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राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा: द्वारका के एक अपार्टमेंट की 7वीं मंजिल पर लगी भीषण आग, पिता और दो बच्चों की गई जान

नई दिल्ली  दिल्ली में एक अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई. द्वारका सेक्टर-13 स्थित मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ‘सबद अपार्टमेंट’ में आज (10 जून) सुबह एक फ्लैट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया. आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में लगी. इस दौरान एक 2 बच्चों के साथ एक पिता ने बिल्डिंग से जान बचाने के लिए छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई. इससे पहले दमकल विभाग को सुबह 10 बजकर 01 मिनट पर आग की कॉल की गई, जिसके तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें अपार्टमेंट की बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर धू-धू कर आग जलते देखा जा सकता है. दमकल विभाग ने दी ये जानकारी दमकल विभाग ने मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और 8 फायर टेंडरों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुट गए. दमकल विभाग ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और मौके पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. दमकल विभाग ने किसी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की. बाकी विवरण और आग के कारणों की जानकारी के लिए फायर डिपार्टमेंट द्वारा आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है. मौके पर राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है. बता दें कि द्वारका में स्थित ‘सबद अपार्टमेंट’ में आग लगी, जो एमआरवी स्कूल के पास स्थित है. इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में घबराहट पैदा कर दी. जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसमें रहने वाले तमाम लोगों ने यह आरोप लगाया कि अपार्टमेंट की कमेटी के लोगों को जब इसकी जानकारी दी गई, तो उनकी तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया. इस पूरे मामले में लापरवाही बरती गई. शब्द अपार्टमेंट में आग से हड़कंप दिल्ली में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। पारा लगातार ऊपर जा रहा। हीटवेव का अलर्ट है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच दिल्ली के द्वारका में शब्द अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। ये आग कितनी भयावह है ये तस्वीरों को देखकर समझा जा सकता है। अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल पर लगी आग से तेजी से फैल रही। इसने नीचे के फ्लोर को भी कब्जे में ले लिया। बिल्डिंग से तीन लोगों के नीचे गिरने की खबर द्वारका के इस अपार्टमेंट आग की भयावहता से लोगों में हड़कंप मच गया। एक फ्लोर पर कई लोग फंसे हैं और बचाव के लिए चिल्लाते नजर आ रहे हैं। इस बीच दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। अपार्टमेंट फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि तीन लोग बिल्डिंग से नीचे गिरे हैं। आग बुझाने में जुटी दमकल टीम ऐसी आशंका जताई जा रही कि बिल्डिंग से बाहर निकलने के चक्कर में ये लोग बालकनी से नीचे उतरने की कोशिश में गिर गए। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। आग बुझाने की कवायद जारी है।

दिल्ली-NCR में आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने बताया- कब होगी बारिश

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में आसमान से आग बरस रही है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। आया नगर में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह का तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता का स्तर लगभग 48 प्रतिशत दर्ज किया गया। यदि दोनों स्थितियों को मिला दें यह गर्मी से असहज करने के लिए पर्याप्त है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लू चलने की भी संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने एएनआई को बताया कि अगर हम उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो अगले चार दिनों तक मैदानी इलाकों में लू की स्थिति रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की उम्मीद है, जिससे अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति पैदा होगी। इस क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। किन-किन इलाकों में बरस रही आग सफदरजंग- 43.4 डिग्री सेल्सियस पालम- 44.3 डिग्री सेल्सियस लोधी रोड- 43.3 डिग्री सेल्सियस रिज- 44.9 डिग्री सेल्सियस आया नगर- 45.3 डिग्री सेल्सियस वायु गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में पहुंचा दिल्ली में वायु गुणवत्ता भी खराब हो गई है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 219 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस स्तर को खराब श्रेणी में ऱखता है। गर्मी और उमस के अलावा AQI एक और समस्या है जिसका दिल्ली के लोग सामना कर रहे हैं। क्या बारिश से राहत मिलेगी? दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह के मध्य तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसस भीषण गर्मी से राहत मिलने का अनुमान है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है। आईएमडी के मौसम बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी यूपी में 13 और 14 जून को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  

दिल्ली के इस मेट्रो स्टेशन पर अचानक लगी आग, हालांकि अब स्थिति सामान्य

नई दिल्ली दिल्ली के त्रिलोकपुरी संजय लेक मेट्रो स्टेशन के सर्वर रूम में सोमवार को दोपहर के समय आग लग गई। इसके चलते ट्रेनों की आवाजाही पर भी कुछ देर के लिए असर पड़ा। हालांकि अब स्थिति सामान्य हो गई है। अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग को दोपहर 11.10 बजे आग लगने के बारे में सूचना मिली, जो संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने बताया, सूचना मिलने के बाद हमने दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजीं और अपराह्न एक बजकर 10 मिनट तक आग पर काबू पा लिया गया। इससे पहले डीआरसी की तरफ से जानकारी दी गई थी कि दोनों दिशाओं से त्रिलोकपुरी-संजय लेक स्टेशन के पास पहुंचने वाली ट्रेनें फिलहाल सिग्नलिंग की उपलब्धता ना रहने के कारण 25 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमित गति से चल रही हैं। हालांकि पिंक लाइन के बाकी हिस्सों पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। डीएमआरसी ने कहा था कि यात्रियों को सूचित करने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों के अंदर लगातार अंतराल पर केंद्रीकृत घोषणाएँ की जा रही हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा कर्मियों की मदद से धुंआ छंट गया है और प्रभावित हिस्से में सिग्नलिंग/एएफसी को बहाल करने के प्रयास जारी हैं

क्लासरूम घोटाले में जवाब देने बुलाया था एंटी करप्शन ब्यूरो ने, मनीष सिसोदिया बोले बिजी हूं, नहीं आ सकता

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के सामने पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। आम आदमी पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता को दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में कथित घोटाले को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सिसोदिया ने एसबी को भेजे अपने जवाब में खुद को बिजी बताया। एसीबी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं मनीष सिसोदिया और लोक निर्माण विभाग के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए बुलाया था। जैन शुक्रवार को एसीबी के सामने पेश हुए, जबकि सिसोदिया को सोमवार को पेश होना था। एसीबी ने जैन से पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। एसीबी के सूत्रों ने कहा, ‘मनीष सिसोदिया के वकील ने हमें सूचना दी कि वह आज नहीं आ सकेंगे। उन्हें दोबारा दोबारा बुलाया जाएगा।’ पार्टी सूत्रों ने बताया कि सिसोदिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त थे और इस वजह से एसीबी के पास नहीं जा पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिसोदिया के वकील ने जांच एजेंसी को अपना जवाब भेज दिया है। एसीबी ने 30 अप्रैल को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी जिसके बाद समन जारी किए गए थे। ‘आप’ के दोनों नेताओं के खिलाफ दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इससे पहले मनीष सिसोदिया कथित शराब घोटाले में भी लंबे समय तक जेल में बंद रहे हैं। वह फिलहाल जमानत पर हैं और दिल्ली में पार्टी की हार के बाद पंजाब में पार्टी को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।  

मॉनसून 2025 को लेकर नया अपडेट आया सामने, दिल्ली में मॉनसून 24-25 जून तक दे सकता है दस्तक

नई दिल्ली देश में समय पहले एंट्री लेने वाले मॉनसून की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। पिछले हफ्ते तक उत्तर भारत की तरफ मॉनसून तेजी से बढ़ रहा था लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है जिससे दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में गर्मी महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में दिल्ली का तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में हर किसी को इस वक्त दिल्ली में मॉनसून का इंतजार है। आम तौर जून के महीने में दो तरह के मौसम देखने को मिलते हैं। महीने के पहले भाग में जहां गर्मी झेलनी पड़ती है तो वहीं दूसरे भाग में मॉनसून के आने के बाद बारिश और तेज हवाओं वाला मौसम देखा जाता है। स्काईमेट वेदर के अनुसार आम तौर पर दिल्ली में मॉनसून 27 जून को दस्तक देता है। हालांकि इस बार सामने आई नई तारीखों के मुताबिक ये दो दिन पहले ही दिल्ली में एंट्री ले सकता है। यानी दिल्ली में इस बार 24-25 जून के मॉनसून की दस्तक संभव है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। दिल्ली में अगले एक हफ्ते का मौसम बात करें अगले एक हफ्ते की तो दिल्ली के लोगों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ सकती है। इस बीच दो दिन पारा 43 डिग्री के पार भी पहुंच सकता है और बारिश की संभावना भी ना के बराबर है। हालांकि हफ्ते के आखिरी तीन दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में 8 जून को मौसम साफ रहेगा जबकि कल धूल उड़ाने वाली हवाएं चल सकती हैं। आज अधिकतम तापमान 41 डिग्री और कल 42 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद 10 और 11 जून से गर्मी और भी ज्यादा बढ़ सकती है और अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। 12 जून से आसमान में बादल छाए रहने की आशंका है। इस दौरान तापमान में भी मामूली गिरावट आ सकती है। 12 जून को जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया जा सकता है वही 13 और 14 जून को ये 41 डिग्री के आसपास रह सकता है। तीन दिन येलो अलर्ट मौसम विभाग ने दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी ने 9, 10 और 11 जून को गुरुग्राम औऱ फरीदाबाद के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है।  

मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का, ‘इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती…’: CM रेखा गुप्ता

नई दिल्ली हाल ही में मद्रासी कैंप झुग्गी बस्ती को हटाए जाने को लेकर चल रही बहस के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन झुग्गियों को हटाने के लिए अदालत ने आदेश दिया है, उसमें सरकार या प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। बारापुला नाले के किनारे बनी इन झुग्गियों को हटाने की बात कोर्ट ने चार बार दोहराई है, ताकि नाले की सफाई के लिए मशीनें लगाई जा सकें। साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति का दोबारा सामना कर सकती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार दिल्लीवासियों की चिंता करती है और किसी भी हालात में लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि नाले के किनारे बसे मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का। अदालत के आदेश की अवहेलना करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। बारापुला नाले पर अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई कम हो गई है, जिससे आस-पास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है: रेखा गुप्ता उन्होंने कहा कि गाद निकालने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। अगर कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है, तो न तो सरकार और न ही प्रशासन कुछ कर सकता है। मद्रासी कैंप बारापुला नाले के किनारे बनाया गया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस झुग्गी बस्ती के निवासियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और उन्हें घर भी आवंटित किए गए हैं। रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर साधा निशाना रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में आज 700 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं, जो ना तो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने किए और ना ही कांग्रेस की सरकार ने कभी इसकी पहल की। उन्होंने कहा कि जब तक किसी झुग्गीवासी को पक्का मकान नहीं मिलता, तब तक उसे वहां से हटाया नहीं जाएगा और सरकार उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन कोर्ट के आदेशों की अनदेखी संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि कोर्ट जानता है कि उसे क्या करना है, और इसी कारण उसने नाले की सफाई और बाढ़ की आशंका को लेकर यह सख्त आदेश जारी किए हैं। दिल्ली सरकार अदालत के आदेशों का पालन करते हुए लोगों को सर्वोत्तम सुविधा देने के प्रयास में जुटी है।

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में दिल्ली की बीजेपी सरकार पर झुग्गी बस्तियों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी से इन्हें बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, बीते कुछ महीनों से दिल्ली की अनेक बस्तियों में, जिनमें मद्रासी कैंप, बस्ती निज़ामुद्दीन, बटला हाउस, आजादपुर मंडी और ओखला क्षेत्र की बस्तियाँ शामिल हैं, लगातार तोड़फोड़ की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही जमीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। ‘बिना नोटिस हटाई जा रही झुग्गियां’ संजय सिंह ने अपने पत्र में कहा, दिल्ली वह शहर है जहां देश का हर कोना अपने भविष्य की तलाश में आता है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए श्रमिकों ने इस शहर को अपने खून-पसीने से सींचा है। उन्होंने इसकी सड़कें बनाई,भवन खड़े किए, इसकी अर्थव्यवस्था को गति दी। और अब जब वही श्रमिक झुग्गीमें रहते हैं, तो उन्हें “अवैध” कहकर हटा दिया जाता है- बिना नोटिस, बिना पुनर्वास, बिना मानवीय सहानुभूति के। उन्होंने आगे कहा, निदा फ़ाज़ली की चंद पंक्तियाँ है कि “ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें, ये ज़र्मी चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें, लेकिन, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही ज़मीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। याद दिलाए भाजपा के वादे संजय सिंह ने आगे कहा, आपकी सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने पिछले सालों में अनेक घोषणाएं की थीं जो इन बस्तीवासियों को आश्वस्त करती थीं। साल 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनावों के दौरान भाजपा ने ‘जहां झुग्गी वहां मकान योजना के अंतर्गत 17,000 फ्लैट्स उपलब्ध कराने का वादा किया था। साल 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 3.5 लाख पक्के घर बनाने का वादा दोहराया, साथ ही 15 में भोजन (अटल कैंटीन), मुफ्त बिजली, सामुदायिक शौचालय, जल एटीएम,और महिला सहायता योजनाएं जारी रखने का आश्वासन भी दिया। ‘खुद अमित शाह ने किया था मकान का वादा’ आप सांसद ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्वयं “झुग्गी बस्ती प्रधान सम्मेलन” में यह वादा किया था किहर बस्तीवासी को मकान मिलेगा और कोई भी योजना रोकी नहीं जाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति इन वादों के विपरीत है। तथ्य यह है कि आज भी लाखों झुग्गीवासियों को मकान नहीं मिला है और 2025 तक केवल 4700 घर ही वितरित किए जा सके हैं। इससे साफ संजय सिंह ने कहा, ऐसा लगता हैं कि घोषित योजनाएं ज़मीन पर लागू नहीं हो पा रहीं, और उलटे बुलडोज़र की नीति अपनाई जा रही है। क्या यूपी-बिहार से आए वे श्रमिक इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या संविधान द्वारा प्रदत्त अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार केवल नगरों के धनी नागरिकों के लिए है? महोदय, गरीबों की बस्तियों को तोड़ते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि सपनों की दिल्ली में, अगर गरीब का ही सपना टूट जाए, तो दिल्ली शहर नहीं, सिर्फ इमारतों का जंगल रह जाता है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा, दुनिया सबसे बड़ा धर्म है और देश की जनता की ओर से आपसे उम्मीद करते है कि आप इसी मानवता के धर्म को सबसे आगे रखेंगे। इन गरीबों की जिंदगियों को उजड़ने से रोकिए। इन झुग्गियों को बचाइए और जहां झुग्गियाँ हैं,वहीं लोगों को मकान बनाकर दिलाने की कृपा करें।  

दिल्ली के नागरिकों को रेखा गुप्ता सरकार की ओर से एक और तोहफा मिलने जा रहा

नई दिल्ली  सरकार की ओर से दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान तो पहले ही कर दिया गया था। अब दिव्यांगजन के सहायकों को भी पैसा देने की तैयारी की जा रही है। दिव्यांगजन की देखभाल के लिए सहायकों को सरकार की ओर से यह आर्थिक मदद दी जाएगी। जरूरी नहीं है कि दिव्यांगजन के सहायक उनके माता-पिता, पति-पत्नी या भाई-बहन ही हो। जो भी व्यक्ति दिव्यांगजन की देखभाल कर रहा है, वह भी 5000 रुपये महीने पाने का हकदार होगा। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह के मुताबिक दिव्यांगजनों की देखभाल अच्छे से हो, इसके लिए सहायकों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सरकार की ओर से 5000 रुपये महीने का मानदेय देने का प्रस्ताव दिया गया है। अभी इस प्रस्ताव में कुछ संशोधन किए जा रहे हैं और जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। 5000 रुपये के लिए होगी यह शर्त दिल्ली में अभी उन्हीं लोगों को दिव्यांग पेंशन मिलती है, जिनकी दिव्यांगता 40% से ज्यादा है। हालांकि सहायक को मानदेय के लिए प्रस्ताव में शर्त रखी गई है कि 5000 रुपये उसी स्थिति में मिलेंगे, अगर दिव्यांगजन 80 प्रतिशत दिव्यांग होंगे और पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर होंगे। ऐसी स्थिति में ही दिव्यांगजन के सहायक को 5000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। माना जा रहा है कि अभी मौजूद आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1000 से ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। 1.5 लाख लोगों को मिल रही दिव्यांग पेंशन दिल्ली में एक अनुमान के मुताबिक करीब 1.5 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। दिव्यांग पेंशन के लिए 40% से ज्यादा दिव्यांगता होना जरूरी है। इसके अलावा व्यक्ति दिल्ली में कम से कम 5 साल से रह रहा हो और परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अगर आवेदक को पहले से किसी सरकारी पेंशन का फायदा मिल रहा है तो फिर उसे दिव्यांग पेंशन नहीं मिलेगी। कब मिलेगी बढ़ी हुई दिव्यांग पेंशन दिल्ली सरकार बजट में पेंशन योजनाओं में 500 रुपये बढ़ाने का भी ऐलान कर चुकी है। इसके मुताबिक दिव्यांगजन को पेंशन के रूप में हर महीने 3000 रुपये मिलेंगे। हालांकि लाभार्थियों के खाते में बढ़ा हुआ पैसा अभी तक मिलना शुरू नहीं हुआ है। दरअसल दिल्ली सरकार पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए सत्यापन कराने में लगी हुई है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जल्द ही लाभार्थियों के खाते में दिव्यांग पेंशन आना शुरू हो जाएगी।

पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंची, यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई: सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 1.76 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें 1 बिलियन डॉलर और उससे अधिक वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप यानी यूनिकॉर्न की संख्या 118 दर्ज की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री ने कहा कि “भारत के युवा स्टार्टअप बना रहे हैं और नौकरियों के अवसर ला रहे हैं”। उन्होंने पोस्ट किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में युवाओं के लिए किए गए कार्यों की एक झलक है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक अलग एक्स पोस्ट में कहा कि पिछले 11 वर्षों में 7 नए आईआईटी, 8 नए आईआईएम और 16 नए एम्स स्थापित किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा, “पीएमकेवीवाई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) के तहत 1.6 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया और 1.6 लाख स्टार्टअप से 17.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए गए। लगभग 30,000 व्यावसायिक शिक्षा विद्यालय स्थापित किए गए, जिनमें 30 लाख से अधिक छात्र नामांकित हैं।” पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत, शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए गए। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि देश के हर कोने में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए लगभग 490 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (सीजीएसएस) के विस्तार को अधिसूचित किया, जो प्रति उधारकर्ता गारंटी कवर की सीमा को 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर देता है। सरकार के अनुसार, 10 करोड़ रुपये तक की ऋण राशि के लिए गारंटी कवर की सीमा को भी बढ़ाकर डिफॉल्ट राशि का 85 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि के लिए डिफॉल्ट राशि का 75 प्रतिशत कर दिया गया है। भारत को इनोवेशन-संचालित आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए पीएम मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, अधिसूचित विस्तार का उद्देश्य इनोवेशन-ड्रिवन स्टार्टअप्स की फाइनेंसिंग जरूरत को पूरा करना है। विस्तारित योजना स्थापित वित्तीय संस्थानों में स्टार्टअप को ऋण देने से जुड़े जोखिमों को कम करेगी, जिससे स्टार्टअप के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट एक्सपेरिमेंट करने और कटिंग-एज इनोवेशन और टेक्नोलॉजी बनाने के लिए अधिक फाइनेंशियल फ्लो और रनवे सक्षम होगा।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा की अगली कोर्ट पेशी 9 जुलाई को होगी

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। राणा की अगली कोर्ट पेशी 9 जुलाई को होनी है। इसका अर्थ है कि तहव्वुर राणा को अब 9 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से उसे वर्चुअल मोड के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। राणा के वकील ने उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। दलीलों पर गौर करते हुए कोर्ट ने तिहाड़ के अधिकारियों को 9 जून तक मामले पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राणा ने अपने परिवार से बातचीत करने की इच्छा जताई है। खबरों के अनुसार, मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने परिवार से बातचीत के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। राणा की इस अर्जी पर कोर्ट 9 जून को सुनवाई करेगा। जब राणा को एनआईए ने हिरासत में लिया गया तब उसने परिवार से बात करने की इच्छा जताई थी। राणा के वकील की ओर से तर्क दिया गया था कि एक विदेशी नागरिक के तौर पर राणा का यह मौलिक अधिकार है कि वह अपने परिवार से बातचीत करे। राणा का परिवार उसकी भलाई को लेकर चिंतित है। इससे पहले 24 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने राणा की अपने परिवार से बात करने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। एनआईए द्वारा उसकी याचिका का विरोध करने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया था। सुनवाई के दौरान, एनआईए ने तर्क दिया कि अगर राणा को अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति दी जाती है, तो वह बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कर सकता है। ज्ञात हो कि पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी राणा को हाल ही में 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मुकदमा चलाने के लिए अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसमें 26 नवंबर, 2008 को 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। 9 मई को विशेष अदालत ने राणा को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पटियाला कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद राणा को 9 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

एक अज्ञात कॉलर ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को जान से मारने की दी धमकी: पुलिस अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गाजियाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गुरुवार रात करीब 11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में एक अज्ञात कॉलर ने यह धमकी दी। धमकी भरा कॉल करने के तुरंत बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। गाजियाबाद पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (सिटी) के अनुसार, कॉल के तुरंत बाद फोन बंद हो गया और अब तक चालू नहीं हुआ है। गाजियाबाद पुलिस की इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन सेल ने दिल्ली पुलिस को इस धमकी की सूचना दी। जांच में सामने आया है कि जिस सिम से धमकी दी गई, उसके मालिक की पहचान कर ली गई है और इसमें टेलीकॉम कंपनी की मदद ली गई। धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सार्वजनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को पहले भी हमलों और धमकियों का सामना करना पड़ा है। 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक ऑटो ड्राइवर ने थप्पड़ मारा था। उसका आरोप था कि केजरीवाल ने चुनावी वादे पूरे नहीं किए। 2016 में छत्रसाल स्टेडियम में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल पर एक महिला ने स्याही फेंकी थी। यह महिला पंजाब की एक संस्था से जुड़ी थी और दिल्ली में सीएनजी वाहनों के स्टिकर घोटाले का विरोध कर रही थी। यह हमला उस समय हुआ था जब केजरीवाल ‘ऑड-ईवन’ योजना की सफलता पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां तक कि फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले भी एक सुरक्षा संबंधी घटना सामने आई थी, जब केजरीवाल पर सावित्री नगर, मालवीय नगर में पदयात्रा के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने तरल पदार्थ फेंका था।

मेट्रो स्टेशन पर विदेशी युवती मिली बेहोश, होश में आने पर खुला चौंकाने वाला सच

नई दिल्ली  नोएडा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने नाइजीरिया से आई युवती गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में मिली और बाद में उसने एक अज्ञात ई-रिक्शा चालक पर लूटपाट का आरोप लगाया। पुलिस ने यह जानकारी दी। नोएडा के थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि युवती कौशल राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान द्वारा 21 मई से 3 जून तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने यहां आई थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात संस्थान के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई कि नाइजीरियाई युवती अतिलोलो 2 जून को संस्थान से बाहर गई थी लेकिन वह 3 जून को भी वापस नहीं आई। ई-रिक्शा चालक ने युवती से किया दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनकर बेहोशी की हालत में छोड़ा सिंह ने शिकायत के आधार पर बताया कि अतिलोलो को बाद में कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बेहोशी की हालत में पाया गया। उन्होंने बताया कि युवती ने होश में आने के बाद बताया कि वह एक मॉल में खरीदारी करने कई थी और लौटते समय एक ई- रिक्शा पर बैठी थी। अतिलोलो के अनुसार, चालक उसे गलत दिशा में ले जाने लगा तो उसने उसका विरोध किया। शिकायत के अनुसार, ई-रिक्शा चालक ने युवती से दुर्व्यवहार किया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया जिसके बाद वह डर कर ई-रिक्शा से कूद गई। सिंह ने बताया कि पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।  

दिल्ली की 100 साल पुरानी ‘मेट्रो’, जिससे गई थी नेहरू की बारात, ट्राम की पढ़िए पूरी कहानी

नई दिल्ली दिल्ली की लाइफलाइन माने जाने वाली मेट्रो का सफर आपने जरूर किया होगा। आज दिल्ली मेट्रो की रफ्तार शहर की धड़कन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से 100 साल पहले भी इसी शहर पर एक ‘मेट्रो’दौड़ती थी? जी हां हम बात कर रहे हैं ट्राम की। कभी दिल्ली की सड़कों पर ट्राम की खटखट सुनाई देती थी। सौ साल पहले, जब सड़कों पर कारें गिनती की थीं और मेट्रो का नामोनिशान नहीं था, तब दिल्ली में बिजली की ट्राम दौड़ती थी। यह न सिर्फ ट्रांसपोर्ट का साधन थी, बल्कि दिल्लीवालों की जिंदगी का हिस्सा थी। आज हम दिल्ली की इसी ट्राम की कहानी बता रहे हैं। दिल्ली में कब शुरू हुई ट्राम सेवा? ये बात है साल 1908 की जब दिल्ली ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक ट्राम का स्वागत किया। यह वो दौर था जब अंग्रेजी हुकूमत भारत में अपनी जड़ें जमा रही थी। ट्राम की शुरुआत ने दिल्ली की सैर को आसान बना दिया। चांदनी चौक से लेकर जामा मस्जिद, खारी बावली से अजमेरी गेट तक, 15 किलोमीटर के ट्रैक पर 24 खुली गाड़ियां चलती थीं। ये ट्रामें न सिर्फ लोगों को जोड़ती थीं, बल्कि दिल्ली की संस्कृति को भी एक धागे में पिरोती थीं। ट्राम से गई थी नेहरू की बारात 4 फरवरी 1916, वसंत पंचमी का दिन, पुरानी दिल्ली के बाजार सीताराम में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला कौल की शादी हुई। उस दिन ट्राम ने इतिहास रचा। बारात में शामिल कई मेहमान ट्राम में सवार होकर विवाह स्थल पहुंचे। सोचिए, उस दौर में ट्राम की खटखट के बीच बारातियों का उत्साह और दिल्ली की गलियों का रंग। यह नजारा अपने आप में एक कहानी बन गया। उस समय दिल्ली के मशहूर हकीम अजमल खान भी अपने घर बल्लीमारान जाने के लिए ट्राम का सहारा लेते थे। कहां से कहां तक चलती थी ट्राम उस वक्त ट्राम दिल्ली के प्रमुख इलाकों तक पहुंचती थी। चांदनी चौक, जामा मस्जिद, फतेहपुरी, लाल कुआं, चावड़ी बाजार, सिविल लाइंस और सब्जी मंडी जैसे इलाकों को जोड़ने वाली ट्राम दिल्ली की लाइफलाइन थी। 1921 तक इसका विस्तार हुआ और यह 24 खुली गाड़ियों के साथ रोजाना हजारों लोगों को ढोती थी। उस समय दिल्ली की आबादी आज की तरह फैली नहीं थी और पुरानी दिल्ली ही शहर का केंद्र थी। ट्राम की धीमी रफ्तार और घंटियों की आवाज लोगों के लिए एक परिचित मेलोडी थी। ऐसे लगा ट्राम की रफ्तार पर ब्रेक आजादी के बाद, जब बसें और अन्य आधुनिक परिवहन साधन दिल्ली की सड़कों पर उतरे, ट्राम की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगी। 1960 में दिल्ली ने अपनी ट्राम को अलविदा कह दिया। लेकिन ट्राम की यादें आज भी दिल्ली के इतिहास में बसी हैं। लेखिका निर्मला जैन ने अपनी किताब दिल्ली शहर दर शहर में लिखा कि आजादी के कई साल बाद तक चांदनी चौक के दोनों सिरों को जोड़ने वाली ट्राम की आवाज गूंजती थी। ट्राम की विरासत अब दिल्ली की यादों का हिस्सा ट्राम भले ही दिल्ली की सड़कों से गायब हो गई, लेकिन इसकी कहानी आज भी जीवित है। प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खान ने अपने बचपन की यादों में बताया कि 1957 में जब वे दिल्ली आए, तब ट्राम पुरानी दिल्ली की शान थी। आज भले ही मेट्रो ने ट्राम की जगह ले ली हो, लेकिन उस दौर की सादगी और ट्राम की खटखट आज भी पुरानी दिल्ली की गलियों में कहीं न कहीं गूंजती सी लगती है। दिल्ली की ट्राम सिर्फ एक परिवहन का साधन नहीं थी, यह एक दौर था, एक कहानी थी, जो नेहरू की बारात से लेकर चांदनी चौक की चहल-पहल तक, दिल्ली के इतिहास का हिस्सा बनी। क्या आपने कभी सोचा कि अगर आज ट्राम वापस लौटे, तो दिल्ली की गलियों में कैसी लगेगी?  

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए फाइनल हो गए 4BHK वाले 2 बंगले, ‘चमकाने’ पर खर्च होंगे 47 लाख रुपये

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए आखिर बंगले की तलाश पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री बनने के करीब साढ़े तीन महीने बाद राज निवास मार्ग पर रेखा गुप्ता के लिए दो बंगले फाइनल किए गए हैं। बताया बंगले 4 BHK वाले हैं इन बंगलों की पहले मरम्मत और रंग-रोगन का काम भी किया जाएगा। गुप्ता पहले ही उस बंगले को ना कह चुकी थीं,जिसमें मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल रहा करते थे। भाजपा इसे शीशमहल कहकर पुकारती थी। रेखा गुप्ता के नाम सिविल लाइंस में राज निवास मार्ग पर दो बंगले 1/8 और 2/8 आवंटित किए गए हैं। 4 एकड़ में फैले इन बंगलों में से एक का इस्तेमाल रेखा गुप्ता सरकारी आवास और दूसरे का कैंप ऑफिस के रूप में करेंगी। रेखा गुप्ता अभी तक शालीमार बाग स्थित अपने निजी आवास में ही रह रही थीं। सीएम रेखा गुप्ता ने इनके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के लिए लंबे समय से एक ऐसे बंगले की तलाश की जा रही थी जिसकी दूरी सचिवालय, आईटीओ और केंद्रीय सरकार के दफ्तरों से नजदीक हो। इससे पहले सामाजिक कल्याण मंत्री रवि इंद्रारज सिंह को राज निवास मार्ग पर बंगला नंबर 3/8 मिला था। सीएम का आवास उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बंगले के नजदीक होगा। दिल्ली सरकार के पास राज निवास मार्ग पर कुछ बंगले हैं जो आमतौर पर मंत्रियों को दिए जाते हैं। इनमें 4 बेडरूम, फ्रंट लॉन, लिविंग और ड्रॉइंग एयरिया और स्टाफ क्वॉर्टर शामिल हैं। यहां रवि इंद्रराज सिंह और डिप्टी स्पीकर बिष्ट सीएम के पड़ोसी होंगे। रेखा गुप्ता के पहले सीएम रहीं आतिशी एबी-17 मथुरा रोड स्थित बंगले में रहती थीं। वहीं, अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस में 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले में रहते थे। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने गलत तरीके से इस बंगले में सुख सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए। अब यह बंगला जांच के दायरे में है। रेखा गुप्ता ने पहले ही कह दिया था कि वह इस बंगले में नहीं रहना चाहेंगी, बल्कि इसे म्यूजियम बनाने समेत कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। मरम्मत पर खर्च होंगे 47 लाख रुपये पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि आंवटन पत्र पीडब्ल्यूडी को दिया जा चुका है और इसके बाद बंगलों की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने पीटीआई को बताया, ‘हम इसमें कुछ मरम्मत और रेनोवेशन का काम कर रहे हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिफ्ट होंगी।’ सीएम के लिए कैंप ऑफिस बनाने को पीडब्ल्यूडी ने टेंडर निकाला है। अधिकारी ने बताया कि बंगले की मरम्मत पर करीब 47 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है और 60 दिन में काम पूरा होगा।  

द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ मई और जून में कड़ा एक्शन लिया। द्वारका जिला पुलिस ने मई में 71 विदेशियों को डिपोर्ट किया, जिनमें 47 बांग्लादेशी, 17 म्यांमार के रोहिंग्या और 7 नाइजीरियाई शामिल हैं। इसके अलावा, नॉर्थ-वेस्ट और शाहदरा जिला पुलिस ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई द्वारका जिला पुलिस ने मई में अवैध रूप से रह रहे 71 विदेशियों को पकड़कर डिपोर्टेशन के लिए भेजा। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि इन विदेशियों के पास वैध वीजा नहीं था। पुलिस की स्पेशल स्टाफ, उत्तम नगर थाना, एंटी-नारकोटिक्स सेल, छावला थाना और AATS की टीमें इस ऑपरेशन में शामिल थीं। पकड़े गए विदेशियों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में छापेमारी 2 जून को नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली पुलिस ने भारत नगर थाना क्षेत्र में 18 बांग्लादेशी नागरिकों को धर दबोचा। खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने वजीरपुर जेजे कॉलोनी में तलाशी ली। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि 36 फुटपाथों और 45 गलियों को खंगाला गया। एक संदिग्ध को पहले पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में बांग्लादेशी होने की बात कबूल की। ये लोग हरियाणा से दिल्ली आए थे और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहे थे। शाहदरा में भी पुलिस की पैनी नजर इसी दिन शाहदरा जिला पुलिस ने सीमापुरी इलाके में 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। खबर मिली थी कि उत्तर प्रदेश-दिल्ली बॉर्डर के पास शहीद नगर इलाके में अवैध प्रवासियों की आवाजाही हो रही है। पुलिस ने तुरंत सूचना की पुष्टि की और एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। मुखबिर की मदद से इन लोगों को सीमापुरी में घुसते समय पकड़ लिया गया। ये कार्रवाई क्यों है अहम? दिल्ली पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जा रही। बांग्लादेशी नागरिकों की बड़ी संख्या ने पुलिस की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। लेकिन, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और खुफिया तंत्र की तारीफ करनी होगी, जो लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है।  

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