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पीएम मोदी कनाडा यात्रा के दौरान कैलगरी शहर में सैकड़ों खालिस्तानी समर्थक कट्टरपंथियों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया

कनाडा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान कैलगरी  शहर में सैकड़ों खालिस्तानी समर्थक कट्टरपंथियों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भीड़  PM मोदी के काफिले पर ‘हमलावर’ रणनीति अपनाने के इरादे से एकत्रित हुई थी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे भारतीय समुदाय खासकर सिखों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि  कैलगरी की सड़कों पर खालिस्तानी झंडे लहराते हुए प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी गो बैक’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन का स्वरूप इतना उग्र था कि कई सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए  अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी।  कनाडा में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारत में सिख संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस तरह की कट्टरपंथी गतिविधियां न केवल भारत-विरोधी हैं, बल्कि सिख धर्म की मूल भावनाओं के भी विरुद्ध हैं।  भारतीयों ने कनाडा सरकार से सवाल  किया है कि आखिर क्यों बार-बार खालिस्तानी तत्वों को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए मंच और सुरक्षा दी जा रही है । सोशल मीडिया पर लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे तत्वों पर  कड़ी कार्रवाई  की जाए और पीएम मोदी की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो। 

ईरान में फंसे अपने नागरिकों के लिए भारत की बढ़ी टेंशन, तुरंत दूतावास से संपर्क की अपील, 24×7 हेल्पलाइन जारी

ईरान  ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और लगातार हो रहे हमलों के बीच तेहरान स्थित  भारतीय दूतावास ने आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। इसमें सभी  भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIOs)  से अपील की गई है कि वे  तत्काल दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान एवं मोबाइल नंबर साझा करें।तेहरान में सभी भारतीय नागरिकों से मंगलवार को अनुरोध किया गया कि वे तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान तथा संपर्क नंबर प्रदान करें, क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष तेज हो गया है। भारतीय मिशन ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को भी सलाह दी है कि जो अपने स्वयं के संसाधनों से तेहरान से बाहर जा सकते हैं, वे शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। तेहरान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी भारतीय नागरिक जो तेहरान में हैं और दूतावास के संपर्क में नहीं हैं, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत तेहरान में भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान तथा संपर्क नंबर प्रदान करें। कृपया इन नंबर पर संपर्क करें: +989010144557; +989128109115; +989128109109 ।” यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है तथा उन्होंने पांचवें दिन भी हमले किए हैं। मौजूदा परिस्थिति के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले ही वापस वाशिंगटन के लिए रवाना हो गए। ट्रंप ने ईरानियों को तत्कल तेहरान छोड़ने की चेतावनी भी दी। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और इजराइल में जारी घटनाक्रम के मद्देनजर मंत्रालय में 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।   बयान में कहा गया, ‘‘नियंत्रण कक्ष का संपर्क विवरण इस प्रकार है: 1800118797 (टोल-फ्री), +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, +91-9968291988 (व्हाट्सएप) ।” इसके अलावा, तेहरान में भारतीय दूतावास ने संपर्क के लिए 24 घंटे संचालित आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है। इसमें कहा गया है, ‘‘केवल कॉल के लिए: +98 9128109115, +98 9128109109; व्हाट्सएप के लिए: +98 901044557, +98 9015993320, +91 8086871709, बंदर अब्बास: +98 9177699036, जाहेदान: +98 9396356649 ।” इजराइल ने शुक्रवार की सुबह ईरान पर हमला कर दिया था और उसके परमाणु, मिसाइल और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। बाद में ईरान ने इजराइल पर जवाबी हमला किया।   

समंदर में बड़ी चुनौती की तैयारी, चीन के खिलाफ ड्रोन सेना खड़ी करने जा रहा यह देश

चीन  चीन की चुनौती के बीच ताइवान ने भी युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है। ताइवान ने समंदर में हथियार ले जाने वाले ड्रोन का परीक्षण किया है। बीजिंग आए दिन ताइवान को धमकाने के लिए अपने एयरक्राफ्ट भेज देता है। इसी दबाव के बीच ताइवान ने भी युद्ध स्तर परतैयारी शुरू कर दी है। ताइवान अब ऐसे ड्रोन तैयार कर रहा है जिनका इस्तेमाल रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में हो रहा है। चीन दावा करता है कि ताइवान उसका ही हिस्सा है। वह ताइवान को कब्जे में लेने की धमकी देता रहत है। ताइवान के यिलान में अनक्रूड सी वीइकल यानी ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। इसमें दुनियाभर की कम से कम 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। ताइवान का कहना है कि भविष्य में इस तरह के आधुनिक ड्रोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। समंदर में युद्ध के लिए ये ड्रोन बहुत उपयुक्त हैं। ताइवान ने ब्लैक टाइड सी ड्रोन का प्रदर्शन किया जो कि 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसके अलावा यह इंटेलिजेंस, सर्विलांस और हमले में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा बमबारी करने वाला स्टील्थ ड्रोन काफी सस्ता है। ताइवान की सरकार का कहना है कि इस तरह के ड्रोनों का उत्पादन भी बहुत आसान होगा। अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन ने ताइवान के साथ समझौता करके आधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन बनाने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति लाइ चिंग ते ने संकल्प लिया कि वह ताइवान को ड्रोन प्रोडक्शन के मामले में एशियन हब बनाएंगे। फिलहाल ताइवान के पास हर साल 8 से 10 हजार ड्रोन उत्पादन की क्षमता है। वहीं सरकार ने 2028 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखा है। ताइवान का कहना है कि फोकस कम कीमत में ड्रोन प्रोडक्शन करने पर रहेगा। इस समय चीन के ड्रोन के आगे ताइवान के ड्रोन ज्यादा कीमत की वजह से नहीं टिक पाते हैं।  

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा- AI 143 दिक्कत की वजह से कैंसल किया जा रहा है, एक ही दिन में दूसरी फ्लाइट कैंसल

नई दिल्ली  अहमदाबाद में गुरुवार को प्लेन क्रैश की घटना के पांच दिन बाद ही एअर इंडिया को एक दिन में ही दो फ्लाइट कैंसल करनी पड़ गई। एयर इंडिया ने इसके पीछ तकनीकी खामी की बात कही है। पहले फ्लाइट संख्या 159को कैंसल किया गया था। यह दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर अहमदाबाद से लंदन जाने वाली थी। इसके बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि AI 143 को भी कुछ दिक्कत की वजह से कैंसल किया जा रहा है। यह फ्लाइट दिल्ली से पेरिस के लिए रवाना होने वाली थी। एअर इंडिया ने कहा, उड़ान से पहले अनिवार्य जांच के दौरान एक कमी पाई गई थी। इसे सुधारने की कोशिश की जा रही है। हम यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा टिकट कैंसल करने वालों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसके अलावा AI142 पेरिस से दिल्ली की फ्लाइट को भी कैंसल किया जा रहा है। यह 18 जून को पेरिस से रवाना होने वाली थी। बता दें कि सोमवार को भी अहमदाबाद से लंदन की फ्लाइट रद्द कर दी गई थी। एअर इंडाया का कहना है कि विमानों की कमी के चलते भी फ्लाइट कैंसल की जा रही हैं। एयर इंडिया का कहना है कि एयर स्पेस प्रतिबंधित होने और अतिरिक्त जांच के चलते अब एयरक्राफ्ट्स को समय ज्यादा लग रहा है। अहमदाबाद से लंदन के लिए एअर इंडिया की सीधी उड़ान को पहले इसके निर्धारित कोड ‘एआई-171’ से जाना जाता था। अधिकारी ने कहा, ‘दुर्घटना के बाद विमानन कंपनी ने अहमदाबाद से लंदन की उड़ानें निलंबित कर दी थीं। एयरलाइन ने सोमवार (16 जून) को सेवा फिर से शुरू की, लेकिन नए उड़ान कोड एआई-159 के साथ।’ उन्होंने बताया कि वापसी की उड़ान जिसका कोड एआई-160 था, निर्धारित समय के अनुसार मंगलवार दोपहर को एसवीपीआईए में उतरी।  

अमरनाथ यात्रा रूट ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित, चेहरा पहचान करने वाली प्रणाली तैनात

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया। इसमें पहलगाम और बालटाल दोनों मार्ग शामिल हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक यूएवी, ड्रोन, गुब्बारे सहित किसी भी तरह के विमान की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी के मामलों में प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित आदेश में कहा गया है कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के मद्देनजर यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि सभी हितधारकों ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की है और अतिरिक्त रसद प्रावधानों का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि श्री अमरनाथजी यात्रा के पूरे मार्ग को 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया जा सकता है।  पहलगाम आतंकी हमले ने बढ़ाई चिंता, खुफिया एजेंसियां अलर्ट हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और अधिक बढ़ गई है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों की ओर से यात्रा के दौरान किसी बड़े हमले की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई है. इस इनपुट के बाद, यात्रा मार्ग पर सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है. 29 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी. हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे. यात्रा के दो पारंपरिक रूट- पहलगाम और बालटाल हैं. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना है. यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, राशन और पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, साइन बोर्ड, इंटरनेट कनेक्टिविटी और हेल्पलाइन सेवाएं भी तेजी से तैयार की जा रही हैं. चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली तैनात 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर बालटाल और पहलगाम मार्ग पर चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (एफआरएस) तैनात की है।  एफआरएस निगरानी कैमरे के फीड से चेहरे की विशेषताओं का विश्लेषण करके और उन्हें एक केंद्रीकृत डेटाबेस से मिलान करके सक्रिय आतंकवादियों और संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों सहित ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों की पहचान करता है। जब किसी चिह्नित व्यक्ति का पता चलता है, तो एक हूटर अलर्ट ट्रिगर करता है। यह सुरक्षा कर्मियों को तत्काल कार्रवाई करने और वास्तविक समय में खतरे को बेअसर करने में सक्षम बनाता है। अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी   इसके इलावा अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। ये सभी बड़े बदलाव पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आतंक पर पूरी तारा से नकली कसने के लिए उठाए जा रहे हैं है।

ईरान पर इजरायल के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 224 नागरिक मारे गए और 1257 अन्य घायल

इजरायल इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हवाई हमलों में कितने लोग मारे गए हैं? ईरान की इस्लामिक गणराज्य के नई दिल्ली स्थित दूतावास ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। इसमें इजरायल पर 13 जून को ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। दूतावास के अनुसार, इजरायल ने ईरान के कई स्थानों, विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों पर सैन्य हमले किए। इसमें महिलाओं और बच्चों सहित 224 नागरिक मारे गए और 1257 अन्य घायल हुए हैं। ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का स्पष्ट उल्लंघन बताया, जो किसी देश के खिलाफ आक्रामकता को रोकता है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा में उचित जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है। विज्ञप्ति में कहा गया कि जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दों सहित विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहा था, तब इजरायल ने ये हमले शुरू किए। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के सभी देशों से इन हमलों की निंदा करने और इजरायल के इस कदम को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ईरानी दूतावास का कहना है कि इजरायल ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को अभूतपूर्व खतरे में डाल दिया है। ईरान ने इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप ईरान ने इजरायल पर परमाणु हथियार विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रति जवाबदेही न होने का भी आरोप लगाया। साथ ही, इजरायल पर ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने और वैज्ञानिकों व विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की हत्या करने का इल्जाम लगाया। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने आत्मरक्षा के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत के आधार पर इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।’ ईरान ने इजरायल को पश्चिम एशिया में अस्थिरता और युद्ध का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि यह शासन अपने पड़ोसियों पर लगातार हमले करता है और उनकी संप्रभुता का उल्लंघन करता है।  

एयर इंडिया के वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल की दी नम आँखों से अंतिम विदाई, पिता का टूटा दिल

