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कल से तीन देशों की यात्रा पर निकलेंगे पीएम मोदी , G20 में भी लेंगे हिस्सा…

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी कल साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी।  निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी।  साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी. कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी.   यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।     यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।  

प्लेन क्रैश पर बाबा रामदेव ने साजिश की आशंका भी जाहिर की, जांच की मांग की है कि कहीं तुर्की में तो इसकी साजिश नहीं रची

नई दिल्ली अहमदाबाद में प्लेन क्यों और कैसे क्रैश हुआ इसको लेकर जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने साजिश की आशंका भी जाहिर की है। उन्होंने इस बात की जांच की मांग की है कि कहीं तुर्की में तो इसकी साजिश नहीं रची गई और ऐसा करके दुश्मनी तो नहीं निकाली गई है। गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्की के साथ तल्खी बढ़ गई थी। तुर्की इन दिनों पाकिस्तान का पक्का यार है। रामदेव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘विमान हादसे के पीछे इस बात की भी दृष्टि होनी चाहिए कि मुझे पता लगा है कि तुर्की की कोई एजेंसी मेंटिनेंस का काम करती है। एविएशन सेक्टर पर भारत को और नजर रखनी पड़ेगी। तुर्की ने कहीं दुश्मनी तो नहीं निकाली है इस माध्यम से। क्योंकि वहां की एजेंसी सर्विसे मेंटिनेंस का काम करती थी कहीं उसने तो साजिश नहीं रच दी है।’ यह कहे जाने पर कि उसका कांट्रैक्ट दो महीने पहले खत्म कर दिया गया था, इस बाबा रामदेव ने कहा कि इसलिए भारत को 100 फीसदी ऐसे संवेदनशील मामलों में विदेशी लोगों के हस्तक्षेप को खत्म करना पड़ेगा।  

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में यात्रियों के अलावा 33 लोगों की मौत, जाने क्या इन्हें भी मिलेगा 1-1 करोड़ का मुआवजा?

अहमदाबाद अहमदाबाद प्लेन क्रैश में शनिवार तक 274 लोगों के मरने की खबर है। इसमें प्लेन सवार यात्रियों के अलावा जमीन के लोग भी शामिल हैं, क्योंकि प्लेन बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा था। इस कारण कई डॉक्टर, स्टूडेंट, कर्मचारी समेत अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। टाटा ग्रुप ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने का ऐलान किया था। अब सवाल यह है कि क्या जमीन में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवार वालों को भी एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। क्या इन्हें भी मिलेगा 1 करोड़ का मुआवजा? टाटा समूह के अनुसार, जमीन पर जान गंवाने वाले लोग (यानी जो प्लेन में सवार नहीं थे) भी एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे के पात्र होंगे। इसके साथ ही टाटा समूह ने ऐलान किया था कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों का चिकित्सा खर्च भी उठाएगा। उनकी तरफ से इस बात को तय किया जाएगा कि घायल व्यक्तियों को उनकी ज़रूरत के अनुसार सभी देखभाल और सहायता मिले। हॉस्टल की बिल्डिंग का क्या होगा? टाटा बी जे मेडिकल के हॉस्टल की बिल्डिंग को भी मरम्मत कराने के लिए सहायता प्रदान करेगा, क्योंकि इमारत ड्रीमलाइनर दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत की खबर सामने आ चुकी है। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति जीवित बचा है। बाकी 33 पीड़ित संभवतः दुर्घटना के समय अहमदाबाद के बी जे मेडिकल कॉलेज के परिसर में मौजूद व्यक्ति थे। नौकरी समेत अन्य लाभ पर क्या कहा? जब पूछा गया कि क्या टाटा वित्तीय मुआवजे से परे कोई सहायता प्रदान करेगा जैसे कि परिजनों को नौकरी की पेशकश करना, तो एक अधिकारी ने कहा, “फिलहाल कुछ भी तय नहीं किया गया है। हम अभी भी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और जांच शुरू हो गई है। टाटा द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये के अलावा, दुर्घटना में मारे गए यात्रियों को बीमा कंपनियों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये का मुआवजा भी मिलेगा।  

