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अर्जित अवकाश पर रहे गौरव चौधरी के निलंबन पर उठ रहें है सवाल

Questions are being raised on the suspension of Gaurav Chaudhary, who was on earned leave. मां के उपचार के लिए अर्जित अवकाश हैं तो हाथियों की मौत के लिए दोषी कैसे..? उदित नारायणभोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत को लेकर हुई गौरव चौधरी के निलंबन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभाग के आला अफसर सवाल उठा रहें है कि जब मां के उपचार के लिए गौरव चौधरी 26 अक्टूबर से अर्जित अवकाश का थे तब हाथियों की मौत के लिए उन्हें कसूरवार कैसे ठहराया जा सकता हैं? निलंबित आईएफएस अधिकारी गौरव चौधरी ने 2 सितंबर को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का कार्यभार संभाला और 26 अक्टूबर से अर्जित अवकाश पर चले गए। उनके अवकाश पर जाने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का प्रभार अमित दुबे को दिया गया है। बांधवगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला 30 अक्टूबर से शुरू हुआ। 31 अक्टूबर को पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ बीएन अंबाड़े बांधवगढ़ पहुंचे थे। बांधवगढ़ से अंबाड़े ने मोबाइल पर गौरव चौधरी से बात की। तभी चौधरी ने अपनी मां के स्वास्थ्य का उपचार होने की बात कहकर 5 नवंबर के बाद लौटने की बात कही। ऐसे में निलंबन आदेश में टेलीफोन नहीं उठाने की बात भी उचित प्रतीत हो रही है। वैसे निलंबन कोई सजा नहीं है, फिर भी जो जिम्मेदार है, उस पर ही कार्रवाई होना चाहिए। जो ड्यूटी पर ही नहीं है, सरकार की अनुमति से कार्य से अनुपस्थित है, तो फिर उस पर ठीकरा फोड़कर दंडित करने का तो मतलब केवल इतना है, कि तात्कालिक रूप से यह दिखा दिया जाए, कि कार्रवाई कर दी गई है। बाद में तो निलंबन समाप्त ही हो जाएगा। यह कार्रवाई ही जंगल प्रबंधन का सबसे बड़ा उदाहरण है। वैसे भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 70- 80 हां जंगली हाथियों का स्थाई बसेरा तीन-चार साल से है। इस बीच कई फील्ड डायरेक्टर रहे। हाथियों की मौत पर जो भी हाहाकार मच रहा है, वह शमशान वैराग्य जैसा ही लगता है। मौत की सुर्खियां दब जाएंगी. फिर रिएक्शन-एक्शन प्लान के कागज भी इधर-उधर बिखरे मिल जाएंगे। वन्य प्राणी और मानव द्वंद से जनहानि भी एक अहम मुद्दा है। इसके बीच में संतुलन ही वन प्रबंधन का अहम दायित्व है। डॉ. सहाय बांधवगढ़ के नए फील्ड डायरेक्टर राज्य शासन नेभावसे-2009 बैच के डॉ अनुपम सहाय को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का नया फील्ड डायरेक्टर बनाया है। राज्य शासन एक आदेश जारी कर वन संरक्षक, शिवपुरी वन वृत्त के डॉ अनुपम सहाय को स्थानांतरित करते हुये वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व, उमरिया के पद पर तत्काल प्रभाव से पदस्थ करता है।

मध्य प्रदेश में वनविहार, Zoo और पार्कों में घूमने के लिए प्रवेश शुल्क बढाया, रात में भी ले सकेंगे सफारी काआनंद

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय वन विहार उद्यान, रालामंडल अभयारण्य इंदौर एवं मुकुंदपुर चिड़ियाघर मैहर में पर्यटकों के प्रवेश शुल्क में वृद्धि कर दी है। प्रवेश शुल्क 25 रुपये से लेकर 2200 रुपये निर्धारित किया गया है। यह वृद्धि एक अक्टूबर 2024 से प्रभावशील की गई है। हालांकि, बैटरी चलित वाहनों से भ्रमण पर बढ़ी हुई दरों का केवल 75 प्रतिशत ही शुल्क लगेगा। हर तीन साल में 10 प्रतिशत की वृद्धि इन तीनों पार्कों के प्रवेश शुल्क में हर तीन साल में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। विदेशियों से प्रवेश शुल्क दोगुना शुल्क लिया जाएगा। अन्य वन्यप्राणी पार्कों में भी हर तीन साल में प्रवेश शुल्क 10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा पार्क में नाइट सफारी भी होगी। सूर्यास्त के बाद सफारी सूर्यास्त के बाद प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन से भ्रमण के लिए प्रति ट्रिप प्रति व्यक्ति 300 रुपये, पांच से 12 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों से 150 रुपये, पांच वर्ष तक के बच्चों से निश्शुल्क, संपूर्ण वाहन अधिकतम छह व्यक्ति के लिए 1500 रुपये शुल्क लिया जाएगा। साइकल और दो पहिया वाहन शुल्क बढ़े हुए शुल्क के तहत प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैदल भ्रमण पर 25 रुपये, स्वयं की साइकल से भ्रमण पर 30 रुपये, पार्क की साइकिल से भ्रमण पर 40 रुपये, दो पहिया वाहन से भ्रमण पर 80 रुपये, आटो रिक्शा से भ्रमण पर 120 रुपये, पांच व्यक्ति की क्षमता वाले हल्के चार पहिया वाहन से भ्रमण पर 300 रुपये चार्ज किया जाएगा। पांच से अधिक व्यक्ति की क्षमता वाले चार पहिया वाहन से भ्रमण पर 500 रुपये, 20 व्यक्ति की क्षमता तक वाली मिनी बस से भ्रमण पर 1100 रुपये, 20 से अधिक व्यक्ति की क्षमता वाली बस से भ्रमण के लिए 2200 रुपये, गोल्फ कार्ट से भ्रमण पर प्रति व्यक्ति 60 रुपये, पांच से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए 40 रुपये, पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों हेतु निशशुल्क, पूरी गोल्फ कार्ट में अधिकतम छह व्यक्तियों के लिए 400 रुपये, प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन से सफारी भ्रमण के लिए प्रति ट्रिप प्रति व्यक्ति से 100 रुपये, पांच से 12 वर्ष के आयु के बच्चों से 30 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में हुए शामिल: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुश्री काजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित श्री आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित श्री अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुश्री आंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुश्री काजल सिंह, आईएफएस श्री अक्षत पाण्डेय, श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुश्री ऋषिका सिंह, आईआरटीएस श्री रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री अंबिकेश प्रताप सिंह, सुश्री अर्चना मिश्रा, श्री नंदन तिवारी, श्री देवेंद्र द्विवेदी, सुश्री प्रिया पाठक, श्री सौरभ मिश्रा, श्री अमित सोनी, श्री उमेश द्विवेदी, डीएसपी श्री हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड श्री आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ श्री प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुश्री कविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुश्री ज्योति पटेल, नायब तहसीलदार श्री कमलेश मिश्रा, श्री आशीष मिश्रा, श्री प्रकाश उपाध्याय, सुश्री बिंदु तिवारी, सुश्री रूपा पाठक, सुश्री आंचल अग्रवाल, सुश्री प्रज्ञा दुबे, सुश्री प्रतीक्षा सिंह, सुश्री अंकिता पांडे, सुश्री एकता शुक्ला, श्री शिव कुमार गौतम, श्री सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया।  

उमरिया-बांधवगढ़ क्षेत्र में स्थाई रूप से बसे हाथियों पर केंद्रित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के प्रयास के रूप में राज्य शासन द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। अपनी संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को प्रकट करते इस नवाचार की सभी ओर सराहना हुई। गौ-वंश के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करने वाले इस पर्व से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उत्साहवर्धक रही है। उद्योगपतियों और निवेशको नें प्रदेश में गतिविधियों के संचालन में रुचि प्रदर्शित की है। रीवा में 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए और लगभग 28 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अगली रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव आगामी 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम के गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नीमच, मंदसौर और सिवनी मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया गया। धन्वंतरि जयंती पर हुए कार्यक्रम में 512 आयुर्वेदिक चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। चिकित्सा क्षेत्र में प्रदेश को मिली इन सौगातों ने धन्वंतरि जयंती को अविस्मरणीय बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 12 नवम्बर को अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ करने के लिए पधार रहे हैं। उन्होंने मंत्रीगण को अपने विभाग के नवीन पदों संबंधी जानकारी अगले तीन दिन में लोक सेवा आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा जनहानि पर सहायता राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया गया है। हाथियों के दलों के आवागमन संबंधी पूर्व सूचना के आदान-प्रदान, आवश्यक सतर्कता और सावधानियां बरतने तथा उनके प्रबंधन के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत की गई है। प्रयास है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उमरिया और बांधवगढ़ के वन क्षेत्र में लगभग एक सौ से अधिक हाथी स्थाई रूप से बस गए हैं। उनके प्रबंधन के लिए हाथी मित्र योजना लागू करने, टास्क फोर्स बनाने सहित मानक परिचालन निर्देश लागू किए जाएंगे। राज्य शासन का प्रयास होगा कि जंगल आबाद रहे, उनमें हाथी विद्यमान रहें और कोई जनहानि ना हो। वन और वन्य जीव के क्षेत्र में प्रदेश की साख बेहतर हुई है, टाइगर और चीतों के संरक्षण में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम है। प्रदेश में हाथियों पर केंद्रित पर्यटन संभावनाओं को तलाशते हुए गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।  

ई-नगर पालिका के माध्यम से नागरिकों को मिलेगी त्वरित सेवा, ई-नगर पालिका 2.0 के विकास की प्रक्रिया

भोपाल प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के उद्देश्य से वेब आधारित ई-नगर पालिका योजना प्रारंभ की गई है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के लिये ई-गवनेंर्स का अनूठा उदाहरण है। ई-नगर पालिका द्वारा नगरीय निकायों द्वारा समस्त नागरिक सेवाओं, जन शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य प्रणाली, समस्त भुगतान एवं बजट प्रक्रिया को एकीक्रत कर ऑनालइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। 22 नागरिक सेवाएं ई-नगर पालिका 1.0 को डेटाबेस के साथ प्लेटफार्म पर विकसित किया गया। वर्तमान में ई-नगर पालिका के माध्यम से 22 नागरिक सेवाएं प्रदाय की जा रही हैं, इसमें 15 मॉड्यूल शामिल हैं। ई-नगर पालिका का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग और भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल एप उमंग से भी एकीकृत किया गया है। ई-नगर पालिका 1.0 पोर्टल के माध्यम से दी जा रही सभी नागरिक सेवाओं और विभागीय कार्यों को और बेहतर, सरल तथा सुगम बनाये जाने के उद्देश्य से वर्तमान में विभाग द्वारा ई-नगर पालिका परियोजना के द्वितीय चरण का विकास, क्रियान्वयन और संचालन नई टेक्नोलॉजी एवं उपकरणों के अनुसार कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल और 24 नागरिक सेवाएं शामिल होंगी। भौतिक संरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगा। ई-नगर पालिका 2.0 में जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जायेगा। ई-नगर पालिका 2.0 कॉमन सर्विस सेंटर, एम ऑनलाइन, कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगर पालिका 2.0 का एकीकरण किया जायेगा। इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल के विकास के लिये 2 वर्ष तथा 5 वर्ष का O&M चयनित वेंडर द्वारा किया जायेगा।

पर्यटन में प्रशिक्षण के साथ रोजगार पर दे विशेष ध्यान-राज्य मंत्री श्री लोधी

भोपाल पर्यटन परियोजनाओं में प्रशिक्षण के साथ साथ युवाओं को रोजगार भी मिले। इसका विशेष ध्यान दिया जाए। रोजगार के विभिन्न विकल्पों और योजनाओं पर भी कार्य करें। यह बात पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जनमानस और पर्यटकों से जुड़ी परियोजनाओं को धरातल पर वास्तविक रूप से लागू करें। वह स्वयं प्रदेश में दौरा कर पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना में निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन के बाद मैहर में पर्यटकों की बड़ी हुई संख्या को देखते हुए निर्देश दिए मां शारदा मंदिर को धार्मिक स्थल के रूप में प्रचारित करने और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे। साथ ही वीरांगना रानी अवंतीबाई के जीवन चरित्र, योगदान और घटनाओं पर आधारित संग्रहालय निर्माण की योजना पर कार्य करें। सभी कार्यों को व्यवस्थित रूप से करें। शिकायत का मौका न दे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नाम पर संचालित होने वाली वायु सेवा के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उड़ाने समय पर और नियमित संचालित हो। राज्य मंत्री श्री लोधी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से पर्यटन बोर्ड के बजट और कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। राज्य मंत्री श्री लोधी ने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना, संकल्प सुरक्षित पर्यटन, लैंड बैंक, निजी होटलों का निर्माण एवं संचालन, मार्ग सुविधा केंद्र, फिल्म पर्यटन नीति, प्रचार-प्रसार आदि की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला, उप सचिव श्री सुनील दुबे सहित पर्यटन बोर्ड के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

कमेन्डेशन डिस्क एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित होंगे वनकर्मी, वन भवन में आज होगा अलंकरण समारोह

भोपाल मध्यप्रदेश के वनकर्मियों को स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा वन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मध्यप्रदेश “कमेन्डेशन डिस्क’’ एवं “प्रशस्ति-पत्र’’ देकर सम्मानित किया जायेगा। अलंकरण समारोह 6 नवम्बर को वन भवन (वन मुख्यालय) तुलसी नगर, भोपाल में दोपहर 12 बजे होगा। समारोह में 46 अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। पुरस्कृत होने वाले वनकर्मियों में बालाघाट जिले के बालाघाट उत्तर उत्पादन के उप वन क्षेत्रपाल श्री राजेश कुमार पाण्डे, बैतूल जिले के पश्चिम बैतूल के वन-रक्षक श्री फूलदेव यादव, उत्तर बैतूल की कार्यवाहक वनपाल श्रीमती प्रेमवती पन्द्राम, बैतूल दक्षिण के वनपाल श्री रमेश कुमार महस्की, छतरपुर जिले के उत्तर पन्ना के उप वन क्षेत्रपाल श्री मनोज सिंह बघेल, वन-रक्षक श्री मुरलीधर अहिरवार, वन-रक्षक श्री अमान सिंह, वन-रक्षक क्रीड़ा क्षेत्र कु. निधि बिदुआ, जिला छिंदवाड़ा के उत्पादन की वन क्षेत्रपाल श्रीमती अनामिका कनोजिया, पश्चिम वृत्त से वन-रक्षक श्री सौरभ सिंह चौहान, ग्वालियर जिले के प्रभारी सहायक वन संरक्षक राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य भिण्ड श्री भूरा गायकवाड़, नर्मदापुरम् के उत्पादन हरदा के वन-रक्षक श्री अमित राय, वन-रक्षक श्री अशोक लखोरे, नर्मदापुरम् के वन-रक्षक श्री उपदेश उइके, इंदौर जिले के वन मण्डल धार प्रभारी उप वन क्षेत्रपाल श्री भुवान सिंह मण्डलोई, जबलपुर जिले के टाइगर रिजर्व कान्हा के वन क्षेत्रपाल श्री जितेन्द्र अवासे, उप वन क्षेत्रपाल श्री कुँवर सिंह तेकाम, वन-रक्षक श्री रमेश रहांगडाले, वन-रक्षक श्री हज्जीलाल बैगा, उत्पादन वन मण्डल डिण्डोरी के वन-रक्षक श्री गणेश प्रसाद दुबे, रीवा जिले के मुकुंदपुर जू के वन-रक्षक श्री विजय कुमार साकेत, वन मण्डल रीवा के वन क्षेत्रपाल श्री राजकुमार यादव, सागर जिले के उत्तर वन क्षेत्र के कार्यवाहक वनपाल श्री अनिल दोहरे, सिवनी जिले के दक्षिण सिवनी के कार्यवाहक उप वन क्षेत्रपाल श्री कृष्ण कुमार चौरसिया, पेंच टाइगर के वन-रक्षक श्री कपिल कुमार पटेल, वनपाल श्री सीताराम उइके, वनपाल श्री तेजलाल उइके, वन-रक्षक श्री महेन्द्र भारतीय, शहडोल जिले के वन मण्डल अनूपपुर के वन-रक्षक श्री कुंदन कुमार शर्मा, दक्षिण वन मण्डल शहडोल के वन-रक्षक श्री सूरज बैगा, वन-रक्षक (डॉग हेंडलर) श्री रामकमल पयासी, वन-रक्षक (सहायक डॉग हेंडलर) श्री राजकुमार त्रिपाठी, सामान्य वन मण्डल उमरिया के कार्यवाहक वनपाल (क्रीड़ा क्षेत्र) श्री रामकुमार बैगा, शिवपुरी जिले के वन मण्डल शिवपुरी के वन क्षेत्रपाल श्री राजेश निनामा, वन-रक्षक श्री उपेन्द्र यादव, माधव राष्ट्रीय उद्यान के वन-रक्षक श्री अनिल शर्मा, उज्जैन जिले के सामान्य वन मण्डल रतलाम के वन-रक्षक श्री रोहित चौहान, खण्डवा जिले के सामान्य वन मण्डल खरगौन के वन-रक्षक श्री कैलाश मोरे, भोपाल जिले के सामान्य वन मण्‍डल विदिशा के वन क्षेत्रपाल श्री देवेश गौतम, सामान्य वन मण्डल रायसेन के कार्यवाहक उप वन क्षेत्रपाल श्री सजन सिंह मीणा, सामान्य वन मण्डल भोपाल के वनपाल श्री राजकुमार चौधरी, सामान्य वन मण्डल रायसेन की कार्यवाहक वनपाल कु. मुक्ता विश्वकर्मा, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई जबलपुर के वनपाल श्री विपिन लकड़ा, वन-रक्षक श्री कैलाश चरार, राज्य स्तरीय उड़न दस्ता भोपाल के कार्यवाहक वनपाल (क्रीड़ा क्षेत्र) श्री मुकेश बघेल और वन-रक्षक (क्रीड़ा क्षेत्र) श्री शैलेश कुमार वर्मा शामिल हैं।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 11 ने किया लगातार 100 दिन से ज्यादा विद्युत उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन करने की श्रृंखला में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी 250 मेगावाट की यूनिट नंबर 11 ने लगातार 100 दिन से अध‍िक विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड कायम किया है। उल्लेखनीय है कि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के विद्युत गृह क्रमांक चार के अंतर्गत यूनिट नंबर 10 व यूनिट नंबर 11 विद्युत उत्पादन कर रही हैं। रिकार्ड कायम करने वाली यूनिट नंबर 11 इस वर्ष 28 जुलाई से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। यूनिट नंबर 11 ने हासिल की उत्पादन की अन्य उपलब्ध‍ियां सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 11 ने विभिन्न मापदंडों में भी उपलब्ध‍ि हासिल की। इस यूनिट ने 99 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 88.69 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 8.45 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन (एपीसी) की उपलब्ध‍ि हासिल की। यह यूनिट वर्तमान में भी सतत् विद्युत उत्पादन कर रही है। पिछले वर्ष भी बना था रिकार्ड यूनिट नंबर 11 ने पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी लगातार 236 दिन विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान स्थापित किया था। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के यूनिट नंबर 11 के अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्ध‍ि पर बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए विद्युत उत्पादन में नए कीर्तिमान रचेंगे। उनकी बेहतर कार्य-निष्पत्त‍ि से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बरकरार हुई है।  

आयवीआरआई की रिपोर्ट अनुसार मृत हाथियों के विसरा में मिला साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड

भोपाल उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में खितौली और पतौर रेंज में 29 अक्टूबर को हाथियों के मृत पाये जाने की घटना हुई थी। इसके संबंध में मृत हाथियों के विसरा विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे गये थे। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि 5 नवम्बर को मृत हाथियों की विसरा सैम्पल की विषाक्तता रिपोर्ट केन्द्र सरकार के आयवीआरआई बरेली उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मृत हाथियों के विसरा में साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह भी पता चलता है कि हाथियों ने बड़ी मात्रा में खराब कोदो पौधे/अनाज खाये हैं। नमूनों में पाये गये साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड की विषाक्तता की वास्तविक गणना और आगे की जा रही है। आयवीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार नाइट्रेट-नाइट्राइट, भारी धातुओं के साथ-साथ ऑर्गनों-फॉस्फेट ऑर्गनो-क्लोरीन, पाइरेथ्रोइड और कीटनाशकों के कार्बामेट समूह की उपस्थिति के लिये नकारात्मक पाई गई है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि आयवीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में आसपास के क्षेत्रों में ध्यान रखने के लिये एडवायजरी भी जारी की है, जिसमें ग्रामीणों में जागरूकता, खराब फसल में मवेशियों न चराने जैसे बिन्दु दिये गये हैं, जिसे प्रबंधन द्वारा पालन कराया जायेगा।  

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का दो दिन का राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजन प्रारंभ

भोपाल केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) द्वारा वित्त पोषित 63 एकलव्य आवासीय विद्यालय मध्यप्रदेश में संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 25 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत होकर अपनी सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं खेलकूद की विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभाओं एवं क्षमताओं को निखार रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा भी इन विद्यार्थियों के कौशल संवर्धन एवं दक्षता उन्नयन के लिये निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति द्वारा हर साल राष्ट्र स्तरीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों में किया जाता है। इसी अनुक्रम में विद्यालय स्तर, जिला स्तर एवं जोन स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके पश्चात एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोपाल में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह के मुख्य आतिथ्य में मंगलवार 5 नवम्बर को इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह द्वारा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए सभी विधाओं के प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन किया गया और उन्हें भविष्य में होने वाली राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने के लिये प्रेरक उद्बोधन देकर शुभकामनाएँ दीं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 6 नवम्बर तक चलेगी। इस अवसर पर देश के प्रख्यात संगीत साधक, ध्रुपद गायक पद्मश्री श्री उमाकांत गुंदेचाजी, प्रख्यात रंगकर्मी श्री राजीव वर्मा, अपर संचालक जनजातीय कार्य श्रीमती सीमा सोनी, संभागीय उपायुक्त भोपाल संभाग श्री एन.एस. वरकड़े सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी बच्चे उपस्थित थे। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को 4 जोन में वर्गीकृत किया गया है। प्रतियोगिता में नर्मदापुरम् जोन के 80 प्रतिभागी, इंदौर जोन के 77 प्रतिभागी, शहडोल जोन के 77 प्रतिभागी एवं जबलपुर जोन के 78 प्रतिभागी, इस प्रकार कुल 312 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता के समापन उपरांत चयनित प्रतिभागी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोपाल में 7 एवं 8 नवम्बर को प्रेक्टिस करेंगे तथा 9 नवम्बर को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये भुवनेश्वर (ओडिशा) प्रस्थान करेंगे। इसके बाद भुवनेश्वर में 12 से 15 नवम्बर तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रतियोगिता के समापन उपरांत सभी प्रतिभागी 17 नवम्बर को भोपाल लौटेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष

  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना “Strengthening of Cooperatives through IT Interventions” अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।  

सभी शासकीय शाला प्रभारियों को नामांकन एवं रिक्तियों की जानकारी अपडेट करने के निर्देश

भोपाल लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त शासकीय विद्यालयों के शाला प्रभारियों को जीएफएमएस पोर्टल पर नामांकन एवं रिक्तियों की जानकारी 6 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से अपडेशन करने के निर्देश जारी किये है। लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक शाला प्रभारी की लॉग-इन से अध्ययनरत् छात्र संख्या की जानकारी कक्षा एवं विषयवार दर्ज की जायें। प्रत्येक शाला में विद्यार्थी संख्या एवं सेक्शन के आधार पर शाला प्रभारी द्वारा आवश्यक रिक्तियों को नियत तिथि तक अनिवार्य रूप से अपडेशन किया जाये। नियत समय पर अपडेशन न होने पर अतिथि शिक्षक उपलब्ध नहीं कराये जा सकेंगे। यदि किसी शाला में शाला प्रभारी का नाम दिखाई नहीं दे रहा है, तो जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को अवगत कराकर शाला प्रभारी के रूप में दर्ज कराया जायें। यह सभी जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक पोर्टल पर अपडेट की जा सकेगी।  

सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण का निर्णय सराहनीय कदम है : नेहा बग्गा

भोपाल महिलाओं के सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। सदैव महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है… मध्य प्रदेश में पुलिस, शिक्षा, वन, आंगनवाड़ी से लेकर विभिन्न दायित्वों पर महिलाओं का आरक्षण सुनिश्चित कर भाजपा की सरकार ने महिलाओं के पक्ष में सदैव निर्णय किया… आज के निर्णय से युवतिओ में खुशी की लहर है, वे जानती है कि  कांग्रेस महिलाओं आइटम, सजावटी वस्तु समझती है वहीं अगर उनके हक में कोई निर्णय ले सकता था, ले रहा है तो केवल भारतीय जनता पार्टी है

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा नियम उल्लंघन करने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

भोपाल दीपावली अवकाश के उपरांत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधि पुनः प्रारंभ हुई है। विश्वविद्यालय में सभी कार्य सामान्य व सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुके हैं तथा दिनांक 06 नवंबर 2024 से विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं आरंभ होगी जिन्हें शांतिपूर्वक संचालित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन पूर्णतः तैयार है। वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में उन सभी छात्रों के विरूद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की है जिन्होंने विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन किया था तथा इन सभी छात्रों व उनके अभिभावकों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के समय इस प्रकार की कार्यवाही को बिना किसी शर्त के लिखित में स्वीकार किया था। पूर्व में भी, उल्लंघनकर्ता छात्रों के विरूद्ध इसी प्रकार की कार्यवाही की गई थी तथा इस नियम में किसी भी प्रकार का कोई अपवाद नहीं हो सकता है। यह स्मरण योग्य है कि, वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय एक स्वतंत्र स्वशासी संस्था है, जिसका गठन, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है तथा जो कि म.प्र. राजपत्र दिनांक 04 अगस्त 2017 में जारी व प्रकाशित “ऑर्डिनेंस” से शासित होती है तथा “ऑर्डिनेंस-03” स्पष्ट रूप से छात्रों द्वारा अनुशासन बनाए रखने तथा छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय के नियमों व विनियमों का उल्लंघन करने पर, बिना किसी अपवाद के, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में स्पष्ट प्रावधान करता है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय को अपनी स्वयं की “अनुशासनात्मक समिति तथा “शिकायत निवारण समिति विधि अनुसार गठित की गई है तथा इस हेतु कोई भी बाहरी हस्तक्षेप ना तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार या अनुमत ही किया जा सकता है और ना ही विश्वविद्यालय पर अधिरोपित ही किया जा सकता है। विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ छात्र समूहों ने विश्वविद्यालय द्वारा अपने उन छात्रों जिनके द्वारा अशोभनीय व साथी छात्रों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़नपूर्ण कृत्य किए गए थे, के विरूद्ध की गई कार्यवाही को वापस लेने को मांग के संबंध में, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का प्रयास किया था, जिन्हें विश्वविद्यालय में तत्समय उपस्थित अधिकारियों व डीन छात्र कल्याण, द्वारा समस्त वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया गया था।ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ व्यक्ति अपनी छात्र राजनीति के नाम पर, विश्वविद्यालय में अप्रिय स्थिति निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र समुदाय से किसी प्रकार का कोई समर्थन प्राप्त नहीं हुआ है। कतिपय पूर्णतः असंगत घटनाओं व पूर्णतः बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए अतिश्योक्तिपूर्ण तथ्यों को विश्वविद्यालय के विरूद्ध सनसनीखेज रूप देने के लिए, अनावश्यक रूप से बल दिया जा रहा है जो कि घोर निदंनीय है। यह महत्वपूर्ण है कि वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में, देश में अग्रणि विश्वविद्यालय के रूप में विशेष नाम व ख्याति अर्जित की है तथा अपने भविष्य लक्षीय पाठ्यक्रमों के कारण देशभर के छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होते हैं। वर्तमान में अनेक प्रतिष्ठित संस्थाएँ विश्वविद्यालय कैम्पस में छात्रों के कैम्पस भर्ती के लिए आ रही हैं। इस समय पर विश्वविद्यालय में शांति व सामान्य स्थिति बनी रहना आवश्यक है अन्यथा छात्रों व उनके भविष्य को अपूर्णीय क्षति कारित होगी।वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपने छात्रों के साथ कथित अनुचित आचरण व दुर्व्यवहार से संबंधित असत्य व भ्रामक चित्रण प्रस्तुत किया गया है। उक्त कहानी पूर्णतः असत्य व शरारतपूर्ण है तथा विश्वविद्यालय को बदनाम करने के आशय से गढ़ी गई है।

वीरांगना रानी अवंतीबाई संग्रहालय निर्माण पर कर करें कार्य-राज्य मंत्री लोधी

पर्यटन में प्रशिक्षण के साथ रोजगार पर दे विशेष ध्यान-राज्य मंत्री लोधी पर्यटन परियोजनाओं का निर्माण कार्य समय सीमा में करें -राज्य मंत्री लोधी वीरांगना रानी अवंतीबाई संग्रहालय निर्माण पर कर करें कार्य-राज्य मंत्री लोधी शारदा मंदिर मैहर में पर्यटन सुविधाओं का करें विकास मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा भोपाल पर्यटन परियोजनाओं में प्रशिक्षण के साथ साथ युवाओं को रोजगार भी मिले। इसका विशेष ध्यान दिया जाए। रोजगार के विभिन्न विकल्पों और योजनाओं पर भी कार्य करें। यह बात पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में पर्यटन बोर्ड की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जनमानस और पर्यटकों से जुड़ी परियोजनाओं को धरातल पर वास्तविक रूप से लागू करें। वह स्वयं प्रदेश में दौरा कर पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। राज्य मंत्री लोधी ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना में निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन के बाद मैहर में पर्यटकों की बड़ी हुई संख्या को देखते हुए निर्देश दिए मां शारदा मंदिर को धार्मिक स्थल के रूप में प्रचारित करने और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे। साथ ही वीरांगना रानी अवंतीबाई के जीवन चरित्र, योगदान और घटनाओं पर आधारित संग्रहालय निर्माण की योजना पर कार्य करें। सभी कार्यों को व्यवस्थित रूप से करें। शिकायत का मौका न दे। राज्य मंत्री लोधी ने पीएम पर्यटन वायु सेवा की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नाम पर संचालित होने वाली वायु सेवा के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उड़ाने समय पर और नियमित संचालित हो। राज्य मंत्री लोधी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से पर्यटन बोर्ड के बजट और कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। राज्य मंत्री लोधी ने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना, संकल्प सुरक्षित पर्यटन, लैंड बैंक, निजी होटलों का निर्माण एवं संचालन, मार्ग सुविधा केंद्र, फिल्म पर्यटन नीति, प्रचार-प्रसार आदि की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला, उप सचिव सुनील दुबे सहित पर्यटन बोर्ड के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

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