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भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के बीच अब पहली बार राहत की खबर, मामलों में आई गिरावट

नई दिल्ली  भारत को कोविड-19 महामारी से जूझते हुए एक अहम और सकारात्मक मोड़ मिला है। लंबे समय से संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के बीच अब पहली बार राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 13 जून को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोविड के एक्टिव मामलों में गिरावट देखी गई है। पिछले 24 घंटे में जहां कुल 200 नए मामले सामने आए, वहीं 223 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। इससे भारत में सक्रिय मामलों की कुल संख्या घटकर 7131 हो गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। इससे पहले 12 जून को यह आंकड़ा 7154 था। राज्यवार केसों की स्थिति: गुजरात सबसे आगे राज्यवार आंकड़ों पर नज़र डालें तो गुजरात में सबसे अधिक 77 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद राजस्थान में 32, उत्तर प्रदेश में 24, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 14-14, असम में 7, हरियाणा और झारखंड में 5-5, पुडुचेरी में 4, लद्दाख में 3, और ओडिशा में 1 मामला दर्ज हुआ है। मौतों का आंकड़ा चिंता का विषय हालांकि, संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक नए वैरिएंट से 78 मौतें हो चुकी हैं। पिछले 24 घंटे में केरल में 82 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत हुई है। इससे पहले के दिन यानी बुधवार को 3 लोगों की जान गई थी, जिनमें से महाराष्ट्र में 2, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 1-1 मौत हुई। अब तक सबसे अधिक मौतें महाराष्ट्र (21) और केरल (20) में दर्ज की गई हैं, जो दर्शाता है कि नए वैरिएंट का असर कुछ खास क्षेत्रों में अधिक है। सरकार की अपील: सतर्कता बनी रहे जरूरी स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि भले ही मामलों में गिरावट देखी गई है, लेकिन पूरी तरह से लापरवाही करना खतरनाक हो सकता है। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़भाड़ से बचना अब भी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट संक्रमण की समाप्ति नहीं है, बल्कि सतर्कता का एक और मौका है। संक्रमण की रोकथाम के लिए टीकाकरण और टेस्टिंग की प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है।  

सामने आया नया ‘गोमांस माफिया’, जांच जारी, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का अल्टीमेटम- देखते ही गोली मार दी जाएगी

असम  असम के धुबरी जिले में ईद के मौके पर हुई सांप्रदायिक तनाव की घटना के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हनुमान मंदिर में जानबूझकर गोमांस फेंका, जो कि एक बेहद घिनौना और निंदनीय कृत्य है। मंदिरों को निशाना बना रहा है एक खास वर्ग मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक विशेष वर्ग मंदिरों को अपवित्र करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। ‘हमारे धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ लोग जानबूझकर ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं। इसलिए हमने पुलिस को आदेश दिया है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी अवैध हरकत करते हुए पकड़ा गया तो उसे देखते ही गोली मार दी जाए।’ जरूरत पड़ी तो मैं खुद करूंगा मंदिर की सुरक्षा सीएम सरमा ने साफ कहा कि अगर दोबारा ऐसी किसी घटना की आशंका होगी, तो वे खुद मंदिर में रुकेंगे। ‘अगर अगली बार ज़रूरत पड़ी तो मैं खुद रात भर मंदिर में पहरा दूंगा। हम अपने मंदिरों की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार हैं।’ सामने आया नया ‘गोमांस माफिया’, जांच जारी सीएम ने बताया कि जांच में एक नया गोमांस माफिया गिरोह सामने आया है, जिसने ईद से पहले हजारों पशु खरीदे हैं। यह गिरोह धार्मिक माहौल को खराब करने की कोशिश में लगा हुआ है। हमारी जांच टीम इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।   जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार कायम धुबरी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी हाल में नजरअंदाज न किया जाए। हमारे मंदिरों को अपवित्र करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। राजनीतिक बदलावों के बाद बढ़ी साजिशें मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल ही में असम और बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद, कुछ समूह ऑनलाइन और जमीन पर सक्रिय हो गए हैं। वे लोग राज्य में तनाव का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हनुमान मंदिर में गोमांस फेंकने की घटना उसी साजिश का हिस्सा है। कानून-व्यवस्था बहाल रखने की अपील सीएम सरमा ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा या अशांति को पनपने नहीं दिया जाएगा।

ईरान पर हुए हमले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिल खोलकर प्रशंसा की, अभी तो शुरुआत है

वाशिंगटन ईरान पर इजरायली हमले के बाद दुनिया पर एक और महायुद्ध का खतरा मंडरा रहा है। ईरान पर हुए हमले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिल खोलकर प्रशंसा की है। ट्रंप ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में ईरान पर इजरायल के हमले को “शानदार” करार दिया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि “यह तो सिर्फ शुरुआत है, अभी बहुत कुछ बाकी है।” इससे पहले ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि ईरान में कई बड़े नेता बड़ी-बड़ी हांक रहे थे, लेकिन अब इस हमले ने उनके दावों की हवा निकाल दी है। इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है ये हमला शानदार था। हमने ईरान को कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। नतीजा ये हुआ कि उन्हें ज़बरदस्त झटका लगा, जितना बड़ा झटका किसी को लग सकता है। ये तो बस शुरुआत है। आगे और भी बहुत कुछ होने वाला है।” रिपोर्टर ने ट्रंप के इस बयान को X पर पोस्ट किया है, जिसे लेकर बयान तेजी से वायरल हो गया। गौरतलब है कि शुक्रवार तड़के इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के कई शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप की इस तीखी प्रतिक्रिया से साफ है कि अमेरिका, खासकर ट्रंप प्रशासन, इजरायल के इस हमले को पूरी तरह से सही मान रहा है और आगे और बड़ी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं कर रहा।  

बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को लगाया फोन, मोदी ने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर बल दिया

इजरायल  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमलों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के कूटनीतिक प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वैश्विक नेताओं से बात की। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बेंजामिन नेतन्याहू ने आज पीएम मोदी को फोन कर पश्चिम एशिया में उभरते हालात की जानकारी दी। मोदी ने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।’ इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कल रात से अब तक नेतन्याहू ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, भारत के प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वैश्विक नेताओं से बात की है। इसमें कहा गया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर से बात करेंगे। बयान के मुताबिक, ‘वैश्विक नेताओं ने ईरान की धमकी के मद्देनजर इजराइल की रक्षा जरूरतों के प्रति समझ दिखाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह आने वाले दिनों में उनके साथ संपर्क में बने रहेंगे।’ इजरायल और ईरान को लेकर भारत का क्या पक्ष भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह ईरान और इजरायल के बीच हाल के घटनाक्रमों से बेहद चिंतित है और बन रही स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। भारत ने दोनों देशों से तनाव बढ़ाने वाले किसी भी कदम से बचने की अपील की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के विभिन्न स्थानों पर हमले किए हैं। इनमें परमाणु और मिसाइल स्थलों व शीर्ष सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। इजरायल ने शुक्रवार की सुबह ईरान पर हमला किया जिसमें शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए और परमाणु और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पश्चिम एशिया के दो कट्टर विरोधियों के बीच व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। यह 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला था।  

ईरान-इस्राइल युद्ध से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर भी दिख सकता है असर, बढ़ सकते हैं पेट्रोल के दाम

इस्राइल  इस्राइल ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया है। इससे पूरी दुनिया के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल है। भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है और शेयर टूट गए हैं। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर भी इसका असर दिख सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।   इस्राइल ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया है। इससे पूरी दुनिया के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल है। भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है और शेयर टूट गए हैं। निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में अपना पैसा निकाल रहे हैं। इसका सीधा असर एक बार फिर सोने और डॉलर में तेज निवेश के रूप में सामने आ सकता है, वहीं भारत पर इसके कारण पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा और इसका असर आवश्यक पदार्थों की कीमतों में तेजी के रूप में सामने आ सकता है।  अभी एक ही दिन पहले यह खबर सुनकर आम भारतीय उपभोक्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी कि महंगाई दर कई वर्षों में सबसे निचले स्तर 2.82 प्रतिशत पर आ गई थी। रिजर्व बैंक ने भी महंगाई को नियंत्रण में देखकर रेपो दरों में कमी का ऐलान कर दिया था। इससे रेपो दरें 5.50 प्रतिशत पर आ गई हैं और अनुमान यही लगाया जा रहा है कि बैंक रेपो दरों में कमी का लाभ आम उपोक्ताओं तक पहुंचाएंगे और उनकी घर-कारों पर लिए गए कर्ज की महंगी ईएमआई कुछ कम हो सकेगी।  लेकिन इसी बीच अचानक इस्राइल ने ईरान पर हमला कर पूरा मामला नई ओर मोड़ दिया है। ईरान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। इस हमले के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 8.84 प्रतिशत बढ़कर 75.49 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। ईरान भी इस हमले के बाद चुप नहीं बैठेगा। वह जवाबी हमला कर सकता है। ईरान-इस्राइल के युद्ध में ईरान के तेल कुओं को भी नुकसान होने की संभावना बढ़ सकती है। यदि ऐसा होता है तो क्रूड ऑयल की कीमतों में और अधिक वृद्धि हो सकती है।  भारत पर कैसे पड़ेगा असर? भारत करीब 40 देशों से तेल आयात करता है। 2024 में ओपेक देशों ने भारत के कुल तेल आयात का करीब 51.5 प्रतिशत निर्यात किया था। लेकिन विशेष देश के हिसाब से देखें तो सबसे बड़ी हिस्सेदारी रूस की रही। अकेले रूस ने 2024 में भारत के कुल तेल आयात का लगभग 36 प्रतिशत हिस्सा निर्यात किया था। ईरान पर युद्ध के कारण ओपेक के दूसरे देशों से निर्यात मूल्य में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर भारत पर पड़ सकता है। इससे हमारे यहां तेल मूल्यों पर असर पड़ सकता है।  

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अहमदाबाद में प्लेन क्रैश की टना पर जताया दुख अपने सभी कार्यक्रमों को किया रद्द

झारखंड  मोदी सरकार के 11 वर्ष पूरे होने पर कई कार्यक्रमों में भाग लेने बीते गुरुवार को धनबाद पहुंची केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अहमदाबाद में प्लेन क्रैश घटना के कारण अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दुख प्रकट किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घटना काफी दुखद है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि घटना की पूरी जांच की जाएगी। बता दें कि एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI-171 ने दोपहर 1.38 बजे उड़ान भरी थी। दोपहर 1.40 बजे यह क्रैश हो गई। विमान एयर कस्टम कार्गो ऑफिस के पास क्रैश हुआ, जो एयरपोर्ट कैंपस से सटा हुआ है। विमान के गिरते ही पूरे इलाके में धुएं का गुबार दिखाई दिया। विमान हादसे का वीडियो भी सामने आया है। क्रैश होने के बाद प्लेन कुछ ही सेकेंड में ध्वस्त हो गया। गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी भी इसी विमान में सवार थे। वह लंदन जा रहे थे। वह भी इस हादसे में मारे गए। इस हादसे में 265 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, केवल 1 ही युवक इस हादसे में जिंदा बचा है।  

सीनेटर पैडिला ने बीच में हस्तक्षेप किया और ज़ोर से सवाल पूछना शुरू किया तो जबरन घसीटकर बाहर निकाल दिया

अमेरिका  अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पैडिला को लॉस एंजेलेस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जबरन घसीटकर बाहर निकाल दिया गया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम (Kristi Noem) द्वारा ली जा रही थी, जिसमें वह शहर में चल रही इमिग्रेशन (प्रवासन) कार्रवाईयों पर जानकारी दे रही थीं। हथकड़ी भी लगाई जब सचिव नोएम मीडिया को इमिग्रेशन से जुड़ी नई जानकारी दे रही थीं, उसी वक्त सीनेटर पैडिला ने बीच में हस्तक्षेप किया और ज़ोर से सवाल पूछना शुरू किया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें कमरे से बाहर निकाल दिया और हाथों में हथकड़ी लगाई गई। दोनों दलों में नाराजगी सीनेटर पैडिला की गिरफ्तारी से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के सांसदों ने नाराज़गी जताई। कुछ नेताओं ने इसे “शर्मनाक और चौंकाने वाला” बताया, जबकि ट्रंप प्रशासन ने इसे “राजनीतिक ड्रामा” कहा। पैडिला ने क्या कहा? पैडिला ने कहा, “मैं सीनेटर एलेक्स पैडिला हूं, मुझे सचिव से सवाल पूछना है!” पडिला के ऑफिस की तरफ से कहा गया कि उन्हें ज़मीन पर गिराकर हथकड़ी पहनाई गई, लेकिन उन्हें अब हिरासत में नहीं रखा गया है। पैडिला ने कहा कि वे पहले से ही फेडरल बिल्डिंग में एक मीटिंग के लिए आए थे और प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुककर जानकारी लेना चाहते थे क्योंकि उन्हें और उनके साथियों को इमिग्रेशन पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था।   क्या है पैडिला का आरोप? पैडिला ने कहा, “अगर एक सीनेटर से इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो सोचिए आम प्रवासी मज़दूरों, किसानों, रसोइयों और दिन-भर मेहनत करने वालों के साथ कैसा बर्ताव हो रहा होगा।” उन्होंने अमेरिका भर के नागरिकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखें। प्रशासन का जवाब डीएचएस ने कहा कि पैडिला ने अपनी पहचान नहीं बताई थी और उन्होंने सीनेटर वाला पिन भी नहीं पहना हुआ था, इसलिए अधिकारियों को लगा कि वे कोई खतरा हो सकते हैं। बाद में सचिव नोएम और पडिला की मुलाकात हुई, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें हटाने की घटना को ट्रंप प्रशासन ने “नाटकीय हरकत” बताया। नेताओं की प्रतिक्रियाएं लॉस एंजेलेस की मेयर करेन बैस ने इस घटना को “घिनौना और अपमानजनक” बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन की “हिंसक कार्रवाइयों” को अब बंद होना चाहिए। गवर्नर गैविन न्यूसम ने कहा, “अगर वे एक सीनेटर को हथकड़ी लगा सकते हैं, तो आम नागरिकों के साथ क्या करेंगे?” वहीं कमला हैरिस (पूर्व उपराष्ट्रपति) ने भी आलोचना की और कहा कि पैडिला केवल अपने राज्य के लोगों के लिए जवाब मांग रहे थे। व्हाइट हाउस का बयान व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अबीगेल जैक्सन ने कहा, “सीनेटर पैडिला को सवालों के जवाब नहीं बल्कि सुर्खियां चाहिए थीं। यह सब एक बचकाना ड्रामा था।”  

भारत में अतीत में कई ऐसे विमान हादसे हुए हैं, जिसमें जाने-माने नेताओं की जान चली गई, संजय गांधी से विजय रुपानी तक

अहमदाबाद  अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में एक यात्री को छोड़कर कोई अन्य जिंदा नहीं बच सका। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी मौत हो गई। रुपाणी अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे। वह भी एयर इंडिया की उसी फ्लाइट एआई 171 में सवार थे, जो गुरुवार को हादसे का शिकार हुई। भारत में अतीत में कई ऐसे विमान हादसे हुए हैं, जिसमें जाने-माने नेताओं की जान चली गई है। इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे माधवराज सिंधिया, वाईएसआर, संजय गांधी समेत अन्य नाम शामिल हैं। संजय गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की भी साल 1980 में एक विमान हादसे में जान चली गई थी। 23 जून, 1980 को सुबह-सुबह संजय गांधी ने हवाई स्टंट करते समय अपने विमान पर नियंत्रण खो दिया और बाद में यह विमान नई दिल्ली के डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में हादसे का शिकार हो गया। इसमें कैप्टन सुभाष सक्सेना की भी मौत हो गई। माधवराव सिंधिया कांग्रेस के एक और दिग्गज नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री माधवराज सिंधिया की 30 सितंबर, 2001 को कानपुर में रैली के दौरान विमान दुर्घटना में मौत हो गई। यह विमान दस सीटों वाला एक प्राइवेट प्लेन था, जोकि यूपी के मैनपुरी में खराब मौसम का शिकार हो गया। जीएमसी बालयोगी लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च, 2002 को एक हेलिकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई। पश्चिमी गोदावरी जिले के भीमावरम से लेकर आ रहा एक निजी हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकालूर के पास एक तालाब में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसी हादसे में बालयोगी की भी जान चली गई। साइप्रियन संगमा मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा अन्य नौ लोगों के साथ पवन हंस हेलिकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे थे। 22 सितंबर, 2004 को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में संगमा की जान चली गई। उनका हेलिकॉप्टर राज्य की राजधानी से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर बारापानी झील के पास हादसे का शिकार हो गया था। ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा के दिग्गज नेता और मंत्री रहे ओम प्रकाश जिंदल की साल 2005 में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी। उनके साथ मंत्री सुरेंदर सिंह भी थे और दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान, हेलिकॉप्टर यूपी के सहारनपुर में क्रैश हो गया, जिसमें दोनों की जान चली गई। दोरजी खांडू अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य की मृत्यु 30 अप्रैल, 2011 को हुई थी, जब उन्हें तवांग से ईटानगर ले जा रहा एक हेलिकॉप्टर राज्य के पश्चिमी कामेंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाईएसआर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वाईएस राजशेखर रेड्डी की साल 2009 में एक हेलिकॉप्टर हादसे में जान चली गई थी। दो सितंबर, 2009 को घटी इस घटना में वाईएसआर अपने बेल 430 हेलिकॉप्टर से उड़ान भर रहे थे। इसी दौरान नल्लामला के जंगलों में हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया।

हादसे के शिकार विमान को लेकर उठे कई सवाल, शिकार हुआ एयर इंडिया का विमान किस हालत में था

अहमदाबाद अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ एयर इंडिया का विमान किस हालत में था, यह सवाल कई लोगों के जेहन में है। ऐसे में विमान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक विमान ने पिछले कुछ ही दिनों के अंदर बिना किसी ब्रेक के लगातार उड़ान भरी थीं। मिडिया के मुताबिक 12 जून को हादसे का शिकार होने से पहले एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर ने कुल 19 बार उड़ान भरी थी। यह विमान मेलबर्न, पेरिस, टोक्यो, फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख, मिलान और एम्सटर्डम तक गया था। इस विमान ने सबसे ज्यादा उड़ान पेरिस के लिए भरी थी। आशंका यह भी है क्या विमान में पहले से ही समस्या थी? माना जा रहा है कि अगर विमान की उड़ान में और ज्यादा गैप होता तो संभवत: उसके मेंटेनेंस पर बेहतर काम हो सकता था। कौन जाने ऐसी हालत में वह हादसे का शिकार भी नहीं होता। आज लौटकर आने वाला था गोवा हादसे का शिकार हुआ बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, दो इंजन वाला मिडसाइज का एक जेट एयरलाइनर था। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर वीटी-एएनबी था। अनुमान था कि यह विमान आज यानी शनिवार को लंदन से लौटकर गोवा आ जाएगा। इसके बाद इसे आज ही गोवा से दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। इस विमान ने अंतिम सफल उड़ान 12 जून को दिल्ली से अहमदाबाद के लिए भरी थी। फिर अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड्स के बाद यह क्रैश हो गया। 11 जून को पेरिस से लौटा इससे पहले यह ड्रीमलाइनर दिल्ली से पेरिस की उड़ान पर गया था और 11 जून को ही लौटा था। 9-10 जून को यह विमान दिल्ली टोक्यो और 8 जून को दिल्ली-मेलबर्न रूट पर था। वहीं, 7 जून को दिल्ली पेरिस और 6 जून को दिल्ली-फ्रैंकफर्ट के बीच उड़ान भरी थी। 5 जून को इस विमान ने दिल्ली-पेरिस रूट पर उड़ान भरी थी। एयरक्राफ्ट चार जून को ब्रेक पर था। 3 जून को यह दिल्ली से इटली के मिलान पहुंचा और फिर वापस आया। 2 जून को इसने दिल्ली-ज्यूरिख और एक जून को दिल्ली-एम्सटर्डम के बीच उड़ान भरी थी। क्या पहले से थी समस्या? डेली मेल ने एविएशन प्रोजेक्ट्स मैनेजिंग डायरेक्टर कीथ टोंकिन के हवाले से बताया कि जांच में यह पता चलेगा कि कहीं विमान में मेलबर्न की यात्रा के दौरान ही तो कोई समस्या नहीं हो गई थी। डीजीसीए की जांच में सामने आया है कि पायलटों ने टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एटीसी को मे-डे की जानकारी दी थी। इससे पता चलता है कि हालात काफी मुश्किल थे। हालांकि एटीसी से कॉल जाने से पहले ही विमान हादसे का शिकार हो चुका था। फिलहाल विमान का ब्लैक बॉक्स कब्जे में लिया जा चुका है। इसकी जांच के बाद हादसे के कारणों के बारे में पता चलेगा।  

इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को एक बेशर्मी भरा कृत्य करार दिया: महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर  पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को “एक बेशर्मी भरा कृत्य” करार दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल अब एक ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो “बेकाबू और बेलगाम” नजर आता है। महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईरान पर इजरायल का हमला एक और बेशर्मी भरा कदम है, जो यह दिखाता है कि वह एक ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अब पूरी तरह से बेलगाम हो गया है। वैश्विक समुदाय, विशेषकर अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों की चुप्पी न केवल चिंताजनक है, बल्कि बहुत कुछ बयान करती है। यह चुप्पी एक तरह से मौन स्वीकृति है।” बताते चलें कि शुक्रवार सुबह इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया। यह हमला ईरान और इराक के 1980 के दशक के युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिससे मध्य-पूर्व में पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई है। महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका की दोहरी नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी के वक्त अमेरिका अक्सर हस्तक्षेप कर उसे टालने का श्रेय लेता है, लेकिन जब बात गाजा में इजरायल की लगातार बमबारी की हो या अब ईरान पर उसके हमले की, तब वही अमेरिका और उसके सहयोगी देश चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा, “इन दोहरे मापदंडों से वैश्विक शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।” महबूबा ने मुस्लिम देशों की चुप्पी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “इस भयावह अन्याय के सामने तथाकथित मुस्लिम देशों की चुप्पी बेहद परेशान करने वाली है। उनका निष्क्रिय बने रहना केवल निराशाजनक नहीं है, बल्कि उन मूल्यों और कारणों से विश्वासघात है, जिनका वे दावा करते हैं कि वे समर्थन करते हैं।”  

इजरायल लंबे समय से ‘वैश्विक ठग’ के रूप में काम कर रहा है और वह सामान्य तरीका नहीं अपनाता है: पिनराई विजयन

केरल  केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को इजरायल को ‘एक पुराना वैश्विक ठग’ बताया, जो ‘अहंकार’ के साथ यह मानता है कि वह कुछ भी कर सकता है, क्योंकि उसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। विजयन शुक्रवार की सुबह ईरान में विभिन्न स्थानों पर इजरायल द्वारा हमले किए जाने की खबरों पर संवाददाताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। इजरायल ने ईरान की राजधानी पर हमला किया, जिसमें देश के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया। केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि इजरायल लंबे समय से ‘वैश्विक ठग’ के रूप में काम कर रहा है और वह शालीनता का सामान्य तरीका नहीं अपनाता है। उन्होंने दावा किया, ‘वे (इजरायल) अहंकारपूर्वक मानते हैं कि वे कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त है।’ विजयन ने कहा कि ईरान पर हमले को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई विश्व शांति के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, ‘जो लोग विश्व शांति बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें इस तरह के कृत्यों का विरोध करने और निंदा करने के लिए तैयार रहना चाहिए।’ ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ की मौत इजरायल ने शुक्रवार सुबह ईरान की राजधानी पर हमला कर दिया और देश के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया जिसके बाद पश्चिम एशिया के दो कट्टर विरोधियों के बीच एक व्यापक युद्ध की आशंका तेज हो गई है। इसे 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इजरायल ने ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र को भी निशाना बनाया और हमले के बाद वहां से काला धुआं हवा में उठता देखा गया। इजरायल के हमले में ईरान के अर्द्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी की मौत हो गई। देश के सरकारी टेलीविजन ने अपनी खबर में यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि इन हमलों में शीर्ष सैन्य अधिकारी और वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। यह हमला ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने हमले के बाद कहा कि इजरायल को ‘कड़ी सजा’ दी जाएगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि इन हमलों में उसका कोई हाथ नहीं है, साथ ही उसने अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना बनाकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई किए जाने के प्रति चेतावनी दी है।

विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, वह पूरी तरह से आग जल गया और ऐसे में किसी को बचा पाना नामुमकिन था

अहमदाबाद  गुरुवार दोपहर अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना स्थल पर तापमान इतना अधिक था कि बचाव कार्य लगभग असंभव हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन भरा हुआ था, जो दुर्घटना के बाद भीषण आग में तब्दील हो गया और तापमान 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विमान लंदन जा रहा था और इसमें कुल 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही यह विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल व रिहायशी इलाकों पर आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था। वह पूरी तरह से आग जल गया और ऐसे में किसी को बचा पाना नामुमकिन था।” उन्होंने कहा कि हादसे के मंजर बेहद भयावह थे। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच घटनास्थल पर पहुंची। उससे पहले कुछ स्थानीय लोगों ने कुछ लोगों को बाहर निकाला था, लेकिन बचाव दल को कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला। एक वरिष्ठ फायर अधिकारी ने बताया, “विमान के टैंक में विस्फोट होने से वहां ऐसी आग भड़की कि तापमान तुरंत 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऐसे तापमान में कोई बच नहीं सकता था।” ऐसी तबाही पहले नहीं देखी एक SDRF कर्मी ने बताया कि वह 2017 से आपदा प्रबंधन में हैं, लेकिन इतनी भयानक स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा, “हमने PPE किट पहन रखी थी, लेकिन गर्मी इतनी जबरदस्त थी कि संचालन बेहद मुश्किल हो गया। हर तरफ जलता हुआ मलबा था।” अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 25-30 शव निकाले, जिनमें बच्चों के शव भी शामिल थे। शवों की पहचान डीएनए परीक्षण से ही संभव हो पाएगी। जानवर और पक्षी भी नहीं बच सके एक अन्य SDRF अधिकारी ने कहा, “जानवरों और पक्षियों को भी भागने का समय नहीं मिला।” उन्होंने घटनास्थल पर मृत कुत्तों और पक्षियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि तबाही इतनी भयानक थी कि किसी को प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि 265 शव सिविल अस्पताल लाए गए हैं, लेकिन अब तक आधिकारिक मृत्यु संख्या की घोषणा नहीं की गई है। हादसे में न सिर्फ विमान के यात्री बल्कि मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रह रहे छात्र, स्टाफ और परिसर में मौजूद अन्य लोग भी मारे गए हैं।  

सरकार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान को उड़ानों से दूर रखने पर कर रही विचार

नई दिल्ली अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान बोइंग 787-8 के क्रैश होने की दर्दनाक घटना ने हवाई सफर को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह खुद अहमदाबाद पहुंचे हैं और पीड़ितों से मुलाकात की है। एकमात्र जिंदा बचे शख्स से भी पीएम नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में बात की। इस बीच सरकार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोइंग के ड्रीमलाइनर 787-8 विमान को उड़ानों से दूर रखने पर विचार कर रही है। इस विमान को अमेरिकी प्लेन निर्माता कंपनी बोइंग ने तैयार किया है। हादसे की जांच के बाद यह फैसला लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि विमान का सेफ्टी रिव्यू होगा और उसके बाद ही फैसला होगा कि ये उड़ान के लिए सुरक्षित हैं या फिर नहीं। यही नहीं एयर इंडिया की भी जांच हो सकती है कि आखिर वह विमानों का रखरखाव कैसे करता है। गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट क्रैश हो गई थी और विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने हवाई सफर में सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। विमान ने करीब 1:30 पर उड़ान भरी थी और एक मिनट से भी कम के अंतराल पर वह नीचे आ गिरी। एविएशन एक्सपर्ट्स का इस हादसे को लेकर कहना है कि ऐसी भी संभावना है कि दोनों इंजन सही से न चल रहे हों। इसके अलावा किसी पक्षी के टकराने की भी आशंका है। आमतौर पर पक्षियों के टकराने से विमान हादसे का शिकार होते रहे हैं। फिलहाल बोइंग का भी बयान इस मामले में आया है और उसका कहना है कि हम एयर इंडिया के साथ संपर्क में हैं। बोइंग का बयान- हम एयर इंडिया के संपर्क में हैं आमतौर पर भारत समेत दुनिया भर के देशों में उड़ने वाले यात्री विमानों का निर्माण बोइंग कंपनी ही करती रही है। ऐसे में यदि उसका विमान क्रैश हुआ है तो कंपनी की प्रतिष्ठा के लिहाज से भी चिंता की बात है। बोइंग की वेबसाइट के अनुसार उसके ड्रीमलाइनर विमानों मेंबीते 14 सालों में 1 अरब से ज्यादा यात्री सफऱ कर चुके हैं।  

ट्रंप की धमकी के बाद बोले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन, ‘ऐसा हमला करेंगे कि इजरायल को होगा अफसोस’

वॉशिंगटन/ तेहरान/ तेल अवीव इजरायल के हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ‘कुछ भी न बचे’ उससे पहले ईरान जल्द से जल्द परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर बाद में होने वाले इजरायली हमले “और भी क्रूर” होंगे। हाल के हफ्तों में ईरान के साथ एक नए परमाणु समझौते पर बातचीत तेज हो गई है, लेकिन तेहरान का यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर देना एक बड़ा मुद्दा साबित हुआ है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हमला किया। इन हमलों में कम छह ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने इजरायल से बदला लेने का कसम खाई है। ट्रंप बोले- नरसंहार को खत्म करने को अब भी समय शुक्रवार की सुबह ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरानी नेताओं को “पता नहीं था कि क्या होने वाला है। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा!” ट्रंप ने लिखा, “पहले से ही बहुत सारी मौतें और विनाश हो चुके हैं, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमले और भी क्रूर हैं।” उन्होंने कहा, “ईरान को एक समझौता करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जिसे कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाना चाहिए।” ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्या लिखा ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैंने ईरान को सौदा करने के लिए कई मौके दिए। मैंने उन्हें सबसे कड़े शब्दों में कहा, “बस करो”, लेकिन चाहे उन्होंने कितनी भी कोशिश की हो, चाहे वे कितने भी करीब क्यों न पहुंचे हों, वे इसे पूरा नहीं कर पाए। मैंने उनसे कहा कि यह उनके द्वारा ज्ञात, प्रत्याशित या बताई गई किसी भी चीज से कहीं ज़्यादा बुरा होगा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छा और सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है, अब तक, और इजरायल के पास इसका बहुत ज़्यादा हिस्सा है, और आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा – और वे इसका इस्तेमाल करना जानते हैं।” महायुद्ध की आहट; खामेनेई का करीबी भी इजरायली हमले में घायल इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद घावेरी मारे गए हैं तो वही एलीट फोर्स कही जाने वाली इस्लामिक रिवॉलूशनरी गार्ड के लीडर हुसैन सलामी की भी मौत हो गई है। यही नहीं इस हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार भी जख्मी हो गए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ही अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया कि शीर्ष नेता के सलाहकार अली शमखानी भी आज के यहूदी अटैक में घायल हुए हैं। इस बीच इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के महायुद्ध में तब्दील होने की भी आशंका है। एक तरफ इजरायल के जवाब में ईरान ने 100 ड्रोन्स से जवाब देने की कोशिश की है तो वहीं इजरायल का कहना है कि अभी तो यह शुरुआत है। इस बीच मिडल ईस्ट के कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। आशंका यह है कि कहीं यात्री विमान ना ईरान और इजरायल के हमले की चपेट में आ जाएं। ईरान और इजरायल के पड़ोसी देशों इराक, लेबनान, सीरिया और जॉर्डन ने अपने एयरस्पेस फिलहाल बंद कर लिए हैं। इसके चलते कई देशों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ईरान का एयरस्पेस बंद होने से भारत की ही तमाम उड़ानों को वापस दिल्ली या मुंबई लौटना पड़ा है। इसके अलावा विदेशों से आ रही फ्लाइट्स को डायवर्ट करके लाया जा रहा है। इजरायल ने तो अपने यहां विमानों का संचालन अगली सूचना तक रोक दिया है। ईरान ने तेहरान के अपने मुख्य हवाई अड्डे तक को बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग में तेजी आ सकती है। इजरायल का कहना है कि वह अब भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले करेगा। इजरायल ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो। यही बात डोनाल्ड ट्रंप ने भी कही है और उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की बात कही है। इस तरह नेतन्याहू से लेकर ट्रंप तक के रुख ने महायुद्ध की आशंकाओं को बल प्रदान किया है। गौरतलब है कि इजरायल ने करीब 100 ठिकानों पर ईरान के अंदर अटैक किया है। इस हमले के बाद से ही दुनिया भर में आशंकाओं का दौर तेज है। बाजारों पर भी इस जंग का असर दिख रहा है। कच्चे तेल के दामों में इजाफा हुआ है तो वहीं एयरलाइन कंपनियों के शेयर गिरे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। ईरान को दी सीधी चेतावनी ट्रंप ने आगे कहा, “कुछ ईरानी कट्टरपंथियों ने बहादुरी से बात की, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि क्या होने वाला था। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा! पहले से ही बहुत ज़्यादा मौतें और विनाश हो चुका है, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमलों के साथ और भी ज़्यादा क्रूर। ईरान को सौदा करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जो कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाएं। अब और मौत नहीं, और विनाश नहीं, बस करो, इससे पहले कि यह हो जाए बहुत देर हो चुकी है। भगवान आप सबका भला करे!” ईरान के न्यूक्लियर साइट पर इजरायल ने फिर शुरू किए हमले इजरायल ने एक बार फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए है. ईरानी मीडिया के अनुसार इजरायल ने अब शिराज और तबरीज शहरों के साथ-साथ नतान्ज न्यूक्लियर साइट पर फिर से हमला शुरू कर दिया है.  हिजबुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा इजरायल पर हमले के लिए हिजबुल्लाह ईरान का साथ नहीं देगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा … Read more

आखिरी उड़ान भरने से कुछ दिन पहले सुमीत ने अपने पिता से वादा किया था अब रह गया अधूरा

अहमदाबाद गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास विमान हादसा हुआ। इस हादसे में ना सिर्फ 265 लोगों की मौत हुई बल्कि कई मांओं, कई पिताओं और कई भाई-बहनों की उम्मीदों और सपनों ने भी आखिरी सांस ली। इस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट सुमीत सभरवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 8,300 घंटों का एक्सपीरियंस लेकर गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाले पायलट सुमीत सभरवाल ने अपने 90 साल के पिता से एक वादा किया था, जो उनकी मौत के बाद अब अधूरा ही रह गया। वादा जो अधूरा रह गया सुमीत पिछले कई सालों से पायलट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान वो सिंगल ही रहे। सुमीत अपने 90 साल के बुजर्ग पिता के साथ रहते थे। लंदन के लिए आखिरी उड़ान भरने से कुछ दिन पहले सुमीत ने अपने पिता से वादा किया था कि वो जल्दी ही नौकरी छोड़ देंगे और पूरा समय उनका ख्याल रखा करेंगे। लेकिन नीयति को कुछ और ही मंजूर था। पिता से किया सुमीत का वादा उनके साथ ही चला गया। अब ना वो वादा रहा और ना ही उसको पूरा करने वाले सुमीत, अब कोई चीज बची है तो 90 साल के बुजुर्ग पिता की आंखों में आंसू और ढेर सारी यादें। अब इन्हीं यादों और उस अधूरे वादे के साथ बुजुर्ग पिता का बाकी का जीवन बीतेगा। अपने जवान बेटे की मौत का मातम मनाते पिता को देखकर हर कोई भावुक हो जा रहा है। कौन थे सुमीत सबरवाल कैप्टन सुमीत सरवाल पवई के रहने वाले थे। उनके बुजुर्ग पिता नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से रिटायर्ड हुए हैं। सुमीत पिछले कई सालों से पायलट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सुमीत एक अनुभवी पायलट थे। उनके अनुभव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 8300 घंटों की उड़ान का एक्सपीरियंस हो गया था। सुमीत के दो भतीजे भी पायलट हैं। सुमीत के एक पड़ोसी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया कि उड़ान भरने से पहले सुमीत हमसे अपने पिता का ख्याल रखने के लिए कहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि बुजुर्ग पिता अब पूरी तरह से टूट चुके हैं।  

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