इजरायल ने मार दिए आर्मी चीफ सहित कई बड़े अधिकारी, ईरान ने अब इन्हें सौंपी कमान

तेहरान इजरायल द्वारा ईरान के शीर्ष सैन्य नेताओं की हत्या के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने देश की सैन्य संरचना में बड़े पैमाने पर बदलाव की घोषणा की है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, मेजर जनरल अमीर हातामी को ईरान की सेना (आर्मी ऑफ द इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान) का नया चीफ कमांडर नियुक्त किया गया है। हातामी इससे पहले 2013 से 2021 तक ईरान के रक्षा मंत्री रह चुके हैं। खामेनेई ने अपनी नियुक्ति पत्र में हातामी की “निष्ठा, क्षमता और अनुभव” की प्रशंसा की और उनसे “परिवर्तनकारी और क्रांतिकारी दृष्टिकोण” की अपेक्षा जताई। इसके साथ ही, पूर्व आर्मी चीफ मेजर जनरल सैय्यद अब्दुल रहीम मुसवी को ‘शहीद’ चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद हुसैन बाघेरी की जगह नया चीफ ऑफ स्टाफ ऑफ द आर्म्ड फोर्सेज नियुक्त किया गया है। खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “दुष्ट यहूदी शासन द्वारा लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद हुसैन बाघेरी की शहादत को देखते हुए, और मेजर जनरल सैय्यद अब्दुल रहीम मुसवी की सराहनीय सेवाओं और मूल्यवान अनुभव को ध्यान में रखते हुए, मैं उन्हें सशस्त्र बलों का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करता हूं।” आईआरजीसी के नए प्रमुख की नियुक्ति इजरायल के ऑपरेशन “राइजिंग लायन” में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हुसैन सलामी की मौत के बाद, खामेनेई ने मेजर जनरल मोहम्मद पाकपौर को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “दुष्ट जायोनी शासन द्वारा लेफ्टिनेंट जनरल हुसैन सलामी की शहादत को ध्यान में रखते हुए, और मेजर जनरल मोहम्मद पाकपौर की सेवाओं को देखते हुए, मैं उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त करता हूं।” इसके अलावा, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गुलामअली राशिद की मौत के बाद मेजर जनरल अली शादमानी को उस पद पर नियुक्त किया गया है। ऑपरेशन “राइजिंग लायन” में मारे गए ईरानी अधिकारी इजरायल ने शुक्रवार तड़के 200 से अधिक फाइटर जेट्स के साथ ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फहान, और फोर्डो जैसे इलाकों में सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, और परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने दावा किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम जमा हो रहा था, जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। हमले में ईरान के कई शीर्ष अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए। मेजर जनरल हुसैन सलामी – IRGC के प्रमुख, जिन्होंने 2019 से संगठन की कमान संभाली थी और अप्रैल व अक्टूबर 2024 में इजरायल पर मिसाइल हमलों का नेतृत्व किया था। मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी – ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जो 2016 से पद पर थे और सीरिया में सैन्य अभियान और सऊदी अरब से वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। अली शामखानी – पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, जिन्होंने चीन की मध्यस्थता में सऊदी अरब से रिश्तों को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। अमीर अली हाजीजादेह – IRGC की एयर फोर्स के प्रमुख, जिन्हें 2020 में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का रणनीतिकार माना जाता है। वह भी एक भूमिगत कमांड सेंटर पर इजरायली हमले में मारे गए। मेजर जनरल घोलम अली राशिद- खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर। डॉ. फेरेदून अब्बासी और डॉ. मोहम्मद मेहदी तेहरानची- दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक। ईरानी सरकारी मीडिया ने तेहरान के रिहायशी इलाकों में हुए हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 78 नागरिकों की मौत और 329 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। तेहरान के आसपास कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, और देशभर में आपातकाल लागू कर दिया गया। ईरान का जवाबी हमला हमले के बाद ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। ईरानी सेना ने इजरायल पर 100 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। ईरान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बयान जारी कर कहा, “हमने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन हम जवाब जरूर देंगे।” ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों के लिए इजरायल और उसके सहयोगी अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया, यह दावा करते हुए कि हमले इराकी हवाई क्षेत्र से किए गए, जो अमेरिकी नियंत्रण में है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल को “कठोर सजा” देने की कसम खाई। उन्होंने कहा, “इजरायल ने हमारी संप्रभुता का उल्लंघन किया है, और इसके गंभीर परिणाम होंगे।” इजरायल की रणनीति इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले को “ईरानी परमाणु खतरे को कम करने” का कदम बताया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2024 में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद ईरान का क्षेत्रीय गठबंधन कमजोर हुआ था, जिसके कारण ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की गति तेज कर दी थी। नेतन्याहू ने दावा किया कि यह हमला इजरायल के अस्तित्व की रक्षा के लिए जरूरी था। इजरायली सेना ने पूरे देश में रिजर्व सैनिकों को तैनात करना शुरू कर दिया है, और आपातकाल की घोषणा की गई है, क्योंकि ईरान के जवाबी हमलों की आशंका बढ़ गई है।  

भारत में कोरोना केस 7 हजार के पार, पंजाब ने जारी की नई एडवाइजरी

नई दिल्ली देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब पंजाब सरकार ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नई एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है. पंजाब सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. इसके अलावा लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है. वहीं अगर किसी को खांसी या बुखार जैसी शिकायत हो तो वह स्वयं आइसोलेशन में रहकर इलाज कराए और दूसरों से संपर्क से बचे. पंजाब सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं और मास्क व सैनिटाइजर का नियमित प्रयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है, साथ ही लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, हाथों को बार-बार धोने और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. हालांकि राज्य सरकार ने अभी किसी प्रकार की पाबंदी या लॉकडाउन जैसे उपाय नहीं अपनाए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात ही बचाव है. इसलिए आमजन से सहयोग की अपील की जा रही है. देश में 7400 कोरोना मामले एक्टिव देशभर में कोरोना संक्रमण के मामलों में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है. संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों की टेंशन बढ़ गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 7400 पहुंच गए हैं. देश में कुल एक्टिव केस 7400 हैं. कोरोना मामलों को लेकर राज्यों में क्या हैं हालात? इसके अलावा राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा एक्टिव केस इस समय गुजरात में हैं, यहां यह आंकड़ा 1437 है. वहीं दिल्ली में 672 केस एक्टिव हैं. इसके अलावा केरल में 2109 और महाराष्ट्र में 613 कोरोना केस एक्टिव हैं. राजस्थान में 180, तमिलनाडु में 232, उत्तर प्रदेश में 248, पश्चिम बंगाल में 747, कर्नाटक में 527, मध्य प्रदेश में 120, हरियाणा में 97 और आंध्र प्रदेश में 102 केस एक्टिव हैं.

अनिल नेहरा को मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और सिल्वर मेडल, रोनित रंजन ने पाया गोल्ड मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर केरन कंपनी को मिला

 देहरादून शनिवार को 419 युवा अधिकारी भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट कैडेटों में 9 मित्र देशों के भी 32 कैडेट भी शामिल हैं। भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लासंथा रोड्रिगो बतौर रिव्यूइंग आफिसर परेड में पहुंचे। सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर मार्कर्स काल के साथ परेड शुरू हुई। विभिन्न कंपनी के सार्जेंट मेजर ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली। छह बजकर 42 मिनट पर एडवांस काल के साथ ही छाती ताने देश के भावी कर्णधार कदम बढ़ाते हुए परेड के लिए पहुंचे। निरीक्षण अधिकारी श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बाइकेजीएम लासंथा रोड्रिगो परेड स्थल पर पहुंचे और परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने कैडेट्स को ओवरआल बेस्ट परफॉर्मेंस और अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। श्रीलंका के सेना प्रमुख ने ली परेड की सलामी: इस बार आईएमए की पासिंग आउट परेड की शुरुआत सुबह 6:38 बजे मार्कर्स कॉल के साथ हुई. श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लासंथा रोड्रिगो ने रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में परेड की सलामी ली. 6:42 बजे एडवांस कॉल के साथ कैडेट्स कदमताल करते हुए चैटवुड बिल्डिंग के परेड मैदान में पहुंचे. आईएमए पासिंग आउट परेड जून 2025  खास बात यह है कि श्रीलंका के सेना प्रमुख खुद 1990 में भारतीय सैन्य अकादमी के 87वें कोर्स से कमीशन प्राप्त कर चुके हैं. ऐसे में भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में रिव्यूइंग ऑफिसर बनकर आने पर उनकी पुरानी यादें भी ताजा हुईं. अनिल नेहरा को मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर: आईएमए की पासिंग आउट परेड के दौरान बेस्ट कैडेट और कंपनी को मिलने वाले सम्मान का सबको इंतजार रहता है. इस बार भी जब इसकी घोषणा की गई तो आईएमए देहरादून का परेड समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इस दौरान स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडलिस्ट के नाम घोषित किए गए. जिन जेंटलमैन कैडेट को अवॉर्ड मिले उनके नाम इस प्रकार हैं- ये जैंटलमैन कैडेट्स रहे सबसे आगे     कैडेट अवॉर्ड     अनिल नेहरा स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और सिल्वर मेडल     रोनित रंजन गोल्ड मेडल     अनुराग वर्मा ब्रॉन्ज मेडल     कपिल टीईएस सिल्वर     आकाश भदौरिया टीजी सिल्वर     केरन कंपनी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर

ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई

‘अभी तो और तबाही मचेगी, ये सिर्फ शुरुआत…’, नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग  ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार… जानें रातभर क्या-क्या हुआ  ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  तेल अवीव इजरायल और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. दोनों ओर से अंधाधुंध हमले जारी है. इस बीच ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग शुरू करने पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ खुलकर हल्ला बोला है. नेतन्याहू ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि ये तो अभी सिर्फ शुरुआत है. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.  हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. इस ऑपरेशन को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक इस खतरे को जड़ से खत्म नहीं कर दिया जाता. उन्होंने कहा कि ईरान का बर्बर शासन दशकों से खुले तौर पर इजरायल की तबाही की धमकी देता रहा है. हाल के महीनों में, हमें खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब है. हाल के सालों में ईरान ने नौ परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम हासिल कर लिया है. यह न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है. हम यह अनुमति नहीं दे सकते कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे क्योंकि यह हमारे देश और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए खतरा है. नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था बीते कुछ महीने में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं उठाए थे. परमाणु हथियार तैयार करने के कदम. अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत कम समय में परमाणु हथियार तैयार कर लेगा. यह समय एक साल भी हो सकता है, कुछ महीने भी या उससे भी कम.यह इजरायल के अस्तित्व के समक्ष स्पष्ट और मौजूदा खतरा है. 80 साल पहले यहूदी लोग नाजी होलोकॉस्ट के शिकार हुए थे. आज हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यहूदी ईरान के परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं हो. हम उन लोगों को कभी भी अपने विनाश के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि मैं अपने नागरिकों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और इजरायली रक्षा बल (IDF) के होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें. यह लड़ाई कुछ घंटों या दिनों की नहीं है, बल्कि यह तब तक चलेगी जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. हमें जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम अपने देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.   ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें छह वैज्ञानिक और कई मिलिट्री कमांडर मारे गए. ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. ईरान ने अपने जवाबी कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है. मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर चर्चा की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौता करने की चेतावनी दी. यह तनाव मध्य-पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा रहा है. ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो गया है. इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान पर हमला किया, छह वैज्ञानिक और कई शीर्ष मिलिट्री कमांडर को मार गिराया. हमलों में अब तक 78 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा घायल हुए. इजरायल ने हमले में ईरान के मुख्य परमाणु संयंत्र के ऊपरी हिस्से को नष्ट किया कर दिया.  इजरायल के हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी, ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी अली शामखानी और आईआरजीसी की एयरफोर्स के कमांडर आमिर अली हाजीजादेह जैसे बड़े अधिकारी मारे गए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा. हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. ईरान ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए पलटवार किया और इस कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया. ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में कई नागरिक घायल हो गए हैं.  इस गंभीर स्थिति के बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और वर्तमान हालात की जानकारी दी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि वह अगर परमाणु समझौता करें नहीं तो और बड़ा हमला किया जाएगा. …… हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  ईरान से बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान-इजरायल में टकराव के बात हालिया स्थिति को लेकर बातचीत हुई. इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक पोस्ट में कहा, “मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया.  उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया.” इजरायली हमले में ईरान के 78 लोगों की मौत इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह कॉल ईरान के साथ जारी ताजा संघर्ष के सिलसिले में किया. शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल निर्माण स्थलों और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए. इसमें 78 लोगों की मौत हुई है और तीनों से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायल ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे देश के … Read more

हाथियों की आबादी में अचानक आई तेजी को कम करने जिम्बाब्वे दर्जनों हाथियों को मारेगा

जिम्बाब्वे दुनिया में हाथियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला दक्षिणी अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे वन्य जीव प्रेमियों को कष्ट देने वाली योजना पर काम कर रहा है. हाथियों की आबादी में अचानक आई तेजी को कम करने जिम्बाब्वे दर्जनों हाथियों को मारेगा और अपने लोगों को उसका मांस वितरित करेगा. जिम्बाब्वे पार्क और वन्यजीव प्राधिकरण (जिमपार्क) ने एक बयान में कहा कि दक्षिण-पूर्व में एक विशाल निजी गेम रिजर्व में हाथियों को मारा जाएगा और शुरुआत में 50 हाथियों को निशाना बनाया जाएगा. इसमें कहा गया है, “प्रबंधन अभ्यास से प्राप्त हाथी का मांस स्थानीय समुदायों को वितरित किया जाएगा, जबकि हाथीदांत राज्य की संपत्ति होगी, जिसे सुरक्षित रखने के लिए जिम्पर्क को सौंप दिया जाएगा.” हाथी का मांस कानूनी और नैतिक चिंताओं के कारण दुनिया भर में शायद ही कभी खाया जाता है, लेकिन जिन क्षेत्रों में इसे खाया जाता है, वहां के लोग बताते हैं कि इसका स्वाद गोमांस या सूअर के मांस जैसा होता है, जिसमें खेल जैसा स्वाद और थोड़ा मीठा स्वाद होता है. शेफ्स रिसोर्स और द ट्रेलिस के अनुसार, मांस आमतौर पर घना और रेशेदार होता है, जिसे नरम बनाने के लिए अक्सर धीमी आंच पर पकाने या उबालने जैसी विधियों की आवश्यकता होती है. ईट डिलाइट्स के अनुसार, पोषण की दृष्टि से हाथी का मांस दुबला, कोलेस्ट्रॉल में कम और प्रोटीन, आयरन और बी-विटामिन से भरपूर होता है, जिसका श्रेय घास, फल और छाल जैसे शाकाहारी आहार को जाता है. हालांकि, इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि कुल कितने जानवरों को मारा जाएगा या किस अवधि में मारा जाएगा. 2024 में एक हवाई सर्वेक्षण से पता चला कि रिजर्व, सेव वैली कंजरवेंसी में 2,550 हाथी थे, जो इसकी 800 की वहन क्षमता से तीन गुना अधिक है, ज़िमपार्क्स ने कहा. पिछले पाँच वर्षों में कम से कम 200 को अन्य पार्कों में स्थानांतरित किया गया है. लेकिन हाथीदांत व्यापार पर वैश्विक प्रतिबंध के कारण ज़िम्बाब्वे अपने दाँतों के भंडार को बेचने में असमर्थ है. मंगलवार की घोषणा राजधानी हरारे में चार लोगों को 230 किलोग्राम (500 पाउंड) से अधिक हाथीदांत के साथ गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद हुई, जिसके लिए वे कथित तौर पर खरीदार की तलाश कर रहे थे. 2024 में, जिम्बाब्वे ने 200 हाथियों को मार डाला, क्योंकि उसे अभूतपूर्व सूखे का सामना करना पड़ा, जिससे भोजन की कमी हो गई. यह 1988 के बाद से पहला बड़ा वध था. भोजन के लिए हाथियों का शिकार करने के कदम की तीखी आलोचना हुई है, खासकर इसलिए क्योंकि ये जानवर पर्यटन के लिए एक प्रमुख आकर्षण हैं.

आधार को फ्री अपडेट करने की UIDAI ने बढ़ाई तारीख

नई दिल्ली आधार कार्ड अपडेट के लिए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने आखिरी तारीख को एक बार फ‍िर से बढ़ा दिया गया है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्‍था यूनीक आइडेंटिफ‍िकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की तरफ से यह बड़ी जानकारी शेयर की गई है। UIDAI ने कहा है कि लाखों आधार धारकों के लिए फ्री ऑनलाइन डॉक्‍युमेंट अपलोड की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है। अब 14 जून 2026 तक लोग फ्री में अपने डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करके आधार कार्ड में डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट करा सकेंगे। यानी पूरे एक साल का वक्‍त लोगों को दिया गया है। यूआईडीएआई ने यह भी कहा है कि वह लोगों को आधार कार्ड में डॉक्‍युमेंट अपडेट करने के लिए प्रोत्‍साहित कर रही है। हालांकि फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए अब सिर्फ एक तरीका बचा है। क्‍या है वह, आइए जानते हैं। कैसे फ्री में अपडेट होगा आधार कार्ड फ्री में आधार अपडेट कराने के लिए लोगों के पास अब एक ही तरीका बचा है। यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है। बताया है कि फ्री में आधार अपडेट की सुविधा सिर्फ myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। खास यह भी है कि ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डेमोग्राफ‍िक इन्‍फर्मेशन को अपडेट कराया जा सकेगा, जिसके लिए अड्रेस प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ से जुड़े डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने होंगे। इस प्रकार यूआईडीएआई ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि आधार में अपडेट अगले एक साल तक ऑनलाइन फ्री तो हो जाएगा लेकिन सीमित सुविधाएं ही ऑनलाइन अपडेट में मिलेंगी। बायोमैट्रिक अपडेट के लिए क्‍या तरीका अगर किसी आधार धारक को अपना बयोमैट्रिक अपडेट कराना है, तो उसे नजदीकी आधार सेवा केंद्र में जाना होगा और शुल्‍क चुकाने के बाद यह काम कराया जा सकेगा। बायोमैट्रिक अपडेट को ऑनलाइन नहीं कराया जा सकता है। फ‍िर भी आपके मन में कोई सवाल है तो टोल फ्री नंबर 1947 पर कॉल करके अपनी परेशानी का हल निकाल सकते हैं। इसके अलावा आप help@uidai.gov.in को ईमेल लिखकर अपने सवाल पूछ सकते हैं। 10 साल में अपडेट कराना होता है आधार आजकल हर जरूरी काम में आधार कार्ड का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। कोई सरकारी कागज बनवाना हो, बैंक में खाता खुलवाना हो या फ‍िर नई जॉब के डॉक्‍युमेंट्स देने हों, आधार कार्ड हर जगह मांगा जाता है। यह 12 अंकों का यूनीक आइडेंटिटी नंबर है, जिससे किसी व्‍यक्ति की पहचान को सुनिश्चित किया जाता है। नियम के अनुसार, इंडिविजुअल्‍स यानी व्‍यक्तियों को अपने आधार कार्ड को हर 10 साल में अपडेट कराना होता है। बाल आधार यानी बच्‍चों के आधार को 5 साल से 15 साल के बीच अपडेट कराया जाता है। आधार अपडेट की आखिरी तारीख आज 14 जून 2025 को खत्‍म हो रही थी, जिसमें डेमोग्राफ‍िक चेंज की सुविधा को अगले एक साल के लिए ऑनलाइन बढ़ाया जा रहा है। आधार सेवा केंद्र में जाकर आधार अपडेट कराने का आज आखिरी दिन है।

केदारनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 42 दिन में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

रुद्रप्रयाग  पवित्र केदारनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ रहा है. चारधाम यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा के चरणों में पहुंच रहे हैं. धाम में शाम की आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु एक साथ शामिल हो रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर दिव्यता और भक्ति से गूंज उठता है. हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है. इस बार यात्रा की विशेष बात यह रही कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन का लाभ मिल रहा है. बाबा केदार के कपाट 2 मई को आम भक्तों के लिए खोले गए थे और तब से लेकर अब तक रिकॉर्ड संख्या में दर्शन हो चुके हैं. मौसम की कठिनाइयों और ऊंचाई की चुनौती के बावजूद केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़ हो रही है. प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग, टेंट, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है, ताकि हर श्रद्धालु को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. 2 मई को कपाट खुलने के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. तमाम दुश्वारियों और विषम मौसम के बावजूद भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही. हर दिन हजारों की संख्या में यात्री केदारनाथ की कठिन चढ़ाई पार कर मंदिर पहुंच रहे हैं. सांयकालीन आरती में भक्त शामिल हो रहे हैं. गर्भगृह तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हुआ है और दर्शन व्यवस्थित हो रहे हैं. मंदिर दिन-रात खुला है, ताकि कोई भी भक्त बाबा के दर्शन से वंचित न रहे. जिला प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग, टेंट, स्वास्थ्य सेवाएं, जलापूर्ति और सफाई की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो. आंकड़ों के अनुसार, इस बार की केदारनाथ यात्रा न सिर्फ चारधाम यात्रा की तुलना में सबसे बड़ी साबित हो रही है, बल्कि यह अब तक की सबसे रिकॉर्ड ब्रेकिंग यात्रा बन चुकी है.  

असम के धुबरी में सांप्रदायिक तनाव के बाद एक्शन में सीएम हिमंत, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश

 धुबरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया. बांग्लादेश की सीमा से सटे इस जिले में हालिया सांप्रदायिक घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अशांति फैलाने वालों पर देखते ही गोली मारने के आदेश लागू रहेंगे. मुख्यमंत्री ने धुबरी दौरे के दौरान कहा, जैसे ही मैं गुवाहाटी पहुंचूंगा, आदेश जारी कर दिया जाएगा. रात में बाहर घूमने या पत्थरबाजी करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी. धुबरी में एक मंदिर के सामने बीते सप्ताह गाय का सिर मिलने के बाद तनाव फैल गया था. बकरीद के एक दिन बाद यह घटना सामने आई, जिसके बाद सोमवार को क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई थी. मंगलवार को प्रतिबंध हटाया गया. अगले दिन एक और ऐसी ही घटना और पत्थरबाजी ने हालात को और गंभीर बना दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नबीन बांग्ला’ नामक एक संगठन ने बकरीद से पहले भड़काऊ पोस्टर लगाए थे. इनमें धुबरी को बांग्लादेश में मिलाने की बात कही गई थी. राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ के जवानों को इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा. जो लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. सभी अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. इसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समूहों ने शांति और सद्भाव की अपील की थी. सरमा ने कहा कि अगले दिन मंदिर के सामने फिर से गाय का सिर रखा गया और रात में पत्थर फेंके गए. सरमा ने कहा कि बकरीद से एक दिन पहले ‘नबीन बांग्ला’ नामक संगठन ने धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने के अपने उद्देश्य को उजागर करते हुए “भड़काऊ पोस्टर” लगाए थे. सरमा ने आरोप लगाया कि बकरीद के दौरान पहले भी कुछ लोग गोमांस खाते थे, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाए गए हैं और धुबरी में एक ‘नया गोमांस माफिया’ उभरा है. जिसने त्योहार से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की है. मेरी जानकारी में आया है और मैंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं. मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मवेशी व्यापार को शुरू करने वाले को गिरफ्तार करें.  जरूरत पड़ी तो मैं निगरानी करूंगा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि इस बार बकरीद के मौके पर पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी धुबरी लाए गए और एक नया बीफ माफिया सक्रिय हुआ है, जिसने बड़े पैमाने पर मवेशियों की खरीदारी की. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. अवैध व्यापार में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राज्य सरकार धुबरी में किसी भी तरह की सांप्रदायिक साजिश को सफल नहीं होने देगी. धुबरी हमारे हाथ से नहीं जाएगा. जरूरत पड़ी तो मैं खुद पूरी रात हनुमान मंदिर की निगरानी करूंगा.  

शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने 114 मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, जानें क्या है मामला?

नासिक   महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में शनि शिंगणापुर मंदिर है। इस मंदिर के ट्रस्ट ने हाल ही में 167 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। ट्रस्ट ने कहा कि ये कार्रवाई अनुशासनात्मक कारणों से की गई है। मंदिर के सूत्रों के अनुसार, निकाले गए कर्मचारियों में से 114 (68%) मुस्लिम हैं। श्री शनैश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने कर्मचारियों को निकालने का कारण काम में लापरवाही और लंबी अनुपस्थिति बताया है। हालांकि, ट्रस्ट ने कोई खास वजह नहीं बताई है। जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, वे 2 से 10 साल से काम कर रहे थे। उन्हें 8 जून और 13 जून को दो चरणों में निकाला गया। सकल हिंदू समाज नामक एक संगठन ने 14 जून को मंदिर में काम करने वाले गैर-हिंदुओं को हटाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने की धमकी दी थी। यह विरोध मई में वायरल हुए एक वीडियो के बाद हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति, जो हिंदू नहीं बताया जा रहा था, मंदिर में पेंटिंग का काम कर रहा था। भेदभाव से किया इनकार देवस्थान के CEO गोरक्षनाथ दरंदले ने कर्मचारियों को निकालने को सही ठहराया और भेदभाव से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। निकाले गए लोग अलग-अलग धर्मों के हैं। यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुशासनात्मक थी। देवस्थान में 2,400 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। कई लोग काम पर नहीं आते हैं। देवस्थान ने उनका वेतन रोक दिया था और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह पहली खेप है जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। देवस्थान के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निकाले गए कर्मचारी मंदिर ट्रस्ट के कृषि, कचरा प्रबंधन और शिक्षा विभागों में काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ कर्मचारी पांच महीने से काम से अनुपस्थित थे। इसका मतलब है कि वे बिना बताए लंबे समय से गायब थे। ट्रस्ट ने कार्रवाई को सही ठहराया मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट श्री शानेश्वर देवस्थान ने कर्मचारियों को निकाले जाने की कार्रवाई को सही ठहराया है और कहा है कि इसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया गया है। देवस्थान ने कहा है कि कर्मचारियों का लंबे समय तक गैर हाजिर रहना और कुछ अन्य वजह इस कार्रवाई के पीछे हैं। इन कर्मचारियों को 8 जून और 13 जून को दो चरणों में बर्खास्त किया गया। अनुशासनात्मक आधार पर की गई कार्रवाई देवस्थान के सीईओ गोरक्षनाथ दरंदाले ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुशासनात्मक आधार पर की गई है। उन्होंने कहा, “देवस्थान में 2400 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं और इनमें से कई काम पर नहीं आते। ट्रस्ट ने उनकी सैलरी रोक दी है और कारण बताओ नोटिस जारी किया है।” देवस्थान से जुड़े एक सीनियर अफसर ने बताया कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया, वे मंदिर ट्रस्ट के कृषि, शिक्षा और अन्य विभागों में कार्यरत थे और इनमें से कई कर्मचारी 5 महीने से काम से से गैर-हाजिर चल रहे थे। बताया हिंदुओं की जीत आचार्य तुषार भोसले ने कहा कि शनि शिंगणापुर मंदिर में मुस्लिम कर्मचारियों की नियुक्ति के विरोध में हिंदू समाज ने भव्य मोर्चा निकाला था। इस मोर्चे का दबाव इतना प्रभावी रहा कि मंदिर प्रशासन को झुकना पड़ा। आचार्य तुषार भोसले ने घोषणा की कि मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जाएगा। यह सकल हिंदू समाज की एकता की जीत है। मैं देशभर के सभी शनि भक्तों और हिंदू समाज का अभिनंदन करता हूं, जिनके एकजुट प्रयासों ने यह संभव किया। मोर्चे की सफलता ने यह साबित कर दिया कि समाज के संगठित प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। भोसले ने कहा कि यह आंदोलन न केवल मंदिर की परंपराओं की रक्षा के लिए था, बल्कि यह हिंदू समाज की एकता और ताकत का प्रतीक भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के एकजुट होने से कोई भी गलत निर्णय बदला जा सकता है। उन्होंने समाज से अपील की कि वे भविष्य में भी एकजुट रहें ताकि ऐसी परिस्थितियों में सही निर्णय लिए जा सकें।

इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला, दोनों देशों के बीच शुरू हुए इस संघर्ष का असर एयरलाइंस के परिचालन पर भी पड़ा

नई दिल्ली इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर शुक्रवार की सुबह जोरदार हमले किए। इससे पूरे ईरान में अफरा-तफरी मच गई। पलटवार करते हुए ईरान ने भी इजरायल पर ड्रोन दागे, लेकिन इजरायली सेना का दावा है कि सारे ड्रोन मार गिराए गए हैं और एक भी इजरायल की सीमा तक नहीं पहुंच पाया है। वहीं दोनों देशों के बीच शुरू हुए इस संघर्ष का असर एयरलाइंस के परिचालन पर भी पड़ा है। इजरायल, ईरान, इराक और जॉर्डन ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। एअर इंडिया और कतर एयरवेज समेत कई एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट या तो रद करनी पड़ी या उन्हें डायवर्ट कर दिया गया। इन एयरलाइंस की फ्लाइट पर असर     एअर इंडिया (Air India): एयरस्पेस से होकर जाने वाली फ्लाइट डायवर्ट और रिटर्न     लुफ्थांसा: तेहरान से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट रद     एयरोफ्लोट: मॉस्को से तेहरान के बीच सभी फ्लाइट रद     इमीरेट्स: कई फ्लाइट डायवर्ट     फ्लाईदुबई: इजरायल और ईरान की कई फ्लाइट रद, अन्य डायवर्ट     कतर एयरवेज: ईरान और इराक की सभी फ्लाइट्स रद इजरायल ने दुनियाभर में दूतावास बंद किए एअर इंडिया ने भी इस संबंध में यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने कहा, ‘ईरान में उत्पन्न हुई वर्तमान स्थिति और एयरस्पेस के बंद होने के बाद यात्रियों के सुरक्षा के लिए कई फ्लाइट डायवर्ट की जा रही हैं और कुछ अपने ओरिजन लौट रही हैं।’ वहीं अब इजरायल ने दुनियाभर में अपने दूतावासों को बंद कर दिया है। इजरायल ने अपने नागरिकों को हिदायत दी है कि वह पब्लिक प्लेस में यहूदी या इजरायली प्रतीकों का प्रदर्शन न करें। ये दूतावास कब तक बंद रखे जाएंगे, इसके बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। एअर इंडिया की कई उड़ाने डायवर्ट     AI130 – लंदन हेथरो से मुंबई आ रही फ्लाइट वियना डायवर्ट     AI102 – न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट शारजाह डायवर्ट     AI116 – न्यूयॉर्क से मुंबई आ रही फ्लाइट जेद्दाह डायवर्ट     AI2018 – लंदन हेथरो से दिल्ली आ रही फ्लाइट मुंबई डायवर्ट     AI129 – मुंबई से लंदन हेथरो जा रही फ्लाइट मुंबई रिटर्न     AI119 – मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही फ्लाइट मुंबई रिटर्न     AI103 – दिल्ली से वाशिंगटन जा रही फ्लाइट दिल्ली रिटर्न     AI106 – नेवार्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट वियना डायवर्ट     AI188 – वैनकूवर से दिल्ली आ रही फ्लाइट जेद्दाह डायवर्ट     AI101 – दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही फ्लाइट मिलान डायवर्ट     AI126 – शिकागो से दिल्ली आ रही फ्लाइट जेद्दाह डायवर्ट     AI132 – लंदन हेथरो से बेंगलुरु आ रही फ्लाइट शारजाह डायवर्ट     AI2016 – लंदन हेथरो से दिल्ली आ रही फ्लाइट वियना डायवर्ट     AI104 – वाशिंगटन से दिल्ली आ रही फ्लाइट वियना डायवर्ट     AI190 – टोरंटो से दिल्ली आ रही फ्लाइट फ्रैंकफर्ट डायवर्ट     AI189 – दिल्ली से टोरंटो जा रही फ्लाइट दिल्ली रिटर्न  

अगले दो दिन तक उत्तर भारत में लू और गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं : मौसम विभाग

नई दिल्ली/मुरादाबाद/बुलढाणा  पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जबकि सुबह की 67 प्रतिशत आर्द्रता ने गर्मी को और असहनीय बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले दो दिन तक उत्तर भारत में लू और गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली के इंडिया गेट पर घूमने आए पर्यटक भीषण गर्मी से परेशान दिखे। हैदराबाद, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से आए पर्यटकों ने बताया कि उनके शहरों में इतनी गर्मी नहीं है, जितनी दिल्ली में है। एक पर्यटक ने कहा, “दिल्ली की गर्मी ने हाल बेहाल कर दिया है।” लोग टोपी या दुपट्टे से सिर को ढंककर और धूप के चश्मे पहनकर घूमने आ रहे हैं। पानी और तरल पदार्थों का उपयोग करते हुए वे इंडिया गेट पर चिलचिलाती धूप का मुकाबला कर रहे हैं। उधर, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में गुरुवार को अचानक हुई तेज बारिश ने मौसम को सुहावना कर दिया। पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप और गर्मी से परेशान लोग बारिश की पहली फुहार के साथ राहत महसूस करने लगे। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय लोगों ने घरों की छतों और बालकनियों पर बारिश का आनंद लिया, जबकि बच्चे साइकिल चलाते और बारिश में भीगते नजर आए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “बारिश ने गर्मी से बहुत राहत दी है। मौसम अब काफी अच्छा हो गया है।” महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में भी गुरुवार सुबह 10:30 बजे से मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ आंधी और भारी बारिश ने क्षेत्र को प्रभावित किया। बुलढाणा शहर में करीब एक घंटे तक बारिश हुई, जिसके कारण कई बड़े पेड़ गिर गए। इससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक फल विक्रेता को भी नुकसान हुआ। बिजली के खंभे गिरने से शहर और आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। गरज और बिजली चमकने से लोग दहशत में रहे। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 15 जून तक लू (हीटवेव) का रेड अलर्ट है। वहीं, मध्य प्रदेश और बिहार में ऑरेंज अलर्ट है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने लोगों से गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

देशभर में साइबर आधारित वित्तीय अपराधों के खिलाफ सीबीआई ने 10 स्थानों पर छापेमारी की

नई दिल्ली  देशभर में साइबर आधारित वित्तीय अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘चक्र-वी’ के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली, हिसार, लखनऊ, मुंबई, पुणे और नासिक समेत कुल 10 स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई एक संगठित साइबर निवेश धोखाधड़ी के मामले में की गई। इस दौरान सीबीआई ने मुंबई के कल्याण निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो धोखाधड़ी में सक्रिय रूप से शामिल था। वह साइबर अपराधियों को पहले से सक्रिय सिम कार्ड और ‘म्यूल’ बैंक खातों की आपूर्ति करता था, जिससे इन अवैध गतिविधियों को अंजाम देना संभव हो सका। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद हुए हैं। यह मामला एक सुनियोजित धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें लोगों को फर्जी मोबाइल ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से ठगा गया। अपराधियों ने नामी कंपनियों के शेयर सस्ते दामों पर दिलवाने का झांसा देकर भोले-भाले निवेशकों से पैसा वसूला और बाद में धन का गबन कर लिया। इससे लोगों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। सीबीआई ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि कैसे जटिल तरीकों से मासूम निवेशकों को शिकार बनाया गया। सीबीआई के ऑपरेशन चक्र-वी से यह स्पष्ट है कि एजेंसी साइबर अपराध सिंडिकेट और उनके सहयोगी ढांचे को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, जांच अब भी जारी है। बता दें कि साइबर अपराध से शायद ही देश का कोई शहर अछूता हो। इस जाल में पढ़े-लिखे लोग भी फंस रहे हैं और करोड़ों रुपए गंवा रहे हैं। साइबर अपराधी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं और पैसे ठगते रहते हैं। हाल ही में हरियाणा में सात करोड़ रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने बिहार के गोपालगंज से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

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