LATEST NEWS

ईरान के इस्फहान परमाणु ठिकाने पर इजरायली हमलों का कोई असर नहीं: IAEA

तेल अवीव इजरायल ने शुक्रवार की सुबह ईरान पर एक साथ कई हवाई हमले किए. दोनों देशों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है. इजरायल को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें  ईरान में परमाणु बम बनाने के संकेत मिले थे.  कई चेतावनियों के बाद आज तड़के इजरायल ने ईरान के परमाणु साइट पर हमला बोल दिया. ये हमले इतने सटीक थे कि सिर्फ ईरान स्थित परमाणु प्लांट, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों के ठिकाने ही तबाह हुए.  इजरायल के आईडीएफ ने ये स्पष्ट कर दिया है कि उनकी खुफिया एजेंसी (मोसाद) से मिली सटीक जानकारी के बाद ही ये हमला हुआ है और सिर्फ उन जगहों पर ही प्रहार किया गया, जहां उनका परमाणु कार्यक्रमऔर इजरायल विरोधी सैन्य गतिविधियां चल रही थी. जब बात इजरायल की खुफिया एजेंसी की आती है तो हर किसी के जेहन में मोसाद का नाम कौंध जाता है.  अपने कारनामों के लिए जाना जाता है मोसाद मोसाद इजरायल की खुफिया एजेंसी है और ये दुनिया की सबसे खतरनाक और तेज-तर्रार एजेंसी मानी जाती है. इसके काम करने का तरीका इतना सटीक होता है कि दुश्मन इसके नाम से ही खौफ खाते हैं. चाहे वो हमास के छुपे हुए शीर्ष कमांडर को खोजकर मौत के घाट उतारना हो, या फिर ईरान के अतिसुरक्षित परमाणु कार्यक्रम की डिटेल उड़ानी हो. हर काम में मोसाद के तेज-तर्रार एजेंट सफाई से अंजाम देते हैं.  अब आईडीएफ ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत जब ईरान के नतांज परमाणु स्थल पर हमला किया, इसके पहले सारा होमवर्क मोसाद का था. क्योंकि ईरान पर हमले के बाद आईडीएफ ने इसकी पुष्टि भी की. यरुशल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल सैन्य अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली थी कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में काफी तेजी आई है. पता चला है कि ईरानी शासन परमाणु हथियार बनाने का प्रयास कर रही है.  इजरायल ने आपातकाल घोषित कर दिया एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के 200 से अधिक लड़ाकू विमानों ने पहले ही ईरान के कुछ ठिकानों को तबाह कर दिया है. बदले में अगर कुछ ड्रोन या मिसाइलें इजरायल के हवाई रक्षा तंत्र को भेदने में कामयाब होती हैं तो तेल अवीव और यरुशलम जैसे शहरों में सीमित नुकसान होगा. इजरायल ने आपातकाल घोषित कर दिया है और नागरिकों को बम शेल्टरों में भेजा गया है. असली युद्ध का खतरा अब बढ़ गया लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली युद्ध का खतरा अब बढ़ गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने कहा है कि इजरायल को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल सकता है जिसमें ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह, हमास और हूती विद्रोही शामिल हो सकते हैं. कमजोर होने के बाद भी हिजबुल्लाह लेबनान से और हूती यमन से इजरायल पर हमले तेज कर सकते हैं. इजरायल इसके लिए पूरी तरह से तैयार बैठा अगर ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है तो इजरायल इसके लिए पूरी तरह से तैयार बैठा. इस युद्ध में वैश्विक शक्तियों के शामिल होने की भी आशंका है जो इस युद्ध को और भी खतरनाक बना सकता है. अमेरिका पहले से ही क्लियर है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता है. वह इस बात को लेकर भी क्लियर है कि वह इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उसकी सेना क्षेत्र में तैनात है.  अमेरिका यही चाहता है? दूसरी तरफ रूस और चीन जैसे देश ईरान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों के कारण उसका समर्थन कर सकते हैं. अगर ये देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल होते हैं तो यह एक बड़े युद्ध की आहट बन सकता है. तेल की आपूर्ति पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा. एक्सपर्ट्स का एक पॉइंट यह भी है कि ईरान का अगर किसी ने खुलकर साथ नहीं दिया तो वह कमजोर होगा. अमेरिका यही चाहता है. इसके बाद ईरान की स्थिति भी मिडिल ईस्ट के बाकी मुस्लिम देशों की तरह हो जाएगी. अब देखना होगा कि दोनों में से क्या स्थिति बनेगी.  ईरान के सारे परमाणु ठिकाने की दी सूचना  आईडीएफ के अनुसार मोसाद ने ही वो खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई थी, जिसमें  हजारों किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन के प्रयास के साथ-साथ अंडरग्राउंड फैसिलिटी में  एटॉमिक फिजन की कोशिश करने के ठोस सबूत थे. यही वजह है कि आईडीएफ ने कहा कि ईरान के पास इतना यूरेनियम है कि वह कुछ ही दिनों में 15 परमाणु हथियार बना सकता है. मोसाद ने किया सफाई से काम  मोसाद ने अपना काम इतनी सफाई से किया और ईरान के गुप्त परमाणु और सैन्य ठिकाने की समय रहते जानकारी अपनी सेना तक पहुंचाई. यरुशलम टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ ने भी कहा कि इजरायल के पास ऑपरेशन “राइजिंग लायन” के तहत हवाई हमले करने के अलावा “कोई विकल्प नहीं बचा है. क्योंकि हमें खुफिया एजेंसी से जो जानकारी मिली है, उससे ये संकेत मिलता है कि ईरानी शासन उस बिंदु पर पहुंच रहा है जहां से वापसी संभव नहीं है.   राइजिंग लॉयन के पीछे मोसाद का होमवर्क मोसाद ने ही इजरायली सेना को ईरान के परमाणु साइट और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अड्डे की जानकारी दी थी. इसके बाद ही राइजिंग लॉयन ऑपरेशन के तहत आईडीएफ ने ऐसा सटीक हमला किया कि सिर्फ टारगेट को ही नुकसान पहुंचा है. मोसाद से मिली जानकारी के बाद ही आईडीएफ ने अपने लक्ष्य निर्धारित किए थे. इस बारे में इजरायल की सेना ने भी बताया कि उन्होंने सिर्फ ईरानी कमांडर, बेस और परमाणु स्थल को टारगेट बनाया था. हालांकि, मुख्य लक्ष्य परमाणु स्थल ही हैं. मोसाद की सूचना पर ही आईडीएफ ने किया सटीक हमला मोसाद की मदद से ही आईडीएफ ने ईरान पर हमले से उस पर साइबर अटैक किया और उनके एयर डिफेंस सिस्टम को जाम कर दिया. इसके बाद सुबह ऑपरेशन राइजिंग लायन के एक-एक कर इजरायल ने ईरान के परमाणु साइट और अलग-अलग जगहों पर सैन्य महत्व के बिल्डिंग्स को निशाना बनाया. इन हमलों में नतांज का परमाणु साइट तबाह हो गया. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर हुसैन सलामी और आईआरजीसी के मेजर जनरल गुलाम … Read more

विश्वास ने एचटी को बताया कि क्रैश होने से पहले एक तेज धमाका हुआ था, कुछ सेकेंड अटका, रेस दिया और लाइट जली

अहमदाबाद लंदन के लिए अहमदाबाद से उड़ने के तुरंत बाद क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान में आखिर उस वक्त क्या हुआ था? यह तो ब्लैकबॉक्स समेत तमाम टेक्निकल जांच के बाद सामने आएगा फिलहाल हादसे में जिंदा बचे एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि सबकुछ बहुत तेजी से हुआ। सिविल अस्पताल में बिस्तर पर लेटे विश्वास ने बताया कि हादसे से पहले फ्लाइट में क्या कुछ हुआ और कैसे वह जिंदा बचकर निकलने में कामयाब रहे। विश्वास ने मीडिया से बातचीत में क्रैश के उन पलों को याद करते हुए कहा, ‘ टेकऑफ के बाद एक मिनट के अंदर ही पहले लगा कि 5-10 सेकेंड के लिए लगा कि अटक गया वो, बाद में मुझे लगा कि कुछ हुआ। प्लेन में लाइट ऑन हो गई, ग्रीन और वॉइट। प्लेन टेकऑफ के लिए रेस दिया था। सीधा स्पीड में ही घुस गया हॉस्टल में। मेरे सामने सब हुआ।’ विश्वास ने एचटी को बताया कि क्रैश होने से पहले एक तेज धमाका हुआ था। अपने बच निकलने के बारे में विश्वास ने कहा, ‘मैं जिस साइड पर था वह हॉस्टल के ऊपर नहीं जमीन पर गिरा था। मैं जहां गिरा वहां थोड़ी जगह थी प्लेन से बाहर जाने के लिए। जैसे गेट टूटा ना, मैंने देखा कि थोड़ा स्पेस है। मैं वहां से ट्राई किया निकलने के लिए तो निकले में कामयाब हो गया। दूसरी तरफ बिल्डिंग की दीवार थी तो वहां से कोई नहीं निकल पाया होगा। मैं जहां था वहीं थोड़ी जगह थी।’ उन्होंने आगे कहा कि पता नहीं मैं कैसे बच गया, वहां एयरहोस्टेस, अंकल आंटी सबकी लाशें थीं। पहले तो मुझे भी लगा कि मैं मर गया लेकिन फिर आंख खुली तो देखा जिंदा हूं और मैं वहां से उठकर भागा। मैं जब निकल रहा था आग लग गई, मेरा एक हाथ भी जल गया उसमें। 40 साल के विश्वास भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। वह अपने भाई अजय के साथ भारत से वापस लंदन लौट रहे थे। विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि क्रैश साइट पर मौजूद रहे लोग भी मारे गए। खबर लिखे जाने तक कुल 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। 

Air India की फुकेट-नई दिल्ली फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थाईलैंड में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

 फुकेट थाईलैंड के फुकेट से भारत की राजधानी नई दिल्ली जा रहे एअर इंडिया के विमान AI-379 को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. फुकेट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी प्रोसीजर का पालन करते हुए सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया. बयान में कहा गया कि एअर इंडिया के विमान में 156 यात्री सवार थे.  फ्लाइट ट्रैकर Flightradar24 के अनुसार, विमान ने शुक्रवार को सुबह 9:30 बजे (0230) फुकेत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन 20 मिनट की उड़ान के बाद अंडमान सागर के चारों ओर चक्कर लगाते हुए उसने स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर वापस फुकेट एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की. बाद में बताया गया कि प्रारंभिक तलाशी के बाद अधिकारियों को संबंधित एअर इंडिया विमान के अंदर कोई बम नहीं मिला.  बता दें कि एक दिन पहले ही गुजरात के अहमदाबाद में एअर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. एक यात्री जिंदा बचा है. एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गुरुवार दोपहर 1:38 बजे के करीब उड़ान भरी थी और 1:40 बजे एयरपोर्ट से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर क्रैश हो गई. फ्लाइट का पिछला हिस्सा बीजे मेडिकल कॉलेज के मेस पर जा गिरा, जिससे बिल्डिंग को भारी क्षति पहुंची. मेस में बड़ी संख्या में मेडिकल और नर्सिंग के छात्र मौजूद थे. इस हादसे में 24 मेडिकल और नर्सिंग छात्रों की भी मौत हो गई और कुछ का अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस तरह कुल 265 लोगों की मौत इस विमान हादसे में हुआ. इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय रूपाणी भी सवार थे, जो अपनी बेटी और पत्नी से मिलने लंदन जा रहे थे. उनकी भी इस दुखद विमान हादसे में मृत्यु हो गई.  

अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर PM मोदी का पोस्ट- ‘तबाही का मंजर दुखद, मौतों को शब्दों में बयां नहीं कर सकते’

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अहमदाबाद जाकर विमान हादसे वाली का जायजा लिया। इसके बाद पीएम मोदी ने सिविल अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति विश्वास कुमार रमेश से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मोदी अस्पताल के सी7 वार्ड में भी गए जहां 25 घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने सिविल अस्पताल के डॉक्टरों से भी बातचीत की। इस दौरान गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, गृह मंत्री हर्ष संघवी समेत तमाम बड़े मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने अहमदाबाद विमान हादसे वाली जगह और अस्पताल का दौरान करने के बाद सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया है। पीएम ने लिखा, ‘’अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से हम सभी स्तब्ध हैं। इतने सारे लोगों की अचानक और हृदय विदारक तरीके से हुई मौत को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। हम उनके दर्द को समझते हैं और यह भी जानते हैं कि उनके पीछे जो खालीपन रह गया है, वह आने वाले कई सालों तक महसूस किया जाएगा। ओम शांति।” पीएम मोदी ने दूसे पोस्ट में लिखा, ”आज अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल का दौरा किया। तबाही का मंजर दुखद है। अधिकारियों और टीमों से मुलाकात की जो घटना के बाद अथक परिश्रम कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने इस अकल्पनीय त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है।” गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर में अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) विमान टेकऑफ के दो मिनट बाद ही क्रैश हो गया था। विमान में 242 लोग सवार थे जिसमें 230 यात्री एवं 12 चालक दल के सदस्य थे। इनमें से 241 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का भी निधन हो गया। इस भयानक हादसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश ही एकमात्र जीवित बचे हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।  

बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश के साथ ओले-बिजली का अलर्ट, IMD ने दी बड़ी जानकारी, 17 जून से…

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी-तूफान, लू और गरम के साथ-साथ आर्द्र मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में गरज के साथ बारिश और आंधी की संभावना है। मध्य प्रदेश और ओडिशा में 13 से 18 जून तक भारी बारिश हो सकती है। गंगा से सटे पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 जून को भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार हैं। जबकि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी। खासकर 13 व 14 जून को पश्चिम राजस्थान में भीषण लू पड़ने की संभावना है। दक्षिण भारत में भारी बारिश की आशंका केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 14 और 15 जून को तमिलनाडु और केरल में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। साथ ही कई स्थानों पर 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13 से 18 जून के बीच तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी की आशंका है। मौसम विभाग ने 13 से 15 जून तक कोंकण और गोवा में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। मराठवाड़ा और घाट क्षेत्रों में भी 13 व 14 जून को भारी बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। 16 से 18 जून के बीच असम, मेघालय और अन्य राज्यों में अति भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। हालांकि, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्म रातों और गरम मौसम से लोगों को राहत नहीं मिलेगी।

इजरायल ने ईरान पर शुरू किया हमला, तेहरान के परमाणु और सैन्य लक्ष्यों को बनाया निशाना, जानिए आखिर क्या वजह

तेहरान  इजरायल ने अब ईरान पर हमला करना शुरू कर दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने शुक्रवार, 13 जून की सुबह कहा कि उसने ईरान पर हमला किया है, और ईरानी मीडिया ने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान में विस्फोटों की आवाज सुनी गई. इजरायल की तरफ से ईरान पर हमला उस समय शुरू हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच एक नए न्यूक्लियर डील पर पहुंचने के अब तक के प्रयास नाकाम साबित हुए हैं और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है.  इजरायल को अब यह भी आशंका है कि उसके हमले के बाद तेहरान उसपर मिसाइल और ड्रोन हमला कर सकता है, इसी आशंका में इजरायल आपातकाल की घोषणा कर दी है. उसने अपने एयर स्पेस को भी पूरी तरह बंद कर दिया है. हालांकि इजरायल के हमले के बाद अमेरिका ने पूरी तरह से पल्ला झाड़ते हुए ईरान को मैसेज दे दिया है कि यह इजरायल की एकतरफा कार्रवाई थी, इसमें अमेरिका का कोई हाथ नहीं. ईरान के परमाणु और सैन्य लक्ष्यों पर हमला एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि इजरायल “दर्जनों” परमाणु और सैन्य लक्ष्यों पर हमला कर रहा है. अधिकारी ने कहा कि ईरान के पास कुछ ही दिनों में 15 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री है. रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने एक बयान में कहा, “ईरान के खिलाफ इजरायल राज्य द्वारा पूर्वव्यापी हमले के बाद, तत्काल समय सीमा में इजराइल देश और इसकी नागरिक आबादी के खिलाफ एक मिसाइल और यूएवी (ड्रोन) हमले की उम्मीद है.” नाम न छापने की शर्त पर दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल ने ईरान पर हमले करना शुरू कर दिया है और ऑपरेशन में कोई अमेरिकी सहायता या भागीदारी नहीं थी. सीएनएन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कैबिनेट बैठक बुलाई है. ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि तेहरान में कई विस्फोट सुने गए और देश की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) पूरी तरह अलर्ट पर है. दोनों देशों के अधिकारियों और उनके ओमानी मध्यस्थों के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी अधिकारी रविवार को ओमान में तेहरान के बढ़ते यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर छठे दौर की वार्ता (न्यूक्लियर डील की वार्ता) करने वाले थे. लेकिन बातचीत में गतिरोध बनता दिख रहा है. जानिए आखिर इजरायल ने ईरान पर क्यों किया इतना बड़ा हमला?   ईरान ने पुष्टि की है कि इजरायली हमले में नतांज परमाणु साइट तबाह हो गया है. नतांज वो जगह है जहां ईरान यूरेनियम इनरिचमेंट कर रहा था. यूरेनियम को इनरिच करने के बाद ही इससे परमाणु बम बनाया जाता है.  यही नहीं इजरायल ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों को मारने का दावा किया है. इजरायल ने ईरान के टॉप सैन्य कमांडरों को मार डाला है. इसके अलावा इजरायली सेना ने ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को पंगु कर दिया है.  इजरायल ने ईरानी एयर डिफेंस को भेदते हुए अपने फाइटर प्लेन तेहरान के आसमान में उतार दिए और अपने हमले को अंजाम दिया.  लेकिन सवाल है कि इजरायल ने इतना बड़ा हमला क्यों किया? ये हमला इतना बड़ा है कि इसके आउट आफ कंट्रोल हो जाने की आशंका है और ये पूर्ण युद्ध में तब्दील हो सकता है. आखिर इजरायल ने इतना बड़ा, इतना घातक और इतना प्रचंड प्रहार क्यों किया.  इसका जवाब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने एक वीडियो जारी कर दिया है. बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “दशकों से, तेहरान के तानाशाह बेशर्मी से खुलेआम इजरायल के विनाश का आह्वान करते रहे हैं.उन्होंने अपने नरसंहारक बयानों को परमाणु हथियार विकसित करने के कार्यक्रम के साथ समर्थन दिया है. हाल के वर्षों में, ईरान ने नौ परमाणु बमों के लिए पर्याप्त उच्च-संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन किया है. नौ,” ईरान से किस बात का डर इजरायल को सताता है? दरअसल इजरायल को डर सताता आ रहा है कि अगर ईरान ने परमाणु बम बना लिया तो ईरान की ये कामयाबी इजरायल के वजूद को ही खत्म कर सकती है. इसलिए इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु बम हासिल होने नहीं देना चाहता है. अमेरिका भी यही चाहता है कि ईरान किसी भी हालत में परमाणु बम न बनाए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है. अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा.  लेकिन ईरान इसे अपनी सुरक्षा के जरूरी बताता है और हर हाल में परमाणु बम बनाना चाहता है. इसके लिए ईरान इजरायल-अमेरिका से किसी तनाव को लेने पर आमदा है. हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका या इजरायल नहीं बताएगा कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं? खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा और तेहरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्य को नहीं छोड़ेगा.    ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा है. ईरान द्वारा समर्थित हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों के हमलों, खासकर 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले, ने तनाव को और बढ़ाया. ईरान का 1 अक्टूबर 2024 को इजरायल पर मिसाइल हमला भी इस जवाबी कार्रवाई का कारण बना. इजरायल का मानना था कि ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को नष्ट करना क्षेत्रीय स्थिरता और उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी था.  नेतन्याहू ने ईरान पर इजरायली हमले की वजह बताते हुए कहा कि इजरायल ने नाजी नरसंहार से सबक सीखा है और “फिर कभी ऐसा नहीं होगा” का संदेश दिया है, इजरायल ने कसम खाई कि उनका देश ईरानी शासन द्वारा किए गए परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं बनेगा. उन्होंने जोर देकर कहा, “इजराइल उन लोगों को कभी भी उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देगा जो हमारे विनाश का आह्वान करते हैं. आज रात इजरायल उन शब्दों को कार्रवाई के साथ समर्थन देता है.” इन खतरों को अगली पीढ़ी के लिए नहीं छोड़ सकते नेतन्याहू ने कहा हमने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम के केंद्र पर हमला किया. हमने ईरान के परमाणु हथियारीकरण कार्यक्रम के केंद्र पर हमला किया. हमने नतांज़ में ईरान की मुख्य संवर्धन सुविधा को निशाना बनाया. हमने ईरानी बम पर काम कर रहे ईरान … Read more

चेक बाउंस मामले में मोहाली कोर्ट ने सुनाया फैसला, अरुणाचल प्रदेश के BJP विधायक समेत तीन को 2 साल की जेल

मोहाली अरुणाचल प्रदेश के एक मौजूदा विधायक और तीन अन्य को चेक बाउंस मामले में मोहाली के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम अभय राजन शुक्ला की अदालत ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई. अरुणाचल प्रदेश के सागली से भाजपा विधायक रायतु तेची और टीके इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को चेक बाउंस मामले में यह सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने तीनों पर कुल ₹5.55 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है. यह मामला जीटीसी-एम-ट्रेड्ज एलएलपी से खरीदी गई निर्माण सामग्री के लिए जारी किए गए ₹50 लाख मूल्य के चेक बाउंस होने से जुड़ा है. कानूनी नोटिस के बावजूद आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया था. मोहाली के जेएमआईसी अभय राजन शुक्ला की अदालत ने दोषियों द्वारा कानून की अवहेलना का हवाला देते हुए नरमी बरतने की याचिका खारिज कर दी, हालांकि कोर्ट ने उन्हें उच्च अदालत में अपील के लिए जमानत दे दी. दोषियों में शामिल 60 वर्षीय रायतु तेची पापुम पारे जिले के सागली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं, जिन्हें 2024 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्विरोध चुना गया था. शिकायतकर्ता कुलविंदर सिंह ग्रेवाल के वकील इजविंदर सिंह गिल ने कहा कि चेक दो बार बाउंस हुए- पहली बार 25 फरवरी, 2020 को और फिर उसी साल 31 मार्च को- बैंक ने ‘इंसफिशिएंट फंड’ का हवाला दिया. उसके बाद भेजे गए कानूनी नोटिस के बावजूद, आरोपियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. मुकदमे के दौरान बचाव पक्ष ने नरमी बरतने की अपील की और कहा कि आरोपी वरिष्ठ नागरिक हैं और पहली बार अपराध कर रहे हैं. हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि अन्य लोगों को इसी तरह का आचरण करने से रोकने के लिए अधिकतम सजा दी जाए. अपने फैसले में न्यायाधीश अभय राजन शुक्ला ने कहा, ‘दोषियों ने देश के कानून के प्रति घोर उपेक्षा दिखाई. ऐसे अनुचित कृत्यों के प्रति नरम रुख अपनाने से हमारे समाज में अराजकता को और बढ़ावा मिलेगा, जो पहले से ही एक गंभीर दौर से गुजर रहा है.’ अदालत ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान दोषियों द्वारा पहले ही भुगतान की गई और शिकायतकर्ता द्वारा स्वीकार की गई कोई भी राशि मुआवजे में से काट ली जाएगी.  

मुंबई से लंदन को जा रही Air India की प्लाइट उड़ान भरने के बाद वापस लौटी, मुंबई में उतरा विमान

मुंबई   शुक्रवार को आसमान में फिर से डर फैल गया। दरअसल, शुक्रवार सुबह मुंबई से लंदन के लिए निकली एयर इंडिया की फ्लाइट AIC129 वापस मुंबई लौट आई। यह फ्लाइट समय पर ही लंदन के लिए रवाना हुई थी। लेकिन कुछ देर बाद इसे वापस मुंबई की ओर मोड़ना पड़ा। फ्लाइट को वापस बुलाने का कारण ईरान में बने हालात हैं। ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसलिए फ्लाइट को वापस लौटना पड़ा। एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ और फ्लाइट्स को भी या तो डायवर्ट कर दिया है या वापस बुला लिया है। एयर इंडिया ने कहा, ‘यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए, एयर इंडिया की कई उड़ानें या तो डायवर्ट की जा रही हैं या अपने मूल स्थान पर लौट रही हैं।’ मिडिल ईस्ट एयरस्पेस बंद, पायलट ने लिया लौटने का फैसला यह फ्लाइट सुबह 8:36 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन हीथ्रो के लिए रवाना हुई थी. उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हाइड्रॉलिक सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना सामने आई. हालांकि बाद में यह साफ हुआ कि असल वजह मिडिल ईस्ट में एयरस्पेस बंद होना था. इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमले के बाद ईरान, तेहरान और सीरिया का एयरस्पेस पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. फ्लाइट जब ईरानी एयरस्पेस के पास पहुंची, तो पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर वापसी का निर्णय लिया. विमान को मुंबई एयरपोर्ट के आसमान में कुछ देर तक चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया. यात्रियों को भेजा जाएगा अन्य विमान से हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट की तकनीकी जांच की जा रही है। एयर इंडिया ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि उन्हें जल्द ही दूसरे विमान से लंदन भेजा जाएगा. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरा देश अहमदाबाद विमान हादसे के दर्द से उबरने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 241 यात्रियों और क्रू की मौत हो चुकी है. एहतियात और अंतरराष्ट्रीय स्थिति बनी चिंता का विषय फ्लाइट की वापसी ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष और एयरस्पेस प्रतिबंध वैश्विक विमानन संचालन को सीधे प्रभावित कर रहे हैं. एयरलाइंस अब नई उड़ान योजनाओं और मार्गों की समीक्षा कर रही हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. किस फ्लाइट की क्या स्थिति? AI130: लंदन से मुंबई आ रही थी, उसे वियना भेज दिया गया है। AI102: न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही थी, उसे शारजाह भेज दिया गया है। AI116: न्यूयॉर्क से मुंबई आ रही थी, उसे जेद्दा भेज दिया गया है। AI2018: लंदन से दिल्ली आ रही थी, उसे मुंबई भेज दिया गया है। AI129: मुंबई से लंदन जा रही थी, वह वापस मुंबई लौट रही है। AI119: मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही थी, वह वापस मुंबई लौट रही है। AI103: दिल्ली से वाशिंगटन जा रही थी, वह वापस दिल्ली लौट रही है। AI106: नेवार्क से दिल्ली आ रही थी, वह वापस दिल्ली लौट रही है। AI188: वैंकूवर से दिल्ली आ रही थी, उसे जेद्दा भेज दिया गया है। AI101: दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही थी, उसे फ्रैंकफर्ट/मिलान भेज दिया गया है। AI126: शिकागो से दिल्ली आ रही थी, उसे जेद्दा भेज दिया गया है। AI132: लंदन से बेंगलुरु आ रही थी, उसे शारजाह भेज दिया गया है। AI2016: लंदन से दिल्ली आ रही थी, उसे वियना भेज दिया गया है। AI104: वाशिंगटन से दिल्ली आ रही थी, उसे वियना भेज दिया गया है। AI190: टोरंटो से दिल्ली आ रही थी, उसे फ्रैंकफर्ट भेज दिया गया है। AI189: दिल्ली से टोरंटो जा रही थी, वह वापस दिल्ली लौट रही है। यात्रियों की सुरक्षा के चलते लिया निर्णय कई फ्लाइट्स को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं। कुछ फ्लाइट्स जहां से चली थीं, वहीं वापस आ रही हैं। यह सब यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। ईरान में जो कुछ हो रहा है, उसकी वजह से यह फैसला लेना पड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट का निरीक्षण, घायलों से मिलने पहुंचे अस्पताल

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश में 265 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। इसमें यात्री और क्रू मेंबर्स के अलावा उस हॉस्टल के ट्रेनी डॉक्टर भी शामिल हैं, जिस पर एयर इंडिया का विमान गिरा था। हादसे के अगले दिन यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू भी हैं। अहमदाबाद पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सीधे घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद वह अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री हादसे में बचने वाले इकलौते शख्स रमेश विश्वास कुमार से भी मुलाकात कर सकते हैं। फिलहाल रमेश का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आज ही इस हादसे को लेकर समीक्षा बैठक भी करेंगे। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर विधि चौधरी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 265 पहुंच गई है। रेस्क्यू टीम को मौके से प्लेन का एक ब्लैक बॉक्स भी मिला है। 4 बार गुजरात के सीएम रहे हैं मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम है। गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है। वह 2001 से लेकर 2014 तक लगातार 4 बार गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए। गुजरात में लगातार मिली राजनीति सफलता के कारण ही नरेंद्र मोदी को 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना गया था। प्रधानमंत्री के गृह राज्य में हुए इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूर्व सीएम की भी हादसे में मौत बता दें कि गुरुवार को अहमदाबाद में हुई इस विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व सीएम और राज्य में बीजेपी के दिग्गज नेता विजय रूपाणी की भी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट A171 दुर्घटना में सर्वाधिक गुजरात के आणंद में रहने वाले 33 लोगों की जान गई है। आणंद के कलक्टर प्रवीण चौधरी ने बताया कि लिस्ट की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मरने वालों में 12 राजस्थान के हैं। इस हादसे में बांसवाड़ा के रहने वाले डॉ दीपक, उनकी पत्नी, बेटी और दो जुड़वां बेटे भी मारे गए।  पीएम न राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की अस्पताल में दौरे के बाद पीएम मोदी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की. पीएम ने एयरपोर्ट ही ये अहम बैठक की. इससे पहले उन्होंने अस्पतालों का दौरा किया जहां घायलों का इलाज चल रहा है.  डीजीसीए ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया  अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया है.  अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी, घायलों से की मुलाकात एयर इंडिया विमान हादसे के बाद पीएम मोदी शुक्रवार सुबह में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इस हादसे में मेडिकल कॉलेज के घायल छात्रों और अन्य लोगों से मुलाकात की. विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे में एक यात्री की जान बच गई. उससे भी पीएम मोदी मुलाकात करेंगे. परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देगा टाटा समूह अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को टाटा समूह एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देगा. एयर इंडिया टाटा समूह की कंपनी है. कुछ साल पहले ही टाटा समूह ने इस एयरलाइंस को भारत सरकार से खरीदा था. टाटा समूह के लिए यह हादसा एक बहुत बड़ा झटका है. एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट में भी गड़बड़ी, विमान को सुरक्षित उतारा गया  एक दिन पहले गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग विमान हादसे के बाद अगले दिन शुक्रवार को मुंबई से लंदन की एक दूसरी फ्लाइट में गड़बड़ी की सूचना है. यह फ्लाइट भी एयर इंडिया थी. आज सुबह में मुंबई से विमान ने टेकऑफ किया था. फिर बीच रास्ते में गड़बड़ी के संकेत मिले. उसके बाद विमान को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया. उसे मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से लैंड करवा लिया गया है.   

इसी माह जारी हो सकती है पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त

नई दिल्ली योजनाएं राज्य सरकारों की हों या फिर भारत सरकार की, लेकिन जिस योजना के तहत जो लाभ देने का प्रावधान होता है वो दिया जाता है। अलग-अलग योजनाओं के तहत अलग-अलग तरह के लाभ दिए जाते हैं। जैसे, बात प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की करें तो इस योजना का लाभ सिर्फ किसानों को दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को खेती के लिए आर्थिक मदद करने का प्रावधान है जिसमें किसानों को साल में तीन बार 2-2 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये पैसे सीधे किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। इस बार इस योजना के अंतर्गत 20वीं किस्त जारी होनी है यानी किसानों के 20वीं बार 2-2 हजार रुपये मिलेंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं ये किस्त कब जारी हो सकती है और कौन से वे किसान हैं जो इस किस्त के लाभ से वंचित रह सकते हैं।   पीएम किसान योजना के तहत अब तक कुल 19 किस्त जारी हो चुकी हैं और अब बारी 20वीं किस्त की है। योजना के तहत हर किस्त लगभग चार महीने के अंतराल पर जारी होती है। जैसे, 17वीं किस्त जून 2024 में तो 18वीं किस्त अक्तूबर 2024 में यानी चार महीने के अंतराल पर। ठीक ऐसे ही चार महीने के अंतराल पर ही 19वीं किस्त फरवरी 2025 में जारी हुई।     इस हिसाब से अगर 20वीं किस्त के चार महीने का समय देखा जाए तो ये इसी महीने जून में पूरा हो रहा है। इसलिए माना जा रहा है कि जून में ही 20वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि, अभी इसको लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। योजना की वेबसाइट पर भी अभी किस्त जारी होने की तारीख नहीं दी गई है। नंबर 1     अगर आप ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं तो आपकी किस्त अटकना तय माना जाता है। ये योजना के अंतर्गत आने वाला सबसे जरूरी काम है। आप अपने नजदीकी सीएससी सेंटर से या फिर योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in से इस काम को करवा सकते हैं     इसी तरह किसानों को भू-सत्यापन करवाना भी अनिवार्य है, लेकिन जो किसान ये काम नहीं करवाते हैं उनकी किस्त अटक सकती है नंबर 2     पीछे बताए गए दोनों कामों के अलावा अगर कोई किसान आधार लिंकिंग नहीं करवाता है तो भी उसकी किस्त अटक सकती है। इसमें आपको अपने बैंक की शाखा में जाकर अपने आधार कार्ड को अपने बैंक खाते से लिंक करवाना होता है     लाभार्थियों को अपने बैंक खाते में डीबीटी का ऑप्शन भी ऑन करवाना होता है, लेकिन अगर आप ये काम नहीं करवाते हैं तो भी आपकी किस्त अटक सकती है क्योंकि सरकार डीबीटी के माध्यम से ही किस्त के पैसे भेजती है।    

पीएफ खाताधारकों को ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकालने की मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार PAN 2.0 की तर्ज पर EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म आपको अपने पीएफ अकाउंट से मोबाइल के जरिए पैसे निकालने की सुविधा देगा। इससे यूजर्स ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकाल सकेंगे।यह नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा । संभावना है कि जून महीने में इसे लॉन्च किया जा सकता है।इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा। ATM से कैसे होगी PF फंड की निकासी ?     खबर है कि EPFO 3.0 प्रोग्राम के तहत ईपीएफओ जल्द अपने सदस्यों के लिए ATM से विड्रॉल की सुविधा देगा। इसमें ATM कार्ड बिल्कुल डेबिट कार्ड की तरह काम करेगा। पैसे निकालने के लिए आपको पहले अपना UAN लिंक करना होगा, OTP वेरीफाई करना होगा और फिर कैश निकालना होगा।     पैसे की क्लेमिंग ऑनलाइन होगी और 3 दिनों के अंदर कार्ड में अमाउंट क्रेडिट हो जाएगा, जिसे फिर ATM से निकाला जा सकेगा। PF अकाउंट को आपके UPI ID या लिंक्ड बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा।एक बार क्लेम करने पर पैसा सीधे आपके UPI वॉलेट में आ जाएगा।इसके बाद आप QR कोड स्कैन करके कहीं भी भुगतान कर सकेंगे।     यूजर्स अपने अकाउंट की डिटेल्स, नॉमिनी या अन्य बदलाव मोबाइल से ही OTP के ज़रिए कर सकेंगे। इस कार्ड के जरिए वे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की तरह ही बैलेंस चेक, कैश विड्रॉल जैसी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।हालांकि, एटीएम और यूपीआई के जरिए केवल 1 लाख रुपये तक की ही निकासी की जा सकेगी। अकाउंट डिटेल में भी कर सकेंगे करेक्शन     खास बात ये है कि ईपीएफओ 3.0 के साथ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए नाम, जन्मतिथि, लिंग, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, और नौकरी शुरू करने की तारीख जैसे विवरण ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यानी सदस्यों को किसी भी अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

भीषण गर्मी के बीच पाकिस्तान गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, फसलों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिए जाने से पाकिस्तान अब गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. पाकिस्तान के इंडस रीवर सिस्टम अथॉरिटी (सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण) ने बताया कि बुधवार को उसे जितना पानी प्राप्त हुआ, उसकी तुलना में उसने 11,180 क्यूसेक अधिक पानी छोड़ा है, जिससे जल उपलब्धता का संकट और गहरा गया है. पाकिस्तान के दो प्रमुख जलाशयों, सिंधु नदी पर तरबेला और झेलम नदी पर मंगला, का जल स्तर अपने-अपने डेड स्टोरेज लेवल (जल भंडारण के न्यूनतम स्तर) के करीब पहुंच गया है. इसका मतलब यह है कि पानी का प्रवाह लगभग समाप्त हो गया है, जिससे सिंचाई या पीने के लिए इसका उपयोग सीमित हो जाता है.  पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में संकट गंभीर है, जहां खरीफ की खेती शुरू हो चुकी है, पिछले साल इसी दिन 1.43 लाख क्यूसेक की तुलना में केवल 1.14 लाख क्यूसेक पानी मिला है, जो 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है. भारत ने इस साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश में कहा कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते. आने वाले सप्ताहों में स्थिति और खराब होने की आशंका है, विशेषकर इसलिए क्योंकि भारत अपनी जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए जम्मू और कश्मीर में बांधों से नियमित रूप से गाद निकालने और फ्लशिंग का काम कर रहा है.  पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है. महत्वपूर्ण फसलों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है. कपास का उत्पादन 30 प्रतिशत से अधिक, गेहूं में लगभग 9 प्रतिशत और मक्का में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है. पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र की कुल हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में पिछले वर्ष के 24.03 प्रतिशत से घटकर 23.54 प्रतिशत रह गई, जिसका खास असर खरीफ उत्पादन पर पड़ा है. मानसून की बारिश में अभी कई सप्ताह बाकी हैं. पाकिस्तान के इंडस रीवर सिस्टम अथॉरिटी ने पहले ही खरीफ सीजन के आरंभ में 21 प्रतिशत तथा खरीफ सीजन के अंत में 7 प्रतिशत जल की कमी की चेतावनी दे दी है.  सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान लगातार भारत से सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहा है. उसके जल संसाधन मंत्रालय ने नई दिल्ली को चार पत्र भेजे हैं, जिनमें से सभी को भारत के जल शक्ति मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को भेज दिया है. भारत अपने इस रुख पर अड़ा हुआ है कि कोई भी संधि आतंकवाद के साथ नहीं हो चल सकती. पाकिस्तान ने 1960 की संधि में मध्यस्थता करने वाले विश्व बैंक से भी हस्तक्षेप करने के लिए संपर्क किया है. हालांकि, विश्व बैंक ने इस मामले को उठाने से इनकार कर दिया. इस बीच, भारत अपने वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर काम कर रहा है, जिसमें ब्यास को गंगा और सिंधु को यमुना से जोड़ने वाली नई नहर परियोजनाएं, डोमेस्टिक स्टोरज में बढ़ोतरी और पाकिस्तान के साथ जल बंटवारे पर रणनीतिक नियंत्रण शामिल है. आसमान से बरस रही आग, पानी के लिए मचा हाहाकार; मानसून के भरोसे है सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंघु जल समझौता रद कर दिया गया था, जिसका असर अब पड़ोसी देश में देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान में गंभीर जल संकट नजर आने लगा है। पाकिस्तान के  पंजाब प्रांत के किसान सूखे की मार झेलने का मजबूर हैं।  पाकिस्तान सरकार की एक रिपोर्ट की माने तो सिंधु नदी प्रणाली से मिलने वाले पानी में सालाना औसत 13.3 प्रतिशत की कमी आई है। पाकिस्तान की इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (Indus River System Authority-IRSA) की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधु बेसिन से 5 जून को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बांधों में 1.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि पिछले साल इसी  अवधि में  यह आंकड़ा 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। विशेषज्ञों की मानें तो पानी की कमी का असर सीधा खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ेगा। हालांकि, मानसून की बारिश से स्थिति में सुधार उम्मीद जताई जा रही है। बारिश होने तक खेतों में फसल लगी है, उसके सूखे की चपेट में आने की आशंका  लगातार बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष ए.के. बजाज ने एक चैनल से कहा कि पाकिस्तान में सिंधु नदी प्रणाली से जुड़ी नदियों और जलाशयों में जलस्तर घट गया है। इसके कारण वहां के किसान संकट में हैं।  

रमेश विश्वस कुमार ने विमान हादसे के बारे में बताई आप बीती, ‘आंख खोली तो चारों ओर लाशें थीं’

नई दिल्ली गुजरात के अहमदाबाद में एअर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। यह प्लेन अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। समाचार के मुताबिक प्लेन में 242 पसैंजर सवार थे। जानकारी के मुताबिक, विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में एक पैसेंजर की जान बच गई है। उनका नाम रमेश विश्वस कुमार (Ramesh Viswas Kumar) बताया जा रहा है। ‘मैं खड़ा हुआ और दौड़ने लगा’ उन्होंने बताया,“जब आंख खुली, तो चारों ओर लाशें ही लाशें थीं। मैं डर गया। इसके बाद मैं खड़ा हुआ और बस दौड़ने लगा।” उन्होंने आगे कहा कि टेकऑफ के करीब 30 सेकंड बाद जोरदार आवाज आई और फिर विमान ज़मीन से टकरा गया. सब कुछ इतना तेज़ हुआ कि समझने का मौका ही नहीं मिला।” रमेश के सीने, आंखों और पैरों में गंभीर चोटें हैं। फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनका नाम रमेश विश्वस कुमार बताया जा रहा है। वे 11A सीट पर सफर कर रहे थे। यह जंकारी अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने दी है। बता दें कि इस विमान में 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक भी सवार थे। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी निधन हो गई।

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसा, सेना-NDRF की टीम और डॉक्टर दुर्घटना स्थल पर तैनात

नई दिल्ली गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर को एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत और बचाव अभियान के लिए तुरंत भारतीय सशस्त्र बलों की टीमें भेजी गईं। इसके अलावा एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां भी शुरुआती राहत कार्यों के लिए सशस्त्र बलों के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं। सेना के मुताबिक, सैन्य बलों के इस दल में मेडिकल टीम और अन्य बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है। एयर इंडिया के इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें दो पायलट और 10 केबिन क्रू भी शामिल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विमान दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह अहमदाबाद में विमान दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुखी हैं। उनकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं यात्रियों और चालक दल के परिवारों के साथ हैं। अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एयर इंडिया का यह विमान उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद सेना की टीम को दुर्घटना वाले स्थान पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से बात की है और अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे की जानकारी ली। नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए स्वयं अहमदाबाद जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराएं। इसके अलावा अहमदाबाद में सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव के लिए समन्वित प्रयास जारी हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआईए) के अधिकारियों ने आधिकारिक जानकारी में कहा कि एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद फिलहाल हवाई अड्डे पर गतिविधियों को स्थगित किया गया है। अगली सूचना तक सभी उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।

हमदाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, प्लेन का मलबा दूर-दूर तक बिखरा पड़ा, सड़कों पर जले हुए शव पड़े

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एयर इंडिया की लंदन गैटविक जाने वाली फ्लाइट 171 क्रैश हो गई। हादसे के बाद का मंजर इतना खौफनाक था कि हर ओर अफरा-तफरी मच गई। प्लेन का मलबा दूर-दूर तक बिखरा पड़ा है। आसपास की सड़कों पर जले हुए शव पड़े हैं, जिनकी पहचान तक करना मुश्किल हो रहा है। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में मातम पसर गया। जिनके परिजन इस फ्लाइट में सवार थे, उनके दिलों की धड़कनें थम गईं। कई लोग मंदिरों में जुट गए। folded hands के साथ भगवान से अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। हर चेहरा बेचैन है, हर आंख नम। दमकल और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्लेन का अगला हिस्सा पूरी तरह जल चुका है। स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास की बिल्डिंग्स तक हिल गईं। प्लेन के कुछ हिस्से सड़क के बीच गिरे, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं एयर इंडिया की ओर से कहा गया है कि फिलहाल राहत व बचाव कार्य जारी है। स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। इस हादसे में कितनी जानें गईं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अब तक नहीं आया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet