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हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा: फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की बात कर रहा है। इसी बीच, जेकेएनसी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा। बहुत हो गया, आखिर कब तक छाती पीटते रहेंगे?” उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है और सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, यह प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं। महबूबा मुफ्ती के एक बयान पर जब फारूक अब्दुल्ला से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उनका निशाना प्रधानमंत्री पर होता है। मैं ऐसी कोई बात नहीं करूंगा। आज पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है और उम्मीद है कि वह ऐसा कदम उठाएंगे जिससे आतंकवाद का अंत हो सके।” पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “उनसे कहिए कि थोड़ा इंतजार करें, सब्र रखने में ही सब कुछ होगा। इससे ही सब कुछ ठीक होगा।” दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए फिर से सबूत मांगा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में “कहां हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक?” उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई। हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार को इंसाफ चाहिए। बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है।

यूसीसी पर फैलाई जा रही हैं भ्रांतियां, पहलगाम घटना पर सख्त रुख: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमें बहुमत दिया, हमने वादा निभाया। कुछ लोग यूसीसी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन हम जन जागरूकता के जरिए हर भ्रम का जवाब देंगे। पहलगाम जैसी घटनाओं का जवाब देने के लिए भारत तैयार है। मीडिया से बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि यूसीसी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ किया कि यूसीसी के तहत मूल निवास प्रमाण पत्र देने जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण और समाज में समानता लाने के लिए यूसीसी एक ऐतिहासिक कदम है। 2022 के चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने इसे लेकर जो विश्वास दिखाया, हमने उस पर खरा उतरने का प्रयास किया है। अब यह कानून राज्य में लागू हो चुका है और इससे न्याय प्रक्रिया और अधिक सरल होगी।” सीएम धामी ने बताया कि सरकार जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यूसीसी से जुड़ी सही जानकारी देगी। जातिगत जनगणना को लेकर भी सीएम धामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और इस दिशा में भी केंद्र सरकार गंभीरता से काम कर रही है। वहीं, पहलगाम हमले को लेकर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भारत अब कमजोर नहीं है और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। चारधाम यात्रा को लेकर भी सीएम ने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिना धमाके दुश्मन को काट देगी भारतीय सेना की नई मिसाइल!, अमेरिका से आई ‘उड़ती हुई तलवार’

नई दिल्ली भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के लिए एक खुफिया लेकिन खतरनाक हथियार खरीदा है। यह मिसाइल कोई आम हथियार नहीं बल्कि एक ‘उड़ती हुई तलवार’ है, जिसे V-Sword Missile के नाम से जाना जाता है। इसका असली नाम है Hellfire R9X Missile। इस मिसाइल की खास बात ये है कि ये धमाका नहीं करती बल्कि दुश्मन को छह घातक ब्लेड्स से काटकर खत्म कर देती है। अब भारत ने इसे अमेरिका से इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के तहत खरीदने का फैसला किया है। आतंकियों के खिलाफ सटीक वार इस मिसाइल का इस्तेमाल खासतौर पर उन्हीं स्थितियों में किया जाता है जहां आतंकी आम नागरिकों के बीच छिपे होते हैं। पारंपरिक मिसाइलों से वहां हमला करने पर आम लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन V-Sword सिर्फ अपने टारगेट को खत्म करती है। इसका सबसे चर्चित उदाहरण अमेरिका द्वारा 2022 में किया गया था, जब अलकायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी को अफगानिस्तान में इसी मिसाइल से मार गिराया गया। 85 मिसाइलें, 48 लॉन्चर और नाइट विजन डिवाइस की खरीद पाकिस्तान से बढ़ते तनाव और संभावित खतरों को देखते हुए भारत ने अमेरिका से 85 V-Sword मिसाइलें, 48 लॉन्चर और नाइट विजन साइट्स खरीदने का निर्णय लिया है। ये सब कुछ इमरजेंसी खरीद प्रक्रिया के तहत हो रहा है, ताकि तुरंत ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा किया जा सके। ड्रोन वॉर का नया चेहरा आज के दौर में जहां युद्ध मैदानों की जगह डिजिटल और ड्रोन टेक्नोलॉजी ले रही है, वहां यह मिसाइल एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। भारत के पास पहले से ही कई आधुनिक ड्रोन हैं जो अब इन मिसाइलों को लेकर उड़ान भर सकते हैं। V-Sword मिसाइल की तैनाती भारत की सुरक्षा रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ रही है। अब भारत भी उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास सर्जिकल और सटीक हमलों के लिए हाई-प्रिसिशन हथियार हैं। अमेरिका से मिली मिसाइल, अब भारत के पास यह मिसाइल अब तक सिर्फ अमेरिका के पास थी और उसका इस्तेमाल आतंक के खिलाफ ऑपरेशन में होता था। अब भारत के पास भी यह अत्याधुनिक हथियार होगा, जिससे सीमा पार छिपे आतंकियों को सुरक्षित तरीके से निशाना बनाया जा सकता है।  

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमारा पूरा समर्थन: अमेरिका

न्यूयॉर्क अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘हमारा पूरा समर्थन” है। मंत्रालय ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान से एक ऐसा उचित समाधान तलाशने की दिशा में काम करने का आग्रह किया है जो दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति एवं क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका स्थिति पर ‘‘बारीकी से नजर रख रहा है।” विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग बात की। ब्रूस ने कहा, ‘‘जैसा कि (अमेरिका के) राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी से कहा था, अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री मोदी को हमारा पूरा समर्थन है।” ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने ‘‘दोनों देशों से जिम्मेदारी से एक ऐसा समाधान तलाशने की दिशा में काम करने का आग्रह किया जो दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति एवं क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखे। जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, हम कई स्तरों पर दोनों देशों की सरकारों के संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार लगातार संपर्क में है। हम दोनों पक्षों से जिम्मेदारी से कोई समाधान निकालने के लिए कह रहे हैं। मैं आपको इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दे सकती।” अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उसने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है और पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच में पाकिस्तान से सहयोग करने का आग्रह किया है। जयशंकर के साथ बुधवार रात को फोन पर हुई बातचीत में रुबियो ने पहलगाम में हुए ‘‘भयावह” आतंकवादी हमले में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहयोग को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता जताई। ब्रूस ने एक बयान में बताया कि रुबियो ने दक्षिण एशिया में तनाव कम करने और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत से पाकिस्तान के साथ काम करने का आग्रह किया।   विदेश मंत्री जयशंकर ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके दोषियों, उनका सहयोग करने वालों और साजिश रचने वालों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।” रुबियो ने शरीफ के साथ बातचीत में पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा पाकिस्तानी अधिकारियों से ‘‘इस अमानवीय हमले” की जांच में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने पाकिस्तान को तनाव कम करने, सीधे संचार को फिर से स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। रुबियो और शरीफ ने ‘‘आतंकवादियों को हिंसा के जघन्य कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।”    

PM मोदी से डरा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तनाव कम करने की अपील की

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. पाकिस्तान को भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई का अंदेशा है और इस वजह से वह सहमा हुआ है. वह कभी पहलगाम आतंकी हमले की तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच करवाने और इसमें सहयोग करने, तो कभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को उठा रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ तनाव बढ़ने पर उसे उचित समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सबकुछ जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है. अहमद इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की योजना बना रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है और जुलाई में 15 देशों वाली संयुक्त राष्ट्र संस्था की अध्यक्षता करेगा. PAK को सता रहा भारत की जवाबी कार्रवाई का डर उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि पहलगाम में एक घटना हुई है, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है उससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है. हमारा मानना ​​है कि सुरक्षा परिषद को वास्तव में ऐसा करने का अधिकार है. पाकिस्तान सहित परिषद के किसी भी सदस्य के लिए यह पूरी तरह उचित होगा कि वह सुरक्षा परिषद की बैठक और चर्चा का अनुरोध करे, ताकि इस गंभीर स्थिति पर विचार किया जा सके.’ अहमद ने कहा, ‘हमने परिषद के सदस्यों के साथ इस पर चर्चा की है. हमने पिछले महीने की अध्यक्षता और इस महीने की अध्यक्षता के साथ इस पर चर्चा की है. हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और हमें उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है.’ पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने अपने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी के बारे में पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल का सीधे जवाब देने से परहेज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान तीन दशक से अमेरिका और पश्चिमि देशों के लिए ‘गंदा काम’ करता रहा है. पाकिस्तान तीन दशक से आतंकवाद को दे रहा पराश्रय दरअसल, पहलगाम हमले के परिप्रेक्ष्य में स्काई न्यूज के एंकर यल्दा हाकिम ने ख्वाजा आसिफ से सवाल किया था, ‘आप स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?’ इसके जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा था, ‘आप जानते हैं कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह गंदा काम लगभग तीन दशकों से कर रहे हैं, और ब्रिटेन भी इसमें शामिल है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आतंकवादियों और आकाओं और इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी कड़ी सजा देंगे. देश के दुश्मनों ने न केवल निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.’ गत 29 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय सेना को खुली छूट दी थी और कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसका तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे. भारत को रोको, हमें बचाओ; UNSC में रोया पाकिस्तान तो अब चर्चा की तैयारी भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और तनाव को कम कराने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के अमेरिका में राजदूत रिजवान सईद शेख ने चेतावनी दी कि “कोई भी गलत कदम या गलत अनुमान परमाणु संघर्ष की ओर ले जा सकता है।” शेख ने कश्मीर को “विश्व का सबसे खतरनाक परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए ट्रंप से इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। Fox News Digital से बातचीत में शेख ने कश्मीर को “परमाणु फ्लैशपॉइंट” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को हल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रपति ट्रंप की विरासत का एक अहम हिस्सा बन सकता है, यदि वे इस मसले को सतही उपायों से नहीं बल्कि कश्मीर विवाद जैसे मूल कारणों को संबोधित करके हल करें।” राजदूत शेख ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया को “खतरनाक और भड़काऊ” बताया। उन्होंने कहा कि हमले के महज 10 मिनट बाद ही भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, “भारत ने आरोप लगाने में एक मिनट भी नहीं गंवाया और बिना किसी जांच के ही पाकिस्तान को दोषी ठहराया। हमने सबूत शेयर करने की मांग की और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में भाग लेने की पेशकश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।” “परमाणु युद्ध की संभावना को नजरअंदाज न करें” पाकिस्तानी राजदूत को भारत की संभावित प्रतिक्रिया से डर लग रहा है। यही वजह है कि वे दूसरे देशों के आगे गुहार लगा रहे हैं कि भारत को रोका जाए। राजदूत ने कहा कि यह क्षेत्र 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का घर है और इस तरह के युद्धोन्माद भरे बयानात क्षेत्र को एक बार फिर से “युद्ध की मानसिकता का बंधक” बना रहे हैं। पाकिस्तानी दूत ने गीदड भभकी देते हुए कहा कि “कोई भी गलतफहमी या गलत निर्णय, परमाणु युद्ध में बदल सकता है – जो इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए बहने वाली नदियों के जल प्रवाह को एकतरफा रोकने की धमकी, अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इंडस वॉटर ट्रीटी का हवाला देते हुए कहा, “यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी कायम रही, इसे तोड़ना अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना है।” पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित … Read more

आंतरिक संघर्ष के चलते हालत खराब, पाकिस्तान में बड़ा अटैक, सरकारी इमारतों को फूंका, हाईवे जाम

क्वेटा भारत में आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान की खुद ही आंतरिक संघर्ष के चलते हालत खराब है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का लिंक सामने आया था। लेकिन वह खुद आंतरिक संघर्ष से परेशान है। सिंध में पानी के बंटवारे के लिए लिए हाहाकार मचा है और स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर रखे हैं। इस बीच बलूचिस्तान के कलात में हमला हुआ है। यहां क्वेटा कराची हाईवे को बड़ी संख्या में बंदूकधारियों ने जाम कर दिया। यही नहीं मौके से गुजर रहे वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। यह घटना कलात जिले के मोंगोचार इलाके में हुई है। यहां पर इन लोगों ने कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया। इन इमारतों में नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान का ऑफिस, स्थानीय अदालत समेत कई विभागों के कार्यालय शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस अग्निकांड में बड़े पैमाने पर इमारतों को नुकसान पहुंचा है। खबर है कि पास में ही स्थित पाकिस्तान के एक आर्मी कैंप पर भी हमला हुआ था, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट्स के मुताबिक इन लोगों ने नेशनल हाईवे पर खड़े वाहनों को चेक किया। कई बसों और कारों से लोगों को उतारकर पूछताछ की। इस दौरान हाईवे पर ट्रैफिक बाधित रहा। इस तरह के कराची से क्वेटा को जोड़ने वाले हाईवे को पूरी तरह ब्लॉक करके जांच करना बड़ी घटना है। माना जा रहा है कि बलूच लिबरेशन आर्मी के लोगों ने ही यह हमला किया था। वे पंजाबी मूल के लोगों को टारगेट करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने वहां मौजूद यात्रियों की पड़ताल की। वे उनकी पहचान जानना चाहते थे और यदि पंजाबी मूल के निकलते तो उनकी जान को खतरा भी हो सकता था। ऐसी ही कई घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं, जिनमें बलूच लिबरेशन आर्मी के लोगों ने पाकिस्तानी पंजाब के लोगों की टारगेट किलिंग कर दी। सूत्रों का कहना है कि काफी देर तक सशस्त्र समूह ने कई इमारतों को अपने कब्जे में रखा। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जैसे ही सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे तो ये लोग मौके से निकल गए। किसी को भी पाकिस्तानी सुरक्षा बल पकड़ नहीं पाए। यही नहीं काफी देर तक मशक्कत करने के बाद हाईवे को चालू कराया जा सका। यही नहीं एक अन्य घटना में शुक्रवार की रात को मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने एक चेक पोस्ट पर हमला किया। इन लोगों ने टोल वसूलने वाले कर्मचारी हक नवाज लांगोवे की हत्या कर दी। यही नहीं सड़क पर बने एक पुल को भी धमाके से उड़ा दिया गया। पुल गिराने की घटना में किसी को चोट नहीं पहुंची है।

केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, देश के कई राज्यों से लोग चारधाम यात्रा पर दर्शन करने को पहुंच रहे है

देहरादून उत्तराखंड चारधाम यात्रा का शुभारंभ 28 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ हो गया है। यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित देश के कई राज्यों से लोग चारधाम यात्रा पर दर्शन करने को पहुंच रहे हैं। केदारनाथ हेली सेवा का आज शनिवार को हेली सेवा का शुभारंभ हो गया है। देहरादून स्थित जौलीग्रांट एयरपोर्ट से केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए हवाई सेवा शुरू हुई है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से एमआई 17 हेलीकॉप्टर से 20 श्रद्धालुओं का एक जत्था रवाना हुआ है। केदारनाथऔर बदरीनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों को छोड़ने के बाद एमआई 17 हेलीकॉप्टर वापस जौलीग्रांट आ जाएगा। आपको बता दें कि केदारनाथ के कपाट 2 मई को दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे। पुलिस-प्रशासन की ओर से चारधाम यात्रा रूट पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। चारधाम में दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बिजली रूट पर बिजली, पानी, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया गया है। केदारनाथ में पहले दिन पहुंचे रिकॉर्ड भक्तजन 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही तीर्थ यात्रियों की भारी संख्या देखने को मिल रही है। केदारनाथ धाम में पहले दिन 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भक्तों में पुरुष 19196, महिला 10597 और 361 बच्चे शामिल थे। केदारनाथ धाम में कुल मिलाकर पहले दिन यानि 2 मई को 30154 भक्तों ने दर्शन किए। केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा शुरू केदारनाथ के लिए कपाट खुलने के दिन से ही 9 हेलीकॉप्टर कंपनियों ने हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू कर दी हैं। पहले ही दिन हेलीकॉप्टर कंपनियों में यात्रियों की भीड़ लगी रही। शुक्रवार सुबह से ही केदारघाटी के अनेक हेलीपैडों से हेलीकॉप्टरों की उड़ानें शुरू हुई। बड़ी संख्या में यात्री एवं अन्य लोग केदारनाथ पहुंचे। चारधाम यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों को वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही मोबाइल ऐप touristcareuttarakhand पर भी पंजीकरण कराया जा सकेगा। हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए हेली टिकट heliyatra.irctc.co.in पर बुक किए जा सकेंगे। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर श्रद्धालु 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही टेलीफोन नंबर 01352559898 और 01352552627 पर भी संपर्क कर सकेंगे।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी देते हुए कहा- सिंधु नदी पर डैम बनाया तो कर देंगे नष्ट

इस्लामाबाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ता जा रहा है। भारत की ओर से कड़े ऐक्शन लिए गए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को रोकना भी शामिल है। इससे पाकिस्तान में जल संकट पैदा हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से सिंधु नदी का एक भी बूंद पाकिस्तान भेजने के लिए मना किया गया है, जिससे पड़ोसी देश बौखला गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि यदि भारत सिंधु नदी का पानी रोकने के लिए डैम बनाता है तो उस पर पाकिस्तान हमला करके नष्ट कर देगा। एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भड़काऊ बयान देते हुए कहा पाकिस्तान को दिए जाने वाले सिंधु के पानी को रोकना आक्रामकता माना जाएगा। जब मंत्री से पूछा गया कि अगर भारत सिंधु बेसिन पर डैम बनाने की तैयारी करता है तो पाकिस्तान का रिएक्शन क्या होगा, इस पर पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, ”यह पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामकता होगी। हमला सिर्फ तोपों और गोलियों से ही नहीं होता, पानी को रोकना या मोड़ना भी पाकिस्तान पर हमला ही है। उन्होंने (भारत) इस तरह का कोई प्रयास किया, तो पाकिस्तान उस स्ट्रक्चर को नष्ट कर देगा।” ‘ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। यह हमला पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। हमले के बाद दोनों देशों में हालात बिगड़ने लगे हैं। भारत ने कई सख्त कदम उठाए हैं। बड़ी संख्या में पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी बैन किया गया है। साथ ही, शनिवार को भारत ने पाक के लिए सभी डाक और पार्सल सेवाएं भी रोक दी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संबंध और बिगड़ सकते हैं। पाकिस्तान ने अब्दाली मिसाइल का परीक्षण किया वहीं, पाकिस्तान ने शनिवार को घोषणा की कि उसने 450 किलोमीटर की दूरी तक सतह से सतह तक मार करने में सक्षम ‘अब्दाली हथियार प्रणाली’ का सफल परीक्षण प्रक्षेपण किया है। पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ बढ़े तनाव के बीच यह परीक्षण की है। सेना ने एक बयान में कहा, ”इस प्रक्षेपण का उद्देश्य सैनिकों की अभियानगत तत्परता सुनिश्चित करना और मिसाइल की उन्नत नौवहन प्रणाली तथा उन्नत गतिशीलता विशेषज्ञताओं सहित प्रमुख तकनीकी मापदंडों की जांच करना था।” सेना ने अभ्यास के बारे में विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि मिसाइल प्रक्षेपण ‘अभ्यास इंडस’ का हिस्सा था। प्रशिक्षण प्रक्षेपण में सेना सामरिक बल कमान के कमांडर, सामरिक योजना प्रभाग, सेना सामरिक बल कमान के वरिष्ठ अधिकारी आदि मौजूद थे।

चीन व रूस जैसे देशों पर निर्भरता घटाने के लिए अमेरिका से उर्वरक आयात बढ़ाने की योजना पर विचार कर रहा भारत

नई दिल्ली भारत सरकार व्यापार असंतुलन को कम करने और चीन व रूस जैसे देशों पर निर्भरता घटाने के लिए अमेरिका से उर्वरक आयात बढ़ाने की योजना पर विचार कर रही है। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को मजबूत करने की दिशा में उठाया जा रहा है, ताकि भारतीय निर्यात को अमेरिकी बाजारों में बेहतर पहुंच मिल सके। सरकार भारत के पक्ष में व्यापार संतुलन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताओं को दूर करना चाहती है। क्या है पूरा मामला भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक आयातकों में से एक है, जिसने पिछले वित्तीय वर्ष में 8.3 बिलियन डॉलर मूल्य के उर्वरक आयात किए। हालांकि, अमेरिका से उर्वरक आयात का हिस्सा बेहद कम है, जो मात्र 300,000 डॉलर का रहा। सरकार का लक्ष्य अमेरिका के साथ व्यापार घाटे को कम करना है, जो 2024-25 में 41.18 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 11.6% बढ़कर 86.51 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 7.44% बढ़कर 45.33 बिलियन डॉलर रहा। ट्रंप सरकार इस बात को लेकर चिंता जताती रही है कि उसका भारत के साथ व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चीन और रूस पर निर्भरता कम करने की रणनीति मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में भारत के प्रमुख उर्वरक आपूर्तिकर्ता देशों में रूस, सऊदी अरब, ओमान, चीन और मोरक्को शामिल हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से उर्वरक आयात में भारी वृद्धि हुई, जिससे भारत का रूस के साथ व्यापार घाटा बढ़ गया। सरकार अब इस निर्भरता को कम करने के लिए अमेरिका से आयात बढ़ाने पर जोर दे रही है। यह कदम न केवल व्यापार संतुलन को बेहतर करेगा, बल्कि भारत के विशाल कृषि क्षेत्र को भी समर्थन देगा, जो देश की लगभग आधी वर्कफोर्स को रोजगार देता है। व्यापार समझौते की संभावनाएं भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते का मुख्य फोकस टैरिफ कम करके व्यापार अंतर को पाटना है। इसके बदले में भारत को अपने श्रम-प्रधान निर्यात, जैसे चमड़ा और वस्त्र उत्पादों, के लिए अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सरकार अमेरिकी वाहनों, व्हिस्की और कृषि उत्पादों जैसे सामानों के आयात को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। एलएनजी आयात में पहले से प्रगति उर्वरक आयात से पहले, भारत ने अमेरिका से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, भारतीय तेल निगम ने अमेरिकी कंपनी ट्रैफिगुरा के साथ पांच साल का एलएनजी आयात समझौता किया है, जिसके तहत इस वर्ष तीन से चार शिपमेंट और अगले वर्ष से छह शिपमेंट प्रतिवर्ष आयात किए जाएंगे। इसके अलावा, गेल इंडिया ने अमेरिका में एक एलएनजी परियोजना में 26% हिस्सेदारी और 15 साल के गैस सोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली आमंत्रित की है। आर्थिक और सामरिक महत्व यह कदम न केवल आर्थिक, बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करके भारत न केवल अपनी व्यापार स्थिति को बेहतर करेगा, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी अपनी स्थिति को मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन में अधिक आत्मनिर्भर और विविध बनाने में मदद करेगी।

पीएम मोदी पहलगाम हमले पर बोले-हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ ठोस एक्शन लेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ़ हमारी लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि, “हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मैं पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला को धन्यवाद देता हूं।” इससे पहले, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि राज्य के सभी पांच करोड़ लोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अमरावती के निर्माण कार्यों की फिर से शुरुआत किये जाने के दौरान यह बात कही। नायडू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम वचन देते हैं कि हम आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के हर कदम के साथ खड़े रहेंगे।” नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आंध्र प्रदेश के पांच करोड़ लोग और पूरा देश उनके साथ हैं। बाद में, नायडू द्वारा लगाये गए ‘वंदेमातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से जनसभा गूंज उठी। आतंकियों के पनाहगारों को कड़ी चेतावनी आतंकियों के मददगारों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन देने के लिए हम अंगोला का धन्यवाद करते हैं.’पीएम मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्रपति लोरेंसू और अंगोला की संवेदनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया. अंगोला को मदद करने का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है. रक्षा प्लेटफॉर्म्स के repair और overhaul और सप्लाई पर भी बात हुई है.अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी’ अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐतिहासिक पल अंगोला के राष्ट्रपति भारत दौरे पर हैं। शनिवार को अंगोला के राष्ट्रपति के साथ साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं राष्ट्रपति लोरेंसू और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूं। यह एक ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों के बाद, अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है। उनकी इस यात्रा से, न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा और गति मिल रही है, बल्कि भारत और अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इस वर्ष, भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन हमारे संबंध, उससे भी बहुत पुराने हैं, बहुत गहरे हैं। जब अंगोला आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तो भारत भी पूरी आस्था और मित्रतापूर्ण संबंधों के साथ अंगोला के साथ खड़ा था।’ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और अंगोला प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी है कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन को स्वीकृति दी गई है। रक्षा प्लेटफॉर्म्स की मरम्मत और बदलाव और सप्लाई पर भी बात हुई है। अंगोला की सशस्त्र सेनाओं की ट्रेनिंग में सहयोग करने में हमें खुशी होगी। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस तकनीक, क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अंगोला के साथ अपनी क्षमताएं साझा करेंगे। हम स्वास्थ्य, डायमंड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर और अहम खनिज क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत करेंगे।’

सीबीआई करेगी तिहाड़ जेल में जबरन वसूली रैकेट की जांच

नई दिल्ली दिल्ली के तिहाड़ जेल में जबरन वसूली रैकेट के संबंध में मिली शिकायत के बाद CBI ने जांच शुरू कर दी है. यह रैकेट कथित तौर पर जेल अधिकारियों की संलिप्तता से संचालित हो रहा था. दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने केंद्रशासित प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि वे एक फैक्ट फाइंडिंग समिति का गठन करें, ताकि तिहाड़ जेल में चल रहे इस वसूली रैकेट में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं. यह पता लगाया जा सके. दिल्ली हाईकोर्ट को केंद्रीय जेल संख्या 8 और अर्ध-खुली जेल के निरीक्षण के दौरान जज द्वारा तैयार की गई एक सीलबंद रिपोर्ट सौंपी गई है. इस रिपोर्ट में जेल के भीतर संगठित आपराधिक गतिविधियों, अधिकारियों की संलिप्तता और कैदियों से जबरन वसूली के गंभीर मामलों का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा, रिपोर्ट में कॉल डेटा रिकॉर्ड, जेल की आधिकारिक लैंडलाइन के दुरुपयोग और जेल के अंदर-बाहर आपराधिक नेटवर्क के संबंधों की भी जानकारी दी गई है. पूर्व कैदी ने दायर की थी याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में एक पूर्व कैदी की याचिका के आधार पर मामला सामने आया है, जिसमें उसने तिहाड़ जेल प्रशासन पर जबरन वसूली, कैदियों की सुरक्षा में लापरवाही और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. अदालत ने जांच करने वाले जज की रिपोर्ट में याचिकाकर्ता की भूमिका पर कुछ संदेह व्यक्त किया है, लेकिन इसके बावजूद जांच की आवश्यकता को नकारा नहीं किया जा सकता. 11 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करे CBI दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह जांच की प्रक्रिया जज की रिपोर्ट के आधार पर शुरू करे. याचिकाकर्ता और जेल प्रशासन को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाएगी. इसके साथ ही, दिल्ली सरकार के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिया गया है कि वे प्रशासनिक स्तर पर जांच कर दोषी अधिकारियों की पहचान करें और 11 अगस्त तक रिपोर्ट अदालत में पेश करें. इस जांच में दिल्ली के जेल महानिदेशक को पूर्ण सहयोग देने के लिए कहा गया है.

19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला

अहमदाबाद/सूरत गुजरात की डायमंड सिटी सूरत में दुखद घटना सामने आई है। शनिवार को 19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला। यह मॉडल चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। मध्य प्रदेश की रहने वाली मॉडल अपनी तीन सहेलियों के साथ एक कमरे में रह रही थी। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है शुक्रवार को जब वह रूम में अकेली थी, तो उसने पंखे से दुपट्टा बांधकर सुसाइड कर लिया। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके चलते मॉडल ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मॉडल के मोबाइल को कब्जे में लिया है। इसके अलावा साथ में रहने वाली लड़कियों से भी पूछताछ की है। कमरे में लटकी मिली मॉडल पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश की रहने वाली सुखप्रीत लखविंदर सिंह कौर तीन अन्य लड़कियों के साथ सरोली कुंभारिया गांव स्थित सारथी रेजीडेंसी में रहती थी। वह मॉडलिंग का काम करने के लिए चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। शनिवार को मॉडल का शव कमरे में लटका मिला। घटना का खुलासा तब हुआ साथ में रहने वाली लड़की कमरे पर पहुंची। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद सारोली पुलिस ने मृतक शव को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भेजा है। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने परिवार को सूचना दी है। हर समस्या का है हलमन में सुसाइड का ख्याल आए तो मनोचिकित्सक से बात करके आप अपनी समस्या का हल खोज सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 है, जहां आप 24X7 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई हेल्पलाइन नंबर्स हैं जहां आप संपर्क कर सकते हैं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में है) इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820 हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 – 26995000

कोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला- शिमला की संजौली मस्जिद सिर्फ 3 मंजिल नहीं, पूरी की पूरी गिराई जाएगी

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर नगर निगम अदालत ने अंतिम फैसला सुना दिया है। पूरी मस्जिद के अवैध घोषित कर उसे पूरी तरह गिराने का आदेश दिया गया है। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था। शिमला नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद पूरे निर्माण को अवैध करार देते हुए संजौली मस्जिद को पूरी तरह से गिराने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला उस समय आया जब वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत में मस्जिद की जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सका। साथ ही मस्जिद निर्माण से संबंधित कोई वैध नक्शा या नगर निगम की स्वीकृति भी पेश नहीं की गई। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन मस्जिद कमेटी इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। अदालत ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया शनिवार को हुई सुनवाई में नगर निगम अदालत ने मस्जिद के बची हुई दो मंजिलों को भी अवैध माना और उन्हें गिराने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड के वकील ने दलील दी कि मस्जिद का अस्तित्व 1947 से पहले का है और यह पुनर्निर्माण है। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि अगर यह पहले से मौजूद थी तो नए निर्माण के लिए नगर निगम की मंजूरी क्यों नहीं ली गई? नियमों को ताक पर रखकर सारी मस्जिद बनाई गई। पौने घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और दोपहर एक बजे के बाद नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री ने फैसला सुनाया। इसमें साफ कहा कि पूरी मस्जिद अवैध है, इसे गिराया जाए। मस्जिद कमेटी समय पर नहीं कर सकी कार्रवाई 5 अक्तूबर 2024 को नगर निगम अदालत ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, जिसे दो महीने के भीतर पूरा करना था। लेकिन मस्जिद कमेटी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जा सका। बाद में दो बार और समय मांगा गया, परंतु अब भी एक मंजिल और पिलर का काम अधूरा है। पिछले साल हुई झड़प के बाद सामने आया मामला संजौली मस्जिद का यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 29 अगस्त 2024 को शिमला के मल्याणा क्षेत्र में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। इसके बाद 1 सितंबर को संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और अवैध निर्माण का मुद्दा उठ खड़ा हुआ। 11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों ने मस्जिद निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर मस्जिद की ओर कूच किया, जिस पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए। इसी के बाद नगर निगम कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और जांच शुरू की।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन प्रस्ताव 31जुलाई तक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2025 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 18 वर्ष से कम आयु (31 जुलाई 2025 तक) के उन युवाओं को सम्मानित करता है, जिन्होंने निम्नलिखित 6 श्रेणियों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है, जैसे-बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला और संस्कृति, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, सभी नामांकन आधिकारिक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाने हैं। नामांकन 5 से 18 वर्ष (31 जुलाई 2025 तक) की आयु के बच्चों के लिए खुला है। कोई भी व्यक्ति या संस्था असाधारण उपलब्धियों वाले बच्चों को पीएमआरबीपी के लिए नामांकित कर सकती है। बच्चे स्व-नामांकन के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं । अधिक जानकारी और नामांकन के लिए पोर्टल (https://awards.gov.in) को विजिट करें। आवेदन करने के लिए, आवेदकों को पहले अपना नाम, अंतिम नाम, जन्म तिथि, आवेदक का प्रकार (व्यक्तिगत/संगठन), मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार नंबर आदि जैसे विवरण और कैप्चा सत्यापन करके पोर्टल पर पंजीकरण या लॉग इन करना होगा। पंजीकरण के पश्चात्, उन्हें चल रहे नामांकन अनुभाग के अंतर्गत “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025” का चयन करना चाहिए और “नामांकन/अभी आवेदन करें” पर क्लिक करना चाहिए। इसके पश्चात् आवेदकों को संबंधित पुरस्कार श्रेणी चुननी चाहिए और यह इंगित करना चाहिए कि नामांकन उनके लिए है या किसी और के लिए। आपको बता दें, आवेदन पत्र में नामिति का विवरण, उपलब्धि और उसके प्रभाव का वर्णन करने वाला एक संक्षिप्त विवरण (अधिकतम 500 शब्द) और सहायक दस्तावेज (पीडीएफ प्रारूप, अधिकतम 10 अनुलग्नक) और एक हालिया फोटो (जेपीजी/जेपीईजी/पीएनजी प्रारूप में) अपलोड करना है। आवेदनों को ड्राफ्ट के रूप में सहेजा जा सकता है और अंतिम रूप से प्रस्तुत करने से पहले संपादित किया जा सकता है। समीक्षा और प्रस्तुत करने के बाद, आवेदन की एक डाउनलोड करने योग्य प्रति संदर्भ के लिए उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में भारत के युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करना और उन्हें बढ़ावा देना, वास्तविक जीवन के आदर्शों को प्रदर्शित करके देश भर के साथियों को प्रेरित करना और बच्चों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना है।  

भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए, सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक

नई दिल्ली भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं के आदान-प्रदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हवाई और जमीनी दोनों मार्गों के लिए लागू होगा। भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें सभी प्रकार के आयात पर पूर्ण रोक और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों का भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश बैन कर दिया गया है। अब डाक विभाग द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है, “भारत सरकार ने हवाई और जमीनी मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का फैसला लिया है।” पाकिस्तान के साथ डाक सेवाओं का इतिहास भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाओं का आदान-प्रदान लंबे समय से सीमित स्तर पर जारी था। हालांकि, अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ समय के लिए डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया था, जो बाद में तीन महीने बाद बहाल हो गई थीं। लेकिन अब, भारत सरकार ने मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सभी डाक और पार्सल सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। प्रभाव और संभावित परिणाम इस निलंबन से दोनों देशों के बीच पत्राचार, व्यापारिक डाक, और व्यक्तिगत पार्सलों का आदान-प्रदान पूरी तरह से ठप हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यापारिक पत्राचार पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों का परिवहन डाक सेवाओं के माध्यम से होता था। भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया इससे पहले आज ही भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई। इस निर्णय से पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से रुक जाएगी। भारत का पाकिस्तान को पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक निर्यात 44.76 करोड़ डॉलर था, जबकि आयात मात्र 4.2 लाख डॉलर था। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने दो मई को एक अधिसूचना में कहा कि “इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जाएगी।” इसमें कहा गया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। आदेश में कहा गया कि इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होगी। एफटीपी में ‘पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध’ शीर्षक के तहत प्रावधान डालते हुए इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान से आयात या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमति प्राप्त हो, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।” अप्रैल-जनवरी 2024-25 के दौरान पड़ोसी देश से मुख्य आयात में फल और मेवे (80 हजार डॉलर), कुछ तिलहन और औषधीय पौधे (2.6 लाख डॉलर) और जैविक रसायन शामिल थे। यह निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों के बंदरगाह में प्रवेश पर रोक भारत ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों को भारत में किसी भी बंदरगाह में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्णय की घोषणा की। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक आधिकारिक निर्देश के अनुसार, पाकिस्तान के झंडे वाले किसी भी जहाज को भारतीय बंदरगाहों पर जाने से रोक दिया गया है, जबकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को भी पाकिस्तान के बंदरगाहों पर ठहरने से रोक दिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि यह आदेश ‘सार्वजनिक हित में और भारतीय जहाजरानी के हित में भारतीय संपत्तियों, कार्गो और संबंधित बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए’ लागू किया गया है। यह निर्देश तुरंत प्रभावी हो गया है और अगली सूचना तक लागू रहेगा। पाकिस्तान पर भारत का ताबड़तोड़ ऐक्शन आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए, जिसमें अटारी सीमा चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है, जिसका इस्तेमाल कुछ खास तरह के सामानों की आवाजाही के लिए किया जाता है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने और 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की है।इसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले ही पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। साल 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों पक्षों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार नगण्य हो गया था।  

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