LATEST NEWS

ग्वालियर किला निजी हाथों में सौंपने शहरवासियों ने किया विरोध, बोले- दिल्ली तक जाएंगे

gwalior city residents protested against handing over gwalior fort to private hands Gwalior Fort Update: ग्वालियर के ऐतिहासिक किले को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से शहरवासी आक्रोश में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ग्वालियर किला (Gwalior Fort) हमारी विरासत है, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। शहरवासियों का कहना है कि ग्वालियर किले पर बने ऐतिहासिक स्मारक हमारी पहचान हैं और किले के निजीकरण के बाद यहां मनमाने ढंग से वसूली प्रारंभ हो जाएगी। इसके विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शुक्रवार को कलेक्टर और राज्य पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर चेताएगी। बता दें, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ ग्वालियर किले के लिए एमओयू किया है। वहीं इंडिगो ग्रुप के 100 लोगों की टीम शुक्रवार 7 मार्च की शाम 4 बजे ग्वालियर फोर्ट पहुंच रही है। टिकट काफी महंगे हो जाएंगेग्वालियर किले पर जो स्मारक पूर्ण रूप से संरक्षित हैं और उनसे आमदनी भी हो रही है, ऐसे स्मारकों को निजी हाथ में देना ठीक नहीं रहेगा। क्योंकि उनके टिकट काफी बढ़ जाएंगे। ऐसे में आम आदमी स्मारकों को देखने से वंचित रह जाएगा और पुरातत्व महत्व भी समाप्त हो जाएगा।–लाल बहादुर सिंह, पूर्व क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) गूजरी महल संग्रहालयराष्ट्रपति भवन तक जाएंगे हम इस मुद्दे पर पूरी लड़ाई लड़ेंगे, किसी भी हालत में किले का निजीकरण नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े। हम हर स्तर पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही दूसरे समाजों को भी इससे जोड़ेंगे। इससे पूर्व भी हमने यहां निजी होटल के निर्माण को नहीं होने दिया था।–पूरन सिंह राणा, एडवोकेट, सचिव, जाट समाज कल्याण परिषद ग्वालियरनिजीकरण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्वालियर का किला न सिर्फ शहर बल्कि प्रदेश-देश के लिए भी पुरातत्व धरोहर है। इसका निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। पता नहीं इस ऐतिहासिक विरासत को पूंजीपतियों के हवाले क्यों किया जा रहा है। जो लोग इस काम को करवा रहे हैं, उन्हें गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। हम शुक्रवार को इसके लिए ज्ञापन भी देंगे।–सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिवकम हो जाएगी पर्यटकों की संख्या ग्वालियर किला हमारे ग्वालियर नहीं अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है, यहां हर कोई आना पसंद करता है। निजी हाथों में जाने के बाद यहां जाने के लिए अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। वहीं राज्य पुरातत्व विभाग और केंद्रीय पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण और देखभाल कर तो रहे हैं। निजीकरण से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या कम ही होगी।–ज्योति अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष, अग्रकुल महिला समितिनिजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए ग्वालियर किला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, इसका निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इसे संरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों को सौंपना। इससे आम जनता की पहुंच और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित हो सकता है। किले का संरक्षण सरकार खुद करे, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।–श्वेता बिंदल, चेयरपर्सन, जेसीआई ग्वालियरनिर्णय वापस लिया जाए ग्वालियर किला हमारे शहर की शान है। जो भी ऐतिहासिक धरोहर होती हैं उनकी देखभाल व संरक्षण करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। निजीकरण करना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए अनुरोध है कि निजी कंपनी को किले को देने का निर्णय वापस लिया जाए। किले का जो पुराना इतिहास है उसको यथावत रखा जाए, क्योंकि यही हमारी पहचान भी है।-जुबैर रहमान, संस्थापक अध्यक्ष, लॉयंस क्लब दिशा

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

अब नेताओं की काले रंग की लग्जरी गाड़ियों पर नजर नहीं आएगा हूटर, जानिए क्या है इसका कारण

Now the hooter will not be seen on the black luxury cars of politicians, know the reason behind this सीहोर के जनप्रतिनिधियों की पहली पसंद बनी काले रंग की गाड़ियों पर अब हूटर नजर नहीं आएंगे। शासन के निर्देशों के बाद जनप्रतिनिधियों ने अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने की शुरुआत कर दी है। सबसे पहले विधायक सुदेश राय ने अपनी लग्जरी गाड़ी से हूटर हटवाया, इसके बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने गाड़ी से हूटर निकलवा दिया। गौरतलब है कि शहर में करीब आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों के पास काले रंग की गाड़ी, जिनमें वे सफर करते हैं। विधायक सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, युवा नेता शशांक सक्सेना सहित कुछ अन्य जनप्रतिनिधि भी काले रंग की गाड़ी में ही चलते हैं। अब इन जनप्रतिनिधियों ने शासन के नियमों का पालन करते हुए अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने शुरू कर दिए हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक ने दिए थे ये आदेशउप पुलिस महानिरीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने आदेश जारी किए कि प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के विरुद्ध निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), वीआईपी स्टीकर चस्पा करना और गलत नंबर प्लेट के मामले विगत कुछ समय से लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने से ऐसा करने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इन अनाधिकृत वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। कुछ दिन पूर्व एक जिले में वीआईपी भ्रमण के दौरान ऐसा ही एक अनाधिकृत वाहन पकड़ा गया था, जिस पर बीनएएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट लाल, पीली, नीली बत्ती, वीआईपी के स्टीकर, गलत नंबर प्लेट का दुरुपयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध 15 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। यातायात पुलिस ने की कार्रवाईयातायात प्रभारी सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने एक प्राइवेट स्कॉर्पियो वाहन जिस पर चालक द्वारा अवैध रूप से हूटर और सायरन लगाए हुए था, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालक से समन शुल्क तीन हजार रुपये वसूला गया। यातायात पुलिस द्वारा प्राइवेट वाहनों पर अवैध हूटर एवं सायरन लगाकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

जाने-माने यूट्यूबर और ‘बिग बॉस 17’ में नजर आए कंटेस्टेंट अनुराग डोभाल ने की सगाई

मुंबई जाने-माने यूट्यूबर और ‘बिग बॉस 17’ में नजर आए कंटेस्टेंट अनुराग डोभाल यानी UK07 राइडर इस वक्त अपनी सगाई को लेकर चर्चा में हैं। अनुराग ने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड और कॉन्टेंट क्रिएटर रहीं ऋतिका चौहान से सगाई कर ली है। बता दें कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। दोनों का वीडियो सोशव मीडिया पर नजर आ रहा है। अनुराग और ऋतिका दोनों ने सोशल मीडिया पर सगाई का अपना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा है- हमेशा साथ रहेंगे। वीडियो में अनुराग और ऋतिका एक-दूजे को अंगूठी पहनाते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर नजर आए इस वीडियो में दोनों की जोड़ी बेहद खूबसूरत दिख रही है। इस वीडियो पर उनके फैन्स और दोस्त खूब सारी बधाइयां दे रहे हैं। अनुराग इस वीडियो में गर्लफ्रेंड के साथ पहाड़ की वादियों में सगाई करते दिख रहे हैं। वीडियो में जहां कपल एक-दूसरे के साथ नजर आ रहे हैं, वहीं उनके पीछे पहाड़ की वादियां दिख रही हैं। इस मौके पर उनके कुछ करीबी दोस्त और परिवार वाले भी मौजूद थे जो उनकी जिंदगी के इस नए सफर के गवाह भी बने। परिवार वालों ने सगाई और बाकी सभी रस्में की। बता दें कि अनुराग ने ऋतिका को पहाड़ की वादियों में ही शादी के लिए प्रपोज किया था। टेली टॉक से बातचीत में अनुराग ने कहा था, ‘ मैं मुनव्वर नहीं हूं जो घर के बाहर आकर कुछ और कह दूं और घर के अंदर कुछ और। मैंने उस लड़की की इज्जत अंदर भी रखी है और बाहर आकर भी उस लड़की का साथ निभाया।’

शहनाज़ गिल का एक पुराना वीडियो चर्चा में

मुंबई ‘बिग बॉस 13’ से घर-घर में पहचान बनाने वालीं शहनाज़ गिल का एक वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो में एक लड़की उनके पास एक ब्रैंड प्रमोशन को लेकर बातें कर रही हैं। वह उन्हें अपनी ब्रैंड का चेहरा बनने का ऑफर दे रही हैं, जिसपर शहनाज के जवाब ने हर किसी को हैरान कर दिया। हालांकि, शहनाज गिल का ये वीडियो पुराना है। इस वीडियो में शहनाज के तेवर को देख उनके फैन्स भी नाराज होते दिख रहे हैं। दरअसल ‘बिग बॉस 13’ में शहनाज ने अपने जिस खूबसूरत अंदाज और विनम्रता से लोगों का दिल जीता था, आज भी लोग उनके उसी व्यवहार के दीवाने हैं। हालांकि, काम के मामले में शहनाज अब काफी आगे निकल गई हैं, लेकिन इस वीडियो में वो जो कह रही हैं उसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। शहनाज बोलीं- आप मुझे आसानी से अफोर्ड नहीं कर सकते सोशल मीडिया पर कई बार पुराने वीडियो भी खूब सुर्खियां बटोर लिया करते हैं। शहनाज का ये वीडियो उनमें से ही एक है। जब उनके सामने बैठी लड़की प्यार से उन्हें अपने ब्रैंड प्रमोशन का चेहरा बनाने की बातें करती हैं तो जवाब में शहनाज कहती हैं-क्या आपके पास पैसे हैं मुझे देने के लिए? आप मुझे आसानी से अफोर्ड नहीं कर सकते। बस शहनाज की इन्हीं बातों ने लोगों को हैरान कर दिया है। लोग बोले- इतना घमंड किस बात का दीदी लोगों ने कहना शुरू कर दिया है- इतना घमंड किस बात का दीदी। वहीं कुछ लोगों ने उन्हें- उर्वशी पार्ट 2 कह दिया है। एक अन्य यूजर ने कहा- हां, अब खुद को सलमान खान समझने लगी हैं ये। एक ने तो गुस्से में लिखा है- तुम मुझे अफोर्ड नहीं कर सकती? ऐसा क्या कर दिया है तुमने जो इतना घमंड? शहनाज के फैन्स सपोर्ट में उतरे हालांकि, शहनाज के रियल फैन्स उन्हें सपोर्ट करते दिख रहे हैं। वो समझाते दिख रहे हैं कि शहनाज ये बातें मस्ती में कह रही हैं। लोगों ने कहा है- शांत रहिए आपलोग, ये जोक कर रही हैं, न यकीन हो तो इनका फुल वीडियो देख लीजिए।

रकुल प्रीत सिंह की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ के पटियाला शैड्यूल की शूटिंग पूरी हुयी

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की आने वाली फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ के पटियाला शैड्यूल की शूटिंग पूरी हो गयी है। वर्ष 2019 में अजय देवगन,रकुल प्रीत सिंह और तब्बू की फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ प्रदर्शित हुयी थी। इस फिल्म को लोगों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। अब इसका सीक्वल दे दे प्यार दे 2 बनाया जा रहा है। दे दे प्यार दे 2 में अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह और आर माधवन की मुख्य भूमिका है।रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म दे दे प्यार दे को लेकर अहम जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की है।उन्होंने फिल्म दे दे प्यार दे 2 के पटियाला शेड्यूल के खत्म होने की खुशखबरी सोशल मीडिया पर शेयर की है और साथ ही एक खास नोट भी लिखा है। रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म दे दे प्यार दे 2 को लेकर अपनी खुशी इंस्टाग्राम की स्टोरी पर शेयर करते हुए एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें उनके साथ क्रू के कई लोग नजर आ रहे हैं। इस खास तस्वीर के साथ रकुल ने लिखा, इसके साथ ही हमने दे दे प्यार दे 2 का पटियाला शेड्यूल पूरा कर लिया है। यह महीना बहुत अच्छा और संतोष देने वाला रहा। हां, ठंड बहुत थी और काम भी खूब था, लेकिन मेरी टीम ने मेरी मदद की और सब आसानी से हो गया। मैं चाहती हूं कि आप सब फिल्म देखें और उम्मीद है कि आपको आयशा का किरदार फिर से पसंद आएगा।  

मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ नाम से बनाई जा रही वेब सीरीज, जेआरडी टाटा बने नसीरुद्दीन शाह

मुंबई भारत के सबसे मशहूर और सम्मानित बिजनेसमैन में से एक रहे जेआरडी टाटा की पूरी कहानी अब एक सीरीज के रूप में देखने को मिलेगी। टाटा ग्रुप को भारत की सबसे प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक बनाने वाले जेआरडी टाटा यानी जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा की जिंदगी पर ‘मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ नाम से वेब सीरीज बनाई जा रही है। इस वेब सीरीज में दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह, जेआरडी टाटा का किरदार निभाएंगे। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मेड इंन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ में जेआरडी टाटा के रोल के लिए अनुपम खेर, कबीर बेदी, डैनी डेंग्जोपा, डेंजिल स्मिथ और सुरेश ओबेरॉय जैसे कई एक्टर्स रेस में थे। इनके नाम भी अमेजन एमएक्स प्लेयर को भेजे गए थे, पर नसीरुद्दीन शाह का नाम फाइनल किया गया है। क्या होगी ‘मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ की कहानी ‘मेड इंन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ में टाइटन ब्रांड के बनने की कहानी और जेआरडी टाटा की उपलब्धियों को दिखाया जाएगा। लेकिन जर्क्सेस देसाई की कहानी भी दिखाई जाएगी, जिन्होंने टाइटन घड़ियों और तनिष्क जैसे ब्रांड की नींव रखी थी। चूंकि जर्कसिस देसाई पारसी थे, इसलिए वेब सीरीज में उनका किरदार एक पारसी कलाकार निभाएगा। जर्कसिस देसाई के रोल के लिए जिम सर्भ को फाइनल किया गया है। 75 के एज ग्रुप चाहिए था कलाकार, नसीरुद्दीन शाह और जिम सर्भ फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, ओटीटी कंपनी अमेजन एमएक्स प्लेयर चाहती थी कि जेआरडी टाटा वेब सीरीज में 75 के ऐज ग्रुप में दिखाया जाए। इसलिए एक ऐसे कलाकार की तलाश थी, जो न सिर्फ उस एज ग्रुप का हो, बल्कि किरदार के साथ न्याय भी कर सके। लीड रोल में जहां नसीरुद्दीन शाह और जिम सर्भ को कास्ट किया जा चुका है। सबसे पहले जिम सर्भ को साइन किया गया था। नमिता दुबे का अहम रोल, इन एक्ट्रेसेस ने भी दिए थे ऑडिशन वहीं जर्कसिस देसाई की पत्नी रजनी के रोल में नमिता दुबे नजर आएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, रजनी के रोल के लिए मेकर्स ने प्राजक्ता माली, गिरिजा ओक, सोनाली कुलकर्णी, मानसी पारेख, सलोनी बत्रा और रिद्धिमा पंडित तक का ऑडिशन लिया। लेकिन नमिता दुबे को फाइनल किया गया। मेकर्स को इस रोल के लिए ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो गुजराती लगने के साथ ही गोरी-चिट्टी भी हो। 6 पार्ट में बनेगी ‘मेड इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ ‘मेड इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ 6 पार्ट में बनेगी, और यह विनय कामथ की लिखी किताब Titan: Inside India’s Most Successful Consumer Brand पर आधारित है। 1980 के दशक में सेट इस वेब सीरीज में दिखाया जाएगा कैसे जेआरडी टाटा और जर्क्सेस देसाई ने मुश्किल वक्त में एक साथ कड़ी मेहनत करके अपने क्रांतिकारी उत्पादों से बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था। कुछ हफ्ते पहले ही इस वेब सीरीज का ऐलान करते हुए एक ट्रेलर रिलीज किया गया था।

कियारा आडवाणी की फिल्म ‘गिल्टी’ के प्रदर्शन के पांच साल पूरे

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी की फिल्म गिल्टी के प्रदर्शन के पांच साल पूरे हो गये हैं। करण जौहर और अपूर्व मेहता निर्मित और रूचि नारायण निर्देशित फिल्म गिल्टी 06 मार्च 2000 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुयी थी। फिल्म गिल्टी के प्रदर्शन के पांच साल पूरे हो गये हैं। यह फिल्म उस दौर में आई जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तेजी से विकसित हो रहे थे। लॉकडाउन से ठीक पहले रिलीज़ हुई इस फिल्म ने अपने दमदार कथानक, कियारा के मजबूत अभिनय और बोल्ड स्टोरीटेलिंग के लिए जबरदस्त सराहना बटोरी। यह उन पहली बड़ी परियोजनाओं में से एक थी, जिसने डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच को अपनाया, यह साबित करते हुए कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी दमदार और उच्च-स्तरीय सिनेमा प्रस्तुत किया जा सकता है। गिल्टी एक ताज़ा, साहसी और सामाजिक रूप से प्रासंगिक फिल्म के रूप में आई, जिसने यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा छेड़ दी। कियारा द्वारा निभाया गया नांकी दत्ता का किरदार,एक विद्रोही लेकिन भावनात्मक रूप से संवेदनशील युवती का था ,जो दर्शकों को खूब पसंद आया। इस फिल्म ने कियारा की क्षमता को साबित किया कि वह आसानी से गहन और परफॉर्मेंस-ड्रिवन भूमिकाएँ निभा सकती हैं। उस समय जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ओरिजिनल कंटेंट को लेकर प्रयोग कर रहे थे, गिल्टी ने स्टार-लैड ओटीटी फिल्मों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया। यह फिल्म न केवल दर्शकों को जोड़ने में सफल रही, बल्कि सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा भी शुरू करवाई। इसने प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग का एक ऐसा मानक स्थापित किया, जो बाद में ओटीटी युग में एक सामान्य प्रवृत्ति बन गई। कियारा इस समय अपने कुछ सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी कर रही हैं, जिनमें वॉर 2 (ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर के साथ) और टॉक्सिक (यश के साथ उनकी पहली पैन-वर्ल्ड फिल्म) शामिल हैं।  

कर्टनी कार्दशियन के 15 साल के बेटे को लेकर उड़ रही अफवाहों पर दिया करारा जवाब

  लॉस एंजिल्स किम कार्दशियन की बहन कर्टनी कार्दशियन के 15 साल के बेटे को लेकर पिछले कुछ समय से काफी चर्चा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई सारे मीम्स चल रहे हैं कि कर्टनी कार्दशियन का केवल 15 साल का बेटा Mason Disick एक बच्चे का पिता है। अब मां ने इन अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है और ऐसी बात करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने अपने बेटे मेसन डिस्किक के बारे में चल रही अफवाहों पर लताड़ लगाते हुए हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरीज पर इन खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा- उनके 15 वर्षीय बेटे के पिता बनने की अटकलें पूरी तरह से गलत हैं और अटकलें साफ झूठी हैं। कर्टनी ने लिखा है कि मेसन का कोई बच्चा नहीं उन्होंने लिखा है, ‘मैं शायद ही कभी अपने या अपने परिवार के बारे में अफवाहों या साजिशों पर बात करती हूं, लेकिन ये मेरे बच्चे के बारे में है और किसी को भी एक पल के लिए भी ये सोचने देना गलत होगा कि ये सच हैं। ये खबरें सच नहीं हैं।’ कर्टनी ने लिखा है कि मेसन का कोई बच्चा नहीं है। मेसन के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स उन्होंने ये भी कहा कि मेसन के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाया गया है। कर्टनी ने कहा कि उनके बेटे की कोई पब्लिक प्रोफाइल नहीं है और फैन्स से आग्रह किया कि वे ऑनलाइन जो कुछ भी देखते हैं, उस पर भरोसा न करें। मेसन के पिता स्कॉट डिस्किक ने भी कही ये बात वहीं मेसन के पिता स्कॉट डिस्किक ने भी मेसन के टीनेज पर बात की है। PEOPLE से बातचीत में उन्होंने कहा है, ‘ मेसन अगर किसी परेशानी से गुजर रहा है तो मैं उससे अपने जीवन के बारे में बात करता हूं। जैसे कि मैंने जो गलतियां की हैं, मैंने क्या किया है और मेरे लिए क्या कारगर रहा है, मेरे लिए क्या कारगर नहीं रहा है, इन बारे में।’

‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ में नजर आ सकते हैं सौरव गांगुली

मुंबई भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे सकते हैं. खबर है कि वह जल्द ही फिल्म निर्माता नीरज पांडे की वेब सीरीज ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ में एक कैमियो रोल में नजर आ सकते हैं. दरअसल, सौरव गांगुली की पुलिस की वर्दी में एक तस्वीर सामने आई है. सामने आए फोटो में सौरव गांगुली एक कुर्सी पर बैठे हुए हैं और मुस्कुरा रहे हैं. काफी समय से उनकी बायोपिक को लेकर खबरें आ रही हैं. सौरव गांगुली  के वायरल फोटो पर लोग रिएक्ट भी कर रहे हैं. कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि सौरव गांगुली खाकी 2 का हिस्सा हो सकते हैं. नेटफ्लिक्स के इस शो का नया सीजन राजनीति, अंतर-गिरोह प्रतिद्वंद्विता और पुलिस प्रणाली की एक स्तरीय कहानी है. एक लॉन्च इवेंट में बोलते हुए शो के निर्माता नीरज पांडे ने बताया कि, “खाकी की दुनिया हमेशा से ही बड़े-से-बड़े संघर्षों, उच्च-दांव वाले नाटक और सूक्ष्म पात्रों के बारे में रही है जो अच्छे और बुरे के बीच की रेखाओं को फिर से परिभाषित करते हैं. ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ के साथ, हम इस तीव्रता को एक नए स्तर पर ले जाते हैं. कोलकाता की ज्वलंत पृष्ठभूमि पर आधारित, यह अध्याय सत्ता संघर्षों को दर्शाता है और एक अथक आईपीएस अधिकारी का अनुसरण करता है, जो सिस्टम को चुनौती देने का साहस करता है.” उन्होंने कहा कि पूरे कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ प्रिय कथा का एक नया रूप है. निर्देशक तुषार और देबात्मा दोनों ने पूरी टीम के साथ मिलकर इस कथा को जीवंत करने के लिए अथक परिश्रम किया है और हमें उम्मीद है कि यह दर्शकों को आकर्षित करेगी. कोलकाता में बड़े पैमाने पर फिल्मांकन करते हुए, यहां ट्रेलर का अनावरण करना और दर्शकों की उत्साही प्रतिक्रियाओं को देखना अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद लगता है.

ग्वालियर किला अब निजी हाथों में, इंडिगो एयरलाइंस से 5 साल का करार

Gwalior Fort is now in private hands, 5 year agreement with Indigo Airlines Gwalior Fort: नरेंद्र कुइया. लियर के किले को अब निजी हाथों में देने की तैयारी है। इसके लिए भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ एमओयू किया है। इसमें आगा खान कल्चरल सर्विसेज फोरम (एकेसीएसएफ) को शामिल किया है। अभी 5 साल के करार में किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा। बाद में पांच साल और बढ़ेगा। इसकी फंडिंग इंडिगो एयरलाइंस करेगी, एकेसीएसएफ संरक्षण करेगी। इनके संरक्षण का कार्य भी वे ही करते हैं। ग्वालियर दुर्ग पर एमओयू (MOU) के बाद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मप्र टूरिज्म(MP Tourism), इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) और एकेसीएसएफ की 100 लोगों की टीम 7 मार्च को शाम 4 बजे किले पर पहुंचेगी। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के वि₹म महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। एमओयू में ऐसे तथ्य● ग्वालियर किला कंजर्वेशन और इल्यूमिनेशन परियोजना बहुआयामी प्रयास।● पर्यटकों के लिए सुविधाजनक पहुंच मार्ग, सुविधाओं का विस्तार।● मौजूदा स्थानों का उपयोग कर कैफे व प्रदर्शनी स्थलों का विकास। तब विरोध पर रुका था होटल निर्माणग्वालियर किले पर बनी भीमसिंह राणा की छत्री पर शासन ने 2022-23 में होटल की योजना बनाई थी। जाट समाज के विरोध के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। श्योपुर का किला, बलदेवगढ़ का किला, दतिया का राजगढ़ पैलेस राज्य पुरातत्व विभाग से असंरक्षित कर पर्यटन निगम को दिए थे। 50 लाख रुपए मासिक आयग्वालियर किले पर 50 लाख रु. मासिक आय ग्वालियर दुर्ग पर बने केंद्र-राज्य पुरातत्व विभाग के स्मारकों को देखने विदेशों से सैलानी आते हैं। मासिक आय 50 लाख तक है। विशेष दिनों में यह बढ़ जाती है। संरक्षण कार्य तो पहले से हो रहाइस एमओयू में ग्वालियर किले के विक्रम महल, कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने की बात कही गई है। जबकि राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही यहां पाथवे का निर्माण कार्य भी जारी है। ऐसे में निजी कंपनी से संरक्षण कार्य कराने की क्या जरूरत आन पड़ी है। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैंनिजी कंपनियों को पुरातत्व संरक्षित स्मारकों की जानकारी नहीं होती। वे धरोहरों का संरक्षण कार्य कैसे कर सकती हैं। ऐसे काम पहले भी हो चुके हैं। ये सब मिलीभगत से होते हैं।

ऐसे फल और सब्जियां जो खुद बताते हैं कि मैं किस चीज के लिए फायदेमंद हूं…

Fruits and vegetables that tell me what they are good for… हमारी प्रकृति हमें वो सब कुछ देती है जिसकी हमारे शरीर को जरूरत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फल और सब्जियां अपने आकार और बनावट से यह संकेत देती हैं कि वे हमारे शरीर के किस अंग के लिए फायदेमंद हो सकती हैं? प्रकृति ने हमें जो भी दिया है, वह किसी न किसी रूप में हमारे शरीर के लिए लाभकारी है। जरूरत है तो बस इसे सही तरीके से समझने और अपने आहार में शामिल करने की!

रतलाम: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर, टीचर ने छात्रा से मांगे 50 हजार रुपये

Ratlam: Another case of corruption exposed in the education department, teacher demanded 50 thousand rupees from a student रतलाम! मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के आलोट क्षेत्र में स्थित न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक प्रदीप सिंह को 12वीं कक्षा की एक छात्रा से 50 हजार रुपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी टीचर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रैक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने की धमकी आरोप के अनुसार, शिक्षक प्रदीप सिंह ने छात्रा को धमकाया कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसका प्रैक्टिकल परीक्षा का रिजल्ट खराब कर दिया जाएगा और उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इतना ही नहीं, आरोपी शिक्षक ने कथित रूप से छात्रा को उसके माता-पिता की जान से मारने की धमकी भी दी। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई पीड़िता की शिकायत के बाद परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एक मार्च को छात्रा स्कूल की एक्सट्रा क्लास में गई थी, जहां टीचर प्रदीप सिंह ने उसे अलग बुलाकर पैसे लाने के लिए धमकाया। जब छात्रा ने घर आकर अपने माता-पिता से 50 हजार रुपये मांगे, तो उन्होंने कारण पूछा, जिस पर छात्रा ने पूरा मामला उजागर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस जांच में जुटी शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतों में शामिल रहा है। शिक्षा विभाग पर उठे सवाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शिक्षक, जो बच्चों को सही दिशा देने के लिए जिम्मेदार होता है, अगर इस तरह के अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले के उजागर होने के बाद अभिभावकों में भी भय और आक्रोश है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

एमपी गजब : बीईओ-क्लर्क ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

MP Amazing: BEO-Clerk together defrauded the Education Department of Rs 5 crore: Teachers’ salaries were transferred to the accounts of relatives, fraud was committed in connivance with the principals भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन … Read more

मशहूर गायिका कल्पना राघवेंद्र ने नींद की गोलियां खाकर की आत्महत्या की कोशिश

मुंबई एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर और सॉन्गराइटर कल्पना राघवेंद्र को लेकर शॉकिंग खबर सामने आई है. सिंगर ने मंगलवार देर रात को अपने घर में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल हैदराबाद के प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. सिंगर ने की आत्महत्या की कोशिश न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि कल्पना ने अपने घर पर ही सुसाइड करने की कोशिश की थी. सिंगर की सिक्योरिटी के मुताबिक, उनका घर दो दिनों से खुला नहीं था, जिसके बाद एसोसिएशन के सदस्यों को सूचित किया गया था. रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने कल्पना के बारे में पुलिस को जानकारी दी, तब पुलिस ने दरवाजा तोड़कर सिंगर के घर में एंट्री की. पुलिस को कल्पना बेहोशी की हालत में मिली थीं, जिसके बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि सिंगर के आत्महत्या की कोशिश करने के पीछे कारण क्या है? हालांकि, केपीएचबी पुलिस ने मामला दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है. अब कैसी है सिंगर की हालत? रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सिंगर की हालत अब स्थिर है और वो फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. बताया जा रहा है कि सिंगर ने जब सुसाइड करने की कोशिश की तब उनके पति घर पर नहीं थे, बल्कि वो चेन्नई में थी. मल्टीटेलेंटेड हैं कल्पना राघवेंद्र कल्पना राघवेंद्र एक इंडियन प्लेबैक सिंगर हैं. साउथ म्यूजिक इंडस्ट्री में उनका बड़ा नाम है. उन्होंने साल 2010 में रियलिटी शो स्टार सिंगर मलयालम जीता था. कल्पना के पिता टी.एस. राघवेंद्र भी एक प्लैबैक सिंगर थे, जिन्होंने मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में काम किया था. कल्पना की बात करें तो उन्होंने 5 साल की छोटी उम्र में अपना सिंगिंग करियर शुरू किया था. उन्होंने साल 2013 तक करीब 1,500 ट्रैक रिकॉर्ड कर लिए थे. देश-विदेश में मिलाकर उन्होंने 3000 से ज्यादा स्टेज शो किए हैं. पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया है, जिनमें इलैयाराजा और एआर रहमान जैसे दिग्गज शामिल हैं. कल्पना मल्टीटेलेंटेड हैं. वो सिंगर होने के साथ म्यूजिक कंपोजर, सॉन्ग राइटर और डबिंग आर्टिस्ट भी हैं. वो एक्टिंग में भी कमाल कर चुकी हैं. साल 1986 में वो साउथ सुपरस्टार कमल हासन स्टारर फिल्म ‘पुन्नगई मन्नान’ में भी एक छोटी सी भूमिका में दिखाई दी थीं. कल्पना बिग बॉस तेलुगू के पहले सीजन की भी कंटेस्टेंट रह चुकी हैं.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet