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सिवनी में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार एंबुलेंस ने दो बाइकों को मरी भयंकर टक्कर, तीन की मौत, दो घायल

सिवनी छिंदवाड़ा-सिवनी राष्ट्रीय राजमार्ग 347 में शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे भीषण सड़क दुघर्टना में तीन लोगों की मौत हो गई। सिवनी शहर से महज दो किलोमीटर दूर बम्होड़ी गांव की पुलिया के पास हुई। यहां तेज रफ्तार एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सामने से आ रही दो बाइक से टकरा गई। भयानक हादसे में घटनास्थल पर ही दो व्यक्तियों की मौत हो गई। तीन घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, यहां घायल एक अन्य व्यक्ति ने दमतोड़ दिया। जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जिला अस्तपाल में चल रहा है। दोनों बाइक वाहन लखनवाड़ा से सिवनी की ओर आ रहे थे। बकि केवलारी का एंबुलेंस वाहन सिवनी से छिंदवाड़ा जा रहा था। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने नईदुनिया को बताया कि स्वजनों से मृतकों की शिनाख्त कराई जा रही है। दो बाइक में कितने लोग सवार थे, इसकी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है। वहीं एंबुलेंस सवार एक व्यक्ति की मौत होने की बात सामने आई है। मृतकों की पहचान गजेंन्द्र पुत्र शिवदयाल निवासी जमुनिया थाना लखनवाड़ा तथा निहाल पुत्र दीनदयाल यादव निवासी सरेखा केवलारी के रूप में हुई है। तीसरे मृतक व घायलों के बारे जानकारी ली जा रही है।

थिएटर ने मुझे सब कुछ सिखाया, यह मेरा पहला शिक्षक : पंकज त्रिपाठी

मुंबई,  मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी को अरुणाचल रंग महोत्सव 2024 के लिए फेस्टिवल एंबेसडर नियुक्त किया गया है। इससे वह बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि थिएटर उनके दिल में बसता है और यह उनका पहला शिक्षक है। पूर्वोत्तर भारत में अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव का आगाज 22 नवंबर से होगा और ये 5 दिसंबर तक चलेगा। जिसमें अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक प्रतिभा का जश्न मनाया जाएगा। इस महोत्सव में पंकज त्रिपाठी अपनी पत्नी मृदुला के साथ शामिल होंगे। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि अरुणाचल रंग महोत्सव 2024 के फेस्टिवल एंबेसडर के रूप में इससे जुड़ना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। रंगमंच मेरे दिल में एक बहुत ही खास जगह रखता है, क्योंकि यह मेरा पहला शिक्षक था, ये मेरा पहला प्यार था। पंकज त्रिपाठी की कला यात्रा बिहार के गोपालगंज के छोटे से गांव बेलसंड से शुरू हुई, जहां उन्होंने नुक्कड़ नाटकों और थिएटर के माध्यम से अपने कौशल को निखारा। इसके बाद वह अपने हुनर को निखारने के लिए नई दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) गए। पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आज वह जो कुछ भी हैं, वह रंगमंच और गोपालगंज में खेले गए नुक्कड़ नाटकों की बदौलत हैं। गांव में खेले गए नाटकों ने मुझे कहानी कहने की कला के प्रति जुनूनी बनाया। उन्होंने आगे कहा कि अरुणाचल रंग महोत्सव जैसे उत्सव को देखना, विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और जीवंत क्षेत्र में रंगमंच की शक्ति और सुंदरता का जश्न मनाना, प्रेरणादायक है। यह मंच न केवल क्षेत्र की पारंपरिक और समकालीन प्रदर्शन कलाओं का सम्मान करता है, बल्कि दुनिया भर के कलाकारों को अपने काम को प्रदर्शित करने के लिए एक गतिशील स्थान भी प्रदान करता है। अभिनेता ने कहा कि वह अरुणाचल के लोकगीत, परंपराओं, मार्शल आर्ट रूपों और स्थानीय कलाओं को करीब से महसूस करने को लेकर उत्साहित हैं क्योंकि हमारे सांस्कृतिक ताने-बाने का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक रंगमंच प्रथाओं के साथ इन पारंपरिक तत्वों का मिश्रण इस उत्सव को अनूठा बनाता है। मेरा मानना है कि रंगमंच में लोगों को जोड़ने, बाधाओं को पार करने और आपसी समझ को विकसित करने की शक्ति है।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता 44वीं राज्य स्तरीय साधिकार समिति की बैठक हुई

भोपाल मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में गत दिवस मंत्रालय में 44वीं राज्य स्तरीय साधिकार समिति की बैठक हुई। उच्च स्तरीय बैठक में 3 विषयों पर सहमति दी गयी। इसमे मंत्रि-परिषद का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि एक्सप्रेस-वे जैसा बने बाईपास, सर्विस रोड होना चाहिये, पीएम गतिशील पोर्टल में पर्यटन को जोड़ा जाये, कर्क रेखा के पास पर्यटन की व्यवस्था की जाये। मौजूदा भोपाल-विदिशा रोड (SH-18) को 2-लेन से 4-लेन किया जायेगा। एमपीआरडीसी ने इसके निर्माण का प्रस्ताव दिया है। इसका निर्माण हाइब्रिड एनीयुटी मोड (HAM) पर होगा। मौजूदा सड़क 2-लेन मानक की है। राज्य राजमार्ग की मौजूदा लंबाई 35.11 किमी है, जो भानपुर के अयोध्या बाईपास से प्रारंभ होती है और सांची-सलामतपुर जंक्शन पर NH-146 पर समाप्त होती है। यह सड़क भोपाल और रायसेन जिलों से होकर गुजरती है और भानपुर, चोपड़ाकला, सुखी सेवनियां, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर जैसे आवासीय क्षेत्रों को जोड़ती है। परियोजना की कुल लंबाई 44.80 किमी है। इसी प्रकार सागर-दमोह (SH-63) रोड का उन्नयन होकर 2-लेन से 4-लेन किया जाएगा। यह सड़क सागर में NH-934 के साथ Y-जंक्शन से शुरू होती है और दमोह में X-जंक्शन पर समाप्त होती है। यह सड़क सागर और दमोह जिलों से होकर गुजरती है और पारसोरिया, गड़ाकोटा, रोन और बंसा जैसे आवासीय क्षेत्रों को जोड़ती है। परियोजना की कुल डिजाइन लंबाई 76.83 किमी है। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से लेकव्यू रेजिडेंसी होटल, भोपाल का विकास, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मोड पर 60 वर्षों के लिए करने के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण श्री के.सी.गुप्ता, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला एवं एमपीआरडीसी एम.डी. श्री अविनाश लवानिया उपस्थित थे।  

सुविधाओं की बेहतरी के साथ जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता : श्री तोमर

भोपाल जन सुविधाओं की बेहतरी के साथ जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी भाव के साथ पिछड़ी बस्तियों में सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह बात ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मेवाती मोहल्ले में सीसी रोड का भूमि-पूजन करते हुए कही। उपनगर ग्वालियर में वार्ड-4 के अंतर्गत मेवाती मोहल्ले में 12 लाख 12 हजार रूपये से अधिक लागत से इस सीसी रोड़ का निर्माण होने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर के प्रत्येक वार्ड में तेजी से विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे हैं। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के अलावा उपनगर ग्वालियर में एलिवेटेड रोड व अंतर्राज्यीय बस अड्डा जैसे बड़े-बड़े कार्य धरातल पर आ रहे हैं। वार्डों की जरूरत के हिसाब से प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भूमि-पूजन के पश्चात क्षेत्र का भ्रमण किया। क्षेत्र में खराब सीवर लाइन के सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।  

मध्यप्रदेश के उत्पादों की धूम-लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना मध्यप्रदेश मंडप

भोपाल भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रगति मैदान दिल्ली में मध्यप्रदेश मण्डप में शासकीय विभागों/निगम मण्डलों, स्वसहायता समूहों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों, स्टार्टअप तथा हस्तशिल्पियों द्वारा भाग लिया गया है। मण्डप में डिण्डोरी के गोंड आर्ट, छपरपूर के टेराकोटा एवं बैतूल के बेलमेटल शिल्प का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है। इस सजीव प्रदर्शन में दर्शक काफी रूचि ले रहे हैं। इस वर्ष भी यह मण्डप लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ हैं। इस मण्डप में ही उन्हे मध्यप्रदेश के पर्यटन का आनन्द जैसा भी हो रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के जी.आई. उत्पादों को गैलरी में आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया है। जिनमें से कई उत्पादों के विक्रय स्टॉल भी लगाये गये हैं। दर्शक रतलाम के नमकीन, मुरैना की गजक, बाग प्रिन्ट एवं उज्जैन के बटिक प्रिन्ट के व़स्त्र, चन्देरी एवं महेश्वरी साड़ियां की खरीद कर लूत्फ उठा रहे हैं। इस वर्ष मेले का यह 43वॉं संस्करण है। इस मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया जाता है। आम नागरिकों के लाभ के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढावा देने का यह मेला एक मंच है। मेले से स्वदेशी वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होगी। इससे हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल कर लेगा। मध्यप्रदेश मण्डप में मेले की थीम के अनुरूप प्राचीन सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर के साथ तेजी से बढते एवं विकसित होते मध्यप्रदेश के स्वरूप को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप एक जनवरी 2025 से प्रारम्भ होने वाले विकास के चार मिशन-युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब कल्याण एवं किसान कल्याण को दर्शाया गया है। मेले में लोग म.प्र. के विभिन्न जी.आई. उत्पादों एवं अन्य उत्पादों की खुल कर खरीदी कर रहे हैं। प्रदेश की एमएसएमई इकाईयां/स्वसहायता समूह, शिल्पी तथा कारीगर मेले में भाग लेकर संतुष्ट है। म.प्र. मण्डप में विभिन्न स्टाल एवं उत्पाद लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने हुये हैं। आज दक्षिणा स्व-सहायता समूह के स्टॉल पर पारम्परिक वेशभूषा में समूह के महिला सदस्य उपस्थित थे।  

अशासकीय महाविद्यालय संबद्धता संबंधी प्रबंधन को बनाएं पारदर्शितापूर्ण : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा अन्तर्गत नवीन अशासकीय महाविद्यालय मार्गदर्शिका की समीक्षा की। श्री परमार ने मार्गदर्शिका में निहित पूर्व प्रावधानों के विभिन्न बिंदुओं पर समग्र विमर्श कर, विविध संशोधन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि अशासकीय महाविद्यालय संबद्धता संबंधी प्रबंधन को, विद्यार्थियों के हितों के अनुरूप एवं पारदर्शितापूर्ण बनाएं। श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालयों के अकादमिक एवं शैक्षणिक स्तर में उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि के लिए आवश्यक क्रियान्वयन करें। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (संबद्धता) डॉ. सुनील सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे। एक और एक दो नहीं, एक और एक ग्यारह बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नागपुर में आयोजित एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मात्र मेला नहीं बल्कि यह भविष्य के सुशासन की समृद्धशाली भारत और प्रदेश के बनने की इसने नींव डाली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी सामाजिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने वाले सिद्धहस्त डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि आधारित कामों के आधार पर प्रदेश की पहचान होती है। मैं तारीफ करता हूँ कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार घर-घर में कृषि आधारित मत्स्य पालन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसे घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादों के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध कराने पर भी फोकस किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मंत्री एवं अधिकारियों का एक दल मेले के अवलोकन एवं अध्ययन के लिए भेजा जाएगा। गौ-पालन से बढ़ेगी आमदनी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने गौ-पालकों की आय बढ़ाने अनेक योजनाएं क्रियान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि हम श्रीकृष्ण को मानने वाले हैं, जिनके घर गायें है वे गोपाल हैं और जिनके घर में गाय का कुल है वह घर गोकुल है। मराठी में बछड़े-बछिया को गौरा और गौरी कहते हैं। हमने गौ-पालकों को गाय के स्थान पर गौरी देने की योजना बनाई है। गौ-पालक 5 गौरी ले जाएं और अपने घर पर उनको बड़ा करें, गौ-पालक 2 गाय अपने घर में ही रख लें और 3 गायें हम खरीदेंगे। गौ-पालक दूध का विक्रय करेंगे उससे उनकी आय में वृद्धि होगी। कांजी हाउस की कैद से मिलेगी मुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम निराश्रित और ऐसी गायों को जिनकी दूध देने की क्षमता न्यून या शून्य हो गई है और गौ-पालकों ने उन्हें निराश्रित छोड़ दिया है, को आश्रय देने की दृष्टि से नगरीय क्षेत्रों में गौ-शालाओं का निर्माण करने जा रहे हैं। इस अनुक्रम में भोपाल में 10 हजार गायों की क्षमता वाली गौ-शाला का भूमि-पूजन होने जा रहा है। इससे सड़कों पर निराश्रित गौ-वंशों से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश में कांजी हाउस, खेड़ा जैसे कैद खानों को भी बंद करने का निर्णय लिया है। मूक पशुओं को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। महाराष्ट्र मेरा पुश्तैनी घर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र मे आकर ऐसा लगा जैसे मैं अपने घर आ गया हूँ। माता अहिल्या और महादजी सिंधियां की पृष्ठ भूमि महाराष्ट्र राज्य से जुड़ी हुई है। माता अहिल्या को मैं प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने उस समय खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था के रूप में कुओं का निर्माण करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित कुलगुरू श्री शरद घटक, कुलगुरू श्री नितिन पाटिल, श्री अब्दुल्ला एवं पेसा एक्ट के प्रेसिडेंट श्री टी.आर. केशव, श्री दीपक शाह, विक्रम भाग एवं श्री जी. पाटिल का अभिवादन भी किया।  

तमन्ना भाटिया ने ‘मलाई माखन’ के प्रति अपने प्यार का किया इजहार

मुंबई,  अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने नवाबों के शहर लखनऊ में रहने के दौरान मलाई मक्खन के प्रति अपने प्यार का इजहार किया। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें वह कार की पिछली सीट पर बैठी नजर आ रही हैं और सर्दियों में दूध और मलाई से बनने वाले मीठे नाश्ते मलाई मक्खन से भरी प्लेट को देखकर बहुत खुश नजर आ रही हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मलाई मक्खन के बिना लखनऊ नहीं छोड़ सकती।”इस स्वादिष्ट व्यंजन की बात करें तो यह उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में खास तौर पर कानपुर, वाराणसी और लखनऊ में बनाया जाता है। दिल्ली में इसे दौलत की चाट के नाम से जाना जाता है। इसके बाद अभिनेत्री ने अपने आगामी प्रोजेक्ट ‘सिकंदर का मुकद्दर’ के प्रचार के दौरान सुनहरे और सफेद रंग की पोशाक पहने अपनी कई तस्वीरें साझा की। उन्होंने लिखा, “देखो हीरे नहीं हैं मेरे पास, मैं एक गोल्डन गर्ल हूं।” उनकी दोस्त और अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने तमन्ना की तारीफ करते हुए लिखा: “अरे यहां तो आप हो।” तमन्ना अगली बार नीरज पांडे द्वारा निर्देशित ‘सिकंदर का मुकद्दर’ में नजर आएंगी। यह 29 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होने वाली है। फिल्म में जिमी शेरगिल, अविनाश तिवारी और राजीव मेहता भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। “सिकंदर का मुकद्दर” एक मनोरंजक कहानी को सामने लाता है। फिल्म में दिव्या दत्ता और जोया अफरोज भी हैं। आगामी थ्रिलर अपराध, जुनून और न्याय की खोज पर आधारित है। यह प्रोजेक्ट जिमी शेरगिल और तमन्ना की पहली ऑनस्क्रीन जोड़ी है। अभिनेत्री के पास ‘ओडेला 2’ भी है। अशोक तेजा द्वारा निर्देशित “ओडेला 2” में युवा, नागा महेश, वामसी, गगन विहारी, सुरेंद्र रेड्डी, भूपाल और पूजा रेड्डी के साथ हेबा पटेल, वशिष्ठ एन सिम्हा भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

गोवा में दिखे स्टार कार्तिक आर्यन, ‘समुद्र, रेत और सूरज’ के बीच बिताया समय

मुंबई, रूह बाबा यानि कार्तिक आर्यन शनिवार को 34 साल के हो गए हैं। बर्थ डे ईव पर वो गोवा के बीच पर दिखे। सोशल मीडिया के जरिए फैंस को समंदर, रेत और सूरज का दर्शन कराया। वो यहां इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने पहुंचे हैं। स्टार कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर अपनी कई तस्वीरें शेयर कीं। जिसमें वह धूप, रेत और समंदर का आनंद उठाते दिख रहे हैं। बीच पर खड़े अभिनेता को गुलाबी शर्ट और सफेद पैंट पहने हुए सूरज को निहारते देखा जा सकता है। कैप्शन के नाम पर एक दिल वाला इमोजी पोस्ट किया है। गुरुवार को कार्तिक आर्यन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट से कुछ तस्वीरें डालीं। इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने गोवा बीच से एक ग्लास की तस्वीर पोस्ट की जिसके बैकग्राउंड में एस्प्रेसो गाना सुना जा सकता है। अगली स्टोरी में कार्तिक आर्यन को बीच के किनारे सनसेट की खूबसूरती को निहारते देखे जा सकते हैं। उनकी इस पोस्ट पर गायक सोनू निगम ने रिएक्ट किया है। बॉलीवुड स्टार को उन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। हाल ही में कार्तिक गुजरात में थे, जहां उन्होंने अहमदाबाद में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में हिस्सा लिया था, जहां दोनों को स्टेज पर नाचते और गले मिलते हुए देखा गया। कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर दोनों सितारों की कई तस्वीरें शेयर कीं। पहली तस्वीर में दिलजीत और कार्तिक हाथ उठाए हुए थे और दोनों काले रंग के आउटफिट में थे। दसरी तस्वीर में कार्तिक आर्यन दिलजीत सिंह को पीछे से गले लगाते दिखे थे। वहीं, तीसरी तस्वीर में दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। कार्तिक और दिलजीत ने स्टेज पर परफॉर्म भी किया और एक-दूसरे को गले भी लगाया। इस पोस्ट का कैप्शन था, “वाइब (कॉल मी हैंड इमोजी)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिलजीत कार्तिक की “भूल भुलैया 3” का गाना “हरे कृष्णा हरे राम” गाते हुए सुनाई दे रहे हैं। फिल्म में कार्तिक के निभाए रूह बाबा किरदार को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

अब लिंक्डइन पर वरुण धवन ने रखा कदम, उत्साहित अभिनेता बोले- मुझे आगे बढ़ने में विश्वास

मुंबई, बॉलीवुड सुपरस्टार वरुण धवन पेशेवर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं। इस नई पारी को लेकर वो काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा है कि वह एक भावुक अभिनेता हैं और सीमाओं से आगे बढ़ने में विश्वास करते हैं। बायो में लिखा गया है: “मैं वरुण धवन हूं, एक भावुक अभिनेता जिसे सिनेमाई उत्कृष्टता प्रदान करने में एक दशक से अधिक का अनुभव है। 300 करोड़ की मेगा हिट फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने से लेकर, विशिष्ट, विषय-वस्तु से प्रेरित फिल्मों की खोज करने तक… मेरी यात्रा रचनात्मकता को दर्शकों की अपेक्षाओं के अनुरूप ढालने की रही है।” “चाहे वह स्टूडेंट ऑफ द ईयर में एक स्पोर्ट्स टीम का नेतृत्व करना हो या भेड़िया में अलौकिक दुनिया की खोज करना हो, मैं सीमाओं को तोड़ और एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम (मनोरंजन पारिस्थितिकी तंत्र) के प्रत्येक हितधारकों की कीमत समझ कर आगे बढ़ने में विश्वास रखता हूं।” वरुण ने अपनी पहचान कुछ यूं दी: “अभिनेता | निवेशक | सहायक निर्देशक।” लिंक्डइन पर उनकी पहली पोस्ट को ‘नए अध्याय’ के रूप में लेबल किया गया है। उन्होंने लिखा: “एक नया अध्याय – लिंक्डइन पर अपनी यात्रा को शुरू कर रहा हूं, सबको नमस्कार।” “मैं लिंक्डइन समुदाय का हिस्सा बन काफी उत्साहित हूं! एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो एक दशक से अधिक समय से फिल्म उद्योग में काम कर रहा है, मुझे कड़ी मेहनत, टीमवर्क और लगातार विकसित होने के महत्व के बारे में बहुत कुछ सीखने का सौभाग्य मिला है।” अभिनेता ने कहा कि इस मंच पर आने से उन्हें सबसे ज्यादा जो बात उत्साहित करती है, वह है “सभी उद्योगों के पेशेवरों से जुड़ने का अवसर, ऐसे लोग जो सिर्फ मनोरंजन जगत से जुड़े नहीं हैं।” “सेट पर निर्देशकों, निर्माताओं और सह-अभिनेताओं से मैंने जो सबक सीखे हैं, उन्होंने चुनौतियों का सामना करने, सहयोग करने और खुद को बेहतर करने के लिए लगातार प्रेरित करने के मेरे तरीके को आकार दिया है। मैं वो विजन साझा करने, रचनात्मकता, नेतृत्व और हां – यहाँ तक कि फिल्मी दुनिया की कुछ पर्दे के पीछे की झलकियों पर चर्चा करने के लिए खासा उत्साहित हूं।” “अगर मैंने कुछ सीखा है, तो वह यह है कि सीखने के लिए हमेशा कुछ नया होता है, चाहे आप अपने करियर में कहीं भी हों। इस अद्भुत समुदाय में मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद!” वरुण सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इनसे बहुत सारे प्रशंसक जुड़े हुए हैं। इंस्टाग्राम पर, अभिनेता के 46.7 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर हैं, जबकि एक्स पर (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) 11.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

मध्य प्रदेश के अगले डीजीपी के लिए कैलाश मकवाना का नाम आगे, आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चयन को लेकर आज, गुरुवार को दिल्ली में बैठक हुई। शाम 4:30 बजे DGP के लिए तीन नामों के पैनल पर पीएससी ने मोहर लगा दी है। इस तीन आईपीएस अफसरों में अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से एक नाम पर मोहर लगाएंगे। आपको बता दें कि सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ये तीन नाम तय किए नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई है। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  हैं। डीजी-आईजी कांफ्रेंस और महत्वपूर्ण निर्णय बता दें कि 28 से 30 नवंबर तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में डीजी-आईजी कान्फ्रेंस भी आयोजित होगी। इस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मौजूदा DGP सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त होंगे। माना जा रहा है कि OSD के रूप में कार्यरत अधिकारी इस कांफ्रेंस में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश जाएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। 24 से 30 नवंबर तक उनका ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा प्रस्तावित है। 23 नवंबर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में OSD (Officer on Special Duty) कौन होगा, इसकी घोषणा करके ही मुख्यमंत्री जाएंगे, ताकि 30 नवंबर को वर्तमान DGP सुधीर कुमार सक्सेना की विदाई और नए DGP की कुर्सी संभालने की रस्म पूरी हो सके। अब MP DGP की रेस में सबसे आगे हैं IPS कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश के ईमानदार पुलिस अफसरों में शुमार भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश पुलिस के नए मुखिया यानि डीजीपी बनने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मध्य प्रदेश के नए डीजीपी पद के लिए तीन आईपीएस अफसरों के पैनल पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें कैलाश मकवाना का नाम शामिल है। अन्य दो नामों में डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा का नाम है। सीएम पर टिकी है निगाहें पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन कैलाश मकवाना और ईओडब्ल्यू के अजय शर्मा के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख रही है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर टिक गई हैं, नए डीजीपी के नाम का ऐलान वे ही करेंगे। तीन नाम हुए हैं फाइनल मध्य प्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा था। 21 नवंबर को देर शाम यूपीएससी दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें 9 में से 3 नाम फाइनल किए गए। मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 1 दिसंबर को नए डीजीपी कार्य करना शुरू कर देंगे। रेस में कैलाश मकवाना सबसे आगे कैलाश मकवाना का नाम सबसे उपर इसलिए दिख रहा है क्योंकि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बिगड़ी सीआर को सुधारा था। बताया जाता है कि उन्हें तब 10 में 10 अंक दिए गए। इससे पहले सीआर खराब होने की स्थिति में वह डीजीपी की दावेदारी से बाहर हो रहे थे। साढ़े तीन साल में हुआ था सात बार तबादला मकवाना ने अपनी एसीआर( गोपनीय चरित्रावली) सुधरवाने के लिए मप्र शासन से 9 महीने पहले अपील की थी। उन्होंने रिप्रेजेंटेशन भेजते हुए सरकार से कहा था कि लोकायुक्त संगठन में डीजी रहने के 6 महीने के दौरान उनकी एसीआर खराब कर दी गई। कमल नाथ सरकार में महज एक साल में उनका तीन बार तबादला किया गया था। साढ़े 3 साल में उनका 7 बार तबादला किया गया था। लोकायुक्त का बनाया गया था महानिदेशक मकवाना को वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था। वे यहां इमानदारी से काम कर रहे थे, भी उन्होंने महाकाल लोक की एक फाइल खोल ली। इसके बाद तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में चेयरमैन बना दिया था। तब शिवराज के ओएसडी योगेश चौधरी को एडीजी विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त पदस्थ किया गया था। तब उनकी सीआर कम कर दी गई थी। क्या है महाकाल कॉरिडोर ‘घोटाला’ उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर के प्रथम चरण के कामों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची थी। लोकायुक्त संगठन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने शिकायत की है कि तीन आईएएस अफसरों के अलावा 15 अफसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। लोकायुक्त के नोटिस में तीन आईएएस उज्जैन कलेक्टर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आशीष सिंह, स्मार्ट सिटी उज्जैन के तत्कालीन कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता शामिल थे। शिकायर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए एसओआर की दरें और आइटम को बदला गया है।

भोपाल में मंत्रालय के पास 39 हेक्टेयर भूमि से हटाई जाएंगी झुग्गी बस्तियां, रहते हैं 28 हजार से ज्यादा लोग, बनेंगी 116 इमारतें

भोपाल  शहर के सबसे पॉश और हाई सिक्युरिटी जोन वल्लभ भवन (मंत्रालय) के पास बनी छह झुग्गी बस्तियों को विस्थापित करने के लिए नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालय के पास स्थित करीब 40 एकड़ जमीन पर 1100 करोड़ से 116 इमारतें बनाई जाएंगी। इनमें यहां 28 हेक्टेयर भूमि पर बनी आठ हजार 214 झुग्गियों के वासियों को आवास आवंटित किए जाएंगे। इन झुग्गियों में लगभग 28 हजार 334 लोग निवास करते हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों संग की बैठक इस प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक ली और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि पिछले गुरुवार वल्लभ भवन के पास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाए जाने को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश कलेक्टर ने निगमायुक्त को दिए थे। वहीं शहर में कुल 388 झुग्गी बस्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें लगभग एक लाख 56 हजार 560 झुग्गियां बनी हुई हैं। सुराज योजना के तहत बनाए जाएंगे आवास मंत्रालय के पास बनी झुग्गियों के लिए यहां स्थित शासकीय भूमि पर सुराज योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास बनवाए जाएंगे। यह मकान निजी डेवलपर से बनवाए जाएंगे, जिसके बदले में उसे यहां पर प्रतिपूरक भूमि पार्सल (सीएलपी) के तहत भूमि आवंटित की जाएगी। डेवलपर द्वारा इस भूमि पर रिडेंसीफिकेशन के तहत आवासीय परियोजनाओं में मॉल, व्यवसायिक कांप्लेक्स, प्राइम डेवलपमेंट के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्किंग क्षेत्र, कम्युनिटी हॉल, दुकानें आदि भी बनाई जाएंगी। जिससे आसपास के लोगों को यहां रोजगार भी मिल सकेंगे। नौमंजिला इमारत में होंगे 72 आवास झुग्गियों को विस्थापित करने के लिए बनाई जाने वाली 116 इमारतें नौ मंजिला होंगी। हर इमारत में 72 आवास बनाए जाएंगे, इस तरह एक फ्लोर पर आठ आवास रहेंगे। मंत्रालय के पास ही बनाने से यहां रहने वाले झुग्गिवासियों को अन्य दूसरी जगह जाना नहीं होगा। पहले क्लस्टर के लिए मंत्रालय के आसपास बसी वल्लभ नगर एक, दो, ओमनगर, एक, दो, भीमनगर, मालवीय नगर को चिह्नित किया गया है। ये बस्तियां करीब सवा सौ एकड़ क्षेत्र में बनी हुई हैं। जनवरी से काम शुरू करने का लक्ष्य नगर निगम द्वारा तैयार किए गए पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रिया पूरी की जानी है। मंत्रालय के आसपास बनी आठ हजार 214 झुग्गियों को हटाने के लिए तैयार इस डीपीआर को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद इसके तहत जनवरी 2025 से काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई झुग्गी रोकने बनेगी निगरानी समिति मंत्रालय सहित अन्य क्षेत्र में नई झुग्गियों के बनने से रोकने के लिए निगरानी समिति बनाई जाएगी। इस समिति में तहसीलदार, जोनल अधिकारी और एएचओ शामिल रहेंगे। यह अब तक चिह्नित की गईं झुग्गियों के अलावा जहां भी नई झुग्गी बनती है तो उसे चिह्नित कर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। इनका कहना है मंत्रालय के आसपास बनी झुग्गी बस्तियों को हटाने के लिए नगर निगम ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। इसके तहत पहले यहां खाली पड़ी शासकीय भूमि में ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाएंगे। इसके बाद परिवारों को दिए जाएंगे। दिसंबर तक सभी तरह की कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी और सरकार से अनुमति मिलते ही जनवरी से काम शुरू कर दिया जाएगा। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

नाबालिग के साथ ताऊ ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट में आरोपित को किया गिरफ्तार

सागर जिले के खुरई (देहात) थाना क्षेत्र में रिश्तों को कलंकित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके 58 वर्षीय ताऊ ने दुष्कर्म कर दिया। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता गर्भवती हो गई। इसके बाद स्वजन पीड़िता को साथ लेकर थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। डरी-सहमी रहती थी पीड़िता पीड़िता की मां ने बताया कि पिछले कुछ समय से बच्ची डरी-सहमी सी रहती थी। तीन माह से उसका पीरियड भी नहीं आ रहा था। उसके हावभाव से गड़बड़ी की आशंका हुई। जब बच्ची से प्यार से पूछा, तो उसने बताया कि करीब ढाई महीने पहले वह अपने ताऊ के घर खेलने के लिए गई थी। उस समय घर पर कोई नहीं था। इस दौरान ताऊ ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित ने धमकी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया तो तुम्हारे पिता को जान से खत्म कर दूंगा। इस कारण नाबालिग ने किसी को कुछ नहीं बताया था। इन धाराओं में दर्ज किया प्रकरण खुरई देहात थाना प्रभारी धनेंद्र यादव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ धारा 64(2) एफ, 64 (2) (आइ), 65 (1), 351(3) सहित पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। छोटे भाई ने बड़े भाई के साथ की मारपीट उधर, कैंट थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम खजुरिया गुरु में मामूली विवाद के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई से मारपीट कर दी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि फरियादी करण सिंह उर्फ कमलेश पिता नब्बू अहिरवार ग्राम खजुरिया गुरु ने रिपोर्ट लिखवाई। जिसमें उसने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे वह घर के बाहर बैठा था। तभी बाइक को लेकर छोटा भाई रामविशाल अहिरवार उसे गालियां देने लगा। विरोध करने पर छोटे भाई ने उसके साथ मारपीट कर दी। परिवार के अन्य सदस्यों ने आकर बीच-बचाव किया।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने किया महाराजपुरा विद्युत सब-स्टेशन का निरीक्षण

भोपाल प्रदेश में विद्युत वितरण प्रणाली में सुधार तथा उपभोक्ताओं को सर्व सुविधायुक्त सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि ग्वालियर के महाराजपुरा औद्योगिक क्षेत्र विद्युत सब-स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया तथा विद्युत वितरण की जानकारी ली श्री तोमर ने औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री श्री तोमर रात्रि 3:30 बजे महाराजपुरा ज़ोन औद्योगिक सब-स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे।  

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही, जाने क्या है प्लान

भोपाल सिंगापुर के शिक्षा मॉडल के आधार पर मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही है। राज्य शिक्षा केंद्र इसकी रूपरेखा तैयार कर रहा है। यात्रा पर उन शिक्षकों का चुनाव होगा जो इनोवेटिव हैं। प्रस्ताव अभी प्रारंभिक स्थिति में है।  इस यात्रा को एक्सपोजर विजिट नाम दिया गया है। बताया कि जिन देशों में शिक्षा को बेहतर माना जाता है उसके कारण विभाग तलाश रहा है। पढ़ाने के तरीके समझने शिक्षकों को साथ रखा जा रहा है। यात्रा कब होगी इसकी तारीख अभी तय नहीं है। ऐसी उम्मीद है कि परीक्षा के बाद इसका शेड्यूल तय हो सकता है। परीक्षा फरवरी में शुरू होगी और मार्च में खत्म हो रही हैं। इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके हैं। करीब पांच साल पहले इन्हें भेजा गया था। करीब डेढ़ सौ लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था। यात्रा पर करीब पांच करोड़ रुपए खर्च हुआ था। कोरिया से लौटने के बाद दल की समीक्षा तो हुई लेकिन इसका क्या फायदा हुआ इसका असर नहीं दिखा। ये भी एक्सपोजर विजिट थी। बेहतर एजुकेशन सिस्टम में शामिल सिंगापुर सिंगापुर की शिक्षा व्यवस्था विश्व के दस सबसे बेहतर एजुकेशन सिस्टम में से एक हैं। यहां हाइली ट्रेंड शिक्षक। कक्षाओं में इनोवेशन, विज्ञान गणित के साथ शारीरिक शिक्षा पर जोर हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के शिक्षक सिंगापुर का दौरा कर चुके हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई तकनीक जानने शिक्षकों के साथ अधिकारियों को भी भेजा था। प्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारी अभी इस यात्रा को लेकर खुलकर बोलने तैयार नहीं है।

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