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टनल निर्माण के दौरान आतंकियों ने इंजीनियर और मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, हमले में सीधी के इंजीनियर की मौत

सीधी जिले के इंजीनियर अनिल शुक्ला रविवार रात जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। टनल निर्माण के दौरान आतंकियों ने इंजीनियर और मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। हमले में सात लोगों की मौत हुई है। जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम डिठौरा के अनिल शुक्ला (45) एक निजी कंपनी में बतौर मैकेनिकल इंजीनियर कार्यरत थे।जुलाई में अंतिम बार घर आए थे अनिलपरिजनों को सोमवार सुबह अनिल की मृत्यु की सूचना मिली। अनिल का एक पुत्र और एक पुत्री है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने आतंकी हमले को कायराना हरकत बताया है। साथ ही मृतक के स्वजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर में हुए कायराना आतंकी हमले में मध्यप्रदेश के सीधी जिला अंतर्गत ग्राम डिठौरा के एक होनहार इंजीनियर अनिल जी शुक्ला के काल कवलित होने का समाचार हृदय विदारक है। दुःख की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। पिता विश्वनाथ शुक्ला ने बताया कि बेटे से रोज फोन पर बात होती थी, कल भी बात हुई थी। जुलाई माह में वह घर आया था और जनवरी में फिर आना का कह गया था। उन्होंने बताया कि अनिल 1995 से कश्मीर में रह रहे थे। उपराज्यपाल ने मुआवजा जारी करने को कहा गगनगीर में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों को तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधान सचिव (गृह विभाग, जम्मू-कश्मीर) चंद्राकर भारती को निर्देश दिया। एलजी ने एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी से बिना किसी देरी के मुआवजा जारी करने को भी कहा है। एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी के अधिकारियों ने उपराज्यपाल कोव पीड़ितों के परिजनों के सदस्यों को प्रदान की जा रही सहायता के बारे में जानकारी दी। परिजनों को मिलेगा मुआवजा एसआरई के तहत, प्रत्येक मारे गए नागरिक के परिजनों को छह लाख रुपये दिए जाएंगे और एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी द्वारा तत्काल उपाय के रूप में 15 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। सभी घायलों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। कंपनी कॉर्पोरेट व्यक्तिगत दुर्घटना पॉलिसी के तहत ऑन रोल नागरिकों के परिवारों को वित्तीय सहायता और बीमा से मुआवजे के रूप में उनके सकल सीटीसी का 5 साल भी प्रदान करेगी। सभी पीआरडब्ल्यू श्रमिक और तीसरे पक्ष के कर्मचारी कर्मकार मुआवजा नीति के अंतर्गत आते हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार और एपीसीओ इंफ्राटेक कंपनी परिजनों को हर संभव वित्तीय सहायता और आवश्यकतानुसार अन्य सहायता सुनिश्चित करेगी।

सशक्त-स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिये स्वास्थ्य सेवाओं और अधो-संरचनाओं के कार्यों का तेज गति से क्रियान्वयन आवश्यक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सशक्त-आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को मूर्त रूप देने, स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचनाओं को निरंतर सुदृढ़ करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन कार्यों के तेज गति से क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन से विभिन्न अंतर्विभागीय समन्वय विषयों पर गहन चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रमुख विषयों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक कार्यवाही के लिये संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित करें, जिससे कार्यों में तेजी लाई जा सके। प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी और प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेजों में वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) के प्रस्ताव पर किया विमर्श उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 454 चिकित्सकीय संस्थानों में पदों की स्वीकृति के साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने के लिए कार्यवाही और समन्वय करने के निर्देश दिये। पैरामेडिकल कौंसिल से संबंधित अधिनियम को पुनः पूर्ववत् करने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। सामुदायिक केंद्रों और सिविल अस्पतालों के संचालन को आउटसोर्स आधार पर अनुमति देने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई, जिससे इसे शीघ्र ही अमल में लाया जाकर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जा सके। सहायक प्राध्यापक (मेडिकल कॉलेज) के पदों पर भर्ती की आयु सीमा को 40 वर्ष से 50 वर्ष किये जाने पर दिया ज़ोर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सहायक प्राध्यापक (मेडिकल कॉलेज) के पदों पर भर्ती की आयु सीमा को 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताते हुए आवश्यक प्रस्ताव पर विमर्श किया। नवीन जिलों में जिला अस्पतालों में पदों की स्वीकृति के मुद्दे पर विभागीय समन्वय के विषय पर चर्चा की गई। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग भर्ती में विशेष छूट देने का प्रस्ताव बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा। रीवा मेडिकल कॉलेज, सतना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदौर के एमवाय अस्पताल के उन्नयन और निर्माण के लिये परियोजना परीक्षण समिति से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए संबंधित कार्यवाही तेज करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये। स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के विकास के लिए बजट प्रावधान पर चर्चा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट प्रावधान पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के विकास के लिये स्वीकृति के लिये प्रस्ताव लंबित हैं, जिसके समाधान के लिए विभागीय सूचकांक को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री ने रीवा जिले के ग्राम हिनौती में गौ-अभ्यारण्य की स्वीकृति के लिए पशुपालन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव पर स्क्रीनिंग कमेटी आवश्यक कार्यवाही के लिए भी कहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा के अनुक्रम में सांदीपनी संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के रीवा परिसर में आधारभूत संरचना विकास (भवन/पुल निर्माण) तथा आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए उच्च शिक्षा विभाग से राशि प्रावधान करने की अनुशंसा की गई है। इस परियोजना का शीघ्र आमजन को लाभ मिल सके इसके लिये आवश्यक कार्यवाही करने के संबंध में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चर्चा की।  

पटाखों की दुकानें बिजली ट्रांसफार्मर से दूर उपयुक्त स्थानों पर लगाएं- ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दीपावली पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएं। कंपनी ने सभी पटाखा व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे सटाकर दुकान न लगाएं। ट्रांसफर्मर के नीचे दूकान लगने से दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। उन्होंने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि पटाखे व आतिशबाजी का प्रदर्शन बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें। मंत्री श्री तोमर ने दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिये उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर विद्युत अनधिकृत उपयोग नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम 2003 में जुर्माने का प्रावधान है। बिजली कंपनी ने मिठाई, मूर्तियां, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकाने एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिये लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों के प्रकाश व्यवस्था के संबंध में व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें।  

जगदीश देवड़ा ने कहा – मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए साथ अपराध पर कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। श्री देवड़ा ने सोमवार को भोपाल स्थित पर्यावरण अध्ययन संस्थान (इप्को) में आयोजित नवीन आबकारी नीति/आबकारी व्यवस्था वर्ष 2025-26 के निर्धारण के संबंध में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों की कार्यशाला में कही। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आसवक एवं देशी/विदेशी मदिरा विनिर्माताओं एवं बार-लायसेंसियों के साथ भी बैठक की। श्री देवड़ा ने वाणिज्यक कर विभाग की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनका कर्तव्य है कि अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहकर कार्यों के प्रति सजग रहें। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मदिरा का अवैध परिवहन ना हो तथा संगठित अपराधियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध कारोबार या कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व देने में वाणिज्यकर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 16 हजार करोड़ रूपये है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के समन्वित प्रयास से यह लक्ष्य भी हम प्राप्त कर लेगें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा निरंन्तर नए-नए नवाचार किये जा रहें हैं। विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उनकी अच्छाईयों को प्रदेश की आबकारी नीति में संम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नीति तभी ठीक होगी जब अनुभवी लोगो से बात की जायेगी। कार्यशाला में प्रदेश के मदिरा व्यावसायियों एंव ठेकेदारों द्वारा उप मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से भी अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी सरकार करेगी। कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। सरकार बहुत सजग है। उन्होनें विभागीय अधिकारियों का निर्देश दिये कि प्रदेश के शराब व्यावसायियों की समस्या को हल करने का प्रयास करे। श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के राजस्व प्राप्ति में आबकारी विभाग का अहम भागीदारी रहती है। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग के द्वारा ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से लायसेंसियों को अनेक सुविधाऐं प्रदान की गई हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता के साथ कार्य संम्पादित किये जा रहें हैं तथा राजस्व में निरंन्तर वृद्धि हो रही है। लायसेंसी भी नियमानुसार अपनी दुकान एवं बार का संचालन करें, विभाग द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लायसेंसियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जावेगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि आप सभी जनप्रतिनिधियों/मंत्रियों/विधायकों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें एवं निराकरण के बाद संबंधित को अवगत भी कराया जाए। आबकारी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर आबकारी अपराधों पर रोक लगाना हम सभी का दायित्व है। सभी के समन्वित प्रयास से वर्ष 2025-26 के लिए संतुलित आबकारी नीति बनाना ही विभाग का लक्ष्य है। आशा करता हूं कि हम इसमें पूरी तरह सफल होगें। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री अमित राठौर ने कहा कि प्रदेश के राजस्व में मदिरा व्यावसायियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होने अपेक्षा की कि जनता के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आबकारी आयुक्त श्री अभिजीत अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं मदिरा व्यावसायियों/लाइसेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  

3 लाख 55 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने कराई केवायसी, बिजली उपभोक्ता अब उपाय एप से भी करा सकेंगे केवायसी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के बिजली उपभोक्ताओं को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के बैंकों की तर्ज पर शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ देने के उद्देश्य से शुरू की गई केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 3 लाख 55 हजार 105 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया में नर्मदापुरम ग्रामीण में 39 हजार 745, बैतूल ग्रामीण में 64 हजार 146, राजगढ़ ग्रामीण में 21 हजार 017, शहर वृत्त भोपाल में 25 हजार 573, भोपाल ग्रामीण में 29 हजार 078, गुना ग्रामीण में 26 हजार 083, विदिशा ग्रामीण क्षेत्र में 27 हजार 14, सीहोर ग्रामीण में 16 हजार 420, ग्वालियर ग्रामीण में 12 हजार 407, शहर वृत्त ग्वालियर में 8 हजार 336, अशोकनगर ग्रामीण में 10 हजार 620, दतिया ग्रामीण में 12 हजार 980, रायसेन ग्रामीण में 16 हजार 171, शिवपुरी ग्रामीण में 14 हजार 903, हरदा ग्रामीण में 11 हजार 765, श्योपुर ग्रामीण में 5 हजार 396 , मुरैना ग्रामीण में 8 हजार 631 एवं भिण्ड ग्रामीण में 4 हजार 820 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कंपनी द्वारा की जा रही केवायसी प्रक्रिया से आमजन और बिजली उपभोक्ताओं को अवगत कराना सुनिश्चित करें। साथ ही कंपनी द्वारा “उपाय” एप से घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही केवायसी करने की सुविधा के बारे में भी अवगत कराएं। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि गूगल प्ले-स्टोर पर उपलब्ध उपाय एप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं।  

प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, सुबह-शाम ठंड का एहसास

भोपाल प्रदेश के मौसम का मिजाज आने वाले कुछ दिनों में सामान्य ही रहेगा। सुबह-शाम गुलाबी ठंडक रहेगी और रात का पारा 20 डिग्री के आसपास बना रहेगा।  प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और कई जगह न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की मामूली गिरावट भी हुई। अरब सागर में बने सिस्टम की वजह से अगले एक-दो दिन में न्यूनतम तापमान में हल्की कमी आने की संभावना जताई गई है। वहीं, अधिकतम तापमान में बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं होगा। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि हवा का रुख पूर्वी-दक्षिण पूर्वी बना हुआ है। सुबह-शाम ठंडक दरअसल, बंगाल की खाड़ी में जो सिस्टम बना हुआ है, हवा वहां से आ रही है, इसलिए प्रदेश में इन दिनों सुबह-शाम ठंडक है। हालांकि जितनी ठंडक होनी चाहिए, वह नहीं पड़ रही, क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग चार-पांच डिग्री अधिक है। मौसम में ठंडक के नहीं होने की एक वजह पश्चिमी विक्षोभ भी है, जो पिछले एक हफ्ते से नहीं आया है। मौसम प्रणाली सक्रिय अगले चौबीस घंटे मौसम शुष्क रहेगा और कहीं भी वर्षा नहीं होगी। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस पृथ्वीपुर (निवाड़ी) में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में दर्ज किया गया। तीन मौसम प्रणाली सक्रिय, पर बेअसर मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में तीन मौसम प्रणाली सक्रिय हैं, लेकिन इनका प्रभाव प्रदेश में कम रहेगा। अरब सागर में बना सिस्टम अब कमजोर पड़ने लगा है। वहीं हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है, जो तमिलनाडु कोस्ट के पास बना है। तीसरा सिस्टम अति कम दबाव का क्षेत्र है, जो उत्तरी अंडमान पर बना हुआ है। यह आगे चलकर प्रबल चक्रवात के रूप में बदल जाएगा। यह 24-25 अक्टूबर के आसपास आडिशा कोस्ट में पुरी के समुद्र तट को पार करेगा।

खाद्य विभाग में लगभग डेढ़ वर्ष में हुआ 97 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण

भोपाल खाद्य विभाग में अप्रैल 2023 से सितम्बर 2024 तक प्राप्त शिकायतों में से 97.24 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है। सी.एम. हेल्प लाइन पोर्टल पर इस अवधि में 4 लाख 48 हजार 552 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 4 लाख 36 हजार 202 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने शिकायतों के त्वरित निराकरण पर अधिकारी-कर्मचारियों को सराहना की है। उन्होंने कहा है कि शत-प्रतिशत शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। खाद्य विभाग द्वारा 17 माह में से 14 माह में “ए” ग्रेड प्राप्त किया गया है। सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर खाद्य विभाग की नवीन/संशोधित पात्रता पर्ची जारी होने पात्र परिवारों को खाद्यान्न प्रदाय करने, उपार्जन अवधि में कृषकों के पंजीयन, विक्रय उपज के भुगतान आदि से संबंधित शिकायतें प्राप्त होती हैं। खाद्य विभाग के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिये सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लॉगिन के कुल 4 लेवल है, जिसमें L-1 लेवल पर क्षेत्रीय सहायक/कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, L-2 लेवल पर जिला आपूर्ति नियंत्रक/ अधिकारी, L-3 लेवल पर जिला कलेक्टर एवं लेवल 4 पर आयुक्त खाद्य हैं। प्रत्येक माह की ग्रेडिंग के लिये उस माह की कुल लंबित शिकायतें, 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों एवं निम्न गुणवत्ता, नॉन अटेंडेड शिकायतों के संतुष्टि पूर्वक निराकरण के लिये कार्य किया जाता है।  

श्रमोदय मॉडल आईटीआई में प्रवेश के लिए 30 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

भोपाल श्रम विभाग द्वारा संचालित श्रमोदय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मुगलिया छाप, नीलबड़, भोपाल में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी 30 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। प्राचार्य आईटीआई श्री एस. एस. मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने स्तर से अथवा एमपी ऑनलाइन के अधिकृत सहायता केन्द्रों से ऑनलाइन लिंक https://mpiticounsling.co.in माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश विवरणिका कौशल विकास संचालनालय की वेबसाइट http://mpskill.gov.in एवं http://dsd.mp.gov.in पर उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि श्रमोदय मॉडल आईटीआई में कुल इंजीनियरिंग 08 ट्रेड वेल्डर, इंटीरियर डिजाइन एण्ड डेकोरेशन,इंटरनेट ऑफ थिंग्स (स्मार्ट सिटी), फैशन डिजाइन एण्ड टेक्नालॉजी, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, टेक्नीशियन मैकाट्रॉनिक्स, सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेट, इलेक्ट्रीशियन संचालित है, जो इंजीनियरिंग एंव नॉन इंजीनियरिंग है। संस्था में 04 ट्रेड एक वर्षीय एवं शेष 04 ट्रेड दो वर्षीय पाठयक्रम के संचालित है। सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेट, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, टेक्नीशियन मैकाट्रॉनिक्स, टेक्नीशियन ट्रेड पूरे मध्यप्रदेश में श्रमोदय मॉडल आईटीआई में संचालित किए जा रहे हैं।  

देश को विश्व-गुरू बनाने में शिक्षक की अहम भूमिका: शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि देश को विश्व-गुरू बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षकों के सहयोग के बगैर देश का विकास असंभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पदों की भर्ती शिक्षकों के माध्यम से होगी। प्रत्येक जिले में सीएम राइज स्कूलों की संख्या भी बढ़ाई जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में हुए राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन और राज्य स्तरीय गिजुभाई शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिये प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि भोपाल में जल्द ही प्रदेश से शिक्षकों को आमंत्रित कर संवाद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभाग ने शिक्षकों के हितों को देखते हुए शिक्षकों को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। प्रदेश में राज्य सरकार 40 करोड़ रूपये की लागत से निरंतर विभिन्न सीएम राइज स्कूल भवनों का निर्माण कर रही है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय सुविधा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि सभी शिक्षक नियमित तौर पर समय पर स्कूल पहुँचे तो निश्चित ही हमारी शिक्षण व्यवस्था की तस्वीर बदलेगी और बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांनतरण अनायास नहीं होंगे। शिक्षक जब किसी स्कूल में ज्यादा वक्त तक शिक्षण कार्य करेगा तभी वहाँ के विद्यार्थियों के बारे में जानकर उनकी कमजोरियों को दूर कर पायेगा। इस मौके पर स्थानीय नगर पालिका अध्यक्ष श्री शिवाकांत मिश्रा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

सुरक्षा कर्मियों की सजगता से एम.पी. ट्रांसको में चोरी की बड़ी घटना टली

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पारेषण भंडार में एम.पी. ट्रांसको की बहुमूल्य सामग्रियों की चोरी के प्रयास को नयागांव स्थित ट्रांसमिशन स्टोर में नियुक्त आउटसोर्स सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता और सतर्कता ने नाकाम कर दिया। साहस और सजगता का परिचय देते हुए 3 चोरों को इन सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। गत दिवस अंधेरे का फायदा उठाकर प्रातः लगभग साढ़े तीन बजे नयागांव के ट्रांसमिशन स्टोर से बहुमूल्य आप्टिकल फाइबर केबल तथा ट्रांसमिशन टॉवर के क्षतिग्रस्त होने पर उपयोग में आने वाले इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम के पार्ट्स की चोरी कर 3 चोर मोटरसाइकिल से ले जाने का प्रयास कर रहे थे । ट्रांसमिशन स्टोर की ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मियों श्री रोहित यादव एवं श्री सुरेश यादव को जैसे ही चोरो को वारदात का अहसास हुआ, दोनों ने साहसपूर्वक एक चोर को रंगे हाथों धर दबोचा। दो चोर भाग गए थे जिन्हें स्टोर नंबर दो में तैनात सुरक्षा कर्मियों सुमित यादव व सिद्धांत यादव ने समय पर सूचना मिलने के कारण सूझबूझ का परिचय देते हुए बहाने से अपनी मोटर साइकिलों पर बैठाकर कब्जे में कर लिया। एम.पी. ट्रांसको के अधिकारियों ने गोरखपुर थाना में घटना की प्राथिमिकी दर्ज कराने आवेदन दिया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने सुरक्षा कर्मियों के साहस की सराहना करते हुए उनको बधाई दी है। साथ ही बहादुर कर्मचारियों को तत्काल कैश अवार्ड देने के लिये निर्देश दिए है। निर्देशानुसार बहादुर कर्मचारियों को प्रमाण पत्र तथा कैश अवार्ड प्रदान कर दिया गया है।  

बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों के घर हो रहे रौशन

भोपाल प्रदेश में तीन विशेष रूप से कमजोर व पिछड़ी जनजातियां (पीवीटीजी) बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। इन पीवीटीजी परिवारों के समग्र कल्याण के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना चलाई जा रही है। इस योजना में प्रदेश की सभी पीवीटीजी बसाहटों को चरणबद्ध रूप से रौशन किया जा रहा है। इसके लिये पीएम जन-मन के तहत ही ‘हर घर बिजली योजना’ के अन्तर्गत तीन चरणों में 29 हजार 14 बसाहटों में रहने वाले सभी पीवीटीजी परिवारों के घरों को रौशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 10 हजार 952 बसाहटों में बिजली कनेक्शन मंजूर किये गये थे। दूसरे चरण 16 हजार 404 बसाहटों में कनेक्शन स्वीकृत किये गये। तीसरे चरण में 1 हजार 658 बसाहटों में बिजली कनेक्शन को मंजूरी दी गई। सभी पात्र व चिन्हित पीवीटीजी परिवारों को तीन चरणों में बिजली कनेक्शन देकर लक्ष्य पूर्ति के लिये तेजी से कार्यवाही की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा अब तक 3 हजार 240 पीवीटीजी बसाहटों एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा 5 हजार 147 पीवीटीजी बसाहटों, इस प्रकार कुल 8 हजार 387 पीवीटीजी बसाहटों में बिजली कनेक्शन प्रदान कर दिये गये हैं। पहला चरण 31 अगस्त 2024 को पूरा हो चुका है। दूसरा और तीसरा चरण 31 दिसम्बर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 1.56 लाख परिवारों को नल कनेक्शन भी दिये गये पीएम जन-मन के तहत ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिये भी भारत सरकार एवं राज्य सरकार संकल्पित है। इस योजना के अंतर्गत 3 लाख 15 हजार 82 पीवीटीजी परिवारों को चिन्हित किया गया था। इन लक्षित परिवारों में से अब तक 1 लाख 56 हजार 692 पीवीटीजी परिवारों के घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर इनके घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जा रही है। शेष परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने के लिये सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है।  

रीवा संभाग बनेगा मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र

भोपाल रीवा संभाग, जो मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, आज तेजी से एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीनता, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और खनिज भंडारों के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अनगिनत अवसर प्रस्तुत करता है। यहां न सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, बल्कि इसके पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व ने भी इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। रीवा संभाग के औद्योगिक क्षेत्र चोरहट्टा, गुड़ह बाईपास, और त्योथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, कृषि आधारित उद्योग, धातु उद्योग, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योग प्रमुखता से उभर रहे हैं। रीवा का हवाई संपर्क जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार और भी बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को माल की ढुलाई और उत्पादों की आपूर्ति में आसानी हो रही है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर रीवा संभाग का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे पर्यटन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां स्थित रीवा किला, गोविंदगढ़ का किला, और मुक्ति धाम जैसे स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, रीवा के साथ जुड़ी बघेलखण्ड की संस्कृति ने भी इस क्षेत्र को एक विशिष्ट पहचान दी है। खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता रीवा संभाग खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर, डोलोमाइट, और बॉक्साइट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन खनिज संसाधनों का दोहन स्थानीय उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलता है। पर्यटन और पौराणिक महत्व रीवा संभाग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। केऊटी जलप्रपात, चित्रकूट और सिद्ध बाबा जैसे स्थानों का पर्यटन महत्व है, जो न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र की धार्मिक धरोहर भी पर्यटन को बढ़ावा देती है। राष्ट्रीय राजमार्गों और मजबूत कनेक्टिविटी का लाभ रीवा संभाग से कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 30, NH 75 और NH 39) गुजरते हैं, जो इसे अन्य राज्यों से जोड़ते हैं और व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाते हैं। इन राजमार्गों के साथ ही अब हवाई संपर्क भी उपलब्ध है, जिससे माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होती है। रीवा की उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार से निकटता इसे एक लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरने का अवसर प्रदान करती है, जिससे निवेशकों के लिए व्यापारिक गतिविधियां सरल हो जाती हैं। मजबूत आधारभूत संरचना और सरकारी प्रोत्साहन रीवा संभाग में उद्योगों को स्थापित करने के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, जिसमें सस्ती औद्योगिक भूमि, बिजली और जल की बेहतर उपलब्धता शामिल है। सरकार की कर छूट, सस्ती दरों पर भूमि और प्रोत्साहन योजनाएं निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। रीवा संभाग, अपनी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और औद्योगिक धरोहर के साथ, मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक केंद्र बन रहा है। हवाई और सड़क संपर्क, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, और सरकार की नीतियां इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।  

खाद्य मंत्री ने बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण

भोपाल प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने सोमवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न डिपार्टमेंट के एचओडी के साथ बैठक कर समीक्षा भी की। मंत्री श्री  राजपूत ने कहा कि लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप बीएमसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में और भी आवश्यक डिपार्टमेंट खोले जाएंगे। उन्होंने सफल कार्निया प्रत्यारोपण पर खुशी जताते हुए कहा कि सागर में ऐसी सुविधाएं मिलना शुरू हो गईं हैं जो संपूर्ण क्षेत्र के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पहले जिन सुविधाओं का अभाव था वह धीरे-धीरे  अब पूरी  हुई हैं। यहां  नए डिपार्टमेंट भी खुले हैं और जिन डिपार्टमेंट्स की आवश्यकता है वह भी पूरी की जाएगी। खासकर यहां कैंसर की मशीन आना है । हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में यहां कैंसर अस्पताल खोला जाए। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर उनकी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से चर्चा हुई है और स्वास्थ्य मंत्री  से भी बात हुई है।  सागर मेडिकल कॉलेज में जिन- जिन चीजों की आवश्यकता है उनकी जल्द ही पूर्ति किये जाने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से लोगों की बहुत सी अपेक्षाएं हैं। यहां आ रहे मरीजों के लिए अधिक से अधिक सुविधाओं की पूर्ति हो यह हमारा प्रयास रहेगा। विधायक शैलेंद्र जैन ने निरीक्षण के दौरान कहां की बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब न्यूरो विभाग खोलने के लिए सभी तैयारी सुनिश्चित की गई है। शीघ्र ही यह विभाग कार्य करना शुरू करेंगे।   इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉक्टर पीएस ठाकुर ने बताया कि प्रसूति विभाग में डॉक्टरों की कमी है, उसको तत्काल पूरा किया जाए। अभी यहां प्रत्येक माह 1100 से अधिक प्रसव हो रहे हैं। महिला प्रसूति वार्ड की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर शीला जैन ने बताया कि डॉक्टरों की पूर्ति हो जाए तो हम लोग 2000 तक प्रसव कराने में सक्षम है। डॉक्टर सुनील सक्सेना ने सर्जरी विभाग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सर्जरी विभाग के साथ-साथ महिलाओं के स्तन कैंसर की भी जांच की जाती है एवं ऑपरेशन किए जा रहे हैं। नाक कान विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर रीमा गोस्वामी ने मंत्री राजपूत को बताया कि नवजात बच्चों के बहरेपन की जांच प्रथम दिन से ही की जाती है एवं स्पीच थेरेपी भी की जा रही है। इसी प्रकार नेत्र विभाग के डॉ प्रवीण करें ने बताया कि यहां नेत्र प्रत्यारोपण होने से लोगों में कॉलेज के प्रति विश्वास बढ़ा है। हमें कॉलेज को नेत्रदान करने वाले दानदाता भी मिल रहे हैं।  आवश्यकता अनुसार व्यक्तियों का नेत्र प्रत्यारोपण किया जा रहा है।  

अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन पर कार्यशाला

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अमृत परियोजना के अन्तर्गत भोपाल के पर्यावरण परिसर स्थित “एप्को’’ में शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण विषय पर 22 अक्टूबर मंगलवार को प्रात: 11 बजे कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण पर विचार करना है। कार्यशाला में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भरत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में वक्ता के तौर पर प्रमुख अभियंता‌श्री प्रदीप मिश्रा, कार्यपालन यंत्री श्री रवि चतुर्वेदी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। साथ ही जल विशेषज्ञ, नीति निर्माताओं का “शहरी जल संसाधन प्रबंधन’’ विषय पर उद्बोधन होगा। कार्यशाला में 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। यह कार्यशाला जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यशाला के निष्कर्षों से शहरी जल सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।  

बिजली कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारियों को समय पर भरना होगा बिजली बिल, प्रबंध संचालक ने दिए निर्देश

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्ष्िातिज सिंघल ने कहा है कि अब कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रतिमाह समय पर बिजली बिल भरना अनिवार्य है। पिछली समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी के अंतर्गत कार्यरत सभी नियमित, संविदा अथवा बाह्य स्त्रोत अधिकारियों/कर्मचारियों पर विद्युत बिलों की कोई भी राशि बकाया नहीं रहे। इस संबंध में सभी वृत्त द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित कर नोड्यूज प्रमाण-पत्र सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रबंध संचालक ने कहा है कि कंपनी द्वारा लगातार सभी श्रेणी एवं सभी वर्गों के उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की बकाया राशि वसूली हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं, ऐसे में कंपनी के ही अधिकारी एवं कर्मचारियों पर विद्युत बिलों की राशि बकाया होना बिल्कुल भी उचित नहीं है।  

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