LATEST NEWS

पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में पहली बार दिखी महिला कमांडो, वायरल हो रही SPG कमांडो की ये धाकड़ तस्वीर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित तौर पर शामिल एक महिला एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने ऑनलाइन बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोगों ने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी महिला कमांडो को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में देखा गया है। वहीं, अन्य ने बताया कि यह महिला कमांडो पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में भी देखी जा चुकी हैं। तस्वीर शेयर कर रहे भाजपा सांसद कई भाजपा सांसद इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है।केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात महिला SPG कमांडो की तस्वीर शेयर करते हुए उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा, “भारत की शान, नारी शक्ति की पहचान! SPG में ड्यूटी पर तैनात हमारी साहसी महिला सुरक्षा अधिकारी देश की सेवा और सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह नया भारत है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और ताकत की मिसाल बन रही हैं।” चिक्काबल्लापुरा से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर के सुधाकर ने भी यही तस्वीर शेयर की है। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री की एसपीजी में महिला कमांडो! अग्निवीर से लेकर लड़ाकू पायलट तक, लड़ाकू पदों से लेकर प्रधानमंत्री की एसपीजी में कमांडो तक, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। महिलाओं को और अधिक शक्ति मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।” पहले भी देखी जा चुकी हैं महिला SPG कमांडो इसके अलावा, कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया है कि ऐसा पहली बार है जब पीएम की सुरक्षा में कोई महिला SPG कमांडो तैनात है। ऐसा ही दावा सात साल पहले भी किया गया था जब एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में एक महिला कमांडो को देखा गया था। यानी ये साफ है कि महिला SPG कमांडे पहले भी पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में देखी जा चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, एसपीजी ने 2013 से महिला कमांडो को अपने दस्ते में शामिल करना शुरू किया था, जिससे महिलाओं को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भागीदारी का अवसर मिला। कथित तौर पर यह तस्वीर संसद की है, जहां महिला एसपीजी कमांडो तैनात हैं। इन कमांडो को आम तौर पर महिला विजिटर्स की तलाशी लेने के लिए गेट पर तैनात किया जाता है और वे परिसर में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले लोगों की निगरानी करने में भी शामिल होती हैं। इसके अलावा, जब कोई महिला अतिथि प्रधानमंत्री से मिलती है, तो महिला एसपीजी अधिकारी ही सुरक्षा जांच, एस्कॉर्टिंग और प्रधानमंत्री तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। हालांकि जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें दिख रही महिला अधिकारी PM मोदी की सुरक्षा में नहीं राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा में तैनता थीं। बताया जा रहा है कि यह फोटो 26 नवंबर को उस वक्त की है जब राष्ट्रपति मुर्मू संसद को संबोधित करने जा रही थीं। 2015 से, महिलाओं को एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) में भी शामिल किया गया है। यानी अब पीएम के सबसे करीबी सुरक्षा घेरे में भी महिला कमांडो तैनात होती हैं। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान, महिला एसपीजी कमांडो सुरक्षा दल का हिस्सा होती हैं। वर्तमान में, एसपीजी में कथित तौर पर करीब 100 महिला कमांडो हैं। पहली बार 2013 में महिला एसपीजी कमांडो को किसी उच्च-स्तरीय हस्ती की सुरक्षा में तैनात किया गया था। उस समय दो महिला कमांडो को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की सुरक्षा करते देखा गया था। महिला कमांडो की उपस्थिति प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति एसपीजी की व्यापक सोच और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह कदम न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता करता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप क्या है? स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत का एक बेहद खास और एलीट सुरक्षा बल है, जिसे देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, उनके निकट परिजन, और पूर्व प्रधानमंत्रियों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है। एसपीजी की स्थापना 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी। इसे संसद द्वारा 1988 में पारित एसपीजी अधिनियम के तहत कानूनी मान्यता दी गई। इस अधिनियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को किसी भी आतंकी, विदेशी या अन्य खतरों से अत्यंत सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।  

बंधकों के परिवारों ने पीएम नेतन्याहू का ऑफिस घेरा, लेबनान युद्धविराम के बाद गाजा समझौते की मांग

यरूशलम गाजा पट्टी में बंधक बनाए गए लोगों के रिश्तेदारों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेसेट (इजरायली संसद) ऑफिस के एंट्रेंस को ब्लॉक कर दिया। ये लोग मांग कर रहे थे कि पीएम उनसे मिलें और उनके प्रियजनों को मुक्त कराने के लिए बंधक समझौते पर काम करें। रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रोटेस्ट नेतन्याहू और उनकी सरकार की ओर से लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ युद्ध विराम को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद हुआा। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम लेबनान में स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 4 बजे (02:00 जीएमटी/सुबह 7:30 बजे भारतीय समय) लागू हो गया। एली अलबाग, जिनकी छोटी बेटी लिरी को पिछले वर्ष 7 अक्टूबर को हमास के हमले के दौरान बंदी बना लिया गया था, ने कहा कि जिस तरह नेतन्याहू लेबनान में लड़ाई समाप्त करने के लिए समझौता करने में सफल रहे, ऐसा ही उन्हें गाजा में भी करना चाहिए। अलबाग ने कहा, “अगर आप चाहें तो ऐसा कर सकते हैं। हम आपसे तहे दिल से विनती कर रहे हैं।” प्रदर्शनकारियों को बाद में नेसेट सिक्योरिटी ने हटा दिया। इसके बाद वे मंजिल नीचे चले गए और इमारत के फेक्शन विंग की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर प्रदर्शन करने लगे, जहां विभिन्न राजनीतिक दल बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं। सात बचे हुए अमेरिकी-इजरायली बंधकों के परिवारों ने एक संयुक्त बयान में कहा, “हम लेबनान में इस युद्धविराम समझौते से उत्साहित हैं, हम खुद से पूछते हैं, हमारे बच्चे, माता-पिता, बहनें और भाई कब घर लौटेंगे? हम अपनी मेज पर उनकी कुर्सियों को हमेशा के लिए खाली नहीं रहने दे सकते।” बयान में कहा गया, “हम [अमेरिका के] नवनिर्वाचित राष्ट्रपति [डोनाल्ड] ट्रंप से अपील करते हैं कि वे राष्ट्रपति [जो] बाइडेन और उनके प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें ताकि सात अमेरिकियों – ओमर न्यूट्रा, एडन अलेक्जेंडर, जूडी वेनस्टीन, गैड हाग्गई, कीथ सीगल, सगुई डेकेल-चेन और इते चेन – और अतिरिक्त 94 बंधकों को तुरंत घर लाया जा सके।” इजराइल-हमास की लड़ाई को रोकने और शेष बंधकों को वापस लाने के लिए अमेरिका, मिस्र और कतर द्वारा मध्यस्थता से किए गए कई प्रयास विफल हो गए हैं। हमास का जोर युद्ध को समाप्त करने और सभी आईडीएफ बलों को वापस बुलाने पर रहा है दूसरी तरफ नेतन्याहू ने ये शर्तें खारिज कर दी हैं। हमास हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की भी मांग कर रहा है। 7 अक्टूबर इजरायल में हमास के बड़े हमले के जवाब में यहूदी राष्ट्र ने फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाली गाजा पट्टी में सैन्य अभियान शुरू किया था। हमास के हमले में करीब 1200 लोग मारे गए थे जबकि 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया था। इजरायली हमलों ने गाजा में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और हजारों फिलिस्तीनियों की मौत हुई है।

कुर्रम जिले में वाहनों के एक काफिल पर हुए हमले के बाद हिंसा भड़क उठी, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 100 से अधिक

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम जिले में सांप्रदायिक झड़पों में मरने वालों की संख्या 100 से अधिक हो गई है। यह जानकारी अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार को मीडिया को दी। समाचार के अनुसार, गुरुवार को कुर्रम जिल में वाहनों के एक काफिल पर हुए हमले के बाद हिंसा भड़क उठी। जिले के घनी आबादी वाले बागान शहर में लगभग 200 वाहनों के काफिले पर भारी गोलीबारी की गई। बताया जा रहा है कि काफिले में अधिकतर शिया यात्री थे। हमले में कम से कम 43 लोग मारे गए थे और 16 अन्य घायल हो गए थे। यह काफिला पेशावर और पाराचिनार शहर के बीच यात्रियों को ले जा रहा था, जो कि अफगानिस्तान सीमा के निकट कुर्रम जिले में है, जहां सांप्रदायिक हिंसा और भूमि विवादों का इतिहास रहा है। इस हमले के बाद दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा शुरू हो गई जिसके कारण सोमवार तक मरने वालों की संख्या 88 हो गई थी। इस बीच प्रांतीय सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिले का दौरा किया और दोनों संप्रदायों के बीच युद्ध विराम पर सहमति बनी। हालांकि, युद्ध विराम के दौरान भी छिटपुट झड़प जारी रहीं, जिससे मरने वालों की संख्या अब 100 से अधिक हो गई है। जिले के डिप्टी कमिश्नर जावेद उल्लाह महसूद ने मीडिया को बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल द्वारा युद्ध विराम सुनिश्चित करने में असफल रहने के बाद, पड़ोसी जिलों के जनजातीय समुदाय के बुजुर्गों का एक प्रतिमंडल गुरुवार को कुर्रम का दौरा करेंगे। इस दौरान ‘जिरगा’ या जनजातीय अदालत का आयोजन किया जाएगा। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बुजुर्ग दोनों पक्षों को शत्रुता समाप्त करने के लिए नए सिरे से मध्यस्थता शुरू करने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे।

चक्रवात फेंगल को लेकर अर्लट मोड में पूर्वी नौसेना कमान, आईएमडी ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली चक्रवात फेंगल इस समय बंगाल की खाड़ी में बना हुआ है और अगले एक या दो दिनों में इसके तेज होने की आशंका है। आईएमडी ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है वहीं नौसेना ने भी अपनी ओर से तैयारी पूरी कर ली है। तमिलनाडु के तट पर इस चक्रवात के प्रभाव की आशंका को देखते हुए नौसेना राज्य प्रशासन के साथ समन्वय करके संवेदनशील क्षेत्रों में सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। पूर्वी नौसेना कमान ने मुख्यालय तमिलनाडु और पुदुचेरी नौसेना क्षेत्र संग मिलकर चक्रवात के संभावित प्रभावों को कम करने के लिए काम कर रहा है। वाहनों को भोजन, पीने के पानी और दवाओं सहित आवश्यक राहत सामग्री से भरा जा रहा है, जबकि विशेष बाढ़ राहत दल को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। गोताखोरी टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, जो आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन बचाव मिशन करने के लिए तैयार हैं। चक्रवात फेंगल के अगले 48 घंटों में तेज होने का अनुमान है। तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा, तेज हवाएं और संभावित बाढ़ आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों ने निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा सलाह का पालन करने की अपील की है। भारतीय नौसेना स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और चक्रवात फेंगल के दौरान प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने टीआर पाटिनम और कराईकल सहित संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर टीम जोखिम आकलन और प्रभावित क्षेत्रों में निवासियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मछुआरों को चेतावनी जारी करते हुए उन्हें समुद्र में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र के 28 नवंबर की शाम से 29 नवंबर की सुबह के बीच चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में बना गहरा दबाव क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और अगले 12 घंटों में इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। चक्रवात के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को सूचित किया है कि चेन्नई, तूतीकोरिन, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम से आने-जाने वाली उड़ान सेवाएं प्रभावित होंगी। एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण उड़ान संचालन के बारे में अपडेट की जांच करते रहें।  

ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 2031-32 तक 9.12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई

नई दिल्ली केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा देश में पावर ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 2031-32 तक 9.12 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई गई है। यह जानकारी केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय विद्युत योजना (ट्रांसमिशन) के अनुसार, 2022-23 से 2031-32 तक के 10 साल की अवधि में 1.91 लाख किलोमीटर (किमी) ट्रांसमिशन लाइनें और 1274 गीगा वोल्ट एम्पीयर (जीवीए) ट्रांसफॉरमेशन क्षमता (220 केवी और ऊपर के वोल्टेज स्तर पर) जोड़ी जाएगी। इसके अलावा 33.25 गीगावॉट हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) बाय-पोल लिंक की भी योजना बनाई गई है। इसके अलावा अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन क्षमता को वर्तमान स्तर 119 गीगावॉट से बढ़ाकर 2026-27 तक 143 गीगावॉट और 2031-32 तक 168 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना है। इस प्लान में ट्रांसमिशन के नए टेक्नोलॉजी विकल्पों, क्रॉस-बॉर्डर इंटरकनेक्शन और ट्रांसमिशन में निजी सेक्टर की भागीदारी पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय विद्युत योजना (ट्रांसमिशन) में नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ मौजूदा और योजनाबद्ध इंटरकनेक्शन को भी कवर किया गया है। एक अन्य लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश में कुल 13,997.5 मेगावाट की 28 जलविद्युत परियोजनाएं (एचईपी) और 6,050 मेगावाट की पांच पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) निर्माणाधीन हैं। कुल 19,460 मेगावाट की 28 एचईपी और 4,100 मेगावाट की चार पीएसपी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा एप्रूव किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 8,036 मेगावाट की 11 एचईपी सर्वेक्षण और जांच (एस एंड आई) के अधीन हैं। इसके अलावा बताया कि मौजूदा समय में 29,200 मेगावाट कोयला आधारित क्षमता निर्माणाधीन है, 18,400 मेगावाट क्षमता आवंटित की जा चुकी है और 47,240 मेगावाट संभावित क्षमता विचाराधीन है। मंत्री ने आगे बताया कि 31 अक्टूबर तक कुल 1,27,050 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता कार्यान्वयन के अधीन है, जबकि 89,690 मेगावाट बोली प्रक्रिया के तहत है।  

वक्फ विधेयक पर लोकसभा में सुनवाई के लिए और समय मांगा था, संयुक्त समिति को रिपोर्ट के लिये बजट सत्र तक मिला समय

नई दिल्ली लोकसभा में गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर बनी संयुक्त समिति को रिपोर्ट देने की समयावधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, इसके तहत समिति अब आगामी बजट सत्र तक रिपोर्ट दे सकेगी। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयावधि बजट सत्र, 2025 के अंतिम दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस पर पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने प्रस्ताव पारित होने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा करने के लिये और समय देने की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर मांग की थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में समिति का गठन संसद के पिछले सत्र के दौरान किया गया था। इससे पहले सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन के लिये विधेयक पेश किया था, जिस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने गहरी आपत्ति जतायी थी। इसके बाद सदन ने समीक्षा के लिये विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव किया था।  

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बढ़ा ठंड का प्रकोप, तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में गुरुवार को तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जबकि शोपियां और पहलगाम में तापमान क्रमशः शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। ये सबसे ठंडे स्थान रहे। मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार श्रीनगर में मौसम की सबसे ठंडी रात रही क्योंकि देर रात तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया जबकि पिछली रात यह शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस था, जो राजधानी के लिये औसत से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम है। पहलगाम के पर्यटन स्थल में गुरुवार को तापमान शून्य से 5.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पिछली रात तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया,जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। दक्षिण कश्मीर स्थित शोपियां शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। अनंतनाग में शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस, कोनीबल में शून्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस, पुलवामा में शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस और कुलगाम में शून्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं। गंदेरबल जिले के सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में कश्मीर के प्रवेशद्वार शहर काजीगुंड में शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का सुधार हुआ और यह पिछली रात के शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले आज शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। कोकरनाग में तापमान शून्य से कम दर्ज किया गया और पिछली रात 0.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कुपवाड़ा में एक दिन पहले दर्ज किए गए शून्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम है। केन्द्र शासित प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने और 29-30 नवंबर को कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान है।  

कमला हैरिस का अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश-आप किसी को भी अपनी ताकत को छीनने की इजाजत न दें

न्यूयॉर्क उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने समर्थकों से कहा कि उन्हें अपनी ताकत की रक्षा करनी होगी। अपनी हार स्वीकारने वाली स्पीच के बाद यह उनका अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश है। हैरिस ने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं आपको बस यह याद दिलाना चाहती हूं कि आप किसी को भी अपनी ताकत को छीनने की इजाजत न दें।” हैरिस ने कहा, “आपके पास वही शक्ति है जो 5 नवंबर से पहले थी, और आपके पास वही उद्देश्य है जो पहले था।।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए कभी भी किसी व्यक्ति या हालात को इस ताकत को आपसे छीनने न दें।” चुनावी हार के बाद से हैरिस ने सार्वजनिक आयोजनों से दूर रही हैं। हार के बाद वह हवाई में छुट्टियां मनाने चली गईं और सोमवार को अपने गृह निवास सैन फ्रांसिस्को लौट आईं। डेमोक्रेटिक पार्टी, ने मंगलवार को एक्स और टिकटॉक पर 29 सेकंड का उनका वीडियो संदेश जारी किया। हालांकि यह नहीं बताया कि यह कब और कहां रिकॉर्ड किया गया। बीडियो में बोलते समय कमला हैरिस बेहद भावुक नजर आ रही थी। वह अपनी बात पर जोर देने के लिए हाथों से इशारे भी कर रही थीं। इससे पहले 6 नवंबर को अपने भाषण में, हार स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा, “मैं ऐसे भविष्य के लिए लड़ाई कभी नहीं छोड़ूंगी जहां अमेरिकी अपने सपनों, महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।” कमला हैरिस के राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक संभावना यह जताई जा रही है कि वह 2026 में कैलिफोर्निया के गवर्नर पद का चुनाव लड़ सकती हैं और गैविन न्यूसम की जगह ले सकती हैं। न्यूसम का दूसरा कार्यकाल 2027 में समाप्त हो रहा है और वह राज्य के कानून के तहत तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। हालांकि वह इससे उच्च पद पर रह चुकी हैं, लेकिन सबसे अधिक आबादी वाले और सबसे अमीर राज्य के गवर्नर के पास उपराष्ट्रपति की तुलना में वास्तविक रूप से कहीं अधिक शक्तियां होती हैं। न्यूसम खुद 2028 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि हैरिस राष्ट्रपति पद के लिए फिर से चुनाव लड़ें, हालांकि उनके खिलाफ दो बातें जाती हैं। 2020 में नामांकन के लिए पार्टी प्राइमरी से बाहर हो गई थीं और इस साल, उन्हें बिना किसी प्रतियोगिता के नामांकन मिला, लेकिन वह डोनाल्ड ट्रंप से हार गईं।

सीरियल किलर का खुलासा- वलसाड में एक छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या, शवों के साथ सोता था, 25 दिन में कीं पांच हत्याएं

वलसाड गुजरात के वलसाड में एक छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपी राहुल जाट ने पुलिस पूछताछ में 25 दिनों में पांच हत्याओं का जुर्म कबूला कर लिया है। उसने बताया कि वह हत्या के बाद कई बार तो शवों के साथ ही सो जाता था। वहीं पुलिस ने उसे 5 दिसंबर तक रिमांड पर लिया है।   आरोपी पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज बता दें कि राहुल हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है और उसके खिलाफ राजस्थान व यूपी में भी एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इस मौके पर एक अधिकारी ने बताया कि छात्रा की हत्या से एक दिन पहले राहुल ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में लूट के दौरान एक महिला की हत्या की थी। अक्तूबर में उसने महाराष्ट्र के सोलापुर रेलवे स्टेशन के पास एक महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। इससे पहले बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर एक बुजुर्ग को लूटने के बाद चाकू से हत्या कर दी थी। इसके अलावा कर्नाटक के मुल्की स्टेशन पर एक मामूली विवाद पर एक यात्री को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया था।   लूट और हत्याओं की वारदात को भी दिया अंजाम वह अलग-अलग राज्यों में अपराध करके लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। उसने चार राज्यों (कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, और महाराष्ट्र) में लूट और हत्याओं की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार वह ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अपराध करता था।  वहीं इस मामले में वलसाड के एसपी करणराज वाघेला ने कहा कि यह गिरफ्तारी कई राज्यों की पुलिस और व्यापक खोज अभियान की वजह से संभव हो सकी। छात्रा के शव के साथ भी किया दुष्कर्म पुलिस ने बताया कि वलसाड में रहने वाली बीकॉम की छात्रा 14 नवंबर को ट्यूशन से घर लौट रही थी। तभी सुनसान इलाके में राहुल ने उसे झाड़ियों में खींच लिया और दुष्कर्म के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और वहां से चला गया। कुछ देर बाद साइको किलर लौटा और उसने शव के साथ भी दुष्कर्म किया। जमानत पर आया था जेल से बाहर वहीं सीरियल किलर गिरफ्तारी में रेलवे ट्रैक के पास और पार्किंग एरिया के CCTV कैमरों की फुटेज अहम साबित हुई। जब उसकी तलाश शुरू की गई तो पता चला कि आरोपी पहले भी एक चोरी के मामले में पकड़ा गया था और उसे सूरत की लाजपोर जेल में रखा गया था। बता दें जोकि आरोपी मई में ही जमानत पर बाहर आया था।

एक यात्री प्लेन की सीट पर लगातार लातें मार रहा था, अन्य यात्रियों ने इसकी हरकत का विरोध किया, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला और शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक यात्री उड़ान भर रहे प्लेन की सीट को लात मारकर तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट की है जो ऑस्टिन से लॉस एंजिलेस जा रही थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक यात्री फ्लाइट की सीट पर लगातार लातें मार रहा है लेकिन फ्लाइट अटेंडेंट उसकी इस हरकत को रोकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हालांकि अन्य यात्रियों ने इस यात्री की हरकत का विरोध किया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।   क्या हुआ फ्लाइट में? इस घटना का जिक्र करते हुए कैलिफोर्निया के यात्री गिनो गलौफरो ने बताया कि वह अपनी सीट से उठे और देखा कि एक यात्री प्लेन की सीट पर लगातार लातें मार रहा था। फ्लाइट अटेंडेंट दो बार मौके पर आए लेकिन उन्होंने इस यात्री को रोकने की कोशिश नहीं की। इस मौके पर गिनो ने कहा, “मैंने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। फिर मैंने और दो अन्य यात्रियों ने मिलकर उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर जिप से बांध दिए और उसे सीट बेल्ट से बांध दिया।” यह घटना तब हुई जब फ्लाइट LAX (लॉस एंजिलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से 40 मिनट की दूरी पर थी। जब प्लेन ने लैंड किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और इस यात्री को गिरफ्तार कर लिया। यूनाइटेड एयरलाइंस की कार्रवाई यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस घटना पर एक बयान जारी किया और पुष्टि की कि इस यात्री को उनकी एयरलाइन से हमेशा के लिए बैन कर दिया गया है। एयरलाइंस ने कहा, “16 नवंबर को एक यात्री के आक्रामक व्यवहार के कारण स्थानीय कानून प्रवर्तन को लॉस एंजिलेस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संपर्क किया गया। हम अपने स्टाफ का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने स्थिति को संभालने में मदद की और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस यात्री को भविष्य में यूनाइटेड की सभी उड़ानों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।” कैलिफोर्निया के यात्री की प्रतिक्रिया वहीं गिनो गलौफरो ने बताया कि यह घटना फ्लाइट में सभी यात्रियों के लिए डरावनी थी। उन्होंने कहा, “यात्री की इस हरकत ने सभी को परेशान किया लेकिन मैं खुश हूं कि हमने मिलकर उसे शांत किया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।” यह घटना न केवल फ्लाइट में यात्रा कर रहे लोगों के लिए चिंता का कारण बनी बल्कि एयरलाइन द्वारा सही समय पर कार्रवाई न करने पर भी सवाल उठाए गए। यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित यात्री को उनके सभी भविष्य के फ्लाइट्स के लिए बैन कर दिया है।

भारतीय सेना के सैनिक और फाइटर जेट्स को ‘मि. इंडिया’ जैसा अदृश्य बना जाएगा, देश में तैयार अदृश्य करने वाला कपड़ा

नई दिल्ली भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने एक ऐसी अद्भुत तकनीक विकसित की है, जिससे सैनिकों, विमानों, और सैन्य गाड़ियों को दुश्मनों के राडार और इमेजिंग सिस्टम से छिपाया जा सकता है। इस तकनीक को मेटामैटेरियल सरफेस क्लोकिंग सिस्टम कहा जाता है, और इसके जरिए भारतीय सेना के सैनिक और फाइटर जेट्स को ‘मि. इंडिया’ जैसा अदृश्य बना दिया जाएगा। क्या है यह मेटामैटेरियल? यह एक विशेष प्रकार का कपड़ा है, जो सैनिकों और सैन्य उपकरणों को दुश्मन की राडार, सैटेलाइट, इंफ्रारेड कैमरे, और थर्मल इमेजर से बचाने की क्षमता रखता है। इस तकनीक की मदद से दुश्मन के किसी भी इमेजिंग सिस्टम, जैसे कैमरा या सेंसर, से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका मतलब यह है कि भारतीय सेना के उपकरण और जवान दुश्मन के निगरानी से बाहर रहेंगे और पूरी तरह से छिपे रहेंगे। सेना के लिए एक बड़ी राहत यह मेटामैटेरियल भारतीय सैनिकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे सैनिकों के यूनिफॉर्म, सैन्य गाड़ियों के कवर, और विमानों के कवर में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस कपड़े का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह न केवल दुश्मन के राडार से बचाता है, बल्कि यह दुश्मन के थर्मल इमेजर और अन्य इन्फ्रारेड तकनीकों से भी छिपा रहता है। IIT कानपुर के वैज्ञानिकों की सफलता यह मेटामैटेरियल IIT कानपुर के तीन वैज्ञानिकों – प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव, प्रो. एस अनंत रामकृष्णन, और प्रो. जे रामकुमार द्वारा विकसित किया गया है। इन तीनों वैज्ञानिकों ने 2010 से इस पर काम शुरू किया था और 2018 में इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया था। अब यह तकनीक पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और भारतीय सेना के साथ पिछले 6 सालों से इसका परीक्षण चल रहा है। स्वदेशी तकनीक, विदेशों से सस्ती यह मेटामैटेरियल पूरी तरह से स्वदेशी है और विदेशों से मंगाए जाने वाले समान तकनीकी उपकरणों से 6-7 गुना सस्ता है। IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने इस तकनीक का उद्घाटन किया और इसे भारतीय सेना के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। भविष्य में सेना को मिल सकता है यह अदृश्य कपड़ा मेटातत्व कंपनी के एमडी और पूर्व एयर वाइस मार्शल प्रवीण भट्ट ने कहा कि अगर इस तकनीक को जल्द अप्रूवल मिल जाता है, तो भारतीय सेना को यह मेटामैटेरियल अगले एक साल के अंदर मिल सकता है। इसके इस्तेमाल से सेना की सुरक्षा में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा और दुश्मन की कई निगरानी तकनीकों को निष्क्रिय किया जा सकेगा। इस अदृश्य कपड़े के जरिए भारतीय सेना के लिए सुरक्षा की एक नई दिशा खुल रही है। इससे न केवल जवानों और सैन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भारतीय रक्षा क्षेत्र को और भी मजबूत बनाएगा। 

कनाडा में ट्रूडो सरकार का यू-टर्नः अब पंजाब के गैंगस्टर-आतंकी होंगे निशाने पर, शरणार्थी नियम सख्त करेगा कनाडा

कनाडा कनाडा ने शरणार्थी नीति में सख्त बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने हाल ही में घोषणा की कि देश की शरणार्थी प्रणाली में सुधार के लिए नए उपाय प्रस्तावित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शरणार्थी दावों की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करना और इसे और प्रभावी बनाना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब कनाडा पर पंजाब के गैंगस्टरों और आतंकियों को शरण देकर भारत के साथ अपने संबंध खराब करने के आरोप लग रहे हैं। पंजाब के नामी गैंगस्टर कनाडा की शरण में कनाडा ने लंबे समय से पंजाब के 29 खालिस्तानी समर्थकों और कई नामी गैंगस्टरों को शरण दी है। इन शरणार्थियों ने दावा किया है कि उन्हें भारत में खतरा है, लेकिन इनकी मौजूदगी ने कनाडा के अंदरूनी हालात को भी खराब किया है। खालिस्तान समर्थक आतंकी और अपराधी, जैसे सतिंदर जीत सिंह गोल्डी बराड़, अनमोल बिश्नोई, लखवीर सिंह उर्फ लांडा, गुरजंट सिंह पन्नू और भगत सिंह बराड़, वर्षों से कनाडा में शरण लिए हुए हैं और अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त हैं।   ट्रूडो ने  बिगाड़े कनाडा के हालात कनाडा के लेखक जोगिंदर बासी ने कहा, “कनाडा की ट्रूडो सरकार ने पंजाब के गुनहगारों को शरण देकर अपनी ही धरती पर हालात बिगाड़ लिए हैं। खालिस्तानी और आतंकी तत्वों की वजह से न केवल कनाडा का माहौल खराब हुआ है, बल्कि कई देशों के साथ संबंध भी बिगड़े हैं।”  रिटायर आईजी सुरिंदर कालिया ने कहा, “अगर कनाडा शरणार्थियों को लेकर गंभीर है तो उसे पहले पंजाब के गैंगस्टरों और आतंकियों को भारत को सौंपना चाहिए। इन पर पंजाब का माहौल खराब करने के गंभीर आरोप हैं। सीबीआई के जरिए इनका प्रत्यर्पण संभव है, और इसके लिए कनाडा को पहल करनी चाहिए।”   आव्रजन प्रणाली पर दबाव कनाडा की आव्रजन प्रणाली पहले से ही अत्यधिक दबाव में है। 2024 की दूसरी तिमाही में 2.65 लाख गैर-स्थायी निवासी कनाडा पहुंचे। जुलाई से अक्टूबर के बीच शरणार्थी दावों की संख्या में मामूली कमी आई है, लेकिन अब भी 2.6 लाख मामले लंबित हैं।  आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने कहा कि वह अगले दो वर्षों में शरणार्थियों की संख्या कम करने और आव्रजन प्रणाली को सुधारने पर जोर देंगे। इसके तहत: – शरणार्थी दावों की समीक्षा प्रक्रिया तेज की जाएगी।   – लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता पर होगा।   – शरण देने की प्रक्रिया में अधिक सख्ती बरती जाएगी।          भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की उम्मीद कनाडा पर लंबे समय से आरोप है कि उसने खालिस्तानी तत्वों और पंजाब के अपराधियों को संरक्षण दिया है। भारत ने भी कनाडा को इन अपराधियों की सूची और डोजियर सौंपे हैं। यदि कनाडा इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की संभावना बढ़ सकती है। 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया, ट्रेन में यात्रियों को दिए जाने वाले ऊनी कंबल महीने में एक बार धोए जाते है

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि ट्रेन के कंबल हर यात्रा के बाद साफ नहीं किए जाते। उन्होंने बताया कि यात्रियों को प्रदान किए जाने वाले ऊनी कंबल महीने में कम से कम एक बार धोए जाते हैं। इसके अलावा, बेडरोल किट में एक अतिरिक्त चादर दी जाती है, जिसे कंबल के कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, यह जवाब कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदोरा के उस सवाल पर आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि यात्री स्वच्छ बेडिंग के लिए शुल्क अदा करने के बावजूद ऊनी कंबल क्यों महीने में केवल एक बार ही धुलते हैं। मंत्री ने कहा कि वर्तमान मानकों के अनुसार, भारतीय रेल में उपयोग की जाने वाली कंबल हल्की, धोने में आसान और बेहतर गर्मी प्रदान करती हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सुविधा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें बेहतर गुणवत्ता वाले लिनेन की खरीद, मशीनीकृत लॉन्ड्री में स्वच्छता सुनिश्चित करना, मानक मशीनों और विशेष रसायनों का उपयोग करना और धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता जांचने के लिए ‘व्हिटो-मीटर’ का उपयोग शामिल है। रेलवे ने लिनेन की जीवन अवधि को भी कम कर दिया है ताकि नए सामान जल्दी उपलब्ध कराए जा सकें। रेलमदद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के लिए ‘वॉर रूम’ बनाए गए हैं, जहां शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है। मंत्री ने यह भी बताया कि बेडरोल को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग में उपलब्ध कराया जाता है और इन्हें स्टेशनों व ट्रेनों पर स्टोर, परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बेहतर तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल आया था, जिसमें पीएम के खिलाफ साजिश की बात कही गई थी, जांच जारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की साजिश से जुड़े एक फोन कॉल की जांच जारी है। खबर है कि मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल आया था, जिसमें पीएम के खिलाफ साजिश की बात कही गई थी। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस ने एक महिला को भी हिरासत में लिया है। कहा जा रहा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को फोन आया था, जिसमें कॉलर ने पीएम मोदी का जिक्र किया था। कॉलर का दावा है कि पीएम मोदी को मारने का प्लान तैयार था और हथियार भी तैयार थे। खबर है कि पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करने जा रही है और कॉलर को ट्रेस कर रही है। इस संबंध में पुलिस ने एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। प्रथम दृष्टया वह पारिवारिक कारणों के चलते परेशान नजर आ रही है।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाओं से मैं निराश हूं, भारत सरकार इस पर गौर करेगी, मोदी के साथ आईं ममता

कोलकाता बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसक घटनाओं और इस्कॉन मंदिर से जुड़े चिन्मय कृष्ण दास को जेल भेजे जाने पर ममता बनर्जी की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि इस पर केंद्र सरकार को कदम उठाने चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा कि हम केंद्र सरकार के साथ हैं, वह चाहे जो कदम उठाए। ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि यह दूसरे देश का मामला है। इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि यह हमारे अधिकार क्षेत्र के बाहर का मामला है। बनर्जी ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार को सुलझाना है और राज्य सरकार केंद्र के निर्णय का पालन करेगी। बनर्जी ने कहा, ‘बांग्लादेश एक अलग देश है। भारत सरकार इस पर गौर करेगी। यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हमें इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए और न ही इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि हमें (बांग्लादेश में वर्तमान स्थिति को लेकर) अंदर से दुख है, लेकिन हम केंद्र द्वारा निर्धारित नीतियों का पालन करते हैं।’ मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले पर ‘इस्कॉन’ के प्रतिनिधियों से बात की है। हालांकि उन्होंने इस्कॉन अधिकारियों से हुई बातचीत के संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाओं से मैं निराश हूं। बंगाल की सीएम ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि किसी भी धर्म के लोगों को नुकसान पहुंचे। मैंने यहां इस्कॉन के प्रतिनिधियों से बात की। यह घटना दूसरे देश की है, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते। केंद्र सरकार को इस मामले में जरूरी ऐक्शन लेना चाहिए। हम इस मसले पर उनके साथ हैं।’ ममता बनर्जी से पहले उनके भतीजे अभिषेक ने भी बांग्लादेश के हालातों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार को इस मामले में निर्णायक कदम उठाना चाहिए। उनके अलावा पार्टी के सीनियर नेता सौगत रॉय ने भी बांग्लादेश को लेकर बयान दिया है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से भी बांग्लादेश को लेकर बयान जारी किया गया है और कहा कि वहां जो हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के सामने आ रहे असुरक्षा के माहौल पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। इस्कॉन संत की गिरफ्तारी इसका ताजा उदाहरण है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार बांग्लादेश की सरकार पर आवश्यक कदम उठाने और अल्पसंख्यकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालेगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet