LATEST NEWS

ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

बिलासपुर उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,सत्यनारायण गुप्ता,शिव प्रकाश द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे

होम-स्टे, रिसोर्ट, पाथवे, लैंडस्केपिंग सहित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का होगा विकास

रायपुर. ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।     मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।  साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।     यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

धान खरीदी तिथि दो दिन और बढ़ाई, 550 किसानों को फिर मिला धान बेचने का मौका

बिलासपुर. सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद जिले के 550 किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे थे, जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका था, लेकिन धान खरीदी का नंबर ही नहीं लग सका। जिले में बढ़ाई गई दो तिथियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी और होने का अनुमान है। सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का मलाल अब जिले के 550 किसानों को नहीं रहेगा। सरकार के द्वारा धान विक्रय के लिए दी जाने वाली दो अतिरिक्त तिथियों 6 एवं 7 फरवरी को वे अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। धान खरीदी के लिए तय अंतिम तीन दिनों 27, 28 एवं 29 जनवरी के लिए जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के 414 किसानों ने न केवल टोकन प्राप्त कर लिया था, बल्कि उनके भौतिक सत्यापन भी किए जा चुके थे, लेकिन इनके द्वारा धान नहीं बेचा जा सका। इसी तरह करीब 136 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने व्धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का रिक्वेस्ट डाला था। कुल मिलाकर धान बेचने से रह गए जिले के 550 किसानों से ही अब अगली दो तिथियों में धान खरीदा जाना है। इन किसानों से अनुमानित तौर पर 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने की बात कही जा रही है। निर्धारित अवधि तक ही चली धान की खरीदी : धान खरीदी को लेकर दो दिन की बढ़ोतरी की बात भले ही कही जा रही है, लेकिन किसानों के अनुसार समयसीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। किसानों द्वारा यह बात कही जा रही है कि धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए तय की गई तिथि दिनांक 15 नवंबर को शनिवार था, जिससे उस दिन खरीदी नहीं की गई थी। इसी तरह धान खरीदी के लिए तय अंतिम तिथि 31 जनवरी को भी शनिवार का अवकाश था। प्रारंभ और अंत के जिन दो दिनों में अवकाश के कारण खरीदी नहीं हो सकी थी, वही दो दिन अब और किसानों को धान विक्रय के लिए दिए गए हैं, जिसमें तिथि में बढ़ोतरी जैसी कोई बात ही नहीं है।

2155.97 लाख रुपए किए मंजूर, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयास से बनेंगी सड़कें

रायपुर. आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास अब घोषणा नहीं, जमीनी सच्चाई बनता जा रहा है। क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सड़क विकास की बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सतत पहल और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिला रायपुर के गोढ़ी–तोड़गांव–बड़गांव मार्ग के 9.00 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए ₹2155.97 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना में सड़क निर्माण के साथ-साथ पुल–पुलिया का निर्माण भी शामिल है, जिससे क्षेत्रीय यातायात को स्थायी समाधान मिलेगा। इस सड़क के उन्नयन से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। किसानों को मंडियों तक पहुंच, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुविधा और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह योजना आरंग विधानसभा के आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी साबित होगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विकास को प्राथमिकता नहीं, प्रतिबद्धता मानकर कार्य कर रही है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार मिल रही स्वीकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास को काग़ज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए जन प्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी आरंग विधानसभा को अधोसंरचना, सड़क, सिंचाई एवं जनसुविधाओं से जुड़ी अनेक नई सौगातें मिलती रहेंगी।

तार्किक विसंगति वाले 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन, मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण जारी

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

17 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांचक अनुभव, भोरमदेव में शुरू होगी जंगल सफारी

रायपुर. कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी। वन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पहल से न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

पुलिस विभाग में प्रशासनिक बदलाव, 2 अधिकारी और 14 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानिए नई पोस्टिंग

कोरबा  जिले में कानून‑व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत 2 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 2 हेड कांस्टेबल और 3 कांस्टेबल का तबादला किया गया है। दर्री, पाली और करतला थानों को मिले नए प्रभारी तबादला आदेश के अनुसार दर्री थाना प्रभारी की जिम्मेदारी आशीष सिंह को सौंपी गई है। वहीं नागेश तिवारी को पाली थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को कर्तला थाना प्रभारी बनाया गया है। पसान थाना प्रभारी बदले, रक्षित केंद्र भेजे गए पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र भेजा गया है। उनके स्थान पर जटगा चौकी से एक एएसआई को पसान थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। लेमरू और सिविल लाइन थाना में भी बदलाव सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं उप निरीक्षक पुरुषोत्तम उईके को पाली से स्थानांतरित कर सिविल लाइन थाना भेजा गया है। एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर पर तबादले एएसआई कुंवर साय पैकरा को लेमरू से जटगा चौकी एएसआई लक्ष्मी प्रसाद कुर्रे को रक्षित केंद्र से पाली थाना हेड कांस्टेबल दीपक खांडेकर को पाली से बालको हेड कांस्टेबल नरेंद्र लहरे को बालको से पाली कांस्टेबल शैलेंद्र तंवर को पाली से कटघोरा कांस्टेबल अश्विनी ओगरे को कटघोरा से पाली कांस्टेबल दिलहरण कंवर को दर्री से ओएम शाखा भेजा गया शहरी थाना प्रभारियों में कोई बदलाव नहीं कोतवाली थाना प्रभारी एमबी पटेल, सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव, सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल और मानिकपुर चौकी प्रभारी अपने पदों पर बने रहेंगे। अन्य थाना प्रभारी भी यथावत डालवा उरगा, हरदीबाजार, दीपका, कुसमुंडा, बालको, बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना प्रभारियों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। एसपी के सख्त निर्देश: अवैध कारोबार पर होगी कड़ी कार्रवाई एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में पेट्रोलियम, डीजल, कोयला, कबाड़, महुआ शराब सहित सभी अवैध गतिविधियों पर लगातार और सख्त कार्रवाई की जाए। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं।

नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर, बीजापुर में सुरक्षा बलों और से मुठभेड़ जारी

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पेद्दागेलूर के जंगल क्षेत्र में चल रही इस मुठभेड़ में नक्सली कमांडर उधम सिंह के मारे जाने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवानों के साथ नक्सलियों की लगातार फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक शव बरामद किया गया है। मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक नक्सली का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान नक्सली कमांडर उधम सिंह के रूप में हुई है। बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी. एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सघन तलाशी अभियान चल रहा है। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य नक्सली मौजूद न हो। एसपी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

5000 शिक्षक पदों की भर्ती को मिली मंजूरी, छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

रायपुर  छत्तीसगढ़ में टीचर भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां लंबे समय से स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है। राज्य के स्कूलों में जल्द ही 5,000 टीचिंग पदों पर भर्ती होगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से डायरेक्टरेट ऑफ़ पब्लिक इंस्ट्रक्शन को एक आदेश जारी कर दिया गया है। यदि पिछली भर्ती आदेश की बात करें तो छत्तीसगढ़ सरकार ने 28 अक्टूबर, 2025 को 4,708 शिक्षक भर्ती की अनुमति दी थी। अब, फरवरी के पहले हफ्ते ही राज्य सरकार के नया आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक 292 सहायक पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी गई है। इन पदों के साथ, कुल 5,000 टीचिंग पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में लोकशिक्षण संचालनालय के संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। शिक्षा विभाग के इस फैसले से फैसले से न सिर्फ पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य के स्कूलों में टीचर की कमी भी पूरी होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

शारदा घाट अखड़ार के पास हुआ सड़क हादसा

बिलासपुर उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शारदा घाट अखड़ार के पास सड़क हादसा हो गया है। रिश्तेदारों के घर से लौट रहा परिवार ऑटो में सवार था।तभी पीछे से आकर एक अज्ञात ऑटो ने टक्कर मार दी। जिससे अनियंत्रित होकर के ऑटो पलट गया।हादसे में करौंदी निवासी यशोदा बाई 64 वर्षीय,रश्मि 16 वर्षीय,रजनी 35 वर्षीय,मायाराम 37 वर्षीय,पुष्पा 19 वर्षीय घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस मौके पर पहुंची और 108 भी मौके पर पहुंच कर सभी घायलों को चंदिया अस्पताल ले जाया गया है। जहां उनका इलाज जारी है।

असम से जंगली भैंसा लाकर मध्यप्रदेश के वनों में बसाने पर हुई गहन च

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्य जीव संरक्षण की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठा रही है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बसाहट के बाद अब असम का जंगली भैंसा भी मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वछंद विचरण करता दिखाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम से जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री  यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण और जैव-विविधता संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग के लिये आभार माना केंद्रीय मंत्री  यादव ने प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय खाद्य मंत्री  प्रह्लाद जोशी से की मुलाकात किसान कल्याण वर्ष और गेहूँ उपार्जन भंडारण की दी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। इस वर्ष में हमारी सरकार किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य दिलाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन एवं भंडारण की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को नई दिल्‍ली में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  प्रह्लाद जोशी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  जोशी से मध्यप्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष और गेहूं उपार्जन एवं भंडारण व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन सरलता से पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के साथ होता है। केंद्रीय मंत्री  जोशी ने मध्यप्रदेश को गेहूं उपार्जन में हरसंभव आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।  

यात्रियों की सुविधा में नया आयाम : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रयास से अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने यात्रियों की सुविधा संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप गाड़ी संख्या 18242 (अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस) अब रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 से प्रस्थान करेगी। यह व्यवस्था दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन के सहयोग से लागू कर दी गई है। राजधानी रायपुर की आम जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के कार्यालय ने मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर को पत्र लिखकर इस सुविधा की मांग की थी। पत्र में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की गई थी। मंडल रेल प्रबंधक द्वारा इस पत्र का शीघ्र संज्ञान लेते हुए गाड़ी को प्लेटफॉर्म-01 पर लेने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस जनहितैषी निर्णय से अंबिकापुर, दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आने वाले हजारों यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित होगी।  मंडल रेल प्रबंधक एवं संबंधित रेल अधिकारियों के सहयोग के लिए पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समस्त यात्रियों को इस सुविधा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

वनधन विकास केंद्र केड़ना की प्रेरक पहल

रायपुर. वनधन विकास केंद्र केड़ना की प्रेरक पहल ग्रामीण अंचलों में आजीविका के सीमित साधनों के बीच जब स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है, तब सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है धर्मजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की, जहाँ सबई घास से रस्सी निर्माण ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाया है। वन विभाग की अधिकारियों ने आज यहाँ बताया कि सबई घास रायगढ़ जिले के वन क्षेत्रोंकृजमझोर, केड़ना, सोलमुड़ा, सोरझुड़ा, अन्नोला एवं पेलमाकृमें प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। पारंपरिक रूप से ग्रामीण महिलाएं इससे हाथ से रस्सी बनाकर घरेलू उपयोग या स्थानीय बाजारों में सीमित स्तर पर बिक्री करती थीं। हालांकि, बाजार तक सीधी पहुंच और उचित मूल्य न मिलने के कारण यह कार्य बड़े पैमाने पर आय का साधन नहीं बन पा रहा था। इसी कड़ी में राज्य सरकार की वनधन योजना के अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की स्थापना कर महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित किया गया। उन्हें सबई घास से रस्सी निर्माण के लिए हाथों एवं विद्युत चालित मशीनें उपलब्ध कराई गईं। स्तर ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे महिलाओं की उत्पादन क्षमता बढ़ी और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। दरअसल सबई घास से निर्मित रस्सी का उपयोग बांस के बंडलों को बांधने में किया जाता है, जिसकी मांग वन विभाग एवं पेपर उद्योग में लगातार बनी रहती है। वन विभाग द्वारा सबई रस्सी को 45 रुपये प्रति किलो की दर से क्रय किया जाता है, जिससे महिलाओं को मजदूरी के रूप में नियमित आय प्राप्त हो रही है। वहीं तैयार रस्सी को विभिन्न वनमंडलों में 75 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय कर वनधन केंद्र को भी लाभ मिल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में वनधन केंद्र केड़ना से जुड़ी महिलाओं ने 30 से 40 क्विंटल रस्सी का निर्माण कर 1.5 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित की। वर्ष 2025-26 में 150 क्विंटल रस्सी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 7 से 8 लाख रुपये की आय ग्रामीण महिलाओं को होने की संभावना है। मार्च 2026 तक कुल 11.25 लाख रुपये मूल्य की रस्सी निर्माण कर 7.50 लाख रुपये मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को प्राप्त होने का अनुमान है। यह परियोजना पूरी तरह ईको-फ्रेंडली है। सबई घास का विनाश रहित दोहन किया जाता है, जिससे वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बना रहता है। भविष्य में भू-क्षरण प्रभावित क्षेत्रों में सबई घास रोपण की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। वनधन विकास केंद्र केड़ना की यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक और संगठित उपयोग किया जाए, तो ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। सबई घास से रस्सी निर्माण ने न केवल रोजगार सृजन किया है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की नई उम्मीद भी जगाई है।

इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों के पंजीयन ने रचा नया इतिहास

रायपुर. आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026 बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है।  जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का  प्रदर्शन करेंगें। इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन  इस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है।  बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयार  बस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।   65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा। संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शन   इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।

यह योजना हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच का प्रतीक – राजेश अग्रवाल

रायपुर. 850 श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भारत गौरव स्पेशल ट्रेन से अयोध्या रवाना भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम की यात्रा को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 850 भक्तों से भरी स्पेशल ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को वाराणसी में काशी विश्वनाथ जी के दर्शन का विशेष लाभ भी प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल ने छत्तीसगढ़ वासियों की धार्मिक आस्थाओं को नई ऊंचाई प्रदान की है। श्रद्धालुओं को प्रेषित संदेश में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी के सहयोग से हम यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यह हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच का प्रतीक है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्तिमय वातावरण छाया रहा। ‘जय  राम‘ के उद्घोषों से स्टेशन गूंज रहा था। श्रद्धालुओं भजन-कीर्तन गा रहे थे। स्टेशन परिसर को फूलों, रंगोली और भगवा ध्वजों से सजाया गया था। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत चाय, नाश्ता और स्मृतिचिन्ह प्रदान कर किया। जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, मुंगेली जिला पंचायत अध्यक्ष  कांत पांडे, सभापति मती अंबालिका साहू सहित जिला प्रशासन के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे। ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं ने बताया कि वे बेहद अच्छा अनुभव कर रहे हैं। मुंगेली की रहने वाली सुनीता बाई ने कहा कि पहली बार अयोध्या जाने का सौभाग्य मिला। राज्य सरकार की इस योजना ने सब कुछ आसान कर दिया। ट्रेन में स्वादिष्ट भोजन और राज्य सरकार की सभी तरह की व्यवस्थाएं देखकर मन प्रसन्न हो गया। काशी विश्वनाथ दर्शन का अवसर मिलना तो जैसे स्वप्न साकार हो गया है। बिलासपुर के रामेश्वर साहू ने बताया कि रेलवे स्टेशन का माहौल देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे यह यात्रा जीवन भर याद रहेगी। यह योजना राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा टिकट, शाकाहारी भोजन, चिकित्सा सुविधा प्रदान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यात्रा का समग्र प्रबंधन कर रहा है, जबकि आईआरसीटीसी टिकटिंग, भोजन और दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। राज्य सरकार की यह पहल धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को मजबूत करने वाली साबित हो रही है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet