने इसकी शिकायत बिलासपुर में महिला थाने में दर्ज कराई है. पीड़िता और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने पति नासिर, सास सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. मामले में मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण एक्ट 2019, दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. मामले में जांच के साथ पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है.

हाई कोर्ट ने खारिज की मासूम की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने वाले आरोपी की याचिका

बिलासपुर  2 साल दस माह की मासूम बच्ची की गरीमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने के आरोपी की अपील हाईकोर्ट ने खारिज दी है. कोर्ट ने सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को यथावत रखा है. विचारण न्यायालय ने आरोपी को 363 में 5 वर्ष एवं पाक्सो में 5 वर्ष कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने मासूम, उसकी मां एवं प्रत्यक्षदर्शी गवाह के बयान को विश्वसनीय मानते हुए अपने आदेश में कहा उत्कृष्ट गवाह’ बहुत उच्च गुणवत्ता और क्षमता वाला होना चाहिए, अप्रतिद्बंद्बी होना चाहिए. ऐसे गवाह के बयान पर विचार करते हुए न्यायालय को बिना किसी हिचकिचाहट के इसे स्वीकार करने की स्थिति में होना चाहिए. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई. दरअसल, 28 नवंबर 2021 की शाम को शिकायतकर्ता की 2 साल 10 माह की बेटी अपनी मौसी के घर के सामने खेल रही थी. शाम करीब 5 बजे आरोपी आया और बच्ची को चॉकलेट और बिस्किट खरीदने के लिए 2 रुपये दिए. इसके करीब 30-45 मिनट बाद फिर आरोपी वापस आया और पीड़िता को उठाकर अपने घर की ओर ले जाने लगा. पीड़िता की मौसी ने आरोपी को बच्ची को ले जाने से मना किया, जिसे उसने अनसुना कर दिया. चूंकि, आरोपी और उसकी बहन अक्सर पीड़िता को खाना खिलाने के लिए अपने घर ले जाते थे, इसलिए उसने ज्यादा कुछ नहीं कहा. शाम करीब 6 बजे उनके पड़ोसी पीड़िता को गोद में उठाकर घर ले आए और बताया कि जब वह गायों को बांधने जा रहे थे, तो उन्होंने देखा कि आरोपी अपना और पीड़िता का कपड़ा उतार रहा है. आरोपी द्बारा पीड़िता के कपड़े उतारकर उसके साथ कुछ अनुचित करने का प्रयास किया गया. मामले की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई. जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 354(ए)(बी) तथा यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 7/8, 9(डी)(पी)/10, 11 के तहत चालान पेश किया गया. विचारण न्यायालय ने आरोपी को 5 वर्ष कैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी. जिसमें अपीलकर्ता को झूठा फंसाने की बात कही गई. इसे लेकर दलील दी गई, कि अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 363 तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) (यू) के तहत न्यूनतम 5 वर्ष की सजा दी गई है. अपीलकर्ता 1 दिसंबर 2021 से जेल में बंद है, वह लगभग 3 वर्ष 6 माह 9 दिन की जेल की सजा काट चुका है. पीड़िता नाबालिग बताई गई है, लेकिन पीड़िता की कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, जिससे पता चले कि अपीलकर्ता ने पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया था. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़िता की बयान का प्रतिपरीक्षण कराने का निर्देश दिया था. कोर्ट के आदेश पर 3 अप्रैल 2025 को पीड़िता अपनी मां के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण में उपस्थित हुई एवं अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा वर्तमान अपील में विचारणीय मुद्दा यह है कि क्या पीड़िता की गवाही स्वीकार करने योग्य है और क्या अभियोजन पक्ष ने अपीलकर्ता के मामले को उचित संदेह से परे स्थापित किया है. पीड़िता की मां के बयान, निरीक्षक के बयान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपस्थित हुई पीड़िता की मां द्बारा उठाई गई आपत्ति, अभिलेख पर उपलब्ध सामग्री और उपरोक्त निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय द्बारा निर्धारित विधि के सिद्धांत पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज किया है.

कार की ठोकर से घायल होने के बाद सात साल की बच्ची को इलाज के बहाने उठाकर ले गए सवार युवक

जांजगीर-चांपा जिले में सात साल की बच्ची के अपहरण का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. कार की ठोकर से घायल बच्ची को सवार युवक इलाज के बहाने उठाकर ले गए. परिजनों ने आसपास के अस्पतालों में बच्ची की तलाश की, नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पूरा मामला बलौदा थाना क्षेत्र के बलौदा-बिलासपुर रोड स्थित बछौद गांव का है. अपने नाना गांव आई सात वर्षीय शिवांगी पटेल गुरुवार शाम सहेलियों के साथ खेल रही थी. इस दौरान अज्ञात कार की ठोकर से बच्ची घायल हो गई. कार सवार युवक बिना परिजनों को साथ लिए घायल बच्ची को इलाज के साथ लिए उठाकर ले गए. जानकारी मिलने पर परिजनों ने आसपास के अस्पतालों में तलाश की. कहीं भी बच्ची की जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया.

गांव में डायरिया फैलने से 20 से अधिक पीड़ित, हफ्तेभर में तीन पीड़ितों की मौत

जांजगीर चांपा अकलतरा विकासखंड के अकलतरी गांव में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है. यहां 20 से अधिक लोग पीड़ित हैं. वहीं हफ्तेभर में तीन पीड़ितों की मौत हुई है. गांव में डायरिया फैलने की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है. गांव में डायरिया फैलने का कारण अज्ञात है. स्वास्थ्य विभाग की टीम और पीएचईके अधिकारी डायरिया फैलने की वजह जानने में जुटे हैं. गांव के पानी की जांच करने सैंपल भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों के इलाज में जुटी है. वहीं गंभीर मरीजों को अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है. दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका, जांच के लिए भेजा सैंपल इस मामले में प्रशासन ने दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका जताई है. पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है. घरों में ओआरएस घोल के पैकेट और दवाइयां बांटी गई है. पीड़ितों का इलाज गांव में ही कैंप लगाकर किया जा रहा है. एक गंभीर मरीज को अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

रेत माफियाओं पर एफआईआर के बाद भी अवैध खनन, खनिज और राजस्व विभाग ने जब्त की 2 चेन माउंटेन

गरियाबंद पत्रकारों पर रेत माफियाओं के हमले मामले में FIR दर्ज होने के बाद भी राजिम क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी है. बकली में हो रहे अवैध रेत खनन की जानकारी पर आज खनिज विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 चैन माउंटेन जब्त किया है. बता दें, गरियाबंद जिले के पितईबंद घाट (पैरी नदी) में 9 जून 2025 (सोमवार) को अवैध रेत उत्खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों पर खदान संचालक के गुर्गों ने जानलेवा हमला किया था. गुर्गों ने न सिर्फ पत्रकारों के कैमरे और पहचान पत्र छीन लिए, बल्कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. जान बचाने के लिए पत्रकारों को खेतों और खलिहानों में जाकर छिपना पड़ा था. रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों में शेख इमरान, थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा और अन्य मीडियाकर्मी शामिल थे. सूचना के बाद भी नहीं पहुंची थी खनिज विभाग की टीम कवरेज के दौरान जब पत्रकारों ने जारी अवैध रेत परिवहन की सूचना जिला खनिज अधिकारी को दी, तो खनिज विभाग की टीम नहीं पहुंची बल्कि कुछ ही देर में खदान संचालक के 7–8 गुर्गे वहां आ धमके. पहले उन्होंने पत्रकारों से बहस की, फिर कैमरा और ID छीन लिए और मारपीट शुरू कर दी. जब पत्रकारों ने भागकर जान बचाई, तो गुर्गे बाइक और स्कूटी से उनका पीछा करते रहे. वीडियो संदेश के बाद ASP ने दिए कार्रवाई के निर्देश घटना के तुरंत बाद पत्रकार इमरान मेमन ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रुप में एक वीडियो संदेश भेजा था. इस घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर भगवान सिंह ने एसडीएम को मौके के लिए रवाना किया और एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने राजिम पुलिस को तत्काल भेजने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद राजिम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की. वहीं बीते दिन (12 जून) शाम 6 बजे पत्रकारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और राजिम इलाके में चल रहे सभी अवैध खदानों को बंद कराने की मांग को लेकर राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक में धरना प्रदर्शन किया. पत्रकारों की मांग है कि जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारीके साथ ही गुर्गों को इशारे में चलाने वाले माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. हमले से आहत पत्रकारों ने माइनिंग अधिकारी पर भी साठगांठ का आरोप लगाया है.

दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव बैडमिंटन खेलते समय हुए घायल, अस्पताल में भर्ती

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव आज सुबह बैडमिंटन खेलते समय घायल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. राहत की बात है कि अब उनकी स्थिति स्थिर है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. जानकारी के मुताबिक, दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव रोज सुबह की तरह उठकर अपने साथियों के साथ घर के सामने बैडमिंटन खेल रहे थे. इसी दौरान अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े. इसके बाद उन्हें दुर्ग के आरोग्यम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें नींद पूरी करने और आराम करने की सलाह दी. अस्पताल में विधायक गजेंद्र यादव का इलाज जारी है. वहीं गजेंद्र यादव की भर्ती होते ही भारतीय जनता पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष, महामंत्री, महापौर अलका बाघमार, निगम के पार्षद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे थे. सभी ने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की. बताया जा रहा कि 15 जून को विधायक गजेंद्र यादव का बर्थडे है. 14 जून को विधायक यादव ने आरएसएस के वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का कार्यक्रम भी रखा है.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को मिलेगा तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग- मंत्री जायसवाल

रायपुर  स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत, समावेशी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में  ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 05 प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किया है।  नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के साथ साझा दायित्वों और लक्ष्यों पर सहमति बनी। कार्यक्रम के दौरान सचिव, लोक स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ एस. के. पामभोई, संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल/उपसंचालक व सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  विदित हो कि प्रदेश में स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार लाने एवं योजनाओं तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन ने एक संगठित एवं समन्वित तंत्र के रूप में “छत्तीसगढ़ साथी” पहल को प्रारंभ किया है। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत विविध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।यह समिति एक ऐसा संस्थागत मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से साझेदार संगठन अपनी विशेषज्ञता, अनुभव और तकनीकी सुझाव सीधे विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी उन्नयन, जनसहभागिता और सेवा की पहुंच में व्यापक विस्तार सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज, बीवीएचए  सहित 05 संस्थाएं इस समझौते की साझेदार बनीं इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ के वार्षिक एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की गई ।   इस ऐतिहासिक एमओयू में शामिल संस्थाएं अपने-अपने विशिष्ट क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा, वहीं यूनिसेफ पोषण, बाल स्वास्थ्य और मातृ सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम तथा रोग निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देगा। यूएनडीपी द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग मिलेगा, जबकि इविडेंस एक्शन राज्य में शिशु स्वास्थ्य और कृमि मुक्ति अभियान को सशक्त करेगा। सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से किशोरों के स्वास्थ्य और जागरूकता में सहयोग प्रदान करेगा, बीवीएचए लक्षित समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के क्रियान्वयन में भागीदारी करेगा और निमहांस  मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढ़ीकरण में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।  ये सभी संस्थाएं मिलकर छत्तीसगढ़ में बहुआयामी स्वास्थ्य सुधारों की एक समेकित और टिकाऊ रूपरेखा विकसित करने में राज्य सरकार की भागीदार बनेंगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार “स्वस्थ छत्तीसगढ़” की अवधारणा को धरातल पर साकार करने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है, जिसमें इन संस्थाओं का सहयोग राज्य के लिए एक नई दिशा तय करेगा। इस समझौते के जरिए न सिर्फ़ दूरस्थ और अंतिम छोर में बसे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता में भी महत्वपूर्ण सुधार संभव होगा। यह समझौता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता लाने की दिशा में भी कारगर सिद्ध होगा। सरकार और साझेदार संस्थाओं ने इस अवसर पर यह विश्वास जताया कि यह सामूहिक पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक होगी और एक सशक्त, सुलभ तथा संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा तंत्र की नींव रखेगी।

दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ

रायपुर : वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन रामगढ़ मेले को बजट में शामिल कर रेगुलर आयोजन की होगी व्यवस्था: वित्त मंत्री दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा रामगढ़ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हितग्राहीमूलक  सामग्रियों का हुआ वितरण रायपुर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा रामगढ़ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हितग्राहीमूलक सामग्रियों का हुआ वितरणसांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा रामगढ़ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हितग्राहीमूलक सामग्रियों का हुआ वितरणसांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा रामगढ़ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हितग्राहीमूलक सामग्रियों का हुआ वितरणसांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा रामगढ़ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हितग्राहीमूलक सामग्रियों का हुआ वितरण दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन गुरुवार को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सरगुजा और बस्तर जैसे अंचलों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा अपने पहले बजट में मैंने इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए हैं और भविष्य में भी इन क्षेत्रों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इस महोत्सव को बजट में शामिल कर एक नियमित वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा यहीं ‘मेघदूतम’ की रचना की गई थी, यह स्थल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। अपने उद्बोधन की शुरुआत मंत्री श्री चौधरी ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, रामगढ़ और महाकवि कालिदास के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं रामगढ़ महोत्सव में सम्मिलित हुआ। सोलह वर्ष पूर्व जब मैं सरगुजा जिला पंचायत में सीईओ था, तब रामगढ़ आना हुआ था। आज फिर वही आत्मीयता और अपनापन अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बनी सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में जनहित के कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, 70 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर माह 1000 रूपए की सहायता राशि दी जा रही है और किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। विभागीय स्टॉलों का अवलोकन, हितग्राहियों को मिला लाभ इस अवसर पर अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उद्यानिकी विभाग ने 5 हितग्राहियों को लीची पौधे वितरण, कृषि विभाग ने 10 हितग्राहियों को कोदो की मिनी किट बीज व 10 को मिट्टी परीक्षण कार्ड, मछली पालन विभाग ने 5 मछुआरों को जाल एवं 1 हितग्राही को आइस बॉक्स प्रदान किया। अन्य विभागों द्वारा भी लाभकारी सामग्रियों का वितरण किया गया। साथ ही आमजनों को योजनाओं की जानकारी दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन रामगढ़ महोत्सव के समापन अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने लोकनृत्य, नाटक व गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। खैरागढ़ संगीत विद्यालय के मोक्षम ग्रुप ने श्रीराम स्तुति पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी। श्रीराम और केवट संवाद पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। देर शाम तक चले इन कार्यक्रमों ने दर्शकों को उत्सव स्थल पर बांधे रखा। समारोह में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित जनप्रतिनिधि और कलेक्टर श्री विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम: अब कर्मचारियों की ‘कुंडली’ मोबाइल एप पर मुख्यमंत्री साय की पहल से कर्मचारियों को डिजिटल सुविधा: सेवा जानकारी अब मोबाइल एप पर अपडेट प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। “डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान” की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।  नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा।  संचालक कोष एवं लेखा रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है। अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा। कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है। साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री ने कोरबा में किया केशव भवन का लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज प्रदेश की ऊर्जाधानी कोरबा स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में नन्हें-मुन्हें बच्चों के लिए नवनिर्मित केशव भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भवन शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों का संगम बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केशव भवन बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। सरस्वती शिशु मंदिर संस्था शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। यहां विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उत्तम संस्कार भी प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल विद्यालय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त आधारशिला है, जहाँ से सच्चे राष्ट्रभक्तों का निर्माण होता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रप्रेम और नैतिक शिक्षा को समर्पित इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु तैयार किया गया है।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री, अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विद्यायक प्रेम चंद पटेल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, महापौर कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंधन समिति से जुड़े सदस्यगण तथा शिक्षक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर : हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय CM साय ने कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” और “पीपल फॉर पीपुल” जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी, सचिव मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की

रायपुर : कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कन्वेन्शन सेंटर को अब पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर जाना जायेगा मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।  कलेक्टर बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपुत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet