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मोदी सरकार ने Starlink को दी ‘हरी झंडी’, Elon Musk के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली Elon Musk की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस ऑफर करने वाली कंपनी Starlink पिछले लंबे समय से भारत में एंट्री की कोशिश कर रही है, अब कंपनी की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि भारत सरकार की ओर से स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. LoI यानी लेटर ऑफ इंटेंट संभावित समझौते के बारे में बातचीत के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा की तरह काम करता है, यह इस को दर्शाता है कि दोनों पक्ष सौदे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की ओर से स्टारलिंक को लेंटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन और यूटेलसैट वनवेब को भी समान लाइसेंस के लिए अप्रूवल दिया गया है. लेंटर ऑफ इंटेंट मिलने का मतलब ये है कि अब स्टारलिंक अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए अगला कदम उठा सकती है, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की ओर से स्टारलिंक को हरी झंडी मिलती नजर आ रही है. DoT ने जारी किया लेटर ऑफ इंटेंट स्टारलिंक सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में हाई-स्पीड और लो-लेटेंसी ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब स्टारलिंक को यह लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है. इससे पहले सरकार ने Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications को सैटकॉम सर्विस के लिए लाइसेंस जारी किए थे. लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करती है स्टारलिंक पारंपरिक सैटेलाइट सेवाओं के विपरीत, जो पृथ्वी से बहुत दूर स्थित भू-स्थैतिक (Geostationary) उपग्रहों पर निर्भर करती हैं, स्टारलिंक धरती के करीब स्थित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के सबसे बड़े नेटवर्क (550 किमी ऊपर) का इस्तेमाल करती है. वर्तमान में इसके पास करीब 7,000 LEO उपग्रहों का जाल है, जो भविष्य में बढ़कर 40,000 से अधिक हो सकता है. यह नेटवर्क स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल जैसे कार्यों के लिए सक्षम ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस प्रदान करता है. क्या है Starlink का मकसद? 2002 में एलन मस्क ने स्टारलिंक को शुरू किया था, इस कंपना का मकसद सैटेलाइट के जरिए दुनिया के हर कोने तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. स्टारलिंक अन्य सैटेलाइट सर्विस की तुलना थोड़ा अलग है, इंटरनेट देने वाली सैटेलाइट आमतौर पर धरती से 36000 किलोमीटर दूर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में होती हैं लेकिन स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद है जो धरती से केवल 550 किलोमीटर ऊपर स्थित है. फिलहाल स्टारलिंक के पास 7000 सैटेलाइट नेटवर्क है जिसे कंपनी आने वाले समय में 40 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कितनी है Starlink Internet Speed? इंटरनेट स्पीड की बात करें तो रेगुलर यूजर्स को 50Mbps से 250Mbps तक की स्पीड मिलती है, वहीं प्रीमियम प्लान चुनने वाले यूजर्स को कंपनी की तरफ से 500Mbps तक की स्पीड दी जाती है. भारत में स्टारलिंक के प्लान्स की कीमत कितनी होगी? फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है.  

भारत-पाकिस्तान में तनाव सोने, चांदी के भाव पर असर, गोल्ड एक लाख पार, चांदी भी चमकी

भोपाल भारत और पाक में चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर कीमती धातुओं की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को भोपाल सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड की कीमत एक बार फिर एक लाख रुपए को पार कर गई। वहीं चांदी प्रति किलो की कीमत बढ़कर 99,500 पर पहुंच गई है। इस हफ्ते की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में तेजी (Gold Silver Price) देखने को मिल रही है। बीते तीन दिन कारोबारी सत्रों में सोने का भाव 4000 रुपए से अधिक बढ़ चुका है। 5 मई को यह 94,200 रुपए पर था।  अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Level) पर भी सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है, सोने का दाम 3400 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है। वैश्विक तनाव के कारण बढ़ा निवेश जानकारों का कहना है कि वैश्विक तनाव बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित समझे जाने वाले सोने में निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा सोने के निवेशक अमेरिकी फेड के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती से गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। 2025 की शुरुआत से सोने ने निवेशकों को करीब 27 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया है। जयपुर सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपए बढ़कर एक लाख सौ रुपए प्रति दस ग्राम रहा। आरबीआई ने बढ़ाया भंडार आरबीआइ (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी छमाही में अपने भंडार में लगभग 25 टन सोना बढ़ाया है। केंद्रीय बैंक के पास अब अपने भंडार में 879.59 टन सोना है, जबकि सितंबर 2024 के अंत में उसके पास 854.73 टन सोना था। वित्त वर्ष 2024-25 में, केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार में सोने की मात्रा 57 टन और बढ़ाई, जिस अवधि के दौरान सोने की कीमतों में 30 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी। कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा छह महीने पहले 9.32त्न से बढ़कर मार्च 2025 के अंत तक 11.70%हो गया। जियो पॉलिटिकल हालात पर नजर जीजेसी के पूर्व चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने कहा कि बदलते जियो पॉलिटिकल हालात पर बाजार की नजर है। चीन की इंश्योरेंस कंपनियां भी सोने की खरीदारी कर रही हैं। चीन के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की है। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि यूके के साथ एफटीए होने से इंडस्ट्रीज को फायदा मिलेगा। यूके के साथ एफटीए से सोने के गहनों का एक्सपोर्ट बढ़ेगा। खंडेलवाल ने कहा कि सोने का भाव 3800-4000 डॉलर तक पहुंच सकता है।

पाकिस्तान के शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, घुटनों पर आया स्टॉक एक्सचेंज, बंद करनी पड़ी ट्रेडिंग

इस्लामाबाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को पाकिस्तान के इंडेक्स कराची स्टॉक एक्सचेंज में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। हालात इतने बदतर हो गए कि स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग रोक दी गई। इससे पहले बुधवार को भी कराची स्टॉक एक्सचेंज में कुछ देर के लिए कारोबार ठप रहा। बता दें कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें कई आतंकवादियों के मारे जाने और उनके ठिकाने नष्ट होने की सूचना है। लगातार चौथे दिन गिरावट पाकिस्तान के शेयर बाजार में गिरावट का यह लगातार चौथा दिन है। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी पाकिस्तानी शेयरों में गिरावट देखी गई थी। बुधवार को पाकिस्तान के शेयरों में 6.2% तक की गिरावट आई थी, लेकिन कारोबार के अंत में नुकसान की थोड़ी भरपाई हुई लेकिन 3.09% की गिरावट दर्ज की गई। बेफिक्र है भारत का बाजार पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में मचे हाहाकार के उलट भारतीय बाजार बेफिक्र है। भारतीय बाजार में गुरुवार को बिकवाली जरूर थी लेकिन बुधवार को पॉजिटिव क्लोजिंग हुई। सप्ताह के तीसरे दिन ट्रेडिंग के दौरान उतार-चढ़ाव का माहौल जरूर था लेकिन कारोबार के अंत में बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 105.71 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 80,746.78 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 34.80 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,414.40 अंक पर बंद हुआ।

पाकिस्तानी शेयर बाजार भी क्रैश, लेकिन भारतीय शेयर बाजार में बहार, पलटवार का कोई डर नहीं!

मुंबई भारत की ओर से पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक (Indian Air Strike) की गई, जिसमें करीब 90 आतंकी मारे गए और 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए. इससे जहां पाकिस्तान की सरकार में हड़कंप मचा, तो साथ ही पाकिस्तानी शेयर बाजार भी क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) हो गया. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की ओर से किसी भी पलटवार से बैखौफ भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) में इस तनाव के बावजूद बहार देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स बढ़त के साथ ग्रीन जोन में क्लोज हुए हैं. सेना के एक्शन को भारतीय बाजार का सलाम सबसे पहले बात करते हैं भारतीय शेयर बाजार की जो पाकिस्तान में भारतीय सेनाओं की एयर स्ट्राइक के बाद शुरुआती गिरवाट से उबरता हुआ आखिर में बढ़त के साथ बंद हुआ और भारत के पाकिस्तान पर किए गए एक्शन को सलाह किया है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बुधवार को Share Market में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई और ये कभी ग्रीन, तो कभी रेड जोन में कारोबार करते नजर आए. हालांकि, बाजार बंद होते-होते BSE Sensex 105.71 अंकों की बढ़त लेकर 80,746.78 के लेवल पर क्लोज हुआ. तो वहीं NSE Nifty 35 अंक चढ़कर 24,414 पर बंद हुआ. खुलते ही धड़ाम हुआ Pak मार्केट   एक ओर जहां भारतीय शेयर बाजार ग्रीन जोन में क्लोज हुआ है, तो वहीं इससे उलट पाकिस्तानी शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है. वैसे तो 22 अप्रैल को हुए Pahalgam Terror Attack के बाद से ही पाकिस्तीन शेयर बाजार में टूटने का सिलसिला जारी है और ये हमले वाले दिन से अब तक करीब 11000 पॉइंट टूट गया हो, लेकिन बुधवार को Indian Air Strike के बाद खुलते ही ये भरभराकर करीब 6 फीसदी टूट गया. करीब 6000 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ KSE-100 इंडेक्स 1,07,296 के लेवल पर आ गया. हालांकि, जब भारतीय शेयर मार्केट बंद हुआ, तब तक Pakistan Stock Market में जारी गिरावट की रफ्तार मामूली धीमी जरूर पड़ी थी, लेकिन इसके बावजूद ये 1,09,987 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. दलाल स्ट्रीट में कोई पैनिक नहीं पाकिस्तान में शेयर बाजार निवेशकों के बीच जहां हड़कंप मचा नजर आया है, तो वहीं ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) ने भले ही भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ाने का काम किया हो, लेकिन दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) में किसी तरह की कोई घबराहट देखने को नहीं मिली है. न कोई बिकवाली हुई और न ही कोई बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सिर्फ मामूली अस्थिरता जरूर नजर आई. खास बात ये है कि  भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव के समय Indian Stock Market ने उस कहावत को खारिज किया है, कि अनिश्चितता से बाजार नफरत करते हैं और बड़ी गिरावट देखने को मिलती है. इतिहास को देखें तो ऐसा पहली बार नहीं है, 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) से लेकर 2019 में बालाकोट हवाई हमलों (Balakot Air Strike) तक सेंसेक्स ने बार-बार झटकों को झेला है और आश्चर्यजनक उत्साह के साथ जोरदार वापसी की है. आज खूब भागे ये 10 शेयर बात करें, भारतीय बाजार में तेजी के बीच सबसे ज्यादा चढ़ने वाले Top-10 Stocks के बारे में, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल Tata Motors Share (5.05%) चढ़कर 680.50 रुपये पर बंद हुआ. Bajaj Finance Share (2.14%) की उछाल के साथ 8985.50 रुपये पर क्लोज हुआ. Eternal Share (1.85%), तो M&M (1.64%) और Adani Ports (1.41%) की बढ़त लेकर बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Endurance Share (8.44%), Paytm Share 7.18%, Bharat Forge Share (5.10%), MRF Share (4.23%), Kalyan Jewellers Share (4.01%) उछलकर बंद हुआ. इसके अलावा BHEL, Torent Power, KPI Tech, LIC Housing Finance के शेयर2-3 फीसदी की बढ़त में क्लोज हुए. स्मॉलकैप में Aarti Drugs Share 20% और Timex Share 19.99% उछला.

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते ₹97000 के नीचे आ गया गोल्ड, सोने-चांदी के रेट में गिरावट

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। MCX पर सोने का भाव ₹96,900 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले बंद भाव ₹97,491 था। सुबह 9:05 बजे, MCX पर सोने का भाव ₹841 या 0.86% की गिरावट के साथ ₹96,650 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में सोने की कीमतों में 3% से अधिक की तेजी आई थी। चांदी की कीमतों में भी गिरावट MCX पर चांदी का भाव भी कम होकर खुला और ₹251 या 0.26% की गिरावट के साथ ₹96,450 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस ऑपरेशन में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, जो मुख्य लक्ष्य थे। रुपये में गिरावट पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के सैन्य हमलों के बाद सीमा पार तनाव बढ़ने के बीच रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 31 पैसे कमजोर होकर 84.66 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमलों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का असर रुपये दिखा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.65 प्रति डॉलर पर खुला। फिर डॉलर के मुकाबले 84.66 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.35 पर बंद हुआ था।

बजाज की नई स्पोर्ट्स बाइक NS400Z का भौकाली लुक वायरल, लॉन्च से पहले डीलरशिप पर हुई स्पॉट

नई दिल्ली बजाज की नई पल्सर NS400Z लॉन्च से पहले ही डीलरशिप पर दिखाई देने लगी है। बाइक में अपोलो रेडियल टायर्स, सिंटरड ब्रेक पैड्स और OBD-2B अपडेट्स जैसे कई एडवांस फीचर्स मिलते हैं। इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ी अधिक हो सकती है। बजाज ऑटो की मोस्ट अवेटेड बाइक पल्सर NS400Z अब डीलरशिप्स पर पहुंचने लगी है। बाइक में कई अहम तकनीकी अपडेट किए गए हैं, जिससे राइडिंग अनुभव और भी बेहतर हो गया है। इसमें ट्रैक्शन कंट्रोल, चार राइडिंग मोड्स और नया टायर सेटअप खास आकर्षण हैं। बजाज ऑटो जल्द ही भारतीय बाजार में अपनी नई पल्सर NS400Z लॉन्च करने वाली है। बाइक के लॉन्च से पहले ही इसके कई यूनिट्स डीलरशिप पर देखे गए हैं। इसमें कई तकनीकी अपग्रेड्स और शानदार फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे युवाओं के बीच और भी पॉपुलर बना रहे हैं। लॉन्च से पहले ही डीलरशिप पर पहुंची NS400Z बजाज ऑटो की बहुप्रतीक्षित बाइक Pulsar NS400Z लॉन्च से पहले ही भारत के कई डीलरशिप्स पर दिखाई देने लगी है। इससे यह साफ हो गया है कि कंपनी इसकी बिक्री जल्द शुरू करने वाली है। बाइक की तस्वीरें और फीचर्स सामने आते ही बाइक प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। नया टायर सेटअप देगा बेहतरीन ग्रिप नई NS400Z में एक बड़ा बदलाव इसके रियर टायर में किया गया है। अब इसमें 150-सैक्शन का Apollo Alpha H1 रेडियल टायर मिलता है, जो पहले के 140-सैक्शन MRF REVZ टायर की तुलना में बेहतर ग्रिप और कॉर्नरिंग देता है। इससे हाई-स्पीड पर बाइक की स्टेबिलिटी और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं। फ्रंट टायर में भी अब अपोलो का टायर लगाया गया है, लेकिन उसका साइज वही रखा गया है। ब्रेकिंग सिस्टम में बड़ा अपडेट बजाज ने इस बार बाइक के ब्रेकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए सिंटरड ब्रेक पैड्स का इस्तेमाल किया है। पहले इसमें ऑर्गेनिक ब्रेक पैड्स दिए जाते थे। नए पैड्स से अब बाइक की स्टॉपिंग पावर बेहतर हो गई है, खासकर तेज रफ्तार पर यह काफी उपयोगी साबित होती है। OBD-2B नॉर्म्स के अनुसार अपडेटेड इंजन बाइक को अब नए OBD-2B एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप अपडेट किया गया है, जैसा कि अन्य सभी नई बाइक्स में भी देखा जा रहा है। हालांकि इस बदलाव से बाइक की पावर (39.4 bhp) और टॉर्क (35 Nm) में कोई कमी नहीं आई है। यह इंजन हाई-स्पीड राइडिंग और ऑफ-रोडिंग के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। दमदार फीचर्स जो बनाते हैं इसे खास बजाज NS400Z में कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे अपनी कैटेगरी में खास बनाते हैं- फुल LED लाइटिंग सिस्टम स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर 4 राइडिंग मोड्स: रोड, रेन, स्पोर्ट, ऑफ-रोड अग्रेसिव और मस्क्युलर लुक इन सभी फीचर्स के साथ यह बाइक युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। कीमत में हो सकता है मामूली इजाफा मौजूदा NS400Z की एक्स-शोरूम कीमत 1,81,318 रुपए है। माना जा रहा है कि अपडेटेड वर्जन की कीमत 7,000-8,000 रुपए ज्यादा हो सकती है। यानी इसकी नई कीमत करीब 1.89 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) हो सकती है। यह कीमत अब भी इसे अपने सेगमेंट की सबसे वैल्यू फॉर मनी बाइक्स में शामिल करती है। लुक और डिजाइन में क्या नया? डीलरशिप पर देखी गई बाइक की तस्वीरों से साफ है कि बाइक का डिजाइन अब और भी ज्यादा शार्प और मस्क्युलर हो गया है। टैंक काउल, स्प्लिट सीट्स, और नया एग्जॉस्ट सेटअप इसे एक कंप्लीट स्पोर्टी लुक देता है। बजाज ने इस बार कलर स्कीम और ग्राफिक्स में भी थोड़ा बदलाव किया है, जिससे यह बाइक और भी आकर्षक दिखती है। परफॉर्मेंस और हैंडलिंग कैसी है? बाइक में मिलने वाला 373cc का इंजन (Dominar 400 वाला) हाई परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। इसमें 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच मिलता है, जो स्मूथ राइडिंग में मदद करता है। नई टायर्स और ब्रेकिंग सिस्टम बाइक की कॉर्नरिंग और कंट्रोल को बेहतर बनाते हैं, जिससे यह ट्रैक और ट्रैफिक दोनों के लिए परफेक्ट हो जाती है। कब तक होगी लॉन्च? फिलहाल कंपनी ने इसकी ऑफिशियल लॉन्च डेट घोषित नहीं की है, लेकिन डीलरशिप पर बाइक की उपलब्धता देखकर माना जा रहा है कि इसे मई के आखिर तक लॉन्च कर दिया जाएगा। बुकिंग भी उसी समय शुरू होने की उम्मीद है। ग्राहक क्या करें? अगर आप एक स्पोर्टी और पावरफुल बाइक की तलाश में हैं, तो कुछ हफ्तों तक इंतजार करें और बजाज की नई NS400Z पर नजर रखें। लॉन्च के बाद यह बाइक सेगमेंट की बेस्ट ऑप्शन बन सकती है। आकर्षक लुक युवाओं के लिए शानदार विकल्प बजाज पल्सर NS400Z लॉन्च से पहले ही अपने नए अवतार में ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। इसमें किए गए तकनीकी अपग्रेड्स, बेहतर राइड क्वालिटी और आकर्षक लुक इसे युवाओं के लिए एक शानदार विकल्प बनाते हैं। अगर आप एक दमदार परफॉर्मेंस वाली बाइक लेना चाहते हैं, तो NS400Z पर जरूर विचार करें।

देश में बढ़ रहे इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल, इतने साल में बढ़कर 12 करोड़ के पार पहुंच जाएंगे EV

मुंबई भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या में तेजी से वृद्धि होने जा रही है। देश की सड़कों पर 2032 तक 123 मिलियन ईवी होने का अनुमान है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन (सीईएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है। ईवी को अपनाया जाना भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है और साथ ही 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी पेनिट्रेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगभग बारह गुना बढ़ गई है रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत की संचयी ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) लगभग बारह गुना बढ़ गए हैं, जो 2019 में 0.35 मिलियन से बढ़कर 2024 में 4.4 मिलियन हो गए हैं। इस तेज वृद्धि को सहायक सरकारी नीतियों, जैसे कि एफएएमई-2 योजना से बढ़ावा मिला है। यह योजना पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजी सब्सिडी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों का प्रतिनिधित्व लगभग 6 प्रतिशत था, जबकि इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम था। अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा, “अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं कि भारत के संचयी इंस्टॉल्ड ईवी चार्जिंग पॉइंट, पब्लिक और कैप्टिव, को लगभग 12 से 28 गुना बढ़ाने की जरूरत होगी, जो 2024 में लगभग 76,000 से बढ़कर 2032 तक 0.9 मिलियन और 2.1 मिलियन के बीच हो जाएगा।” सेन ने कहा कि इंस्टॉल्ड चार्जिंग क्षमता को भी 17 गुना से अधिक बढ़ाना होगा, जो ईवी अपनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग के स्तर पर निर्भर करते हुए 1.3 गीगावाट से बढ़कर 23 गीगावाट हो जाएगी। सीईएस के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा कि 2032 तक, आईईएसए और सीईएस का अनुमान है कि भारत का ऑन-रोड ईवी स्टॉक लगभग 49 मिलियन (सबसे खराब स्थिति), 60 मिलियन (बिजनेस-एज-यूजुअल) या 123 मिलियन (एनईवी परिदृश्य) तक पहुंच सकता है। अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सड़कों पर लगभग 2,20,000 पर्सनल इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर (ई4डब्ल्यू) थे, जिनमें से अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे। उसी वर्ष तक भारत में अनुमानित 3,20,000 निजी टाइप-2 एसी चार्जर थे, जिनमें से 70 प्रतिशत 3.3 किलोवाट इकाइयां, 28 प्रतिशत 7.4 किलोवाट इकाइयां और शेष 11-22 किलोवाट इकाइयां उच्च क्षमता के रूप में वर्गीकृत थीं।

मेड इन इंडिया ₹3.36 लाख करोड़ के iPhone! Apple का FY26 तक का बड़ा टारगेट

मुंबई दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल की योजना भारत में अपने उत्पादन को बढ़ाकर वित्त वर्ष 26 के अंत तक 40 अरब डॉलर (करीब 3.36 लाख करोड़ रुपए) तक ले जाने की है। टेक्नोलॉजी दिग्गज की ओर से भारत में उत्पादन ऐसे समय पर शिफ्ट किया जा रहा है, जब ट्रेड टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव के कारण चीन और अमेरिका के बीच संबंध बढ़ रहे हैं। अप्रैल-जून की अवधि में अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर फोन भारत में बने होंगे इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक, इस कदम से एप्पल अमेरिका में पैदा होने वाली 80 प्रतिशत आईफोन मांग को पूरी कर पाएगा और साथ ही भारत की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सकता है। हाल ही में एप्पल के सीईओ टिम कुक ने बताया था कि अप्रैल-जून की अवधि में अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर फोन भारत में बने होंगे। एप्पल की ओर से अमेरिका में भारत में बने आईफोन बेचने पर फोकस किया जा रहा है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की ओर से चीन पर बड़ी मात्रा में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाना है। चीन अमेरिका के बाहर बेचे जाने वाले अधिकांश एप्पल उत्पादों का मुख्य सोर्स बना रहेगा चीन अमेरिका के बाहर बेचे जाने वाले अधिकांश एप्पल उत्पादों का मुख्य सोर्स बना रहेगा। वहीं, भारत और वियतनाम प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। उदाहरण के लिए, कुक ने कहा कि अमेरिका में बेचे जाने वाले लगभग सभी आईपैड, मैक, एप्पल वॉच और एयरपॉड्स अब वियतनाम से आएंगे। एप्पल को चालू तिमाही में अमेरिकी टैरिफ से 900 मिलियन डॉलर का प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, हालांकि लंबी अवधि का प्रभाव अभी अनिश्चित हैं। वित्त वर्ष 25 में स्मार्टफोन भारत की शीर्ष निर्यात कैटेगरी रही है और 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात किया है कुक ने कहा कि हम टैरिफ के प्रभाव का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि हम भविष्य की संभावित कार्रवाइयों के बारे में अनिश्चित हैं। वित्त वर्ष 25 में स्मार्टफोन भारत की शीर्ष निर्यात कैटेगरी रही है और 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात किया है। कंपनी ने बताया कि हाल ही में भारतीय बाजार में तिमाही बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान, 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी: मूडीज

नई दिल्ली मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, “वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।” रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। इसमें कहा गया है, “निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।” मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। मूडीज ने कहा, “उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।” आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में कहा, “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।” आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है।

RIL, टाटा की LIC के 15 लाख करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो में एंट्री, ICICI Bank और आईटी स्टॉक बाहर

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में मार्च तिमाही के दौरान जहां भारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों द्वारा जबरदस्‍त बिकवाली देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कुछ शेयरों में जबरदस्‍त खरीदारी की है. LIC ने मार्च तिमाही के दौरान 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे, जिसे भारतीय बाजार को काफी सहारा मिला है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पोर्टफोलियो में फिलहाल कुल 351 शेयर शामिल हैं. मार्च तिमाही में एलआईसी ने 105 शेयरों में अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ाई, जिनमें 13 नए स्‍टॉक शामिल हैं. वहीं कंपनी ने 86 शेयरों में हिस्‍सेदारी घटाई और 15 कंपनियों से पूरी तरह से या 1 फीसदी से कम हिस्‍सेदारी के कारण उसे अपने लिस्‍ट से हटा दिया है. रिलायंस और हीरोमोटोकॉर्प में बड़ा निवेश भारतीय जीवन बीमा ने हीरो मोटोकॉर्प में सबसे ज्‍यादा निवेश किया है. बीमा कंपनी ने मार्च तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प में 4,968 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए अपनी हिस्‍सेदारी को 5.53 फीसदी से बढ़ाकर 11.84 फीसदी कर दी है. वहीं रिलायंस इंडस्‍ट्रीज में उसने मार्च तिमाही के दौरान 3675 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे कंपनी में उसकी हिस्‍सेदारी 6.52 फीसदी से बढ़कर 6.74 प्रतिशत पर पहुंच गई. इन शेयरों में भी एलआईसी का दांव रिलायंस के अलावा, एलआईसी ने लॉर्सन एंड टुब्रो (L&T) में 2,975 करोड़ रुपये, एशियन पेंट्स में 2,466 करोड़ रुपये, हिंदुस्‍तान यूनिलीवर में 2,361 करोड़ रुपये, मारुति सुजुकी में 1,493 करोड़ रुपये, SBI में 1652 करोड़ रुपये, पतंजलि फूड्स में 1,638 करोड़ रुपये, TATA Motors में 1578 करोड़ रुपये, बजाज ऑटो में 1983 करोड़ रुपये, HCL टेक में 1441 करोड़ रुपये और इंद्रप्रस्‍त गैस में 1333 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा, इसने भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, नेस्‍ले इंडिया, LTI माइंडट्री, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज और आईटीसी में अपनी हिस्‍सेदारी 1000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाई. मार्च तिमाही में कंपनी ने 13 नए शेयरों में भी निवेश किया. इसमें सबसे ज्‍यादा निवेश IRFC में किया गया, जिसमें बीमा कंपनी ने 1815 करोड़ रुपये में 1.05 प्रतिशत हिस्‍सेदारी खरीदी. इसके बाद जिंदल स्‍टेनलेस और KPIT Tech का स्‍थान है, जिनमें उसने करीब 640 करोड़ रुपये और 485 करोड़ रपये का निवेश किया. इन नए शेयरों में भी लगाया दांव बाकी नए शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, JTL इंडस्ट्रीज, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स, क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, एवलॉन टेक्नोलॉजीज, जय कॉर्प, बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग और प्रवेग शामिल हैं. आईटीसी लिमिटेड से अलग होने के बाद बीमा कंपनी को आईटीसी होटल्स के 3,325 करोड़ रुपये के एक्‍स्‍ट्रा शेयर खरीदे हैं. कितना है LIC का कुल पोर्टफोलियो मार्च तिमाही के अंत में LIC का कुल पोर्टफोलियो 15.18 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो पिछली तिमाही के 15.88 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है.  

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान से व्यापार खत्म, व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार खत्म होने के साथ सूखे मेवों के दामों में उछाल आया है। व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए हैं। इसके चलते अफगानिस्तान से पाकिस्तान होकर आने वाले सूखे मेवे (कागजी बादाम, मुनक्का, पिस्ता) के दाम बढ़ने लगे हैं। कारोबारी विवेक जैन और विपुल वाधवानी ने बताया कि दो दिनों में ही ड्राय फ्रूट्स के दामों में 50-100 रुपए तक तेजी देखने को मिली है। पाक से 3 मिलियन डॉलर का आयात पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक ने व्यापार पर कई बैन लगाए थे, लेकिन कुछ आवश्यक वस्तुओं का लेन-देन ज्यादातर तीसरे देशों जैसे दुबई या सिंगापुर के रास्ते होता रहा। साल 2023-24 में भारत ने पाकिस्तान से 3 मिलियन डॉलर का आयात किया था, जबकि 1.2 अरब डॉलर का निर्यात किया था। ड्रॉयफ्रूट्स के थोक दाम मेवा- पहले – अब गुड़बंदी बादाम – 1060 – 1080 अफगानी कागजी बादाम 1350 1400 मुनक्का 880 1000 बारीक पिशोरी पिस्ता 2650 2700 छुआरे 300 350 (नोट: सभी दाम रुपए प्रति किलो में) पुलवामा हमले के बाद फिर सेंधा नमक भी महंगा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से लाहौरी (सेंधा) नमक की आवक पाकिस्तान से होती है। फिलहाल ये आवक पूरी तरह बंद है। सेंधा नमक के थोक कारोबारी पारस जैन ने बताया, सेंधा नमक का स्टॉक है, लेकिन जल्द कोई हल नहीं निकला तो दाम 50 से बढ़कर 100 रुपए किलो हो सकते हैं। इससे पहले 2019 के पुलवामा हमले के बाद भी व्यापारिक संबंध बिगड़ने पर सेंधा नमक के दाम 90 रुपए किलो तक पहुंचे थे।

भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच शेयर मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया

नई दिल्ली युद्ध की ओर बढ़ रहे भारत-पाकिस्तान के साथ ही घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी भी लाल हो रहे हैं। सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया है। निफ्टी भी 70 अंक नीचे 24390 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी नेक्स्ट 50 में भी करीब 1 पर्सेंट की गिरावट है। बैंक निफ्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज भी लाल निशान पर हैं। मिड कैप और स्मॅल कैप स्टॉक्स भी नुकसान में हैं। सबसे अधिक गिरावट पीएसयू बैंक, मीडिया, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, कंज्युमर ड्यूराबेल्स इंडेक्स में है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट तेज हो गई है। सेंसेक्स 209 अंक या 0.26 % टूटकर 80,587.72 पर आ गया है। निफ्टी भी 74 अंकों के नुकसान के साथ 24386 पर आ गया है। एनएसई पर केवल 699 स्टॉक्स ही हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। जबकि, 1765 में गिरावट है। कुल 2538 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं, जिनमें 34 में लोअर सर्किट लगा है। हालांकि, 25 स्टॉक्स ऐसे भी हैं, जिनमें अपर सर्किट लगा है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट मजबूत शुरुआत के चंद मिनट बाद ही गिरावट की पटरी पर आ गया। सेंसेक्स 59 अंक नीचे 80736 पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, निफ्टी भी 13 अंकों के नुकसान के साथ 24447 पर आ गया है। सेंसेक्स के 20 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। इटर्नल सेंसेक्स टॉप लूजर है। टाइटन, टाटा मोटर्स, रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा 4 पर्सेंट की उछाल के साथ सेंसेक्स टॉप गेनर है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत आज भी मजबूत रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 80907 के स्तर पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 39 अंकों की बढ़त के साथ 24500 पर खुलने में कामयाब रहा। मिले-जुले वैश्विक बाजारों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के सतर्क नोट पर खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों ने सपाट कारोबार किया, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार रातोंरात गिरावट के साथ बंद हुआ, एसएंडपी 500 ने 20 वर्षों में अपनी सबसे लंबी तेजी का सिलसिला तोड़ दिया। निवेशकों की नजर बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की घोषणा पर होगी, जिसमें केंद्रीय बैंक को बड़े पैमाने पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है। एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, बाजार 2025 के लिए फेड द्वारा दरों में कटौती के लगभग 75 आधार अंकों में मूल्य निर्धारण कर रहे हैं, केंद्रीय बैंक की जुलाई की बैठक में कम से कम 25 आधार अंकों की पहली सहजता की संभावना है। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 294.85 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 80,796.84 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 114.45 अंक या 0.47 प्रतिशत बढ़कर 24,461.15 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए आज प्रमुख ग्लोबल संकेत एशियाई बाजारों में सपाट कारोबार हुआ, इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बाजार छुट्टियों के लिए बंद रहे। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने थोड़ा अधिक खुलने का संकेत दिया। जापानी और दक्षिण कोरियाई बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद हैं। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 24,583 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 30 अंकों का प्रीमियम है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए हल्की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। वॉल स्ट्रीट का हाल अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 98.60 अंक या 0.24 प्रतिशत टूटकर 41,218.83 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 36.29 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स 5,650.38 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 133.49 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 17,844.24 पर बंद हुआ। दिग्गज कंपनियों के शेयर नेटफ्लिक्स स्टॉक की कीमत 1.9 प्रतिशत गिर गई, Amazon.com शेयरों में 1.9 प्रतिशत और पैरामाउंट ग्लोबल शेयर की कीमत में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। बर्कशायर हैथवे के शेयर 5.1 प्रतिशत गिरे। जबकि, स्केचर्स शेयर की कीमत 24.3 प्रतिशत बढ़ी। एप्पल के शेयर की कीमत 3.15 प्रतिशत गिर गई, जबकि टेस्ला के शेयर की कीमत 2.42 प्रतिशत और फोर्ड के शेयरों में 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई। सोने के भाव ट्रंप की टैरिफ योजनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं से सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की कीमतें एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हाजिर सोने की कीमत 3,330.16 डॉलर पर सपाट कारोबार कर रही थी, जबकि अमेरिकी सोना वायदा 0.5 प्रतिशत बढ़कर 3,338.30 डॉलर हो गया।  

UPI पेमेंट का अंदाज16 जून से बदल जाएगा, 15 सेकंड में पूरा होगा लेनदेन, पहले कितना टाइम लगता था?

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। सिर्फ 15 सेकेंड में होगा पेमेंट इस बदलाव के बाद अब रिक्वेस्ट पे और रिस्पॉन्स पे सर्विस का रिस्पॉन्स टाइम 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, चेक ट्रांजेक्शन स्टेटस और ट्रांजेक्शन रिवर्सल के लिए 10 सेकंड और वैलिडेट एड्रेस के लिए 10 सेकंड किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्‍य पेमेंट प्रॉसेस में तेजी आए और यूपीआई के पोटेशियल में तेजी आए. ये बदलाव भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्‍टम के रूप में UPI की बढ़ती लोकप्रियता के कारण हैं. इस ग्रोथ को समायोजित करने और यूजर्स के अनुभव में सुधार करने के लिए, NPCI ने बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) से नए प्रतिक्रिया समय का पालन करने के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने को कहा है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन बदलाव का उद्देश्य लेनदेन की सफलता दरों से समझौता करना नहीं है. जब यूपीआई पेमेंट में आई थी रुकावट यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब यूपीआई को हाल ही में कई आउटेज का सामना करना पड़ा. 12 अप्रैल को एक बड़ी आउटेज आई, जिसमें कई ट्रांजेक्‍शन फेल हुए थे और यूजर्स को बड़ी समस्‍याओं का सामना करना पड़ा था. मार्च और अप्रैल में तीन बार 26 मार्च, 1 अप्रैल और 12 अप्रैल को भी रुकावट आई, जिससे लोगों को डिजिटल पेमेंट में काफी परेशानी हुई. क्‍यों आया था आउटेज? इन आउटेज को लेकर NPCI की जांच में यह सामने आया कि इन रुकावटों की बड़ी वजह चेक ट्रांजेक्शन API पर ज्यादा लोड थी. कुछ बैंकों के पुराने ट्रांजैक्शन के लिए बार-बार रिक्वेस्ट भेजे जा रहे थे, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और प्रोसेसिंग धीमी हुई. बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है।

देश के सरकारी बैंक में है खाता तो ध्यान दें! फिर हुई FD Interest रेट में कटौती, जानें अब कितना मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली  पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने फिर से अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर किया गया है। बैंक ने अप्रैल 2025 में भी ऐसा ही बदलाव किया था। इस बार, बैंक ने कुछ खास समय वाली एफडी पर ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स तक घटा दिया है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में बदलाव के बाद पंजाब नेशनल बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की एफडी पर 3.50% से 7.10% तक ब्याज दे रहा है। सबसे ज्यादा ब्याज दर 390 दिनों की एफडी पर मिल रही है। यह 7.10% है। किसके लिए कितनी दर? पीएनबी ने आम नागरिकों के लिए 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर ब्याज दरें कम की गई हैं। 180 से 270 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.25% से घटाकर 6% कर दी गई है। इसी तरह, 271 से 299 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.5% से घटाकर 6.25% कर दी गई है। 303 दिनों की FD पर ब्याज दर 6.4% से घटाकर 6.15% कर दी गई है। 304 दिनों से लेकर 1 साल से कम की FD पर ब्याज दर अब 6.5% की जगह 6.25% होगी। 1 साल की FD पर ब्याज दर 6.8% से घटाकर 6.7% कर दी गई है। सीनियर सिटिजंस के दर 60 साल से ऊपर और 80 साल से कम उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल तक की एफडी पर 50 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ब्याज मिलेगा। 5 साल से ज्यादा की एफडी पर उन्हें 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। यह नियम 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर लागू होगा। वरिष्ठ नागरिकों को अब 4.00% से 7.60% तक ब्याज मिलेगा। वहीं 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर नागरिकों को सभी तरह की एफडी पर 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। बदलाव के बाद, सुपर सीनियर नागरिकों को 4.30% से 7.90% तक ब्याज मिलेगा। इस बैंक ने भी किया बदलाव बंधन बैंक ने भी 3 करोड़ रुपये से कम की FD पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। अब यह बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की FD पर 3% से 7.75% तक ब्याज देगा। वरिष्ठ नागरिकों को 3.75% से 8.25% तक ब्याज मिलेगा। सबसे ज्यादा ब्याज दर, जो कि 7.75% और 8.25% है, 1 साल की एफडी पर मिल रही है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं।

दूध के दामों में बढ़ोत्तरी, अमूल-मदर डेयरी के बाद अब इस कंपनी ने भी बढ़ाए रेट; जानिए कितना हुआ महंगा?

मुंबई हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में इजाफा कर आम जनता को महंगाई का झटका दिया। दोनों कंपनियों ने दूध के दाम में 2 रुपए लीटर की बढ़ोतरी की थी। इन्हीं की राह पर चलते हुए अब एक और कंपनी ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। उत्तर प्रदेश की प्रमुख दुग्ध आपूर्ति संस्था लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) ने अपने दूध की कीमतों में इजाफा किया है। पराग ने आधा लीटर और एक लीटर पैकिंग वाले दूध की कीमतों में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें आज यानी शनिवार (3 मई) से ही लागू कर दी गई। लखनऊ दुग्ध संघ के महाप्रबंधक विकास बालियान ने बताया कि दूध के उत्पादन, संग्रहण और वितरण की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा. अब फुल क्रीम दूध का एक लीटर पैक 68 रुपये से बढ़ाकर 69 रुपये कर दिया गया है, जबकि आधा लीटर का पैक 34 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये में मिल रहा है. सभी तरह का दूध हुआ महंगा इसी तरह टोंड मिल्क की एक लीटर की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये और आधा लीटर 28 से 29 रुपये कर दी गई है. स्टैंडर्ड दूध की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं.आधा लीटर स्टैंडर्ड दूध अब 31 की बजाय 32 रुपये में मिलेगा. वहीं 5 लीटर वाले पैक की कीमत 280 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दी गई है. इससे पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी अपने दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी, जिसका असर अब उत्तर भारत के राज्यों में दिखाई दे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में दूध से बने अन्य उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है. यह आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है.

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