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सीएम साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न आसनों का किया अभ्यास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर परिसर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ योगासन कर चिंतन शिविर 2.0 के दूसरे दिन की शुरुआत की। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत करता है और हमें प्रकृति के अधिक समीप लाता है। यह योगाभ्यास न केवल एक प्रेरणादायक पहल थी, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का भी सशक्त संदेश था। मुख्यमंत्री साय के साथ इस योग सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. रामकुमार काकानी भी शामिल हुए।

शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे को सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे के शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अत्यंत ही दुखद है. उन्होंने एएसपी आकाश की शहादत को नमन किया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कायराना हमले में कुछ अन्य अधिकारी एवं जवानों के भी घायल होने की सूचना मिली है. उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है. इसी से बौखलाकर नक्सली इस तरह की कायराना करतूतों को अंजाम दे रहे हैं. नक्सलियों को इसका परिणाम भुगतना होगा. वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ से इनका अस्तित्व ही समाप्त कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री साय ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है.

आईआईएम रायपुर परिसर में सीएम साय ने किया सुशासन वाटिका का शुभारंभ

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 2.0 के पहले दिन की शाम आईआईएम परिसर में सुशासन वाटिका का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ सुशासन वाटिका में मौलश्री के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के साथ सुशासन वाटिका में उपमुख्यमंत्री अरुण साव व  विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप, वित्त ओपी चौधरी, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री राम विचार नेताम , खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार कांकाणी ने भी मौलश्री का पौधा लगाया। मौलश्री वृक्ष की विशेषताएँ मौलश्री एक सुगंधित फूलों वाला वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह एक सदाबहार वृक्ष है जो सामान्यतः 10-15 मीटर तक ऊँचा होता है। इस के फूल छोटे, सफेद या हल्के पीले रंग के, अत्यंत सुगंधित होते हैं। रात के समय इनकी महक और भी तेज होती है। मौलश्री वृक्ष के औषधीय गुण भी होते हैं और इसका उपयोग कई तरह की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे मंदिरों के आसपास और घरों के आंगन में लगाया जाता रहा है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुआ IED धमाका, ASP आकाश राव की मौत

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों ने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) ब्लास्ट किया है। हादसे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरपुन्जे शहीद हो गए। वहीं एसडीओपी और टीआई घायल हैं। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि कोंटा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा के पास प्रेशर IED ब्लास्ट हुआ है। यह सभी अफसर डोंड्रा के पास जेसीबी जलाने की घटना को देखने के लिए गए थे। इस दौरान माओवादी मनसूबों का शिकार हो गए। घटना में गंभीर रूप से घायल एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाल को उच्च स्तरीय इलाज के लिए रायपुर रेफर किए गए हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से रवाना किया गया। घटना स्थल पर पुलिस के सैकड़ों जवान मौजूद हैं। दो सीआरपीएफ कैम्प के बीच यह घटना घटित हुई है। इधर एडिशनल एसपी आकाश राव गिरपुंजे के शहीद होने की खबर के बाद उनके निवास पर परिजनों का तांता लग गया है। बड़ी संख्या में लोग उनके निवास स्थान पहुंचे। घटना की सूचना मिलने के बाद रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी परिजनों से मिलने उनके निवास पहुंचे हैं। बता दें कि सुकमा में नक्सलियों ने ठेकेदार के पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर दिया था। एएसपी आकाश राव गिरपुंजे, SDOP और TI और अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना करने गए थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए प्रेशर आईईडी का शिकार हो गए। ब्लास्ट में ASP आकाश राव शहीद हो गए और एसडीओपी और टीआई घायल हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुकमा में इलाज के बाद घायलों को बेहतर इलाज रायपुर रवाना किया गया है। 

सुरक्षाबल के जवानों से मुलाकात करने इसी माह छत्तीसगढ़ आ सकते है केंद्रीय गृह मंत्री शाह

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जून माह के अंतिम दिनों में छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे. अपने प्रवास के दौरान अमित शाह नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात करेंगे. नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा होने जा रही है. नक्सल मोर्चे पर मिली कामयाबी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों का दिल्ली में सम्मान किया था. अब छत्तीसगढ़ में आकर सुरक्षाबल के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाएंगे.

जबलपुर से रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी, इंटरसिटी में होंगे 15 कोच

रायपुर रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! जबलपुर स्थित मदन महल स्टेशन से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी। रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि यह नई इंटरसिटी ट्रेन मदन महल से सुबह 6:10 बजे रवाना होगी और बालाघाट व गोंदिया होते हुए दोपहर 1:50 बजे रायपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रायपुर से दोपहर 2:45 बजे चलकर रात 10:30 बजे मदन महल पहुंचेगी। इस इंटरसिटी एक्सप्रेस से मदन महल और रायपुर के बीच का सफर महज 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी।   इंटरसिटी में होंगे 15 कोच नई मदन महल-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए एक वातानुकूलित कुर्सी यान, 4 आरक्षित द्वितीय श्रेणी यान, 8 द्वितीय साधारण जनरल कोच, 1 एसएलआर, और 1 जनरेटर कोच सहित कुल 15 एलएचबी कोच होंगे। फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है।

हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के घर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजो जांच रही नगर निगम

रायपुर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के घर बीते दिनों पुलिस की रेड के बाद अब नगर निगम ने भी उनपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को टीम ने करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तोमर और उनके भाई रोहित सिंह तोमर के राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित साई विला में दबिश दी। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर तोमर बंधुओं के आलीशान मकान का नाप-जोख किया और मकान के निर्माण व नक्शे की जांच प्रक्रिया शुरू की। दोनों आरोपी भाई करीब 7 दिनों से फरार हैं। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान रायपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और परिजनों से निर्माण से संबंधित जानकारी भी मांगी। जोन 8 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने पुष्टि की कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम की टीम वीरेंद्र तोमर के घर पहुंची थी। परिजनों से मकान संबंधी स्वीकृति व निर्माण लागत से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद मकान की कानूनी स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने 37 लाख से ज्यादा नकद समेत जेवरात और गाड़ियां की थी जब्त हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के घर से पुलिस ने 37 लाख से ज्यादा नकद, 734 ग्राम सोने के जेवरात, 125 ग्राम चांदी, 4 गाड़ियां, आईपैड, लैपटॉप, चेक, एटीएम कार्ड, डीवीआर, ई-स्टाम्प जब्त किया था। इसके अलावा पैसों के लेन-देन के हिसाब का रजिस्टर, जमीनों के दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन, 5 तलवारें, 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल, जिंदा राउंड और आवाज़ी कारतूस भी बरामद किए गए थे। पुलिस ने सामान जब्त करने के साथ ही वीरेंद्र और रोहित के भतीजे दिव्यांश प्रताप तोमर को भी रिमांड में लिया था। पुलिस फरार तोमर बंधुओं की तलाश में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन लोग सहायता पहुंचा रहे हैं।

पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाले उत्तर प्रदेश के 2 युवकों को किया गिरफ्तार

मुंगेली जिला पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो छत्तीसगढ़ के SRE (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) जिलों के लिए बाहरी राज्यों के युवकों को अतिरिक्त अंक दिलाने के लिए फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनाता था। यह गिरोह विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के युवाओं को निशाना बना रहा था। पुलिस की जांच के अनुसार, गिरोह ने उत्तर प्रदेश के एक युवक को भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) में नौकरी दिलाने के लिए मुंगेली जिले के ग्राम कंतेली का जाली प्रमाण पत्र तैयार किया था। कैसे हुआ खुलासा? 6 जून को पुलिस कार्यालय मुंगेली में चरित्र सत्यापन के लिए आए दो युवक, योगेंद्र कुमार (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) और प्रशांत राजपूत (आगरा, उत्तर प्रदेश), की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस विशाल नामक युवक का सत्यापन कराया जाना था, वह वास्तव में उस गांव का निवासी नहीं था। बिलासपुर के होटल से किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की और आरोपियों को बिलासपुर के होटल अंबे पैलेस से दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज़, कोरे नोटरी प्रमाण पत्र, सील और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने फतेहाबाद (उत्तर प्रदेश) के विशाल नामक युवक से पैसे लेकर BSF में नौकरी दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए थे। मुंगेली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 103/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को पहले भी ऐसी सूचनाएं मिल चुकी थीं कि अन्य राज्यों से आकर अभ्यर्थी SRE जिलों से लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ के निवासी बन रहे हैं। इस कार्रवाई से इस प्रकार के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है।

‘चिंतन शिविर 2.0’ को मुख्यमंत्री साय ने बताया नीति-निर्माण का सशक्त मंच

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘चिंतन शिविर 2.0’ जैसे प्रशिक्षण सत्र शासन को नया दृष्टिकोण और नीतिनिर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मंत्रीगणों को सुशासन और परिवर्तनकारी नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुर सीखने का अवसर मिलता है. आईआईएम रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के सभी मंत्रीगण शामिल हुए. इस सत्र में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’, ‘दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति’, ‘सुशासन’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’ विषय पर अपने व्याख्यान में भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से निष्काम कर्म और नैतिक प्रशासन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कार्य केवल फल की आशा से नहीं, बल्कि उसके सही होने के कारण किया जाना चाहिए. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा, “भारत की एकता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है. राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से संभव है.” उन्होंने अंत्योदय के महत्व पर बल देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को सुशासन की प्राथमिकता बताया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर जैसे आयोजन शासन को नई दिशा और ऊर्जा देते हैं. उन्होंने दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक और नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुशासन और अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक राम काकाणी और सभी मंत्रीगण उपस्थित थे.

‘सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह’ का मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया निरीक्षण

रायपुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बिलासपुर में स्थित गैर शासकीय संस्था सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह (विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिशु गृह में निवासरत बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और संस्था द्वारा प्रदान की जा रही देखभाल सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री राजवाड़े ने बच्चों के साथ समय बिताया और कहा, इन मासूम चेहरों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। ये बच्चे हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं, और उनके सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्था द्वारा बच्चों के संरक्षण, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण योग्य बच्चों के लिए कार्यरत ऐसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की आधारशिला हैं। सेवा भारतीय मातृ छाया शिशु गृह, एक मान्यता प्राप्त विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी है, जो परित्यक्त, अनाथ और असहाय बच्चों को आश्रय, देखभाल और सुरक्षित गोदन प्रक्रिया के माध्यम से नया परिवार प्रदान करती है। संस्था में बच्चों की उम्र के अनुसार पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी संस्थाओं को समय-समय पर तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाए ताकि बच्चों को बेहतर जीवनशैली मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी, संवेदनशील और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई के सदस्य एवं संस्था की संचालिका सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। सभी ने मंत्री को संस्था की कार्यप्रणाली एवं वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री साय व मंत्रिमंडल के सदस्यों का दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 शुरू

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों का दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 आज आईआईएम रायपुर में प्रारंभ हो गया है। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर (आईआईएम) के सहयोग से दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के शुभारंभ के पश्चात आज  ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’, संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण तथा सक्षमता से सततता तक: विकास के लिए सार्वजनिक वित्त पर पुनर्विचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र का आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय शिविर के दौरान भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, प्रो. हिमांशु राय (डायरेक्टर आईआईएम इंदौर), डॉ. रविंद्र ढोलकिया (आईआईएम अहमदाबाद), संजीव सान्याल (प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद सदस्य), पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उदय माहुरकर, ग्लोबल डिजिटल स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता जैसे ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे।

सीएम साय ने प्रदेश में गौशाला का नाम ‘गौधाम’ करने की घोषणा की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अभनपुर विकासखंड के सोनपैरी गांव में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को कबीर जयंती की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुकुल भवन के लिए 20 लाख रुपये, प्रदेश में गौशाला का नाम ‘गौधाम’ करने तथा सोनपैरी स्कूल में बाउंड्री वाल निर्माण की घोषणाएँ कीं। साथ ही सामुदायिक भवन निर्माण, भुताही पारा से आश्रम तक नाली निर्माण एवं सोनपैरी से खिलोरा मुख्य मार्ग से आश्रम तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है, जहाँ कबीर साहेब जी की वाणी का गहरा प्रभाव रहा है। संत कबीर हमेशा जीव दया का उपदेश देते थे। प्रदेश के संस्कारों के निर्माण में न केवल कबीरपंथ के अनुयायियों का योगदान है, बल्कि उन लोगों का भी, जिनके जीवन में कबीर साहेब जी की निर्मल वाणी ने गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने अपना पूरा जीवन जनजागरण को समर्पित किया। उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को लगातार सही राह दिखाई। कबीर जी अपने दोहों में जनजागरण की बात करते थे और यह मानते थे कि जीवन अत्यंत अमूल्य है तथा इसका सार्थक उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में संत कबीर के मानवतावादी विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया और गौसेवा व सामाजिक एकता पर बल दिया। उन्होंने गौ ग्राम जनजागरण रैली में शामिल गौशालाओं के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह एक अत्यंत सार्थक प्रयास है। श्री साय ने कहा कि गौ-अभयारण्य की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में चावल उत्पादन, स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम और बिजली तथा कोयला आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कैबिनेट मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि कबीर, तुलसीदास जैसे संतों ने समाज को नई दिशा दिखाई। हम आर्थिक रूप से चाहे जितनी भी प्रगति कर लें, लेकिन समाज को दिशा और मूल्य संत परंपरा ही दे सकती है। श्री चौधरी ने कहा कि कबीर के विचारों ने समाज को नई दिशा दी और आज के भौतिकवादी युग में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं। कबीरपंथी जगतगुरु श्री असंग देव जी ने कबीर साहेब की वाणियों के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, गोसेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, अभनपुर विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, विधायक श्री किरण देव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सीबीएसई छात्र राज्य खेलों में नहीं लेंगे भाग, सत्र 2025-26 से यह नियम लागू होगा: SGFI का बड़ा फैसला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के सीबीएसई स्कूलों के छात्र खिलाड़ियों को एक बड़ा झटका लगा है। अब वे राज्य सरकार द्वारा आयोजित विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर की शालेय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने सीबीएसई को एक स्वतंत्र खेल इकाई के रूप में मान्यता दी है। इसके चलते यह फैसला लिया गया है।   सीबीएसई छात्र राज्य खेलों में नहीं लेंगे भाग सत्र 2025-26 से यह नियम लागू होगा। इसका मतलब यह है कि अब सीबीएसई स्कूलों के खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। वे सीधे SGFI द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ही भाग ले सकेंगे। लेकिन यह मंच बेहद सीमित अवसर देता है, जिससे कई खिलाड़ियों के भविष्य पर असर पड़ेगा। बिलासपुर के कई होनहार खिलाड़ी, जो पिछले वर्षों में जिला और संभाग स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, अब इस बदलाव से प्रभावित होंगे। वे अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए केवल SGFI की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर निर्भर रहेंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का फैसला दरअसल, 2024-25 में SGFI ने सीबीएसई को अपनी 68वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वतंत्र इकाई के रूप में शामिल किया था। उस समय सीबीएसई का खुद का खेल ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं था, इसलिए राज्य सरकार ने छात्रों के हित में उन्हें अस्थायी छूट दी थी। लेकिन अब सीबीएसई ने अपना स्वतंत्र खेल ढांचा तैयार कर लिया है और उसी के आधार पर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सीबीएसई छात्रों को राज्य स्तरीय खेलों से बाहर कर दिया है।   छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ले सकेंगे भाग SGFI की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साफ तौर पर लिखा है कि सीबीएसई बोर्ड के छात्रों ने 2024-25 की प्रतियोगिता में स्वतंत्र रूप से भाग लिया और मेडल भी जीते। इसका मतलब है कि सीबीएसई अब SGFI की निगरानी में अपनी प्रतियोगिताएं आयोजित करने में सक्षम है। अब सीबीएसई बोर्ड के छात्र राज्य स्तरीय स्कूल खेलों में भाग नहीं ले पाएंगे। SGFI ने उन्हें स्वतंत्र इकाई माना है, जिससे अब वे सिर्फ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ही खेल सकेंगे। यह फैसला कई होनहार खिलाड़ियों को प्रभावित कर सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार बोधघाट बांध और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर कर रही काम, होगा चहुंमुखी विकास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण के संबंध में विस्तार से चर्चा की है. दोनों परियोजनाओं से बस्तर की तस्वीर बदल जाएगी. क्षेत्र चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, इसी वजह से संभाग सिंचाई साधनों के विकास में पिछड़ गया है, संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक परियोजना साबित होगी. यह परियोजना, लंबे समय से इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है. इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है. गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है. इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका. बस्तर के विकास की रफ्तार होगी डबल बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी. इस परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा. वहीं इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. क्या है बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना? बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है. राज्य में इन्द्रावती नदी कुल 264 किमी में प्रवाहित होती है. यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किमी एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 किमी दूरी पर प्रस्तावित है. परियोजना की विशेषताएं दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49000 करोड़ रुपए है. जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रूपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है. जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं. इस परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है. इन जिलों का होगा लाभ बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा. जबकि, इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा. बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

यातायात नियमों को तोड़ना 12 अधिकारी-कर्मचारियों का पड़ा भरी, कटा चालान

जशपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के क्षेत्र जशपुर में यातायात नियमों को तोड़ना अब पुलिस वालों को भी भारी पड़ रहा है. नियमों की अनदेखी करने पर जशपुर पुलिस ने12 पुलिस-अधिकारी कर्मचारियों का चालान काटा है. इस कार्रवाई के जरिये प्रशासन संदेश स्पष्ट हो गया है कि अब यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को बक्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वो खुद भी पुलिस विभाग के अधिकारी ही क्यो न हो. बता दें, पुलिस विभाग के 12 अधिकारी कर्मचारियों ने हेलमेट नहीं लगाई थी. इसके चलते जिले की पुलिस ने इनका चालान काटा है. इसी तरह से यातायात नियमों का पालन नहीं करने पर कुल 45 प्रकरणों में रू. 19,600 /- समन शुल्क वसूल किया गया है. जशपुर SSP ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी यातायात नियमों का पालन करें. आपका जीवन आपके व आपके परिवार के लिए बहुत कीमती है. इसलिए लापरवाही न करें.

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