अहमदाबाद अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण विमान हादसे में अपनी जान गंवाने वाले एयर इंडिया के वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल का पार्थिव शरीर आज मुंबई लाया गया और उन्हें नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। पवई के निवासी कैप्टन सभरवाल का पार्थिव शरीर डीएनए पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके आवास जलवायु विहार पहुँचा जहाँ परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैप्टन सुमित सभरवाल, जिन्होंने कथित तौर पर मेघानी नगर की कई जिंदगियां बचाने का प्रयास किया था उनका अंतिम संस्कार आज सुबह 10 बजे चकला श्मशान घाट पर हुआ।। प्रेरणादायक व्यक्तित्व को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि इस दुखद घड़ी में कैप्टन सभरवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवारजन, मित्र, सहकर्मी, एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में शुभचिंतक मौजूद थे। सोसायटी के निवासियों ने भी इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े होकर अपनी संवेदनाएं और सहयोग व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैप्टन सभरवाल को एक बेहद जिम्मेदार, अनुभवी और समर्पित पायलट के रूप में याद किया गया। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में अनुशासन, साहस और उत्कृष्ट सेवा की एक मिसाल कायम की थी। सहकर्मियों ने उन्हें एक प्रेरणादायक और मददगार व्यक्ति बताया वहीं परिजनों ने कहा कि वह न केवल पेशेवर रूप से सफल थे बल्कि निजी जीवन में भी अत्यंत संवेदनशील और सहयोगी स्वभाव के इंसान थे।   पिता का टूटा दिल, सहकर्मियों की भावुक यादें पायलट सभरवाल की गुरुवार को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुए प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। रविवार को डीएनए मैच होने के बाद उनका शव परिवार को सौंपा गया था। 88 वर्षीय बुजुर्ग पिता द्वारा अपने 60 वर्षीय बेटे को हाथ जोड़कर दी गई अंतिम विदाई ने हर किसी की आँखों को नम कर दिया। यह दृश्य हर देखने वाले के दिल को छू गया। कैप्टन सुमित सभरवाल को एयर इंडिया के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद पायलटों में से एक माना जाता था। वह अपने को-पायलट क्लाइव कुंदर के साथ उस फ्लाइट को उड़ा रहे थे जिसमें 230 यात्री और 10 केबिन क्रू के सदस्य सवार थे। हादसे में कुल 242 में से 241 लोगों की जान चली गई जबकि केवल एक यात्री ही जीवित बच सका। कैप्टन सभरवाल के घर के पास रहने वाली और खुद एयर इंडिया में 37 साल तक केबिन क्रू रहीं ऊषा तड़वलेकर ने भावुक मन से बताया कि सुमित के चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती थी। वह जीवन भर एक लो-प्रोफाइल रहकर हमेशा अपने काम पर ध्यान देते थे। उनके निधन से एक ऐसे बेटे का अधूरा सपना भी टूट गया जो रिटायरमेंट लेकर अपने बूढ़े पिता की सेवा करना चाहते थे। डीएनए पहचान प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में एविएशन एक्सपर्ट्स की कई टीमें जुटी हुई हैं। वहीं अहमदाबाद प्रशासन और गुजरात सरकार का मुख्य ध्यान दुर्घटना के शिकार लोगों की पहचान कर उनके शव परिवार वालों को सौंपने पर है। डीएनए प्रोफाइलिंग के आधार पर अब तक 125 शवों की पहचान हो चुकी है और 124 मृतकों के रिश्तेदारों से संपर्क साधा जा चुका है। अब तक 83 शव परिवार वालों को सौंपे जा चुके हैं। डीएनए सैंपलिंग के लिए फॉरेंसिक लैब में एक्सपर्ट्स दिन-रात काम कर रहे हैं। हालांकि डीएनए सैंपल मैच करने में आमतौर पर कम से कम 72 घंटे लगते हैं लेकिन इस प्लेन क्रैश के शिकार लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनमें से डीएनए निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है जिससे पूरी प्रक्रिया में समय लग रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि जितनी जल्दी हो सके डीएनए की जाँच पूरी की जा सके। इसके लिए गांधीनगर की फॉरेंसिक लैब में आसपास के जिलों के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है। इस वक्त फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की 36 टीमें डीएनए प्रोफाइलिंग में लगातार जुटी हुई हैं।  

मंत्रालय का दावा- भोजन की कतार में खड़े लोगों पर इजरायली टैंकों ने बरसाईं गोलियां, 45 को मार डाला

गाजा  गाजा पट्टी के दक्षिणी शहर खान यूनिस में इजरायली टैंकों की गोलाबारी में कम से कम 45 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य घायल हो गए। यह दावा हमास द्वारा संचालित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया है। मंत्रालय के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग अल-तहलिया चौराहे पर भोजन जैसी मानवीय सहायता ला रहे ट्रकों का इंतजार कर रहे थे। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि घायलों में से कई की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इजरायली टैंकों ने खान यूनिस में भीड़ पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जहां हजारों लोग भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री की प्रतीक्षा कर रहे थे। मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में “कई गंभीर रूप से घायल” लोग नासर अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में पहुंचे, जहां चिकित्सा कर्मी सीमित संसाधनों के साथ उपचार करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता की अपील की है, क्योंकि “आपातकालीन, गहन चिकित्सा और ऑपरेशन रूम्स में भारी भीड़ है।” मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह के समय लोग मदद के वास्ते आ रहे ट्रकों के लिए जमा हुए थे, तभी अचानक टैंकों ने गोलीबारी शुरू कर दी। एक स्थानीय पत्रकार, मोहम्मद घरीब ने बीबीसी को बताया कि इजरायली टैंक अल-अलम चौराहे के पास पहुंचे और भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण लोग सड़कों पर इधर-उधर भागने लगे। कई घायल और मृतकों को गधा गाड़ियों पर लादकर अस्पताल ले जाया गया, क्योंकि इजरायली नियंत्रण के कारण बचाव दल घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, हाल की समान घटनाओं में इजरायल ने दावा किया था कि उनके सैनिकों ने केवल “चेतावनी गोलीबारी” की थी या “संदिग्धों” पर कार्रवाई की थी। गाजा में सहायता वितरण स्थलों के पास हाल के हफ्तों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां इजरायली सेना ने हमास द्वारा सहायता चोरी करने के आरोप लगाए हैं, जिसे हमास ने खारिज किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य जी7 नेताओं ने मध्य पूर्व में “तनाव कम करने और गाजा में युद्धविराम” की अपील की थी। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों ने गाजा में सहायता वितरण को “मृत्यु जाल” करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के फिलिस्तीनी राहत एजेंसी के प्रमुख फिलिप लज्जारिनी ने एक्स पर एक बयान में कहा, “सहायता वितरण स्थल अब मौत का पर्याय बन चुके हैं।” गाजा में मानवीय संकट गाजा में पिछले 20 महीनों से चल रहे इजरायली सैन्य अभियान ने क्षेत्र को तबाह कर दिया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 55,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर नागरिक हैं। गाजा की 23 लाख आबादी का लगभग 80% विस्थापित हो चुकी है, और संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अकाल का खतरा मंडरा रहा है।  

एअर इंडिया ने अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट की रद्द, दो दिन में तीन विमानों में आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद तकनीकी खराबी के कारण एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट रद्द कर दी गई है। यह वही रूट है, जिस पर AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान AI-159 दोपहर 1.10 बजे अहमदाबाद से रवाना होना था। इसका लंदन पहुंचने का समय शाम 6.25 बजे बताया गया। बीते दो दिन में तीन बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में तकनीकी समस्या देखी गई। पहले एयर इंडिया AI315 (हांगकांग से दिल्ली) संदिग्ध तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान में ही वापस लौट आया। इसके बाद सैन फ्रांसिस्को से मुंबई आ रही फ्लाइट को कोलकाता में ही ठहरना पड़ा और अहमदाबाद-लंदन की फ्लाइट को रद्द करना पड़ा है।  एक ही दिन में यह इस तरह की तीसरी घटना है. इससे पहले मंगलवार को ही दो उड़ानें और प्रभावित हो चुकी हैं जिनकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. बीते दिनों अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद से लगातार उड़ानें प्रभावित हो रही हैं जिनमें से ज्यादातर के पीछे तकनीकी खामियां निकलकर सामने आ रही हैं. इंडिगो फ्लाइट पर बम की धमकी इससे पहले आज सुबह 9:20 बजे कोच्चि से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E 2706 में बम की धमकी मिली थी, जिसके बाद उसे नागपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया. तय प्रोटोकॉल के तहत तुरंत आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि धमकी गंभीर थी क्योंकि उसमें फ्लाइट का नंबर तक स्पष्ट तौर पर दिया गया था. उस समय तक फ्लाइट कोच्चि से उड़ान भर चुकी थी, जिसे सुरक्षा कारणों से नागपुर एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया. एअर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी खराबी वहीं सैन फ्रांसिस्को से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने के कारण यात्रियों को कोलकाता एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा. घटना मंगलवार तड़के उस समय हुई जब फ्लाइट अपनी तय समय पर रात 12:45 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरी थी. एअर इंडिया की फ्लाइट AI180 के बाएं इंजन में तकनीकी गड़बड़ी पाई गई, जिसके चलते विमान के टेकऑफ में देरी हो गई. करीब सुबह 5:20 बजे विमान के भीतर अनाउंसमेंट कर सभी यात्रियों को विमान से उतरने के लिए कहा गया. अहमदाबाद हादसे के बाद डर का माहौल विमान सेवा ऐसे वक्त रद्द करनी पड़ी है, जब पांच दिन पहले अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाले एअर इंडिया का विमान एआई-171 उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास भवन से टकराकर क्रैश हो गया था। दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान में 230 यात्री, 10 केबिन क्रू सदस्य और दो पायलट सहित 242 लोग सवार थे। ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश को छोड़कर सभी की मौत हो गई थी।  दिल्ली आ रहे एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान में आई थी खराबी इससे पहले बीते दिन हांगकांग से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI315 को बीच उड़ान में ही तकनीकी समस्या का संदेह होने के बाद वापस अपने मूल स्थान पर लौटना पड़ा था। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की ओर से संचालित यह फ्लाइट AI315 हांगकांग से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का इस्तेमाल भारत में एअर इंडिया की तरफ से किया जा रहा है। रविवार को लंदन से चेन्नई आ रही फ्लाइट में भी हुई थी दिक्कत रविवार को भी लंदन के हीथ्रो हवाइ अड्डे से चेन्नई (भारत) के लिए रवाना हुई ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान बीए35 ने उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद तकनीकी दिक्कत महसूस की थी। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर दोपहर 1:16 बजे (ब्रिटिश समयानुसार) पर 36 मिनट की देरी से उड़ा, लेकिन लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर पायलटों ने फ्लैप सिस्टम में गड़बड़ी के संकेत पाए। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को डोवर की खाड़ी के ऊपर होल्डिंग पैटर्न में घुमते हुए कई चक्कर लगाए। इसी दौरान विमान लगभग 30 मिनट तक 12,000 फीट पर रहा और सुरक्षित लैंडिंग के लिए अतिरिक्त ईंधन हवा में ही गिराया गया, ताकि वजन कम हो सके। कुल लगभग एक घंटा 45 मिनट बाद विमान ने हीथ्रो के रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्रियों और क्रू को सकुशल उतार लिया गया। 

इजरायली हमलों से काँपा तेहरान, हर ओर अफरा-तफरी और लंबी कतारें, जानिए जमीनी हालात

इजरायली सेना ने ईरानी आर्मी के नए चीफ ऑफ स्टाफ अली शादमानी को भी मारने का किया दावा  मोसाद का खौफ … ईरानी सेना के कमांडरों को स्मार्ट फोन नहीं रखने का ऑर्डर इजरायली हमलों से काँपा तेहरान, हर ओर अफरा-तफरी और लंबी कतारें, जानिए जमीनी हालात  तेहरान/तेल अवीव इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने मंगलवार को ईरान के सशस्त्र बलों के नवनियुक्त चीफ ऑफ स्टाफ और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों में से एक अली शादमानी को भी मार गिराने का दावा किया है. इजरायली सुरक्षा बल ने दावा किया कि उसने पांच दिनों में दूसरी बार ईरान के युद्धकालीन चीफ ऑफ स्टाफ को ढेर कर दिया है. शादमानी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सबसे करीबी सैन्य सलाहकार थे. IDF ने शादमानी की मौत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इजरायली एयरफोर्स (IAF) द्वारा सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तेहरान के सेंट्रल इलाके में किए गए हमलों में शादमानी मारा गया है. यह हमला IDF की खुफिया शाखा द्वारा प्राप्त सटीक जानकारी के आधार पर किया गया था. IDF के अनुसार, शादमानी ईरान की सशस्त्र सेनाओं के इमरजेंसी कमांड और खातम अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर थे जो इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना दोनों का नेतृत्व करते थे. वह इजरायल के खिलाफ ईरान की युद्ध प्लान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. 13 जून को इजरायली सुरक्षा बलों को ऑपरेशन राइजिंग लायन के शुरुआती हमले में पूर्ववर्ती मेजर जनरल गोलाम अली रशिद की मौत के बाद उन्हें ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्ति गया गया था. शादमानी का उन्मूलन ईरान की सैन्य कमान संरचना के लिए एक और गंभीर झटका है जो पहले से ही इजरायली हमलों से कमजोर हो चुकी है. इजरायल वॉर रूम ने ईरानी आर्मी ऑफ चीफ स्टाफ के मौत के बारे में जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, तेहरान में रात भर चले हमले में, इजरायली लड़ाकू विमानों ने अली शादमानी को मार गिराया है जो ईरान के सशस्त्र बलों की इमरजेंसी कमान के प्रमुख और शासन में सबसे वरिष्ठ सैन्य व्यक्ति थे. मारे गए ईरानी सैन्य अधिकारी इजरायली सैन्य कार्रवाई में अब तक ईरान के कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं, जिसमें मोहम्मद हसन बाकरी, सालेम अली रशीद, अली शाहमानी, मोहम्मद अली रजा तबातबाई, इस्माइल काउथारी, अली शद्राकी, हसन सुलैमी, दाऊद बकरी और दाऊद शिहायान शामिल है. आपको बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष 13 जून से शुरू हुआ, जब इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत ईरान की राजधानी तेहरान समेत नतांज और फोर्डो जैसे सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने 13 जून की आधी रात को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस के तहत इजरायल के तेल अवीव, हाइफा और कई अन्य शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस हमले में इजरायल में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए, जबकि ईरान में सैन्य कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों समेत कई लोगों के मारे जाने की खबर है. मोसाद का खौफ … ईरानी सेना के कमांडरों को स्मार्ट फोन नहीं रखने का ऑर्डर ईरान में एक के बाद एक सीनियर मोस्ट सैन्य कमांडर मारे जा रहे हैं. इस वजह से वहां अधिकारियों को अपने पास स्मार्ट फोन नहीं रखने को कहा गया है. वहीं मोसाद का दावा है कि उनके असेट्स इतने मजबूती से ईरान में जड़ जमा चुके हैं कि लाख कोशिश के बाद भी कोई उनकी पहुंच से नहीं बच सकता. इजरायल डिफेंस फोर्स ( IDF) ने मंगलवार को ईरानी खतम अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली शादेमानी को मार गिराया. उन्होंने शुक्रवार को हुए इजरायली स्ट्राइक में मारे पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गुलाम अली राशिद की जगह ली थी.  ईरान के नए चीफ ऑफ स्टाफ भी मारे गए यरुशलम टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अली शादेमानी वर्तमान में ईरान के चीफ  ऑफर स्टाफ और सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर थे. आईडीएफ ने उन्हें ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का सबसे करीबी व्यक्ति बताया है.  सैन्य अधिकारियों को मोबाइल फोन नहीं रखने के निर्देश ईरान में एक के बाद एक मारे जा रहे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने के बाद ईरान ने  शीर्ष अधिकारियों को अपने पास सेलफोन या स्मार्ट फोन नहीं रखने का निर्देश दिया है. ताकि वे इस डर से बच सकें कि कहीं इज़राइल उन्हें ट्रैक न कर ले. ईरान में मोसाद के मजबूत असेट्स का फैला है जाल वहीं इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मोसाद और आईडीएफ  पिछले शुक्रवार को युद्ध शुरू करने से पहले से शीर्ष ईरानी कमांडरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अन्य दूसरे तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. आईडीएफ और मोसाद के पास शीर्ष ईरानी कमांडरों को मारना जारी रखने के लिए पर्याप्त खुफिया असेट्स और स्ट्रेटजी हैं, चाहे वे कहीं भी छिपे हों और खुद को कैसे छिपाने की कोशिश करते हों. नए सैन्य कमांडरों की भी जा रही जान ईरान के नए खतम अल-अनबिया मुख्यालय कमांडर नियुक्त किए जाने से पहले, शादेमानी, जो अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी थे, सभी आपातकालीन राष्ट्रीय रक्षा अभियानों के उप प्रमुख और सैन्य अभियानों के प्रमुख थे. इजरायली हमलों से काँपा तेहरान, हर ओर अफरा-तफरी और लंबी कतारें, जानिए जमीनी हालात  इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने अब आम नागरिकों की जिंदगी को हिला कर रख दिया है. तेहरान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. इस बीच इस बीच ट्रंप ने अपने पोस्ट में तेहरान के लोगों को तुरंत शहर खाली करने की सलाह दी है. बीबीसी न्यूज के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ईरान की राजधानी तेहरान से भारी संख्या में लोगों के पलायन की तस्वीरें सामने आई हैं.पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है. राजधानी छोड़कर लोग उत्तर दिशा की ओर, खासतौर पर कैस्पियन सागर की तरफ जाने वाले रास्तों पर निकल रहे हैं, जिससे वहां वाहनों की भारी भीड़ देखी जा रही है. हालात अफरा-तफरी के हैं.  ‘तेहरान तुरंत खाली करें’ सोमवार को इज़रायली सेना ने तेहरान के नागरिकों को तत्काल शहर खाली करने की चेतावनी जारी की. सेना ने कहाथा कि आने वाले घंटों में इजरायली … Read more

परमाणु हथियारों की दौड़ में भारत पाकिस्तान से आगे, सिपरी का दावा- नई दिल्ली के पास ज्यादा आधुनिक मिसाइलें

नई दिल्ली स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें ज्यादा आधुनिक और ज्यादा संख्या में मौजूद हैं। इससे साफ है कि परमाणु क्षमताओं के मामले में भारत, पाकिस्तान पर भारी है। हालांकि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान परमाणु हथियार बनाने के संसाधन जुटा रहा है और जल्द ही उसके परमाणु हथियारों के जखीरे में भी इजाफा देखने को मिलेगा।  भारत ने परमाणु हथियार ले जाने वाली आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास साल 2025 में करीब 180 परमाणु हथियार हैं। बीते साल भारत के पास 172 परमाणु हथियार थे। सिपरी ने कहा कि भारत ने न सिर्फ अपने परमाणु जखीरे में इजाफा किया है बल्कि परमाणु हथियार ले जाने वाली नई पीढ़ी की आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की हैं। भारत की नई कैनिस्टर मिसाइलों द्वारा परमाणु हथियार को ज्यादा सुरक्षा के साथ ले जाना संभव होगा। साथ ही निकट भविष्य में एक मिसाइल से ही कई परमाणु हथियार ले जाना भी संभव हो सकेगा। पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या 170 और बीते साल भी पाकिस्तान के पास इतने ही हथियार थे।  भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध का खतरा गंभीर भारत के पास अग्नि प्राइम मिसाइल है। साथ ही MIRV सक्षम अग्नि-5 मिसाइल भी है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।  अग्नि प्राइम का बीते साल ही परीक्षण किया गया था और इसकी मारक क्षमता 1000 से लेकर 2000 किलोमीटर के बीच है। सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि भारत और पाकिस्तान में संघर्ष छिड़ता है तो पारंपरिक युद्ध के परमाणु युद्ध में बदलने का गंभीर खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर दोनों में से किसी देश के परमाणु हथियार ढांचे पर या किसी तीसरे देश की भ्रामक जानकारी और उकसावे के चलते दोनों देशों में परमाणु युद्ध का खतरा ज्यादा है।  चीन सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा परमाणु हथियारों का जखीरा सिपरी की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि साल 2023 से अब तक चीन सालाना 100 परमाणु हथियार बना रहा है और अब तक करीब 350 नई इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका है। इस दशक के अंत तक चीन, रूस और अमेरिका के बराबर इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका होगा। हालांकि चीन अभी भी रूस और अमेरिका के परमाणु हथियारों के मुकाबले अभी बहुत पीछे है। चीन अगले सात से आठ वर्षों में 1000 परमाणु हथियार बना सकता है।  परमाणु हथियारों में कमी का दौर खत्म शीत युद्ध के अंत के बाद, रूस और अमेरिका पुराने हथियारों को नष्ट करते रहे, जिससे वैश्विक परमाणु हथियारों की संख्या में कमी आती थी. लेकिन अब यह रुझान बदल रहा है. पुराने हथियारों को नष्ट करने की गति धीमी हो रही है, जबकि नए हथियारों की तैनाती तेजी से बढ़ रही है.  स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के विशेषज्ञ हंस एम. क्रिस्टेनसेन ने कहा कि परमाणु हथियारों की संख्या में कमी का युग खत्म हो रहा है. अब हम परमाणु हथियारों में वृद्धि, तीखी बयानबाजी और हथियार नियंत्रण समझौतों को छोड़ने की प्रवृत्ति देख रहे हैं. रूस और अमेरिका: सबसे बड़े खिलाड़ी रूस और अमेरिका के पास दुनिया के 90% परमाणु हथियार हैं. 2024 में दोनों देशों के सैन्य भंडार स्थिर रहे, लेकिन दोनों अपने परमाणु हथियारों को आधुनिक बनाने में जुटे हैं. अगर 2010 के न्यू START समझौते, जो 2026 में खत्म हो रहा है, को फिर से रिन्यू नहीं किया गया, तो दोनों देशों की मिसाइलों पर तैनात हथियारों की संख्या बढ़ सकती है.  अमेरिका का परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम 2024 में योजना और फंडिंग की समस्याओं से जूझ रहा था, जिससे लागत बढ़ सकती है. रूस को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे कि नई सरमत मिसाइल का टेस्ट विफल होना. फिर भी, दोनों देश भविष्य में अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा सकते हैं. चीन की तेज प्रगति SIPRI के अनुसार, चीन के पास अब कम से कम 600 परमाणु हथियार हैं. 2023 से हर साल चीन अपने हथियारों में 100 की वृद्धि कर रहा है. जनवरी 2025 तक, चीन ने 350 नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) साइलो बनाए या लगभग पूरे कर लिए. अगर चीन इसी गति से आगे बढ़ा, तो दशक के अंत तक उसके पास रूस या अमेरिका जितनी ICBM हो सकती हैं. हालांकि, 2035 तक भी अगर चीन के पास 1,500 हथियार हो गए, तो यह रूस और अमेरिका के भंडार का केवल एक-तिहाई होगा. भारत और पाकिस्तान की स्थिति भारत ने 2024 में अपने परमाणु हथियारों में थोड़ी वृद्धि की और नए डिलीवरी सिस्टम विकसित किए. भारत की नई “कैनिस्टराइज्ड” मिसाइलें, जो परमाणु हथियारों को ले जा सकती हैं, शांतिकाल में भी तैनात हो सकती हैं. कुछ मिसाइलें एक से अधिक हथियार ले जाने में सक्षम हो सकती हैं. पाकिस्तान भी नए डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है. परमाणु सामग्री का भंडार बढ़ा रहा है. 2025 की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष हुआ, जिसने परमाणु संकट का खतरा पैदा किया. SIPRI के विशेषज्ञ मैट कोर्डा ने कहा कि यह घटना उन देशों के लिए चेतावनी है जो परमाणु हथियारों पर निर्भरता बढ़ा रहे हैं. अन्य देशों की गतिविधियां       ब्रिटेन: 2024 में ब्रिटेन ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या नहीं बढ़ाई, लेकिन भविष्य में वृद्धि की योजना है. नई सरकार ने चार नए परमाणु-पनडुब्बियों के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई.     फ्रांस: फ्रांस ने नई पनडुब्बियां, क्रूज मिसाइलें और मौजूदा सिस्टम को उन्नत करने का काम जारी रखा.     उत्तर कोरिया: उत्तर कोरिया के पास अब 50-58 हथियार हैं. वह 40 और बना सकता है. 2024 में उसने “टैक्टिकल परमाणु हथियार” विकसित करने की बात कही.     इज़राइल: इज़राइल, जो अपने परमाणु हथियारों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता, ने 2024 में मिसाइल टेक्नीकरण और डिमोना में रिएक्टर साइट को उन्नत किया. हथियार नियंत्रण का संकट SIPRI … Read more

राजा रघुवंशी के मर्डर के बाद सरकार ने प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई

शिलॉन्ग  मेघालय सरकार ने टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी समेत 35 लोगों को राज्य पुलिस को राजा रघुवंशी की लाश खोजने और मामले की शुरुआती जांच में सहायता करने के लिए सम्मानित किया है। पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने इन सभी को कुल 5.4 लाख रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी। इस मौके पर पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने कहा कि मेघालय में कानूनविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इस मामले में स्थानीय लोगों, ट्रैवल गाइड्स और पर्वतारोहियों की सक्रिय भागीदारी से पुलिस को बहुत मदद मिली, जिसकी वजह से राज्य सरकार ने सभी को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। टूरिस्ट गाइड ने पुलिस को दी थी ये जानकारी टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने 23 मई की सुबह करीब 10 बजे राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को तीन अन्य लोगों के साथ नोंग्रियाट से मावलाखियात की ओर 3,000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ते देखा था। उन्होंने पुलिस द्वारा दिए गए फोटो के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान भी की थी। बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने आए थे, जहां वे 23 मई से लापता हो गए थे। पुलिस को 2 जून को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला। इसके बाद सोनम रघुवंशी की तलाश शुरू की गई। सोनम को यूपी के गाजीपुर से किया था गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके चार साथियों को मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया। इन सभी पर मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनम को मंगलवार रात (10 जून) शिलॉन्ग लाया गया, जबकि अन्य आरोपियों को बुधवार (11 जून) को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी और उसके चार साथियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

G-7 में ट्रंप ने इजरायल को दिया समर्थन, ईरान को दे डाली खुली चेतावनी

ओटावा पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अब डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान सामने आया है। जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने कनाडा पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुलकर इजरायल के पक्ष में अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के खिलाफ लड़ाई में ईरान कभी नहीं जीत पाएगा। इससे पहले की बहुत देर हो जाए तेहरान को बातचीत करने के लिए आगे आ जाना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए दर्दनाक साबित हो रहा है। मैं कहूंगा कि ईरान इस युद्ध को कभी नहीं जीत सकता.. उन्हें इसके लिए समझौता करना होगा.. उन्हें बातचीत करनी होगी.. और उन्हें यह तुरंत करना चाहिए। इससे पहले की बहुत देर हो जाए।” इजराइल-ईरान संघर्ष (Israel-Iran Tensions) मंगलवार को अपने पांचवे दिन में दाखिल हो गया है. सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को दोनों देशों एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी. इसी बीच भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन रेस्क्यू शुरू कर दिया है. 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गया है, जहां से इन सभी लोगों को भारत वापस लाया जाएगा. इसके अलावा भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों को लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ईरान को कभी नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार… G7 समिट से आ गई तेहरान के लिए चेतावनी कनाडा में चल रही G7 समिट में विश्व के शीर्ष नेताओं ने इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर एक साझा बयान जारी किया, जिसमें तेहरान को सख्त चेतावनी दी गई है कि उसे कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित G7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की है, साथ ही इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पांचवें दिन भी जारी है, और दोनों देशों के बीच मिसाइलों और ड्रोनों का आदान-प्रदान बढ़ता जा रहा है. इसे पहले कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई है. जी7 नेताओं ने ईरान को लेकर तनाव कम करने की अपील की है और स्पष्ट किया कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है. बयान में यह भी कहा गया कि G7 देशों का रुख हमेशा से साफ रहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता. इसके अलावा जी7 नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मिसाइल उनके बेडरूम की खिड़की से टकराई. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना जारी रखने की कसम खाई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्रीय एकता की अपील की. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इजरायल पर आवासीय इलाकों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए ‘कड़ी सजा’ की धमकी दी है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि तेहरान को जल्द ही इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. इससे पहले जी 7 समूह ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के ऊपर एक मसौदा बयान जारी किया था। इसमें सभी सदस्यों का झुकाव इजरायल की तरफ देखा गया। हालांकि कई रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप इस मसौदा बयान के ऊपर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते और न ही वह ऐसा करेंगे। जब इसके बारे में पत्रकारों ने पूछा तो अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान बातचीत चाहता है लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें इस पर जल्दी आना चाहिए। इससे पहले इजरायल ने पिछले शुक्रवार को ईरान के ऊपर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। ईरान की तरफ से दावा किया गया कि इजरायल ने सैकड़ों फाइटर जेट्स के साथ राजधानी तेहरान और उसके तमाम सैन्य ठिकानों पर हमला बोला। इजरायल का हमला इतना सटीक था कि इस हमले में ईरान के तमाम सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। रात में शुरू हुए इस हमले के बाद सुबह तक तेहरान के आसमान में इजरायली फाइटर जेट्स उड़ते रहे। इसका जवाब देते हुए इस्लामिक गणराज्य ने तमाम ड्रोन्स और मिसाइल्स के साथ इजरायल के ऊपर हमला कर दिया। यह हमला इतना भयानक और तेज था कि अपने एयर डिफेंस के लिए पहचाने जाने वाले इजरायल को भी इन्हें रोकना मुश्किल पड़ गया। इजरायल के तमाम शहरों में इमारतों को नुकसान हुआ। बदले में इजरायल ने एक बार फिर से ईरान के ऊपर हमला किया। ईरान मानवाधिकार समूहों के मुताबिक इजरायल की तरफ से की जा रही इन स्ट्राइक्स में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजरायल का कहना है कि ईरानी हमलों में उसके 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई घायल है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों के बीच में इसी तरह की तनातनी मची हुई है।  ईरान से आर्मीनिया पहुंचा 110 भारतीयों का पहला जत्था भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन शुरू कर दिया है. इसी बीच जानकारी आ रही है कि 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गए हैं, जहां से इन सभी नागरिकों को भारत वापस लाया जाएगा. इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने युद्धग्रस्त ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया थे. साथ ही MEA ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक गाइडलाइन जारी की थी.  ‘किसी भी कीमत पर ईरान नहीं रख सकता परमाणु हथियार…’, ईरान-इजरालय संघर्ष पर G7 का बड़ा बयान कनाडा में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले जी7 नेताओं ने खुलकर इजरायल का सपोर्ट किया है. जी7 नेताओं का कहना है कि ईरान किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर बम नहीं रख सकता. साथ ही जी7 ने ईरान को नसीहत देते हुए तनाव कम करने की अपील … Read more

केदारनाथ घाटी में हेलीकॉप्‍टर सेवाएं फिर बहाल, नियमों का उल्‍लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

केदारनाथ: केदारनाथ घाटी में एक बार फिर से हेलीकॉप्‍टर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. रविवार को केदारनाथ में श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था. जिसके बाद हेलीकॉप्‍टर सेवाएं बंद कर दी गई थी. इस दर्दनाक हादसे में आर्यन एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर में सवार सभी सातों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी. बता दें केदारनाथ घाटी में  लगातार कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं, जो कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. पिछले 14 सालों में 13 हादसों में 41 लोगों की जान गई है.  केदारनाथ धाम में बड़ी हेली दुर्घटनाएं     25 जून, 2013, एमआई-17 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त, 21 जवानों की मौत     28 जून 2013 केदारनाथ से दो किमी आगे गरुड़चट्टी में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 की मौत     18 अक्तूबर 2022 को केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा गरूडचटटी के पास पहाड़ी से टकराने से हेलीकप्टर क्रैश, 7 की मौत,     15 जून 2025 केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेली गौरी माई खर्क के पास क्रैश, सात की मौत रविवार की घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक की थी तथा हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के अलावा हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर’ स्थापित करने के भी निर्देश दिए थे. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी. उन्होंने कहा था, ‘‘चार धाम में सेवा दे रहे सभी हेली ऑपरेटर एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटर के साथ बैठक के बाद ही हेली सेवा को शुरू किया जाएगा.”उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) की सीईओ सोनिका ने इस संबंध में जानकारी साझा की. यहां बता दें कि रविवार को केदारनाथ घाटी में एक निजी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पांच श्रद्धालुओं सहित सात लोगों की मौत हो गई थी. उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को तत्काल से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर’ स्थापित करने का निर्देश दिया. UCADA की सीईओ सोनिका ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवाएं अब डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार संचालित होंगी. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी हेली ऑपरेटरों और पायलटों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच की जाएगी.  नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लगातार निगरानी भी की जाएगी. मौसम को देखते हुए ही उड़ान भरने पर फैसला लेने के निर्देश हैं. शीएम धामी ने क्या कहा था? वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. हेलीकॉप्टर सेवाएं अब सुचारू रूप से चल रही हैं और हम यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं. उत्तराखंड में लगातार हेलिकॉप्टर हादसों में लोगों की मौत पर सोमवार को हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है. कोर्ट ने ये भी पूछा क्या एजेंसियां नियमों का पालन कर रहीं हैं. बीते दो महीने में अलग-अलग हुए हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गयी है अब तक. रविवार के हादसे के बाद सरकार और एजेंसियों पर बड़े सवाल उठ रहे थे.

इजरायल से जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, ‘खाली करो तेहरान, कितनी शर्म की बात…

वाशिंगटन ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अभी तक शांत नहीं हो सका है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को ईरान की राजधानी तेहरान को खाली कर देना चाहिए. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का न्यूक्लियर डील साइन न करने का फैसला मुर्खता से भरा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, ”ईरान को उस सौदे पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए था जिस पर मैंने कहा था. यह कितनी शर्म की बात है और मानव जीवन की बर्बादी है. सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता. मैंने इसे बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए! ट्रंप ने इजरायल-ईरान युद्ध रुकवाने का किया था दावा ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनके प्रयासों से इजरायल और ईरान के बीच भी जल्द शांति स्थापित हो सकती है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जिस तरह उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के जरिए तनाव कम किया था, उसी तरह वह इजरायल और ईरान को भी बातचीत की मेज पर ला सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, ”मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के माध्यम से समझदारी और स्थिरता लाई. दो शानदार नेताओं के साथ बातचीत से एक बड़ा टकराव टल गया. इजरायल और ईरान के बीच भी वैसा ही समझौता जल्द संभव है.” लोगों को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए’ उन्होंने कहा, ‘ईरान को उस सौदे पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने कहा था. यह एक शर्मनाक स्थिति है और इससे बेवजह मानव जीवन की हानि हो रही है. मैं बार-बार कह चुका हूं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जा सकते. सभी लोगों को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए.’ दोनों देशों के बीच टकराव जारी यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के आसार लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इजरायल की सेना ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए. इस बीच अमेरिका समेत कई देश अपने नागरिकों को ईरान से निकालने की प्रक्रिया में जुट गए हैं. जल्द हो सकता है समझौता ट्रंप ने अपनी पोस्ट से दो घंटे पहले कनाडा में G7 सम्मेलन के दौरान कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ फोन पर बातचीत कर रहा है और यह सुझाव भी दिया कि आमने-सामने बात करना और बेहतर रहेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ कोई समझौता जल्द हो सकता है. ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एक डील साइन की जाएगी. अगर ईरान ऐसा नहीं करता तो वह मूर्खता करेगा.’

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