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नहीं रही बिहार कोकिला शारदा सिन्हा

बिहार केलवा के पात पर उगेलन सुरुज झांके झुके, ए करेलु छठ बरतिया से झांके झुके… ये गाने कानों में पड़ते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इन गानों से छठ गुलजार होता है। इस आवाज के बिना ये महापर्व अधूरा माना जाता है। ये गीत घाटों पर गूंजते हैं और घरों में महिलाएं इन्हें गुनगुनाकर आस्था में नहा उठती हैं। पर इन्हें आवाज देने वाली शारदा सिन्हा अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने नहाय-खाय के दिन हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया। छठ के पहले दिन उनका गुजरना फैंस को जिंदगी भर की कसक दे गया। 44 दिन पहले पति ब्रज किशोर सिन्हा के बिछोह में शारदा सिन्हा ऐसी गमजदा हुईं कि बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया और उनकी सांसें छीन लीं। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली एम्स से बुधवार को पटना लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन होंगे और गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार होगा। 72 साल की लोकगायिका, बिहार की कोकिला की एक ख्वाहिश भी थी, जो अब हमेशा के लिए अधूरी रह गई। काशी विश्वनाथ के चरणों में सुरों से हाजिरी लगाना चाहती थीं शारदा रामलला के दर्शन करने के बाद शारदा सिन्हा बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में जाना चाहती हैं। उनके चरणों में अपने सुरों की हाजिरी लगानाचाहती हैं। उन्होंने बोला था, ‘देखती हूं कब तक ये इच्छी पूरी होती है…।’ 2018 के बाद काशी नहीं जा पाईं शारदा पर अफसोस कि उनकी ये इच्छा अधूरी रह गई। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए अपनी इस ख्वाहिश का जिक्र किया था। वो साल 2018 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में एक कार्यक्रम के सिलसिले में गई थीं। इसके बाद वो फिर कभी काशी नहीं जा पाईं।

MP स्कूल शिक्षा के एक लाख 46 हजार 333 शिक्षकों को एजुकेशन पोर्टल पर निष्क्रिय कर दिया

भोपाल जिले के हाउसिंग बोर्ड स्कूल के शिक्षक अरुण सिंह का स्थानांतरण हो गया है। करोंद स्थित जीवन ज्योति प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका विमला यादव भी इस्तीफा दे चुकी हैं, लेकिन इन दोनों का नाम पुराने स्कूल में ही प्रदर्शित हो रहा है। वहीं रतलाम जिले के माध्यमिक शिक्षक मधुवन मौर्य को उच्च प्रभार देकर दूसरे स्कूल भेजा गया, लेकिन उन्हें शिक्षा पोर्टल से निष्क्रिय कर दिया है। ऐसे एक नहीं, कई उदाहरण हैं। शिक्षा पोर्टल पर निष्क्रिय किए गए शिक्षकों व कर्मचारियों की सूची सामने आई है। मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने अलग-अलग जिलों के एक लाख 46 हजार 333 अधिकारियों व कर्मचारियों को पोर्टल से निष्क्रिय कर दिया है। इसमें करीब एक लाख 22 हजार शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी सेवानिवृत्त, साढ़े 22 हजार की मौत, 2700 का निलंबन और 18 हजार ने इस्तीफा दिया है। अब इन्हें पोर्टल से निष्क्रिय कर दिया गया है। हालांकि, इनके साथ ही कई पदस्थ शिक्षकों व कर्मचारियों को भी निष्क्रिय कर दिया गया है। अब इनके वेतन नहीं बन पा रहे हैं। शिक्षा पोर्टल पर जिन लाखों कर्मचारियों को निष्क्रिय किय गया है, उसका कारण उनकी मृत्यु, रिटायरमेंट, बर्खास्तगी या फिर त्यागपत्र देना बताया गया है। इनमें से कई लोकसेवकों ने खुद को पोर्टल पर एक्टिव करने की मांग की है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन निष्क्रिय किए गए प्रत्येक लोक सेवक का परीक्षण कर प्रस्ताव भेजे जाएं। इसमें लोक सेवक का नाम, यूनिक आईडी, शाला का डाइस कोड, शाला का नाम, एक्टिव करने का कारण और इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी का नाम और पद की जानकारी मांगी गई है। प्रदेश के करीब साढ़े 22 हजार लोकसेवकों की हो चुकी मौत प्रदेश के 52 जिलों में 22 हजार 672 शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। वहीं एक लाख 2 हजार 637 सेवानिवृत्त, दो हजार 781 बर्खास्त और 18 हजार 243 का इस्तीफा देना बताते हुए उन्हें शिक्षा पोर्टल से निष्क्रिय कर दिया गया है। भोपाल जिले में 2878 लोक सेवक निष्क्रिय भोपाल जिले के 2878 लोक सेवकों को निष्क्रिय कर दिया गया है, इनमें 2308 सेवानिवृत्त हो गए हैं। वहीं 348 की मौत हो चुकी है और 174 ने इस्तीफा दिया था। कार्यरत लोकसेवक भी निष्क्रिय मप्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. क्षत्रवीर सिंह राठौर और शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि सभी निष्क्रिय किए गए शिक्षकों व कर्मचारियों का परीक्षण कराया जाए। अभी कई शिकायतें मिल रही हैं कि वे कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। उनके नाम फिर से एक्टिव किए जाएं। जब तक संकुल, विकासखंड या जिले से जानकारी प्राप्त ना की जाए, तब तक पोर्टल से निष्क्रिय करना न्यायोचित नहीं है। जिन लोकसेवकों को निष्क्रिय किया गया है, उनका परीक्षण किया जा रहा है। इसमें कुछ ऐसी शिकायतें भी आ रही हैं कि वे कार्यरत हैं, लेकिन पोर्टल से उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। – एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल

छाती और पेट में फंसे थे 3 सरिये / जिंदगी की जंग हार गया छोटू जाटव, इलाज के दौरान छोटू की मौत

 ग्वालियर  रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन इमारत से सरियों पर गिरा युवक छोटू जाटव आखिर जिंदगी की जंग हार गया। मंगलवार की दोपहर छोटू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले तीन दिन से छोटू वेटिंलेटर पर था। डॉक्टरों ने बताया कि छाती और पेट में घुसे तीन सरिये भले ही ऑपरेशन कर निकाल दिए गए थे, लेकिन फेंफड़ों में फैला इंफेक्शन छोटू की मौत का कारण बन गया। जटिल आपरेशन के सात दिन बाद छोटू जिंदगी की जंग हार गया। वेंटिलेटर पर था, परिवार में गम का माहौल     मृतक के भाई सोनू जाटव ने बताया कि पिछले दो दिन से छोटू वेंटिलेटर पर था, उसे ब्लड भी चढ़ाया गया, लेकिन मंगलवार की दोपहर करीब सवा दो बजे वह हमें छोड़कर चला गया।     डॉक्टरों ने छोटू को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सांसें थम गईं। उधर जैसे ही उपनगर ग्वालियर के घासमंडी स्थित घर पर छोटू की मौत का समाचार स्वजन तक पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया।     छोटू की मां बेहोश होकर गिर पड़ी। छोटू के शव को पीएम हाउस में रखवा दिया गया है। स्वजन मंगलवार को पीएम कराएंगे और बाद पैतृक निवास लेजाकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह था पूरा मामला 29 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन इमारत पर काम करते समय छोटू जाटव (35) नीचे गिर गया था। उसके पेट और छाती में तीन सरिये घुस गए थे। गंभीर हालात में उसे जेएएच के ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए ले जाया गया था। यहां सीटी स्कैन जांच के लिए पहले ग्राइंडर से उसके सरियों को काटा गया। डॉक्टरों ने सवा घंटे ऑपरेशन कर छाती और पेट में घुसे सरियों को निकाला। इस जटिल ऑपरेशन के बाद न केवल डॉक्टर, बल्कि स्वजन आश्वस्त थे कि अब छोटू की जिंदगी बच जाएगी, लेकिन मंगलवार की दोपहर उसने दम तोड़ दिया। ऊर्जा मंत्री भी पहुंचे थे जानकारी लेने मध्य प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर छोटू जाटव के सफल ऑपरेशन के बाद उसके स्वास्थ्य की जानकारी लेने एक हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने आपरेशन करने वाले चिकित्सकों का सम्मान भी किया था। साथ ही परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया था। इस दिन तक छोटू के स्वास्थ्य में सुधार था, लेकिन देर रात उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे वेटिंलेटर पर ले लिया गया, लेकिन इसके बाद भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि छोटू की सांसे थम जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदों हॉस्पिटल इंदौर में प्रसव-प्रतीक्षालय का किया शुभारंभ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अरविंदो यूनिवर्सिटी इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त “प्रसव-प्रतीक्षालय” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं को क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मेडिकल टूरिज्म डेवलपमेंट करने की सोच विकसित हो रही है। प्रसव-प्रतीक्षालय की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसव-प्रतीक्षालय का नवाचार अभिनव पहल है। प्रसव-प्रतीक्षालय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसव-प्रतीक्षालय की यह नवाचारी पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिल का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन का चिकित्सा सेवा भाव अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने की डॉ. विनोद भंडारी की पहल का स्वागत करते हुए शासन की ओर से हर संभव सहयोग के लिये आश्वास्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को डॉ. भंडारी ने स्मृति-चिन्ह भेंट किया।  कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद भंडारी, प्रबंध निदेशक डॉ. महक भंडारी, वाइस चांसलर डॉ. ज्योति बिंदल, अधिष्ठाता श्रीमती जयकापड़िया सहित बड़ी संख्या में सेम्स अस्पताल के चिकित्सक, विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डॉ. भंडारी ने स्वागत सम्बोधन दिया। उन्होंने प्रसव-प्रतीक्षालय की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी।  डॉ. महक भंडारी ने संस्था के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. भंडारी ने बताया कि भंडारी समूह एवं अरविंदो विश्वविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राज्य शासन के साथ काम करेंगे। शासन के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत मॉडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं एवं संसाधनों से युक्त प्रसव-प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक से दो सप्ताह पूर्व से ही वर्तमान समय की श्रेष्ठतम सुविधाएं एवं सहूलियतें ‘अरविंदो अस्पताल प्रोटोकाल’ के तहत प्रदान की जाएंगी। डॉ. भंडारी ने बताया कि प्रसव-प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए एडमिट होगी, उसकी 24 घंटे सतत निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियाँ रखनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्हें ‘एंटीनेटल एक्सरसाइज कराने के साथ एंटीनेटल डाइट’ भी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को ‘फिजियोथेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, बर्थिंग वाथ एक्सरसाइज, अरोमा थेरेपी आदि की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। ‘फुली एयरकंडीशंड प्रसव-प्रतीक्षालय’ में मरीज के साथ आए परिजन (अटेंडर्स) की सुविधाओं का भी प्रसव-प्रतीक्षालय में ख्याल रखा जाएगा।  

हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी: सीएम मोहन यादव

 इंदौर  हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। दीपावली के दिन हिंदू समाज पटाखे फोड़ता है तो कोई कैसे रोक सकता है और रोकेगा तो यह प्रदेश सरकार को बर्दाश्त नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर प्रवास के दौरान कही। मीडिया से चर्चा में उन्होंने छत्रीपुरा की घटना को लेकर कहा कि हम सभी को साथ लेकर विकास चाहते हैं, लेकिन कोई कानून हाथ में लेगा तो पीछे नहीं हटेंगे। कानून सबसे निपटने में सक्षम है। सरकार सक्षम है। कनाडा की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं और सिख बंधुओं का अभिवादन करता हूं कि उन्होंने सामने आकर इस तरह की घटनाओं का विरोध किया है। हाथियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मप्र की आबोहवा उन्हें रास आ रही है। सीएम ने कहा- हम प्रदेश के अधिकारियों को कर्नाटक, केरल जैसे प्रदेश ट्रेनिंग के लिए भेजेंगे ताकि ऐसा योजना बन सके कि जन हानि भी न हो और पशु हानि भी न हो। मुख्यमंत्री ने कुक्षी के परिवार के साथ गुजरात में हुए हादसे को लेकर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की राहत राशि दी है। मुख्यमंत्री पश्चिम क्षेत्र में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में भी पहुंचे। ‘मातृ-शिशु मृत्युदर कम करने में मददगार होंगे प्रसव प्रतीक्षालय’ श्री अरबिंदो अस्पताल में होने वाले नवाचार मरीजों के लिए हमेशा अच्छे होते हैं लेकिन मुझे लगता है कि गर्भवती महिलाओं और उनकी शिशुओं की अनमोल जान बचाने में प्रसव प्रतीक्षालय का नवाचार विशेष रूप से मददगार साबित होगा। इससे हाई रिस्क प्रसूताओं और ट्रायबल बेल्ट की गर्भवती महिलाओं की मदद होगी। इस अनूठी पहल से शिशु-मातृ मृत्यु दर में भी कमी आएगी। अच्छी बात यह है कि प्रतीक्षालय में मरीजों के साथ-साथ स्वजन की छोटी से छोटी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। यह बात मंगलवार को श्री अरबिंदो अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू किए गए प्रसव प्रतीक्षालय के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे साथ ही कहा कि इस तरह के नवाचार इंदौर समेत मध्य प्रदेश को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान करते हैं। इस मौके पर फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि हम पीएससी, सीएससी आदि के साथ मिलकर सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकाल का विस्तृत माडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। डॉ. महक भंडारी ने बताया कि प्रसव प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए भर्ती होगी, उसकी 24 घंटे निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियां रखनी शुरू कर दी जाएंगी।

81 वर्षीय डॉ. पदमा सुब्रमण्यम ने दी भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति

भारत भवन में आयोजित ‘नृत्य में अद्वैत’ कार्यशाला के दूसरे दिन हुई विभिन्न गतिविधियां आत्मज्ञान के लिए मन की शुद्धता,सूक्ष्मता एवं एकाग्रता आवश्यक : स्वामिनी विमलानंद सरस्वती 81 वर्षीय डॉ. पदमा सुब्रमण्यम ने दी भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति भोपाल कला या अन्य सभी विद्याओं को सीखने के लिए शिष्य में शरणागति का भाव जरूरी है। नवधा भक्ति, नारद भक्ति सूत्र सहित शास्त्रों में भी शरणागति की विशेष महिमा बताई गई है। शैव सिद्धांत में भी शरणागति महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ही हम उपासना के सबसे निकट होते हैं। यह बात वरिष्ठ नृत्यांगना डॉ. पद्मजा सुरेश ने नृत्य में अद्वैत कार्यशाला में आयोजित शरणागति सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। डॉ. पद्मजा ने कहा कि नृत्य एक सहज साधना है। साधना हमें आंतरिक रूप से प्रकाशित करती है। नाट्य साधना के द्वारा ही चेतना की उच्चतम अवस्था तक पंहुचा जा सकता है। चर्चा सत्र में डॉ. पद्मजा ने कहा कि नृत्य के माध्यम से स्थूल से सूक्ष्म शरीर की ओर बढ़ते है। इस दौरान उन्होंने नाट्य में अभय मुद्रा का उदारहण देते हुए कहा कि अभय, अद्वैत का प्रतीक है और कला, महामाया का चिन्मय विलास है। अंत में डॉ. पद्मजा ने रसामृत में कृष्ण को शक्ति बताते हुए नृत्य के सभी रूपों में नृतक तथा नायिका के भावों को विस्तार दिया। उल्लेखनीय है कि आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मप्र पर्यटन निगम और भारत भवन न्यास, संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चल रही तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन नृत्य में अद्वैत विषय पर विभिन्न सत्र हुए। मंच पर कलाकार सृष्टिकर्ता की भूमिका में होता है सत्र में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए भरतनाट्यम नृत्यांगना, कोरियोग्राफर डॉ. रेवती रामचंद्रन ने कहा कि इस तरह के आयोजन मन को विस्तारित करते हैं। यह हमारे आंतरिक एवं आध्यात्मिक विकास में उपयोगी है। उन्होंने कहा कि जब तक हम नृत्य करते हैं तो देह भाव से ऊपर उठकर अपनी पहचान को विलोपित कर देते हैं। कलाकार मंच पर सृष्टिकर्ता की भूमिका में होता है, जो अपनी रचनात्मकता से कला का निर्माण करता है। डॉ. रेवती ने कहा कि भारत में कला परम्परा दर्शकों के उत्थान के लिए है और कलाकार की यही प्राथमिकता भी होना चाहिए।जैसी दृष्टि होती है, वैसी सृष्टि दिखाई देती है। नृत्य भी एक साधना है कार्यशाला के अगले सत्र में चिन्मय मिशन कोयंबटूर की प्रमुख स्वामिनी विमलानंद सरस्वती ने कहा कि कला का सौन्दर्य आनंद में है। कला की विशेषता है कि उसमें सदैव नवीनता विद्यमान होती है। उन्होंने कहा कि भगवान आसन पर बैठे तो कला है और चलें तो नृत्य है। स्वामिनी ने कहा कि नृत्य भी एक साधना है, जिससे मन परिष्कृत होता है। चर्चा सत्र को आगे बढ़ाते हुए स्वामिनी विमलानंद ने वेदांत का उदारहण देते हुए कहा कि आत्मज्ञान के लिए मन की शुद्धता, सूक्ष्मता एवं एकाग्रता आवश्यक है। आत्मज्ञान की प्राप्ति ज्ञान मात्र से होती है, इसलिए आवश्यक है कि मन राग, द्वेष से मुक्त हो। शोधार्थियों, नृत्य अध्येता और छात्र-छात्राओं के साथ संवाद शाम को हुए ओपन सत्र में पद्मविभूषण डॉ. पद्मा सुब्रमण्यम, स्वामिनी विमलानंद सरस्वती, डॉ कुमकुमधर ने शोधार्थियों, नृत्य अध्येता और छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। डॉ.पद्मा सुब्रमण्यम ने कहा कि गुरु के प्रति आत्म-समर्पण करने से संसार की हर वस्तु प्राप्त हो सकती हैं। गुरु ईश्वर के समान है। जब आप सार्थक दिशा में बढ़ते हैं तो गुरु का आशीष स्वाभाविक रूप से प्राप्त होता है। गुरु, करुणा के सागर के समान होता है, शिष्य को इसी भाव में रहकर स्वयं को समर्पित करना चाहिए। डॉ. पद्मा सुब्रमण्यम ने दी नृत्य प्रस्तुति बहुकला केंद्र के अंतरंग सभागार में बैठे सैकड़ों कला प्रेमी  उस समय विलक्षण प्रस्तुति के साक्षी बने जब स्वयं डॉ. पद्मा सुब्रमण्यम मंच पर भरतनाट्यम की प्रस्तुति देने पहुंचीं। 81 वर्षीय डॉ सुब्रमण्यम ने शंकराचार्य विरचित भजन गोविन्दम्, भज गोविन्म्… की मनोहारी प्रस्तुति दी। लगभग 15 मिनट की इस प्रस्तुति के दौरान पदमा जी ने आंगिक, वाचिक, कदमताल और भाव भंगिमाओं का एक ऐसा संसार रचा जिसमें दर्शक पूरी तरह सहभागी बने।  मन को छू जाने वाली इस प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने लगभग 5 मिनट तक पदमा जी को स्टेंडिंग ओवियेशन दिया।   भक्ति गीतों पर झूम उठे श्रोता कार्यशाला के दूसरे दिन का समापन संकीर्तन की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसमें प्रसिद्ध गायक हर्षल पुलेकर ने भक्ति गीतों के माध्यम से सभी को भाव विभोर किया। एक के बाद एक मंत्रमुग्ध कर देने वाले संकीर्तनों को सुन श्रोता भक्ति रस में झूमते नजर आये। पुलेकर ने जय-जय राधा रमण…, कौन कहता है भगवान आते नहीं…. सहित कई भक्ति गीतों को पेश किया। तीन दिवसीय कार्यशाला में आज बहुकला केन्द्र भारत भवन में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन बुधवार को सुबह 9 बजे से विभिन्न सत्र शुरू होंगे। वहीं शाम 7 बजे ओपन सत्र तथा संकीर्तन के साथ कार्यशाला का समापन होगा।  

सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीपीपी मोड पर बनाए जाएं आईटी पार्क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समान कार्य स्वरूप की संस्थाएं‍मिलकर करें कार्य सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे मुख्यमंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय विभाग जन-कल्याण के लिए ड्रोन तकनीक के अधिक उपयोग के लिए प्रयास बढ़ाएं। अवैध वृक्ष कटाई, अवैध खनिज उत्खनन, सघन बस्तियों में पुलिस पेट्रोलिंग में ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाया जाए। वन क्षेत्रों में शिकार की घटनाएं भी ड्रोन तकनीक से ज्ञात कर अपराधियों को दंडित करने में उपयोग किया जाए। मैपकास्ट के साथ‍क्रिस्प और इस तरह की अन्य संस्थाएं समान स्वरूप की गतिविधियों का संयुक्त रूप से समन्वय पूर्वक संचालन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय कक्ष में हुई बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और संचालित प्रकल्पों से संबंधित निर्देश दिए। पीपीपी मोड पर बनें आईटी पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीपीपी मोड से आईटी पार्क बनाए जाएं। इंदौर, उज्जैन और रीवा में इन संभावनाओं को साकार किया जाए। सभी आईटी प्रोजेक्ट्स के कार्यों की समय- सीमा तय कर कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों, फसलों की रक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नवीन टेक्नोलॉजी का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। आईआईटी इंदौर से जुड़े डोंगला वेधशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले की डोंगला वेधशाला को आईआईटी इंदौर के साथ कनेक्ट कर रिसर्च एवं डेवलपमेंट पाठ्यक्रम विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन प्लेनेटोरियम में टॉपर विद्यार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर भ्रमण प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। शोधकर्ताओं के लिए वेधशाला की रिमोटली ऑपरेटेड सुविधा नई शिक्षा नीति के अनुरूप भी है। विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अध्ययन करवाने पर करें फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी वेधशालाओं का भ्रमण कर ज्ञान स्तर बढ़ाएं। प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित अतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर युवाओं को जोड़ा जाए। इन क्षेत्र में पीएच.डी. के लिए भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया जाए। विद्यार्थियों को वर्तमान दौर से जोड़ने के लिए उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाना आवश्यक है। नव -वैज्ञानिक संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष उज्जैन तारामंडल में 8 करोड़ की लागत से अपग्रेडेशन के कार्य हुए हैं। यहाँ थ्रीडी 4K प्रोजेक्शन सिस्टम लोकार्पित होने के बाद 400 से अधिक शो सम्पन्न हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी रूचि लेकर पहुंच रहे हैं। उज्जैन विश्व समय मानक का केंद्र बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनविच टाइम्स को जिस तरह की मान्यता प्राप्त है, उस तरह उज्जैन के भौगोलिक महत्व और जनार्दन नेगी जैसे वैज्ञानिकों के अनुसंधान के प्रकाश में विश्व स्तर पर उज्जैन को विशेष केंद्र के रूप में पहचान मिलना चाहिए। यहां दुनिया में अपनी तरह की प्रथम वैदिक घड़ी भी स्थापित की गई है। प्राचीन आचार्यों ने भी भौगोलिक गणना के अनुसार उज्जैन को शून्य रेखांश पर स्थित माना है। विश्व समय मानक ग्रीनविच से परिवर्तित होकर उज्जैन हो जाए, इस दिशा में बहुआयामी प्रयास होना चाहिए। शासकीय विभागों और सिंहस्थ-2028 के लिए एमपीएसईडीसी को देंगे जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से साइबर सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए भी नगरीय प्रशासन विभाग के आईटी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी एमपीएसईडीसी को दी जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) द्वारा अभी से प्लान बनाकर कार्य किया जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों का उच्च शिक्षा से हो समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सक्षम बने एवं विभिन्न प्रोजेक्ट की साइबर सुरक्षा के लिए भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6 पुराने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को आईआईटी की तर्ज पर विकसित किया जाए। आवश्यकता अनुसार इंडस्ट्री की मदद कॉलेज को विकसित करने में ली जाए। प्रदेश में आ रहे नए उद्योगों में कौशल प्राप्त श्रमिक कार्य के लिए उपलब्ध हों, इस दिशा में भी प्रयास बढ़ाए जाएं। उन्होंने स्टेट डाटा सेंटर के लिए आवश्यकता के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उद्योगों के लिए सभी विभागों का इंटीग्रेटेड सिंगल विंडो सिस्टम डेवलप किया जाए। सभी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को आईटी डिपार्टमेंट से समन्वय स्थापित कर विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग और क्रिस्प एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को आपस में समन्वय कर ग्रामीण प्रौद्योगिकी के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीपीपी मोड पर प्रदेश में आईटी पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग की जरूरत बताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स जैसी नवीन तकनीक का समावेश किया जाए। पुलिस विभाग में विभिन्न स्थानों का डाटा को इंटीग्रेटेड कर हीट मैप डेवलप करें, जिससे अपराध का विशलेषण किया जाए अपराधों में कमी लाई जा सके। मुख्य सचिव ने पीएम गति शक्ति पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे ने विभागीय कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी का विभिन्न विभागों में उपयोग हो रहा है। प्रदेश में राजस्व, वन, नगरीय प्रशासन, रेरा, कृषि और उद्योग विभागों में ड्रोन टेक्नोलॉजी तकनीक विकसित करने के प्रोजेक्ट्स प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी। प्रदेश में आने वाले वर्ष की महत्वपूर्ण गतिविधियां मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों, भविष्य की योजनाओं, प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। दिसम्बर माह में वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला के ऑटोमेशन के सम्पन्न कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा … Read more

प्रदेश में खाकी भी सुरक्षित नहीं: ड्यूटी पर तैनात ASI के साथ युवकों ने की मारपीट

Even khaki is not safe in the state: Youths beat up ASI on duty राजगढ़। मध्य प्रदेश में इन दिनों बदमाशों के हौसले बुलंद है। हाल ये हो गए हैं कि, सुरक्षा देने वाली पुलिस ही सुरक्षित नहीं रहे। ताजा मामला राजगढ़ से सामने आया है। जहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई के साथ बदमाशों ने मारपीट की। घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला जिले के शासकीय जिला अस्पताल का है। जहां दो दिन पहले अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से अभद्रता का मामला सामने आने के डॉक्टरों की सुरक्षा में तैनात ASI के साथ अब मारपीट की गई। चार युवक डॉक्टर को दिखाने के नाम पर अस्पताल में घुसे और पुलिस अफसर की जमकर पिटाई कर दी। बतादें कि दो दिन पहले ही अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से अभद्रता करने के मामले में दो लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की थी। जिसके बाद अस्पताल ASI को तैनात किया गया था। लेकिन लगता है की जनता को सुरक्षा देने वाली पुलिस ही अब असुरक्षित है। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो गए की वर्दी वाले पर हाथ उठाने लगे हैं। मामले में पुलिस ने चार युवकों पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

लालपुर में हुए तिहरे हत्याकांड का थाना गाडासरई पुलिस ने किया खुलासा,प्रेस वार्ता आयोजित कर दी गई जानकारी

लालपुर में हुए तिहरे हत्याकांड का थाना गाडासरई पुलिस ने किया खुलासा,प्रेस वार्ता आयोजित कर दी गई जानकारी डिंडोरी जिले के ग्राम लालपुर में तिहरे हत्याकांड का का हुआ खुलासा मिली पुलिस को बड़ी सफलता। डिंडौरी 31/10/2024 को शाम करीब 05.25 बजे डायल 100, FRV बजाग को थाना गाडासरई अंतर्गत ग्राम लालपुर सानी मे दो पक्षो के बीच लडाई झगडा होने की सूचना प्राप्‍त होने पर FRV मे मौजूद पुलिस स्‍टॉफ तत्‍काल घटना स्‍थल ग्राम लालपुर सानी मौके पर शाम 06 बजे पहूचा, जहां पर घटना की स्थिति को देखते हुये दो व्‍यक्ति लहू-लुहान, खुन से लथपथ मृत स्थिति मे होने व अन्‍य दो व्‍यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्‍था में पडे होने पर, तत्‍काल थाना प्रभारी गाडासरई को घटना से अवगत कराते हुये घायलो को तत्‍काल FRV मे रखकर ईलाज हेतु अस्‍पताल रवाना हुआ, प्राथम‍ि‍क स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गाडासरई में घायल रघुराज मरावी की मृत्‍यु हो गयी थी एवं अन्‍य घायल रामराज मरावी को उच्‍चस्‍तरीय ईलाज हेतु जिला अस्‍पताल डिण्‍डौरी रिफर किया गया था। इस संबधी FRV से प्राप्‍त गंभीर सूचना पाकर स्‍टाफ के साथ तत्‍काल रवाना हुये थाना प्रभारी गाडासरई निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे के द्वारा मौके पर पहुचकर पुलिस अधीक्षक महोदय को घटित घटना से अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह, अति0 पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम व अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) डिण्‍डौरी के. के. त्रिपाठी घटना स्‍थल लालपुर सानी मौके पर पहुचे। द्वारा शाम रात्रि हो जाने से घटना स्‍थल को सुरक्ष‍ित करने व घटना स्‍थल के सूक्ष्‍म वैज्ञानिक निरीक्षण हेतु FSL टीम बालाघाट को बताया गया तथा घटना घटित कर फरार आरोपियो की धरपकड़ हेतु अलग-अलग टीमो को अलग – अलग दिशाओं मे रवाना किया गया तथा प्रार्थी रोशनी पति रघुराज मरावी निवासी लालपुरसानी की रिपोर्ट पर थाना गाडसरई मे अपराध क्रमांक 323/2024 धारा 103(1), 296, 190, 191(3), 351(2) BNS के तहत 07 एवं अन्‍य आरोपियों के विरूध अपराध पंजीबध्‍द किया गया है।                  FSL टीम बालाघाट के मौके पर आने पर घटना स्‍थल का सूक्ष्‍म निरीक्षण किया गया, घटना स्‍थल पर मौजूद साक्ष्‍यो को संकलित किया गया हैं। मृतक धर्मराज मरावी, शिवराज मरावी एवं रघुराज मरावी के शव का पंचनामा कार्यवाही, गाडासरई अस्‍पताल से पीएम कराया जाकर मृतको के शवो को कार्यपालिक दण्‍डाधिकारी की उपस्‍थ‍िति मे दफन किया गया। फरार आरोपियो की धरपकड़ के लिये रवानाशुदा टीमो के द्वारा दिनांक 01/11/2024 को 04 आरोपी, पतिराम मरावी, कार्तिक मरावी, घनश्‍याम मरावी एवं कवल सिंह मरावी सभी निवासी ग्राम लालपुरसानी को सागरटोला से गिरफ्तार किया जाकर न्‍यायालय के आदेश से जेल भेजा गया तथा अन्‍य फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु जिला मुख्‍यालय स्‍तर से SIT टीम भी गठित की गई थी। जिनके द्वारा आरोपिगणो के संभावित अलग-अलग पता ठिकानो पर दबिश देते हुये दिनांक 04/11/2024 को ग्राम धनौली से आरोपी जीवन मरावी को, ग्राम घानामार से आरोपी शंकर मरावी व लोकसिंह मरावी को व राजेन्‍द्रग्राम जिला अनुपपूर के जंगल से सोनसिंह मरावी को एवं डिण्‍डौरी से जेहर सिंह मरावी सभी निवासी लालपुर सानी को गिरफ्तार किया गया हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियो से हत्‍या करने में प्रयुक्‍त कुल्‍हाड़ी, डण्‍डा व तलवार को जप्‍त किया हैं। जिन्‍हे घटना स्‍थल से जप्‍त साक्ष्‍यो के साथ परीक्षण हेतु फॉरेंसिक लेबरोटरी भेजा जायेगा। प्रकरण का एक आरोपी सरवन मरावी घटना दिनांक समय से लगातार फरार हैं। पुलिस टीमे फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु संभावित स्‍थानो मे लगातार दबिश दे रही हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु ईनाम की उद्दघोषणा की गई है।                                      प्राप्‍त जानकारी अनुसार सन 1957 में मृतक धरम सिंह के पिता जी पटवारी सिंह को आरोपी पक्ष के पिता खेत सिंह द्वारा ग्राम लालपुर में स्थित जमीन खसरा नबंर 290/1 करीब 23 एकड जमीन दी गई थी, जिसका प्रकरण नबंर संशोधन पंजी 6/57 दिनांक 04-05-1957 है। इसके बाद खेत सिंह के पुत्रों ने केस लगाया तब नायब तहसीलदार कंरजिया के आदेश क्रमांक 47/आदेश/6/2012-2013 में धरम सिंह के परिवार जनों का नाम हटवा दिया गया इसके बाद धरम सिंह ने एडीएम  कार्यालय  में केस लगाया जो 2014-2015 में एसडीएम द्वारा नायब तहसीलदार करंजिया के आदेश को यथावत रखा था। जिस पर मृतक पक्ष के द्वारा द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड न्यायालय डिण्डौरी में दिनांक 09.10.2017 को केश दर्ज कराया गया था जो विचाराधीन था, वर्तमान तक निर्णय नहीं होने से दोनों पक्षों में जमीनी कब्जे को लेकर बीच-बीच में वाद विवाद होता था, इसी वर्ष फसल बोने के वक्त लडाई झगडा विवाद होने पर आरोपी पक्ष की ओर से घनश्याम मरावी के द्वारा मृतक पक्ष के विरूध अप.क्र. 193/24 धारा 294,323,506,34 ताहि का अपराध थाना गाडासरई में पंजीबद्ध कराया गया था जो पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत दिनांक 10.09.2024 को माननीय सी.जे.एम. न्यायालय डिण्डोरी में चालान पेश किया गया था, जिसका प्रकरण क्रंमाक 961/2024 न्यायालय में विचाराधीन हैं इस दौरान पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों में इस्‍त0 क्रमांक 365,366/2024 धारा 107,116(3) जाफौ के तहत प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही की गई थी सम्‍पूर्ण कार्यवाही  मे थाना प्रभारी गाडासरई निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे, उनि संजय धुर्वे, उनि ध्रुव कुमार सिंह, सउनि मनमोहन चौधरी, सउनि बालमुकंद चौरसिया, सउनि धनंजय साहू, सउनि अनिल उसराठे, सउनि केपी सिंह, सउनि प्रवीण सिंह, प्रआर 84 शिवकुमार पुषाम, प्रआर 298 पंकज सिंह कुशराम, प्रआर 81 हरनाम सिंह, प्रआर 12 रविन्‍द्र यादव, प्रआर 66 शिवकुमार झलपे, आर 352 आशीष लांजेवार, आर 211 सतेन्‍द्र डहेरिया, आर 21 धनंजय पारधी, आर 42 विनोद राठौर, आर 420 कल्‍याण कुशराम, आर 417 राजा, आर 93 मुकेश, आर 224 शैलेन्‍द्र, मआर 108 रंजीता, गोपनीय सैनिक बुधराम मौलिया, ग्रारसस सुभाष मरावी तथा सायबर सेल से प्रआर 202 मुकेश प्रधान व जगदीश सिंह की महत्‍वपूर्ण भूम‍िका रही।                                    सम्‍पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी गाडासरई निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे, उनि संजय धुर्वे, उनि ध्रुव कुमार सिंह, सउनि मनमोहन चौधरी, सउनि बालमुकंद चौरसिया, सउनि धनंजय साहू, सउनि अनिल उसराठे, सउनि केपी सिंह, सउनि प्रवीण सिंह, प्रआर 84 शिवकुमार पुषाम, प्रआर 298 पंकज सिंह कुशराम, प्रआर 81 हरनाम सिंह, प्रआर 12 रविन्‍द्र यादव, प्रआर 66 शिवकुमार झलपे, आर 352 आशीष लांजेवार, आर 211 सतेन्‍द्र डहेरिया, आर 21 धनंजय पारधी, आर 42 विनोद राठौर, आर 420 कल्‍याण कुशराम, आर 417 राजा, आर 93 मुकेश, आर 224 शैलेन्‍द्र, मआर 108 रंजीता, गोपनीय सैनिक बुधराम मौलिया, ग्रारसस सुभाष मरावी तथा सायबर सेल से प्रआर 202 मुकेश प्रधान व जगदीश सिंह की महत्‍वपूर्ण भूम‍िका रही।

बाईक रैली के माध्यम से न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह का शुभारंभ

डिंडौरी मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीना आशापुर के मार्गदर्शन में विधिक सेवा दिवस के उपलक्ष्य में  04.11.2024 से 09.11.2024 तक न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत जिला मुख्यालय स्तर पर प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सहयोग से विधिक सेवा जागरूकता बाईक रैली के माध्यम से न्यायोत्सवः विधिक सेवा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ नीना आशापुरे प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा हरी झंडी दिखाकर बाईक रैली का शुभारंभ किया गया। जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल/पैनल अधिवक्ता तथा न्यायालयीन/विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा एनजीओ एवं स्वयसेवी संगठन सम्मिलित होकर बाईक रैली को नगर भम्रण हेतु रवाना किया गया। उक्त बाईक रैली नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए पुनः जिला न्यायालय परिसर में समाप्त हुई।       शुभारंभ कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश मुकेश कुमार डांगी, सचिव/जिला न्यायाधीश शिवकुमार कौशल, तृतीय जिला न्यायाधीश कमलेश कुमार सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदन सिहं चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी उत्कर्षराज सोनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहसीना खान, न्यायिक मजिस्ट्रेट रिया डेहरिया, यातायात प्रभारी सुभाष उईके, नेहरू युवा केन्द्र आर.पी.कुशवाहा, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैनल लायर्स, पैरालीगल वालेंटियर्स व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें नवंबर में जा रहे हैं ट्रेन से तो हो जाएं सावधान, रेलवे ने कैंसिल कीं ये ट्रेनें

भोपाल भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क माना जाता है। यह देश की लाइफ लाइन है, जो लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है। यहां रोजाना 13,000 से भी अधिक ट्रेनों का संचालन होता है, जिसमें लाखों यात्री सफर करते हैं। भारतीय रेलवे द्वारा समय-समय पर अपने यात्रियों को सुविधा मुहैया कराई जाती है, नियमों में बदलाव भी किए जाते हैं। ट्रेन में अमिर से लेकर गरीब हर वर्ग के लोग ट्रैवल करते हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railways) भीड़-भाड़ को देखते हुए त्योहारी सीजन, गर्मी और सर्दी के दिनों में अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करता है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो। हालांकि, पिछले कुछ समय से रेलवे द्वारा अलग-अलग कार्यों के चलते कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है, तो कुछ ट्रेनों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। आज हम आपको रेलवे द्वारा कैंसिल किए गए उन ट्रेनों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कुछ समय के लिए रद्द कर दिया गया है, तो कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है। कैंसल ट्रेन (Train Cancelled) 8 नवंबर 2024 और 10 नवंबर 2024 को जोधपुर से चलकर भोपाल आने वाली ट्रेन नंबर 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस को कैंसिल कर दिया गया है। वहीं, 9 नवंबर 2024 और 11 नवंबर 2024 को भोपाल से चलकर जोधपुर को जाने वाली भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, जिसकी गाड़ी संख्या 14814 है, इसे रद्द किया गया है। शॉर्ट टर्मिनेटेड ट्रेनें (Short Terminated Trains)     गाड़ी संख्या 12181 जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस है, जो कि 9 नवंबर 2024 को सुबह 11:25 सांगानेर पर शॉर्ट टर्मिनेटेड की जाएगी। यह ट्रेन सांगानेर से अजमेर के बीच चलेगी।     ट्रेन नंबर 12182 अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस 10 नवंबर को सांगानेर से शॉर्ट टर्मिनेटेड होगी। जिसकी टाइमिंग यहां 5:40 होगी।     इसके अलावा, 9 नवंबर 2024 को ट्रेन नंबर 19712 भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस फुलेरा पर शॉर्ट टर्मिनेटेड होगी। यह ट्रेन फुलेरा से जयपुर तक ही चलेगी। कारण यात्री घर से निकलने से पहले एक बार शॉर्ट टर्मिनेटेड ट्रेन और कैंसिल की गई ट्रेनों की लिस्ट अवश्य चेक करें। दरअसल, भारतीय रेलवे द्वारा अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है, ताकि रेलवे कनेक्टिवटी को बढ़ाया जा सके। इसके चलते उत्तर पश्चिम रेलवे पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का काम होने वाला है, इसलिए भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली इन ट्रेनों को रद्द और शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है।

हर जिले में साइबर थाना, हर थाने में हेल्प डेस्क… फ्रॉड करने वालों की खैर नहीं

CM Mohan Yadav’s action plan: Cyber ​​police station in every district, help desk in every police station… fraudsters are in trouble मध्य प्रदेश के हर जिले में अब साइबर पुलिस स्टेशन खुलेंगे और हर थाने में हेल्प डेस्क बनेगी। अब तक यह सुविधा सिर्फ भोपाल में थी। अन्य जिलों में पुलिस थानों में साइबर ठगी की शिकायतें लिखी जाती थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश के बाद यह फैसला लिया गया है। भोपाल ! मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर जिले में एक साइबर थाना और हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क होगी।यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। अभी तक सिर्फ भोपाल में ही एक साइबर थाना था, बाकी जिलों में साइबर क्राइम के मामले क्राइम ब्रांच में दर्ज होते थे। एक साल पहले आ गया था प्रपोजल साइबर हेल्प डेस्क बनाने का प्रस्ताव तो एक साल पहले ही आ गया था, लेकिन बजट नहीं होने की वजह से इस पर काम नहीं हो पाया था। अब राज्य साइबर मुख्यालय ने इसके लिए शासन से बजट की मांग की है और उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा सभी जिलों में शुरू हो जाएगी। पुलिसकर्मियों को मिलेगी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि साइबर हेल्प डेस्क में एक पुलिसकर्मी को साइबर क्राइम की जांच के लिए ट्रेनिंग देकर तैनात किया जाएगा। यह पुलिसकर्मी लोगों की शिकायतें सुनेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें साइबर थाने भेजेगा। इस साल में 250 करोड़ की ठगी साइबर क्राइम के मामलों में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी आई है। पिछले पांच सालों में साइबर क्राइम की शिकायतें पांच हजार से बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई हैं। साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। दूसरे देशों से ठगी कर लेते हैं लोग साइबर पुलिस के मुताबिक, दूसरे देशों में बैठे लोग भी इस तरह के अपराध में शामिल हैं। साइबर थाने बनने से साइबर कानून के जानकार पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकेंगे। इससे अपराध की घटनाओं पर कार्यवाई में तेजी आएगी। जांच से लेकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने तक का काम समय पर और अच्छी तरह से हो सकेगा। मध्य प्रदेश में बढ़े हैं ऐसे मामले मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, इसलिए हर जिले में एक अलग साइबर थाने की सख्त ज़रूरत है। उम्मीद है कि इससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोग साइबर ठगी से बच सकेंगे।

मध्यप्रदेश-राजस्थान ने चीता संरक्षण और कॉरिडोर विकास के लिए संयुक्त प्रबंधन समिति बनाई

Madhya Pradesh-Rajasthan form joint management committee for cheetah conservation and corridor development मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता संरक्षण परियोजना को सुचारू रूप से संचालित करने और चीता कॉरिडोर के विकास के लिए दोनों राज्यों ने एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया है। यह समिति चीता के संरक्षण, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाएगी। साथ ही, यह हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकारों को सौंपेगी। इस समिति के संयुक्त अध्यक्ष मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक होंगे। अन्य सदस्य के रूप में चीता प्रोजेक्ट के निदेशक, क्षेत्र संचालक/संचालक, वन्य-प्राणी विशेषज्ञ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा नामांकित प्रतिनिधि होंगे। समिति मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चीता परियोजना कॉरिडोर के लिए एमओयू का मसौदा तैयार करेगी। यह कॉरिडोर चीतों के सुरक्षित भ्रमण और उनके संरक्षण के लिए विकसित किया जाएगा। समिति कूनो और रणथंबौर क्षेत्रों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए नए मार्गों का मूल्यांकन करेगी। यह पर्यटन के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीतों के संरक्षण में भी सहायक होगा। समिति उन अधिकारियों और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देगी, जो कूनो से राजस्थान तक मौजूदा कॉरिडोर में चीतों की निगरानी और गश्त में शामिल हैं। इससे चीतों की सुरक्षा और संरक्षण में सुधार आएगा। कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्रों से चीतों के भविष्य के माइग्रेशन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का विकास भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा। इसके लिए प्रि-औगमेंटेशन बेस तैयार कर सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।

ई-नगर पालिका 2.0 के विकास की प्रक्रिया, परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देना

भोपाल प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के उद्देश्य से वेब आधारित ई-नगर पालिका योजना प्रारंभ की गई है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के लिये ई-गवनेंर्स का अनूठा उदाहरण है। ई-नगर पालिका द्वारा नगरीय निकायों द्वारा समस्त नागरिक सेवाओं, जन शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य प्रणाली, समस्त भुगतान एवं बजट प्रक्रिया को एकीक्रत कर ऑनालइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। 22 नागरिक सेवाएं ई-नगर पालिका 1.0 को डेटाबेस के साथ प्लेटफार्म पर विकसित किया गया। वर्तमान में ई-नगर पालिका के माध्यम से 22 नागरिक सेवाएं प्रदाय की जा रही हैं, इसमें 15 मॉड्यूल शामिल हैं। ई-नगर पालिका का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग और भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल एप उमंग से भी एकीकृत किया गया है। ई-नगर पालिका 1.0 पोर्टल के माध्यम से दी जा रही सभी नागरिक सेवाओं और विभागीय कार्यों को और बेहतर, सरल तथा सुगम बनाये जाने के उद्देश्य से वर्तमान में विभाग द्वारा ई-नगर पालिका परियोजना के द्वितीय चरण का विकास, क्रियान्वयन और संचालन नई टेक्नोलॉजी एवं उपकरणों के अनुसार कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल और 24 नागरिक सेवाएं शामिल होंगी। भौतिक संरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगा। ई-नगर पालिका 2.0 में जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जायेगा। ई-नगर पालिका 2.0 कॉमन सर्विस सेंटर, एम ऑनलाइन, कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगर पालिका 2.0 का एकीकरण किया जायेगा। इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल के विकास के लिये 2 वर्ष तथा 5 वर्ष का O&M चयनित वेंडर द्वारा किया जायेगा।  

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ मालेगांव बम धमाका केस में जमानती वारंट जारी

Malegaon blast case: Bailable warrant issued against Sadhvi Pragya Singh Thakur for being absent in the hearing. Malegaon Bomb Blast Case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद और भाजपा की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ एक बार फिर जमानती वारंट जारी हुआ है। ये जमानती वारंट एनआईए कोर्ट द्वारा मालेगांव बम धमाके के केस में चल रही पेशियों में शामिल न होने के कारण जारी किया गया है। कोर्ट ने मंगलवार को इस जमानती वारंट को ये कहते हुए जारी किया कि, मामले की बहस अपने अंतिम दौर में है, ऐसे में मुख्य आरोपी का कोर्ट में होना जरूरी है। दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर बीते लंबे समय से कोर्ट में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मेडिकल लगाकर अदालत की पेशियों में नहीं पहुंच रही हैं। इसी के चलते लंबे समय से ये मामला लंबित है। आरोपी पक्ष के इसी व्यव्हार को अनुचित मानते हुए मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पेशी में शामिल न होकर कोर्ट का समय बर्बाद करने के चलते जमानती वारंट जारी किया है। इसी साल दूसरी बार मिला जमानती वारंटआपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं जब मालेगांव बम धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट द्वारा जमानती वारंट जारी किया गया हो, इससे पहले इसी साल मार्च के महीने में भी उन्हें 10 हजार का जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। हालांकि, उस वारंट को ठाकुर के वकील ने जमानत के 10 हजार जमा करके मेडिकल लगाते हुए कहा था कि प्रज्ञा ठाकुर अस्वस्थ हैं, इसलिए वो पेशी में नहीं पहुंच सकेंगी। अब 8 महीने बीतने के बाद भी पेशी में न आने के चलते कोर्ट ने उनका मेडिकल रद्द करते हुए एक बार फिर जमानती वारंट जारी करते हुए 13 नवंबर तक किसी भी स्थिति में कोर्ट में पैश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र राज्य में मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित मालेगांव शहर की एक मस्जिद के पास बम ब्लास्ट हुआ था। इन धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मालेगांव उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले का एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है। धमाके के बाद 30 सितंबर 2008 को मालेगांव के आजाद नगर पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल, मामले की सुनवाई स्पेशल एनआईए कोर्ट कर रही है।

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