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पीवीटीजी बहुल 24 जिलों में पीएम पोषण योजना से बच्चों को मिल रहा पका हुआ पोषण आहार

भोपाल केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री पोषण शाक्ति निर्माण या कहें पीएम पोषण योजना से प्रदेश के जनजातीय वर्ग के बच्चों को पके हुये पोषण आहार का भरपूर लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से कमजोर व पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की बहुलता वाले मध्यप्रदेश के 24 जिलों के बच्चे पीएम पोषण योजना से अधिक लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया तीन जनजातियां पीवीटीजी में आती हैं। अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दतिया, डिण्डोरी, गुना, ग्वालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, विदिशा, भिण्ड, जबलपुर, रायसेन, उमरिया, सिंगरौली एवं सिवनी जिले में पीवीटीजी जनजातियां निवास करती हैं। पीएम पोषण योजना में प्रदेश के 24 पीवीटीजी जिलों में सतत् रूप से खाद्यान्न (गेहूं एवं चांवल ) जारी किया जा रहा है। इस खाद्यान्न से बच्चों को पका हुआ गर्म पोषक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। गत वित्त वर्ष 2023-24 में इन 24 पीवीटीजी जिलों को 30184.01 मीट्रिक टन गेहूं एवं 26519.96 मीट्रिक टन चांवल, कुल 56703.97 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी किया गया। वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में (30 सितम्बर 24 तक) इन्हीं पीवीटीजी जिलों को 13552.89 मीट्रिक टन गेहूं एवं 12941.77 मीट्रिक टन चांवल, कुल 26494.66 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी किया जा चुका है। बच्चों के लिये खाना पकाने रखे गये रसोईयों के मानदेय एवं भोजन पकाने पर होने वाले अन्यान्य व्ययों के लिये भी इन 24 पीवीटीजी जिलों को समुचित राशि जारी की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में (31 अगस्त 24 तक) अनूपपुर जिले को 5 करोड़ 50 लाख 29 हजार 567 रूपये, अशोकनगर को 4 करोड़ 99 लाख 65 हजार 544 रूपये, बालाघाट को 8 करोड़ 91 लाख 93 हजार 618 रूपये, भिण्ड को 5 करोड़ 87 लाख 82 हजार 958 रूपये, छिंदवाड़ा को 10 करोड़ 44 लाख 3 हजार 7 रूपये, दतिया को 4 करोड़ 58 लाख 95 हजार 88 रूपये, डिण्डोरी को 7 करोड़ 9 लाख 69 हजार 783 रूपये, गुना को 4 करोड़ 73 लाख 70 हजार 935 रूपये, ग्वालियर को 6 करोड़ 2 लाख 28 हजार 357 रूपये, जबलपुर को 8 करोड़ 86 लाख 50 हजार 669 रूपये, कटनी को 7 करोड़ 98 लाख 12 हजार 942 रूपये, मंडला को 9 करोड़ 5 लाख 65 हजार 39 रूपये, मुरैना को 11 करोड़ 39 लाख 79 हजार 640 रूपये, नरसिंहपुर को 5 करोड़ 47 लाख 76 हजार 99 रूपये, रायसेन को 7 करोड़ 40 लाख 18 हजार 55 रूपये, सतना (मैहर जिला शामिल) को 11 करोड़ 60 लाख 97 हजार 834 रूपये, सिवनी को 8 करोड़ 90 लाख 65 हजार 250 रूपये, शहडोल को 5 करोड़ 89 लाख 5 हजार 698 रूपये, श्योपुर को 4 करोड़ 90 लाख 15 हजार 447 रूपये, शिवपुरी को 9 करोड़ 87 लाख 24 हजार 589 रूपये, सीधी को 8 करोड़ 66 लाख 16 हजार 304 रूपये, सिंगरौली को 8 करोड़ 90 लाख 39 हजार 910 रूपये, उमरिया को 4 करोड़ 66 लाख 42 हजार 12 रूपये तथा विदिशा जिले को 9 करोड़ 36 लाख 34 हजार 41 रूपये का आवंटन जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य पीएम पोषण योजना का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों में बौनेपन, कुपोषण, एनीमिया और जन्म के समय कम वजन और इससे उपजने वाली समस्याओं को कम करना है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में भी यह योजना अत्यंत सहायक है। कुपोषण भारत में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जो देश के लाखों बच्चों और महिलाओं को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। यह योजना जीवन। चक्र के सार्वभौमिक दृष्टिकोण पर आधारित है, जो शिशु के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है, जो गर्भाधान से लेकर शिशु की दो वर्ष की आयु तक होता है। यह योजना राष्ट्र के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को आकार देने में मां की गर्भावस्था और शिशुवस्था के दौरान पर्याप्त पोषण व देखभाल के महत्व पर केन्द्रित है। इस योजना से देश की सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के बच्चों को सीधा लाभ मिलता है। इसमें पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे भी शामिल हैं।  

नवरात्रि: बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस स्कूटी दल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार रतलाम में पुलिस विभाग द्वारा बालिका सुरक्षा के लिए महिला पुलिस स्कूटी दल द्वारा पेट्रोलिंग सुनिश्चित की गई है। नवरात्रि पर्व के दृष्टिगत गरबा खेलने आने जाने वाली बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के अन्य प्रबंध सुनिश्चित किये हैं। महिला पुलिस स्कूटी दल को पुराने कंट्रोल रूम से पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाई गई। स्कूटी दल शहर में नवरात्रि त्यौहार दौरान शाम 7 बजे से रात्रि एक बजे तक सभी गरबा पांडालों के आसपास भ्रमण करेगी। त्यौहार के दौरान आने जाने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं की मनचलों से सुरक्षा एवं छेड़खानी करने वाले पर नजर रखी जाएगी। रतलाम पुलिस का नवाचार महिला सुरक्षा को लेकर यह रतलाम पुलिस का एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें लगभग 25 महिला पुलिस कर्मी शामिल रहेगी। नवरात्रि पर्व के बाद भी ये टीम शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करेगी ।

मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी के यश बाथरे करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयन

भोपाल मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी के होनहार खिलाड़ी यश बाथरे का चयन भारत की ओर से मॉडर्न पेंटाथलॉन के बाईथले/ट्रायथले इवेंट में भाग लेने के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित वर्ल्ड चैंपियनशिप प्रतियोगिता 8 से 14 अक्टूबर के बीच इजिप्ट में आयोजित की जाएगी। यश बाथरे विगत चार वर्षों से मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में कैप्टन मनोज झा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग और खेल संचालक रवि कुमार गुप्ता ने उन्हें बधाइयां दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।  

सेवा भारती द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित किया गया कार्यक्रम, कन्या-पूजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर होने वाला कन्या-पूजन मातृशक्ति की आराधना का प्रतीक है। साथ ही नवरात्रि, जीवन में ऋतु परिवर्तन की महत्ता को भी स्थापित करती है। सनातन परंपरा में विद्यमान उपवास की अवधारणा और उसके लाभ को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था भी स्वीकार करती है। भारतीय संस्कृति मातृसत्ता की महत्ता को नमन करती है। हमारी संस्कृति में मां सरस्वती को ज्ञान की देवी और मां लक्ष्मी को धन संपदा की देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय संस्कृति भोजन और भाव दोनों को महत्व देती है यह स्व से संपूर्ण ब्रह्मांड को एकाकार करने के विचार पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा भारती महावीर मंडल भोपाल द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित विशाल कन्या-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प वर्षा कर कन्याओं का स्वागत और विधि-विधान से उनका पूजन भी किया। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति जीव मात्र से प्रेम और शांति का संदेश देती है। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और देश का सामर्थ्य ही है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व, शांति के लिए भारत की ओर देखता है। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष, शांति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर सभी देश आशा से देख रहे हैं। यह हम सबके लिए गौरव का विषय है। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है, देश भी शक्ति सम्पन्न हो तथा अधिक से अधिक शक्ति संचय की ओर हम अग्रसर हों, इसी उद्देश्य से सेवा भारती संस्था समाज के सभी वर्गों के कल्याण और हित संवर्धन के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली की सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सेवा भारती के श्री रवि सेठी, श्री विमल त्यागी, गोविंदपुरा क्षेत्र के उद्योगपति, जन-प्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।  

आशा शब्द ही उम्मीद और नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है – मंत्री श्री शुक्ला

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि आशा शब्द है उम्मीद का दूसरा नाम है। यह शब्द महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है। मंत्री श्री शुक्ला ने रविवार को भिंड जिले के मेहगांव में आशा, पर्यवेक्षक एवं बीसीएम को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसा-पत्र और शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता एक मजबूती कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं, जो प्रत्येक गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने व टीकाकरण संबंधी कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से निभा रही हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि आशा कार्यकर्ता के नाम के आगे ही आशा शब्द जुड़ा हुआ है जो सबके मन में उम्मीद की किरण तो जगाता ही है। साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है। आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की जितनी सराहना की जाये उतनी कम होगी। उन्होंने कहा कि आशा, गर्भवती महिलाओं के पास डॉक्टर से पहले पहुंचने का कार्य कर रही है। जिले में आशा कार्यकर्ताओं के निरंतर किया जा रहे प्रयत्नों और परिश्रम का ही परिणाम है कि आज शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह सजग रहकर कार्य करने से जिले में लिंगानुपात भविष्य में और भी बेहतर होगा। कार्यक्रम मे बड़ी संख्या मे आशा कर्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री अवार्डी श्रीमती दुर्गाबाई से की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद्मश्री अवार्डी श्रीमती दुर्गाबाई के कोटरा सुल्तानाबाद स्थित निवास पहुंचकर उनसे भेंट की तथा कुशल क्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर श्रीमती दुर्गाबाई का अभिवादन किया। श्रीमती दुर्गाबाई ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तिलक कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती दुर्गाबाई से लोक कला विशेषकर गोंड चित्रकारी में हो रहे नवाचारों और प्रदेश में नई पीढ़ी के कलाकारों के प्रशिक्षण तथा प्रोत्साहन के संबंध में चर्चा भी की। उल्लेखनीय है कि श्रीमती दुर्गाबाई को चित्रकला के लिए वर्ष 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।  

पीड़ित महिला के पिता ने कहा- उनकी बेटी रानू साहू की शादी 2006 में हुई थी, लेकिन 2008 के बाद से उसे कैद कर रखा, अब पुलिस ने बचाया

भोपाल मध्य प्रदेश के भोपाल में विवाहित महिला को करीब 16 साल से कैद करने का मामला सामने आया है. महिला के ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है. पिता की शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने महिला को ससुरालवालों के कैद से छुड़ाया. बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक पीड़ित महिला 2008 से अपने मायके के परिवार से नहीं मिली है. उसे अपने परिवार से मिलने से रोका गया था. महिला के कैद और प्रताड़ित किए जाने के पीछे का सही कारण उसके ससुराल वालों के बयान दर्ज होने के बाद ही सामने आएगा. महिला थाना प्रभारी शिल्पा कौरव ने बताया कि शिकायत नरसिंहपुर निवासी 75 वर्षीय किशनलाल साहू ने दर्ज कराई है. साल 2006 में हुई थी महिला की शादी टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित महिला के पिता किशनलाल ने कहा, ”उनकी बेटी रानू साहू की शादी 2006 में हुई थी, लेकिन 2008 के बाद से उसके ससुराल वालों ने उसे उसके मायके परिवार से मिलने नहीं दिया.” हालांकि किशनलाल और उनके परिवार को कभी-कभी पड़ोसियों से उनकी बेटी रानू और उसके दो बच्चों के हालचाल को लेकर सूचना दी जाती थी, लेकिन हाल ही में उन्हें पता चला कि उनकी तबीयत खराब हो गई थी. पिता ने बेटी को बचाने के लिए पुलिस से मांगी मदद इसके बाद चिंतित किशनलाल ने अपनी बेटी को बचाने के लिए पुलिस से मदद मांगी. शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और जहांगीराबाद पुलिस से सहायता का आग्रह किया. थाना प्रभारी कौरव ने बताया कि पुलिस टीम के साथ बताए गए पते पर पहुंचने पर रानू के ससुराल वालों ने बताया कि वह घर की दूसरी मंजिल पर है. पुलिस ने उस महिला को प्लास्टिक से बनी खाट पर लेटा हुआ पाया, उसके बगल में एक प्लेट में चपाती का एक टुकड़ा और आलू के कुछ टुकड़े रखे हुए थे. वह बोलने या संवाद करने की स्थिति में नहीं थी. पुलिस ने तुरंत उसे बचाया और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. उनके पति को भी उनके साथ रहने के लिए अस्पताल भेजा गया था. थाना प्रभारी कौरव ने बताया कि बुजुर्ग पिता की शिकायत की गहनता से जांच की जाएगी.

महिला की डिलीवरी के समय स्वास्थ्य विभाग की एक नर्स भी मौजूद रही, मामले में जांच शुरू

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा का एक वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है, जिसमें साड़ी का पर्दा लगाकर नर्मदा नदी के किनारे एक महिला की खुले में डिलीवरी करवाई जा रही है. इंदौर-इच्छापुर सड़क मार्ग पर स्थित मोरटक्का में महिला की डिलीवरी के समय स्वास्थ्य विभाग की एक नर्स भी मौजूद रही, लेकिन धूप होने की वजह से वो किनारे बैठ कर तमाशा देखती रहीं. दरअसल, मोरटक्का में नर्मदा नदी पर स्थित खेड़ी घाट पर हर रोज कई श्रद्धालु आते हैं, इसलिए यहां फूल और पूजन सामग्री की कई दुकानें भी हैं. यहीं पर पूजा सामग्री बेचने वाली एक महिला को लेबर पेन हुआ. इसके बाद महिला को वहीं पर पड़े बेंच पर लिटा दिया गया. साथ ही स्वास्थ्य केंद्र को भी सूचना दी गई. जिसके बाद मौके पर एक नर्स पहुंची, लेकिन उसने महिला की डिलीवरी करने के बजाए उसे दर्द में कराहता छोड़कर धूप से बचने के लिए किनारे बैठ गई.   साड़ी का पर्दा लगाकर कराई डिलीवरी इसके बाद घाट पर मौजूद अन्य महिलाओं ने साड़ी का पर्दा लगाकर महिला का प्रसव करवाया. इस दौरान किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. स्थानीय लोगों ने बताया, स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी गई थी, वहां से एक नर्स भी मौके पर पहुंची, लेकिन उसने डिलीवरी करवाने में मदद नहीं की, जिसके बाद स्थानीय महिलाओं ने ही महिला की डिलीवरी करवाई. वहीं इस मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राम कृष्ण इंगला ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि नर्मदा के खेड़ी घाट पर एक महिला को लेबर पेन हो रहा है. सूचना मिलने पर सेंटर से तुरंत डिलिवरी सम्बंधित चीजें लेकर नर्स पहुंची, लेकिन तब तक महिला की डिलीवरी हो चुकी थी. इसके बाद असिस्टेंट ने बच्चे की नाल को अलग किया और सेंटर लाकर बच्चे और मां की जांच की. इसके अलावा बच्चे को टीका भी लगाया गया. उन्होंने वायरल वीडियो पर कहा यह वीडियो गलत है. नर्स अपना काम करने के बाद वहां जाकर बैठी थी. हालांकि, इस मामले में जांच की जाएगी.

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर का लड्डू प्रसाद लैब टेस्ट में हुआ पास, एकदम शुद्ध मिला

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर का लड्डू प्रसाद एकदम शुद्ध मिला है। इस खबर के बाद महाकाल के भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसने खाद्य सुरक्षा नियमों के 13 मानकों को पास कर लिया है। मंदिरों में अशुद्ध प्रसाद का मुद्दा तिरुपति प्रसाद विवाद के बाद सामने आया था। उज्जैन के मंडल आयुक्त संजय गुप्ता ने जानकारी दी कि लड्डू प्रसाद की भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की मान्यता प्राप्त कुछ प्रयोगशालाओं में 13 विभिन्न प्रकार की जांच की गईं, जिसमें यह प्रसाद शुद्ध पाया गया। उन्होंने जानकारी दी कि इसमें सबसे महंगी सामग्री शुद्ध घी है। इसमें राज्य सरकार के सहकारी संस्थान उज्जैन मिल्क यूनियन द्वारा बनाए गए घी का उपयोग होता है। लड्डू बनाने के लिए हर दिन 40 मीट्रिक टन घी का उपयोग होता है।

भोपाल में फैक्ट्री से मिली 1800 करोड़ रुपये की ड्रग्स, दो गिरफ्तार

भोपाल गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस), मध्य प्रदेश एटीएस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, दिल्ली की टीम ने एमडी ड्रग के विरुद्ध चल रहे अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसियों ने भोपाल के बागरोदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में छापामार कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग और इसे बनाने में उपयोग होने वाला कच्चा माल जब्त किया है। इसकी कीमत 1800 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। जांच एजेंसियों ने यहां से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गुजरात के गृहमंत्री ने दी बधाई गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने खुद कहा है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘गुजरात एटीएस और दिल्ली एनसीबी की टीम ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में मिली बड़ी जीत पर बधाई। हाल ही में भोपाल की फैक्ट्री पर रेड डाली गई और एमडी (ड्रग्स) व उसे बनाने वाला पदार्थ बरामद किया गया, जिसकी कीमत 1814 करोड़ रुपये है। उन्होंने आगे लिखा, ‘यह उपलब्धि हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के ड्रग्स की तस्करी से लड़ने में उनके अथक प्रयास को दर्शाती है। उनका प्रयास हमारे समाज की सुरक्षा और सेहत की सुरक्षा के लिए अहम है। उनका यह समर्पण सच में तारीफ के काबिल है। भारत को सुरक्षित और सेहतमंद राष्ट्र बनाने के उनके मिशन में उनका साथ देना जारी रखें।’

“शिक्षा भूषण” अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान समारोह में सीएम बोले- शिक्षकों का सम्मान कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल रवींद्र भवन में “शिक्षा भूषण” अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान समारोह में 3 महानुभावों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर कुसुमलता केडिया, डॉ रामचंद्रन आर और प्रोफेसर के के अग्रवाल को शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। तीनों शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, एक लाख रुपए का चेक, सिल्वर प्लेट और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गुरुकुल की परंपरा को बनाए रखे सम्मान समारोह में राज्यसभा सांसद उमेश नाथ महाराज ने कहा कि- हमारे देश में करोड़ों ऋषि मुनियों ने जन्म लिया और रिसर्च कर 4 वेद और 18 पुराण लिखे. उनकी ही रिसर्च को आज पीएचडी (phd) की उपाधि दी गई है. बड़ा दुर्भाग्य है कि लोग गुरुकुल की परंपरा को छोड़कर आज बच्चों को कान्वेंट स्कूल में पढ़ा रहे है. कान्वेंट की व्यवस्था में नकारात्मक स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है. आज हम सब लोग यह संकल्प लें कि और गुरुकुल की परंपरा को बनाए रखे. ऋषि मुनियों की संपदा की सोच बनी रहे. हम आध्यात्मिकता में जीने की कोशिश करें. शिक्षा से पहले दीक्षा जरूरी है, जब तक दीक्षा नहीं होगी तब तक कैसे शिक्षा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य व पूर्व सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने कहा- शिक्षा का विकास हो रहा तो भ्रष्टाचार भी हो रहा, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ भी बढ़ रही है. अमेरिका में स्कूल में बच्चे ही बच्चे को गोलों मार रहे है. कुछ न कुछ मौलिक गड़बड़ है उसको ठीक करना है, मंथन भी चल रहा है. इसीलिए नई शिक्षा नीति भी केंद्र सरकार लाई है. स्मार्ट क्लासेस चल रही है, बहुत बात हो रही है इससे आदमी बनाना चाहती है. लेकिन ऐसा संभव नहीं है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि-शिक्षकों गुरुओं का सम्मान कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस तरह के आयोजन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं।

‘स्त्री 2’ फिल्म के मशहूर कोरियोग्राफर जानी मास्टर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, उनका नेशनल अवॉर्ड हुआ रद्द

मुंबई ‘स्त्री 2’ फिल्म के मशहूर कोरियोग्राफर जानी मास्टर उर्फ शेख जानी बाशा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद जानी मास्टर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए जमानत अर्जी दायर की थी और इस पर कोर्ट ने उन्हें 5 दिनों की राहत भी दे दी थी। लेकिन अब अंतरिम जमानत मिलने के बाद कोरियोग्राफर का नेशनल अवॉर्ड रद्द हो गया है। दरअसल, जानी मास्टर को धनुष की फिल्म त्रिरुचित्रांबलम के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट कोरियोग्राफर का अवॉर्ड मिलना था, लेकिन हाल ही में यह सूचना जारी की गई है कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेल (NFA Cell) ने जानी मास्टर पर लगे पॉस्को एक्ट की वजह से उनका नेशनल अवॉर्ड रद्द कर दिया है। जारी किए गए अधिकारिक नोट में लिखा है- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रकोष्ठ की ओर से 21/8/2024 और 12/9/2024 को वर्ष 2022 के राष्ट्रीय फिल्म पुस्कार समारोह में भाग लेने के लिए शेख जानी बाशा को निमंत्रण पत्र भेजा गया था। जिसे पोस्को एक्ट के तहत अपराध सामने आने पर पहले इसे बढ़ा दिया गया था। लेकिन न्यायालय के गंभीर जांच के बाद और इन गंभीर आरोपों को मद्देनजर रखते हुए शेख जानी बाशा के अवॉर्ड जो त्रिरुचित्रांबलम के लिए दिया जा रहा था उसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अगले आदेश तक रद्द करने का निर्णय लेता है। 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के लिए शेख जानी बाशा को दिया गया निमंत्रण वापस लिया जाता है। महिला ने लगाया था आरोप महिला ने पुलिस में दी एक शिकायत में आरोप लगाया था कि जानी मास्टर ने काम के सिलसिले में 2020 में की गई मुंबई की यात्रा के दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया था और बाद में भी उसका यौन शोषण किया। शिकायत के अनुसार, महिला को जानी मास्टर ने इस बारे में किसी को भी बताने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी थी। नरसिंगी पुलिस थाने में, 15 सितंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन), 506, 323 के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि महिला के बयान दर्ज कराने के दौरान यह खुलासा हुआ कि कथित घटना के वक्त वह नाबालिग थी।  

मामला दर्ज करने में डिले होने पर परिजनों ने चक्काजाम, एडिशनल डीसीपी का अजीबोगरीब बयान

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात हादसा हो गया। जहां डंपर ने एक युवक को कुचल दिया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मामला दर्ज करने में डिले होने पर परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। वहीं इस मामले में एडिशनल डीसीपी का अजीबोगरीब बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि FIR में एक-दो घंटा लेट होने से कुछ नहीं होता है। दरअसल, शनिवार की देर रात भोपाल में डंपर ने युवक को कुचल दिया। इस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने डंपर को जब्त कर चालाक को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मामला दर्ज करने में देरी को लेकर परिजनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविवार को अयोध्या नगर बाईपास का रास्ता रोककर चक्काजाम कर दिया। मामला दर्ज होने के बाद लोगों ने रास्ता खोला। वहीं इस मामले में एडिशनल डीसीपी महावीर मुजाल्दे का संवेदनशील बयान सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने में एक दो घंटा लेट होने से कुछ नहीं होता है। आधा घंटा, एक और दो घंटा डिले कुछ नहीं होता है। पुलिस पहले मर्ग कायम करती है। यह देखा जाता है कि आदमी मर गया है या फिर जिंदा है। लॉ एंड ऑर्डर की पहले सिचुएशन देखेंगे या फिर FIR करने बैठेंगे। इस बयान पर अब कई तरह के सवाल उठ रहे है।

राज कपूर ने अमिताभ बच्चन को आईसीयू में शैंपेन की बोतल के साथ किया था विजिट: जानें पूरी कहानी

साल 1982 में आई फिल्म ‘कुली’ के सेट पर हुए हादसे को कौन भूल सकता है? अमिताभ बच्चन के पेट में एक फाइट सीन के दौरान पुनित इस्सर का घूंसा इस कदर लगा कि गहरी चोट लग गई थी। उनकी जान पर बन आई थी। देश पूरा अमिताभ बच्चन की जान के लिए दुआ कर रही थी। अमिताभ जब संगीतकारों में भर्ती थे, तो ‘शोमैन’ राज कपूर से भी मुलाकात हुई थी। परन्तु क्या तुम जानते हो कि वह शैंपेन के साथ भी गया था? राज कपूर एक ऐसे इंसान थे, जो इस बात की पूरी कोशिश करते थे कि फिर से उनके आस-पास के लोग खाना एन्जॉय करें, अच्छा-पीना अच्छा, गति बढ़ाना कैसा भी हो। ऋतु नंदा की लिखी किताब ‘द वन एंड ओनली शोमैन’ में फिर अमिताभ बच्चन ने इस वाकये का जिक्र किया था, जो अब एक बार चर्चा में है। डूबे हुए भाई की फिल्म ‘कुली’ के सेट पर एक स्टंट के दौरान अमिताभ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिल्म में राज के बेटे ऋषि कपूर भी थे, जो अमिताभ के घायल होने के दौरान सेट पर मौजूद थे। आईसीयू में थे अमिताभ बच्चन, शैंपेन लेकर पहुंचे राज कपूर क्रांति के बाद अमिताभ बच्चन को एयर एम्बुलेंस से मुंबई ले जाया गया। जब अमिताभ ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में थे, और ठीक हो रहे थे, तो राज कपूर एक शैंपेन लेकर वहां पहुंचे थे। अमिताभ ने बताया था क्या हुआ था किताब में अमिताभ ने बताया था कि ‘साल 1982 में जब मैं ‘कुली’ के सेट पर घायल हो गया था, और ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो वह एक थे। ‘सुबह शैंपेन की बोतल हाथ में लेकर सांझ में चले आए।’ अमिताभ बच्चन से ये बोले थे राज कपूर अमिताभ ने आगे कहा था, ‘वह मेरे पास बैठ गया और कहा, ‘जल्दी करो’ उठो और बाहर निकलो, हमें नई जिंदगी के लिए इस बोतल को तोड़ना है और एक नई शुरुआत करनी है। ‘

सरकार जनजातियों के समग्र विकास में लगी, विकास योजनाओं का बजट 23.4 प्रतिशत बढ़ाया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार जनजातियों के समग्र विकास में लगी है। जनजातीय विकास योजनाओं का बजट 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनजातीय वर्ग के कल्याण और इन्हें समर्थ बनाने की यह संवेदनशील पहल है। प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। जो कि 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रुपए (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केंद्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुड़े कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने इस साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रुपए दिये हैं। मध्यप्रदेश सरकार, पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रुपए प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दे रही है। 2024-25 बजट में 450 करोड़ रुपए आवंटित किये। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त व्यय करेगी। इन क्षेत्रों में 217 नये आंगनबाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बैगा, भारिया और सहरिया पीवीटीजी के लिये अलग-अलग विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत है। वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को ‘आकांक्षा योजना’ के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिए भोपाल, इंदौर और जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्था विद्यार्थियों को कोचिंग दे रही है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ का बजट प्रावधान है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं और महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी।

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